Monday, 24 Aug 2026 | 12:22 PM

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IMD Weather Update Today MP rajasthan haryana rain himachal jammu kashmir snowfall alert

IMD Weather Update Today MP rajasthan haryana rain himachal jammu kashmir snowfall alert

Hindi News National IMD Weather Update Today MP Rajasthan Haryana Rain Himachal Jammu Kashmir Snowfall Alert भोपाल/जयपुर/लखनऊ/शिमला1 घंटे पहले कॉपी लिंक देशभर में गर्मी की शुरुआत के बाद मौसम ने फिर करवट ली। राजस्थान के रेगिस्तानी जिलों जैसलमेर और बीकानेर में शुक्रवार को ओले गिरे। जयपुर समेत सात जिलों में बारिश हुई। चूरू में धूल भरी आंधी चली। पंजाब के साथ चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में भी मौसम बदला। मोहाली, पठानकोट और बठिंडा के कुछ इलाकों में बारिश हुई। उत्तर प्रदेश में वाराणसी समेत कई जिलों में तेज धूल भरी आंधी के बाद बारिश हुई। प्रयागराज और जौनपुर सहित सात जिलों में तेज हवा चली और बारिश हुई। चित्रकूट में बिजली गिरने से 2 और ललितपुर में 1 व्यक्ति की मौत हो गई। दिल्ली में शुक्रवार सुबह धूल भरी आंधी चली, जिससे कई हिस्सों में विजिबिलिटी कम हो गई। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में एवलांच की आशंका जताई गई। हिमाचल में अटल टनल रोहतांग के नॉर्थ पोर्टल पर पर्यटकों की एंट्री रोक दी गई। वहीं जम्मू-कश्मीर के गांदरबल में लोगों को पहाड़ी और बर्फीले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई। देश के कई राज्यों में अगले तीन दिन मौसम बदला रहेगा। मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में बारिश का अलर्ट जारी किया। मौसम की चार तस्वीरें… राजस्थान के बीकानेर में शुक्रवार को बारिश के साथ ओले गिरे। दिल्ली के कई हिस्सों में शुक्रवार सुबह धूलभरी आंधी से विजिबिलिटी घटी। अक्षरधाम मंदिर के विजुअल्स। महाराष्ट्र के नासिक के सिन्नर इलाके में आज सुबह घना कोहरा छाया रहा, जिससे खेत और पहाड़ियां धुंध में ढंक गईं। राजस्थान के जैसलमेर में गुरुवार शाम को तेज आंधी चली। अगले दो दिन मौसम का हाल 4-5 अप्रैल- उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, महाराष्ट्र, पंजाब, दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, बिहार, केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में बारिश की संभावना है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में ओलावृष्टि की आशंका है। तमिलनाडु में बिजली गिर सकती है। अन्य राज्यों में मौसम का हाल… उत्तराखंड: 6 जिलों में बारिश की संभावना, 5 के लिए यलो अलर्ट; पहाड़ों में बर्फबारी के आसार देहरादून और उत्तरकाशी समेत 6 जिलों में आज बारिश की संभावना है। वहीं 3500 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी भी हो सकती है। मौसम विभाग ने रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। 30 से 40kmph की रफ्तार से हवा चल सकती है। पूरी खबर पढ़ें… उत्तर प्रदेश: 18 जिलों में बारिश का अलर्ट, 30kmph की रफ्तार से हवा चल रही लखनऊ समेत प्रदेश के 18 जिलों में बारिश का अलर्ट है। लखनऊ में शुक्रवार सुबह से बादल छाए हुए है। आज 30 से 40kmph की रफ्तार से हवा चल सकती है। गुरुवार को प्रदेश में मौसम साफ रहा। पिछले 24 घंटे में बांदा सबसे गर्म रहा। यहां 38.8°C तापमान रिकॉर्ड दर्ज किया गया। इससे पहले बीते 2 दिन में अलग-अलग हिस्सों में बेमौसम बरसात हुई। कन्नौज में सबसे ज्यादा 29 मिमी बारिश हुई। पूरी खबर पढ़ें… राजस्थान: जैसलमेर में तेज बरसात, आज पूरे राज्य में आंधी-बारिश और ओले गिरने का अलर्ट जैसलमेर के ग्रामीण इलाकों में शुक्रवार सुबह से तेज बारिश हुई। मौसम विभाग ने आज 8 जिलों में आंधी, बारिश और ओले गिरने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बाकी सभी जिलों में यलो अलर्ट है। गुरुवार को श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ के कई हिस्सों में बारिश के साथ ओले गिरे। वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होने की वजह से 7-8 अप्रैल तक आंधी-बारिश और ओले गिरने का सिलसिला जारी रहेगा। पूरी खबर पढ़ें… मध्य प्रदेश: 42 जिलों में बारिश का अलर्ट, इंदौर-जबलपुर में ओले गिरेंगे, 60kmph की रफ्तार से चलेगी आंधी प्रदेश के 15 से ज्यादा जिलों में गुरुवार को बारिश हुई। मऊगंज में बिजली गिरने से एक महिला की मौत भी हो गई। मौसम विभाग ने मुताबिक, आज 42 जिलों में आंधी-बारिश और ओले गिरने की आशंका है। अगले चार दिन यानी 6 अप्रैल तक प्रदेश में तेज आंधी भी चलेगी। कुछ जिलों में 50 से 60kmph की रफ्तार से हवा चल सकती है। पूरी खबर पढ़ें… हिमाचल प्रदेश: 10 जिलों में बारिश के साथ ओले गिरने का अलर्ट, अटल टनल रोहतांग इलाके में एवलांच की आशंका प्रदेश में अगले एक सप्ताह तक बारिश से राहत के आसार नहीं है। मौसम विभाग के मुताबिक, आज और कल 10 जिलों में तेज बारिश, तूफान और ओले गिरने की संभावना है। चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिला में ऑरेंज अलर्ट है। इधर लाहौल स्पीति, किन्नौर और कुल्लू जिले के पहाड़ी हिस्से में बर्फबारी होने के आसार हैं। अटल टनल रोहतांग के पास एवलांच की आशंका जताई गई है। पूरी खबर पढ़ें… पंजाब: चंडीगढ़ में बारिश और ओले गिरने की संभावना, तेज हवाएं भी चलेंगी; पटियाला में 36.8°C तापमान दर्ज चंडीगड़ समेत राज्य के 12 जिलों में आज बारिश और ओले गिरने की अनुमान है। वहीं 10 जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलेंगी। इस दौरान हवा की रफ्तार 50 से 60kmph रहेगी। गुरुवार को पटियाला राज्य का सबसे गर्म जिला रहा, यहां 36.8°C तापमान दर्ज किया गया है। पूरी खबर पढ़ें… हरियाणा: सिरसा-फतेहाबाद में आंधी, हिसार में तेज बारिश हुई; आज 50kmph की रफ्तार से हवा चलेगी वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से आज आंधी-बारिश और ओले गिरने की आशंका है। प्रदेश के लगभग सभी जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। 40 से 50kmph की रफ्तार से हवा चल सकती है। गुरुवार की रात हिसार, फतेहाबाद और सिरसा में तेज आंधी चली। वहीं हिसार में रात के समय तेज बारिश हुई। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

एक्टर रणदीप हुड्डा की मां की फिल्मों में एंट्री:पहली मूवी में निभाया दादी का किरदार; बेटे ने मजाकिया अंदाज में दी बधाई

एक्टर रणदीप हुड्डा की मां की फिल्मों में एंट्री:पहली मूवी में निभाया दादी का किरदार; बेटे ने मजाकिया अंदाज में दी बधाई

बॉलीवुड अभिनेता रणदीप हुड्डा की मां आशा हुड्डा ने भी अपनी पहली फिल्म में दादी का किरदार निभाया है। रणदीप हुड्डा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से भी अपनी मां की फिल्म को लेकर एक पोस्ट शेयर की है। पोस्ट के जरिए उन्होनें हास्य अंदाज में लिखा, “जिब मां के रोल का टेम था, टेम ना मिल्या, तै ईब सीधा दादी का।” स्टेज ऐप पर रिलीज हुई फिल्म सांगी में आदि का किरदार निभा रही आशा हुड्डा दैनिक भास्कर एप से बातचीत की। कॉलेज के दिनों से एक्टिंग का शौक आशा हुड्डा ने कहा कि 1971 में उन्होंने अपनी रोहतक महिला कॉलेज से ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की थी। कॉलेज के दिनों से ही वे स्टेज पर ड्रामा और एक्टिंग में हिस्सा लेती थी। हालांकि, उनका उस दौरान से ही एक्टिंग करने का मन था। बाद में शादी होने के बाद वह पारिवारिक और राजनीति में सक्रिय भूमिका के साथ काम करती रहीं। रणदीप से मजाक में कहती थी मां का रोल दिलवाना आशा हुड्डा बताती हैं कि अपने स्ट्रगल टाइम से निकाल कर जब रणदीप हुड्डा ने बॉलीवुड में दमदार एंट्री की, तो उसके बाद एक कभी-कभी मजाक में रणदीप को उनकी माता आशा हुड्डा का देती थी कि रणदीप पर अगर कभी मां का रोल मिले तो मुझे भी ले लेना, लेकिन उन्होंने कभी एक्टिंग बॉलीवुड में नहीं की। डेढ़ साल पहले फिल्म का मिला ऑफर वहीं, करीबन डेढ़ साल पहले सोनीपत की रहने वाली गीतू परी ने उन्हें फिल्म के रोल के लिए कॉल किया था। आशा हुड्डा बताती है कि सांगी फिल्म में काम के लिए जब उन्हें किरदार बताया गया, उन्होंने तुरंत हां कर दी। जहां उन्हें फिल्म में साक्षी की दादी का रोल मिला है। जींद में डेढ़ दिन की हुई शूटिंग आशा हुड्डा अपने किरदार को लेकर बताती हैं कि उन्हें डेढ़ दिन के लिए शूटिंग के लिए बुलाया गया था। शूटिंग जींद में और आसपास के क्षेत्र में हुई है। आशा हुड्डा ने बताया कि उनका भी हमेशा मान रहा है कि अपनी संस्कृति के लिए अगर काम करने का मौका मिलेगा तो वह जरूर काम करेंगे और इसी इरादे के साथ उन्होंने हरियाणवी संस्कृति में दादी का किरदार मिला है। रणदीप ने मां के किरदार पर यूं किया रिएक्ट रणदीप हुड्डा की मां ने बताया कि करीबन ने डेढ़ साल पहले जब वह हरियाणा के जींद में शूटिंग करके घर पहुंची थी, तो उसने रणदीप को बताया था कि वह शूटिंग करके आई है, तो इस दौरान रणदीप बहुत जोर-जोर से हंसा था और बोला की मां आखिर दादी का रोल कर रही है। और अपनी मां के इस जज्बे को लेकर रणदीप ने सराहना की थी। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पोस्ट अब जब फिल्म रिलीज हुई है तो रणदीप हुड्डा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से अपनी मां की फिल्म के लिए पोस्ट शेयर किया है। रणदीप हुड्डा ने लिखा- मां का रोल नहीं मिला, तो सीधा बनी दादी। उनकी यह मजेदार पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। फैंस को पसंद आया रणदीप का अंदाज अपनी मां किरदार को लेकर बॉलीवुड एक्टर रणदीप हुड्डा ने इस हल्के-फुल्के अंदाज ने फैंस का ध्यान खींच लिया। उन्होंने आगे अपनी टीम के लिए शुभकामनाएं देते हुए लिखा, “आज आपको स्क्रीन पर देखने के लिए उत्साहित हूं मम्मी… पूरी टीम को ढेर सारी शुभकामनाएं।” इस पोस्ट के जरिए एक्ट्रेस ने इंडस्ट्री की उस सच्चाई को भी मजाकिया अंदाज में सामने रखा, जहां कलाकारों को उम्र से अलग किरदार निभाने पड़ते हैं। फैंस भी इस पोस्ट पर जमकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं और इसे काफी पसंद किया जा रहा है। यहां जानिए कौन है आशा हुड्डा… आशा हुड्डा मूलरूप से गांव छारा की रहने वाली है और उन्होंने अपनी ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन पॉलिटिकल साइंस से रोहतक से 1973 में की थी। 1975 में उन्होंने छोटू राम कॉलेज रोहतक से बीएड की पढ़ाई पूरी की। राजनीतिक और सामाजिक सफर आशा हुड्डा ने बताया कि फरीदाबाद में उनका मकान है और रोहतक और फरीदाबाद में उन्होंने काफी काम किया है और 1994 में मुख्यमंत्री साहब सिंह वर्मा ने उन्हें राजनीति में जिला अध्यक्ष के रूप में ज्वाइन कराया था। भाजपा में वे अपनी सक्रिय भूमिका के साथ रही है। 1994 से लेकर 2000 तक वह जिला अध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएं देती रही हैं। महिला मोर्चा और राष्ट्रीय जिम्मेदारियां हरियाणा प्रदेश महिला मोर्चा की 2000 से लेकर 2003 तक जनरल सेक्रेटरी रही है। वहीं इसके बाद वे राष्ट्रीय कार्यकारिणी शिक्षक प्रकोष्ठ की पंजाब प्रभारी रही। वही पारिवारिक काम के चलते करीबन 3 साल वह अमेरिका में भी रही उसके बाद वापस लौटकर फिल्म सेंसर बोर्ड दिल्ली जोन की सदस्य साल 2008 में रही है। भाजपा में सक्रिय भूमिका और अन्य पद वहीं बीजेपी पार्टी ने उन्हें साल 2018 में पावर जेनरेशन हरियाणा की डायरेक्टर के रूप में नियुक्त किया था। इसके बाद प्रदेश कार्यकारिणी की सदस्य के रूप में भी उन्होंने 8 साल अपनी पार्टी के प्रति समर्पित भाव रखते हुए काम किया है। विधानसभा टिकट की दावेदारी वही साल 2014 और 2019 के विधानसभा चुनाव के दौरान पृथला विधानसभा से भी उन्होंने टिकट की दावेदारी की थी। लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला और उसके बाद भी उन्होंने बीजेपी का दामन थाम कर रखा और लगातार भाजपा के साथ जुड़कर कार्यकर्ता के रूप में काम करती रही है। पृथला भी विधानसभा में उनके मामा रहते हैं इसलिए वहां से लगाव था और वहीं से वह टिकट मांग रही थी। फिल्म ‘सांगी’ की कहानी और कलाकार के बारे में जानिए सोनीपत की रहने वाली गीतू परी और अन्ना फिल्म फैक्ट्री, गीतू फिल्म द्वारा क्रिएट की गई है। फिल्म में आशा हुड्डा, रोहित बच्ची, गीतू व साक्षी दलाल ने किरदार निभाया है। वहीं, डायरेक्टर रविंद्र बजवान अन्ना हैं। संघर्ष और लव स्टोरी पर आधारित फिल्म जानकारी के मुताबिक, फिल्म में एक सांगी कलाकार के संघर्ष की कहानी है और फिल्म में लव स्टोरी भी है। जहां लीड रोल में किरदार साक्षी दलाल निभा रही है। कुलदीप का सांगी कलाकार हैं और उसके बेड़े में अमन भी शामिल होता हैं। इस दौरान ने वह साक्षी के संपर्क में आता है और उससे प्यार करने

MP में 5,600 फैक्ट्रियां बंद होने की कगार पर:20 हजार कर्मचारी निकाले, 30 हजार की सैलरी आधी; 3 शिफ्ट का काम एक में चल रहा

MP में 5,600 फैक्ट्रियां बंद होने की कगार पर:20 हजार कर्मचारी निकाले, 30 हजार की सैलरी आधी; 3 शिफ्ट का काम एक में चल रहा

ईरान और इजराइल-अमेरिका के युद्ध का असर मध्य प्रदेश के ‘डेट्रॉयट’ कहे जाने वाले औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर पर बढ़ता जा रहा है। पहले एक्सपोर्ट ठप हुआ, तो अब कर्मचारियों-मजदूरों की नौकरी पर संकट खड़ा हो गया है। उद्योग संचालकों का कहना है कि हालात जल्द नहीं सुधरे तो मुश्किलें और बढ़ जाएंगी। पीथमपुर औद्योगिक संगठन के अध्यक्ष डॉ. गौतम कोठारी के मुताबिक, यहां से होने वाला एक्सपोर्ट लगभग पूरी तरह रुक गया है। कच्चे माल के महंगे होने और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग संकट के चलते उद्योगपति प्रोडक्शन घटा रहे हैं। इसका असर रोजगार पर भी पड़ा है। फैक्ट्रियों में शिफ्ट कम हो रही हैं। कई जगह शट-डाउन की स्थिति बन गई है। सबसे ज्यादा असर अस्थायी मजदूरों पर पड़ा है। अनुमान है कि करीब 20 हजार कॉन्ट्रैक्ट वर्कर काम से बाहर हो चुके हैं। कई कंपनियों ने स्थायी कर्मचारियों को भी ले-ऑफ (छंटनी) पर डालकर आधी सैलरी देना शुरू कर दिया है। इनकी संख्या करीब 30 हजार है। साढ़े पांच हजार से ज्यादा फैक्ट्रियां बंद होने की कगार पर पहुंच गई हैं। कम पेमेंट में 300 की गैस कैसे भरवाएं लेबर कांट्रैक्टर सद्दाम पटेल ने बताया कि पीथमपुर में लेबर बाहर से आते हैं, उन्हें गैस की छोटी-छोटी बॉटल लेना पड़ती हैं। पिछले दिनों गैस की सप्लाई प्रभावित होने से उन्हें गैस महंगी मिल रही थी। लेबर को अब 300 रुपए की गैस भरवाने में दिक्कत होती है, क्योंकि उनकी इतनी पेमेंट नहीं है। पांच दिन से काम बंद, हमारी छुट्‌टी कर दी गई सेज सेक्टर की एक फार्मा कंपनी में काम करने वाले लेबर नीतेश बघेल ने बताया- मैं प्लास्टिक फैक्ट्री में काम करता हूं। कंपनी में प्लास्टिक दाना महंगा होने से 5 दिन से काम बंद है, इसलिए हमारी भी छुट्‌टी कर दी गई। हां, घर की महिलाएं कपड़ा फैक्ट्री में पैकिंग का काम करने जाती हैं, उन्हें जरूर 10 अप्रैल तक काम पर बुलाया जा रहा है, उनका काम बंद होने के बाद हम गांव चले जाएंगे। सरकार अपने पैर पर कुल्हाड़ी मार रही पीथमपुर औद्योगिक संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि ऐसी क्राइसिस में हम सरकार का मुंह देखते हैं। बाकी समय तो सरकार हमारा मुंह देखती है, क्योंकि हम उन्हें टैक्स देते हैं। उन्हें जीडीपी में योगदान देते हैं, अगर आपने गैस कम कर दी तो यह कोई क्राइसिस मैनेजमेंट नहीं है। मैनेजमेंट तो तब होता, जब इंडस्ट्री की आवश्यकता के अनुसार हर चीज का निर्धारण होता है। सरकार समस्या को नकारते हुए बाहरी रूप से अगर उसे मैनेज कर रही है तो यह क्राइसिस मैनेजमेंट नहीं, बल्कि अपने पैर पर कुल्हाड़ी मारना है। SEZ से हर महीने करोड़ों डॉलर का एक्सपोर्ट पीथमपुर को मध्य प्रदेश का औद्योगिक इंजन कहा जाता है। यहां ऑटो कंपोनेंट्स, फार्मा, प्लास्टिक, टेक्सटाइल और इंजीनियरिंग सेक्टर की 5,600 से ज्यादा इकाइयां हैं। SEZ से हर महीने करोड़ों डॉलर का एक्सपोर्ट होता था। अमेरिका, यूरोप और मिडिल ईस्ट के बाजारों में पीथमपुर के पुर्जे, दवाएं और पैकेजिंग सामग्री पहुंचती थी। हॉर्मुज स्ट्रेट और स्वेज कैनाल पर तनाव से फ्रेट चार्ज पांच गुना बढ़ गए। बीमा प्रीमियम आसमान छू रहा है। …………………………………. यह खबर भी पढ़ें… शुगर-बीपी, बुखार सहित इन्फेक्शन की दवाएं महंगी मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण चीन से आने वाले एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रेडिएंट्स की सप्लाई बाधित होने और गैस की कीमतों में बढ़ोतरी से मध्यप्रदेश की फार्मा इंडस्ट्री में शटडाउन का खतरा मंडरा रहा है। फार्मा इंडस्ट्री में लगने वाले रॉ मटेरियल के रेट में 30% से लेकर 50% तक की बढ़ोत्तरी हुई है। पूरी खबर पढ़ें

CBSE Launches AI & Computational Thinking Course

CBSE Launches AI & Computational Thinking Course

Hindi News Career CBSE Launches AI & Computational Thinking Course | April 3 Current Affairs 4 मिनट पहले कॉपी लिंक जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… नेशनल (NATIONAL) 1. वम्सी राम मोहन बुर्रा PGCIL के नए सीएमडी नियुक्त 1 अप्रैल को वम्सी राम मोहन बुर्रा पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (PGCIL) के चेयरमैन एंड मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) नियुक्त हुए। पावर मिनिस्ट्री के ऑर्डर के बाद बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने वम्सी को इस पद के लिए अपॉइंट किया। वम्सी राम मोहन बुर्रा 31 जुलाई 2030 तक ये पदभार संभालेंगे। इससे पहले वम्सी पावरग्रिड प्रोजेक्ट्स डिपार्टमेंट के डायरेक्टर थे। वम्सी के पास पावर ट्रांसमिशन और टेलीकॉम सेक्टर्स में 33 सालों का एक्सपीरियंस है। वम्सी ने पावरग्रिड के साथ काम करते हुए प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन एंड प्रोक्योरमेंट, कॉमर्शियल एंड रेगुलेटरी फंक्शंस और ऐसेट मैनेजमेंट एंड टेलीकॉम ऑपरेशंस को लीड किया है। वम्सी पावरग्रिड के रेगुलेटरी सेल के फाउंडिंग मेंबर भी रहे हैं। वम्सी डॉ. रविंद्र कुमार त्यागी की जगह लेंगे। डॉ. रविंद्र 31 मार्च को अपने पद से रिटायर हुए थे। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने वम्सी राम मोहन बुर्रा को पावरग्रिड के सीएमडी का चार्ज सौंपा। 2. राजा रवि वर्मा की पेंटिंग रिकॉर्ड 167 करोड़ रुपए में बिकी 1 अप्रैल को मुंबई के एक ऑक्शन में राजा रवि वर्मा की फेमस ‘यशोदा और कृष्णा’ पेंटिंग रिकॉर्ड 167 करोड़ रुपए में बिकी। पेंटिंग को साइरस सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के फाउंडर साइरस एस पूनावाला ने सैफ्रनआर्ट स्प्रिंग लाइव एंड ऑनलाइन ऑक्शन से खरीदा है। रवि वर्मा की ‘यशोदा और कृष्णा’ 1890 के दशक की ऑयल पेंटिंग है। ऑक्शन में ये अपने बेस प्राइस के दोगुने से ज्यादा में बिका। इसका बेस प्राइस 80 से 120 करोड़ था। ‘यशोदा और कृष्ण’ ऑयल पेंटिंग ऑक्शन में बिकी मॉर्डन इंडियन आर्ट की सबसे महंगी पेंटिंग हो गई है। इससे पहले तक सबसे महंगी पेंटिंग एम.एफ. हुसैन की अनटाइटल्ड (ग्राम यात्रा) बिकी थी, जिसे 118 करोड़ रुपए में किरण नादर ने खरीदी थी। किरण नादर इंडियन आर्ट कलेक्टर और किरण नादर आर्ट म्यूजियम की चेयरपर्सन हैं। रवि वर्मा 1848 में जन्मे फेमस इंडियन पेंटर थे। वे मार्डन इंडियन आर्ट के जनक माने जाते हैं। राजा रवि वर्मा ने इस ऑयल पेंटिंग को 1890 के दशक में बनाया था। इस दौर को उनके करियर का पीक माना जाता है। 3. CBSE स्टूडेंट्स के लिए कम्प्यूटेशनल थिंकिंग और AI बेस्ड कोर्स लॉन्च 1 अप्रैल को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कक्षा 3 से 8वीं तक के स्टूडेंट्स के लिए कम्प्यूटेशनल थिंकिंग और AI बेस्ड नया कोर्स लॉन्च किया। ये कोर्स सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) स्कूल्स में 2026-27 बैच से लागू होगा। इसके तहत शुरुआती कक्षाओं में स्टूडेंट्स की कम्प्यूटेशनल थिंकिंग और AI को लेकर बेहतर समझ विकसित करने पर जोर होगा। कम्प्यूटेशनल थिंकिंग एक प्रॉब्लम-सोल्विंग तकनीक है जो किसी भी प्रॉब्लम को व्यवस्थित तरीके से हल करने और सॉल्यूशन खोजने पर जोर देता है। इसका उद्देश्य स्टूडेंट्स में तार्किक सोच, प्रॉब्लम सोल्विंग और तकनीकी समझ को बढ़ाना है। इस कोर्स के अंतर्गत पढ़ाई में खेल, पहेलियां, प्रोजेक्ट और ग्रुप डिस्कशन जैसे तरीकों को शामिल किया गया है। ये कोर्स ‘AI फॉर एजुकेशन, AI इन एजुकेशन’ विजन के तहत बनाया गया है। इसके तहत टीचर स्टूडेंट्स को चार्ट-डायग्राम जैसे विजुअल टूल्स के जरिए उनकी समझ विकसित करने में मदद करेंगे। कोर्स में मूल्यांकन के लिए टीचर ऑब्जर्वेशन जर्नल, ग्रुप एक्टिविटिज और इंटरैक्टिव टास्क शामिल होंगे। नए कोर्स की पहल का उद्देश्य स्कूली शिक्षा को उभरते तकनीकी कौशल के साथ जोड़ना है। 4. लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ सेना के उप-प्रमुख नियुक्त 1 अप्रैल को लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने सेना के उप-प्रमुख यानी वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (VCOAS) के रूप में पदभार संभाला। लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ पूर्व NDA छात्र हैं। दिसंबर 1986 में LtGn धीरज सेठ को बख्तरबंद कोर में कमीशन किया गया था। लगभग 4 दशक के अपने कार्यकाल में उन्होंने कई संघर्ष वाले इलाकों में सेवा दी है। LtGn धीरज सेठ ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद-विरोधी फोर्स की कमान भी संभाली। लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर प्रमोशन के बाद उन्होंने सुदर्शन चक्र कोर की कमान संभाली। इसके बाद दिल्ली क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग के रूप में काम किया। LtGn धीरज सेठ ने लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र पाल सिंह की जगह ली है। पुष्पेंद्र वेस्टर्न कमांड के जनरल ऑफिसर कमाडिंग इन चीफ (GOC-in-C) नियुक्त हुए। लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन धीरज सेठ की जगह लेंगे। सदर्न कमांड के जनरल ऑफिसर कमाडिंग इन चीफ नियुक्त हुए। लेफ्टिनेंट जनरल वी.एम.बी. कृष्णन ईस्टर्न कमांड के जनरल ऑफिसर कमाडिंग इन चीफ नियुक्त हुए। कृष्णन लेफ्टिनेंट जनरल आर.सी. तीवारी की जगह लेंगे जो 31 मार्च को रिटायर हुए। लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान सदर्न कमांड के जनरल ऑफिसर कमाडिंग इन चीफ थे। 5. लोकसभा में जन विश्वास संशोधन बिल पास 1 अप्रैल को लोकसभा में जन विश्वास संशोधन बिल 2026 पारित हुआ। संशोधित बिल में छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से हटाकर, उनके लिए फाइन जैसे तर्कसंगत प्रावधान किए गए हैं। ये बिल व्यापारियों को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और लिविंग का मौका देता है। इसके तहत 79 सेंट्रल एक्ट्स के 784 प्रावधानों में बदलाव किया जाएगा। इनमें से 717 प्रावधोन अपराध की श्रेणी से हटाए जाएंगे और 67 प्रावधान बदले जाएंगे। इसके अलावा और 1000 अपराधों पर विचार होगा, जिनमें से बेहद पुराने और गैर-जरूरी प्रावधानों को बदले जाएंगे। ये बिल अब राज्यसभा में पेश होगा। राज्यसभा से पास होने के बाद राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद ही कानून बनेगा। आज का इतिहास 3 अप्रैल 2026 1680 में मराठा साम्राज्‍य के संस्‍थापक छत्रपति शिवाजी महाराज की मृत्‍यु हो गई। 1973 में मोटोरोला इंजीनियर मार्टिन कूपर ने पहला मोबाइल फोन कॉल किया। —————————— ये खबरें भी पढ़ें… कवियित्री से कहानीकार बनीं ममता कालिया को साहित्‍य अकादमी मिला: लेखक का गुरूर तोड़ने को गद्य लिखा, 11 महीने बाद उसी से शादी की; जानें प्रोफाइल 31 मार्च को ममता कालिया को साहित्य अकादमी पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया गया। ये सम्मान 2021 में प्रकाशित उनके संस्मरण ‘जीते जी इलाहाबाद’ के लिए मिला है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं

ग्रीन-रघुवंशी के रनआउट से कोलकाता हारा:अभिषेक के हैदराबाद के लिए 100 सिक्स पूरे, रहाणे का 200वां IPL मैच; KKR-SRH मैच के मोमेंट्स-रिकार्ड्स

ग्रीन-रघुवंशी के रनआउट से कोलकाता हारा:अभिषेक के हैदराबाद के लिए 100 सिक्स पूरे, रहाणे का 200वां IPL मैच; KKR-SRH मैच के मोमेंट्स-रिकार्ड्स

IPL के 19वें सीजन में सनराइजर्स हैदराबाद ने कोलकाता नाइट राइडर्स को 65 रन से हरा दिया। ईडन गार्डन्स में कोलकाता की हार की बड़ी वजह दो अहम रनआउट रहे। पहले कैमरन ग्रीन और फिर अंगकृष रघुवंशी रनआउट हुए। हैदराबाद के लिए अभिषेक शर्मा ने 100 IPL सिक्स पूरे किए। SRH Vs KKR मैच के मोमेंट्स और रिकॉर्ड्स… 1. रहाणे 200वां IPL मैच खेलने उतरे कोलकाता के कप्तान अजिंक्य रहाणे अपना 200वां IPL मैच खेलने उतरे। वे ऐसा करने वाले 11वें प्लेयर बने। उनसे पहले एमएस धोनी, रोहित शर्मा, विराट कोहली और शिखर धवन जैसे भारतीय दिग्गज भी मैचों की डबल सेंचुरी पूरी कर चुके हैं। 2. अभिषेक के हैदराबाद के लिए 100 सिक्स पूरे सनराइजर्स हैदराबाद के लिए डेविड वॉर्नर ने सबसे ज्यादा 143 सिक्स लगाए हैं। अभिषेक शर्मा 101 सिक्स के साथ दूसरे नंबर पर पहुंच गए हैं। इसके अलावा हेनरिक क्लासन के नाम 89, केन विलियमसन के 64 और ट्रेविस हेड के 50 सिक्स दर्ज हैं। 3. रिंकू कोलकाता के लिए सबसे ज्यादा फील्ड कैच लेने वाले प्लेयर कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए रिंकू सिंह 41 कैच के साथ सबसे ज्यादा फील्ड कैच लेने वाले खिलाड़ी बन गए। उनके बाद आंद्रे रसेल 40 कैच के साथ दूसरे, सुनील नरेन 36 कैच के साथ तीसरे और मनोज तिवारी 30 कैच के साथ चौथे स्थान पर हैं। 4. एलन ने पहले ओवर में 24 रन बनाए फिन एलन ने पहले ओवर में 24 रन बनाए। वे IPL की किसी पारी के पहले ओवर में सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में पृथ्वी शॉ के साथ दूसरे स्थान पर हैं। पहले ओवर में सबसे ज्यादा रन 26 हैं, जो यशस्वी जायसवाल ने बनाए थे। यहां से मैच के टॉप-7 मोमेंट्स… 1. शिवांग कुमार का डेब्यू हैदराबाद ने मध्य प्रदेश से घरेलू क्रिकेट खेलने वाले लेफ्ट आर्म चाइनामैन स्पिनर शिवांग कुमार को डेब्यू कैप सौंपी। 2. हेड का कैच रहाणे से छूटा चौथे ओवर में कोलकाता के कप्तान अजिंक्य रहाणे से ट्रैविस हेड का कैच छूट गया। ओवर की पांचवीं बॉल सुनील नरेन ने गुड लेंथ पर ऑफ स्पिन फेंकी। हेड आगे निकलकर बड़ा शॉट खेलने गए, लेकिन गेंद हवा में खड़ी हो गई। रहाणे पीछे की ओर दौड़कर गेंद के नीचे आए, लेकिन कैच नहीं पकड़ सके। 3. वरुण के डाइविंग कैच से अभिषेक आउट 8.4 ओवर में अभिषेक शर्मा आउट हो गए। ब्लेसिंग मुजरबानी ने 112 किमी/घंटा की धीमी शॉर्ट ऑफ लेंथ गेंद फेंकी। अभिषेक शर्मा ने पुल शॉट खेला। बॉल डीप स्क्वेयर लेग की ओर गई। बाउंड्री पर मौजूद वरुण चक्रवर्ती तेजी से अपने दाई ओर भागे। नीचे झुककर शानदार डाइव लगाई और कैच लपक लिया। अभिषेक अपना अर्धशतक पूरा नहीं कर सके और 21 गेंदों पर 48 रन बनाकर आउट हुए। 4. वैभव अरोड़ा को 2 गेंद पर 2 विकेट 19वें ओवर में वैभव अरोड़ा ने 2 विकेट झटक लिए। उन्होंने पहली गेंद पर नीतीश रेड्डी को वरुण चक्रवर्ती के हाथों कैच कराया। रेड्डी ने 39 रन बनाए। अगली ही गेंद पर वैभव ने सलिल अरोड़ा को भी बोल्ड कर दिया। 5. क्लासन ने रिवर्स शॉट पर सिक्स लगाया 17.2 ओवर में हेनरिक क्लासन ने रिवर्स स्कूप पर सिक्स लगा दिया। कार्तिक त्यागी ने फुल लेंथ की गेंद डाली। क्लासन ने थर्ड मैन के ऊपर से सिक्स लगा दिया। 6. वरुण ने नीतीश का कैच छोड़ा 18वें ओवर की आखिरी बॉल पर वरुण चक्रवर्ती ने कैच छोड़ दिया। कार्तिक त्यागी की फुल टॉस पर नीतीश ने शॉट खेला और गेंद वरुण की ओर गई, जो बाउंड्री पर खड़े थे। उन्होंने आगे दौड़कर डाइव लगाई लेकिन कैच नहीं लपक सके। 7. ग्रीन-रघुवंशी रनआउट आउट हुए 11वें ओवर में कोलकाता ने चौथा विकेट गंवा दिया। ओवर की आखिरी गेंद पर अंगकृष रघुवंशी रन आउट हो गए। रिंकू सिंह ने कट शॉट खेलकर सिंगल के लिए दौड़ लगाई, लेकिन फिर बीच में रुक गए। तब तक रघुवंशी आधी पिच पार कर चुके थे और वापस लौट नहीं सके। ईशान मलिंगा के थ्रो पर शिवांग कुमार ने रन आउट पूरा किया। रघुवंशी 52 रन बनाकर आउट हुए। इससे पहले 6वें ओवर में कैमरन ग्रीन रन आउट हुए थे। अंगकृष रघुवंशी ने गेंद को सीधा खेला, जिसे गेंदबाज ने हल्का सा रोका। इसके बाद रन लेने में कन्फ्यूजन हुआ और ग्रीन आधी पिच पर फंस गए। गेंदबाज ने वापस आकर स्टंप्स पर हिट किया। थर्ड अंपायर ने जांच के बाद ग्रीन को आउट दिया।

Khabar Hatke | Weird News: Cows in French School & Japan Wheelchair Race

Khabar Hatke | Weird News: Cows in French School & Japan Wheelchair Race

फ्रांस में बच्चों के एक स्कूल में 5 गायों का एडमिशन हुआ। वहीं जापान में लोग पहिए वाली कुर्सियों पर बैठकर सड़क पर रेस लगा रहे हैं। उधर एक ऐसी परम्परा है, जिसमें लोग कोड़े खाने के लिए सड़कों पर इकट्ठा हो रहे हैं। . आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…

Taapsee Pannu Struggle Story; Flop Movie Panoti Remark

Taapsee Pannu Struggle Story; Flop Movie Panoti Remark

14 मिनट पहलेलेखक: वीरेंद्र मिश्र कॉपी लिंक दिल्ली के एक साधारण परिवार से निकलकर इंजीनियरिंग करने वाली तापसी पन्नू ने कभी नहीं सोचा था कि वह ग्लैमर इंडस्ट्री में पहचान बनाएंगी। मॉडलिंग से शुरुआत कर उन्हें साउथ फिल्म इंडस्ट्री में मौका मिला, लेकिन वहां लंबे समय तक सिर्फ ग्लैमरस किरदारों तक सीमित रहीं। कई फिल्मों के फ्लॉप होने पर उन्हें पनौती कहा गया, जिससे आत्मविश्वास को गहरा झटका लगा। बॉलीवुड में एंट्री आसान नहीं रही। ‘चश्मे बद्दूर’ से डेब्यू के बाद असफलताओं और आत्म-संदेह के दौर में तापसी ने खुद को संभाला। उन्होंने स्वीकार किया कि वह अपने लुक, आत्मविश्वास और काबिलियत को लेकर असुरक्षित महसूस करती थीं। इस संघर्ष ने उन्हें मजबूत बनाया और बेहतर फैसले लेना सिखाया। फिर आया टर्निंग पॉइंट- पिंक। इस फिल्म ने उनकी इमेज बदली और उन्हें गंभीर अभिनेत्री के रूप में पहचान दिलाई। इसके बाद उन्होंने कंटेंट-ड्रिवन फिल्मों का रास्ता चुना और इंडस्ट्री में अपनी अलग जगह बनाई। आज की सक्सेस स्टोरी में जानते हैं तापसी पन्नू के करियर और निजी जीवन से जुड़ी बातें। मां की गोद में तापसी (दाएं) और उनकी बहन शगुन। 1984 दंगों का परिवार पर असर तापसी पन्नू का जन्म 1 अगस्त 1987 को नई दिल्ली में जाट सिख परिवार में हुआ। उनके पिता दिलमोहन सिंह पन्नू सेवानिवृत्त रियल एस्टेट एजेंट हैं, जबकि मां निर्मलजीत कौर पन्नू गृहिणी हैं। परिवार शक्ति नगर में रहता था और 1984 के सिख-विरोधी दंगे के दौरान हिंसा का सामना किया, लेकिन पड़ोसियों की मदद से सुरक्षित बच निकले। उनकी एक छोटी बहन शगुन पन्नू हैं। स्कूलिंग और शुरुआती शिक्षा तापसी ने स्कूली शिक्षा माता जय कौर पब्लिक स्कूल, अशोक विहार से पूरी की। इसके बाद गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय से कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग में डिग्री ली। इंजीनियरिंग के बाद वह सॉफ्टवेयर कंपनी में नौकरी कर रही थीं। इसी दौरान पार्ट-टाइम कुछ नया करने के लिए मॉडलिंग ट्राय की। ग्लैमर इंडस्ट्री में आने का मकसद सिर्फ एक्स्ट्रा कमाई तापसी बताती हैं कि शुरुआत में मकसद सिर्फ एक्स्ट्रा कमाई और एक्सपोजर था, न कि ग्लैमर इंडस्ट्री में करियर बनाना। लेकिन काम मिलने पर लगा कि इसे आगे बढ़ाया जा सकता है। तापसी ने 2008 में “गेट गॉर्जियस” टैलेंट शो में हिस्सा लिया, जहां से पहचान मिली और मॉडलिंग को फुल-टाइम करियर बना लिया। मॉडलिंग के दौरान उन्होंने “पैंटालून्स फेमिना मिस फ्रेश फेस” और “साफी फेमिना मिस ब्यूटीफुल स्किन” जैसे खिताब जीते। कॉलेज फंक्शन के दौरान तापसी पन्नू। कॉलेज टाइम में ही कैमरे के सामने कॉन्फिडेंस आया कॉलेज टाइम में तापसी कल्चरल एक्टिविटीज और डांस में हिस्सा लेती थीं, जिससे कैमरे के सामने कॉन्फिडेंस आया। मॉडलिंग असाइनमेंट्स मिलने पर लगा कि इस फील्ड में ग्रोथ और पहचान मिल सकती है। धीरे-धीरे उन्होंने कई ब्रांड्स के लिए एड शूट किए और झुकाव बढ़ता गया। तापसी ने कई बड़े ब्रांड्स के विज्ञापनों में काम किया, जिनमें रिलायंस ट्रेंड्स, रेड एफएम 93.5, कोका-कोला, मोटोरोला, पैंटालून्स, पीवीआर सिनेमाज, स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक, डाबर, एयरटेल, टाटा डोकोमो, हैवेल्स और वर्धमान शामिल हैं। फिल्मों की ओर रुख करने का फैसला कुछ साल बाद तापसी को लगा कि मॉडलिंग से वह पहचान नहीं मिल रही जो चाहती थीं। इसी वजह से उन्होंने फिल्मों की ओर रुख किया। मॉडलिंग की वजह से ही उन्हें पहला ब्रेक साउथ फिल्म इंडस्ट्री में मिला। तमिल फिल्म आडुकलम के एक सीन में को-एक्टर धनुष के साथ तापसी पन्नू। साउथ सिनेमा में डेब्यू और शुरुआती सफर तापसी को साउथ में पहला बड़ा ब्रेक 2010 में तेलुगु फिल्म ‘झुम्मंडी नादम’ से मिला, जिसमें उन्होंने मोहन बाबू के साथ काम किया। इसके बाद तमिल फिल्म ‘आदुकलम’ में धनुष के साथ नजर आईं। फिल्म को समीक्षकों से सराहना मिली और 58वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में कई अवॉर्ड्स मिले। इसमें उनके अभिनय को प्रॉमिसिंग बताया गया। ग्लैमरस रोल्स में सीमित रहने की चुनौती शुरुआती दौर में उन्हें ज्यादातर ग्लैमरस रोल्स तक सीमित रखा गया, जिससे वह संतुष्ट नहीं थीं। इसके बाद उन्होंने ‘मिस्टर परफेक्ट’ में प्रभास और ‘वीरा’ में रवि तेजा के साथ काम किया। इन फिल्मों को मिला-जुला रिस्पॉन्स मिला। फिर तमिल फिल्म ‘वान्थान वेंदरान’ में काम किया, जो न आलोचकों को पसंद आई और न बॉक्स ऑफिस पर सफल रही। इसके बाद ‘मोगुडु’ में गोपीचन्द के साथ नजर आईं। फ्लॉप फिल्मों से मिला पनौती का टैग इस फिल्म में उनके अभिनय की तारीफ हुई, भले ही फिल्म को बड़ी सफलता नहीं मिली। इसी दौरान उन्होंने ‘गुंडेलो गोदारी’, ‘दारुवु’ और ‘शैडो’ जैसी तेलुगु फिल्मों में काम किया। उस समय उनकी कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाईं, इसलिए उन्हें पनौती कहा जाने लगा। बाद में तापसी ने इंटरव्यू में बताया कि यह समय उनके लिए मुश्किल था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत करती रहीं। वह कहती हैं कि साउथ इंडस्ट्री में शुरुआती दौर में उन्हें ग्लैमरस रोल्स तक सीमित रखा गया, जिससे वह संतुष्ट नहीं थीं। तापसी मलयालम फिल्म ‘डबल्स’ में ममूटी के साथ और तमिल फिल्म ‘कंचना 2’ में राघव लॉरेन्स के साथ काम कर चुकी हैं। डायरेक्टर डेविड धवन की फिल्म ‘चश्मे बद्दूर’ से तापसी ने बॉलीवूड में डेब्यू किया था। डेविड धवन की फिल्म से बॉलीवुड में एंट्री तापसी पन्नू ने साउथ इंडस्ट्री में पहचान बनाने के बाद बॉलीवुड में कदम रखा, लेकिन शुरुआती सफर आसान नहीं रहा। उन्होंने डेविड धवन की फिल्म ‘चश्मे बद्दूर’ (2013) से हिंदी सिनेमा में एंट्री की। फिल्म औसत रही और इसके बाद उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। शुरुआती फ्लॉप फिल्मों का दौर ‘चश्मे बद्दूर’ के बाद तापसी ने कई फिल्मों में काम किया जो बॉक्स ऑफिस पर खास कमाल नहीं दिखा सकीं। इनमें ‘रनिंग शादी’, ‘दिल जंगली’ और ‘द गाजी अटैक’ शामिल हैं। कुछ फिल्मों को क्रिटिक्स की सराहना मिली, लेकिन व्यावसायिक सफलता नहीं मिली। इस तरह शुरुआती दौर में करीब 2–3 फिल्में फ्लॉप या औसत रहीं। आत्म-संदेह और मानसिक दबाव का दौर जूम टीवी के साथ बातचीत में तापसी ने कहा था- जब मैंने बॉलीवुड में कदम रखा, तो सच कहूं तो मैं खुद को काफी असुरक्षित महसूस कर रही थी। मुझे लगता था कि मैं उसके योग्य नहीं हूं। शुरुआत में मैं अपने लुक, अपने अंदाज, अपने आत्म-विश्वास को लेकर बहुत शंकित रहती थी। हर नई फिल्म, हर नया रोल मेरे

Summer Fruits Benefits; Dehydration Prevention Tips

Summer Fruits Benefits; Dehydration Prevention Tips

Hindi News Lifestyle Summer Fruits Benefits; Dehydration Prevention Tips | High Water Fruits List 2 घंटे पहलेलेखक: अदिति ओझा कॉपी लिंक धरती का सबसे इंटेलिजेंट ब्रेन है नेचर यानी प्रकृति। यह मौसम के हिसाब से सर्वाइवल के लिए फल-सब्जियां उगाता है। गर्मियों में तापमान अधिक होने कारण शरीर से पसीना ज्यादा निकलता है तो डिहाइड्रेशन का रिस्क बढ़ जाता है। डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए प्रकृति इस मौसम में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स से भरपूर फल-सब्जियां उगाती है। ये फल जरूरी विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर होते हैं। इससे इम्यूनिटी मजबूत होती है और शरीर एनर्जेटिक रहता है। इसलिए जरूरत की खबर में जानेंगे कि- गर्मियों में कौन-से फल शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं? कौन से फल गर्मियों में बॉडी को हाइड्रेटेड रखते हैं? एक्सपर्ट- डॉ. अमृता मिश्रा, सीनियर डाइटीशियन, दिल्ली सवाल- गर्मियों में फल खाना क्यों जरूरी है? जवाब- गर्मियों में शरीर से पसीने के जरिए पानी, इलेक्ट्रोलाइट्स और जरूरी पोषक तत्व बाहर निकलते हैं। इससे डिहाइड्रेशन, कमजोरी और थकान हो सकती है। फल नेचुरल सपोर्ट सिस्टम की तरह काम करते हैं। सवाल- गर्मियों में शरीर को फलों की ज्यादा जरूरत क्यों होती है? जवाब- ज्यादा गर्मी में शरीर जल्दी थकता है। फल शरीर को हाइड्रेट करते हैं और एनर्जी देते हैं। ये गर्मी से बचाने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। ग्राफिक में देखिए कि फल खाना क्यों जरूरी है- सवाल- गर्मियों में ज्यादा फल खाने से हेल्थ को क्या फायदा होता है? जवाब- टेम्परेचर ज्यादा होने पर शरीर को ज्यादा पोषण, पानी और एनर्जी की जरूरत होती है। फल इसकी पूर्ति में मदद करते हैं। सभी फायदे ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या गर्मियों में फल शरीर को भीतर से ठंडा रखते हैं? जवाब- हां, ज्यादातर फल पानी से भरपूर होते हैं और शरीर का तापमान बैलेंस रखते हैं। तरबूज, खरबूज और खीरा कूलिंग इफेक्ट देते हैं। इससे हीट स्ट्रेस कम होता है और शरीर तरोताजा महसूस करता है। सवाल- क्या गर्मियों में फल शरीर को हाइड्रेट करते हैं? जवाब- हां, इनमें 70-90% तक पानी होता है। इनमें मौजूद नेचुरल शुगर और मिनरल्स शरीर में फ्लूइड बैलेंस बनाए रखते हैं। नियमित रूप से फल खाने से- हाइड्रेशन में मदद मिलती है। स्किन हेल्दी रहती है। थकान व सिरदर्द जैसी समस्याएं कम होती हैं। सवाल- कौन से फल शरीर में पानी की कमी पूरी करते हैं? जवाब- कई ऐसे हाई वाटर कंटेंट वाले फल हैं, जो हाइड्रेशन में मदद करते हैं। ग्राफिक में ऐसे फलों की लिस्ट देखिए- सवाल- क्या तरबूज, खरबूज जैसे फल खाना पानी पीने के बराबर है? जवाब- तरबूज और खरबूज जैसे फलों में भरपूर मात्रा में पानी होता है, लेकिन ये पानी का विकल्प नहीं है। ये फल शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद जरूर करते हैं, लेकिन शरीर की रोज की जरूरत पूरी करने के लिए सादा पानी पीना जरूरी है। आमतौर पर एक स्वस्थ्य व्यक्ति को रोजाना 8-10 गिलास (2.5- 3 लीटर) पानी पीना चाहिए। फल रिप्लेसमेंट नहीं सप्लीमेंट की तरह काम करते हैं। सवाल- गर्मियों में कौन से फल सबसे ज्यादा पौष्टिक होते हैं? जवाब- ऐसे फल सबसे ज्यादा पौष्टिक होते हैं, जिनमें पानी के साथ विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सिडेंट्स भी हों। ग्राफिक में देखिए कौन से फल गर्मियों में सबसे ज्यादा पौष्टिक होते हैं- सवाल- क्या गर्मियों में फल खाने से शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स बैलेंस बना रहता है? जवाब- हां, नारियल पानी, तरबूज, केला, संतरा, अंगूर जैसे फल शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स बैलेंस बनाने में मदद करते हैं। इनमें सोडियम, पोटेशियम, मैग्नीशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स होते हैं। सवाल- क्या फल खाने से हीट स्ट्रोक (लू) से बचाव होता है? जवाब- फल सीधे तौर पर हीट स्ट्रोक को रोक नहीं सकते, लेकिन ये इसका रिस्क कम कर सकते हैं। लू से बचने के लिए फल खाने के साथ पर्याप्त पानी पीना जरूरी है। साथ ही तेज धूप के सीधे एक्सपोजर से भी बचाव करें। सवाल- क्या गर्मियों में फल खाने से पाचन बेहतर होता है? जवाब- हां, फलों में मौजूद फाइबर और एंजाइम्स पाचन तंत्र को दुरुस्त रखते हैं। गर्मियों में एसिडिटी, अपच और कब्ज की समस्या बढ़ जाती है। पपीता, तरबूज और सेब जैसे फल इन समस्याओं को कम करने में मदद करते हैं। ये आंतों को साफ रखते हैं और पाचन को बेहतर बनाते हैं। इससे शरीर हल्का और एनर्जेटिक रहता है। सवाल- क्या गर्मियों में फल इंस्टेंट एनर्जी देते हैं? जवाब- हां, फलों में फ्रुक्टोज और ग्लूकोज जैसी नेचुरल शुगर होती है। इससे शरीर को इंस्टेंट एनर्जी मिलती है। इनमें मौजूद विटामिन्स शरीर की एनर्जी प्रोडक्शन प्रक्रिया को सपोर्ट करते हैं, जिससे व्यक्ति ज्यादा एक्टिव महसूस करता है। सवाल- गर्मियों में कमजोरी और थकान होने पर कौन से फल खाने चाहिए? जवाब- नीचे ग्राफिक में फलों की पूरी लिस्ट देखिए- सवाल- क्या डायबिटिक लोग भी सारे फल खा सकते हैं? जवाब- इसका जवाब पॉइंटर्स से समझते हैं- डायबिटिक लोगों को फल संतुलन में खाना चाहिए, क्योंकि आम, केला, अंगूर जैसे फलों में नेचुरल शुगर ज्यादा होती है। इसलिए इन्हें डॉक्टर की सलाह से खाएं। लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) वाले फल जैसे सेब, अमरूद, नाशपाती और संतरा खा सकते हैं। लेकिन इन्हें भी सीमित मात्रा में ही खाएं। …………………………. ये खबर भी पढ़ें… जरूरत की खबर- गर्मियों में जल्दी खराब होता खाना:फूड स्टोरेज के 24 टिप्स, फूड रहेगा सेफ, स्टोर करते हुए न करें ये 10 गलतियां गर्मियों में खाने-पीने की चीजें जल्दी खराब होती हैं। फूड स्टोरेज की छोटी-छोटी गलतियों को नजरअंदाज करने से फूड पॉइजनिंग, डायरिया और पेट से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में सही फूड स्टोरेज बीमारियों से बचाव का अहम हिस्सा है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

ग्रीन-रघुवंशी के रनआउट से कोलकाता हारा:अभिषेक के हैदराबाद के लिए 100 सिक्स पूरे, रहाणे का 200वां IPL मैच; KKR-SRH मैच के मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स

ग्रीन-रघुवंशी के रनआउट से कोलकाता हारा:अभिषेक के हैदराबाद के लिए 100 सिक्स पूरे, रहाणे का 200वां IPL मैच; KKR-SRH मैच के मोमेंट्स-रिकार्ड्स

IPL में गुरुवार को सनराइजर्स हैदराबाद ने कोलकाता नाइट राइडर्स को 65 रन से हरा दिया। ईडन गार्डन्स में कोलकाता की हार की बड़ी वजह दो अहम रनआउट रहे। पहले कैमरन ग्रीन और फिर अंगकृष रघुवंशी रनआउट हुए। हैदराबाद के लिए अभिषेक शर्मा ने 100 IPL सिक्स पूरे किए। SRH Vs KKR मैच के मोमेंट्स और रिकॉर्ड्स… 1. रहाणे 200वां IPL मैच खेलने उतरे कोलकाता के कप्तान अजिंक्य रहाणे अपना 200वां IPL मैच खेलने उतरे। वे ऐसा करने वाले 11वें प्लेयर बने। उनसे पहले एमएस धोनी, रोहित शर्मा, विराट कोहली और शिखर धवन जैसे भारतीय दिग्गज भी मैचों की डबल सेंचुरी पूरी कर चुके हैं। 2. अभिषेक के हैदराबाद के लिए 100 सिक्स पूरे सनराइजर्स हैदराबाद के लिए डेविड वॉर्नर ने सबसे ज्यादा 143 सिक्स लगाए हैं। अभिषेक शर्मा 101 सिक्स के साथ दूसरे नंबर पर पहुंच गए हैं। इसके अलावा हेनरिक क्लासन के नाम 89, केन विलियमसन के 64 और ट्रेविस हेड के 50 सिक्स दर्ज हैं। 3. रिंकू कोलकाता के लिए सबसे ज्यादा फील्ड कैच लेने वाले प्लेयर कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए रिंकू सिंह 41 कैच के साथ सबसे ज्यादा फील्ड कैच लेने वाले खिलाड़ी बन गए। उनके बाद आंद्रे रसेल 40 कैच के साथ दूसरे, सुनील नरेन 36 कैच के साथ तीसरे और मनोज तिवारी 30 कैच के साथ चौथे स्थान पर हैं। 4. एलन ने पहले ओवर में 24 रन बनाए फिन एलन ने पहले ओवर में 24 रन बनाए। वे IPL की किसी पारी के पहले ओवर में सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में पृथ्वी शॉ के साथ दूसरे स्थान पर हैं। पहले ओवर में सबसे ज्यादा रन 26 हैं, जो यशस्वी जायसवाल ने बनाए थे। यहां से मैच के टॉप-7 मोमेंट्स… 1. शिवांग कुमार का डेब्यू हैदराबाद ने मध्य प्रदेश से घरेलू क्रिकेट खेलने वाले लेफ्ट आर्म चाइनामैन स्पिनर शिवांग कुमार को डेब्यू कैप सौंपी। 2. हेड का कैच रहाणे से छूटा चौथे ओवर में कोलकाता के कप्तान अजिंक्य रहाणे से ट्रैविस हेड का कैच छूट गया। ओवर की पांचवीं बॉल सुनील नरेन ने गुड लेंथ पर ऑफ स्पिन फेंकी। हेड आगे निकलकर बड़ा शॉट खेलने गए, लेकिन गेंद हवा में खड़ी हो गई। रहाणे पीछे की ओर दौड़कर गेंद के नीचे आए, लेकिन कैच नहीं पकड़ सके। 3. वरुण के डाइविंग कैच से अभिषेक आउट 8.4 ओवर में अभिषेक शर्मा आउट हो गए। ब्लेसिंग मुजरबानी ने 112 किमी/घंटा की धीमी शॉर्ट ऑफ लेंथ गेंद फेंकी। अभिषेक शर्मा ने पुल शॉट खेला। बॉल डीप स्क्वेयर लेग की ओर गई। बाउंड्री पर मौजूद वरुण चक्रवर्ती तेजी से अपने दाई ओर भागे। नीचे झुककर शानदार डाइव लगाई और कैच लपक लिया। अभिषेक अपना अर्धशतक पूरा नहीं कर सके और 21 गेंदों पर 48 रन बनाकर आउट हुए। 4. वैभव अरोड़ा को 2 गेंद पर 2 विकेट 19वें ओवर में वैभव अरोड़ा ने 2 विकेट झटक लिए। उन्होंने पहली गेंद पर नीतीश रेड्डी को वरुण चक्रवर्ती के हाथों कैच कराया। रेड्डी ने 39 रन बनाए। अगली ही गेंद पर वैभव ने सलिल अरोड़ा को भी बोल्ड कर दिया। 5. क्लासन ने रिवर्स शॉट पर सिक्स लगाया 17.2 ओवर में हेनरिक क्लासन ने रिवर्स स्कूप पर सिक्स लगा दिया। कार्तिक त्यागी ने फुल लेंथ की गेंद डाली। क्लासन ने थर्ड मैन के ऊपर से सिक्स लगा दिया। 6. वरुण ने नीतीश का कैच छोड़ा 18वें ओवर की आखिरी बॉल पर वरुण चक्रवर्ती ने कैच छोड़ दिया। कार्तिक त्यागी की फुल टॉस पर नीतीश ने शॉट खेला और गेंद वरुण की ओर गई, जो बाउंड्री पर खड़े थे। उन्होंने आगे दौड़कर डाइव लगाई लेकिन कैच नहीं लपक सके। 7. ग्रीन-रघुवंशी रनआउट आउट हुए 11वें ओवर में कोलकाता ने चौथा विकेट गंवा दिया। ओवर की आखिरी गेंद पर अंगकृष रघुवंशी रन आउट हो गए। रिंकू सिंह ने कट शॉट खेलकर सिंगल के लिए दौड़ लगाई, लेकिन फिर बीच में रुक गए। तब तक रघुवंशी आधी पिच पार कर चुके थे और वापस लौट नहीं सके। ईशान मलिंगा के थ्रो पर शिवांग कुमार ने रन आउट पूरा किया। रघुवंशी 52 रन बनाकर आउट हुए। इससे पहले 6वें ओवर में कैमरन ग्रीन रन आउट हुए थे। अंगकृष रघुवंशी ने गेंद को सीधा खेला, जिसे गेंदबाज ने हल्का सा रोका। इसके बाद रन लेने में कन्फ्यूजन हुआ और ग्रीन आधी पिच पर फंस गए। गेंदबाज ने वापस आकर स्टंप्स पर हिट किया। थर्ड अंपायर ने जांच के बाद ग्रीन को आउट दिया। —————————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… IPL में आज CSK vs PBKS:चेपॉक में पिछले तीनों मैच पंजाब ने जीते, आज भी धोनी के बिना उतरेगी चेन्नई IPL के इस सीजन का 7वां मैच चेन्नई सुपर किंग्स और पंजाब किंग्स के बीच खेला जाएगा। चेपॉक स्टेडियम में मैच शाम 7:30 बजे से शुरू होगा। जिसका टॉस 7 बजे होगा। पंजाब ने अपना पहला मैच गुजरात के खिलाफ जीता। वहीं चेन्नई को राजस्थान के खिलाफ हार मिली। CSK आज भी पूर्व कप्तान एमएस धोनी और डेवाल्ड ब्रेविस के बिना उतरेगी। दोनों इंजरी के कारण बाहर हैं। पूरी खबर

