Lokesh Kanagaraj AK-47 Seized | Fake Guns Found

36 मिनट पहले कॉपी लिंक तमिलनाडु विधानसभा चुनावों से पहले लागू आचार संहिता के बीच फेमस फिल्म डायरेक्टर लोकेश कनगराज के घर पुलिस की रेड पड़ी है। चेन्नई के अशोक नगर में तलाशी के दौरान पुलिस के एक फ्लाइंग स्क्वाड ने लोकेश कनगराज से जुड़ी 10 AK-47 राइफलें जब्त कीं। इस मामले ने शुरुआती तौर पर फिल्म इंडस्ट्री और प्रशासन में हड़कंप मचा दिया, लेकिन जांच के बाद पता चला कि ये असल में डमी गन (नकली हथियार) थीं। लोकेश बतौर डायरेक्टर ‘कैदी’, ‘मास्टर’ और ‘विक्रम’ जैसी फिल्में बना चुके हैं। फिल्म डायरेक्टर लोकेश कनगराज। शूटिंग के लिए मंगवाए गए थे प्रॉप्स पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ये 10 AK-47 राइफलें असली नहीं थीं। इन्हें लोकेश कनगराज के किसी आगामी फिल्म प्रोजेक्ट की शूटिंग में इस्तेमाल करने के लिए ले जाया जा रहा था। फिल्म की टीम ने जब इन हथियारों से जुड़े जरूरी कानूनी दस्तावेज और कागजात अधिकारियों को दिखाए। तब जाकर पुलिस को अपनी गलती का एहसास हुआ। कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद पुलिस ने ये डमी हथियार फिल्म की टीम को सुरक्षित लौटा दिए हैं। तमिल सिनेमा के बड़े डायरेक्टर हैं लोकेश 40 साल के लोकेश कनगराज दक्षिण भारतीय सिनेमा के सबसे सफल निर्देशकों में से एक हैं। उन्होंने ‘कैदी’, ‘मास्टर’, ‘विक्रम’ और थलापति विजय की ‘लियो’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में दी हैं। उन्होंने ‘लोकेश सिनेमैटिक यूनिवर्स’ (LCU) की शुरुआत की है, जिसकी देशभर में जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। कोयंबटूर में जन्मे लोकेश ने साल 2017 में फिल्म ‘मानगरम’ से अपने फीचर फिल्म करियर की शुरुआत की थी। अल्लू अर्जुन और आमिर खान संग बड़े प्रोजेक्ट्स लोकेश इन दिनों कई हाई-प्रोफाइल फिल्मों पर काम कर रहे हैं। वे अल्लू अर्जुन के साथ एक पैन-इंडिया फिल्म ला रहे हैं, जिसे फिलहाल #AA23 कहा जा रहा है। इसके अलावा उन्होंने आमिर खान के साथ एक सुपरहीरो फिल्म बनाने की भी घोषणा की है। लोकेश जल्द ही फिल्म ‘DC’ के जरिए बतौर एक्टर भी अपना डेब्यू करने वाले हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
मछुआ नीति में बदलाव को रोकने छतरपुर में ज्ञापन सौंपा:मछुआरों की आजीविका पर असर, सरकार को चेतावनी- नीलामी की तैयारी से विरोध करेंगे

प्रदेश में मछुआ नीति 2008 में बदलाव की संभावनाओं के बीच मांझी (निषाद) समाज में आक्रोश बढ़ रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को छतरपुर जिले में समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इसमें नीति में किसी भी प्रकार का परिवर्तन न करने की मांग की गई है। समाज के प्रतिनिधियों ने जानकारी दी कि वर्ष 2008 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वंशानुगत मछुआरों के हितों की रक्षा के लिए यह मछुआ नीति लागू की थी। इस नीति के तहत, तालाबों का संचालन पंजीकृत मछुआ सहकारी समितियों द्वारा किया जाता है, जिससे पारंपरिक रूप से मछली पकड़ने वाले परिवारों को आजीविका मिलती है। हालांकि, अब सरकार इस व्यवस्था में बदलाव करने और तालाबों की खुली नीलामी कराने की तैयारी कर रही है। वंशानुगत अधिकार छिनने का डर समाज का आरोप है कि इस बदलाव से वंशानुगत मछुआरों का अधिकार छिन जाएगा और बाहरी ठेकेदारों का प्रभाव बढ़ेगा। इससे उनकी आजीविका पर सीधा नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इसी बीच, पूरे प्रदेश में निषाद समाज गुहराज निषाद की जयंती मना रहा है। इस अवसर पर समाज के लोगों ने अपनी परंपरा और भगवान श्रीराम से जुड़े इतिहास का हवाला देते हुए सरकार से अपनी आजीविका के अधिकारों को सुरक्षित रखने की मांग दोहराई है। छतरपुर में सौंपे गए ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि मछुआ नीति 2008 में कोई बदलाव न किया जाए। ऐसा न होने पर प्रदेशभर में आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई है।
Indian Railways Ticket Cancellation Refund Rules Change From April 1

नई दिल्ली16 मिनट पहले कॉपी लिंक अब आप ट्रेन छूटने के 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकेंगे। इसके साथ ही कंफर्म टिकट कैंसिल कराने पर मिलने वाले रिफंड के स्लैब में भी बदलाव किया गया है। इसके तहत अब ट्रेन के डिपार्चर टाइम से 8 घंटे पहले टिकट कैंसिल कराने पर 50% रिफंड मिलेगा। इसकी जानकारी केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी। उन्होंने बताया कि रेलवे ने टिकटों की कालाबाजारी रोकने के लिए कैंसिलेशन और बोर्डिंग नियमों में बदलाव किए हैं। नए नियम 1 से 15 अप्रैल 2026 के बीच अलग-अलग फेज में लागू होंगे। रेल मंत्री ने बताया क्यों जरूरी था यह फैसला रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि टिकट दलालों के पैटर्न को देखते हुए यह बदलाव किया गया है। दलाल अक्सर एक्स्ट्रा टिकट बुक कर लेते थे और ग्राहक न मिलने पर ट्रेन छूटने से ठीक पहले उन्हें कैंसिल कर रिफंड ले लेते थे। रिफंड के नियमों को सख्त करने से दलालों द्वारा टिकटों की ‘कॉर्नरिंग’ (टिकट दबाकर रखना) कम होगी और आम यात्रियों को कंफर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ट्रेन टिकट कैंसिलेशन और बोर्डिंग से जुड़े रेलवे के नए नियमों की जानकारी दी। अब चार्ट बनने के बाद भी बदल सकेंगे स्टेशन रेल मंत्रालय ने बोर्डिंग स्टेशन बदलने की समय सीमा बढ़ा दी है। अब यात्री ट्रेन के शेड्यूल डिपार्चर टाइम से 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग पॉइंट बदल सकेंगे। अभी तक यह सुविधा सिर्फ चार्ट तैयार होने से पहले तक ही मिलती थी। यह नियम उन बड़े शहरों में बहुत मददगार साबित होगा जहां एक से ज्यादा रेलवे स्टेशन हैं, यात्री अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी नजदीकी स्टेशन से ट्रेन पकड़ सकेंगे। यात्री IRCTC की वेबसाइट, एप या रेलवे काउंटर के जरिए अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकते हैं। हालांकि एक बार बोर्डिंग पॉइंट बदलने के बाद आप पुराने स्टेशन से ट्रेन नहीं पकड़ पाएंगे। 4 घंटे पहले तक मिलता था आधा रिफंड पुराने नियमों की तुलना में नए नियम यात्रियों के लिए थोड़े सख्त हुए हैं। अब रिफंड की राशि इस बात पर निर्भर करेगी कि आप ट्रेन छूटने से कितने समय पहले टिकट कैंसिल कर रहे हैं। पहले, ट्रेन छूटने से 48 घंटे पहले तक फ्लैट चार्ज कटता था। 48 से 12 घंटे के बीच 25% और 12 से 4 घंटे पहले तक टिकट कैंसिल करने पर 50% रिफंड मिल जाता था। अब 50% रिफंड के लिए कम से कम 8 घंटे पहले टिकट कैंसिल करना जरूरी होगा। वेटिंग और RAC टिकटों के लिए फिलहाल पुराने चार्ज (₹20 + GST) ही प्रभावी रहेंगे। ट्रेन 3 घंटे से ज्यादा लेट होने पर पूरा रिफंड मिलेगा रेलवे ने स्पष्ट किया है कि कुछ खास परिस्थितियों में रिफंड के पुराने नियम जारी रहेंगे। अगर ट्रेन पूरी तरह कैंसिल हो जाती है या अपने तय समय से 3 घंटे से ज्यादा लेट होती है, तो यात्री TDR फाइल करके पूरा रिफंड क्लेम कर सकते हैं। इसके अलावा, अगर चार्ट बनने के बाद भी टिकट पूरी तरह वेटिंग में रह जाता है, तो वह ऑटोमैटिक कैंसिल हो जाएगा और पूरा पैसा वापस मिलेगा। ———————– रेलवे से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… आज से बिना आधार सुबह 8-12 रेल टिकट बुकिंग नहीं: नियम रिजर्व बुकिंग खुलने के पहले दिन पर लागू; 12 जनवरी से सिर्फ रात में बुकिंग आज यानी, 29 दिसंबर से बिना आधार लिंक वाले IRCTC यूजर्स सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक टिकट बुक नहीं कर पाएंगे। ये नियम केवल रिजर्व रेल टिकट बुकिंग खुलने के पहले दिन पर लागू होगा। रिजर्व टिकट की बुकिंग ट्रेन डिपार्चर की तारीख के 60 दिन पहले खुलती है। रेलवे इस नियम को तीन फेज में लागू कर रहा है। पहला फेज आज से लागू हो चुका है। वहीं दूसरे फेज में 5 जनवरी से और तीसरा फेज 12 जनवरी से लागू होगा। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Historic feat of 11th class student

द न्यूयॉर्क टाइम्स33 मिनट पहले कॉपी लिंक कूपर 800 मीटर और 600 मीटर (1:14.15 मिनट) में अंडर-20 इंडोर वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर हैं। उम्र महज 17 साल, 3 महीने, 3 दिन। जिस उम्र में बच्चे स्कूल की पढ़ाई, क्लासरूम और परीक्षाओं की उलझनों में फंसे होते हैं, उस उम्र में अमेरिका के 11वीं के छात्र कूपर लुटकेनहॉस ने दुनिया जीत ली है। टेक्सास के ‘नॉर्थवेस्ट हाई स्कूल’ में पढ़ने वाले कूपर क्लास से छुट्टी लेकर पोलैंड पहुंचे और इतिहास रच दिया। टोरून में आयोजित वर्ल्ड इंडोर एथलेटिक्स की 800 मीटर रेस में उन्होंने गोल्ड जीता। वे वर्ल्ड इंडोर के इतिहास में गोल्ड जीतने वाले सबसे कम उम्र के चैम्पियन बन गए हैं। कूपर ने फाइनल रेस 1 मिनट 44.24 सेकंड में पूरी की, जो उनके करियर की दूसरी सबसे तेज टाइमिंग है। इस रोमांचक फाइनल में उन्होंने बेल्जियम के इलियट क्रेस्टन (सिल्वर) को मात्र 0.14 सेकंड के करीबी अंतर से मात दी। स्पेन के मोहम्मद अताउई ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। फाइनल में कूपर ने उम्र से कहीं ज्यादा परिपक्वता दिखाई। लेन 4 से शुरुआत करते हुए वे रेस के शुरुआती हिस्से में क्रेस्टन के ठीक पीछे रहे। 400 मीटर की दूरी 51.92 सेकंड में तय हुई, लेकिन जैसे ही तीसरा लैप (600 मीटर) शुरू हुआ, कूपर ने रेस का कंट्रोल अपने हाथ में ले लिया। उन्होंने जो तूफानी रफ्तार पकड़ी, उसने सबको हैरान कर दिया। उनका आखिरी लैप ट्रैक पर मौजूद सभी एथलीट में सबसे तेज (26.17 सेकंड) रहा। इससे पहले सेमीफाइनल में भी उन्होंने 1:44.48 मिनट का बेहतरीन समय निकाला था। ग्लोबल मंच पर कूपर का यह पहला मेडल है। लेकिन यह सफलता रातों-रात नहीं मिली। महज सात महीने पहले, 16 साल की उम्र में वे टोक्यो वर्ल्ड एथलेटिक्स में अपनी हीट में 7वें स्थान पर रहकर बाहर हो गए थे। लेकिन उस हार ने उन्हें तोड़ा नहीं। 2025 में ही उन्होंने कॉलेज एथलेटिक्स छोड़कर पेशेवर बनने का फैसला किया। उसी साल उन्हें ‘यंग एथलीट ऑफ द ईयर’ चुना गया था और फरवरी में उन्होंने यूएस इंडोर का खिताब भी जीता। कूपर 800 मीटर और 600 मीटर (1:14.15 मिनट) में अंडर-20 इंडोर वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर हैं। उनकी जीत ने 800 मीटर में अमेरिका का दबदबा कायम रखा है। यह लगातार तीसरा मौका है, जब यह ग्लोबल इंडोर खिताब अमेरिकी ने जीता है। 2025 में जोश होए और 2024 में ब्राइस होपेल विजेता बने थे। जीत के बाद कूपर लुटकेनहॉस बोले मैं यह सोचकर मैदान पर उतरा था कि शायद मैं इस रेस का फेवरेट नहीं हूं। हो सकता है यह मेरे कम उम्र होने का असर हो, लेकिन तीसरे लैप में मुझे खुद पर भरोसा था और मैंने यहीं से रेस को कंट्रोल करने का फैसला किया। आखिरी 150 मीटर में मेरे साथियों की चीयरिंग ने मुझे फिनिश लाइन तक सबसे पहले पहुंचा दिया। – दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
सड़क किनारे खड़ा यह पेड़ क्यों है इतना खास? महिलाओं और पाचन के लिए रामबाण, जानिए इसके पत्तों के फायदे

Last Updated:March 24, 2026, 15:25 IST अशोक का पेड़ सिर्फ धार्मिक और वास्तु महत्व ही नहीं रखता, बल्कि इसके पत्ते आयुर्वेद में औषधि के रूप में भी उपयोग किए जाते हैं. महिलाओं के स्वास्थ्य से लेकर पाचन, त्वचा और मधुमेह तक कई समस्याओं में इसके फायदे बताए जाते हैं, हालांकि इसके उपयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है. अशोक के वृक्ष के पत्ते औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं, जो मुख्य रूप से महिलाओं में मासिक धर्म की समस्याओं, स्त्री रोगों, रक्तस्राव को रोकने, सूजन कम करने और पेट के कीड़ों के इलाज में फायदेमंद हैं. इनके एंटीऑक्सीडेंट और एंटीमाइक्रोबियल गुण त्वचा संबंधी विकारों, किडनी की पथरी, मधुमेह और तनाव को दूर करने में भी मदद करते हैं. डॉक्टर रवि आर्य ने बताया कि अशोक के पेड़ के पत्ते और छाल पेट के स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं. यह पाचन क्रिया को सुधारने, कब्ज, पेट फूलने और पेट में मरोड़ या दर्द से राहत दिलाने में मदद करते हैं. इसके अलावा, इसके पत्ते पेट के कीड़ों को नष्ट करने में भी सहायक होते हैं. अशोक के पेड़ (सरका असोका) के पत्ते एंटीबैक्टीरियल, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होते हैं. ये त्वचा की समस्याओं जैसे पिंपल्स, मुंहासे, संक्रमण और खुजली को ठीक करने में फायदेमंद हैं. इनके उपयोग से त्वचा में निखार आता है और दाग-धब्बों को कम करने के साथ सूजन को शांत करने में भी सहायक होते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google अशोक के वृक्ष के पत्ते दर्द, सूजन और त्वचा संबंधी समस्याओं के लिए फायदेमंद होते हैं. इनमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी और एनाल्जेसिक गुण शरीर के दर्द, जोड़ों के दर्द, फोड़े-फुंसी और घावों को ठीक करने में मदद करते हैं. इसका उपयोग काढ़े या लेप के रूप में किया जाता है. अशोक के पत्तों में हाइपोग्लाइसेमिक गुण होते हैं, जो रक्त शर्करा को कम करने में मदद कर सकते हैं. आप अशोक की पत्तियों का काढ़ा या पाउडर का सेवन कर सकते हैं. इसके अलावा, संतुलित आहार और नियमित व्यायाम के साथ इसका उपयोग मधुमेह प्रबंधन में सहायक हो सकता है. डॉक्टर से परामर्श जरूर लें. अशोक के वृक्ष के पत्ते औषधीय और वास्तु दोनों दृष्टियों से फायदेमंद माने जाते हैं. ये स्त्री रोगों (अनियमित पीरियड्स, ल्यूकोरिया), पेट की समस्याओं (कब्ज, सूजन), बवासीर, मधुमेह, त्वचा संक्रमण और बुखार के इलाज में उपयोगी हैं. साथ ही, इसके पत्तों का इस्तेमाल घर में नकारात्मकता दूर करने और धन वृद्धि के लिए भी किया जाता है. अशोक के वृक्ष के पत्ते औषधीय रूप से सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं, लेकिन इसका सेवन करने से पहले चिकित्सक की सलाह लेना जरूरी है. बिना चिकित्सक की सलाह के इनका सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि गलत उपयोग से यह सेहत के लिए नुकसानदायक भी हो सकते हैं. First Published : March 24, 2026, 15:25 IST
Narsinghpur Kitchen Blast | Maa Bachche Safe Induction Incident

किचन में इंडक्शन धमाके के साथ फट गया। मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर में मंगलवार दोपहर खाना बनाते समय इलेक्ट्रिक इंडक्शन तेज धमाके के साथ फट गया। हादसे के वक्त किचन में मौजूद मां और उनके दो बच्चे बाल-बाल बच गए। . मामला खैरीनाका गांव का है। गृहिणी हेमा जाट ने बताया कि बेटा स्कूल से आया था और उसे भूख लगी थी। वह उसके लिए खिचड़ी बना रही थीं। जैसे ही बर्तन उतारने की कोशिश की गई, इंडक्शन में तेज धमाका हो गया। कांच चकनाचूर होकर खिचड़ी और दूध में गिर गया, जिन्हें तुरंत फेंक दिया गया। देखिए तस्वीरें तेज धमाके के साथ फटने के बाद इंडक्शन की हालत ऐसी हो गई। । मां बच्चों के लिए खिचड़ी बना रही थी। कांच के टुकड़े उसमें गिर गए। जिस समय इंडक्शन में ब्लास्ट हुआ महिला के दो बच्चे भी वहीं मौजूद थे। परिवार के मुताबिक लगातार उपयोग और ओवरहीट होने के कारण हादसे की आशंका है। गैस खत्म, इसलिए इंडक्शन का इस्तेमाल परिवार के मुताबिक, गैस सिलेंडर खत्म होने के बाद पिछले कुछ दिनों से इंडक्शन पर ही खाना बनाया जा रहा था। आशंका है कि लगातार उपयोग और ओवरहीटिंग के कारण हादसा हुआ। 6 महीने पुराना, 3 साल की गारंटी हेमा के पति धर्मेंद्र जाट ने बताया कि इंडक्शन 6 महीने पहले गुलाब चौराहा स्थित दुकान से 2400 रुपए में खरीदा गया था और इस पर 3 साल की गारंटी थी। उन्होंने बताया कि इंडक्शन Prestige कंपनी का था। घटना के बाद दुकानदार ने इसे वापस ले लिया है और नया देने का भरोसा दिया है। यह भी जानिए यह खबर भी पढ़ें जरूरत की खबर- इंडक्शन यूज के 10 सेफ्टी टिप्स:ये 12 गलतियां न करें मिडिल ईस्ट तनाव का असर भारत में LPG सप्लाई पर दिख रहा है, जिससे लोग इंडक्शन कुकटॉप की ओर बढ़ रहे हैं। यह सुविधाजनक है, लेकिन लापरवाही से ओवरहीटिंग, करंट और नुकसान का खतरा रहता है। सही कुकवेयर और नियमित सफाई से इन जोखिमों से बचा जा सकता है। पढ़ें पूरी खबर
बदलता दौर या कुछ और.. सुनामी की तरह देश में क्यों फैल रही हैं ये 2 खतरनाक बीमारी? डॉक्टर ने बताए कारण

आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा में डायबिटीज और ब्लड प्रेसर के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. चिकित्सक ने बताया कि यह एक चिंता का विषय है कि दोनों ही बीमारी भारत में तेजी से फैल रही है. डायबिटीज और बीपी अब कम उम्र और बच्चों में भी देखने को मिल रही है. चिकित्सक ने बताया कि बदलते समय के साथ बदलती जीवनशैली और अनहेल्दी फूड इन सब बीमारियों का मुख्य कारण है. चिकित्सक ने कहा कि पहले लोग पैदल और शारीरिक मेहनत करते थे, लेकिन अब हर किसी के पास बाइक, कार और अन्य वाहन है, कोई भी पैदल नहीं चलना चाहता है. मेहनत की जगह अब कई तरह के इलेक्ट्रॉनिक आइटम आ गए हैं, जिससे लोग आलसी होते जा रहे हैं. बाजार का खाना, जंग फूड, पैकट फूड लोगों को बीमार कर रहा है. जंक फूड से बनाएं दूरीउन्होंने कहा कि यही सभी कारण है कि लोग ब्लड प्रेसर, डायबिटीज और मोटापे के शिकार हो रहे हैं. चिकित्सक ने कहा कि इससे बचने के लिए सबसे अच्छा और बेहतर उपाय शारीरिक मेहनत, सुबह के समय वॉक, हेल्दी फूड और जंग फूड से दूरी बनाना है. उन्होंने कहा कि घर का बना शुद्ध खाना ही खाना चाहिए. मोमोज, चाउमीन, बर्गर और अन्य सभी इस तरह के फूड से बचना चाहिए. सुनामी की तरह फैल रही है ये बीमारीआगरा के वरिष्ठ चिकित्सक ने बताया कि डायबिटीज और बीपी की बीमारी सुनामी की तरह फैलती जा रही है. उन्होंने कहा कि यदि मनुष्य ने अपनी लाइफस्टाइल नहीं बदली, तो यह बीमारी आम हो जाएगी और हर व्यक्ति इसकी चपेट में आ सकता है. इससे बचना बेहद जरूरी है और उसके लिए सही खान-पान और शारीरिक मेहनत करना जरूरी है. चिकित्सक आशीष मित्तल ने बताया कि डायबिटीज (शुगर) और हार्ड ब्लड प्रेशर से बचने के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाना सबसे जरूरी है. उन्होंने कहा कि प्रतिदिन 30 मिनट का व्यायाम, कम नमक और चीनी वाला संतुलित आहार, पर्याप्त नींद (कम से कम 7 से 8 घंटे) लेनी चाहिए. डॉ. ने कहा कि स्वस्थ्य रहने के लिए धुम्रपान, शराब और पान मसाले से दूरी बनाकर रखनी चाहिए. उन्होंने कहा कि मनुष्य को अपने वजन को नियंत्रण में रखना चाहिए. उन्होंने कहा कि साल में कम से कम 6-6 महीने के अंतराल में अपना शारीरिक जांच कराते रहना चाहिए. अनहेल्दी फूड से करें बचावआगरा के वरिष्ठ चिकित्सक आशीष मित्तल ने बताया कि बीमारियों से बचने के लिए अनहेल्दी फ़ूड से बचना चाहिए. उन्होंने कहा कि जंक फूड, फास्ट फूड और प्रोसेस्ड फूड में चीनी, नमक, खराब फैट और कैलोरी बहुत ज्यादा होती है, जो शरीर को गंभीर नुकसान पहुंचाने का कार्य करती है. अनहेल्दी फ़ूड से पाचन संबंधी समस्याओं का खतरा उन्होंने कहा कि इस अनहेल्दी फ़ूड के कारण मोटापा, टाइप 2 डायबिटीज, हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर, फैटी लीवर और पाचन संबंधी समस्याओं का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ जाता है. चिकित्सक आशीष मित्तल ने बताया कि हेल्दी फ़ूड हेल्थ के लिए बेहद फायदेमंद होता है. हेल्दी प्रोटीन युक्त भोजन मांसपेशियों को मजबूत बनाता है. इसके सेवन से वजन नियंत्रित रहता है. डॉ. आशीष मित्तल ने बताया कि हेल्दी फ़ूड खाने से यह त्वचा, बाल और नाखूनों के स्वास्थ्य को सुधारने के साथ-साथ हड्डियों को मजबूत और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का भी कार्य करता है, जिससे आसानी से व्यक्ति बीमार नहीं पड़ता है. Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
युवती की हत्या के बाद कलेक्ट्रेट पहुंचे परिजन:आरोपी का मकान-दुकान तोड़ने की मांग, पुलिस ने 5 आरोपियों पर दर्ज किया है केस

बुरहानपुर के आलमगंज मालीवाड़ा में 17 मार्च को निकिता सुरागे की हत्या के मामले में परिजन एक बार फिर कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने आरोपी अर्जुन सुगंधी का मकान और दुकान तोड़ने की मांग की। पुलिस ने इस मामले में दो नाबालिगों सहित कुल पांच आरोपियों पर FIR दर्ज की है। मृतका निकिता की बहन स्नेहा सुरागे ने बताया कि हत्या को आठ दिन हो गए हैं, लेकिन अब तक आरोपी का मकान-दुकान नहीं तोड़ा गया है। आलमगंज के अधिवक्ता राजेश बिडियारे ने भी समाजजनों के साथ मिलकर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई और संपत्ति तोड़ने की मांग की। उन्होंने बताया कि पहले भी आवेदन दिया गया था, अब यह एक स्मरण पत्र है। नेपानगर के तहसीलदार जगन्नाथ वास्कले ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए कहा कि वे वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा करेंगे। आगे जैसे भी निर्देश मिलेंगे, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। नाबालिग समेत 5 आरोपियों पर केस यह घटना 17 मार्च को हुई थी जब 23 वर्षीय निकिता सुरागे, जो मालीवाड़ा में एक फर्नीचर मार्ट में फर्नीचर डिजाइनिंग का काम करती थी, को आरोपी अर्जुन सुगंधी और उसके परिजनों ने घर बुलाया था। वहां उसके साथ मारपीट की गई और अर्जुन ने चाकू मारकर निकिता की हत्या कर दी। पुलिस ने इस मामले में अर्जुन और उसके भाई सागर सुगंधी पर हत्या का केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि घटना के समय अजय सुगंधी की पत्नी मनीषा सुगंधी, उसकी बेटी और अर्जुन का बेटा भी मौजूद थे। इन तीनों ने भी निकिता के साथ मारपीट की थी। सबूत मिटाने के लिए निकाले सीसीटीवी और डीवीआर आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने के लिए सीसीटीवी कैमरे के डीवीआर भी निकाल लिए थे। पुलिस ने बाद में इन तीनों पर हत्या, सामूहिक अपराध, साक्ष्य छिपाने का प्रयास, मारपीट और SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया। मनीषा सुगंधी को खंडवा जेल और दोनों नाबालिगों को बाल सुधार गृह भेजा गया है।
इजराइल पर ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल गिरने से हड़कंप:इजराइल के मिसाइल डिफेंस सिस्टम में सेंध लगने की जांच शुरू, यूएस से अधिक गोला-बारूद की मांग

इजराइल में शनिवार को डिमोना और नजदीकी शहर अराद पर गिरी ईरान की दो बैलिस्टिक मिसाइलों ने इजराइलियों को स्तब्ध कर दिया है। इजराइल के दक्षिण नेगेव रेगिस्तान में डिमोना शहर से लगभग 14 किलोमीटर दूर स्थित उसके प्रमुख परमाणु रिसर्च सेंटर और रिएक्टर के मुकाबले कुछ ही स्थान ऐसे होंगे जो इनसे ज्यादा सुरक्षित हों। इसलिए तीन घंटे के अंतर से गिरी दो ईरानी मिसाइलों ने इजराइल के मिसाइल डिफेंस सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञ अनुमान लगा रहे हैं कि पिछले सालईरान से 12 दिन के युद्ध में इनका जखीरा खत्म हो गया होगा। यह चिंता आने वाले सप्ताहों में और गहरी होगी। इजराइल के सैनिक अधिकारियों ने बताया, वे जांच कर रहे हैं कि गड़बड़ी कहां हुई है। लेकिन विस्तृत ब्योरे पर चुप्पी साध रखी है। रविवार को प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतनयाहू ने प्रभावित स्थानों का दौरा करने के बाद इजराइलियों से कहा कि वे बेफिक्र न रहें। मिसाइल अलर्ट आने पर बम शेल्टर में शरण लें। इजराइली सेना ने ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने की दर 90% बताई है। अधिकारियों का कहना है कि डिफेंस सिस्टम रोकथाम की 100% क्षमता कभी हासिल नहीं कर सकते हैं। इजराइली एयर और मिसाइल डिफेंस सिस्टम के पूर्व कमांडर ब्रिगेडियर जनरल रैन कोचाव ने बताया कि डिमोना बहुस्तरीय इजराइली और अमेरिकी डिफेंस सिस्टम से सुरक्षित था। यह ऑपरेशनल नाकामी है। इजराइल के मिसाइल डिफेंस में आयरन डोम प्रमुख है। लेकिन इसे हमास की कम दूरी की मिसाइलों को रोकने के लिए बनाया गया है। बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने का उसका सबसे आधुनिक हथियार एरो-3 है, लेकिन एरो-3सिस्टम महंगा है। उसे बनाने में समय लगता है। इजराइली मीडिया ने रविवार को बताया कि अराद और डिमोना में एरो-3 तैनात नहीं था। इजराइल और अमेरिका द्वारा तैयार एंटीबैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम धरती के वातावरण के बाहर अंतरिक्ष में मिसाइलों को रोकता है। इजराइल में अमेरिका का थाड सिस्टम भी तैनात है। अधिक इंटरसेप्टर की मांग इजराइली रक्षा मंत्रालय के डायरेक्टर जनरल अमीर बराम इस माह अधिक इंटरसेप्टर और गोला-बारूद सप्लाई करने की मांग करने वाशिंगटन गए थे। नामन बताने की शर्त पर तीन इजराइली अधिकारियों ने यह जानकारी दी है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि क्या अमेरिका अधिक सप्लाई के लिए सहमत हो गया है। क्लस्टर मिसाइलों से खतरा जमीन से कुछ किलोमीटर ऊपर फटने वाली ईरान की क्लस्टर मिसाइलें घातक साबित हो रही हैं। अराद, डिमोना, तेल अवीव और यरूशलम के पास बेट शेमेश पर हमलों के अलावा अन्य इलाकों में बड़े मिसाइल के हिस्सों या क्लस्टर मिसाइलों से कई बिल्डिंग और सड़कों को नुकसान पहुंचा है। इजराइल के सेफ्टी सिस्टम के कमजोर होने पर चिंता पिछले साल जून में 12 दिन के युद्ध कीसमाप्ति के बाद इजराइली सेना ने चिंताजताई थी कि क्या देश का मिसाइल एयरडिफेंस सिस्टम ईरान की बैलिस्टिकमिसाइल खत्म होने से पहले ही चुकजाएगा। उस वक्त अधिकारियों ने कहा थाकि इजराइल को अपने इंटरसेप्टर बचा करखर्च करना होंगे। उसे सामरिक इंफ्रास्ट्रक्चरको अहमियत देना पड़ेगी। वैसे इजराइली सेना ने इन बातों का खंडन किया है।
इजराइल पर ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल गिरने से हड़कंप:इजराइल के मिसाइल डिफेंस सिस्टम में सेंध लगने की जांच शुरू, यूएस से अधिक गोला-बारूद की मांग

इजराइल में शनिवार को डिमोना और नजदीकी शहर अराद पर गिरी ईरान की दो बैलिस्टिक मिसाइलों ने इजराइलियों को स्तब्ध कर दिया है। इजराइल के दक्षिण नेगेव रेगिस्तान में डिमोना शहर से लगभग 14 किलोमीटर दूर स्थित उसके प्रमुख परमाणु रिसर्च सेंटर और रिएक्टर के मुकाबले कुछ ही स्थान ऐसे होंगे जो इनसे ज्यादा सुरक्षित हों। इसलिए तीन घंटे के अंतर से गिरी दो ईरानी मिसाइलों ने इजराइल के मिसाइल डिफेंस सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञ अनुमान लगा रहे हैं कि पिछले सालईरान से 12 दिन के युद्ध में इनका जखीरा खत्म हो गया होगा। यह चिंता आने वाले सप्ताहों में और गहरी होगी। इजराइल के सैनिक अधिकारियों ने बताया, वे जांच कर रहे हैं कि गड़बड़ी कहां हुई है। लेकिन विस्तृत ब्योरे पर चुप्पी साध रखी है। रविवार को प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतनयाहू ने प्रभावित स्थानों का दौरा करने के बाद इजराइलियों से कहा कि वे बेफिक्र न रहें। मिसाइल अलर्ट आने पर बम शेल्टर में शरण लें। इजराइली सेना ने ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने की दर 90% बताई है। अधिकारियों का कहना है कि डिफेंस सिस्टम रोकथाम की 100% क्षमता कभी हासिल नहीं कर सकते हैं। इजराइली एयर और मिसाइल डिफेंस सिस्टम के पूर्व कमांडर ब्रिगेडियर जनरल रैन कोचाव ने बताया कि डिमोना बहुस्तरीय इजराइली और अमेरिकी डिफेंस सिस्टम से सुरक्षित था। यह ऑपरेशनल नाकामी है। इजराइल के मिसाइल डिफेंस में आयरन डोम प्रमुख है। लेकिन इसे हमास की कम दूरी की मिसाइलों को रोकने के लिए बनाया गया है। बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने का उसका सबसे आधुनिक हथियार एरो-3 है, लेकिन एरो-3सिस्टम महंगा है। उसे बनाने में समय लगता है। इजराइली मीडिया ने रविवार को बताया कि अराद और डिमोना में एरो-3 तैनात नहीं था। इजराइल और अमेरिका द्वारा तैयार एंटीबैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम धरती के वातावरण के बाहर अंतरिक्ष में मिसाइलों को रोकता है। इजराइल में अमेरिका का थाड सिस्टम भी तैनात है। अधिक इंटरसेप्टर की मांग इजराइली रक्षा मंत्रालय के डायरेक्टर जनरल अमीर बराम इस माह अधिक इंटरसेप्टर और गोला-बारूद सप्लाई करने की मांग करने वाशिंगटन गए थे। नामन बताने की शर्त पर तीन इजराइली अधिकारियों ने यह जानकारी दी है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि क्या अमेरिका अधिक सप्लाई के लिए सहमत हो गया है। क्लस्टर मिसाइलों से खतरा जमीन से कुछ किलोमीटर ऊपर फटने वाली ईरान की क्लस्टर मिसाइलें घातक साबित हो रही हैं। अराद, डिमोना, तेल अवीव और यरूशलम के पास बेट शेमेश पर हमलों के अलावा अन्य इलाकों में बड़े मिसाइल के हिस्सों या क्लस्टर मिसाइलों से कई बिल्डिंग और सड़कों को नुकसान पहुंचा है। इजराइल के सेफ्टी सिस्टम के कमजोर होने पर चिंता पिछले साल जून में 12 दिन के युद्ध कीसमाप्ति के बाद इजराइली सेना ने चिंताजताई थी कि क्या देश का मिसाइल एयरडिफेंस सिस्टम ईरान की बैलिस्टिकमिसाइल खत्म होने से पहले ही चुकजाएगा। उस वक्त अधिकारियों ने कहा थाकि इजराइल को अपने इंटरसेप्टर बचा करखर्च करना होंगे। उसे सामरिक इंफ्रास्ट्रक्चरको अहमियत देना पड़ेगी। वैसे इजराइली सेना ने इन बातों का खंडन किया है।









