Saturday, 16 May 2026 | 03:45 AM

Trending :

MP BJP Leaders Ignore PM Modis Appeal for Fuel Conservation

MP BJP Leaders Ignore PM Modis Appeal for Fuel Conservation

10 मई को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों से वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए डीजल-पेट्रोल का संयमित उपयोग करने, मेट्रो और दूसरे पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करने, कार पूलिंग जैसी अपील की थी। पीएम मोदी की अपील पर सीएम डॉ. मोहन यादव ने अपने का . इसके बावजूद दर्जा प्राप्त मंत्री और दूसरे बीजेपी के जिम्मेदार नेता वाहनों की रैलियां निकाल रहे हैं। पीएम की अपील के बाद भी करीब 8 जगहों से ऐसी तस्वीरें सामने आई हैं, जिनमें नेता वाहनों का काफिला साथ लेकर चल रहे हैं। भोपाल से दिल्ली तक हंगामा मचा तो भिंड जिला किसान मोर्चा को जिला अध्यक्ष पद से हटा दिया। वहीं पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष सौभाग्य सिंह ठाकुर को कारण बताओ नोटिस जारी कर उनके अधिकार छीन लिए गए। दैनिक भास्कर दिखा रहा है ऐसे 8 मामले जो पीएम मोदी की अपील के बाद सामने आए हैं। इन पर हुई कार्रवाई 1. सज्जन सिंह यादव: बग्घी पर सवार होकर पहुंचे थे किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष 24 अप्रैल को बीजेपी किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा ने सज्जन सिंह यादव को भिंड किसान मोर्चा का जिला अध्यक्ष नियुक्त किया था। सज्जन सिंह यादव बुधवार को भिंड में वाहनों के काफिले के साथ पहुंचे। करीब सौ वाहनों के काफिले में सज्जन सिंह यादव यादव बग्घी पर सवार नजर आए। मामला प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचा तो उन्हें पद से हटा दिया गया। भिंड किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष सज्जन सिंह यादव बग्घी पर सवार होकर स्वागत रैली में शामिल हुए। उनके काफिले में कारों की कतार लगी थी। किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष बोले: अवहेलना हुई इसलिए नियुक्ति रद्द किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा ने कहा कि विभिन्न समाचार पत्रों और सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली कि ग्वालियर से भिंड तक हमारे किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष वाहनों का काफिला लेकर भिंड कार्यालय तक पहुंचे थे। हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जब देशवासियों से अपील की है कि ईंधन की बचत की जाए। किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष से गलती हुई है इसलिए हमारे प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के निर्देशानुसार उनकी नियुक्ति निरस्त की गई है। अनुशासन सर्वोपरि है। हमारी पार्टी के अनुशासन से दूसरे दल सीख लेते हैं। 2. सौभाग्य सिंह: 700 वाहनों का काफिला निकाला, अधिकार छीने पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष सौभाग्य सिंह ठाकुर करीब 700 वाहनों का काफिला लेकर भोपाल पहुंचे थे। 11 मई को मप्र पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष सौभाग्य सिंह ठाकुर करीब 700 गाड़ियों का काफिला लेकर उज्जैन से भोपाल पहुंचे। इस दौरान काफिले की वजह से उज्जैन भोपाल के बीच घंटों जाम लगा रहा और गाड़ियां रेंगती नजर आईं। मीडिया में खबरें आने के बाद सौभाग्य सिंह को मुख्यमंत्री कार्यालय से गुरुवार शाम को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। इसमें उनके कुछ अधिकार कम कर दिए गए। सौभाग्य से सिर्फ लिखित में स्पष्टीकरण मांगा है। अब देखिए जिन पर कोई बड़ा एक्शन नहीं 1. प्रीतम लोधी: 200 गाड़ियों से मंदिर पहुंचे दो सौ गाड़ियों का काफिला लेकर करैरा जाते पिछोर विधायक प्रीतम लोधी। शिवपुरी जिले की पिछोर सीट से बीजेपी विधायक प्रीतम लोधी मंगलवार 12 मई को करैरा के बगीचा सरकार पहुंचे। प्रीतम दो सौ गाड़ियों के काफिले के साथ करैरा के बगीचा सरकार में चल रहे विवाद को लेकर संत समाज से मुलाकात की। पीएम मोदी की अपील के बावजूद दौ सौ गाड़ियों का काफिला लेकर चलने वाले विधायक पर पार्टी ने कोई एक्शन नहीं लिया। 2. टिकेंद्र प्रताप सिंह: किसान मोर्चा अध्यक्ष के साथ 250 वाहनों का काफिला देवास किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष के स्वागत के दौरान मंच टूट गया। मंगलवार को देवास भाजपा किसान मोर्चा के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष टिकेंद्र प्रताप सिंह रैली निकालकर देवास भाजपा कार्यालय पहुंचे। काफिले में 60 से 70 कारें शामिल थीं। जिले के विभिन्न गांवों से काफिला गुजरा और देवास पहुंचा। कार्यालय में जिलाध्यक्ष से लेकर जिला प्रभारी और विधायक तक शामिल हुए। किसी ने भी पीएम की अपील पर ध्यान नहीं दिया। टिकेन्द्र प्रताप सिंह ने खुद स्वीकारा कि उनके काफिले में करीब 250 गाडियां थीं, लेकिन ज्यादातर वाहन हाटपिपल्या से वापस लौट गए। टिकेन्द्र से कोई सवाल-जवाब नहीं हुए। 3. पवन पाटीदार: 24 गाड़ियों के काफिले से चले ओबीसी मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष थार में सवार होकर ग्वालियर में बीजेपी ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पवन पाटीदार की स्वागत रैली निकाली गई। बीजेपी ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पवन पाटीदार चंबल के दौरे पर पहुंचे तो ग्वालियर से ही वे दो दर्जन वाहनों के काफिले से चंबल क्षेत्र के दौरे पर निकले। पीएम मोदी की नसीहत का ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पर असर नजर नहीं आया। पाटीदार थार में सवार होकर ग्वालियर नगर में वाहनों के काफिले के साथ स्वागत कराते दिखे। 4. वीरेंद्र गोयल: सिंगरौली विकास प्राधिकरण अध्यक्ष ने निकाली रैली सिंगरौली विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष के काफिले में शामिल कारें और वाहन। गुरुवार को सिंगरौली पहुंचे सिंगरौली विकास प्राधिकरण के नवनियुक्त अध्यक्ष वीरेन्द्र गोयल खुद तो ई-रिक्शे में बैठे मगर उनके पीछे 30 से ज्यादा गाड़ियां चलती दिखीं। एमपी कांग्रेस ने वीडियो शेयर कर लिखा- प्रधानमंत्री दो गाड़ी में और प्राधिकरण अध्यक्ष काफिले में। झांकीबाजी की आदत भाजपाइयों से छूट नहीं रही। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के आव्हान को धत्ता बताकर सिंगरोली विकास प्राधिकरण अध्यक्ष वीरेंद्र गोयल ने जमकर झांकीबाजी और प्रदर्शन किया। देश का क्या है, चिंता फिर कर लेंगे, पहले नेताजी अपनी झांकीबाजी तो करें। 5. रेखा यादव: लग्जरी गाड़ियों का काफिला निकला छतरपुर में महिला आयोग अध्यक्ष रेखा यादव ने सैकड़ों गाड़ियों का काफिला निकाला। भाजपा कार्यालय के सामने सड़क पर लंबी कतार लगने से ट्रैफिक जाम हो गया। ट्रैफिक जाम से राहगीर परेशान होते रहे। लग्जरी गाड़ियां काफी देर तक सड़क से नहीं हटीं। राहगीरों में नाराजगी दिखी। 6. सत्येंद्र भूषण सिंह: खुद ई-रिक्शा में पीछे चलता रहा काफिला मध्य प्रदेश लघु उद्योग निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष सत्येंद्र भूषण सिंह ई-रिक्शा से पदभार ग्रहण करने पहुंचे। हालांकि, उनके समर्थकों का कार और बाइक काफिला साथ-साथ चलता नजर आया। समर्थकों की लंबी लाइन थी। 7. राकेश सिंह जादौन: ई-रिक्शा से आए, बाकी की जानकारी उन्हें नहीं मध्य प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के उपाध्यक्ष राकेश सिंह जादौन भी ई-रिक्शा से भाजपा कार्यालय पहुंचे। उन्होंने कहा कि वे केवल तीन

