Wednesday, 15 Apr 2026 | 09:44 AM

Trending :

EXCLUSIVE

PBKS vs GT IPL Match Chandigarh

PBKS vs GT IPL Match Chandigarh

पंजाब की जीत पर टीम के फैंस खुश नजर आए। प्रीति जिंटा भी टीम का उत्साह बढ़ाने पहुंची थीं। मोहाली के मुल्लांपुर (न्यू चंडीगढ़) स्थित महाराजा यादविंदर सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए IPL-2026 सीजन के पहले मैच में पंजाब ने जीत हासिल कर ली है। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में पंजाब ने गुजरात को 3 विकेट से हराया। . पंजाब की तरफ से युवा बल्लेबाज कूपर कॉनली ने सर्वाधिक 72 रनों की पारी खेली। कूपर ने मात्र 44 गेंदों में 5 छक्के और 5 चौकों की मदद से यह रन बनाए। उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। वहीं, प्रभसिमरन सिंह ने 24 गेंदों में 37 रनों का योगदान दिया। पंजाब किंग्स ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी थी। इसके बाद गुजरात ने बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में 6 विकेट पर 162 रन बनाए। पंजाब 163 रनों का लक्ष्य 5 गेंद शेष रहते प्राप्त कर लिया। मैच देखने पंजाब के गवर्नर गुलाबचंद कटारिया और CM भगवंत मान भी पहुंचे थे। वहीं, पंजाब किंग्स फ्रेंचाइजी की मालिक प्रीति जिंटा भी अपनी टीम को चियरअप करने पहुंची थीं। मैच से पहले पंजाब के समर्थकों का उत्साह देखते ही बन रहा था। स्टेडियम में आए लोगों ने बताया था कि वे श्रेयस अय्यर, शुभमन गिल और अर्शदीप सिंह का खेल देखने आए हैं। हालांकि, वे पंजाब को जीतता हुआ देखना चाहते हैं। मैच देखने आए फैंस के PHOTOS… जीरकपुर से व्हीलचेयर पर आई गुजरात की फैन पूनम। कहा कि पंजाब भी जीत सकती है लेकिन मैं गिल को खेलते हुए देखने आई हूं। सरपंच साब लिखा पोस्टर लेकर स्टेडियम पहुंचा पंजाब का नन्हा सपोर्टर। पंजाब के एक फैन ने अपने गाल पर PBKS लिखवाया। पंजाब टीम को सपोर्ट करने पहुंचा एक परिवार। उन्होंने श्रेयस अय्यर के लिए अच्छा खेलने की कामना की। पंजाब को सपोर्ट करने दिल्ली से भी फैंस आए। वहीं, एक डॉक्टर अपने बेटे को मैच दिखाने पहुंचीं। स्टेडियम के बाहर रोड पर भारी भीड़ आती दिखी। मुल्लांपुर स्थित स्टेडियम में IPL मैच देखने के लिए लाइन में लगे दर्शक। उनमें खासा उत्साह देखा जा रहा है। मुल्लांपुर स्टेडियम में विदेशी फैंस मैच देखने पहुंचे। मैच देखने आए विदेशी मेहमानों ने लाइन में लगकर स्टेडियम में एंट्री ली। पंजाब टीम को सपोर्ट करने पहुंचा एक परिवार। अमृतसर से मैच देखने मोहाली पहुंचे भाई-बहन अलग टीमों के सपोर्टर्स निकले। भाई ने पंजाब को सपोर्ट किया। जबकि, बहन बोली- मैं तो दूसरी टीम के खिलाड़ी को सपोर्ट कर रही हूं। कुछ फैंस स्टेडियम पहुंचने से पहले शराब ठेकों पर पहुंचे। पंजाब में आज शराब की सेल लगी है। मैच से जुड़े पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

