Wednesday, 21 Oct 2026 | 03:37 AM

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सुप्रीम कोर्ट बोला-जांच में ममता का दखल, लोकतंत्र को खतरा:देश में ऐसा होगा, सोचा नहीं था; ED जांच के दौरान फाइल लेकर चली गईं थीं

सुप्रीम कोर्ट बोला-सीएम जांच में दखल देंगी, सोचा न था:वे लोकतंत्र को खतरे में नहीं डाल सकतीं; ममता IPAC छापेमारी के बीच पहुंची थीं

I-PAC रेड मामले में ED की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई। कोर्ट ने सेंट्रल एजेंसी की जांच के बीच CM ममता बनर्जी के दखल को गलत ठहराया। कहा- किसी भी राज्य का सीएम ऐसा करता है जो यह लोकतंत्र को खतरे में डालता है। जस्टिस कुमार ने कहा- यह राज्य और केंद्र के बीच का विवाद नहीं है। हमने कभी नहीं सोचा था कि इस देश में ऐसा भी दिन आएगा जब कोई मौजूदा CM उस दफ्तर में चली जाएंगी जहां कोई जांच एजेंसी काम कर रही हो। दरअसल इसी साल 8 जनवरी को ED की टीम ने I-PAC हेड प्रतीक जैन के कोलकाता के गुलाउडन स्ट्रीट स्थित घर और दफ्तर पर छापा मारा था। प्रतीक जैन ही ममता बनर्जी के लिए पॉलिटिकल स्ट्रैटजी तैयार करते हैं। छापेमारी के बीच ममता प्रतीक के घर पहुंच गईं थीं और कुछ दस्तावेज लेकर चली गईं। ED ने ममता बनर्जी और राज्य पुलिस अधिकारियों पर जांच में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई। ममता की तरफ से पेश वकील की 4 दलील बेंच के 4 कमेंट; इसे केंद्र बनाम राज्य का विवाद बताना सही नहीं ममता की चुनावी रणनीति बनाने वाली I-PAC का ऑफिस बंद पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और सीएम ममता बनर्जी का चुनावी कैंपेन संभाल रही फर्म ‘आई-पैक’ का कोलकाता के विधाननगर स्थित दफ्तर 20 अप्रैल से बंद है। सूत्रों के अनुसार इसके एचआर ने 1300 कर्मियों को काम पर न आने का लेटर भेजा है। यह सब ऐसे समय हुआ है जब पहले चरण के मतदान को एक दिन बचे हैं। 23 अप्रैल को पहले चरण के तहत 152 सीटों पर वोटिंग होनी है। दूसरे चरण की वोटिंग 29 अप्रैल को है। रिजल्ट 4 मई को आएंगे। दरअसल, तृणमूल की बूथ लेवल की गतिविधि से लेकर नेताओं की सभाएं, रैलियां, सब कुछ तय करने में I-PAC यानी इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी एक पॉलिटिकल कंसल्टेंसी कंपनी की अहम भूमिका निभा रही है। बंगाल में पार्टी के मौजूदा करीब 33% विधायकों के टिकट काटने के फैसले के पीछे भी इसी का सर्वे आधार था। इसने बंगाल के 93 हजार पोलिंग बूथों के लिए एक लाख शैडो एजेंट्स तैयार किए थे। तृणमूल भले ही इसके बंद होने की खबरों को खारिज कर रही है, लेकिन मतदान से ठीक पहले संगठन और कार्यकर्ता असमंजस में आ गए हैं। हालांकि भास्कर के सवाल पर पार्टी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने कहा- हम संसद में दूसरी बड़ी विपक्षी पार्टी हैं। 5 एजेंसियों के साथ काम कर रहे हैं। सभी ठीक हैं। पार्टी के एक अन्य नेता ने बताया कि टीएमसी संगठन 4 स्तर पर काम कर रहा है। ऐसे समझें… तृणमूल के लिए आईपैक इतनी जरूरी क्यों I-PAC रेड मामला : 2,742 करोड़ का मनी लॉन्ड्रिंग केस I-PAC यानी इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी एक पॉलिटिकल कंसल्टेंसी कंपनी है। यह राजनीतिक दलों के लिए बड़े स्तर पर चुनावी अभियानों का काम करती है। कंपनी और उसके डायरेक्टर प्रतीक जैन पर करोड़ों रुपए के कोयला चोरी घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। CBI ने इस मामले में 27 नवंबर 2020 को FIR दर्ज की थी। पूरा मामला ₹2,742 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है। आरोप है कि ₹20 करोड़ हवाला के जरिए I-PAC तक ट्रांसफर हुए। ED ने 28 नवंबर 2020 को इसकी जांच शुरू की थी। 8 जनवरी 2026 को ED ने कोलकाता में I-PAC और उसके डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर और ऑफिस पर छापा मारा था। —————————————–

सुप्रीम कोर्ट बोला-सीएम जांच में दखल देंगी, सोचा न था:वे लोकतंत्र को खतरे में नहीं डाल सकतीं; ममता IPAC छापेमारी के बीच पहुंची थीं

सुप्रीम कोर्ट बोला-सीएम जांच में दखल देंगी, सोचा न था:वे लोकतंत्र को खतरे में नहीं डाल सकतीं; ममता IPAC छापेमारी के बीच पहुंची थीं

I-PAC रेड मामले में ED की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई। कोर्ट ने सेंट्रल एजेंसी की तरफ से की जा रही जांच के बीच CM ममता बनर्जी के दखल को भी गलत ठहराया। कोर्ट ने कहा कि किसी भी राज्य का सीएम ऐसा करता है जो यह लोकतंत्र को खतरे में डालता है। जस्टिस कुमार ने कहा- यह राज्य और केंद्र के बीच का विवाद नहीं है। हमने कभी नहीं सोचा था कि इस देश में ऐसा भी दिन आएगा जब कोई मौजूदा CM उस दफ्तर में चली जाएंगी जहां कोई जांच एजेंसी काम कर रही हो। दरअसल इसी साल 8 जनवरी को ED की टीम ने I-PAC हेड प्रतीक जैन के कोलकाता के गुलाउडन स्ट्रीट स्थित घर और दफ्तर पर छापा मारा था। प्रतीक जैन ही ममता बनर्जी के लिए पॉलिटिकल स्ट्रैटजी तैयार करते हैं। छापेमारी के बीच ममता प्रतीक के घर पहुंच गईं थीं और कुछ दस्तावेज लेकर चली गईं। ED ने ममता बनर्जी और राज्य पुलिस अधिकारियों पर जांच में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई। ममता की चुनावी रणनीति बनाने वाली I-PAC का ऑफिस बंद पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और सीएम ममता बनर्जी का चुनावी कैंपेन संभाल रही फर्म ‘आई-पैक’ का कोलकाता के विधाननगर स्थित दफ्तर 20 अप्रैल से बंद है। सूत्रों के अनुसार इसके एचआर ने 1300 कर्मियों को काम पर न आने का लेटर भेजा है। यह सब ऐसे समय हुआ है जब पहले चरण का मतदान को 3 दिन बचे हैं। 23 अप्रैल को पहले चरण के तहत 152 सीटों पर वोटिंग होनी है। चुनाव प्रचार 21 को खत्म हो जाएगा। दूसरे चरण की वोटिंग 29 अप्रैल को है। रिजल्ट 4 मई को आएंगे। दरअसल, तृणमूल की बूथ लेवल की गतिविधि से लेकर नेताओं की सभाएं, रैलियां, सब कुछ तय करने में I-PAC यानी इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी एक पॉलिटिकल कंसल्टेंसी कंपनी की अहम भूमिका निभा रही है। बंगाल में पार्टी के मौजूदा करीब 33% विधायकों के टिकट काटने के फैसले के पीछे भी इसी का सर्वे आधार था। इसने बंगाल के 93 हजार पोलिंग बूथों के लिए एक लाख शैडो एजेंट्स तैयार किए थे। तृणमूल भले ही इसके बंद होने की खबरों को खारिज कर रही है, लेकिन मतदान से ठीक पहले संगठन और कार्यकर्ता असमंजस में आ गए हैं। हालांकि भास्कर के सवाल पर पार्टी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने कहा- हम संसद में दूसरी बड़ी विपक्षी पार्टी हैं। 5 एजेंसियों के साथ काम कर रहे हैं। सभी ठीक हैं। पार्टी के एक अन्य नेता ने बताया कि टीएमसी संगठन 4 स्तर पर काम कर रहा है। ऐसे समझें… तृणमूल के लिए आईपैक इतनी जरूरी क्यों I-PAC रेड मामला : 2,742 करोड़ का मनी लॉन्ड्रिंग केस I-PAC यानी इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी एक पॉलिटिकल कंसल्टेंसी कंपनी है। यह राजनीतिक दलों के लिए बड़े स्तर पर चुनावी अभियानों का काम करती है। कंपनी और उसके डायरेक्टर प्रतीक जैन पर करोड़ों रुपए के कोयला चोरी घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। CBI ने इस मामले में 27 नवंबर 2020 को FIR दर्ज की थी। पूरा मामला ₹2,742 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है। आरोप है कि ₹20 करोड़ हवाला के जरिए I-PAC तक ट्रांसफर हुए। ED ने 28 नवंबर 2020 को इसकी जांच शुरू की थी। 8 जनवरी 2026 को ED ने कोलकाता में I-PAC और उसके डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर और ऑफिस पर छापा मारा था। —————————————–

दिल्ली पासिंग पुलिस लिखी कार से पकड़ाई शराब:हादसे की सूचना पर पहुंची पुलिस, ड्राइवर को बाहर निकाला, कार में देखा 9 पेटी शराब मिली

दिल्ली पासिंग पुलिस लिखी कार से पकड़ाई शराब:हादसे की सूचना पर पहुंची पुलिस, ड्राइवर को बाहर निकाला, कार में देखा 9 पेटी शराब मिली

सागर जिले की गढ़ाकोटा थाना पुलिस ने दिल्ली पासिंग कार से अवैध शराब बरामद की है। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि उसके तीन साथी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, मंगलवार रात सूचना मिली थी कि चनौआ खुर्द के पास बरखेड़ा गौतम मार्ग पर दिल्ली पासिंग कार (DL 12 CN 6325) क्षतिग्रस्त हालत में सड़क किनारे पड़ी है और उसमें चालक फंसा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और चालक को सुरक्षित बाहर निकाला। तलाशी में मिली 9 पेटी देशी शराब पूछताछ में चालक ने अपना नाम जोगेंद्र पिता वीरसिंह राजपूत बताया। कार की तलाशी लेने पर उसमें से 9 पेटी देशी शराब बरामद हुई। इसके बाद पुलिस ने कार और शराब जब्त कर आरोपी को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अपने तीन साथियों के साथ सागर से गढ़ाकोटा की ओर शराब लेकर जा रहा था, तभी रास्ते में कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। आबकारी एक्ट में मामला दर्ज गढ़ाकोटा थाना प्रभारी शुभम दुबे ने बताया कि आरोपी जोगेंद्र को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस फरार तीन आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। देखें दो तस्वीरें

'वैभव सूर्यवंशी सबका बाप, धुआं-धुआं कर देगा':फैंस बोले- यूपी-बिहारी भाई, नेपाल से लखनऊ को सपोर्ट करने पहुंची लड़कियां

'वैभव सूर्यवंशी सबका बाप, धुआं-धुआं कर देगा':फैंस बोले- यूपी-बिहारी भाई, नेपाल से लखनऊ को सपोर्ट करने पहुंची लड़कियां

इकाना स्टेडियम में IPL 2026 का 32वां मैच लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) और राजस्थान रॉयल्स (RR) के बीच हो रहा है। LSG ने टॉस जीतकर RR को बैटिंग के लिए बुलाया है। इस मैदान पर दोनों टीमें दूसरी बार आमने-सामने होंगी। 2024 में पहला मुकाबला राजस्थान ने जीता था। मैच देखने के लिए बड़ी संख्या में RR और LSG के फैन आए हैं। मध्य प्रदेश, बिहार, राजस्थान से फैन आए हुए हैं। राजस्थान रॉयल्स को सपोर्ट करने नेपाल से सपोर्टर पहुंचे हैं। लखनऊ के कई दर्शक राजस्थान की टीम को सपोर्ट कर रहे हैं। इंदौर से आए हसमत अली ने कहा- हम वैभव सूर्यवंशी की धमाकेदार पारी देखना चाहते हैं। नन्हे फैन अभिज्ञान ने कहा- राजस्थान में वैभव सूर्यवंशी समेत कई बिहारी खिलाड़ी हैं। बिहार से आए मोहम्मद अफरोज खान ने कहा- वैभव सब का बाप है। आज बैटिंग से धुआं-धुआं कर देगा। दर्शकों में सबसे अधिक क्रेज राजस्थान रॉयल्स के बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी और ध्रुव जुरैल का है। 15 साल के ओपनर वैभव इस सीजन 20 सिक्स के साथ सबसे ज्यादा सिक्स लगाने में दूसरे नंबर पर हैं। 3 और सिक्स लगाते ही वह नंबर-1 हो जाएंगे। LSG में ऋषभ पंत से लोगों ने उम्मीद लगा रखी है। हेड टु हेड में राजस्थान का पलड़ा भारी रहा है, जिसने 4 मैच जीते हैं। वहीं, लखनऊ को सिर्फ 2 जीत मिली हैं। पिछले साल एक ही मैच हुआ था। इसमें लखनऊ को जीत मिली थी। LSG ने इस सत्र में अपने होम ग्राउंड पर अभी तक दो मैच खेले हैं। दोनों में उसे हार मिली है। पहले 3 तस्वीरें देखिए… अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाएं…

सलमान-नयनतारा की नई फिल्म की शूटिंग मुंबई में शुरू:एक्शन थ्रिलर फिल्म में पहली बार साथ दिखेंगे दोनों कलाकार; दिल राजू हैं प्रोड्यूसर

सलमान-नयनतारा की नई फिल्म की शूटिंग मुंबई में शुरू:एक्शन थ्रिलर फिल्म में पहली बार साथ दिखेंगे दोनों कलाकार; दिल राजू हैं प्रोड्यूसर