Breaking News Headlines Today, Pictures, Videos and More From Dainik Bhaskar

Breaking News Headlines Today, Pictures, Videos and More From Dainik Bhaskar

Hindi News National Breaking News Headlines Today, Pictures, Videos And More From Dainik Bhaskar 11 मिनट पहले कॉपी लिंक केंद्र सरकार ने गुरुवार को एक जांच आयोग को 2023 की मणिपुर हिंसा की जांच पर अपनी रिपोर्ट जमा करने के लिए छह महीने का और विस्तार (20 नवंबर तक) दिया। इस हिंसा में 260 से ज्यादा लोगों की जान चली गई थी। तीन सदस्यों वाले इस पैनल की अध्यक्षता अब सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बलबीर सिंह चौहान कर रहे हैं। यह पैनल 4 जून, 2023 को पूर्वोत्तर राज्य में मई में भड़की जातीय हिंसा के बाद बनाया गया था। आज की अन्य बड़ी खबरें… कर्नाटक: नाबालिगों से छेड़छाड़ और CSAM कंटेंट अपलोड करने के आरोप में दो गिरफ्तार कर्नाटक के बेंगलुरु में दो नाबालिग लड़कियों के यौन उत्पीड़न में पुलिस ने दो आरोपियों को अरेस्ट किया है। आरोपियों ने इस दौरान वीडियो भी बनाया और उसे ऑनलाइन अपलोड किया। आरोपियों की पहचान चित्रदुर्ग जिले के रहने वाले किरण कुमार (29) और शिवमोग्गा जिले के रहने वाले आदित्य (20) के रूप में हुई है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Social Anxiety Reasons; Childhood Influences Vs Self-Esteem

Social Anxiety Reasons; Childhood Influences Vs Self-Esteem

Hindi News Lifestyle Social Anxiety Reasons; Childhood Influences Vs Self Esteem How To Improve It 6 मिनट पहले कॉपी लिंक सवाल- मेरी उम्र 37 साल है। मैं एक गवर्नमेंट स्कूल में टीचर हूं। मेरी प्रॉब्लम थोड़ी अजीब है। मुझे हर वक्त ये डर लगता रहता है कि लोग मेरे बारे में क्या सोचते हैं। अपने कपड़ों, लुक, बातचीत को लेकर हमेशा एक डर और शर्मिंदगी महसूस होती है। मैं लोगों के बीच इसलिए बहुत बात भी नहीं कर पाती। मुझे डर लगता रहता है कि वे मुझे जज करेंगे या मुझे मूर्ख समझेंगे। स्कूल में स्टाफ रूम में भी मैं इस डर से हमेशा चुप ही रहती हूं। मेरा बचपन ऐसे माहौल में बीता, जहां थोड़ी भी गलती करने पर बहुत डांट पड़ती थी और उससे भी ज्यादा शर्मिंदा किया जाता था। शादी के बाद ससुराल में भी मुझे हर वक्त ये डर लगा रहता था कि लोग मुझे जज कर रहे हैं। हालांकि यहां मुझे कभी किसी ने शर्मिंदा नहीं किया, लेकिन ये जजमेंट का डर, शर्म का एहसास मेरे मन से जाता नहीं। मैं क्या करूं? एक्सपर्ट– डॉ. द्रोण शर्मा, कंसल्टेंट साइकेट्रिस्ट, आयरलैंड, यूके। यूके, आयरिश और जिब्राल्टर मेडिकल काउंसिल के मेंबर। सवाल पूछने के लिए शुक्रिया। हर इंसान चाहता है कि लोग उसे पसंद करें, लेकिन अगर यह चिंता हर वक्त मन में बनी रहे कि “लोग मेरे बारे में क्या सोचेंगे,” तो यह आत्मविश्वास और रिश्तों, दोनों को प्रभावित करने लगती है। बचपन की आलोचना मन में असुरक्षा पैदा कर सकती है। लेकिन अच्छी बात यह है कि यह कोई कमजोरी नहीं, बल्कि एक सीखा हुआ डर है, जिसे सही समझ, छोटे-छोटे अभ्यास और सपोर्ट से बदला जा सकता है। आपके बचपन में ऐसा माहौल रहा, जहां गलती करने पर सिर्फ डांट ही नहीं पड़ती, बल्कि शर्मिंदा भी किया जाता था। ऐसे अनुभव धीरे-धीरे दिमाग में एक गहरा विश्वास बना देते हैं कि— “मैं अच्छी नहीं हूं” या “मुझसे गलती हुई तो लोग मुझे खराब समझेंगे।” यही वजह है कि अब बड़े होने के बाद भी, भले ही लोग आपको कुछ न कहें, लेकिन भीतर हमेशा ये एक डर बना रहता है कि लोग मुझे जज करेंगे। यह समस्या कैसे पैदा होती है? यह समस्या कैसे बनती और बनी रहती है, इसे समझने के लिए नीचे के पॉइंट्स देखें: 1. चाइल्डहुड बार-बार आलोचना होना और शर्मिंदा किया जाना। इससे अंदर यह सोच बैठ गई– “मुझे परफेक्ट होना पड़ेगा, नहीं तो मैं गलत हूं।” 2. थिंकिंग पैटर्न छोटी-सी गलती को बहुत बड़ा मान लेना। जैसे– “अगर मैं कुछ गलत बोल दूंगी, तो लोग मुझे मूर्ख समझेंगे।” यानी एक घटना से पूरे व्यक्तित्व के बारे में नतीजा निकाल लेना। 3. बिहेवियर लोगों के सामने कम बोलना। खुद को रोक लेना। बार-बार यह सोचना कि मैं कैसी दिख रही हूं। दूसरों से कन्फर्मेशन लेना। 4. इमोशंस हर समय हल्का डर बने रहना। खुद को लेकर असहज रहना। बिना वजह शर्म या झिझक महसूस होना। 5. समस्या का चक्र यह समस्या एक चक्र की तरह चलती है– आपको डर लगता है। इसलिए आप लोगों से बचते हैं। → इसलिए आपको पॉजिटिव एक्सपीरियंस नहीं मिलते। इस तरह आपका डर और मजबूत होता जाता है। आपकी मुख्य समस्या क्या है? सोशल एंग्जायटी लोगों के सामने जज किए जाने या गलत दिखने का डर। लो सेल्फ-इस्टीम खुद को कम समझना या खुद पर भरोसा कम होना। शर्मिंदगी की सोच अंदर से यह महसूस करना कि “मुझमें ही कुछ कमी है।” आसान शब्दों में पूरी बात समस्या यह नहीं है कि आप कमजोर हैं। असल में आपका दिमाग पुराने अनुभवों के हिसाब से आज भी प्रतिक्रिया दे रहा है। यानी आज की सिचुएशन सेफ है, लेकिन आपका दिमाग उसे पुराने खतरे जैसा ही मान रहा है। आप खुद को कितना पसंद करते हैं? करें सेल्फ एस्टीम एसेसमेंट टेस्ट यहां मैं आपको एक सेल्फ एसेसमेंट टेस्ट दे रहा हूं। नीचे ग्राफिक्स में कुल 10 सवाल हैं। आपको इन सवालों को 0 से 4 के स्केल पर रेट करना है। जैसेकि पहले सवाल के लिए अगर आपका जवाब ‘पूर्ण असहमति’ है तो 0 नंबर दें और अगर आपका जवाब ‘पूर्ण सहमति’ है तो 4 नंबर दें। अंत में अपने टोटल स्कोर की एनालिसिस करें। जिन सवालों के आगे R लिखा है, उनकी रिवर्स स्कोरिंग करें। सेल्फ इस्टीम कैसे बढ़ाएं चार हफ्तों का सेल्फ हेल्प प्लान सप्ताह 1 खुद को समझना और ध्यान से देखना लक्ष्य: अपने अंदर चलने वाली आलोचनात्मक आवाज को पहचानना और यह समझना कि शर्म/डर कहां से आ रहा है। एक्सरसाइज: सेल्फ–टॉक डायरी हर दिन 3 ऐसे मौके लिखें, जब आपको घबराहट या जज किए जाने का डर लगा– क्या वजह थी? उस समय आपने खुद से क्या कहा? वह सोच कितनी सच थी? सीख: धीरे-धीरे समझ में आएगा कि अंदर की “जज करने वाली आवाज” अक्सर माता-पिता या टीचर्स जैसी लगती है। प्रैक्टिस: रोज 10 मिनट धीरे-धीरे सांस लें या मेडिटेशन करें। खुद से कहें: “यह भावना मेरे अतीत की है, वर्तमान की नहीं।” सप्ताह 2 सोच बदलना और खुद का ख्याल रखना लक्ष्य: आलोचना की जगह एक सपोर्ट वाली आवाज बनाना। एक्सरसाइज 1: मिरर टॉक हर सुबह आईने में देखकर अपने बारे में एक अच्छी बात कहें। (जैसे: आपकी मेहनत, आपकी अच्छाई, या आपकी लुक्स) एक्सरसाइज 2: डर की सच्चाई जांचें जब मन में ये डर आए कि “लोग मुझे जज करेंगे” तो खुद से पूछें: मेरे पास इसका क्या सबूत है? क्या कोई दूसरा कारण भी हो सकता है? अगर कोई स्टूडेंट ऐसा महसूस करे तो मैं उसे क्या कहूंगी? सप्ताह 3 खुद पर भरोसा बनाना लक्ष्य: दूसरों की राय की बजाय अपनी सोच पर भरोसा करना। एक्सरसाइज 1: डेली सक्सेस लॉग हर दिन की 3 छोटी-छोटी सफलताएं लिखें। (जैसे: समय पर पहुंचना, अच्छा पढ़ाना, दोस्त से बात करना) एक्सरसाइज 2: ‘आय डिसाइड’ (मेरा फैसला) हर छोटी-छोटी चीज में खुद को याद दिलाएं कि– “मैं वही चुनती हूं, जो मुझे सही लगता है।” प्रैक्टिस: धीरे-धीरे एक्सपोजर बढ़ाएं। रोज स्टाफ रूम में एक छोटी लाइन बोलें। सप्ताह 4 काम करके आत्मविश्वास बढ़ाना लक्ष्य: छोटे-छोटे काम करके खुद को साबित करना कि आप सक्षम हैं। याद रखें: कॉन्फिडेंस सोचने से नहीं, करने से आता है। स्टेप 1: धीरे-धीरे बोलना सीखें रोज

‘खतरों के खिलाड़ी’ में दिखेंगे ऋत्विक धनजानी:गुस्से को बताया जिंदगी का सबसे बड़ा डर, बोले- यह इंसान को अंदर से खोखला कर देता है

‘खतरों के खिलाड़ी’ में दिखेंगे ऋत्विक धनजानी:गुस्से को बताया जिंदगी का सबसे बड़ा डर, बोले- यह इंसान को अंदर से खोखला कर देता है

टीवी एक्टर ऋत्विक धनजानी एक बार फिर ‘खतरों के खिलाड़ी’ में दिखाई देने वाले हैं। ऋत्विक इससे पहले भी इस फ्रेंचाइजी का हिस्सा रह चुके हैं और तीसरी बार वो शो में दिखेंगे। ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ की शूटिंग साउथ अफ्रीका के केपटाउन में होगी। शो में इस बार कई पुराने कंटेस्टेंट्स के साथ नए चेहरे भी नजर आएंगे। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में ऋत्विक ने अपने डर, ब्रेकअप, एंगर इश्यू, जिंदगी के संघर्ष और दोस्ती पर बात की। सवाल: तीसरी बार ‘खतरों के खिलाड़ी’ करने का फैसला कैसे लिया? डर नहीं लगा? जवाब: कोई गेम प्लान नहीं, कोई स्ट्रैटजी नहीं। बस कूद पड़ा। सच कहूं तो मुझे रिस्क लेने में मजा आता है। पहली बार जब मैंने ‘पेन इन स्पेन’ किया था, तब मैं बहुत डरा हुआ था, लेकिन जितना डर लगा, उतना ही मजा आया। जब वापस लौटा, तो दिल बहुत भरा हुआ था। ऐसा लगा कि इतने डर फेस करने के बाद अब समझ नहीं आ रहा कि आखिर डर किस चीज का था। सवाल: इस शो में ऐसा क्या खास है कि आप तीसरी बार लौट आए? जवाब: यह शो अपने आप में एक कार्निवल है। ‘कार्निवल ऑफ डेंजर्स’। मुझे ये सारी पागल चीजें करना बहुत पसंद है। हेलिकॉप्टर से कूदना, बाइक स्टंट करना, बड़े-बड़े स्टंट करना और ऊपर से उसके पैसे भी मिलना… इससे बड़ी ब्लेसिंग क्या होगी? इसलिए मुझे यह शो बहुत पसंद है। सवाल: लोग आपको हमेशा हंसते और पॉजिटिव देखते हैं, लेकिन अंदर का ऋत्विक कितना अलग है? जवाब: हर इंसान का एक वल्नरेबल साइड होता है। ऐसा नहीं है कि मैं हमेशा खुश रहता हूं। मेरी जिंदगी में भी बहुत उतार-चढ़ाव आए हैं। पहले मैं बहुत पछताता था, भविष्य को लेकर बहुत सोचता था। मैं इस पल में बहुत कम जीता था, लेकिन अब मैंने यह समझ लिया है कि जिंदगी सिर्फ यही पल है। ना पास्ट बदल सकते हैं और ना फ्यूचर जानते हैं। इसलिए अब मैं हर पल को पूरी इंटेंसिटी के साथ जीता हूं। सवाल: क्या हार और संघर्ष इंसान को और मजबूत बनाते हैं? जवाब: बिल्कुल। जब जिंदगी में कुछ गलत होता है, तो लगता है कि हम पीछे रह गए हैं, लेकिन मैं हमेशा एक चीज सोचता हूं- रामजी का तीर आगे जाने से पहले तीन कदम पीछे जाता है। वही तीन कदम उसकी सबसे बड़ी ताकत बनते हैं। इसलिए अगर जिंदगी में कभी लगे कि पीछे रह गए हो, तो समझ लेना कि अब आगे बहुत दूर जाना है। सवाल: लोग हमेशा आपका स्माइलिंग फेस देखते हैं। क्या कभी लगा कि दुनिया को आपकी असली स्ट्रगल भी दिखनी चाहिए? जवाब: हां, क्योंकि मेरे साथ भी वही होता है जो हर इंसान के साथ होता है। फर्क सिर्फ इतना है कि हमारी जिंदगी पब्लिक होती है। लोग जानते हैं कि हमारे जीवन में क्या चल रहा है, लेकिन मैं अपनी स्ट्रगल को ग्लोरिफाई नहीं करना चाहता। मैं बस यह दिखाना चाहता हूं कि चाहे जिंदगी में कितना भी बड़ा सेटबैक आए, आप उससे बाहर निकल सकते हो। सवाल: करण वाही के साथ आपकी दोस्ती काफी चर्चित है। इस बार भी दोनों साथ नजर आएंगे? जवाब: बिल्कुल। हमने इस शो को लेकर बहुत बातें कीं। हम एक-दूसरे से पूछ रहे थे कि करना चाहिए या नहीं, लेकिन आखिर में यही लगा कि यार, मजा आएगा। सच कहूं तो शायद अगर करण नहीं होता, तो मैं यह शो नहीं करता। जिंदगी में दोस्ती बहुत जरूरी होती है। अगर दोस्त साथ हो, तो फिर यह पूरा सफर एक वेकेशन जैसा लगता है। सवाल: इस बार भी किस चीज का सबसे ज्यादा डर है? जवाब: मुझे हमेशा से फ्री फॉल का बहुत डर रहा है। इसलिए मैंने आज तक स्काइडाइविंग नहीं की। अब मुझे ऐसा लगता है कि पहले दो सीजन्स के मुकाबले यह डर थोड़ा कम हुआ है, लेकिन अभी भी ऐसा हो सकता है कि अगर मुझे किसी ऊंची चट्टान पर खड़ा कर दो, तो मैं ‘राम-राम-राम’ करता मिलूं, ऐसा भी हो सकता है। सवाल: असल जिंदगी में आपका सबसे बड़ा डर क्या था? जवाब: मुझे अपने गुस्से से बहुत डर लगता था। लोग यकीन नहीं करते, लेकिन मेरा गुस्सा बहुत खतरनाक था। कई सालों की मेहनत और जिंदगी में आए कुछ खूबसूरत लोगों की वजह से मैं खुद को बदल पाया। उन्होंने मुझे समझाया कि गुस्सा इंसान को अंदर से खोखला कर देता है। मैं आज भी कोशिश करता हूं कि गुस्से से जितना दूर रह सकूं, रहूं क्योंकि गुस्सा सबसे बड़ा शैतान है। अगर इंसान अपने गुस्से और ईगो पर जीत हासिल कर ले, तो समझो उसने जिंदगी की आधी लड़ाई जीत ली।

