Saturday, 23 May 2026 | 12:10 PM

Trending :

क्या सबकुछ आसानी से मिल जाना खतरनाक? मनोवैज्ञानिक से जानिए ये नई पीढ़ी के लिए कितना घातक

authorimg

Last Updated:

Mental Health Tips : आधुनिक जीवनशैली में लोगों को अब सबकुछ आसानी से मिल रहा है लेकिन ‘लो फ्रस्ट्रेशन टॉलरेंस’ के चलते लोगों का खुद पर कंट्रोल नहीं है. पिछले दिनों एक डॉक्टर ने ही खुदकुशी कर ली. कहा जा रहा है कि उन्हें अपना मानसिक शोषण और पिता की बेइज्जती बर्दाश्त नहीं हुई. देहरादून के मनोवैज्ञानिक डॉ. मुकुल शर्मा लोकल 18 से बताते हैं कि वक्त बदलने के साथ-साथ लोगों के व्यवहार पर भी असर पड़ा है. आज की युवा पीढ़ी पुराने समय की युवा पीढ़ी से बिल्कुल अलग है. इसमें सहनशीलता नहीं है.

देहरादून. आजकल के बिजी शेड्यूल और स्ट्रेस के लगातार बने रहने से लोग अपनी परेशानियों को दूसरे को नहीं बता पाते हैं और धीरे-धीरे डिप्रेशन के शिकार हो जाते हैं. कई बार खुद की जान तक ले लेते हैं. कई बार गुस्से में लोग दूसरों की जान भी ले लेते हैं. वक्त बदलने के साथ-साथ लोगों के व्यवहार पर भी असर पड़ा है. आज की युवा पीढ़ी पुराने समय की युवा पीढ़ी से बिल्कुल अलग है. इसमें सहनशीलता नहीं है. देहरादून में दो छात्र गुटों के झगड़े में मौत और एक डॉक्टर का खुदकुशी करना, इस बात का ताजा उदाहरण है.

फिर करें क्या

देहरादून के मनोवैज्ञानिक डॉ. मुकुल शर्मा बताते हैं कि आधुनिक जीवनशैली में आपको सब कुछ आसानी से मिलता जा रहा है, लेकिन ‘लो फ्रस्ट्रेशन टॉलरेंस’ के चलते लोगों का खुद पर कंट्रोल नहीं है. हाल ही में एक दुखद घटना सामने आई है, जिसमें एक क्वालिफाइड डॉक्टर जो पीजी कर रही थी, उन्होंने कथित तौर पर खुदकुशी कर ली. डॉ. मुकुल कहते हैं कि मानसिक शोषण काम करने के दौरान होता है, कई तरह की परेशानियां भी होती हैं, लेकिन आत्महत्या इसका समाधान नहीं है. हर परेशानी का हल है. उन्हें अपने मानसिक शोषण के साथ ही अपने पिता की बेइज्जती बर्दाश्त नहीं हुई. इससे उनके अभिभावकों को उम्र भर परेशानी होगी. वह अपने सीनियर्स से मदद ले सकती थीं, परिवार से बात कर सकती थीं. डॉक्टर दूसरों का जीवन बचाते हैं. इस तरह के कदम समाज के लिए अच्छे नहीं हैं.

घरवाले क्या करें

डॉ. मुकुल कहते हैं कि आजकल युवाओं का बिजी शेड्यूल और डिजिटल आइसोलेशन उनके व्यवहार में बदलाव ला रहा है. पहले लोग सोशल होते थे. कोई भी परेशानी होती थी तो एक-दूसरे से साझा करते थे, लेकिन आज अपने में ही सिमटे रहते हैं, जिससे उनका गुस्सा, चिड़चिड़ापन और स्ट्रेस दूर नहीं हो पता है. धीरे-धीरे में डिप्रेशन में चले जाते हैं. एक-दूसरे से ईर्ष्या रखना और हिंसक बनाना सोशल मीडिया का नतीजा हो सकता है. इसलिए खुद को थोड़ा समय दें. जिन काम से आपको स्ट्रेस रिलीफ मिलता है, वह काम करें. इमोशनल सपोर्ट सिस्टम को मजबूत करने की कोशिश करें. अभिभावकों और टीचर्स को भी इमोशनल इंटेलिजेंस पर जोर देने की जरूरत है.

About the Author

Priyanshu Gupta

Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
देवास में कलेक्ट्रेट के बाबू समेत चार गिरफ्तार:सील और फर्जी साइन से दर्जनभर आदेश जारी किए; पंजीयन कार्यालय के शक पर पकड़े गए

April 14, 2026/
11:03 pm

देवास कलेक्टर कार्यालय में फर्जी आदेश जारी करने का एक बड़ा मामला मंगलवार को सामने आया है। फर्जीवाड़े को कार्यालय...

शिखर धवन ने गर्लफ्रेंड सोफी शाइन से शादी की:युजवेंद्र चहल ने बारात में डांस किया; क्रिकेटर ने 2023 में पहली पत्नी से तलाक लिया था

February 21, 2026/
7:45 pm

पूर्व भारतीय क्रिकेटर शिखर धवन ने गर्लफ्रेंड सोफी शाइन के साथ शादी कर ली है। स्पिनर युजवेंद्र चहल ने शनिवार...

New Zealand vs South Africa Live Cricket Score, 2nd T20I: Stay updated with NZ vs SA Ball by Ball Match Updates and Live Scorecard from Hamilton. (Picture Credit: X@ICC)

March 17, 2026/
1:32 pm

आखरी अपडेट:मार्च 17, 2026, 13:32 IST पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि समझा जाता है कि सिद्धारमैया ने...

authorimg

February 26, 2026/
8:30 am

स्वस्थ रहने के लिए जरूरी है कि आपकी डाइट में वे सभी पोषक तत्व शामिल हों, जिसकी आवश्यकता शरीर को...

Kerala Lottery Result Today: The first prize winner of Sthree Sakthi SS-513 will take home Rs 1 crore. (Image: Shutterstock)

March 31, 2026/
6:20 am

आखरी अपडेट:मार्च 31, 2026, 06:20 IST टीवीके प्रमुख विजय ने जनता और उनके काफिले दोनों के लिए सुरक्षा व्यवस्था में...

सीएम ने नेता-अफसरों को उठाया, फिर बैठाया:कलेक्टर बोलीं- रोटी-पराठे नहीं कुछ और बनाएं, गैस बचेगी; पूर्व जज के घर से सिलेंडर चोरी

March 18, 2026/
5:58 am

मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर...

अंतर्राज्यीय चोर गिरोह के 4 आरोपी गिरफ्तार:अलग-अलग जगह छुपाकर रखीं 19 बाइक बरामद, थाने की पार्किंग से चोरी के बाद खुलासा

April 20, 2026/
5:32 pm

छिंदवाड़ा: शहर में कोतवाली पुलिस ने अंतर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह का खुलासा करते हुए 19 मोटरसाइकिल बरामद की हैं। जब्त...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

क्या सबकुछ आसानी से मिल जाना खतरनाक? मनोवैज्ञानिक से जानिए ये नई पीढ़ी के लिए कितना घातक

authorimg

Last Updated:

Mental Health Tips : आधुनिक जीवनशैली में लोगों को अब सबकुछ आसानी से मिल रहा है लेकिन ‘लो फ्रस्ट्रेशन टॉलरेंस’ के चलते लोगों का खुद पर कंट्रोल नहीं है. पिछले दिनों एक डॉक्टर ने ही खुदकुशी कर ली. कहा जा रहा है कि उन्हें अपना मानसिक शोषण और पिता की बेइज्जती बर्दाश्त नहीं हुई. देहरादून के मनोवैज्ञानिक डॉ. मुकुल शर्मा लोकल 18 से बताते हैं कि वक्त बदलने के साथ-साथ लोगों के व्यवहार पर भी असर पड़ा है. आज की युवा पीढ़ी पुराने समय की युवा पीढ़ी से बिल्कुल अलग है. इसमें सहनशीलता नहीं है.

देहरादून. आजकल के बिजी शेड्यूल और स्ट्रेस के लगातार बने रहने से लोग अपनी परेशानियों को दूसरे को नहीं बता पाते हैं और धीरे-धीरे डिप्रेशन के शिकार हो जाते हैं. कई बार खुद की जान तक ले लेते हैं. कई बार गुस्से में लोग दूसरों की जान भी ले लेते हैं. वक्त बदलने के साथ-साथ लोगों के व्यवहार पर भी असर पड़ा है. आज की युवा पीढ़ी पुराने समय की युवा पीढ़ी से बिल्कुल अलग है. इसमें सहनशीलता नहीं है. देहरादून में दो छात्र गुटों के झगड़े में मौत और एक डॉक्टर का खुदकुशी करना, इस बात का ताजा उदाहरण है.

फिर करें क्या

देहरादून के मनोवैज्ञानिक डॉ. मुकुल शर्मा बताते हैं कि आधुनिक जीवनशैली में आपको सब कुछ आसानी से मिलता जा रहा है, लेकिन ‘लो फ्रस्ट्रेशन टॉलरेंस’ के चलते लोगों का खुद पर कंट्रोल नहीं है. हाल ही में एक दुखद घटना सामने आई है, जिसमें एक क्वालिफाइड डॉक्टर जो पीजी कर रही थी, उन्होंने कथित तौर पर खुदकुशी कर ली. डॉ. मुकुल कहते हैं कि मानसिक शोषण काम करने के दौरान होता है, कई तरह की परेशानियां भी होती हैं, लेकिन आत्महत्या इसका समाधान नहीं है. हर परेशानी का हल है. उन्हें अपने मानसिक शोषण के साथ ही अपने पिता की बेइज्जती बर्दाश्त नहीं हुई. इससे उनके अभिभावकों को उम्र भर परेशानी होगी. वह अपने सीनियर्स से मदद ले सकती थीं, परिवार से बात कर सकती थीं. डॉक्टर दूसरों का जीवन बचाते हैं. इस तरह के कदम समाज के लिए अच्छे नहीं हैं.

घरवाले क्या करें

डॉ. मुकुल कहते हैं कि आजकल युवाओं का बिजी शेड्यूल और डिजिटल आइसोलेशन उनके व्यवहार में बदलाव ला रहा है. पहले लोग सोशल होते थे. कोई भी परेशानी होती थी तो एक-दूसरे से साझा करते थे, लेकिन आज अपने में ही सिमटे रहते हैं, जिससे उनका गुस्सा, चिड़चिड़ापन और स्ट्रेस दूर नहीं हो पता है. धीरे-धीरे में डिप्रेशन में चले जाते हैं. एक-दूसरे से ईर्ष्या रखना और हिंसक बनाना सोशल मीडिया का नतीजा हो सकता है. इसलिए खुद को थोड़ा समय दें. जिन काम से आपको स्ट्रेस रिलीफ मिलता है, वह काम करें. इमोशनल सपोर्ट सिस्टम को मजबूत करने की कोशिश करें. अभिभावकों और टीचर्स को भी इमोशनल इंटेलिजेंस पर जोर देने की जरूरत है.

About the Author

Priyanshu Gupta

Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

जॉब - शिक्षा

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.