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कार्टियर घड़ियों से 300% तक लाभ, रोलेक्स पिछड़ी:निवेश में अब सिर्फ शेयर या सोना ही मुनाफे की गारंटी नहीं; लग्जरी घड़ियां भी एसेट क्लास

कार्टियर घड़ियों से 300% तक लाभ, रोलेक्स पिछड़ी:निवेश में अब सिर्फ शेयर या सोना ही मुनाफे की गारंटी नहीं; लग्जरी घड़ियां भी एसेट क्लास

क्या आपकी कलाई पर बंधी घड़ी आपके बैंक एफडी, शेयर या रियल एस्टेट से बेहतर रिटर्न दे सकती है? लग्जरी वॉच मार्केट के ताजा आंकड़े कुछ इसी ओर इशारा कर रहे हैं। ऑनलाइन वॉच मार्केटप्लेस ‘क्रोनो24’ की रिपोर्ट से एक दिसचस्प ट्रेंड निकलकर सामने आया है। वो ट्रेंड यह है कि महंगे और हाई-एंड वॉच मॉडल रोलेक्स, पाटेक फिलिप की तुलना में कार्टियर जैसी मिड रेंज के लग्जरी ब्रांड्स ने बेहतर मुनाफा दिया। रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2018 से लेकर 2026 के दौरान पेरिस स्थित ज्वेलर कंपनी कार्टियर की ‘टैंक वर्मील’ घड़ी की कीमत में करीब 300% की वृद्धि देखी गई। दिलचस्प है कि सबसे ज्यादा मुनाफा देने वाली टॉप-20 घड़ियों की लिस्ट में रोलेक्स का कोई भी मॉडल जगह नहीं बना पाया। रोलेक्स की सबसे ज्यादा बिकने वाली डेटजस्ट 41 की वैल्यू साल 2018 से अब तक केवल 59 फीसदी ही बढ़ी है। इस लिस्ट में कार्टियर के 10, ओमेगा के 5 और जेगर-लेकोल्ट्रे के 2 मॉडल हैं। इस रिपोर्ट के मुताबिक जिन घड़ियों की कीमत लंबी अवधि (2018-2026) में बढ़ी, वे 2022 के बाद बाजार में आई गिरावट के बावजूद मजबूत बनी रहीं और उनकी वैल्यू में लगातार इजाफा होता रहा। बहरहाल, एक्सपर्ट्स का कहना है कि रोलेक्स के मॉडल्स 2018 तक पहले से ही अपनी पीक वैल्यू पर थे। कोविड महामारी के दौरान कीमतों में जो उछाल आया, उसके बाद अब बाजार स्थिर हो रहा है। वहीं, कार्टियर जैसी घड़ियां, जो कुछ साल पहले तक काफी कम कीमत पर उपलब्ध थीं, अब आइकोनिक डिजाइन की वजह से कलेक्टर्स की पहली पसंद बन गई हैं। मिड रेंज घड़ियों की कीमतों में इजाफे की वजह ‘लो बेस इफेक्ट’ और ‘ऑर्गेनिक डिमांड’ है। यानी कुछ साल पहले की तुलना में कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। इसके अलावा, कोरोनाकाल में कुछ लोगों ने घड़ियों को शौक से नहीं, बल्कि सिर्फ मुनाफा कमाने के लिए खरीदा और महंगे दामों पर बेचना शुरू कर दिया। इसके उलट, किफायती और आइकॉनिक डिजाइन वाली घड़ियों की मांग कलेक्टर्स के बीच बनी रही। इससे उनकी वैल्यू में 200% तक स्थिर इजाफा देखा गया। इस बदलते ट्रेंड पर स्टडी से जुड़े बालाज फेरेन्जी कहते हैं, ‘घड़ियों की खास बात उनके दाम नहीं, बल्कि उनका क्लासिक डिजाइन और स्थायी मांग है, जो किसी वेटिंग लिस्ट नहीं बल्कि वास्तविक कलेक्टर वैल्यू पर आधारित है।’ कार्टियर टैंक वर्मील सबसे सस्ती और सफल निवेश के तौर पर उभरी घड़ी का मॉडल 8 साल में बढ़त खासियत
कार्टियर टैंक वर्मील, 299%, सबसे सस्ता व सफल निवेश
कार्टियर पैंथेर (गोल्ड), 218% , क्लासिक डिजाइन, भारी डिमांड
ओमेगा स्पीडमास्टर, 119% , ओमेगा का भरोसेमंद मॉडल
रोलेक्स डेटजस्ट, 41 59%, डिमांड ज्यादा, रिटर्न सीमित

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