‘वह बचपन के आघात से गुजर रहे हैं’: राहुल गांधी की ‘जादू’ टिप्पणी पर कंगना रनौत की प्रतिक्रिया | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:17 अप्रैल, 2026, 16:54 IST बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने पीएम मोदी पर ‘जादूगर’ वाले बयान पर राहुल गांधी को सिरदर्द बताया. बाएं: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी; दाएं: बीजेपी सांसद कंगना रनौत भाजपा सांसद कंगना रनौत ने शुक्रवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की संसद में ”जादू” वाली टिप्पणी पर उन पर कटाक्ष किया और इसे ”सिरदर्द” बताया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कांग्रेस नेता बचपन में देखे गए जादू के शो के कारण बचपन के आघात से गुजर रहे हैं। पत्रकारों से बात करते हुए, रानौत ने कहा, “उन्हें सुनना बहुत सिरदर्द था। वह अपने बचपन के दुखों और बचपन में देखे गए जादू के शो से गुजर रहे हैं। यह एक उपद्रव था। अध्यक्ष ने उन्हें रुकने के लिए भी कहा। उन्होंने संसद का मजाक बनाया है।” #घड़ी | दिल्ली: लोकसभा में राहुल गांधी के भाषण पर बीजेपी सांसद कंगना रनौत का कहना है, “उन्हें सुनना बहुत सिरदर्द था। वह अपने बचपन के दुखों और जादू के शो से गुजर रहे हैं जो उन्होंने बचपन में देखा था। यह एक उपद्रव था। सभापति ने उन्हें रुकने के लिए भी कहा। उन्होंने… pic.twitter.com/XDNyBBIyv9– एएनआई (@ANI) 17 अप्रैल 2026 राहुल गांधी ने क्या कहा? महिला आरक्षण विधेयक पर बहस के दौरान लोकसभा को संबोधित करते हुए, गांधी ने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को “जादूगर” कहा, इस टिप्पणी से निचले सदन में हंगामा शुरू हो गया। गांधी ने कहा, “आप (भाजपा) जो कर रहे हैं, क्योंकि आप देश की राजनीति में जो हो रहा है उससे डरे हुए हैं, आप अपनी ताकत के क्षरण से डरे हुए हैं, और आप भारतीय राजनीतिक मानचित्र को बदलने की कोशिश कर रहे हैं। आपने असम, जम्मू-कश्मीर में ऐसा किया और अब कल्पना कर रहे हैं कि आप इसे भारत में भी कर सकते हैं। आपको ऐसा करने के लिए एक संवैधानिक संशोधन की आवश्यकता है।” उन्होंने कहा, “सच्चाई यह है कि जादूगर पकड़ा गया है। बालाकोट का जादूगर, नोटबंदी का जादूगर, सिन्दूर का जादूगर अचानक पकड़ा गया है। हर कोई जानता है कि हमारे दोस्त, जादूगर और व्यापारी के बीच साझेदारी है।” राहुल गांधी की ‘जादू’ वाली टिप्पणी पर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गांधी की टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस नेता प्रधानमंत्री के लिए गलत भाषा का इस्तेमाल कर रहे थे और बालाकोट हमलों और ऑपरेशन सिन्दूर का संदर्भ देकर देश और सेना को बदनाम कर रहे थे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी हस्तक्षेप करते हुए कहा, “विपक्ष के नेता द्वारा इस देश के प्रधान मंत्री के बारे में जिस तरह के शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। मेरा मानना है कि इसकी जितनी भी निंदा की जाए वह कम है।” उन्होंने कहा, “उन्हें बार-बार ‘जादूगर’ कहना वास्तव में देश के लोगों का अपमान है। मैं आपसे अनुरोध करना चाहता हूं कि उन्होंने जिन शब्दों का इस्तेमाल किया है, उन्हें कार्यवाही से हटा दिया जाए। राहुल गांधी को माफी मांगनी चाहिए।” चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 17 अप्रैल, 2026, 16:54 IST समाचार राजनीति ‘वह बचपन के आघात से गुजर रहे हैं’: कंगना रनौत ने राहुल गांधी की ‘जादू’ टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)राहुल गांधी जादूगर टिप्पणी(टी)कंगना रनौत बीजेपी सांसद(टी)राहुल गांधी जादू टिप्पणी(टी)लोकसभा बहस(टी)महिला आरक्षण विधेयक(टी)मोदी जादूगर संदर्भ(टी)भाजपा प्रतिक्रिया राहुल गांधी(टी)बालाकोट स्ट्राइक टिप्पणी
Patralekhaa Body Shaming Response | Actress Gives Birth, Learns Kindness

8 मिनट पहले कॉपी लिंक एक्ट्रेस और प्रोड्यूसर पत्रलेखा बॉडी शेमिंग को लेकर पैपराजी पर भड़क गईं। दरअसल, एक पैपराजी पेज ने पत्रलेखा का वीडियो शेयर करते हुए उनके बढ़े हुए वजन पर संवेदनहीन कमेंट किया था। इस पर पत्रलेखा ने जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने अभी एक बच्चे को जन्म दिया है और उनके शरीर में आए बदलाव एक नेचुरल प्रक्रिया का हिस्सा हैं। कैप्शन देख भड़कीं एक्ट्रेस पूरा मामला तब शुरू हुआ जब एक पैपराजी पेज ने पत्रलेखा का एक वीडियो पोस्ट किया। वीडियो में पत्रलेखा अपनी कार से उतर रही थीं और उनके पीछे पति राजकुमार राव भी नजर आ रहे थे। इस वीडियो के साथ कैप्शन लिखा गया था, “इन्हें क्या हो गया है?” (What’s happened to her?)