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भोपाल में मृत बछड़ा फेंकने वाला गिरफ्तार:आरोपी को पकड़ने पुलिस ने 400 सीसीटीवी खंगाले; चमड़े के पर्स-बटुए बनाता है

भोपाल में मृत बछड़ा फेंकने वाला गिरफ्तार:आरोपी को पकड़ने पुलिस ने 400 सीसीटीवी खंगाले; चमड़े के पर्स-बटुए बनाता है

भोपाल के तलैया थाना क्षेत्र में काली मंदिर के पास सड़क किनारे मृत बछड़ा फेंककर धार्मिक भावनाएं भड़काने की घटना के बाद शहर का माहौल गरमा गया था। आक्रोशित हिंदू संगठनों ने तलैया थाने का घेराव कर पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगाए और तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। बढ़ते दबाव और संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने तेजी दिखाते हुए 10 हजार रुपए के इनामी आरोपी को 5 दिन के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस टीम ने खंगाले 400 से ज्यादा CCTV घटना के बाद हिंदू संगठनों ने लगातार गौ-हत्या की बढ़ती घटनाओं पर सवाल उठाए थे और कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस के अनुसार, 23 मार्च को दर्ज इस मामले में टीम ने 400 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले और शहरभर में करीब 150 लोगों से पूछताछ की। जांच में सामने आया कि जहांगीराबाद के अहीर मोहल्ला निवासी सुनील यादव उर्फ नंदू के यहां भैंस के बच्चे (मृत बछड़ा) की मौत हुई थी, जिसके बाद फूलसिंह चौधरी को बुलाकर उसकी खाल से बटुआ बनवाया गया। चमड़े के बटुए-पर्स बनाता है आरोपी तलैया थाना प्रभारी दीपक डहरिया ने बताया कि आरोपी चमड़े से बटुए व पर्स बनाने का काम करता था। आरोपी फूलसिंह चौधरी मृत बछड़े के अवशेष को प्लास्टिक की बोरी में भरकर मोटरसाइकिल से ले गया और काली मंदिर के पास पुल किनारे फेंक दिया, जिससे पूरे इलाके में तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त छुरी, रस्सी और स्प्लेंडर मोटरसाइकिल जब्त कर ली है। जोन-3 पुलिस द्वारा आरोपी पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस का कहना है कि मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर सख्ती से रोक लगाई जा सके।

आग से 2 गाड़ियां खाक, रंजिश में साजिश का आरोप:रीवा में देर रात हादसा; फायर ब्रिगेड ने अन्य वाहनों को बचाया, CCTV खंगाल रही पुलिस

आग से 2 गाड़ियां खाक, रंजिश में साजिश का आरोप:रीवा में देर रात हादसा; फायर ब्रिगेड ने अन्य वाहनों को बचाया, CCTV खंगाल रही पुलिस

रीवा के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में पुराने बस स्टैंड के पास बांस घाट स्थित एक वाहन गैरेज में रविवार देर रात अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और गैरेज में खड़ी दो गाड़ियां पूरी तरह जलकर खाक हो गईं। घटना से इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। समय रहते आग बुझने से आसपास खड़े अन्य वाहन और दुकानें सुरक्षित बच गईं। गैरेज संचालक ने जताई साजिश की आशंका गैरेज संचालक निजाम मिस्त्री ने घटना को संदिग्ध बताया है। उनका आरोप है कि व्यापारिक प्रतिस्पर्धा के चलते किसी ने रंजिशन गैरेज में आग लगाई है। उन्होंने बंटी नाम के व्यक्ति पर नामजद आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। आग में जिस वाहन को नुकसान पहुंचा है, उसके मालिक का नाम नामदेव चर्मकार बताया गया है। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है और स्थानीय लोग भी निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आग लगने के कारणों का पता लगाने के साथ-साथ आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि घटना की सच्चाई सामने आ सके।

हेल्दी लिवर डाइट: लिवर को बनाए रखें ये पोषक तत्व तो जरूर खाएं ये चीजें, शरीर से टॉक्सिन्स जड़ाएंगे

स्वस्थ लिवर: लिवर को क्या सुरक्षित रखना चाहिए और क्या खाना चाहिए? जानें कैसा होना चाहिए

स्वस्थ लीवर आहार: हमारा लिवर बॉडी का एक ऐसा ‘मल्टी-टास्किंग’ प्रशिक्षण है, जो 500 से अधिक आवश्यक कार्य करता है। यह केवल हमारे द्वारा दिए गए भोजन को पचाने में मदद नहीं करता है, बल्कि शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने का मुख्य केंद्र भी है। आज की भागदौड़ भरी गर्लफ्रेंड और अनहेल्डी खान-पान का हमारे लीवर पर सबसे बुरा असर पड़ता है। लिवर और लीवर में सूजन जैसी समस्या अब आम हो गई है। अगर आप चाहते हैं कि आपका लिवर प्राचीन-साल संग्रहालय से काम करे, तो अपने इन सुपरफूड्स को आज ही शामिल करें। आइए जानते हैं। हरी पत्तेदार संस्था पालक, मेथी और बथुआ जैसे साधारण लीवर के सबसे अच्छे दोस्त माने जाते हैं। क्लोरोफिल की प्रचुर मात्रा पाई जाती है, जो रक्त प्रवाह से समृद्ध पदार्थ को सोखने में मदद करता है। ये रसायन लिवर में जमा गंदगी को साफ करने और उसे सुरक्षा प्रदान करने में बर्बाद कर दिए जाते हैं। लहसुन खाने से लिवर से निकलागा टॉक्सिन्स लहसुन की सिर्फ एक कलि में लिवर एंजाइम्स को सक्रिय करने की अद्भुत क्षमता होती है। इसमें ‘एलिसिन’ और ‘सेलेनियम’ नामक दो प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं, जो लिवर की सफाई में सहायता करते हैं। सुबह खाली पेट गुनगुने पानी के साथ लहसुन का सेवन लीवर के लिए रामबाण है। रामबाण के लिए हल्दी लिवर भारतीय व्यंजनों की शान ‘हल्दी’ लिवर का है सबसे ताकतवर मसाला। यह लिवर को नुकसान पहुंचाता है और हल्दी पित्त के प्राकृतिक उत्पादन को बढ़ाता है, जिससे शरीर से विषाक्त पदार्थ आसानी से बाहर निकल जाते हैं। त्रिफल फल और साइट्रस सर्वश्रेष्ठ सेंट्रा, लेमिनेशन जैसे आर्चिव फल विटामिन-सी और एंटीऑक्सिडेंट से समानता होती है। ये लिवर की प्राकृतिक सफाई प्रक्रिया को तेज़ करते हैं। इसके अलावा, रोज़ाना एक सेब खाना भी लिवर के लिए जादुई है, क्योंकि मौजूद पेक्टिन शरीर से मकोय को निकालने में मदद करता है। ग्रीन टी पीएं एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर ग्रीन टी लिवर के कार्य में सुधार करता है। ‘कैटेचिन’ नामक प्लांट एंटीऑक्सीडेंट होता है, जो लिवर में वसा के जमाव को कम करने में सहायक है। हालाँकि, इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। साबुत अनाज से होगा ठीक लिवर मैदा या फलों के अनाज की जगह ओट्स, ब्राउन राइस और बाजरा जैसे साबुत अनाज शामिल हैं। इनमें मौजूद मौजूदा लिवर पर अपलोड करने वाले लोड को कम किया जाता है और पाचन तंत्र को लागू किया जाता है। ये भी पढ़ें – चैत्र पूर्णिमा कब है 2026: 1 या 2 अप्रैल… चैत्र पूर्णिमा कब है? जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए तरीके, तरीके और दावे अलग-अलग विद्वानों पर आधारित हैं। रिपब्लिक भारत लेख में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं किया गया है। किसी भी उपचार और सुझाव को पहले डॉक्टर या डॉक्टर की सलाह से अवश्य लें।

जीभ साफ नहीं करने से क्या होता है? जीभ पर जमी गंदगी को साफ करने का आयुर्वेदिक तरीका जानें