Successful People Comparison Anxiety; Social Media Self Worth

Successful People Comparison Anxiety; Social Media Self Worth

Hindi News Lifestyle Successful People Comparison Anxiety; Social Media Self Worth | Working Professional Stress 4 घंटे पहले कॉपी लिंक सवाल- मैं 26 साल की वर्किंग प्रोफेशनल हूं। मेरी प्रॉब्लम ये है कि मैं हर वक्त अपनी तुलना सक्सेसफुल लोगों से करती रहती हूं। फिर चाहे वो सेलिब्रिटीज हों या मेरे आसपास के लोग। मैं हर सफल व्यक्ति के पैरलल खुद को रखकर उससे कंपैरिजन करने लगती हूं। कई बार मैं देर रात तक उन्हें सोशल मीडिया पर स्टॉक करती रहती हूं, उनके वेकेशन के फोटोज देखती रहती हूं। सोचती हूं कि सब कितने खुश, कितने सक्सेसफुल हैं और मेरा जीवन कितना बोरिंग है। इससे मेरी सेल्फ वर्थ भी कम हो रही है। मैं क्या करूं? एक्सपर्ट- डॉ. द्रोण शर्मा, कंसल्टेंट साइकेट्रिस्ट, आयरलैंड, यूके। यूके, आयरिश और जिब्राल्टर मेडिकल काउंसिल के मेंबर। जवाब- आप जो महसूस कर रही हैं, वह बहुत रियल और कॉमन है, खासतौर पर आज के सोशल मीडिया दौर में। अच्छी बात यह है कि ये कोई स्थायी समस्या नहीं है। यह एक समझने और बदलने योग्य पैटर्न है। मैं साइकोलॉजी के कुछ टूल्स और फ्रेमवर्क्स की मदद से आपको एक प्रैक्टिकल रोडमैप देने की कोशिश करूंगा। आपकी स्थिति की क्लिनिकल अंडरस्टैंडिंग सबसे पहले हम आपकी सिचुएशन को मनोविज्ञान के नजरिए से समझने की कोशिश करेंगे। आप ट्रिगर महसूस करती हैं। फिर आप सोशल मीडिया स्क्रॉल करती हैं। वहां आप दूसरों की ‘सक्सेस’ और उनकी ‘हैप्पी लाइफ’ देखती हैं। ये देखकर मन में ऑटोमैटिक ये ख्याल आते हैं- “सब मुझसे आगे हैं।” “मैं कुछ खास नहीं कर रही।” “मेरा जीवन बिल्कुल बोरिंग है।” साइकोलॉजिकल एनालिसिस: ऐसा क्यों हो रहा है? मनोविज्ञान में एक कॉन्सेप्ट है, सोशल कंपैरिजन थ्योरी। यह थ्योरी कहती है कि हम खुद को समझने के लिए दूसरों से तुलना करते हैं। लेकिन समस्या तब होती है, जब यह तुलना “अपवर्ड कंपैरिजन” बन जाती है। यानी हम हमेशा सिर्फ हमसे बेहतर, अमीर, सुंदर या सफल लोगों से ही तुलना करते हैं। अपवर्ड कंपैरिजन का प्रभाव अपवर्ड कंपैरिजन के कुछ ऐसे साइकोलॉजिकल प्रभाव हो सकते हैं- खुद को कमतर महसूस करना। यह सोचना कि “मैं पीछे रह गई।” हमेशा असंतुष्ट रहना। सोशल मीडिया की झूठी दुनिया सोशल मीडिया पर आप कुछ लोगों की जो जिंदगी देख रही हैं, वो उनकी पूरी लाइफ नहीं है। वो सिर्फ उतनी ही है, जो वो आपको दिखाना चाहते हैं। इसलिए हमें ये बात याद रखनी चाहिए- लोग सोशल मीडिया पर सच पोस्ट नहीं करते। लोग सोशल मीडिया पर अपना बेस्ट पोस्ट करते हैं। ज्यादा सोशल मीडिया यूज के नुकसान सोशल मीडिया का बहुत ज्यादा इस्तेमाल इसलिए खतरनाक है क्योंकि मेंटल, इमोशनल और हेल्थ संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। इससे सिर्फ सेल्फ वर्थ ही कम नहीं होती बल्कि नींद, भूख जैसे बेसिक हेल्थ पैरामीटर्स पर भी इसका नेगेटिव प्रभाव पड़ता है। डिटेल नीचे ग्राफिक में देखें- डोपामिन लूप और स्टॉकिंग बिहेवियर सोशल मीडिया पर बार-बार किसी की फोटो, वीडियो और लाइफ अपडेट को देखते हुए हम एक तरह के डोपामिन लूप में फंसते जाते हैं। यह एक तरह का बिहेवियरल लूप बन जाता है- सोशल मीडिया पर फोटो देखना। फोटो से और जिज्ञासा होना। प्रोफाइल को आगे स्क्रॉल करना। और ज्यादा फोटो-वीडियो देखना। फिर अपनी लाइफ से तुलना करना। तुलना से दुख महसूस होना। फिर अपने लिए वैलिडेशन ढूंढना। इसके लिए और ज्यादा स्क्रॉल करना। एक बिहेवियरल लूप में फंसते जाना। सेल्फ वर्थ: सेल्फ एसेसमेंट टेस्ट यहां मैं आपको एक सेल्फ एसेसमेंट टेस्ट दे रहा हूं। नीचे ग्राफिक्स में कुल 9 सवाल हैं। आपको इन सवालों को ध्यान से पढ़ना है और 0 से 3 के स्केल पर इसे रेट करना है। जैसेकि पहले सवाल के लिए आपका जवाब अगर ‘बिल्कुल नहीं’ है तो 0 नंबर दें और अगर आपका जवाब ‘बहुत ज्यादा’ है तो 3 नंबर दें। अंत में अपने टोटल स्कोर की एनालिसिस करें। नंबर के हिसाब से उसका इंटरप्रिटेशन भी ग्राफिक में दिया है। अगर आपका टोटल स्कोर 0 से 8 के बीच में है तो ये सामान्य हल्का प्रभाव है। लेकिन अगर आपका स्कोर 19 से 27 के बीच है तो कंपैरिजन स्केल पर आपका स्कोर बहुत ज्यादा है। आप बहुत ज्यादा तुलना करती हैं और आपकी सेल्फ वर्थ कम है। ऐसे में आपको एक्टिव कदम उठाने की जरूरत है। 2. संभावित डायग्नोस्टिक फॉर्मुलेशन यह कोई स्पष्ट मानसिक बीमारी नहीं है। यह सिर्फ लो सेल्फ एस्टीम और गलत कंपैरिजन पैटर्न में फंसने का मामला है। हालांकि अगर यह पैटर्न ज्यादा बढ़ जाए और एडिक्टिव स्टेज तक पहुंच जाए तो ये जोखिम हो सकते हैं- एडजस्टमेंट डिफिकल्टीज माइल्ड डिप्रेसिव सिंपटम्स CBT आधारित सेल्फ हेल्प प्लान यहां मैं आपको कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी पर आधारित एक सेल्फ हेल्प प्लान दे रहा हूं। स्टेप 1 अवेयरनेस सबसे पहली और जरूरी चीज है सजग होना। जब भी मन में तुलना की भावना आए तो उसे अटेंशन दें। इस बात को नोट करें। जैसेकि आपने इंस्टाग्राम देखा और आपके मन में ख्याल आया कि ‘सब खुश हैं और मैं ही दुखी हूं’ तो इस बात को नोट करें। नोटिस करना ही बदलाव की दिशा में पहला कदम है। स्टेप 2 अपनी सोच को चुनौती देना अपने मन में आने वाले नकारात्मक ख्यालों को चुनौती दें। नेगेटिव ख्याल– “सब खुश हैं, मैं ही दुखी और अकेली हूं।” पॉजिटिव रीफ्रेमिंग– “लोग सिर्फ अपनी खुशी ही शेयर करते हैं, अपने स्ट्रगल शेयर नहीं करते।” नेगेटिव ख्याल– “सब आगे निकल रहे हैं। मैं ही पीछे रह गई हूं।” पॉजिटिव रीफ्रेमिंग– “हर सक्सेस की अपनी अलग टाइमलाइन होती है।” स्टेप 3 व्यवहार में बदलाव 1. सोशल मीडिया से जुड़े नए नियम अपने लिए सोशल मीडिया रूल बनाएं। दिन में सिर्फ दो बार सोशल मीडिया देखेंगी। हर बार सिर्फ 20 मिनट देखेंगी। रात 9 बजे के बाद सोशल मीडिया से दूर रहेंगी। 2. सोशल मीडिया का पैसिव नहीं, एक्टिव उपयोग आप सोशल मीडिया को सिर्फ दूसरों की जिंदगी देखने के लिए यूज नहीं करेंगी। यह पैसिव यूज है। आप उसका एक्टिव यूज करेंगी। सिर्फ देखने की बजाय खुद अर्थपूर्ण बातचीत या जानकारी डालेंगी। 3. कंपैरिजन डिटॉक्स एक्सरसाइज जब भी मन में दूसरों से तुलना का ख्याल आए तो खुद से पूछें- “क्या मैं पूरी कहानी देख पा रही हूं?” क्या मैं अपनी पूरी जिंदगी की तुलना किसी के