। इस कैप्शन के जरिए पत्रलेखा के पोस्टपार्टम लुक यानी डिलीवरी के बाद बढ़े वजन की ओर इशारा किया गया था। ‘मैंने पहाड़ जितना खाना नहीं खाया’ पत्रलेखा ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर इस कमेंट की कड़ी आलोचना की। उन्होंने लिखा, मुझे क्या हुआ है? बात यह है कि मैंने अभी एक बच्चे को जन्म दिया है! हां, मेरा वजन बढ़ गया है, जो आप सभी को शायद कोई अस्वाभाविक बात लग रही है। पत्रलेखा ने आगे कहा कि उन्होंने बैठकर कोई पहाड़ जितना खाना नहीं खाया है। यह उनकी प्रेग्नेंसी के प्रति उनके शरीर का स्वाभाविक रिएक्शन है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे दूसरों के प्रति थोड़े दयालु बनना सीखें। प्रोड्यूसर के तौर पर दो फिल्में भी पूरी कीं एक्ट्रेस ने अपनी प्रोफेशनल जिम्मेदारियों का जिक्र करते हुए बताया कि डिलीवरी के बाद वे न केवल अपनी सेहत का ध्यान रख रही हैं, बल्कि काम भी कर रही हैं। उन्होंने लिखा, मैंने सिर्फ एक बच्चे को जन्म ही नहीं दिया, बल्कि एक साथ दो फिल्मों का प्रोडक्शन भी संभाला है, जो आसान काम नहीं है। अगर मेरे हाथ में होता, तो मैं ऐसी नहीं दिखती, लेकिन मेरा शरीर इस तरह रिएक्ट कर रहा है। नवंबर 2025 में बनी थीं मां राजकुमार राव और पत्रलेखा ने 15 नवंबर, 2025 को अपने पहले बच्चे, एक बेटी का स्वागत किया था। उन्होंने अपनी बेटी का नाम राजकुमार की दिवंगत मां के नाम पर ‘पार्वती पॉल राव’ रखा है। पत्रलेखा से पहले नेहा धूपिया, दीपिका पादुकोण, आलिया भट्ट और ऐश्वर्या राय जैसे सेलेब्स भी पोस्टपार्टम वेट और बॉडी शेमिंग को लेकर अपनी आवाज उठा चुके हैं। सिटी लाइट्स से शुरू हुई थी लव स्टोरी राजकुमार और पत्रलेखा की पहली मुलाकात साल 2014 में फिल्म ‘सिटी लाइट्स’ के दौरान हुई थी। कई सालों तक एक-दूसरे को डेट करने के बाद, राजकुमार ने अक्टूबर 2021 में पत्रलेखा को प्रपोज किया था। नवंबर 2021 में दोनों ने चंडीगढ़ में एक प्राइवेट सेरेमनी में शादी की थी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Patralekhaa Body Shaming Response | Actress Gives Birth, Learns Kindness

36 मिनट पहले कॉपी लिंक एक्ट्रेस और प्रोड्यूसर पत्रलेखा बॉडी शेमिंग को लेकर पैपराजी पर भड़क गईं। दरअसल, एक पैपराजी पेज ने पत्रलेखा का वीडियो शेयर करते हुए उनके बढ़े हुए वजन पर संवेदनहीन कमेंट किया था। इस पर पत्रलेखा ने जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने अभी एक बच्चे को जन्म दिया है और उनके शरीर में आए बदलाव एक नेचुरल प्रक्रिया का हिस्सा हैं। कैप्शन देख भड़कीं एक्ट्रेस पूरा मामला तब शुरू हुआ जब एक पैपराजी पेज ने पत्रलेखा का एक वीडियो पोस्ट किया। वीडियो में पत्रलेखा अपनी कार से उतर रही थीं और उनके पीछे पति राजकुमार राव भी नजर आ रहे थे। इस वीडियो के साथ कैप्शन लिखा गया था, “इन्हें क्या हो गया है?” (What’s happened to her?)। इस कैप्शन के जरिए पत्रलेखा के पोस्टपार्टम लुक यानी डिलीवरी के बाद बढ़े वजन की ओर इशारा किया गया था। ‘मैंने पहाड़ जितना खाना नहीं खाया’ पत्रलेखा ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर इस कमेंट की कड़ी आलोचना की। उन्होंने लिखा, मुझे क्या हुआ है? बात यह है कि मैंने अभी एक बच्चे को जन्म दिया है! हां, मेरा वजन बढ़ गया है, जो आप सभी को शायद कोई अस्वाभाविक बात लग रही है। पत्रलेखा ने आगे कहा कि उन्होंने बैठकर कोई पहाड़ जितना खाना नहीं खाया है। यह उनकी प्रेग्नेंसी के प्रति उनके शरीर का स्वाभाविक रिएक्शन है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे दूसरों के प्रति थोड़े दयालु बनना सीखें। प्रोड्यूसर के तौर पर दो फिल्में भी पूरी कीं एक्ट्रेस ने अपनी प्रोफेशनल जिम्मेदारियों का जिक्र करते हुए बताया कि डिलीवरी के बाद वे न केवल अपनी सेहत का ध्यान रख रही हैं, बल्कि काम भी कर रही हैं। उन्होंने लिखा, मैंने सिर्फ एक बच्चे को जन्म ही नहीं दिया, बल्कि एक साथ दो फिल्मों का प्रोडक्शन भी संभाला है, जो आसान काम नहीं है। अगर मेरे हाथ में होता, तो मैं ऐसी नहीं दिखती, लेकिन मेरा शरीर इस तरह रिएक्ट कर रहा है। नवंबर 2025 में बनी थीं मां राजकुमार राव और पत्रलेखा ने 15 नवंबर, 2025 को अपने पहले बच्चे, एक बेटी का स्वागत किया था। उन्होंने अपनी बेटी का नाम राजकुमार की दिवंगत मां के नाम पर ‘पार्वती पॉल राव’ रखा है। पत्रलेखा से पहले नेहा धूपिया, दीपिका पादुकोण, आलिया भट्ट और ऐश्वर्या राय जैसे सेलेब्स भी पोस्टपार्टम वेट और बॉडी शेमिंग को लेकर अपनी आवाज उठा चुके हैं। सिटी लाइट्स से शुरू हुई थी लव स्टोरी राजकुमार और पत्रलेखा की पहली मुलाकात साल 2014 में फिल्म ‘सिटी लाइट्स’ के दौरान हुई थी। कई सालों तक एक-दूसरे को डेट करने के बाद, राजकुमार ने अक्टूबर 2021 में पत्रलेखा को प्रपोज किया था। नवंबर 2021 में दोनों ने चंडीगढ़ में एक प्राइवेट सेरेमनी में शादी की थी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
