इजराइल में नेतन्याहू को हटाने एकजुट हुए दो पूर्व प्रधानमंत्री:बेनेट-लैपिड अपनी पार्टी का विलय करेंगे, 2021 में दोनों ने मिलकर बेंजामिन को हराया था

इजराइल में दो पूर्व प्रधानमंत्रियों नफ्ताली बेनेट और येर लैपिड ने मौजूदा पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ एक साथ चुनाव लड़ने का फैसला किया है। उनका मकसद लंबे समय से सत्ता में रहे नेतन्याहू को हटाना है। दोनों पहले भी 2021 में साथ आए थे और उन्होंने अलग-अलग विचारधाराओं वाली पार्टियों को जोड़कर 12 साल से चली आ रही नेतन्याहू की सत्ता गिरा दी थी। अब दोनों नेताओं ने फिर से साथ आने का फैसला किया है। उन्होंने तय किया है कि अपनी-अपनी पार्टियों को मिलाकर एक नई पार्टी बनाई जाएगी, जिसकी अगुवाई बेनेट करेंगे। इजराइल में अक्टूबर 2027 में चुनाव होने हैं लेकिन माना जा रहा है कि नेतन्याहू इसी साल संसद भंग कर चुनाव करा सकते हैं। 2022 में टूट गया था गठबंधन 2021 में हुए समझौते के तहत पहले बेनेट प्रधानमंत्री बने और बाद में लैपिड को यह जिम्मेदारी संभालनी थी। हालांकि यह सरकार बहुत कम बहुमत पर टिकी थी। इसमें दक्षिणपंथी, वामपंथी, मध्यमार्गी और एक अरब पार्टी शामिल थी। इनकी अलग-अलग विचारधारा वाली इन पार्टियों में सुरक्षा, फिलिस्तीन और बस्तियों जैसे मुद्दों पर सबकी सोच अलग थी, जिससे बार-बार टकराव होता रहा। आखिरकार हालात ऐसे बन गए कि सरकार चलाना मुश्किल हो गया। तब बेनेट और लैपिड ने संसद भंग करने का फैसला किया और नए चुनाव कराए गए। इसमें नेतन्याहू की जीत हुई और वे फिर से सत्ता में लौट आए। तब से लैपिड विपक्ष के नेता हैं, जबकि बेनेट कुछ समय के लिए राजनीति से दूर हो गए थे। उनकी पार्टी यमीना ने भी चुनाव नहीं लड़ा था। लैपिड की पार्टी का कहना है कि इस कदम का मकसद विपक्ष को एकजुट करना, आपसी झगड़ों को खत्म करना और आने वाले अहम चुनाव जीतने पर पूरा ध्यान लगाना है। बेनेट-लैपिड की सोच अलग-अलग बेनेट की छवि एक कट्टरपंथी यहूदी राष्ट्रवादी नेता की रही है। वे लंबे समय से दक्षिणपंथी राजनीति से जुड़े रहे हैं और फिलिस्तीन मुद्दे पर उनका रुख काफी सख्त माना जाता है। वे वेस्ट बैंक में यहूदी बस्तियों के समर्थक रहे हैं और फिलिस्तीनी राज्य बनाने के विचार के खिलाफ भी रहे हैं। उनका मानना रहा है कि इजराइल की सुरक्षा सबसे ऊपर है और इस मामले में किसी तरह की ढील नहीं दी जानी चाहिए। इसके उलट, लैपिड को एक धर्मनिरपेक्ष और उदार सोच वाला नेता माना जाता है। उनकी राजनीति ज्यादा व्यावहारिक और संतुलित मानी जाती है। वे शहरी मध्यम वर्ग, प्रोफेशनल लोगों और उदार विचारधारा वाले मतदाताओं में काफी लोकप्रिय हैं। लैपिड और बेनेट दोनों के लिए यह गठबंधन जरूरी लैपिड के लिए यह गठबंधन बहुत अहम माना जा रहा है। उनकी पार्टी येश अतीद इस समय विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी है और संसद में 24 सीटें हैं, लेकिन हाल के सर्वे बताते हैं कि अगली बार यह घटकर सिर्फ 5 सीटें रह सकती हैं। ऐसे में बेनेट के साथ आने से उनकी स्थिति मजबूत हो सकती है। दूसरी तरफ बेनेट के लिए भी यह गठबंधन जरूरी था। एक्सपर्ट का मानना है कि पूर्व चीफ ऑफ स्टाफ गादी आइजनकोट के आने से पूरा समीकरण बदल गया है। आइजनकोट की मजबूूत छवि और लोकप्रियता की वजह से वे बेनेट के वोट बैंक में सेंध लगा रहे थे। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सुरक्षा और सेना के मुद्दों को अहम मानने वाले वोटर अब आइजनकोट की तरफ जा रहे हैं। ऐसे में बेनेट के पास केंद्र की राजनीति छोड़कर लैपिड के साथ आने के अलावा ज्यादा विकल्प नहीं बचा था। इस गठबंधन से बेनेट को आर्थिक फायदा भी होगा। इजराइल में पार्टियों को मिलने वाला सरकारी फंड उनकी संसद में सीटों के आधार पर तय होता है। बेनेट की पार्टी को जहां करीब 11 मिलियन शेकेल मिलते, वहीं लैपिड की पार्टी को 27 मिलियन शेकेल मिलते हैं, क्योंकि उनके पास ज्यादा सीटें हैं। क्या यह गठबंधन नेतन्याहू को हरा पाएगा इजराइल की संसद में कुल 120 सीटें हैं। कुछ सर्वे बताते हैं कि अगर बेनेट, लैपिड और आइजनकोट तीनों साथ चुनाव लड़ें, तो उन्हें करीब 38 सीटें मिल सकती हैं और वे सबसे बड़ा दल बन सकते हैं। लेकिन इससे दोनों खेमों की कुल ताकत में बहुत बड़ा बदलाव नहीं होगा। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस गठबंधन का सबसे बड़ा असर मनोवैज्ञानिक हो सकता है। अगर लोगों को लगे कि विपक्ष एकजुट है और मजबूत है, तो ज्यादा वोटर वोट डालने के लिए बाहर आ सकते हैं। टाइम्स ऑफ इजराइल के मुताबिक इन सबमें सबसे बड़ा फैक्टर अब भी गादी आइजनकोट हैं। अगर वे इस गठबंधन में शामिल होते हैं तो विपक्ष और मजबूत हो सकता है। लेकिन अगर वे अलग चुनाव लड़ते हैं, तो वे दक्षिणपंथी वोटरों को ज्यादा आकर्षित कर सकते हैं, जो लैपिड के साथ नहीं जाना चाहते।
benefits of soaking rice I गर्मीयों में चावल खाने का सही तरीका

Last Updated:April 27, 2026, 15:02 IST गर्मियों में चावल खाने को लेकर लोगों के मन में कई तरह के सवाल उठते हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि सही तरीके से तैयार किया गया चावल सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है. चावल को पकाने से पहले करीब 30 मिनट तक भिगोने से इसमें मौजूद एंटी-न्यूट्रिएंट्स कम हो जाते हैं और यह पाचन में आसान हो जाता है. साथ ही, चावल शरीर को तुरंत ऊर्जा देने का काम करता है. हालांकि, बेहतर पाचन और सुस्ती से बचने के लिए इसे दाल, सब्जियों या सलाद जैसे फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों के साथ संतुलित मात्रा में खाना जरूरी है. चंदौली. गर्मियों के मौसम में चावल खाने को लेकर लोगों के मन में कई सवाल रहते हैं. जैसे क्या चावल रोज खाना ठीक है, इसे कैसे पकाया जाए और क्या यह पाचन के लिए अच्छा होता है? इन्हीं सवालों पर डॉक्टर रिद्धी पांडे ने लोकल18 से बातचीत में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की. डॉ. पांडे ने बताया कि चावल को सही तरीके से पकाया जाए, तो यह न सिर्फ आसानी से पचता है, बल्कि शरीर को तुरंत ऊर्जा भी देता है. चावल को पकाने से पहले कम से कम 30 मिनट तक पानी में भिगोकर रखना बेहद फायदेमंद होता है, ऐसा करने से चावल में मौजूद कुछ एंटी-न्यूट्रिएंट्स जैसे फाइटिक एसिड कम हो जाते हैं, जो पाचन में बाधा डाल सकते हैं. भिगोने की प्रक्रिया से डाइजेस्टिव एंजाइम भी सक्रिय हो जाते हैं, जिससे चावल शरीर में जल्दी और आसानी से पचता है. बेहतर हो जाता है टेक्सचर उन्होंने बताया कि भिगोए हुए चावल पकाने पर उनका टेक्सचर भी बेहतर हो जाता है और उनमें मौजूद हानिकारक तत्व काफी हद तक निकल जाते हैं. इससे न सिर्फ पाचन सुधरता है, बल्कि पेट से जुड़ी समस्याओं की संभावना भी कम हो जाती है, जो लोग चावल खाने के बाद भारीपन या गैस की समस्या महसूस करते हैं, उनके लिए यह तरीका खासतौर पर लाभकारी हो सकता है. चावल खाने से आती है नींद रिद्धी पांडे ने बताया कि जहां तक चावल और रोटी की तुलना का सवाल है, तो आमतौर पर चावल को रोटी के मुकाबले हल्का और जल्दी पचने वाला माना जाता है. यही वजह है कि बीमार या कमजोर पाचन वाले लोगों को अक्सर चावल खाने की सलाह दी जाती है. हालांकि, चावल खाने के बाद खासकर गर्मियों में नींद आने की समस्या भी कई लोगों को होती है, इसका कारण चावल का हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स हो सकता है, जिससे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ता और फिर गिरता है, जिससे सुस्ती महसूस होती है. ऊर्जावान बनाने में करता है मददवहीं, उन्होंने बताया कि इससे बचने के लिए चावल के साथ फाइबर युक्त चीजें जैसे दाल, सब्जियां या सलाद शामिल करना चाहिए. साथ ही, ज्यादा मात्रा में चावल खाने से बचना और संतुलित आहार लेना जरूरी है. अगर सही तरीके से चावल को भिगोकर और संतुलित मात्रा में खाया जाए, तो यह न केवल पाचन के लिए अच्छा है, बल्कि शरीर को स्वस्थ और ऊर्जावान बनाए रखने में भी मदद करता है. About the Author Monali Paul नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Chandauli,Uttar Pradesh First Published : April 27, 2026, 15:02 IST
do not take paracetamol in heat stroke doctor ajay chauhan tips severe heatwave in delhi

Last Updated:April 27, 2026, 14:56 IST Heatstroke symptoms and prevention Tips: राम मनोहर लोहिया अस्पताल में देश की पहली हीट स्ट्रोक क्लिनिक 2024 में बनाई गई थी क्योंकि 2024 बेहद गर्म साल था और उसी साल 27 मौतें हुई थी. 2024 में करीब 75 मामले आए थे जबकि 2025 में हीट स्ट्रोक का ज्यादा गंभीर मामला देखने के लिए नहीं मिला था. 2026 में गर्मी अभी शुरू हुई है इसलिए व्यवस्था पहले से ही कर ली गई है नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली आग की भट्टी बन चुकी है. अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के ऊपर चल रहा है. फिलहाल लगातार हीटवेव और भीषण गर्मी का येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया जा रहा है. आंकड़ों पर नजर डालें तो 2024 में भीषण गर्मी में हीट स्ट्रोक से मरने वालों की संख्या 27 पहुंच गई थी. ऐसे में हीट स्ट्रोक बेहद जानलेवा है. अगर समय पर इलाज न मिल सके. अगर किसी को लू लग गई है तो उसे पेरासिटामोल बुखार उतारने के लिए बिल्कुल भी ना दें क्योंकि लू लगने पर पेरासिटामोल बुखार उतारने का काम नहीं कर सकती बल्कि उल्टा नुकसान कर देगी. यह जानकारी दी है डॉ.अजय चौहान ने जोकि डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में बनाए गए हीट स्ट्रोक क्लिनिक के हेड हैं. उन्होंने बताया कि राम मनोहर लोहिया अस्पताल में देश की पहली हीट स्ट्रोक क्लिनिक 2024 में बनाई गई थी क्योंकि 2024 बेहद गर्म साल था और उसी साल 27 मौतें हुई थी. 2024 में करीब 75 मामले आए थे जबकि 2025 में हीट स्ट्रोक का ज्यादा गंभीर मामला देखने के लिए नहीं मिला था. 2026 में गर्मी अभी शुरू हुई है इसलिए व्यवस्था पहले से ही कर ली गई है. इन लक्षणों को पहचाने डॉ. अजय चौहान ने बताया कि हीट स्ट्रोक क्लिनिक में फिलहाल बर्फ और रेफ्रिजरेटर के साथ-साथ दो बेड और वाटर टब की व्यवस्था की गई है जिसमें लू लगने वाले मरीज को तुरंत इलाज दिया जाएगा ताकि उसकी जान बचाई जा सके. इन सब के बीच सबसे ज्यादा जरूरी है कि हीट स्ट्रोक लक्षणों को पहचानना. अगर आपको धूप में बाहर निकलने के बाद अचानक से चक्कर आने लग जाए या उल्टी महसूस हो या एकदम थकावट महसूस होने लग जाए और बुखार 105 डिग्री सेल्सियस के ऊपर आए तो आप समझ जाइए की आपको लू लगी है. ऐसे में पैरासिटामोल ना खाएं बल्कि तुरंत डॉक्टर के पास जाएं और अपना इलाज करवाएं. लू लगने के बाद व्यक्ति काफी आवेग में आ जाता है उसका गुस्सा बढ़ जाता है इसीलिए हीट स्ट्रोक जानलेवा साबित होती है. बाहर निकलते समय करें यह सावधानी डॉ. अजय चौहान ने बताया कि अगर आप इस भीषण गर्मी में बाहर निकल रहे हैं तो सिर को अच्छे से ढक्कर निकले या फिर छाता बाहर लेकर निकले. पानी की बोतल हमेशा साथ रखें. पानी जितना ज्यादा हो सके उतना पिएं. खाना हल्का खाएं और खासतौर पर दोपहर में 1:00 से लेकर शाम 4:00 बजे तक की धूप में निकलने से बचें. यही वो समय होता है जब धूप बहुत तेज होती है. इसके अलावा खुद को ठंडा रखने की कोशिश करें और अगर आप बाहर निकल भी रहे हैं तो पैदल चलने से बचें. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : West Delhi,Delhi First Published : April 27, 2026, 14:56 IST
गर्मी में शराब पीने के भयंकर नुकसान! जानिए कैसे बढ़ता है डिहाइड्रेशन, बिगड़ता है पेट, कमजोर हो जाती है शरीर की एनर्जी

Last Updated:April 27, 2026, 14:51 IST Alcohol Side Effects in Summer: गर्मी में शराब पीने से शरीर में पानी की कमी तेजी से बढ़ती है. यह एनर्जी को कम कर देती है और थकान बढ़ाती है. पेट और पाचन तंत्र पर इसका सीधा बुरा असर पड़ता है. हीट स्ट्रोक और सिर दर्द जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं. स्किन और दिल की सेहत पर भी इसका नकारात्मक असर दिखता है. Alcohol Side Effects in Summer: गर्मियों का मौसम अपने आप में शरीर के लिए एक चैलेंज लेकर आता है. तेज धूप, पसीना और लगातार पानी की कमी शरीर को जल्दी थका देती है. ऐसे में अगर इस मौसम में शराब का सेवन किया जाए, तो इसका असर कई गुना बढ़ जाता है. बहुत से लोग पार्टी, वीकेंड या रिलैक्स होने के लिए शराब पीते हैं, लेकिन उन्हें यह समझ नहीं आता कि गर्मी में इसका असर सर्दियों से बिल्कुल अलग होता है. शरीर पहले ही गर्मी से जूझ रहा होता है और शराब उसे और ज्यादा कमजोर कर देती है. नतीजा यह होता है कि डिहाइड्रेशन, सिर दर्द, चक्कर, पेट खराब और थकान जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ने लगती हैं. कई बार लोग इसे हल्के में लेते हैं, लेकिन धीरे धीरे यह आदत शरीर को अंदर से नुकसान पहुंचाने लगती है. डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है: गर्मी में शराब पीने का सबसे बड़ा नुकसान है डिहाइड्रेशन. शराब शरीर से पानी को तेजी से बाहर निकालती है. जब पहले से ही शरीर पसीने के कारण पानी खो रहा होता है, तब शराब इसे और ज्यादा बढ़ा देती है. इससे शरीर में कमजोरी, मुंह सूखना और चक्कर आने जैसी समस्या हो सकती है. अगर समय पर पानी न पिया जाए तो हालत और खराब हो सकती है. शरीर की एनर्जी तेजी से गिरती है: शराब पीने के बाद आपको थोड़ी देर के लिए रिलैक्स महसूस हो सकता है, लेकिन असल में यह आपकी एनर्जी को कम कर देती है. गर्मी में जब शरीर को ज्यादा एनर्जी की जरूरत होती है, तब शराब उसे कमजोर कर देती है. इसके कारण थकान, सुस्ती और काम में मन न लगने जैसी दिक्कतें होने लगती हैं. Add News18 as Preferred Source on Google पेट और पाचन पर बुरा असर: गर्मी में शराब पीने से पेट पर सीधा असर पड़ता है. इससे एसिडिटी, गैस और अपच की समस्या बढ़ जाती है. कई बार लोगों को उल्टी या पेट दर्द भी होने लगता है. अगर लगातार ऐसा होता रहे तो पाचन तंत्र कमजोर पड़ सकता है. हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ता है: शराब शरीर के तापमान को कंट्रोल करने की क्षमता को कमजोर कर देती है. ऐसे में अगर आप धूप या गर्म माहौल में हैं, तो हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है. यह स्थिति खतरनाक हो सकती है और इसमें तुरंत इलाज की जरूरत पड़ती है. नींद और दिमाग पर असर: कई लोग सोचते हैं कि शराब पीने से नींद अच्छी आती है, लेकिन गर्मी में इसका उल्टा असर होता है. शराब नींद को खराब कर देती है और दिमाग को सही तरह से आराम नहीं मिल पाता. इसके कारण अगली सुबह सिर भारी रहना, चिड़चिड़ापन और ध्यान की कमी जैसी समस्याएं होती हैं. स्किन और शरीर की चमक पर असर: गर्मी में शराब पीने से स्किन पर भी असर दिखने लगता है. डिहाइड्रेशन के कारण त्वचा सूखी और बेजान हो जाती है. चेहरे की चमक कम हो जाती है और कई बार पिंपल या जलन की समस्या भी हो सकती है. दिल और ब्लड प्रेशर पर प्रभाव: शराब का ज्यादा सेवन दिल और ब्लड प्रेशर पर भी असर डालता है. गर्मी में यह असर और ज्यादा खतरनाक हो सकता है. इससे दिल की धड़कन तेज होना और ब्लड प्रेशर का असंतुलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं. First Published : April 27, 2026, 14:51 IST
‘टुकड़े-टुकड़े गठबंधन को अलविदा’: राघव चड्ढा के पार्टी में शामिल होने के बाद बीजेपी का विपक्ष पर तंज | भारत समाचार

आखरी अपडेट:27 अप्रैल, 2026, 14:38 IST बीजेपी ने राघव चड्ढा और छह पूर्व AAP सांसदों को शामिल किया, जिससे राज्यसभा में उसकी ताकत बढ़ गई। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन (दाएं) ने शुक्रवार को नई दिल्ली में पार्टी मुख्यालय में राघव चड्ढा से मुलाकात की। (पीटीआई) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने एक महत्वपूर्ण राजनीतिक विकास को चिह्नित करते हुए राघव चड्ढा और छह अन्य पूर्व AAP सांसदों का अपने पाले में स्वागत किया है। पार्टी ने कहा कि यह कदम ”टुकड़े-टुकड़े इंडी गठबंधन को अलविदा” का संकेत है। भाजपा नेतृत्व ने इस घटनाक्रम को जश्न का क्षण बताया, क्योंकि राज्यसभा में उसके सदस्यों की संख्या सात बढ़ गई है। पार्टी के अनुसार, अध्यक्ष सीपी राधाकृष्णन ने चड्ढा और छह सांसदों के अनुरोध को स्वीकार कर लिया है, जिससे भाजपा संसदीय दल में उनके प्रवेश को औपचारिक रूप मिल गया है। बीजेपी ने विपक्षी गठबंधन पर साधा निशाना अपने संदेश में, रिजिजू ने विपक्षी गठबंधन पर भी कटाक्ष किया और इसे “टुकड़े-टुकड़े भारत गठबंधन” कहा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में नए लोगों का स्वागत किया और उनके प्रवेश को व्यापक राष्ट्र-निर्माण प्रयास का हिस्सा बताया। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस सहित विपक्षी दलों की आलोचना जारी रखी। रिजिजू ने दावा किया कि सार्वजनिक मतभेदों के बावजूद, ये दल संसद के अंदर एक साथ काम करते हैं। संसदीय कार्यवाही का जिक्र करते हुए रिजिजू ने आरोप लगाया कि महिला कोटा विधेयक का विरोध करते हुए कांग्रेस, तृणमूल और आप ने एकजुट होकर काम किया। उन्होंने उनकी एकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे संसद के भीतर “सबसे अच्छे दोस्त” प्रतीत होते हैं। उन्होंने आगे दावा किया कि INDI गठबंधन शुरू से ही त्रुटिपूर्ण था, इसे “धोखाधड़ी” कहा। राज्यसभा में बीजेपी की ताकत बढ़ी इस बदलाव के साथ, चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, राजिंदर गुप्ता और विक्रमजीत सिंह साहनी के साथ, अब आधिकारिक तौर पर उच्च सदन में भाजपा का हिस्सा हैं। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने एक ऑनलाइन पोस्ट में विकास की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि सात सांसदों को शामिल करने से पार्टी की उपस्थिति मजबूत होती है और उनके आचरण पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। रिजिजू ने कहा कि उन्होंने इन सांसदों पर लंबे समय तक नजर रखी और कहा कि उन्होंने अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं किया है या अनुशासनहीनता या असंसदीय व्यवहार में शामिल नहीं हुए हैं। AAP ने इस कदम को “विश्वासघात” बताया यह घटनाक्रम सांसदों के आम आदमी पार्टी (आप) से इस्तीफा देने के कुछ दिनों बाद आया है, जिससे अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी को बड़ा झटका लगा है। आप ने पहले कहा था कि वह उन्हें अयोग्य ठहराने की मांग करेगी। पार्टी ने तर्क दिया कि चड्ढा को AAP के भीतर आवश्यक दो-तिहाई ताकत का समर्थन नहीं था, और उनके फैसले को “विश्वासघात” बताया। राज्य स्तर पर, विशेष रूप से चल रहे पश्चिम बंगाल चुनावों में, कांग्रेस, तृणमूल और आप औपचारिक रूप से गठबंधन में नहीं हैं। हालाँकि, वे विशिष्ट विषयों के आधार पर संसद में कुछ मुद्दों पर समन्वय करते हैं। राष्ट्रीय स्तर पर, 2024 में उभरा विपक्षी गुट विभाजित है, इसकी नेतृत्व संरचना अभी भी खंडित है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : दिल्ली, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 27 अप्रैल, 2026, 14:38 IST न्यूज़ इंडिया ‘टुकड़े-टुकड़े गठबंधन को अलविदा’: राघव चड्ढा के पार्टी में शामिल होने के बाद बीजेपी का विपक्ष पर तंज अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)राघव चड्ढा(टी)राघव चड्ढा समाचार(टी)बीजेपी राघव चड्ढा(टी)राघव चड्ढा बीजेपी(टी)राघव चड्ढा बीजेपी में शामिल हुए(टी)बीजेपी राज्यसभा ताकत(टी)पूर्व आप सांसद(टी)टुकड़े-टुकड़े इंडी गठबंधन(टी)किरेन रिजिजू बयान(टी)आप विश्वासघात का दावा(टी)विपक्षी गठबंधन भारत(टी)एनडीए संसदीय ताकत
शाजापुर के गिरवर रोड पर पेड़ में आग:धुएं से अफरा-तफरी; फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया

शाजापुर के लालघाटी थाना क्षेत्र अंतर्गत सोमवार को दोपहर के समय गिरवर रोड पर नहर के पास स्थित एक खेत में खड़े पेड़ में अचानक आग लग गई। इस घटना के बाद करीब 500 मीटर तक धुआं फैल गया, जिससे आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है। वहां से गुजर रहे राहगीरों ने पेड़ में आग लगी देख तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल की टीम मौके पर पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पा लिया। हालांकि, इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है, लेकिन अचानक उठे धुएं के गुबार से लोग घबरा गए थे। कुछ समय के लिए मार्ग पर आवागमन भी प्रभावित रहा। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है और आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
5000 Indian Workers Get Visas, $20B Investment Expected

नई दिल्ली23 मिनट पहले कॉपी लिंक न्यूजीलैंड अगले 15 साल में भारत में ₹1.8 लाख करोड़ का निवेश करेगा। भारत-न्यूजीलैंड के बीच सोमवार (27 अप्रैल) को फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) साइन हो गया है। मिनिस्टर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के मिनिस्टर ऑफ ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट टॉड मैक्ले की मौजूदगी में यह समझौता हुआ। अब भारत से न्यूजीलैंड भेजे जाने वाले लेदर प्रोडक्ट्स, टेक्सटाइल, प्लास्टिक और इंजीनियरिंग गुड्स जैसे सामानों पर कोई एक्सपोर्ट ड्यूटी नहीं लगेगी। जिससे इन श्रम-प्रधान क्षेत्रों यानी लेबर इंटेंसिव सेक्टर्स को सीधा लाभ होगा। एक पीढ़ी में एक बार होने वाला समझौता- न्यूजीलैंड PM न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने इसे ‘एक पीढ़ी में एक बार होने वाला’ समझौता बताया है। वहीं पीयूष गोयल ने इसे भारत-न्यूजीलैंड आर्थिक संबंधों में ‘नए अध्याय की शुरुआत’ बताया। पीयूष गोयल ने कहा कि यह FTA ‘विश्वास, साझा मूल्यों और टिकाऊ आर्थिक विकास के साझा विजन’ को दर्शाता है। यह समझौता भारत के लिए ओशिनिया और प्रशांत द्वीपीय बाजारों तक पहुंचने का गेटवे भी बनेगा। न्यूजीलैंड 15 साल में भारत में ₹1.8 लाख करोड़ का निवेश करेगा एग्रीमेंट का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच बाइलेटरल ट्रेड को दोगुना करना और भारत में बड़े विदेशी निवेश को आकर्षित करना है। एग्रीमेंट के तहत न्यूजीलैंड से अगले 15 साल में भारत में 20 बिलियन डॉलर (करीब ₹1.8 लाख करोड़) का निवेश आने की उम्मीद है। पीयूष गोयल ने कहा कि इस समझौते से भारतीय व्यापारियों, विशेषकर आगरा के लेदर एक्सपोर्टर्स के लिए बड़े अवसर खुलेंगे। 5 हजार भारतीय प्रोफेशनल्स को वर्किंग वीजा मिलेगा सर्विस सेक्टर में भारत ने IT, शिक्षा, फाइनेंशियल सर्विसेज, कंस्ट्रक्शन और टूरिज्म जैसे हाई-वैल्यू सेक्टरों में बाजार पहुंच हासिल की है। समझौते के तहत AYUSH, योगा इंस्ट्रक्टर्स, इंडियन शेफ और म्यूजिक टीचर्स के लिए भी रास्ते खुलेंगे। FTA में एक नया टेम्परेरी एम्प्लॉयमेंट एंट्री वीजा का रास्ता बनाया गया है। इसके तहत हर साल 5,000 भारतीय स्किल्ड प्रोफेशनल्स न्यूजीलैंड में 3 साल तक काम कर सकेंगे। इंजीनियरिंग, हेल्थकेयर और एजुकेशन सेक्टर में खासतौर पर मौके होंगे। इसके अलावा भारतीय वाइन और स्पिरिट्स को भी न्यूजीलैंड के बाजार में ड्यूटी फ्री एक्सेस मिलेगा। न्यूजीलैंड को कृषि उत्पादों पर रियायत, डेयरी पर छूट नहीं न्यूजीलैंड को भारतीय बाजार में पहुंच देने के लिए भारत ने अपनी 70% टैरिफ लाइन्स खोल दी हैं। इसमें सेब, कीवीफ्रूट और मणुका शहद जैसे कृषि उत्पादों पर टैरिफ रियायतें दी गई हैं, लेकिन ये कोटा लिमिट और न्यूनतम आयात मूल्य की शर्तों के साथ होंगी। हालांकि, भारत ने अपने घरेलू हितों की रक्षा के लिए डेयरी उत्पादों (दूध, क्रीम, पनीर आदि), प्याज, दालें, चीनी और आर्म्स-अम्युनिशन जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को रियायतों की लिस्ट से बाहर रखा है। 2010 में शुरू हुई थी चर्चा, 2025 में बात बनी भारत-न्यूजीलैंड के बीच व्यापार समझौते के लिए बातचीत 2010 में शुरू हुई थी। 9 राउंड की चर्चा के बाद 2015 में इसे रोक दिया गया था। फिर मार्च 2025 में इस प्रक्रिया को फिर से शुरू किया गया और 22 दिसंबर 2025 को बातचीत के सफल समापन की घोषणा की गई। इस पैक्ट में कुल 20 चैप्टर हैं, जिनमें गुड्स, सर्विसेज, रूल्स ऑफ ओरिजिन और कस्टम प्रोसेस जैसे अहम मुद्दे शामिल हैं। वित्त वर्ष-25 में दोनों देशों के बीच व्यापार 1.3 बिलियन डॉलर रहा वित्त वर्ष 2024-25 में दोनों देशों के बीच व्यापार 1.3 बिलियन डॉलर रहा। इसमें भारत ने 711.1 मिलियन डॉलर का सामान एक्सपोर्ट किया, जबकि न्यूजीलैंड से 587.13 मिलियन डॉलर का इंपोर्ट हुआ। फिलहाल दोनों देशों के बीच दोतरफा व्यापार करीब 2.4 बिलियन डॉलर का है। आयरन, स्टील और एल्युमीनियम स्क्रैप पर लगने वाले टैरिफ को अगले 10 सालों में धीरे-धीरे खत्म किया जाएगा। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
5000 Indian Workers Get Visas, $20B Investment Expected

नई दिल्ली35 मिनट पहले कॉपी लिंक न्यूजीलैंड अगले 15 साल में भारत में ₹1.8 लाख करोड़ का निवेश करेगा। भारत-न्यूजीलैंड के बीच सोमवार (27 अप्रैल) को फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) साइन हो गया है। अब भारत से न्यूजीलैंड भेजे जाने वाले लेदर प्रोडक्ट्स, टेक्सटाइल, प्लास्टिक और इंजीनियरिंग गुड्स जैसे सामानों पर कोई एक्सपोर्ट ड्यूटी नहीं लगेगी। जिससे इन श्रम-प्रधान क्षेत्रों यानी लेबर इंटेंसिव सेक्टर्स को सीधा लाभ होगा। न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने इसे एक पीढ़ी में एक बार होने वाला समझौता बताया। वहीं मिनिस्टर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री पीयूष गोयल ने इसे भारत-न्यूजीलैंड आर्थिक संबंधों में नए अध्याय की शुरुआत बताया है। पीयूष गोयल ने कहा कि यह FTA विश्वास, साझा मूल्यों और टिकाऊ आर्थिक विकास के साझा विजन को दर्शाता है। यह समझौता भारत के लिए ओशिनिया और प्रशांत द्वीपीय बाजारों तक पहुंचने का गेटवे भी बनेगा। मिनिस्टर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के मिनिस्टर ऑफ ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट टॉड मैक्ले की मौजूदगी में FTA साइन हुआ। न्यूजीलैंड 15 साल में भारत में ₹1.8 लाख करोड़ का निवेश करेगा एग्रीमेंट का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच बाइलेटरल ट्रेड को दोगुना करना और भारत में बड़े विदेशी निवेश को आकर्षित करना है। एग्रीमेंट के तहत न्यूजीलैंड से अगले 15 साल में भारत में 20 बिलियन डॉलर (करीब ₹1.8 लाख करोड़) का निवेश आने की उम्मीद है। पीयूष गोयल ने कहा कि इस समझौते से भारतीय व्यापारियों, विशेषकर आगरा के लेदर एक्सपोर्टर्स के लिए बड़े अवसर खुलेंगे। 5 हजार भारतीय प्रोफेशनल्स को वर्किंग वीजा मिलेगा सर्विस सेक्टर में भारत ने IT, शिक्षा, फाइनेंशियल सर्विसेज, कंस्ट्रक्शन और टूरिज्म जैसे हाई-वैल्यू सेक्टरों में बाजार पहुंच हासिल की है। समझौते के तहत AYUSH, योगा इंस्ट्रक्टर्स, इंडियन शेफ और म्यूजिक टीचर्स के लिए भी रास्ते खुलेंगे। FTA में एक नया टेम्परेरी एम्प्लॉयमेंट एंट्री वीजा का रास्ता बनाया गया है। इसके तहत हर साल 5,000 भारतीय स्किल्ड प्रोफेशनल्स न्यूजीलैंड में 3 साल तक काम कर सकेंगे। इंजीनियरिंग, हेल्थकेयर और एजुकेशन सेक्टर में खासतौर पर मौके होंगे। इसके अलावा भारतीय वाइन और स्पिरिट्स को भी न्यूजीलैंड के बाजार में ड्यूटी फ्री एक्सेस मिलेगा। न्यूजीलैंड को कृषि उत्पादों पर रियायत, डेयरी पर छूट नहीं न्यूजीलैंड को भारतीय बाजार में पहुंच देने के लिए भारत ने अपनी 70% टैरिफ लाइन्स खोल दी हैं। इसमें सेब, कीवीफ्रूट और मनुका हनी जैसे कृषि उत्पादों पर टैरिफ रियायतें दी गई हैं, लेकिन ये कोटा लिमिट और मिनिमम इम्पोर्ट प्राइस की शर्तों के साथ होंगी। इसके अलावा न्यूजीलैंड को भारत में अपने 54% से ज्यादा एक्सपोर्ट पर तुरंत शून्य ड्यूटी मिलेगी। इसमें शीप मीट, ऊन, कोयला और फॉरेस्ट्री प्रोडक्ट्स शामिल हैं। सीफूड, आयरन, स्टील और एल्युमीनियम स्क्रैप पर टैरिफ को अगले 10 सालों में धीरे-धीरे खत्म किया जाएगा। हालांकि, भारत ने अपने घरेलू हितों की रक्षा के लिए डेयरी उत्पादों (दूध, क्रीम, पनीर आदि), प्याज, दालें, चीनी, आर्म्स-अम्युनिशन और कुछ मेटल्स जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को रियायतों की लिस्ट से बाहर रखा है। 2010 में शुरू हुई थी चर्चा, 2025 में बात बनी भारत-न्यूजीलैंड के बीच व्यापार समझौते के लिए बातचीत 2010 में शुरू हुई थी। 9 राउंड की चर्चा के बाद 2015 में इसे रोक दिया गया था। फिर मार्च 2025 में इस प्रक्रिया को फिर से शुरू किया गया और 22 दिसंबर 2025 को बातचीत के सफल समापन की घोषणा की गई। इस पैक्ट में कुल 20 चैप्टर हैं, जिनमें गुड्स, सर्विसेज, रूल्स ऑफ ओरिजिन, टेक्निकल बैरियर और कस्टम प्रोसेस जैसे अहम मुद्दे शामिल हैं। वित्त वर्ष-25 में दोनों देशों के बीच व्यापार 1.3 बिलियन डॉलर रहा वित्त वर्ष 2024-25 में दोनों देशों के बीच व्यापार 1.3 बिलियन डॉलर रहा। इसमें भारत ने 711.1 मिलियन डॉलर का सामान एक्सपोर्ट किया, जबकि न्यूजीलैंड से 587.13 मिलियन डॉलर का इंपोर्ट हुआ। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
KKR Raghuvanshi Punished | LSG Match Anger, Bat & Helmet Toss

18 मिनट पहले कॉपी लिंक कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के विकेटकीपर अंगकृष रघुवंशी पर IPL कोड ऑफ कंडक्ट उल्लंघन के लिए मैच फीस का 20% जुर्माना लगाया गया है। रविवार को लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के खिलाफ मुकाबले के दौरान रघुवंशी मैदान पर अपना आपा खो बैठे थे। अंपायर के आउट देने के बाद उन्होंने जिस तरह नाराजगी जताई, उसे IPL प्रबंधन ने अनुशासनहीनता माना है। जुर्माने के साथ उनके खाते में एक डिमेरिट पॉइंट जोड़ा गया है। क्रीज में पहुंचने की कोशिश में वे डाइव लगाते हुए लाइन से बाहर चले गए और गिर गए, जिससे फील्डिंग में बाधा आई। ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड आउट होने पर भड़के, बाउंड्री कुशन पर बल्ला मारा यह घटना KKR की पारी के 5वें ओवर की है। 4.6 ओवर में अंगकृष रघुवंशी अजीबोगरीब तरीके से आउट दिए गए। प्रिंस यादव की गेंद पर उन्होंने मिड-ऑन की ओर शॉट खेला और रन के लिए दौड़े, लेकिन बीच में ही लौटना पड़ा। क्रीज में पहुंचने की कोशिश में वे डाइव लगाते हुए लाइन से बाहर चले गए और इस दौरान गेंद की दिशा में उनका मूवमेंट हुआ। थ्रो मोहम्मद शमी ने किया। थर्ड अंपायर ने रिप्ले देखकर फैसला दिया कि रघुवंशी ने गेंद की लाइन में आकर फील्डिंग में बाधा डाली, इसलिए उन्हें ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड आउट दिया गया। फैसले से नाराज रघुवंशी पवेलियन लौटते समय गुस्से में बाउंड्री कुशन पर बल्ला दे मारा। डगआउट में पहुंचकर उन्होंने हेलमेट भी आक्रामक तरीके से फेंका। IPL ने बयान में कहा कि रघुवंशी लेवल-1 उल्लंघन के दोषी पाए गए हैं। डगआउट में पहुंचकर उन्होंने हेलमेट भी फेंक दिया था। आर्टिकल 2.2 के तहत कार्रवाई, खिलाड़ी ने गलती मानी IPL के बयान के मुताबिक रघुवंशी ने कोड ऑफ कंडक्ट के आर्टिकल 2.2 का उल्लंघन किया है। यह नियम मैच के दौरान उपकरण, कपड़ों या ग्राउंड फिटिंग्स के साथ दुर्व्यवहार से जुड़ा है। रघुवंशी ने गलती स्वीकार कर मैच रेफरी की सजा मंजूर कर ली है। लेवल-1 मामलों में मैच रेफरी का फैसला अंतिम होता है। सुपर ओवर तक मुकाबला, रिंकू सिंह ने जिताया मैच विवाद के बावजूद मुकाबला रोमांचक रहा। दोनों टीमों ने 20 ओवर में 155 रन बनाए और मैच सुपर ओवर में गया। KKR के लिए रिंकू सिंह ने नाबाद 83 रन बनाकर टीम को संभाला। लखनऊ ने आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर मैच सुपर ओवर तक पहुंचाया, लेकिन अंत में कोलकाता ने जीत दर्ज की। रिंकू सिंह को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड क्या होता है? जब बल्लेबाज जानबूझकर या मूवमेंट से फील्डिंग टीम के थ्रो में बाधा डालता है। जैसे गेंद की लाइन में आना, थ्रो रोकना या दिशा बदलना, तो उसे ‘ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड’ आउट दिया जा सकता है। अंपायर को लगे कि बल्लेबाज ने जानबूझकर ऐसा किया, तो बिना गेंद विकेट पर लगे भी उसे आउट दिया जा सकता है। डिमेरिट पॉइंट एक अनुशासन रिकॉर्ड है। अगर किसी खिलाड़ी के खाते में तय समय में 4 या ज्यादा डिमेरिट पॉइंट हो जाते हैं, तो उस पर एक या अधिक मैचों का प्रतिबंध लगाया जाता है। बर्गर पर भी फाइन लगाया जा चुका है RR के नांद्रे बर्गर को भी IPL कोड ऑफ कंडक्ट उल्लंघन के लिए फाइन लगाया गया था। 22 अप्रैल को लखनऊ के इकाना स्टेडियम में राजस्थान रॉयल्स और लखनऊ सुपर जायंट्स के मैच में उन्हें दोषी पाया गया था। मैच रेफरी ने 10% मैच फीस का जुर्माना और एक डिमेरिट पॉइंट दिया था। हालांकि BCCI ने यह नहीं बताया कि किस खिलाड़ी के साथ गलत व्यवहार हुआ। माना जा रहा है कि मिचेल मार्श को आउट करने के बाद उन्होंने कुछ कहा या इशारा किया, जिसे फील्ड अंपायरों ने गलत माना। पूरी खबर ————————————————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… अंगकृष रघुवंशी का विवादित रन-आउट:शमी के सिक्स से मैच टाई हुआ; रिंकू के लगातार 4 सिक्स, लखनऊ घर पर आठवां मैच हारी; मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स कोलकाता नाइट राइडर्स ने IPL 2026 के 38वें मैच में लखनऊ सुपर जायंट्स को सुपर ओवर में हराया। रविवार को अंगकृष रघवुंशी फील्डिंग में रुकावट डालने पर रनआउट दिए गए। रिंकू सिंह ने आखिरी ओवर में लगातार 4 सिक्स लगाए। उन्होंने 5 कैच भी लपके। मोहम्मद शमी ने आखिरी गेंद पर सिक्स लगाकर मैच टाई कराया। पूरी खबर कोलकाता ने जीता IPL 2026 का पहला सुपर ओवर:नरेन ने लखनऊ को एक रन ही बनाने दिया; रिंकू ने 83 रन बनाने के साथ 5 कैच लपके कोलकाता नाइट राइडर्स ने IPL 2026 के पहले सुपर ओवर मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स को हराकर जीत दर्ज की। इकाना स्टेडियम में पहले बल्लेबाजी करते हुए कोलकाता ने 20 ओवर में 7 विकेट पर 155 रन बनाए। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
KKR Raghuvanshi Punished | LSG Match Anger, Bat & Helmet Toss

1 घंटे पहले कॉपी लिंक कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के विकेटकीपर अंगकृष रघुवंशी पर IPL कोड ऑफ कंडक्ट उल्लंघन के लिए मैच फीस का 20% जुर्माना लगाया गया है। रविवार को लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के खिलाफ मुकाबले के दौरान रघुवंशी मैदान पर अपना आपा खो बैठे थे। अंपायर के आउट देने के बाद उन्होंने जिस तरह नाराजगी जताई, उसे IPL प्रबंधन ने अनुशासनहीनता माना है। जुर्माने के साथ उनके खाते में एक डिमेरिट पॉइंट जोड़ा गया है। क्रीज में पहुंचने की कोशिश में वे डाइव लगाते हुए लाइन से बाहर चले गए और गिर गए, जिससे फील्डिंग में बाधा आई। ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड आउट होने पर भड़के, बाउंड्री कुशन पर बल्ला मारा यह घटना KKR की पारी के 5वें ओवर की है। 4.6 ओवर में अंगकृष रघुवंशी अजीबोगरीब तरीके से आउट दिए गए। प्रिंस यादव की गेंद पर उन्होंने मिड-ऑन की ओर शॉट खेला और रन के लिए दौड़े, लेकिन बीच में ही लौटना पड़ा। क्रीज में पहुंचने की कोशिश में वे डाइव लगाते हुए लाइन से बाहर चले गए और इस दौरान गेंद की दिशा में उनका मूवमेंट हुआ। थ्रो मोहम्मद शमी ने किया। थर्ड अंपायर ने रिप्ले देखकर फैसला दिया कि रघुवंशी ने गेंद की लाइन में आकर फील्डिंग में बाधा डाली, इसलिए उन्हें ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड आउट दिया गया। फैसले से नाराज रघुवंशी पवेलियन लौटते समय गुस्से में बाउंड्री कुशन पर बल्ला दे मारा। डगआउट में पहुंचकर उन्होंने हेलमेट भी आक्रामक तरीके से फेंका। IPL ने बयान में कहा कि रघुवंशी लेवल-1 उल्लंघन के दोषी पाए गए हैं। डगआउट में पहुंचकर उन्होंने हेलमेट भी फेंक दिया था। आर्टिकल 2.2 के तहत कार्रवाई, खिलाड़ी ने गलती मानी IPL के बयान के मुताबिक रघुवंशी ने कोड ऑफ कंडक्ट के आर्टिकल 2.2 का उल्लंघन किया है। यह नियम मैच के दौरान उपकरण, कपड़ों या ग्राउंड फिटिंग्स के साथ दुर्व्यवहार से जुड़ा है। रघुवंशी ने गलती स्वीकार कर मैच रेफरी की सजा मंजूर कर ली है। लेवल-1 मामलों में मैच रेफरी का फैसला अंतिम होता है। सुपर ओवर तक मुकाबला, रिंकू सिंह ने जिताया मैच विवाद के बावजूद मुकाबला रोमांचक रहा। दोनों टीमों ने 20 ओवर में 155 रन बनाए और मैच सुपर ओवर में गया। KKR के लिए रिंकू सिंह ने नाबाद 83 रन बनाकर टीम को संभाला। लखनऊ ने आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर मैच सुपर ओवर तक पहुंचाया, लेकिन अंत में कोलकाता ने जीत दर्ज की। रिंकू सिंह को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड क्या होता है? जब बल्लेबाज जानबूझकर या मूवमेंट से फील्डिंग टीम के थ्रो में बाधा डालता है। जैसे गेंद की लाइन में आना, थ्रो रोकना या दिशा बदलना, तो उसे ‘ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड’ आउट दिया जा सकता है। अंपायर को लगे कि बल्लेबाज ने जानबूझकर ऐसा किया, तो बिना गेंद विकेट पर लगे भी उसे आउट दिया जा सकता है। डिमेरिट पॉइंट एक अनुशासन रिकॉर्ड है। अगर किसी खिलाड़ी के खाते में तय समय में 4 या ज्यादा डिमेरिट पॉइंट हो जाते हैं, तो उस पर एक या अधिक मैचों का प्रतिबंध लगाया जाता है। बर्गर पर भी फाइन लगाया जा चुका है RR के नांद्रे बर्गर को भी IPL कोड ऑफ कंडक्ट उल्लंघन के लिए फाइन लगाया गया था। 22 अप्रैल को लखनऊ के इकाना स्टेडियम में राजस्थान रॉयल्स और लखनऊ सुपर जायंट्स के मैच में उन्हें दोषी पाया गया था। मैच रेफरी ने 10% मैच फीस का जुर्माना और एक डिमेरिट पॉइंट दिया था। हालांकि BCCI ने यह नहीं बताया कि किस खिलाड़ी के साथ गलत व्यवहार हुआ। माना जा रहा है कि मिचेल मार्श को आउट करने के बाद उन्होंने कुछ कहा या इशारा किया, जिसे फील्ड अंपायरों ने गलत माना। पूरी खबर ————————————————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… अंगकृष रघुवंशी का विवादित रन-आउट:शमी के सिक्स से मैच टाई हुआ; रिंकू के लगातार 4 सिक्स, लखनऊ घर पर आठवां मैच हारी; मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स कोलकाता नाइट राइडर्स ने IPL 2026 के 38वें मैच में लखनऊ सुपर जायंट्स को सुपर ओवर में हराया। रविवार को अंगकृष रघवुंशी फील्डिंग में रुकावट डालने पर रनआउट दिए गए। रिंकू सिंह ने आखिरी ओवर में लगातार 4 सिक्स लगाए। उन्होंने 5 कैच भी लपके। मोहम्मद शमी ने आखिरी गेंद पर सिक्स लगाकर मैच टाई कराया। पूरी खबर कोलकाता ने जीता IPL 2026 का पहला सुपर ओवर:नरेन ने लखनऊ को एक रन ही बनाने दिया; रिंकू ने 83 रन बनाने के साथ 5 कैच लपके कोलकाता नाइट राइडर्स ने IPL 2026 के पहले सुपर ओवर मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स को हराकर जीत दर्ज की। इकाना स्टेडियम में पहले बल्लेबाजी करते हुए कोलकाता ने 20 ओवर में 7 विकेट पर 155 रन बनाए। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…








