Rishi Kapoor Interesting Facts; Amitabh Bachchan – Dimple Kapadia Affair

20 मिनट पहले कॉपी लिंक 30 अप्रैल 2020 आज से 6 साल पहले सुबह खबर आई कि ऋषि कपूर अब नहीं रहे। कुछ दिन पहले तक वो गंभीर हालत होने के बावजूद हॉस्पिटल स्टाफ को हंसाते तो कभी गाना सुना रहे थे। दैनिक भास्कर से बात करते हुए ऋषि कपूर की इकलौती बेटी रिद्धिमा कहती हैं, ‘सब अचानक हुआ, वो बहुत डरावना दिन था। अचानक एक खालीपन आ गया। एक सूनापन, उनकी जिंदगी उनकी मौजूदगी लार्जर देन लाइफ थी।’ ऋषि कपूर 3 साल के थे, जब वो पिता राज कपूर की फिल्म ‘श्री 420’ में चॉकलेट की लालच में नजर आए। तब से उनका सिनेमा से ऐसा रिश्ता जुड़ा, जो ताउम्र कायम रहा। 1973 की फिल्म ‘बॉबी’ से फिल्मों में आए ऋषि कपूर उर्फ चिंटू ने ‘रफूचक्कर’, ‘कर्ज’, ‘प्रेम रोग’, ‘चांदनी’ जैसी बेहतरीन फिल्में कीं। बढ़ती उम्र के साथ उन्होंने ‘अग्निपथ’, ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’, ‘कपूर एंड संस’, ‘नमस्ते लंदन’, 102 नॉट आउट जैसी फिल्में कीं। रिद्धिमा कहती हैं, ‘उनमें सिनेमा के लिए जुनून था। बहुत पैशनेट थे। हम उनकी फिल्मों के सेट पर जाते थे। वो एक कोने में किरदार की तैयारी करते थे।’ बेटे रणबीर, बेटी रिद्धिमा और नातिन समारा के साथ ऋषि कपूर और नीतू सिंह। जब हमने रिद्धिमा से पूछा कि उन्हें कब पता चला कि उनके पिता इतने बड़े स्टार हैं, तो जवाब में हंसते हुए उन्होंने कहा- ‘स्कूल में। जब टीचर हमें कहती थी कि हमने कल आपके पापा की फिल्म देखी, बड़ा मजा आया। फ्रेंड्स भी बोलते थे कि तुम्हारे पापा और मम्मा कितने फेमस हैं। जब हम खाने बाहर जाते थे तो भी इतने सारे लोग आकर ऑटोग्राफ लेते थे। तो हम सोचते थे कि इतनी सारी भीड़ क्यों इकट्ठा हो रही है? हम पूछते थे कि आप क्या लिख रहे हो, तो वो समझाते थे, हम एक्टर हैं, क्योंकि हम फिल्म में काम करते हैं।’ रिद्धिमा कहती हैं कि ऋषि कपूर भले ही एक स्टार थे, लेकिन परिवार के लिए वो एक बेहतरीन फैमिली मैन थे, जिनके लिए प्रायोरिटी हमेशा परिवार था। रिद्धिमा कहती हैं, ‘वो हमें बहुत वेकेशन पर ले जाते थे, जब शूटिंग करते थे, तो हमारी समर वेकेशन ऐसे प्लान करते थे कि काम भी हो जाए और घूम भी सकें। जो करते थे हमारे अराउंड करते थे। वो हमें सबसे पहले तवज्जो देते थे। उन्होंने परिवार को हमेशा प्रायोरिटी दी।’ ‘हमारी शनिवार को छुट्टी होती थी, वो शाम को बिजी रहते थे, तो हमें दिन में लंच पर ले जाते थे। उन्होंने एक गेम भी बनाया था, रेपिड फायर जैसा। कार में वो आगे और मैं, रणबीर, मम्मा पीछे बैठते थे। वो जल्दी-जल्दी 10 सवाल पूछते थे, सही जवाब देने वाले को ट्रीट मिलती थी।’ ऋषि कपूर और नीतू के साथ रिद्धिमा, रणबीर के बचपन की तस्वीर। ऋषि कपूर का अचानक दुनिया से रुख्सत होना, परिवार के लिए जोरदार धक्का था। इस पर रिद्धिमा कहती हैं, ‘बहुत खालीपन महसूस होता है। इतना कि बता नहीं सकती। वो टाइम बहुत खराब था। मैं मम्मी (नीतू सिंह) के साथ थी। मेरी, रणबीर, आलिया की पहली प्रायोरिटी थी कि मम्मी ठीक हों। हम उनको बिजी रखते थे कि कैसे भी उन्हें बाहर ले जाना है, उन्हें डिस्ट्रैक्ट करना है, क्योंकि ये बहुत अचानक हुआ था। मैं एक्सप्रेस नहीं कर सकती। वो बहुत डरावनी फीलिंग थी। बहुत खालीपन हो गया। बहुत सूनापन। मैं आज भी कभी उन्हें पास्ट टेंस में रिफर नहीं कर पाती। मैं हमेशा बोलती हूं कि वो अभी हैं, हमें गाइड कर रहे हैं, हमें प्यार कर रहे हैं, आशीर्वाद दे रहे हैं।’ ‘मैं उनसे कई बातें करना चाहती हूं। मुझे कहना है कि हम सब आपको बहुत सेलिब्रेट करते हैं पापा। हम हर रोज फैमिली वीडियो कॉल पर आपकी बातें करते हैं कि अगर आप होते तो क्या बोलते, क्या करते। आज तक एक दिन भी ऐसा नहीं गया, जब आपकी बात न हो।’ बेटी रिद्धिमा के मुताबिक, पिता ऋषि कपूर लार्जर देन लाइफ जिंदगी जीते थे। इसका परिणाम वो किस्से हैं, जो उनकी बेबाकी, हाजिरजवाबी, गुस्से और मजेदार व्यक्तित्व को दर्शाते हैं। कभी उन्होंने अमिताभ को दिया जा रहा अवॉर्ड खरीदकर अपने नाम किया, तो कभी सलमान खान के पिता की धमकी का जवाब दिया। डिंपल कपाड़िया से अफेयर भी चर्चा में रहा और अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से हुई उनकी मुलाकात भी विवाद की वजह बनी। डेथ एनिवर्सरी के मौके पर ऋषि कपूर की जिंदगी से जुड़े कुछ बेहतरीन किस्से भी पढ़िए- किस्सा-1, चॉकलेट की लालच में 3 साल के ऋषि कपूर ने की एक्टिंग 4 सितंबर 1952 बॉम्बे के मटुंगा स्थित राज कपूर बंगलो में कृष्णा कपूर ने बेटे ऋषि को जन्म दिया। वो तीन भाइयों में मंझले थे। रणधीर कपूर (करीना-करिश्मा के पिता) बड़े थे और राजीव कपूर (छोटे)। मां कृष्णा कपूर के साथ (लेफ्ट से राइट), रीमा कपूर, ऋतु नंदा, ऋषि कपूर और रणधीर कपूर। पिता राज कपूर शोमैन थे। ऋषि महज 3 साल के थे, जब पिता राज कपूर, नरगिस के साथ श्री 420 बना रहे थे। पिता राज कपूर के साथ ऋषि कपूर की तस्वीरें। फिल्म के मशहूर गाने प्यार हुआ इकरार हुआ में जब राज कपूर को चाइल्ड आर्टिस्ट की जरूरत पड़ी, तो वो अपने बच्चों को सेट पर ले आए। गहरी आंखें और चबी गाल वाले ऋषि हर किसी का ध्यान खींच लिया करते थे। सेट पर उन्हें दूसरे बच्चों के साथ बारिश में भीगना था, लेकिन नाजुक चिंटू जी के ऊपर जैसे ही बूंदें गिरतीं, वो रोना शुरू कर देते। फिल्म श्री 420 के सेट पर ली गई ऋषि कपूर और उनके भाई-बहनों की तस्वीर। कई बार शॉट खराब हुए और रील्स बर्बाद होने लगीं। तब नरगिस धीरे से उनके पास आईं और कहा, अगर वो बिना रोए शॉट पूरा करते हैं, तो वो उन्हें ढेर सारी चॉकलेट देंगी। खाने-पीने के शौकीन चिंटू राजी क्यों न होते। और इस तरह ऋषि कपूर ने 1955 की फिल्म श्री 420 से बतौर चाइल्ड एक्टर फिल्मों में एंट्री ली। किस्सा-2, कार में भरकर मुगल-ए-आजम के सेट पर ले जाते थे दादा पृथ्वीराज कपूर 1960 में आई फिल्म मुगल-ए-आजम में ऋषि कपूर के दादाजी पृथ्वीराज कपूर ने बादशाह अकबर का किरदार निभाया था। वो अकसर घर के सभी बच्चों को
विशाखापत्तनम में देश का पहला AI हब बनेगा:जूनियर वेटलिफ्टिंग में भारत ने 3 गोल्ड जीते, 30 अप्रैल के करेंट अफेयर्स

जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… नेशनल (NATIONAL) 1.विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इक्वाडोर की गैब्रिएला से मुलाकात की 29 अप्रैल को विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने इक्वाडोर की रक्षा मंत्री गैब्रिएला सोमरफेल्ड से मुलाकात की। गैब्रिएला 3 दिन की यात्रा पर भारत आईं हैं। 2. Google विशाखापत्तनम में देश का पहला AI हब बनाएगा 28 अप्रैल को आंध्र प्रदेश के सीएम एन. चंद्रबाबू नायडू ने विशाखापत्तनम में Google AI हब की आधारशिला रखी। Google AI हब बनाने के लिए गूगल 2026 से 2030 तक 15 अरब डॉलर इंवेस्ट करेगा। इंटरनेशनल (INTERNATIONAL) 3. UAE OPEC ऑर्गेनाइजेशन से अलग हुआ 28 अप्रैल को यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE) को कच्चे तेल का उत्पादन और निर्यात करने वाले देशों के ऑर्गेनाइजेशन ओपेक (OPEC) और ओपेक प्लस से अलग होने का ऐलान किया है। स्पोर्ट्स (SPORTS) 4. जूनियर वेटलिफ्टिंग में भारत ने 3 गोल्ड जीते 28 अप्रैल को कॉमनवेल्थ यूथ एंड जूनियर वेटलिफ्टिंग में भारत ने 4 गोल्ड मेडल जीते। ये कॉमनवेल्थ गेम्स समोआ के अपिया में चल रहे हैं। मिसलीनियस (Miscellaneous) 5. विदेश मंत्रालय सचिव सिबी जॉर्ज ने चीन के जेनमिन से मुलाकात की 28 अप्रैल को विदेश मंत्रालय में सचिव (साउथ) सिबी जॉर्ज ने नई दिल्ली में क्लाइमेट चेंज के लिए चीन के विशेष दूत लियू जेनमिन से मुलाकात की। भारत ने हाल ही में 2031-2035 के लिए अपने नए क्लाइमेट टारगेट (NDCs) तय किए हैं, इसमें भारत ने अपनी विकास की जरूरतों के साथ तालमेल बिठाते हुए ये लक्ष्य रखे हैं। आज का इतिहास ————— ये खबर भी पढ़ें.. गंगा एक्सप्रेसवे का आज उद्घाटन करेंगे पीएम मोदी:चंद्रकांता एक्टर भरत कपूर का निधन, 29 अप्रैल करेंट अफेयर्स जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं…पूरी खबर पढ़ें
Adopted Child Challenges; How To Tell Truth

41 मिनट पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल कॉपी लिंक सवाल- मैं हरियाणा से हूं। हमने कुछ साल पहले एक बेटी को गोद लिया था। मैं उससे बहुत प्यार करती हूं। बेटी अब 9 साल की हो चुकी है। कुछ दिनों पहले पड़ोस के कुछ बच्चों ने मजाक-मजाक में उसे बताया कि वह एडॉप्टेड (गोद ली हुई) है, उसके असली पेरेंट्स कोई और है। इसके बाद से बच्ची ने कई बार मुझसे पूछा कि वह हमारे पास कैसे आई और उसके असली माता-पिता कौन हैं। हम अक्सर उसके सवालों को टाल देते हैं। हालांकि हम उसे सच बताना चाहते हैं, लेकिन डर है कि कहीं ये सब सुनकर वह परेशान न हो जाए। इसका सही समय और तरीका क्या है? एक्सपर्ट: डॉ. अमिता श्रृंगी, साइकोलॉजिस्ट, फैमिली एंड चाइल्ड काउंसलर, जयपुर जवाब- सवाल पूछने के लिए शुक्रिया। यह सवाल बहुत से एडोप्टिव पेरेंट्स के मन में आता है। सबसे पहले यह समझें कि आपने जिस बच्ची को अपनाया है, उसके प्रति आपका प्यार और जिम्मेदारी ही असली पेरेंटिंग है। इसलिए खुद को दोषी महसूस न करें। ये बात परेशान करने वाली है कि बच्ची को आपकी बजाय दोस्तों से यह बात सुनने को मिली है। ऐसे में जरूरी है कि विषय को टालने या छिपाने की बजाय शांत, सच्चे और संवेदनशील तरीके से उससे बात करें। साइकोलॉजी के मुताबिक, एडॉप्टेड चाइल्ड को उसके जीवन