दान दिलाने के नाम पर बुजुर्ग से ठगी का खुलासा:CCTV की चेन बनाकर सतनवाड़ा से दो ठग गिरफ्तार, महाराष्ट्र से आकर शिवपुरी में बसे थे

ग्वालियर के सदर बाजार सौदागर संतर में बुजुर्ग महिला को दान दिलाने का झांसा देकर उससे गहने ठगकर फरार हुए दो ठगों को पुलिस ने सतनवाड़ा शिवपुरी से गिरफ्तार किया है। घटना के बाद बाजार से मिले CCTV फुटेज की चेन बनाकर पुलिस ठगों के पीछे-पीछे सतनवाड़ा के टेह गांव में पहुंच गई। यहां तिराहा पर खड़े दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों से पूछताछ के बाद ठगे गए कान के बाले, मंगलसूत्र, पेंडल व 500 रुपए बरामद कर लिए हैं। पता लगा है कि यह गिरोह मूल रूप से नांदेड़ महाराष्ट्र का रहने वाला हैं और शिवपुरी में आकर बस गया है। यह वारदात के लिए ग्वालियर आता था। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। ग्वालियर एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि मुरार में हुई ठगी की वारदात के बाद पुलिस ने तत्काल छानबीन शुरू कर दी थी। टीआई मुरार मैना पटेल के नेतृत्व में घटना स्थल के आसपास लगे CCTV कैमरे चेक किए। दो आरोपियों के फुटेज मिले, जिनको पुलिस ने अपने मुखबिरों के बीच चलाया तो इसी दौरान पुलिस टीम को मुखबिर द्वारा सूचना मिली कि CCTV फुटेज में दिख रहे संदिग्धों की पहचान श्रीनिवास उर्फ कन्हैया एवं सैलानी आदिवासी निवासी टेह सतनवाड़ा शिवपुरी के रूप में हुई। ऐसे समझिए पूरी घटना शहर के मुरार थाना क्षेत्र के सांई नगर लाल टिपारा निवासी साठ वर्षीय रामवती पत्नी लख्खू कुशवाह ने थाने पहुंचकर शिकायत की थी कि बुधवार दोपहर वह सदर बाजार सौदागर संतर से पंखा खरीदकर लौट रही थीं। इसी दौरान रास्ते में दो अनजान युवक मिले। युवकों ने उन्हें रोका और बताया कि उनके सेठ के यहां पर सालों बाद लड़का हुआ है और वह गरीबों को दान बांट रहे है। साथ ही बताया कि वह उसे भी दान दिला देंगे। उनकी बातों में फंसकर बुजुर्ग महिला को लालच आ गया। दोनों युवक महिला को महेश्वरी इलेक्ट्रॉनिक्स के पास ले गए और कहा कि दान पाने के लिए गरीब दिखना पड़ेगा, इसलिए वह अपने पहने हुए जेवर उतार ले। उनकी बातों में आकर बुजुर्ग महिला ने मंगलसूत्र, कानों के बाले, एक ओम का पेंडल और पांच सौ रुपए पर्स में रख लिए। इसके बाद दोनों युवक अभी आने की कहकर पर्स लेकर गागयब हो गए थे।
कहानियों का टकराव: यूपी विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र में महिला आरक्षण पर बीजेपी और विपक्ष में खींचतान | भारत समाचार

आखरी अपडेट:01 मई, 2026, 00:54 IST यह चर्चा हालिया संविधान (एक सौ इकतीसवां संशोधन) विधेयक के संसद में पारित नहीं हो पाने की पृष्ठभूमि में आयोजित की गई थी। विपक्ष के नेता और सपा विधायक माता प्रसाद पांडे ने कहा कि यह दिलचस्प है कि संसद के लिए निर्धारित मुद्दे पर विधानसभा में चर्चा क्यों की जा रही है। फ़ाइल चित्र/पीटीआई महिला सशक्तिकरण पर चर्चा के लिए उत्तर प्रदेश विधानसभा के विशेष एक दिवसीय सत्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने संसद में “महिला आरक्षण मुद्दे” के विरोध के लिए समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की निंदा की, जबकि प्रतिद्वंद्वी दलों ने राज्य विधानसभा में संसद के लिए एक विधेयक पर चर्चा करने के लिए भाजपा की आलोचना की। हाल ही में संसद के समक्ष रखे गए संविधान (एक सौ इकतीसवें संशोधन) विधेयक की पृष्ठभूमि में महिला सशक्तीकरण पर चर्चा के लिए गुरुवार को यूपी विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाया गया था। चुनावी राजनीति में महिलाओं के लिए आरक्षण का वादा करने वाली केंद्र की भाजपा नीत एनडीए सरकार द्वारा लाया गया विधेयक विपक्षी दलों द्वारा पराजित हो गया। बुधवार को विपक्ष के खिलाफ हमले का नेतृत्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कर रहे थे. उन्होंने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने संसद और विधानसभा में धर्म परिवर्तन का मुद्दा उठाकर महिला सशक्तिकरण और उनके लिए आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे को भटकाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि भाजपा ने हमेशा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण का समर्थन किया है लेकिन धर्म के आधार पर आरक्षण की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इसी मानसिकता के कारण देश को 1947 में विभाजन का सामना करना पड़ा और सभी राजनीतिक दलों को इससे ऊपर उठकर राष्ट्रीय मुद्दों का समर्थन करना चाहिए। सीएम योगी ने कहा, “हम ओबीसी, एससी और एसटी के अधिकारों को सुनिश्चित करने का समर्थन करते हैं। लेकिन राजनीति में महिलाओं को भी अधिक प्रतिनिधित्व दिया जाना चाहिए। इस विधेयक का उद्देश्य यही था। विपक्ष इसे मुसलमानों के आरक्षण से जोड़कर लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है। इसका उद्देश्य देश को विभाजित करना है और हम ऐसा नहीं होने देंगे। मुस्लिम आरक्षण का मुद्दा उठाकर विपक्ष देश को विभाजित करने की कोशिश कर रहा है।” उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य और ब्रिजेश पाठक ने भी विधानसभा के भीतर और बाहर सपा और कांग्रेस पर हमला बोला। विपक्ष के नेता और सपा विधायक माता प्रसाद पांडे ने कहा कि यह दिलचस्प है कि संसद के लिए निर्धारित मुद्दे पर विधानसभा में चर्चा क्यों की जा रही है। पांडे ने कहा, “यह मुद्दा संसद में पेश किया गया था। विधेयक संसद में लाया गया और विपक्ष ने इसे हरा दिया। विधानसभा में इस पर चर्चा क्यों की जा रही है? इसका कोई तर्क नहीं है।” उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक 2023 में संसद द्वारा पारित किया गया था, फिर भी भाजपा इस पर आगे नहीं बढ़ रही है और लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रही है। हालांकि, विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष की अनुमति से किसी भी मुद्दे पर चर्चा कर सकते हैं. चर्चा में कई विधायकों, जिनमें अधिकतर महिलाएं थीं, ने भाग लिया। कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि इतने महत्वपूर्ण मुद्दे पर कुछ घंटों में चर्चा नहीं की जा सकती और विपक्ष को सारे तथ्य सामने लाने के लिए और समय दिया जाना चाहिए. बाद में करीब छह घंटे की चर्चा के बाद सदन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया कहानियों का टकराव: यूपी विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र में महिला आरक्षण पर बीजेपी और विपक्ष में खींचतान अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें
कोलार फिल्टर प्लांट की बिजली गुल, सप्लाई ठप:भोपाल के 75 इलाकों में आज जलप्रदाय नहीं; 25 में बिजली कटौती होगी

भोपाल के करीब 75 इलाकों में शुक्रवार को जलप्रदाय नहीं होगा। ये इलाके कोलार लाइन से जुड़े हैं। गुरुवार को कोलार फिल्टर प्लांट की बिजली सप्लाई व्यवस्था प्रभावित हुई। इस वजह से इन इलाकों में गुरुवार को पानी की सप्लाई नहीं हो सकी। इधर, शुक्रवार को करीब 25 इलाकों में 2 से 4 घंटे तक बिजली कटौती होगी। जानकारी के अनुसार, कोलार फिल्टर प्लांट में बिजली सप्लाई ठप होने और मनुआभान फिल्टर प्लांट वॉल्व खराब होने के कारण गुरुवार को जलप्रदाय प्रभावित रहा। इस वजह से शुक्रवार को सुबह के समय इन इलाकों में पानी नहीं पहुंचेगा। 800 एमएम व्यास का वॉल्व इसी तरह मनुआभान टेकरी स्थित फिल्टर प्लांट पर जीएसआर के 800 एमएम व्यास के वॉल्व में खराबी हो जाने के कारण जोन नंबर-16 एवं 17 के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में भी शुक्रवार को पानी नहीं मिलेगा। इन इलाकों में पानी नहीं मिलेगा यहां बिजली कटौती भी होगी
इंदौर–पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर: 3 मई को भूमि पूजन:मुख्यमंत्री होंगे शामिल, 250 फीट चौड़ी होगी सिक्स लेन सड़क; 329 करोड़ के प्रोजेक्ट को मिलेगी रफ्तार

इंदौर में प्रस्तावित इंदौर–पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के भूमि पूजन को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। करीब 20 किलोमीटर लंबे इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का निर्माण नैनोद से एबी रोड तक किया जाएगा, जिससे क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। यह कॉरिडोर 250 फीट चौड़ा और सिक्स लेन का होगा। इस प्रोजेक्ट पर लगभग 329 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। सरकार का दावा है कि इससे उद्योग, व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। भूमिपूजन कार्यक्रम 3 मई को ग्राम नैनोद में आयोजित होगा, जिसमें डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की बैठक कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर गुरुवार को आयोजित बैठक में मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, विधायक उषा ठाकुर सहित कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। कलेक्टर शिवम वर्मा, जिला पंचायत सीईओ सिद्धार्थ जैन, एमपीआईडीसी के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर हिमांशु प्रजापति और राऊ विधायक मधु वर्मा सहित अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मंच, पार्किंग, यातायात व्यवस्था, सुरक्षा इंतजाम पेयजल और बिजली आपूर्ति की समीक्षा की गई। साथ ही संबंधित विभागों को समय सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने आगंतुकों और जनप्रतिनिधियों की सुविधा के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने और प्रभावी यातायात और सुरक्षा योजना लागू करने के निर्देश दिए। आर्थिक विकास को मिलेगा बढ़ावा सरकार का मानना है कि यह इकोनॉमिक कॉरिडोर क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा। साथ ही स्थानीय किसानों, व्यापारियों और आम नागरिकों को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।
भोपाल में जीएसटी नियमों में सख्ती:सिर्फ नंबर या नाम के आधार पर नहीं रोके जाएंगे मालवाहक वाहन; जानकारी देना होगी

मध्यप्रदेश में अब व्यापारियों के माल से भरे वाहनों को मनमाने ढंग से रोकना आसान नहीं होगा। कमर्शियल टैक्स विभाग ने नया सर्कुलर जारी कर स्पष्ट किया है कि जीएसटी एक्ट के तहत कार्रवाई का अधिकार मुख्य रूप से उसी विभाग के पास रहेगा। अब यदि पुलिस या कोई अन्य विभाग किसी वाहन को रोकता है, तो उसे पूरी प्रक्रिया का रिकॉर्ड रखना होगा। केवल गाड़ी का नंबर, ड्राइवर का नाम या अधूरी जानकारी के आधार पर कार्रवाई नहीं की जा सकेगी। संबंधित अधिकारी को यह स्पष्ट करना होगा कि वाहन को किस सूचना के आधार पर, कब और क्यों रोका गया। साथ ही, पहले की तरह वाहन रोककर बाद में कमर्शियल टैक्स विभाग को सूचना देकर कार्रवाई करने का दबाव बनाने की प्रक्रिया भी अब खत्म कर दी गई है। इनफार्मर पर भी सख्ती नई व्यवस्था में सूचना देने वाले (इनफार्मर) की जवाबदेही भी तय की गई है। यदि जांच में सूचना गलत पाई जाती है, तो संबंधित व्यक्ति को दस्तावेजों के साथ बुलाया जा सकता है। इससे विभाग को उम्मीद है कि झूठी या अपुष्ट सूचनाओं में कमी आएगी। कारोबारियों को राहत अब टैक्स चोरी की सूचना पर छापा या जब्ती की कार्रवाई करने से पहले संबंधित सर्किल प्रभारी को वेब पोर्टल पर इसकी जानकारी दर्ज करनी होगी। इस व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी और व्यापारियों को अनावश्यक परेशानियों से राहत मिलेगी।
इंदौर में आज से हाउस लिस्टिंग ब्लॉक सर्वे:41 टीमें गठित, एक माह तक घर-घर पहुंचेंगी; नागरिकों से सहयोग की अपील

इंदौर शहर में जनगणना के तहत हॉउस लिस्टिंग ब्लॉक (HLB) सर्वे का शुभारंभ 1 मई से किया जाएगा। सेल्फ इन्युमरेशन की अवधि समाप्त होने के बाद अब प्रगणक और सुपरवाइजर घर-घर जाकर जानकारी एकत्रित करेंगे। यह सर्वे आगामी एक माह तक चलेगा। कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि सर्वे के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। चार्ज ऑफिसर्स की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विस्तृत ब्रीफिंग की गई है और प्रगणकों व सुपरवाइजर्स का प्रशिक्षण भी पूर्ण हो चुका है। इंदौर में 41 अधिकारियों के साथ एक टीम का गठन किया गया है। सभी सदस्यों को अपने-अपने काम की जानकारी और पर्याप्त प्रशिक्षण दिया जा चुका है। आज से सभी टीम के सदस्य घर-घर पहुंचकर सर्वे का काम करेंगे। यह सर्वे जनगणना निदेशालय के निर्देशानुसार संचालित किया जा रहा है। इसमें जुटाए गए आंकड़े देश की विभिन्न नीतियों और योजनाओं के निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अब सर्वे टीम शहर के हर क्षेत्र में घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेगी, जिससे सटीक और व्यापक डेटा तैयार किया जा सके। कलेक्टर ने नागरिकों से अपील की है कि सर्वे टीम के पहुंचने पर सही और पूर्ण जानकारी दें और सहयोग करें। साथ ही किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की भी सलाह दी गई है।
भोपाल के बड़ा तालाब किनारे कार्रवाई:50 मीटर के दायरे में 11 कब्जे हटाए; फार्म हाउस, स्विमिंग पूल भी तोड़ा

नेशनल ग्रीन ट्रूब्नल (एनजीटी) के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने भोपाल के बड़े तालाब के एफटीएल (फुल टैंक लेवल) से 50 मीटर के दायरे में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तेज कर दी है। गुरुवार को सैवनिया गौंड इलाके में 11 अवैध निर्माण हटाए गए। आज शुक्रवार को भी यह कार्रवाई चलेगी। कार्रवाई से पहले संबंधित लोगों को सुनवाई का अवसर दिया गया था। इसके बाद मौके पर पहुंची टीम ने बाउंड्री वॉल, टीन शेड और कच्ची-पक्की फेंसिंग को हटाया। साथ ही तालाब की सीमा में बने स्विमिंग पूल को भी ध्वस्त किया गया। इस अभियान में आरटीओ के पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा की सास रेखा तिवारी का फार्म हाउस भी शामिल रहा। सीमांकन के दौरान फार्महाउस का बड़ा हिस्सा 50 मीटर के प्रतिबंधित दायरे में पाया गया, जहां बने स्विमिंग पूल पर बुलडोजर चलाया गया। अब तक यह कार्रवाई प्रशासन के अनुसार, 2026 के सर्वे में कुल 302 अतिक्रमण चिन्हित किए गए थे। जिनमें से अब तक 49 से अधिक हटाए जा चुके हैं। एसडीएम अर्चना शर्मा ने बताया कि यह कार्रवाई आगे भी चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगी। इन बड़े अतिक्रमण पर अब तक कार्रवाई नहीं हुई बड़ा तालाब की हद जानने इनका सीमांकन भी सूत्रों के अनुसार, वन विहार रोड स्थित होटल रंजीत, होटल टोरकस, अन्नतास गार्डन, लेक हाउस का कुछ हिस्सा आ रहा है। वहीं, मैथलीशरण गुप्ता, कीर्ति जैन, पीएस भटनागर, मोहिनी देवी, बसंत कौर, सौम्या श्रीवास्तव, प्रकाश चंदेल, मुकेश शर्मा आदि के निर्माण भी जद में आ रहे हैं। इसके अलावा बैरागढ़ तहसील क्षेत्र में शामिल बड़ा तालाब का काफी हिस्सा भी जद में है। भास्कर पड़ताल में देखिए, तालाब की हद में बने आलिशान घर दैनिक भास्कर ने 200 फीट की ऊंचाई से भोपाल की लाइफ लाइन से खिलवाड़ करने वाले अतिक्रमण को ड्रोन कैमरे में कैद किया। करीब 9 महीने पहले ही एफटीएल से जुड़कर ही एक 2 मंजिला मकान बना दिया गया। इसी में स्वीमिंग पूल भी है। इसे टीटी नगर एसडीएम वृत की टीम ने लिस्टेड किया है। इन अतिक्रमण की जद में रसूखदारों के साथ-साथ होटल जहांनुमा, सायाजी, वन विहार समेत नगर निगम के सरकारी निर्माण भी हैं। बावजूद अब तक इन्हें नहीं हटाया गया है। प्राइवेट के साथ सरकारी अतिक्रमण भी बता दें कि पिछले महीने हुए सर्वे में प्राइवेट के साथ सरकारी अतिक्रमण भी सामने आए हैं। एफटीएल के 50 मीटर के दायरे में सैर सपाटा, बोट क्लब, विंड एंड वेव्स होटल और वन विहार का कुछ हिस्सा भी आ रहा है। इन जगहों पर ज्यादा अतिक्रमण बैरागढ़ सर्किल में 220 अतिक्रमण हैं। टीटी नगर में 127 अतिक्रमण चिह्नित कर नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इनमें 59 निजी और 78 सरकारी शामिल हैं। प्रशासन ने सेवनिया गोंड, प्रेमपुरा सहित अन्य क्षेत्रों में भी सीमांकन किया था। वन विहार के पास जॉक रेस्टोरेंट, लहर रेस्टोरेंट, विंड्स एंड वेब, होटल रंजीत लेकव्यू, फूड जोन की 26 दुकानें, गेम जोन, कचरा कैफे, सुलभ कॉम्प्लेक्स और लहर जिम सहित अन्य निर्माण शामिल हैं।एक्सपर्ट राशिद नूर ने बताया, शहरी सीमा में 50 मीटर और ग्रामीण सीमा में 250 मीटर के दायरे में कोई निर्माण नहीं होना चाहिए, लेकिन एफटीएल मुनार से सटकर ही पक्के निर्माण बना दिए गए हैं। सिलसिलेवार जानिए, अब तक क्या हुआ… पहला सर्वे: साल 2016 में डीजीपीएस सर्वे, पर रिपोर्ट सामने नहीं आई साल 2016 में नगर निगम ने डीजीपीएस (डिफरेंशियल ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) सर्वे कराया था। यह जमीन का सटीक माप करने की तकनीक है, जो जीपीएस की तुलना में ज्यादा जानकारी सामने लाती है। जमीन की सीमा, आकार का सटीक डेटा इकट्ठा करती है। इस सर्वे में बड़ा तालाब का क्षेत्र 38.72 वर्ग किमी बताया गया था, जबकि पहले यह एरिया 32 वर्ग किमी माना जाता था। इसकी रिपोर्ट में तालाब के एफटीएल के को-ऑर्डिनेट्स दर्ज हैं। इन को-ऑर्डिनेट्स के आधार पर धरातल पर भी सीमाएं तय की जा सकती हैं। तालाब की सीमा में आ रही निजी जमीन के मालिकाना हक का भी निर्धारण हो सकता है, लेकिन यह रिपोर्ट निगम की फाइलों में दबकर रह गई। रिपोर्ट का आज तक खुलासा नहीं हो सका। दूसरा सर्वे: 141 मुनारें ही गायब हो गईं इसी साल एनजीटी ने बड़े तालाब का सर्वे करने के निर्देश दिए थे। इसमें 943 में से 802 मुनारें ही मिली थीं। इसमें भी 337 मुनारें पानी के भीतर डूबी हुईं थीं, यानी उन्हें एफटीएल से पहले ही लगाया गया था। 141 मुनारें मौके से गायब थीं, लेकिन इसके बाद मुनारें दोबारा लगाने और अतिक्रमण रोकने की कोई ठोस पहल नहीं हुई। तीसरा सर्वे: सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सर्वे हुआ, रिपोर्ट का अता-पता नहीं इस साल सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद सर्वे किया गया। जिला प्रशासन ने मप्र झील संरक्षण प्राधिकरण के साथ मिलकर सर्वे किया, लेकिन इसकी रिपोर्ट का कोई अता-पता नहीं है। ये रिपोर्ट अब तक सामने नहीं आई है। न ही सरकार के किसी दस्तावेज में यह जिक्र आया है कि इस सर्वे का क्या हुआ? एक मोबाइल ऐप पर इसकी रिपोर्ट दर्ज होने की बात कही जाती है। जब तक यह दस्तावेज में नहीं आएगा तब तक धरातल पर सीमांकन नहीं हो सकता। 6 महीने पहले CM दे चुके निर्देश, सांसद ने कहा-मास्टर प्लान बने बड़ा तालाब को लेकर सरकार तो गंभीर है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही सामने आ रही है। करीब छह महीने पहले सीएम डॉ. मोहन यादव ने तालाब के आसपास के अतिक्रमण का नए सिरे से सर्वे करने के निर्देश नगरीय आवास एवं विकास विभाग की बैठक में दिए थे। वहीं, कुछ समय पहले भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने बड़ा तालाब का मास्टर प्लान बनाने की पैरवी की थी। कहा था कि मास्टर प्लान बनने से तालाब को सुरक्षित किया जा सकेगा। बड़ा तालाब के 50 मीटर के दायरे में 1300 से ज्यादा अतिक्रमण सामने आया था। 10 साल में सिर्फ 1 बड़ी कार्रवाई, महीनों तक विस्थापन नहीं करीब दो साल पहले भदभदा झुग्गी बस्ती से कुल 386 घरों को हटाया गया था। एनजीटी ने कार्रवाई के आदेश दिए थे। बड़ा तालाब के कैचमेंट एरिया में अतिक्रमण की 10 साल में यही बड़ी कार्रवाई थी। इसके बाद प्लान बने, लेकिन जमीन पर नहीं आए।
ग्वालियर में 26 साल की युवती से दुष्कर्म:सहेली के भाई ने शादी के बाद युवती के पति को भेजे अश्लील फोटो-वीडियो, रिश्ता तुड़वाया

ग्वालियर में 26 साल की युवती से रेप का मामला सामने आया है। सहेली के भाई ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया। इसके बाद युवती की शादी हो गई। शादी के बाद भी ब्लैकमेल कर आरोपी उसका शोषण करता रहा। जब युवती ने एक दो बार आने से मना किया तो आरोपी ने अपने संबंध की बात उसके पति को बता दी। यकीन दिलाने के लिए कुछ अश्लील फोटो-वीडियो भेज दिए। सच्चाई सामने आने पर पति ने युवती को छोड़ दिया। इसके बाद फिर आरोपी उससे शारीरिक संबंध बनाने लगा। जब युवती ने शादी के लिए कहा तो आरोपी मुकर गया। घटना जनवरी 2025 से अप्रैल 2026 के बीच की है। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। महिला थाना पुलिस ने बताया कि 26 वर्षीय महिला ने थाने आकर शिकायत की है कि उसकी दोस्ती वर्ष 2025 में मुश्फिक हुसैन, निवासी तेली की बजरिया, से हुई थी। मुश्फिक हुसैन उसकी सहेली का भाई है। दोस्ती होने के बाद मुश्फिक ने उससे प्यार का इजहार किया। प्यार के जाल में फंसाकर उसके साथ अवैध तरीके से शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद वह उसका शोषण करता रहा। इसी बीच घरवालों ने युवती की शादी कर दी। शादी के बाद भी आरोपी उसे मिलने के लिए बुलाता रहा और ब्लैकमेल कर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाता था। पति को बताया अवैध संबंध की बात, दिखाए फोटो जब महिला ने मुश्फिक के बुलाने पर विरोध किया तो इसके बाद मुश्फिक ने उसके पति को उसके और अपने संबंधों की जानकारी दी। साथ ही, यकीन दिलाने के लिए उसके पति के मोबाइल पर अश्लील फोटो व वीडियो भेज दिए। जिसके बाद पति ने उसे छोड़ दिया और वह मायके में रहने लगी। शादी का वादा कर किया गलत काम, अब मुकरा पति के छोड़ने के बाद आरोपी मुश्फिक ने युवती से फिर नजदीकियां बढ़ाकर उसके साथ शादी का वादा का संबंध स्थापित किए। अब जब युवती ने शादी के लिए कहा तो वह मुकर गया। विरोध करने पर युवती व उसके भाई को जान से मारने की धमकी देने लगा। परेशान होकर पीड़िता ने मामले की शिकायत महिला थाना में की है। जिस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। महिला थाना प्रभारी रश्मि भदौरिया ने बताया- एक युवती की शिकायत पर उसके पूर्व दोस्त पर दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया है। आरोपी को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ की जा रही है।
Rs 2.5 Cr Claims in PMJJBY Scam

प्रदेश में फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र के आधार पर ढाई करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है। बीमा कंपनियों से हुई इस ठगी के मामले में पुलिस ने ग्वालियर, मुरैना, रतलाम समेत प्रदेश के अन्य जिलों में चल रहे संगठित गिरोह के जुड़े होने का राजफाश किया है। . फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र मामले में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने अनेक व्यक्तियों की जानकारी के बिना ही उनके नाम से बीमा पॉलिसियां जारी कराईं। इसके बाद एक वर्ष के भीतर ही ऐसे व्यक्तियों को मृत बताकर नगरीय निकायों से फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कराए गए और उनके आधार पर बीमा क्लेम प्राप्त कर लिया गया। विशेष पुलिस महानिदेशक, अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) के अंतर्गत संगठित अपराधियों के एक गिरोह द्वारा फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्रों के आधार पर ठगी किए जाने का खुलासा किया गया है। इनके द्वारा बीमा कंपनियों से लगभग ढाई करोड़ रुपए की धोखाधड़ी किए जाने का मामला सामने आया है। यह संगठित अपराध ग्वालियर, मुरैना, रतलाम सहित प्रदेश के अन्य जिलों में सुनियोजित तरीके से संचालित किया जा रहा था। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि गिरोह के सदस्यों द्वारा विभिन्न बैंकों में फर्जी नामों से सैकड़ों संदिग्ध बैंक खाते खोले गए तथा इन्हीं खातों के माध्यम से बड़ी संख्या में बीमा पॉलिसियां ली गईं। इस तरह से किया गया फर्जीवाड़ा एक ही परिवार के कई सदस्यों के नाम पर बीमा कराया गया। एक ही नाम-पते वाले व्यक्तियों के अलग-अलग बीमा कंपनियों में बीमा कराए गए। एक ही मोबाइल नंबर एवं ई-मेल आईडी का उपयोग विभिन्न खातों और बीमा पॉलिसियों में किया। अनेक व्यक्तियों की जानकारी के बिना ही उनके नाम से बीमा पॉलिसियां जारी कराई गईं। संबंधित हितग्राही को इसकी कोई जानकारी नहीं थी। बीमा कराने के एक माह से एक वर्ष के भीतर ही इन व्यक्तियों को मृत बताया गया। नगरीय निकायों से कथित रूप से फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कराए गए और उनके आधार पर बीमा क्लेम प्राप्त कर लिया गया। कई मामलों में संबंधित व्यक्ति जीवित पाए गए, फिर भी उन्हें मृत दिखाकर धोखाधड़ी की गई। इस तरह से राशि निकाली गई गिरोह द्वारा धोखाधड़ी से प्राप्त राशि को छिपाने के लिए एक सुनियोजित नेटवर्क का उपयोग किया गया। ग्वालियर एवं मुरैना में खोले गए खातों में राशि जमा होते ही उसे रतलाम, राजस्थान के सवाई माधोपुर, गंगानगर एवं अन्य स्थानों के एटीएम से तत्काल निकाल लिया जाता था या म्यूल खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता था। ग्वालियर-मुरैना क्षेत्र के एटीएम से की गई। संदेहास्पद खातों को चिन्हित कर फ्रीज करने की कार्रवाई की गई है। कई मामलों में बीमित व्यक्ति का निवास स्थान एक स्थान पर दर्ज किया गया, जबकि उसकी मृत्यु किसी अन्य दूरस्थ स्थान पर दर्शाई गई। वहीं से फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कराए गए। नामित व्यक्तियों द्वारा कॉमन मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी का उपयोग कर क्लेम राशि प्राप्त की गई। क्या है जीवन ज्योति बीमा योजना “प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना” एक केंद्रीय सामाजिक सुरक्षा योजना है, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को जीवन बीमा कवर प्रदान करना है। 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग के हितग्राहियों को 436 रुपये वार्षिक प्रीमियम पर 2 लाख रुपए का बीमा कवर उपलब्ध कराया जाता है, जिसकी राशि मृत्यु की स्थिति में नामित व्यक्ति को प्रदान की जाती है। इस मामले में कई ऐसे उदाहरण सामने आए हैं, जहां एक ही परिवार के दो या तीन सदस्यों की मृत्यु एक ही सप्ताह या एक माह के भीतर दर्शाकर बीमा दावा प्राप्त किया गया, जबकि लगभग सभी मामलों में मृत्यु का कारण ‘प्राकृतिक’ बताया गया है। दूसरे राज्यों में फैले नेटवर्क की जुटा रहे जानकारी मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा इस संगठित अपराध के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। गिरोह में शामिल आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी, बैंकिंग एवं बीमा नेटवर्क की विस्तृत जांच तथा अन्य राज्यों में फैले नेटवर्क का भी पता लगाया जा रहा है। इस मामले में अभी और खुलासे होने की संभावना है।