Madhuri Dixit 59th Birthday; Dhak Dhak Girl Interesting Facts

Madhuri Dixit 59th Birthday; Dhak Dhak Girl Interesting Facts

13 मिनट पहलेलेखक: वीरेंद्र मिश्र कॉपी लिंक खूबसूरती और डांस की मिसाल बनीं माधुरी 90 के दशक की हाईएस्ट पेड एक्ट्रेस थीं। 59 साल की हो चुकीं माधुरी दीक्षित सिर्फ अपनी फिल्मों और डांस ही नहीं, बल्कि करियर से जुड़े दिलचस्प किस्सों की वजह से भी चर्चा में रही हैं। करियर के शुरुआती दौर में सुभाष घई ने उन्हें फिल्म कर्मा में छोटा रोल दिया था, लेकिन बाद में यह कहकर उनका सीन हटा दिया कि इतनी टैलेंटेड लड़की को छोटा रोल देना सही नहीं होगा। आगे चलकर उन्होंने माधुरी को अपनी फिल्मों में बड़े रोल दिए। फिल्म खलनायक के दौरान उनसे ‘नो प्रेग्नेंसी’ क्लॉज भी साइन करवाया गया था, ताकि शूटिंग प्रभावित न हो। वहीं, हम आपके हैं कौन..! के लिए माधुरी को सलमान खान से ज्यादा फीस मिली थी। आज माधुरी दीक्षित के जन्मदिन पर उनके करियर और निजी जीवन से जुड़े कुछ खास किस्से जानते हैं। माधुरी का नाम सुनते ही फिल्म के लिए हां कर दी थी सहिला चड्ढा के लिए माधुरी दीक्षित सिर्फ सुपरस्टार नहीं, बल्कि परिवार जैसी हैं। माधुरी के जन्मदिन पर दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने ‘हम आपके हैं कौन’ के सेट से लेकर बचपन तक की कई यादें साझा कीं। साहिला चड्डा कहती हैं- जब मुझे हम आपके हैं कौन..! ऑफर हुई थी, तब मैं सोलो हीरोइन वाली फिल्में कर रही थी। मैंने पहले फिल्म के लिए मना कर दिया था, क्योंकि मैं सेकंड रोल नहीं करना चाहती थी। लेकिन जब मुझे बताया गया कि माधुरी फिल्म में होंगी, तब मैंने तुरंत हां कर दी। माधुरी मेरे लिए कोई अजनबी स्टार नहीं थीं। मैं उन्हें बचपन से जानती हूं। उनकी चाची मेरी मासी हैं, इसलिए फैमिली फंक्शंस में मुलाकात होती रहती थी। उनके साथ हमेशा कम्फर्ट महसूस हुआ। बचपन से ही स्टार बनने का सपना देखती थीं माधुरी माधुरी बचपन से बहुत फोकस्ड थीं। उन्हें डांस का बहुत शौक था और वह छोटी उम्र से ट्रेनिंग ले रही थीं। अपने लुक्स, स्माइल, टीथ हर चीज का ध्यान रखती थीं। उन्हें शुरू से पता था कि उन्हें एक्ट्रेस बनना है। उनका पूरा फोकस अपने पैशन पर था। सेट पर कभी स्टार वाला एटीट्यूड नहीं दिखाया हम दोनों के बीच कभी इनसिक्योरिटी नहीं थी। न उन्हें मुझसे कोई असुरक्षा थी, न मुझे उनसे। हम सच में बहनों की तरह थे। माधुरी हर किसी से जल्दी घुलती-मिलती नहीं थीं, लेकिन जिनसे जुड़ती थीं, उनके साथ बहुत जेन्युइन रिश्ता बनाती थीं। घर से खाना आता था, तो मुझे जरूर बुलाती थीं अगर माधुरी के घर से कुछ अच्छा खाना आता था, तो वह मुझे जरूर बुलाती थीं। कई बार किसी को भेजकर बुलवाती थीं कि आओ, साथ में खाते हैं। उनके घर से अक्सर मच्छी आती थी, जबकि सलमान खान के घर से पूरी यूनिट के लिए बिरयानी आती थी। नॉन-वेज खाने के लिए हम लोग चुपचाप कमरे में चले जाते थे राजश्री प्रोडक्शंस के सेट पर बिना प्याज-लहसुन का खाना बनता था, लेकिन इतना स्वादिष्ट था कि आज तक उसका स्वाद याद है। मैं कुक से बार-बार पूछती थी कि पक्का इसमें प्याज-लहसुन नहीं डाला? उनका राजमा और बाकी सब्जियां कमाल की होती थीं। हालांकि नॉन-वेज खाने के लिए हम लोग चुपचाप कमरे में चले जाते थे। पिंपल होने पर माधुरी ने दिया अपना खास साबुन एक बार माधुरी के चेहरे पर पिंपल हो गया था। तब उन्होंने मुझे बताया कि वह कौन-सा साबुन इस्तेमाल करती हैं। बाद में जब मेरे चेहरे पर पिंपल आया, तो उन्होंने वही साबुन मुझे देते हुए कहा- ‘अब ये तुम्हारे काम आएगा।’ उस छोटी-सी बात में भी उनका अपनापन दिखता था। हर शॉट में चाहती थीं परफेक्शन माधुरी अपने काम को लेकर बहुत गंभीर रहती थीं। अगर उन्हें लगता था कि शॉट परफेक्ट नहीं हुआ है, तो वह रीटेक लेने से पीछे नहीं हटती थीं। उनके अंदर परफेक्शन को लेकर अलग पैशन था। कई बार मेरा शॉट एक टेक में ओके हो जाता था और माधुरी रीटेक करती थीं। तब मैं मजाक में कहती थी- ‘मेरे साथ सौतेला व्यवहार क्यों हो रहा है?’” मेकअप में घंटों लगाती थीं माधुरी अपने लुक और मेकअप को लेकर बहुत सजग रहती थीं। वह मेकअप में काफी समय लेती थीं। मैं आधे घंटे में तैयार होकर सेट पर पहुंच जाती थी, लेकिन वह हर चीज डिटेल में करती थीं। इस वजह से कैमरामैन को हमारी अलग-अलग लाइटिंग करनी पड़ती थी। वह ज्यादा मेकअप करती थीं और मैं बहुत कम। अच्छे आइडिया को कभी रिजेक्ट नहीं करती थीं फिल्म के कई मजेदार मोमेंट्स शूटिंग के दौरान वहीं इम्प्रोवाइज हुए थे। ‘दीदी तेरा देवर दीवाना’ में कद्दू वाला सीन मेरा आइडिया था। माधुरी की प्रेग्नेंसी वाले हिस्से में चाय का कप रखने वाला आइडिया भी हमने वहीं मिलकर किया था। माधुरी की सबसे अच्छी बात यह थी कि वह किसी अच्छे आइडिया को कभी रिजेक्ट नहीं करती थीं। शूटिंग के बाद भी परिवार जैसा माहौल रहता था शूटिंग खत्म होने के बाद भी पूरा यूनिट साथ वक्त बिताता था। कभी टीटी खेलते थे, कभी शॉपिंग पर चले जाते थे, तो कभी साथ में फिल्म देखने निकल जाते थे। ऊटी में हम सबने साथ बैठकर फिल्म ‘रोजा’ भी देखी थी। पूरा माहौल फैमिली पिकनिक जैसा लगता था। माधुरी की सबसे बड़ी ताकत उनका पैशन है डांस हो, रोमांटिक सीन हो या इमोशनल मोमेंट, माधुरी हर चीज में अपना सौ प्रतिशत देती थीं। सरोज खान ने उनके एक्सप्रेशंस और स्क्रीन प्रेजेंस को खूबसूरती से निखारा था। आज भी मिलते हैं, तो बहनों वाली फीलिंग आ जाती है। माधुरी को कभी एक्टिंग नहीं छोड़नी चाहिए मुझे लगता है कि माधुरी को कभी एक्टिंग नहीं छोड़नी चाहिए। जरूरी नहीं कि वह 16 साल की हीरोइन वाले रोल करें, लेकिन अपनी स्क्रीन एज के हिसाब से दमदार किरदार निभाते रहना चाहिए। अगर माधुरी एक्टिंग छोड़ देंगी, तो मुझे बहुत दुख होगा। माधुरी दीक्षित के जन्मदिन पर उनसे जुड़े कुछ और किस्से जानते हैं दूरदर्शन के लिए किया पहला शो, लेकिन कभी टेलीकास्ट नहीं हुआ करियर के शुरुआती दिनों में माधुरी दीक्षित ने कई टीवी प्रोजेक्ट्स और पायलट एपिसोड्स में काम किया था, लेकिन उनमें से कुछ ऑन एयर नहीं हो पाए। उस समय वह इंडस्ट्री में नई थीं

Summer Healthy Diet Plan Foods List; Nutrition Tips

Summer Healthy Diet Plan Foods List; Nutrition Tips

23 मिनट पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल कॉपी लिंक गर्मियों में शरीर की जरूरतें बदल जाती हैं। तेज धूप के कारण पसीने के साथ शरीर से पानी और जरूरी मिनरल्स निकल जाते हैं। अगर खानपान में बदलाव न किया जाए तो डिहाइड्रेशन, कमजोरी, चक्कर, अपच और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं हो सकती है। गर्मी से राहत के लिए कुछ लोग कोल्ड ड्रिंक्स और आइसक्रीम का सहारा लेते हैं, जो शरीर को इंस्टेंट राहत तो देते हैं, लेकिन सेहत के लिए नुकसानदायक हैं। इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में हम परफेक्ट समर डाइट प्लान समझेंगे। साथ ही जानेंगे कि- गर्मियों में शरीर की न्यूट्रिशन की जरूरत कैसे बदलती है? गर्मियों में कौन से फूड्स नहीं खाने चाहिए? एक्सपर्ट: डॉ. अनु अग्रवाल, सीनियर क्लीनिकल डाइटीशियन, फाउंडर- ‘वनडाइडटुडे’ सवाल- गर्मियों की डाइट दूसरे मौसम से अलग क्याें होनी चाहिए? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए- गर्मियों में शरीर का तापमान सामान्य बनाए रखने के लिए बॉडी लगातार पसीना निकालती है। इस प्रक्रिया में पानी और सोडियम-पोटेशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स बाहर निकलते हैं। इससे डिहाइड्रेशन और कमजोरी का रिस्क बढ़ता है। ज्यादा गर्मी में शरीर का ब्लड फ्लो स्किन की तरफ बढ़ जाता है ताकि गर्मी बाहर निकल सके। इससे डाइजेस्टिव सिस्टम को कम ब्लड मिलता है और यह थोड़ा स्लो हो जाता है। इसलिए गर्मियों में हल्का, पानी से भरपूर और सुपाच्य भोजन बेहतर माना जाता है। सवाल- गर्मी के मौसम में शरीर की न्यूट्रिशन की जरूरत कैसे बदलती है? जवाब- इस दौरान शरीर जल्दी डिहाइड्रेट होता है और एनर्जी लॉस भी ज्यादा होता है। इसलिए डाइट में पानी के साथ ऐसे पोषक तत्व जरूरी हैं, जो शरीर को हाइड्रेट, एनर्जेटिक और संतुलित रखें। गर्मियों में विटामिन-C, पोटेशियम, मैग्नीशियम और फाइबर से भरपूर फल-सब्जियां ज्यादा फायदेमंद होती हैं। प्रोटीन के लिए हल्के और आसानी से पचने वाली चीजें जैसे दही, छाछ, दाल और स्प्राउट्स बेहतर हैं। ज्यादा ऑयली, प्रोसेस्ड और शुगरी चीजें शरीर पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती हैं। सवाल- गर्मियों में कौन-सी चीजें डाइट में शामिल करनी चाहिए? जवाब- ऐसी चीजें, जो शरीर को ठंडक दें, पानी की कमी पूरी करें और पचने में आसान हों। ऐसे फूड्स की लिस्ट ग्राफिक में देखिए- सवाल- गर्मियों में खाने से जुड़ी किन बातों का ध्यान रखें? जवाब- खाने से पहले साबुन से हाथ जरूर धोएं। साथ ही कुछ बातों का खास ख्याल रखें- सुबह हल्का नाश्ता करें और दोपहर में संतुलित भोजन लें। रात को सोने से 3-4 घंटे पहले हल्का डिनर लें। बीच-बीच में फल, सलाद या लिक्विड चीजें लें, ताकि शरीर हाइड्रेटेड और एनर्जेटिक बना रहे। घर का बना ताजा खाना ही खाएं। एक बार में ज्यादा खाने के बजाय दिन में 4–5 बार थोड़ी-थोड़ी मात्रा में खाएं। सवाल- गर्मी में ब्रेकफास्ट से लेकर डिनर तक परफेक्ट समर डाइट प्लान कैसा होना चाहिए? जवाब- सुबह इन चीजों से शुरुआत कर सकते हैं- खाली पेट जीरे का पानी। सौंफ का पानी। धनिया का पानी। पुदीने का पानी। इनमें स्वाद के लिए नींबू भी डाल सकते हैं। नाश्ते से डिनर तक परफेक्ट समर डाइट प्लान ग्राफिक में देखिए- सवाल- कौन-से फूड्स शरीर को ठंडा और हाइड्रेटेड रखने में मदद करते हैं? जवाब- गर्मियों में ऐसे फूड्स फायदेमंद हैं, जिनमें पानी ज्यादा हो और जो इलेक्ट्रोलाइट्स से भरपूर हों। नीचे ग्राफिक में पूरी लिस्ट देखिए- सवाल- गर्मियों में कौन से फूड्स नहीं खाने चाहिए? जवाब- गर्मियों में ऐसे फूड्स से बचना चाहिए, जो बॉडी डिहाइड्रेट करते हैं या पचाने में मुश्किल होते हैं। जैसेकि- बेकरी आइटम्स (पेस्ट्री, क्रीम बिस्किट) पैकेज्ड जूस खुले में कटे फल स्ट्रीट फूड मेयोनीज-बेस्ड फूड्स ग्राफिक में ऐसे नुकसानदायक फूड्स की पूरी लिस्ट देखिए- सवाल- गर्मी में डाइट से जुड़ी कौन-सी आम गलतियां सेहत को नुकसान पहुंचाती हैं? जवाब- खानपान से जुड़ी छोटी-छोटी गलतियां भी डिहाइड्रेशन, डाइजेस्टिव इश्यू और कमजोरी का कारण बन सकती हैं। जैसेकि- पानी कम पीना। धूप से आते ही ठंडा पानी पीना। तला-भुना खाना। कोल्ड ड्रिंक पीना। मील स्किप करना। ज्यादा चाय-कॉफी पीना। बासी/बाहर का भोजन करना। सवाल- किन लोगों को गर्मियों में अपनी डाइट को लेकर ज्यादा सावधान रहना चाहिए? जवाब- कुछ लोगों पर डिहाइड्रेशन और हीट से जुड़ी समस्याओं का रिस्क ज्यादा होता है। इसलिए उन्हें डाइट को लेकर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। जैसेकि- जो डायबिटिक हैं। जिन्हें हार्ट/किडनी से जुड़ी समस्याएं हैं। जो बाहर काम करते हैं। जिन्हें पहले से कोई हेल्थ कंडीशन है। जो ज्यादा फिजिकली एक्टिव रहते हैं। छोटे बच्चे, बुजुर्ग। गर्भवती महिलाएं। समर डाइट से जुड़े कुछ सवाल और जवाब सवाल- क्या गर्मियों में सिर्फ पानी पीना ही काफी है? जवाब– नहीं, पानी के साथ इलेक्ट्रोलाइट्स और हाइड्रेटिंग फूड भी जरूरी हैं। सवाल- क्या गर्मियों में भूख कम लगना सामान्य है? जवाब- हां, लेकिन खाना स्किप नहीं करना चाहिए। थोड़ा-थोड़ा करके कई बार में खाना चाहिए। सवाल- क्या बहुत ज्यादा ठंडा पानी पीना सही है? जवाब- नहीं, इससे पाचन प्रभावित हो सकता है। सवाल- क्या गर्मियों में दही और छाछ रोज लेना फायदेमंद है? जवाब- हां, ये शरीर को ठंडा और हाइड्रेटेड रखते हैं। सवाल- क्या पैकेज्ड जूस हाइड्रेशन के लिए अच्छा विकल्प है? जवाब- नहीं, इसमें शुगर ज्यादा होती है। इसलिए ताजे फल खाना बेहतर है। कुल मिलाकर गर्मी में सही डाइट अपनाना सिर्फ हेल्दी रहने के लिए नहीं, बल्कि गंभीर बीमारियों से बचने के लिए भी जरूरी है। …………………… जरूरत की ये खबर भी पढ़िए जरूरत की खबर- गर्मी में ज्यादा हो रहे मुंहासे: अपनी फूड हैबिट बदलें, 8 चीजें बिल्कुल न खाएं, समर स्किन केयर रूटीन के 6 स्टेप्स गर्मियों में चेहरा चिपचिपा लगने लगता है और छोटे-छोटे पिंपल्स अचानक बढ़ जाते हैं। दरअसल, तापमान बढ़ने पर स्किन खुद को प्रोटेक्ट करने के लिए ऑयल प्रोडक्शन बढ़ाती है। इससे पसीना देर तक चेहरे पर बना रहता है। पूरी खबर पढ़िए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

