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. पंजाब की आज की सबसे बड़ी खबर AAP सरकार के बेअदबी के कानून को चुनौती देने से जुड़ी रही। याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में कहा कि इसमें सभी धर्मग्रंथ शामिल नहीं हैं। वहीं उम्रकैद और BNS के लिए इसकी मंजूरी राष्ट्रपति से लेनी जरूरी थी। दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों को VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन 10 बड़ी खबरों को विस्तार से यहां पढ़ भी सकते हैं। तो आइए जानते हैं, पंजाब-चंडीगढ़ में दिनभर में क्या कुछ खास रहा… 1. AAP सरकार के बेअदबी कानून को चुनौती पंजाब सरकार के नए बेअदबी कानून को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। जालंधर निवासी सिमरनजीत सिंह ने यह याचिका दायर की है। उनका कहना है कि इस कानून में सिर्फ एक ही धर्म का जिक्र है जबकि बाकी धर्मों का जिक्र नहीं है। ऐसे में यह देश की धर्म निरपेक्षता का उल्लंघन है। इसके अलावा BNS की धाराएं और उम्रकैद तक की सजा होने की वजह से इसके लिए राष्ट्रपति की मंजूरी जरूरी है लेकिन सरकार ने सिर्फ गवर्नर की मंजूरी लेकर इसे लागू कर दिया है। यह याचिका आज ही फाइल हुई है। इस पर जल्द सुनवाई हो सकती है। बता दें कि सरकार ने नए कानून में बेअदबी को लेकर उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान किया है। हालांकि इसमें सिर्फ श्री गुरू ग्रंथ साहिब की बेअदबी का ही जिक्र है। हिंदू, मुस्लिम और ईसाई धर्मग्रंथों की बेअदबी को लेकर कानून में कोई प्रावधान नहीं है। 14 अप्रैल को स्पेशल विधानसभा सत्र में इस बिल को पास किया गया था। इसके बाद इसे गवर्नर के पास भेजा था। (पढ़ें पूरी खबर) 2. पंजाब बिजली संकट, AAP मंत्री बोले- असुविधा पर खेद है पंजाब में पावरकॉम (PSPCL) के 5 दिन तक 8 से 10 घंटे के कट लगाने को लेकर बवाल हो गया है। अमृतसर में बिजली कट से परेशान होकर लोग देर रात को बिजली घर में घुस गए। उन्होंने बिजली घर का गेट तोड़ दिया और खुद ही बिजली सप्लाई चालू कर दी। मुलाजिमों ने रोकने की कोशिश की तो उनके साथ भी धक्कामुक्की की। मुलाजिमों ने कहा कि उच्च अधिकारियों के कहने पर बिजली कट लगाया था लेकिन लोगों ने उनकी बात नहीं मानी। इसके बाद फीडर से छेड़छाड़ कर सप्लाई बहाल कर दी। ड्यूटी पर मौजूद मुलाजिम सुरिंदर सिंह ने बताया कि देर रात करीब 20 से 25 लोग बिजली घर में घुस आए। उन्होंने कर्मचारियों के साथ धक्कामुक्की की, गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकियां भी दीं। घटना की सूचना मिलने के बाद थाना कंबो पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। कट को लेकर बिगड़ते हालात के बीच पंजाब के बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा सामने आए। उन्होंने सोशल मीडिया (X) पर लिखा- PSPCL द्वारा घोषित नियोजित बिजली कटौती का उद्देश्य सिस्टम अपग्रेड के माध्यम से बिजली आपूर्ति में सुधार करना है। इससे होने वाली असुविधा के लिए खेद है, लेकिन ये सुधार लंबे समय में उपभोक्ताओं के लिए काफी लाभकारी साबित होंगे (पढ़ें पूरी खबर) 3. चंडीगढ़ में एनकाउंटर, बदमाश को गोली लगी चंडीगढ़ में बुधवार सुबह चंडीगढ़ पुलिस की ऑपरेशन सेल और बदमाश के बीच मुठभेड़ हो गई। दोनों तरफ से करीब 5 राउंड फायरिंग की गई। इसके बाद टीम ने बदमाश को काबू कर लिया। बदमाश की पहचान मुकेश गोलू के रूप में हुई है, जो हरियाणा के गोहाना का रहने वाला है। उसके पैर में गोली लगी है। उसे घायल अवस्था में सेक्टर-16 के अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। पुलिस के अनुसार, सूचना मिली थी कि आरोपी चंडीगढ़ में किसी वारदात को अंजाम देने के लिए आ रहा है। इसके बाद पुलिस ने आरोपी की घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को पता चला कि सेक्टर-25 में उसकी बहन रहती है। वह छिपने के लिए वहीं जा रहा था। पैदल जाते वक्त पुलिस ने उसे घेर लिया। जिसके बाद उसने गोलियां चलानी शुरू कर दीं। पकड़ा गया बदमाश मुकेश गोलू अवैध हथियारों की सप्लाई करता था। वह मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश से हथियार लाकर पंजाब और हरियाणा में सप्लाई करता था। चंडीगढ़ के थाना मलोया में उसके खिलाफ साल 2021 में हथियार तस्करी का एक मामला दर्ज हुआ था। पुलिस ने उसे भगोड़ा करार दे रखा था (पढ़ें पूरी खबर) 4. BBMB मामले में पंजाब सरकार की याचिका खारिज भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (BBMB) को लेकर पंजाब की AAP सरकार की दायर याचिका पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में पिछले वर्ष ही सुनवाई हो चुकी है। सरकार अपनी बात केंद्र सरकार के समक्ष रखे। यह याचिका उस समय दाखिल हुई थी, जब बीबीएमबी द्वारा हरियाणा को 8500 क्यूसिक अतिरिक्त पानी देने का फैसला लिया गया था। पंजाब सरकार ने BBMB के इसी फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। पंजाब सरकार का कहना था कि हरियाणा पहले ही अपना पूरा हिस्सा इस्तेमाल कर चुका है, इसलिए उसे और पानी नहीं दिया जाना चाहिए। सरकार ने यह भी कहा कि BBMB के पास किसी राज्य को तय हिस्से से ज्यादा पानी देने का कानूनी अधिकार नहीं है। पंजाब सरकार ने यह आरोप भी लगाया कि यह फैसला नियमों के खिलाफ लिया गया। जैसे बैठक के लिए जरूरी 7 दिन पहले नोटिस नहीं दिया गया और एजेंडा भी समय पर साझा नहीं किया गया। (पढ़ें पूरी खबर) 5. पंजाबी महिला बोली- PAK में जबरन मुस्लिम नहीं बनाते भारत से पाकिस्तान जाकर मुस्लिम व्यक्ति से निकाह करने वाली पंजाबी महिला सरबजीत कौर ने सिखों पर विवादित टिप्पणी के बाद यू-टर्न लिया है। उसका नया वीडियो समाने आया है। जिसमें उसने कहा कि जो भी लोग पाकिस्तान में ननकाना साहिब और अन्य गुरुद्वारों के दर्शन करने आते हैं, उनका मैं हार्दिक स्वागत करती हूं। सरबजीत ने आगे कहा कि चढ़दा पंजाब और लहंदा पंजाब एक ही हैं। पाकिस्तान में जबरन धर्म परिवर्तन जैसी कोई स्थिति नहीं है। इससे पहले सरबजीत ने पंजाब से आने वाले लोगों को लेकर भड़काऊ बयान दिया था। उसने कहा था कि सिख यहां क्या करने आते हैं। अगर पाकिस्तान वाले एक हो जाएं तो इनकी रोजी-रोटी बंद हो जाए। वहीं सरबजीत के पहले पंजाबी NRI पति करनैल सिंह ने भी लाहौर हाईकोर्ट
रतलाम में चलती कार में लगी आग, VIDEO:इंदौर से आ रहा था, आलोट-जावरा मार्ग पर हादसा; आगे का हिस्सा जलकर राख

रतलाम के आलोट में एक चलती कार में बुधवार दोपहर 4 बजे अचानक आग लग गई। ड्रायवर ने कार की बोनट से आग की लपटे देख तुरंत कार को रोड की साईड में लेकर खड़ा करते हुए बाहर निकल आया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग के कारण कार का आधा हिस्सा जलकर राख हो गया। कार में आग लगने की घटना आलोट-जावरा सड़क मार्ग पर हुई। कार क्रमांक एमपी 13 सीई 2359 इंदौर की तरफ से आ रही थी। कार में केवल ड्रायवर ही सवार था। अचानक आग देख कार को साइड में कर रोक दिया। दोनों तरफ वाहनों को रोका इसके बाद आग की तेज लपटे शुरू हो गई। आग के कारण सड़क मार्ग से गुजर रहे वाहनों को दोनों तरफ रोकना पड़ा। आग की सूचना पर स्थानीय पुलिस व फायर लॉरी पहुंची। आग पर करीब आधे घंटे में काबू पाया। पुलिस आग के लगने का कारण तलाश रही है।
एनीमिया और कृमि रोग से बचाव के लिए 24 अप्रैल को बच्चों को यहां दी जाएगी स्वर्णप्राशन ड्रॉप

Last Updated:April 22, 2026, 17:45 IST अंबाला के नागरिक अस्पताल के आयुष विभाग में 24 अप्रैल को पोषण पखवाड़ा के तहत 1 से 16 वर्ष तक के बच्चों को स्वर्णप्राशन ड्रॉप दी जाएगी. यह आयुर्वेदिक ड्रॉप बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता, बुद्धि और शारीरिक विकास बढ़ाने में सहायक मानी जाती है. सीमित मात्रा में उपलब्ध इस ड्रॉप के लिए सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है. अंबाला. बदलते दौर के साथ-साथ आज बहुत सी बीमारियां देखने को मिल रही है, जिनमें कृमि और एनीमिय रोग शामिल हैं. दरअसल, इन रोगों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार कार्य कर रहा है ओर बच्चों में इनकी रोकथाम के लिए स्वर्णप्राशन ड्रॉप दी जा रही हैं. बता दें कि, अंबाला शहर के नागरिक अस्पताल में मौजूद आयुष विंग में 24 अप्रैल को पोषण पखवाड़ा के तहत एनीमिया व कृमि रोग की रोकथाम के लिए महंगे दामों में मिलने वाली स्वर्णप्राशन ड्रॉप दी जाएगी. वहीं जानकारी के अनुसार, स्वर्णप्राशन ड्रॉप बच्चों के लिए एक प्राचीन आयुर्वेदिक प्रतिरक्षा बूस्टर है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता, बौद्धिक क्षमता और शारीरिक बल को बढ़ाता है. वही इस बारे में लोकल 18 को ज्यादा जानकारी देते हुए अंबाला शहर नागरिक अस्पताल में आयुष विभाग की एमडी डॉ. मीनाक्षी शर्मा ने बताया कि देशभर में एनीमिया और कृमि रोग के मामले गर्भवती महिलाओं व बच्चों में बहुत ज्यादा देखने को मिल रहे हैं. जिससे उन्हें काफी ज्यादा समस्याओं का सामना करना पड़ रहा हैं. उन्होंने कहा कि इस रोग को लेकर स्वास्थ्य विभाग के द्वारा वैक्सीनेशन कार्यक्रम चलाए जाते है, जिसके तहत आयुष विभाग भी स्वर्णप्राशन गोल्ड ड्रॉप 1 वर्ष से लेकर 16 वर्ष तक के बच्चों को देता हैं. ताकि, उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता के साथ-साथ बौद्धिक व शारीरिक बल की क्षमता बढ़ सके, वह स्वास्थ्य जीवन जी सकें. उन्होंने बताया कि यह ड्रॉप काफी ज्यादा महंगी होती है, इसलिए हर माता पिता अपने बच्चों को नहीं दे पाते है. आयुष विभाग पुष्य नक्षत्र के दिन यह स्वर्णप्राशन ड्रॉप बच्चों को देता है और यह दिन हर महीने के 29 दिन बाद होता हैं. उन्होंने बताया कि वह सभी माता पिता को बताना चाहती है कि 24 अप्रैल को यह ड्रॉप सुबह 8:00 बजे से लेकर 2:00 बजे तक दिया जाएगा. इसमें रजिस्ट्रेशन नागरिक अस्पताल के आयुष विभाग में आकर कोई भी व्यक्ति करवा सकता है. उन्होंने कहा कि अभी तक काफी ज्यादा रजिस्ट्रेशन आ चुके हैं और इसके लिए माता-पिता को आयुष विभाग का कार्ड बनवाना है तभी यह