साल में बस 2 ही महीने मिलता है ये फल, बना सकते हैं अचार, चटनी, सब्जी, कई रोगों के लिए काल!

Lasoda health benefits in summer: कई तरह के फल गर्मियों में आप खाते हैं, लेकिन क्या कभी लसोड़ा फल (Lasoda fruit) का स्वाद चखा है? छोटा गोल आकार का हरे रंग (कच्चा) का ये फल मुख्य रूप से गर्मियों में मिलने वाला फल है. जब ये पक जाता है तो थोड़ा बहुत रंग पीला भी हो जाता है. हालांकि, ये एक ट्रॉपिकल और जंगली फल है, जिसे ग्लू बेरी (Glue berry), इंडियन बेरी भी कहते हैं. भारत में ये फल मुख्य रूप से राजस्थान में मिलता है. इससे गर्मियों में अचार, चटनी और सब्ज़ी बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. आपने लसोड़े के अचार के बारे में जरूर सुना होगा. यह एक चिपचिपा फल है, जो ब्लड प्रेशर भी कंट्रोल में रखता है. जानिए लसोड़ा कब मिलता है, इसके सेवन के क्या फायदे होते हैं. लसोड़ा किस महीने मिलता है? अन्य फलों की तरह लसोड़ा सालभर नहीं मिलता है. यदि आपको इसका स्वाद चखना है तो आपको मई-जून महीने का इंतजार करना होगा. इसी वजह से ये दुर्लभ फलों में शामिल है. लसोड़ा गर्मियों में खाया जाने वाला फल है. बस, दो महीने ही ये आपको मार्केट में मिलेगा. यह एक मौसमी फल है. आपको लसोड़ा मिले तो जरूर खरीदें और इससे चटनी, अचार, सब्जी बनाकर खाएं. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. लसोड़ा में पोषक तत्व पोषण मूल्यों की बात करें तो लसोड़े फल में एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन, कैल्शियम, फॉस्फोरस, आयरन, जिंक जैसे मिनरल्स भरपूर मौजूद होते हैं. लसोड़ा खाने के फायदे एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर- लसोड़ा फल में फ्लेवोनॉइड्स और फेनोलिक यौगिक पाए जाते हैं. ये शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने में मदद करते हैं. यह प्रक्रिया बढ़ती उम्र और कई क्रोनिक डिजीज के जोखिम को कम करने से जुड़ी होती है. पाचन को रखे दुरुस्त- गर्मियों में लसोड़ा खाने से पाचन तंत्र सही रहता है. इसमें मौजूद फाइबर आंतों की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाता है. मल त्याग को नियमित करता है, जिससे आप कब्ज से बचे रह सकते हैं. श्वसन तंत्र को रखे हेल्दी- आयुर्वेद में लसोड़ा का उपयोग खांसी और गले की परेशानी को ठीक करने के लिए किया जाता है. कुछ शोध के अनुसार, इसमें कफ को बाहर निकालने वाले गुण मौजूद होते हैं. सूजन कम करे- इस फल के अर्क में प्रयोगशाला अध्ययनों के अनुसार एंटी-इंफ्लेमेशन प्रभाव पाए गए हैं, जो सूजन और हल्के संक्रमण से राहत देने में सहायक हो सकते हैं. लिवर को रखे हेल्दी- कुछ अध्ययनों से ये भी संकेत मिलते हैं कि यह लिवर को स्वस्थ रखने में कारगर कर सकता है. एंटीबैक्टीरियल गुण- लसोड़ा के फल और पत्तियों में कुछ ऐसे कम्पाउंड भी होते हैं, जो बैक्टीरिया और फंगस के खिलाफ प्रभावी हो सकते हैं.
जबलपुर क्रूज हादसा; सोनू सूद ने उठाए सवाल:बोले-बिहार, वृंदावन के बाद MP में भी जानें गईं, आखिर कब तक?

मध्य प्रदेश के जबलपुर के बरगी डैम में गुरुवार शाम को हुए क्रूज हादसे के बाद एक्टर सोनू सूद ने सिस्टम की जवाबदेही पर सवाल उठाए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सोनू सूद ने लिखा, कुछ समय पहले मैंने बिहार नाव हादसे पर ट्वीट किया था और कहा था कि हर यात्री के लिए लाइफ जैकेट जरूरी होनी चाहिए। फिर वृंदावन में हादसा हुआ… और अब मध्य प्रदेश में भी, उसी तरह लोगों की जान चली गई। आखिर कब तक? अब समय आ गया है कि इसे सख्ती से लागू किया जाए: कोई भी नाव तब तक न चले, जब तक हर यात्री लाइफ जैकेट न पहने। उन्होंने आगे लिखा, साथ ही, एक सरकारी पोर्टल होना चाहिए, जहां हर यात्रा से पहले टाइम के साथ यह सबूत अपलोड हो कि सभी यात्रियों ने लाइफ जैकेट पहनी है। सिर्फ सख्त नियम और जवाबदेही ही लोगों की जान बचा सकते हैं। गुरुवार शाम पर्यटकों से भरा क्रूज डूब गया था जबलपुर में नर्मदा नदी पर बने बरगी डैम में गुरुवार शाम करीब 5 बजे MP टूरिज्म का पर्यटकों से भरा क्रूज डूब गया था। इस पर लगभग 47 पर्यटक सवार थे, जबकि टिकट सिर्फ 29 लोगों की ही कटी थी। हादसा किनारे से करीब 300 मीटर दूर हुआ। जिस समय क्रूज डूबा, उस वक्त हवा की रफ्तार करीब 74 किलोमीटर प्रति घंटा थी। बरगी सिटी सीएसपी अंजुल मिश्रा के मुताबिक SDRF ने कई लोगों को बचाया, लेकिन तेज हवा, अंधेरा और खराब मौसम के कारण राहत कार्य प्रभावित हुआ। हादसे में अब तक 9 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। तीन बच्चों समेत 4 लोग अभी भी लापता हैं, जिनका शुक्रवार देर शाम तक कोई सुराग नहीं मिल सका था। तेज बारिश के कारण शुक्रवार को सर्च ऑपरेशन रोकना पड़ा था। शनिवार सुबह 5 बजे से एक बार फिर सर्चिंग शुरू की जाएगी। देखिए, 6 तस्वीरें… प्रदेशभर में क्रूज संचालन पर रोक लगी हादसे के बाद प्रशासन ने प्रदेशभर में क्रूज संचालन पर रोक लगा दी है। क्रूज पायलट, हेल्पर और टिकट काउंटर प्रभारी समेत तीन लोगों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। मामले की जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित कर दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि इस मामले में दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
Disaster Emergency Alert Test Update; NDMA

नई दिल्ली1 मिनट पहले कॉपी लिंक देशभर में शनिवार सुबह 11.45 बजे करोड़ों लोगों के मोबाइल फोन पर सायरन की आवाज के साथ स्क्रीन पर इमरजेंसी अलर्ट दिखाई दिया। सायरन बंद होने के बाद इस अलर्ट को पढ़कर भी सुनाया गया। कई लोग इससे परेशान हो गए, तो कई कन्फ्यूज। दरअसल यह मैसेज राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, यानी NDMA ने भेजा था, जो इमरजेंसी मोबाइल अलर्ट ट्रायल का हिस्सा है। NDMA ने इमरजेंसी में लोगों तक सूचना पहुंचाने के लिए 2 मई को सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम का परीक्षण किया था। सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक से इमरजेंसी में रियल-टाइम अलर्ट मिलेगा NDMA ने मोबाइल SMS को सेल ब्रॉडकास्ट (CB) तकनीक से जोड़ा है। इससे चुने गए इलाके में एक्टिव सभी मोबाइल फोन पर एक साथ अलर्ट मिलेगा। इससे इमरजेंसी के समय रियल टाइम सूचना पहुंच सकेगी। देशभर में इमरजेंसी मैसेज की एकसाथ टेस्टिंग शनिवार को देश के सभी राज्यों की राजधानियों और दिल्ली-NCR में सभी मोबाइल फोन पर एकसाथ टेस्टिंग मैसेज भेजा गया। यह मैसेज हिंदी और अंग्रेजी के साथ सभी क्षेत्रीय भाषाओं में भी भेजा गया। इस मैसेज में लोगों को बताया गया कि यह केवल परीक्षण है और इस पर कोई एक्शन लेने की जरूरत नहीं है। सरकार ने पहले ही बताया था- मैसेज से घबराएं नहीं सरकार ने दो दिन पहले ही मैसेज भेजकर लोगों से अपील की थी कि टेस्टिंग वाला मैसेज मिलने पर घबराएं नहीं। शनिवार का मैसेज केवल इमरजेंसी के हालात में चेतावनी देने वाले सिस्टम की जांच के लिए भेजा गया था। देश में ही विकसित किया गया है SACHET सिस्टम इमरजेंसी की स्थिति में लोगों को रियल टाइम अलर्ट देने के लिए सरकारी संस्था सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमेटिक्स (C-DOT) ने इंटीग्रेटेड अलर्ट सिस्टम ‘SACHET’ को विकसित किया है। सचेत नाम का यह सिस्टम कॉमन अलर्टिंग प्रोटोकॉल (CAP) पर आधारित है। इसे देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एक्टिव कर दिया गया है। खबर लगातार अपडेट कर रहे हैं… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Jalandhar Businessman Molestation Case | Gym Trainer FIR

जिम में पीछे से जाकर महिला ट्रेनर को बाहों में भरता कारोबारी हनी रंधावा। जालंधर में एक कारोबारी ने लेडी जिम ट्रेनर के साथ भरे जिम में छेड़छाड़ की। वह पीछे से आया और लेडी जिम ट्रेनर को बाहों में भरकर पकड़ लिया। यह देखकर लेडी ट्रेनर भी हैरान रह गई। उसने तुरंत पीछे मुड़कर विरोध जताया। . इसके बाद वह कारोबारी से बहस करते हुए नजर आई और तुरंत वहां से दूसरी तरफ चली गई। कारोबारी समझ गया कि लेडी ट्रेनर नाराज हो गई तो वह भी पीछे-पीछे जाता नजर आया। इस मामले का CCTV फुटेज भी सामने आया है। लेडी ट्रेनर का कहना है कि जिस वक्त ये घटना हुई, जिम में कई लोग एक्सरसाइज कर रहे थे। कारोबारी ने पीछे से पकड़कर उसके साथ अश्लील हरकतें कीं। जिम में मौजूद अन्य लोग भी इस घटना को देखकर दंग रह गए। उसने तुरंत इसकी शिकायत 112 पर कॉल कर दी। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस को आपबीती सुनाई। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी कारोबारी हनी रंधावा को गिरफ्तार कर लिया। सबसे पहले जानिए, CCTV फुटेज में क्या दिख रहा सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि लेडी जिम ट्रेनर शीशे के सामने मोबाइल देखने में व्यस्त है। इस दौरान हनी रंधावा तेजी से पीछे से आता है। वह अचानक जिम ट्रेनर को पीछे से आकर बाहों में भर लेता है। अचानक इस हरकत से जिम ट्रेनर भी हैरान रह जाती है। वह तुरंत पीछे की तरफ मुड़ते हुए कुछ कहती है। इसके बाद वह वहां से जाने लगती है तो आरोपी उसे शांत करने की कोशिश करता है। मगर, लेडी ट्रेनर शांत नहीं हुई। वह बहुत गुस्से में नजर आ रही है। उसका गुस्सा देख कारोबारी पीछे हट जाता है। इसके बाद वह दूसरी तरफ चली जाती है। PHOTOS में देखिए पूरी घटना… तस्वीर-1…कारोबारी पीछे आया, लेडी मोबाइल देखने में व्यस्त लेटी ट्रेनर जिम में शीशे के सामने मोबाइल देखने में व्यस्त है, उसके आसपास अन्य लोग भी वर्कआउट कर रहे हैं। इसी दौरान आरोपी कारोबारी पीछे से आया। हालांकि इस दौरान अन्य किसी व्यक्ति का कारोबारी की तरफ ध्यान नहीं गया। तस्वीर-2…लेडी ट्रेनर को पीछे से अचानक पकड़ा लेटी ट्रेनर जिम में मोबाइल देखने में व्यस्त थी, इसी दौरान कारोबारी पीछे से आया और ट्रेनर को अचानक पीछे से पकड़ लिया। कुछ देर तक वह उसे पकड़े रहा। जिससे वह हैरान रह गई और शोर किया, जिससे वहां एक्सरसाइज कर रहे लोग उसे देखने लगे। तस्वीर-3…लेडी ट्रेनर पीछे मुड़ती है और नाराज होती है कारोबारी के बाहों में भरने के बाद जिम ट्रेनर अचानक पीछे मुड़कर देखते हुए नाराज होती है और वहां से जाने की कोशिश करती है। तस्वीर-4…ट्रेनर कुछ कहते हुए चली जाती है, अन्य लोग देखते रहते हैं इसके बाद वह कारोबारी से बहस करते हुए नजर आई और तुरंत वहां से दूसरी तरफ चली गई। कारोबारी समझ गया कि लेडी ट्रेनर नाराज हो गई तो