Monday, 15 Jun 2026 | 05:31 AM

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Bad food combinations: गलती से भी तरबूज के साथ ना खाएं ये 4 चीजें, पेट में मच जाएगी खलबली, दिमाग पर भी होगा सीधा हमला

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Bad food combinations with watermelon: एक-दो दिन पहले मुंबई से एक ऐसी हैरान कर देने वाली खबर सामने आई थी, जिसमें एक ही परिवार के चार सदस्यों की तरबूज खाने के बाद मौत हो गई. खबरों के अनुसार, पहले परिवार ने बिरयानी खाई और फिर तरबूज, जिसके बाद उनकी हालत बिगड़ गई और मृत्यु हो गई. इस खबर से हर कोई सन्न है. जहां कुछ दिनों पहले तक लोग बड़े चाव से हर दिन गर्मियों के इस फल को खाते थे, अब उसे खाने में डर रहे हैं. पानी से भरपूर तरबूज वैसे तो सेहत को कई लाभ देता है. खासकर, गर्मियों में ये शरीर को हाइड्रेटेड रखता है. पाचन सही रखता है. पेट साफ करता है. लेकिन, कुछ भी खाने का सही लाभ तभी मिलता है, जब उसे सही मात्रा, सही समय और सही कॉम्बिनेशन के साथ खाया जाए. तरबूज भी आप खाएं, लेकिन उसे खाने का सही समय, तरीका और सही-गलत फूड कॉम्बिनेशन को ध्यान में रखकर ही खाएं. तरबूज खाने का सही समय क्या है? खासकर गर्मियों के मौसम में खानपान पर और भी अधिक ध्यान देने की जरूरत होती है, क्योंकि अधिक तापमान से भोजन जल्दी खराब हो जाता है. कुछ लोग तरबूज का आधा खाते हैं और बाकी का आधा हिस्सा फ्रिज में रख देते हैं. यह दो दिनों तक ऐसे ही पड़ा रहता है. याद रखें, इस फल में नमी होने के कारण बैक्टीरिया जल्दी पनप सकते हैं. ऐसे में कटे हुए तरबूज को देर तक बाहर भी न रखें, वरना इसमें साल्मोनेला या ई. कोलाई जैसे बैक्टीरिया पनप सकते हैं. तरबूज को शाम या रात में खाने से परहेज करें. कभी भी हेवी भोजन करने के तुरंत बाद इसे ना खाएं. कोशिश करें सुबह या दिन में तरबूज खाएं. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. तरबूज को किन चीजों के साथ नहीं खाना चाहिए? – तरबूज का सेवन कभी भी हाई प्रोटीन से भरपूर फूड्स के साथ नहीं करना चाहिए. इससे कुछ लोगों में पाचन संबंधित समस्याएं जैसे ब्लोटिंग, अपच, पेट फूलने की शिकायत शुरू हो जाती है. तरबूज आसानी से पचने वाला फल है, प्रोटीन को पचने और टूटने में समय लगता है. ऐसे में आप चिकन, मछली, अंडा, पनीर आदि के साथ या इन्हें खाते ही तुरंत बाद तरबूज न खाएं. -काफी लोग तरबूज खाने के तुरंत बाद ही पानी भरपेट पी लेते हैं. यह सही आदत नहीं है. पानी पिएंगे तो पेट फूल जाएगा. एक तो तरबूज खुद ही पानी से भरपूर फल होता है, ऐसे में आप ऊपर से और पानी पी लेंगे तो पेट फूला हुआ ही महसूस होगा. इससे पेट के पीएच लेवल पर भी नेगेटिव असर पड़ता है. -आप दही, दूध से बने अन्य पदार्थों के साथ भी तरबूज का सेवन करने से बचें. इस फल में अधिक पानी होने के कारण यह पेट में मौजूद एसिड को पतला कर देता है. इससे दूध से बने खाद्य पदार्थों को पचने में समस्या होती है. इन डेयरी प्रोडक्ट्स को पचने के लिए पर्याप्त एसिड की जरूरत होती है. इससे आपको पेट संबंधित कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं. -अक्सर एक्सपर्ट भी बोलते हैं कि तरबूज को खट्टे फलों जैसे संतरा, मौसमी, नींबू आदि के साथ खाना अनहेल्दी हो सकता है. इससे आपको अपच की प्रॉब्लम हो सकती है. जिनकी पाचन शक्ति पहले से ही कमजोर है, वे तरबूज खाते समय इन फूड्स का सेवन बिल्कुल भी न करें.

गर्मियों में मेथी दाना खा रहे हैं? जरा संभल जाएं, गलत तरीके से सेवन किया तो बढ़ सकती हैं ये समस्याएं

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Last Updated:May 01, 2026, 23:49 IST मेथी दाना सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है और कई लोग इसे शुगर कंट्रोल से लेकर पाचन सुधारने तक के लिए इस्तेमाल करते हैं. लेकिन गर्मियों में इसकी गर्म तासीर शरीर पर अलग असर डाल सकती है. अगर इसे सही तरीके और सही मात्रा में न लिया जाए, तो पेट से जुड़ी परेशानियां बढ़ सकती हैं. ख़बरें फटाफट मेथी दाना ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में सहायक माना जाता है. भारतीय रसोई में मौजूद कई मसाले सिर्फ स्वाद बढ़ाने का काम नहीं करते, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद माने जाते हैं. इन्हीं में से एक है मेथी दाना, जिसे आयुर्वेद में औषधीय गुणों से भरपूर माना गया है. लोग इसे वजन नियंत्रण, पाचन सुधारने, शुगर लेवल संतुलित रखने और सूजन कम करने के लिए इस्तेमाल करते हैं. हालांकि गर्मियों के मौसम में इसका सेवन कैसे किया जाए, यह जानना बेहद जरूरी है, क्योंकि इसकी तासीर गर्म मानी जाती है और गलत तरीके से लेने पर कुछ समस्याएं हो सकती हैं. आयुर्वेद के अनुसार मेथी दाना उष्ण प्रकृति का होता है, यानी यह शरीर में गर्माहट पैदा कर सकता है. यह वात और कफ दोष को संतुलित करने में मददगार माना जाता है. लेकिन गर्मियों में शरीर में पित्त पहले से ही बढ़ा हुआ रहता है, ऐसे में ज्यादा मात्रा में मेथी दाना लेने से शरीर में गर्मी बढ़ सकती है. कुछ लोगों को इससे पेट में जलन, एसिडिटी, कब्ज या बेचैनी जैसी परेशानी महसूस हो सकती है. क्या गर्मियों में शुगर लेवल पर असर पड़ सकता हैमेथी दाना ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में सहायक माना जाता है, इसलिए कई लोग इसे डायबिटीज में इस्तेमाल करते हैं. लेकिन गर्मियों में शरीर की जरूरतें अलग होती हैं. अगर मेथी दाना अधिक मात्रा में लिया जाए या खाली पेट लिया जाए, तो कुछ लोगों में कमजोरी, लो शुगर या असहजता महसूस हो सकती है. इसलिए मधुमेह के मरीजों को इसका सेवन सावधानी से करना चाहिए और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए. गर्मियों में कैसे करें सेवनगर्म मौसम में मेथी दाना लेने का सबसे अच्छा तरीका है इसे रातभर पानी में भिगो देना. सुबह उस पानी को छानकर पिया जा सकता है. इससे मेथी के गुण भी मिलते हैं और इसकी गर्म तासीर कुछ हद तक कम हो जाती है. ध्यान रखें कि गर्मियों में इसे उबालकर या बहुत गर्म पानी के साथ लेने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे शरीर में अतिरिक्त गर्मी बढ़ सकती है. पाउडर या दही के साथ भी ले सकते हैंअगर साबुत मेथी दाना पसंद नहीं है, तो इसका पाउडर भी इस्तेमाल किया जा सकता है. मेथी पाउडर को दही या छाछ में मिलाकर लेने से इसकी गर्म प्रकृति संतुलित हो जाती है. साथ ही पाचन भी बेहतर होता है. छाछ के साथ मेथी लेने से पेट की जलन कम हो सकती है और शरीर को ठंडक भी मिलती है. यह तरीका गर्मियों में ज्यादा फायदेमंद माना जाता है. About the Author Vividha SinghSub Editor विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi

केरल के डिजिटल पोल में यूडीएफ की जीत, केसी वेणुगोपाल को सीएम बनाने पर कांग्रेस के अंदर उठ रहे सवाल

केरल के डिजिटल पोल में यूडीएफ की जीत, केसी वेणुगोपाल को सीएम बनाने पर कांग्रेस के अंदर उठ रहे सवाल