ड्रॉप उनके बच्चे को मिल पाएगी. यह रजिस्ट्रेशन के हिसाब से ही सीमित मात्रा में ही उपलब्ध हो पाती है. स्वर्णप्राशन ड्रॉप के प्रमुख फायदेइस स्वर्णप्रशन गोल्ड ड्रॉप का काफी फायदा आयुर्वेद में बताए गए है, जिसमें यह बच्चों की इम्यूनिटी को मजबूत करता है और बार-बार होने वाली सर्दी, खांसी व बुखार से बचाता है. इसके साथ ही यह बच्चों की मेधा (बुद्धि), एकाग्रता, और स्मरण शक्ति को बढ़ाता है. यह स्वस्थ वजन बढ़ाने, हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद करता है. वही आयुर्वेदिक डॉक्टर का कहना है कि यह पाचन अग्नि को तेज करता है, जिससे भूख बढ़ती है और पोषक तत्वों का अवशोषण बेहतर होता है. इसके साथ ही यह त्वचा के रंग और कांति में सुधार करता है. उन्होंने बताया है कि पुष्य नक्षत्र पर इसका सेवन करना विशेष रूप से फायदेमंद माना जाता है, जो दीर्घकालिक सकारात्मक प्रभाव डालता है. About the Author Monali Paul नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें First Published : April 22, 2026, 17:45 IST
शिमला में लेंसकार्ट विवाद में हिंदू संघर्ष समिति का प्रदर्शन:स्टोर के भीतर हनुमान चालीसा का पाठ पढ़ा; कर्मचारियों को राखी बांध लगाया तिलक

आईवियर कंपनी लेंसकार्ट के ड्रेस कोड के खिलाफ हिंदू संघर्ष समिति ने आज (बुधवार को) शिमला के संजौली स्थित स्टोर में प्रदर्शन किया। इस दौरान स्टोर के भीतर बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ किया और लेंसकार्ट कंपनी के खिलाफ नारेबाजी की। शिमला में प्रदर्शनकारियों ने लेंसकार्ट स्टोर के सभी कर्मचारियों को राखी बांधी और तिलक लगाया। शिमला से पहले उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ इत्यादि राज्यों में लेंसकार्ट के खिलाफ प्रदर्शन हो चुके है। दरअसल, कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर कंपनी का एक पॉलिसी डॉक्यूमेंट वायरल हुआ था। इसमें कर्मचारियों को बिंदी, तिलक, कलावा और बुर्का पहनने पर रोक की बात थी। हिजाब और पगड़ी को कुछ शर्तों के साथ अनुमति दी गई थी। डॉक्यूमेंट वायरल होने के बाद भड़के लोग इस डॉक्यूमेंट के वायरल होने के बाद शिमला में भी हिंदू संघर्ष समिति के लोग भड़क उठे हैं। हालांकि, विवाद बढ़ने पर कंपनी के संस्थापक और सीईओ पियूष बंसल ने सफाई देते हुए कहा कि वायरल दस्तावेज़ “गलत” है और कंपनी की वर्तमान नीतियों को नहीं दर्शाता। हिंदू भावनाओं को आहत किया: विजय संघर्ष समिति के पदाधिकारी विजय ने कहा कि “कॉर्पोरेट जिहाद” के जरिए हिंदू भावनाओं को आहत किया जा रहा है और निवेश के दबाव में कंपनियां पक्षपातपूर्ण नीतियां अपना रही हैं। शिमला के संजौली में प्रदर्शन के फोटो..
बंगाल झालमुड़ी स्नैक रेसिपी: घर पर मिनटों में पीएम मोदी वाली बंगाल की झालमुरी, बच्चों से लेकर बड़े तक हो जाएं आपके फैन

झालमुरी पश्चिम बंगाल का एक बहुत ही लोकप्रिय स्ट्रीट फूड है। इसे मुरमुरे और चिप्स के साथ मिलाकर बनाया जाता है। इसमें कच्चे तेल के मसाले और मसालों का स्वाद बहुत काम आता है। छवि: एआई आवश्यक सामग्री: 2 कप मुरमुरे, 1 प्याज, 1 लाल आलू, 1 टमाटर, 2-3 हरी मिर्च, ½ कप भूरी मूंगफली, ½ काली मिर्च पाउडर, ½ काली मिर्च पाउडर, ½ काली मिर्च पाउडर, ½ काली मिर्च का मसाला, ½ काली मिर्च का मसाला, 1 काली मिर्च का तेल, धनिया, 1 मसाले का रस छवि: सोशल मीडिया सबसे पहले एक बड़ा बाउल लेन और इसमें मुरमुरे शामिल थे। अब इसमें टमाटर, टमाटर, आलू और हरी मिर्च डालें। इसके बाद मॉयुअल नोबेल से वॉल्व। छवि: सोशल मीडिया अब इसमें लाल मिर्च पाउडर, चाट मसाला और काला नमक डालें। ऊपर से हल्दी का तेल और नींबू का रस डालें। सभी बेकार को अच्छी तरह से करें। फाइनल में हरा धनिया मॉड्यूल तुरंत सर्व करें। छवि: एआई मुरमुरे के बाद तुरंत सर्व करें, अन्यथा ये प्राकृतिक हो जायेंगे। सरसों का तेल जरूर डालें, इससे असली बैलर का स्वाद आता है। आप यात्रा कर सकते हैं तो इसमें सेव या स्टेटस भी मिला सकते हैं। छवि: सोशल मीडिया झालमुरी न केवल स्वादिष्ट है, बल्कि रसायन भी है। इसमें ज्यादा तेल नहीं होता और यह असरदार होता है, जिसे आप भी कभी खा सकते हैं। शाम की चाय के साथ या बच्चों के टिफ़िन में। छवि: सोशल मीडिया अगर आप घर पर कुछ अलग और टेस्टी बनाना चाहते हैं, तो बंगाल की झालमुरी जरूर ट्राई कर सकते हैं। इसे बनाना बहुत ही आसान है, इसका स्वाद ही लाजवाब है। एक बार देखें, हर कोई आपका सितारा है। छवि: सोशल मीडिया छवि: सोशल मीडिया (टैग्सटूट्रांसलेट)बंगाली झालमुरी रेसिपी(टी)पीएम मोदी(टी)झालमुरी रेसिपी(टी)शाम के नाश्ते की रेसिपी(टी)मसालेदार स्नैक(टी)इंस्टेंट स्नैक रेसिपी(टी)हेल्दी स्नैक(टी)बच्चों के लिए झालमुड़ी रेसिपी(टी)बंगाली स्टाइल झालमुरी रेसिपी(टी)झालमुरी नमकीन
खरगोन में 40 पार तापमान, दोपहर में लू जैसे हालात:10 दिन से 40-41 डिग्री पारा, 70 लाख मिर्च पौधों को बचाने कर रहे स्प्रे

खरगोन में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है, जिससे दोपहर 1 बजे के बाद लू जैसे हालात बन रहे हैं। भीषण गर्मी का असर जनजीवन के साथ खेती पर भी साफ दिखाई दे रहा है। गर्मी से बचाव के लिए किसान खेतों में मिर्च के पौधों पर पानी का स्प्रे कर रहे हैं और स्लाइडिंग नेट का उपयोग कर रहे हैं, ताकि तापमान को नियंत्रित रखा जा सके। बामखल के उन्नत किसान विजय यादव ने बताया कि वे पानी का छिड़काव कर करीब 70 लाख मिर्च के पौधों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। नेट हाउस में सुबह-शाम स्प्रे किया जा रहा है। मिर्च की फसल के लिए 20 से 27 डिग्री तापमान उपयुक्त होता है, जबकि वर्तमान में तापमान इससे कहीं अधिक है। स्लाइडिंग नेट करीब 50% तक गर्मी को रोकने में मदद कर रहे हैं। जिले में करीब 25 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में मिर्च की रोपाई होती है। यहां की मिर्च निमाड़-मालवा के साथ महाराष्ट्र के कई शहरों में भी भेजी जाती है। इसके लिए पहले से ऑर्डर बुक किए जाते हैं। पिछले 10 दिनों से 40-41 डिग्री तापमान पिछले 10 दिनों से जिले में तापमान 40 से 41 डिग्री के बीच बना हुआ है। पिछले दो दिनों से बादल छाने के कारण रात में भी उमस बढ़ गई है और न्यूनतम तापमान 22-23 डिग्री दर्ज किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में मौसम साफ रहेगा और गर्मी और बढ़ सकती है। बढ़ती गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। लोगों से अपील की गई है कि वे दोपहर में बिना टोपी या गमछे के धूप में बाहर न निकलें और पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें।
गर्मियों में डायरिया का अटैक! स्ट्रीट फूड ही नहीं, चॉकलेट भी बच्चों को कर रही बीमार, एक्सपर्ट से जानें

Last Updated:April 22, 2026, 17:30 IST Summer Health Tips: बदलता मौसम अपने साथ बीमारियों का खतरा लेकर आता है, जिसमें डायरिया सबसे ज्यादा पैर पसार रहा है. चिलचिलाती धूप और बिना मौसम की बारिश के बीच छोटे बच्चे तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं. चौंकाने वाली बात यह है कि सिर्फ स्ट्रीट फूड ही नहीं, बल्कि बच्चों की पसंदीदा चॉकलेट भी इस गर्मी में उनके पेट को खराब कर रही है. डॉक्टरों के पास आने वाले मरीजों में 30 से 40 फीसदी मामले अकेले डायरिया के हैं. देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में इन दिनों मौसम के बदलते मिजाज ने लोगों की सेहत बिगाड़ दी है. कभी तेज धूप तो कभी अचानक होने वाली बारिश की वजह से बीमारियां बढ़ रही हैं, जिनमें डायरिया सबसे गंभीर समस्या बनकर उभरा है. खासकर छोटे बच्चों में उल्टी और दस्त की शिकायतें तेजी से बढ़ी हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मियों में खाना बहुत जल्दी खराब हो जाता है और उसमें मौजूद बैक्टीरिया शरीर में पहुंचते ही पेट दर्द और लूज मोशन जैसी परेशानियां खड़ी कर देते हैं.देहरादून के आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. सिराज सिद्दीकी के अनुसार, उनके पास आने वाले मरीजों में लगभग 30 से 40 प्रतिशत मामले डायरिया के ही आ रहे हैं. उन्होंने बच्चों की सेहत से जुड़ी कुछ ऐसी बातें बताई हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है. चॉकलेट भी बन रही है डायरिया की वजहआमतौर पर माता-पिता को लगता है कि बाहर का खाना या गंदा पानी ही बच्चों को बीमार करता है, लेकिन डॉक्टर ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि गर्मियों में ज्यादा तापमान होने की वजह से चॉकलेट बहुत जल्दी खराब हो जाती है और अंदर ही अंदर सड़ने लगती है. इसमें पनपने वाले बैक्टीरिया ही बच्चों में डायरिया और फूड पॉइजनिंग का मुख्य कारण बन रहे हैं. यही वजह है कि देहरादून के अस्पतालों में पहुंचने वाले ज्यादातर बच्चों में इस तरह की शिकायतें देखने को मिल रही हैं. इसलिए गर्मियों के दिनों में बच्चों को ज्यादा चॉकलेट देने से परहेज करना चाहिए. स्ट्रीट फूड और मोमोज की चटनी से रहें सावधानदेहरादून के हर कोने में मिलने वाले स्ट्रीट फूड बच्चों और युवाओं की पहली पसंद हैं, लेकिन यही उनकी सेहत के दुश्मन बन रहे हैं. डॉ. सिद्दीकी ने बताया कि मोमोज के साथ दी जाने वाली तीखी चटनी में बैक्टीरिया बहुत जल्दी पनपते हैं जो सीधे पेट पर हमला करते हैं. इसके अलावा, ज्यादातर फास्ट फूड मैदे से तैयार किए जाते हैं जो हमारे मेटाबॉलिज्म को कमजोर करने के साथ ही लीवर पर भी बुरा असर डालते हैं. जब शरीर का पाचन तंत्र कमजोर होता है, तो बीमारियां बहुत जल्दी शरीर को अपनी चपेट में ले लेती हैं. बेमौसम बारिश और दूषित पानी का खतराडॉक्टर के मुताबिक, इन दिनों होने वाली बिना मौसम की बारिश प्राकृतिक रूप से शुद्ध नहीं होती है. इसमें मौजूद टॉक्सिन्स यानी जहरीले तत्व पानी के साथ मिलकर उसे दूषित कर देते हैं. हालांकि सरकार पानी को फिल्टर करके सप्लाई करती है, लेकिन उन प्लांट्स की भी अपनी एक सीमा होती है. अगर पीने के पानी में किसी भी तरह के माइक्रोप्स रह जाते हैं, तो डायरिया होने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है. ऐसे में पानी की शुद्धता को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है. लापरवाही पड़ सकती है भारीउल्टी और दस्त होने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है और मरीज बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस करने लगता है. वैसे तो इलाज करवाने पर मरीज जल्दी ठीक हो जाता है, लेकिन अगर शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर लापरवाही बरती गई, तो यह स्थिति मरीज के लिए जानलेवा भी हो सकती है. बच्चों के मामले में यह और भी संवेदनशील हो जाता है क्योंकि उनका इम्यून सिस्टम वयस्कों के मुकाबले कमजोर होता है. इसलिए बचाव के लिए घर में बनी ताजी चीजें ही खिलाएं और पानी हमेशा अच्छी तरह फिल्टर किया हुआ ही इस्तेमाल करें. About the Author Seema Nath सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Dehradun,Uttarakhand First Published : April 22, 2026, 17:30 IST
दही और योगर्ट में क्या अंतर होता है? जानिये दोनों को खाने के फायदे और नुकसान

दही और योगर्ट देखने में भले ही एक जैसे लगते हों, लेकिन दोनों में बनाने की विधि, बैक्टीरिया, स्वाद और सेहत के असर के लिहाज से कई अंतर होते हैं. आजकल लोग सेहत को लेकर जागरूक हैं, इसलिए यह जानना जरूरी है कि दही और योगर्ट में क्या फर्क है और आपके लिए कौन‑सा बेहतर है. दही क्या है?दही परंपरागत भारतीय खाद्य पदार्थ है. इसे दूध में थोड़ा‑सा पुराना दही (जामन) मिलाकर जमाया जाता है. इसमें प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले लैक्टिक एसिड बैक्टीरिया होते हैं, जो पाचन के लिए फायदेमंद होते हैं. दही के फायदेपाचन तंत्र को मजबूत करता है.शरीर को ठंडक देता है.कैल्शियम और प्रोटीन का अच्छा स्रोत.गैस, कब्ज और एसिडिटी में राहत.आसानी से घर पर शुद्ध रूप में बनाया जा सकता है. दही के नुकसानज्यादा खट्टा होने पर नुकसानदायक.सर्दी‑जुकाम या कफ की समस्या में रात को दही खाना ठीक नहीं.ज्यादा मात्रा में खाने से कुछ लोगों को सूजन हो सकती है. योगर्ट क्या है?योगर्ट पश्चिमी देशों में ज्यादा प्रचलित होता है. इसे दूध में विशेष प्रोबायोटिक बैक्टीरिया डालकर नियंत्रित तापमान में जमाया जाता है. बाजार में मिलने वाले योगर्ट कई बार फ्लेवर्ड और मीठे होते हैं. योगर्ट के फायदेप्रोबायोटिक्स से भरपूर.इम्युनिटी बढ़ाने में मददगार.वजन घटाने में सहायक.लैक्टोज डाइजेस्ट करने में आसान.स्किन और आंतों के लिए फायदेमंद. योगर्ट के नुकसानबाजार के फ्लेवर्ड योगर्ट में चीनी ज्यादा.प्रिज़र्वेटिव होने की संभावना.महंगा होता है.घर का बना दही जितना ताजा नहीं. दही और योगर्ट में मुख्य अंतरबनाने का तरीका: दही घरेलू तरीके से, योगर्ट इंडस्ट्रियल तरीके से.स्वाद: दही हल्का खट्टा, योगर्ट ज्यादा क्रीमी.बैक्टीरिया: योगर्ट में खास और ज्यादा प्रोबायोटिक्स.उपलब्धता: दही घर पर, योगर्ट ज्यादातर बाजार में. कौन‑सा है बेहतर?अगर आप प्राकृतिक, सस्ता और रोजमर्रा के लिए कुछ चाहते हैं, तो दही बेहतर है.अगर आप प्रोबायोटिक फायदे, वजन कंट्रोल या खास डाइट पर हैं, तो बिना चीनी वाला योगर्ट चुन सकते हैं. दही और योगर्ट दोनों ही फायदेमंद हैं, बस सही चुनाव आपकी जरूरत और सेहत पर निर्भर करता है. सबसे जरूरी है, अनस्वीटेंड और ताजे विकल्प को प्राथमिकता देना.
पाकिस्तानी ऑलराउंडर नवाज ड्रग टेस्ट पॉजिटिव पाए गए:PCB ने जांच शुरू की; टी-20 वर्ल्डकप के दौरान लिए गए सैंपल में फेल

पाकिस्तान के ऑलराउंडर मोहम्मद नवाज ड्रग टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए हैं। ESPNcricinfo के मुताबिक यह सैंपल 2026 टी-20 वर्ल्डकप के दौरान लिया गया था। इस मामले में ICC ने PCB को जानकारी दी है और बोर्ड ने अपनी जांच शुरू कर दी है। अंतिम फैसला आना बाकी- PCB PCB के प्रवक्ता ने बुधवार को कहा- ICC ने इस मामले की जानकारी दी है और PCB ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके नतीजे आज ICC को बताए जाएंगे। फिलहाल जांच जारी है और अंतिम फैसला अभी नहीं आया है। 32 साल के नवाज ने इस साल श्रीलंका में हुए टी-20 वर्ल्डकप में पाकिस्तान के सभी सात मैच खेले थे। टीम सुपर-8 स्टेज में बाहर हो गई थी। इस दौरान उन्होंने 15 रन बनाए और 7 विकेट लिए। ICC गोपनीय तरीके से जांच कर रहा नवाज के खिलाफ यह मामला ICC की एंटी-डोपिंग प्रक्रिया के तहत चल रहा है। पॉजिटिव टेस्ट रिक्रिएशनल ड्रग (नशीली दवाएं) से जुड़ा है। ICC ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है और पूरी प्रक्रिया गोपनीय तरीके से चल रही है। सरे ने डील रद्द की इस विवाद का असर नवाज के करियर पर दिखने लगा है। नवाज को इंग्लैंड में टी-20 ब्लास्ट के लिए सरे टीम के साथ जुड़ना था। PCB ने उन्हें NOC भी दे दिया था और क्लब इस हफ्ते उनके साइनिंग का ऐलान करने वाला था। लेकिन अब यह डील टूट गई है और नवाज इस सीजन सरे के लिए नहीं खेलेंगे। क्लब ने इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है। पॉजिटिव होने के बाद भी PSL खेल रहे नवाज जांच के बावजूद पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) में खेलते हुए नजर आ रहे हैं। वे मुल्तान सुल्तांस की ओर से लगातार मैच खेल रहे हैं। हाल ही में कराची में रावलपिंडी के खिलाफ मैच में उन्होंने तीन ओवर फेंके, लेकिन कोई विकेट नहीं लिया। 98 टी-20 इंटरनेशनल खेल चुके नवाज अब तक पाकिस्तान के लिए 98 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेल चुके हैं। टीम के व्हाइट-बॉल सेटअप में वह नियमित खिलाड़ी रहे हैं और अपनी लेफ्ट आर्म स्पिन और लोअर ऑर्डर बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं। अगर जांच में एंटी-डोपिंग नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो उन्हें सस्पेंशन या अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
मैहर में तीन जगह आग लगी, एक मकान जला:अनाज और भूसा राख; नरवाई से फैली लपटें, ग्रामीणों ने पाया काबू

मैहर जिले में मंगलवार को आगजनी की तीन अलग-अलग घटनाओं से हड़कंप मच गया। इन घटनाओं में कहीं खेत जलकर खाक हो गए तो कहीं एक गरीब का घर राख हो गया। गनीमत यह रही कि समय रहते लोगों ने काबू पा लिया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। अमरपाटन इलाके के ओबरा गांव में खेतों में लगी नरवाई की आग ने तेज हवा के कारण विकराल रूप ले लिया और करीब 2 किलोमीटर तक फैल गई। आग की लपटें खेतों के बीच बने गोरेलाल पटेल के कच्चे मकान तक पहुंच गईं। जब तक लोग कुछ समझ पाते, आग ने पूरे घर को चपेट में ले लिया। इस हादसे में घर में रखा अनाज, भूसा और गृहस्थी का सारा सामान जलकर राख हो गया। हवा के साथ कई गांवों तक पहुंची लपटें दूसरी घटना पहाड़ी मंटोलवा क्षेत्र की है। यहां भी नरवाई में लगी आग तेज हवा के कारण तेजी से बेकाबू हो गई। आग मड़ई, धनवाही और उमरी फीफरी जैसे कई गांवों के खेतों तक पहुंच गई। प्रशासन को सूचना तो दी गई, लेकिन दमकल के पहुंचने का इंतजार किए बिना ग्रामीणों ने खुद ही हिम्मत दिखाई। करीब दो घंटे की कड़ी मेहनत और पानी की मदद से लोगों ने आग को आगे बढ़ने से रोका। कब्रिस्तान के पास झाड़ियों में लगी आग तीसरी घटना मैहर शहर में कब्रिस्तान के पास हुई, जहां झाड़ियों में अचानक भीषण आग लग गई। शहर के बीचों-बीच धुआं और लपटें देख लोग दहशत में आ गए। सूचना मिलते ही दमकल की टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से वक्त रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। दहशत में ग्रामीण, घटना का कारण पता नहीं इन तीनों ही मामलों में फिलहाल आग लगने की सही वजह सामने नहीं आ पाई है। लेकिन एक ही दिन में तीन जगह लगी आग से ग्रामीण इलाकों में डर का माहौल है। लगातार बढ़ती गर्मी और खेतों में सूखी नरवाई के कारण आग लगने का खतरा और बढ़ गया है। प्रशासन अब नुकसान का आकलन करने में जुटा है।








