Tuesday, 02 Jun 2026 | 05:36 PM

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घरेलू विवाद में पत्नी का पत्थर से सिर कुचला:बेटे के साथ मिलकर जमीन पर पटका, गला दबाया; सबूत मिटाने बदले कपड़े, दोनों गिरफ्तार

घरेलू विवाद में पत्नी का पत्थर से सिर कुचला:बेटे के साथ मिलकर जमीन पर पटका, गला दबाया; सबूत मिटाने बदले कपड़े, दोनों गिरफ्तार

मंडला जिले के ग्राम घुरनेर में हुई 45 वर्षीय महिला तुलसा बाई की अंधी हत्या की गुत्थी पुलिस ने 24 घंटे में सुलझा ली है। महिला की हत्या उसके पति चंद्रिका प्रसाद और बेटे मनोहर प्रसाद ने मिलकर की थी। पुलिस ने शनिवार को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दिया। 15 साल से चल रहे घरेलू विवाद में मारा पुलिस जांच में सामने आया कि तुलसा बाई का अपने पति से पिछले 15-20 वर्षों से विवाद चल रहा था और वे अलग रह रहे थे। 15 अप्रैल की शाम पुराने विवाद को लेकर फिर झगड़ा हुआ। इस दौरान बेटे ने मां को जमीन पर पटक दिया और पति ने गला दबाने के बाद पत्थर से सिर कुचलकर हत्या कर दी। एफएसएल और डॉग स्क्वॉड की मदद से मिले सुराग 17 अप्रैल को महिला का शव घर में मिलने के बाद मुकेश पटेल की सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम किया था। एसपी रजत सकलेचा के निर्देश पर गठित टीम ने घटनास्थल पर एफएसएल और डॉग स्क्वॉड की मदद से साक्ष्य जुटाए। संदेह के आधार पर जब पति और बेटे से पूछताछ की गई, तो उन्होंने जुर्म स्वीकार कर लिया। साक्ष्य छिपाने के लिए बदले कपड़े और धोए हाथ वारदात के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने के उद्देश्य से अपने खून से सने कपड़े बदल लिए थे और हाथ धो लिए थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त पत्थर और छिपाए गए खून से सने कपड़े बरामद कर लिए हैं। निवास पुलिस ने 24 घंटे में पकड़ा थाना प्रभारी गोपाल घासले के नेतृत्व वाली टीम ने एक दिन में हत्या की गुत्थी सुलझाई। TI ने बताया कि घरेलू हिंसा और आपसी रंजिश इस जघन्य हत्याकांड की मुख्य वजह रही। अधिकारियों ने साक्ष्य जुटाकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की है।

Indore BRICS Agriculture Ministers Meet June 2026

Indore BRICS Agriculture Ministers Meet June 2026

स्वच्छ भारत अभियान में अपना लोहा मनवाने के बाद अब इंदौर एक बार फिर वैश्विक कूटनीति के मानचित्र पर चमकने के लिए तैयार है। भारत द्वारा 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit 2026) की मेजबानी के तहत कृषि क्षेत्र की सबसे महत्वपूर्ण बैठक मध्य प्रदेश की . केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस महत्वपूर्ण आयोजन के लिए व्यक्तिगत रूप से इंदौर का चयन किया है। पिछले दिनों दिल्ली में हुई एक बैठक के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को इस फैसले से अवगत कराया था, जिसके बाद से ही राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन तैयारियों में जुट गया है। शहर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर को इस आयोजन के संभावित स्थल के रूप में देखा जा रहा है, जहां इससे पहले जी-20 और प्रवासी भारतीय सम्मेलन जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो चुके हैं। पांच दिनों तक चलेगा मंथन का दौर इंदौर में होने वाला यह आयोजन दो मुख्य चरणों में विभाजित होगा। मंत्रियों के आगमन से पहले 9 से 11 जून तक तीन दिवसीय अधिकारियों की बैठक होगी, जिसमें कृषि क्षेत्र से जुड़े तकनीकी पहलुओं और रणनीतियों पर चर्चा की जाएगी। 12 और 13 जून को मंत्रियों की मुख्य बैठक होगी। इस बार के शिखर सम्मेलन की थीम ‘रेजिलिएंस, इनोवेशन, सहयोग और सतत विकास के लिए निर्माण’ रखी गई है। ब्रिक्स का बदलता स्वरूप और MP की भूमिका ब्रिक्स अब केवल पांच देशों का समूह नहीं रह गया है। 2024 और 2025 में हुए विस्तार के बाद अब इसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के साथ मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और इंडोनेशिया भी शामिल हैं। वैश्विक आबादी का 45 फीसदी और दुनिया की अर्थव्यवस्था का 28 फीसदी हिस्सा रखने वाले इन देशों का जमावड़ा इंदौर में होना शहर की ब्रांडिंग के लिए मील का पत्थर साबित होगा। 2025 में ब्राजील द्वारा की गई मेजबानी के बाद अब भारत इस जिम्मेदारी को आगे बढ़ा रहा है, जिससे मध्य प्रदेश के कृषि विकास को भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान मिलेगी।

Indore BRICS Agriculture Ministers Meet June 2026

Indore BRICS Agriculture Ministers Meet June 2026

इंदौर46 मिनट पहले कॉपी लिंक स्वच्छ भारत अभियान में अपना लोहा मनवाने के बाद अब इंदौर एक बार फिर वैश्विक कूटनीति के मानचित्र पर चमकने के लिए तैयार है। भारत द्वारा 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit 2026) की मेजबानी के तहत कृषि क्षेत्र की सबसे महत्वपूर्ण बैठक मध्य प्रदेश की व्यावसायिक राजधानी इंदौर में आयोजित होने जा रही है। 12 और 13 जून को होने वाली इस उच्च स्तरीय बैठक में ब्रिक्स समूह के सभी 11 सदस्य देशों के कृषि मंत्री शामिल होंगे। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस महत्वपूर्ण आयोजन के लिए व्यक्तिगत रूप से इंदौर का चयन किया है। पिछले दिनों दिल्ली में हुई एक बैठक के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को इस फैसले से अवगत कराया था, जिसके बाद से ही राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन तैयारियों में जुट गया है। शहर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर को इस आयोजन के संभावित स्थल के रूप में देखा जा रहा है, जहां इससे पहले जी-20 और प्रवासी भारतीय सम्मेलन जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो चुके हैं। पांच दिनों तक चलेगा मंथन का दौर इंदौर में होने वाला यह आयोजन दो मुख्य चरणों में विभाजित होगा। मंत्रियों के आगमन से पहले 9 से 11 जून तक तीन दिवसीय अधिकारियों की बैठक होगी, जिसमें कृषि क्षेत्र से जुड़े तकनीकी पहलुओं और रणनीतियों पर चर्चा की जाएगी। 12 और 13 जून को मंत्रियों की मुख्य बैठक होगी। इस बार के शिखर सम्मेलन की थीम ‘रेजिलिएंस, इनोवेशन, सहयोग और सतत विकास के लिए निर्माण’ रखी गई है। ब्रिक्स का बदलता स्वरूप और MP की भूमिका ब्रिक्स अब केवल पांच देशों का समूह नहीं रह गया है। 2024 और 2025 में हुए विस्तार के बाद अब इसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के साथ मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और इंडोनेशिया भी शामिल हैं। वैश्विक आबादी का 45 फीसदी और दुनिया की अर्थव्यवस्था का 28 फीसदी हिस्सा रखने वाले इन देशों का जमावड़ा इंदौर में होना शहर की ब्रांडिंग के लिए मील का पत्थर साबित होगा। 2025 में ब्राजील द्वारा की गई मेजबानी के बाद अब भारत इस जिम्मेदारी को आगे बढ़ा रहा है, जिससे मध्य प्रदेश के कृषि विकास को भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान मिलेगी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

बालाघाट में मील के पत्थर से टकराई बाइक:भतीजे की मौत, चाचा गंभीर घायल; कारंजा बाजार से खरीदारी कर लौट रहे थे

बालाघाट में मील के पत्थर से टकराई बाइक:भतीजे की मौत, चाचा गंभीर घायल; कारंजा बाजार से खरीदारी कर लौट रहे थे

बालाघाट जिले के मिरिया गांव के पास शनिवार दोपहर एक बाइक सड़क किनारे लगे मील के पत्थर से टकरा गई। इस हादसे में 18 वर्षीय लोकेश वाघारे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके चाचा महेंद्र सोनवाने गंभीर रूप से घायल हो गए। कारंजा बाजार से खरीदारी कर लौट रहे थे रामपायली थाना क्षेत्र के चंगेरा निवासी लोकेश और महेंद्र मिरिया गांव स्थित अपनी ससुराल आए हुए थे। 18 अप्रैल को दोपहर करीब 4 से 5 बजे के बीच दोनों कारंजा बाजार से खरीदारी कर बाइक (एमपी 50 जेडसी 8205) से वापस लौट रहे थे, तभी मिरिया के समीप वाहन अनियंत्रित होकर किलोमीटर पत्थर से टकरा गया। चाचा महाराष्ट्र के गोंदिया रेफर हादसे के बाद डायल 112 और 108 एंबुलेंस की मदद से घायल महेंद्र को सिविल अस्पताल लांजी पहुंचाया गया। महेंद्र के पैर में गंभीर चोट होने के कारण प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए महाराष्ट्र के गोंदिया रेफर किया गया है। कल होगा पीएम बहेला पुलिस ने मृतक लोकेश के शव को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रखवाया है। शनिवार रात होने के कारण शव का पोस्टमार्टम रविवार सुबह किया जाएगा। पुलिस हादसे की जांच कर रही है।

गर्मियों में मच्छरों ने परेशान किया? कॉइल या स्पाइडर की जगह अपनाएं ये घरेलू तरीका, झट से लगेगा काम

गर्मियों में मच्छरों ने परेशान किया? कॉइल या स्पाइडर की जगह अपनाएं ये घरेलू तरीका, झट से लगेगा काम

मच्छरों से कैसे छुटकारा पाएं: गर्मियां आते ही घर में मच्छरों का आतंक शुरू हो जाता है। अगर बिजली सा भी आसमान से पानी बरस जाए तो तुरंत मच्छर बढ़ जाते हैं। मच्छरों से मच्छर, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसे मच्छरों का खतरा भी बना रहता है। ऊपर से अगर ये काट लें, तो खुजा-खुजाकर पूरा रेशम लाल हो जाता है। घर में मच्छरों के से कई तरह की परेशानियां बढ़ जाती हैं। ना रात को अच्छी नींद आती है और ना ही दिन में ये चैन से रहते हैं। जमे हुए पुराने पानी में हीमासेक्ट्स, गैमलों, नाज़ोल और खाली पॉटियन्स में हीमास पठथते हैं। ऐसे में अगर आप भी घर में मच्छरों के आतंक से परेशान हो गए हैं और जल्द ही परेशान होना चाहते हैं तो आज हम आपको एक ऐसा घरेलू नुस्खा बताते हैं जो काफी आसान, सस्ता और असरदार है। मच्छर भगाने का असरदार घरेलू उपाय आमतौर पर घर में मच्छरों को भगाने के लिए कॉइल या हिट जैसे जहर का इस्तेमाल होता है। ये काफी हद तक मदद तो करते हैं लेकिन मच्छर कैसे ना कैसे करके वापस आपको तंग करने के लिए आ ही जाते हैं। ऐसे में हम आपको बताएंगे कि कौन से घरेलू नुस्खे मौजूद हैं, एक बार उन्हें ट्राई करके देखें। इसके लिए आपको केवल तीन चीजें चाहिए, जो कपूर, सरसों का तेल और तेजपत्ता हैं। सबसे पहले कपूर की 3-4 गोलियां लेकर उन्हें अच्छे से पीस लें। इसमें एक-डेढ़ कच्चे तेल का तेल शामिल है, फिर 3-4 तेजपत्ता मशीन से जला लें। अब इस मिश्रण को अच्छे से जला लें और फिर आग बिगोकर आईएस स्मोक लेकर चारों ओर घर में अच्छे से बिखर गए। आपने देखा कि इसकी गंध से मच्छर तुरंग का विस्फोट हुआ। ये आप हर शाम घर पर कर सकते हैं। ये सबसे पुराना, टिकाऊ, सस्ता और असरदार उपाय है जिससे मच्छर 10-15 मिनट में ही भाग जाते हैं। जब आप घर में स्मोक कर रहे हों तो मच्छर घर से बाहर निकल जाएं।

बड़वानी में बारात पर पथराव, अलीराजपुर के पांच बाराती घायल:नाचने को लेकर विवाद, चार वाहनों में तोड़फोड़; बिना दुल्हन वापस लौटे बाराती

बड़वानी में बारात पर पथराव, अलीराजपुर के पांच बाराती घायल:नाचने को लेकर विवाद, चार वाहनों में तोड़फोड़; बिना दुल्हन वापस लौटे बाराती

बड़वानी की मधुवन कॉलोनी में 15 अप्रैल को नाचने के विवाद में एक बारात पर पथराव कर दिया गया। इस हमले में पांच बाराती गंभीर रूप से घायल हो गए और बारात को बिना विवाह की रस्में पूरी किए और बिना दुल्हन के ही वापस लौटना पड़ा। नाचने के विवाद में गाली-गलौज और हिंसक झड़प अलीराजपुर के नानपुर निवासी हारू बघेल अपने बेटे विक्की की बारात लेकर बड़वानी पहुंचे थे। शाम करीब 4 बजे नाचने की बात को लेकर स्थानीय युवकों से बहस शुरू हो गई। यह विवाद गाली-गलौज के बाद पथराव में बदल गया। पथराव में पांच बाराती घायल, वाहनों में तोड़फोड़ हमले में करण मावड़ा, अर्जुन डोडवे, करण डोडवे, प्रीतम कनेश और महेंद्र बघेल घायल हुए हैं। आरोपियों ने बारात की चार गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए और जान से मारने की धमकी दी। हमले के कारण बारात को जान बचाकर वापस नानपुर लौटना पड़ा। अर्जुन परमार और पिंटू भूरिया सहित चार पर FIR बड़वानी पुलिस ने दूल्हे के पिता की शिकायत पर अर्जुन परमार, पिंटू भूरिया, लक्की जाधव और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपियों पर विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। पीड़ितों ने पुलिस से वाहनों के नुकसान की भरपाई और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।

CM मोहन बोले-TMC ने पश्चिम बंगाल का बेड़ा गर्क किया:बदहाली के लिए ममता सरकार का 'जंगलराज' जिम्मेदार; गलियों में पैदल घूमकर वोट मांगे

CM मोहन बोले-TMC ने पश्चिम बंगाल का बेड़ा गर्क किया:बदहाली के लिए ममता सरकार का 'जंगलराज' जिम्मेदार; गलियों में पैदल घूमकर वोट मांगे

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को पश्चिम बंगाल के चुनावी रण में उतरे। उन्होंने कोलकाता के कमरहाटी और मेदनीपुर के खड़गपुर सदर में भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में धुआंधार प्रचार किया। गलियों में पैदल घूमकर और रोड शो के जरिए जनता से रूबरू होते हुए डॉ. यादव ने सीधे शब्दों में कहा कि बंगाल की बदहाली के लिए टीएमसी का ‘जंगलराज’ जिम्मेदार है और अब राज्य की जनता इस कुशासन से परमानेंट मुक्ति चाहती है। गरीबी और पलायन पर वार: “युवा मजबूर हैं, विकास अवरुद्ध है” मुख्यमंत्री ने कोलकाता के अंदरूनी इलाकों की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि यहां गरीबी ने पैर पसार रखे हैं और हालात दयनीय हैं। उन्होंने स्थानीय युवाओं के दर्द को छूते हुए कहा कि रोजगार के अभाव में बंगाल का टैलेंट पलायन करने को मजबूर है। डॉ. यादव ने भरोसा दिलाया कि जिस बंगाल ने कभी देश को दिशा दिखाई थी, उसे फिर से उत्थान की ओर ले जाने के लिए ‘खिलता कमल’ और भाजपा की सरकार अनिवार्य है। उन्होंने दावा किया कि बंगाल की जनता अब ठहराव नहीं, बल्कि प्रगति की नई इबारत लिखना चाहती है। घुसपैठ पर कड़ा प्रहार: “सिर्फ भाजपा ही रोक सकती है बांग्लादेशी घुसपैठ” डॉ. यादव ने पश्चिम बंगाल की सबसे बड़ी समस्या ‘बांग्लादेशी घुसपैठ’ को मुख्य मुद्दा बनाया। उन्होंने दो टूक कहा कि राज्य की सुरक्षा और जनसांख्यिकी को बचाने के लिए भाजपा की जीत जरूरी है। उन्होंने चुनाव आयोग के निर्देशों पर हुए एसआईआर (SIR) का जिक्र करते हुए कहा कि सही मतदाताओं की पहचान और घुसपैठियों पर लगाम लगाने के लिए यह प्रक्रिया अत्यंत आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने तंज कसा कि पहले कम्युनिस्टों और अब टीएमसी ने मिलकर बंगाल का बेड़ा गर्क कर दिया है। डबल इंजन का वादा: “एमपी की तरह बंगाल में भी दौड़ेगी विकास की ट्रेन” प्रचार के दौरान डॉ. यादव ने मध्य प्रदेश और अन्य भाजपा शासित राज्यों की प्रगति का उदाहरण पेश किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘डबल इंजन’ की सरकार बनते ही बंगाल में जनकल्याणकारी योजनाओं की बाढ़ आ जाएगी। कमरहाटी से प्रत्याशी अरुप चौधरी और खड़गपुर से वरिष्ठ नेता दिलीप घोष के लिए वोट मांगते हुए उन्होंने कहा कि मोदी जी की नीतियां युवा, महिला, गरीब और किसान को केंद्र में रखकर बनाई गई हैं, जिनका लाभ अब बंगाल के हर घर तक पहुंचेगा। जमीनी जुगलबंदी: गलियों में पैदल घूमे, सुनीं लोगों की समस्याएं रोड शो के दौरान डॉ. यादव का एक अलग अंदाज भी देखने को मिला। वे केवल रथ पर सवार नहीं रहे, बल्कि कमरहाटी और खड़गपुर की तंग गलियों और बस्तियों में पैदल घूमे। इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों से संवाद किया और उनकी रोजमर्रा की समस्याओं को सुना। उन्होंने जनता को आश्वस्त किया कि भाजपा की सरकार बनते ही बंगाल देश के साथ कदम से कदम मिलाकर चलेगा और फिर से नंबर वन राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा।

महिदपुर रोड पर पुलिस पर किया था पथराव:3 आरोपी गिरफ्तार, सड़क दुर्घटना के बाद भड़का था विवाद

महिदपुर रोड पर पुलिस पर किया था पथराव:3 आरोपी गिरफ्तार, सड़क दुर्घटना के बाद भड़का था विवाद

उज्जैन के महिदपुर रोड थाना क्षेत्र में सड़क दुर्घटना के बाद पुलिस पर पथराव करने के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस घटना में थाना प्रभारी सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। पुलिस ने 24 घंटे के भीतर कार्रवाई करते हुए आरोपियों को जेल भेज दिया। यह विवाद 17 अप्रैल को नागदा तिराहे पर हुई एक सड़क दुर्घटना के बाद भड़का था। दुर्घटना के बाद ग्राम शिकारीखेड़ा के कुछ लोग आक्रोशित होकर महिदपुर रोड थाने के बाहर बड़ी संख्या में जमा हो गए थे। स्थिति को संभालने के लिए थाना प्रभारी और पुलिस स्टाफ मौके पर पहुंचा और भीड़ को समझाने का प्रयास किया। इसी दौरान माहौल बिगड़ गया और भीड़ ने पुलिस दल पर हमला करते हुए पथराव शुरू कर दिया। हमले में थाना प्रभारी सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरक्षक मदन पग्गी की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 59/2026 दर्ज किया। आरोपियों के खिलाफ अलग अलग धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम गठित की गई थी जिसमें। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) अभिषेक रंजन और एसडीओपी महिदपुर जेंडेन लिंगजेरपा के नेतृत्व में पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 18 अप्रैल को तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में नारायण (49), तोफानसिंह (28) और गीताबाई (58) शामिल हैं, जो सभी ग्राम शिकारीखेड़ा के निवासी हैं। तीनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

नर्सिंग ऑफिसर भर्ती की शर्तों पर नोटिस:हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और MPESB से मांगा जवाब; अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने की राहत

नर्सिंग ऑफिसर भर्ती की शर्तों पर नोटिस:हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और MPESB से मांगा जवाब; अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने की राहत

मध्य प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग ऑफिसर पदों पर भर्ती के लिए जारी हालिया विज्ञापन को लेकर जबलपुर स्थित उच्च न्यायालय की मुख्य पीठ में कई याचिकाएं दाखिल की गई हैं। जबलपुर निवासी ज्योति साहू सहित अन्य याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि विज्ञापन में तय शर्तें ‘मध्य प्रदेश चिकित्सा शिक्षा (अराजपत्रित) सेवा भर्ती एवं पदोन्नति नियम, 2023’ के विपरीत हैं। इन नियमों में जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी (GNM) को नर्सिंग ऑफिसर पद के लिए स्वतंत्र और पर्याप्त योग्यता माना गया है, लेकिन विज्ञापन में GNM पास अभ्यर्थियों के लिए ‘पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग’ की अतिरिक्त शर्त जोड़ दी गई है, जो मूल नियमों में कहीं भी उल्लेखित नहीं है। साथ ही, कंडिका 8 (क) के तहत 10+2 स्तर पर भौतिकी, रसायन और जीव विज्ञान को अनिवार्य कर दिया गया है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि जब उन्होंने GNM कोर्स में प्रवेश लिया था, तब जीव विज्ञान अनिवार्य नहीं था। ऐसे में कोर्स पूरा करने के बाद भर्ती के समय यह शर्त लागू करना कानूनन गलत है। उनका यह भी कहना है कि देश के अन्य राज्यों में GNM योग्य उम्मीदवारों के लिए 12वीं में जीव विज्ञान की अनिवार्यता नहीं रखी जाती, इसलिए यह शर्त तर्कहीन और भेदभावपूर्ण है। मामले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और कर्मचारी चयन मंडल को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही, याचिकाकर्ताओं को भर्ती परीक्षा में शामिल होने की अनुमति भी दी है। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता विशाल बघेल ने पैरवी की।

विपक्ष ने विधेयक को हराकर ‘भ्रूणहत्या’ की: महिला आरक्षण पर प्रधानमंत्री | भारत समाचार

Chennai Super Kings' Jamie Overton, left, celebrate with teammates the wicket of Sunrisers Hyderabad's Abhishek Sharma during the Indian Premier League cricket match between Sunrisers Hyderabad and Chennai Super Kings in Hyderabad, India, Saturday, April 18, 2026. (AP Photo/Mahesh Kumar A.)

आखरी अपडेट:18 अप्रैल, 2026, 21:35 IST लोकसभा में महिला आरक्षण बिल फेल होने पर पीएम मोदी ने विपक्ष को ठहराया जिम्मेदार, 33 फीसदी कोटा और अधिक सीटों का बिल दो तिहाई बहुमत से कम, सुधार का भविष्य अनिश्चित. लोकसभा में महिला आरक्षण बिल फेल होने पर पीएम मोदी ने विपक्ष को ठहराया जिम्मेदार, 33 फीसदी कोटा और अधिक सीटों का बिल दो तिहाई बहुमत से कम, सुधार का भविष्य अनिश्चित. महिला आरक्षण विधेयक के लोकसभा में आवश्यक बहुमत हासिल करने में विफल रहने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला और उन पर महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण सुधार को बाधित करने का आरोप लगाया। राष्ट्र को संबोधित करते हुए, मोदी ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम जैसी पार्टियों ने ऐसा किया है जिसे उन्होंने “इस ईमानदार प्रयास की भ्रूण हत्या” कहा है। उन्होंने कहा, “उन्होंने संविधान और इस देश की नारीत्व के खिलाफ अपराध किया है।” लोकसभा में बिल कम पड़ गया सरकार शुक्रवार को संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 पारित करने में विफल रही – प्रस्तावित को लागू करने के लिए एक प्रमुख आवश्यकता महिलाओं के लिए 33% आरक्षण लोकसभा में. बिल प्राप्त हुआ पक्ष में 298 और विपक्ष में 230 वोट पड़ेकी कमी हो रही है दो तिहाई बहुमत संवैधानिक संशोधन के लिए आवश्यक. झटके के बाद, सरकार दो अन्य संबंधित विधेयकों पर आगे नहीं बढ़ी जो व्यापक सुधार पैकेज का हिस्सा थे। बिल में क्या प्रस्तावित है प्रस्तावित कानून का उद्देश्य: से लोकसभा की ताकत बढ़ाएँ 543 से 850 सीटें संरक्षित महिलाओं के लिए एक तिहाई सीटें इस कदम को संसद में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाने की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में पेश किया गया था। प्रधानमंत्री ने माफी मांगी, ‘स्वार्थी राजनीति’ को जिम्मेदार ठहराया मोदी ने देशभर की महिलाओं से माफी मांगते हुए बिल के फेल होने पर अफसोस जताया. उन्होंने कहा, “मैं सभी माताओं और देश से माफी मांगता हूं… हमारे सर्वोत्तम प्रयासों के बावजूद, हम सफल नहीं हुए हैं।” उन्होंने तृणमूल कांग्रेस सहित विपक्षी दलों पर राष्ट्रीय हित पर राजनीतिक हितों को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ”इन पार्टियों की स्वार्थी राजनीति के कारण देश की महिलाओं को नुकसान उठाना पड़ा है।” राजनीतिक फ्लैशप्वाइंट विधेयक का पतन एक महत्वपूर्ण राजनीतिक टकराव का संकेत है, जिसमें सरकार और विपक्ष दोनों को विफलता के लिए जिम्मेदारी पर दोषारोपण जारी रखने की उम्मीद है। यह परिणाम महिला आरक्षण सुधारों के भविष्य पर भी सवाल उठाता है, जिस पर भारत में दशकों से बहस चल रही है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : दिल्ली, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 18 अप्रैल, 2026, 21:34 IST न्यूज़ इंडिया विपक्ष ने विधेयक को हरा कर ‘भ्रूणहत्या’ की: महिला आरक्षण पर पीएम अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)महिला आरक्षण विधेयक भारत(टी)नरेंद्र मोदी आलोचना(टी)महिला आरक्षण लोकसभा(टी)संविधान 131वां संशोधन विधेयक(टी)33 प्रतिशत कोटा महिला(टी)भारतीय विपक्षी दल(टी)महिला प्रतिनिधित्व संसद(टी)बिल लोकसभा में विफल