बॉलीवुड एक्टर सलमान खान और साउथ एक्ट्रेस नयनतारा की नई फिल्म की शूटिंग मुंबई में आधिकारिक तौर पर शुरू हो गई है। यह पहली बार है जब ये दोनों बड़े सितारे एक साथ स्क्रीन शेयर करेंगे। सलमान इस बार साउथ के फिल्ममेकर वामशी पेडिपल्ली और प्रोड्यूसर दिल राजू के साथ काम करे रहे हैं। इस फिल्म को अस्थायी नाम SVC63 दिया गया है। यह एक एक्शन थ्रिलर फिल्म होगी। एक्शन और इमोशन का कॉम्बिनेशन फिल्म का डायरेक्शन वामशी पेडिपल्ली कर रहे हैं। वामशी बड़े स्केल पर फिल्में बनाने के साथ-साथ उनमें मजबूत इमोशनल कहानी पिरोने के लिए जाने जाते हैं। इस फिल्म के जरिए वे सलमान और नयनतारा की अपनी-अपनी खूबियों को एक बड़े विजन के साथ जोड़ने की कोशिश करेंगे। फिल्म में हाई-लेवल एक्शन के साथ-साथ किरदारों के बीच की इमोशनल जर्नी भी दिखाई जाएगी। सूत्रों की मानें तो फिल्म में हाई-ऑक्टेन एक्शन सीक्वेंस होंगे, जो दर्शकों को एक नया अनुभव देंगे। फिल्म की विजुअल क्वालिटी और कहानी को नेशनल लेवल की ऑडियंस के हिसाब से डिजाइन किया गया है। सलमान खान की SVC63 फिल्म क्या है SVC63 बड़े बजट की एक्शन थ्रिलर है, जिसे बड़े पैमाने पर बनाया जा रहा है। इसमें हिंदी और दक्षिण भारतीय इंडस्ट्री के कलाकार शामिल होंगे। बताया गया है, ‘यह फिल्म सलमान खान को पर्दे पर एक ऐसे अवतार में पेश करेगी, जैसा उनके फैंस ने इससे पहले कभी नहीं देखा होगा। दिल राजू कर रहे हैं ग्रैंड प्रोडक्शन इस मेगा प्रोजेक्ट को श्री वेंकटेश्वर क्रिएशन्स के बैनर तले दिल राजू प्रोड्यूस कर रहे हैं। वे भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के बड़े प्रोड्यूसर हैं और 60 से ज्यादा फिल्में बना चुके हैं। उन्हें ‘महार्षि’ और ‘शतमानम भवति’ के लिए नेशनल अवॉर्ड मिल चुका है। वामशी पेडिपल्ली और दिल राजू की जोड़ी पहले 5 फिल्मों में साथ काम कर चुकी है और इनका ट्रैक रिकॉर्ड बॉक्स ऑफिस पर मजबूत रहा है। 60 से ज्यादा फिल्में बना चुके हैं दिल राजू फिल्म का निर्माण दिल राजू के बैनर तले होगा। वे भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के बड़े प्रोड्यूसर हैं और 60 से ज्यादा फिल्में बना चुके हैं। उन्हें ‘महार्षि’ और ‘शतमानम भवति’ के लिए नेशनल अवॉर्ड मिल चुका है। वामशी पेडिपल्ली और दिल राजू की जोड़ी पहले 5 फिल्मों में साथ काम कर चुकी है और इनका ट्रैक रिकॉर्ड बॉक्स ऑफिस पर मजबूत रहा है।

इंदौर में साइकिल चला रही छात्रा से छेड़छाड़:छात्रा का हाथ पकड़ा, पीछा किया तो पिता से मारपीट कर बाइक छोड़कर भागा आरोपी

इंदौर में साइकिल चला रही छात्रा से छेड़छाड़:छात्रा का हाथ पकड़ा, पीछा किया तो पिता से मारपीट कर बाइक छोड़कर भागा आरोपी

इंदौर के द्वारकापुरी में साइकिल चला रही एक छात्रा के साथ बाइक सवार एक आरोपी ने छेड़छाड़ की। छात्रा भागते हुए अपने घर गई और परिजनों को जानकारी दी। सीसीटीवी में वह एक गली में भागते हुए दिखा। जब छात्रा के पिता उसके पीछे पहुंचे तो आरोपी ने उनके साथ मारपीट की और बाइक छोड़कर भाग गया। बाद में पुलिस ने उसे पकड़ लिया। द्वारकापुरी पुलिस ने नाबालिग छात्रा की शिकायत पर मंगलवार को बाइक सवार के खिलाफ छेड़छाड़ और मारपीट की एफआईआर दर्ज की है। छात्रा ने बताया कि वह शाम को अपने घर के बाहर साइकिल चला रही थी। तभी बाइक सवार ने उस पर कमेट्स किया और साथ चलने के लिए इशारा किया। उसने साइकिल रोक दी। इसके बाद आरोपी पास में आया और हाथ पकड़ लिया। छात्रा के पिता की पिटाई कर दी छात्रा ने हाथ छुड़ाया और घर जाकर अपने दादा और मां को बताया। जब सीसीटीवी कैमरे दिखे तो आरोपी प्रजापत नगर के पास जाते हुए दिखा। इसके बाद छात्रा के पिता और अन्य लोगों ने उसे ढूंढा। वह एक दुकान के बाहर खड़ा दिखा। उसे जब पकड़ा तो उसने छात्रा के पिता की पिटाई कर दी और बाइक छोड़कर मौके से भाग गया। बाइक नंबर के आधार पर पुलिस लगा रही पता बाद में पुलिस को जानकारी दी गई। पुलिस ने बाइक नंबर के आधार पर आरोपी की तलाश की और जीतू निवासी आस्था पैलेस को पकड़ा। आरोपी शराब के नशे में था। इसके चलते उसने हरकत कर की। वह एक गैरेज पर काम करता है।

Indore Soldier Sushil Nathanael Martyred in Pahalagam Attack; Son Austins Pain

Indore Soldier Sushil Nathanael Martyred in Pahalagam Attack; Son Austins Pain

इंदौर21 मिनट पहले कॉपी लिंक सुशील नथानियल के घर की तस्वीर है। पत्नी और बेटा उस मंजर को याद कर भावुक हो गए। तारीख 22 अप्रैल 2025… जगह पहलगाम की वादियां। 13 मिनट में तीन आतंकियों ने 26 जिंदगियां छीन लीं। ‘जन्नत’ कही जाने वाली घाटी पलभर में कब्रिस्तान में बदल गई। उन्हीं में इंदौर के सुशील नथानियल भी शामिल थे। वारदात को एक साल गुजर गया, लेकिन उनके घर की खामोशी में आज भी गोलियों की गूंज सुनाई देती है। सुशील का परिवार आज भी उस मंजर से बाहर नहीं निकल पाया है। पत्नी जेनिफर सुबह से उसी आखिरी तस्वीर को निहार रही हैं, जिसमें पूरा परिवार मुस्कुरा रहा था, इस भरोसे के साथ कि जिंदगी अभी लंबी है। बेटा ऑस्टिन आज भी आंखों में नमी लिए वही बात दोहराता है- अगर मैंने उस दिन घुड़सवारी की जिद न की होती, तो पापा आज मेरे साथ होते। यह सिर्फ एक बरसी नहीं है, यह मानवता के कत्ल की बरसी है। सुशील नथानियल का बेटा ऑस्टिन आज भी उस दिन को याद कर भावुक हो जाता है। नथानियल की पत्नी आज भी उस सदमें से उभर नहीं पाईं है। दूसरों की मदद के दौरान लगी गोली सुशील नथानियल का स्वभाव ही उनकी जान का दुश्मन बन गया। चश्मदीदों और परिवार के अनुसार, हमले के वक्त वे भागने के बजाय फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने में जुट गए थे। वे मददगार इंसान थे और आखिरी सांस तक वही धर्म निभाया। ऑस्टिन बताते हैं कि हमला होते ही पापा मुझे फोन लगाने वाले थे, लेकिन पास खड़े एक शख्स ने रोक दिया कि ‘फोन मत लगाओ, घंटी बजी तो आतंकी आवाज सुनकर बच्चों की तरफ दौड़ पड़ेंगे’। सुशील ने सबको वहां से निकाल दिया, लेकिन जब उनकी बारी आई तो आतंकियों की एक गोली ने उनके अरमानों को खत्म कर दिया। एक साल बाद भी आंखों के सामने आता है वह मंजर एक साल बाद भी सुशील की पत्नी जेनिफर के आंसू नहीं सूखे हैं। वे गहरे सदमे में हैं। ऑस्टिन के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने करियर से ज्यादा मां को संभालना है। जेनिफर आज भी उन यादों से लड़ रही हैं, जहां उनके सामने उनकी दुनिया उजाड़ दी गई थी। घर में सन्नाटा है और हर आहट पर गोलियों की गड़गड़ाहट महसूस होती है। 23 अप्रैल 2025 को सुशील का शव इंदौर के वीणा नगर स्थित उनके घर लाया गया था। (फाइल फोटो) अधूरे रह गए वह वादे परिजन ने बताया कि सुशील कहते थे कि इंदौर आकर सुकून की जिंदगी जिएंगे और बेटे को बड़े कॉलेज में भेजेंगे। लेकिन जिस सुकून को वे कश्मीर में ढूंढने गए थे, वहां से उनकी लाश लौटी। एक साल बाद भी परिवार न्याय की आस में है। टीचर हैं सुशील की पत्नी जेनिफर सुशील की पत्नी जेनिफर खातीपुरा के सरकारी स्कूल में टीचर हैं। बेटी आकांक्षा सूरत में बैंक ऑफ बड़ौदा में फर्स्ट क्लास ऑफिसर है, जबकि ऑस्टिन बैडमिंटन खिलाड़ी है। परिवार मूल रूप से जोबट का रहने वाला है। आतंकी हमले से पहले सुशील ने परिवार के साथ फोटो खिंचवाया था। ऐसे बना कश्मीर जाने का प्लान ऑस्टिन ने बताया- हमारा कहीं और घूमने का प्लान था। पापा एलआईसी में थे और उनका शेड्यूल मैच नहीं हो रहा था। दूसरे कारण भी थे। हमने सोचा था कि इस बार ईस्टर बाहर मनाएंगे। तय हुआ कि सूरत में बहन आकांक्षा के पास जाएंगे और वहां से घूमेंगे। ऑस्टिन ने बताया- हम इंदौर से सूरत पहुंचे और दो दिन रुके। पापा, बहन और मम्मी के साथ घूमने का प्लान बनाया। सूरत से निकलने से पहले तय किया कि हम चारों जाएंगे। प्लान तैयार होने के बाद हम सूरत से प्लेन से चंडीगढ़ गए। वहां शॉपिंग की। इस ट्रिप को लेकर हम सभी एक्साइटेड थे। मैंने घूमने के फोटो-वीडियो बनाए, यहां तक कि बोर्डिंग पास के भी। पहलगाम हमले में मारे गए लोगों की तस्वीरें देखिए ……………………………………… यह खबरें भी पढ़ें… 1. जेनिफर बोलीं- तीन आतंकी थे,पति के सीने में गोली मारी उसने मेरी जान बचाने के लिए अपनी जिंदगी दे दी। मैंने बस इतना सुना, वहां जो व्यक्ति थे वो बहुत कम उम्र के थे। उन्होंने मेरे मिस्टर के पास बंदूक लगाकर बोला कि कलमा पढ़ो। मेरे मिस्टर ने कहा कि मैं तो क्रिश्चियन हूं, मुझे कलमा पढ़ना नहीं आता। मेरे पति ने बस इतना बोला ही था कि उनको धक्का दिया और बंदूक से गोली मार दी सीने पर। गोली लगते ही मेरे मिस्टर… मेरे मिस्टर पढ़ें पूरी खबर… 2. इंदौर के सुशील की पार्थिव देह घर पहुंची जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले में जान गंवाने वाले सुशील नथानियल का शव बुधवार रात में इंदौर पहुंचा। सीएम डॉ. मोहन यादव ने श्रद्धांजलि अर्पित की और शोकाकुल परिवार के प्रति शोक संवेदना जताई। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

बेंगलुरु में बॉयफ्रेंड को कुर्सी से बांधकर जिंदा जलाया:युवती ने सरप्राइज का झांसा देकर आंखों पर पट्टी, हाथ-पैर बांधे; आग लगाकर वीडियो भी बनाया

बेंगलुरु में बॉयफ्रेंड को कुर्सी से बांधकर जिंदा जलाया:युवती ने सरप्राइज का झांसा देकर आंखों पर पट्टी, हाथ-पैर बांधे; आग लगाकर वीडियो भी बनाया

कर्नाटक के बेंगलुरु में पुलिस ने एक युवती को बॉयफ्रेंड की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, युवती ने सरप्राइज देने का झांसा देकर युवक की आंखों पर पट्टी बांधी। फिर कुर्सी पर बैठाकर रस्सी से हाथ-पैर बांधकर जिंदा जला दिया। युवती ने बॉयफ्रेंड की मौत का वीडियो भी बनाया। आरोपी प्रेमा और मृतक किरण, दोनों 27 साल के थे। दोनों शहर के राजाजीनगर में एक टेलीकॉम कंपनी में साथ काम करते थे और करीब दो साल से रिलेशनशिप में थे। घटना शहर के ब्यादरहल्ली इलाके में प्रेमा के घर पर दोपहर करीब 2 बजे हुई। प्रेमा के परिवार के लोग घर पर नहीं थे। इसी का फायदा उठाकर उसने किरण को अपने घर बुलाया था। किरण तुमकुरु जिले के चिक्कनायकनहल्ली का रहने वाला था। पड़ोसियों ने चीखें और धुआं देखकर पुलिस बुलाई नॉर्थ-वेस्ट के डीसीपी नागेश डीएल के अनुसार, प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि आरोपी युवती ने रोमांटिक मीटिंग के बहाने युवक को बांधा। कुछ ही मिनट बाद उसपर केरोसिन या पेट्रोल डालकर आग लगा दी। खुद को छुड़ा न पाने के कारण किरण की मौके पर ही मौत हो गई। पड़ोसियों ने चीखें और धुआं देखकर पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। शुरुआत में पुलिस ने इसे आत्महत्या मान लिया था, लेकिन जांच में कई गड़बड़ियां सामने आने पर मामला हत्या का निकला। प्रेमा ने कहा था- किरण ने खुद ही आग लगाई थी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रेमा ने अपने शुरुआती बयान में दावा किया था कि किरण ने खुद को आग लगा ली थी। प्रेमा ने कहा कि घटना के समय वह बाथरूम में थी। चीखें सुनकर बाहर आई तो किरण को आग में जला हुआ पाया। हालांकि जांच के दौरान पता चला कि किरण अपने साथ कोई ज्वलनशील पदार्थ नहीं लाया था। पुलिस के अनुसार, ज्वलनशील पदार्थ पहले से खरीदा गया था, जिससे हत्या की प्री-प्लानिंग का शक मजबूत हुआ है। शादी करने से इनकार करने पर नाराज थी प्रेमा पूछताछ के दौरान प्रेमा बार-बार बयान बदल रही थी लेकिन बाद में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि किरण उसे नजरअंदाज कर रहा था। इसके कारण हाल के दिनों में दोनों के बीच तनाव बढ़ गया था। प्रेमा इस बात से भी नाराज थी कि किरण ने उससे शादी करने से इनकार कर दिया था। पुलिस ने प्रेमा का मोबाइल जब्त किया है, जिसमें घटना का वीडियो मौजूद है। फिलहाल पुलिस पीड़ित के परिवार की औपचारिक शिकायत का इंतजार कर रही है।

Revenue Up 12.64%, Profit Jumps 16% To ₹1,354 Cr

Revenue Up 12.64%, Profit Jumps 16% To ₹1,354 Cr

Hindi News Business Tech Mahindra Q4 Results: Revenue Up 12.64%, Profit Jumps 16% To ₹1,354 Cr मुंबई5 मिनट पहले कॉपी लिंक टेक महिंद्रा का वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में कंसॉलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार (YoY) 16% बढ़कर ₹1,354 करोड़ हो गया। एक साल पहले की समान तिमाही (Q4FY25) में कंपनी को ₹1,167 करोड़ का मुनाफा हुआ था। आज (22 अप्रैल) को कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) के नतीजे जारी किए हैं। इसके अलावा कंपनी ने अपने निवेशकों को 36 रुपए का डिविडेंड देना का भी ऐलान किया है। नतीजों के बाद टेक महिंद्रा का शेयर 2.53% गिरकर 1,462.80 रुपए पर बंद हुआ। बीते एक साल में शेयर 6.27% चढ़ा है। कंपनी का मार्केट कैप 1.43 लाख करोड़ रुपए है। रेवेन्यू 12.64% बढ़कर ₹15,076 करोड़ रहा टेक महिंद्रा के ऑपरेशन से रेवेन्यू में सालाना आधार पर 12.64% की बढ़ोतरी हुई है। FY26 की चौथी तिमाही में ऑपरेशन से रेवेन्यू ₹15,076 करोड़ रहा। एक साल पहले की समान तिमाही यानी FY25 की चौथी तिमाही में रेवेन्यू ₹13,384 करोड़ रहा था। चौथी तिमाही में कंपनी की टोटल इनकम सालाना आधार (YoY) पर 9.70% बढ़कर 14,871 करोड़ रुपए रही, जो पिछले साल की समान तिमाही में 13,556 करोड़ रुपए थी। वहीं तिमाही आधार पर कंपनी की टोटल इनकम 3.32% बढ़ी है। कंसॉलिडेटेड यानी पूरी कंपनी की रिपोर्ट कंपनियों के रिजल्ट दो भागों में आते हैं- स्टैंडअलोन और कंसॉलिडेटेड। स्टैंडअलोन में केवल एक यूनिट का वित्तीय प्रदर्शन दिखाया जाता है। जबकि, कंसॉलिडेटेड या समेकित फाइनेंशियल रिपोर्ट में पूरी कंपनी की रिपोर्ट दी जाती है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

रसगुल्ला खाते-खाते 35 साल के शख्स को मार दिया लकवा, पर ऐसा हुआ क्यों? डॉक्टर ने बताया इसके पीछे का खौफनाक सच

