रसगुल्ला खाते-खाते 35 साल के शख्स को मार दिया लकवा, पर ऐसा हुआ क्यों? डॉक्टर ने बताया इसके पीछे का खौफनाक सच

Last Updated:April 22, 2026, 15:34 IST Paralysed After Eating Rasgullas : हैदराबाद में 35 साल के एक शख्स को रसगुल्ला खाते समय अचानक लकवा मार दिया. उसे आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया लेकिन लोग समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिर रसगुल्ला खाने से किसी को लकवा कैसे मार सकता है. यही सवाल हमने एशिया मारेंगो अस्पताल गुरुग्राम के चेयरमैन और प्रसिद्ध न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. प्रवीण गुप्ता से पूछा तो उन्होंने कहा कि ऐसा हो सकता है और इसके कारण होते हैं लेकिन यह सबको नहीं होता. आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं. डॉ. प्रवीण गुप्ता बता रहे हैं रसगुल्ला और लकवे का कनेक्शन. क्या कोई कल्पना कर सकता है कि रसगुल्ला खाते-खाते किसी को लकवा मार दे. शायद ही कोई इस पर यकीन करे लेकिन एक डॉक्टर ने इंस्टाग्राम पर सच में ऐसे वाकये के बारे में बताया है. उन्होंने बताया है कि 35 साल का एक शख्स पहले की तरह रसगुल्ला खा रहा था. जैसे ही उसने 5-6 रसगुल्ले खाएए उसके बाद अचानक उनके हाथ-पैरों से ताकत गायब होने लगी. पहले तो उसे कुछ समझ में नहीं आया लेकिन कुछ ही समय बाद उसे हाथ और पैरों में पूरी तरह से ताकत लगनी बंद हो गई. इसके बाद अस्पताल जाना पड़ा. डॉक्टर ने लिखा है कि मरीज को कोई फूड प्वाइजनिंग नहीं हुआ क्योंकि रसगुल्ले एकदम ताजे थे. फिर ऐसा क्या हुआ कि उसे लकवा मार दिया. क्यों होता है ऐसा जब यही सवाल मैंने एशिया मारेंगो अस्पताल गुरुग्राम के चेयरमैन और प्रसिद्ध न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. प्रवीण गुप्ता से पूछा तो उन्होंने कहा कि ऐसा बिल्कुल संभव है. लेकिन ऐसा नहीं है कि रसगुल्ला खाने से किसी को भी यह बीमारी हो सकती है. यह एक स्थिति है जो कुछ लोगों में हो सकती है. इस बीमारी को मेडिकल भाषा में हाइपोकैलमिक पीरियोडिक पैरालाइसिस कहा जाता है. यह एक रेयर जेनेटिक कंडीशन है जो बचपन से लेकर जवानी तक किसी भी उम्र में शुरू हो सकती है. डॉ. प्रवीण गु्प्ता ने बताया कि हाइपोकैलमिया का मतलब है कि खून में पौटाशियम का लेवल बहुत कम हो जाना. वास्तव में जब कोई ज्यादा कार्बोहाइड्रैट वाली चीजें खाता है तो उसमें इस कार्बोहाइड्रैट को एनर्जी में बदलने के लिए इंसुलिन हार्मोन तेजी से निकलता है. पर जिस व्यक्ति में हाइपोकैलमिया की स्थिति होती है उसमें इंसुलिन ज्यादा बनने पर पोटैशियम को खून से निकाल देता है और कोशिकाओं के अंदर भर देता है. पोटैशियम हमारी जिंदगी के लिए बहुत जरूरी है. पोटैशियम हमारे शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का काम करता है. यानी यह दिमाग से शरीर में इलेक्ट्रिक सिग्नल भेजने में मदद करता है. जब पोटैशियम की कमी हो जाती है तो नर्व से मसल्स तक सिग्नल ट्रांसफर नहीं हो पाता है. इससे मसल्स काम करना बंद कर देता है और हाथ-पैर हिलते-डुलते नहीं है. जिस व्यक्ति में यह बीमारी होती है, उसे यह बार बार यह होता है. पोटैशियम की कमी होने पर हार्ट रेट पर कम हो सकता है. इस कारण हार्ट स्लो हो जाता है. अगर इसका समय पर इलाज नहीं कराया जाए तो इससे कार्डिएक अरेस्ट का भी खतरा बढ़ सकता है. इस बीमारी की पहचान कैसे करें डॉ. प्रवीण गुप्ता कहते हैं कि आमतौर पर इस बीमारी में हाथ-पैर बहुत कमजोर होकर काम करना बंद कर देते हैं. यह अचानक भी हो सकता है और धीरे-धीरे भी हो सकता है. कभी-कभार लक्षण बहुत कम होते हैं तो लोग ध्यान नहीं देते लेकिन यह बार-बार होता है इसलिए बाद में मरीज को पता चल ही जाता है. इस बीमारी में जब अटैक आता है तो उससे पहले मूड चेंज होने लगता है. हाथ-पैर में ऐसा लगता है कि सूई चुभ रही है. इसके साथ ही थकान होने लगती है. किस स्थिति में अटैक का खतरा जिस व्यक्ति को हाइपोकैलमिक पीरियोडिक पैरालाइसिस की बीमारी है उनमें कभी-कभी बहुत हार्ड एक्सरसाइज करने के बाद भी अटैक हो सकता है. इसलिए ऐसे लोगों को हार्ड एक्सरसाइज से बचना चाहिए. इसके अलावा बहुत ज्यादा ओवरइटिंग, ज्यादा कार्बोहाइड्रैट वाली चीजें खाने, ज्यादा नमक खाने, शराब पीने आदि से भी अटैक आ सकता है. वहीं ज्यादा सर्दी लग जाए तो भी इस बीमारी का अटैक हो सकता है. जिन लोगों को किडनी की बीमारी रीनल ट्यूबलर एडिसोसिस होती है, उन्हें भी इस बीमारी का खतरा ज्यादा रहता है. इस बीमारी का इलाज क्या है डॉ. प्रवीण गुप्ता कहते हैं कि पैरालाइसिस अटैक के बाद मरीज को तुरंत अस्पताल में लाना चाहिए. न्यूरोलॉजिस्ट कुछ टेस्ट लिखते हैं. इसके बाद अगर यह साबित हो जाता है कि मरीज को हाइपोकैलमिक पीरियोडिक पैरालाइसिस है तो उसे पोटैशियम बढ़ाने वाली दवाई दी जाती है. इससे धीरे-धीरे पैरालाइसिस ठीक हो जाती है. ऐसे मरीजों को हाई पोटैशियम डाइट लेने की सलाह दी जाती है. मसूर की दाल, एवोकाडो, आलू, केला, दूध, पालक, चिकन ब्रेस्ट, मछली, फूलगोभी आदि में पोटैशियम की मात्रा ज्यादा होती है. इसलिए इन चीजों को मरीज को सेवन करना चाहिए. About the Author Lakshmi Narayan 18 साल से ज्यादा के लंबे करियर में लक्ष्मी नारायण ने डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, राजनीति, समाज, …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें First Published : April 22, 2026, 15:34 IST
Prayagraj Model Monalisa Pregnant, Husband Claims Travel Ban

फरमान के दावे की पुष्टि के लिए एमपी पुलिस स्थानीय प्रशासन से जल्द ही मेडिकल सर्टिफिकेट की मांग कर सकती है। प्रयागराज महाकुंभ से सुर्खियों में आई वायरल गर्ल एक बार फिर चर्चा में है। उसके पति फरमान खान ने दावा किया है कि पत्नी प्रेग्नेंट है। ऐसे में न तो वो यात्रा नहीं कर सकती है, न ही पुलिस के सामने पेश हो सकती है। . कोच्चि पहुंची मध्य प्रदेश पुलिस से फरमान ने कहा- डॉक्टरों ने पत्नी के स्वास्थ्य और गर्भावस्था को देखते हुए बेड रेस्ट की सलाह दी है। फिलहाल, पुलिस इस दावे की जांच कर रही है। पुष्टि के लिए स्थानीय प्रशासन से जल्द ही मेडिकल सर्टिफिकेट की मांग की जा सकती है। फरमान के इस बयान से ये भी साफ है कि वायरल गर्ल लापता नहीं है। वह अपने पति के साथ ही रह रही है। लेकिन एमपी पुलिस अब तक दोनों से वायरल गर्ल के नाबालिग होने को लेकर कोई पूछताछ नहीं कर सकी है। जन्मतिथि के दो अलग-अलग प्रमाण पत्र मिले थे दरअसल, कुंभ वायरल गर्ल की शादी शुरू से ही विवाद में घिरी है। पहले इसे ‘लव जिहाद’ बताया गया, फिर परिवार ने दावा किया कि वो नाबालिग है। जांच टीम को महेश्वर नगर परिषद की ओर से जारी उसके जन्म प्रमाण पत्र में विसंगतियां भी मिली थीं। सरकारी अस्पताल के मेडिकल रिकॉर्ड खंगालने पर सामने आया कि वायरल गर्ल का जन्म 30 दिसंबर 2009 को हुआ था। इस आधार पर फरमान खान से शादी के वक्त 11 मार्च 2026 को उसकी उम्र 16 साल, 2 महीने और 12 दिन थी। इस खुलासे के बाद स्थानीय प्रशासन ने 1 जनवरी 2008 की जन्म तिथि वाले पुराने प्रमाण पत्र को निरस्त करने के निर्देश दिए थे। कुंभ वायरल गर्ल और उसके पति फरमान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने रिश्ते के बारे में बताया था। परिजन ने कहा था- फरमान ने बहला-फुसलाकर शादी की कुंभ वायरल गर्ल के माता-पिता की शिकायत है कि फरमान ने उसे बहला-फुसलाकर शादी के लिए राजी किया था। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की जांच में पता चला कि शादी के समय वह नाबालिग थी। इसके बाद फरमान खान के खिलाफ POCSO एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया। इसी मामले में बयान दर्ज कराने के लिए वायरल गर्ल को पुलिस के सामने पेश होना था। फिलहाल, केरल हाई कोर्ट ने फरमान खान को राहत देते हुए उसकी गिरफ्तारी पर 20 मई तक रोक लगा रखी है। वायरल गर्ल ने माता-पिता पर प्रताड़ना के आरोप लगाए थे दूसरी ओर, वायरल गर्ल ने केरल के थंपानूर पुलिस स्टेशन में दिए अपने बयान में माता-पिता पर ही प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। उसने कहा था कि परिजन चाचा के लड़के से शादी करने का दबाव बना रहे थे, जबकि वह उसे भाई मानती है। इसी मानसिक तनाव के दौरान फरमान ने उसका साथ दिया। नजदीकियां प्रेम में बदलीं तो दोनों ने केरल के एक मंदिर में स्थानीय लोगों की मौजूदगी में शादी कर ली। डायरेक्टर मिश्रा बोले- कट्टरपंथियों का शातिर नेटवर्क वायरल गर्ल की प्रेग्नेंसी के दावों पर डायरेक्टर सनोज मिश्रा ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर लिखा- मध्य प्रदेश पुलिस केरल पहुंचकर असहाय जैसी हो गई क्योंकि वहां वकीलों के एक दल ने फरमान की अग्रिम जमानत पहले से ही ले रखी थी। उन्होंने आगे लिखा- वायरल गर्ल एक महीने में गर्भवती भी हो गई। ये सब व्यवस्था का मजाक है लेकिन जिन लोगों के दिमाग में अभी भी सवाल होंगे, वो आंखें फाड़कर देख लें कि कट्टरपंथियों का नेटवर्क कितना शातिर और मजबूत है, जिसके सामने सारे सिस्टम फेल हो रहे हैं। पैसा, पावर और षड्यंत्र हर तरह से जिहादी की मदद हो रही है और सनातनी मुझसे सवाल कर रहे हैं कि मैं इतना परेशान क्यों हूं? बता दूं कि मेरा डेढ़ साल का जीवन, कई करोड़ रुपए, 2 महीने की जेल और अथाह मानसिक पीड़ा जुड़ी है ‘द डायरी ऑफ मणिपुर’ से। साथ ही करोड़ों हिंदू जनभावनाओं को आघात पहुंचा है, जिसकी भरपाई कोई नहीं कर सकता। सनोज मिश्रा ने लिखा- मध्य प्रदेश पुलिस केरल पहुंचकर असहाय हो गई है। ये खबर भी पढ़ें… माता-पिता ने ही बनवाया था ‘वायरल गर्ल’ का फर्जी सर्टिफिकेट कुंभ वायरल गर्ल का फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट उसके माता-पिता ने बनवाया था। भास्कर से बातचीत में उसकी मां ने यह खुलासा किया। मां ने कहा- मैं अनपढ़ हूं। जब बेटी और पिता उज्जैन में थे, तब एक शख्स घर आया। वह जिस कागज पर अंगूठा लगवाता, मैं लगा देती। पढ़ें पूरी खबर…
मामी सुनीता को देखते ही पैरों पर गिरे कृष्णा अभिषेक:देखकर रो पड़ीं पत्नी कश्मीरा शाह, गोविंदा पर दिए बयान से सालों बात बंद रही थी

कृष्णा अभिषेक और उनकी पत्नी कश्मीरा शाह ने मामा-मामी सुनीता-गोविंदा से सालों पुराना झगड़ा सुलझा लिया है। अब परिवार ने नेशनल टेलीविजन पर मनमुटाव दूर कर एक-दूसरे को गले लगाया है। हाल ही में सुनीता आहूजा ने सेलिब्रिटि कुकिंग शो लाफ्टर शेफ में सरप्राइज एंट्री ली। कृष्णा अभिषेक इससे अंजान थे। जैसे ही सुनीता ने उनका नाम पुकारा वो शॉक हो गए। सुनीता के आते ही कृष्णा उनके पैरों पर गिर गए और आशीर्वाद लिया। ये देखते ही पास खड़ीं कृष्णा की पत्नी कश्मीर शाह बेहद भावुक हो गईं और उनकी आंखें नम हो गईं। लाफ्टर शेफ के सेट में हुई अनबन खत्म 15 अप्रैल को सुनीता आहूजा टीवी शो लाफ्टर शेफ के सेट पर पहुंची थीं। सेट पर उन्होंने पैपराजी के सामने कृष्णा अभिषेक और कश्मीरा शाह के साथ तस्वीरें क्लिक करवाईं और दोनों को गले लगाया। भांजी की शादी में नहीं पहुंची थीं सुनीता आहूजा बता दें कि सुनीता और कृष्णा अभिषेक में बीते 7 सालों से अनबन चल रही थी। यही वजह रही कि सुनीता 2024 में हुई कृष्णा की बहन आरती की शादी में नहीं पहुंची थीं। अब जब दोनों की सुलह हो गई तो आरती का बयान भी सामने आया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा है कि अगर ये विवाद पहले खत्म हो जाता तो सुनीता उनकी शादी में आतीं। क्यों हुआ था विवाद? ये विवाद 2018 में शुरू हुआ था, जब कश्मीरा शाह ने एक सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखा था कि कुछ एक्टर्स चंद रुपयों के लिए शादियों में नाचते हैं। ये बयान तब सामने आया, जब गोविंदा का एक शादी में डांस करते हुए वीडियो वायरल हुआ। इसके बाद सुनीता ने भी कश्मीरा पर पलटवार करते हुए कई बातें कही थीं। उस समय कृष्णा अभिषेक कपिल शर्मा शो का हिस्सा थे, लेकिन जब एक सेगमेंट में गोविंदा-सुनीता को बुलाया गया, तो कृष्णा उस एपिसोड में नहीं आए। हालांकि कृष्णा अभिषेक कई मौकों पर झगड़ा खत्म करने पर बात करते दिखे।
कुछ लोगों को दूसरों को परेशान करने में मजा क्यों आता है? क्या यह मानसिक बीमारी, एक्सपर्ट से जानिए

Last Updated:April 22, 2026, 15:08 IST Is Troubling Others Mental Disorder: कुछ लोग दूसरों को खुश नहीं देखना चाहते हैं और उन्हें परेशान करने का मौका ढूंढते रहते हैं. साइकेट्रिस्ट की मानें तो दूसरों को परेशान करने में मजा आना मानसिक समस्या हो सकती है. इसके अलावा भी इसकी कई वजग होती हैं और इसे समझकर समय पर सुधार करना जरूरी है. एंटी सोशल मेंटल डिसऑर्डर के शिकार हुए लोग दूसरों को परेशान करते हैं. The Psychology Behind Bullying: आजकल समाज में ऐसे लोगों की संख्या बढ़ गई है, जो दूसरों को खुश देखना पसंद नहीं करते हैं. चाहें ऑफिस हो, पड़ोस हो या फिर रिश्तेदार हों, ऐसे लोग अक्सर नजर आ जाएंगे. ऐसे लोग दूसरों को परेशान करके अलग सा सुकून महसूस करते हैं. कभी यह मजाक के नाम पर होता है, तो कभी जानबूझकर किसी को मानसिक रूप से असहज करने के लिए. ऐसे व्यवहार को अक्सर लोग हल्के में ले लेते हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स के अनुसार इसके पीछे गहरे मानसिक और भावनात्मक कारण हो सकते हैं. यह समझना जरूरी है कि यह किसी समस्या का संकेत भी हो सकता है. नई दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज की प्रोफेसर और साइकेट्रिस्ट डॉ. प्रेरणा कुकरेती ने News18 को बताया कुछ लोगों में दूसरों को परेशान करने की प्रवृत्ति पावर और कंट्रोल की भावना से जुड़ी होती है. जब वे किसी को असहज या दुखी देखते हैं, तो उन्हें खुद पर कंट्रोल और श्रेष्ठता का अहसास होता है. यह व्यवहार कई बार बचपन के अनुभवों से भी जुड़ा होता है. अगर किसी व्यक्ति ने खुद बुलीइंग का सामना किया हो, तो वह बड़ा होकर दूसरों के साथ वैसा ही व्यवहार दोहरा सकता है. इसे बुलीइंग के पैटर्न से भी जोड़ा जाता है. बचपन के ऐसे कड़ने अनुभव लोगों के अजीबोगरीब व्यहार की वजह बन सकते हैं. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. डॉक्टर ने बताया कि कुछ मामलों में यह आदत पर्सनैलिटी से जुड़ी समस्याओं का हिस्सा भी हो सकती है. नार्सिसिस्टिक पर्सनैलिटी डिसऑर्डर या एंटीसोशल पर्सनैलिटी डिसऑर्डर जैसी मानसिक समस्याओं के कारण भी व्यक्ति दूसरों की भावनाओं की परवाह कम करता है. ऐसे लोग अपने फायदे या मनोरंजन के लिए दूसरों को नुकसान पहुंचाने से भी नहीं हिचकते हैं. हालांकि यह जरूरी नहीं कि हर व्यक्ति जो दूसरों को परेशान करता है, उसे कोई मानसिक बीमारी ही हो. एक्सपर्ट के मुताबिक कई बार यह व्यवहार असुरक्षा, तनाव या अटेंशन पाने की चाह से भी पैदा होता है. कुछ लोग खुद को महत्वपूर्ण महसूस कराने के लिए या लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए दूसरों को परेशान करते हैं. सोशल मीडिया के दौर में ट्रोलिंग का चलन भी बढ़ा है, जहां लोग बिना सामने आए दूसरों को परेशान करते हैं और इसे मनोरंजन मानते हैं. अगर यह व्यवहार बार-बार हो रहा है और किसी के रिश्तों या मेंटल हेल्थ को प्रभावित कर रहा है, तो इसे इग्नोर नहीं करना चाहिए. ऐसे व्यक्ति को काउंसलिंग या थेरेपी की जरूरत हो सकती है, ताकि वह अपने व्यवहार को समझ सके और उसे बदल सके. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें First Published : April 22, 2026, 15:08 IST
Mumbai BJP Rally Viral Video; Worli Traffic Jam

Hindi News National Mumbai BJP Rally Viral Video; Worli Traffic Jam | Girish Mahajan Vs Woman मुंबई41 मिनट पहले कॉपी लिंक महिला ने मंत्री गिरीश महाजन से कहा कि रैली सड़क पर नहीं बल्कि पास के मैदान में की जाना चाहिए। मुंबई के वर्ली इलाके में भाजपा की रैली के दौरान ट्रैफिक जाम से नाराज एक महिला ने महाराष्ट्र के मंत्री गिरीश महाजन को जमकर फटकार लगाई। घटना मंगलवार की है, जब भाजपा महिला आरक्षण विधेयक को लेकर विपक्ष को घेरने के लिए रैली निकाल रही थी। आरोप है कि रैली के कारण सड़क पर भारी जाम लग गया,जिससे यात्रियों को परेशानी हुई। घटना की 3 तस्वीरें: महिला ने मंत्री से कहा, आपको समझ नहीं आ रहा है। पुरुष पुलिसकर्मी महिला पुलिसकर्मियों को महिला को हटाने के लिए कहता है। महिला ने कहा- मैं रोड पर एक घंटे से खड़ी हूं। फिर बोतल उठाकर फेंकी। मंत्री से बोलीं- व्हाट इज रॉन्ग विद यू वायरल वीडियो में महिला ने मंत्री को गेट आउट ऑफ हियर कहा। कहा कि आप ट्रैफिक जाम कर रहे हैं। उसने यह भी सवाल उठाया कि रैली पास के किसी खुले मैदान में क्यों नहीं की जा रही, ताकि लोगों को दिक्कत न हो। रैली में शामिल लोगों के सड़क से नहीं हटने पर महिला फिर से वापस आई और कहा, आपको समझ नहीं आ रहा है। महिला मंत्री से पूछती है कि व्हाट इज रॉन्ग विद यू। यहां पर सैंकड़ों लोग खड़े हुए हैं। महिला ने पुलिस से बात करने से इनकार किया इस दौरान एक पुलिस अधिकारी ने महिला को समझाने की कोशिश की, लेकिन उसने पुलिस से बात करने से इनकार कर दिया और कहा कि वह एक घंटे से सड़क पर फंसी हुई है। बाद में पुलिस महिला को एक तरफ ले गई और भरोसा दिलाया कि ट्रैफिक जल्द क्लियर करवा रहे हैं। कांग्रेस नेता नाना पटोले ने वीडियो X पर साझा किया पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने भी यह वीडियो X पर साझा करते हुए कहा कि भाजपा के ड्रामा के कारण आम नागरिकों को परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि महिला का गुस्सा लोगों में बढ़ती नाराज़गी को दर्शाता है और भविष्य में देशभर की महिलाएं भी भाजपा को इसी तरह नकारेंगी। ————– ये खबर भी पढ़ें… लेंसकार्ट में तिलक-हिजाब मामले में विवाद:धीरेंद्र शास्त्री बोले- तू लाहौर चला जा, महाराष्ट्र-एमपी और छत्तीसगढ़ में कंपनी का विरोध आईवियर कंपनी लेंसकार्ट के ड्रेस कोड को लेकर विवाद बढ़ गया है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में प्रदर्शन हो रहे हैं। हिंदू संगठनों से जुड़े लोग 4 दिनों से इन राज्यों के कई शहरों के लेंसकार्ट स्टोर में जाकर कर्मचारियों को तिलक लगा रहे और कलावा बांध रहे है। इस बीच बागेश्वर बाबा धीरेंद्र शास्त्री ने कंपनी के प्रमोटर्स से कहा, ‘तू अपनी कंपनी लाहौर में खोल ले, भारत में काहे को मर रहा है? तेरो कक्का का भारत है क्या? हां! हमारे तो बाप का भारत है।’ पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
खरगोन में यात्री बस मकान में घुसी, 20 घायल:3 गंभीर; स्टीयरिंग या ब्रेक फेल होने की आशंका

खरगोन में बुधवार दोपहर एक निजी यात्री बस अनियंत्रित होकर एक मकान में जा घुसी। यह हादसा इंदौर रोड पर ओझरा में दोपहर करीब 1:15 बजे हुआ। इस दुर्घटना में करीब 20 यात्री घायल हो गए। जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। चढ़ाववाला ट्रेवल्स की यह बस (एमपी 13जेडई 6699) खरगोन से दोपहर 12:30 बजे इंदौर के लिए रवाना हुई थी। ओझरा पहुंचते ही बस का स्टीयरिंग अचानक फेल हो गया, जिसके बाद वह सड़क से उतरकर एक मकान के अगले हिस्से की चद्दर तोड़ते हुए अंदर घुस गई। गनीमत रही कि हादसे के वक्त मकान में कोई मौजूद नहीं था। दुर्घटना की सूचना मिलते ही आसपास के बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने तत्काल 108 एंबुलेंस को सूचित किया और बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालने में मदद की। कांच और सीटों के बीच फंसे कुछ घायलों को काफी मशक्कत के बाद निकाला जा सका। तीन एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को कसरावद अस्पताल भेजा गया। कसरावद अस्पताल में डॉक्टरों ने घायलों का प्राथमिक उपचार किया। इनमें से तीन गंभीर घायलों को आगे के इलाज के लिए खरगोन जिला अस्पताल रेफर किया गया है। मंडलेश्वर एसडीओपी श्वेता शुक्ला ने पुष्टि की कि करीब 20 लोग घायल हुए हैं। उन्होंने बताया कि यात्रियों ने ऑनलाइन बुकिंग की थी और बस में ओवरलोडिंग की जांच की जा रही है।
गैस और एसिडिटी से हैं परेशान? खाने के बाद चबाएं ये दाने, पाचन रहेगा बेहतरीन

Last Updated:April 22, 2026, 14:56 IST अगर आप अक्सर गैस, अपच और एसिडिटी से परेशान रहते हैं, तो एक आसान और देसी उपाय आपकी मदद कर सकता है. खाना खाने के बाद कुछ खास तरह के बीज चबाने की आदत आपके पाचन को काफी हद तक बेहतर बना सकती है. Saunf Health Benefits: अगर आपको अक्सर गैस, बदहज़मी और एसिडिटी की समस्या रहती है, तो एक आसान सा घरेलू उपाय आपकी पाचन से जुड़ी बड़ी समस्याओं को हल कर सकता है. खाना खाने के बाद कुछ हरे बीज चबाने की आदत डालने से आपका पाचन काफी बेहतर हो सकता है. ये हरे बीज असल में सौंफ के बीज हैं (जिन्हें सौंफ के नाम से जाना जाता है). सदियों से, भारतीय घरों में सौंफ का इस्तेमाल माउथ फ्रेशनर और पाचन में मदद करने वाली चीज़, दोनों ही रूपों में किया जाता रहा है. सौंफ में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और फाइबर पाचन तंत्र को मज़बूत बनाते हैं और गैस बनने से रोकने में मदद करते हैं. खाना खाने के बाद आधा चम्मच सौंफ चबाने से पेट को ठंडक मिलती है और एसिडिटी की समस्या से राहत मिलती है. यह पेट में जमा गैस को बाहर निकालने में मदद करती है और पेट में भारीपन महसूस होने की परेशानी को दूर करती है. इसके अलावा, सौंफ मुंह की दुर्गंध को भी दूर करती है, जिससे आप ताज़ा और तरोताज़ा महसूस करते हैं. सौंफ में पाए जाने वाले प्राकृतिक तेल पाचन एंजाइमों को सक्रिय करते हैं, जिससे खाना जल्दी और आसानी से पच जाता है. यही वजह है कि अक्सर रेस्टोरेंट में खाना खाने के बाद सौंफ परोसी जाती है. Add News18 as Preferred Source on Google सौंफ के बीज चबाने से मुंह में लार का उत्पादन बढ़ता है, जिससे पाचन क्रिया सक्रिय हो जाती है. ये बीज लिवर और पित्ताशय को पाचक एंजाइमों का स्राव सक्रिय रूप से बढ़ाने में भी मदद करते हैं, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि भोजन जल्दी और कुशलता से पच जाए. इसके अलावा, ये बीज पेट में गैस और एसिडिटी के स्तर को कम करने में मदद करते हैं, जिससे पेट की कार्यप्रणाली ठीक से चलती है. इसके अलावा सौंफ के बीज मुंह में घाव या अल्सर की इलाज में भी मदद कर सकते हैं. सौंफ के बीज में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं. ये फ्री रेडिकल्स शरीर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को तेज कर देते हैं. सौंफ चबाने से मानसिक तनाव कम करने में भी मदद मिलती है. सौंफ में कैल्शियम, फास्फोरस और आयरन जैसे खनिज होते हैं, जो मस्तिष्क के कामकाज को बेहतर बनाने में मदद करते हैं. First Published : April 22, 2026, 14:56 IST
अंडा ताजगी परीक्षण: अंडा ताज़ा है या नहीं? बाकिना तोड़े 1 मिनट की इस आसान ट्रिक से टेस्ट, बाकी पैर हो सकते हैं बीमार

22 अप्रैल 2026 को 14:54 IST पर अपडेट किया गया अंडे की ताज़गी का परीक्षण: समरलैण्ड में फिटनेस और वस्तु को लेकर लोग सावचेतीपूर्ण हो गए हैं। प्रोटीन के लिए अंडे का सेवन बढ़ गया है, लेकिन स्टोर किये हुए अंडे की ताजगी को पहचानना जरूरी है। एक छोटा सा टेस्ट आपको बड़ी परेशानी से बचा सकता है। घर के रेफ़्रिजरेटर में पके हुए अंडे के अवशेष हैं या फिर बासी हैं, कैसे जांचें। आइए जानते हैं कुछ टिप्स… अनुसरण करना : लोग अक्सर एक साथ अंडों की ट्रे खरीदकर रख लेते हैं। ऐसे में यह पता चला है कि अंडा समुद्री डाकू या खराब हो गया है। ख़राब अंडा खाने से पेट से जुड़ी बड़ी ख़राबी हो सकती है। छवि: फ्रीपिक अंडे की ताजगी जांचने का सबसे आसान तरीका फ्लोट टेस्ट है। इसके लिए आपको सिर्फ एक बाउल पानी की जरूरत है। बाउल में पानी भरना, अण्डा सम्मिलित करना। अब अंडे की स्थिति पर ध्यान दें देखें। छवि: फ्रीपिक अगर अंडा सीधे नीचे की ओर जाता है, तो समझ लें कि वह बिल्कुल ताजा है और खाने के लिए सुरक्षित है। छवि: फ्रीपिक अगर बीच में अंडा थोड़ा तिरछा रुक जाए, तो वह कुछ हफ्ते पुराना है लेकिन अभी भी इस्तेमाल किया जा सकता है। छवि: फ्रीपिक अगर आंदा पानी की सतह पर तैरने लगे, तो उसे बुरा चुकाना पड़ेगा। ऐसे अंडे का किसी भी प्रकार से प्रयोग नहीं करना चाहिए। छवि: फ्रीपिक अंडे को सही तरीके से स्टोर करके 3 से 5 तक इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन गर्मियों में इस्तेमाल से पहले जांच जरूर कर लें। छवि: फ्रीपिक आंडा का उपयोग करने से पहले अंडे का गंध, जर्दी का रंग और शैल की स्थिति अवश्य जांच लें, ताकि किसी भी तरह की समस्या से बचा जा सके। छवि: फ्रीपिक द्वारा प्रकाशित : कीर्ति सोनी प्रकाशित 22 अप्रैल 2026 14:53 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट)अंडे की ताजगी का परीक्षण(टी)फ्लोट टेस्ट अंडा(टी)अंडे की ताजगी या खराब की जांच कैसे करें(टी)अंडा भंडारण युक्तियाँ फ्रिज(टी)प्रोटीन आहार अंडे(टी)रसोई युक्तियाँ अंडे(टी)खाद्य सुरक्षा अंडे की जांच(टी)ग्रीष्मकालीन खाद्य सुरक्षा
‘सबसे कठिन लड़ाइयों में से एक लड़ना’: केजरीवाल ने ममता को फोन किया, बंगाल में मतदान से पहले समर्थन बढ़ाया | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:22 अप्रैल, 2026, 14:43 IST 294 सदस्यीय पश्चिम बंगाल विधानसभा के लिए मतदान दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होगा। वोटों की गिनती 4 मई को होगी। आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल (फोटो क्रेडिट: AAP) आम आदमी पार्टी (आप) प्रमुख और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को फोन किया और राज्य में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान से पहले अपना समर्थन दिया। 294 सदस्यीय पश्चिम बंगाल विधानसभा के लिए मतदान दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होगा। वोटों की गिनती 4 मई को होगी। ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में, केजरीवाल ने ममता बनर्जी को अपना समर्थन देते हुए कहा कि वह “सबसे कठिन लड़ाई में से एक” लड़ रही हैं। अभी ममता दीदी से फोन पर बात हुई. पूरी एकजुटता और समर्थन व्यक्त किया. वह सबसे कठिन लड़ाइयों में से एक लड़ रही है, जो भारतीय लोकतंत्र के लिए सबसे महत्वपूर्ण लड़ाइयों में से एक है। सीईसी सहित सभी संस्थानों का दुरुपयोग करने के बावजूद मोदी जी हारेंगे- अरविंद केजरीवाल (@ArvindKejriwal) 22 अप्रैल 2026 उन्होंने कहा, “ममता दीदी से अभी फोन पर बात हुई। पूरी एकजुटता और समर्थन व्यक्त किया। वह सबसे कठिन लड़ाई लड़ रही हैं, जो भारतीय लोकतंत्र के लिए सबसे महत्वपूर्ण लड़ाई भी है। सीईसी समेत सभी संस्थानों का दुरुपयोग करने के बावजूद मोदी जी हारेंगे।” सीईसी ने स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी मतदान का वादा किया चूंकि पश्चिम बंगाल में कल, 23 अप्रैल को पहले चरण का मतदान होना है, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने आश्वासन दिया कि भारत का चुनाव आयोग (ईसीआई) यह सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा कि बंगाल में मतदान स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हो। चुनाव अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक के दौरान, सीईसी कुमार ने कहा कि चुनाव शांतिपूर्ण माहौल में होंगे, और प्रक्रिया भय, हिंसा और धमकी से मुक्त होनी चाहिए। पश्चिम बंगाल लोक भवन ने मंगलवार से 24 घंटे की हेल्पलाइन शुरू की, जिसमें लोगों से राज्य में विधानसभा चुनाव से संबंधित शिकायतें दर्ज करने के लिए इस सेवा का उपयोग करने का आग्रह किया गया। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 22 अप्रैल, 2026, 14:43 IST समाचार राजनीति ‘सबसे कठिन लड़ाई में से एक लड़ना’: केजरीवाल ने ममता को फोन किया, बंगाल में मतदान से पहले समर्थन बढ़ाया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव(टी)अरविंद केजरीवाल समर्थन(टी)ममता बनर्जी चुनाव(टी)आम आदमी पार्टी आप(टी)भारतीय लोकतंत्र की लड़ाई(टी)मोदी ने संस्थानों का दुरुपयोग किया(टी)पश्चिम बंगाल मतदान चरण(टी)मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार
करण वाही ने नॉनवेज छोड़ा और पहनी तुलसी की माला:कहा- बीमारी से थे परेशान; प्रेमानंद महाराज के वीडियो देख मुझमें बदलाव आया

टीवी एक्टर करण वाही इन दिनों अपनी प्रोफेशनल लाइफ से ज्यादा अपनी लाइफस्टाइल में आए बड़े बदलावों को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में पारस छाबड़ा के पॉडकास्ट में पहुंचे करण ने अपनी स्पिरिचुअल जर्नी का खुलासा किया। एक्टर ने बताया कि उन्होंने तुलसी की माला धारण कर ली है और पिछले 3 महीनों से नॉनवेज खाना पूरी तरह छोड़ दिया है। करण ने यह भी बताया कि वे एक गंभीर स्किन प्रॉब्लम से जूझ रहे थे, जिससे अब उन्हें राहत मिली है। वृंदावन की तुलसी माला और भक्ति का असर करण ने बताया कि वे कुछ समय के लिए आध्यात्मिकता से दूर हो गए थे, लेकिन पिछले 5 महीने उनके लिए बहुत अच्छे रहे। वे वृंदावन से तुलसी की माला लेकर आए और उसे धारण किया। करण के मुताबिक, नीम करोली बाबा और प्रेमानंद महाराज के वीडियोज ने उनके जीवन पर गहरा असर डाला है। एक्टर ने कहा, मैंने जिंदगी में कभी नहीं सोचा था कि मैं वेजिटेरियन हो जाऊंगा, लेकिन अब कंठी माला पहनने के बाद सब बहुत शांति भरा लगता है। हुई खतरनाक स्किन की बीमारी एक्टर ने अपनी बीमारी के बारे में बताते हुए सबको चौंका दिया। उन्होंने कहा, मेरा शरीर अंदर से सूखने लगा था, आधा शरीर ड्राई हो जाता था। खुजली करने पर स्किन फट जाती थी और खून निकलने लगता था। सुबह उठकर जब मैं बेडशीट देखता था तो वह खून के धब्बों से लाल होती थी। उसे देखकर मैं डर जाता था। एक्टर के मुताबिक, अब लाइफस्टाइल और खान-पान बदलने के बाद उन्हें इस शारीरिक तकलीफ से काफी आराम मिला है। जेनिफर विंगेट संग सगाई की खबरें गलत अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर भी करण ने कई अफवाहों पर विराम लगाया। पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर करण वाही और एक्ट्रेस जेनिफर विंगेट की सगाई की खबरें थीं। इस पर एक्टर ने कहा कि ये सारी खबरें गलत हैं और उन्हें नहीं पता कि ये अटकलें कहां से शुरू हुईं। बता दें कि करण और जेनिफर एक दशक से भी ज्यादा समय से पक्के दोस्त हैं। दोनों ने मशहूर शो ‘दिल मिल गए’ में साथ काम किया था। टीवी से ओटीटी तक का सफर करण वाही टेलीविजन इंडस्ट्री का एक बड़ा नाम हैं। उन्होंने ‘रीमिक्स’, ‘दिल मिल गए’ और ‘बात हमारी पक्की है’ जैसे पॉपुलर शोज से पहचान बनाई। वे एक बेहतरीन होस्ट भी हैं और ‘झलक दिखला जा’ जैसे कई रियलिटी शोज होस्ट कर चुके हैं। टीवी के बाद अब करण ओटीटी (OTT) पर भी काफी एक्टिव हैं और अलग-अलग वेब प्रोजेक्ट्स का हिस्सा बन रहे हैं।







