egg embryo eating effects on health: मिड डे मील के अंडे में चूजे का भ्रूण: अगर खा लें तो क्या नुकसान हो सकता है? डॉक्टर ने बता दिया

Last Updated:May 07, 2026, 13:53 IST Mid Day Meal embryo in Egg: झारखंड में गोड्डा के सरकारी स्कूल में मिड डे मील के उबले अंडे में चूजे का भ्रूण मिलने से हंगामा मच गया है. पेरेंट्स ने इसे लेकर अस्पताल में बवाल मचाया और बच्चों की सेहत को होने वाले नुकसान डॉ रमन कुमार ने कहा पकने पर इससे सेहत को नुकसान नहीं होता झारखंड में मिड डे मील के अंडे में निकला भ्रूण, अगर कोई खा ले तो क्या नुकसान हो सकते हैं.. सांकेतिक तस्वीर.. Mid Day Meal Chick embryo: झारखंड के गोड्डा जिले के एक सरकारी स्कूल में बच्चों को बांटे गए मिड डे मील में चूजे का भ्रूण निकलने से हंगामा मच गया. दर्जनों पेरेंट्स स्कूल में आकर प्रदर्शन करने लगे और बच्चों को खराब खाना परोसने का आरोप लगाया. दरअसल बच्चों को खाने में उबला अंडा दिया गया था. जब एक बच्चे ने अंडा फोड़ा तो उसमें चूजे का हिस्सा जैसा दिखाई दिया.पेरेंट्स का कहना था कि सिर्फ एक ही नहीं बल्कि बच्चों को दिए गए कई अंडों में भ्रूण बन रहा था. मिड डे मील की गुणवत्ता पर सवाल पहली बार नहीं उठा है, लेकिन अंडे में भ्रूण निकलने का यह पहला और अजीबोगरीब मामला सामने आया है. पेरेंट्स इस भ्रूण वाले अंडे से बच्चों की सेहत को खतरा होने का आरोप लगा रहे हैं, ऐसे में सवाल उठता है कि क्या वाकई चूजे का भ्रूण अगर बच्चे खा लेते तो उनकी सेहत को नुकसान हो सकता था? क्या इससे कोई गंभीर बीमारी हो सकती थी? यह कितना खतरनाक है? इसे लेकर आइए फैमिली फिजिशियन ऑफ इंडिया के प्रेसिडेंट डॉ. रमन कुमार से जानते हैं… डॉ. रमन कुमार ने बताया कि आमतौर पर जो अंड़े खाए जाते हैं, उनमें जीव पैदा करने की क्षमता नहीं होती है, लेकिन यह अंडा कैसे फर्टाइल हुआ और इसमें कैसे भ्रूण पनपा, या यह अंडा मिड डे मील में कैसे आया यह तो प्रशासनिक जांच का विषय है, लेकिन अगर मेडिकल नजरिए से देखें तो अगर यह भ्रूण पक गया था और इसे बच्चे खा लेते तो इससे हेल्थ को कोई नुकसान नहीं होता. डॉ. रमन कहते हैं कि यह अपने आप में पहला मामला है लेकिन जो बच्चे घरों में अंडा और चिकन खाते हैं, अगर वे इसे भी खाते तो स्वास्थ्य पर तो कोई असर नहीं पड़ता, लेकिन इसे न खाने या इसका विरोध करने के अन्य पहलू हो सकते हैं. वहीं इस भ्रूण से संक्रमण होने के सवाल पर डॉक्टर कहते हैं कि मिड डे मील हो या कहीं और मिलने वाला भोजन हो, अगर उसे बनाने के दौरान सही नियमों का पालन नहीं किया गया है और साफ-सफाई व अन्य चीजों का ध्यान नहीं रखा गया है, पानी ठीक इस्तेमाल नहीं किया गया है तो उससे भी संक्रमण फैल सकता है. जो लोग चिकन नहीं सिर्फ अंडा खाते हैं… कुछ लोग सिर्फ अंडा खाते हैं लेकिन मीट या चिकन नहीं खाते हैं तो ऐसी स्थिति में अगर किसी के उबले अंडे में भ्रूण निकलता है तो वह बर्दाश्त करना मुश्किल होता है. ये भी एक वजह हो सकती है कि पेरेंट्स विरोध कर रहे हों. या हो सकता है कि उस अंडे की क्ववालिटी ही खराब हो. विदेशों में खाते हैं बलूत और भ्रूण बता दें कि चीन, इंडोनेशिया और कोरियाई देशों में लोग मुर्गी या बत्तख के अंडों में पनपे भ्रूण को खाते हैं. भ्रूण पनप चुके अंडों को बलूत बोला जाता है. वहां लोग अंडों को बिना छीले भी खा जाते हैं. हालांकि भारत में ऐसा नहीं पाया जाता है. About the Author प्रिया गौतमSenior Correspondent Priya Gautam is an accomplished journalist currently working with Hindi.News18.com with over 14 years of extensive field reporting experience. Previously worked with Hindustan times group (Hindustan Hindi) and …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें
Chandranath Rath Story; Suvendu Adhikari PA Murder Case – IAF BJP TMC

Hindi News National Chandranath Rath Story; Suvendu Adhikari PA Murder Case IAF BJP TMC | West Bengal Election Violence कोलकाता6 मिनट पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल के भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट (PA) चंद्रनाथ रथ की बुधवार रात 10.30 बजे गोली मारकर हत्या कर दी गई। 42 साल के चंद्रनाथ कोलकाता से मध्यमनगर जा रहे थे, जहां वे किराए के घर में अकेले रहते थे। उनके परिवार में सिर्फ मां है, जो पूर्व मेदिनीपुर के चांदीपुर में रहती है। चंद्रनाथ पिछले 5 साल से सुवेंदु के लिए काम कर रहे थे। राजनीति में आने से पहले एयरफोर्स में अफसर थे। VRS लेने के बाद कुछ समय कॉर्पोरेट सेक्टर में काम किया। इसके बाद राजनीति में आ गए। चंद्रनाथ ने भवानीपुर में सुवेंदु के चुनाव अभियान की जिम्मेदारी संभाली थी। ये वही सीट है जहां से सुवेंदु ने ममजा बनर्जी को विधानसभा चुनाव में हराया है। 30 अप्रैल को जब ममता शाखावत मेमोरियल हाई स्कूल के स्ट्रॉन्ग रूम पहुंची थीं, तो चंद्रनाथ भी वहां पर थे। फर्जी नंबर प्लेट, रास्ता ब्लॉक कर गाड़ी रुकवाई, टाइमलाइन समझिए चंद्रनाथ करीब 9 बजे कोलकाता से निकले : चंद्रनाथ कोलकाता से मध्यमग्राम स्थित अपने किराए के घर स्कॉर्पियो से लौट रहे थे। ड्राइवर गाड़ी चला रहा था। चंद्रनाथ बगल में बैठे थे। रात 10 बजे CCTV में स्कॉर्पियो दिखी : कोलकाता से करीब 20 किलोमीटर दूर मध्यमग्राम में रात 9:58 बजे एक CCTV कैमरे में चंद्रनाथ की स्कॉर्पियो सड़क से गुजरती दिखी। कार और दो बाइक सवार CCTV में दिखे: स्कॉर्पियो के गुजरने के कुछ देर बाद इलाके से एक SUV और दो बाइक पर सवार तीन आरोपी पीछे जाते दिखे। घटना का एक CCTV फुटेज सामने आया है। इसमें सुवेंदु के PA चंद्रनाथ रथ की गाड़ी गुजरती नजर आ रही है। 10:30 बजे कार ने स्कॉर्पियो का रास्ता रोका : मध्यमग्राम के दोहरिया जंक्शन के पास SUV स्कॉर्पियो से आगे निकल गई और सामने जाकर गाड़ी रोक दी। स्कॉर्पियो ड्राइवर को गाड़ी रोकनी पड़ी। बाइक पर सवार हमलावर ने फायरिंग शुरू की: जब तक चंद्रनाथ और उनका ड्राइवर कुछ समझ पाते, बाइक सवार हमलावर बाईं तरफ आए और 6 से 10 राउंट फायरिंग की। कार छोड़कर भागे बदमाश: वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश कार को वहीं छोड़कर मोटरसाइकिलों पर सवार होकर दो अलग-अलग रास्तों से फरार हो गए। कार की नंबर प्लेट फर्जी : पुलिस ने घटनास्थल से कार जब्त किया लेकिन नंबर की जांच की गई तो वह फर्जी निकला। कार के चेसिस नंबर और इंजन नंबर के साथ भी छेड़छाड़ की गई थी। हत्या में ग्लॉक 47X पिस्टल का इस्तेमाल फोरेंसिक जांच के शुरुआती इनपुट के मुताबिक, हमलावरों ने ग्लॉक 47X पिस्टल का इस्तेमाल किया था। इस तरह के मॉडर्न हथियार का इस्तेमाल कोई आम अपराधी नहीं करते। जिस तरह से हमला हुआ, उसे कोई प्रोफेशनल शूटर ही अंजाम दे सकता है। ——————————– सुवेंदु के PA की हत्या से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… सुवेंदु अधिकारी के PA की गोली मारकर हत्या:10 राउंड फायरिंग, 2 गोलियां सीने के आर-पार, एक पेट में लगी पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना स्थित मध्यमग्राम में भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट (PA) चंद्रनाथ रथ की बुधवार रात गोली मारकर हत्या कर दी गई। हमलावर ने स्कॉर्पियो की बाईं तरफ से 6 से 10 राउंड फायरिंग की। चंद्रनाथ को 4 गोलियां लगीं। इनमें दो गोलियां सीने से आर-पार हो गईं। एक गोली पेट में लगी। ड्राइवर बुद्धदेब बेरा को भी गोली लगी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Chandranath Rath Story; Suvendu Adhikari PA Murder Case – IAF BJP TMC

Hindi News National Chandranath Rath Story; Suvendu Adhikari PA Murder Case IAF BJP TMC | West Bengal Election Violence कोलकाता4 मिनट पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल के भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट (PA) चंद्रनाथ रथ की बुधवार रात 10.30 बजे गोली मारकर हत्या कर दी गई। 42 साल के चंद्रनाथ कोलकाता से मध्यमनगर जा रहे थे, जहां वे किराए के घर में अकेले रहते थे। हमलावर ने उन्हें सीने में दो और एक पेट में गोली मारी। चंद्रनाथ पहले एयरफोर्स में अफसर थे। VRS लेने के बाद कुछ समय कॉर्पोरेट सेक्टर में काम किया। इसके बाद राजनीति में आ गए। सुवेंदु जब तृणमूल कांग्रेस में थे, तब से चंद्रनाथ उनके लिए काम कर रहे ते। उन्होंने भवानीपुर में सुवेंदु के चुनाव अभियान की जिम्मेदारी संभाली थी। भवानीपुर वही सीट है जहां से सुवेंदु ने ममजा बनर्जी को विधानसभा चुनाव में करीब 15 हजार वोटों से हराया है। रिजल्ट के 3 दिन बाद उनकी हत्या हो गई। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि उनपर गोली एकदम करीब से चलाई गई थी, जिससे लगता है कि हमला पूरी तरह प्री-प्लांड था। फर्जी नंबर प्लेट, रास्ता ब्लॉक कर गाड़ी रुकवाई, टाइमलाइन समझिए चंद्रनाथ करीब 9 बजे कोलकाता से निकले : चंद्रनाथ कोलकाता से मध्यमग्राम स्थित अपने किराए के घर स्कॉर्पियो से लौट रहे थे। ड्राइवर गाड़ी चला रहा था। चंद्रनाथ बगल में बैठे थे। रात 10 बजे CCTV में स्कॉर्पियो दिखी : कोलकाता से करीब 20 किलोमीटर दूर मध्यमग्राम में रात 9:58 बजे एक CCTV कैमरे में चंद्रनाथ की स्कॉर्पियो सड़क से गुजरती दिखी। स्कॉर्पियो के गुजरने के कुछ देर बाद इलाके से एक SUV और दो बाइक पर सवार तीन आरोपी पीछे जाते दिखे। CCTV फुटेज में सुवेंदु के PA चंद्रनाथ रथ की गाड़ी गुजरती नजर आ रही है। 10:30 बजे कार ने स्कॉर्पियो का रास्ता रोका : मध्यमग्राम के दोहरिया जंक्शन के पास SUV स्कॉर्पियो से आगे निकल गई और सामने जाकर गाड़ी रोक दी। स्कॉर्पियो ड्राइवर को गाड़ी रोकनी पड़ी। बाइक पर सवार हमलावर ने फायरिंग शुरू की: जब तक चंद्रनाथ और उनका ड्राइवर कुछ समझ पाते, बाइक सवार हमलावर बाईं तरफ आए और 6 से 10 राउंट फायरिंग की। कार छोड़कर भागे बदमाश: वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश कार को वहीं छोड़कर मोटरसाइकिलों पर सवार होकर दो अलग-अलग रास्तों से फरार हो गए। कार की नंबर प्लेट फर्जी : पुलिस ने घटनास्थल से कार जब्त किया लेकिन नंबर की जांच की गई तो वह फर्जी निकला। कार के चेसिस नंबर और इंजन नंबर के साथ भी छेड़छाड़ की गई थी हत्या में ग्लॉक 47X पिस्टल का इस्तेमाल: हमलावरों ने ग्लॉक 47X पिस्टल का इस्तेमाल किया था। इस तरह के मॉडर्न हथियार का इस्तेमाल कोई आम अपराधी नहीं करते। जिस तरह से हमला हुआ, उसे कोई प्रोफेशनल शूटर ही अंजाम दे सकता है। ——————————– सुवेंदु के PA की हत्या से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… सुवेंदु अधिकारी के PA की गोली मारकर हत्या:10 राउंड फायरिंग, 2 गोलियां सीने के आर-पार, एक पेट में लगी पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना स्थित मध्यमग्राम में भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट (PA) चंद्रनाथ रथ की बुधवार रात गोली मारकर हत्या कर दी गई। हमलावर ने स्कॉर्पियो की बाईं तरफ से 6 से 10 राउंड फायरिंग की। चंद्रनाथ को 4 गोलियां लगीं। इनमें दो गोलियां सीने से आर-पार हो गईं। एक गोली पेट में लगी। ड्राइवर बुद्धदेब बेरा को भी गोली लगी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
विजय ने तमिलनाडु जीता. उनके बच्चों ने कुछ नहीं कहा. यहां वह सब कुछ है जो हम जानते हैं – और नहीं जानते

थलपति विजय ने अपने पहले ही चुनावी प्रयास में इतिहास रच दिया – अपनी तमिलगा वेट्री कज़गम पार्टी के माध्यम से तमिलनाडु में सत्ता हासिल की। लेकिन जैसे ही जश्न शुरू हुआ, कैमरे एक असहज अनुपस्थिति में बदल गए: उनके अपने बच्चे कहीं दिखाई नहीं दे रहे थे। विजय के दो बच्चे हैं – 25 वर्षीय बेटा जेसन संजय और 20 वर्षीय बेटी दिव्या साशा। दोनों ने अपने पिता के लिए प्रचार नहीं किया। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, दोनों में से कोई भी भारत में नहीं है – माना जाता है कि दोनों अपनी मां संगीता के साथ विदेश में रह रहे हैं। विजय से अलग हो चुकी पत्नी संगीता कथित तौर पर यूके में रहती है, अपना पारिवारिक व्यवसाय संभालती है और उसके पास ब्रिटिश नागरिकता है। कहा जाता है कि तलाक की कार्यवाही अदालत में चल रही है, दोनों अलग-अलग रह रहे हैं – इस भव्य राजनीतिक जीत के पीछे एक शांत तूफान है। फिर आया इंस्टाग्राम मोमेंट जिसने सोशल मीडिया पर आग लगा दी। जेसन संजय – तमिलनाडु के सबसे नए राजनीतिक राजा के बेटे – ने कथित तौर पर उसी दिन अपने पिता को अनफॉलो कर दिया, जिस दिन विजय की चुनावी जीत की पुष्टि हुई थी। जरूरत नहीं शीर्षक। इंटरनेट ने रिक्त स्थान भर दिया। जेसन सुर्खियों में रहने के लिए अजनबी नहीं हैं। वह एक बच्चे के रूप में 2009 की फिल्म ‘वेटाइकारन’ के गाने ‘नान अदिचा’ में विजय के साथ दिखाई दिए। लेकिन सुपरस्टार के बेटे ने तब से एक बहुत ही अलग रास्ता चुना है – कैमरे के पीछे दृढ़ता से। लंदन से पटकथा लेखन में स्नातक और टोरंटो फिल्म स्कूल से प्रोडक्शन में डिप्लोमा धारक, जेसन ने प्रशंसित ‘प्रेमम’ निर्देशक अल्फोंस पुथ्रेन द्वारा दी गई भूमिका को विनम्रता से ठुकरा दिया। उनकी बड़ी योजनाएँ थीं – एक निर्देशक के रूप में, एक अभिनेता के रूप में नहीं। जेसन फिलहाल अपनी पहली फिल्म ‘सिग्मा’ का निर्देशन कर रहे हैं, जिसमें अभिनेता संदीप किशन मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म की शूटिंग पूरी हो चुकी है और 2026 में रिलीज होने की उम्मीद है – एक मील का पत्थर जो उनके पिता की राजनीतिक जीत पर अब अनजाने में भारी पड़ गया है।
NIT Kurukshetra Student Suicides | Academic & Financial Pressure

Hindi News Career NIT Kurukshetra Student Suicides | Academic & Financial Pressure 10 मिनट पहले कॉपी लिंक NIT कुरुक्षेत्र में 2 महीने में 4 कॉलेज स्टूडेंट्स की सुसाइड से मौत हो गई। ये नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी यानी NIT कुरुक्षेत्र में 16 फरवरी से 16 अप्रैल तक में हुई मौतों का आंकड़ा है। इन 4 स्टूडेंट्स ने या तो एकेडमिक या फिर फाइनेंशियल प्रेशर की वजह से अपनी जान दी। 2 महीने में 5 मौतें हुईं 16 अप्रैल को कॉलेज के हॉस्टल में एक स्टूडेंट दीक्षा दुबे ने सुसाइड किया। दीक्षा AI एंड डेटा साइंस की फर्स्ट सेमेस्टर की स्टूडेंट थी। वो बिहार के बक्सर की रहने वाली थी। कॉलेज में इससे पहले भी 3 मौतें हुईं। कॉलेज में 16 फरवरी को 19 साल के कंप्यूटर इंजीनियरिंग के एक छात्र अंगोड़ शिवा ने अपनी जान दी थी। शिवा तेलंगाना से NIT कुरुक्षेत्र पढ़ने आए था। 31 मार्च को 22 साल का इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के छात्र पवन कुमार ने सुसाइड किया। पवन हरियाणा के नूंह जिले का रहने वाला था। 8 अप्रैल को NIT से सिविल इंजीनियरिंग कर रहे थर्ड ईयर के एक छात्र प्रियांशु वर्मा ने सुसाइड किया। सुसाइट नोट मिला पर उससे सुसाइड की वजह साफ नहीं है। प्रियांशु हरियाणा के सिरसा जिले का रहने वाला था। दो और स्टूडेंट ने जान देने की कोशिश की इसके अलावा इस बीच और दो स्टूडेंट ने भी जान देने की कोशिश की थी, लेकिन उन्हें बचा लिया गया। एकेडमिक और फाइनेंशियल प्रेशर झेल रहे हैं स्टूडेंट्स कॉलेज स्टूडेंट काउंसिल के मेंबर ने नाम न छापने की शर्त पर हमसे बात की। बताया कि कुछ स्टूडेंट्स ने कॉलेज में री-एग्जाम सिस्टम के प्रेशर में आकर सुसाइड किया है। कुछ ने क्रेडिट कार्ड और ऑनलाइन बेटिंग की वजह से फाइनेंशियल ट्रैप में फंसकर अपनी जान दी। इन मौतों का सीधा कारण भले एकेडमिक और फाइनेंशियल प्रेशर हो, पर इसका दूसरा पहलू कॉलेज में मेंटल हेल्थ सपोर्ट सिस्टम की कमी भी बताता है। सुसाइड मामलों की जांच को लेकर प्रोटेस्ट कैंपस में हालिया मौतों और उसके प्रति कॉलेज प्रशासन के रवैये के खिलाफ कॉलेज के स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट कर रहे हैं। इस प्रोटेस्ट में कैंपस में हुए सुसाइड समेत कई मुद्दों को उठाया, जिसमें इन मौतों की स्वतंत्र जांच की मांग उठाई। इसके अलावा एकेडमिक प्रेशर बढ़ाने वाले रि-एग्जाम सिस्टम को बदलने और कैंपस में मेंटल हेल्थ सपोर्ट सिस्टम बहाल और दुरुस्त करने की मांग की। NIT कुरुक्षेत्र में सुसाइड से हुई मौतें के बाद कॉलेज के छात्रों ने 16 अप्रैल को प्रोटेस्ट किया। स्टूडेंट्स का कहना है कि कॉलेज में अब तक कोई खास मेंटल हेल्थ सपोर्ट सिस्टम नहीं है। एक स्टूडेंट ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, ‘एक काउंसलर हैं, पर वो भी कॉलेज में बहुत कम दिखती हैं।’ कॉलेज प्रशासन ने कैंपस खाली कराया कॉलेज प्रशासन ने सेमेस्टर ब्रेक से पहले ही कॉलेज बंद कर दिया और स्टूडेंट्स को घर लौट जाने की हिदायत दी। इसके साथ ही नोटिस जारी कर स्टूडेंट्स को अगस्त में सीधे परीक्षा में शामिल होने का आदेश जारी किया है। स्टूडेंट्स को मंहगी दरों पर क्रेडिट कार्ड दे रहे थे स्टूडेंट प्रोटेस्ट की खबर के बाद हरियाणा राज्य महिला आयोग (HSCW) की चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने 28 अप्रैल को कैंपस विजिट कर स्टूडेंट्स से बात की। उनकी जांच में महंगी किश्तों पर क्रेडिट कार्ड लेने और ऑनलाइन बेटिंग-गैंब्लिंग की बात भी सामने आई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्राइवेट बैंक स्टूडेंट्स को सिर्फ आईडी कार्ड पर 36% इंट्रस्ट रेट पर क्रेडिट कार्ड दे रहे थे। इससे छात्र ऑनलाइन बेटिंग एप्स पर पैसा लगा रहे थे और हार के बाद कर्ज में डूबने पर प्राइवेट मनी लेंडर्स से पैसे लेकर उन्हें पैसे चुका रहे थे। एक तरह के लूप में फंसने के बाद उन्होंने अपनी जान दे दी। स्टूडेंट बोले- ‘काउंसलर थे, लेकिन जरूरत में उन तक पहुंच नहीं’ कॉलेज के PRO और हाल में डीन ऑफ एकेडमिक्स चुने गए जीयान भूषण का कहना है कि जांच में सबके सुसाइड के अलग-अलग कारण मिले हैं। रेनू भाटिया ने एक रिपोर्ट में कहा कि सुसाइड करने वाले दो लड़कों के मामले में ये बात सामने आई है कि वे जुए में लिप्त थे और कर्ज में डूब गए थे। उनके सुसाइड नोट में फाइनेंशियल प्रेशर का जिक्र है। कॉलेज स्टूडेंट्स की मौत का कारण भले एक न हो, लेकिन सभी में सुसाइड की वजह कॉमन थी और वो है मेंटल स्ट्रेस। लेकिन कॉलेज में समय रहते काउंसलर तक उनकी पहुंच नहीं थी। इस बारे में पूछने पर कॉलेज के वर्तमान PRO जीयान भूषण ने बताया कि पिछले तीन साल से कॉलेज में काउंसलर की व्यवस्था है। 2025 में काउंसलर और साइकोलॉजिस्ट अंजलि तनेजा को अपॉइंट किया गया था। ऐसे में स्टूडेंट्स का कहना है कि ये सब कागजी है लेकिन एक प्रॉपर सिस्टम नहीं है, जो वाकई में बच्चों की मदद कर सके। स्टूडेंट्स ने बताया कि पहले भी कॉलेज में साइकोलॉजिस्ट थे। जब हम खुद अप्रोच करते थे तब बात हो पाती थी, लेकिन उन तक हमारी पहुंच इतनी भी आसान नहीं थी। वे सिर्फ गिने-चुने दिनों में कुछ घंटों के लिए अवेलेबल होते थे। प्रोफेसर कहते हैं- कैंपस से बाहर जाकर सुसाइड करो कॉलेज ने प्रोटेस्ट के बाद सुसाइड मामला हाइलाइट होते ही कॉलेज बंद किया। इस पर स्टूडेंट्स का कहना है कि कॉलेज ब्रॉडर सिस्टेमेटिक प्रॉब्लम को एड्रेस करने और इसकी जिम्मेदारी लेने की बजाय इससे भाग रहा है। किसी प्रोफेसर ने बच्चों से ये तक कहा कि अगर सुसाइड करना है तो कैंपस के बाहर करो। प्रोटेस्ट में स्टूडेंट्स ने कहा- दीक्षा को बिना चेक किए, खिड़की से देखकर ही मृत घोषित कर दिया। कॉलेज ने मामले की जांच के लिए इंटरनल पैनल बनाया। हालांकि, स्टूडेंट्स का कहना है कि जांच में क्या सामने आया इस तरह की कोई जानकारी या रिपोर्ट पब्लिक नहीं की गई है। कॉलेज का कहना है कि रिपोर्ट सम्बंधित अधिकारियों को सौंप दी गई है। प्रोफेसर जीयान ने बताया कि कैंपस में क्रेडिट कार्ड सिस्टम बंद कर दिया गया है। NIT के ऑफिशिएटिंग डायरेक्टर के मुताबिक, स्टूडेंट्स के मेंटल हेल्थ हेल्थ सपोर्ट के लिए तीन कमिटी बनाई गई है, जिनमें से एक स्टूडेंट से वन ऑन वन रेगुलर इंटेरैक्शन
Indore Airport Director Probe | PMO Complaint; Abusive Language Allegations

इंदौर के देवी अहिल्या बाई होलकर एयरपोर्ट के डायरेक्टर सुनील मग्गीरवार विवादों में घिर गए हैं। इनके खिलाफ प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), नागरिक उड्डयन मंत्री, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) मुख्यालय और स्थानीय सांसद को शिकायत भेजी गई है। . इसमें भ्रष्टाचार, पद के दुरुपयोग, वित्तीय गड़बड़ी और कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हाईकोर्ट एडवोकेट मनोज रायजादा ने पीएमओ में इसकी शिकायत की। वहां से हस्तक्षेप के बाद एयरपोर्ट अथॉरिटी ने जांच शुरू कर दी है। वहीं एयरपोर्ट डायरेक्टर सुनील मग्गीरवार की ओर से एयरपोर्ट पीआरओ रामस्वरूप यादव ने सभी आरोपों को निराधार और तथ्यहीन बताया है। उन्होंने कहा कि दल अपनी जांच पूरी करने के बाद दिल्ली रवाना हो गया है। दिल्ली से पहुंची हाई लेवल जांच टीम 4 मई, सोमवार को एएआई की उच्च स्तरीय टीम जीएम सिविल प्रभु सरकार के नेतृत्व में दिल्ली से इंदौर पहुंची। टीम ने दो दिन तक एयरपोर्ट से जुड़े दस्तावेजों की जांच की और कई अधिकारियों के बयान दर्ज किए। शिकायत पत्र में डायरेक्टर के व्यवहार को लेकर कई आरोप लगाए गए हैं। बताया गया है कि एक बैठक के दौरान सुनील मग्गीरवार ने सूट पहनकर पहुंचे ऑपरेशनल अधिकारियों का अपमान करते हुए कहा कि वे काम करने नहीं, बल्कि लड़कियां ताड़ने के लिए सज-धज कर आते हैं। शिकायत में कहा गया है कि डायरेक्टर का रवैया तानाशाहीपूर्ण है। वे कर्मचारियों को गालियां देने के साथ बार-बार ट्रांसफर की धमकी देते हैं। इससे एयरपोर्ट का वातावरण तनावपूर्ण हो गया है। एचआरए लेने और टेंडर में गड़बड़ी के आरोप शिकायत में वित्तीय गड़बड़ियों का मुद्दा भी उठाया गया है। आरोप है कि सरकारी गेस्ट हाउस में रहने के बावजूद डायरेक्टर ने मकान किराया भत्ता (एचआरए) लिया, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा। इसके अलावा सिविल विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर अनावश्यक निर्माण कार्य मंजूर कराने, टेंडरों में पसंदीदा कंपनियों को फायदा पहुंचाने के भी आरोप लगाए गए हैं। सांसद का करीबी समझकर अधिकारी को हटाया शिकायत में यह भी कहा गया है कि एक बीमार अधिकारी को केवल इसलिए कार्यमुक्त कर दिया गया, क्योंकि डायरेक्टर को शक था कि वह सांसद शंकर लालवानी का करीबी है और एयरपोर्ट की जानकारी उन तक पहुंचाता है। इसके साथ ही सीआईएसएफ से कथित तौर पर निजी सुरक्षा गार्ड लेने और बदले में नियम विरुद्ध मांगें पूरी कराने के आरोप भी लगाए गए हैं। सात माह पहले मुंबई एयरपोर्ट से ट्रांसफर हुए थे सुनील मग्गीरवार मुंबई एयरपोर्ट से ट्रांसफर होकर सात माह पहले इंदौर आए थे। वे मुंबई एयरपोर्ट की संचार शाखा में जॉइंट जीएम थे। इससे पहले उन्होंने शिमला और जलगांव एयरपोर्ट पर डायरेक्टर के रूप में भी सेवाएं दी हैं। यह खबर भी पढ़ें इंदौर एयरपोर्ट प्रबंधन ने रनवे के पास छोड़ा गड्ढा इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर प्रबंधन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। यह मामला रनवे से जुड़ा है, जहां केबलिंग कार्य के लिए रनवे के पास गड्ढा खोदा गया है। हैरानी की बात यह है कि आम सड़कों की तरह इस गड्ढे को न तो तुरंत भरा गया और न ही आसपास कोई सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। पढ़ें पूरी खबर
टाटा संस की लिस्टिंग पर टाटा ट्रस्ट्स में मतभेद:नोएल टाटा IPO के खिलाफ, दो ट्रस्टी लिस्टिंग के पक्ष में; 8 मई को हो सकता है फैसला

टाटा ग्रुप की पेरेंट कंपनी ‘टाटा संस’ को शेयर बाजार में लिस्ट करने के मुद्दे पर ग्रुप के टॉप मैनेजमेंट में मतभेद गहरे हो गए हैं। टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन नोएल टाटा इस लिस्टिंग के खिलाफ हैं, जबकि ट्रस्ट के दो बड़े सदस्य आरबीआई के नियमों का हवाला देते हुए आईपीओ लाने के पक्ष में हैं। इस पूरे विवाद और इसके असर को समझने के लिए पढ़ें यह QA: 1. टाटा ग्रुप में विवाद की मुख्य वजह क्या है? टाटा ट्रस्ट के पास टाटा संस की दो-तिहाई हिस्सेदारी है। विवाद की जड़ ‘टाटा संस’ का IPO है। टाटा ट्रस्ट्स के दो ट्रस्टी वेणु श्रीनिवासन और विजय सिंह चाहते हैं कि टाटा संस को शेयर बाजार में लिस्ट किया जाए। उनका मानना है कि इससे कंपनी में पारदर्शिता आएगी। वहीं, नोएल टाटा अभी भी टाटा संस को ‘क्लोजली हेल्ड’ यानी निजी कंपनी ही बनाए रखना चाहते हैं। 2. लिस्टिंग को लेकर RBI का नया नियम क्या कहता है? RBI के नए नियमों के मुताबिक, 1 जुलाई 2026 से टाटा संस को एक ‘सिस्टमैटिकली इम्पोर्टेन्ट’ शैडो बैंक (NBFC) माना जाएगा। नियम यह है कि अगर किसी शैडो बैंक की एसेट साइज 1 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा है, तो उसे शेयर बाजार में लिस्ट होना अनिवार्य है। टाटा संस इस दायरे में आती है। 3. क्या टाटा ग्रुप ने पहले भी लिस्टिंग से बचने की कोशिश की है? हां, यह पहली बार नहीं है। 2022 में भी RBI ने टाटा संस को ‘अपर-लेयर’ NBFC की श्रेणी में रखा था और तीन साल का समय दिया था। तब ग्रुप ने अपना कर्ज रीस्ट्रक्चर करके और खुद को ‘नॉन-सिस्टमैटिक’ बताकर लिस्टिंग टाल दी थी। लेकिन अब RBI ने वे रास्ते बंद कर दिए हैं। 4. 8 मई की बोर्ड मीटिंग में क्या होने की उम्मीद है? 8 मई को टाटा ट्रस्ट्स की एक अहम मीटिंग होने वाली है। सूत्रों के मुताबिक, वेणु श्रीनिवासन और विजय सिंह इस मीटिंग में आधिकारिक तौर पर लिस्टिंग की तैयारी शुरू करने का प्रस्ताव रख सकते हैं। इसके अलावा, टाटा संस के बोर्ड में नए ट्रस्टी नॉमिनी चुनने पर भी चर्चा होगी। 5. नोएल टाटा लिस्टिंग का विरोध क्यों कर रहे हैं? टाटा ट्रस्ट के पास टाटा संस की दो-तिहाई हिस्सेदारी है। नोएल टाटा को डर है कि लिस्टिंग होने से ग्रुप की कंपनियों पर टाटा ट्रस्ट्स का कंट्रोल कम हो सकता है। वह चाहते हैं कि टाटा संस पर ट्रस्ट की पकड़ पहले जैसी ही मजबूत बनी रहे। फरवरी में ऐसी खबरें भी आई थीं कि उन्होंने टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन से इस बात की गारंटी मांगी थी कि कंपनी लिस्ट नहीं होगी। 6. चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन का इस पर क्या स्टैंड है? रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब नोएल टाटा ने चंद्रशेखरन से लिस्टिंग न होने की गारंटी मांगी, तो उन्होंने ऐसा वादा करने से इनकार कर दिया। उनका तर्क था कि यह रेगुलेटरी मामला है। इसी वजह से चंद्रशेखरन के तीसरे कार्यकाल के री-अपॉइंटमेंट पर वोटिंग भी टल गई थी। 7. क्या RBI टाटा ग्रुप को कोई खास छूट दे सकता है? इसकी संभावना बहुत कम है। RBI ने अनौपचारिक रूप से संकेत दिए हैं कि वह टाटा ग्रुप के लिए नियमों में कोई अपवाद नहीं बनाएगा। रेगुलेटर का मानना है कि अगर टाटा को छूट दी गई, तो दूसरी कंपनियां भी ऐसी ही मांग करेंगी, जिससे बैंकिंग नियम कमजोर पड़ेंगे। 8. अगर टाटा संस का IPO आता है, तो सबसे ज्यादा फायदा किसे होगा? इसका सबसे बड़ा फायदा ‘शापूरजी पालोनजी (SP) ग्रुप’ को होगा। मिस्त्री परिवार के पास टाटा संस की 18.4% हिस्सेदारी है। शापूरजी पालोनजी ग्रुप भारी कर्ज में है और उन्होंने अपनी यह हिस्सेदारी गिरवी रखी है। लिस्टिंग होने से उनके हिस्से की वैल्यू अनलॉक होगी और वे अपना कर्ज चुका पाएंगे। 9. शापूर मिस्त्री परिवार की नेटवर्थ पर इसका क्या असर पड़ेगा? ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के मुताबिक, SP ग्रूप को चलाने वाले शापूर मिस्त्री की नेटवर्थ करीब 32 अरब डॉलर है। खास बात यह है कि उनकी इस दौलत का 75% हिस्सा टाटा संस की हिस्सेदारी में फंसा हुआ है, जिसे वे अभी बेच नहीं सकते। लिस्टिंग उनके लिए ‘गेम चेंजर’ साबित होगी। 10. आगे क्या होने वाला है? अगले दो महीनों में तस्वीर साफ हो जाएगी। टाटा संस फिलहाल रेगुलेटर से अनौपचारिक सलाह ले रहा है और समय सीमा बढ़ाने की कोशिश कर सकता है। अगर 8 मई की मीटिंग में ट्रस्टी हावी रहते हैं, तो भारत के कॉरपोरेट इतिहास का सबसे बड़ा IPO देखने को मिल सकता है। नॉलेज पार्ट:
टाटा संस की लिस्टिंग पर टाटा ट्रस्ट्स में मतभेद:नोएल टाटा IPO के खिलाफ, दो ट्रस्टी लिस्टिंग के पक्ष में; 8 मई को हो सकता है फैसला

टाटा ग्रुप की पेरेंट कंपनी ‘टाटा संस’ को शेयर बाजार में लिस्ट करने के मुद्दे पर ग्रुप के टॉप मैनेजमेंट में मतभेद गहरे हो गए हैं। टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन नोएल टाटा इस लिस्टिंग के खिलाफ हैं, जबकि ट्रस्ट के दो बड़े सदस्य आरबीआई के नियमों का हवाला देते हुए आईपीओ लाने के पक्ष में हैं। इस पूरे विवाद और इसके असर को समझने के लिए पढ़ें यह QA: 1. टाटा ग्रुप में विवाद की मुख्य वजह क्या है? टाटा ट्रस्ट के पास टाटा संस की दो-तिहाई हिस्सेदारी है। विवाद की जड़ ‘टाटा संस’ का IPO है। टाटा ट्रस्ट्स के दो ट्रस्टी वेणु श्रीनिवासन और विजय सिंह चाहते हैं कि टाटा संस को शेयर बाजार में लिस्ट किया जाए। उनका मानना है कि इससे कंपनी में पारदर्शिता आएगी। वहीं, नोएल टाटा अभी भी टाटा संस को ‘क्लोजली हेल्ड’ यानी निजी कंपनी ही बनाए रखना चाहते हैं। 2. लिस्टिंग को लेकर RBI का नया नियम क्या कहता है? RBI के नए नियमों के मुताबिक, 1 जुलाई 2026 से टाटा संस को एक ‘सिस्टमैटिकली इम्पोर्टेन्ट’ शैडो बैंक (NBFC) माना जाएगा। नियम यह है कि अगर किसी शैडो बैंक की एसेट साइज 1 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा है, तो उसे शेयर बाजार में लिस्ट होना अनिवार्य है। टाटा संस इस दायरे में आती है। 3. क्या टाटा ग्रुप ने पहले भी लिस्टिंग से बचने की कोशिश की है? हां, यह पहली बार नहीं है। 2022 में भी RBI ने टाटा संस को ‘अपर-लेयर’ NBFC की श्रेणी में रखा था और तीन साल का समय दिया था। तब ग्रुप ने अपना कर्ज रीस्ट्रक्चर करके और खुद को ‘नॉन-सिस्टमैटिक’ बताकर लिस्टिंग टाल दी थी। लेकिन अब RBI ने वे रास्ते बंद कर दिए हैं। 4. 8 मई की बोर्ड मीटिंग में क्या होने की उम्मीद है? 8 मई को टाटा ट्रस्ट्स की एक अहम मीटिंग होने वाली है। सूत्रों के मुताबिक, वेणु श्रीनिवासन और विजय सिंह इस मीटिंग में आधिकारिक तौर पर लिस्टिंग की तैयारी शुरू करने का प्रस्ताव रख सकते हैं। इसके अलावा, टाटा संस के बोर्ड में नए ट्रस्टी नॉमिनी चुनने पर भी चर्चा होगी। 5. नोएल टाटा लिस्टिंग का विरोध क्यों कर रहे हैं? टाटा ट्रस्ट के पास टाटा संस की दो-तिहाई हिस्सेदारी है। नोएल टाटा को डर है कि लिस्टिंग होने से ग्रुप की कंपनियों पर टाटा ट्रस्ट्स का कंट्रोल कम हो सकता है। वह चाहते हैं कि टाटा संस पर ट्रस्ट की पकड़ पहले जैसी ही मजबूत बनी रहे। फरवरी में ऐसी खबरें भी आई थीं कि उन्होंने टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन से इस बात की गारंटी मांगी थी कि कंपनी लिस्ट नहीं होगी। 6. चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन का इस पर क्या स्टैंड है? रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब नोएल टाटा ने चंद्रशेखरन से लिस्टिंग न होने की गारंटी मांगी, तो उन्होंने ऐसा वादा करने से इनकार कर दिया। उनका तर्क था कि यह रेगुलेटरी मामला है। इसी वजह से चंद्रशेखरन के तीसरे कार्यकाल के री-अपॉइंटमेंट पर वोटिंग भी टल गई थी। 7. क्या RBI टाटा ग्रुप को कोई खास छूट दे सकता है? इसकी संभावना बहुत कम है। RBI ने अनौपचारिक रूप से संकेत दिए हैं कि वह टाटा ग्रुप के लिए नियमों में कोई अपवाद नहीं बनाएगा। रेगुलेटर का मानना है कि अगर टाटा को छूट दी गई, तो दूसरी कंपनियां भी ऐसी ही मांग करेंगी, जिससे बैंकिंग नियम कमजोर पड़ेंगे। 8. अगर टाटा संस का IPO आता है, तो सबसे ज्यादा फायदा किसे होगा? इसका सबसे बड़ा फायदा ‘शापूरजी पालोनजी (SP) ग्रुप’ को होगा। मिस्त्री परिवार के पास टाटा संस की 18.4% हिस्सेदारी है। शापूरजी पालोनजी ग्रुप भारी कर्ज में है और उन्होंने अपनी यह हिस्सेदारी गिरवी रखी है। लिस्टिंग होने से उनके हिस्से की वैल्यू अनलॉक होगी और वे अपना कर्ज चुका पाएंगे। 9. शापूर मिस्त्री परिवार की नेटवर्थ पर इसका क्या असर पड़ेगा? ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के मुताबिक, SP ग्रूप को चलाने वाले शापूर मिस्त्री की नेटवर्थ करीब 32 अरब डॉलर है। खास बात यह है कि उनकी इस दौलत का 75% हिस्सा टाटा संस की हिस्सेदारी में फंसा हुआ है, जिसे वे अभी बेच नहीं सकते। लिस्टिंग उनके लिए ‘गेम चेंजर’ साबित होगी। 10. आगे क्या होने वाला है? अगले दो महीनों में तस्वीर साफ हो जाएगी। टाटा संस फिलहाल रेगुलेटर से अनौपचारिक सलाह ले रहा है और समय सीमा बढ़ाने की कोशिश कर सकता है। अगर 8 मई की मीटिंग में ट्रस्टी हावी रहते हैं, तो भारत के कॉरपोरेट इतिहास का सबसे बड़ा IPO देखने को मिल सकता है। नॉलेज पार्ट:
