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बंगाल-असम में आकर्षण के पक्ष में क्यों उठी इतनी जबरदस्त वोटिंग? हिमंता विश्व सरमा ने बताई ये बड़ी वजह

बंगाल-असम में आकर्षण के पक्ष में क्यों उठी इतनी जबरदस्त वोटिंग? हिमंता विश्व सरमा ने बताई ये बड़ी वजह

विधानसभा चुनाव परिणाम 2026: हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि उनकी सरकार के “आदिग रुख” और विकास कार्यों के खिलाफ बांग्लादेशी मूल के आदिवासियों ने असम विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को दो-तिहाई बहुमत गठबंधन में अहम भूमिका निभाई है। मंगलवार को पत्रकार सम्मेलन में उन्होंने कहा कि यह असम के “मूल निवासियों की जीत” है और राज्य में विकास की किताब आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने “डबल इंजन” सरकार और पिछले पांच वर्षों में विकास को जीत का बड़ा कारण बताया। अवलोकन के पक्ष में बढ़ा विश्वास शर्मा के अनुसार, उनकी सरकार ने असमिया “जाति” (समुदाय) की सुरक्षा का जो वादा किया था, उसे पूरा करने के लिए ठोस कदम उठाए, जिससे सांस्कृतिक और आर्थिक प्रगति हुई। उन्होंने यह भी कहा कि बांग्लादेशी मूल के नृत्यांगना के अंक में उनके कठोर रुख का प्रभाव प्रभावित हुआ। 126 कोलोराडो विधानसभा में राजग ने 102 कलाकारों की टुकड़ी को तीसरी बार सत्ता हासिल की, जिसमें भारतीय जनता पार्टी को 82 अवशेष मिले, जबकि सहयोगी ऑर्केस्ट्रा ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। सभी दोस्तों का दल समर्थन करता है मुख्यमंत्री ने दावा किया कि “जेन जेड” ने सभी कलाकारों के साथ मिलकर बीजेपी का समर्थन किया है, जो युवा पार्टी की जीत से स्पष्ट है। उन्होंने साथ ही कहा कि असम की पहचान विविधता से बनी है और लोगों की पहचान को लेकर विवाद खड़ा होना गलत है। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पर भी जोरदार कटाक्ष करते हुए कहा कि पार्टी में ऐसे नेता कम हैं जो असम की जनता के प्रति भावना रखते हैं, यही उनके खराब प्रदर्शन का कारण बन रहे हैं। भाजपा को वोट शेयर में विभाजित करें इलेक्ट्रॉनिक्स आयोग के आंकड़ों के विश्लेषण से यह स्पष्ट होता है कि असम विधानसभा चुनाव में वोट प्रतिशत में छोटे-छोटे बदलाव करके विधानसभा के नतीजों पर बड़ा असर डाला गया है। भारतीय जनता पार्टी को इस बार 37.81 प्रतिशत वोट मिले, जो 2021 के 33.21 प्रतिशत की तुलना में 4.6 प्रतिशत अधिक है। इस किराने का सामान विक्रय पैकेज में देखने को मिला और पार्टी ने 60 ली से 82 पुस्तकालय जीते, यानि 22 पुस्तकालय का खंड हुआ। इसके विपरीत, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थिति दिलचस्प रही। उनका वोट शेयर मामूली रूप से 29.67 प्रतिशत से बढ़कर 29.84 प्रतिशत हो गया, लेकिन इसके बावजूद उनकी बढ़त 29 से बढ़कर 19 प्रतिशत हो गई। इसमें बताया गया है कि केवल वोट प्रतिशत ही नहीं, बल्कि वोटों का वितरण और क्षेत्रीय प्रभाव भी वोटों में अंतिम भूमिका बताया गया है। वहीं, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने कुल 102 लास्केट 126 लाकेसी विधानसभा में दो-तिहाई बहुमत हासिल किया है, जो अब तक अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर चुका है और बहुमत के 64 नतीजों के आंकड़ों से काफी आगे है। यह चुनाव इस बात का उदाहरण है कि लगातार वोटों से भी पार्टी में बड़े बदलाव हो सकते हैं, खासकर तब जब मुकाबला कई हिस्सों में हो। ये भी पढ़ें: बोलीं सीएम पद से नहीं निकलीं तो संबित पात्रा ने टॉम की याद दिला दी क्या कहा?

पाचन से लेकर सर्दी-खांसी तक, कई समस्याओं में कारगर औषधि, जानिए हरसिंगार के चमत्कारी फायदे!

पाचन से लेकर सर्दी-खांसी तक, कई समस्याओं में कारगर औषधि, जानिए हरसिंगार के चमत्कारी फायदे!

Last Updated:May 05, 2026, 21:43 IST गोंडा में पाया जाने वाला हरसिंगार (पारिजात) एक ऐसा औषधीय पौधा है, जो अपने अद्भुत गुणों के लिए जाना जाता है. आयुर्वेद में इसका उपयोग पाचन से लेकर बुखार, जोड़ों के दर्द, त्वचा और सर्दी-खांसी जैसी कई समस्याओं में किया जाता रहा है. गोंडा: हरसिंगार, जिसे पारिजात या रातरानी भी कहा जाता है, एक ऐसा औषधीय पौधा है जो अपने सुंदर फूलों और अद्भुत गुणों के लिए जाना जाता है. यह पौधा रात में खिलता है और सुबह तक इसके फूल जमीन पर गिर जाते हैं, जिससे इसकी खूबसूरती और भी बढ़ जाती है. लेकिन हरसिंगार सिर्फ सुंदरता तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह कई प्रकार की बीमारियों में बेहद लाभकारी माना जाता है. आयुर्वेद में इसे एक महत्वपूर्ण औषधि के रूप में उपयोग किया जाता रहा है. बुखार में फायदेमंद: नंदू प्रसाद बताते हैं कि हरसिंगार की पत्तियों से तैयार किया गया काढ़ा बुखार में राहत देने में मददगार माना जाता है. खासकर मौसमी वायरल बुखार में यह शरीर को अंदर से मजबूत करता है और कमजोरी कम करने में सहायक होता है. पारंपरिक तौर पर इसका उपयोग मलेरिया जैसे बुखार में भी किया जाता रहा है. इसके औषधीय गुण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) को बढ़ाने में मदद करते हैं, जिससे शरीर जल्दी ठीक होने में सक्षम होता है. हालांकि, तेज बुखार या लंबे समय तक बुखार रहने की स्थिति में केवल घरेलू उपायों पर निर्भर न रहें, बल्कि डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी होता है. हरसिंगार का सेवन पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में सहायक माना जाता है. इसकी पत्तियों या फूलों से तैयार काढ़ा गैस, कब्ज और अपच जैसी आम समस्याओं में राहत देने में मदद कर सकता है. यह पेट की सफाई में सहायक होता है, जिससे पाचन क्रिया सुचारु रूप से चलती है. इसके नियमित और सीमित मात्रा में सेवन से पेट हल्का महसूस होता है और भूख भी सही लगती है. साथ ही, यह आंतों की कार्यक्षमता को सुधारने में मदद करता है, जिससे शरीर को जरूरी पोषक तत्व अच्छे से मिल पाते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google नींद और मानसिक तनाव में मददगार: आज के भागदौड़ भरे जीवन में तनाव और नींद की समस्या आम हो गई है. ऐसे में हरसिंगार के फूल एक प्राकृतिक उपाय के रूप में मददगार साबित हो सकते हैं. इसके फूलों की हल्की और सुगंधित खुशबू मन को शांत करती है, जिससे तनाव कम होता है और मन को सुकून मिलता है. रात के समय इसकी खुशबू के आसपास रहने से नींद बेहतर आने में मदद मिल सकती है. यह मानसिक थकान को कम करता है और दिमाग को रिलैक्स करता है. नियमित रूप से इसके संपर्क में रहने से मन शांत और संतुलित बना रहता है. हालांकि, यदि नींद की समस्या लंबे समय तक बनी रहे या ज्यादा गंभीर हो, तो डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है. जोड़ों के दर्द में राहत: आजकल बदलती जीवनशैली और बढ़ती उम्र के कारण बहुत से लोग जोड़ों के दर्द और गठिया की समस्या से परेशान हैं. ऐसे में हरसिंगार की पत्तियां एक प्राकृतिक उपाय के रूप में फायदेमंद मानी जाती हैं. इसकी पत्तियों का काढ़ा या रस नियमित रूप से लेने से जोड़ों में होने वाला दर्द और सूजन कम हो सकती है. हरसिंगार में पाए जाने वाले एंटी-इंफ्लेमेटरी (सूजन कम करने वाले) गुण शरीर को अंदर से राहत पहुंचाते हैं. यह जोड़ों की जकड़न को कम करने में मदद करता है और चलने-फिरने में आसानी देता है. साथ ही, इसके सेवन से हड्डियां भी मजबूत होती हैं, जिससे भविष्य में होने वाली समस्याओं का खतरा कम हो सकता है. अगर दर्द लंबे समय तक बना रहे या बहुत ज्यादा हो, तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें और इसे सहायक उपाय के रूप में ही अपनाएं. कैसे करें उपयोग: हरसिंगार का उपयोग कई तरीकों से किया जा सकता है. पत्तियों का काढ़ा बनाकर पी सकते हैं, फूलों का पेस्ट बनाकर त्वचा पर लगा सकते हैं, पत्तियों का रस निकालकर सेवन कर सकते हैं, या सूखे फूलों का चूर्ण बनाकर इस्तेमाल कर सकते हैं. सावधानियां: नंदू प्रसाद बताते हैं कि हरसिंगार एक प्राकृतिक औषधि है, लेकिन इसका अधिक मात्रा में सेवन नुकसानदायक हो सकता है. गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारी से ग्रस्त लोगों को इसका उपयोग डॉक्टर की सलाह से ही करना चाहिए. त्वचा के लिए फायदेमंद: नंदू प्रसाद बताते हैं कि हरसिंगार के फूल और पत्तियां त्वचा की देखभाल के लिए काफी लाभकारी मानी जाती हैं. इनके पेस्ट को चेहरे या प्रभावित हिस्से पर लगाने से दाग-धब्बों में कमी आ सकती है और त्वचा साफ व निखरी हुई दिखती है. इसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल और एंटीऑक्सीडेंट गुण त्वचा को संक्रमण से बचाने में मदद करते हैं. नियमित उपयोग से त्वचा में प्राकृतिक चमक आती है और मुंहासों जैसी समस्याओं में भी राहत मिल सकती है. हालांकि, किसी भी नई चीज़ को त्वचा पर लगाने से पहले एक बार डॉक्टर की सलाह जरूर लें, ताकि किसी तरह की एलर्जी से बचा जा सके. सर्दी-खांसी में राहत: हरसिंगार का काढ़ा सर्दी और खांसी की समस्या में काफी लाभकारी माना जाता है. इसके सेवन से गले की खराश कम होती है और कफ ढीला होकर बाहर निकलने में मदद मिलती है. यह शरीर को अंदर से गर्म रखने में सहायक होता है, जिससे बदलते मौसम में होने वाली परेशानियों से राहत मिलती है. इसके औषधीय गुण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत करते हैं, जिससे बार-बार सर्दी-खांसी होने की संभावना कम हो सकती है. हालांकि, अगर खांसी या सर्दी लंबे समय तक बनी रहे, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

‘हम सरकार लेकर मान गए कीमत लेकिन…’, ममता के बंधक के बाद अभिषेक बनर्जी ने रखी दी शर्त

'हम सरकार लेकर मान गए कीमत लेकिन...', ममता के बंधक के बाद अभिषेक बनर्जी ने रखी दी शर्त

पश्चिम बंगाल में युवाओं की हार के बाद पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिभाषण बनर्जी ने कहा कि हम हारे नहीं हैं, बल्कि वोट लूट कर हमें हराया है। उन्होंने कहा, ‘ईवीएम में सीटों की कमी नहीं हो सकती है, लेकिन ईवीएम में गड़बड़ी हो सकती है।’ जिस ईवीएम पर वोट हुआ है, जब उसकी गिनती टेबल से मिलान किया जा रहा है तो सिरियल नंबर मेल ही नहीं आ रहा है।’ उन्होंने चुनाव आयोग पर धांधली करने का आरोप लगाया. गणना केंद्र पर केवल केंद्र के कर्मचारी थे: अभिवचन बैंग अभिषेक बनर्जी ने कहा, ‘दोपहर 2 बजे के बाद सारे अकाउंटिंग एजेंट को गोली मार दी गई और ये सब सीसीटीवी फुटेज में रिकॉर्ड किया गया है।’ 2 बजे तक 80-90 प्रतिशत की गिनती पूरी हो सकती थी, लेकिन कल दोपहर तक केवल 2 या 3 राउंड की गिनती पूरी हुई और कहीं 20 राउंड बाकी थे, कहीं 24 राउंड बाकी थे। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश थे कि राज्य और केंद्र के दोनों कर्मचारी उपस्थित होने चाहिए, लेकिन केवल केंद्र के ही कर्मचारी थे।’ चुनाव आयोग को सीसीटीवी फुटेज जारी करने की चुनौती दी गई उन्होंने कहा, ‘टीएमसी और बीजेपी के बीच कितनी जगह का फर्क है? 32 लाख लॉटरी का, 30 लाख लॉटरी को तो आपने पहले ही वोटर लिस्ट से फिर बाहर कर दिया था और 7 लाख की सूची शामिल और जोड़ दी गई थी। 10-15 लाख लीटर में पार किया।’ अभिषेक बनर्जी ने कहा, ‘मैं चुनौती देता हूं कि काउंटी सेंटर के सीसीटीवी फुटेज चुनाव आयोग जारी कर दे। खासतौर पर 12 बजे के बाद 6 घंटे तक की यादें। अगर सूचीबद्ध है तो आप इसे (सीसीटीवी फुटेज) सार्वजनिक कर दें। हम सिरकर लोग जो बंधक उसे मांगेगे। ‘पार्टी में चर्चा होगी और आने वाले दिनों में हम एक फैक्टरिंग कमेटी का जादू देखेंगे।’ निगमित किया जा रहा है: अभिप्रेरणा बंधक रिवोल्यूशनरी वैबेशन बार्सिलोना ने कहा, ‘हमें कमिश्नरी बनाया जा रहा है। सभी सैनिक मजबूत बने रहें, पार्टी आपके साथ डटकर खड़ी है। 12 सदस्यों की तथ्यात्मक अध्ययन समिति बनाई गई है। तीन अलग-अलग प्रतीकात्मक संगीत दिए गए हैं और परसो से हमारा दौरा शुरू होगा।’ उन्होंने कहा, ‘संवैधानिक संकट की कोई बात नहीं है. हर एक आदमी को प्लोटेस्ट करने का अधिकार है। मुझे लगा कि यही मेरा प्रोटेस्टेस्ट है. इसके अलावा बाकी केंद्र सरकार के ऊपर या फिर सक्षम कंपनी के पास अधिकार है कि वह क्या निर्णय ले। सभी को विरोध करने का अधिकार है।’ ये भी पढ़ें : ममता बनर्जी के निधन से भड़की बीजेपी पर नाराजगी, कहा- आजाद भारत में पहली बार…

एक महीने का सीजन, पूरे घर का खर्च! क्या है तेंदू फल की ताकत? ये देसी मॉडल समझिए

एक महीने का सीजन, पूरे घर का खर्च! क्या है तेंदू फल की ताकत? ये देसी मॉडल समझिए

Last Updated:May 05, 2026, 20:59 IST चित्रकूट के मानिकपुर पाठा क्षेत्र में गर्मी का मौसम आदिवासी परिवारों के लिए अवसर बनकर आता है. जंगलों में मिलने वाला तेंदू फल न सिर्फ उनके भोजन का हिस्सा है, बल्कि यही उनकी आमदनी का भी बड़ा सहारा बनता है. चित्रकूटः भीषण गर्मी के बीच जहां एक तरफ मैदानी इलाकों में लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है, वहीं चित्रकूट के मानिकपुर पाठा क्षेत्र के आदिवासी समाज के लिए यह मौसम आजीविका का अवसर भी लेकर आता है. जंगलों से घिरे इस इलाके में इन दिनों तेंदू फल की भरमार है, जिस पर यहां के आदिवासी परिवार पूरी तरह निर्भर रहते है.और उनको तोड़ने के लिए सुबह से निकल जाते है. बता दे कि गर्मी का मौसम शुरू होते ही पाठा क्षेत्र के जंगलों में तेंदू के पेड़ों पर फल पकने लगते हैं, यह फल न सिर्फ आदिवासी परिवारों के भोजन का हिस्सा बनता है, बल्कि उनकी आर्थिक जरूरतों को भी पूरा करता है. Add News18 as Preferred Source on Google यहां सुबह होते ही गांव के पुरुष, महिलाएं और बच्चे टोकरी और बोरियां लेकर जंगल की ओर सुबह 5 बजे से ही निकल पड़ते हैं,और आदिवासी परिवार जंगलों से तेंदू फल तोड़कर अपने घर लाते हैं. इसका एक हिस्सा घर में खाया जाता है, जबकि बचा हुआ फल स्थानीय बाजारों में बेच दिया जाता है.जिससे मिलने वाले पैसे से हम लोग अपने घर का राशन लाते है. वही पाठा क्षेत्र की रहने वाली आदिवासी महिला बूटी देवी ने लोकल 18 को जानकारी में बताया कि तेंदू फल साल में केवल एक बार गर्मी के मौसम में ही आता है और इसका सीजन करीब एक महीने तक चलता है. इस दौरान जंगलों में यह फल काफी मात्रा में उपलब्ध रहता है. उन्होंने बताया कि यह फल स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पौष्टिक भी होता है और गर्मी में शरीर को ठंडक पहुंचाने का काम करता है. उन्होंने आगे की जानकारी में बताया कि एक परिवार रोजाना 5 से 10 किलो तक तेंदू फल आसानी से इकट्ठा कर लेता है. बाजार में इसकी कीमत भी ठीक-ठाक मिल जाती है, स्थानीय बाजारों में यह फल करीब 10 रुपए में 5 के हिसाब से बिकता है, इससे मिलने वाली आमदनी से परिवार अपनी दैनिक जरूरतों का सामान खरीद लेता है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

गर्मियों में फूड पॉइजनिंग का खतरा क्यों बढ़ जाता है? क्या यह जानलेवा कंडीशन, डॉक्टर से समझिए

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Last Updated:May 05, 2026, 20:50 IST Food Poisoning Causes: गर्मियों में फूड पॉइजनिंग की समस्या बढ़ जाती है. फूड पॉइजनिंग दूषित या खराब खाने से होती है, जिसमें पेट दर्द, उल्टी और दस्त जैसे लक्षण दिखते हैं. फूड पॉइजनिंग का सही समय पर इलाज कराना जरूरी है, वरना यह जानलेवा हो सकता है. साफ-सफाई, ताजा खाना और सही स्टोरेज अपनाकर इस समस्या से आसानी से बचा जा सकता है. फूड पॉइजनिंग का सही समय पर इलाज न हो, तो कंडीशन गंभीर हो सकती है. Reasons Behind Food Poisoning: गर्मियों का मौसम अपने साथ कई समस्याएं लेकर आता है. गर्मी में फूड पॉइजनिंग के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो जाती है. फूड पॉइजनिंग खतरनाक कंडीशन है, जो हर उम्र के लोगों को शिकार बनाती है. यह समस्या तब होती है, जब हम बैक्टीरिया, वायरस, पैरासाइट या जहरीले पदार्थों से दूषित खाने या पानी का सेवन कर लेते हैं. गर्मियों में यह समस्या ज्यादा बढ़ जाती है, क्योंकि गर्म और नमी वाला मौसम सूक्ष्मजीवों के पनपने के लिए अनुकूल होता है. कई बार लोग बाहर का खाना खाते हैं या घर में रखा बासी खाना खा लेते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. लखनऊ के मेदांता हॉस्पिटल के इमरजेंसी डिपार्टमेंट के हेड डॉ. लोकेंद्र गुप्ता ने News18 को बताया गर्मी में तापमान ज्यादा होने के कारण बैक्टीरिया, वायरस और फंगस बहुत तेजी से पनपते हैं. यही सूक्ष्मजीव खाने को जल्दी खराब कर देते हैं. अगर खाना लंबे समय तक बाहर रखा रहे या ठीक से स्टोर न किया जाए, तो उसमें हानिकारक बैक्टीरिया विकसित हो सकते हैं. यही दूषित खाना शरीर में पहुंचकर फूड पॉइजनिंग का कारण बनता है. गर्मियों में लोग बाहर का खाना और ठंडी ड्रिंक्स ज्यादा लेते हैं, जो कई बार साफ-सफाई के मानकों पर खरे नहीं उतरते. गंदे पानी से बने जूस, कटे हुए फल या सड़क किनारे मिलने वाले खाद्य पदार्थों में संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है. यही वजह है कि इस मौसम में पेट से जुड़ी समस्याएं बढ़ जाती हैं. क्या होते हैं फूड पॉइजनिंग के लक्षण? डॉक्टर ने बताया फूड पॉइजनिंग के लक्षणों में पेट दर्द, उल्टी, दस्त, बुखार और कमजोरी शामिल हैं. अगर समय पर ध्यान न दिया जाए तो इससे शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन हो सकता है. इससे कंडीशन गंभीर हो सकती है. छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में यह समस्या जल्दी बिगड़ सकती है. ज्यादातर मामलों में फूड पॉइजनिंग हल्की होती है और सही ट्रीटमेंट से ठीक हो जाती है. कुछ गंभीर मामलों में यह खतरनाक भी बन सकती है. खासकर जब शरीर में पानी की कमी बहुत ज्यादा हो जाए या संक्रमण फैल जाए, तब अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ सकती है. फूड पॉइजनिंग होने पर क्या करना चाहिए? डॉक्टर गुप्ता के मुताबिक अगर किसी व्यक्ति को फूड पॉइजनिंग हो जाए, तो सबसे पहले शरीर को हाइड्रेट रखना जरूरी है. ORS, नारियल पानी, नींबू पानी और हल्का भोजन लेने से शरीर को राहत मिलती है. मसालेदार और भारी भोजन से बचना चाहिए, ताकि पाचन तंत्र पर ज्यादा दबाव न पड़े. अगर उल्टी, दस्त या बुखार ज्यादा समय तक बना रहे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, क्योंकि सही समय पर इलाज न होने पर यह समस्या गंभीर हो सकती है. फूड पॉइजनिंग एक ऐसी समस्या है, जिसे थोड़ी सी सावधानी से आसानी से रोका जा सकता है. साफ-सफाई और ताजा भोजन से इस बीमारी से बच सकते हैं. फूड पॉइजनिंग से कैसे करें बचाव? एक्सपर्ट का मानना है कि फूड पॉइजनिंग से बचाव के लिए सबसे जरूरी है साफ-सफाई और सही खान-पान की आदतें अपनाना. हमेशा ताजा और अच्छी तरह पका हुआ खाना ही खाना चाहिए. फलों और सब्जियों को अच्छे से धोना चाहिए और पीने के पानी को उबालकर या फिल्टर करके इस्तेमाल करना चाहिए. बाहर का खाना खाते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि वह साफ-सुथरी जगह से हो और लंबे समय से खुला न रखा गया हो. अगर किसी भी तरह की दिक्कत हो, तो डॉक्टर से मिलकर अपना ट्रीटमेंट कराएं. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें

पुदीना पराठा रेसिपी: पेट की गर्मी को दूर करने के लिए पुदीने का पराठा, दही या चटनी के साथ बनाएं स्वाद; बच्चा भी करेगा सितारा

तस्वीर का विवरण

सामग्री: 2 कप आटे का आटा, ताज़ा पुदीना आटा, 2 हरी मिर्च, 1 छोटा मसाला अदरक, ½ छोटा मसाला जीरा, स्वाद का नमक, ½ छोटा मसाला लाल मिर्च पाउडर, ½ छोटा मसाला आटा, 1 बड़ा मसाला तेल, पानी छवि: फ्रीपिक बनाने की आसान विधि: सबसे पहले एक स्वादिष्ट में आटा लें और इसमें पुदीना, हरी मिर्च, अदरक, जीरा, नमक, लाल मिर्च और शामिल हैं। अब इसमें थोड़ा-थोड़ा पानी स्टैंसिल नर आटा गूंध लें। छवि: फ्रीपिक अब इसमें थोड़ा-थोड़ा पानी स्टैंसिल नर आटा गूंध लें। टीवी को 10-15 मिनट के लिए पकड़ कर रख लें, ताकि यह अच्छी तरह से सेट हो जाए। अब टीवी की लोई ने उसे बेल लें। छवि: एआई तवे को गर्म करें और पराठा दोनों तरफ से सुनहरा होने तक सेंकें। अगर आप चाहें तो घी या तेल लगाकर इसे और स्वादिष्ट बना सकते हैं। छवि: एआई गरमागरम पुदीना पराठा दही, आम का अचार या पुदीना-धनिया की रेसिपी के साथ बना सकते हैं। बच्चों से लेकर बड़ों तक सब इसे पसंद करेंगे। छवि: एआई पुदीना पराठा खाने के फायदे: पेट को ठंड लगती है और गैस-एसिडिटी से राहत मिलती है। पाचन क्रिया बेहतर बनी रहती है। मुँह का विघटन दूर होता है। साथ ही, गर्मी में शरीर को स्टॉक में रखने में मदद मिलती है। छवि: एआई अगर बच्चे बना रहे हैं तो काली मिर्च कम और ज्यादा स्वाद के लिए थोड़ी सी कसूरी मेथी भी मिला सकते हैं. दही के साथ खाने से इसका स्वाद और लाभ दोनों बढ़ जाते हैं। छवि: फ्रीपिक अगर आप भी रोज-रोज के सेट से बोर हो गए हैं, तो इस मसाले और टेस्टी पुदीना पराठे को जरूर ट्राई करें। यह आपके दिन की शुरुआत को ताजगी से भर देगा। छवि: फ्रीपिक

ECLGS Scheme Extended 1 Year; MSMEs ₹100 Cr, Airlines ₹1500 Cr Loan

ECLGS Scheme Extended 1 Year; MSMEs ₹100 Cr, Airlines ₹1500 Cr Loan

नई दिल्ली15 मिनट पहले कॉपी लिंक केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट मीटिंग में लिए गए फैसलों की जानकारी दी। केंद्रीय कैबिनेट ने इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ECLGS) 5.0 को मंजूरी दे दी है। इसके जरिए छोटे उद्योग (MSMEs) ₹100 करोड़ तक और एयरलाइन कंपनी 1500 करोड़ रुपए तक का लोन ले सकेंगी। यह लोन बिना किसी गारंटी के मिलेगा। इसके लिए सरकार नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड (NCGTC) इस स्कीम के तहत बैंकों और वित्तीय संस्थानों को 100% तक की क्रेडिट गारंटी कवर देगी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को मीटिंग के बाद बताया कि यह फैसला अमेरिका-ईरान के बीच चल रही जंग के कारण आए वित्तीय संकट से निपटने के लिए लिया गया है। इससे कंपनियों को बिजनेस को चालू रखने, नौकरियां बचाने और सप्लाई चेन मजबूत बनाने में मदद मिलेगी। यह स्कीम 31 मार्च 2027 तक लागू रहेगी। जेट फ्यूल महंगा होने के कारण ऑपरेशन कॉस्ट 20% तक बढ़ से फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (FIA) ने सरकार को लेटर लिखकर राहत की मांग की थी। 2.55 लाख करोड़ रुपए का लोन बांटेगी केंद्र सरकार स्कीम के तहत कुल 2.55 लाख करोड़ रुपए का देगी, जिसमें एयरलाइंस के लिए 5,000 करोड़ रुपए का लोन रिजर्व रहेगा। हालांकि, कर्ज की सीमा अलग-अलग तय की गई है। MSMEs और अन्य बिजनेस: चौथी तिमाही (वित्त वर्ष 2026) के दौरान इस्तेमाल की गई वर्किंग कैपिटल (बिजनेस चलाने का खर्च) का अधिकतम 20% अतिरिक्त लोन ले सकेंगे। हालांकि, ये अधिकतम 100 करोड़ रुपए तक का लोन ले सकेंगे। एयरलाइन सेक्टर के लिए यह लिमिट 100% तक रखी गई है, जहां एक कंपनी अधिकतम 1,500 करोड़ रुपए तक का लोन ले सकेगी। किश्त चुकाने के लिए ज्यादा समय मिलेगा लोन चुकाने की अवधि में भी राहत मिलेगी: MSMEs और अन्य बिजनेस के लिए लोन की अवधि 5 साल होगी, जिसमें पहले 1 साल तक मोरेटोरियम (सिर्फ ब्याज भरने) की सुविधा मिलेगी। एयरलाइन सेक्टर के लिए अवधि 7 साल रखी गई है, जिसमें 2 साल का मोरेटोरियम शामिल है। MSMEs को लोन पर 100% गारंटी कवर कैटेगरी गारंटी कवर लोन अवधि मोराटोरियम MSMEs 100% 5 साल 1 साल एयरलाइंस 90-100% 7 साल 2 साल गैर-MSMEs 90% 5 साल 1 साल सरकार लेगी 100% रिस्क, नहीं देनी होगी कोई फीस ECLGS 5.0 की खासियत इसका गारंटी कवर है। MSMEs के लिए सरकार 100% गारंटी देगी, जबकि नॉन-MSMEs और एयरलाइन सेक्टर के लिए 90% गारंटी कवर मिलेगा। इसका मतलब है कि अगर कोई कंपनी डिफॉल्ट होती है, तो नुकसान की भरपाई सरकार करेगी। खास बात यह है कि इस गारंटी के लिए बैंकों या ग्राहकों को कोई फीस नहीं देनी होगी। किसे मिलेगा फायदा: 31 मार्च 2026 तक के स्टैंडर्ड खाते ही पात्र इस स्कीम का लाभ सिर्फ उन MSMEs, नॉन-MSMEs और पैसेंजर एयरलाइंस को मिलेगा जिनके खाते 31 मार्च 2026 तक ‘स्टैंडर्ड’ (यानी जो समय पर किश्त चुका रहे हैं) कैटेगरी में हैं। यह स्कीम 31 मार्च 2027 तक मंजूर होने वाले सभी लोन पर लागू होगी। दो सेमीकंडक्टर प्लांट को भी मंजूरी कैबिनेट ने इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) के तहत दो और सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दे दी है। इसमें देश की पहली कमर्शियल मिनी/माइक्रो-LED डिस्प्ले यूनिट शामिल है, जो GaN (गैलियम नाइट्राइड) टेक्नोलॉजी पर आधारित होगी। इसके साथ ही एक सेमीकंडक्टर पैकेजिंग प्लांट को भी हरी झंडी मिली है। मंजूरी मिलने के बाद ये दोनों सेमीकंडक्टर प्लांट गुजरात में लगाए जाएंगे। इन पर करीब 3,936 करोड़ रुपए का कुल निवेश होगा। इन प्रोजेक्ट्स से करीब 2,230 स्किल्ड प्रोफेशनल्स को रोजगार मिलने की उम्मीद है। मिशन फॉर कॉटन प्रोडक्टिविटी’ को मंजूरी कैबिनेट ने ‘मिशन फॉर कॉटन प्रोडक्टिविटी’ को मंजूरी दे दी है। 2026-27 से 2030-31 तक चलने वाले इस मिशन के लिए सरकार 5659.22 करोड़ रुपए खर्च करेगी। इसका मकसद देश के कॉटन (कपास) सेक्टर में आ रही रुकावटों, घटती पैदावार और क्वालिटी से जुड़ी समस्याओं को दूर करना है। नॉलेज पार्ट: क्या होता है मोरेटोरियम और क्रेडिट गारंटी? क्रेडिट गारंटी: जब सरकार किसी कर्ज की गारंटी लेती है, तो बैंक बिना डरे और बिना किसी सिक्योरिटी के लोन दे देते हैं, क्योंकि उन्हें पता होता है कि पैसा डूबने पर सरकार भरपाई करेगी। ——————— ये खबर भी पढ़ें… इंडिगो-एअर इंडिया ने कहा- फ्लाइट्स बंद होने की कगार पर:फ्यूल महंगा होने से ऑपरेशन मुश्किल, एक्साइज ड्यूटी और वैट घटाए सरकार मिडिल ईस्ट जंग के चलते देश की एयरलाइंस मुश्किल में हैं। एअर इंडिया, इंडिगो और स्पाइसजेट जैसी बड़ी एयरलाइन कंपनियों के संगठन फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (FIA) ने कहा- एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) महंगा होने से उनका ऑपरेशन कॉस्ट 20% तक बढ़ गया है। FIA ने इस बारे में नागरिक उड्डयन मंत्रालय को रिपोर्ट भेजी है। इसके मुताबिक घरेलू एयरलाइंस का कामकाज जारी रखना मुश्किल हो गया है। हालात इतने खराब हैं कि कंपनियां ऑपरेशंस रोकने या अपने विमानों को खड़ा करने की कगार पर पहुंच गई हैं। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Vijay Election Win Prediction by Pooja Hegde; Dream Come True!

Vijay Election Win Prediction by Pooja Hegde; Dream Come True!

25 मिनट पहले कॉपी लिंक थलापति विजय इन दिनों तमिलनाडु चुनाव में अपनी बड़ी जीत को लेकर सुर्खियों में हैं। इसी बीच एक्ट्रेस पूजा हेगड़े ने सोशल मीडिया पर एक पुराना वीडियो शेयर किया है। फिल्म ‘जन नायकन’ की शूटिंग के दौरान पूजा ने विजय की जीत की भविष्यवाणी की थी, जो अब सच साबित हो गई है। यह वीडियो फिल्म ‘जन नायकन’ के सेट का है। वीडियो में एक व्हाइटबोर्ड दिख रहा है, जिस पर लिखा है “चुनाव कौन जीतेगा?” (Who Will Win the Election?)। पूजा हेगड़े पहले बोर्ड पर लिखा यह सवाल दिखाती हैं और फिर धीरे से कैमरा पीछे खड़े विजय की ओर घुमा देती हैं। कैमरा देखते ही विजय शर्मा जाते हैं और हंसते हुए अपना चेहरा छिपा लेते हैं। 4 मई को आए चुनाव नतीजों में पहली बार चुनाव लड़ने वाली विजय की पार्टी TVK ने 108 सीटें जीती हैं। बहुमत के लिए 118 सीटें चाहिए। TVK को सरकार बनाने के लिए 10 सीटों की जरूरत है। पूजा ने लिखा- ‘होने से पहले ही कह दिया था’ इस पुराने वीडियो को शेयर करते हुए पूजा ने कैप्शन में लिखा, “शायद मैंने इसके होने से पहले ही यह कह दिया था? सपनों के हकीकत में बदलने के लिए बधाई, विजय सर।” पूजा के इस पॉजिटिव मैसेज की लोग काफी तारीफ कर रहे हैं। फैंस का कहना है कि दोनों के बीच की केमिस्ट्री ऑन-स्क्रीन के साथ-साथ ऑफ-स्क्रीन भी काफी शानदार है। ‘बीस्ट’ के बाद फिर जमी जोड़ी पूजा हेगड़े और थलपति विजय इससे पहले फिल्म ‘बीस्ट’ में साथ काम कर चुके हैं। फिल्म ‘जन नायकन’ उनकी साथ में दूसरी बड़ी फिल्म है। सोशल मीडिया पर फैंस इस थ्रोबैक वीडियो को विजय के नए सफर से जोड़कर देख रहे हैं। साउथ से लेकर बॉलीवुड स्टार्स दे रहे बधाई विजय की इस नई पारी और सफलता पर फिल्म इंडस्ट्री के कई दिग्गज उन्हें बधाई दे रहे हैं। इनमें रजनीकांत, कमल हासन, सूर्या, सिलंबरासन, लोकेश कनगराज, चिरंजीवी और राम चरण जैसे बड़े नाम शामिल हैं। सोशल मीडिया पर हैशटैग #ThalapathyVijay लगातार ट्रेंड कर रहा है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

कैबिनेट बैठक में बोले मोदी, बंगाल में जीत का लंबे समय से था इंतजार, सत्य के साथ आती है बड़ी जिम्मेदारी

कैबिनेट बैठक में बोले मोदी, बंगाल में जीत का लंबे समय से था इंतजार, सत्य के साथ आती है बड़ी जिम्मेदारी

पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम 2026: प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की जीत के लिए एक बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि बताई। उन्होंने कैबिनेट बैठक के दौरान कहा कि इस जीत का लंबे समय से इंतजार था और यह केवल पार्टी की जीत नहीं है, बल्कि जनता की जीत है। काफी समय से इसका इंतजार है प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर सभी प्रौद्योगिकी और उद्योगपतियों के प्रयासों को उनके उत्कृष्ट नेतृत्व और परिश्रम के बारे में बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता ने बदलाव के लिए मतदान किया है और इस प्रतिष्ठा का सम्मान करना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही, मोदी ने अपने सहयोगियों को भी सत्य की याद दिलाते हुए बड़ी जिम्मेदारी दी है। उन्होंने कहा कि अब सभी को मिलकर पश्चिम बंगाल के विकास, सुशासन और एक खजाने के लिए काम करना चाहिए, ताकि जनता की उम्मीदों पर खरा उतरा जा सके। बंगाल चुनाव की बड़ी उपलब्धि एक दिन पहले यानि सोमवार को बंगाल चुनाव के नतीजे आने के बाद मोदी ने कहा पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी जीत के बाद पार्टी के कलाकारों ने कहा कि “आज से बंगाल भयमुक्त हुआ है” और अब राज्य में बदलाव का समय है, बदलाव का नहीं। उन्होंने राजनीतिक शास्त्रा से अपील की कि वे हिंसा की राजनीति को खत्म करें, राज्य के भविष्य और विकास पर ध्यान दें। मोदी ने कहा कि पिछले कई दशकों से पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा, डर और जानमाल के नुकसान के लिए जा रहे थे, लेकिन इस बार शांतिपूर्ण मतदान हुआ और यह एक सकारात्मक बदलाव का संकेत है। प्रधानमंत्री ने अपने लगभग 50 मिनट के भाषण में यह भी कहा कि बंगाल अब एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है, जहां “भय नहीं, भविष्य की बात होनी चाहिए।” उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में बदलाव की भावना नहीं, बल्कि विकास और सुशासन की भावना मिलनी चाहिए। इसके अलावा, मोदी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, कांग्रेस और अन्य शैले पर हॉलीवुड की ओर से कहा गया कि नारी शक्ति वंदन (संशोधन) का विरोध करने की वजह से उन्हें “कड़ी की सजा” मिली है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि समाजवादी पार्टी भविष्य में भी महिलाओं के विनाश का सामना करना पड़ सकता है। ये भी पढ़ें: बोलीं सीएम पद से नहीं निकलीं तो संबित पात्रा ने टॉम की याद दिला दी क्या कहा?

कोर्ट बोला- क्रूज के पायलट और स्टाफ पर FIR हो:जबलपुर में लोगों को डूबता छोड़कर भागे; पुलिस से दो दिन में मांगी रिपोर्ट

कोर्ट बोला- क्रूज के पायलट और स्टाफ पर FIR हो:जबलपुर में लोगों को डूबता छोड़कर भागे; पुलिस से दो दिन में मांगी रिपोर्ट

जबलपुर की कोर्ट ने बरगी डैम हादसे में क्रूज के पायलट और स्टाफ पर FIR के निर्देश दिए हैं। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी डीपी सूत्रकार की कोर्ट ने मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए कहा- पायलट ने लापरवाहीपूर्वक क्रूज चलाया, जिसके कारण हादसा हुआ और कई लोगों की मौत हो गई। अदालत ने मंगलवार को कहा कि पायलट क्रूज की गतिविधियों से परिचित था, लेकिन वह उसमें सवार लोगों को डूबता छोड़कर सुरक्षित बाहर निकल गया। यह भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 106 तथा धारा 110 के तहत अपराध की श्रेणी में आता है। यदि इस मामले में FIR दर्ज नहीं की गई और जांच नहीं हुई, तो भविष्य में भी क्रूज या नाव चलाने वाले लोग किसी अनहोनी की स्थिति में यात्रियों को डूबता छोड़ सकते हैं। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति हो सकती है। जान बचाने वालों की सराहना भी की अदालत ने कहा कि अब तक इस घटना को लेकर किसी पर कानूनी कार्रवाई नहीं हुई है। इतना ही नहीं, पुलिस ने अभी तक किसी के खिलाफ FIR भी दर्ज नहीं की है। इसके साथ कोर्ट ने जबलपुर पुलिस को निर्देश दिए कि संबंधित मामले में एफआईआर दर्ज कर दो दिन के भीतर न्यायालय को सूचित किया जाए। कोर्ट ने क्रूज में सवार पर्यटकों की जान बचाने वाले लोगों की सराहना भी की। सबसे पहले जानिए, हादसा कैसे हुआ… 3 कर्मचारी बर्खास्त, एक सस्पेंड किया गया था मामले में क्रूज के को- पायलट महेश पटेल, हेल्पर छोटेलाल गोंड और टिकट काउंटर प्रभारी बृजेंद्र की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। महेश ही हादसे के पहले क्रूज चला रहे थे। वहीं, होटल मैकल रिसॉर्ट और बोट क्लब बरगी के मैनेजर सुनील मरावी को लापरवाही के आरोप में निलंबित किया गया है। रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्रा को मुख्यालय अटैच कर उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। को-पायलट बोला- क्रूज का एक इंजन स्लो था को-पायलट महेश पटेल ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा था कि 3 साल पहले क्रूज का मेंटेनेंस हुआ था, लेकिन इसका एक इंजन स्लो था। हादसे के पहले इसने काम करना बंद कर दिया था। पटेल ने ये भी कहा था कि हमें ऊपर से किसी भी तरह का कोई निर्देश नहीं मिला था कि क्रूज संचालन रोकना है या यलो अलर्ट जारी है। इस बारे में स्पष्ट निर्देश दिए जाते तो हम कभी भी क्रूज को पानी में नहीं उतारते। मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… क्रूज हादसे की पीड़िता बोलीं- दवा नहीं, पहले बिल थमाया मध्य प्रदेश के जबलपुर में क्रूज हादसे की चश्मदीद और पीड़िता वाराणसी की सविता वर्मा ने हादसे के बाद के हालात और सिस्टम की संवेदनहीनता को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि हम मौत को छूकर वापस आए थे, लेकिन अस्पताल में हमारी हालत से ज्यादा बिल की चिंता दिखाई दी। पढ़ें पूरी खबर…