Saturday, 29 Aug 2026 | 10:24 AM

Trending :

EXCLUSIVE

Peoples Will Crucial for National Security

Peoples Will Crucial for National Security

गांधीनगर16 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

राष्ट्रीय रक्षा यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में संबोधित करते NSA डोभाल।

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने मंगलवार को कहा कि देश की सुरक्षा सिर्फ उसकी सैन्य ताकत से तय नहीं होती, बल्कि जनता की इच्छाशक्ति सबसे जरूरी है। देश की ताकत आंकते समय सबसे बड़ी गलती लोगों के मनोबल को नजरअंदाज करना है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मौजूदगी में राष्ट्रीय रक्षा यूनिवर्सिटी (RRU) के पांचवें दीक्षांत समारोह में बोलते हुए डोभाल ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा जटिल और मल्टी डायमेंशनल विषय है। इसमें सेना, तकनीक, संसाधन और कूटनीति के साथ मानव शक्ति भी शामिल है।

राष्ट्रीय सुरक्षा सिर्फ सेना, पुलिस या खुफिया एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि यह पूरे देश की सामूहिक जिम्मेदारी है।

डोभाल ने कहा-राष्ट्रीय सुरक्षा पूरे देश की जिम्मेदारी है।

डोभाल ने कहा-राष्ट्रीय सुरक्षा पूरे देश की जिम्मेदारी है।

युद्ध का मुख्य उद्देश्य दुश्मन का मनोबल तोड़ना

  • डोभाल ने कहा कि सोवियत संघ का अफगानिस्तान से 1988-89 में हटना, अमेरिका का वियतनाम से 1970 के दशक में पीछे हटना या अफगानिस्तान में अपने लक्ष्य हासिल न कर पाना, इन सबका कारण सैन्य या तकनीकी कमजोरी नहीं थी। असल वजह वहां के लोगों की भावना और प्रतिबद्धता थी, जिसे हम राष्ट्र की इच्छाशक्ति कहते हैं।
  • जंग का मुख्य उद्देश्य दुश्मन का मनोबल तोड़ना होता है, ताकि उसे अपनी शर्तों पर समझौता करने के लिए मजबूर किया जा सके।
  • इच्छाशक्ति को मजबूत करने में आम जनता की भूमिका सबसे अहम है। लोगों में अपनी सुरक्षा को लेकर जागरूकता जितनी ज्यादा होगी, देश की ताकत उतनी ही मजबूत होगी।
  • भारत में अब इस दिशा में बदलाव दिख रहा है और लंबे समय बाद नई जागरूकता आई है कि राष्ट्रीय सुरक्षा पूरे देश की जिम्मेदारी है।
  • अकादमिक, रिसर्च और ऑपरेशनल क्षेत्र में काम करने वाले लोगों का ज्ञान और तकनीकी क्षमता नतीजों को प्रभावित करती है।
  • इसमें सफल होने के लिए चरित्र, अनुशासन, मानसिक शक्ति और टीमवर्क बेहद जरूरी हैं। इसके अलावा उन्होंने प्रतिबद्धता को तीसरा जरूरी तत्व बताया।

डोभाल को मानद PhD से नवाजा

युवाओं को संदेश देते हुए डोभाल ने कहा, “यह ऐसा क्षेत्र है जिसमें कोई सिल्वर मेडल नहीं होता। आप या तो जीतते हैं या हारते हैं। अगर आप जीतते हैं तो इतिहास बनाते हैं, और अगर हारते हैं तो इतिहास बन जाते हैं।”

दीक्षांत समारोह के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अजीत डोभाल को राष्ट्रीय सुरक्षा में उनके योगदान के लिए मानद PhD की उपाधि भी दी। इस पर डोभाल ने आभार जताते हुए कहा कि वह इस सम्मान को विनम्रता के साथ स्वीकार करते हैं।

—————————

ये खबर भी पढ़ें:

NSA डोभाल बोले- तानाशाही से देश कमजोर होते हैं:लोकतंत्रों के पतन की वजह गलत शासन; बांग्लादेश-श्रीलंका और नेपाल खराब गवर्नेंस के उदाहरण

अजीत डोभाल दिल्ली में राष्ट्रीय एकता दिवस में कार्यक्रम में शामिल हुए।

अजीत डोभाल दिल्ली में राष्ट्रीय एकता दिवस में कार्यक्रम में शामिल हुए।

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने शुक्रवार को कहा, ‘किसी राष्ट्र की असली ताकत उसकी सरकारों की ताकत में होती है। बांग्लादेश, श्रीलंका और नेपाल में हाल के शासन परिवर्तन खराब गवर्नेंस के उदाहरण हैं।’ पढ़ें पूरी खबर…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
ईरान के डर से ट्रम्प ने सीक्रेट फ्लाइट ली थी:तुर्किये में एयरफोर्स वन में बैठने का दिखावा किया, फिर सामान वाली गाड़ी दूसरे प्लेन में पहुंचे

August 11, 2026/
9:07 am

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पिछले महीने तुर्किये से ब्रिटेन जाने के लिए सीक्रेट रूप से एक छोटे मिलिट्री विमान...

वर्ल्ड अपडेट्स:एक्टर मैथ्यू पैरी की मौत के मामले में भारतीय मूल की महिला को 15 साल की सजा, ड्रग्स बेचा था

April 9, 2026/
12:01 pm

हॉलीवुड के मशहूर टीवी शो ‘फ्रेंड्स’ के अभिनेता मैथ्यू पैरी की मौत से जुड़े ड्रग्स मामले में अदालत ने भारतीय...

पेट्रोल-डीजल 90 पैसे महंगा, 5 दिन में दूसरी बार बढ़ोतरी:छिंदवाड़ा में बिक्री की लिमिट तय; उज्जैन में कथावाचक ने दिलाई ईंधन बचाने की शपथ

May 19, 2026/
7:49 am

देश में पेट्रोल और डीजल आज मंगलवार से 90 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया है। एक हफ्ते से भी...

authorimg

February 27, 2026/
9:05 am

Rinku Singh Father Death due to liver cancer: भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता खानचंद्र सिंह (khanchandra singh)का निधन हो...

Pakistan Army Chief Conspires War Against India

June 24, 2026/
3:56 am

12 मिनट पहले कॉपी लिंक भारत ने सिंधु नदी का पानी रोक कर पाकिस्तान को तरसा दिया है। पहलगाम आतंकी...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

Peoples Will Crucial for National Security

Peoples Will Crucial for National Security

गांधीनगर16 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

राष्ट्रीय रक्षा यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में संबोधित करते NSA डोभाल।

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने मंगलवार को कहा कि देश की सुरक्षा सिर्फ उसकी सैन्य ताकत से तय नहीं होती, बल्कि जनता की इच्छाशक्ति सबसे जरूरी है। देश की ताकत आंकते समय सबसे बड़ी गलती लोगों के मनोबल को नजरअंदाज करना है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मौजूदगी में राष्ट्रीय रक्षा यूनिवर्सिटी (RRU) के पांचवें दीक्षांत समारोह में बोलते हुए डोभाल ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा जटिल और मल्टी डायमेंशनल विषय है। इसमें सेना, तकनीक, संसाधन और कूटनीति के साथ मानव शक्ति भी शामिल है।

राष्ट्रीय सुरक्षा सिर्फ सेना, पुलिस या खुफिया एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि यह पूरे देश की सामूहिक जिम्मेदारी है।

डोभाल ने कहा-राष्ट्रीय सुरक्षा पूरे देश की जिम्मेदारी है।

डोभाल ने कहा-राष्ट्रीय सुरक्षा पूरे देश की जिम्मेदारी है।

युद्ध का मुख्य उद्देश्य दुश्मन का मनोबल तोड़ना

  • डोभाल ने कहा कि सोवियत संघ का अफगानिस्तान से 1988-89 में हटना, अमेरिका का वियतनाम से 1970 के दशक में पीछे हटना या अफगानिस्तान में अपने लक्ष्य हासिल न कर पाना, इन सबका कारण सैन्य या तकनीकी कमजोरी नहीं थी। असल वजह वहां के लोगों की भावना और प्रतिबद्धता थी, जिसे हम राष्ट्र की इच्छाशक्ति कहते हैं।
  • जंग का मुख्य उद्देश्य दुश्मन का मनोबल तोड़ना होता है, ताकि उसे अपनी शर्तों पर समझौता करने के लिए मजबूर किया जा सके।
  • इच्छाशक्ति को मजबूत करने में आम जनता की भूमिका सबसे अहम है। लोगों में अपनी सुरक्षा को लेकर जागरूकता जितनी ज्यादा होगी, देश की ताकत उतनी ही मजबूत होगी।
  • भारत में अब इस दिशा में बदलाव दिख रहा है और लंबे समय बाद नई जागरूकता आई है कि राष्ट्रीय सुरक्षा पूरे देश की जिम्मेदारी है।
  • अकादमिक, रिसर्च और ऑपरेशनल क्षेत्र में काम करने वाले लोगों का ज्ञान और तकनीकी क्षमता नतीजों को प्रभावित करती है।
  • इसमें सफल होने के लिए चरित्र, अनुशासन, मानसिक शक्ति और टीमवर्क बेहद जरूरी हैं। इसके अलावा उन्होंने प्रतिबद्धता को तीसरा जरूरी तत्व बताया।

डोभाल को मानद PhD से नवाजा

युवाओं को संदेश देते हुए डोभाल ने कहा, “यह ऐसा क्षेत्र है जिसमें कोई सिल्वर मेडल नहीं होता। आप या तो जीतते हैं या हारते हैं। अगर आप जीतते हैं तो इतिहास बनाते हैं, और अगर हारते हैं तो इतिहास बन जाते हैं।”

दीक्षांत समारोह के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अजीत डोभाल को राष्ट्रीय सुरक्षा में उनके योगदान के लिए मानद PhD की उपाधि भी दी। इस पर डोभाल ने आभार जताते हुए कहा कि वह इस सम्मान को विनम्रता के साथ स्वीकार करते हैं।

—————————

ये खबर भी पढ़ें:

NSA डोभाल बोले- तानाशाही से देश कमजोर होते हैं:लोकतंत्रों के पतन की वजह गलत शासन; बांग्लादेश-श्रीलंका और नेपाल खराब गवर्नेंस के उदाहरण

अजीत डोभाल दिल्ली में राष्ट्रीय एकता दिवस में कार्यक्रम में शामिल हुए।

अजीत डोभाल दिल्ली में राष्ट्रीय एकता दिवस में कार्यक्रम में शामिल हुए।

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने शुक्रवार को कहा, ‘किसी राष्ट्र की असली ताकत उसकी सरकारों की ताकत में होती है। बांग्लादेश, श्रीलंका और नेपाल में हाल के शासन परिवर्तन खराब गवर्नेंस के उदाहरण हैं।’ पढ़ें पूरी खबर…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.