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गांधी मैदान में सम्राट सरकार के मंत्रियों की शपथ के दौरान नीतीश कुमार मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने के लिए बढ़ने लगे। विजय चौधरी और संजय झा नीतीश के साथ मौजूद थे। . विजय चौधरी ने नीतीश कुमार को बताया कि उनकी सीट उधर है। इसके बाद नीतीश कुमार मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ अपनी कुर्सी पर जाकर बैठे। दरअसल हुआ यूं कि, मंच पर पहुंचने के बाद नीतीश कुमार ने नेताओं का अभिवादन किया। वो मंच की दूसरी साइड गए। जिन लोगों को शपथ लेनी थी उनसे मिले। फिर वापस लौटन लगे। तभी उन्हें मंच पर सीएम और डिप्टी सीएम की कुर्सी दिखी। वो सीएम की कुर्सी की तरफ बढ़ने लगे, लेकिन डिप्टी CM विजय चौधरी और JDU के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने उन्हें समझाया और इशारों में कहा- चलिए आगे बैठते हैं। नीतीश कुछ देर के लिए असहज हुए, इसके बाद विजय चौधरी ने उन्हें दोबारा आगे चलने को कहा। इस दौरान मंच पर नेता नीतीश कुमार की ओर देखने लगे। 2 तस्वीरों में समझिए पूरा मामला CM की कुर्सी को देख आगे बढ़ते नीतीश कुमार। डिप्टी CM ने नीतीश से कहा ये मुख्यमंत्री की कुर्सी है, चलिए उधर बैठते हैं। मंच से इशारे करने लगे नीतीश कुमार नीतीश जैसे ही मंच पर पहुंचे। उन्होंने लोगों का अभिवादन किया। वे मंच के आगे वाले हिस्से की ओर बढ़े और इशारों में किसी से पूछने लगे कि तिलक क्यों नहीं लगाया है। इस दौरान डिप्टी CM विजय चौधरी ने उन्हें रोका और अपने साथ ले गए। नीतीश इसके बाद डिप्टी CM बिजेंद्र यादव की ओर बढ़े और उनके कंधे पर हाथ रखा। नीतीश आगे बढ़े और विजय सिन्हा के कंधे पर हाथ रखा। इस दौरान निशांत पिता के पैर छूते दिखे। इसके बाद नीतीश बैठने के लिए मंच पर लगी कुर्सियों के पास पहुंचे। 5 तस्वीरों में समझिए पूरा मामला मंच पर हाथ जोड़कर लोगों का अभिवादन करते नीतीश कुमार। नीतीश कुमार ने डिप्टी CM बिजेंद्र यादव के कंधे पर हाथ रखा। नीतीश ने विजय सिन्हा के कंधे पर हाथ रखकर उनका हाल पूछा। मंच पर निशांत कुमार ने पिता नीतीश कुमार के पैर छुए। नीतीश ने PM के कंधे पर हाथ रखा शपथ ग्रहण के बाद प्रधानमंत्री सभी के साथ तस्वीर लेने लगे। इस दौरान उन्होंने नीतीश कुमार को बुलाया। PM ने हाथ देकर उन्हें अपने पास किया। नीतीश ने उन्हें प्रणाम किया। इसके बाद पूर्व CM ने प्रधानमंत्री के कंधे पर हाथ रख दिया। थोड़ी देर में नीतीश कुमार ने डिप्टी CM बिजेंद्र यादव को बुलाया और प्रधानमंत्री से मिलवाने लगे। PM ने कहा- इन्हें कौन नहीं जानता। इसके बाद नीतीश बाकी मंत्रियों को बुला-बुलाकर प्रधानमंत्री से मिलवाने लगे। 3 तस्वीरें देखिए… PM मोदी हाथ देकर नीतीश कुमार को अपने पास लाए। PM के साथ खड़े होकर लोगों का अभिवादन करते नीतीश। नीतीश कुमार ने PM मोदी के कंधे पर हाथ रखा।
भूत बंगला के मेकर्स पर नॉन पेमेंट के आरोप:दावा- वेंडर्स के 48 लाख रुपए बकाया, बालाजी टेलीफिल्म्स ने आरोपों को किया खारिज

कुछ वेंडर्स ने अक्षय कुमार स्टारर फिल्म भूत बंगला के मेकर्स पर पेमेंट न करने का आरोप लगाया है। दावा है कि वेंडर्स के फिल्म की प्रोडक्शन कंपनी बालाजी टेलीफिल्म्स पर 48 लाख रुपए बकाया हैं। ये दावे तब सामने आए हैं, जब एकता कपूर फिल्म की सक्सेस का जश्न मनाते हुए खुशी जाहिर कर रही हैं। मिड डे की रिपोर्ट के अनुसार, भूत बंगला में काम करने वाले वेंडर्स ने कहा है कि पेमेंट कई महीनों से फंसी हुई हैं। एक बार जब फिल्म रिलीज हो जाती हो तो पैसे मिलना मुश्किल होता है। 90 दिनों में पेमेंट क्लियर होना, अब पुरानी बात हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार, बालाजी टेलीफिल्म्स ने दो वेंडर्स की पेमेंट नहीं की है। प्रोडक्शन हाउस को एक वेंडर को 30 लाख और दूसरे वेंडर को 18 लाख रुपए देने हैं। कई महीनों से अपने 18 लाख का इंतजार कर रहे एक वेंडर ने नाराजगी जाहिर कर कहा है कि ऐसी बड़ी बजट की फिल्मों में ऐसा होना स्थिति के और खराब होने का संकेत है। राइटर ने भी लगाए नॉन पेमेंट के आरोप वेंडर्स के अलावा फिल्म के राइटर प्रांजल कृपलानी ने भी प्रोड्यूसर आलोक कुमार चौबे और संजय गुप्ता को 50 हजार रुपए की पेमेंट रोकने पर लीगल नोटिस भेजा था। पोर्टल से बात करते हुए एक क्रू मेंबर ने ये भी कहा है कि जनवरी में भोपाल में हुई शूटिंग के समय प्रोड्यूसर के पास फंड कम पड़ गया था। तब उन्हें जिन होटलों में ठहराया गया था, वहां की भी पेमेंट लंबे समय तक नहीं हो सकी, जिससे क्रू को पेमेंट पूरी होने तक वहीं रोककर रखा गया था। रिपोर्ट में बालाजी टेलीफिल्म्स के हवाले से वेंडर्स के इन दावों को खारिज किया गया है। प्रोडक्शन टीम का कहना है कि सिर्फ भूत बंगला ही नहीं बल्कि प्रोडक्शन के सभी प्रोजेक्ट्स से जुड़े लोगों की कॉन्ट्रैक्ट में लिखी गई पेमेंट क्लियर हो चुकी है। बॉक्स ऑफिस पर भूत बंगला ने कमाए 232 करोड़ अक्षय कुमार स्टारर फिल्म भूत बंगला 17 अप्रैल को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। इस फिल्म ने अब तक वर्ल्डवाइड 232 करोड़ का कलेक्शन कर लिया है। हाल ही में फिल्म की प्रोड्यूसर एकता कपूर ने अक्षय कुमार और प्रियदर्शन के साथ तस्वीरें शेयर कर उन्हें इस प्रोजेक्ट की सक्सेस का श्रेय देते हुए धन्यवाद कहा है।







