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Buransh Juice Health Benefits: पहाड़ों की ऊंचाइयों पर खिलने वाला चटक लाल बुरांश का फूल सिर्फ हिमालय की खूबसूरती ही नहीं बढ़ाता, बल्कि यह सेहत का एक ऐसा खजाना है जिसका कोई मुकाबला नहीं है. औषधीय गुणों से भरपूर बुरांश का जूस न केवल चिलचिलाती गर्मी में शरीर को अंदर से ठंडा रखता है, बल्कि दिल की बीमारियों से लेकर शुगर कंट्रोल करने तक में रामबाण माना जाता है. एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन से भरपूर यह जूस शरीर की इम्यूनिटी को लोहे जैसा मजबूत बना देता है. आइए जानते हैं क्यों इस पहाड़ी फूल के जूस को नेचुरल हेल्थ ड्रिंक कहा जाता है और इसे पीने का सही तरीका क्या है.
हिमालयी क्षेत्रों में खिलने वाला बुरांश केवल सुंदर फूल नहीं बल्कि औषधीय गुणों का खजाना भी है. इसके फूलों से तैयार जूस शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है. डॉ. ऐजल पटेल ने लोकल 18 को बताया कि इसमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन पाए जाते हैं, जो शरीर को वायरल संक्रमण और मौसमी बीमारियों से बचाने में सहायक होते हैं. गर्मियों में इसका सेवन शरीर को अंदर से ठंडक देता है, कमजोरी दूर करने में मदद करता है. पहाड़ी क्षेत्रों में लोग लंबे समय से इसे पारंपरिक पेय के रूप में इस्तेमाल करते आ रहे हैं. नियमित और सीमित मात्रा में बुरांश का जूस पीने से शरीर तरोताजा रहता है और थकान कम महसूस होती है.

बुरांश का जूस सुबह या दोपहर के समय पीना सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जाता है. गर्मियों में इसे ठंडा करके पीने से शरीर को तुरंत ताजगी और ऊर्जा मिलती है. आमतौर पर एक दिन में एक गिलास जूस पर्याप्त माना जाता है. जरूरत से ज्यादा सेवन करने पर कुछ लोगों को एलर्जी, उलझन या पेट संबंधी परेशानी हो सकती है. डॉक्टर सलाह देते हैं कि गर्भवती महिलाएं और गंभीर बीमारी से पीड़ित लोग इसका सेवन करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें. घर पर तैयार ताजा बुरांश का जूस बाजार के अधिक मीठे शरबत की तुलना में ज्यादा लाभकारी माना जाता है.

बुरांश के फूलों में ऐसे प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं, जो ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं. यही वजह है कि सीमित मात्रा में इसका सेवन मधुमेह रोगियों के लिए लाभकारी माना जाता है. हालांकि बाजार में मिलने वाले अधिक चीनी वाले शरबत की बजाय घर पर तैयार कम मीठा जूस ज्यादा बेहतर विकल्प माना जाता है. बुरांश शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ कमजोरी कम करने में भी मदद करता है. कई लोग इसे सुबह खाली पेट या नाश्ते के बाद पीना पसंद करते हैं. डॉक्टरों के अनुसार मधुमेह के मरीजों को इसका सेवन संतुलित मात्रा में ही करना चाहिए ताकि शरीर को लाभ मिल सके.
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बुरांश के जूस में फ्लेवोनोइड्स जैसे तत्व पाए जाते हैं, जो हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माने जाते हैं. यह शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में मदद करता है, रक्त संचार को बेहतर बनाता है. नियमित सेवन से हार्ट अटैक और ब्लड प्रेशर जैसी समस्याओं का खतरा कम हो सकता है. पहाड़ों में बुजुर्ग लोग इसे प्राकृतिक हृदय टॉनिक के रूप में भी उपयोग करते हैं. गर्मियों के मौसम में इसका ठंडा जूस शरीर को ऊर्जा देता है, दिल पर अतिरिक्त दबाव कम करने में मदद करता है. हालांकि विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित व्यक्ति को इसका सेवन डॉक्टर की सलाह के बाद ही करना चाहिए.

बुरांश का जूस शरीर को डिटॉक्स करने में भी काफी मददगार माना जाता है. इसमें मौजूद प्राकृतिक गुण लिवर की कार्यक्षमता को बेहतर बनाते हैं, शरीर से विषैले तत्व बाहर निकालने में सहायता करते हैं. आयुर्वेद में भी बुरांश को शरीर शुद्ध करने वाले पौधों में गिना जाता है. गर्मियों में जब शरीर जल्दी थकान महसूस करता है, तब इसका सेवन शरीर को नई ऊर्जा देने में सहायक होता है. विशेषज्ञ बताते हैं कि यह पाचन को बेहतर बनाकर शरीर को हल्का महसूस कराता है. पहाड़ी क्षेत्रों में लोग लंबे सफर या मेहनत वाले काम के बाद बुरांश का शरबत पीना पसंद करते हैं. इससे शरीर में ताजगी बनी रहती है और गर्मी का असर कम महसूस होता है.

बुरांश का जूस त्वचा के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को चमकदार बनाए रखने और समय से पहले आने वाले उम्र के प्रभाव को धीमा करने में मदद करते हैं. गर्मियों में इसका सेवन शरीर को हाइड्रेट रखता है, जिससे त्वचा सूखी और बेजान नहीं दिखती. पहाड़ी क्षेत्रों में कई लोग इसे प्राकृतिक ब्यूटी ड्रिंक के रूप में भी इस्तेमाल करते हैं. विशेषज्ञ बताते हैं कि यह शरीर में रक्त संचार बेहतर कर त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है. नियमित लेकिन सीमित मात्रा में सेवन करने से चेहरे पर प्राकृतिक चमक बनी रहती है और शरीर तरोताजा महसूस करता है.

बुरांश का जूस पाचन तंत्र के लिए भी लाभकारी माना जाता है. गर्मियों में अक्सर लोगों को पेट भारी रहने, अपच और गैस जैसी समस्याएं होती हैं. ऐसे में बुरांश का सेवन शरीर को ठंडक देने के साथ पाचन सुधारने में मदद करता है. इसके प्राकृतिक गुण पेट को आराम देते हैं, शरीर में पानी की कमी नहीं होने देते हैं. पहाड़ों में लोग पारंपरिक रूप से इसे भोजन के बाद पीना पसंद करते हैं. इससे शरीर हल्का महसूस करता है, गर्मी से राहत मिलती है. हालांकि जरूरत से ज्यादा सेवन करने पर कुछ लोगों को एलर्जी या पेट से जुड़ी दिक्कत हो सकती है, इसलिए संतुलित मात्रा जरूरी है.

बुरांश में सूजनरोधी गुण पाए जाते हैं, जो गठिया और जोड़ों के दर्द से राहत दिलाने में सहायक माने जाते हैं. पहाड़ी इलाकों में बुजुर्ग लोग पारंपरिक रूप से इसका सेवन शरीर दर्द कम करने के लिए करते रहे हैं. विशेषज्ञों के अनुसार इसमें मौजूद प्राकृतिक तत्व शरीर की सूजन कम करने में मदद करते हैं. गर्मियों में इसका जूस पीने से शरीर को ठंडक मिलती है और थकान कम होती है. कई लोग कठिन शारीरिक मेहनत के बाद इसका सेवन करते हैं ताकि शरीर को आराम मिल सके. हालांकि लगातार दर्द या गंभीर बीमारी की स्थिति में केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने की बजाय डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी माना जाता है.










