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Last Updated:March 29, 2026, 21:06 IST Jibh Saaf Karne Ka Tarika: जीभ की रोजाना सफाई आपको कई बीमारियों से बचा सकती है. जीभ पर जमी गंदगी आंतों में बैक्टीरिया को बढ़ाती है, इसलिए रोजाना दांतो के साथ जीभ को भी साफ करें. यहां आप जीभ को साफ रखने का आयुर्वेदिक तरीका जान सकते हैं. ख़बरें फटाफट Jibh Saaf Karne Ka Tarika: सुबह का समय शरीर के लिए बहुत अहम होता है. इस समय शरीर अंदर जमा गंदगी और टॉक्सिन को बाहर निकालने की प्रक्रिया में लगा रहता है. ऐसे में रोज सुबह उठकर दांत साफ करने के साथ जीभ को भी क्लीन करना जरूरी है. लेकिन यदि आप अक्सर जीभ की सफाई को नजरअंदाज कर देते हैं, तो छोटी सी लगने वाली ये गलती धीरे-धीरे आपकी सेहत पर बुरा असर डाल सकती है. सुबह उठते समय जीभ पर जमी सफेद परत शरीर में जमा गंदगी और बैक्टीरिया का संकेत होती है. अगर इसे साफ नहीं किया जाए (Dirty Tongue Side Effects), तो ये टॉक्सिन दोबारा पेट में चले जाते हैं और पाचन से जुड़ी समस्याएं पैदा कर सकते हैं. इसके अलावा मुंह से बदबू आना, स्वाद ठीक से महसूस न होना, बैक्टीरिया बढ़ना और दांत कमजोर होना जैसी दिक्कतें भी हो सकती हैं. आयुर्वेद में जीभ साफ करना एक जरूरी आदत मानी गई है. इसे अपनाने से कई बीमारियों से बचा जा सकता है. जीभ साफ करने का तरीका भी बहुत आसान है, जिसे आप यहां जान सकते हैं. जीभ साफ करने का सही तरीका (How do I get rid of a dirty tongue?) – सबसे पहले टंग क्लीनर से हल्के हाथों से जीभ को 2–3 बार साफ करें.– इसके बाद ब्रश से दांतों की सफाई करें और अच्छी तरह कुल्ला करें.– अंत में ऑयल पुलिंग करें. इसके लिए मुंह में थोड़ा नारियल तेल लेकर कुछ मिनट तक घुमाएं और फिर बाहर निकाल दें. इसे यदि आप हफ्ते में 2-3 बार भी करें तो फायदेमंद होता है. जीभ साफ करने के फायदेजीभ को रोजाना साफ करने से मुंह की बदबू कम होती है, बैक्टीरिया घटते हैं और पाचन भी बेहतर होता है. जीभ हमारे शरीर का एक अहम हिस्सा है और इसका सीधा संबंध पाचन से होता है. मुंह की साफ-सफाई सही रहेगी, तो पाचन भी बेहतर रहेगा, क्योंकि मुंह में बनने वाली लार खाने को पचाने में मदद करती है. इसलिए रोज सुबह जीभ साफ करना अपनी दिनचर्या का हिस्सा जरूर बनाएं. यह छोटी सी आदत आपकी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकती है. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें Location : New Delhi,Delhi First Published : March 29, 2026, 21:06 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

कांग्रेस नेता की हत्या, बदमाशों ने कुल्हाड़ी से सिर फोड़ा:लुधियाना में बेटे को लहूलुहान पड़े मिले, जमीन पर मांस-खून फैला

कांग्रेस नेता की हत्या, बदमाशों ने कुल्हाड़ी से सिर फोड़ा:लुधियाना में बेटे को लहूलुहान पड़े मिले, जमीन पर मांस-खून फैला