IPL में आज CSK vs LSG:चेन्नई ने पिछले तीनों मैच जीते; हेड टु हेड में दोनों टीमें बराबरी पर

IPL में आज CSK vs LSG:चेन्नई ने पिछले तीनों मैच जीते; हेड टु हेड में दोनों टीमें बराबरी पर

IPL 2026 का 59वां मैच चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के बीच खेला जाएगा। मुकाबला लखनऊ के अटल बिहारी वाजपेयी इकाना स्टेडियम में शाम 7.30 बजे खेला जाएगा। प्ले-ऑफ की रेस में बने रहने के लिए चेन्नई के लिए यह मुकाबला काफी अहम है। टीम पिछले तीनों मैच जीतकर पॉइंट्स टेबल में पांचवें स्थान पर है। ऋषभ पंत की कप्तानी वाली लखनऊ टीम टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी है। दोनों टीमें 8वीं बार आमने-सामने होंगी दोनों टीमों के बीच अब तक 7 मैच खेले गए हैं। LSG और CSK ने 3-3 मैच जीते हैं, जबकि एक मुकाबला बेनतीजा रहा। पिछले सीजन दोनों के बीच एक मैच हुआ था, जिसे CSK ने जीता। इस सीजन दोनों टीमें दूसरी बार आमने-सामने होंगी। चेपॉक में खेला गया पिछला मैच भी CSK ने जीता था। पंत की फॉर्म चिंता का कारण लखनऊ के लिए यह सीजन निराशाजनक रहा है। टीम पॉइंट्स टेबल में 10वें स्थान पर है। कप्तान ऋषभ पंत खराब फॉर्म से जूझ रहे हैं, जिसका असर टीम के प्रदर्शन पर पड़ा है। निकोलस पूरन, जोश इंग्लिस और मिचेल मार्श जैसे खिलाड़ी अकेले दम पर मैच पलट सकते हैं। घरेलू मैदान का फायदा लखनऊ को मिल सकता है। मिचेल मार्श टीम के टॉप रन स्कोरर हैं। उन्होंने 11 मैचों में 377 रन बनाए हैं। गेंदबाजी यूनिट भी रनों पर अंकुश लगाने और लक्ष्य बचाने में नाकाम रही है। पहले लेग में लखनऊ 203 रन का स्कोर भी डिफेंड नहीं कर पाई थी। प्रिंस यादव टीम के टॉप विकेट टेकर हैं। उन्होंने 11 मैचों में 8.17 की इकोनॉमी से 16 विकेट लिए हैं। चेन्नई के ऑलराउंडर जेमी ओवरटन IPL से बाहर मैच से पहले चेन्नई को बड़ा झटका लगा है। ऑलराउंडर जेमी ओवरटन जांघ की चोट के कारण टूर्नामेंट के बाकी मैचों से बाहर हो गए हैं। वे इलाज के लिए इंग्लैंड लौट गए हैं। ओवरटन ने इस सीजन 10 मैचों में 14 विकेट लिए थे। उनकी गैरमौजूदगी में गेंदबाजी की जिम्मेदारी मुकेश चौधरी, अंशुल कंबोज और नूर अहमद पर होगी। कंबोज 11 मैचों में 19 विकेट लेकर टीम के टॉप विकेटटेकर हैं। उर्विल और सैमसन के कंधों पर बल्लेबाजी का भार चेन्नई की बल्लेबाजी इस सीजन में उतार-चढ़ाव भरी रही है, लेकिन ऋतुराज गायकवाड, संजू सैमसन और उर्विल पटेल ने टीम को संभाला है। उर्विल की आक्रामक बल्लेबाजी ने पावरप्ले में टीम को तेज शुरुआत दिलाई है। मिडिल ओवर्स में शिवम दुबे, कार्तिक शर्मा और डेवाल्ड ब्रेविस से बड़े स्कोर की उम्मीद होगी। इकाना की पिच बल्लेबाजों के लिए मददगार मानी जा रही है। संजू सैमसन टीम के टॉप रन स्कोरर हैं। उन्होंने 11 मैचों में 169.29 की स्ट्राइक रेट से 430 रन बनाए हैं। इकाना में अब तक 27 मैच खेले गए लखनऊ के इकाना स्टेडियम की पिच पर स्पिनर्स को मदद मिलने की उम्मीद है। यहां पिछले मैच में सुपर ओवर देखने को मिला था। यहां अब तक कुल 27 IPL मैच खेले गए। 11 मैच में पहले बैटिंग और 14 में चेज करने वाली टीमों को जीत मिली। यहां IPL का सबसे बड़ा स्कोर कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के नाम है, जिन्होंने 2024 में लखनऊ के खिलाफ 235/6 रन बनाए थे। सबसे छोटा स्कोर लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के नाम दर्ज है, जब वे 2023 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाफ महज 108 रन पर सिमट गए थे। मौसम साफ रहेगा आज लखनऊ में होने वाले मैच के दौरान मौसम पूरी तरह साफ रहेगा। बारिश की कोई संभावना नहीं है। मैच के समय तापमान 26 डिग्री से 30 डिग्री के बीच रहने की उम्मीद है, और आसमान साफ रहेगा। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-11 चेन्नई सुपर किंग्स: ऋतुराज गायकवाड (कप्तान), संजू सैमसन (विकेटकीपर), उर्विल पटेल, कार्तिक शर्मा, डेवाल्ड ब्रेविस, शिवम दुबे, अकील हुसैन, नूर अहमद, अंशुल कंबोज, मुकेश चौधरी, सरफराज खान। लखनऊ सुपर जाइंट्स: मिचेल मार्श, जोस इंग्लिस, निकोलस पूरन, ऋषभ पंत (कप्तान और विकेटकीपर), ऐडन मार्करम, अक्षत रघुवंशी, हिम्मत सिंह, शहबाज अहमद, मोहम्मद शमी, प्रिंस यादव और दिग्वेश राठी।

‘खतरों के खिलाड़ी’ में दिखेंगे ऋत्विक धनजानी:गुस्से को बताया जिंदगी का सबसे बड़ा डर, बोले- यह इंसान को अंदर से खोखला कर देता है

‘खतरों के खिलाड़ी’ में दिखेंगे ऋत्विक धनजानी:गुस्से को बताया जिंदगी का सबसे बड़ा डर, बोले- यह इंसान को अंदर से खोखला कर देता है

टीवी एक्टर ऋत्विक धनजानी एक बार फिर ‘खतरों के खिलाड़ी’ में दिखाई देने वाले हैं। ऋत्विक इससे पहले भी इस फ्रेंचाइजी का हिस्सा रह चुके हैं और तीसरी बार वो शो में दिखेंगे। ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ की शूटिंग साउथ अफ्रीका के केपटाउन में होगी। शो में इस बार कई पुराने कंटेस्टेंट्स के साथ नए चेहरे भी नजर आएंगे। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में ऋत्विक ने अपने डर, ब्रेकअप, एंगर इश्यू, जिंदगी के संघर्ष और दोस्ती पर बात की। सवाल: तीसरी बार ‘खतरों के खिलाड़ी’ करने का फैसला कैसे लिया? डर नहीं लगा? जवाब: कोई गेम प्लान नहीं, कोई स्ट्रैटजी नहीं। बस कूद पड़ा। सच कहूं तो मुझे रिस्क लेने में मजा आता है। पहली बार जब मैंने ‘पेन इन स्पेन’ किया था, तब मैं बहुत डरा हुआ था, लेकिन जितना डर लगा, उतना ही मजा आया। जब वापस लौटा, तो दिल बहुत भरा हुआ था। ऐसा लगा कि इतने डर फेस करने के बाद अब समझ नहीं आ रहा कि आखिर डर किस चीज का था। सवाल: इस शो में ऐसा क्या खास है कि आप तीसरी बार लौट आए? जवाब: यह शो अपने आप में एक कार्निवल है। ‘कार्निवल ऑफ डेंजर्स’। मुझे ये सारी पागल चीजें करना बहुत पसंद है। हेलिकॉप्टर से कूदना, बाइक स्टंट करना, बड़े-बड़े स्टंट करना और ऊपर से उसके पैसे भी मिलना… इससे बड़ी ब्लेसिंग क्या होगी? इसलिए मुझे यह शो बहुत पसंद है। सवाल: लोग आपको हमेशा हंसते और पॉजिटिव देखते हैं, लेकिन अंदर का ऋत्विक कितना अलग है? जवाब: हर इंसान का एक वल्नरेबल साइड होता है। ऐसा नहीं है कि मैं हमेशा खुश रहता हूं। मेरी जिंदगी में भी बहुत उतार-चढ़ाव आए हैं। पहले मैं बहुत पछताता था, भविष्य को लेकर बहुत सोचता था। मैं इस पल में बहुत कम जीता था, लेकिन अब मैंने यह समझ लिया है कि जिंदगी सिर्फ यही पल है। ना पास्ट बदल सकते हैं और ना फ्यूचर जानते हैं। इसलिए अब मैं हर पल को पूरी इंटेंसिटी के साथ जीता हूं। सवाल: क्या हार और संघर्ष इंसान को और मजबूत बनाते हैं? जवाब: बिल्कुल। जब जिंदगी में कुछ गलत होता है, तो लगता है कि हम पीछे रह गए हैं, लेकिन मैं हमेशा एक चीज सोचता हूं- रामजी का तीर आगे जाने से पहले तीन कदम पीछे जाता है। वही तीन कदम उसकी सबसे बड़ी ताकत बनते हैं। इसलिए अगर जिंदगी में कभी लगे कि पीछे रह गए हो, तो समझ लेना कि अब आगे बहुत दूर जाना है। सवाल: लोग हमेशा आपका स्माइलिंग फेस देखते हैं। क्या कभी लगा कि दुनिया को आपकी असली स्ट्रगल भी दिखनी चाहिए? जवाब: हां, क्योंकि मेरे साथ भी वही होता है जो हर इंसान के साथ होता है। फर्क सिर्फ इतना है कि हमारी जिंदगी पब्लिक होती है। लोग जानते हैं कि हमारे जीवन में क्या चल रहा है, लेकिन मैं अपनी स्ट्रगल को ग्लोरिफाई नहीं करना चाहता। मैं बस यह दिखाना चाहता हूं कि चाहे जिंदगी में कितना भी बड़ा सेटबैक आए, आप उससे बाहर निकल सकते हो। सवाल: करण वाही के साथ आपकी दोस्ती काफी चर्चित है। इस बार भी दोनों साथ नजर आएंगे? जवाब: बिल्कुल। हमने इस शो को लेकर बहुत बातें कीं। हम एक-दूसरे से पूछ रहे थे कि करना चाहिए या नहीं, लेकिन आखिर में यही लगा कि यार, मजा आएगा। सच कहूं तो शायद अगर करण नहीं होता, तो मैं यह शो नहीं करता। जिंदगी में दोस्ती बहुत जरूरी होती है। अगर दोस्त साथ हो, तो फिर यह पूरा सफर एक वेकेशन जैसा लगता है। सवाल: इस बार भी किस चीज का सबसे ज्यादा डर है? जवाब: मुझे हमेशा से फ्री फॉल का बहुत डर रहा है। इसलिए मैंने आज तक स्काइडाइविंग नहीं की। अब मुझे ऐसा लगता है कि पहले दो सीजन्स के मुकाबले यह डर थोड़ा कम हुआ है, लेकिन अभी भी ऐसा हो सकता है कि अगर मुझे किसी ऊंची चट्टान पर खड़ा कर दो, तो मैं ‘राम-राम-राम’ करता मिलूं, ऐसा भी हो सकता है। सवाल: असल जिंदगी में आपका सबसे बड़ा डर क्या था? जवाब: मुझे अपने गुस्से से बहुत डर लगता था। लोग यकीन नहीं करते, लेकिन मेरा गुस्सा बहुत खतरनाक था। कई सालों की मेहनत और जिंदगी में आए कुछ खूबसूरत लोगों की वजह से मैं खुद को बदल पाया। उन्होंने मुझे समझाया कि गुस्सा इंसान को अंदर से खोखला कर देता है। मैं आज भी कोशिश करता हूं कि गुस्से से जितना दूर रह सकूं, रहूं क्योंकि गुस्सा सबसे बड़ा शैतान है। अगर इंसान अपने गुस्से और ईगो पर जीत हासिल कर ले, तो समझो उसने जिंदगी की आधी लड़ाई जीत ली।

