‘टीवीके को सरकार के लिए न बुलाया जाए, नामांकन का अपमान’, डीएमके-एमएनएम और वीसीके की जीत पर राज्यपाल की शर्त

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित गवर्नर के नियम स्कूलके पर, एमएनएम ने गेमप्ले की कड़ी देखी। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद भी राज्य में अब तक नई सरकार के गठन को लेकर घमाघामी बनी हुई है। राज्यपाल आर. वी. अर्लेकर की तरफ से थलापति विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कजगम (टीवीके) को 108 पर जीत हासिल करने के बावजूद सरकार गठन करने की अनुमति न देने से इनकार कर दिया गया है। इस बीच तमिल की पूर्व सुपरमार्केट पार्टी के शिक्षकों में कमल हासन की एमएनएम, वीसीके और सी वीके जैसी कंपनी ने एकजुट होकर विक्ट्री और टीवीके का समर्थन किया है। तमिल के राजनीतिक वृत्तचित्र ने गवर्नर की ओर से विजय प्राप्त करने के लिए सरकार बनाने के लिए आमंत्रण जारी किया और उस पर प्रतिबंध का आरोप लगाया है। त्रिपुरा, विधानसभा चुनाव में विजय की तमिलगा वेत्री कजगम (टीवीके) 108 पर जीत हासिल कर राज्य की सबसे बड़ी पार्टी उभरी। हालाँकि, तमिल विधानसभा में बहुमत का पात्र 118 का है। ऐसे में विजय के पास सरकार बनाने के लिए आवश्यक 118 में से 10 पद कम हैं, लेकिन कांग्रेस पार्टी के समर्थन के बाद अब टीवी के पास कुल 113 सदस्य हैं, हालांकि अभी भी बहुमत से 5 पद कम हैं। जिसके बाद तमिलनाडु के गवर्नर विश्वनाथन अर्लेकर ने सबसे पहले बहुमत को स्पष्ट करने के लिए विजय प्राप्त की। विजय के समर्थकों ने क्या कहा? राज्यपाल आर. वी. अर्लेकर ने गुरुवार (7 मई, 2026) को टीवी के विजय प्रमुखों से मुलाकात के दौरान कहा कि वे सरकार पहले अपना बहुमत साबित करें। जबकि विजय और उनके अन्य समर्थकों का कहना है कि संविधान के अनुसार उन्हें (राज्यपाल को) पहले मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई जानी चाहिए और बाद में विधानसभा में फ्लोर टेस्ट बनाया जाना चाहिए। वहीं, एमएनएम प्रमुख और अभिनेता कमल हासन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि विजय को सरकार बनाने के लिए नहीं बुलाया जाएगा, जनता का उत्साह बढ़ेगा। उन्होंने कहा, ‘तमिलनाडु के लोगों का सम्मान किया जाना चाहिए।’ टीवीके की सबसे बड़ी पार्टी उभरकर सामने आई है। ऐसे में विजय को आमंत्रित करना लोकतंत्र को नष्ट करने जैसा होगा।’ वे शिक्षक के नेता एमके स्टालिन की भी डॉक्टर की, अर्थशास्त्री में बैठने की बात कही। यह भी पढ़ें: ‘विजय तभी ले जाएगी शपथ जब…’, तमिल के गवर्नर ने टीवीके प्रमुख के सामने रखी ये शर्त वीसीके और सी बिजनेस ने भी दिया समर्थन वीसीके प्रमुख थोलोलमवलवन ने कहा कि गवर्नर की यह मांग पूरी तरह से अस्वीकृत है। उनकी तरफ से विधानसभा में विजय प्राप्त करने के लिए बहुमत साबित करने का मौका मिलना चाहिए, न कि पहले से नंबर साबित करने की शर्त रखना चाहिए। जबकि सी.ई.वी. के.टी.एम. सचिव एम. वीरपांडियन ने यह भी कहा कि चूंकि किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है और टीवीके सबसे बड़ी पार्टी है, इसलिए संवैधानिक परंपरा के विजय को सबसे पहले सरकार बनाने का अवसर मिलना चाहिए। राज्यपाल की विचारधारा पर शिक्षकों ने क्या कहा? शिक्षक नेता ए. सरवनन ने कहा कि जब कोई प्री-पोल गठबंधन बहुमत में नहीं होता है, तब सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने का पहला मौका मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि अभी तक किसी भी दल ने सरकार बनाने का दावा पेश नहीं किया है, जबकि टीवीके ने 113 दावे का समर्थन पत्र राज्यपाल को सौंपा है। बीजेपी ने मामले पर क्या दी प्रतिक्रिया? वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता नारायणन आश्रम ने कहा कि टीवीके के पास बहुमत है. यदि विजय बहुमत सिद्ध कर देते हैं, तो राज्यपाल उसे स्वीकार कर लेंगे। जो संवैधानिक के अनुसार होगा, वही किया जाएगा। यह भी पढ़ें: ‘राज्यपाल बीजेपी के एजेंट, विजय को बुलाओ’, तमिलनाडु में गवर्नर ने टीवीके प्रमुख को लौटाया तो भड़के कपिल सिब्बल
5 प्राइवेट चीजें जिन्हें पत्नी के साथ भी नहीं करना चाहिए शेयर, वरना सुख-चैन छिनने में नहीं लगेगी देर, देखें लिस्ट

Last Updated:May 07, 2026, 16:59 IST 5 Personal Things Never Share : पति-पत्नी में शायद ही कोई चीज छुपी हुई रहती है, रहना भी नहीं चाहिए. लेकिन कुछ चीजें ऐसी होती हैं जिन्हें पत्नी के साथ भी शेयर नहीं करना चाहिए. ये निजी वस्तुएं सिर्फ सिंगल यूज के लिए होती हैं. अगर आप इन निजी चीजों को किसी के साथ भी शेयर करते हैं तो इससे भारी परेशानी मोल लेनी पड़ सकती है. आइए इन चीजों के बारे में जानते हैं. कैसे ये 5 चीजें शेयर करने से बढ़ाती है परेशानी. Private things should not share: हम अपने लोगों से बातचीत में कई बातों को बेशक छुपा लें लेकिन जिस चीज का इस्तेमाल हम करते हैं, उसे शायद ही अपनों से छुपाते हैं. फिर अपने ही घर में अपने पार्टनर के साथ किसी चीज को शेयर न करना बेवकूफी ही मानी जाती है. लेकिन यदि आपको अपनी स्किन से प्यार है और चाहते हैं कि आपके पार्टनर की स्किन भी हेल्दी रहे तो कुछ चीजें ऐसी हैं जिन्हें पार्टनर के साथ भी साझा नहीं करना चाहिए. क्योंकि इन चीजों को शेयर करने से सिर्फ आपकी स्किन ही नहीं आपके पार्टनर की स्किन भी इंफेक्टेड हो सकती है और इससे कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. आइए इन पांच चीजों के बारे में जानते हैं. इन 5 चीजों को न करें शेयर कंघी-आमतौर पर घर में रखी एक कंघी से सारे लोग बालों को सेट करते हैं लेकिन ऐसा करना गलत है. कंघी को दूसरे के साथ शेयर करने से डर्मेटोफाइटोसिस हो सकता है. इसे सामान्य भाषा में दाद या फंगल संक्रमण कहते हैं. जब हम किसी की कंघी इस्तेमाल करते हैं तो स्कैल्प पर मौजूद फंगल या बीजाणु एक सिर से दूसरे सिर पर आसानी से चले जाते हैं. इसके अलावा, कंघी के दांतों में डेड स्किन सेल्स और प्राकृतिक तेल फंसे रहते हैं. यह बैक्टीरिया के पनपने के लिए आदर्श वातावरण प्रदान करते हैं. जुओं का संक्रमण भी इसी के जरिए फैलता है. वैज्ञानिक रूप से स्कैल्प की स्वच्छता बनाए रखने के लिए कंघी को व्यक्तिगत रखना अनिवार्य है ताकि फॉलिक्युलाइटिस (बालों की जड़ों में सूजन) जैसी समस्याओं से बचा जा सके. तौलिया-एक ही तौलिया से घर में सारे लोग नहाते हैं लेकिन यह तरीका बिल्कुल गलत है. जब एक व्यक्ति तौलिया इस्तेमाल करता है तो अगर उसकी स्किन में बैक्टीरिया या फंगस है तो वही सूक्ष्म जीव तौलिया में चिपक जाता है. यही तौलिया जब दूसरा कोई भी इस्तेमाल करता है तो ये बैक्टीरिया उसकी स्किन में भी घुस जाते हैं. दरअसल, तौलिया में नमी ज्यादा रहती है जो बैक्टीरिया के पनपने का सबसे आसान घर होता है. नम तौलिया स्टैफिलोकोकस जैसे बैक्टीरिया और फंगस के लिए ब्रीडिंग ग्राउंड है. जब आप दूसरे का तौलिया इस्तेमाल करते हैं तो आप उनकी त्वचा के माइक्रोबायोम को अपने शरीर पर ले लेते हैं. इससे त्वचा के संक्रमण, आंखों का संक्रमण और यहां तक कि एथलीट फुट जैसे फंगल इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है. साबुन-साबुन की टिकिया भी दूसरे के साथ इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. कई शोध बताते हैं कि साबुन की सतह पर बैक्टीरिया, वायरस और डेड सेल्स चिपकी रह सकती है. जब एक ही साबुन कई लोग इस्तेमाल करते हैं, तो ई-कोलाई और साल्मोनेला जैसे बैक्टीरिया एक व्यक्ति से दूसरे में जा सकते हैं. हालांकि साबुन की झाग कीटाणुओं को धो देती है लेकिन उसकी सतह पर मौजूद बायोफिल्म यानी बैक्टीरिया की परत इंफेक्शन की वजह बन सकती है. अगर किसी व्यक्ति को त्वचा पर कोई घाव या फोड़ा है तो साबुन साझा करना दूसरों के लिए त्वचा रोगों का सीधा निमंत्रण बन जाता है. डियोडरेंट-वैसे तो डियोडरेंट कम लोग एक-दूसरे के साथ साझा करते हैं लेकिन यदि आप बगल में रोलर वाले डियोडरेंट का इस्तेमाल करते है और यही डियोडरेंट किसी और के साथ साझा करते हैं तो यह इंफेक्शन को बुलावा देना जैसा होगा. अंडर आर्म्स या बगल का हिस्सा शरीर का सबसे गर्म और नम हिस्सा होता है जहां पसीने के साथ लाखों बैक्टीरिया मौजूद होते हैं. जब आप रोल-ऑन साझा करते हैं तो आप दूसरे व्यक्ति के शरीर की गंध पैदा करने वाले बैक्टीरिया और उनकी मृत कोशिकाओं को अपने शरीर पर लगा लेते हैं. वैज्ञानिक रूप से यह क्रॉस-कंटैमिनेशन पसीने की ग्रंथियों के बंद होने या त्वचा में जलन और इन्फेक्शन का कारण बन सकता है. स्प्रे डियोडरेंट साझा करना सुरक्षित हो सकता है लेकिन त्वचा के सीधे संपर्क में आने वाले प्रोडक्ट्स पूरी तरह व्यक्तिगत होने चाहिए. रेजर-रेजर साझा करना सबसे खतरनाक हो सकता है क्योंकि यह रक्त-जनित रोगों के सीधे संक्रमण का मार्ग है. शेविंग के दौरान अक्सर त्वचा पर सूक्ष्म कट लग जाते हैं, जो नंगी आंखों से नहीं दिखते. यदि रेजर साझा किया जाता है तो पिछले व्यक्ति का रक्त या तरल पदार्थ रेजर की ब्लेड पर रह सकता है. इससे हेपेटाइटिस बी, हेपेटाइटिस सी और यहां तक कि एचआईवी जैसे गंभीर वायरस के फैलने का जोखिम रहता है. इसके अलावा रेजर के ब्लेड के बीच में फंसे बैक्टीरिया त्वचा में रेजर बम्प्स और गंभीर फॉलिक्युलाइटिस पैदा कर सकते हैं. About the Author Lakshmi Narayan 18 साल से ज्यादा के लंबे करियर में लक्ष्मी नारायण ने डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, राजनीति, समाज, …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें
रात में सोते समय AC का टेंपरेचर कितना रखना चाहिए? सेहत के लिहाज से कितनी कूलिंग ठीक

Last Updated:May 07, 2026, 16:50 IST Ideal AC Temperature for Night: अधिकतर लोग रात में चैन से सोने के लिए AC चलाते हैं. कई लोग एसी का टेंपरेचर 20 सेट करके सो जाते हैं, जबकि कुछ लोग 25 टेंपरेचर सेट करके सोते हैं. एक्सपर्ट्स की मानें तो रात में सोते समय AC का तापमान 24-26 डिग्री सेल्सियस रखना सबसे बेहतर माना जाता है. इससे शरीर को आरामदायक ठंडक मिलती है और गले, सर्दी या शरीर दर्द जैसी समस्याओं का खतरा कम रहता है. रात में सोते वक्त एसी का टेंपरेचर 24 से 26 डिग्री के बीच सबसे सही माना जाता है. Right AC Temperature for Sleep: गर्मी में दिनभर की भागदौड़ के बाद लोग रात में चैन की नींद लेना चाहते हैं. अच्छी नींद के लिए तमाम लोग रातभर AC चलाकर सोना पसंद करते हैं. अक्सर यह सवाल उठता है कि AC का तापमान कितना रखना सही होता है. कई लोग बहुत ज्यादा ठंडा तापमान सेट कर देते हैं, जिससे नींद तो आती है, लेकिन सुबह शरीर दर्द, गले में खराश या थकान जैसी समस्याएं महसूस हो सकती हैं. कई बार ज्यादा ठंडक की वजह से नींद भी खराब होती है. एक्सपर्ट्स के अनुसार सही AC तापमान न सिर्फ आरामदायक नींद देता है, बल्कि सेहत के लिए भी जरूरी होता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक रात में सोते समय AC का तापमान लगभग 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखना सबसे बेहतर माना जाता है. यह तापमान शरीर को आरामदायक ठंडक देता है और शरीर के प्राकृतिक तापमान संतुलन को भी बनाए रखता है. बहुत ज्यादा ठंडा तापमान शरीर पर अनावश्यक दबाव डाल सकता है. अगर AC का तापमान बहुत कम जैसे 18 से 20 डिग्री पर रखा जाए, तो शरीर का तापमान तेजी से गिर सकता है. इससे मांसपेशियों में अकड़न, सिरदर्द, नाक बंद होना या गले में खराश जैसी समस्याएं हो सकती हैं. बच्चों, बुजुर्गों और एलर्जी या अस्थमा पेशेंट्स को ज्यादा ठंडा वातावरण नुकसान पहुंचा सकता है. कई रिसर्च में पता चला है कि रात के समय शरीर का मेटाबॉलिज्म और तापमान स्वाभाविक रूप से थोड़ा कम हो जाता है. ऐसे में बहुत ज्यादा ठंडक शरीर को असहज कर सकती है. इसलिए मध्यम तापमान पर AC चलाना ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक माना जाता है. इससे बिजली की बचत भी होती है और AC पर लोड भी कम पड़ता है. बेहतर नींद के लिए सिर्फ तापमान ही नहीं, बल्कि कमरे का वेंटिलेशन और ह्यूमिडिटी भी मायने रखती है. कोशिश करें कि कमरे में हल्की हवा का प्रवाह बना रहे और AC की सीधी हवा शरीर पर न पड़े. रात में हल्का कंबल इस्तेमाल करना भी सही रहता है, ताकि तापमान संतुलित बना रहे. नई दिल्ली के साकेत स्थित डॉक्टर मंत्री रेस्पिरेटरी क्लीनिक के पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. भगवान मंत्री ने News18 को बताया बच्चों, बुजुर्गों, अस्थमा या एलर्जी के मरीजों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को रात में बहुत ज्यादा ठंडे AC में सोने से बचना चाहिए. अत्यधिक ठंडक से इन लोगों में गले में खराश, सांस लेने में दिक्कत, सर्दी-जुकाम, शरीर दर्द और मांसपेशियों में अकड़न जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं. इसके अलावा जिन लोगों को लो ब्लड प्रेशर या जोड़ों के दर्द की शिकायत रहती है, उन्हें भी बहुत कम तापमान पर AC चलाने से परेशानी हो सकती है. इसलिए ऐसे लोगों के लिए मध्यम तापमान यानी 24-26 डिग्री सेल्सियस ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक माना जाता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें
‘आप हारी नहीं हैं, दीदी’: बंगाल के झटके के बाद अखिलेश यादव ने ममता और अभिषेक बनर्जी से की मुलाकात | भारत समाचार

आखरी अपडेट:07 मई, 2026, 16:49 IST पहुंचते ही अखिलेश यादव ने अभिषेक बनर्जी को गर्मजोशी से गले लगाया और अच्छी टक्कर देने के लिए बधाई दी यह हाई-प्रोफाइल यात्रा तब हो रही है जब ममता बनर्जी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया और चुनाव आयोग के आचरण में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए परिणामों पर बहु-आयामी कानूनी और राजनीतिक प्रतिक्रिया का संकेत दिया है। छवि/एसपी एकजुटता के प्रदर्शन में, जो इंडिया ब्लॉक के भीतर मजबूत संबंधों को रेखांकित करता है, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव गुरुवार को ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी से मिलने के लिए कोलकाता पहुंचे। दोपहर 3.15 बजे शुरू हुई बैठक पश्चिम बंगाल में ऐतिहासिक और विवादास्पद चुनावी बदलाव की पृष्ठभूमि में हुई, जहां भाजपा पहली बार बहुमत वाली पार्टी के रूप में उभरी है, जिससे तृणमूल कांग्रेस का 15 साल का कार्यकाल समाप्त हो गया है। बातचीत में सौहार्द की स्पष्ट भावना और जनादेश के खिलाफ साझा अवज्ञा की झलक दिखी। पहुंचने पर, अखिलेश यादव ने गर्मजोशी से गले लगाकर अभिषेक बनर्जी का स्वागत किया, जिसे व्यापक रूप से टीएमसी के दूसरे नंबर के नेता के सार्वजनिक समर्थन के रूप में देखा गया। अभिषेक को संबोधित करते हुए, सपा प्रमुख को पार्टी के लचीलेपन की प्रशंसा करते हुए यह कहते हुए सुना गया, “आप सभी ने क्या लड़ाई दी है। सराहनीय लड़ाई।” #घड़ी | पश्चिम बंगाल: समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी और टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी से मुलाकात की। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने अभिषेक से कहा, ”आप बहुत अच्छा लड़े।” अखिलेश ने ममता बनर्जी से कहा, ”दीदी, आप हारी नहीं हैं.” pic.twitter.com/tvtmX0elFg – एएनआई (@ANI) 7 मई 2026 बैठक का सबसे मार्मिक क्षण तब आया जब यादव ने “निवर्तमान मुख्यमंत्री” को संबोधित किया। भाजपा की 207 सीटों की संख्या और भवानीपुर में ममता बनर्जी की खुद की हार के बावजूद, उन्होंने अब तक पद छोड़ने से इनकार कर दिया है। अखिलेश ने उनका मनोबल बढ़ाने की कोशिश करते हुए जोर देकर कहा कि चुनावी परिणाम कोई व्यक्तिगत या नैतिक हार नहीं है। उन्होंने फैसले को जनता की इच्छा के प्रतिबिंब के रूप में स्वीकार करने से बनर्जी के इनकार की प्रतिध्वनि करते हुए टिप्पणी की, “आपने दीदी को नहीं खोया है। आप हारी नहीं हैं, दीदी।” यह हाई-प्रोफाइल यात्रा तब हो रही है जब ममता बनर्जी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया और चुनाव आयोग के आचरण में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए परिणामों पर बहु-आयामी कानूनी और राजनीतिक प्रतिक्रिया का संकेत दिया है। प्रतीत होता है कि खंडित भारतीय गुट के लिए, यह बैठक 2029 के लिए एक रणनीतिक धुरी के रूप में कार्य करती है, जो बंगाल की हार को अंत के रूप में नहीं बल्कि भगवा लहर के खिलाफ एकजुट “नैतिक जीत” के लिए एक रैली बिंदु के रूप में प्रस्तुत करती है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया ‘आप हारी नहीं हैं, दीदी’: बंगाल के झटके के बाद अखिलेश यादव ने ममता और अभिषेक बनर्जी से मुलाकात की अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें
नोरा फतेही ने अश्लील गाने पर माफी मांगी:महिला आयोग से बोलीं- अब ऐसे आइटम सॉन्ग नहीं करूंगी; अश्लीलता फैलाने का इरादा नहीं था

फिल्म ‘KD द डेविल’ के गाने ‘सरके चुनर’ में अश्लीलता फैलाने के मामले में गुरुवार को बॉलीवुड एक्ट्रेस नोरा फतेही राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) के सामने पेश हुईं। नोरा ने आयोग को लिखित माफीनामा सौंपा और स्पष्ट किया कि उनका इरादा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का नहीं था। नोरा ने महिला आयोग से कहा की आगे से वे ऐसे आइटम सॉन्ग्स नहीं करेंगी जिससे महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचे या समाज में महिलाओं के प्रति गलत संदेश जाए। इसी के साथ नोरा ने अनाथ बच्चियों के की शिक्षा का खर्च उठाने की जिम्मेदारी भी ली है। ‘मुझे हिंदी वर्जन की जानकारी नहीं थी’ दिल्ली में महिला आयोग की चेयरपर्सन विजया रहाटकर के सामने पेश होने के बाद नोरा ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा, “मैंने लिखित में माफी मांग ली है। एक कलाकार के तौर पर मैं अपनी जिम्मेदारी समझती हूं। मेरा इरादा किसी को आहत करने का नहीं था, लेकिन यह एक ऐसी स्थिति थी जिसमें मुझे डाल दिया गया था।” इससे पहले नोरा ने दावा किया था कि उन्होंने केवल कन्नड़ वर्जन के लिए शूटिंग की थी और उनकी सहमति के बिना इसे हिंदी में डब किया गया। अनाथ लड़कियों की पढ़ाई का उठाएंगी खर्च माफी मांगने के साथ ही नोरा ने घोषणा की कि वह अनाथ लड़कियों की शिक्षा को स्पॉन्सर करेंगी। नोरा ने कहा, “समाज को वापस लौटाना बहुत जरूरी है। इसलिए मैंने तय किया है कि मैं कुछ अनाथ बच्चियों की पढ़ाई का खर्च उठाऊंगी।” संजय दत्त भी मांग चुके हैं माफी बता दें कि पिछले महीने इसी गाने को लेकर अभिनेता संजय दत्त भी NCW के सामने पेश हुए थे। उन्होंने भी लिखित माफीनामा देते हुए खेद जताया था। सुधारात्मक कदम के रूप में संजय दत्त ने 50 आदिवासी बच्चियों की शिक्षा का खर्च उठाने का वादा किया था। आयोग ने गाने में इस्तेमाल किए गए शब्दों और महिलाओं के चित्रण पर कड़ा ऐतराज जताया था। क्या है ‘सरके चुनर’ विवाद? यह विवाद 15 मार्च को फिल्म के हिंदी वर्जन गाना रिलीज होने के बाद शुरू हुआ था। गाने के बोल को लेकर सोशल मीडिया पर काफी गुस्सा देखा गया। लोगों ने इसे महिलाओं का अपमान और बेहद अश्लील बताया। विवाद बढ़ता देख मेकर्स ने यूट्यूब से गाना हटा लिया था। इस गाने की आलोचना रवि किशन, कंगना रनौत और सिंगर अरमान मलिक जैसे कई सेलेब्स ने भी की थी। पिछले महीने महिला आयोग ने मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर इस गाने पर स्वतः संज्ञान लिया था। आयोग का कहना था कि गाने के बोल और कोरियोग्राफी पहली नजर में यौन संकेत देने वाले और आपत्तिजनक हैं।
नोरा फतेही ने अश्लील गाने पर माफी मांगी:महिला आयोग से बोलीं- अब ऐसे आइटम सॉन्ग नहीं करूंगी; अश्लीलता फैलाने का इरादा नहीं था

फिल्म ‘KD द डेविल’ के गाने ‘सरके चुनर’ में अश्लीलता फैलाने के मामले में गुरुवार को बॉलीवुड एक्ट्रेस नोरा फतेही राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) के सामने पेश हुईं। नोरा ने आयोग को लिखित माफीनामा सौंपा और स्पष्ट किया कि उनका इरादा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का नहीं था। नोरा ने महिला आयोग से कहा की आगे से वे ऐसे आइटम सॉन्ग्स नहीं करेंगी जिससे महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचे या समाज में महिलाओं के प्रति गलत संदेश जाए। इसी के साथ नोरा ने अनाथ बच्चियों के की शिक्षा का खर्च उठाने की जिम्मेदारी भी ली है। ‘मुझे हिंदी वर्जन की जानकारी नहीं थी’ दिल्ली में महिला आयोग की चेयरपर्सन विजया रहाटकर के सामने पेश होने के बाद नोरा ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा, “मैंने लिखित में माफी मांग ली है। एक कलाकार के तौर पर मैं अपनी जिम्मेदारी समझती हूं। मेरा इरादा किसी को आहत करने का नहीं था, लेकिन यह एक ऐसी स्थिति थी जिसमें मुझे डाल दिया गया था।” इससे पहले नोरा ने दावा किया था कि उन्होंने केवल कन्नड़ वर्जन के लिए शूटिंग की थी और उनकी सहमति के बिना इसे हिंदी में डब किया गया। अनाथ लड़कियों की पढ़ाई का उठाएंगी खर्च माफी मांगने के साथ ही नोरा ने घोषणा की कि वह अनाथ लड़कियों की शिक्षा को स्पॉन्सर करेंगी। नोरा ने कहा, “समाज को वापस लौटाना बहुत जरूरी है। इसलिए मैंने तय किया है कि मैं कुछ अनाथ बच्चियों की पढ़ाई का खर्च उठाऊंगी।” संजय दत्त भी मांग चुके हैं माफी बता दें कि पिछले महीने इसी गाने को लेकर अभिनेता संजय दत्त भी NCW के सामने पेश हुए थे। उन्होंने भी लिखित माफीनामा देते हुए खेद जताया था। सुधारात्मक कदम के रूप में संजय दत्त ने 50 आदिवासी बच्चियों की शिक्षा का खर्च उठाने का वादा किया था। आयोग ने गाने में इस्तेमाल किए गए शब्दों और महिलाओं के चित्रण पर कड़ा ऐतराज जताया था। क्या है ‘सरके चुनर’ विवाद? यह विवाद 15 मार्च को फिल्म के हिंदी वर्जन गाना रिलीज होने के बाद शुरू हुआ था। गाने के बोल को लेकर सोशल मीडिया पर काफी गुस्सा देखा गया। लोगों ने इसे महिलाओं का अपमान और बेहद अश्लील बताया। विवाद बढ़ता देख मेकर्स ने यूट्यूब से गाना हटा लिया था। इस गाने की आलोचना रवि किशन, कंगना रनौत और सिंगर अरमान मलिक जैसे कई सेलेब्स ने भी की थी। पिछले महीने महिला आयोग ने मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर इस गाने पर स्वतः संज्ञान लिया था। आयोग का कहना था कि गाने के बोल और कोरियोग्राफी पहली नजर में यौन संकेत देने वाले और आपत्तिजनक हैं।
घी वाली कॉफी क्यों है खास? सेलिब्रिटीज की फेवरेट मॉर्निंग ड्रिंक, एक्ट्रेस रुबीना दिलैक ने शेयर की रेसिपी

Last Updated:May 07, 2026, 16:41 IST Benefits Of Ghee Coffee: घी वाली कॉफी सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद मानी जाती है. पिछले कुछ सालों से इंटरनेट पर कॉफी में घी मिलाकर पीने का नुस्खा काफी ट्रेंड कर रहा है. हाल ही में एक्ट्रेस रुबीना दिलैक घी वाली कॉफी बनाते नजर आयी. आखिर इस कॉफी में ऐसा क्या खास है, जिससे ये सेलिब्रिटीज की पहली पसंद बन गयी, चलिए इस लेख में जानते हैं. ख़बरें फटाफट सेलिब्रिटीज बहुत ही माइंडफुल तरीके से अपने लाइफस्टाइल हैबिट्स को चुनते हैं. उनकी डेली रूटीन में ऐसे चीजें शामिल होती हैं, जिसका स्वाद भले ही फीका हो लेकिन सेहत से जुड़े फायदे कूट-कूटकर भरे होते हैं. अक्सर सेलिब्रिटीज अपने इंटरव्यू में दिन की शुरुआत के सही तरीके को लेकर बात करते नजर आते हैं. जहां कुछ गुनगुने लेमन हनी वॉटर को अपना मॉर्निंग ड्रिंक बताते हैं, तो कुछ घी वाले कॉफी से अपनी दिन की शुरुआत करना पसंद करते हैं. रुबीना दिलैक उन्हीं सेलिब्रिटीज में से एक हैं, जो अपने दिन की शुरुआत घी वाली कॉफी से करना पसंद करती हैं. हाल ही में उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक रील भी शेयर की है, जिसमें वो घी कॉफी बनाकर पीते हुए नजर आ रही हैं. View this post on Instagram
थकान-कमजोरी का दुश्मन और दिल का साथी, जानिए बुरांश का जूस क्यों कहलाता है हिमालयी हेल्थ ड्रिंक?

Last Updated:May 07, 2026, 16:28 IST Buransh Juice Health Benefits: पहाड़ों की ऊंचाइयों पर खिलने वाला चटक लाल बुरांश का फूल सिर्फ हिमालय की खूबसूरती ही नहीं बढ़ाता, बल्कि यह सेहत का एक ऐसा खजाना है जिसका कोई मुकाबला नहीं है. औषधीय गुणों से भरपूर बुरांश का जूस न केवल चिलचिलाती गर्मी में शरीर को अंदर से ठंडा रखता है, बल्कि दिल की बीमारियों से लेकर शुगर कंट्रोल करने तक में रामबाण माना जाता है. एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन से भरपूर यह जूस शरीर की इम्यूनिटी को लोहे जैसा मजबूत बना देता है. आइए जानते हैं क्यों इस पहाड़ी फूल के जूस को नेचुरल हेल्थ ड्रिंक कहा जाता है और इसे पीने का सही तरीका क्या है. हिमालयी क्षेत्रों में खिलने वाला बुरांश केवल सुंदर फूल नहीं बल्कि औषधीय गुणों का खजाना भी है. इसके फूलों से तैयार जूस शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है. डॉ. ऐजल पटेल ने लोकल 18 को बताया कि इसमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन पाए जाते हैं, जो शरीर को वायरल संक्रमण और मौसमी बीमारियों से बचाने में सहायक होते हैं. गर्मियों में इसका सेवन शरीर को अंदर से ठंडक देता है, कमजोरी दूर करने में मदद करता है. पहाड़ी क्षेत्रों में लोग लंबे समय से इसे पारंपरिक पेय के रूप में इस्तेमाल करते आ रहे हैं. नियमित और सीमित मात्रा में बुरांश का जूस पीने से शरीर तरोताजा रहता है और थकान कम महसूस होती है. बुरांश का जूस सुबह या दोपहर के समय पीना सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जाता है. गर्मियों में इसे ठंडा करके पीने से शरीर को तुरंत ताजगी और ऊर्जा मिलती है. आमतौर पर एक दिन में एक गिलास जूस पर्याप्त माना जाता है. जरूरत से ज्यादा सेवन करने पर कुछ लोगों को एलर्जी, उलझन या पेट संबंधी परेशानी हो सकती है. डॉक्टर सलाह देते हैं कि गर्भवती महिलाएं और गंभीर बीमारी से पीड़ित लोग इसका सेवन करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें. घर पर तैयार ताजा बुरांश का जूस बाजार के अधिक मीठे शरबत की तुलना में ज्यादा लाभकारी माना जाता है. बुरांश के फूलों में ऐसे प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं, जो ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं. यही वजह है कि सीमित मात्रा में इसका सेवन मधुमेह रोगियों के लिए लाभकारी माना जाता है. हालांकि बाजार में मिलने वाले अधिक चीनी वाले शरबत की बजाय घर पर तैयार कम मीठा जूस ज्यादा बेहतर विकल्प माना जाता है. बुरांश शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ कमजोरी कम करने में भी मदद करता है. कई लोग इसे सुबह खाली पेट या नाश्ते के बाद पीना पसंद करते हैं. डॉक्टरों के अनुसार मधुमेह के मरीजों को इसका सेवन संतुलित मात्रा में ही करना चाहिए ताकि शरीर को लाभ मिल सके. Add News18 as Preferred Source on Google बुरांश के जूस में फ्लेवोनोइड्स जैसे तत्व पाए जाते हैं, जो हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माने जाते हैं. यह शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में मदद करता है, रक्त संचार को बेहतर बनाता है. नियमित सेवन से हार्ट अटैक और ब्लड प्रेशर जैसी समस्याओं का खतरा कम हो सकता है. पहाड़ों में बुजुर्ग लोग इसे प्राकृतिक हृदय टॉनिक के रूप में भी उपयोग करते हैं. गर्मियों के मौसम में इसका ठंडा जूस शरीर को ऊर्जा देता है, दिल पर अतिरिक्त दबाव कम करने में मदद करता है. हालांकि विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित व्यक्ति को इसका सेवन डॉक्टर की सलाह के बाद ही करना चाहिए. बुरांश का जूस शरीर को डिटॉक्स करने में भी काफी मददगार माना जाता है. इसमें मौजूद प्राकृतिक गुण लिवर की कार्यक्षमता को बेहतर बनाते हैं, शरीर से विषैले तत्व बाहर निकालने में सहायता करते हैं. आयुर्वेद में भी बुरांश को शरीर शुद्ध करने वाले पौधों में गिना जाता है. गर्मियों में जब शरीर जल्दी थकान महसूस करता है, तब इसका सेवन शरीर को नई ऊर्जा देने में सहायक होता है. विशेषज्ञ बताते हैं कि यह पाचन को बेहतर बनाकर शरीर को हल्का महसूस कराता है. पहाड़ी क्षेत्रों में लोग लंबे सफर या मेहनत वाले काम के बाद बुरांश का शरबत पीना पसंद करते हैं. इससे शरीर में ताजगी बनी रहती है और गर्मी का असर कम महसूस होता है. बुरांश का जूस त्वचा के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को चमकदार बनाए रखने और समय से पहले आने वाले उम्र के प्रभाव को धीमा करने में मदद करते हैं. गर्मियों में इसका सेवन शरीर को हाइड्रेट रखता है, जिससे त्वचा सूखी और बेजान नहीं दिखती. पहाड़ी क्षेत्रों में कई लोग इसे प्राकृतिक ब्यूटी ड्रिंक के रूप में भी इस्तेमाल करते हैं. विशेषज्ञ बताते हैं कि यह शरीर में रक्त संचार बेहतर कर त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है. नियमित लेकिन सीमित मात्रा में सेवन करने से चेहरे पर प्राकृतिक चमक बनी रहती है और शरीर तरोताजा महसूस करता है. बुरांश का जूस पाचन तंत्र के लिए भी लाभकारी माना जाता है. गर्मियों में अक्सर लोगों को पेट भारी रहने, अपच और गैस जैसी समस्याएं होती हैं. ऐसे में बुरांश का सेवन शरीर को ठंडक देने के साथ पाचन सुधारने में मदद करता है. इसके प्राकृतिक गुण पेट को आराम देते हैं, शरीर में पानी की कमी नहीं होने देते हैं. पहाड़ों में लोग पारंपरिक रूप से इसे भोजन के बाद पीना पसंद करते हैं. इससे शरीर हल्का महसूस करता है, गर्मी से राहत मिलती है. हालांकि जरूरत से ज्यादा सेवन करने पर कुछ लोगों को एलर्जी या पेट से जुड़ी दिक्कत हो सकती है, इसलिए संतुलित मात्रा जरूरी है. बुरांश में सूजनरोधी गुण पाए जाते हैं, जो गठिया और जोड़ों के दर्द से राहत दिलाने में सहायक माने जाते हैं. पहाड़ी इलाकों में बुजुर्ग लोग पारंपरिक रूप से इसका सेवन शरीर दर्द कम करने के लिए करते रहे हैं. विशेषज्ञों के अनुसार इसमें मौजूद प्राकृतिक तत्व शरीर की सूजन कम करने में मदद करते हैं. गर्मियों में इसका जूस पीने से शरीर को ठंडक मिलती है और थकान कम होती है. कई लोग कठिन शारीरिक मेहनत के बाद इसका सेवन करते हैं ताकि शरीर को आराम मिल सके. हालांकि
जालोर का यह सुपरफूड बना गेमचेंजर, कूट-कूटकर भरा है फाइबर और आयरन, दिल की सेहत के लिए है वरदान

Last Updated:May 07, 2026, 16:21 IST Quinoa Health Benefits: जालोर में किनोवा अब एक सुपरफूड के रूप में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, जो ग्लूटेन-फ्री, हाई प्रोटीन और फाइबर युक्त फसल है. यह वजन घटाने, हार्ट हेल्थ और ब्लड शुगर कंट्रोल में मदद करता है, साथ ही इसमें आयरन, मैग्नीशियम और जरूरी विटामिन्स भी पाए जाते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स इसे डाइट में शामिल करने की सलाह देते हैं. इसी वजह से इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है और यह किसानों के लिए लाभकारी फसल बनती जा रही है. जालोर का किनोवा अब अमेरिका, यूके, रूस समेत कई देशों में एक्सपोर्ट हो रहा है, साथ ही मुंबई, गुजरात और राजस्थान के बड़े शहरों में भी इसकी सप्लाई हो रही है. कम पानी और कम लागत में तैयार होने वाली यह हाई वैल्यू फसल किसानों को मजबूत मुनाफा दे रही है और कृषि क्षेत्र में नई पहचान बना रही है. जालोर में उगाया जा रहा किनोवा अब सिर्फ लोकल बाजार तक सीमित नहीं है, बल्कि इंटरनेशनल मार्केट तक पहुंच चुका है। यहां से तैयार किनोवा अमेरिका, यूके, रूस समेत कई देशों में एक्सपोर्ट किया जा रहा है। साथ ही मुंबई, गुजरात और राजस्थान के बड़े शहरों में भी इसकी सप्लाई हो रही है। धीरे-धीरे यह फसल किसानों के लिए मुनाफे का मजबूत जरिया बनती है। जालोर जिले में अब खेती का ट्रेंड तेजी से बदल रहा है. पारंपरिक फसलों के साथ-साथ किसान अब किनोवा जैसी हाई वैल्यू फसल की ओर रुख कर रहे हैं. कम पानी और कम लागत में तैयार होने वाली यह फसल रेगिस्तानी इलाकों के लिए काफी उपयुक्त मानी जा रही है, जिससे यहां के किसानों को नया और लाभकारी विकल्प मिला है. इस फसल से किसानों की आय बढ़ने की संभावना भी मजबूत हो रही है. सबसे खास बात यह है कि किनोवा ग्लूटेन-फ्री होता है और पाचन के लिए हल्का माना जाता है. यह इम्यूनिटी बढ़ाने के साथ-साथ शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा देता है. यही वजह है कि आज हेल्थ कॉन्शियस लोग इसे अपनी डाइट में तेजी से शामिल कर रहे हैं. जालोर में उग रहा यह सुपरफूड अब केवल देश तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया भर में अपनी पहचान बना रहा है. बढ़ती अंतरराष्ट्रीय मांग और स्वास्थ्य लाभों के कारण किनोवा किसानों के लिए भी एक लाभकारी फसल बनता जा रहा है और इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है. Add News18 as Preferred Source on Google वजन घटाने वालों के लिए किनोवा काफी फायदेमंद माना जाता है. इसमें मौजूद प्रोटीन और फाइबर लंबे समय तक पेट भरा रखते हैं, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती और ओवरईटिंग कम होती है. साथ ही इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिससे ब्लड शुगर कंट्रोल में रहता है और वजन मैनेज करना आसान हो जाता है. यह मेटाबॉलिज्म को भी बेहतर बनाने में मदद करता है, जिससे शरीर में फैट तेजी से बर्न होता है. इसी कारण हेल्थ एक्सपर्ट्स इसे डाइट में शामिल करने की सलाह देते हैं और यह हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए एक बेहतर विकल्प बनता जा रहा है. दिल की सेहत के लिए भी किनोवा बेहद लाभकारी है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और फाइबर कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में मदद करते हैं, जिससे हार्ट डिजीज का खतरा कम होता है. इसके अलावा यह ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी समस्याओं को भी संतुलित रखने में सहायक माना जाता है. नियमित सेवन से हृदय की कार्यक्षमता बेहतर होती है और शरीर में सूजन कम करने में भी मदद मिलती है. यही कारण है कि डॉक्टर और न्यूट्रिशनिस्ट इसे हार्ट हेल्थ के लिए एक बेहतर सुपरफूड के रूप में शामिल करने की सलाह देते हैं और यह तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. अब बात करते हैं इसके हेल्थ बेनिफिट्स की. किनोवा को ‘सुपरफूड’ इसलिए कहा जाता है, क्योंकि इसमें प्रोटीन, फाइबर, आयरन, मैग्नीशियम और कई जरूरी विटामिन्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. एक कप किनोवा में लगभग 8 ग्राम प्रोटीन और अच्छी मात्रा में फाइबर होता है, जो शरीर को संतुलित पोषण देता है. यह मांसपेशियों की मजबूती, एनर्जी लेवल बढ़ाने और पाचन तंत्र को बेहतर रखने में मदद करता है. इसके नियमित सेवन से शरीर में पोषक तत्वों की कमी पूरी होती है और इम्यून सिस्टम भी मजबूत बनता है, जिससे बीमारियों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है और स्वास्थ्य बेहतर रहता है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
Safety From Heat Wave Tips | गर्मी में बार-बार पेट खराब | 5 सुपरफूड्स | लू का असर नहीं होगा

Last Updated:May 07, 2026, 16:14 IST 5 Best Superfood For Summer Season: गर्मी का मौसम अपना असर दिखाना शुरू कर चुका है. इस भीषण गर्मी में एसिडिटी, गैस और फूड पॉइजनिंग के मामले बढ़ रहे हैं. लोग अस्पतालों का रुख कर रहे हैं. ऐसे में हमें घर पर ही खुद का खास ख्याल रखना चाहिए. विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे समय में दही, खीरा, नारियल पानी, तरबूज और पुदीना खाने और ज्यादा पानी पीने से व्यक्ति स्वस्थ रहता है. अपच नहीं होता. वहीं विशेषज्ञ तला और मसालेदार खाना कम करने की सलाह देते हैं. गर्मियों में खाने लायक फायदेमंद फूड Health Tips. चिलचिलाती गर्मी में लोगों की सबसे बड़ी परेशानी अब पेट से जुड़ी समस्याएं बनती जा रही हैं. एसिडिटी, गैस, अपच, दस्त और बार-बार पेट खराब होने जैसी शिकायतें इन दिनों तेजी से बढ़ रही हैं. आयुर्वेदिक और आधुनिक चिकित्सकों का कहना है कि बढ़ती गर्मी और गलत खानपान के कारण पित्त दोष बढ़ रहा है, जिससे पाचन तंत्र प्रभावित हो रहा है. गर्मी में ज्यादा पसीना आने से शरीर डिहाइड्रेट हो जाता है. पानी की कमी के साथ शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स भी कम होने लगते हैं, जिससे पाचन कमजोर पड़ जाता है. इसके अलावा तला-भुना खाना, बाहर का स्ट्रीट फूड और अनियमित भोजन बैक्टीरिया को बढ़ावा देते हैं. कई शहरों में फूड पॉइजनिंग के मामले भी बढ़ रहे हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मी में पेट को ठंडा रखना बेहद जरूरी है. कुछ घरेलू सुपरफूड्स को नियमित रूप से खाने से पेट से जुड़ी ज्यादातर समस्याओं से राहत मिल सकती है. ये 5 सुपरफूड्स देते हैं राहत दही-प्रोबायोटिक्स से भरपूर दही आंतों में अच्छे बैक्टीरिया बढ़ाने में मदद करता है और एसिडिटी को कम करता है. गर्मी में रोजाना एक कटोरी सादा दही या छाछ पीने से पाचन बेहतर बना रहता है. खीरा-करीब 95 प्रतिशत पानी से भरपूर खीरा शरीर को हाइड्रेट रखने के साथ पेट की जलन और सूजन भी कम करता है. डॉक्टर गर्मी में रोज एक या दो खीरे खाने की सलाह देते हैं. नारियल पानी-नारियल पानी को प्राकृतिक इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक माना जाता है. इसमें मौजूद पोटैशियम और अन्य मिनरल्स शरीर को डिहाइड्रेशन से बचाते हैं और पेट को ठंडक पहुंचाते हैं. तरबूज-गर्मी के मौसम में तरबूज शरीर को हाइड्रेट रखने के साथ पाचन सुधारने में भी मदद करता है. दोपहर के समय तरबूज खाने से शरीर को ठंडक मिलती है और थकान भी कम होती है. पुदीना-पुदीने में मौजूद मेंथॉल पेट की मांसपेशियों को आराम देता है. इससे गैस और ब्लोटिंग की समस्या कम होती है. पुदीने का इस्तेमाल छाछ, नींबू पानी या चटनी के रूप में करना फायदेमंद माना जाता है. विशेषज्ञों की आम सलाहस्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि दिनभर में 3 से 4 लीटर पानी जरूर पीना चाहिए. मसालेदार, तला-भुना और बाहर का खाना कम से कम खाना चाहिए. भोजन समय पर करें और रात में हल्का भोजन लें. अगर दस्त, उल्टी या पेट में तेज दर्द जैसी परेशानी हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. विशेषज्ञों का मानना है कि इन सुपरफूड्स को रोजमर्रा की डाइट में शामिल करने से पेट की गर्मी नियंत्रित रहती है और शरीर में ऊर्जा भी बनी रहती है. डॉक्टरों की सलाह है कि दवा लेने से पहले खानपान सुधारने पर ध्यान देना चाहिए और प्राकृतिक चीजों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए. डिस्कलेमर- यह रिपोर्ट स्वास्थ्य विशेषज्ञों के सुझावों और सामान्य अनुभवों पर आधारित है. किसी भी व्यक्तिगत समस्या के लिए डॉक्टर की सलाह जरूर लें. About the Author Anand Pandey आनंद पाण्डेय वर्तमान में News18 हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Jaipur,Jaipur,Rajasthan Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.








