Friday, 17 Apr 2026 | 06:44 PM

Trending :

पेट की बेलगाम चर्बी पर ICMR का महाप्लान, लाखों लोगों पर हो रही रिसर्च, मोटापा दूर करने का निकालेगा फॉर्मूला नरसिंहपुर में 11 पेटी देशी शराब के साथ कार जब्त:अवैध परिवहन करते एक आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा राहुल गांधी ‘दोहरी नागरिकता विवाद’ में इलाहाबाद HC ने FIR का आदेश दिया: क्या कोई भारतीय सांसद विदेशी पासपोर्ट रख सकता है? | राजनीति समाचार दिखने में साधारण…. लेकिन असर चौंकाने वाला, क्या है बनमारा पौधे का सच? वैज्ञानिक भी कर रहे हैं रिसर्च रोहित शेट्टी के घर फायरिंग का आरोपी UP से गिरफ्तार:शुभम लोणकर गैंग से जुड़ा है प्रदीप; सोशल मीडिया के जरिए बना था अपराधी रोहित शेट्टी के घर फायरिंग का आरोपी UP से गिरफ्तार:शुभम लोणकर गैंग से जुड़ा है प्रदीप; सोशल मीडिया के जरिए बना था अपराधी
EXCLUSIVE

Flights Cancelled & High Airfare

Flights Cancelled & High Airfare

नई दिल्ली38 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

ईरान युद्ध और होर्मुज रूट बंद होने से यूरोप और एशिया में जेट फ्यूल की भारी कमी होने वाली है। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) के मुताबिक, यूरोप के पास अब सिर्फ 6 हफ्ते का तेल बचा है। अगर सप्लाई जल्द शुरू नहीं हुई, तो गर्मियों की छुट्टियों के सीजन में फ्लाइट्स रद्द होंगी और टिकट के दाम बढ़ेंगे।

इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) के डायरेक्टर फातिह बिरोल ने एक इंटरव्यू में बताया कि ग्लोबल इकोनॉमी अब तक के सबसे बड़े ऊर्जा संकट का सामना कर रही है। यूरोप के कुछ देशों के पास आमतौर पर कई महीनों का जेट फ्यूल स्टॉक होता है, लेकिन युद्ध की वजह से अब यह तेजी से घट रहा है।

आईईए की रिपोर्ट के मुताबिक, यूरोप के कई देशों में अब 20 दिन से भी कम का फ्यूल स्टॉक रह गया है। अगर यह 23 दिन से नीचे गिरता है, तो एयरपोर्ट्स पर फ्यूल की फिजिकल कमी दिखने लगेगी, जिससे फ्लाइट्स बड़े पैमाने पर रद्द करनी पड़ेंगी।

होर्मुज रूट बंद होने से मुसीबत बढ़ी

यूरोप अपनी जरूरत का करीब 20 से 25% जेट फ्यूल आयात करता है। इसमें से 40% हिस्सा होर्मुज रूट के रास्ते आता है। अर्गस मीडिया के मुताबिक, जब से ईरान युद्ध शुरू हुआ है, इस रास्ते से एक भी फ्यूल शिप नहीं निकला है। दुनिया में हर दिन 1 करोड़ से 1.5 करोड़ बैरल तेल की सप्लाई इस रास्ते के बंद होने से रुकी हुई है।

एयरलाइंस पर बोझ बढ़ा, खर्च में 30% हिस्सा फ्यूल का

इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के अनुसार, किसी भी एयरलाइन के कुल खर्च में जेट फ्यूल की हिस्सेदारी 30% होती है। युद्ध शुरू होने के बाद से जेट फ्यूल की कीमतें लगभग दोगुनी हो गई हैं। इसका सीधा असर एयरलाइंस के मुनाफे पर पड़ रहा है।

यही वजह है कि एयरलाइंस ने अब इसका बोझ यात्रियों पर डालना शुरू कर दिया है। कई कंपनियों ने टिकट के दाम बढ़ाने के साथ-साथ बैगेज फीस और अन्य एड-ऑन सर्विस के चार्ज बढ़ा दिए हैं।

कई एयरलाइंस ने फ्लाइट्स में की कटौती

फ्यूल की कमी और बढ़ती कीमतों के कारण एयरलाइंस ने कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं…

  • KLM: डच एयरलाइन ने अगले महीने के लिए अपनी 160 फ्लाइट्स रद्द करने का फैसला किया है। कंपनी का कहना है कि बढ़ती कीमतों के कारण ये रूट्स अब फायदेमंद नहीं रहे।
  • लुफ्थांसा: जर्मनी की इस एयरलाइन ने अपनी फीडर एयरलाइन ‘सिटीलाइन’ को समय से पहले बंद करने का फैसला लिया है। इसके 27 पुराने और ज्यादा तेल पीने वाले विमानों को सर्विस से हटा दिया गया है।
  • इजीजेट: कंपनी को 2026 की पहली छमाही में करीब 560 मिलियन पाउंड (लगभग 758 मिलियन डॉलर) के नुकसान की आशंका है।
  • कैथे पैसिफिक और एअर इंडिया: कैथे पैसिफिक ने फ्यूल सरचार्ज 34% तक बढ़ा दिया है, वहीं एयर इंडिया ने कुछ फ्लाइट्स पर 280 डॉलर तक की फीस जोड़ दी है।

अमेरिका से मदद, लेकिन एशिया-पैसिफिक को ज्यादा खतरा

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, मिडिल ईस्ट के तेल पर सबसे ज्यादा निर्भरता एशिया-पैसिफिक देशों की है, इसके बाद यूरोप आता है। अमेरिका एक बड़ा तेल उत्पादक है, इसलिए वहां फ्यूल की कमी का संकट कम है।

यूरोप की मदद के लिए अमेरिका ने अप्रैल में अपनी सप्लाई 6 गुना बढ़ाकर 1.5 लाख बैरल प्रतिदिन कर दी है, लेकिन यह पूरी कमी को भरने के लिए काफी नहीं है।

यात्रियों के लिए क्या बदलेगा?

सिर्फ टिकट महंगे होना ही एकमात्र समस्या नहीं है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यात्रियों को अब लंबी दूरी के रूट्स (जो फ्यूल बचाने के लिए बदले जाएंगे), कम फ्लाइट ऑप्शंस और आखिरी समय में शेड्यूल बदलने जैसी दिक्कतों के लिए तैयार रहना चाहिए। गर्मियों के पीक सीजन में सस्ती टिकट मिलना लगभग नामुमकिन हो जाएगा।

क्या है होर्मुज रूट?

यह ओमान और ईरान के बीच स्थित एक संकरा समुद्री रास्ता है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है क्योंकि खाड़ी देशों (सऊदी अरब, यूएई, कुवैत) से निकलने वाला अधिकांश कच्चा तेल और एलएनजी इसी रास्ते से होकर पूरी दुनिया में जाता है।

ये खबर भी पढ़ें…

एअर इंडिया की घरेलू उड़ानें ₹899 तक महंगी: नया किराया 8 अप्रैल से लागू होगा, जेट फ्यूल के दाम बढ़ना वजह

एअर इंडिया ने घरेलू उड़ानों के लिए फ्यूल सरचार्ज बढ़ा दिया है। इससे हवाई सफर महंगा हो जाएगा। ग्लोबल मार्केट में विमान ईंधन (ATF) की कीमतों में आई तेजी के बाद एयरलाइन ने यह फैसला लिया है। नई दरें कल यानी 8 अप्रैल 2026 से प्रभावी होंगी।

एयरलाइन के मुताबिक, जेट फ्यूल की कीमतें लगभग दोगुनी होने से लागत बढ़ गई है। विमान ईंधन की औसत कीमत 195.19 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई है, जो फरवरी के अंत में 99.40 डॉलर थी। इससे पहले इंडिगो ने भी फ्यूल सरचार्ज बढ़ाया था। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
गांवों में 45 दिन बाद मिलेगा दूसरा घरेलू LPG सिलेंडर:जमाखोरी रोकने के लिए सरकार ने 20 दिन समय बढ़ाया; MP में ऑनलाइन बुकिंग ठप

March 13, 2026/
6:12 am

अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग की वजह से देशभर में LPG की किल्लत हो गई है। गैस एजेंसियों के बाहर...

पुलिस कस्टडी में मौत-जांच के घेरे में बीजेपी विधायक:सवाल- किसके कहने पर उठाकर लाए टीआई…बेटी बोली- पापा को विधायक ने मरवाया

April 10, 2026/
7:16 am

मैं अपने पापा को खुद से ज्यादा जानती थी। वह कभी आत्महत्या नहीं कर सकते। उनकी हत्या बीजेपी विधायक ललिता...

ग्वालियर में रेबीज से युवक की मौत, रोज 100+ मामले:5 दिन पहले एक शख्स ने अस्पताल में भर्ती कराया था; नाम दिया था 'गोलू'

April 5, 2026/
10:01 pm

ग्वालियर में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है। रोजाना 100 से अधिक लोग डॉग बाइट के शिकार हो...

Baraspara Stadium in Guwahati, Assam. (X)

April 7, 2026/
9:45 pm

आखरी अपडेट:07 अप्रैल, 2026, 21:45 IST केरलम विधानसभा चुनाव 2026: कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने दीपक जॉय को मैदान...

दावा- कनाडा में सिखों ने ₹25 करोड़ में गुरुद्वारा बेचा:खरीदने वाले भी सिख; पाठी बोला- यहां बिजनेस होगा, संगत की आस्था से खिलवाड़

March 14, 2026/
5:00 am

कनाडा में सिखों ने एक गुरुद्वारा बेच दिया। इसे बनाने, खरीदने और बेचने वाली तीनों पार्टियां सिख हैं। गुरुद्वारा बेचने...

Ramayana teaser features Ranbir Kapoor, Sai Pallavi, Yash and others.

April 2, 2026/
1:49 pm

आखरी अपडेट:02 अप्रैल, 2026, 13:49 IST हेमा मालिनी ने स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर पश्चिम बंगाल में सांस्कृतिक फासीवाद...

जॉब - शिक्षा

हेल्थ & फिटनेस

राजनीति

Flights Cancelled & High Airfare

Flights Cancelled & High Airfare

नई दिल्ली38 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

ईरान युद्ध और होर्मुज रूट बंद होने से यूरोप और एशिया में जेट फ्यूल की भारी कमी होने वाली है। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) के मुताबिक, यूरोप के पास अब सिर्फ 6 हफ्ते का तेल बचा है। अगर सप्लाई जल्द शुरू नहीं हुई, तो गर्मियों की छुट्टियों के सीजन में फ्लाइट्स रद्द होंगी और टिकट के दाम बढ़ेंगे।

इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) के डायरेक्टर फातिह बिरोल ने एक इंटरव्यू में बताया कि ग्लोबल इकोनॉमी अब तक के सबसे बड़े ऊर्जा संकट का सामना कर रही है। यूरोप के कुछ देशों के पास आमतौर पर कई महीनों का जेट फ्यूल स्टॉक होता है, लेकिन युद्ध की वजह से अब यह तेजी से घट रहा है।

आईईए की रिपोर्ट के मुताबिक, यूरोप के कई देशों में अब 20 दिन से भी कम का फ्यूल स्टॉक रह गया है। अगर यह 23 दिन से नीचे गिरता है, तो एयरपोर्ट्स पर फ्यूल की फिजिकल कमी दिखने लगेगी, जिससे फ्लाइट्स बड़े पैमाने पर रद्द करनी पड़ेंगी।

होर्मुज रूट बंद होने से मुसीबत बढ़ी

यूरोप अपनी जरूरत का करीब 20 से 25% जेट फ्यूल आयात करता है। इसमें से 40% हिस्सा होर्मुज रूट के रास्ते आता है। अर्गस मीडिया के मुताबिक, जब से ईरान युद्ध शुरू हुआ है, इस रास्ते से एक भी फ्यूल शिप नहीं निकला है। दुनिया में हर दिन 1 करोड़ से 1.5 करोड़ बैरल तेल की सप्लाई इस रास्ते के बंद होने से रुकी हुई है।

एयरलाइंस पर बोझ बढ़ा, खर्च में 30% हिस्सा फ्यूल का

इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के अनुसार, किसी भी एयरलाइन के कुल खर्च में जेट फ्यूल की हिस्सेदारी 30% होती है। युद्ध शुरू होने के बाद से जेट फ्यूल की कीमतें लगभग दोगुनी हो गई हैं। इसका सीधा असर एयरलाइंस के मुनाफे पर पड़ रहा है।

यही वजह है कि एयरलाइंस ने अब इसका बोझ यात्रियों पर डालना शुरू कर दिया है। कई कंपनियों ने टिकट के दाम बढ़ाने के साथ-साथ बैगेज फीस और अन्य एड-ऑन सर्विस के चार्ज बढ़ा दिए हैं।

कई एयरलाइंस ने फ्लाइट्स में की कटौती

फ्यूल की कमी और बढ़ती कीमतों के कारण एयरलाइंस ने कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं…

  • KLM: डच एयरलाइन ने अगले महीने के लिए अपनी 160 फ्लाइट्स रद्द करने का फैसला किया है। कंपनी का कहना है कि बढ़ती कीमतों के कारण ये रूट्स अब फायदेमंद नहीं रहे।
  • लुफ्थांसा: जर्मनी की इस एयरलाइन ने अपनी फीडर एयरलाइन ‘सिटीलाइन’ को समय से पहले बंद करने का फैसला लिया है। इसके 27 पुराने और ज्यादा तेल पीने वाले विमानों को सर्विस से हटा दिया गया है।
  • इजीजेट: कंपनी को 2026 की पहली छमाही में करीब 560 मिलियन पाउंड (लगभग 758 मिलियन डॉलर) के नुकसान की आशंका है।
  • कैथे पैसिफिक और एअर इंडिया: कैथे पैसिफिक ने फ्यूल सरचार्ज 34% तक बढ़ा दिया है, वहीं एयर इंडिया ने कुछ फ्लाइट्स पर 280 डॉलर तक की फीस जोड़ दी है।

अमेरिका से मदद, लेकिन एशिया-पैसिफिक को ज्यादा खतरा

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, मिडिल ईस्ट के तेल पर सबसे ज्यादा निर्भरता एशिया-पैसिफिक देशों की है, इसके बाद यूरोप आता है। अमेरिका एक बड़ा तेल उत्पादक है, इसलिए वहां फ्यूल की कमी का संकट कम है।

यूरोप की मदद के लिए अमेरिका ने अप्रैल में अपनी सप्लाई 6 गुना बढ़ाकर 1.5 लाख बैरल प्रतिदिन कर दी है, लेकिन यह पूरी कमी को भरने के लिए काफी नहीं है।

यात्रियों के लिए क्या बदलेगा?

सिर्फ टिकट महंगे होना ही एकमात्र समस्या नहीं है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यात्रियों को अब लंबी दूरी के रूट्स (जो फ्यूल बचाने के लिए बदले जाएंगे), कम फ्लाइट ऑप्शंस और आखिरी समय में शेड्यूल बदलने जैसी दिक्कतों के लिए तैयार रहना चाहिए। गर्मियों के पीक सीजन में सस्ती टिकट मिलना लगभग नामुमकिन हो जाएगा।

क्या है होर्मुज रूट?

यह ओमान और ईरान के बीच स्थित एक संकरा समुद्री रास्ता है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है क्योंकि खाड़ी देशों (सऊदी अरब, यूएई, कुवैत) से निकलने वाला अधिकांश कच्चा तेल और एलएनजी इसी रास्ते से होकर पूरी दुनिया में जाता है।

ये खबर भी पढ़ें…

एअर इंडिया की घरेलू उड़ानें ₹899 तक महंगी: नया किराया 8 अप्रैल से लागू होगा, जेट फ्यूल के दाम बढ़ना वजह

एअर इंडिया ने घरेलू उड़ानों के लिए फ्यूल सरचार्ज बढ़ा दिया है। इससे हवाई सफर महंगा हो जाएगा। ग्लोबल मार्केट में विमान ईंधन (ATF) की कीमतों में आई तेजी के बाद एयरलाइन ने यह फैसला लिया है। नई दरें कल यानी 8 अप्रैल 2026 से प्रभावी होंगी।

एयरलाइन के मुताबिक, जेट फ्यूल की कीमतें लगभग दोगुनी होने से लागत बढ़ गई है। विमान ईंधन की औसत कीमत 195.19 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई है, जो फरवरी के अंत में 99.40 डॉलर थी। इससे पहले इंडिगो ने भी फ्यूल सरचार्ज बढ़ाया था। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.