अगर तीखी धूप से आपकी स्किन भी हो रही खराब? बस अपना लें होम्योपैथिक डॉक्टर की ये खास सलाह

Last Updated:April 17, 2026, 16:40 IST Skin Care Tips: गर्मी के कारण स्किन की काफी ज्यादा समस्याएं देखने को मिलती है. इसमें पिंपल, खराश व त्वचा का ऑयली होना शामिल है. इसलिए आज हम अंबाला शहर नागरिक अस्पताल में कार्यरत होम्योपैथिक डॉ. राजिता द्वारा बताए गए कुछ टिप्स आपसे शेयर कर रहे हैं. आप भी पढ़ लीजिए. अंबाला: हरियाणा में बढ़ती गर्मी के बीच चिलचिलाती धूप ने आम जनजीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त कर दिया है. दोपहर के समय जैसे ही लोग अपने घरों से बाहर निकलते हैं तो स्किन बिल्कुल जलने लगती है. शरीर में जगह-जगह पर लालपन आने लगता हैं. स्किन की समस्याओं से बचाव करने के लिए लोग अक्सर घरेलू नुस्खे की तलाश करने लगते हैं और ऐसे में कई बार उनके हाथ में निराशा लगती है. बता दें, ऐसे में स्किन केयर के लिए होम्योपैथिक उपचार प्राकृतिक और प्रभावी माने जाते हैं, जो एलर्जी, मुंहासे, एक्जिमा और सोरायसिस जैसी समस्याओं को जड़ से ठीक करने में मदद करती हैं. लोकल 18 की टीम को अंबाला शहर नागरिक अस्पताल में कार्यरत होम्योपैथिक डॉ. राजिता ने बताया कि गर्मी के कारण स्किन की काफी ज्यादा समस्याएं देखने को मिलती है. इसमें पिंपल, खराश व त्वचा का ऑयली होना शामिल है. उन्होंने कहा की इससे बचाव के लिए होम्योपैथिक में भी कई औषधीय बताई गई हैं, लेकिन घर पर रहकर भी लोग इन समस्याओं से अपना बचाव कर सकते हैं. यह करें उपाय जब भी बाहर से घर के अंदर आएं तो सबसे पहले पानी से चेहरे व स्किन को धो लें. फिर उसे सूती कपड़े से बिल्कुल सुखा सकते हैं. इसके साथ ही घर से बाहर जाते समय अपनी स्किन पर किसी भी प्रकार का कोई बॉडी लोशन या क्रीम जरूर लगाना चाहिए. उन्होंने बताया कि हमारे शरीर की त्वचा के लिए सबसे फायदेमंद पानी होता है इसलिए जितना हो सके गर्मी के मौसम में पानी पीना चाहिए. साथ ही तली-भुनी वस्तुएं नहीं खानी चाहिए. उन्होंने बताया की होम्योपैथिक पद्धति में साफ तौर पर कहा गया है कि जब भी घर वापस आएं तो तुरंत कोई भी ठंडी चीज का सेवन न करें. पहले शरीर के तापमान को सामान्य होने दें. गर्मी से बचाव के लिए सबसे अच्छा उपाय सलाद का सेवन करना है, जिसमें ककड़ी और खीरे के साथ प्याज का सेवन सबसे फायदेमंद माना गया है. उन्होंने बताया कि जो भी व्यक्ति प्याज का सेवन गर्मी के मौसम में करता है तो उसका शरीर हाइड्रेशन रहता है. वह बिल्कुल भी गर्मी अर्थात लू के संपर्क में नहीं आता है. वहीं, नेचुरल ग्लो के लिए महिलाएं रात के समय हल्दी और दही को मिलाकर अपने चेहरे की मसाज कर सकती हैं. इससे उनकी त्वचा में ग्लो बढ़ने लगती है. उन्होंने बताया कि त्वचा की मजबूती के लिए गाचनी ( मुल्तानी) मिट्टी का प्रयोग किया जा सकता है. खास टिप्स, जो कर देगी स्किन ग्लो होम्योपैथी डॉक्टर राजिता ने बताया कि घरेलू फेसवॉश बनाने का सबसे आसान तरीका यह है कि आपको बेसन-1 चम्मच, चंदन पाउडर- 1 छोटी चम्मच और शहद- 1 छोटा चम्मच लेना है. इसमें दूध या गुलाब जल दो चम्मच और साथ ही नींबू का रस 1/2 चम्मच (ऑप्शनल) डाल सकते हैं. आपको एक कटोरी लेनी है और फिर उसमें ऊपर बताई सभी चीजों को मिक्स कर लेना है. दूध या गुलाब जल में से आप अपनी स्किन के हिसाब से कोई भी एक मिक्स कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि साथ ही नींबू का रस मिलाना ऑप्शनल है, यानि कि अगर ये आपकी स्किन पर सूट नहीं करता है तो न लगाएं. फिर सभी चीजों को अच्छे से मिक्स करने के बाद आपका फेस वॉश तैयार हो जाएगा. उन्होंने बताया कि पहले आप अपने फेस को हल्का गीला करके फिर उस फेस पैक को अपने चेहरे पर हल्के हाथों से मसाज करते हुए लगा सकते है. इसमें 2 मिनट तक मसाज करने के बाद फेसवॉश कर लेना और फिर देखेंगे कि किस प्रकार आपका चेहरा पहले की तरह चमक उठेगा. About the Author काव्या मिश्रा Kavya Mishra is working with News18 Hindi as a Senior Sub Editor in the regional section (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana and Himachal Pradesh). Active in Journalism for more than 7 years. She started her j…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें First Published : April 17, 2026, 16:40 IST
Flights Cancelled & High Airfare

नई दिल्ली38 मिनट पहले कॉपी लिंक ईरान युद्ध और होर्मुज रूट बंद होने से यूरोप और एशिया में जेट फ्यूल की भारी कमी होने वाली है। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) के मुताबिक, यूरोप के पास अब सिर्फ 6 हफ्ते का तेल बचा है। अगर सप्लाई जल्द शुरू नहीं हुई, तो गर्मियों की छुट्टियों के सीजन में फ्लाइट्स रद्द होंगी और टिकट के दाम बढ़ेंगे। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) के डायरेक्टर फातिह बिरोल ने एक इंटरव्यू में बताया कि ग्लोबल इकोनॉमी अब तक के सबसे बड़े ऊर्जा संकट का सामना कर रही है। यूरोप के कुछ देशों के पास आमतौर पर कई महीनों का जेट फ्यूल स्टॉक होता है, लेकिन युद्ध की वजह से अब यह तेजी से घट रहा है। आईईए की रिपोर्ट के मुताबिक, यूरोप के कई देशों में अब 20 दिन से भी कम का फ्यूल स्टॉक रह गया है। अगर यह 23 दिन से नीचे गिरता है, तो एयरपोर्ट्स पर फ्यूल की फिजिकल कमी दिखने लगेगी, जिससे फ्लाइट्स बड़े पैमाने पर रद्द करनी पड़ेंगी। होर्मुज रूट बंद होने से मुसीबत बढ़ी यूरोप अपनी जरूरत का करीब 20 से 25% जेट फ्यूल आयात करता है। इसमें से 40% हिस्सा होर्मुज रूट के रास्ते आता है। अर्गस मीडिया के मुताबिक, जब से ईरान युद्ध शुरू हुआ है, इस रास्ते से एक भी फ्यूल शिप नहीं निकला है। दुनिया में हर दिन 1 करोड़ से 1.5 करोड़ बैरल तेल की सप्लाई इस रास्ते के बंद होने से रुकी हुई है। एयरलाइंस पर बोझ बढ़ा, खर्च में 30% हिस्सा फ्यूल का इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के अनुसार, किसी भी एयरलाइन के कुल खर्च में जेट फ्यूल की हिस्सेदारी 30% होती है। युद्ध शुरू होने के बाद से जेट फ्यूल की कीमतें लगभग दोगुनी हो गई हैं। इसका सीधा असर एयरलाइंस के मुनाफे पर पड़ रहा है। यही वजह है कि एयरलाइंस ने अब इसका बोझ यात्रियों पर डालना शुरू कर दिया है। कई कंपनियों ने टिकट के दाम बढ़ाने के साथ-साथ बैगेज फीस और अन्य एड-ऑन सर्विस के चार्ज बढ़ा दिए हैं। कई एयरलाइंस ने फ्लाइट्स में की कटौती फ्यूल की कमी और बढ़ती कीमतों के कारण एयरलाइंस ने कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं… KLM: डच एयरलाइन ने अगले महीने के लिए अपनी 160 फ्लाइट्स रद्द करने का फैसला किया है। कंपनी का कहना है कि बढ़ती कीमतों के कारण ये रूट्स अब फायदेमंद नहीं रहे। लुफ्थांसा: जर्मनी की इस एयरलाइन ने अपनी फीडर एयरलाइन ‘सिटीलाइन’ को समय से पहले बंद करने का फैसला लिया है। इसके 27 पुराने और ज्यादा तेल पीने वाले विमानों को सर्विस से हटा दिया गया है। इजीजेट: कंपनी को 2026 की पहली छमाही में करीब 560 मिलियन पाउंड (लगभग 758 मिलियन डॉलर) के नुकसान की आशंका है। कैथे पैसिफिक और एअर इंडिया: कैथे पैसिफिक ने फ्यूल सरचार्ज 34% तक बढ़ा दिया है, वहीं एयर इंडिया ने कुछ फ्लाइट्स पर 280 डॉलर तक की फीस जोड़ दी है। अमेरिका से मदद, लेकिन एशिया-पैसिफिक को ज्यादा खतरा एक्सपर्ट्स के मुताबिक, मिडिल ईस्ट के तेल पर सबसे ज्यादा निर्भरता एशिया-पैसिफिक देशों की है, इसके बाद यूरोप आता है। अमेरिका एक बड़ा तेल उत्पादक है, इसलिए वहां फ्यूल की कमी का संकट कम है। यूरोप की मदद के लिए अमेरिका ने अप्रैल में अपनी सप्लाई 6 गुना बढ़ाकर 1.5 लाख बैरल प्रतिदिन कर दी है, लेकिन यह पूरी कमी को भरने के लिए काफी नहीं है। यात्रियों के लिए क्या बदलेगा? सिर्फ टिकट महंगे होना ही एकमात्र समस्या नहीं है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यात्रियों को अब लंबी दूरी के रूट्स (जो फ्यूल बचाने के लिए बदले जाएंगे), कम फ्लाइट ऑप्शंस और आखिरी समय में शेड्यूल बदलने जैसी दिक्कतों के लिए तैयार रहना चाहिए। गर्मियों के पीक सीजन में सस्ती टिकट मिलना लगभग नामुमकिन हो जाएगा। क्या है होर्मुज रूट? यह ओमान और ईरान के बीच स्थित एक संकरा समुद्री रास्ता है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है क्योंकि खाड़ी देशों (सऊदी अरब, यूएई, कुवैत) से निकलने वाला अधिकांश कच्चा तेल और एलएनजी इसी रास्ते से होकर पूरी दुनिया में जाता है। ये खबर भी पढ़ें… एअर इंडिया की घरेलू उड़ानें ₹899 तक महंगी: नया किराया 8 अप्रैल से लागू होगा, जेट फ्यूल के दाम बढ़ना वजह एअर इंडिया ने घरेलू उड़ानों के लिए फ्यूल सरचार्ज बढ़ा दिया है। इससे हवाई सफर महंगा हो जाएगा। ग्लोबल मार्केट में विमान ईंधन (ATF) की कीमतों में आई तेजी के बाद एयरलाइन ने यह फैसला लिया है। नई दरें कल यानी 8 अप्रैल 2026 से प्रभावी होंगी। एयरलाइन के मुताबिक, जेट फ्यूल की कीमतें लगभग दोगुनी होने से लागत बढ़ गई है। विमान ईंधन की औसत कीमत 195.19 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई है, जो फरवरी के अंत में 99.40 डॉलर थी। इससे पहले इंडिगो ने भी फ्यूल सरचार्ज बढ़ाया था। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