की सच्चाई बताना जरूरी है, लेकिन यह उम्र, समझ और भावनात्मक तैयारी के अनुसार होना चाहिए। सच बताने का उद्देश्य बच्चे को झटका देना नहीं, बल्कि उसके भीतर विश्वास और सुरक्षा की भावना बनाए रखना होना चाहिए। गोद लिए बच्चे को सच बताना क्यों जरूरी? ज्यादातर पेरेंट्स सोचते हैं कि एडॉप्टेड चाइल्ड को सच नहीं बताने से वह इमोशनली ज्यादा सेफ महसूस करेगा। बतौर साइकोलॉजिस्ट मेरा मानना है कि सच छिपाने की बजाय धीरे-धीरे और सही तरीके से बच्चे को इस बारे में बताना बेहतर है। अगर बच्चे को यह बात किसी दूसरे से पता चलती है तो उसे शॉक लग सकता है कि माता-पिता ने उससे ये सच छिपाया। इससे उसके मन में भ्रम या अविश्वास भी पैदा हो सकता है। इसलिए बेहतर यही है कि पेरेंट्स ही बच्चे को उसकी कहानी प्यार और अपनत्व के साथ समझाएं। बच्चे को सच से रूबरू कराना कई कारणों से जरूरी है। एडॉप्टेड चाइल्ड को सच बताने का सही समय क्या है? साइकोलॉजी के अनुसार, बच्चे को उसके एडॉप्शन के बारे में बताने के लिए कोई ‘परफेक्ट उम्र’ तय नहीं है। 7 से 10 साल की उम्र में बच्चे धीरे-धीरे रिश्तों और परिवार को समझने लगते हैं। आपकी बेटी 9 साल की है और उसने खुद यह सवाल पूछा है। इसका मतलब है कि वह इस विषय में जानने के लिए तैयार है। इस स्थिति में सच छिपाने की कोशिश करना या विषय बदल देना उसके मन में और ज्यादा सवाल पैदा कर सकता है। गोद लिए बच्चे को सच कैसे बताएं? गोद लिए बच्चे को सच बताना एक संवेदनशील प्रक्रिया है। इसमें शब्दों का चुनाव और तरीका दोनों बहुत मायने रखते हैं। इसके लिए सरल और उम्र के अनुसार शब्दों का इस्तेमाल करें। अगर बात आसान होगी, तो बच्चा उसे बिना डर या भ्रम के स्वीकार कर पाएगा। आप उसे इस तरह समझा सकते हैं कि “हर परिवार बनने का तरीका अलग होता है। कुछ बच्चों का जन्म उनके माता-पिता के घर होता है, जबकि कुछ बच्चों को उनके माता-पिता दिल से चुनकर अपने परिवार में लाते हैं।” इसके अलावा कुछ और बातों का खास ख्याल रखें। पेरेंट्स बच्चे की प्रतिक्रिया से निपटने को तैयार रहें जब बच्चे को पता चलता है कि उसे गोद लिया गया है, तो वे भावनात्मक रूप से आहत हो सकते हैं। वे कुछ दिनों तक नाराज रह सकते हैं, बातें करना कम सकते हैं या अपने कमरे में अकेले रहने लगते हैं। कई बार बच्चे के मन में यह भावना भी आ सकती है कि- “क्या मुझे बचपन में छोड़ दिया गया था?” “क्या मेरे असली माता-पिता ने मुझे स्वीकार नहीं किया?” ऐसी स्थिति में बच्चे के मन में रिजेक्शन (अस्वीकार किए जाने) की भावना पैदा हो सकती है। इसलिए पेरेंट्स को पहले से मानसिक रूप से तैयार रहना चाहिए कि शुरुआत में बच्चे की प्रतिक्रिया थोड़ी कठिन हो सकती है। इस समय बच्चे की भावनाओं को समझना और धैर्य बनाए रखना जरूरी है। बच्चे को समय दें और बार-बार भरोसा दिलाएं कि वह उनके जीवन में बेहद महत्वपूर्ण है। यही भरोसा धीरे-धीरे उसके मन की उलझन और असुरक्षा को कम करने में मदद करता है। एडॉप्टेड चाइल्ड को कैसे सेफ महसूस कराएं? इस समय बच्चे को इमोशनल सपोर्ट की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। उसे महसूस कराएं कि वह आपके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। बच्चे को यह समझाएं कि परिवार केवल जन्म से नहीं, बल्कि प्यार, केयर और सपोर्ट से बनता है। बच्चे की डेली रूटीन मेन्टेन बनाए रखें, ताकि स्कूल, खेल, दोस्तों और परिवार के साथ उसका जुड़ाव पहले की तरह बना रहे। उसे इमोशनल सपोर्ट देने के लिए कुछ बातों का खास ख्याल रखें- पेरेंट्स किन गलतियों से बचें? बातचीत के दौरान पेरेंट्स अक्सर बच्चे के सवालों को टाल देते हैं, लेकिन इससे उसकी भावनाएं दब जाती हैं। इसलिए पेरेंट्स को कुछ बातों से बचना चाहिए- सच छिपाने या बात टालने की कोशिश न करें। बच्चे के सवालों को नजरअंदाज न करें। बहुत ज्यादा डर या तनाव न व्यक्त करें। बच्चे की तुलना किसी दूसरे से न करें। एडॉप्शन को ‘फेवर’ की तरह पेश न करें। जबरदस्ती जल्दी एडजस्ट होने की उम्मीद न रखें। भावनाओं को गलत या ‘ओवररिएक्शन’ न कहें। अंत में यही कहूंगी कि एडॉप्टेड बच्चे को प्यार, सुरक्षा और भरोसा देना जरूरी है। आपकी बेटी ने सवाल पूछा इसका मतलब है कि वह आप पर भरोसा करती है। यही भरोसा बनाए रखना महत्वपूर्ण है। याद रखें, सच्चाई और भरोसे के साथ बनाया गया रिश्ता मजबूत होता है। ……………… ये खबर भी पढ़िए पेरेंटिंग- मैं सिंगल मदर हूं: पति मारता था, इसलिए छोड़ दिया, अब बेटा अपने पापा के बारे में सवाल पूछता है, उसे कैसे समझाऊं आपने कठिन परिस्थिति में अपने और बच्चे के लिए सुरक्षित जीवन चुना, यह साहस की बात है। किसी भी अब्यूसिव
Shant Man Safal Jeevan Book Review; Calm Your Emotions

1 घंटे पहलेलेखक: गौरव तिवारी कॉपी लिंक किताब- शांत मन, सफल जीवन (बेस्टसेलर किताब ‘काम योर इमोशंस’ का हिंदी अनुवाद) लेखक- निक ट्रेंटन अनुवाद- डॉ. रोहिणी प्रकाशक- पेंगुइन मूल्य- 299 रुपए अमेरिकी लेखक निक ट्रेंटन की किताब ‘शांत मन सफल जीवन’ भावनाओं को समझने, उन्हें नियंत्रित करने और जीवन में बैलेंस लाने पर केंद्रित है। यह किताब बताती है कि भावनाएं हमारी दुश्मन नहीं हैं। इन्हें समझकर हम मानसिक शांति और मजबूती पा सकते हैं। बिहेवियरल साइकोलॉजी में मास्टर निक ट्रेंटन एक मशहूर एक्सपर्ट हैं। वे जटिल भावनाओं को बहुत आसान भाषा में समझाते हैं ताकि हर व्यक्ति इन्हें अपनी लाइफ में लागू कर सके। किताब क्या कहती है? मुश्किलें हर किसी के जीवन में आती हैं, लेकिन हार माननी है या दोबारा उठना है, यह चुनाव हमारा होता है। किताब ‘शांत मन, सफल जीवन’ आपकी तकलीफों को समझती है और आपको अपनी जिंदगी पर पूरा कंट्रोल पाने में मदद करती है। यह किताब हमारे इमोशनल ट्रिगर्स और गलत फैसलों के पीछे की वजहों को पहचानने में मदद करती है। खास बात यह है कि लेखक ‘शांति से सोचो’ जैसी किताबी बातें नहीं करते। वह साइकोलॉजी, बिहेवियर साइंस और बौद्ध दर्शन पर आधारित असली टूल्स देते हैं। ये किताब क्यों है इतनी खास? अक्सर गुस्सा, चिंता या उदासी हम पर हावी हो जाती है। हम बिना सोचे रिएक्ट करते हैं और बाद में पछताते हैं। निक ट्रेंटन के अनुसार, भावनाएं हर मिनट बदलती हैं। अगर हम इन्हें मैनेज करना सीख लें, तो हमारी मेंटल हेल्थ, रिश्ते और फैसले बेहतर होंगे। किताब में दी गई 23 प्रैक्टिकल टेक्नीक्स तनाव घटाने और ओवरथिंकिंग रोकने में मददगार हैं। ग्राफिक में किताब से मिले 8 बड़े सबक देखिए- अब इन सबको थोड़ा विस्तार से समझिए, क्योंकि ये किताबी बातें नहीं, जिंदगी की सच्चाई हैं। भावनाओं को रेगुलेट करना सीखें कभी-कभी ऐसा लगता है कि भावनाएं हमें कंट्रोल कर रही हैं। हम गुस्सा आने पर चिल्ला पड़ते हैं, फिक्र सिर पर इस कद्र हावी होती है कि रात भर सो नहीं पाते हैं। किताब कहती है कि भावनाएं हर मिनट बदलती हैं। इन्हें कंट्रोल करना प्रैक्टिस से आता है, जैसे मसल्स ट्रेन करते हैं। क्या करें? गुस्सा आने पर रुकें, सांस लें और सोचें कि रिएक्शन के नतीजे क्या होंगे। धीरे-धीरे आदत बन जाएगी। चिंता को इंगेज मत करो, वो खुद चली जाएगी चिंता का गोला तब बड़ा होता है, जब हम उसे बार-बार सोचते हैं। किताब कहती है कि चिंता को टाइम दो, एक फिक्स ‘वरी टाइम’ सेट करें। ज्यादातर चिंताएं उस टाइम तक भूल जाती हैं। क्या करें? रोज 15 मिनट का वरी टाइम रखें। बाकी समय चिंता आए तो कहो, “बाद में सोचूंगा।” सिर्फ खुद से कंपटीशन करो सोशल मीडिया पर दूसरों को देखकर लगता है हम पीछे रह गए। किताब कहती है कि कंपेयर करने का गेम कभी जीत नहीं सकते। खुद के पुराने वर्जन से कंपेयर करें। क्या करें? हर दिन एक छोटा इम्प्रूवमेंट टारगेट सेट करें। ये ‘कान्ट लूज’ सिचुएशन है। इमोशंस को सही नाम दें ज्यादातर लोग कहते हैं मूड खराब है। किताब कहती है इमोशंस को सही तरीके से पहचानना सीखें। ये फ्रस्ट्रेशन है या डिसअपॉइंट? सटीक तरीके से समझने से कारण पता चलता है। क्या करें? जब भी मन परेशान हो, खुद से पूछें कि यह असल में कैसी फीलिंग है। जर्नलिंग से प्रॉब्लम सॉल्व करें दिमाग में उलझन हो तो लिख डालें। किताब कहती है जर्नलिंग से प्रॉब्लम क्लियर होती है और एक्शन स्टेप्स दिखते हैं। क्या करें? समस्या लिखें और उसके संभावित समाधानों की एक लिस्ट बनाएं। असफलता से खुद को न जोड़ें अगर कुछ गलत हो जाए, तो खुद को “फेलियर” न मानें। असफलता एक घटना है, आपकी पहचान नहीं। क्या करें? खुद से कहें, “यह परिस्थिति खराब थी, मैं नहीं। मैं अगली बार बेहतर कोशिश करूंगा।” रिएक्ट न करें, रिस्पॉन्ड करें रिएक्शन बिना सोचे होता है, जबकि रिस्पॉन्स सोच-समझकर दिया जाता है। अपने ट्रिगर्स को पहचानें और जागरूक बनें। क्या करें? कोई बात चुभे, तो फौरन जवाब देने के बजाय रुकें और विचार करें। इस किताब को क्यों पढ़ें? यह किताब एक सच्चे दोस्त की तरह है। यह सरल उदाहरणों के जरिए छात्रों, प्रोफेशनल्स की मदद करती है। ग्राफिक में देखिए ये किताब किसे पढ़नी चाहिए- किताब के बारे में मेरी राय यह किताब इमोशनल सक्सेस का एक बेहतरीन नक्शा है। निक ट्रेंटन की कहानियां इसे बहुत प्रभावी बनाती हैं। 5-4-3-2-1 जैसी तकनीकें बहुत आसान हैं और तुरंत असर दिखाती हैं। अगर आप चिंता और नेगेटिविटी के जाल से निकलना चाहते हैं, तो यह किताब आपके लिए ही है। जर्नलिंग जैसी आदतें शुरू में कठिन लग सकती हैं, पर ये आपकी जिंदगी बदल देंगी। यह किताब आपको भावनाओं का गुलाम नहीं, बल्कि मालिक बनाती है। ……………… ये खबर भी पढ़िए बुक रिव्यू- जिंदगी सिर्फ 4000 हफ्तों की कहानी है: जिस चीज पर वश नहीं, उसे नियति पर छोड़ दो, सब जाने दो, बस खुशी और सुकून रख लो इंसान की औसत उम्र लगभग 80 वर्ष होती है। अगर हम इसे हफ्तों में गिनें तो हमारे पास केवल 4,000 हफ्ते होते हैं। सुनने में यह संख्या बहुत बड़ी लग सकती है, लेकिन ये हफ्ते कब बीत जाते हैं, पता ही नहीं चलता है। आगे पढ़िए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Rishi Kapoor Interesting Facts; Amitabh Bachchan – Dimple Kapadia Affair

1 घंटे पहले कॉपी लिंक 30 अप्रैल 2020 आज से 6 साल पहले सुबह खबर आई कि ऋषि कपूर अब नहीं रहे। कुछ दिन पहले तक वो गंभीर हालत होने के बावजूद हॉस्पिटल स्टाफ को हंसाते तो कभी गाना सुना रहे थे। दैनिक भास्कर से बात करते हुए ऋषि कपूर की इकलौती बेटी रिद्धिमा कहती हैं, ‘सब अचानक हुआ, वो बहुत डरावना दिन था। अचानक एक खालीपन आ गया। एक सूनापन, उनकी जिंदगी उनकी मौजूदगी लार्जर देन लाइफ थी।’ ऋषि कपूर 3 साल के थे, जब वो पिता राज कपूर की फिल्म ‘श्री 420’ में चॉकलेट की लालच में नजर आए। तब से उनका सिनेमा से ऐसा रिश्ता जुड़ा, जो ताउम्र कायम रहा। 1973 की फिल्म ‘बॉबी’ से फिल्मों में आए ऋषि कपूर उर्फ चिंटू ने ‘रफूचक्कर’, ‘कर्ज’, ‘प्रेम रोग’, ‘चांदनी’ जैसी बेहतरीन फिल्में कीं। बढ़ती उम्र के साथ उन्होंने ‘अग्निपथ’, ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’, ‘कपूर एंड संस’, ‘नमस्ते लंदन’, 102 नॉट आउट जैसी फिल्में कीं। रिद्धिमा कहती हैं, ‘उनमें सिनेमा के लिए जुनून था। बहुत पैशनेट थे। हम उनकी फिल्मों के सेट पर जाते थे। वो एक कोने में किरदार की तैयारी करते थे।’ बेटे रणबीर, बेटी रिद्धिमा और नातिन समारा के साथ ऋषि कपूर और नीतू सिंह। जब हमने रिद्धिमा से पूछा कि उन्हें कब पता चला कि उनके पिता इतने बड़े स्टार हैं, तो जवाब में हंसते हुए उन्होंने कहा- ‘स्कूल में। जब टीचर हमें कहती थी कि हमने कल आपके पापा की फिल्म देखी, बड़ा मजा आया। फ्रेंड्स भी बोलते थे कि तुम्हारे पापा और मम्मा कितने फेमस हैं। जब हम खाने बाहर जाते थे तो भी इतने सारे लोग आकर ऑटोग्राफ लेते थे। तो हम सोचते थे कि इतनी सारी भीड़ क्यों इकट्ठा हो रही है? हम पूछते थे कि आप क्या लिख रहे हो, तो वो समझाते थे, हम एक्टर हैं, क्योंकि हम फिल्म में काम करते हैं।’ रिद्धिमा कहती हैं कि ऋषि कपूर भले ही एक स्टार थे, लेकिन परिवार के लिए वो एक बेहतरीन फैमिली मैन थे, जिनके लिए प्रायोरिटी हमेशा परिवार था। रिद्धिमा कहती हैं, ‘वो हमें बहुत वेकेशन पर ले जाते थे, जब शूटिंग करते थे, तो हमारी समर वेकेशन ऐसे प्लान करते थे कि काम भी हो जाए और घूम भी सकें। जो करते थे हमारे अराउंड करते थे। वो हमें सबसे पहले तवज्जो देते थे। उन्होंने परिवार को हमेशा प्रायोरिटी दी।’ ‘हमारी शनिवार को छुट्टी होती थी, वो शाम को बिजी रहते थे, तो हमें दिन में लंच पर ले जाते थे। उन्होंने एक गेम भी बनाया था, रेपिड फायर जैसा। कार में वो आगे और मैं, रणबीर, मम्मा पीछे बैठते थे। वो जल्दी-जल्दी 10 सवाल पूछते थे, सही जवाब देने वाले को ट्रीट मिलती थी।’ ऋषि कपूर और नीतू के साथ रिद्धिमा, रणबीर के बचपन की तस्वीर। ऋषि कपूर का अचानक दुनिया से रुख्सत होना, परिवार के लिए जोरदार धक्का था। इस पर रिद्धिमा कहती हैं, ‘बहुत खालीपन महसूस होता है। इतना कि बता नहीं सकती। वो टाइम बहुत खराब था। मैं मम्मी (नीतू सिंह) के साथ थी। मेरी, रणबीर, आलिया की पहली प्रायोरिटी थी कि मम्मी ठीक हों। हम उनको बिजी रखते थे कि कैसे भी उन्हें बाहर ले जाना है, उन्हें डिस्ट्रैक्ट करना है, क्योंकि ये बहुत अचानक हुआ था। मैं एक्सप्रेस नहीं कर सकती। वो बहुत डरावनी फीलिंग थी। बहुत खालीपन हो गया। बहुत सूनापन। मैं आज भी कभी उन्हें पास्ट टेंस में रिफर नहीं कर पाती। मैं हमेशा बोलती हूं कि वो अभी हैं, हमें गाइड कर रहे हैं, हमें प्यार कर रहे हैं, आशीर्वाद दे रहे हैं।’ ‘मैं उनसे कई बातें करना चाहती हूं। मुझे कहना है कि हम सब आपको बहुत सेलिब्रेट करते हैं पापा। हम हर रोज फैमिली वीडियो कॉल पर आपकी बातें करते हैं कि अगर आप होते तो क्या बोलते, क्या करते। आज तक एक दिन भी ऐसा नहीं गया, जब आपकी बात न हो।’ बेटी रिद्धिमा के मुताबिक, पिता ऋषि कपूर लार्जर देन लाइफ जिंदगी जीते थे। इसका परिणाम वो किस्से हैं, जो उनकी बेबाकी, हाजिरजवाबी, गुस्से और मजेदार व्यक्तित्व को दर्शाते हैं। कभी उन्होंने अमिताभ को दिया जा रहा अवॉर्ड खरीदकर अपने नाम किया, तो कभी सलमान खान के पिता की धमकी का जवाब दिया। डिंपल कपाड़िया से अफेयर भी चर्चा में रहा और अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से हुई उनकी मुलाकात भी विवाद की वजह बनी। डेथ एनिवर्सरी के मौके पर ऋषि कपूर की जिंदगी से जुड़े कुछ बेहतरीन किस्से भी पढ़िए- किस्सा-1, चॉकलेट की लालच में 3 साल के ऋषि कपूर ने की एक्टिंग 4 सितंबर 1952 बॉम्बे के मटुंगा स्थित राज कपूर बंगलो में कृष्णा कपूर ने बेटे ऋषि को जन्म दिया। वो तीन भाइयों में मंझले थे। रणधीर कपूर (करीना-करिश्मा के पिता) बड़े थे और राजीव कपूर (छोटे)। मां कृष्णा कपूर के साथ (लेफ्ट से राइट), रीमा कपूर, ऋतु नंदा, ऋषि कपूर और रणधीर कपूर। पिता राज कपूर शोमैन थे। ऋषि महज 3 साल के थे, जब पिता राज कपूर, नरगिस के साथ श्री 420 बना रहे थे। पिता राज कपूर के साथ ऋषि कपूर की तस्वीरें। फिल्म के मशहूर गाने प्यार हुआ इकरार हुआ में जब राज कपूर को चाइल्ड आर्टिस्ट की जरूरत पड़ी, तो वो अपने बच्चों को सेट पर ले आए। गहरी आंखें और चबी गाल वाले ऋषि हर किसी का ध्यान खींच लिया करते थे। सेट पर उन्हें दूसरे बच्चों के साथ बारिश में भीगना था, लेकिन नाजुक चिंटू जी के ऊपर जैसे ही बूंदें गिरतीं, वो रोना शुरू कर देते। फिल्म श्री 420 के सेट पर ली गई ऋषि कपूर और उनके भाई-बहनों की तस्वीर। कई बार शॉट खराब हुए और रील्स बर्बाद होने लगीं। तब नरगिस धीरे से उनके पास आईं और कहा, अगर वो बिना रोए शॉट पूरा करते हैं, तो वो उन्हें ढेर सारी चॉकलेट देंगी। खाने-पीने के शौकीन चिंटू राजी क्यों न होते। और इस तरह ऋषि कपूर ने 1955 की फिल्म श्री 420 से बतौर चाइल्ड एक्टर फिल्मों में एंट्री ली। किस्सा-2, कार में भरकर मुगल-ए-आजम के सेट पर ले जाते थे दादा पृथ्वीराज कपूर 1960 में आई फिल्म मुगल-ए-आजम में ऋषि कपूर के दादाजी पृथ्वीराज कपूर ने बादशाह अकबर का किरदार निभाया था। वो अकसर घर के सभी बच्चों को
Khabar hatke- MP Cooler Baraat | Uttarakhand Shamshan Wedding

मध्य प्रदेश में तेज धूप में कूलर लगाकर बारात निकाली गई। वहीं, इंस्टाग्राम पर एक सुअर के 12 लाख से ज्यादा फॉलोअर हो गए हैं। उधर, उत्तराखंड में डेस्टिनेशन वेडिंग के नाम पर श्मशान में शादी की रस्में निभाई गईं। . भारत में एक ऐसा राज्य भी है जहां के लोगों को इनकम टैक्स नहीं देना होता है। वहीं, छत्तीसगढ़ में रेड मारने गई पुलिस की गाड़ी ही चोरी हो गई। आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
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Hindi News National Breaking News Headlines Today, Pictures, Videos And More From Dainik Bhaskar 5 घंटे पहले कॉपी लिंक कैलाश मानसरोवर यात्रा इस बार जून के पहले या दूसरे हफ्ते में शुरू होगी। यात्रा में उत्तराखंड के रास्ते पिथौरागढ़ जिले के लिपुलेख दर्रे से दस दलों में 500 यात्री रवाना होंगे। जबकि सिक्किम के नाथुला दर्रे से भी 500 शिवभक्त यात्रा पर जाएंगे। ऑनलाइन पंजीकरण गुरुवार, 30 अप्रैल से शुरू हो रहे हैं। कैलाश मानसरोवर की यात्रा इस साल नया इतिहास रचने जा रही है। इस बार भारत सहित पूरी दुनिया से श्रद्धालु आ सकते हैं। 60 साल बाद इस वर्ष अग्नि अश्व वर्ष का योग बन रहा है। इसे हिंदू, जैन और बौद्ध धर्म में मोक्ष प्राप्ति का सबसे बड़ा द्वार माना गया है। इसलिए इस साल तीनों धर्मों के लोग यात्रा करेंगे। तिब्बती ज्योतिषी दौलत रायपा के अनुसार तिब्बती ज्योतिष 60 वर्षों के चक्र पर चलता है। इसके मुताबिक, यह साल अग्नि तत्व और अश्व यानी घोड़ा राशि का दुर्लभ संगम है। भगवान बुद्ध का जन्म और उन्हें ज्ञान की प्राप्ति इसी अश्व वर्ष में हुई थी। यही नहीं, अश्व वर्ष में की गई एक परिक्रमा का फल सामान्य वर्षों में की गई 12 परिक्रमा के बराबर माना जाता है। आज की बाकी बड़ी खबरें… सीबीएसई 12वीं बोर्ड के नतीजे मई के तीसरे हफ्ते में सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने बुधवार को कहा कि 12वीं के नतीजे मई के तीसरे हफ्ते में आ सकते हैं। दरअसल, कुछ रिपोर्ट्स में दावा था कि ‘ऑन-स्क्रीन मार्किंग’ सिस्टम के तहत कॉपियों के मूल्यांकन में गड़बड़ियां और देरी हो रही है। भारद्वाज ने कहा कि यह प्रक्रिया ‘पूरी तरह से सही’ चल रही है और तय समय पर है। पुराने और बंद पड़े पीएफ खातों के लिए पोर्टल जल्द लॉन्च होगा रिटायरमेंट फंड संस्था ईपीएफओ जल्द वेब पोर्टल लॉन्च करेगी। इससे सदस्य अपने पुराने और बंद पड़े प्रॉविडेंट फंड खातों को ट्रैक कर सकेंगे और उन्हें फिर से चालू करवा सकेंगे। श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा, E-PRAAPTI पोर्टल आधार आधारित प्रमाणीकरण की आसान प्रक्रिया उपलब्ध कराएगा। शुरुआत में, इसका संचालन ‘सदस्य आईडी’ से किया जा सकेगा। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
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Hindi News National Breaking News Headlines Today, Pictures, Videos And More From Dainik Bhaskar 16 मिनट पहले कॉपी लिंक कैलाश मानसरोवर यात्रा इस बार जून के पहले या दूसरे हफ्ते में शुरू होगी। यात्रा में उत्तराखंड के रास्ते पिथौरागढ़ जिले के लिपुलेख दर्रे से दस दलों में 500 यात्री रवाना होंगे। जबकि सिक्किम के नाथुला दर्रे से भी 500 शिवभक्त यात्रा पर जाएंगे। ऑनलाइन पंजीकरण गुरुवार, 30 अप्रैल से शुरू हो रहे हैं। कैलाश मानसरोवर की यात्रा इस साल नया इतिहास रचने जा रही है। इस बार भारत सहित पूरी दुनिया से श्रद्धालु आ सकते हैं। 60 साल बाद इस वर्ष अग्नि अश्व वर्ष का योग बन रहा है। इसे हिंदू, जैन और बौद्ध धर्म में मोक्ष प्राप्ति का सबसे बड़ा द्वार माना गया है। इसलिए इस साल तीनों धर्मों के लोग यात्रा करेंगे। तिब्बती ज्योतिषी दौलत रायपा के अनुसार तिब्बती ज्योतिष 60 वर्षों के चक्र पर चलता है। इसके मुताबिक, यह साल अग्नि तत्व और अश्व यानी घोड़ा राशि का दुर्लभ संगम है। भगवान बुद्ध का जन्म और उन्हें ज्ञान की प्राप्ति इसी अश्व वर्ष में हुई थी। यही नहीं, अश्व वर्ष में की गई एक परिक्रमा का फल सामान्य वर्षों में की गई 12 परिक्रमा के बराबर माना जाता है। आज की बाकी बड़ी खबरें… सीबीएसई 12वीं बोर्ड के नतीजे मई के तीसरे हफ्ते में सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने बुधवार को कहा कि 12वीं के नतीजे मई के तीसरे हफ्ते में आ सकते हैं। दरअसल, कुछ रिपोर्ट्स में दावा था कि ‘ऑन-स्क्रीन मार्किंग’ सिस्टम के तहत कॉपियों के मूल्यांकन में गड़बड़ियां और देरी हो रही है। भारद्वाज ने कहा कि यह प्रक्रिया ‘पूरी तरह से सही’ चल रही है और तय समय पर है। पुराने और बंद पड़े पीएफ खातों के लिए पोर्टल जल्द लॉन्च होगा रिटायरमेंट फंड संस्था ईपीएफओ जल्द वेब पोर्टल लॉन्च करेगी। इससे सदस्य अपने पुराने और बंद पड़े प्रॉविडेंट फंड खातों को ट्रैक कर सकेंगे और उन्हें फिर से चालू करवा सकेंगे। श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा, E-PRAAPTI पोर्टल आधार आधारित प्रमाणीकरण की आसान प्रक्रिया उपलब्ध कराएगा। शुरुआत में, इसका संचालन ‘सदस्य आईडी’ से किया जा सकेगा। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Gold Falls ₹809, Silver ₹241; Banks Shut 12 Days in May; Cigarette Price Hike Likely

Hindi News Business Gold Falls ₹809, Silver ₹241; Banks Shut 12 Days In May; Cigarette Price Hike Likely नई दिल्ली4 घंटे पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर सिगरेट से जुड़ी रही। देश में अगले महीने से सिगरेट पीना महंगा हो सकता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, प्रमुख सिगरेट कंपनियां ITC और गॉडफ्रे फिलिप्स मई में कीमतों में 17% तक की बढ़ोतरी कर सकती हैं। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 809 रुपए घटकर 1,47,973 रुपए पर आ गया है। इससे पहले मंगलवार को इसकी कीमत 1,48,782 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। एक किलो चांदी 241 रुपए गिरकर 2,36,300 रुपए पर पहुंच गई है। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार में आज तेजी देखने को मिल सकती है। पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. मई में 17% तक महंगी हो सकती है सिगरेट: इस खबर के बाद ITC और गॉडफ्रे फिलिप्स के शेयर 7% तक चढ़े देश में अगले महीने से सिगरेट पीना महंगा हो सकता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, प्रमुख सिगरेट कंपनियां ITC और गॉडफ्रे फिलिप्स मई में कीमतों में 17% तक की बढ़ोतरी कर सकती हैं। इस खबर के बाद सोमवार यानी 29 अप्रैल को इन कंपनियों के शेयरों में 6.5% तक की तेजी दर्ज की गई। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. आज सोना-चांदी के दाम में गिरावट: चांदी ₹241 गिरकर ₹2.36 लाख किलो पर आई, 10 ग्राम सोना ₹1.48 लाख का हुआ सोने-चांदी के दाम में 29 अप्रैल को गिरावट रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 809 रुपए घटकर 1,47,973 रुपए पर आ गया है। इससे पहले मंगलवार को इसकी कीमत 1,48,782 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। वहीं एक किलो चांदी 241 रुपए गिरकर 2,36,300 रुपए पर पहुंच गई है। इससे पहले 28 अप्रैल को इसकी कीमत 2,36,541 लाख रुपए प्रति किलो थी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. सेंसेक्स 609 अंक बढ़कर 77,496 पर बंद: निफ्टी भी 182 अंक चढ़ा, ऑटो और FMCG शेयर्स में ज्यादा खरीदारी रही शेयर बाजार में 29 अप्रैल को बढ़त रही। सेंसेक्स 609 अंक (0.79%) की तेजी के साथ 77,496 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 182 अंक (0.76%) की तेजी रही, ये 24,178 पर बंद हुआ। आज ऑटो, IT, रियल्टी और FMCG शेयर्स में ज्यादा खरीदारी रही। एक्सपर्ट्स के अनुसार UAE के तेल उत्पादक देशों के संगठन ओपेक और ओपेक+ से बाहर निकलने की घोषणा का बाजार पर पॉजिटिव असर दिखा है। इससे ओपेक की कच्चे तेल की कीमतों पर नियंत्रण करने की ताकत कमजोर होगी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. मई में 12 दिन बैंकों में काम नहीं होगा: 5 रविवार और 2 शनिवार के अलावा अलग-अलग जगहों पर 5 दिन बैंक बंद रहेंगे अगले महीने यानी मई में देश के अलग-अलग राज्यों में कुल 12 दिन बैंकों में कामकाज नहीं होगा। RBI की ओर से जारी कैलेंडर के अनुसार, अगले महीने 5 रविवार और दूसरे-चौथे शनिवार के अलावा 5 दिन अलग-अलग जगहों पर बैंक बंद रहेंगे। महीने की शुरुआत छुट्टी से होगी। 1 मई को महाराष्ट्र दिवस, बुद्ध पूर्णिमा और मजदूर दिवस (लेबर डे) पर देश में लगभग सभी जगह बैंक बंद रहेंगे। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… कल दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Gold Falls ₹809, Silver ₹241; Banks Shut 12 Days in May; Cigarette Price Hike Likely

Hindi News Business Gold Falls ₹809, Silver ₹241; Banks Shut 12 Days In May; Cigarette Price Hike Likely नई दिल्ली21 मिनट पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर सिगरेट से जुड़ी रही। देश में अगले महीने से सिगरेट पीना महंगा हो सकता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, प्रमुख सिगरेट कंपनियां ITC और गॉडफ्रे फिलिप्स मई में कीमतों में 17% तक की बढ़ोतरी कर सकती हैं। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 809 रुपए घटकर 1,47,973 रुपए पर आ गया है। इससे पहले मंगलवार को इसकी कीमत 1,48,782 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। एक किलो चांदी 241 रुपए गिरकर 2,36,300 रुपए पर पहुंच गई है। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार में आज तेजी देखने को मिल सकती है। पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. मई में 17% तक महंगी हो सकती है सिगरेट: इस खबर के बाद ITC और गॉडफ्रे फिलिप्स के शेयर 7% तक चढ़े देश में अगले महीने से सिगरेट पीना महंगा हो सकता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, प्रमुख सिगरेट कंपनियां ITC और गॉडफ्रे फिलिप्स मई में कीमतों में 17% तक की बढ़ोतरी कर सकती हैं। इस खबर के बाद सोमवार यानी 29 अप्रैल को इन कंपनियों के शेयरों में 6.5% तक की तेजी दर्ज की गई। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. आज सोना-चांदी के दाम में गिरावट: चांदी ₹241 गिरकर ₹2.36 लाख किलो पर आई, 10 ग्राम सोना ₹1.48 लाख का हुआ सोने-चांदी के दाम में 29 अप्रैल को गिरावट रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 809 रुपए घटकर 1,47,973 रुपए पर आ गया है। इससे पहले मंगलवार को इसकी कीमत 1,48,782 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। वहीं एक किलो चांदी 241 रुपए गिरकर 2,36,300 रुपए पर पहुंच गई है। इससे पहले 28 अप्रैल को इसकी कीमत 2,36,541 लाख रुपए प्रति किलो थी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. सेंसेक्स 609 अंक बढ़कर 77,496 पर बंद: निफ्टी भी 182 अंक चढ़ा, ऑटो और FMCG शेयर्स में ज्यादा खरीदारी रही शेयर बाजार में 29 अप्रैल को बढ़त रही। सेंसेक्स 609 अंक (0.79%) की तेजी के साथ 77,496 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 182 अंक (0.76%) की तेजी रही, ये 24,178 पर बंद हुआ। आज ऑटो, IT, रियल्टी और FMCG शेयर्स में ज्यादा खरीदारी रही। एक्सपर्ट्स के अनुसार UAE के तेल उत्पादक देशों के संगठन ओपेक और ओपेक+ से बाहर निकलने की घोषणा का बाजार पर पॉजिटिव असर दिखा है। इससे ओपेक की कच्चे तेल की कीमतों पर नियंत्रण करने की ताकत कमजोर होगी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. मई में 12 दिन बैंकों में काम नहीं होगा: 5 रविवार और 2 शनिवार के अलावा अलग-अलग जगहों पर 5 दिन बैंक बंद रहेंगे अगले महीने यानी मई में देश के अलग-अलग राज्यों में कुल 12 दिन बैंकों में कामकाज नहीं होगा। RBI की ओर से जारी कैलेंडर के अनुसार, अगले महीने 5 रविवार और दूसरे-चौथे शनिवार के अलावा 5 दिन अलग-अलग जगहों पर बैंक बंद रहेंगे। महीने की शुरुआत छुट्टी से होगी। 1 मई को महाराष्ट्र दिवस, बुद्ध पूर्णिमा और मजदूर दिवस (लेबर डे) पर देश में लगभग सभी जगह बैंक बंद रहेंगे। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… कल दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔








