Monday, 27 Jul 2026 | 09:03 PM

Trending :

देश में जल्द चलेंगे ₹10 और ₹20 के प्लास्टिक-नोट:ट्रायल के लिए 200 करोड़ नोट छपेंगे; कागज के नोट भी चलेंगे ₹10 और ₹20 के 200 करोड़ प्लास्टिक नोट आएंगे:ये ट्रायल, सफल हुआ तो आगे और नोट आएंगे; कागज करेंसी भी चलेगी मिडिल ईस्ट में शुरू हो सकती है एक नई जंग:सऊदी अरब का यमन की राजधानी सना पर हमला, हूती ने शुरू की समुद्री नाकेबंदी मिडिल ईस्ट में शुरू हो सकती है एक नई जंग:सऊदी अरब का यमन की राजधानी सना पर हमला, हूती ने शुरू की समुद्री नाकेबंदी भारत ने यूक्रेन के राजदूत को तलब किया:ब्लैक सी में जहाज पर हमले में भारतीय चीफ ऑफिसर सागर गुप्ता की मौत भारत ने यूक्रेन के राजदूत को तलब किया:ब्लैक सी में जहाज पर हमले में भारतीय चीफ ऑफिसर सागर गुप्ता की मौत
EXCLUSIVE

₹10 और ₹20 के 200 करोड़ प्लास्टिक नोट आएंगे:ये ट्रायल, सफल हुआ तो आगे और नोट आएंगे; कागज करेंसी भी चलेगी

₹10 और ₹20 के 200 करोड़ प्लास्टिक नोट आएंगे:ये ट्रायल, सफल हुआ तो आगे और नोट आएंगे; कागज करेंसी भी चलेगी