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Last Updated:April 22, 2026, 15:34 IST Paralysed After Eating Rasgullas : हैदराबाद में 35 साल के एक शख्स को रसगुल्ला खाते समय अचानक लकवा मार दिया. उसे आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया लेकिन लोग समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिर रसगुल्ला खाने से किसी को लकवा कैसे मार सकता है. यही सवाल हमने एशिया मारेंगो अस्पताल गुरुग्राम के चेयरमैन और प्रसिद्ध न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. प्रवीण गुप्ता से पूछा तो उन्होंने कहा कि ऐसा हो सकता है और इसके कारण होते हैं लेकिन यह सबको नहीं होता. आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं. डॉ. प्रवीण गुप्ता बता रहे हैं रसगुल्ला और लकवे का कनेक्शन. क्या कोई कल्पना कर सकता है कि रसगुल्ला खाते-खाते किसी को लकवा मार दे. शायद ही कोई इस पर यकीन करे लेकिन एक डॉक्टर ने इंस्टाग्राम पर सच में ऐसे वाकये के बारे में बताया है. उन्होंने बताया है कि 35 साल का एक शख्स पहले की तरह रसगुल्ला खा रहा था. जैसे ही उसने 5-6 रसगुल्ले खाएए उसके बाद अचानक उनके हाथ-पैरों से ताकत गायब होने लगी. पहले तो उसे कुछ समझ में नहीं आया लेकिन कुछ ही समय बाद उसे हाथ और पैरों में पूरी तरह से ताकत लगनी बंद हो गई. इसके बाद अस्पताल जाना पड़ा. डॉक्टर ने लिखा है कि मरीज को कोई फूड प्वाइजनिंग नहीं हुआ क्योंकि रसगुल्ले एकदम ताजे थे. फिर ऐसा क्या हुआ कि उसे लकवा मार दिया. क्यों होता है ऐसा जब यही सवाल मैंने एशिया मारेंगो अस्पताल गुरुग्राम के चेयरमैन और प्रसिद्ध न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. प्रवीण गुप्ता से पूछा तो उन्होंने कहा कि ऐसा बिल्कुल संभव है. लेकिन ऐसा नहीं है कि रसगुल्ला खाने से किसी को भी यह बीमारी हो सकती है. यह एक स्थिति है जो कुछ लोगों में हो सकती है. इस बीमारी को मेडिकल भाषा में हाइपोकैलमिक पीरियोडिक पैरालाइसिस कहा जाता है. यह एक रेयर जेनेटिक कंडीशन है जो बचपन से लेकर जवानी तक किसी भी उम्र में शुरू हो सकती है. डॉ. प्रवीण गु्प्ता ने बताया कि हाइपोकैलमिया का मतलब है कि खून में पौटाशियम का लेवल बहुत कम हो जाना. वास्तव में जब कोई ज्यादा कार्बोहाइड्रैट वाली चीजें खाता है तो उसमें इस कार्बोहाइड्रैट को एनर्जी में बदलने के लिए इंसुलिन हार्मोन तेजी से निकलता है. पर जिस व्यक्ति में हाइपोकैलमिया की स्थिति होती है उसमें इंसुलिन ज्यादा बनने पर पोटैशियम को खून से निकाल देता है और कोशिकाओं के अंदर भर देता है. पोटैशियम हमारी जिंदगी के लिए बहुत जरूरी है. पोटैशियम हमारे शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का काम करता है. यानी यह दिमाग से शरीर में इलेक्ट्रिक सिग्नल भेजने में मदद करता है. जब पोटैशियम की कमी हो जाती है तो नर्व से मसल्स तक सिग्नल ट्रांसफर नहीं हो पाता है. इससे मसल्स काम करना बंद कर देता है और हाथ-पैर हिलते-डुलते नहीं है. जिस व्यक्ति में यह बीमारी होती है, उसे यह बार बार यह होता है. पोटैशियम की कमी होने पर हार्ट रेट पर कम हो सकता है. इस कारण हार्ट स्लो हो जाता है. अगर इसका समय पर इलाज नहीं कराया जाए तो इससे कार्डिएक अरेस्ट का भी खतरा बढ़ सकता है. इस बीमारी की पहचान कैसे करें डॉ. प्रवीण गुप्ता कहते हैं कि आमतौर पर इस बीमारी में हाथ-पैर बहुत कमजोर होकर काम करना बंद कर देते हैं. यह अचानक भी हो सकता है और धीरे-धीरे भी हो सकता है. कभी-कभार लक्षण बहुत कम होते हैं तो लोग ध्यान नहीं देते लेकिन यह बार-बार होता है इसलिए बाद में मरीज को पता चल ही जाता है. इस बीमारी में जब अटैक आता है तो उससे पहले मूड चेंज होने लगता है. हाथ-पैर में ऐसा लगता है कि सूई चुभ रही है. इसके साथ ही थकान होने लगती है. किस स्थिति में अटैक का खतरा जिस व्यक्ति को हाइपोकैलमिक पीरियोडिक पैरालाइसिस की बीमारी है उनमें कभी-कभी बहुत हार्ड एक्सरसाइज करने के बाद भी अटैक हो सकता है. इसलिए ऐसे लोगों को हार्ड एक्सरसाइज से बचना चाहिए. इसके अलावा बहुत ज्यादा ओवरइटिंग, ज्यादा कार्बोहाइड्रैट वाली चीजें खाने, ज्यादा नमक खाने, शराब पीने आदि से भी अटैक आ सकता है. वहीं ज्यादा सर्दी लग जाए तो भी इस बीमारी का अटैक हो सकता है. जिन लोगों को किडनी की बीमारी रीनल ट्यूबलर एडिसोसिस होती है, उन्हें भी इस बीमारी का खतरा ज्यादा रहता है. इस बीमारी का इलाज क्या है डॉ. प्रवीण गुप्ता कहते हैं कि पैरालाइसिस अटैक के बाद मरीज को तुरंत अस्पताल में लाना चाहिए. न्यूरोलॉजिस्ट कुछ टेस्ट लिखते हैं. इसके बाद अगर यह साबित हो जाता है कि मरीज को हाइपोकैलमिक पीरियोडिक पैरालाइसिस है तो उसे पोटैशियम बढ़ाने वाली दवाई दी जाती है. इससे धीरे-धीरे पैरालाइसिस ठीक हो जाती है. ऐसे मरीजों को हाई पोटैशियम डाइट लेने की सलाह दी जाती है. मसूर की दाल, एवोकाडो, आलू, केला, दूध, पालक, चिकन ब्रेस्ट, मछली, फूलगोभी आदि में पोटैशियम की मात्रा ज्यादा होती है. इसलिए इन चीजों को मरीज को सेवन करना चाहिए. About the Author Lakshmi Narayan 18 साल से ज्यादा के लंबे करियर में लक्ष्मी नारायण ने डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, राजनीति, समाज, …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : April 22, 2026, 15:34 IST