Rajasthan Board 12th Result Today

Rajasthan Board 12th Result Today

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) की 12वीं आट्‌र्स, कॉमर्स, साइंस का रिजल्ट आज (31 मार्च) सुबह 10 बजे घोषित किया जाएगा। बोर्ड ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। . शिक्षा मंत्री मदन दिलावर रिजल्ट जारी करेंगे। 12वीं की परीक्षाएं 11 मार्च को खत्म हुई थीं, जिसमें 9 लाख 10 हजार 9 स्टूडेंट रजिस्टर्ड थे। बोर्ड इतिहास में पहली बार मार्च महीने में 12वीं का रिजल्ट घोषित हो रहा है। बोर्ड ने 10वीं का रिजल्ट 24 मार्च को घोषित कर दिया था। ऐसा पहली बार हुआ कि 12वीं से पहले 10वीं का रिजल्ट जारी हुआ। पिछले तीन साल से लगातार बढ़ रहा रिजल्ट राजस्थान बोर्ड की ओर से जारी किया गया 12वीं आट्‌र्स, कॉमर्स, साइंस का रिजल्ट लगातार तीन साल से बढ़ रहा है। कोरोना काल में एग्जाम नहीं हुए और रिजल्ट 99 प्रतिशत से भी ज्यादा रहा था। सबसे कम समय में जारी हुआ रिजल्ट इस साल 12वीं की परीक्षाएं 11 मार्च को खत्म हुई थीं। पहला ऐसा मौका है जब सबसे कम समय में रिजल्ट जारी किया जाएगा। इससे पहले अब तक सबसे कम दिनों में रिजल्ट 2022 में जारी किया था। परीक्षाएं 26 अप्रैल को खत्म हुई और एक जून यानी 35 दिन में रिजल्ट जारी कर दिया गया था। एप पर पब्लिश होगी फोटो, अपने जिले के लिए इन नंबर्स पर करे कॉन्टैक्ट दैनिक भास्कर एप पर 12वीं बोर्ड राजस्थान में 95 प्रतिशत या इससे ज्यादा नंबर लाने वाले बच्चों के फोटो, वीडियो के साथ उनके इंटरव्यू भी पब्लिश होंगे। रिजल्ट के साथ ही बच्चों के इंटरव्यू और एनालिसिस और हर जिले का अपडेट आपको एप पर पढ़ने को मिलेगा। 95 प्रतिशत से ज्यादा नंबर लाने वाले स्टूडेंट्स इन नंबर पर जिले के अनुसार अपनी फोटो के साथ नाम, मार्कशीट की फोटो और स्कूल के नाम शेयर करें… — राजस्थान बोर्ड – 10वीं बोर्ड रिजल्ट की यह खबर पढ़िए… 1- राजस्थान में कैसे बढ़ा 10वीं का रिजल्ट:पैटर्न बदलाव और नई शिक्षा का कितना पड़ा असर, जानिए एक्सपर्ट ने बताए कौन से 6 कारण राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) की 10वीं कक्षा का रिजल्ट का प्रतिशत कोरोना काल के बाद हर साल बढ़ रहा है। एक्सपट्‌र्स ने रिजल्ट बढ़ने के कई कारण बताए। इसका सबसे बड़ा कारण नई शिक्षा नीति और पेपर पैटर्न में बदलाव है। (पढ़ें पूरी खबर…)

दूध भंडारण युक्तियाँ: दूध को गर्म करने से बार-बार फैट कैसे निकलता है? अपनाएं ये देसी जुगाड़, घंटियां रहेंगी एकदम ताज़ा

तस्वीर का विवरण

गर्मी में तापमान सबसे ज्यादा की वजह से दूध में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। येही दूध को सुझाव देकर उसे सूत्र देते हैं। छवि: फ्रीपिक बार-बार लेबल करना जरूरी है: दूध को दिन में कम से कम 2 बार अनमोलें। इससे जुड़े दस्तावेज खत्म हो जाते हैं और दूध ज्यादातर समय तक खराब नहीं होता है। छवि: फ्रीपिक तुलसी के पत्ते: दूध डोलेटे समय में 2-3 तुलसी के पत्ते शामिल हैं। तुलसी में विरोधी-विरोधी गुण होते हैं, जो दूध को राय से बचाते हैं। छवि: फ्रीपिक सही तरीके से फ़र्ज़ी में रखें: दूध को उबालने के बाद तुरंत ठंडा करें और फिर फ़िरोज़ में रखें। गर्म दूध सीधे फ्रिज में रखने से वह जल्दी खराब हो सकता है। छवि: फ्रीपिक पुराना सोडा: दूध अगर प्रारंभिक प्रतिबिंब का डर हो, तो इसमें एक पिकेट सोडा शामिल हो सकता है। इससे दूध की ताजगी थोड़ी देर तक बनी रहती है। छवि: फ्रीपिक दूध छवि: एआई धूप और गर्म जगह से दूरी: दूध को हमेशा अन्वेषित स्थानों पर रखा जाता है। गैस के पास या धूप में रखने से दूध जल्दी खराब हो जाता है। छवि: एआई साफ़ पोस्ट: दूध को हमेशा के लिए साफ और सुखा पोटीन के इस्तेमाल से बचाकर रखें। पॉलीऑक्साइड में टोकरा जल्दी तैयार होते हैं। छवि: फ्रीपिक दूध को सीरम के अंदर रह जाता है। अगर दूध से खट्टी गंध आने लगे, तो उसका उपयोग न करें। फटे हुए दूध को फेंटा नहीं जा सकता, उसे खाया जा सकता है या छाछ बनाया जा सकता है। छवि: फ्रीपिक अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए तरीके, तरीके और दावे अलग-अलग विद्वानों पर आधारित हैं। रिपब्लिक भारत लेख में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं किया गया है। किसी भी उपचार और सुझाव को पहले डॉक्टर या डॉक्टर की सलाह से अवश्य लें।

मायके से मिली संपत्ति पर पति का अधिकार नहीं:परिवारिक विवाद पर आंध्र हाईकोर्ट बोला- निसंतान महिला का सबकुछ पिता के वारिस को मिलेगा

मायके से मिली संपत्ति पर पति का अधिकार नहीं:परिवारिक विवाद पर आंध्र हाईकोर्ट बोला- निसंतान महिला का सबकुछ पिता के वारिस को मिलेगा

आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी हिंदू महिला को माता-पिता से विरासत में संपत्ति मिली है और उसकी मौत बिना संतान, वसीयत किए बिना ही हो जाती है, तो उस संपत्ति पर पति-ससुराल का कानूनी हक नहीं होगा। ऐसी संपत्ति महिला के पिता के कानूनी वारिसों को जाएगी। जस्टिस तारलाडा राजशेखर राव ने कहा, हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 की धारा 15(2)(ए) साफ बताती है कि अगर महिला को पिता या मां से संपत्ति मिली हो और उसकी कोई संतान न हो, तो उसकी मौत के बाद वह संपत्ति पिता के वारिसों को जाएगी। पति को उस संपत्ति पर कोई अधिकार नहीं मिलेगा। महिला की नानी की वसीयत को लेकर विवाद एक महिला ने 2002 में अपनी संपत्ति पहली नातिन को गिफ्ट की, जिसकी 2005 में संतानहीन मृत्यु हो गई। इसके बाद नानी ने पुराना गिफ्ट रद्द कर संपत्ति दूसरी नातिन के नाम वसीयत कर दी। 2012 में दादी के निधन के बाद दूसरी नातिन ने राजस्व रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने का आवेदन किया। आरडीओ ने उसके पक्ष में आदेश दिया, लेकिन मृत नातिन के पति ने इसे चुनौती दी। जॉइंट कलेक्टर ने आरडीओ का फैसला पलटते हुए पति के पक्ष में म्यूटेशन का निर्देश दिया और कहा कि शुरुआती गिफ्ट डीड रद्द करना कानूनी रूप से वैध नहीं था। इलाहाबाद हाईकोर्ट बोला- पति की आय बढ़ा-चढ़ाकर बताना ‘झूठा’ नहीं पारिवारिक विवाद से जुड़े ऐसे ही एक मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि भरण-पोषण (मेंटेनेंस) के मामलों में पत्नी का पति की आय बढ़ाकर बताना आम बात है। सिर्फ इसी आधार पर पत्नी के खिलाफ झूठा बयान देने (परजरी) की कार्रवाई नहीं की जा सकती। कोर्ट ने पति की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उसने पत्नी पर कार्रवाई की मांग की थी।

She-Box Portal Upgrade | Women Harassment Complaint to Police Station Connect

She-Box Portal Upgrade | Women Harassment Complaint to Police Station Connect

Hindi News National She Box Portal Upgrade | Women Harassment Complaint To Police Station Connect नई दिल्ली1 दिन पहले कॉपी लिंक महिलाओं को उत्पीड़न के माहौल से बचाने के लिए केंद्र सरकार तकनीकी निगरानी तंत्र को देश के सभी 17 हजार पुलिस थानों से जोड़ने जा रही है। इसके लिए शी-बॉक्स पोर्टल को अपग्रेड किया जा रहा है। अभी पोर्टल के जरिए सरकारी और निजी क्षेत्र के दफ्तर जुड़े हैं, जहां काम करने वाली महिलाएं किसी भी तरह के लैंगिक उत्पीड़न की शिकायत बिना अपनी पहचान बताए पोर्टल पर दर्ज कर सकती हैं। पोर्टल महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के तहत काम करता है। मंत्रालय के एक अधिकारी ने भास्कर को बताया कि पोर्टल पर अब घर से ऑफिस तक आने-जाने वाले रास्ते पर होने वाले शोषण, उत्पीड़न और ताने मारने की भी शिकायत दर्ज हो सकेगी। इसमें बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, बस, ट्रेन, मार्केट आदि भी शामिल रहेंगे। इसके लिए पोर्टल को तकनीकी रूप से अपग्रेड किया जा रहा है। अगले एक-दो महीनों में अपग्रेडेशन पूरा हो जाएगा और महिलाओं को सुविधा मिलने लगेगी। एप भी तैयार हो रहा, ताकि शिकायत में आसानी हो कार्यस्थलों पर लैंगिक उत्पीड़न रोकने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर 2024 में शी-बॉक्स पोर्टल शुरू हुआ था। इसका मकसद ऐसी शिकायतों का रजिस्ट्रेशन और निगरानी करना है। शिकायत के समाधान के लिए क्या उपाय किए गए, इसका विवरण भी पोर्टल पर संबंधित जांच अधिकारी को दर्ज करना पड़ता है। शी-बॉक्स पोर्टल का एप वर्जन भी तैयार हो रहा है, ताकि, महिलाओं को शिकायत दर्ज करने में और आसानी रहे। अभी ऐसे काम करता है शी-बॉक्स अभी शी-बॉक्स पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने के बाद इसकी जांच संबंधित कंपनी की समिति को POSH एक्ट 2013 के नियमों के तहत करनी होती है। इसमें पीड़िता और आरोपी दोनों पक्षों की सुनवाई होती है। कानूनन इस पूरी जांच प्रक्रिया को 90 दिनों के भीतर पूरा करना अनिवार्य है, जिसके बाद अगले 60 दिनों में उचित कार्रवाई किया जाना निर्धारित है। शिकायत करने के लिए प्रोसेस क्या… महिलाओं को रास्ते में होने वाले उत्पीड़न की शिकायत shebox.wcd.gov.in पर करनी होगी। इस पर पीड़िता को नाम, पता, लोकेशन और घटना का संक्षिप्त विवरण देना होगा। रास्ते में जहां छेड़खानी हुई होगी, वहां के संबंधित थाने में पोर्टल से तुरंत शिकायत पहुंचेगी। इसके लिए पोर्टल के मेन सर्वर को शुरुआत में संवेदनशील इलाकों के थानों से जोड़ा जाएगा। थाने में शिकायत पहुंचते ही पुलिस संबंधित रूट के परिवहन स्पॉट, वेटिंग स्टैंड, लोकेशन आदि पर गश्त बढ़ाएगी। एक तरह से पुलिस शिकायत करने वाली महिलाओं के लिए जासूस का काम करेगी। आरोपियों को मौके से ही पकड़ेगी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

IT रूल बदलेंगे- निर्देश नहीं माने तो सेफ हार्बर खत्म:अब हर कंटेंट के लिए सोशल मीडिया कंपनियां ही जिम्मेदार; डेटा डिलीट नहीं कर सकेंगे

IT रूल बदलेंगे- निर्देश नहीं माने तो सेफ हार्बर खत्म:अब हर कंटेंट के लिए सोशल मीडिया कंपनियां ही जिम्मेदार; डेटा डिलीट नहीं कर सकेंगे

केंद्र सरकार ने आईटी नियमन- 2021 में बदलाव का नया मसौदा जारी कर दिया है। इससे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स सरकारी निर्देशों की अनदेखी नहीं कर सकेंगे। उन्हें निर्देश, गाइडलाइन, एडवाइजरी माननी ही होगी। यदि वो ऐसा नहीं करते हैं तो संबंधित डिजिटल मीडिया कंपनियां सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराई जाएंगी। इससे इन कंपनियों को सेफ हार्बर के तहत मिलने वाली कानूनी ढाल खत्म कर दी जाएगी। आईटी नियमों में सबसे अहम बदलाव यह है कि प्लेटफॉर्म अपने यूजर्स द्वारा पोस्ट किए गए हर कंटेंट के लिए खुद जिम्मेदार होंगे। फिलहाल 14 अप्रैल तक सरकार ने इस मसौदे पर सार्वजनिक सुझाव, आपत्तियां मांगी हैं। डिलीट नहीं कर सकेंगे डेटा सेफ हार्बर’ को आसान भाषा में ऐसे समझें कानूनी ढाल: यह सोशल मीडिया कंपनियों को मिला एक सुरक्षा कवच है, जो कहता है कि अगर किसी यूजर ने प्लेटफॉर्म पर कोई गलत पोस्ट या वीडियो डाला है, तो उसके लिए कंपनी को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाएगा। शर्तिया सुरक्षा: यह सुरक्षा तभी तक मिलती है जब तक कंपनियां सरकार के नियमों को मानती हैं। अगर वे शिकायत मिलने पर 3 घंटे के भीतर SGI नहीं हटातीं, तो यह सुरक्षा कवच खत्म हो जाता है और पुलिस कंपनी पर भी केस दर्ज कर सकती है। इंटरनेट फ्रीडम फाउंडेशन ने कहा- सरकार सेंसरशिप लगा रही आईटी नियमों में बदलाव का विरोध शुरू हो गया है। इंटरनेट फ्रीडम फाउंडेशन ने आरोप लगाया है कि सरकार ऑनलाइन कंटेंट पर सेंशरशिप लगाना चाहती है। इसका मकसद सरकार पर तंज कसने, मखौल उड़ाने, नकल करने वाले कंटेंट पर अंकुश लगाना है। सरकार सेफ हार्बर पर चोट करके आम यूजर्स पर नकेल कसना चाह रही है। ……………. यह खबर भी पढ़ें… AI कंटेंट पर लेबल जरूरी, आज से नए नियम लागू: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को डीपफेक फोटो-वीडियो 3 घंटे में हटाने होंगे अगर कोई फोटो, वीडियो या ऑडियो एआई की मदद से बनाया गया है, तो उस पर ‘लेबल’ लगाना जरूरी कर दिया गया है। इसके साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को किसी भी आपत्तिजनक कंटेंट को शिकायत मिलने के महज 3 घंटे के भीतर हटाना होगा। ये नए नियम 20 फरवरी 2026 से लागू हुए। 10 फरवरी को इसका नोटिफिकेशन जारी हुआ था। पूरी खबर पढ़ें…

घरों तक जंग की आंच, दूध-किराना-इलाज सब महंगे होंगे:रोजमर्रा के सामान के दाम बढ़ाने की तैयारी; कमर्शियल LPG की कमी से हजारों प्लास्टिक यूनिट बंद

घरों तक जंग की आंच, दूध-किराना-इलाज सब महंगे होंगे:रोजमर्रा के सामान के दाम बढ़ाने की तैयारी; कमर्शियल LPG की कमी से हजारों प्लास्टिक यूनिट बंद

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने कंपनियों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। कच्चे तेल और अन्य कच्चे माल की कीमतें बढ़ने से लागत बढ़ रही है और कंपनियां दाम बढ़ाने पर विचार कर रही हैं। इससे बोतलबंद पानी, नमक, तेल जैसी रोजमर्रा की चीजें, एसी, फ्रिज जैसे कंज्यूमर ड्यूरेबल से लेकर नॉन-सर्जिकल मेडिकल आइटम के दाम बढ़ सकते हैं। वजह यह है कि इस जंग ने प्लास्टिक उद्योग की रीढ़ तोड़ दी है। बीते 30 दिनों में कच्चे माल के दाम 50-70% तक बढ़ चुके हैं। सबसे ज्यादा उपयोग में आने वाले प्लास्टिक दाने एलडीपीई के दाम 110 रु/ किलो से 180 रुपए तक पहुंच गए हैं। अन्य पॉलीमर और रॉ मटेरियल भी 30 हजार से 70 हजार रुपए प्रति टन तक वृद्धि हुई है। ऐसे में अप्रैल में प्लास्टिक कीमतें 50-60% तक बढ़ सकती हैं। प्लास्टिक टंकी व कंटेनर के दाम 30-40% तक बढ़ने की आशंका है। ऑल इंडिया प्लास्टिक मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन के प्रेसिडेंट सुनील शाह कहते हैं कि प्लास्टिक इंडस्ट्री से 5 लाख लोग जुड़े है। संकट बढ़ा तो दो-तीन लाख लोग बेरोजगार हो सकते हैं। हमारी मांग है कि स्थिति सामान्य होने तक प्लास्टिक प्रोडक्ट्स पर 18% जीएसटी को कम करके 5% तक लाया जाए। बैंक वर्किंग कैपिटल लिमिट 20% तक बढ़ा दें। इससे कैश फ्लो समस्या हल होगी। एलपीजी संकट से 20 हजार छोटे उद्योगों पर लगा ताला असर 50 हजार प्लास्टिक फैक्ट्रियों पर पड़ा है। कमर्शियल एलपीजी की कमी झेल रहे अधिकांश यूनिट्स ने उत्पादन बंद कर दिया या घटा दिया। करीब 20 हजार कारखाने बंद होने का अनुमान है। हैदराबाद के एक ईपीई निर्माता ने बताया, ‘हम गैस के बिना उत्पादन नहीं कर सकते। 80 रुपए/किलो तो छोड़िए 150 में भी नहीं मिल रही।’ गुजरात के राजकोट में 40 से ज्यादा प्लांट बंद हो चुके हैं। मध्यप्रदेश, रायपुर और हैदराबाद में भी कई प्लांट बंद हैं। प्लास्टिक पैकेजिंग निर्माता लंबे समय तक मार्जिन का दबाव नहीं झेल पा रहे। कई यूनिट्स ने पुराने ऑर्डर रद्द कर दिए हैं। बड़े शहरों में घरेलू कामगारों के लौटने से ‘रेडी टू ईट’ प्रोडक्ट्स की मांग में कई गुना उछाल एलपीजी सिलेंडर की किल्लत और प्रवासी घरेलू कामगारों के लौटने के कारण शहरी घरों में खाना पकाने का तरीका बदल रहा है। क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर रेडी-टु-ईट खाद्य पदार्थों की मांग तेजी से बढ़ रही हैै। शहरी परिवार अब कम मेहनत वाले भोजन के विकल्पों की ओर झुक रहे हैं। बिगबॉस्केट के चीफ मर्चेंडाइजिंग ऑफिसर शेषु कुमार तिरुमाला ने बताया कि रेडी-टू-ईट कैटेगरी की बिक्री सामान्य स्तर से 10% अधिक है।बीते पांच दिनों में इंडक्शन कुकटॉप की बिक्री सामान्य से 10 गुना रही है। रेडी-टू-ईट उत्पाद बनाने वाली कंपनी फ्रेशकॉन इंडिया के सह-संस्थापक अनुपम बोके ने कहा, उपभोक्ता और खाद्य व्यवसाय अब कुशल कुकिंग सॉल्यूशंस की ओर बढ़ रहे हैं। जो प्रोडक्ट खाना पकाने के समय को 80% तक कम करते हैं और 60% गैस बचाते हैं, उनमें डिस्ट्रीब्यूटर्स और एक्सपोर्टर्स की भारी रुचि देखी जा रही है। वहीं, अमेजन इंडिया के प्रवक्ता के अनुसार, इंस्टेंट नूडल्स, जूस, नट्स और प्रोटीन-आधारित स्नैक्स की मांग में ‘उल्लेखनीय वृद्धि’ हुई है। इसके लिए एक समर्पित ‘रेडी टू ईट स्टोर’ भी बनाया है। सीमेंट के दाम बढ़ाए, फिर वापस ली वृद्धि इस संकट के चलते पेटकोक, कोयले और पैकेजिंग सामग्री की कीमतें एक झटके में बढ़ गई है। इससे सीमेंट इंडस्ट्री पर असर पड़ा है। चॉइस इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के इक्विटी रिसर्च एनालिस्ट आशुतोष मुरारका के अनुसार, इस भू-राजनीतिक संकट से उत्पादन लागत में 150 से 200 प्रति टन की बढ़ोतरी हो सकती है, जो सीधे तौर पर कंपनियों के मुनाफे को चोट पहुंचाएगी। सीमेंट की बोरियों के लिए इस्तेमाल होने वाला पॉलीप्रोपाइलीन सीधे कच्चे तेल से जुड़ा है। इस नुकसान की भरपाई के लिए कंपनियों को कीमतों में 4-5% की वृद्धि करनी होगी, लेकिन बाजार की मौजूदा स्थिति इसे स्वीकार करने के पक्ष में नहीं दिखती। चौथी तिमाही में कंपनियों ने प्रति बोरी 15-20 रुपए की बढ़ोतरी की, लेकिन अत्यधिक आपूर्ति के कारण बढ़ोतरी वापस लेनी पड़ी। हालांकि उत्तर में 10-15 रु/बोरी की बढ़ोतरी टिकी हुई है। एक्सपर्ट क्या कहते हैं… अभी के शुरुआती रुझान किसी आपातकालीन खरीदारी का संकेत नहीं देतीं। लेकिन पश्चिम एशिया संघर्ष के चौथे सप्ताह तक मांग में उल्लेखनीय अंतर दिख सकता है, क्योंकि रेस्त्रां परिचालन में दिक्कत आ रही है। शहर से कुछ प्रवासी गृहनगर लौट रहे हैं। सतीश मेहना, फाउंडर, डेटम इंटेलिजेंस कच्चे माल के आधार पर विभिन्न श्रेणियों में कीमतें 7-10 प्रतिशत तक बढ़ेंगी। हम मई तक अपनी फैक्ट्रियां पूरी क्षमता से चलाने का इरादा रखते हैं, लेकिन चुनौती यह है कि इन बढ़ी हुई कीमतों का मांग पर क्या असर पड़ेगा। कमल नंदी, अप्लायंसेज बिजनेस हेड, गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप

इजराइल की हाइफा ऑयल रिफाइनरी पर मिसाइल अटैक:पेट्रोल टैंक में आग लगी; फारस की खाड़ी में भारत के 18 जहाज मौजूद

इजराइल की हाइफा ऑयल रिफाइनरी पर मिसाइल अटैक:पेट्रोल टैंक में आग लगी; फारस की खाड़ी में भारत के 18 जहाज मौजूद

अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज 32वां दिन हैं। लेबनान के ईरान समर्थन उग्रवादी संगठन हिजबुल्लाह ने दावा किया कि उसने सोमवार इजराइल के उत्तरी शहर हाइफा में ऑयल रिफाइनरी पर ईरानी मिसाइल से हमला किया। हमले के बाद रिफाइनरी परिसर में एक पेट्रोल टैंक में आग लग गई, जिससे इलाके में घना धुआं फैल गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह इम्पैक्ट हाइफा के इंडस्ट्रियल जोन में हुआ। अभी तक यह साफ नहीं है कि हमला सीधे मिसाइल से हुआ या इंटरसेप्ट किए गए मलबे के कारण। एहतियात के तौर पर स्थानीय प्रशासन ने लोगों को घरों की खिड़कियां बंद रखने और बाहर न निकलने की सलाह दी थी। ईरान जंग के बीच फारस की खाड़ी में भारत के 18 जहाज और 485 भारतीय क्रू मौजूद हैं। जलमार्ग मंत्रालय ने बताया कि ये सभी सुरक्षित हैं और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। अमेरिकी हमले में ईरान का विमान डैमेज ईरान में सोमवार को महान एयरलाइंस का एक प्लेन अमेरिकी हमले में क्षतिग्रस्त हो गया। यह विमान मशहद एयरपोर्ट पर खड़ा था और नई दिल्ली आने वाला था। इसका मकसद भारत से दवाइयों और दूसरी जरूरी राहत सामग्री लेकर जाना था। हालांकि, इस हमले को लेकर अमेरिका की ओर से अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ईरान जंग से जुड़ी 3 तस्वीरें… ईरान-इजराइल जंग से जुड़े पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

2026 में बंगाल इतना महत्व क्यों रखता है? राष्ट्रीय प्रभाव की व्याख्या | चुनाव समाचार

Rajasthan Royals' Vaibhav Sooryavanshi plays a shot during the Indian Premier League cricket match between Chennai Super Kings and Rajasthan Royals in Guwahati, India, Monday, March 30, 2026. (AP Photo/Anupam Nath)

आखरी अपडेट:मार्च 31, 2026, 06:40 IST बंगाल का चुनाव सिर्फ स्थानीय नहीं है – शीर्ष नेताओं का कहना है कि यह तय करता है कि भारत अपनी बांग्लादेश सीमा और अवैध आप्रवासन का प्रबंधन कैसे करता है। ममता अब मुख्यमंत्री के रूप में रिकॉर्ड चौथी बार कार्यकाल की मांग कर रही हैं, जबकि भाजपा मुख्य चुनौती है। पश्चिम बंगाल 23 और 29 अप्रैल, 2026 को अपनी राज्य सरकार के लिए मतदान कर रहा है – और परिणाम (4 मई को) राज्य की सीमाओं से परे तक गूंजेंगे। यही कारण है कि पूरा देश देख रहा है। यह एक विशाल राज्य है: 7 करोड़ से अधिक मतदाता वोट देने के पात्र हैं – जो कई देशों की पूरी आबादी से भी अधिक है। 294 विधानसभा सीटों के साथ, बंगाल भारत के सबसे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्यों में से एक है। बड़ी लड़ाई – टीएमसी बनाम बीजेपी: सत्तारूढ़ पार्टी ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) है, जिसने 15 वर्षों तक बंगाल पर शासन किया है। ममता अब मुख्यमंत्री के रूप में रिकॉर्ड चौथे कार्यकाल की मांग कर रही हैं। भाजपा मुख्य चुनौती है। बंगाल उन कुछ राज्यों में से एक है जहां भाजपा का शासन नहीं है, हालांकि पार्टी ने 2014 के बाद से वहां उल्लेखनीय राजनीतिक लाभ कमाया है। भाजपा के लिए, बंगाल जीतना एक बड़ी प्रतीकात्मक और रणनीतिक जीत होगी। यह 2029 की लोकसभा की रिहर्सल है: 2026 के राज्य चुनावों को व्यापक रूप से 2029 के आम चुनावों से पहले राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक परीक्षा के रूप में देखा जाता है। यहां पार्टियां कैसा प्रदर्शन करती हैं, यह उनकी राष्ट्रीय गति और आत्मविश्वास को आकार देता है। राष्ट्रीय सुरक्षा मेज पर है: बंगाल बांग्लादेश के साथ एक लंबी, छिद्रपूर्ण सीमा साझा करता है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बार-बार बंगाल चुनाव को भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया है, यह तर्क देते हुए कि टीएमसी के शासन ने अवैध आप्रवासन को अनियंत्रित होने दिया है। भाजपा का दावा है कि यह जनसांख्यिकीय बदलाव मतदाता सूची को प्रभावित करता है, संसाधनों पर दबाव डालता है और कानून-व्यवस्था के लिए जोखिम पैदा करता है। केंद्र के लिए, बंगाल की सरकार को नियंत्रित करने का मतलब यह नियंत्रित करना है कि जमीन पर सीमा का प्रबंधन कैसे किया जाता है। संवेदनशील सामाजिक मुद्दे: तीन दोष रेखाएँ हावी हैं: • आरजी कर मामला: 2024 में कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में एक प्रशिक्षु डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। पूरे भारत में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। यह मामला संस्थागत विफलता और सबूतों को छिपाने के राज्य सरकार के कथित प्रयासों का प्रतीक बन गया – जिससे शहरी, शिक्षित मतदाताओं के बीच ममता की छवि बुरी तरह खराब हो गई। • धार्मिक ध्रुवीकरण: बंगाल में मुसलमानों की अच्छी-खासी आबादी (लगभग 30%) है। टीएमसी और बीजेपी दोनों पर सांप्रदायिक राजनीति करने का आरोप है – टीएमसी “तुष्टिकरण” के लिए, बीजेपी “उकसाने” के लिए। हर दंगे या मंदिर-मस्जिद विवाद को राष्ट्रीय कवरेज मिलती है। • राजनीतिक हिंसा: बंगाल में बूथ कैप्चरिंग और पार्टी-कार्यकर्ताओं की हत्याओं का एक गंभीर इतिहास रहा है। चुनाव आयोग ने कानून-व्यवस्था की स्थिति पर ध्यान दिया है और मतदान के दौरान कोई भी हिंसा तुरंत राष्ट्रीय सुर्खियां बन जाती है। पहले प्रकाशित: मार्च 31, 2026, 06:40 IST समाचार चुनाव 2026 में बंगाल इतना महत्व क्यों रखता है? राष्ट्रीय प्रभाव की व्याख्या अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें

विजय ने तमिलनाडु चुनाव से पहले अचानक रद्द किया आउटरीच कार्यक्रम, चेन्नई में सुरक्षा चूक का हवाला दिया | चुनाव समाचार

Kerala Lottery Result Today: The first prize winner of Sthree Sakthi SS-513 will take home Rs 1 crore. (Image: Shutterstock)

आखरी अपडेट:मार्च 31, 2026, 06:20 IST टीवीके प्रमुख विजय ने जनता और उनके काफिले दोनों के लिए सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर खामियों का हवाला दिया। टीवीके प्रमुख विजय आगामी तमिलनाडु चुनावों से पहले चल रहे अभियान के बीच, तमिलागा वेट्री कड़गम (टीवीके) प्रमुख विजय के प्रचार अभियान में सोमवार को हाई-वोल्टेज ड्रामा देखा गया, क्योंकि उन्होंने चेन्नई में अपने निर्धारित आउटरीच का हिस्सा अचानक रद्द कर दिया। अभिनेता से नेता बने अभिनेता ने जनता और अपने काफिले दोनों के लिए सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर खामियों का हवाला दिया। यह घटनाक्रम तब सामने आया जब विजय ने दोपहर करीब 12:15 बजे पेरम्बूर निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए अपना नामांकन दाखिल किया और शीघ्र ही अपना अभियान शुरू कर दिया। दोपहर 2 बजे के निर्धारित समय से काफी पहले लगभग 1:05 बजे। हालाँकि, देरी के कारण चुनाव प्रचार बाधित हो गया और टीवीके प्रमुख को पेरम्बूर से कोलाथुर तक लगभग 5 किमी की दूरी तय करने में लगभग दो घंटे लग गए। देरी के बावजूद, उन्हें देखने के लिए कोलाथुर में भारी भीड़ जमा हो गई। इसके बाद, टीवीके ने आरोप लगाया कि अपर्याप्त पुलिस तैनाती के कारण यातायात बाधित हुआ। पार्टी ने आगे कहा कि खराब भीड़ प्रबंधन के कारण काफिला काफी देर तक फंसा रहा। पार्टी ने अधिकारियों पर सत्तारूढ़ द्रमुक के निर्देश पर चुनाव प्रचार के दौरान जानबूझकर बाधाएं पैदा करने का आरोप लगाया है। इस बीच, टीवीके के संयुक्त सचिव निर्मल कुमार ने भारत के चुनाव आयोग को पत्र लिखा और कथित सुरक्षा चूक पर चेन्नई पुलिस आयुक्त और अन्य अधिकारियों के खिलाफ तत्काल हस्तक्षेप और कार्रवाई का आग्रह किया। हाल ही में करूर में हुई भगदड़ की घटना के मद्देनजर कार्यक्रम को रद्द किया गया। सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए, टीवीके नेतृत्व ने विल्लीवक्कम में विजय के अभियान के अंतिम चरण को रद्द करने का फैसला किया। बाद में पार्टी के स्थानीय प्रतिनिधि ने बड़ी संख्या में वहां एकत्र हुए समर्थकों से माफी मांगी। इस बीच, द्रमुक ने सभी आरोपों का दृढ़ता से खंडन किया है और कहा है कि चुनाव अवधि के दौरान चुनाव आयोग के पास पूर्ण अधिकार होता है। टीवीके द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए, जिसमें दावा किया गया है कि मुख्यमंत्री एमके स्टालिन जानबूझकर विजय के आंदोलन में देरी करके करूर त्रासदी जैसी स्थिति पैदा कर रहे हैं, डीएमके प्रवक्ता टीकेएस एलंगोवन ने कहा कि आरोप निराधार हैं। जगह : तमिलनाडु, भारत, भारत पहले प्रकाशित: मार्च 31, 2026, 06:20 IST समाचार चुनाव विजय ने तमिलनाडु चुनाव से पहले अचानक रद्द किया आउटरीच कार्यक्रम, चेन्नई में सुरक्षा चूक का हवाला दिया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें