30 मिनट पहले
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बॉलीवुड एक्टर आर माधवन ने बढ़ती उम्र, लाइफ प्लानिंग और तेजी से बदलती दुनिया में खुद को रिलेवेंट बनाए रखने की चुनौतियों पर खुलकर बात की है।
माधवन का मानना है कि मेडिकल साइंस की वजह से अब लोग पहले से ज्यादा लंबा जीवन जी रहे हैं, लेकिन रिटायरमेंट के बाद आने वाली मुश्किलों के लिए बहुत कम लोग तैयार हैं।

अपनी उम्र के हिसाब से चुन रहे हैं रोल वरुण दुआ के साथ एक पॉडकास्ट में माधवन ने बताया कि वे अब वही रोल कर रहे हैं जो उनकी असल जिंदगी और उम्र से मेल खाते हैं। अपनी वेब सीरीज ‘लेगेसी’ का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “मैं ऐसे रोल कर रहा हूं जो मेरी उम्र के हिसाब से सही हैं। पिछली बार की तुलना में अब मेरे बाल पहले से कहीं ज्यादा सफेद हो गए हैं और मैं इसे स्वीकार करता हूं।”
90 से 100 साल जीना अब संभव मेडिकल साइंस में हुए विकास पर बात करते हुए माधवन ने कहा कि लंबी उम्र अब सामान्य होती जा रही है। उन्होंने कहा, “अगर आप हेल्दी रहें और अपनी लाइफस्टाइल का ध्यान रखें, तो 90 साल तक जीना अब कोई बड़ी बात नहीं है। अब 100 साल तक जीना भी मुमकिन हो रहा है, लेकिन इसके साथ ही बुढ़ापे की चुनौतियां भी बढ़ गई हैं।”

शारीरिक निर्भरता है सबसे बड़ा डर जब माधवन से उनके सबसे बड़े डर के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बड़ी बेबाकी से जवाब दिया। एक्टर ने कहा, “मेरा सबसे बड़ा डर किसी पर निर्भर होना है, चाहे वो शारीरिक रूप से हो या आर्थिक रूप से। यह स्थिति मेरे लिए नरक से भी बदतर है। मैं अपनी गरिमा और आत्मसम्मान से समझौता नहीं कर सकता। मुझे हमेशा समाज में योगदान देने में सक्षम होना चाहिए।”
रिटायरमेंट प्लानिंग पर माधवन की सोच माधवन ने जीवन के चरणों को समझाते हुए कहा कि पहले 30 साल पढ़ाई और प्लानिंग में बीतते हैं। अगले 30 साल करियर और परिवार बनाने के होते हैं, लेकिन 60 साल की उम्र के बाद एक ठहराव आ जाता है। उन्होंने कहा, “60 के बाद अगले 30 साल के लिए किसी के पास कोई योजना नहीं होती।
रिटायरमेंट के बाद अचानक आप अपनी पावर और पहचान खो देते हैं। कल तक आप ‘सर’ थे, आज सिर्फ एक आम नागरिक हैं। लोग इस बदलाव के मानसिक असर को कम आंकते हैं।”













