बाजार में जल्द ही ₹10 और ₹20 के प्लास्टिक नोट नजर आएंगे। रिजर्व बैंक 100-100 करोड़ यानी टोटल 200 करोड़ पॉलिमर यानी प्लास्टिक से बने नोट छापेगी। यह प्लास्टिक करेंसी का ट्रायल है, अगर यह सफल होता है तो आगे और नोट भी छापे जाएंगे। केंद्र सरकार ने इसकी मंजूरी दे दी है। यह जानकारी वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने सोमवार को लोकसभा में दी। पॉलिमर बैंकनोट के ट्रायल सफल होने के बाद RBI ₹10 और ₹20 दोनों वैल्यू के नोटों को रेगुलर तौर पर जारी करेगा। हालांकि कागज की मौजूदा करेंसी भी चलती रहेगी। इसे बंद नहीं किया जाएगा। 10 दिन पहले मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया था कि RBI जल्द ही देश में पॉलीमर से बने नोटों का पहला पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने जा रहा है। यह देश में नए जनरेशन की करेंसी लाने के RBI के प्लान का अगला कदम है। नए नोट के साथ पुराने कागजी नोट भी चलेंगे भारतीय बाजार में पॉलीमर नोटों के आने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि मौजूदा कागजी नोट तुरंत चलन से बाहर हो जाएंगे। सरकार ने साफ किया है कि नई करेंसी पुराने पेपर नोटों की जगह नहीं लेगी। RBI ने जारी किया ग्लोबल टेंडर RBI की नोट-प्रिंटिंग यूनिट ने ग्लोबल लेवल पर ‘एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट’ (EOI) जारी किया। यह टेंडर विशेष प्रकार की ‘पॉलीमर सबस्ट्रेट शीट’ की मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई के लिए मंगाया गया है, जिसका इस्तेमाल इन नोटों को छापने के लिए किया जाता है। डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक, दुनिया भर के मैन्युफैक्चरर को एडवांस सेफ्टी फीचर्स से लैस पॉलीमर सबस्ट्रेट की सप्लाई के लिए इनवाइट किया गया है। इस टेंडर के तहत बोलियां जमा करने की आखिरी तारीख 18 अगस्त तय की गई है। नोटों की उम्र बढ़ाने और बढ़ती मांग के लिए कदम मई में आई एक रिपोर्ट में बताया गया था कि आरबीआई नोटों की शेल्फ लाइफ बढ़ाने और पिछले कुछ सालों में बढ़ी मांग को पूरा करने के लिए पॉलिमर बैंकनोट्स छापने पर विचार कर रहा था। इसके बाद जून में आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने पुष्टि की थी कि पॉलिमर बैंकनोट्स का प्रस्ताव विचाराधीन है और केंद्रीय बैंक इसके नफा-नुकसान का वैल्यूएशन कर रहा है। दुनिया के 60 देशों में पहले से चल रहे पॉलीमर नोटा दुनिया के 60 से ज्यादा देशों में पॉलिमर बैंकनोट्स चलन में शामिल किए जा चुके हैं। इनमें ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, यूनाइटेड किंगडम (यूके) और न्यूजीलैंड जैसे देश शामिल हैं। भारत ने पहली बार नोटों की शेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए 2012 में पॉलिमर बैंकनोट्स लाने का प्रयास किया था। हालांकि, उस समय तकनीकी चुनौतियों के कारण इस प्रोजेक्ट को रोक दिया गया था। नए नोट फटेंगे नहीं, पानी-धूल से भी सुरक्षित रहेंगे पॉलीमर से बने बैंकनोट ट्रेडिशनल कागजी नोटों की तुलना में बहुत ज्यादा टिकाऊ होते हैं। यह नोट पानी, गंदगी और धूल में भी सुरक्षित रहते हैं। इसके अलावा यह नोट आसानी से फटते भी नहीं हैं। इस वजह से ये बाजार में लंबे समय तक बिना फटे और साफ-सुथरे बने रहते हैं। पॉलीमर शीट का सबसे बड़ा फायदा यह भी है कि इसमें एडवांस सेफ्टी फीचर्स को आसानी से जोड़ा जा सकता है। इससे नकली नोट बनाने वाले जालसाजों के लिए इनकी नकल करना लगभग नामुमकिन हो जाता है, जिससे देश का सेफ्टी सिस्टम और मजबूत होगा। 2024-25 में छपाई पर ₹6,372.8 करोड़ खर्च हुए RBI की वित्त वर्ष 2024-25 की एनुअल रिपोर्ट के अनुसार, कागजी नोटों की छपाई पर ₹6,372.8 करोड़ का खर्च आया। पिछले वित्त वर्ष (FY24) में यह खर्च ₹5,101.4 करोड़ था। छपाई के खर्च में बढ़ोतरी के कारण इस खर्च में इजाफा दर्ज किया गया है। क्या होते हैं पॉलीमर बैंकनोट्स? ये नोट कागज के बजाय एक खास किस्म के प्लास्टिक मटेरियल यानी पॉलीमर सबस्ट्रेट पर छापे जाते हैं। ये छूने में तो सामान्य नोटों जैसे ही हल्के होते हैं, लेकिन पानी में भीगने पर भी नहीं गलते और लंबे समय तक चलते हैं। क्या होता है एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट? यह एक तरह का ग्लोबल टेंडर डॉक्यूमेंट होता है, जिसके जरिए रिजर्व बैंक दुनिया भर की अनुभवी और योग्य कंपनियों को प्रोजेक्ट के लिए अपनी क्षमता, तकनीक और कीमतों के साथ प्रस्ताव भेजने का न्योता देता है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
सरकार बोली- सिलेंडर की पैनिक बुकिंग में कमी:ऑनलाइन बुकिंग बढ़कर 94% तक पहुंची; अमेरिका से LPG की सप्लाई हो रही, कीमतों में बढ़ोतरी नहीं

March 19, 2026/
4:30 pm

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि LPG चिंता का विषय बनी हुई है लेकिन देश में...

Salman Khan Film Matrubhoomi Certificate Halted by CBFC

July 3, 2026/
5:59 pm

11 मिनट पहले कॉपी लिंक सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) ने एक्टर सलमान खान की फिल्म ‘मातृभूमि’ का क्लियरेंस...

बंगाल-मतदान से 2 दिन पहले नाम जुड़ा,तो वोट कर सकेंगे:सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से कहा- सप्लीमेंट्री लिस्ट अपडेट करें; 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग

April 16, 2026/
5:26 pm

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि पश्चिम बंगाल में चुनाव से दो दिन पहले तक सप्लीमेंट्री लिस्ट में नाम...

RAS Mains 2026 Answer Book View: Apply By July 27

July 5, 2026/
7:17 am

राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त प्रतियोगी (मुख्य) परीक्षा- 2024 (RAS) के कैंडिडेट्स...

रिपोर्ट- इजराइल ने जानबूझकर फिलिस्तीनी बच्चों को मारा:20 हजार से ज्यादा बच्चों की मौत; टारगेटेड किलिंग्स के पुख्ता सबूत मिले

June 24, 2026/
1:07 pm

संयुक्त राष्ट्र के जांच आयोग ने इजराइल पर गाजा और वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनी बच्चों को जानबूझकर निशाना बनाने का...

दलाई लामा का आह्वान: '21वीं सदी के बौद्ध' बनें:'बुद्ध पूर्णिमा पर धर्मशाला के कालचक्र मंदिर में दिया संदेश, विश्व शांति के लिए प्रार्थना

May 1, 2026/
6:39 pm

धर्मशाला में बुद्ध पूर्णिमा (वेसाक) के पावन अवसर पर शुक्रवार, 1 मई को धर्मशाला के प्रसिद्ध कालचक्र मंदिर में एक...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

₹10 और ₹20 के 200 करोड़ प्लास्टिक नोट आएंगे:ये ट्रायल, सफल हुआ तो आगे और नोट आएंगे; कागज करेंसी भी चलेगी

₹10 और ₹20 के 200 करोड़ प्लास्टिक नोट आएंगे:ये ट्रायल, सफल हुआ तो आगे और नोट आएंगे; कागज करेंसी भी चलेगी

बाजार में जल्द ही ₹10 और ₹20 के प्लास्टिक नोट नजर आएंगे। रिजर्व बैंक 100-100 करोड़ यानी टोटल 200 करोड़ पॉलिमर यानी प्लास्टिक से बने नोट छापेगी। यह प्लास्टिक करेंसी का ट्रायल है, अगर यह सफल होता है तो आगे और नोट भी छापे जाएंगे। केंद्र सरकार ने इसकी मंजूरी दे दी है। यह जानकारी वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने सोमवार को लोकसभा में दी। पॉलिमर बैंकनोट के ट्रायल सफल होने के बाद RBI ₹10 और ₹20 दोनों वैल्यू के नोटों को रेगुलर तौर पर जारी करेगा। हालांकि कागज की मौजूदा करेंसी भी चलती रहेगी। इसे बंद नहीं किया जाएगा। 10 दिन पहले मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया था कि RBI जल्द ही देश में पॉलीमर से बने नोटों का पहला पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने जा रहा है। यह देश में नए जनरेशन की करेंसी लाने के RBI के प्लान का अगला कदम है। नए नोट के साथ पुराने कागजी नोट भी चलेंगे भारतीय बाजार में पॉलीमर नोटों के आने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि मौजूदा कागजी नोट तुरंत चलन से बाहर हो जाएंगे। सरकार ने साफ किया है कि नई करेंसी पुराने पेपर नोटों की जगह नहीं लेगी। RBI ने जारी किया ग्लोबल टेंडर RBI की नोट-प्रिंटिंग यूनिट ने ग्लोबल लेवल पर ‘एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट’ (EOI) जारी किया। यह टेंडर विशेष प्रकार की ‘पॉलीमर सबस्ट्रेट शीट’ की मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई के लिए मंगाया गया है, जिसका इस्तेमाल इन नोटों को छापने के लिए किया जाता है। डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक, दुनिया भर के मैन्युफैक्चरर को एडवांस सेफ्टी फीचर्स से लैस पॉलीमर सबस्ट्रेट की सप्लाई के लिए इनवाइट किया गया है। इस टेंडर के तहत बोलियां जमा करने की आखिरी तारीख 18 अगस्त तय की गई है। नोटों की उम्र बढ़ाने और बढ़ती मांग के लिए कदम मई में आई एक रिपोर्ट में बताया गया था कि आरबीआई नोटों की शेल्फ लाइफ बढ़ाने और पिछले कुछ सालों में बढ़ी मांग को पूरा करने के लिए पॉलिमर बैंकनोट्स छापने पर विचार कर रहा था। इसके बाद जून में आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने पुष्टि की थी कि पॉलिमर बैंकनोट्स का प्रस्ताव विचाराधीन है और केंद्रीय बैंक इसके नफा-नुकसान का वैल्यूएशन कर रहा है। दुनिया के 60 देशों में पहले से चल रहे पॉलीमर नोटा दुनिया के 60 से ज्यादा देशों में पॉलिमर बैंकनोट्स चलन में शामिल किए जा चुके हैं। इनमें ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, यूनाइटेड किंगडम (यूके) और न्यूजीलैंड जैसे देश शामिल हैं। भारत ने पहली बार नोटों की शेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए 2012 में पॉलिमर बैंकनोट्स लाने का प्रयास किया था। हालांकि, उस समय तकनीकी चुनौतियों के कारण इस प्रोजेक्ट को रोक दिया गया था। नए नोट फटेंगे नहीं, पानी-धूल से भी सुरक्षित रहेंगे पॉलीमर से बने बैंकनोट ट्रेडिशनल कागजी नोटों की तुलना में बहुत ज्यादा टिकाऊ होते हैं। यह नोट पानी, गंदगी और धूल में भी सुरक्षित रहते हैं। इसके अलावा यह नोट आसानी से फटते भी नहीं हैं। इस वजह से ये बाजार में लंबे समय तक बिना फटे और साफ-सुथरे बने रहते हैं। पॉलीमर शीट का सबसे बड़ा फायदा यह भी है कि इसमें एडवांस सेफ्टी फीचर्स को आसानी से जोड़ा जा सकता है। इससे नकली नोट बनाने वाले जालसाजों के लिए इनकी नकल करना लगभग नामुमकिन हो जाता है, जिससे देश का सेफ्टी सिस्टम और मजबूत होगा। 2024-25 में छपाई पर ₹6,372.8 करोड़ खर्च हुए RBI की वित्त वर्ष 2024-25 की एनुअल रिपोर्ट के अनुसार, कागजी नोटों की छपाई पर ₹6,372.8 करोड़ का खर्च आया। पिछले वित्त वर्ष (FY24) में यह खर्च ₹5,101.4 करोड़ था। छपाई के खर्च में बढ़ोतरी के कारण इस खर्च में इजाफा दर्ज किया गया है। क्या होते हैं पॉलीमर बैंकनोट्स? ये नोट कागज के बजाय एक खास किस्म के प्लास्टिक मटेरियल यानी पॉलीमर सबस्ट्रेट पर छापे जाते हैं। ये छूने में तो सामान्य नोटों जैसे ही हल्के होते हैं, लेकिन पानी में भीगने पर भी नहीं गलते और लंबे समय तक चलते हैं। क्या होता है एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट? यह एक तरह का ग्लोबल टेंडर डॉक्यूमेंट होता है, जिसके जरिए रिजर्व बैंक दुनिया भर की अनुभवी और योग्य कंपनियों को प्रोजेक्ट के लिए अपनी क्षमता, तकनीक और कीमतों के साथ प्रस्ताव भेजने का न्योता देता है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.