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Heatstroke symptoms and prevention Tips: राम मनोहर लोहिया अस्पताल में देश की पहली हीट स्ट्रोक क्लिनिक 2024 में बनाई गई थी क्योंकि 2024 बेहद गर्म साल था और उसी साल 27 मौतें हुई थी. 2024 में करीब 75 मामले आए थे जबकि 2025 में हीट स्ट्रोक का ज्यादा गंभीर मामला देखने के लिए नहीं मिला था. 2026 में गर्मी अभी शुरू हुई है इसलिए व्यवस्था पहले से ही कर ली गई है
नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली आग की भट्टी बन चुकी है. अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के ऊपर चल रहा है. फिलहाल लगातार हीटवेव और भीषण गर्मी का येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया जा रहा है. आंकड़ों पर नजर डालें तो 2024 में भीषण गर्मी में हीट स्ट्रोक से मरने वालों की संख्या 27 पहुंच गई थी. ऐसे में हीट स्ट्रोक बेहद जानलेवा है. अगर समय पर इलाज न मिल सके. अगर किसी को लू लग गई है तो उसे पेरासिटामोल बुखार उतारने के लिए बिल्कुल भी ना दें क्योंकि लू लगने पर पेरासिटामोल बुखार उतारने का काम नहीं कर सकती बल्कि उल्टा नुकसान कर देगी. यह जानकारी दी है डॉ.अजय चौहान ने जोकि डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में बनाए गए हीट स्ट्रोक क्लिनिक के हेड हैं. उन्होंने बताया कि राम मनोहर लोहिया अस्पताल में देश की पहली हीट स्ट्रोक क्लिनिक 2024 में बनाई गई थी क्योंकि 2024 बेहद गर्म साल था और उसी साल 27 मौतें हुई थी. 2024 में करीब 75 मामले आए थे जबकि 2025 में हीट स्ट्रोक का ज्यादा गंभीर मामला देखने के लिए नहीं मिला था. 2026 में गर्मी अभी शुरू हुई है इसलिए व्यवस्था पहले से ही कर ली गई है.
इन लक्षणों को पहचाने
डॉ. अजय चौहान ने बताया कि हीट स्ट्रोक क्लिनिक में फिलहाल बर्फ और रेफ्रिजरेटर के साथ-साथ दो बेड और वाटर टब की व्यवस्था की गई है जिसमें लू लगने वाले मरीज को तुरंत इलाज दिया जाएगा ताकि उसकी जान बचाई जा सके. इन सब के बीच सबसे ज्यादा जरूरी है कि हीट स्ट्रोक लक्षणों को पहचानना. अगर आपको धूप में बाहर निकलने के बाद अचानक से चक्कर आने लग जाए या उल्टी महसूस हो या एकदम थकावट महसूस होने लग जाए और बुखार 105 डिग्री सेल्सियस के ऊपर आए तो आप समझ जाइए की आपको लू लगी है. ऐसे में पैरासिटामोल ना खाएं बल्कि तुरंत डॉक्टर के पास जाएं और अपना इलाज करवाएं. लू लगने के बाद व्यक्ति काफी आवेग में आ जाता है उसका गुस्सा बढ़ जाता है इसीलिए हीट स्ट्रोक जानलेवा साबित होती है.
बाहर निकलते समय करें यह सावधानी
डॉ. अजय चौहान ने बताया कि अगर आप इस भीषण गर्मी में बाहर निकल रहे हैं तो सिर को अच्छे से ढक्कर निकले या फिर छाता बाहर लेकर निकले. पानी की बोतल हमेशा साथ रखें. पानी जितना ज्यादा हो सके उतना पिएं. खाना हल्का खाएं और खासतौर पर दोपहर में 1:00 से लेकर शाम 4:00 बजे तक की धूप में निकलने से बचें. यही वो समय होता है जब धूप बहुत तेज होती है. इसके अलावा खुद को ठंडा रखने की कोशिश करें और अगर आप बाहर निकल भी रहे हैं तो पैदल चलने से बचें.
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मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें










































