19 मिनट पहले
- कॉपी लिंक
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार को कहा कि नवंबर के मिडटर्म चुनाव में अगर रिपब्लिकन पार्टी प्रतिनिधि सभा और सीनेट, दोनों में बहुमत बरकरार रखती है, तो वे अमेरिका के हर बालिग नागरिक को 5000 डॉलर (करीब 4.2 लाख रुपए) देंगे।
डलास में रिपब्लिकन पार्टी के मिडटर्म कन्वेंशन में ट्रम्प ने कहा, “अगर रिपब्लिकन प्रतिनिधि सभा और सीनेट दोनों में जीतते हैं, तो आपको 5,000 डॉलर मिलेंगे।” उन्होंने इस भुगतान को ‘ट्रम्प डिविडेंड’ नाम दिया।
ट्रम्प ने कहा कि यह डिविडेंड अमेरिका की “आर्थिक ताकत और सफलता” की वजह से दिया जाएगा। उन्होंने इसकी तुलना किसी कंपनी द्वारा अपने शेयरधारकों को दिए जाने वाले डिविडेंड से की।
रकम सिर्फ अमेरिका में खर्च करनी होगी
ट्रम्प ने डिविडेंड के साथ एक शर्त भी रखी। उन्होंने कहा कि यह पैसा अमेरिका में ही खर्च करना होगा। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि भुगतान के लिए पैसा कहां से आएगा, किसे मिलेगा और इसे किस तरीके से वितरित किया जाएगा।
5 हजार डॉलर देने पर 1 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा खर्च
हर बालिग अमेरिकी को 5,000 डॉलर देने पर सरकार को 1 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है। इस योजना को लागू करने के लिए कांग्रेस की मंजूरी की जरूरत होगी।
यह रकम ऐसे समय देने की बात कही गई है, जब अमेरिका का सालाना बजट घाटा करीब 1.8 ट्रिलियन डॉलर है। इतनी बड़ी राशि के भुगतान से सरकारी घाटे और महंगाई को लेकर भी सवाल उठ सकते हैं।
अमेरिका का राष्ट्रीय कर्ज भी पिछले महीने पहली बार 40 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंच गया।
JD वेंस बोले- अमीरों को नहीं मिलेगा पैसा
ट्रम्प के ऐलान के करीब एक घंटे बाद उपराष्ट्रपति JD वेंस ने इस प्रस्ताव को लेकर कुछ स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने संकेत दिया कि इस भुगतान का लाभ अमीर लोगों को नहीं मिलेगा।
वेंस ने कहा कि डिविडेंड के लिए सरकार को मिलने वाले टैरिफ राजस्व का इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, अमेरिका को टैरिफ से मिलने वाला राजस्व 5,000 डॉलर प्रति बालिग के भुगतान की अनुमानित लागत से काफी कम है।
व्हाइट हाउस ने योजना की लागत, पात्रता और भुगतान की प्रक्रिया को लेकर पूछे गए सवालों का तत्काल जवाब नहीं दिया।
ट्रम्प पहले भी कर चुके हैं सीधे भुगतान का प्रस्ताव
ट्रम्प इससे पहले भी अमेरिकी नागरिकों को सीधे पैसा देने की बात कर चुके हैं। इस साल की शुरुआत में उन्होंने 2,000 डॉलर के डिविडेंड का प्रस्ताव रखा था। उस समय उन्होंने कहा था कि इसके लिए कांग्रेस की मंजूरी जरूरी नहीं होगी।
पिछले साल ट्रम्प ने अमेरिकी सैनिकों को 1,776 डॉलर का भुगतान किया था, जिसे उन्होंने ‘वॉरियर डिविडेंड’ कहा था।
रिपब्लिकन सीनेटर बर्नी मोरेनो ने ट्रम्प के ऐलान के बाद कहा कि वह 3 नवंबर के चुनाव के तुरंत बाद ‘ट्रम्प डिविडेंड’ को लागू करने के लिए बिल तैयार करेंगे।
मिडटर्म में रिपब्लिकन के सामने बहुमत बचाने की चुनौती
अमेरिका में मिडटर्म चुनाव राष्ट्रपति चुनाव के दो साल बाद होते हैं। इसमें प्रतिनिधि सभा की सभी सीटों और सीनेट की करीब एक-तिहाई सीटों के लिए चुनाव होता है।
रिपब्लिकन इस बार प्रतिनिधि सभा में अपने बेहद मामूली बहुमत को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। सीनेट में भी पार्टी को चुनौती मिल रही है।
ट्रम्प अक्सर कहते रहे हैं कि आधुनिक दौर में राष्ट्रपति की पार्टी आमतौर पर मिडटर्म चुनाव में कांग्रेस की सीटें गंवाती है। डलास में उन्होंने कहा कि वह इस परंपरा को बदलना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “हम इसे बदलने जा रहे हैं। ऐसा होने की कोई वजह नहीं है।”















