विदिशा प्रशासन ने रुकवाए दो बाल विवाह:14 और 17 साल की बच्चियों की शादी टली, दबाव के बीच टीम की सख्ती से बचा भविष्य

विदिशा जिले के ग्यारसपुर क्षेत्र के ग्राम मोहनपुर में दो नाबालिग बालिकाओं का बाल विवाह रुकवाया गया। प्रशासन और एक सामाजिक संगठन की टीम ने शुक्रवार को सूचना मिलने पर कार्रवाई की। सूचना मिलते ही सोशल वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन और महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। टीम ने बालिकाओं के दस्तावेजों की जांच की, जिसमें पता चला कि एक बालिका की उम्र 14 वर्ष और दूसरी की 17 वर्ष थी। दोनों ही कानूनी विवाह आयु से कम थीं। शुरुआत में परिजनों ने परंपरा का हवाला देते हुए शादी कराने पर जोर दिया। इस दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया और रिश्तेदारों ने टीम पर दबाव बनाने की कोशिश की। जनप्रतिनिधियों के माध्यम से भी दबाव बनाने का प्रयास किया गया। समझाइश पर मान गए परिजन हालांकि, टीम अपने कर्तव्य पर अडिग रही। टीम ने परिजनों को स्पष्ट रूप से समझाया कि 18 वर्ष से कम उम्र में बालिका का विवाह कराना कानूनन अपराध है और इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। लगातार समझाइश, धैर्य और सख्ती के बाद आखिरकार परिजन बाल विवाह टालने पर सहमत हुए। मौके पर पंचनामा तैयार किया गया और परिजनों से लिखित आश्वासन लिया गया कि बच्चियों की शादी बालिग होने के बाद ही की जाएगी। इस कार्रवाई में जिला प्रभारी दीपा शर्मा, लाडो अभियान प्रभारी मुकेश ताम्रकार, मोनू सेन, सुपरवाइजर प्रतिज्ञा चौरसिया और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की सराहनीय भूमिका रही। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की कि परंपरा के नाम पर कानून और बच्चों के भविष्य से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रशासन की इस सजगता ने दो बच्चियों का भविष्य सुरक्षित किया है।
‘विधायी हाथ की सफाई’, ‘महिला आरक्षण से कोई लेना-देना नहीं’: राहुल गांधी ने लोकसभा में क्या कहा | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:17 अप्रैल, 2026, 16:20 IST विपक्ष के नेता ने दावा किया कि सरकार ने विवादास्पद परिसीमन प्रक्रिया को विफल करने के लिए महिला सशक्तीकरण के वादे को ‘राजनीतिक ढाल’ के रूप में इस्तेमाल किया है। गांधी ने तर्क दिया कि यदि सरकार वास्तव में महिलाओं के प्रतिनिधित्व के लिए प्रतिबद्ध है, तो वह मौजूदा 543 सीटों के ढांचे के भीतर कोटा को तुरंत लागू करेगी। फ़ाइल चित्र/पीटीआई भारत के चुनावी मानचित्र पर विधायी लड़ाई को तेज करते हुए, विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को संसद की विशेष बैठक के दौरान संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 पर तीखा हमला किया। गांधी ने आरोप लगाया कि नया कानून 2023 के 106वें संशोधन अधिनियम से एक “खतरनाक प्रस्थान” है, उन्होंने दावा किया कि सरकार ने विवादास्पद परिसीमन अभ्यास को विफल करने के लिए महिला सशक्तीकरण के वादे को “राजनीतिक ढाल” के रूप में इस्तेमाल किया है। भरी लोकसभा में बोलते हुए, उन्होंने तर्क दिया कि मौजूदा विधेयक का “महिला आरक्षण से कोई लेना-देना नहीं है” और इसके बजाय यह सीटों के असंवैधानिक विस्तार के माध्यम से राजनीतिक शक्ति को मजबूत करने का एक कदम है। राहुल गांधी यह दावा क्यों करते हैं कि 2026 का विधेयक 2023 के कानून से अलग है? विपक्ष के तर्क का सार नई जनगणना से महिलाओं के कोटे को अलग करने में निहित है। गांधी ने बताया कि 2023 अधिनियम, जिसका उन्होंने और कांग्रेस पार्टी ने समर्थन किया था, विशेष रूप से 33 प्रतिशत आरक्षण के कार्यान्वयन को “अधिनियम के शुरू होने के बाद आयोजित पहली जनगणना” से जोड़ता है। 