Tuesday, 05 May 2026 | 10:11 PM

Trending :

EXCLUSIVE

ECLGS Scheme Extended 1 Year; MSMEs ₹100 Cr, Airlines ₹1500 Cr Loan

ECLGS Scheme Extended 1 Year; MSMEs ₹100 Cr, Airlines ₹1500 Cr Loan

नई दिल्ली15 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट मीटिंग में लिए गए फैसलों की जानकारी दी।

केंद्रीय कैबिनेट ने इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ECLGS) 5.0 को मंजूरी दे दी है। इसके जरिए छोटे उद्योग (MSMEs) ₹100 करोड़ तक और एयरलाइन कंपनी 1500 करोड़ रुपए तक का लोन ले सकेंगी।

यह लोन बिना किसी गारंटी के मिलेगा। इसके लिए सरकार नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड (NCGTC) इस स्कीम के तहत बैंकों और वित्तीय संस्थानों को 100% तक की क्रेडिट गारंटी कवर देगी।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को मीटिंग के बाद बताया कि यह फैसला अमेरिका-ईरान के बीच चल रही जंग के कारण आए वित्तीय संकट से निपटने के लिए लिया गया है। इससे कंपनियों को बिजनेस को चालू रखने, नौकरियां बचाने और सप्लाई चेन मजबूत बनाने में मदद मिलेगी। यह स्कीम 31 मार्च 2027 तक लागू रहेगी।

जेट फ्यूल महंगा होने के कारण ऑपरेशन कॉस्ट 20% तक बढ़ से फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (FIA) ने सरकार को लेटर लिखकर राहत की मांग की थी।

जेट फ्यूल महंगा होने के कारण ऑपरेशन कॉस्ट 20% तक बढ़ से फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (FIA) ने सरकार को लेटर लिखकर राहत की मांग की थी।

2.55 लाख करोड़ रुपए का लोन बांटेगी केंद्र

सरकार स्कीम के तहत कुल 2.55 लाख करोड़ रुपए का देगी, जिसमें एयरलाइंस के लिए 5,000 करोड़ रुपए का लोन रिजर्व रहेगा। हालांकि, कर्ज की सीमा अलग-अलग तय की गई है।

MSMEs और अन्य बिजनेस: चौथी तिमाही (वित्त वर्ष 2026) के दौरान इस्तेमाल की गई वर्किंग कैपिटल (बिजनेस चलाने का खर्च) का अधिकतम 20% अतिरिक्त लोन ले सकेंगे। हालांकि, ये अधिकतम 100 करोड़ रुपए तक का लोन ले सकेंगे।

एयरलाइन सेक्टर के लिए यह लिमिट 100% तक रखी गई है, जहां एक कंपनी अधिकतम 1,500 करोड़ रुपए तक का लोन ले सकेगी।

किश्त चुकाने के लिए ज्यादा समय मिलेगा

लोन चुकाने की अवधि में भी राहत मिलेगी:

  • MSMEs और अन्य बिजनेस के लिए लोन की अवधि 5 साल होगी, जिसमें पहले 1 साल तक मोरेटोरियम (सिर्फ ब्याज भरने) की सुविधा मिलेगी।
  • एयरलाइन सेक्टर के लिए अवधि 7 साल रखी गई है, जिसमें 2 साल का मोरेटोरियम शामिल है।

MSMEs को लोन पर 100% गारंटी कवर

कैटेगरी गारंटी कवर लोन अवधि मोराटोरियम
MSMEs 100% 5 साल 1 साल
एयरलाइंस 90-100% 7 साल 2 साल
गैर-MSMEs 90% 5 साल 1 साल

सरकार लेगी 100% रिस्क, नहीं देनी होगी कोई फीस

ECLGS 5.0 की खासियत इसका गारंटी कवर है। MSMEs के लिए सरकार 100% गारंटी देगी, जबकि नॉन-MSMEs और एयरलाइन सेक्टर के लिए 90% गारंटी कवर मिलेगा। इसका मतलब है कि अगर कोई कंपनी डिफॉल्ट होती है, तो नुकसान की भरपाई सरकार करेगी। खास बात यह है कि इस गारंटी के लिए बैंकों या ग्राहकों को कोई फीस नहीं देनी होगी।

किसे मिलेगा फायदा: 31 मार्च 2026 तक के स्टैंडर्ड खाते ही पात्र

इस स्कीम का लाभ सिर्फ उन MSMEs, नॉन-MSMEs और पैसेंजर एयरलाइंस को मिलेगा जिनके खाते 31 मार्च 2026 तक ‘स्टैंडर्ड’ (यानी जो समय पर किश्त चुका रहे हैं) कैटेगरी में हैं। यह स्कीम 31 मार्च 2027 तक मंजूर होने वाले सभी लोन पर लागू होगी।

दो सेमीकंडक्टर प्लांट को भी मंजूरी

कैबिनेट ने इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) के तहत दो और सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दे दी है। इसमें देश की पहली कमर्शियल मिनी/माइक्रो-LED डिस्प्ले यूनिट शामिल है, जो GaN (गैलियम नाइट्राइड) टेक्नोलॉजी पर आधारित होगी। इसके साथ ही एक सेमीकंडक्टर पैकेजिंग प्लांट को भी हरी झंडी मिली है।

मंजूरी मिलने के बाद ये दोनों सेमीकंडक्टर प्लांट गुजरात में लगाए जाएंगे। इन पर करीब 3,936 करोड़ रुपए का कुल निवेश होगा। इन प्रोजेक्ट्स से करीब 2,230 स्किल्ड प्रोफेशनल्स को रोजगार मिलने की उम्मीद है।

मिशन फॉर कॉटन प्रोडक्टिविटी’ को मंजूरी

कैबिनेट ने ‘मिशन फॉर कॉटन प्रोडक्टिविटी’ को मंजूरी दे दी है। 2026-27 से 2030-31 तक चलने वाले इस मिशन के लिए सरकार 5659.22 करोड़ रुपए खर्च करेगी। इसका मकसद देश के कॉटन (कपास) सेक्टर में आ रही रुकावटों, घटती पैदावार और क्वालिटी से जुड़ी समस्याओं को दूर करना है।

नॉलेज पार्ट: क्या होता है मोरेटोरियम और क्रेडिट गारंटी?

क्रेडिट गारंटी: जब सरकार किसी कर्ज की गारंटी लेती है, तो बैंक बिना डरे और बिना किसी सिक्योरिटी के लोन दे देते हैं, क्योंकि उन्हें पता होता है कि पैसा डूबने पर सरकार भरपाई करेगी।

———————

ये खबर भी पढ़ें…

इंडिगो-एअर इंडिया ने कहा- फ्लाइट्स बंद होने की कगार पर:फ्यूल महंगा होने से ऑपरेशन मुश्किल, एक्साइज ड्यूटी और वैट घटाए सरकार

मिडिल ईस्ट जंग के चलते देश की एयरलाइंस मुश्किल में हैं। एअर इंडिया, इंडिगो और स्पाइसजेट जैसी बड़ी एयरलाइन कंपनियों के संगठन फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (FIA) ने कहा- एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) महंगा होने से उनका ऑपरेशन कॉस्ट 20% तक बढ़ गया है।

FIA ने इस बारे में नागरिक उड्डयन मंत्रालय को रिपोर्ट भेजी है। इसके मुताबिक घरेलू एयरलाइंस का कामकाज जारी रखना मुश्किल हो गया है। हालात इतने खराब हैं कि कंपनियां ऑपरेशंस रोकने या अपने विमानों को खड़ा करने की कगार पर पहुंच गई हैं। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
16 साल पहले आज ही सचिन ने लगाया था दोहरा-शतक:उनके बाद 4 भारतीयों ने डबल सेंचुरी लगाई; रोहित के नाम सबसे बड़ा स्कोर

February 24, 2026/
9:04 pm

आज ही के दिन 16 साल पहले मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने इतिहास रचा था। 24 फरवरी 2010 को ग्वालियर...

authorimg

April 21, 2026/
12:06 pm

Last Updated:April 21, 2026, 12:06 IST Fairness Cream Side Effects: जब लोग इसे ‘फेयरनेस क्रीम’ की तरह सालों-साल लगाते हैं,...

India vs South Africa Live Score, T20 World Cup 2026 Super 8s: Follow Scorecard And Match Action From Ahmedabad. (Picture Credit: AP)

February 22, 2026/
7:48 pm

आखरी अपडेट:22 फरवरी, 2026, 19:48 IST गांधी परिवार को रेड्डी की 1,000 करोड़ रुपये की पेशकश पर भाजपा नेताओं ने...

RPSC SI Exam Admit Card Released

April 2, 2026/
6:58 am

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से SI भर्ती एग्जाम 5 एवं 6 अप्रैल को होंगे। परीक्षा के प्रवेश...

पदोन्नति नियम उलझे पर सीआर लिखने का टाइम तय:30 जून तक सेल्फ एसेसमेंट दे सकेंगे कर्मचारी, समय पर रिपोर्ट नहीं लिखी तो अफसरों पर होगा एक्शन

March 18, 2026/
12:13 am

लोक सेवा पदोन्नति नियम 2025 लागू करने के बाद हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई के बीच सामान्य प्रशासन विभाग ने...

Bengaluru Professor Calls Student Terrorist, Sparks Controversy

March 28, 2026/
5:43 pm

बेंगलुरु9 घंटे पहले कॉपी लिंक AI इमेज कर्नाटक के बेंगलुरु में निजी यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर के खिलाफ स्टूडेंट को आतंकी...

पश्चिम बंगाल में चुनाव लड़ाके ओली की पार्टी, हुमायूं कबीर के साथ गठबंधन की घोषणा, ममता बनर्जी का मजबूत समर्थन!

March 22, 2026/
11:38 pm

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर इमाम ने हुमायूं कबीर की आम जनता पार्टी से गठबंधन किया है। इस...

जॉब - शिक्षा

हेल्थ & फिटनेस

राजनीति

ECLGS Scheme Extended 1 Year; MSMEs ₹100 Cr, Airlines ₹1500 Cr Loan

ECLGS Scheme Extended 1 Year; MSMEs ₹100 Cr, Airlines ₹1500 Cr Loan

नई दिल्ली15 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट मीटिंग में लिए गए फैसलों की जानकारी दी।

केंद्रीय कैबिनेट ने इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ECLGS) 5.0 को मंजूरी दे दी है। इसके जरिए छोटे उद्योग (MSMEs) ₹100 करोड़ तक और एयरलाइन कंपनी 1500 करोड़ रुपए तक का लोन ले सकेंगी।

यह लोन बिना किसी गारंटी के मिलेगा। इसके लिए सरकार नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड (NCGTC) इस स्कीम के तहत बैंकों और वित्तीय संस्थानों को 100% तक की क्रेडिट गारंटी कवर देगी।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को मीटिंग के बाद बताया कि यह फैसला अमेरिका-ईरान के बीच चल रही जंग के कारण आए वित्तीय संकट से निपटने के लिए लिया गया है। इससे कंपनियों को बिजनेस को चालू रखने, नौकरियां बचाने और सप्लाई चेन मजबूत बनाने में मदद मिलेगी। यह स्कीम 31 मार्च 2027 तक लागू रहेगी।

जेट फ्यूल महंगा होने के कारण ऑपरेशन कॉस्ट 20% तक बढ़ से फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (FIA) ने सरकार को लेटर लिखकर राहत की मांग की थी।

जेट फ्यूल महंगा होने के कारण ऑपरेशन कॉस्ट 20% तक बढ़ से फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (FIA) ने सरकार को लेटर लिखकर राहत की मांग की थी।

2.55 लाख करोड़ रुपए का लोन बांटेगी केंद्र

सरकार स्कीम के तहत कुल 2.55 लाख करोड़ रुपए का देगी, जिसमें एयरलाइंस के लिए 5,000 करोड़ रुपए का लोन रिजर्व रहेगा। हालांकि, कर्ज की सीमा अलग-अलग तय की गई है।

MSMEs और अन्य बिजनेस: चौथी तिमाही (वित्त वर्ष 2026) के दौरान इस्तेमाल की गई वर्किंग कैपिटल (बिजनेस चलाने का खर्च) का अधिकतम 20% अतिरिक्त लोन ले सकेंगे। हालांकि, ये अधिकतम 100 करोड़ रुपए तक का लोन ले सकेंगे।

एयरलाइन सेक्टर के लिए यह लिमिट 100% तक रखी गई है, जहां एक कंपनी अधिकतम 1,500 करोड़ रुपए तक का लोन ले सकेगी।

किश्त चुकाने के लिए ज्यादा समय मिलेगा

लोन चुकाने की अवधि में भी राहत मिलेगी:

  • MSMEs और अन्य बिजनेस के लिए लोन की अवधि 5 साल होगी, जिसमें पहले 1 साल तक मोरेटोरियम (सिर्फ ब्याज भरने) की सुविधा मिलेगी।
  • एयरलाइन सेक्टर के लिए अवधि 7 साल रखी गई है, जिसमें 2 साल का मोरेटोरियम शामिल है।

MSMEs को लोन पर 100% गारंटी कवर

कैटेगरी गारंटी कवर लोन अवधि मोराटोरियम
MSMEs 100% 5 साल 1 साल
एयरलाइंस 90-100% 7 साल 2 साल
गैर-MSMEs 90% 5 साल 1 साल

सरकार लेगी 100% रिस्क, नहीं देनी होगी कोई फीस

ECLGS 5.0 की खासियत इसका गारंटी कवर है। MSMEs के लिए सरकार 100% गारंटी देगी, जबकि नॉन-MSMEs और एयरलाइन सेक्टर के लिए 90% गारंटी कवर मिलेगा। इसका मतलब है कि अगर कोई कंपनी डिफॉल्ट होती है, तो नुकसान की भरपाई सरकार करेगी। खास बात यह है कि इस गारंटी के लिए बैंकों या ग्राहकों को कोई फीस नहीं देनी होगी।

किसे मिलेगा फायदा: 31 मार्च 2026 तक के स्टैंडर्ड खाते ही पात्र

इस स्कीम का लाभ सिर्फ उन MSMEs, नॉन-MSMEs और पैसेंजर एयरलाइंस को मिलेगा जिनके खाते 31 मार्च 2026 तक ‘स्टैंडर्ड’ (यानी जो समय पर किश्त चुका रहे हैं) कैटेगरी में हैं। यह स्कीम 31 मार्च 2027 तक मंजूर होने वाले सभी लोन पर लागू होगी।

दो सेमीकंडक्टर प्लांट को भी मंजूरी

कैबिनेट ने इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) के तहत दो और सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दे दी है। इसमें देश की पहली कमर्शियल मिनी/माइक्रो-LED डिस्प्ले यूनिट शामिल है, जो GaN (गैलियम नाइट्राइड) टेक्नोलॉजी पर आधारित होगी। इसके साथ ही एक सेमीकंडक्टर पैकेजिंग प्लांट को भी हरी झंडी मिली है।

मंजूरी मिलने के बाद ये दोनों सेमीकंडक्टर प्लांट गुजरात में लगाए जाएंगे। इन पर करीब 3,936 करोड़ रुपए का कुल निवेश होगा। इन प्रोजेक्ट्स से करीब 2,230 स्किल्ड प्रोफेशनल्स को रोजगार मिलने की उम्मीद है।

मिशन फॉर कॉटन प्रोडक्टिविटी’ को मंजूरी

कैबिनेट ने ‘मिशन फॉर कॉटन प्रोडक्टिविटी’ को मंजूरी दे दी है। 2026-27 से 2030-31 तक चलने वाले इस मिशन के लिए सरकार 5659.22 करोड़ रुपए खर्च करेगी। इसका मकसद देश के कॉटन (कपास) सेक्टर में आ रही रुकावटों, घटती पैदावार और क्वालिटी से जुड़ी समस्याओं को दूर करना है।

नॉलेज पार्ट: क्या होता है मोरेटोरियम और क्रेडिट गारंटी?

क्रेडिट गारंटी: जब सरकार किसी कर्ज की गारंटी लेती है, तो बैंक बिना डरे और बिना किसी सिक्योरिटी के लोन दे देते हैं, क्योंकि उन्हें पता होता है कि पैसा डूबने पर सरकार भरपाई करेगी।

———————

ये खबर भी पढ़ें…

इंडिगो-एअर इंडिया ने कहा- फ्लाइट्स बंद होने की कगार पर:फ्यूल महंगा होने से ऑपरेशन मुश्किल, एक्साइज ड्यूटी और वैट घटाए सरकार

मिडिल ईस्ट जंग के चलते देश की एयरलाइंस मुश्किल में हैं। एअर इंडिया, इंडिगो और स्पाइसजेट जैसी बड़ी एयरलाइन कंपनियों के संगठन फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (FIA) ने कहा- एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) महंगा होने से उनका ऑपरेशन कॉस्ट 20% तक बढ़ गया है।

FIA ने इस बारे में नागरिक उड्डयन मंत्रालय को रिपोर्ट भेजी है। इसके मुताबिक घरेलू एयरलाइंस का कामकाज जारी रखना मुश्किल हो गया है। हालात इतने खराब हैं कि कंपनियां ऑपरेशंस रोकने या अपने विमानों को खड़ा करने की कगार पर पहुंच गई हैं। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.