Wednesday, 08 Jul 2026 | 01:07 AM

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भोपाल में 36 गैस सिलेंडर जब्त:होटल में कमर्शियल की जगह घरेलू का हो रहा था उपयोग; रीफिलिंग करते पकड़ा

भोपाल में 36 गैस सिलेंडर जब्त:होटल में कमर्शियल की जगह घरेलू का हो रहा था उपयोग; रीफिलिंग करते पकड़ा

भोपाल में LPG संकट के बीच शुक्रवार को खाद्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की। 3 जगहों से कुल 36 गैस सिलेंडर जब्त किए गए। एक होटल में कमर्शियल की जगह घरेलू सिलेंडर का उपयोग हो रहा था। कमर्शियल सिलेंडर बीते 9 दिन से सप्लाई नहीं हुए हैं। वहीं, एक जगह पर गैस रीफिलिंग करने पर छापामार कार्रवाई हुई। फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन ने बताया, न्यू मार्केट और जहांगीराबाद क्षेत्र में होटल, रेस्टोरेंट और अवैध गैस सिलेडर रीफिलिंग पॉइंट, परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। भदभदा रोड पर न्यू मार्केट स्थित आरके गैस एजेंसी की प्राप्त शिकायत के संबंध में जांच की गई। यहां गैस सिलेंडर के स्टॉक और एजेंसी में कार्यरत सभी कर्मचारियों की जानकारी ली गई। यहां भी कार्रवाई की गई

सुप्रीम कोर्ट बोला- पत्नी नौकरानी नहीं, लाइफ पार्टनर:तलाक के मामले में कहा- खाना न बनाना क्रूरता नहीं, घरेलू काम पति की भी जिम्मेदारी

सुप्रीम कोर्ट बोला- पत्नी नौकरानी नहीं, लाइफ पार्टनर:तलाक के मामले में कहा- खाना न बनाना क्रूरता नहीं, घरेलू काम पति की भी जिम्मेदारी

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को तलाक से जुड़े एक मामले में कहा, ‘पत्नी का खाना न बनाना या घरेलू कामकाज ठीक से न करना क्रूरता नहीं माना जा सकता। आप नौकरानी से शादी नहीं कर रहे, बल्कि जीवनसाथी से कर रहे हैं।’ जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस विक्रम नाथ की बेंच ने कहा- अब समय बदल चुका है और पति को भी घर के कामों में बराबर की जिम्मेदारी निभानी होगी। आज के समय में पति को भी खाना बनाना और घर के काम करना चाहिए।’ बेंच ने इस केस में अंतिम फैसला नहीं सुनाया है। मामले की अगली तारीख पर पति-पत्नी को सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से पेश होने का कहा है। दोनों की शादी 9 साल पहले हुई थी, 8 साल बेटा भी है दोनों की शादी साल 2017 में हुई थी और उनका एक 8 साल का बेटा है। पति सरकारी स्कूल में शिक्षक है, जबकि पत्नी लेक्चरर है। दलीलों के मुताबिक, पत्नी आर्थिक रूप से पति से बेहतर स्थिति में है और उसने अब तक किसी तरह का भरण-पोषण या गुजारा भत्ता नहीं मांगा है। पति का आरोप है कि शादी के एक हफ्ते बाद ही पत्नी का व्यवहार बदल गया। वह उसके साथ गलत तरीके से पेश आने लगी और उसके तथा उसके माता-पिता के खिलाफ गंदी भाषा का इस्तेमाल करती थी। उसने घर का खाना बनाने से भी मना कर दिया। पति ने यह भी कहा कि बच्चे के जन्म के बाद हुए नामकरण संस्कार में उसे नहीं बुलाया गया। वहीं, पत्नी का कहना है कि वह बच्चे के जन्म के लिए पति और उसके परिवार की सहमति से अपने मायके गई थी। लेकिन पति और उसके परिवार के लोग ही नामकरण संस्कार में शामिल नहीं हुए। पत्नी ने यह भी आरोप लगाया कि उसके माता-पिता से नकद और सोने की मांग की गई और उस पर अपनी सैलरी छोड़ने का दबाव बनाया गया। केस हारने के बाद पति ने लगाई थी सुप्रीम कोर्ट में याचिका फैमिली कोर्ट ने पति की याचिका मानते हुए क्रूरता के आधार पर तलाक दे दिया था। इसके बाद पत्नी ने इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की। हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट का फैसला रद्द कर दिया और तलाक को खारिज कर दिया। हाईकोर्ट के इस फैसले से नाराज होकर पति ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। ………….. तलाक के मामलों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा- सिर्फ वॉट्सएप चैट से तलाक नहीं: पत्नी पर क्रूरता के आरोप साबित करने होंगे; फैमिली कोर्ट का आदेश रद्द किया बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि बिना सबूत सिर्फ वॉट्सएप चैट के आधार पर तलाक का आदेश नहीं दिया जा सकता। जस्टिस भारती डांगरे और जस्टिस मंजुषा देशपांडे की बेंच ने महिला की फैमिली कोर्ट अपील पर सुनवाई में यह बात कही। पूरी खबर पढ़ें…

दिल्ली की हवा से कैंसर! कितने दिन में? अब मिलेगा जवाब, जुट गए एम्स के महारथी, मरीजों पर शुरू हुई पहली स्टडी

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Delhi Air pollution and Lung Cancer: दिल्ली-एनसीआर की प्रदूषित हवा को लेकर कहा जाता है कि इसमें सांस लेने से लोगों को फेफड़ों का कैंसर हो रहा है. कई रिपोर्ट्स और स्टडीज ये दावा करती हैं कि दिल्ली की हवा में घुला जहर इसे एक दर्जन सिगरेट का धुआं इनहेल करने से भी ज्यादा खतरनाक बना रहा है. हालांकि इन दावों का सटीक जवाब अब जल्दी ही मिलने वाला है. एम्स के AIRCARE (वायु प्रदूषण और कैंसर अनुसंधान इकोसिस्टम के महारथी अब इसका जवाब ढूंढने में जुट गए हैं. भारत दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों का घर बन चुका है.इसका लोगों के स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ रहा है. लिहाजा इसके प्रभावों का वैज्ञानिक रूप से अध्ययन करने की तुरंत जरूरत है. भारत में पुरुषों में फेफड़ों का कैंसर सबसे आम कैंसरों में से एक है. देखा गया है कि खासतौर पर एनसीआर में रहने वाली महिलाओं व युवा वयस्कों में धूम्रपान न करने के बावजूद भी फेफड़ों के कैंसर के मामलों की संख्या काफी ज्यादा है. ऐसे में एयर पॉल्यूशन फेफड़ों के कैंसर के लिए एक महत्वपूर्ण रिस्क फैक्टर बनकर उभरा है. इसी को लेकर अब बड़े स्तर पर स्टडी की जा रही है. एम्‍स नई दिल्ली में रेडिएशन ऑन्कोलॉजी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अभिषेक शंकर के नेतृत्व में इसी विभाग से डॉ. सुनील कुमार, डॉ. रंभा पांडे, ऑन्को-एनेस्थीसिया और पैलिएटिव मेडिसिन से डॉ. सच्चिदानंद भारती, मेडिकल ऑन्कोलॉजी से डॉ. चंद्र प्रकाश प्रसाद, डॉ. मयंक सिंह, डॉ. आशुतोष मिश्रा और बायोस्टैटिस्टिक्स से डॉ. आशीष दत्त उपाध्याय की टीम भारत में अपनी तरह का ऐसा पहला वैज्ञानिक अध्ययन करने जा रही है. इसका उद्देश्य वायु प्रदूषण, विशेष रूप से महीन कणों (PM 2.5) के संपर्क में आने के फेफड़ों के कैंसर के रिस्क पर पड़ने वाले प्रभावों का मूल्यांकन करना है. इस बारे में डॉ. अभिषेक शंकर कहते हैं कि यह बड़ी चिंता का विषय है कि फेफड़ों का कैंसर जिसे कभी मुख्य रूप से तंबाकू का सेवन करने वाले लोगों से जुड़ी बीमारी माना जाता था, अब उन लोगों में भी तेजी से बढ़ रहा है जो धूम्रपान नहीं करते हैं. एयरकेयर स्टडी में 1615 फेफड़ों के कैंसर के मरीजों को शामिल किया गया है. जिनके साथ 1615 ‘कंट्रोल्स’ के रूप में उनके परिवार के सदस्यों को भी शामिल किया जाएगा. ऐसा इसलिए किया जाएगा ताकि दिल्ली-NCR क्षेत्र में सभी प्रतिभागियों के लिए वायु प्रदूषण के संपर्क का स्तर लगभग समान बना रहे. इस आधार पर फेफड़ों के कैंसर के जोखिम का मूल्यांकन किया जा सके कि वे लोग अपने जीवन में वायु प्रदूषण के कितने संपर्क में रहे हैं. यह स्टडी जटिल कार्य है, जिसमें क्लीनिकल और नॉन क्लिनिकल दोनों तरीकों को अपनाया जाएगा. इसमें कोहोर्ट और केस-कंट्रोल, दोनों तरह के डिजाइन का इस्तेमाल करना होगा, ताकि अलग-अलग जनसांख्यिकी और सामाजिक-आर्थिक समूहों में फेफड़ों के कैंसर की घटनाओं पर लंबे समय तक PM 2.5 के संपर्क में रहने के प्रभावों को ट्रैक किया जा सके. इस अध्ययन का एक और अहम पहलू भारतीय आबादी में एक खास जेनेटिक सिग्नेचर की खोज करना है, जो वायु प्रदूषण के संपर्क में आ रही है. आसान शब्दों में कहें तो, यह अध्ययन भारतीय आबादी के लिए खास एक जेनेटिक छाप को अलग करने की कोशिश करेगा, ताकि यह देखा जा सके कि क्या वायु प्रदूषण के संपर्क में आने पर होने वाली कोई खास शुरुआती जेनेटिक घटना, बाद में जीवन में फेफड़ों के कैंसर का रूप ले लेती है. अध्ययन के इन हिस्सों से इकट्ठा की गई जानकारी के आधार पर, शोधकर्ता एक रिस्क-आधारित स्क्रीनिंग मॉडल तैयार करेंगे. यह मॉडल भारतीय आबादी और संपर्क के स्तरों के लिए खास क्लिनिकल और मॉलिक्यूलर, दोनों तरह के घटकों पर आधारित होगा. यह कोहोर्ट में से उस संवेदनशील आबादी की भी पहचान करेगा, जिन्हें फेफड़ों का कैंसर होने का जोखिम ज्यादा है. भारत में पुरुषों में फेफड़ों का कैंसर दूसरा सबसे आम कैंसर बना हुआ है, और दोनों लिंगों में यह चौथा सबसे आम प्रकार है. इस बीमारी से निपटने और जान के और नुकसान को कम करने के लिए, नीतियों और प्रबंधन रणनीतियों को लागू करने की तत्काल जरूरत है.

CJI Recuses from Election Panel Appointment

CJI Recuses from Election Panel Appointment

Hindi News National CJI Recuses From Election Panel Appointment | Conflict Of Interest Allegations नई दिल्ली1 घंटे पहले कॉपी लिंक भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने शुक्रवार को चुनाव आयोग नियुक्ति कानून से जुड़ी याचिकाओं की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया। CJI ने कहा, “मुझ पर हितों के टकराव (conflict of interest) का आरोप लग सकता है, इसलिए इस मामले से अलग होना उचित है।” उन्होंने सुझाव दिया कि इस केस को ऐसी बेंच को सौंपा जाए, जिसमें कोई भी जज भविष्य में चीफ जस्टिस बनने की कतार में न हो। सुनवाई के दौरान जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली भी CJI के साथ बेंच का हिस्सा थे। यह बेंच उन जनहित याचिकाओं (PIL) पर सुनवाई कर रही थी, जिनमें 2023 के उस कानून को चुनौती दी गई है, जिसके तहत मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति वाली समिति से CJI को हटा दिया गया है। याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील प्रशांत भूषण ने भी CJI की इस बात का समर्थन किया। उन्होंने सुझाव दिया कि मामले को ऐसी बेंच के सामने रखा जाए, जिसमें कोई संभावित CJI न हो, ताकि पक्षपात की आशंका न रहे। इस सुझाव को स्वीकार करते हुए CJI ने निर्देश दिया कि यह मामला 7 अप्रैल को दूसरी बेंच के सामने सूचीबद्ध किया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था- नियुक्ति एक समिति करेगी पहले सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति एक समिति करेगी, जिसमें प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता और CJI शामिल होंगे। दिसंबर 2023 को संसद के बनाए नए कानून के अनुसार इस समिति में प्रधानमंत्री, एक केंद्रीय मंत्री और विपक्ष के नेता शामिल हैं (CJI को हटा दिया गया है)। याचिकाकर्ताओं का दावा निष्पक्षता कम होगी याचिकाकर्ताओं का कहना है कि CJI को हटाने से नियुक्ति प्रक्रिया की निष्पक्षता कम हो जाती है। संसद के कानून को कांग्रेस नेता जया ठाकुर और एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) ने चुनौती दी है। केंद्र सरकार बोली-स्वतंत्रता केवल न्यायिक सदस्य पर निर्भर नहीं इससे पहले केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में इस कानून का बचाव करते हुए कहा था कि चुनाव आयोग की स्वतंत्रता केवल समिति में न्यायिक सदस्य (CJI) की मौजूदगी पर निर्भर नहीं करती। कानून मंत्रालय ने अपने हलफनामे में यह भी कहा कि 14 मार्च 2024 को दो नए चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति जल्दबाजी में नहीं की गई थी, जैसा कि याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया था। सुप्रीम कोर्ट ने इस कानून के तहत नए चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति पर रोक लगाने से भी इनकार कर दिया था। मार्च 2023 में सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संविधान पीठ ने फैसला दिया था कि मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और CJI की समिति की सलाह पर होनी चाहिए। अभी यह है स्थिति सुप्रीम कोर्ट ने अभी तक इस कानून पर रोक नहीं लगाई है। अब इस मामले की सुनवाई दूसरी बेंच करेगी। ————————————————- ये खबर भी पढ़ें: गरीबों के लिए आधी रात तक बैठ सकता हूं- सीजेआई:जस्टिस सूर्यकांत बोले-मैं यहां सबसे छोटे व्यक्ति के लिए हूं; मेरी कोर्ट में लग्जरी केस नहीं CJI जस्टिस सूर्यकांत ने शुक्रवार को कहा कि गरीबों को न्याय दिलाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है, उनके लिए वे आधी रात तक कोर्ट में बैठ सकते हैं। जस्टिस जॉयमाल्या बागची के साथ बेंच में बैठे CJI ने यह टिप्पणी एक याचिका की सुनवाई के दौरान की। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Laxman Shivarama Krishnan Resigns From BCCI Commentary

Laxman Shivarama Krishnan Resigns From BCCI Commentary

नई दिल्ली25 मिनट पहले कॉपी लिंक पूर्व भारतीय क्रिकेटर और दिग्गज कमेंटेटर लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने रंगभेद का आरोप लगाते हुए BCCI का कमेंट्री पैनल छोड़ दिया है। शिवरामकृष्णन ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा- ‘मैं BCCI के लिए कमेंट्री से संन्यास ले रहा हूं।’ 60 साल के इस पूर्व क्रिकेटर ने कहा कि 23 साल के करियर में उन्हें टॉस और प्रेजेंटेशन जैसे अहम मौकों के लिए इस्तेमाल नहीं किया गया, जिससे वे निराश थे। पूर्व लेग स्पिनर ने लिखा कि नए कमेंटेटरों को मौके मिलते रहे, जबकि उन्हें लंबे समय तक नजरअंदाज किया गया। शिवरामकृष्णन ने यह भी कहा कि उनके रिटायरमेंट के पीछे TV प्रोडक्शन से जुड़ी एक बड़ी कहानी है, जो जल्द सामने आएगी। एक यूजर द्वारा रंगभेद का मुद्दा उठाने पर उन्होंने इसे सही ठहराया, जिससे विवाद और गहरा गया है। लिखा- मुझे टॉस और पुरस्कार वितरण में मौका नहीं मिला शिवरामकृष्णन ने कहा, ‘पिछले 23 वर्षों से मुझे टॉस और पुरस्कार वितरण समारोह के लिए नहीं भेजा गया। जबकि नए लोग पिच रिपोर्ट, टॉस और पुरस्कार वितरण समारोह के लिए भेजे जाते रहे। मुझे उस समय भी नहीं भेजा गया जब रवि शास्त्री कोचिंग कर रहे थे, तो इसका मतलब क्या हो सकता है।’ उन्होंने कहा, ‘BCCI के अधिकार रखने वाली कंपनी का क्या हाल होता है कोई भी इसका अंदाजा लगा सकता है। मेरा संन्यास लेना कोई बड़ी बात नहीं है लेकिन टीवी प्रोडक्शन की एक नई कहानी सामने आ रही है। जल्द ही आपके सामने पूरी तस्वीर स्पष्ट हो जाएगी।’ यूजर के सवाल पर रंगभेद का खुलासा किया जब एक यूजर ने पूछा कि क्या उनकी त्वचा का रंग कोई मुद्दा है, तो शिवरामकृष्णन ने जवाब दिया, ‘आप सही हैं। रंगभेद।’ शिवरामकृष्णन को दो दशक से अधिक समय तक कमेंट्री बॉक्स के अंदर खुलकर अपने विचार व्यक्त करने के लिए जाना जाता रहा। 20 साल से ज्यादा का रहा कमेंट्री करियर शिवरामकृष्णन 2000 से कमेंट्री कर रहे थे और अपनी बेबाक राय के लिए जाने जाते थे। वे ICC क्रिकेट कमेटी में खिलाड़ी प्रतिनिधि भी रह चुके हैं। 1983 से 1986 तक भारत के लिए 9 टेस्ट और 16 वनडे खेले। 1984 में इंग्लैंड के खिलाफ मैच में 12 विकेट लेकर सुर्खियों में आए। 1985 में ऑस्ट्रेलिया में हुई वर्ल्ड चैंपियनशिप में अहम भूमिका निभाई। फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ गेंदबाजी से टीम को जीत दिलाने में योगदान। कौन हैं शिवरामकृष्णन? 1980 के दशक की शुरुआत में 17 साल की उम्र में अपनी दमदार लेग-स्पिन गेंदों, गूगली और टॉप स्पिन से हलचल मचा दी थी। वे 1985 में ऑस्ट्रेलिया में आयोजित क्रिकेट वर्ल्ड चैंपियनशिप जीतने वाली भारतीय वनडे टीम का हिस्सा थे। 1997-98 में जब ऑस्ट्रेलियाई टीम इंडिया टूर पर आई थी। तब सचिन तेंदुलकर ने शेन वॉर्न की चुनौती से निपटने के लिए शिवरामकृष्णन को बुलाया। शिवरामकृष्णन भले ही उनका क्रिकेट करियर लंबा नहीं चला लेकिन इसके बाद उन्होंने कमेंटेटर के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई। —————————————————— ——————————————– इंटरनेशनल क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… IPL से चुनी जाएगी वन-डे वर्ल्ड कप 2027 की टीम; 20 इंडियन प्लेयर्स शॉर्टलिस्ट 28 मार्च से शुरू हो रहा IPL भारतीय खिलाड़ियों के लिए खास रहने वाला है। टी–20 फॉर्मेट में खेली जानी वाली इस लीग से टीम इंडिया की वनडे वनडे वर्ल्ड कप 2027 की टीम तय होगी। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Brush Vs Datun : दांतों के लिए ब्रश से 100X बेहतर नीम-जामुन के दातुन! जानें मौसम के अनुसार सही इस्तेमाल का तरीका

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Last Updated:March 20, 2026, 18:31 IST Datun for healthy Tooths: मॉर्डन जमाने के टूथब्रश से ज्यादा दांतों को हेल्दी रखने के लिए दातुन फायदेमंद होते हैं. आयुर्वेद में इसे ओरल हेल्थ केयर के लिए अहम बताया जाता है. यदि आप दांतों की सफाई के लिए नीम या जामुन की दातुन का इस्तेमाल करते हैं, तो मुंह की दुर्गंध से दांतों की सड़न तक जैसी ओरल हेल्थ इश्यूज कभी नहीं होगी. ख़बरें फटाफट Datun for healthy Tooths: मुंह की सफाई का असर आपके पूरे सेहत पर दिखता है. इसलिए सही क्लिनिंग प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करना जरूरी होता है. ओरल हाइजीन के महत्व को समझाने के लिए हर साल 20 मार्च को वर्ल्ड ओरल हेल्थ डे भी मनाया जाता है. इसका उद्देश्य लोगों को मौखिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है. ऐसे में इस मौके पर आयुर्वेद की पुरानी परंपरा दातुन का महत्व समझना जरूरी है, जिसे आधुनिक टूथब्रश से ज्यादा असरदार माना गया है. आयुर्वेद के महान आचार्य महर्षि वाग्भट ने अपने ग्रंथ अष्टांग हृदयम में दातुन के फायदे बताए हैं. उनके अनुसार, दातुन करने से मुंह की बदबू दूर होती है, दांत और जीभ साफ रहते हैं और स्वाद भी बेहतर होता है. हाइजीन के नजरिए से भी ये एक बेस्ट विकल्प होता है, क्योंकि रोजाना दांतों को साफ करने के लिए नए और फ्रेश दातुन का इस्तेमाल करना होता है. ऐसे में दातुन सिर्फ दांत साफ करने का तरीका नहीं, बल्कि पूरे शरीर के लिए लाभकारी है. कौन से पेड़ के दातुन दांतों के लिए फायदेमंद?वाग्भट ने कड़वी और कसैली टहनियों को दातुन के लिए सबसे अच्छा माना है. इनमें नीम, मदार, बबूल, अर्जुन, आम, अमरूद, जामुन, महुआ, करंज, बरगद, अपामार्ग और बेर शामिल हैं. इसके अलावा शीशम और बांस का भी उपयोग बताया गया है. मौसम के अनुसार बदलें दातुन (Health Benefits of Using Datun)मौसम के हिसाब से दातुन चुनना भी जरूरी है. गर्मियों में नीम, मदार या बबूल, सर्दियों में अमरूद या जामुन और बरसात में आम या अर्जुन की टहनी फायदेमंद होती है. नीम में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो दांतों की गंदगी, प्लाक और बदबू को खत्म करते हैं. यह मसूड़ों की सूजन और खून आने की समस्या में भी राहत देता है.वहीं, बबूल कफ-पित्त को संतुलित करता है और मसूड़ों को मजबूत बनाता है. अर्जुन दिल और ब्लड प्रेशर से जुड़ी समस्याओं में मददगार है. महुआ, बरगद, अपामार्ग, करंज और बेर भी अलग-अलग बीमारियों में लाभ पहुंचाते हैं. इन बातों का ध्यान रखेंदातुन हमेशा 6–8 इंच लंबी होनी चाहिए और उसके सिरे को चबा कर ब्रश जैसा बना लेना चाहिए. सुबह-शाम दातुन करना बेहतर है. करते समय उकड़ू बैठना लाभदायक माना गया है. ध्यान रखें कि नीम जैसी दातुन लगातार तीन महीने से ज्यादा न करें, बीच-बीच में बदलाव करना जरूरी है. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें First Published : March 20, 2026, 18:26 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

क्षेत्रीय स्वास्थ्य संस्थान को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम, कर्नाटक में शाह अस्पताल ने की मल्टी सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य उत्पादों की शुरुआत

क्षेत्रीय स्वास्थ्य संस्थान को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम, कर्नाटक में शाह अस्पताल ने की मल्टी सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य उत्पादों की शुरुआत

20 मार्च 2026 को 18:13 IST पर अपडेट किया गया वर्ष 1984 में संचालित शाह हॉस्पिटल ने करनाल में अपनी नई मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हेल्थ किट के साथ विस्तार की घोषणा की। (टैग्सटूट्रांसलेट)शाह हॉस्पिटल(टी)करनाल

बालों की देखभाल के टिप्स: बार-बार हो रहा है डैंड्रफ से परेशान, तो इन 5 पदों पर मिलना पड़ सकता है भारी

बालों की देखभाल के टिप्स: बार-बार हो रहा है डैंड्रफ से परेशान, तो इन 5 पदों पर मिलना पड़ सकता है भारी

बालों की देखभाल संबंधी युक्तियाँ: डैंड्रफ की समस्या आज के समय में बहुत आम हो गई है। लेकिन अगर बार-बार ही आपको इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है, तो इस दवा को लेना सही नहीं है। इससे जुड़े कई लोग सस्ते शैम्पू, हेयर प्रोडक्ट्स और घरेलू नुस्खों का सहारा लेते हैं, लेकिन असल वजह को समझने की कोशिश नहीं करते। बार-बार होने वाला डैंड्रफ शरीर या स्कैल्प में किसी भी तरह की मामूली गड़बड़ी का संकेत भी हो सकता है। आइए जानते हैं इसके पीछे छुपे हुए चश्मे के बारे में… डैंड्रफ का सबसे सामान्य कारण तब होता है जब आपका स्कैल्प सूख जाता है। जब सिर की खाल में साज-सज्जा की कमी हो जाती है, तो ऊपरी सतह पर सुखाकर की कमी हो जाती है और सफेद परत के रूप में सामने आती है। विशेष रूप से समुद्र में हवा में दवा कम होने के कारण यह समस्या सबसे ज्यादा बढ़ती है। स्कैल्प में तेल और कपड़े का जमा होना यदि बाल की वैधानिक सफाई नहीं की जाती है, तो स्कैल्प पर तेल, कूड़ा और गंदगी जमा होने लगती है। यह स्थिति शीट और फंगस के पठने के लिए उपयुक्त अवसाद संरचना है, जिससे डैंड्रफ तेजी से बढ़ सकता है। साफ-सफाई की कमी से यह समस्या और भी गंभीर हो सकती है। कई मामलों में डैंड्रफ के कारण एक विशेष प्रकार का फंगस होता है, जो सामान्य रूप से स्कैल्प पर मौजूद रहता है। जब इसकी मात्रा बढ़ती है, तो स्किन सेल्स में तेजी से डेड सेल्स की जगह आ जाती है, जिससे झुर्रियां अधिक दिखने लगती हैं और डैंड्रफ बढ़ जाता है। ऐसे शैम्पू या हेयर प्रोडक्ट्स जो आपके स्कैल्प के लिए उपयुक्त नहीं होते, वे समस्या को और बढ़ा सकते हैं। ज्यादातर केमिकल वाले प्रोडक्ट्स स्कैल्प को नुकसान पहुंचाते हैं और उनके नैचुरल स्केल बताते हैं, जिससे डैंड्रफ की समस्या बढ़ सकती है। शरीर में डीएंड्रफ का एक बड़ा कारण भी हो सकता है। विशेष रूप से युवा या किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के दौरान हार्मोन का ढांचा सीधे स्कैल्प पर प्रभाव डालता है और डैंड्रफ बढ़ता हुआ दिखता है। (टैग्सटूट्रांसलेट) डैंड्रफ के कारण (टी) स्कैल्प केयर टिप्स (टी) हेयर डैंड्रफ सॉल्यूशन (टी) ड्राई स्कैल्प की समस्या (टी) फंगल डैंड्रफ (टी) हेयर केयर रूटीन (टी) डैंड्रफ ट्रीटमेंट (टी) स्कैल्प में खुजली (टी) हेयर हाइजीन टिप्स (टी) एंटी डैंड्रफ टिप्स

बुरहानपुर में नवकुंडीय गायत्री महायज्ञ का दूसरा दिन:36 जोड़ों ने आहुति दी, संस्कार-सद्भाव के संदेश के साथ प्रकृति सेवा का आह्वान

बुरहानपुर में नवकुंडीय गायत्री महायज्ञ का दूसरा दिन:36 जोड़ों ने आहुति दी, संस्कार-सद्भाव के संदेश के साथ प्रकृति सेवा का आह्वान

बुरहानपुर के गायत्री शक्तिपीठ में चैत्र नवरात्रि के अवसर पर नवकुंडीय गायत्री महायज्ञ का दूसरा दिन शुक्रवार को हुआ। इस आयोजन में 36 जोड़ों ने आहुतियां दीं, जिससे वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। शिकारपुरा थाना के सामने स्थित गायत्री शक्तिपीठ में प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी महायज्ञ के माध्यम से समाज में संस्कार, सद्भाव और सकारात्मकता का संदेश प्रसारित किया जा रहा है। यज्ञ के साथ विभिन्न संस्कारों का भी आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य जनमानस को संस्कृति से जोड़ना था। यज्ञ के दौरान आचार्य विजय जी ने प्रकृति सेवा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इन दिनों मुरझाते पौधों को जल देना, पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था करना और गौमाता को गौ ग्रास अर्पित करना पुण्यकारी है। उन्होंने नीम की नई कोपलों के सेवन को स्वास्थ्य के लिए लाभकारी बताया। महायज्ञ की पूर्णाहुति के समय आचार्य देवेंद्र जी ने श्रद्धालुओं को एक बुराई त्यागने और नियमित गायत्री मंत्र जप का संकल्प दिलाया। गायत्री परिवार के कार्यकर्ता इन नौ दिनों तक निरंतर गायत्री मंत्र जप, साधना और अनुष्ठान कर रहे हैं, जिससे वातावरण में दिव्यता बनी हुई है। वसंत मोड़े ने गायत्री महायज्ञ के महत्व को समझाते हुए इसे आत्मकल्याण और विश्वकल्याण का श्रेष्ठ माध्यम बताया।

रणवीर सिंह का अक्षय खन्ना के एंट्री सॉन्ग पर डांस:मुंबई में हुई धुरंधर 2 की सक्सेस पार्टी; फिल्म की स्टार कास्ट शामिल हुई

रणवीर सिंह का अक्षय खन्ना के एंट्री सॉन्ग पर डांस:मुंबई में हुई धुरंधर 2 की सक्सेस पार्टी; फिल्म की स्टार कास्ट शामिल हुई

रणवीर सिंह और संजय दत्त स्टारर ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ ने रिलीज के पहले दिन ही 100 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर ली है। इस कामयाबी के बाद डायरेक्टर आदित्य धर ने मुंबई में एक शानदार आफ्टर-पार्टी दी है। इसमें यामी गौतम, अर्जुन रामपाल और रणवीर सिंह सहित पूरी स्टारकास्ट शामिल हुई। सोशल मीडिया पर पार्टी के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें रणवीर सिंह रहमान डकैत के एंट्री सॉन्ग पर डांस करते नजर आ रहे हैं। आफ्टर पार्टी में रणवीर के डांस की तस्वीरें रणवीर ने रिक्रिएट किए अक्षय खन्ना के डांस स्टेप्स सक्सेस पार्टी के एक वीडियो में रणवीर सिंह वायरल गाने ‘FA9LA’ (शेर-ए-बलूच) पर थिरकते नजर आए। यह गाना मूल रूप से रैपर फ्लिपरैची का है, जो अक्षय खन्ना के हुक स्टेप्स की वजह से इंटरनेट पर सनसनी बन गया था। रणवीर ने उसी नोस्टाल्जिया को ताजा करते हुए हुक स्टेप्स को रिक्रिएट किया। इसके अलावा, उन्होंने ‘नैना लड़ावा’ और जैस्मीन सैंडलास के गाने ‘शरारत’ पर सारा अर्जुन, क्रिस्टल डिसूजा और आयशा खान के साथ भी परफॉर्म किया। सौम्या टंडन ने रणवीर को याद दिलाया पुराना सीन पार्टी में फिल्म में ‘उल्फत’ का किरदार निभाने वाली एक्ट्रेस सौम्या टंडन भी नजर आईं। उन्होंने सोशल मीडिया पर रणवीर सिंह, यामी गौतम और आदित्य धर के साथ कई इनसाइड फोटोज शेयर कीं। एक मजेदार वीडियो में सौम्या, रणवीर को मजाक में थप्पड़ मारने की एक्टिंग करती दिखीं। उन्होंने बताया कि यह फिल्म के पहले पार्ट में उनके और रणवीर के बीच फिल्माए गए पहले सीन की यादें ताजा करने के लिए था। पहले दिन की कमाई 100 करोड़ के पार ट्रेड ट्रैकर सैकनिल्क के मुताबिक, ‘धुरंधर 2’ ने ओपनिंग डे पर 21,728 शोज के जरिए 102.55 करोड़ रुपए की कमाई की है। फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच जो क्रेज था, वह आंकड़ों में साफ दिख रहा है। पॉजिटिव रिव्यूज और वर्ड ऑफ माउथ की वजह से आने वाले दिनों में फिल्म की कमाई और बढ़ने की उम्मीद है।