131वां संशोधन पेश करके, सरकार ने इस आवश्यकता को हटा दिया है, जिससे 2011 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर परिसीमन आगे बढ़ने की अनुमति मिल गई है। राहुल गांधी ने इसे “विधायी हाथ की सफाई” करार दिया, यह तर्क देते हुए कि सरकार अनिवार्य रूप से लैंगिक न्याय की आड़ में 2029 के चुनावों के लिए निर्वाचन क्षेत्रों को फिर से तैयार करने के लिए 15 साल पुराने डेटा का उपयोग कर रही है। इसके अलावा, गांधी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि 2026 का विधेयक सदन को 850 सीटों तक व्यापक विस्तार प्रदान करता है, एक प्रावधान जो मूल 2023 जनादेश का हिस्सा नहीं था। उन्होंने दलील दी कि परिसीमन विधेयक में महिला कोटा का विलय कर सरकार ने विपक्ष के लिए ”जहर की गोली” बना दी है। विपक्ष के नेता ने सुझाव दिया कि 2023 अधिनियम महिलाओं के सम्मान के बारे में था, जबकि 2026 का संशोधन “गणितीय गैरमांडरिंग” के बारे में है, जिसका उद्देश्य दक्षिणी और पूर्वी राज्यों की कीमत पर हिंदी हार्टलैंड को लाभ पहुंचाना है। विपक्ष आरक्षण और परिसीमन के बीच संबंध को कैसे देखता है? राहुल गांधी और व्यापक भारतीय गुट के लिए, इन दोनों मुद्दों को जोड़ना “संघवाद पर हमला” है। गांधी ने तर्क दिया कि यदि सरकार वास्तव में महिलाओं के प्रतिनिधित्व के लिए प्रतिबद्ध है, तो वह मौजूदा 543 सीटों के ढांचे के भीतर कोटा को तुरंत लागू करेगी। उन्होंने सवाल किया कि 33 प्रतिशत आरक्षण के लिए बड़े पैमाने पर सीट-बंटवारे के लिए इंतजार क्यों करना चाहिए, जो सफल जनसंख्या स्थिरीकरण रिकॉर्ड वाले राज्यों पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। गांधी ने आरोप लगाया कि दोनों को जोड़कर सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि जो भी सांसद “त्रुटिपूर्ण” परिसीमन मानचित्र के खिलाफ वोट करेगा, उसे गलत तरीके से “महिला विरोधी” करार दिया जाएगा। कांग्रेस नेता ने जाति-आधारित जनगणना की अपनी मांग भी तेज कर दी और कहा कि ओबीसी उप-कोटा के बिना आरक्षण की कोई भी बात खोखली है। उन्होंने दावा किया कि 2026 का कानून जानबूझकर इस मुद्दे को टालता है, “शक्ति संरचना को मजबूत करता है जो हाशिये पर पड़े लोगों को बाहर करता है।” अपने संबोधन के कुछ हिस्सों के दौरान ट्रेजरी बेंच की हंसी ने गांधी को यह दोहराने के लिए प्रेरित किया कि बिल की “चालाकी” – उनकी सहयोगी प्रियंका गांधी के पहले “चाणक्य” तंज का संदर्भ – अंततः मतदाताओं द्वारा देखा जाएगा। गांधी के ‘पिछले दरवाजे’ के आरोपों पर सरकार का प्रतिवाद क्या है? गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में ट्रेजरी बेंच ने कहा है कि 131वां संशोधन तीस साल के गतिरोध को तोड़ने का एकमात्र व्यावहारिक तरीका है। सरकार का तर्क है कि 850 सीटों तक विस्तार एक “गणितीय आवश्यकता” है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत जनादेश को पूरा करते हुए कोई भी राज्य अपनी वर्तमान स्थिति न खोए। सरकार के दृष्टिकोण से, 2023 अधिनियम सिद्धांत प्रदान करता है, जबकि 2026 विधेयक यांत्रिकी प्रदान करता है। वे गांधी की “मध्ययुगीन” बयानबाजी को एक ऐतिहासिक सुधार को रोकने के प्रयास के रूप में खारिज करते हैं जिसे कांग्रेस सत्ता में अपने दशक के दौरान पूरा करने में विफल रही। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 17 अप्रैल, 2026, 16:20 IST समाचार राजनीति ‘विधायी हाथ की सफाई’, ‘महिला आरक्षण से कोई लेना-देना नहीं’: राहुल गांधी ने लोकसभा में क्या कहा अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)महिला आरक्षण(टी)संसद(टी)नारी शक्ति(टी)लोकसभा(टी)परिसीमन(टी)अमित शाह(टी)राहुल गांधी(टी)नरेंद्र मोदी
बाजार से इंस्टाग्राम तक छाया ये देसी फल, आखिर क्यों लोग दे रहे हैं 250 रुपये तक? जानिए इसके लाजवाब फायदे

Last Updated:April 17, 2026, 16:19 IST हैदराबाद की तपती गर्मी में एक देसी फल लोगों के बीच खासा लोकप्रिय हो रहा है. आइस एप्पल, जिसे ताती मुंजालु भी कहा जाता है, न सिर्फ सेहत के लिए फायदेमंद है बल्कि अब यह सोशल मीडिया और बाजार दोनों में ट्रेंड बन चुका है. आइए जानते है इसके फायदे… अप्रैल और मई के महीने में हैदराबाद का पारा जब 40 डिग्री सेल्सियस को पार करने लगता है, तो शहर की सड़कें आग उगलने लगती हैं. कंक्रीट के इस जंगल में लू के थपेड़ों से बचने के लिए लोग अक्सर ठंडे पेय पदार्थों की तलाश करते हैं. ऐसे में शहर के कोनों-कोनों पर बिकने वाला आइस एप्पल यानी ताती मुंजालु हैदराबाद के निवासियों के लिए किसी वरदान से कम साबित नहीं हो रहा है. यह फल न केवल प्यास बुझाता है, बल्कि गर्मी से लड़ने की प्राकृतिक शक्ति भी देता है. तेलंगाना की संस्कृति में ताड़ के फल का विशेष स्थान है. इसे स्थानीय भाषा में ताती मुंजालु और हिंदी के कुछ क्षेत्रों में ताड़गोला कहा जाता है. पारभासी, नरम और जेली जैसा यह फल असल में ताड़ के पेड़ का कच्चा बीज है. इसकी तासीर बेहद ठंडी होती है, जो इसे गर्मियों का सबसे बेहतरीन सुपरफूड बनाती है. हैदराबाद की विरासत में इस फल का जुड़ाव दशकों पुराना है; आइस एप्पल केवल स्वाद में ही लाजवाब नहीं है, बल्कि यह पोषक तत्वों का पावरहाउस भी है. इसमें 90% से अधिक जल तत्व होता है, जो शरीर को हाइड्रेटेड रखता है. इसमें विटामिन-A, B, C, आयरन, पोटेशियम और जिंक प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं. यह न केवल शरीर के तापमान को नियंत्रित करता है, बल्कि पाचन संबंधी समस्याओं, थकान और मतली को दूर करने में भी सहायक होता है. Add News18 as Preferred Source on Google इस फल को हम तक पहुंचाने के पीछे विक्रेताओं की जानलेवा मेहनत छिपी होती है. ताड़ के पेड़ अक्सर 60 से 80 फीट ऊंचे होते हैं और बिना किसी सुरक्षा उपकरण के उन पर चढ़ना एक कला और जोखिम भरा काम है. कई विक्रेता खम्मम, नलगोंडा और पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश से आकर यहां डेरा डालते हैं. उनके लिए यह केवल व्यापार नहीं, बल्कि जीवन यापन का एकमात्र साधन है. इस साल बढ़ती मांग और परिवहन खर्च के कारण कीमतों में वृद्धि देखी गई है. वर्तमान में हैदराबाद के पॉश इलाकों जैसे जुबली हिल्स और बंजारा हिल्स में एक दर्जन आइस एप्पल की कीमत 150 से 250 रुपये तक पहुंच गई है. वहीं नामपल्ली और चारमीनार जैसे इलाकों में यह थोड़ा किफायती मिल जाता है. महंगाई के बावजूद सेहत के प्रति जागरूक लोग इसे कोल्ड ड्रिंक्स से बेहतर विकल्प मान रहे हैं. आज का युवा वर्ग भी इस पारंपरिक फल का दीवाना हो रहा है. शहर के कई जूस सेंटर्स और कैफे अब आइस एप्पल मिल्कशेक, मुंजालु पायसम और आइस एप्पल फ्लेवर्ड आइसक्रीम पेश कर रहे हैं. सोशल मीडिया पर भी समर रिफ्रेशमेंट के रूप में इसकी तस्वीरें खूब ट्रेंड कर रही हैं, जिससे इसकी लोकप्रियता नई पीढ़ी के बीच भी बढ़ गई है. आइस एप्पल का बढ़ता चलन यह दर्शाता है कि आधुनिकता के दौर में भी लोग अपनी जड़ों और प्राकृतिक खान-पान की ओर लौट रहे हैं. जहां कार्बोनेटेड ड्रिंक्स शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं, वहीं यह फल बिना किसी मिलावट के शुद्ध ठंडक प्रदान करता है. हैदराबाद की इस तपती धूप में ताती मुंजालु का एक टुकड़ा न केवल राहत देता है. First Published : April 17, 2026, 16:19 IST
‘साइलेंट किलर’ बन रहा डेस्क जॉब, डॉक्टर ने बताया दिल पर भारी पड़ सकता है कॉर्पोरेट स्ट्रेस, बिना देरी ऐसे करें बचाव

Last Updated:April 17, 2026, 16:04 IST Work Stress And Heart Health: काम हमेशा रहेगा, डेडलाइन्स भी आती-जाती रहेंगी. लेकिन सेहत इतनी आसानी से वापस नहीं आती. यदि आप डेस्क जॉब करते हैं, तो वेक-अप कॉल का इंतजार न करें. वर्क स्ट्रेस आपके दिल पर भारी न पड़े इसके लिए डॉक्टर के सुझाव को आप यहां जान सकते हैं. ख़बरें फटाफट आजकल हम में से ज्यादातर लोगों का दिन एक ही तरह से गुजरता है, डेस्क पर बैठकर काम करना, ईमेल, कॉल्स और डेडलाइन्स के बीच समय बिताना. यह सब सामान्य लगता है क्योंकि हमारे आसपास हर कोई ऐसा ही कर रहा होता है. लेकिन जो बात अक्सर नजरअंदाज हो जाती है, वह यह है कि यह दिनचर्या धीरे-धीरे हमारे दिल पर असर डालती है. ऐसे में डॉ. संजय ढल, सीनियर डायरेक्टर, इंटरनल मेडिसिन, मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, शालीमार बाग बताते हैं कि समस्या सिर्फ तनाव या सिर्फ लंबे समय तक बैठना नहीं है, बल्कि इन दोनों का मेल है. अगर डेस्क जॉब की बात करें, तो लंबे समय तक बैठना अब लगभग हर कॉर्पोरेट नौकरी का हिस्सा बन चुका है. एक बार काम शुरू किया और पता ही नहीं चलता कि 8–10 घंटे कब निकल गए. इस दौरान शरीर की मूवमेंट बहुत कम हो जाती है, जिससे ब्लड सर्कुलेशन धीमा पड़ता है और कैलोरी बर्न भी कम होती है. धीरे-धीरे यह वजन बढ़ने, कोलेस्ट्रॉल बढ़ने और हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है. काम से स्ट्रेस और फिर हार्ट प्रॉब्लमडॉक्टर बताते हैं कि काम का दबाव हमेशा दिखने वाला नहीं होता. कई बार यह सिर्फ लगातार टारगेट्स, मैसेज का जवाब देना या हर समय ‘ऑन’ रहने की भावना होती है. यहां तक कि जब आप काम नहीं कर रहे होते, तब भी दिमाग काम करता रहता है. यह लगातार तनाव शरीर में स्ट्रेस हार्मोन बढ़ाता है, जो लंबे समय में दिल की सेहत पर असर डालता है और ब्लड प्रेशर व हार्ट रेट को बढ़ा देता है. स्ट्रेस से लाइफस्टाइल में बदलावतनाव हमारी आदतों को भी बदल देता है. हम समय पर खाना नहीं खाते या जो भी जल्दी मिल जाए वही खा लेते हैं. चाय और कॉफी की मात्रा बढ़ जाती है. नींद पूरी नहीं हो पाती, और शारीरिक गतिविधि लगभग खत्म हो जाती है. ये सभी चीजें धीरे-धीरे जुड़ती जाती हैं और यही इसे खतरनाक बनाती हैं. संकेतों को न करें नजरअंदाजबार-बार थकान महसूस होना, सिरदर्द, हल्का सीने में दर्द या थोड़ी सी गतिविधि में सांस फूलना जैसे शुरुआती लक्षणों को पहचानना जरूरी है. लेकिन अक्सर लोग इन्हें “सिर्फ काम का तनाव” समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. जबकि ये शरीर के चेतावनी संकेत हो सकते हैं. बचाव मुमकिन है!डॉक्टर ने कहा कि अच्छी बात यह है कि इस स्थिति को काफी हद तक रोका जा सकता है. इसके लिए बड़े बदलाव की जरूरत नहीं है. छोटे-छोटे कदम भी काफी असरदार होते हैं. जैसे हर घंटे कुछ मिनट के लिए उठकर चलना, कॉल्स के दौरान खड़े होकर बात करना या दिन में 20–30 मिनट कोई भी शारीरिक गतिविधि करना जैसे वॉक या एक्सरसाइज दिल के लिए बहुत फायदेमंद है. तनाव को कम करने के लिए लंबी मेडिटेशन जरूरी नहीं है. दिन में छोटे-छोटे ब्रेक लेना, स्क्रीन से दूर रहना या कुछ मिनट गहरी सांस लेना भी काफी मदद करता है. इन बातों का भी रखें ध्यानखान-पान में भी संतुलन जरूरी है. जंक फूड कम करें और हेल्दी खाना बढ़ाएं. साथ ही, पानी पीते रहें और ज्यादा कैफीन लेने से बचें. रेगुलर हेल्थ चेक-अप कराएं. समय-समय पर ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जांच करवाना समस्याओं को शुरुआती दौर में पकड़ने में मदद करता है. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi First Published : April 17, 2026, 16:04 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
Parliament 2026 Photos; Rahul Gandhi om birla anurag thakur| Women’s Reservation Bill

Hindi News National Parliament 2026 Photos; Rahul Gandhi Om Birla Anurag Thakur| Women’s Reservation Bill नई दिल्ली11 मिनट पहले कॉपी लिंक संसद के विशेष सत्र में शुक्रवार को महिला आरक्षण बिल से जुड़े संशोधन बिल पर चर्चा चल रही थी। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अपनी स्पीच के दौरान कहा कि उनकी और मोदी की पत्नी नहीं है। वहीं अनुराग ठाकुर ने कहा कि राहुल हमेशा भाषण देकर भाग जाते हैं। निशिकांत दुबे ने कहा कि सोनिया, सीताराम केसरी की धोती खोलकर कांग्रेस अध्यक्ष बनी थीं। देखिए लोकसभा के टॉप-5 मोमेंट्स… 1. राहुल बोले- मेरी और मोदी की पत्नी नहीं राहुल ने महिला आरक्षण बिल पर स्पीच शुरू करते हुए कहा कि इस हम सभी इस कमरे में बैठे सभी लोग जानते हैं कि महिलाओं के मुद्दे क्या हैं। घर में मां और बहनें और पत्नियां हैं। हां लेकिन मेरी और मोदी जी की पत्नी नहीं है। इसके बाद सदन में विपक्ष और सत्ता पक्ष के सदस्य हंसने लगे। 2. राहुल ने जादू और गार्डन का किस्सा सुनाया राहुल ने अपनी स्पीच के दौरान गार्डन और जादू का किस्सा सुनाया। राहुल ने बताया कि जादूगर की कहानी सुनाने के दौरान जगलिंग की और बॉक्स में ताला लगाने की एक्टिंग करके बताई। उन्हें जब ओम बिरला ने फिर टोका तो राहुल बोले सर सुनाने दीजिए मजा आएगा। मैं आर्टिस्ट हूं चित्र बनाता हूं। 3. स्पीकर बिरला बोले- राहुल जी जादू की जगह बिल पर बोल लीजिए राहुल गांधी जब जादूगर से जुड़ा किस्सा सुना रहे थे तो सभी हंस रहे थे। स्पीकर ओम बिरला ने भी हंसते हुए कहा कि राहुल जी आप जादू पर बोलने से अच्छा है बिल पर बोल लीजिए। इसके बाद हंगामा हो गया, और राहुल बैठ गए। स्पीकर ने कहा- आप जो चौराहे पर बोलते हैं वो ही संसद में बोलो, ऐसा नहीं होता, ये संसद की अपनी गरिमा होती है। 4. अनुराग ठाकुर बोले- राहुल भाषण देकर भाग जाते हैं अनुराग ठाकुर ने कहा कि सदन का नियम कहता है कि जिस व्यक्ति ने भाषण समाप्त किया हो उसे सदन में रुकना होता है लेकिन राहुल गांधी हमेशा भाषण देकर भाग जाते हैं। सुनने के लिए कभी तैयार नहीं होते। ये असत्य बोलकर यहां से भाग खड़े होते हैं। 5. निशिकांत बोले- सोनिया, सीताराम केसरी की धोती खोलकर कांग्रेस अध्यक्ष बनीं भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा- पिछले दो दिन से हमारी सरकार महिलाओं को आरक्षण देने के लिए चिंतित है। देर रात तक हम यहां उपस्थित रहे। मुझे लगा कि कांग्रेस के जो लीडर हैं उनका जो भाषण है वो एक शो जैसा था, जैसा कि माइकल जैक्सन का। आज 17 तारीख है वो भी खास है क्योंकि 17 अप्रैल 1987 को राजीव गांधी पर बोफोर्स का आरोप लगा। 17 अप्रैल 1998 को सोनिया गांधी सीताराम केसरी की धोती खोलकर कांग्रेस की अध्यक्ष हो गईं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔









