Friday, 05 Jun 2026 | 10:05 AM

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RBI ने रुपए के ट्रेड पर लगी पाबंदियां हटाईं:अब फॉरेक्स डीलर्स NDF मार्केट में पोजीशन ले सकेंगे; मार्च में लगी थी रोक

RBI ने रुपए के ट्रेड पर लगी पाबंदियां हटाईं:अब फॉरेक्स डीलर्स NDF मार्केट में पोजीशन ले सकेंगे; मार्च में लगी थी रोक

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया यानी RBI ने 20 अप्रैल को रुपए की अस्थिरता को रोकने के लिए विदेशी मुद्रा डीलरों (फॉरेक्स डीलर्स) पर लगाए गए कुछ प्रतिबंधों को वापस ले लिया है। अब डीलर्स ऑफशोर नॉन-डेलिवरेबल फॉरवर्ड मार्केट (NDF) में फिर से पोजीशन ले सकेंगे। RBI के यह कदम उठाने से कुछ दिन पहले ही गवर्नर संजय मल्होत्रा ने संकेत दिया था कि ये पाबंदियां अनिश्चित काल के लिए लागू नहीं रहेंगी। केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया है कि अधिकृत डीलरों (ऑथोराइज्ड डीलर्स) को अब रेजिडेंट या नॉन-रेजिडेंट यूजर्स को रुपए से जुड़े नॉन-डेलिवरेबल डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स ऑफर करने से रोकने की जरूरत नहीं होगी। कॉन्ट्रैक्ट रीबुक करने की भी अनुमति मिली नए नियमों के अनुसार, बैंक अब यूजर्स को रुपए से जुड़े किसी भी फॉरेन एक्सचेंज डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट को रीबुक करने की अनुमति भी दे सकते हैं। यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। हालांकि, RBI ने स्पष्ट किया है कि अधिकृत डीलरों को संबंधित पक्षों के साथ रुपए में फॉरेन एक्सचेंज डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट करने की अनुमति नहीं होगी। पुराने कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए कुछ छूट बरकरार रिलेटेड पार्टीज के मामले में छूट केवल मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट्स को रद्द करने या रोलओवर करने और नॉन-रिलेटेड, नॉन-रेजिडेंट यूजर्स के साथ किए गए बैक-टू-बैक ट्रांजैक्शन तक ही सीमित है। इसके साथ ही, बैंकों को प्रत्येक कारोबारी दिन के अंत में ऑनशोर डेलिवरेबल रुपए मार्केट में अपनी नेट ओपन पोजीशन को 10 करोड़ डॉलर (100 मिलियन डॉलर) तक सीमित रखना होगा। मार्च में क्यों लगाई गई थी पाबंदी? मार्च के अंत में अमेरिका-ईरान युद्ध के बिगड़ने के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई थीं। इसके चलते रुपया अपने रिकॉर्ड निचले स्तर की ओर गिर रहा था, जिसे रोकने के लिए केंद्रीय बैंक ने कई सख्त कदम उठाए थे। 10 अप्रैल तक बैंकों ने ऑफशोर NDF मार्केट में लगभग 40 बिलियन डॉलर के सट्टा ट्रेड को खत्म कर दिया था। रुपए की स्थिति और भविष्य की रणनीति RBI के इन कड़े कदमों के बाद रुपया डॉलर के मुकाबले 95.21 के रिकॉर्ड निचले स्तर से वापस संभला है। गवर्नर मल्होत्रा ने अपने बाय-मंथली पॉलिसी रिव्यू में कहा था कि ये उपाय अस्थायी थे। उन्होंने बताया कि मार्च में आर्बिट्राज मार्केट में सट्टा पोजीशन बनते देखी गई थी, जिस पर अत्यधिक अस्थिरता को रोकने के लिए लगाम लगाना जरूरी था। NDF मार्केट क्या है? नॉन-डेलिवरेबल फॉरवर्ड (NDF) एक फॉरेन एक्सचेंज डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट है, जो उन करेंसी के लिए यूज किया जाता है, जिनका इंटरनेशनल लेवल पर पूरी तरह से ट्रेड नहीं होता है। इसमें आखिरी में सिर्फ नकद (कैश) का निपटान होता है। RBI का टारगेट: इन पाबंदियों को हटाना भारतीय करेंसी के इंटरनेशनलाइजेशन और बाजारों को और गहरा करने की दिशा में RBI के कमिटमेंट को दर्शाता है। ये खबर भी पढ़ें… सेंसेक्स 27 अंक चढ़कर 78,520 पर बंद: निफ्टी में 11 अंक की बढ़त रही, बैंकिंग और ऑटो शेयर्स में खरीदारी शेयर बाजार में आज यानी सोमवार, 20 अप्रैल को मामूली बढ़त रही। सेंसेक्स 27 अंक की तेजी के साथ 78,520 पर बंद हुआ। निफ्टी में 11 अंक की बढ़त रही, ये 24,365 के स्तर पर बंद हुआ। आज बैंकिंग, मीडिया और ऑटो शेयर्स में खरीदारी रही। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 18 में गिरावट और 12 में बढ़त रही। पूरी खबर पढ़ें…

RBI ने रुपए के ट्रेड पर लगी पाबंदियां हटाईं:अब फॉरेक्स डीलर्स NDF मार्केट में पोजीशन ले सकेंगे; मार्च में लगी थी रोक

RBI ने रुपए के ट्रेड पर लगी पाबंदियां हटाईं:अब फॉरेक्स डीलर्स NDF मार्केट में पोजीशन ले सकेंगे; मार्च में लगी थी रोक

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया यानी RBI ने 20 अप्रैल को रुपए की अस्थिरता को रोकने के लिए विदेशी मुद्रा डीलरों (फॉरेक्स डीलर्स) पर लगाए गए कुछ प्रतिबंधों को वापस ले लिया है। अब डीलर्स ऑफशोर नॉन-डेलिवरेबल फॉरवर्ड मार्केट (NDF) में फिर से पोजीशन ले सकेंगे। RBI के यह कदम उठाने से कुछ दिन पहले ही गवर्नर संजय मल्होत्रा ने संकेत दिया था कि ये पाबंदियां अनिश्चित काल के लिए लागू नहीं रहेंगी। केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया है कि अधिकृत डीलरों (ऑथोराइज्ड डीलर्स) को अब रेजिडेंट या नॉन-रेजिडेंट यूजर्स को रुपए से जुड़े नॉन-डेलिवरेबल डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स ऑफर करने से रोकने की जरूरत नहीं होगी। कॉन्ट्रैक्ट रीबुक करने की भी अनुमति मिली नए नियमों के अनुसार, बैंक अब यूजर्स को रुपए से जुड़े किसी भी फॉरेन एक्सचेंज डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट को रीबुक करने की अनुमति भी दे सकते हैं। यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। हालांकि, RBI ने स्पष्ट किया है कि अधिकृत डीलरों को संबंधित पक्षों के साथ रुपए में फॉरेन एक्सचेंज डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट करने की अनुमति नहीं होगी। पुराने कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए कुछ छूट बरकरार रिलेटेड पार्टीज के मामले में छूट केवल मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट्स को रद्द करने या रोलओवर करने और नॉन-रिलेटेड, नॉन-रेजिडेंट यूजर्स के साथ किए गए बैक-टू-बैक ट्रांजैक्शन तक ही सीमित है। इसके साथ ही, बैंकों को प्रत्येक कारोबारी दिन के अंत में ऑनशोर डेलिवरेबल रुपए मार्केट में अपनी नेट ओपन पोजीशन को 10 करोड़ डॉलर (100 मिलियन डॉलर) तक सीमित रखना होगा। मार्च में क्यों लगाई गई थी पाबंदी? मार्च के अंत में अमेरिका-ईरान युद्ध के बिगड़ने के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई थीं। इसके चलते रुपया अपने रिकॉर्ड निचले स्तर की ओर गिर रहा था, जिसे रोकने के लिए केंद्रीय बैंक ने कई सख्त कदम उठाए थे। 10 अप्रैल तक बैंकों ने ऑफशोर NDF मार्केट में लगभग 40 बिलियन डॉलर के सट्टा ट्रेड को खत्म कर दिया था। रुपए की स्थिति और भविष्य की रणनीति RBI के इन कड़े कदमों के बाद रुपया डॉलर के मुकाबले 95.21 के रिकॉर्ड निचले स्तर से वापस संभला है। गवर्नर मल्होत्रा ने अपने बाय-मंथली पॉलिसी रिव्यू में कहा था कि ये उपाय अस्थायी थे। उन्होंने बताया कि मार्च में आर्बिट्राज मार्केट में सट्टा पोजीशन बनते देखी गई थी, जिस पर अत्यधिक अस्थिरता को रोकने के लिए लगाम लगाना जरूरी था। NDF मार्केट क्या है? नॉन-डेलिवरेबल फॉरवर्ड (NDF) एक फॉरेन एक्सचेंज डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट है, जो उन करेंसी के लिए यूज किया जाता है, जिनका इंटरनेशनल लेवल पर पूरी तरह से ट्रेड नहीं होता है। इसमें आखिरी में सिर्फ नकद (कैश) का निपटान होता है। RBI का टारगेट: इन पाबंदियों को हटाना भारतीय करेंसी के इंटरनेशनलाइजेशन और बाजारों को और गहरा करने की दिशा में RBI के कमिटमेंट को दर्शाता है। ये खबर भी पढ़ें… सेंसेक्स 27 अंक चढ़कर 78,520 पर बंद: निफ्टी में 11 अंक की बढ़त रही, बैंकिंग और ऑटो शेयर्स में खरीदारी शेयर बाजार में आज यानी सोमवार, 20 अप्रैल को मामूली बढ़त रही। सेंसेक्स 27 अंक की तेजी के साथ 78,520 पर बंद हुआ। निफ्टी में 11 अंक की बढ़त रही, ये 24,365 के स्तर पर बंद हुआ। आज बैंकिंग, मीडिया और ऑटो शेयर्स में खरीदारी रही। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 18 में गिरावट और 12 में बढ़त रही। पूरी खबर पढ़ें…

अंतर्राज्यीय चोर गिरोह के 4 आरोपी गिरफ्तार:अलग-अलग जगह छुपाकर रखीं 19 बाइक बरामद, थाने की पार्किंग से चोरी के बाद खुलासा

अंतर्राज्यीय चोर गिरोह के 4 आरोपी गिरफ्तार:अलग-अलग जगह छुपाकर रखीं 19 बाइक बरामद, थाने की पार्किंग से चोरी के बाद खुलासा

छिंदवाड़ा: शहर में कोतवाली पुलिस ने अंतर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह का खुलासा करते हुए 19 मोटरसाइकिल बरामद की हैं। जब्त वाहनों की कुल कीमत करीब 12 लाख रुपए बताई जा रही है। पुलिस ने इस मामले में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक वाहन खरीदार भी शामिल है। पार्किंग से बाइक चोरी के बाद खुला मामला 11 अप्रैल 2026 को संतकुमार पाल निवासी थुनिया भांड ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 7 अप्रैल की शाम करीब 7 बजे उन्होंने अपनी बाइक थाना परिसर की पार्किंग में खड़ी की थी, जो बाद में गायब हो गई। अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। CCTV से मिला सुराग, महाराष्ट्र से पकड़े आरोपी थाना परिसर से बाइक चोरी होने को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक अजय पाण्डेय के निर्देश पर टीम गठित की गई। जांच के दौरान आसपास लगे CCTV फुटेज खंगाले गए, जिसमें एक संदिग्ध दिखाई दिया। पहचान के बाद आरोपी शेख नसीम को उसके साथियों संदेश धुर्वे और आकाश झोड के साथ महाराष्ट्र के वरुड से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे पहले चोरी की बाइक का इस्तेमाल करते थे और फिर अलग-अलग जिलों—बैतूल, छिंदवाड़ा, अमरावती, नागपुर और वर्धा—में बाइक चोरी करते थे। चोरी के बाद नंबर प्लेट बदलकर गाड़ियों का उपयोग करते और पार्ट्स बेच देते थे। कुछ वाहन विजय आहाके को बेचे गए थे। अलग-अलग जगह छिपाकर रखी थीं बाइक पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर अलग-अलग स्थानों से 19 बाइक बरामद कीं। इनमें हीरो स्प्लेंडर, HF डीलक्स, पैशन प्रो, बजाज डिस्कवर, होंडा शाइन और टीवीएस स्टार सिटी जैसी गाड़ियां शामिल हैं। मुख्य आरोपी शेख नसीम के खिलाफ नागपुर और बैतूल में पहले से चोरी और मारपीट के मामले दर्ज हैं। वहीं आकाश झोड पर भी मारपीट का मामला दर्ज है। इस कार्रवाई में कोतवाली थाना प्रभारी आशीष कुमार धुर्वे सहित पुलिस टीम की अहम भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक ने पूरी टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।