वह भी पीछे-पीछे जाता नजर आया। इस दौरान अन्य लोग उसे देखते रहते हैं। जिम में काफी संख्या में लोग मौजूद थे जानकारी के अनुसार, यह मामला शुक्रवार शाम 8 बजे चुनमुन मॉल के नजदीक स्थित जिम का है। जिसमें लेडी ट्रेनर से छेड़छाड़ की गई। घटना उस समय हुई जब जिम में काफी संख्या में लोग मौजूद थे और लेडी ट्रेनर अपनी ड्यूटी कर रही थी। बताया जा रहा है कि इसी दौरान एक मशहूर कारोबारी जिम में आया और उसने लेडी ट्रेनर के साथ बदतमीजी शुरू कर दी। आरोप है कि उसने अचानक पीछे से लेडी को पकड़ लिया और उसके साथ अश्लील हरकतें करने लगा। अश्लील हरकतें करने पर महिला ने शोर मचाया लेडी ट्रेनर ने तुरंत इसका विरोध किया और शोर मचा दिया। जिम में मौजूद अन्य लोग भी यह घटना देखकर हैरान रह गए। इसके बाद महिला ने हिम्मत दिखाते हुए तुरंत 112 नंबर पर पुलिस को कॉल कर पूरी घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही थाना डिवीजन नंबर 6 की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति का जायजा लिया और आरोपी हनी रंधावा को मौके से ही हिरासत में ले लिया। इसके बाद उसे थाने ले जाया गया, जहां देर रात तक पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया जारी रही। छेड़छाड़ का आरोपी हनी रंधावा। वह व्हाइट डायमंड रिजॉर्ट का मालिक बताया जा रहा है। – फाइल फोटो मामले की जांच कर रही पुलिस थाना डिवीजन नंबर 6 की इंस्पेक्टर रजवंत कौर ने बताया कि मामले की अभी जांच की जा रही है और अभी महिला को बयान के लिए बुलाया जाएगा। इसके बाद बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। शुरूआत जानकारी के आधार पर FIR दर्ज कर ली है और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। जिम में लगे सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लेने की कोशिश की जा रही है, ताकि सबूतों को मजबूत किया जा सके। *********** ये खबर भी पढ़ें: ऑस्ट्रेलिया से डिपोर्ट रंजीत 6 माह डिटेंशन सेंटर में रहा: 9 पंजाबियों के साथ घर लौटा, स्टडी वीजा पर गया, ड्रग्स केस में पकड़ा गया ऑस्ट्रेलिया से डिपोर्ट होकर 9 पंजाबी अपने घर पहुंच गए। इनमें लुधियाना का रंजीत सिंह शामिल है। वह परिवार के पास पहुंच गया लेकिन अभी बात करने की हालत में नहीं है। परिवार-गांव के लोगों ने भी चुप्पी साध रखी है। ऑस्ट्रेलियन मीडिया रिपोर्ट की मानें तो रंजीत सिंह 2024 में ड्रग केस में पकड़ा गया। (पढ़ें पूरी खबर)
मुक्केबाजी के लिए उत्तराखंड के 6 खिलाड़ी ताशकंद रवाना:अंतरराष्ट्रीय सब-जूनियर प्रतियोगिता में करेंगे प्रतिभाग; 2 खिलाड़ी और 4 ऑफिशियल शामिल

उज्बेकिस्तान के ताशकंद में 1 से 16 मई तक होने वाली अंडर-15 अंतरराष्ट्रीय सब-जूनियर बालक एवं बालिका मुक्केबाजी चैंपियनशिप में उत्तराखंड का दबदबा देखने को मिलेगा। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के लिए भारतीय टीम में उत्तराखंड के 6 सदस्यों को शामिल किया गया है। राज्य के मुक्केबाजी इतिहास में यह पहली बार है जब इतनी बड़ी संख्या में दल के सदस्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उत्तराखंड बॉक्सिंग संघ के मानद महासचिव ने बताया कि इस चैंपियनशिप में राज्य के दो मुक्केबाज रिंग में उतरेंगे, जबकि चार अन्य सदस्य कोच और रेफरी के रूप में अपनी सेवाएं देंगे। रिंग में उतरेंगे समीर और हर्षवर्धन प्रतियोगिता में 43 किलो भार वर्ग में समीर बोरा और 55 किलो भार वर्ग में हर्षवर्धन जीना भारत की ओर से अपने मुक्कों का दम दिखाएंगे। जबकि पूजा यादव को बालिका टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया गया है। वहीं, नितिन देऊपा बालक टीम के कोच की भूमिका निभाएंगे। संजीव पौरी बने रेफरी और जज खेल विभाग के सहायक निदेशक संजीव पौरी इस प्रतियोगिता में भारत की ओर से रेफरी और जज की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालेंगे। इन सभी के अलावा, यूथ टीम के साथ कोच के रूप में दुर्योधन सिंह भी ताशकंद में मौजूद रहेंगे। सीएम और खेल मंत्री ने दी शुभकामनाएं एक साथ 6 सदस्यों के चयन से उत्तराखंड बॉक्सिंग परिवार में खुशी की लहर है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, खेल मंत्री रेखा आर्या, विशेष प्रमुख सचिव (खेल) अमित सिन्हा, खेल निदेशक डॉ. आशीष चौहान, भारतीय मुक्केबाजी संघ के अध्यक्ष अजय सिंह और पूर्व ओलिंपिक संघ के महासचिव राजीव मेहता ने सभी चयनित सदस्यों को बधाई दी है।इसके साथ ही, उत्तराखंड ओलिंपिक संघ के महासचिव डॉ. डीके सिंह, उत्तराखंड बॉक्सिंग संघ के आजीवन अध्यक्ष मुकर्जी निर्वाण, महासचिव गोपाल खोलिया सहित नवीन टम्टा, भगवत रावत, संजय अधिकारी, ललित कुँवर और विनोद तिवारी ने भी टीम का मनोबल बढ़ाते हुए उनके शानदार प्रदर्शन की कामना की है।
4 मई का मुकाबला: टीएमसी बनाम बीजेपी की दौड़ में ‘मैजिक मार्क’ 148, अगर बंगाल में त्रिशंकु सदन बनता है तो क्या होगा? | चुनाव समाचार

आखरी अपडेट:02 मई, 2026, 11:32 IST बंगाल में त्रिशंकु विधानसभा का मतलब होगा कि कोई भी पार्टी 148 सीटों को पार नहीं कर पाएगी और कोई भी पार्टी अपने दम पर सरकार नहीं बना सकती है पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी (बाएं); पीएम नरेंद्र मोदी. (पीटीआई) 2026 का पश्चिम बंगाल चुनाव कोई लहर नहीं बल्कि एक सांख्यिकीय गतिरोध पैदा कर रहा है। अधिकांश एग्ज़िट पोल में, कहानी यह नहीं है कि कौन जीत रहा है, बल्कि यह है कि मुकाबला 148 के बहुमत के निशान के आसपास कितना संतुलित है। सीटों का दायरा ओवरलैप है, बढ़त नाजुक है, और कई अनुमानों में, 5-10 सीटों का बदलाव भी यह तय कर सकता है कि राज्य को स्थिर सरकार मिलेगी या त्रिशंकु विधानसभा होगी। अधिकांश एग्जिट पोल के मुख्य रुझान में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच कांटे की टक्कर दिखाई दे रही है, जो राज्य में अपना विस्तार करने पर काम कर रही है। मैट्रिज़ (एबीपी) के मुताबिक, बीजेपी को 146-161 सीटें मिलने की उम्मीद है, वहीं टीएमसी को 125-140 सीटें मिलने का अनुमान है। 146 पर, भाजपा पिछड़ जाएगी, सीधे त्रिशंकु विधानसभा क्षेत्र में बैठेगी। पीएमएआरक्यू संख्याएं, हालांकि बीजेपी के पक्ष में थोड़ी अधिक हैं, फिर भी करीबी मुकाबला दिखाती हैं। पोल में बीजेपी को 150-175 सीटें और टीएमसी को 118-138 सीटें दी गई हैं। यहां भी, निचला स्तर (150) बहुमत (148) से ठीक ऊपर है, जो एक नाजुक जनादेश की ओर इशारा करता है। प्रतियोगिता की कड़ी प्रकृति इस तथ्य में भी दिखाई देती है कि सबसे अधिक मांग वाले सर्वेक्षणकर्ताओं में से एक, एक्सिस माई इंडिया ने राज्य के लिए अपने नंबर जारी नहीं करने का फैसला किया, जो मतदाताओं के एक बड़े समूह की ओर इशारा करता है जिन्होंने अपनी पसंद का खुलासा करने से इनकार कर दिया। पीपल्स पल्स जैसे कुछ लोगों ने दोनों पार्टियों को एक बड़ा ओवरलैप दिया, जिससे पता चला कि सैद्धांतिक रूप से कोई भी जीत सकता है। त्रिशंकु विधानसभा का खतरा संख्या को देखते हुए पश्चिम बंगाल में त्रिशंकु विधानसभा की प्रबल संभावना बनी हुई है। अधिकांश अनुमान बीजेपी के लिए लगभग 140-160 सीटें और टीएमसी के लिए लगभग 120-140 सीटें हैं। यह उन दोनों को बहुमत के आंकड़े के करीब रखता है, लेकिन लगातार उससे ऊपर नहीं, त्रिशंकु विधानसभा परिदृश्य की क्लासिक परिभाषा को जन्म देता है। यह भी पढ़ें | बंगाल एग्जिट पोल 2026: खत्म होगा सीएम ममता का शासन? सर्वेक्षणकर्ताओं ने टीएमसी, बीजेपी के बीच कड़ी टक्कर की भविष्यवाणी की है हालाँकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि एग्ज़िट पोल के आंकड़े केवल एक संकेत हैं और उनका गलत होने का इतिहास है। बंगाल में त्रिशंकु विधानसभा का मतलब होगा कि कोई भी पार्टी 148 सीटों को पार नहीं कर पाएगी और कोई भी पार्टी अपने दम पर सरकार नहीं बना सकेगी। यदि त्रिशंकु विधानसभा हो तो क्या होगा? त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति में, राज्यपाल सबसे बड़ी पार्टी को पहले सरकार बनाने का प्रयास करने के लिए आमंत्रित करते हैं। अगर बीजेपी बहुमत से पीछे रह जाती है तो वह छोटी पार्टियों और निर्दलियों से समर्थन मांग सकती है। इस बीच, तृणमूल समर्थन के लिए कांग्रेस और वाम दलों की ओर देख सकती है। जरूरत पड़ने पर टीएमसी को समर्थन देने के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि पार्टी स्पष्ट तस्वीर सामने आने का इंतजार करेगी। किसी भी सरकार को विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के जरिए बहुमत साबित करना होता है। यदि कोई गठबंधन काम नहीं करता है, तो राष्ट्रपति शासन (अस्थायी) और नए चुनाव (दुर्लभ लेकिन संभव) की संभावना है। 2026 की बंगाल लड़ाई को क्या अलग बनाता है? पहले के चुनावों के विपरीत, 2026 का चुनाव अब टीएमसी और बीजेपी के बीच द्विध्रुवीय मुकाबला है। सत्ता विरोधी वोट विभिन्न पार्टियों में बंटे हुए हैं और 92 प्रतिशत से अधिक मतदान मजबूत लामबंदी का संकेत देता है। यह भी पढ़ें | 2021 एग्जिट पोल बनाम वास्तविक नतीजे: अनुमान कितने सटीक थे? भाजपा के लिए त्रिशंकु विधानसभा मायने रखती है, भले ही वह सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरे, क्योंकि उसे सहयोगियों की जरूरत होगी। इससे उस राज्य में उसका नियंत्रण सीमित हो जाएगा जहां पार्टी ममता बनर्जी से सत्ता छीनने और अपनी छाप छोड़ने की कोशिश कर रही है। टीएमसी के लिए, यह विपक्षी एकता की परीक्षा हो सकती है क्योंकि अगर कांग्रेस और वामपंथी जैसे उसके राष्ट्रीय सहयोगी समर्थन देते हैं तो पार्टी बीजेपी से पिछड़ने के बावजूद सत्ता बरकरार रख सकती है। इससे कांग्रेस और वामपंथियों को किंगमेकर बनने और कम या शून्य सीट हिस्सेदारी के बावजूद प्रासंगिकता हासिल करने का मौका मिलेगा। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना समाचार चुनाव 4 मई का मुकाबला: टीएमसी बनाम बीजेपी की दौड़ में ‘मैजिक मार्क’ 148, अगर बंगाल में त्रिशंकु सदन बनता है तो क्या होगा? अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल एग्जिट पोल(टी)त्रिशंकु विधानसभा का खतरा(टी)टीएमसी बनाम बीजेपी(टी)बंगाल चुनाव परिणाम(टी)बीजेपी बहुमत की संभावनाएं(टी)ममता बनर्जी सरकार(टी)गठबंधन सरकार बंगाल
पाकिस्तान के नेता बोले- मैं 'धुरंधर 3' बनाऊंगा:नबील गाबोल ने कहा- फिल्म से मैं ऐसा जवाब दूंगा, जिसे आदित्य धर याद रखेंगे

पाकिस्तानी पॉलिटिशियन नबील गबोल ने पाकिस्तान के ल्यारी इलाके पर आधारित एक फिल्म बनाने की बात कही। जिसका नाम ल्यारी का गब्बर होगा। सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में नबील ने कहा कि अब मैं भारत को जो जवाब दूंगा। उन्होंने कहा, ल्यारी के खिलाफ ‘धुरंधर 1’ और ‘धुरंधर 2’ धुरंधर हैं। मैं उनको ‘धुरंधर 3’ बनाकर दूंगा, लेकिन उसका नाम धुरंधर नहीं होगा, बल्कि ‘ल्यारी का गब्बर’ होगा। उन्होंने आगे कहा, उन्होंने किससे पंगा लिया है? मुझसे। मैं कौन हूं? मैं नबील गबोल हूं, मैं राकेश बेदी नहीं हूं। मैं ऐसा जवाब दूंगा, जिसे आदित्य धर याद रखेंगे और मोदी, जिनके पैसों से आपने धुरंधर बनाई है, उन्हें भी पता चल जाएगा जब धुरंधर 3 आएगी। बता दें कि नबील गबोल फिल्म ‘धुरंधर’ और उसके सीक्वल ‘धुरंधर 2’ में उनके कथित चित्रण को लेकर चर्चा में हैं। धुरंधर ने 1,307 करोड़ रुपए कमाए थे धुरंधर 5 दिसंबर 2025 को ग्लोबली रिलीज हुई थी। फिल्म में रणवीर सिंह के साथ संजय दत्त, अक्षय खन्ना, आर. माधवन, अर्जुन रामपाल और सारा अर्जुन नजर आए थे। फिल्म आदित्य धर ने डायरेक्ट की थी। सैकनिल्क के अनुसार, धुरंधर ने भारत और अंतरराष्ट्रीय बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया और दुनियाभर में करीब 1,307 करोड़ रुपए कमाए। भारत में फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन 1,005.85 करोड़ रुपए रहा, जबकि नेट कलेक्शन लगभग 840 करोड़ रुपए हुआ। विदेशी बाजारों में भी फिल्म को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला। ओवरसीज में इसने करीब 299.5 करोड़ रुपए कमाए। अमेरिका और कनाडा में 193.06 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई कर बाहुबली 2 का रिकॉर्ड भी तोड़ा। दूसरा पार्ट 19 मार्च को रिलीज हुआ था धुरंधर का दूसरा पार्ट ग्लोबली 19 मार्च 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुआ था। फिल्म की अब तक की कुल दुनिया भर में कमाई 1,780.76 करोड़ रुपए हो चुकी है। भारत में फिल्म का कुल नेट कलेक्शन 1,132.94 करोड़ रुपए और कुल ग्रॉस कलेक्शन 1,356.01 करोड़ रुपए तक हो गया है। फिल्म ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों से अब तक 424.75 करोड़ रुपए की कमाई की है। ——————— धुरंधर से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… धुरंधर-2 ने पुष्पा-2 का रिकॉर्ड तोड़ा:तीसरी सबसे ज्यादा कमाई वाली भारतीय फिल्म बनी, ₹1748.91 करोड़ कलेक्शन; अब दंगल और बाहुबली-2 ही आगे रणवीर सिंह की धुरंधर 2 दुनियाभर में तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म बन गई। धुरंधर 2 ने अल्लू अर्जुन की फिल्म पुष्पा 2 को पीछे छोड़ दिया। पूरी खबर यहां पढ़ें…
कैल्शियम की कमी से बढ़ रही हड्डियों की बीमारी, जानिए सही इलाज और आयुर्वेदिक उपाय

अंबाला: बदलती जीवनशैली और असंतुलित खानपान का असर अब लोगों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है. दरअसल, विशेषज्ञों के अनुसार बड़ी संख्या में लोग कैल्शियम की कमी से जूझ रहे हैं और हर दिन जांच कराने आने वाले कई मरीजों में यह कमी पाई जा रही है. इसके साथ ही हड्डियों से जुड़ी बीमारियों के मामलों में भी बढ़ोतरी हो रही है. इसका मुख्य कारण अनियमित दिनचर्या, जंक फूड का अधिक सेवन और पौष्टिक आहार की कमी बताया जा रहा है. ऐसे में लोग अक्सर कैल्शियम की कमी को दूर करने के लिए घर पर ही स्वयं उपचार करने लगते हैं, जिसमें कैल्शियम की गोलियों का सेवन काफी हानिकारक हो सकता है. कैल्शियम सप्लीमेंट का अत्यधिक उपयोग किडनी के लिए घातक वहीं, इस बारे में Local18 की टीम ने अंबाला शहर नागरिक अस्पताल में कार्यरत आयुर्वेदिक डॉ. मीनाक्षी शर्मा से बातचीत की. उन्होंने बताया कि मानव शरीर में पोषण तत्वों का संतुलन बनाए रखने के लिए सभी अंग मिलकर कार्य करते हैं. यदि फिर भी किसी मरीज में कैल्शियम की कमी हो, तो वह डॉक्टर की सलाह से ही अतिरिक्त कैल्शियम का सेवन कर सकता है. उन्होंने कहा कि यदि शरीर में किसी भी पोषण तत्व की कमी नहीं है, तो कैल्शियम सप्लीमेंट का अत्यधिक उपयोग किडनी के लिए घातक साबित हो सकता है. कैल्शियम की कमी से शरीर को नुकसान उन्होंने यह भी बताया कि सामान्यतः भोजन के माध्यम से शरीर को पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम मिल जाता है. बिना डॉक्टर की सलाह के कैल्शियम सप्लीमेंट का उपयोग हानिकारक हो सकता है. कैल्शियम की कमी से न केवल हड्डियां कमजोर होती हैं, बल्कि मांसपेशियों में ऐंठन, दांतों की कमजोरी और थकान जैसी समस्याएं भी बढ़ जाती हैं. लंबे समय तक यह स्थिति बनी रहने पर ऑस्टियोपोरोसिस, रिकेट्स (बच्चों में) और हाइपोकैल्सीमिया जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है. कैल्शियम की कमी को पूरा कैसे करें उन्होंने बताया कि आयुर्वेद में कैल्शियम की पूर्ति के लिए अर्जुन की छाल को बहुत फायदेमंद माना गया है. इसके लिए 5 किलो आटे में 50 ग्राम अर्जुन की छाल का पाउडर मिलाकर उसकी रोटी बनाकर सेवन करने से लाभ मिल सकता है. इसके अलावा, आयुर्वेद में मोरिंगा को भी काफी फायदेमंद माना गया है. इसमें विटामिन K, मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं. यदि नियमित रूप से सीमित मात्रा में मोरिंगा पाउडर का सेवन किया जाए, तो यह हड्डियों के खनिज घनत्व को बनाए रखने में मदद करता है और कैल्शियम की कमी की संभावना को कम करता है. मोरिंगा की पत्तियों का पाउडर बनाकर इसे रोजाना आटे या सब्जियों में मसाले की तरह भी इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे अच्छा लाभ मिलता है. दूध कैल्शियम का अच्छा स्रोत उन्होंने यह भी बताया कि दूध कैल्शियम का अच्छा स्रोत है. यदि इसमें अश्वगंधा मिलाकर सेवन किया जाए, तो यह और अधिक लाभकारी हो जाता है. इससे शरीर की शक्ति बढ़ती है और हड्डियों को मजबूती मिलती है.
बंगाल में मतगणना में केंद्रीय पर्यवेक्षकों की तैनाती का मामला:TMC की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू, कोलकाता HC के फैसले को चुनौती

पश्चिम बंगाल चुनाव में काउंटिंग सुपरवाइजर को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। तृणमूल कांग्रेस (TMC) की याचिका पर जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की विशेष बेंच ने सुनवाई की। बंगाल सरकार का पक्ष सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने रखा। TMC ने कोर्ट से जल्द सुनवाई की मांग की थी, क्योंकि राज्य में वोटों की गिनती सोमवार सुबह से शुरू होनी है। पार्टी का कहना है कि अगर सुनवाई में देरी हुई तो याचिका का कोई असर नहीं रहेगा। दरअसल TMC ने कलकत्ता हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें सिर्फ केंद्र सरकार और PSU कर्मचारियों को काउंटिंग सुपरवाइजर बनाने के फैसले को सही ठहराया गया था। हाईकोर्ट ने कहा था कि काउंटिंग स्टाफ की नियुक्ति चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र में आती है और इसमें कोई अवैधता नहीं है। केंद्र के कर्मचारियों पर राजनीतिक प्रभाव के आरोप सिर्फ आशंका हैं, जिनका कोई सबूत नहीं है। अगर किसी को शिकायत है तो वह चुनाव याचिका के जरिए मामला उठा सकता है। सुप्रीम कोर्ट में जारी सुनवाई की जानकारी के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाएं…
इस हफ्ते सोने-चांदी में गिरावट रही:चांदी की कीमत ₹3389 कम होकर ₹2.40 लाख किलो हुई, सोना ₹1216 सस्ता हुआ

इस हफ्ते सोने-चांदी के दाम में गिरावट रही। सोना हफ्तेभर में 1,216 रुपए गिरकर 1,50,263 रुपए प्रति 10 ग्राम पर आ गया। इससे पहले ये बीते हफ्ते यानी 25 अप्रैल को 1,51,479 रुपए पर था। वहीं, चांदी 2,43,720 किलो से गिरकर 2,40,331 रुपए पर पहुंच गई है। यानी इसकी कीमत 3,389 रुपए कम हुई। सोना ऑल टाइम हाई से ₹27 हजार सस्ता हुआ साल की शुरुआत में सोने में तेजी थी, लेकिन हाल के हफ्तों में मुनाफावसूली और ईरान जंग से गिरावट आई है। चांदी में क्रैश: ₹3.86 लाख से ₹2.37 लाख तक चांदी में सोने के मुकाबले ज्यादा उतार-चढ़ाव रहा और यह ऑल टाइम हाई से तेजी से नीचे आई है। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके









