Friday, 05 Jun 2026 | 11:01 AM

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थलपति विजय-संगीता तलाक केस की सुनवाई फिर टली:चेन्नई कोर्ट ने सुनवाई मध्य जून तक टाली, राजनीतिक व्यस्तता के चलते एक्टर पेश नहीं हुए

थलपति विजय-संगीता तलाक केस की सुनवाई फिर टली:चेन्नई कोर्ट ने सुनवाई मध्य जून तक टाली, राजनीतिक व्यस्तता के चलते एक्टर पेश नहीं हुए

तमिल सुपरस्टार और राजनेता विजय और उनकी पत्नी संगीता सॉर्नालिंगम के बीच चल रहे तलाक मामले में एक बार फिर अहम अपडेट सामने आया है। चेन्नई के चेंगलपट्टू फैमिली कोर्ट में इस केस की सुनवाई होनी थी, लेकिन अदालत ने इसे आगे बढ़ाते हुए अब अगली तारीख मध्य जून तय कर दी है। ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, यह मामला कोर्ट की कार्यसूची में चौथे नंबर पर सूचीबद्ध था और सुनवाई न्यायाधीश ससिकला के समक्ष हुई। हालांकि, संक्षिप्त सुनवाई के बाद अदालत ने मामले को स्थगित कर दिया और दोनों पक्षों को अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए। बाद में अदालत ने सुनवाई की तारीख बढ़ाकर 15 जून कर दी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, विजय की ओर से उनके वकील ने अदालत को बताया कि एक्टर इस समय राजनीतिक गतिविधियों और चुनावी प्रचार में व्यस्त हैं, इसलिए उनका व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना कठिन हो सकता है। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश होने की अनुमति भी मांगी थी। यह तलाक मामला तब से सुर्खियों में है जब संगीता ने तलाक की याचिका दायर की थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने विवाह में मतभेद और अन्य निजी कारणों का हवाला दिया है। इसके बाद से यह मामला लगातार कानूनी प्रक्रिया में आगे बढ़ रहा है और हर सुनवाई पर मीडिया और प्रशंसकों की नजर बनी हुई है। इसी बीच, कोर्ट ने दोनों पक्षों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई में उनकी उपस्थिति जरूरी होगी, ताकि मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पर निर्णय लिया जा सके। विजय और संगीता की शादी साल 1999 में हुई थी और उनके दो बच्चे हैं। लंबे समय से यह कपल निजी जीवन को लेकर चर्चा में नहीं था, लेकिन इस कानूनी विवाद ने एक बार फिर उन्हें सुर्खियों में ला दिया है। अब सभी की नजरें 15 जून की अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां इस हाई-प्रोफाइल केस में आगे क्या मोड़ आता है, यह तय होगा।

अचार भंडारण युक्तियाँ: अचार में लागती है स्वाद? जानिए इसे स्टोर करने का सही तरीका, महीनों तक बुरा नहीं होगा

तस्वीर का विवरण

अचार में नमक रहना, साफ-सफाई का ध्यान न रखना, तेल या नमक की मात्रा कम होना या नमक से अचार बनाना। इन अध्ययनों से पता चला है कि इन अध्ययनों से पता चलता है कि ये उत्पाद जल्दी खराब हो जाते हैं। छवि: एआई पूरी तरह से पढ़ें: अचार बनाने से पहले सभी सामग्री जैसे आम, नींबू, मिर्च आदि को अच्छे से धोकर पूरी तरह सुखा लें। वैलिडिटी सी किताब का कारण भी बन सकता है। छवि: फ्रीपिक साफ और बिकवाली का उपयोग करें: हमेशा कांच या फैब्रिक-ग्रेड प्लास्टिक के टुकड़े और साफ जार का ही उपयोग करें। स्टील के से चुनें। छवि: फ्रीपिक तेल की सही मात्रा: अचार में इतने तेल की सारी सामग्री डालकर डुबा दिया जाए। तेल एक परत कलाकार आचार्य को हवा और रिचर्ड से मिला है। छवि: फ्रीपिक नमक और मूल सही मात्रा में स्थान: नमक एक प्राकृतिक संरक्षण है। अगर नमक कम हो जाए तो अचार जल्दी खराब हो सकता है। छवि: फ्रीपिक अन्यत्र और अन्य स्थान पर: आचार्य को हमेशा के लिए नामांकित किया गया और जगह-जगह पर रखा गया। ज्यादा गर्मी या होटल वाली जगह से बचें। छवि: फ्रीपिक हमेशा सूखा उत्पाद का उपयोग करें: अचार का मिश्रण या उपयोग किया गया मिश्रण बिल्कुल नहीं दिया गया। इस तरह के आचार्य में लाइब्रेरी बनी हुई है और लेबल लग सकते हैं। छवि: एआई धूप दिखाना नहीं: कभी-कभी आचार्य को धूप में रखना बहुत कमाल का होता है। इससे उसकी फर्मी शेल्फ़ हल्दी और स्वाद भी बेहतर होता है। छवि: एआई यदि फ़िल्में बहुत कम हैं, तो ऊपर की परतें नारियल के बाकी हिस्सों को धूप में रख सकते हैं। लेकिन अगर ज्यादातर हिस्सा खराब हो गया है, तो उसका इस्तेमाल न करें। छवि: एआई

अमेरिका में ट्रम्प टैरिफ का सबसे बड़ा रिफंड शुरू:ब्याज समेत 90 दिन में पैसा वापस मिलेगा, ₹13.8 लाख करोड़ लौटाने हैं

अमेरिका में ट्रम्प टैरिफ का सबसे बड़ा रिफंड शुरू:ब्याज समेत 90 दिन में पैसा वापस मिलेगा, ₹13.8 लाख करोड़ लौटाने हैं

अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के कार्यकाल में लगाए गए टैरिफ को अवैध ठहराने के बाद रिफंड की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अमेरिकी कंपनियां सोमवार से नए ऑनलाइन पोर्टल के जरिए आवेदन कर सकती हैं। इसे अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा टैरिफ रिफंड माना जा रहा है, जिसमें 166 अरब डॉलर (करीब 13.8 लाख करोड़ रुपए) लौटाए जाने हैं। रिफंड लौटाने का यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद लागू हुआ है। कोर्ट ने कहा था कि ट्रम्प प्रशासन ने आपातकालीन शक्तियों का गलत इस्तेमाल कर टैरिफ लगाए थे। इसके बाद कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड ने इंपोर्टर्स को उनकी जमा राशि और ब्याज लौटाने के निर्देश दिए थे। इस फैसले के तहत करीब 3.3 लाख इंपोर्टर्स को राहत मिलेगी, जिन्होंने पिछले साल कार पार्ट्स से लेकर स्मार्टफोन तक पर भारी टैक्स चुकाया था CAPE पोर्टल से होगा आवेदन US कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) ने CAPE (Consolidated Administration and Processing of Entries) नाम का नया पोर्टल लॉन्च किया है। यह ACE (Automated Commercial Environment) सिस्टम का हिस्सा है। इसके जरिए इंपोर्टर्स “CAPE डिक्लेरेशन” दाखिल कर अपने क्लेम सबमिट कर सकेंगे, जिससे प्रक्रिया को तेज और सरल बनाने का दावा किया गया है। 60-90 दिनों में मिलेगा पैसा रिफंड पाने के लिए “इंपोर्टर ऑफ रिकॉर्ड” और अधिकृत कस्टम ब्रोकर्स को ACE पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होगा और बैंक अकाउंट डिटेल्स देनी होंगी। CBP के मुताबिक, सही और पूरी जानकारी वाले आवेदन पर 60-90 दिनों में भुगतान किया जा सकता है। दस्तावेजों में कमी या जांच की जरूरत होने पर देरी संभव है। पहले चरण में सीमित इंपोर्टर्स को राहत CBP ने साफ किया है कि पहले चरण में सभी इंपोर्टर्स को रिफंड नहीं मिलेगा। फिलहाल केवल “अनलिक्विडेटेड एंट्रीज” (जिनका टैक्स आकलन अभी पूरा नहीं हुआ) और 80 दिनों के भीतर की एंट्रीज को शामिल किया गया है। बाकी मामलों को आगे के चरणों में लिया जाएगा। 56 हजार इंपोर्टर्स ने रजिस्ट्रेशन कराए कोर्ट में पेश आंकड़ों के अनुसार, करीब 3.3 लाख इंपोर्टर्स ने कुल 166 अरब डॉलर का टैरिफ भुगतान किया था। 9 अप्रैल तक इनमें से केवल 56,500 इंपोर्टर्स ने ही इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट सिस्टम में रजिस्ट्रेशन कराया है, जो रिफंड पाने के लिए जरूरी है। उपभोक्ताओं को कितना फायदा? न्यूयॉर्क फेडरल रिजर्व बैंक के मुताबिक, टैरिफ का लगभग 90% बोझ कंपनियों और उपभोक्ताओं ने मिलकर उठाया था। कुछ कंपनियों जैसे लॉजिस्टिक्स और रिटेल सेक्टर ने ग्राहकों को राहत देने का संकेत दिया है, लेकिन आम उपभोक्ताओं तक इसका कितना लाभ पहुंचेगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। कानूनी लड़ाई अभी जारी टैरिफ को लेकर विवाद पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। कॉस्टको जैसी कंपनियों ने पहले ही टैरिफ के खिलाफ मुकदमा दायर किया था। ट्रेड कोर्ट ने संकेत दिया है कि कई मामलों को एक साथ सुनवाई के लिए जोड़ा जाएगा। वहीं, सरकार इस फैसले के खिलाफ अपील भी कर सकती है, जिससे प्रक्रिया लंबी खिंच सकती है। 10% ग्लोबल टैरिफ पर भी उठे सवाल इस बीच, कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड के जजों ने ट्रंप द्वारा लगाए गए 10% ग्लोबल टैरिफ की वैधता पर भी सवाल उठाए हैं। 24 राज्यों (ज्यादातर डेमोक्रेट शासित) और छोटे व्यवसायों ने इसके खिलाफ याचिका दायर की है। कोर्ट ने पूछा है कि क्या केवल व्यापार घाटा इतना बड़ा कदम उठाने के लिए पर्याप्त आधार हो सकता है।

अमेरिका में ट्रम्प टैरिफ का सबसे बड़ा रिफंड शुरू:ब्याज समेत 90 दिन में पैसा वापस मिलेगा, ₹13.8 लाख करोड़ लौटाने हैं

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अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के कार्यकाल में लगाए गए टैरिफ को अवैध ठहराने के बाद रिफंड की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अमेरिकी कंपनियां सोमवार से नए ऑनलाइन पोर्टल के जरिए आवेदन कर सकती हैं। इसे अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा टैरिफ रिफंड माना जा रहा है, जिसमें 166 अरब डॉलर (करीब 13.8 लाख करोड़ रुपए) लौटाए जाने हैं। रिफंड लौटाने का यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद लागू हुआ है। कोर्ट ने कहा था कि ट्रम्प प्रशासन ने आपातकालीन शक्तियों का गलत इस्तेमाल कर टैरिफ लगाए थे। इसके बाद कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड ने इंपोर्टर्स को उनकी जमा राशि और ब्याज लौटाने के निर्देश दिए थे। इस फैसले के तहत करीब 3.3 लाख इंपोर्टर्स को राहत मिलेगी, जिन्होंने पिछले साल कार पार्ट्स से लेकर स्मार्टफोन तक पर भारी टैक्स चुकाया था CAPE पोर्टल से होगा आवेदन US कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) ने कंसोलिडेटेड एडमि निस्ट्रेशन एंड प्रॉसेसिंग ऑफ एंट्रीस (CAPE) नाम का नया पोर्टल लॉन्च किया है। यह ACE (Automated Commercial Environment) सिस्टम का हिस्सा है। इसके जरिए इंपोर्टर्स “CAPE डिक्लेरेशन” दाखिल कर अपने क्लेम सबमिट कर सकेंगे, जिससे प्रक्रिया को तेज और सरल बनाने का दावा किया गया है। 60-90 दिनों में मिलेगा पैसा रिफंड पाने के लिए “इंपोर्टर ऑफ रिकॉर्ड” और अधिकृत कस्टम ब्रोकर्स को ACE पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होगा और बैंक अकाउंट डिटेल्स देनी होंगी। CBP के मुताबिक, सही और पूरी जानकारी वाले आवेदन पर 60-90 दिनों में भुगतान किया जा सकता है। दस्तावेजों में कमी या जांच की जरूरत होने पर देरी संभव है। पहले चरण में सीमित इंपोर्टर्स को राहत CBP ने साफ किया है कि पहले चरण में सभी इंपोर्टर्स को रिफंड नहीं मिलेगा। फिलहाल केवल “अनलिक्विडेटेड एंट्रीज” (जिनका टैक्स आकलन अभी पूरा नहीं हुआ) और 80 दिनों के भीतर की एंट्रीज को शामिल किया गया है। बाकी मामलों को आगे के चरणों में लिया जाएगा। 56 हजार इंपोर्टर्स ने रजिस्ट्रेशन कराए कोर्ट में पेश आंकड़ों के अनुसार, करीब 3.3 लाख इंपोर्टर्स ने कुल 166 अरब डॉलर का टैरिफ भुगतान किया था। 9 अप्रैल तक इनमें से केवल 56,500 इंपोर्टर्स ने ही इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट सिस्टम में रजिस्ट्रेशन कराया है, जो रिफंड पाने के लिए जरूरी है। उपभोक्ताओं को कितना फायदा? न्यूयॉर्क फेडरल रिजर्व बैंक के मुताबिक, टैरिफ का लगभग 90% बोझ कंपनियों और उपभोक्ताओं ने मिलकर उठाया था। कुछ कंपनियों जैसे लॉजिस्टिक्स और रिटेल सेक्टर ने ग्राहकों को राहत देने का संकेत दिया है, लेकिन आम उपभोक्ताओं तक इसका कितना लाभ पहुंचेगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। कानूनी लड़ाई अभी जारी टैरिफ को लेकर विवाद पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। कॉस्टको जैसी कंपनियों ने पहले ही टैरिफ के खिलाफ मुकदमा दायर किया था। ट्रेड कोर्ट ने संकेत दिया है कि कई मामलों को एक साथ सुनवाई के लिए जोड़ा जाएगा। वहीं, सरकार इस फैसले के खिलाफ अपील भी कर सकती है, जिससे प्रक्रिया लंबी खिंच सकती है। 10% ग्लोबल टैरिफ पर भी उठे सवाल इस बीच, कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड के जजों ने ट्रंप द्वारा लगाए गए 10% ग्लोबल टैरिफ की वैधता पर भी सवाल उठाए हैं। 24 राज्यों (ज्यादातर डेमोक्रेट शासित) और छोटे व्यवसायों ने इसके खिलाफ याचिका दायर की है। कोर्ट ने पूछा है कि क्या केवल व्यापार घाटा इतना बड़ा कदम उठाने के लिए पर्याप्त आधार हो सकता है।

नीमच में 15 लाख की MD ड्रग्स पकड़ाई:तीन तस्कर गिरफ्तार, वाहन चेकिंग में इनके पास डोडाचूरा भी मिला

नीमच में 15 लाख की MD ड्रग्स पकड़ाई:तीन तस्कर गिरफ्तार, वाहन चेकिंग में इनके पास डोडाचूरा भी मिला

नीमच सिटी पुलिस ने तीन ड्रग तस्करों को पकड़ा है, जिनके पास से 15 लाख रुपए की एमडी ड्रग्स और 6 किलो डोडाचूरा मिला है। यह पकड़-धकड़ नीमच-मनासा रोड पर गाड़ियों की चेकिंग के दौरान हुई। थाना प्रभारी पुष्पा सिंह चौहान की टीम करंट वाले बालाजी मंदिर के पास खड़ी थी। तभी मालखेड़ा की तरफ से एक पल्सर बाइक पर तीन युवक आते दिखे। पुलिस को देखते ही इन लड़कों ने भागने के लिए बाइक मोड़ ली, लेकिन घेराबंदी कर खड़ी पुलिस ने उन्हें वहीं दबोच लिया। 15 लाख की ड्रग्स और डोडाचूरा मिला तलाशी लेने पर आरोपियों के पास से 150 ग्राम एमडी ड्रग्स मिली, जिसकी कीमत करीब 15 लाख रुपए बताई जा रही है। साथ ही 20 हजार रुपए का पिसा हुआ डोडाचूरा भी बरामद हुआ। पुलिस ने नशीले सामान के साथ उनकी पल्सर बाइक भी जब्त कर ली है। नीमच के ही रहने वाले हैं तीनों आरोपी पकड़े गए युवकों के नाम मोहम्मद अशरफ उर्फ बब्बू (20 साल), अजरखान उर्फ समीर (24 साल) और फरदीन (24 साल) हैं। ये तीनों नीमच शहर के ही रहने वाले हैं। पुलिस ने इनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में केस दर्ज कर लिया है। कहां से लाए थे माल, जांच जारी सब-इंस्पेक्टर असलम पठान ने बताया कि अब इन लड़कों से पूछताछ की जा रही है कि वे यह ड्रग्स कहां से लाए थे और शहर में किसे देने जा रहे थे। पुलिस को उम्मीद है कि इनसे पूछताछ में नशे के कारोबार से जुड़े और भी लोगों के नाम सामने आएंगे। इस काम में साइबर सेल की टीम ने भी मदद की।

तमिलनाडु फैक्ट्री ब्लास्ट-25 की मौत, 20 एक ही गांव के:मां की मौत के बाद बेटी बोलीं- पिता दिव्यांग, भाई की फीस कौन भरेगा

तमिलनाडु फैक्ट्री ब्लास्ट-25 की मौत, 20 एक ही गांव के:मां की मौत के बाद बेटी बोलीं- पिता दिव्यांग, भाई की फीस कौन भरेगा

तमिलनाडु के विरुधुनगर में रविवार को पटाखा फैक्ट्री में हुए ब्लास्ट में मरने वालों की संख्या 25 हो गई है। इनमें 20 लोग एक ही गांव के थे। मरने वालों में 22 महिलाएं और 3 पुरुष हैं। पुलिस के मुताबिक, कई शव इतने बुरी तरह जल गए हैं कि उनकी पहचान करना मुश्किल हो रहा है। गहनों के आधार पर उन्हें पहचानने की कोशिश की जा रही है। हादसा मुथुमणिक्कम गांव की वनजा फायरवर्क्स यूनिट में हुआ है। फैक्ट्री मालिक फरार है। जिला कलेक्टर वीपी जयसीलन ने बताया कि फैक्ट्री रविवार को बंद रहने के बावजूद बिना अनुमति के चल रही थी। मौके पर मौजूद विस्फोटक सामान के बार-बार फटने से रेस्क्यू में कई घंटे लग गए। मलबा हटाने के दौरान शाम 7:20 बजे दूसरा धमाका हुआ, जिसमें 12 लोग घायल हो गए। इनमें 8 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। लड़की बोलीं- मेरी मां ही घर चलाती थीं हादसे में 25 साल से इस फैक्ट्री में काम कर रही 46 साल की इंद्राणी की भी मौत हो गई। उनकी बेटी मधुबाला ने कहा कि मेरी मां ही घर चलाती थीं। पिता दिव्यांग हैं। मैं पेट्रोल पंप पर काम करती हूं, अब भाई की फीस कौन भरेगा? हमें सरकारी नौकरी दी जाए। एक महिला ने बताया कि मेरे पिता और मां दोनों की मौत हो गई। अब हमारे पास इस दुख को झेलने के अलावा कुछ नहीं है। फैक्ट्री के पास के सीरवैक्कारमपट्टी गांव के रंगनाथन ने बताया कि धमाके के साथ काला धुआं आसमान में फैल गया। कुछ भी पहचान में नहीं आ रहा था। हमने शवों को चार-चार करके गाड़ियों में ले जाते देखा। एक शेड में 40 मजदूर काम कर रहे थे पटाखा और माचिस निर्माता संघ के जिला अध्यक्ष पीएन देवा ने बताया कि फैक्ट्री को 25 मजदूर रखने की अनुमति थी, लेकिन मौके पर इससे ज्यादा लोग काम कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नियमों के मुताबिक केमिकल मिक्सिंग सुबह 8 से 10 बजे के बीच ही होनी चाहिए, जबकि विस्फोट दोपहर करीब 3 बजे हुआ। इससे साफ है कि मिक्सिंग तय समय से बाहर भी जारी थी। शुरुआती जांच में सामने आया कि विस्फोट केमिकल मिक्सिंग शेड में हुआ, जहां करीब 40 मजदूर काम कर रहे थे। नियमों के मुताबिक एक शेड में अधिकतम 4 लोगों को ही काम कर सकते है। एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि अगर सुरक्षा नियमों का पालन किया जाता, तो नुकसान कम हो सकता था। परिजनों का प्रदर्शन, मालिक की गिरफ्तारी की मांग पीड़ित परिवारों ने सोमवार को सड़कों पर आकर प्रदर्शन किया। सड़क पर बैठकर थोड़ी देर के लिए रोड बंद कर दिया। एसपी एन. श्रीनाथा ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया है। फैक्ट्री मालिक और उसके सहयोगियों की तलाश के लिए चार विशेष टीमें गठित की गई हैं। सीएम एमके स्टालिन ने हाई-लेवल जांच के आदेश दिए हैं। मंत्रियों को राहत काम की निगरानी के निर्देश दिए हैं। ————— ये खबर भी पढ़ें… तमिलनाडु में पटाखा फैक्ट्री में धमाका, 23 की मौत:इनमें 16 महिलाएं; रेस्क्यू के दौरान दूसरा ब्लास्ट, बचाव में जुटे 13 लोग घायल तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले में रविवार को एक पटाखा फैक्ट्री में धमाका हुआ था। पुलिस के मुताबिक, हादसे में 23 लोगों की मौत हुई है। 6 घायलों को ICU में भर्ती कराया गया है। अब तक 19 शवों की पहचान हो चुकी है। इनमें 16 महिलाएं और तीन पुरुष हैं। पूरी खबर पढ़ें…

तमिलनाडु फैक्ट्री ब्लास्ट- मरने वालों की संख्या 25 हुई:इनमें 20 एक ही गांव के; शेड में 4 की जगह 40 मजदूर काम कर रहे थे

तमिलनाडु फैक्ट्री ब्लास्ट-25 की मौत, 20 एक ही गांव के:मां की मौत के बाद बेटी बोलीं- पिता दिव्यांग, भाई की फीस कौन भरेगा

तमिलनाडु के विरुधुनगर में रविवार को पटाखा फैक्ट्री में हुए ब्लास्ट में मरने वालों की संख्या 25 हो गई है। इनमें 20 लोग एक ही गांव के थे। मरने वालों में 22 महिलाएं और 3 पुरुष हैं। पुलिस के मुताबिक, कई शव इतने बुरी तरह जल गए हैं कि उनकी पहचान करना मुश्किल हो रहा है। गहनों के आधार पर उन्हें पहचानने की कोशिश की जा रही है। हादसा मुथुमणिक्कम गांव की वनजा फायरवर्क्स यूनिट में हुआ है। फैक्ट्री मालिक फरार है। जिला कलेक्टर वीपी जयसीलन ने बताया कि फैक्ट्री रविवार को बंद रहने के बावजूद बिना अनुमति के चल रही थी। ब्लास्ट केमिकल मिक्स करने वाले शेड में हुआ, जहां करीब 40 मजदूर काम कर रहे थे। नियमों के मुताबिक एक शेड में अधिकतम 4 लोगों को ही काम कर सकते है। लड़की बोलीं- मेरी मां ही घर चलाती थीं हादसे में 25 साल से इस फैक्ट्री में काम कर रही 46 साल की इंद्राणी की भी मौत हो गई। उनकी बेटी मधुबाला ने कहा कि मेरी मां ही घर चलाती थीं। पिता दिव्यांग हैं। मैं पेट्रोल पंप पर काम करती हूं, अब भाई की फीस कौन भरेगा? हमें सरकारी नौकरी दी जाए। एक महिला ने बताया कि मेरे पिता और मां दोनों की मौत हो गई। अब हमारे पास इस दुख को झेलने के अलावा कुछ नहीं है। फैक्ट्री के पास के सीरवैक्कारमपट्टी गांव के रंगनाथन ने बताया कि धमाके के साथ काला धुआं आसमान में फैल गया। कुछ भी पहचान में नहीं आ रहा था। हमने शवों को चार-चार करके गाड़ियों में ले जाते देखा। नियमों के खिलाफ हो रहा था काम पटाखा और माचिस निर्माता संघ के जिला अध्यक्ष पीएन देवा ने बताया कि फैक्ट्री को 25 मजदूर रखने की अनुमति थी, लेकिन मौके पर इससे ज्यादा लोग काम कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नियमों के मुताबिक केमिकल मिक्सिंग सुबह 8 से 10 बजे के बीच ही होनी चाहिए, जबकि विस्फोट दोपहर करीब 3 बजे हुआ। इससे साफ है कि मिक्सिंग तय समय से बाहर भी जारी थी। एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि अगर सुरक्षा नियमों का पालन किया जाता, तो नुकसान कम हो सकता था। मौके पर मौजूद विस्फोटक सामान के बार-बार फटने से रेस्क्यू में कई घंटे लग गए। मलबा हटाने के दौरान शाम 7:20 बजे दूसरा धमाका हुआ, जिसमें 12 लोग घायल हो गए। इनमें 8 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। परिजनों का प्रदर्शन, मालिक की गिरफ्तारी की मांग पीड़ित परिवारों ने सोमवार को सड़कों पर आकर प्रदर्शन किया। सड़क पर बैठकर थोड़ी देर के लिए रोड बंद कर दिया। एसपी एन. श्रीनाथा ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया है। फैक्ट्री मालिक और उसके सहयोगियों की तलाश के लिए चार विशेष टीमें गठित की गई हैं। सीएम एमके स्टालिन ने हाई-लेवल जांच के आदेश दिए हैं। मंत्रियों को राहत काम की निगरानी के निर्देश दिए हैं। ————— ये खबर भी पढ़ें… तमिलनाडु में पटाखा फैक्ट्री में धमाका, 23 की मौत:इनमें 16 महिलाएं; रेस्क्यू के दौरान दूसरा ब्लास्ट, बचाव में जुटे 13 लोग घायल तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले में रविवार को एक पटाखा फैक्ट्री में धमाका हुआ था। पुलिस के मुताबिक, हादसे में 23 लोगों की मौत हुई है। 6 घायलों को ICU में भर्ती कराया गया है। अब तक 19 शवों की पहचान हो चुकी है। इनमें 16 महिलाएं और तीन पुरुष हैं। पूरी खबर पढ़ें…

गर्मियों में किसी अमृत से कम नहीं मटके का पानी, यहां एक्सपर्ट से जानें इसके जबरदस्त फायदे

कनक भवन मार्ग की दुर्दशा देख संत समाज में नाराजगी, श्रद्धालु हर कदम पर परेशान

Last Updated:April 20, 2026, 16:19 IST डॉ. जितेन्द्र शर्मा के ने कहा कि फ्रिज का ठंडा पानी सेहत के लिए कभी भी फायदेमंद नहीं हो सकता है. फ्रिज का पानी पीने के कई नुकसान हैं. ठंडा पानी वात दोष को बढ़ाता है. फ्रिज का पानी पीने से कब्‍ज और एसिडिटी होने की भी संभावना रहती है. इससे आंतें सिकुड़ जाती हैं, और मल आंतों में सड़ता रहता है. फ्रिज का पानी आपको घड़े के पानी जितना अतिरिक्‍त मिनल्‍स भी नहीं दे सकता है. फ्रिज का पानी थोड़ी देर के लिए आपको भले ही राहत प्रदान करता हो मालवा मे अप्रैल की शुरुआत के साथ भीषन गर्मी का दौर चालू हो चुका है. अक्सर देखा जाता है कि गर्मियों में बढ़ती तपिश के बीच हर कोई ठंडी चीजों की ओर आकर्षित होता है. चाहे वह ठंडा पानी हो, जूस हो या कोल्ड ड्रिंक, ऐसे में लोग अक्सर फ्रिज के पानी और मिट्टी के मटके के पानी के बीच चुनाव करते हैं. फ्रिज का पानी तुरंत ठंडक जरूर देता है. लेकिन कई बार यह गले और पाचन पर असर डाल सकता है. वहीं, मटके का पानी प्राकृतिक रूप से ठंडा होता है, जो शरीर के तापमान को संतुलित रखने में मदद करता है. यह न सिर्फ पाचन को बेहतर बनाता है. मटका हर वर्ग की पहुंच में होता है. इसलिए गर्मी में सही पानी का चुनाव आपकी सेहत के लिए बेहद जरूरी है. लेकिन आखिर बड़े-बुजुर्ग फ्रिज का पानी न पीने और मटके का पानी पीने क्यों सलाह देते है. आइए जानते है. एम. बी.बी. एस., आर.सी.जी.पी. डॉ. जितेन्द्र शर्मा चिकित्सा अधिकारी से फायदे व नुकसान. क्‍या फ्रिज का पानी फायदेमंद हो सकता डॉ. जितेन्द्र शर्मा के अनुसार, फ्रिज का ठंडा पानी सेहत के लिए कभी भी फायदेमंद नहीं हो सकता है. फ्रिज का पानी पीने के कई नुकसान हैं. ठंडा पानी वात दोष को बढ़ाता है. फ्रिज का पानी पीने से कब्‍ज और एसिडिटी होने की भी संभावना रहती है. इससे आंतें सिकुड़ जाती हैं, और मल आंतों में सड़ता रहता है. फ्रिज का पानी आपको घड़े के पानी जितना अतिरिक्‍त मिनल्‍स भी नहीं दे सकता है. फ्रिज का पानी थोड़ी देर के लिए आपको भले ही राहत प्रदान करता हो, मगर लंबे समय तक आपको संतुष्टि प्रदान नहीं करता है. यानि आपकी प्‍यास केवल घड़े के पानी से ही बुझेगी. कुल मिलाकर अगर कहा जाये, तो फ्रिज का पानी पीने के फायदे बहुत कम हैं मगर नुकसान बहुत ही अधिक हैं. जबकि मटके का पानी पीने से आपको सिर्फ फायदे ही फायदे मिलेंगे.कोई भी नुकसान नहीं मिलेगा. इसलिए गर्मियों में अगर आपके घर में नल का ताजा पानी नहीं है तो पानी को घड़े में रखकर पीजिए, यह फ्रिज की अपेक्षा काफी फायदेमंद है. मटके का पानी पीने के फायदेगर्मी के मौसम में लू और उमस के कारण शरीर से अत्यधिक पसीना निकलता है. जिससे पानी की कमी होने का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में ठंडा पानी पीना जरूरी होता है. लेकिन फ्रिज के बर्फ जैसे ठंडे पानी की बजाय मटके का पानी ज्यादा फायदेमंद माना जाता है. मिट्टी के घड़े में रखा पानी प्राकृतिक तरीके से ठंडा होता है, जो शरीर को संतुलित ठंडक देता है. अचानक गले या पाचन तंत्र पर असर नहीं डालता. मटके का पानी न केवल स्वाद में बेहतर होता है, बल्कि इसमें मिट्टी की हल्की सोंधी खुशबू भी होती है, जो इसे और ताजगीभरा बनाती है. आयुर्वेद में इसे अमृत समान माना गया है. यह पाचन को बेहतर करता है और शरीर को अंदर से ठंडा रखता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह गले, पेट और आंतों के लिए लाभकारी होता है. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ujjain,Madhya Pradesh First Published : April 20, 2026, 16:19 IST

Damoh Police Operation FACE | 1204 Fake SIM Cards Busted

Damoh Police Operation FACE | 1204 Fake SIM Cards Busted

दमोह पुलिस ने धोखाधड़ी कर दूसरे व्यक्तियों के आधार कार्ड पर फर्जी सिम कार्ड सक्रिय कर बेचने वाले दो युवकों को गिरफ्तार किया है। राज्य साइबर सेल भोपाल के ‘ऑपरेशन FACE’ के तहत यह बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओ . ब्लैक मार्केट में बेचते थे फर्जी सिम कार्ड सोमवार को मामले का खुलासा करते हुए थाना प्रभारी सुधीर बेगी ने बताया कि आरोपी भरत उर्फ मोंटी तंतवाय और रजनीश अहिरवार अन्य लोगों के आधार कार्ड का उपयोग करते थे। वे सिम कार्ड के आवेदन फॉर्म (CAF) में आधार कार्ड तो दूसरे का लगाते थे, लेकिन फोटो अपनी लगा देते थे। इस तरह फर्जी सिम तैयार कर उन्हें ब्लैक मार्केट में ऊंचे दामों पर बेचा जाता था। 1204 फर्जी नंबरों का खुलासा जांच के दौरान वर्ष 2019 से 2021 के बीच कुल 1204 फर्जी सिम कार्ड सक्रिय पाए गए हैं। साइबर सेल भोपाल और दमोह से प्राप्त पांच डायरेक्टरी और टेलीकॉम कंपनियों की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने इन फर्जी नंबरों की पहचान की। हटा निवासी प्रवीण राज दुबे और अखिलेश चौरसिया के बयानों के बाद इन दोनों मुख्य आरोपियों की संलिप्तता सामने आई। धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई पुलिस ने आरोपी भरत और रजनीश के खिलाफ धारा 419, 468, 471, 34 और आईटी एक्ट की धारा 66 (C) के तहत प्रकरण दर्ज किया है। आरोपियों को सोमवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन फर्जी सिम कार्डों का उपयोग किन आपराधिक गतिविधियों में किया गया है।

सलमान खान की फिल्म ‘राजा शिवाजी’ में एंट्री कन्फर्म:रितेश देशमुख ने बिग बॉस मराठी में किया खुलासा, रोल पर सस्पेंस बरकरार

सलमान खान की फिल्म ‘राजा शिवाजी’ में एंट्री कन्फर्म:रितेश देशमुख ने बिग बॉस मराठी में किया खुलासा, रोल पर सस्पेंस बरकरार

बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है, जिसने फैंस के बीच जबरदस्त एक्साइटमेंट पैदा कर दी है। अभिनेता-निर्देशक रितेश देशमुख ने अपनी अपकमिंग फिल्म ‘राजा शिवाजी’ में सलमान की एंट्री कन्फर्म कर दी है। रितेश देशमुख ने यह घोषणा हाल ही में ‘बिग बॉस मराठी सीजन 6’ के दौरान की। उन्होंने साफ कहा कि सलमान खान इस फिल्म में एक बड़ा और अहम रोल निभाने वाले हैं। इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर फिल्म को लेकर चर्चा तेज हो गई है और फैंस अब सलमान के किरदार को लेकर कयास लगा रहे हैं। हालांकि, फिल्म में सलमान खान किस भूमिका में नजर आएंगे, इस पर अभी सस्पेंस बरकरार है। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि वह छत्रपति शिवाजी महाराज के करीबी सहयोगी जीवा महाला का किरदार निभा सकते हैं, लेकिन मेकर्स ने इस पर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है। ‘राजा शिवाजी’ एक भव्य ऐतिहासिक फिल्म है, जो मराठा साम्राज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन, वीरता और नेतृत्व पर आधारित है। इस फिल्म में रितेश देशमुख खुद शिवाजी महाराज की भूमिका निभा रहे हैं और इसके निर्देशन की कमान भी उन्होंने ही संभाली है। फिल्म की स्टार कास्ट भी काफी दमदार है। इसमें अभिषेक बच्चन, संजय दत्त, विद्या बालन और जेनेलिया देशमुख समेत कई बड़े नाम शामिल हैं। सलमान खान के जुड़ने से फिल्म का स्केल और भी बड़ा हो गया है, जिससे इसे पैन-इंडिया स्तर पर जबरदस्त फायदा मिलने की उम्मीद है। यह फिल्म 1 मई को सिनेमाघरों में रिलीज हो सकती है। फिलहाल, सलमान खान के रोल को लेकर बना सस्पेंस ही इस फिल्म की सबसे बड़ी चर्चा बन चुका है।