Punjab Chandigarh top news; Sonam Bajwa Tiff With Punjabi Singer

Punjab Chandigarh top news; Sonam Bajwa Tiff With Punjabi Singer

. पंजाब की आज की सबसे बड़ी खबर बेअदबी कानून की नोटिफिकेशन जारी होने से जुड़ी रही। इस कानून में उम्रकैद सजा से लेकर 25 लाख तक जुर्माने का प्रावधान है। इसके साथ पुलिस ने नई SOP भी जारी कर दी है। दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों को VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन 10 बड़ी खबरों को विस्तार से यहां पढ़ भी सकते हैं। तो आइए जानते हैं, पंजाब-चंडीगढ़ में दिनभर में क्या कुछ खास रहा… 1. पंजाब में बेअदबी कानून का नोटिफिकेशन जारी पंजाब सरकार ने बेअदबी को लेकर बनाए गए कानून की नोटिफिकेशन जारी कर दी है। इसमें उम्रकैद सजा से लेकर 25 लाख तक जुर्माने का प्रावधान है। इससे पहले इस मामले की जांच के लिए पंजाब पुलिस ने नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी की है। पंजाब ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (PBI) ने इसे तैयार किया। इन मामलों की SSP व कमिश्नर निगरानी करेंगे। 60 से 90 दिनों में मामले की जांच कर चालान पेश करना जरूरी किया गया है। सूचना मिलते ही SHO और जांच अधिकारी (IO) को बिना देरी किए घटनास्थल पर पहुंचना होगा। पुलिस केवल पकड़े गए व्यक्ति तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसके पीछे की साजिश और मास्टरमाइंड की भी जांच करेगी। घटनास्थल की हाई-रिजॉल्यूशन फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और मैपिंग की जाएगी। फोरेंसिक टीमों को तुरंत बुलाया जाएगा। एक दिन पहले गवर्नर गुलाब चंद कटारिया ने बिल पर साइन किए थे, जिसके बाद ये कानून बन गया था। इस बिल को पास करने के लिए 14 अप्रैल को AAP सरकार ने स्पेशल विधानसभा सेशन बुलाया था। जहां इसे सर्वसम्मति से पास किया गया था। (पढ़ें पूरी खबर) 2. जेल से कत्ल के आरोपी ने बनाया वीडियो अमृतसर केंद्रीय जेल एक बार फिर विवादों में है। वीडियो में जेल के अंदर बंद दो कैदियों ने मारपीट, प्रताड़ना और 2 लाख रुपए मांगने के आरोप लगाए हैं। इनमें से एक कैदी बरगाड़ी बेअदबी से जुड़े प्रदीप हत्याकांड में बंद है। कैदियों ने प्रशासन और सिख संगठनों से मदद की गुहार लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। वीडियों एक कैदी ने पीठ पर मारपीट के निशान भी दिखाए हैं। इससे पहले भी इस मामले से जुड़ी फोन पर बातचीत सामने आने का दावा किया गया था। अब नई वीडियो के वायरल होने के बाद जेल के भीतर हालात, कैदियों की सुरक्षा और जेल प्रबंधन की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल और गहरे हो गए हैं। फिलहाल इस मामले में जेल प्रशासन की ओर से कोई बयान सामने नहीं आया है। (पढ़ें पूरी खबर) 3. सोनम बाजवा की पंजाबी सिंगर से नोकझोंक न्यू चंडीगढ़ के महाराजा यादविंदर सिंह स्टेडियम में रविवार को पंजाब किंग्स और लखनऊ सुपरजाइंट्स के बीच खेले गए IPL मुकाबले को देखने एक्ट्रेस सोनम बाजवा और पंजाबी सिंगर जी खान भी पहुंचे। इस दौरान दोनों की मुलाकात हुई, जिसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में दोनों आपस में बात कर रहे हैं और एक-दूसरे से शिकायत भी कर रहे हैं। इस दौरान सोनम बाजवा को कहते हुए सुना गया- मैं तुहाड्डे नाल गल नहीं करनी (मुझे आपसे बात ही नहीं करनी)। जी खान की एकतरफा टिप्पणियों और बयानबाजी के बाद यह पहला मौका था जब सोनम बाजवा ने सार्वजनिक रूप से जी खान के साथ मजाकिया अंदाज में इस तरह कोई बात कही है। इससे पहले जी खान अपने शोज और इंटरव्यूज के दौरान सोनम बाजवा को लेकर कमेंट्स और एकतरफा तारीफ करते रहे हैं। 2 महीने पहले CT यूनिवर्सिटी में एक शो के दौरान जी खान जब स्टेज पर आए तो फैंस ने सोनम बाजवा का नाम लेकर चिल्लाना शुरू कर दिया। उस दौरान जी खान ने सोनम बाजवा की तारीफ नहीं की, बल्कि कह दिया कि वह टाइम बीत गया। (पढ़ें पूरी खबर) 4. नाबालिग को बचाने लुधियाना से अमृतसर पहुंचे निहंग अमृतसर में एक सिरफिरा 13 साल की लड़की को सात महीने से तंग कर रहा था। मां ने गांव में लोगों को बताया, पुलिस को शिकायत दी। लेकिन सिरफिरा अपनी हरकतों से बाज नहीं आया। मां ने फिर लुधियाना के निहंग कुलदीप सिंह खालसा से संपर्क किया। मां ने कहा कि मेरी बेटी को सिरफिरे से बचा लो। मां ने निहंग को पूरी कहानी बताई तो अगले दिन ही निहंग फौज दड़ेवाली गांव में पहुंच गई। निहंग सिंह परिवार के साथ गए और सबसे पहले लड़के को दबोचा। लड़के को पकड़कर निहंग उसके घर ले गए और उससे वे हथियार देने को कहा जिसे दिखाकर वह नाबालिग लड़की को धमकता था। निहंग जत्थे की सूचना मिलते ही गांव के लोग जमा हो गए। ग्राामीणों ने भी गवाही दी कि यह सिरफिरा लड़की को 7 महीने से परेशान कर रहा है। कुछ दिन पहले पंचायत में उसने कहा था कि वह अब लड़की को परेशान नहीं करेगा। इसके बावजूद वह नहीं माना। उसने मां, नाना और मामा को गोली मारने की धमकी दी। करीब एक घंटे तक गांव में जमकर हंगामा हुआ। पंचायत में माफी मांगने के बाद निहंगों ने लड़के को छोड़ा। (पढ़ें पूरी खबर) 5. छह करोड़ की लॉटरी का विनर मिला लुधियाना में तीसरे दिन 6 करोड़ रुपए की लॉटरी का विजेता मिला। वह दिल्ली के 80 साल के रिटायर्ड पोस्टमास्टर हैं, उन्होंने 500 रुपए की टिकट खरीदी थी। करीब 30 साल से वह लगातार लॉटरी खरीद रहे थे और पहली बार इतना बड़ा इनाम लगा है। ड्रॉ निकलने के बाद वह आज लुधियाना पहुंचे और इनाम क्लेम किया। उन्होंने 1 अप्रैल को घंटा घर स्थित दुकान से ये टिकट खरीदा था। 18 अप्रैल को बैसाखी बंपर का 6 करोड़ रुपए का उनका पहला इनाम निकल आया।। बेटे मनोज ने कहा कि पिता ओमप्रकाश को डाकघर से पेंशन मिलती है। इस कारण उन्हें पैसों का कोई लालच नहीं है। ये पैसा जो मिलेगा उसका सही इस्तेमाल करेंगे। इलाके में जो जरूरतमंद लोग हैं, उनकी मदद करेंगे। साथ ही अनाथ आश्रम में भी मदद करेंगे। ये पैसा हमारे लिए बहुत है। ओमप्रकाश ने कहा कि लुधियाना में उनकी साली का घर है। वह अकसर लुधियाना आते रहते हैं। कई बार कूरियर के जरिए रिश्तेदारों से लॉटरी मंगवाते थे। उन्होंने लॉटरी वाली एप्लीकेशन चेक की तो पता चला

Nashik TCS Engineer Alleges Sexual Assault, Religious Insult

Nashik TCS Engineer Alleges Sexual Assault, Religious Insult

Hindi News National Nashik TCS Engineer Alleges Sexual Assault, Religious Insult | SIT Probe नासिक11 मिनट पहले कॉपी लिंक मुंबई के नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में काम करने वाली एक महिला इंजीनियर ने अपने साथ हुए उत्पीड़न का खुलासा किया है। महिला का दावा है कि ऑफिस में हिंदू धर्म के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां की जाती थीं। इंजीनियर के मुताबिक, ट्रेनिंग सेशन के दौरान टीम लीडर उसे गलत तरीके से छूता था। उसके साथ ऑफिस पेंट्री में भी छेड़छाड़ हुई। महिला के मुताबिक, एक आरोपी ने कहा कि महिलाओं के साथ रेप इसलिए होता है क्योंकि वे बुर्का नहीं पहनतीं। महिला इंजीनियर का बयान नौ FIR में से एक का हिस्सा है, जिसकी जांच SIT कर रही है। FIR में महिला कर्मचारियों से शोषण, जबरन धर्म परिवर्तन की कोशिश, धार्मिक भावनाएं आहत करना, छेड़छाड़ और मानसिक उत्पीड़न जैसे आरोप शामिल हैं। पुलिस ने अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। फरार आरोपी निदा को अग्रिम राहत से कोर्ट का इनकार मामले में अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक महिला ऑपरेशंस मैनेजर भी शामिल है। एक अन्य आरोपी निदा खान फरार है। निदा ने अग्रिम जमानत के लिए नासिक सेशंस कोर्ट में अर्जी दी थी लेकिन कोर्ट ने सोमवार को उसे 27 अप्रैल तक राहत देने से इनकार कर दिया। निदा के वकील ने अग्रिम जमानत याचिका की सुनवाई तक अंतरिम सुरक्षा के लिए आवेदन दिया था। इसी बीच, पीड़ितों के वकील ने लिखित जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगने वाला आवेदन दायर किया, जिसे अदालत ने स्वीकार करते हुए 27 अप्रैल तक का समय दिया। अब अदालत 27 अप्रैल को अग्रिम जमानत याचिका और अंतरिम राहत याचिका दोनों पर सुनवाई करेगी। पीड़ित इंजीनियर बोली- गुड़ी पड़वा के दौरान छेड़छाड़ हुई इधर पीड़ित महिला इंजीनियर ने 5 आरोपियों पर जून 2025 से मार्च 2026 के बीच लगातार यौन उत्पीड़न, पीछा करने (स्टॉकिंग) और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप लगाए हैं। उसने कहा कि एक आरोपी ने हिंदू देवी-देवताओं पर अपमानजनक टिप्पणी की। महिला कर्मचारी ने आरोप लगाया कि उसका टीम लीडर ट्रेनिंग के बहाने उसे गलत तरीके से छूता था। वहीं, एक अन्य आरोपी ने ऑफिस की पेंट्री में गुड़ी पड़वा के दौरान उसके साथ छेड़छाड़ की।पीड़ित ने यह भी कहा कि उसकी शादीशुदा जिंदगी को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। पीड़ित का दावा- आरोपी सोशल मीडिया पर भी परेशान करते थे पीड़ित के मुताबिक, उत्पीड़न सिर्फ ऑफिस तक सीमित नहीं था, बल्कि आरोपी सोशल मीडिया पर भी उसका पीछा कर रहे थे और परेशान कर रहे थे। उसने कई बार आरोपियों को ब्लॉक करने की कोशिश की, लेकिन स्टॉकिंग नहीं रुकी, जिसके बाद उसे कानूनी मदद लेनी पड़ी। TCS ने इस मामले पर कहा है कि कंपनी लंबे समय से किसी भी तरह के उत्पीड़न और दबाव के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाती है। नासिक ऑफिस में यौन उत्पीड़न के आरोपों में शामिल कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। कंपनी ने यह भी कहा कि शुरुआती जांच में उसे अपने एथिक्स या POSH (यौन उत्पीड़न रोकथाम) चैनलों पर किसी महिला कर्मचारी की तरफ से कोई शिकायत नहीं मिली थी। साथ ही, कंपनी ने आंतरिक जांच के लिए एक ओवरसाइट पैनल बनाने और बाहरी एजेंसियों को शामिल करने की घोषणा की है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Nashik TCS Engineer Alleges Sexual Assault, Religious Insult

Nashik TCS Engineer Alleges Sexual Assault, Religious Insult

Hindi News National Nashik TCS Engineer Alleges Sexual Assault, Religious Insult | SIT Probe नासिक1 घंटे पहले कॉपी लिंक मुंबई के नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में काम करने वाली एक महिला इंजीनियर ने अपने साथ हुए उत्पीड़न का खुलासा किया है। महिला का दावा है कि ऑफिस में हिंदू धर्म के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां की जाती थीं। इंजीनियर के मुताबिक, ट्रेनिंग सेशन के दौरान टीम लीडर उसे गलत तरीके से छूता था। उसके साथ ऑफिस पेंट्री में भी छेड़छाड़ हुई। महिला के मुताबिक, एक आरोपी ने कहा कि महिलाओं के साथ रेप इसलिए होता है क्योंकि वे बुर्का नहीं पहनतीं। महिला इंजीनियर का बयान नौ FIR में से एक का हिस्सा है, जिसकी जांच SIT कर रही है। FIR में महिला कर्मचारियों से शोषण, जबरन धर्म परिवर्तन की कोशिश, धार्मिक भावनाएं आहत करना, छेड़छाड़ और मानसिक उत्पीड़न जैसे आरोप शामिल हैं। पुलिस ने अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। फरार आरोपी निदा को अग्रिम राहत से कोर्ट का इनकार मामले में अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक महिला ऑपरेशंस मैनेजर भी शामिल है। एक अन्य आरोपी निदा खान फरार है। निदा ने अग्रिम जमानत के लिए नासिक सेशंस कोर्ट में अर्जी दी थी लेकिन कोर्ट ने सोमवार को उसे 27 अप्रैल तक राहत देने से इनकार कर दिया। निदा के वकील ने अग्रिम जमानत याचिका की सुनवाई तक अंतरिम सुरक्षा के लिए आवेदन दिया था। इसी बीच, पीड़ितों के वकील ने लिखित जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगने वाला आवेदन दायर किया, जिसे अदालत ने स्वीकार करते हुए 27 अप्रैल तक का समय दिया। अब अदालत 27 अप्रैल को अग्रिम जमानत याचिका और अंतरिम राहत याचिका दोनों पर सुनवाई करेगी। पीड़ित इंजीनियर बोली- गुड़ी पड़वा के दौरान छेड़छाड़ हुई इधर पीड़ित महिला इंजीनियर ने 5 आरोपियों पर जून 2025 से मार्च 2026 के बीच लगातार यौन उत्पीड़न, पीछा करने (स्टॉकिंग) और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप लगाए हैं। उसने कहा कि एक आरोपी ने हिंदू देवी-देवताओं पर अपमानजनक टिप्पणी की। महिला कर्मचारी ने आरोप लगाया कि उसका टीम लीडर ट्रेनिंग के बहाने उसे गलत तरीके से छूता था। वहीं, एक अन्य आरोपी ने ऑफिस की पेंट्री में गुड़ी पड़वा के दौरान उसके साथ छेड़छाड़ की।पीड़ित ने यह भी कहा कि उसकी शादीशुदा जिंदगी को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। पीड़ित का दावा- आरोपी सोशल मीडिया पर भी परेशान करते थे पीड़ित के मुताबिक, उत्पीड़न सिर्फ ऑफिस तक सीमित नहीं था, बल्कि आरोपी सोशल मीडिया पर भी उसका पीछा कर रहे थे और परेशान कर रहे थे। उसने कई बार आरोपियों को ब्लॉक करने की कोशिश की, लेकिन स्टॉकिंग नहीं रुकी, जिसके बाद उसे कानूनी मदद लेनी पड़ी। TCS ने इस मामले पर कहा है कि कंपनी लंबे समय से किसी भी तरह के उत्पीड़न और दबाव के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाती है। नासिक ऑफिस में यौन उत्पीड़न के आरोपों में शामिल कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। कंपनी ने यह भी कहा कि शुरुआती जांच में उसे अपने एथिक्स या POSH (यौन उत्पीड़न रोकथाम) चैनलों पर किसी महिला कर्मचारी की तरफ से कोई शिकायत नहीं मिली थी। साथ ही, कंपनी ने आंतरिक जांच के लिए एक ओवरसाइट पैनल बनाने और बाहरी एजेंसियों को शामिल करने की घोषणा की है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

टीनएज युवाओं के लिए उमंग हेल्थ सेंटर, चैटबॉट की पहल, अब गोपनीय सवालों के मिलेंगे आसान जवाब

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Last Updated:April 20, 2026, 17:20 IST डॉ बालमुकुंद बताते हैं कि इस चैट बॉट से कनेक्ट होने के लिए सबसे पहले क्यू आर कोड को गुगल लेंस से स्कैन करना होगा. इसके बाद लिंक खुलेगा. जो व्हाट्सएप चैट से कनेक्ट हो जाएगा. इसके अलावा अपने मोबाइल फोन में 8657024841 इस नंबर को  सेव करके भी डायरेक्ट व्हाट्सएप में मैसेज कर सकते हैं छतरपुर जिले में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में टीनएज युवाओं के लिए उमंग स्वास्थ्य केंद्र बनाया गया है. जहां 10 से 19 वर्षीय युवक-युवतियां‌ अपने गोपनीय सवाल पूछ सकते हैं. इसके साथ ही उन्हें जस्ट आस्क चैट बोट की जानकारी भी देते हैं. जिसके माध्यम से टीनएज युवा घर बैठे ही सीधे व्हाटस एप में मैसेज कर अपने सवालों का जवाब पा सकते हैं. इसके माध्यम से शरीर में होने वाले बदलाव से संबंधित प्रश्न पूछ सकते है. इसके अलावा कोई भी टीनएज युवा अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर अपने प्रश्नों को परामर्शदाता से पूछ सकता है. ये प्रश्न पूरी तरह से गुप्त रखे जाते हैं. जिले में संचालित उमंग स्वास्थ्य क्लीनिक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौरिहार में उमंग स्वास्थ्य क्लीनिक परामर्शदाता बालमुकुंद सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश के समस्त जिले के सभी विकासखंडों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उमंग स्वास्थ्य केंद्र बने हुए हैं. हमारे क्लीनिक में 10 से 19 साल के किशोर-किशोरियों की काउंसलिंग की जाती है. यहां आकर टीनएज युवा अपने गोपनीय सवाल पूछ सकते हैं. इसके अलावा 10 से 19 साल के किशोर-किशोरियां घर बैठे भी चैट बॉट के माध्यम से अपने गोपनीय सवाल पूछ सकते है. ऑनलाइन भी मिलेंगे सवालों के जवाब डॉ बालमुकुंद बताते हैं कि इस चैट बॉट से कनेक्ट होने के लिए सबसे पहले क्यू आर कोड को गुगल लेंस से स्कैन करना होगा. इसके बाद लिंक खुलेगा. जो व्हाट्सएप चैट से कनेक्ट हो जाएगा. इसके अलावा अपने मोबाइल फोन में 8657024841 इस नंबर को  सेव करके भी डायरेक्ट व्हाट्सएप में मैसेज कर सकते हैं. यहां आपको सारे सवालों के जवाब मोबाइल पर ही मिल जाएंगे. डॉ बालमुकुंद बताते हैं कि यहां किशोर वह सवाल भी पूछ सकते हैं जो हिचकिचाहट की वजह से अपने माता-पिता, घर के किसी बड़े या शिक्षक से भी नहीं पूछ सकते हैं. इसका उद्देश्य किशोर-किशोरियों में उम्र के साथ शरीर में होने वाले बदलावों और परिवर्तन के समय में होने वाली परेशानी या शंका का समाधान करना है.  यह चैट बॉट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का ही एक हिस्सा है. विभिन्न शंकाओं का निराकरण करेगा खुल के पूछो चैट बॉटजस्ट आस्क डिजिटल एंगेजमेंट प्लेटफॉर्म के साथ उपयोगकर्ता के बड़े होने, शारीरिक परिवर्तन, यौवन, मासिक धर्म, प्रजनन स्वास्थ्य, गर्भावस्था, परिवार नियोजन, लिंग पहचान, यौन अभिविन्यास, मानसिक स्वास्थ्य और अन्य एसआरएचआर विषयों से संबंधित कोई भी प्रश्न पूछ सकते हैं. चैट बॉट उपयोगकर्ताओं को इंटरैक्टिव वार्तालापों में जोड़ते हुए उन्हें सटीक और विश्वसनीय जानकारी नि:शुल्क प्रदान करेगा. यूजर के अनुभव को सुरक्षित, वैयक्तिक, बहुभाषी और सहानुभूतिपूर्ण बनाने के लिए बनाया गया है. दो महत्वाकांक्षी रोल मॉडल ध्रुव और दृष्टि है, जो सरल और विश्वसनीयता के साथ जानकारी साझा करते हैं. किशोरों और युवा वयस्कों के मुद्दों जैसे यौन और प्रजनन स्वास्थ्य अधिकार (एसआरएचआर) सामाजिक मुद्दों पर सही एवं सुलभ जानकारी देने के लिए विकसित किया गया है. सही और सुलभ जानकारी मिलेगीकिशोरों और युवा वयस्कों के मुद्दों जैसे यौन और प्रजनन स्वास्थ्य अधिकार (एसआरएचआर) सामाजिक मुद्दों पर सही एवं सुलभ जानकारी देने के लिए विकसित किया गया है. खुल के पूछो चैट बॉट में सामग्री सरल, आकर्षक इन्फोग्राफिक्स द्वारा समर्थित है, जो सामान्य समझ को बढ़ाती है. उपयोगकर्ताओं को आसानी से निर्देशों का पालन करने में सक्षम बनाती है. इसके अलावा खुल के पूछो चैट बॉट किशोरों और युवाओं को किशोर अनुकूल स्वास्थ्य क्लीनिक (एएफएचसी), सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं और हेल्पलाइन से जोड़ता है. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Chhatarpur,Madhya Pradesh First Published : April 20, 2026, 17:20 IST

बंगाल में मातृ शक्ति का तय करेगी किसकी सरकार! टीएमसी की महिला सेना के सामने बीजेपी का महिला आरक्षण कार्ड क्या खेलाएगा?

बंगाल में मातृ शक्ति का तय करेगी किसकी सरकार! टीएमसी की महिला सेना के सामने बीजेपी का महिला आरक्षण कार्ड क्या खेलाएगा?

विधानसभा चुनाव 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में इस बार मुकाबला सिर्फ राजनीतिक विचारधारा के बीच नहीं, बल्कि महिला वोट बैंक को लेकर भी बेहद दिलचस्प हो गया है। एक तरफ जहां ममता बनर्जी की उम्मीदवारी ने बड़ी संख्या में महिला टीमें बनाईं, साथ ही शशि पांजा और सायोनी घोष जैश नेताओं ने प्रचार में आगे कर महिला ब्रिगेड को मजबूत बनाया, तो दूसरी तरफ बीजेपी ने महिला टीमों की बड़ी संख्या में हिस्सेदारी बनाई। चुनाव प्रचार घोटाले की मान्यताममता बनर्जी ने महिला गैंग को साधे रखा और बीजेपी को काउंटर करने के लिए अपनी मजबूत महिला ब्रिगेड को मैदान में उतारा है। इस सूची में चंद्रिमा भट्टाचार्य, सेंचुरी रॉय, सयोनी घोष, जून मालिया, आदर्श मंडल, असीता मुंशी, सायंतिका बनर्जी और रचनाकार जैसे नाम शामिल हैं। पार्टी ने सिर्फ अनुभवी नेताओं को ही नहीं, बल्कि ग्लैमर और युवा शैलाडा को भी उभारकर मौलाना मराठा को धार दी है। सयोनी घोष अपनी रैली में ‘मां, माटी, मानुष’ का नारा लगा कर युवाओं और महिलाओं को जोड़ रही हैं, जबकि रचना बनर्जी, शताब्दी रॉय और जून मालिया ग्रामीण क्षेत्र में सीधे महिलाओं से संवाद कर रही हैं। इसके जवाब में बीजेपी ने पार्टी की अल्पसंख्यक और दिग्गज अभिनेत्री कंगना रनौत को पूर्वी मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम में बीजेपी उम्मीदवार सुभेंदु अधिकारी के समर्थन में एक ग्रैंड रोड शो कर दिया। खुली जीप में सवार रावण ने जब नंदीग्राम की सड़कों पर हाथ हिलाकर लोगों का सिर झुकाया, तो फैंसी और सॉसेज का हुजूम धमाका हो गया। लक्ष्मी भंडार बनाम मातृ शक्ति वंदन‘लक्ष्मी भंडार’ योजना का भी जोर-शोर से प्रचार किया जा रहा है. इन महिलाओं में टीएमसी के प्रति भरोसेमंद मजबूत बनने की कोशिश है। महिला नेता घर-घर संवाद कर रही हैं। राज्य सरकार की अधिसूचना- जैसे महिला सुरक्षा, आर्थिक सहायता और सामाजिक कल्याण- तक सीधे पहुंच सुनिश्चित की जा रही है। पार्टी का मानना ​​है कि महिलाओं के साथ यह स्ट्रेट कॉन्टैक्ट्स इलिनोइस में फ़्लोरिडा भूमिका निभा सकता है। महिलाओं को 3 हजार रुपये देने का वादा बीजेपी ने कियाइसके अलावा बीजेपी ने ‘मातृ शक्ति वंदन’ योजना के तहत 3000 रुपये देने का वादा किया है। महिलाओं को केंद्र में वेल्डिंग ने बड़ा दांव खेला है। भाजपा सरकार बनी हर महिला को ₹36,000 देने का वादा किया गया। साथ ही महिलाओं की सुरक्षा में असफल रहने और वाहनों को संरक्षण देने का आरोप भी लगाया गया। हालाँकि, ममता की ‘बंगाल की बेटी’ वाली छवि को तोड़ना बीजेपी के लिए कठिन चुनौती है। पार्टी के पास नामांकित ममता बनर्जी का कोई स्थानीय चेहरा नहीं है। महिला नटखट की ओट में बीजेपीवहीं, बीजेपी की बोलती पार्टी पर हमला जारी है. पार्टी का आरोप है कि महिलाओं को वास्तविक राजनीतिक प्रतिनिधित्व अभी भी नहीं मिला है और इसे डेमोक्रेट्स लिमिटेड तक सीमित रखा गया है। भाजपा इस मुद्दे के तहत शहरी और उच्च शिक्षा प्राप्त महिला मतदाताओं को साधने की कोशिश कर रही है। महिलाओं पर किसको विश्वास हैपश्चिम बंगाल में बंदूकधारियों ने 52 महिलाओं को टिकटें दी हैं। ममता बनर्जी की इस रणनीति के पीछे सोच यह है कि वे चुनाव में महिला मतदाताओं को आकर्षित करें। वहीं दूसरी तरफ बीजेपी ने 33 महिलाओं को टिकटें दी हैं। यह कुल हिस्सेदारी का करीब 11.22 प्रतिशत है. हालांकि पिछले चुनाव में बीजेपी में 13% महिला वोटें शामिल थीं। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (23 और 29 अप्रैल) से पहले एब्लॉग के विश्लेषण में साफ दिखता है कि राजनीति में महिलाओं की हवेली अभी भी सीमित है। इस बार कुल मिलाकर महिलाओं की भागीदारी सिर्फ 11% के करीब है। हालाँकि, टीएमसी इस मामले में रेस्ट अरेस्ट से काफी आगे है- पार्टी ने 291 में से 52 महिला उम्मीदवार उतारी हैं, जो लगभग 27.2% हैं। वहीं, वाम वामपंथियों और सीपीआई (एम) के गठबंधन ने 253 से 34 (13.43%) महिलाओं को मौका दिया है। कांग्रेस ने 294 में से 35 (11.9%) और बीजेपी ने 294 में से 33 (11.2%) महिला उम्मीदवार उतारी हैं, जो सबसे कम अनुपात है। राज्य की पिछली विधानसभा में 41 महिला विधायक हैं, जिनका राष्ट्रीय औसत 8% से ज्यादा है, लेकिन वैश्विक औसत 24% से अभी भी काफी पीछे है। महिला प्राकृतिक कानून के बावजूद, जमीनी स्तर पर महिलाओं की भागीदारी में वृद्धि की चुनौती अब भी बनी हुई है। यह भी पढ़ें: बंगाल में पीएम मोदी की रैली के बाद बोले भाजपा समर्थक- हमारी जीत पक्की है, टीएमसी की विदाई तय

अवैध रेत खनन कर रहा युवक नर्मदा में कूदा, मौत:जबलपुर में प्रशासन-खनिज विभाग की टीम पहुंची दबिश देने, डर के चलते लगाई नदी में छलांग

अवैध रेत खनन कर रहा युवक नर्मदा में कूदा, मौत:जबलपुर में प्रशासन-खनिज विभाग की टीम पहुंची दबिश देने, डर के चलते लगाई नदी में छलांग

जबलपुर के खिरैनी घाट पर अवैध खनन की दबिश के बीच एक युवक की डूबने से मौत हो गई। कलेक्टर के निर्देश पर पुलिस,प्रशासन और खनिज विभाग की टीम सोमवार दोपहर 2 बजे कार्रवाई करने पहुंची थी। टीम जैसे ही वहां पहुंची अवैध रेत खनन कर रहे लोग भागने लगे। इस बीच एक युवक बचने के लिए नर्मदा नदी में कूद गया जिससे उसकी मौत हो गई। डर के चलते नर्मदा में कूदा बरेला अंतर्गत जमतरा अंतर्गत खिरैनी घाट पर गांव के कुछ लड़कों द्वारा रेत उत्खनन किया जा रहा था। इसी दौरान मौके पर एसडीएम एवं माइनिंग विभाग की टीम द्वारा दबिश दी गई। चार से पांच लड़के तो भाग गए, लेकिन एक युवक मानक वर्मा (25 वर्ष) निवासी ग्राम जमतरा को पुलिस ने घेर लिया। दहशत में आकर वह नर्मदा में कूद गया था। कुछ देर बाद घाट किनारे उसका शव मिला। ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन घटना की जानकारी जैसे ही ग्रामीणों को लगी तो बड़ी संख्या में लोग घाट पहुंचे, जहां उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े-बड़े खनन माफियाओं को पुलिस-प्रशासन संरक्षण देती है, पर वो लोग जो बोरी से रेत निकालते हैं तो उन्हें आए दिन पकड़ने के लिए आती है। इसके बाद ग्रामीणों ने विरोध-प्रदर्शन किया। बरेला सहित रांझी, गोराबाजार,खमरिया थाना पुलिस बल मौके पर पहुंचा और ग्रामीणों को शांत करवाने में जुटे। ग्रामीणों ने टीम की गाड़ियों की हवा भी निकाल दी और लाठी बरसाने का आरोप भी लगाया। कार्रवाई का आश्वासन दिया तब माने ग्रामीण पुलिस ने बमुश्किल ग्रामीणों को समझाया और दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब जाकर लोग माने और शव को पीएम के लिए मेडिकल कालेज रवाना किया।

थलपति विजय-संगीता तलाक केस की सुनवाई फिर टली:चेन्नई कोर्ट ने सुनवाई मध्य जून तक टाली, राजनीतिक व्यस्तता के चलते एक्टर पेश नहीं हुए

थलपति विजय-संगीता तलाक केस की सुनवाई फिर टली:चेन्नई कोर्ट ने सुनवाई मध्य जून तक टाली, राजनीतिक व्यस्तता के चलते एक्टर पेश नहीं हुए

तमिल सुपरस्टार और राजनेता विजय और उनकी पत्नी संगीता सॉर्नालिंगम के बीच चल रहे तलाक मामले में एक बार फिर अहम अपडेट सामने आया है। चेन्नई के चेंगलपट्टू फैमिली कोर्ट में इस केस की सुनवाई होनी थी, लेकिन अदालत ने इसे आगे बढ़ाते हुए अब अगली तारीख मध्य जून तय कर दी है। ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, यह मामला कोर्ट की कार्यसूची में चौथे नंबर पर सूचीबद्ध था और सुनवाई न्यायाधीश शशिकला के समक्ष हुई। हालांकि, संक्षिप्त सुनवाई के बाद अदालत ने मामले को स्थगित कर दिया और दोनों पक्षों को अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए। बाद में अदालत ने सुनवाई की तारीख बढ़ाकर 15 जून कर दी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, विजय की ओर से उनके वकील ने अदालत को बताया कि एक्टर इस समय राजनीतिक गतिविधियों और चुनावी प्रचार में व्यस्त हैं, इसलिए उनका व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना कठिन हो सकता है। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश होने की अनुमति भी मांगी थी। तलाक का यह मामला तब से सुर्खियों में है जब संगीता ने तलाक की याचिका दायर की थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने विवाह में मतभेद और अन्य निजी कारणों का हवाला दिया है। इसके बाद से यह मामला लगातार कानूनी प्रक्रिया में आगे बढ़ रहा है और हर सुनवाई पर मीडिया और प्रशंसकों की नजर बनी हुई है। इसी बीच, कोर्ट ने दोनों पक्षों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई में उनकी उपस्थिति जरूरी होगी, ताकि मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पर निर्णय लिया जा सके। विजय और संगीता की शादी साल 1999 में हुई थी और उनके दो बच्चे हैं। लंबे समय से यह कपल निजी जीवन को लेकर चर्चा में नहीं था, लेकिन इस कानूनी विवाद ने एक बार फिर उन्हें सुर्खियों में ला दिया है। अब सभी की नजरें 15 जून की अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां इस हाई-प्रोफाइल केस में आगे क्या मोड़ आता है, यह तय होगा।