केरल में विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद अब 4 मई को आने वाले विपक्षियों पर टिकी हुई है। केरल में अधिकांश बहुमत पोल में कांग्रेस पार्टी यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) की जीत नजर आ रही है। इसके साथ ही कांग्रेस के अंदर केरल के सीएम को लेकर हलचल भी तेज हो गई है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तारिक बबीता ने कहा कि अगर केसी वेणुगोपाल केरल के मुख्यमंत्री बने तो विधानसभा चुनाव में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक मोर्चा (यू पब्लिक) की जीत होने पर उन्हें जरूरी प्रक्रिया से जिला बनाना होगा। केरल में सीएम को लेकर क्या बोले कांग्रेस नेता केरल के पूर्व प्रभारी और बिहार के रिपब्लिकन से मिनियन तारिक के बयान से यह बात स्पष्ट हो गई है कि यू एफसी ने केरल में जीत हासिल की है और डिजिटल पोल से यह स्पष्ट है। उन्होंने शुक्रवार (1 मई 2026) को कहा, ‘केरल में कांग्रेस की जीत में कोई संदेह नहीं है।’ उन्होंने कांग्रेस के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के बारे में पूछे जाने पर कहा कि पार्टी की सर्वोच्च कमान ही सत्य निष्ठा के लिए उपयुक्त व्यक्ति का चयन है। तारिक अख्तर ने प्रक्रिया का विवरण देते हुए कहा कि आला कमान में एक नियुक्त पर्यवेक्षक, जो प्रमुख दल की बैठक बुलाएगा और अगर चर्चा के बाद मुख्यमंत्री पद के दावेदार पर सहमति बनती है तो इसकी सूचना अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (मंचएलसी) को दी जाएगी। उन्होंने कहा, ‘अला आदेश अंतिम निर्णय.’ इस पद पर वेणुगोपाल के मुख्यमंत्री बनने की घोषणा करते हुए कहा गया है कि अगर कांग्रेस के नेता (संगठन) की मान्यता है, तो उन्हें आवश्यक प्रक्रिया का पालन करना होगा। उन्होंने कहा, ‘अगर विधायक दल, आला कमान को अंतिम निर्णय लेने का अधिकार देता है, तो इस पर विचार किया जाएगा।’ वोटों की गिनती की प्रक्रिया पूरी: चुनाव आयोग चुनाव आयोग ने शुक्रवार को कहा कि केरल में नौ अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव में पढ़े गए आरोपों की गणना से संबंधित सभी गड़बड़ियां पूरी कर ली गई हैं। केरल के मुख्य इलेक्ट्रॉनिक्स अधिकारी (सीईओ) रत्न यू.एस. केलकर ने एक बयान में कहा कि तृतीय चार मई को सुबह आठ बजे 43 स्थानों पर स्थित 140 नियुक्तियों पर काम शुरू होगा और इस प्रक्रिया में कुल 15,465 कर्मचारी शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि इन नामांकन में 140 चुनाव अधिकारी (आरओ), 1,340 सहायक चुनाव अधिकारी, 4,208 पर्यवेक्षक, 4,208 प्राथमिक सुपर इंजीनियर और 5,563 सहायक चुनाव अधिकारी शामिल हैं। सीईओ ने बताया कि वोटों की गिनती पोस्टकार्ड से शुरू होगी और एक चरण में ज्यादातर 14 बूथों की गिनती की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन कक्षों में मतदान सामग्री साझा की गई है, उन्हें शामिल किया गया है या उनके विशेष सचिव, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स आयोग (ईसीआई) द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षक और संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति में खुलासा किया जाएगा और इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी। ये भी पढ़ें: 7 साल के लड़के ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड, भारत से 29 KM के समुद्र तट से 10 घंटे में पार किया पार Input By : pl भाषा (टैग्सटूट्रांसलेट)केसी वेणुगोपाल(टी)तारिक अनवर(टी)यूडीएफ(टी)केरल चुनाव 2026(टी)केसी वेणुगोपाल(टी)तारिक बबासी(टी)यू फेसबुक (टी)केरल चुनाव 2026

‘कम से कम 10 बार खुल गया’, काउंटींग से पहले बंगाल में स्ट्रांगरूम कंसोल पर सेमेस्टर ब्रेक; बीजेपी ने भी लगाया आरोप

'कम से कम 10 बार खुल गया', काउंटींग से पहले बंगाल में स्ट्रांगरूम कंसोल पर सेमेस्टर ब्रेक; बीजेपी ने भी लगाया आरोप