लुधियाना के माछीवाड़ा कस्बे के गांव तखरां में कांग्रेस ब्लॉक प्रधान परमिंदर तिवारी की हत्या कर दी गई। वे शाम साढ़े 6 बजे स्टैंड पर अपने क्वार्टरों पर कुर्सी पर बैठे हुए थे। इसी दौरान दो बदमाश आए। उन्होंने पीछे सिर पर कुल्हाड़ी से तीन वार किए। जिससे उनका सिर फट गया और वह जमीन पर गिर पड़े। मौके पर सिर का मांस और खून फैल गया। इसके बाद आरोपी मौके पर ही कुल्हाड़ी छोड़कर भाग गए। इसी दौरान उनका बेटा वहां पहुंचा, वह जमीन पर लहूलुहान हातल में पड़े मिले। इसके बाद आसपास उन्हें तुरंत माछीवाड़ा के सिविल अस्पताल पहुंचाया। हालत नाजुक होने पर डॉक्टरों ने उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन उन्हें फोर्टिस अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही थाना कूमकलां की पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार हमले में दो अज्ञात लोग शामिल थे। मर्डर के बाद की PHOTOS… बेटे-चश्मदीद ने ये बड़ी बातें बताईं…. पूर्व विधायक बोले- वह कांग्रेस के अच्छे नेता थे पूर्व विधायक लखवीर सिंह लक्खा ने कहा की वहां शाम को अपने रेंट पर दिए हुए क्वार्टरों के बाहर बैठे थे, वहां दो बदमाश पहुंचे और उन्होंने कुल्हाड़ी से उनके ऊपर हमला कर दिया। वह कांग्रेस के अच्छे नेता थे और मेरे छोटे भाई थे। वाडिंग बोले- हमारे पैरों तले ज़मीन खिसक गई पंजाब कांग्रेस प्रधान राजा वाडिंग ने कहा कि मुझे राजा गरेवाल लक्खा पायल जी ने बताया कि परमिंदर जो हमारा मछीवाड़ा से ब्लॉक प्रधान है, उसका कोई कत्ल कर गया। परमिंदर एक बहुत प्यारा साथी था। हमारे पैरों तले ज़मीन खिसक गई की दिन दिहाड़े 6:45 बजे जब उनका फोन आया और कहा कि उन्हें फोर्टिस अस्पताल की तरफ ले जाया गया है। जब दोबारा बात हुई तो उन्होंने बताया कि उन्हें परमिंदर हमारे बीच में नहीं रहे। मैं समझता हूं कि यह कांग्रेस के लिए बहुत दुखदाई खबर है। उन्होंने कहा कि कल परिवार से मुलाकात करेंगे। फिर आगे की रणनीति बनाई जाएगी।

क्या सबकुछ आसानी से मिल जाना खतरनाक? मनोवैज्ञानिक से जानिए ये नई पीढ़ी के लिए कितना घातक

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Last Updated:March 29, 2026, 20:54 IST Mental Health Tips : आधुनिक जीवनशैली में लोगों को अब सबकुछ आसानी से मिल रहा है लेकिन ‘लो फ्रस्ट्रेशन टॉलरेंस’ के चलते लोगों का खुद पर कंट्रोल नहीं है. पिछले दिनों एक डॉक्टर ने ही खुदकुशी कर ली. कहा जा रहा है कि उन्हें अपना मानसिक शोषण और पिता की बेइज्जती बर्दाश्त नहीं हुई. देहरादून के मनोवैज्ञानिक डॉ. मुकुल शर्मा लोकल 18 से बताते हैं कि वक्त बदलने के साथ-साथ लोगों के व्यवहार पर भी असर पड़ा है. आज की युवा पीढ़ी पुराने समय की युवा पीढ़ी से बिल्कुल अलग है. इसमें सहनशीलता नहीं है. देहरादून. आजकल के बिजी शेड्यूल और स्ट्रेस के लगातार बने रहने से लोग अपनी परेशानियों को दूसरे को नहीं बता पाते हैं और धीरे-धीरे डिप्रेशन के शिकार हो जाते हैं. कई बार खुद की जान तक ले लेते हैं. कई बार गुस्से में लोग दूसरों की जान भी ले लेते हैं. वक्त बदलने के साथ-साथ लोगों के व्यवहार पर भी असर पड़ा है. आज की युवा पीढ़ी पुराने समय की युवा पीढ़ी से बिल्कुल अलग है. इसमें सहनशीलता नहीं है. देहरादून में दो छात्र गुटों के झगड़े में मौत और एक डॉक्टर का खुदकुशी करना, इस बात का ताजा उदाहरण है. फिर करें क्या देहरादून के मनोवैज्ञानिक डॉ. मुकुल शर्मा बताते हैं कि आधुनिक जीवनशैली में आपको सब कुछ आसानी से मिलता जा रहा है, लेकिन ‘लो फ्रस्ट्रेशन टॉलरेंस’ के चलते लोगों का खुद पर कंट्रोल नहीं है. हाल ही में एक दुखद घटना सामने आई है, जिसमें एक क्वालिफाइड डॉक्टर जो पीजी कर रही थी, उन्होंने कथित तौर पर खुदकुशी कर ली. डॉ. मुकुल कहते हैं कि मानसिक शोषण काम करने के दौरान होता है, कई तरह की परेशानियां भी होती हैं, लेकिन आत्महत्या इसका समाधान नहीं है. हर परेशानी का हल है. उन्हें अपने मानसिक शोषण के साथ ही अपने पिता की बेइज्जती बर्दाश्त नहीं हुई. इससे उनके अभिभावकों को उम्र भर परेशानी होगी. वह अपने सीनियर्स से मदद ले सकती थीं, परिवार से बात कर सकती थीं. डॉक्टर दूसरों का जीवन बचाते हैं. इस तरह के कदम समाज के लिए अच्छे नहीं हैं. घरवाले क्या करें डॉ. मुकुल कहते हैं कि आजकल युवाओं का बिजी शेड्यूल और डिजिटल आइसोलेशन उनके व्यवहार में बदलाव ला रहा है. पहले लोग सोशल होते थे. कोई भी परेशानी होती थी तो एक-दूसरे से साझा करते थे, लेकिन आज अपने में ही सिमटे रहते हैं, जिससे उनका गुस्सा, चिड़चिड़ापन और स्ट्रेस दूर नहीं हो पता है. धीरे-धीरे में डिप्रेशन में चले जाते हैं. एक-दूसरे से ईर्ष्या रखना और हिंसक बनाना सोशल मीडिया का नतीजा हो सकता है. इसलिए खुद को थोड़ा समय दें. जिन काम से आपको स्ट्रेस रिलीफ मिलता है, वह काम करें. इमोशनल सपोर्ट सिस्टम को मजबूत करने की कोशिश करें. अभिभावकों और टीचर्स को भी इमोशनल इंटेलिजेंस पर जोर देने की जरूरत है. About the Author Priyanshu Gupta Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें Location : Dehradun,Uttarakhand First Published : March 29, 2026, 20:54 IST

Health Tips: डॉक्टर भी मानते हैं कमाल! सहजन की फली से मिलेंगे जबरदस्त हेल्थ बेनिफिट्स, जानें आसान रेसिपी

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Last Updated:March 29, 2026, 20:51 IST Sahjan Ki Phali Ke Fayde: सहजन की फली को सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. इसमें मौजूद पोषक तत्व दिल को स्वस्थ रखने, पाचन सुधारने और त्वचा को चमकदार बनाने में मदद करते हैं. नियमित सेवन से शरीर को जरूरी विटामिन और मिनरल्स मिलते हैं. इसे सब्जी, सूप या करी के रूप में आसानी से डाइट में शामिल किया जा सकता है. सहजन को आयुर्वेद में भी सुपरफूड माना गया है, जो इम्युनिटी बढ़ाने और शरीर को अंदर से मजबूत बनाने में सहायक होता है. सहजन की फली भारतीय रसोई और आयुर्वेद दोनों में एक महत्वपूर्ण स्थान रखती है. यह पतली लंबी और हरी फलियों के रूप में पाई जाती है और अपने अद्भुत पोषण व औषधीय गुणों के कारण सुपरफूड मानी जाती है. सहजन सिर्फ स्वाद बढ़ाने तक सीमित नहीं है बल्कि यह शरीर को संपूर्ण पोषण देने में भी अहम भूमिका निभाती है. सहजन की फली में आयरन, कैल्शियम, पोटैशियम, विटामिन A, C और B कॉम्प्लेक्स जैसे आवश्यक पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. ये तत्व शरीर की जरूरतों को पूरा करने के साथ साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत बनाते हैं. आयुर्वेद डॉ सुशील कुमार के अनुसार सहजन का नियमित सेवन शरीर को अंदर से मजबूत करता है और कई बीमारियों से बचाव करता है. पाचन तंत्र के लिए सहजन बेहद लाभकारी है. इसमें मौजूद फाइबर पाचन क्रिया को सुचारु बनाता है जिससे कब्ज, गैस और अपच जैसी समस्याओं में राहत मिलती है. इसके साथ ही यह शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है जिससे हृदय स्वस्थ रहता है और हार्ट डिजीज का खतरा कम होता है. Add News18 as Preferred Source on Google त्वचा और बालों के लिए भी सहजन बहुत फायदेमंद है. इसमें मौजूद विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को चमकदार बनाते हैं और बढ़ती उम्र के लक्षणों को कम करने में मदद करते हैं. वहीं इसके पोषक तत्व बालों की जड़ों को मजबूत करते हैं और बाल झड़ने की समस्या को कम करते हैं. इसे बनाने के लिए सबसे पहले सहजन की फलियों को अच्छी तरह धोकर 4-4 इंच के टुकड़ों में काट लें. इसके बाद आलू को छीलकर छोटे टुकड़ों में काट लें. टमाटर को धोकर उसके छिलके पर एक बड़ा चीरा लगा दें, ताकि पकने के बाद उसका छिलका आसानी से निकल जाए. अब एक प्रेशर कुकर में सहजन की फली, आलू, टमाटर, आवश्यकतानुसार पानी और थोड़ा सा नमक डालें. कुकर को बंद करके 2-3 सीटी आने तक पकाएं. इसके बाद गैस बंद कर दें और कुकर ठंडा होने दें. बाद में इसमें मसाले डालकर तड़का लगाकर स्वादिष्ट सब्जी तैयार की जा सकती है. First Published : March 29, 2026, 20:51 IST

Cool Roof: अब गर्मी में भी नहीं तपेगी घर की छत, भारी बिजली बिल से बचने के लिए तुरंत करें ये छोटा सा काम

Cool Roof: अब गर्मी में भी नहीं तपेगी घर की छत, भारी बिजली बिल से बचने के लिए तुरंत करें ये छोटा सा काम

29 मार्च 2026 को 20:49 IST पर अपडेट किया गया ठंडी छत: गर्मियों में अक्सर घर की छत सूरज की तेज किरणों की वजह से तपने लगती हैं। लेकिन एक छोटा सा काम है, जिसे करके भारी बिजली बिल बच सकता है और कमरा भी ठंडा रहेगा। (टैग्सटूट्रांसलेट)कूल रूफ पेंट(टी)रूफ कूलिंग सॉल्यूशन(टी)घर की गर्मी कम करें(टी)बिजली बिल बचाएं भारत(टी)ग्रीष्मकालीन घरेलू युक्तियाँ(टी)छत की गर्मी से सुरक्षा(टी)ऊर्जा कुशल घर(टी)सफेद छत पेंट के लाभ(टी)घर को ठंडा करने के विचार भारत

निशिकांत दुबे के ‘बीजू पटनायक-नेहरू-सीआईए लिंक’ दावे पर बीजेडी सांसद ने संसदीय पैनल से इस्तीफा दिया | राजनीति समाचार

Mumbai Indians vs Kolkata Knight Riders Live Score: IPL 2026 Match Today Updates From Wankhede Stadium. (Picture Credit: AP)

आखरी अपडेट:मार्च 29, 2026, 20:44 IST एक्स पर अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए, सस्मित पात्रा ने कहा कि वह किसी ऐसे व्यक्ति के तहत पैनल में बने नहीं रह सकते जिसने एक सम्मानित नेता के बारे में “अपमानजनक टिप्पणी” की। बीजद सांसद सस्मित पात्रा और भाजपा सांसद निशिकांत दुबे। (पीटीआई फाइल फोटो) ओडिशा के राज्यसभा सांसद सस्मित पात्रा ने भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की टिप्पणी के विरोध में संचार और आईटी पर संसदीय स्थायी समिति से इस्तीफा दे दिया है, जिन्होंने दावा किया था कि दिवंगत ओडिशा के मुख्यमंत्री बीजू पटनायक ने 1960 के दशक के दौरान प्रधान मंत्री जवाहरलाल नेहरू और सीआईए के बीच एक कड़ी के रूप में काम किया था। पात्रा ने शनिवार को एक्स पर एक पोस्ट में अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए कहा कि वह किसी सम्मानित नेता के बारे में “अपमानजनक टिप्पणी” करने वाले व्यक्ति के तहत पैनल में बने नहीं रह सकते। एक महान स्वतंत्रता सेनानी, दूरदर्शी नेता और धरती पुत्र, जिनका देश के लिए योगदान सवालों से परे है, बीजू पटनायक जी के खिलाफ लगाए गए अपमानजनक, झूठे और गैर-जिम्मेदार आक्षेपों से बहुत स्तब्ध और व्यथित हूं। इतिहास को विकृत करने और बदनाम करने के ऐसे प्रयास… https://t.co/5uzOsGuL5F pic.twitter.com/yFTjNpRQ3p — ଡ଼ଃ ସସ୍ମିତ ପାତ୍ର मैं डॉ. सस्मित पात्रा (@sasmitpatra) 28 मार्च 2026 विवाद शुक्रवार को शुरू हुआ, जब दुबे ने एक्स पर आरोपों की एक श्रृंखला साझा की, जिसमें दावा किया गया कि नेहरू-गांधी परिवार ने 1960 के दशक के दौरान “अमेरिका के दलाल” के रूप में काम किया था। अपने पोस्ट में दुबे ने लिखा, “अमेरिका के दलाल नेहरू-गांधी परिवार, आज ही के दिन यानी 27 मार्च 1963 को ओडिशा के तत्कालीन मुख्यमंत्री बीजू पटनायक जी अमेरिका पहुंचे थे. चीन के साथ 1962 का युद्ध हमने अमेरिका के इशारे पर और अमेरिका के पैसे से लड़ा था.” वरिष्ठ भाजपा नेता ने आगे आरोप लगाया कि बीजू पटनायक ने प्रधान मंत्री जवाहरलाल नेहरू और सीआईए के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम किया था, चीन के साथ 1962 के युद्ध के दौरान सहायता प्रदान की और भारत के रणनीतिक मामलों में अमेरिकी भागीदारी को सुविधाजनक बनाया। उनके पोस्ट में दलाई लामा के भाई और अमेरिकी सहायता के बारे में दावे शामिल थे, और 1955 और 1962 के बीच चुनावों में अमेरिका से कांग्रेस को कथित वित्तीय सहायता का संदर्भ दिया गया था। कांग्रेस का काला अध्याय11. अमेरिका का नारा, नेहरू-गांधी परिवार, आज ही के दिन यानी 27 मार्च 1963 को ऑस्ट्रिया के अवशेष मुख्यमंत्री बीजू पटनायक जी अमेरिका पहुंचे थे। pic.twitter.com/Xmh9lnCcAv– डॉ. निशिकांत दुबे (@nishikant_dubey) 27 मार्च 2026 दुबे ने आरोप लगाया, “दलाई लामा के भाई अमेरिका के संपर्क में थे; 1959 में दलाई लामा अमेरिकी मदद से भारत आए थे। बीजू पटनायक जी नेहरू जी और अमेरिका/सीआईए के बीच महत्वपूर्ण कड़ी थे।” तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, पात्रा ने दुबे के बयानों को बीजू पटनायक के खिलाफ “अपमानजनक, झूठा और गैर-जिम्मेदाराना आक्षेप” बताया, और नेता को “महान स्वतंत्रता सेनानी” और “दूरदर्शी” कहा, जिनका भारत में योगदान सवालों से परे है। एक्स पर पोस्ट किए गए एक बयान में, पात्रा ने कहा कि वह अच्छे विवेक से, किसी ऐसे व्यक्ति के अधीन समिति में काम करना जारी नहीं रख सकते जो “एक राष्ट्रीय आइकन के बारे में ऐसी अपमानजनक टिप्पणी करता है।” पात्रा ने कहा, “मैं श्री निशिकांत दुबे की अध्यक्षता में संचार और आईटी पर संसदीय स्थायी समिति से इस्तीफा दे रहा हूं। मैं अच्छे विवेक से ऐसे किसी व्यक्ति के अधीन काम करना जारी नहीं रख सकता जो एक राष्ट्रीय आइकन के बारे में ऐसी अपमानजनक टिप्पणी करता है। बीजू पटनायक जी की विरासत हमेशा क्षुद्र राजनीति से ऊपर रहेगी।” जगह : ओडिशा (उड़ीसा), भारत, भारत पहले प्रकाशित: 29 मार्च, 2026, 20:40 IST समाचार राजनीति निशिकांत दुबे के ‘बीजू पटनायक-नेहरू-सीआईए लिंक’ दावे पर बीजेडी सांसद ने संसदीय पैनल से इस्तीफा दिया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)सस्मित पात्रा का इस्तीफा(टी)निशिकांत दुबे की टिप्पणी(टी)बीजू पटनायक विवाद(टी)ओडिशा की राजनीति(टी)संचार और आईटी पर संसदीय स्थायी समिति(टी)नेहरू गांधी परिवार सीआईए के आरोप(टी)बीजेडी बीजेपी तनाव(टी)भारतीय राजनीतिक इतिहास की बहस

प्रदूषण से डायबीटीज की चपेट में आ रहे लोग? नोएडा से कानपुर तक नई आफत, पता भी नहीं चलेगा हो जाओगे रोगी

