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UP Flight Training Schools Grounded for Delhi BRICS Summit

UP Flight Training Schools Grounded for Delhi BRICS Summit

नई दिल्ली3 घंटे पहले

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दिल्ली में होने वाले BRICS समिट के दौरान उत्तर प्रदेश से काम करने वाले फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन (FTOs) को उड़ान भरने की इजाजत नहीं होगी।

DGCA ने ट्रेनिंग सेंटर्स को भेजे एक मैसेज में कहा है कि ये पाबंदियां 11 सितंबर की सुबह 7 बजे से 13 सितंबर की रात 11 बजे तक लागू रहेंगी।

इस आदेश के तहत हल्के/माइक्रो-लाइट एयरक्राफ्ट, हैंग ग्लाइडर, हेलीकॉप्टर वगैरह समेत किसी भी एयरक्राफ्ट को उड़ान भरने या शुरू करने की परमिशन नहीं होगी।

उत्तर प्रदेश के अलावा यह पाबंदी पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में मौजूद ट्रेनिंग सेंटर्स पर भी लागू होगी।

BRICS समिट 12-13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में होने वाली है। इस साल की थीम “बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी” है।

दिल्ली में सजावट और सुरक्षा, 4 तस्वीरें…

रेल भवन में की गई सजावट।

रेल भवन में की गई सजावट।

कई स्पॉट्स पर दिल्ली पुलिस के अस्थायी बंकर बने हैं।

कई स्पॉट्स पर दिल्ली पुलिस के अस्थायी बंकर बने हैं।

VVIP मूवमेंट के इलाके में पुलिस लगातार पेट्रोलिंग कर रही है।

VVIP मूवमेंट के इलाके में पुलिस लगातार पेट्रोलिंग कर रही है।

बैरिकेड्स पर ब्रिक्स के लोगो का पोस्टर लगाता एक व्यक्ति।

बैरिकेड्स पर ब्रिक्स के लोगो का पोस्टर लगाता एक व्यक्ति।

स्ट्रीट वेंडर्स को स्टॉल न लगाने का निर्देश

नेशनल एसोसिएशन ऑफ स्ट्रीट वेंडर्स ऑफ इंडिया (NASVI) का दावा है कि ब्रिक्स समिट से पहले दिल्ली के कई इलाकों में स्ट्रीट वेंडर्स से अपना काम रोकने के लिए कहा जा रहा है। संगठन ने अधिकारियों से अपील की है कि वे यह पक्का करें कि सुरक्षा इंतजामों की वजह से वेंडर्स की रोजी-रोटी पर असर न पड़े।

NASVI के मुताबिक, इंडिया गेट, मदनगीर, भीकाजी कामा प्लेस, वसंत विहार, साकेत और आरके पुरम जैसे इलाकों में वेंडर्स ने बताया है कि पुलिस वालों ने उनसे अपने स्टॉल न लगाने या अपना काम न करने के लिए कहा है।

एक्सपर्ट की राय- साझा सिद्धांतों पर अमल हुआ तो भारत को मिलेंगे ब्रिक्स के 10 नए बाजार

  • ब्रिक्स में क्या फैसला होगा: 11 देशों में सीमा पार डिजिटल सेवा सुगम बनाने के सिद्धांत मंजूर होेंगे। ऐसे में, बेंगलुरु की कोई छोटी कंपनी ब्राजील के कारोबारी का सॉफ्टवेयर संभाल सकेगी। गुरुग्राम का फिनटेक स्टार्टअप यूएई में सेवाएं दे पाएगा।
  • भारत की स्थिति क्या है: 2024 में ​दूसरे देशों में 269 अरब डॉलर (~24 लाख करोड़) की डिजिटल सेवाएं दीं। भारत का ग्लोबल शेयर 5.8% था। अमेरिका, ब्रिटेन, आयरलैंड और जर्मनी के बाद पांचवें स्थान पर है। चीन छठे स्थान पर है।
  • नए सिद्धांत अहम क्यों हैं: ब्रिक्स में बड़ा बाजार मिलेगा। 11 ब्रिक्स देशों की दुनिया में डिजिटल सेवा निर्यात में हिस्सेदारी 14% है। इसमें अकेले भारत की हिस्सेदारी 48% है। सर्विस सुगम होने का सबसे ज्यादा फायदा भारत को संभव है।
  • आम लोगों को क्या लाभ: छोटे कारोबार और पेशेवरों के लिए संभावनाएं बनेंगी। भारत में बैठ विदेशी ग्राहक से कमाई करने वालों का दायरा बढ़ सकता है।
  • क्या नौकरियां भी बढ़ेंगी: कंपनियों को नए बाजार मिले तो सॉफ्टवेयर, प्रबंधन, एआई, साइबर सुरक्षा, अनुसंधान, वित्तीय तकनीक और पेशेवर सेवाओं की मांग बढ़ सकती है।
  • क्या ईयू जैसा बाजार बनेगा: नहीं। यूरोपीय संघ (ईयू) में सदस्यों के बीच व्यापक कानूनी और संस्थागत ढांचा है। ब्रिक्स में भारत, चीन, रूस, ब्राजील जैसे बिल्कुल अलग राजनीतिक, कानूनी व आर्थिक मॉडल वाले देश हैं।
  • भारत-चीन की होड़ बढ़ेगी: दोनों देशों में डेटा और डिजिटल मंचों से जुड़े नियम अलग हैं। भारत ऐसा ढांचा नहीं चाहेगा जिसमें किसी देश के डिजिटल मानक ब्रिक्स के साझा मानक बनें।

काजिम रिजवी (डिजिटल और आईटी एक्सपर्ट) के मुताबिक ये सभी राय दिए गए है।

BRIC से BRICS तक ऐसे बढ़ा समूह

BRICS की शुरुआत ब्राजील, रूस, भारत और चीन के BRIC गठबंधन के तौर पर हुई थी। इन देशों के विदेश मंत्रियों की पहली बैठक 2006 में न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान हुई थी।

इसके बाद 2009 में रूस के येकातेरिनबर्ग में BRIC का पहला शिखर सम्मेलन हुआ। दक्षिण अफ्रीका के 2011 में शामिल होने के बाद इसका नाम BRICS हो गया।

जनवरी 2024 में मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और UAE को पूर्ण सदस्य बनाया गया। इसके बाद जनवरी 2025 में इंडोनेशिया भी पूर्ण सदस्य बना।

अब BRICS में 11 पूर्ण सदस्य देश हैं। इसके साथ साझेदार देशों की संख्या भी बढ़ रही है। यह समूह वैश्विक आर्थिक और कूटनीतिक मामलों में महत्वपूर्ण प्रभाव रखता है।

——————– ये खबर भी पढ़ें…

ब्रिक्स देश डिजिटल करेंसी से कारोबार की तैयारी में: छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत; बिना कुछ गिरवी रखे ब्रिक्स देशों में कारोबार कर पाएंगे

भारत ब्रिक्स समिट के दौरान डिजिटल करेंसी को आपस में जोड़ने वाले एक पायलट प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। चीन और रूस,भारत के साथ मिलकर इसका ट्रायल करेंगे। इसका मकसद ब्रिक्स देशों के बीच कारोबार में अमेरिकी डॉलर जैसी किसी तीसरी करेंसी पर निर्भरता कम करना है।

यानी देश आपस में सीधे अपनी-अपनी करेंसी में पेमेंट कर सकें। हालांकि कोई नई साझा करेंसी शुरू नहीं की जाएगी। पढ़ें पूरी खबर…

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दिल्ली में होने वाले BRICS समिट के दौरान उत्तर प्रदेश से काम करने वाले फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन (FTOs) को उड़ान भरने की इजाजत नहीं होगी।

DGCA ने ट्रेनिंग सेंटर्स को भेजे एक मैसेज में कहा है कि ये पाबंदियां 11 सितंबर की सुबह 7 बजे से 13 सितंबर की रात 11 बजे तक लागू रहेंगी।

इस आदेश के तहत हल्के/माइक्रो-लाइट एयरक्राफ्ट, हैंग ग्लाइडर, हेलीकॉप्टर वगैरह समेत किसी भी एयरक्राफ्ट को उड़ान भरने या शुरू करने की परमिशन नहीं होगी।

उत्तर प्रदेश के अलावा यह पाबंदी पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में मौजूद ट्रेनिंग सेंटर्स पर भी लागू होगी।

BRICS समिट 12-13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में होने वाली है। इस साल की थीम “बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी” है।

दिल्ली में सजावट और सुरक्षा, 4 तस्वीरें…

रेल भवन में की गई सजावट।

रेल भवन में की गई सजावट।

कई स्पॉट्स पर दिल्ली पुलिस के अस्थायी बंकर बने हैं।

कई स्पॉट्स पर दिल्ली पुलिस के अस्थायी बंकर बने हैं।

VVIP मूवमेंट के इलाके में पुलिस लगातार पेट्रोलिंग कर रही है।

VVIP मूवमेंट के इलाके में पुलिस लगातार पेट्रोलिंग कर रही है।

बैरिकेड्स पर ब्रिक्स के लोगो का पोस्टर लगाता एक व्यक्ति।

बैरिकेड्स पर ब्रिक्स के लोगो का पोस्टर लगाता एक व्यक्ति।

स्ट्रीट वेंडर्स को स्टॉल न लगाने का निर्देश

नेशनल एसोसिएशन ऑफ स्ट्रीट वेंडर्स ऑफ इंडिया (NASVI) का दावा है कि ब्रिक्स समिट से पहले दिल्ली के कई इलाकों में स्ट्रीट वेंडर्स से अपना काम रोकने के लिए कहा जा रहा है। संगठन ने अधिकारियों से अपील की है कि वे यह पक्का करें कि सुरक्षा इंतजामों की वजह से वेंडर्स की रोजी-रोटी पर असर न पड़े।

NASVI के मुताबिक, इंडिया गेट, मदनगीर, भीकाजी कामा प्लेस, वसंत विहार, साकेत और आरके पुरम जैसे इलाकों में वेंडर्स ने बताया है कि पुलिस वालों ने उनसे अपने स्टॉल न लगाने या अपना काम न करने के लिए कहा है।

एक्सपर्ट की राय- साझा सिद्धांतों पर अमल हुआ तो भारत को मिलेंगे ब्रिक्स के 10 नए बाजार

  • ब्रिक्स में क्या फैसला होगा: 11 देशों में सीमा पार डिजिटल सेवा सुगम बनाने के सिद्धांत मंजूर होेंगे। ऐसे में, बेंगलुरु की कोई छोटी कंपनी ब्राजील के कारोबारी का सॉफ्टवेयर संभाल सकेगी। गुरुग्राम का फिनटेक स्टार्टअप यूएई में सेवाएं दे पाएगा।
  • भारत की स्थिति क्या है: 2024 में ​दूसरे देशों में 269 अरब डॉलर (~24 लाख करोड़) की डिजिटल सेवाएं दीं। भारत का ग्लोबल शेयर 5.8% था। अमेरिका, ब्रिटेन, आयरलैंड और जर्मनी के बाद पांचवें स्थान पर है। चीन छठे स्थान पर है।
  • नए सिद्धांत अहम क्यों हैं: ब्रिक्स में बड़ा बाजार मिलेगा। 11 ब्रिक्स देशों की दुनिया में डिजिटल सेवा निर्यात में हिस्सेदारी 14% है। इसमें अकेले भारत की हिस्सेदारी 48% है। सर्विस सुगम होने का सबसे ज्यादा फायदा भारत को संभव है।
  • आम लोगों को क्या लाभ: छोटे कारोबार और पेशेवरों के लिए संभावनाएं बनेंगी। भारत में बैठ विदेशी ग्राहक से कमाई करने वालों का दायरा बढ़ सकता है।
  • क्या नौकरियां भी बढ़ेंगी: कंपनियों को नए बाजार मिले तो सॉफ्टवेयर, प्रबंधन, एआई, साइबर सुरक्षा, अनुसंधान, वित्तीय तकनीक और पेशेवर सेवाओं की मांग बढ़ सकती है।
  • क्या ईयू जैसा बाजार बनेगा: नहीं। यूरोपीय संघ (ईयू) में सदस्यों के बीच व्यापक कानूनी और संस्थागत ढांचा है। ब्रिक्स में भारत, चीन, रूस, ब्राजील जैसे बिल्कुल अलग राजनीतिक, कानूनी व आर्थिक मॉडल वाले देश हैं।
  • भारत-चीन की होड़ बढ़ेगी: दोनों देशों में डेटा और डिजिटल मंचों से जुड़े नियम अलग हैं। भारत ऐसा ढांचा नहीं चाहेगा जिसमें किसी देश के डिजिटल मानक ब्रिक्स के साझा मानक बनें।

काजिम रिजवी (डिजिटल और आईटी एक्सपर्ट) के मुताबिक ये सभी राय दिए गए है।

BRIC से BRICS तक ऐसे बढ़ा समूह

BRICS की शुरुआत ब्राजील, रूस, भारत और चीन के BRIC गठबंधन के तौर पर हुई थी। इन देशों के विदेश मंत्रियों की पहली बैठक 2006 में न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान हुई थी।

इसके बाद 2009 में रूस के येकातेरिनबर्ग में BRIC का पहला शिखर सम्मेलन हुआ। दक्षिण अफ्रीका के 2011 में शामिल होने के बाद इसका नाम BRICS हो गया।

जनवरी 2024 में मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और UAE को पूर्ण सदस्य बनाया गया। इसके बाद जनवरी 2025 में इंडोनेशिया भी पूर्ण सदस्य बना।

अब BRICS में 11 पूर्ण सदस्य देश हैं। इसके साथ साझेदार देशों की संख्या भी बढ़ रही है। यह समूह वैश्विक आर्थिक और कूटनीतिक मामलों में महत्वपूर्ण प्रभाव रखता है।

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ब्रिक्स देश डिजिटल करेंसी से कारोबार की तैयारी में: छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत; बिना कुछ गिरवी रखे ब्रिक्स देशों में कारोबार कर पाएंगे

भारत ब्रिक्स समिट के दौरान डिजिटल करेंसी को आपस में जोड़ने वाले एक पायलट प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। चीन और रूस,भारत के साथ मिलकर इसका ट्रायल करेंगे। इसका मकसद ब्रिक्स देशों के बीच कारोबार में अमेरिकी डॉलर जैसी किसी तीसरी करेंसी पर निर्भरता कम करना है।

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