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: पश्चिम बंगाल में गणना से पहले अर्थशास्त्र अपने उफान पर है। इस बार पैरा स्ट्रांगरूम को लेकर चढ़ा हुआ है। ऐसे में पहले चुनाव आयोग से जुड़ी कई खबरों का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच बीजेपी और मशीनरी में इंजीनियरिंग जंग जारी है। शुक्रवार को भी स्ट्रांगरूम में गड़बड़ी का आरोप सामने आया है. इस बार ये आम आदमी पार्टी की तरफ से जगह दी गई। इससे पहले गुरुवार को खुदीराम अनुशीलन केंद्र के अंदर आपदा संकट के आरोप के बीच बंदूकधारी ने हमला कर दिया था. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, शुक्रवार को बीजेपी नेताओं ने विधाननगर के सब-डिविजनल ऑफिसर (एसडीओ) से शिकायत की। उन्होंने आरोप लगाया कि एक मजबूत कमरा बिना किसी आधिकारिक दस्तावेज के खोला गया था। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि इस मामले में छह अधिकारियों को निलंबित किया गया है. बीजेपी नेता शरदवत मुखोपाध्याय ने क्या लगाया आरोप बीजेपी नेता और विधाननगर के उम्मीदवार शरदवत मुखोपाध्याय ने कहा है कि स्ट्रांग रूम को तय समय से पहले ही खोल दिया गया था. इसे कम से कम 10 बार खोला जा सकता था। मुखोपाध्याय ने कहा कि यहां हमारा एक मजबूत कमरा है। हमें एक योजना दी गई थी. इसमें बताया गया था कि इसे कब खोला जाएगा। उसी के अनुसार, हम सब समय पर वहाँ पहुँच गये। वहां पहुंचने पर देखा कि सबसे पहले स्ट्रॉन्ग रूम ही खुला था। उस समय वह खुल नहीं रहा था, बल्कि वह पहले ही खुल गया था। हमने सवाल उठाया कि जब काम ठीक से शुरू ही नहीं हुआ तो इसे इतनी जल्दी क्यों खत्म कर दिया गया? बाद में हमसे पूछताछ में बताया गया कि इस स्ट्रॉन्ग रूम को एक या दो बार नहीं, बल्कि इससे पहले कम से कम दस बार खोला जा सकता है। वह हमारे किसी भी प्रश्न का उत्तर नहीं दे पाए हैं। ग्राउंडओवर ने गुरुवार को हड़ताल की थी इससे पहले गुरुवार को बंगाल में एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था. यह घटना मतदान के दूसरे और अंतिम चरण के ठीक एक दिन पहले हुई थी। यहां इंदौर ने सेंट्रल कोलकाता के कुछ स्ट्रांग रूम में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। इसके बाद यूनिवर्सल घोष और शशि पांजा ने खुदीराम अनुशीलन केंद्र पर धरना दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सुपरमार्केट के लाइव फुटेज में स्ट्रैंग रूम के अंदर बाहरी लोग दिखाई देते हैं। यह स्कूल में राखी बैलेट पेपर्स के साथ टिकट कर रहे थे। पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक दोपहर 3.30 बजे तक स्ट्रॉन्गरूम के बाहर मौजूद थे। घोष ने बताया कि अचानक एक ईमेल भेजा गया था जिसमें बताया गया था कि स्ट्रॉन्गरूम शाम 4 बजे फिर से खोला गया था। हमने अपने लाइसेंस से संपर्क किया। उन्होंने कहा कि वे जा चुके हैं. फिर हम यहां जल्दी से यहां पहुंचे। अब हमें अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। बीजेपी को बुलाया जा रहा है. ममता बनर्जी ने लगाया बड़ा आरोप इधर, इस पूरी घटना के बाद ममता बनर्जी ने कहा कि आपको मातृभाषा शिक्षण की पहरेदारी करनी चाहिए। यदि आवश्यक हुआ, तो मैं भी अपने क्षेत्र की चौकीदारी कर सकता हूँ। बँगले को स्वयं पहरेदारी करनी चाहिए। जागते रहो. अगर मैं ऐसा कर सकता हूं, तो आप भी कर सकते हैं। ईवीएम के परिवहन के दौरान सुविधा को बदलने की एक योजना है। इसे उद्यम में न लें. मुझे पक्का पता है कि टेलीविजन पर विज्ञापन सर्वेक्षण के आंकड़े रविवार दोपहर 1.08 बजे भाजपा के एक कार्यालय से प्रसारित किये गये थे। मीडिया के एक वर्ग पर इसे प्रकाशित करने का दबाव डाला गया था। हमारी संख्या 230 तक भी पहुंच सकती है. हम निश्चित रूप से 226 के आंकड़े पार कर रहे हैं। ये भी पढ़ें: बंगाल विधानसभा चुनाव: 2 मई से 15 बजे तक मतदान, सुबह 7 से शाम 6 बजे तक मतदान

गर्मियों में कांजी वड़ा रेसिपी: चिलचिलाती गर्मी में घर पर बनाएं राजस्थानी कांजी वड़ा, न शौकीन लू, न होगी बदहजमी; शरीर रहेगा ठंडा-ठंडा

तस्वीर का विवरण

विवरण के लिए: 1 कप ढीली मूंग दाल, 1-2 हरी मिर्च, 1/2 छोटा कद्दूकस, नमक स्वाद मसाला, तलने के लिए तेल छवि: मेटा एआई कांजी के लिए: 4 कप पानी, 1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, 1 छोटा चम्मच हल्दी, 1 छोटा चम्मच हल्दी, 1/2 छोटा चम्मच हल्दी, 1/2 छोटा चम्मच हल्दी, 1/2 छोटा चम्मच हल्दी छवि: एआई बनाने की विधि: सबसे पहले वड़ा तैयार करेंगे। इसके लिए मूंग दाल 4-5 घंटे की छूट देती है। फिर इसे प्लास्टिक में पीसकर चाकू बैटर बना लें। इसमें हरी मिर्च, अदरक और नमक के टुकड़े से स्टॉल। छवि: एआई आटे में तेल गर्म करें और छोटे-छोटे वड़े तल लें। वड़ोदरा को 10 मिनट के लिए गुनगुने पानी में, फिर लम्बाई में पूरा पानी निकाल लें। छवि: एआई कांजी तैयार करने के लिए बड़े पैमाने पर एक बर्तन में पानी लें। इसमें नमक, लाल मिर्च, हल्दी, हींग और पीसी हुई राय कैथेड्रल बढ़िया से पकडे गये। अब तैयार हो जाओ वड्डे डाल डे में। छवि: एआई 2-3 दिन के लिए फ़्लोरिडा को उगाने या कमरे के तापमान पर रख दें, ताकि इसमें हल्के खटास आ जायें। जब कांजी में मसाले आ जाएं, तो इसे ठंडा करके सर्व कर सकते हैं। छवि: एआई यह स्वाद में बहुत ही ताजगी भरा लगता है और गर्मी से शरीर को तुरंत राहत मिलती है। यह शरीर को ठंडक देता है। इसके अलावा पाचन तंत्र भी बेहतर काम करता है। साथ ही, लू से बचाव करता है और भूख बढ़ाने में मदद करता है। छवि: एआई कांजी को रोज एक बार हिलाते रहो ताकि स्वाद अच्छा बने। ज्यादा कट्टा पसंद हो तो 1 दिन और जगह। साफा और पोर्शन का ही इस्तेमाल करें। छवि: एआई

सत्येन्द्र भूषण सिंह लघु उद्योग निगम के चेयरमेन बने:गुड्‌डी आदिवासी सहरिया विकास प्राधिकरण की अध्यक्ष नियुक्त

सत्येन्द्र भूषण सिंह लघु उद्योग निगम के चेयरमेन बने:गुड्‌डी आदिवासी सहरिया विकास प्राधिकरण की अध्यक्ष नियुक्त

एमपी में राजनीतिक नियुक्तियों का सिलसिला लगातार जारी है। बीजेपी के पूर्व कार्यालय मंत्री सत्येन्द्र भूषण सिंह को लघु उद्योग निगम का अध्यक्ष बनाया गया है। सत्येन्द्र भूषण को दो साल के लिए अध्यक्ष बनाया गया है। श्योपुर की पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष गुड्‌डी आदिवासी को सहरिया विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। गुड्‌डी की नियुक्ति तीन साल के लिए की गई है। निगम-मंडलों की लिस्ट में गुड्‌डी पहली महिला अध्यक्ष अब तक दो दर्जन अध्यक्ष, उपाध्यक्षों के नामों की घोषणा हुई, लेकिन इनमें एक भी महिला को जिम्मेदारी नहीं दी गई थी। निगम मंडलों की लिस्ट में गुड्‌डी पहली महिला नेत्री हैं जिन्हें मंत्री का दर्जा दिया गया है। अब तक इन नेताओं को मिला मंत्री का दर्जा

गिनती से पहले ग्रेगे शुभेंदु- सीएम ममता आश्रम दो दिन और नाटक रहता है,लेकिन…

गिनती से पहले ग्रेगे शुभेंदु- सीएम ममता आश्रम दो दिन और नाटक रहता है,लेकिन...

भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार (1 मई 2026) को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर पिछली रात तीन बजे केंद्र के सामने ‘ड्रामाबाजी’ करने का आरोप लगाया। भवानीपुर स्थित भाजपा चुनाव कार्यालय में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री दो दिन और इस तरह का नाटक करते रहेंगे, लेकिन इससे नतीजे नहीं बदलेंगे। ड्रामेबाजी कर अखिल भारतीय मैत्री: शुभेंदु अधिकारी भवानीपुर टेलीकॉम क्षेत्र से पेट्रोलियम कांग्रेस के खिलाफ प्रमुख चुनाव लड़ने वाले शुभेंदु ने कहा, ‘वह (ममता बनर्जी) जो कर रही हैं वह ड्रामेबाजी से कम नहीं है। वह दक्षिणी मध्य द्वीप में और वहां से चार घंटे तक की दूरी पर वॉशरूम के सामान से लैस गाड़ी चलाता है। अगर वह रिज़ल्ट की भी चाहत रखती है, तो ऐसा कभी नहीं होगा।’ उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी चार मई तक तृतीयक केंद्र पर रुकना चाहती थीं। उन्होंने कहा, ‘सतर्क वर्जिनिया ने अपनी स्टोरी को फेल कर दिया है, जिसे देखने के लिए कंपनी ने लॉट से लेकर लग्जरी गाड़ियों तक का इंतजाम कर लिया है। लंबे समय तक रहने के लिए उनके पास कोई जगह नहीं थी, इसलिए उन्हें वापस लौटा दिया गया। पश्चिम बंगाल में उनकी (ममता की) सत्ता प्रकट हो रही है। पूर्वी मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम से भी चुनावी मैदान में उतरे शुभेंदु एक प्रतियोगी के रूप में सखावत गर्ल्स तृतीया केंद्र में गए थे। बंगाल में बीजेपी आ रही है: शुभेंदु उन्होंने हेराफेरी के लेज़ पर कहा, “उनकी योजना क्या है? वह जो कुछ भी कर रही है, वह सही नहीं है। वह खतरे में है क्योंकि वह हार रही है। पश्चिम बंगाल में परिवर्तन हो रहा है और यह बात सभी जानते हैं। सही नतीजे चार मई तक पता चल जाएंगे, लेकिन बीजेपी की सरकार आ रही है।” ममता बनर्जी गुरुवार (30 अप्रैल 2026) शाम को मोके में हेराफेरी का संकट डूब गया, भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के तृतीयक मध्य पूर्वी क्षेत्र। दक्षिण कोलकाता के सखावत मेमोरियल स्कूल में मध्यरात्रि से मध्यरात्रि के बाद अलगाव अलगाव ने कहा कि माध्यमिक क्षेत्र में केवल एक व्यक्ति को ही प्रवेश की अनुमति होगी। उन्होंने कहा, ‘अगर मातृभाषा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी करने की साजिश रची जाती है तो इसे नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।’ ये भी पढ़ें: ‘बीजेपी के सांसद हमें बांग्लादेशी- रोहिंग्या कहते हैं, उनके पतनियां ढाका की बर्बादी….’,महुआ मोइत्रा ने गिनती से पहले लिखा था

ई-रिक्शा की टक्कर से 12 साल के बच्चे की मौत:इंदौर में अस्पताल से भागी महिला ड्राइवर; गार्डन में जा रहा था खेलने

ई-रिक्शा की टक्कर से 12 साल के बच्चे की मौत:इंदौर में अस्पताल से भागी महिला ड्राइवर; गार्डन में जा रहा था खेलने

इंदौर के हीरानगर में रहने वाले 12 साल के एक बच्चे की हादसे में मौत हो गई। वह गार्डन में खेलने जा रहा था। इस दौरान सड़क पार करते समय उसे एक ई-रिक्शा ने टक्कर मार दी। आसपास के लोगों ने बच्चे को उठाया और ई-रिक्शा चला रही महिला के साथ उसे एमवाय अस्पताल पहुंचाया। यहां बच्चे की मौत की सूचना मिलते ही महिला वहां से भाग गई। हीरानगर पुलिस के मुताबिक मृतक 12 वर्षीय करण पिता मुकेश डामोर निवासी रघुनंदन बाग है। शुक्रवार दोपहर करीब 4 बजे सड़क पार करते समय उसे ई-रिक्शा (MP09-AT5741) ने टक्कर मार दी। हादसे में करण गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे आसपास के लोग अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। करण के परिजनों ने बताया कि वह घर के सामने स्थित ग्लोवर गार्डन में दूसरे बच्चों के साथ खेलने जा रहा था। इसी दौरान वह हादसे का शिकार हो गया। करण का परिवार मूल रूप से झाबुआ का रहने वाला है। उसके पिता इंदौर में मजदूरी करते हैं। परिवार में उसका एक छोटा भाई भी है। पुलिस अब ई-रिक्शा चला रही महिला की तलाश कर रही है। इधर, सेज यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट ने किया सुसाइड वहीं, एक अन्य मामले में तेजाजी नगर इलाके में सेज यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में रहने वाले इंजीनियरिंग के एक छात्र ने शुक्रवार को सुसाइड कर लिया। वह तबीयत खराब होने के कारण कॉलेज नहीं गया था। शाम को उसका दोस्त कमरे पर उसे देखने पहुंचा तो छात्र फंदे पर लटका मिला। मौके से किसी तरह का सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस ने शव को एमवाय अस्पताल भिजवाया है। तेजाजी नगर पुलिस के मुताबिक मृतक उत्कर्ष (21) ने सेज यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में फांसी लगाई। उसका दोस्त हिमांशु उसे एमवाय अस्पताल लेकर पहुंचा था। हिमांशु ने पुलिस को बताया कि उत्कर्ष मूल रूप से लखनऊ का रहने वाला था और पिछले तीन साल से यहां इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था। पुलिस के मुताबिक उत्कर्ष शुक्रवार को कमरे से बाहर नहीं निकला था। उसने तबीयत खराब होने की बात कही थी। शुरुआती जांच में उसके डिप्रेशन में होने की बात भी सामने आई है। पुलिस ने बताया कि परिवार से संपर्क किया जा रहा है और मामले की जांच जारी है।

नर्मदापुरम में FCI के रिजेक्शन पर भड़के सांसद दर्शन चौधरी:10 ट्रक लौटने पर बोले- सब गेहूं सिलेक्ट करो, रिजेक्ट नहीं; अफसरों को मौके पर बुलाया

नर्मदापुरम में FCI के रिजेक्शन पर भड़के सांसद दर्शन चौधरी:10 ट्रक लौटने पर बोले- सब गेहूं सिलेक्ट करो, रिजेक्ट नहीं; अफसरों को मौके पर बुलाया

नर्मदापुरम सांसद दर्शन सिंह चौधरी शुक्रवार रात करीब 8 बजे अनाज मंडी स्थित गेहूं उपार्जन केंद्र पहुंचे। यहां उन्होंने खरीदी व्यवस्था का निरीक्षण किया और किसानों व कर्मचारियों से बातचीत कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान रायपुर सेवा सहकारी समिति के प्रबंधक दीपक थापक और नर्मदांचल विपणन सहकारी संस्था के प्रबंधक जीतू राजपूत ने बताया कि भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) द्वारा बड़ी मात्रा में गेहूं रिजेक्ट किया जा रहा है। इसके चलते नर्मदांचल संस्था के 7 ट्रक और रायपुर सोसायटी के 3 ट्रक एफसीआई गोदाम से वापस लौटा दिए गए, जिससे किसानों का भुगतान अटक गया है। इस पर सांसद ने तुरंत जिला पंचायत सीईओ हिमांशु सिंह, नागरिक आपूर्ति निगम के डीएम वासुदेव डवडे, नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक सुरेश सनखेरे को मंडी कार्यालय बुलाकर स्थिति की जानकारी ली। “रिजेक्शन नहीं, समाधान पर ध्यान दें” अधिकारियों ने बताया कि गेहूं एफएक्यू (FAQ) मानक का नहीं होने के कारण रिजेक्ट किया गया। इस पर सांसद चौधरी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि हार्वेस्टर से कटाई में थोड़ी बहुत मिट्टी आना स्वाभाविक है, इसे आधार बनाकर गेहूं रिजेक्ट करना उचित नहीं है। उन्होंने निर्देश दिए कि साफ-सफाई, छनाई और अन्य उपाय कर गेहूं को मानक के अनुरूप तैयार किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ध्यान रिजेक्शन पर नहीं, बल्कि अधिक से अधिक गेहूं को स्वीकार (सेलेक्ट) करने पर होना चाहिए। व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश सांसद ने उपार्जन केंद्र पर किसानों की सुविधाओं को लेकर भी कई निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मजदूरों की संख्या बढ़ाई जाए। पीने के पानी, छांव और भोजन की बेहतर व्यवस्था हो। मच्छरों से बचाव के लिए दवा का छिड़काव किया जाए। प्रयास किया जाए कि किसानों को रात में रुकना न पड़े। अधिकारियों को दिए तकनीकी जांच के निर्देश जिला पंचायत सीईओ हिमांशु सिंह ने वेयरहाउस कॉर्पोरेशन और नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारियों से कहा कि एफसीआई के सर्वेयर को मौके पर बुलाकर गेहूं की जांच कराई जाए, ताकि रिजेक्शन के वैज्ञानिक कारण स्पष्ट हो सकें और अनावश्यक अस्वीकृति से बचा जा सके। निरीक्षण के दौरान सांसद ने किसानों और कर्मचारियों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं भी सुनीं और त्वरित समाधान के निर्देश दिए। समिति गेहूं जांच कर खरीदी कर रही, किसानों का भुगतान अटका अनाज मंडी में नर्मदा अंचल विपणन संघ और रायपुर सेवा सहकारी समिति द्वारा गेहूं की खरीदी की जा रही है। खास बात यह है कि दोनों ही केंद्र पर गेहूं की जांच समिति के कर्मचारी ही कर रहे हैं यहां पर सर्वे नियुक्त नहीं किए गए हैं। ऐसे में ऐसे FAQ माल जांचना बड़ा सवाल है। इसी वजह से एफसीआई द्वारा दोनों ही केंद्र के गेहूं को वापस लौटाया जा रहा है। गेहूं रिजेक्ट होने के कारण किसानों का भुगतान अटक गया है। नियम अनुसार किस को सा दिन के अंदर भुगतान होना था लेकिन रिजेक्ट वहां परिवार नहीं होने के कारण 20 दिन बाद भी किसानों को भुगतान नहीं हो पाया।

ट्रम्प ने यूरोपीय यूनियन की कार-ट्रकों पर 25% टैरिफ लगाया:कहा- व्यापार समझौते का पालन नहीं कर रहे, छूट चाहिए तो अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग करो

ट्रम्प ने यूरोपीय यूनियन की कार-ट्रकों पर 25% टैरिफ लगाया:कहा- व्यापार समझौते का पालन नहीं कर रहे, छूट चाहिए तो अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग करो

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषणा की है कि अगले हफ्ते से यूरोपीय संघ (EU) से आने वाली कारों और ट्रकों पर टैरिफ बढ़ाकर 25% कर दिया जाएगा। ट्रम्प का कहना है कि यूरोपीय संघ पहले से तय व्यापार समझौते का पालन नहीं कर रहा है, इसलिए यह फैसला लिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर यूरोपीय कंपनियां अमेरिका में ही कार और ट्रक बनाएंगी, तो उन पर कोई टैक्स नहीं लगाया जाएगा। ट्रम्प के अनुसार, इस समय अमेरिका में कई नई ऑटोमोबाइल और ट्रक फैक्ट्रियां बन रही हैं, जिनमें 100 बिलियन डॉलर से ज्यादा का निवेश हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका में इस तरह का निवेश और विकास पहले कभी नहीं देखा गया। इन फैक्ट्रियों में अमेरिकी लोगों को रोजगार मिलेगा। पिछले साल ट्रम्प और EU से बीच समझौता हुआ था यह व्यापार समझौता पिछले साल जुलाई में ट्रम्प और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के बीच हुआ था। इस समझौते को ‘टर्नबेरी एग्रीमेंट’ कहा जाता है, जिसका नाम स्कॉटलैंड में ट्रम्प के गोल्फ कोर्स के नाम पर रखा गया है। इस समझौते का मकसद अमेरिका और EU के बीच बढ़ते व्यापारिक तनाव को कम करना था। इस डील के तहत दोनों पक्षों ने आपसी व्यापार को संतुलित करने और टैरिफ विवाद को कम करने पर सहमति जताई थी। अमेरिका ने EU से आने वाले समान पर 15% टैरिफ लगाया था समझौते के मुताबिक, EU से अमेरिका आने वाले अधिकांश सामानों पर 15% टैरिफ तय किया गया था। यह एक बड़ा फैसला माना गया क्योंकि इससे पहले ट्रम्प प्रशासन 30% तक टैरिफ लगाने की चेतावनी दे चुका था। इसके बदले में यूरोपीय संघ ने अमेरिका में निवेश बढ़ाने और कुछ आर्थिक नीतियों में बदलाव करने का वादा किया था, जिससे अमेरिकी निर्यात को बढ़ावा मिल सके। हालांकि शुरुआत में इस डील को राहत के रूप में देखा गया, लेकिन बाद में कई मुद्दों पर मतभेद सामने आए थे। स्टील और एल्युमिनियम पर टैरिफ को लेकर अमेरिका और यूरोप के बीच विवाद बढ़ गया था, जिसमें जर्मनी और फ्रांस जैसे देशों ने अमेरिकी प्रस्तावों का विरोध किया था। इसके अलावा, इस साल अमेरिका सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया कि राष्ट्रपति को आर्थिक आपातकाल घोषित कर EU के सामान पर टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं है। इसके बाद टैरिफ की सीमा कुछ मामलों में घटाकर 10% कर दी गई थी। जर्मनी और फ्रांस को बड़ा नुकसान हो सकता है ट्रम्प से इस फैसले से यूरोप, खासकर जर्मनी और फ्रांस जैसे देशों की अर्थव्यवस्था में ऑटोमोबाइल सेक्टर को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है। टैरिफ बढ़ने से यूरोपीय गाड़ियां अमेरिकी बाजार में महंगी हो जाएंगी, जिससे उनकी मांग घट सकती है। इसका सीधा असर कंपनियों के मुनाफे और प्रोडक्शन पर पड़ेगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर निर्यात घटता है तो यूरोपीय कंपनियां प्रोडक्शन कम कर सकती हैं, जिससे नौकरियों पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा, निर्यात में गिरावट से यूरोप की आर्थिक वृद्धि भी धीमी हो सकती है। अमेरिका में भी महंगाई बढ़ सकती है इस फैसले का असर अमेरिका पर भी पड़ेगा। यूरोपीय कारों के महंगे होने से अमेरिकी ग्राहकों को ज्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी। साथ ही बाजार में ऑप्शन भी सीमित हो सकते हैं। आशंका जताई गई है कि यूरोपीय संघ जवाबी कार्रवाई कर सकता है और अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ बढ़ा सकता है। अगर ऐसा होता है, तो यह विवाद एक बड़े ‘ट्रेड वॉर’ का रूप ले सकता है, जिससे दोनों पक्षों को नुकसान होगा।