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Last Updated:March 29, 2026, 20:29 IST Diabetes Causes : डायबिटीज (शुगर) को अब तक गलत खानपान या खराब लाइफस्टाइल से हुई बीमारी माना जाता रहा है, लेकिन अब तेजी से बढ़ते वायु प्रदूषण ने इसे और खतरनाक बना दिया है. हवा में मौजूद धूल और प्रदूषक कण सीधे शरीर के अंदर जाकर ऐसी प्रक्रियाएं शुरू कर देते हैं, जो धीरे-धीरे इंसुलिन रेजिस्टेंस को बढ़ाती हैं और व्यक्ति को डायबिटीज की ओर धकेल देती हैं. लोकल 18 ने इस बारे में कानपुर के चिकित्सक डॉ. एसके गौतम से बात की. वे बताते हैं कि पिछले कुछ वर्षों में डायबिटीज के मामलों में जो तेजी आई है, उसमें प्रदूषण की भूमिका अब साफ दिखने लगी है. कानपुर. अब डायबिटीज सिर्फ गलत खानपान या खराब लाइफस्टाइल की बीमारी नहीं रह गई है. तेजी से बढ़ते वायु प्रदूषण ने इस बीमारी को और खतरनाक बना दिया है. डॉक्टरों के अनुसार, हवा में मौजूद धूल और प्रदूषक कण सीधे शरीर के अंदर जाकर ऐसी प्रक्रियाएं शुरू कर देते हैं, जो धीरे-धीरे इंसुलिन रेजिस्टेंस को बढ़ाती हैं और व्यक्ति को डायबिटीज की ओर धकेल देती हैं. कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एसके गौतम बताते हैं कि पिछले कुछ वर्षों में डायबिटीज के मामलों में जो तेजी आई है, उसमें प्रदूषण की भूमिका अब साफ दिखाई देने लगी है. पहले जहां इसे सिर्फ खानपान और लाइफस्टाइल से जोड़कर देखा जाता था, अब हवा की गुणवत्ता भी एक बड़ा कारण बन चुकी है. कैसे करते हैं काम डॉ. एसके गौतम के मुताबिक, हवा में मौजूद पीएम 2.5 जैसे बेहद महीन कण सांस के जरिए शरीर में प्रवेश कर जाते हैं. ये कण इतने छोटे होते हैं कि सीधे फेफड़ों से होते हुए ब्लडस्ट्रीम तक पहुंच जाते हैं. इसके बाद ये शरीर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं और उनसे हानिकारक केमिकल रिलीज कराते हैं. यही केमिकल इंसुलिन के काम करने की क्षमता को कमजोर कर देते हैं. नतीजा यह होता है कि शरीर में शुगर का स्तर धीरे-धीरे बढ़ने लगता है और व्यक्ति डायबिटीज की चपेट में आ जाता है. इन शहरों को खतरा ज्यादा जिन शहरों में प्रदूषण का स्तर ज्यादा है, वहां डायबिटीज के मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है. दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद जैसे शहर इसका बड़ा उदाहरण हैं. यहां की खराब हवा लोगों के शरीर पर लगातार असर डाल रही है. कानपुर जैसे शहरों में भी सर्दियों और गर्मियों में धूल और प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है, जिससे खतरा और बढ़ जाता है. लंबे समय तक प्रदूषित हवा में रहने वाले लोग धीरे-धीरे इस बीमारी की ओर बढ़ते जाते हैं, उन्हें इसका पता भी नहीं चलता. फिर करें क्याडॉ. गौतम का कहना है कि इस खतरे से पूरी तरह बच पाना मुश्किल जरूर है, लेकिन सावधानी से जोखिम कम किया जा सकता है. जहां प्रदूषण अधिक हो, वहां मास्क का उपयोग जरूर करना चाहिए. सुबह-शाम जब हवा में धूल ज्यादा हो, उस समय बाहर निकलने से बचना चाहिए. शरीर को मजबूत रखना भी जरूरी है, ताकि प्रदूषण का असर कम हो सके. समय-समय पर जांच कराना और शुगर लेवल पर नजर रखना भी बेहद जरूरी है. About the Author Priyanshu Gupta Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें Location : Kanpur Nagar,Uttar Pradesh First Published : March 29, 2026, 20:29 IST