Madhuri Dixit 59th Birthday; Dhak Dhak Girl Interesting Facts

Madhuri Dixit 59th Birthday; Dhak Dhak Girl Interesting Facts

26 मिनट पहलेलेखक: वीरेंद्र मिश्र कॉपी लिंक खूबसूरती और डांस की मिसाल बनीं माधुरी 90 के दशक की हाईएस्ट पेड एक्ट्रेस थीं। 59 साल की हो चुकीं माधुरी दीक्षित सिर्फ अपनी फिल्मों और डांस ही नहीं, बल्कि करियर से जुड़े दिलचस्प किस्सों की वजह से भी चर्चा में रही हैं। करियर के शुरुआती दौर में सुभाष घई ने उन्हें फिल्म कर्मा में छोटा रोल दिया था, लेकिन बाद में यह कहकर उनका सीन हटा दिया कि इतनी टैलेंटेड लड़की को छोटा रोल देना सही नहीं होगा। आगे चलकर उन्होंने माधुरी को अपनी फिल्मों में बड़े रोल दिए। फिल्म खलनायक के दौरान उनसे ‘नो प्रेग्नेंसी’ क्लॉज भी साइन करवाया गया था, ताकि शूटिंग प्रभावित न हो। वहीं, हम आपके हैं कौन..! के लिए माधुरी को सलमान खान से ज्यादा फीस मिली थी। आज माधुरी दीक्षित के जन्मदिन पर उनके करियर और निजी जीवन से जुड़े कुछ खास किस्से जानते हैं। माधुरी का नाम सुनते ही फिल्म के लिए हां कर दी थी सहिला चड्ढा के लिए माधुरी दीक्षित सिर्फ सुपरस्टार नहीं, बल्कि परिवार जैसी हैं। माधुरी के जन्मदिन पर दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने ‘हम आपके हैं कौन’ के सेट से लेकर बचपन तक की कई यादें साझा कीं। साहिला चड्डा कहती हैं- जब मुझे हम आपके हैं कौन..! ऑफर हुई थी, तब मैं सोलो हीरोइन वाली फिल्में कर रही थी। मैंने पहले फिल्म के लिए मना कर दिया था, क्योंकि मैं सेकंड रोल नहीं करना चाहती थी। लेकिन जब मुझे बताया गया कि माधुरी फिल्म में होंगी, तब मैंने तुरंत हां कर दी। माधुरी मेरे लिए कोई अजनबी स्टार नहीं थीं। मैं उन्हें बचपन से जानती हूं। उनकी चाची मेरी मासी हैं, इसलिए फैमिली फंक्शंस में मुलाकात होती रहती थी। उनके साथ हमेशा कम्फर्ट महसूस हुआ। बचपन से ही स्टार बनने का सपना देखती थीं माधुरी माधुरी बचपन से बहुत फोकस्ड थीं। उन्हें डांस का बहुत शौक था और वह छोटी उम्र से ट्रेनिंग ले रही थीं। अपने लुक्स, स्माइल, टीथ हर चीज का ध्यान रखती थीं। उन्हें शुरू से पता था कि उन्हें एक्ट्रेस बनना है। उनका पूरा फोकस अपने पैशन पर था। सेट पर कभी स्टार वाला एटीट्यूड नहीं दिखाया हम दोनों के बीच कभी इनसिक्योरिटी नहीं थी। न उन्हें मुझसे कोई असुरक्षा थी, न मुझे उनसे। हम सच में बहनों की तरह थे। माधुरी हर किसी से जल्दी घुलती-मिलती नहीं थीं, लेकिन जिनसे जुड़ती थीं, उनके साथ बहुत जेन्युइन रिश्ता बनाती थीं। घर से खाना आता था, तो मुझे जरूर बुलाती थीं अगर माधुरी के घर से कुछ अच्छा खाना आता था, तो वह मुझे जरूर बुलाती थीं। कई बार किसी को भेजकर बुलवाती थीं कि आओ, साथ में खाते हैं। उनके घर से अक्सर मच्छी आती थी, जबकि सलमान खान के घर से पूरी यूनिट के लिए बिरयानी आती थी। नॉन-वेज खाने के लिए हम लोग चुपचाप कमरे में चले जाते थे राजश्री प्रोडक्शंस के सेट पर बिना प्याज-लहसुन का खाना बनता था, लेकिन इतना स्वादिष्ट था कि आज तक उसका स्वाद याद है। मैं कुक से बार-बार पूछती थी कि पक्का इसमें प्याज-लहसुन नहीं डाला? उनका राजमा और बाकी सब्जियां कमाल की होती थीं। हालांकि नॉन-वेज खाने के लिए हम लोग चुपचाप कमरे में चले जाते थे। पिंपल होने पर माधुरी ने दिया अपना खास साबुन एक बार माधुरी के चेहरे पर पिंपल हो गया था। तब उन्होंने मुझे बताया कि वह कौन-सा साबुन इस्तेमाल करती हैं। बाद में जब मेरे चेहरे पर पिंपल आया, तो उन्होंने वही साबुन मुझे देते हुए कहा- ‘अब ये तुम्हारे काम आएगा।’ उस छोटी-सी बात में भी उनका अपनापन दिखता था। हर शॉट में चाहती थीं परफेक्शन माधुरी अपने काम को लेकर बहुत गंभीर रहती थीं। अगर उन्हें लगता था कि शॉट परफेक्ट नहीं हुआ है, तो वह रीटेक लेने से पीछे नहीं हटती थीं। उनके अंदर परफेक्शन को लेकर अलग पैशन था। कई बार मेरा शॉट एक टेक में ओके हो जाता था और माधुरी रीटेक करती थीं। तब मैं मजाक में कहती थी- ‘मेरे साथ सौतेला व्यवहार क्यों हो रहा है?’” मेकअप में घंटों लगाती थीं माधुरी अपने लुक और मेकअप को लेकर बहुत सजग रहती थीं। वह मेकअप में काफी समय लेती थीं। मैं आधे घंटे में तैयार होकर सेट पर पहुंच जाती थी, लेकिन वह हर चीज डिटेल में करती थीं। इस वजह से कैमरामैन को हमारी अलग-अलग लाइटिंग करनी पड़ती थी। वह ज्यादा मेकअप करती थीं और मैं बहुत कम। अच्छे आइडिया को कभी रिजेक्ट नहीं करती थीं फिल्म के कई मजेदार मोमेंट्स शूटिंग के दौरान वहीं इम्प्रोवाइज हुए थे। ‘दीदी तेरा देवर दीवाना’ में कद्दू वाला सीन मेरा आइडिया था। माधुरी की प्रेग्नेंसी वाले हिस्से में चाय का कप रखने वाला आइडिया भी हमने वहीं मिलकर किया था। माधुरी की सबसे अच्छी बात यह थी कि वह किसी अच्छे आइडिया को कभी रिजेक्ट नहीं करती थीं। शूटिंग के बाद भी परिवार जैसा माहौल रहता था शूटिंग खत्म होने के बाद भी पूरा यूनिट साथ वक्त बिताता था। कभी टीटी खेलते थे, कभी शॉपिंग पर चले जाते थे, तो कभी साथ में फिल्म देखने निकल जाते थे। ऊटी में हम सबने साथ बैठकर फिल्म ‘रोजा’ भी देखी थी। पूरा माहौल फैमिली पिकनिक जैसा लगता था। माधुरी की सबसे बड़ी ताकत उनका पैशन है डांस हो, रोमांटिक सीन हो या इमोशनल मोमेंट, माधुरी हर चीज में अपना सौ प्रतिशत देती थीं। सरोज खान ने उनके एक्सप्रेशंस और स्क्रीन प्रेजेंस को खूबसूरती से निखारा था। आज भी मिलते हैं, तो बहनों वाली फीलिंग आ जाती है। माधुरी को कभी एक्टिंग नहीं छोड़नी चाहिए मुझे लगता है कि माधुरी को कभी एक्टिंग नहीं छोड़नी चाहिए। जरूरी नहीं कि वह 16 साल की हीरोइन वाले रोल करें, लेकिन अपनी स्क्रीन एज के हिसाब से दमदार किरदार निभाते रहना चाहिए। अगर माधुरी एक्टिंग छोड़ देंगी, तो मुझे बहुत दुख होगा। माधुरी दीक्षित के जन्मदिन पर उनसे जुड़े कुछ और किस्से जानते हैं दूरदर्शन के लिए किया पहला शो, लेकिन कभी टेलीकास्ट नहीं हुआ करियर के शुरुआती दिनों में माधुरी दीक्षित ने कई टीवी प्रोजेक्ट्स और पायलट एपिसोड्स में काम किया था, लेकिन उनमें से कुछ ऑन एयर नहीं हो पाए। उस समय वह इंडस्ट्री में नई थीं

Rohit Sharma Equals Kohlis Record; Tilak Vermas 106m Six; MI Beat PBKS

Rohit Sharma Equals Kohlis Record; Tilak Vermas 106m Six; MI Beat PBKS

धर्मशाला42 मिनट पहले कॉपी लिंक मुंबई इंडियंस ने आखिरी ओवर में रोमांचक जीत दर्ज करते हुए पंजाब किंग्स को 6 विकेट से हरा दिया। धर्मशाला के HPCA स्टेडियम में पंजाब ने 201 रन का टारगेट दिया था, जिसे मुंबई ने 19.5 ओवर में हासिल कर लिया। गुरुवार को तिलक वर्मा ने नाबाद 75 रन की पारी खेली। उन्होंने 106 मीटर लंबा छक्का भी लगाया। वहीं, रोहित शर्मा IPL में सबसे ज्यादा मैच खेलने के मामले में विराट कोहली की बराबरी पर पहुंच गए। दूसरी ओर, पंजाब किंग्स को 200+ रन डिफेंड करते हुए टी-20 क्रिकेट में रिकॉर्ड 10वीं हार झेलनी पड़ी। मुंबई-पंजाब मैच के टॉप रिकॉर्ड्स-मोमेंट्स… 1. 200+ रन डिफेंड करने में पंजाब की 10वीं हार पंजाब किंग्स 200+ रन के लक्ष्य का बचाव करने में सबसे ज्यादा बार हारने वाली टीम बन गई। टीम को अब तक 10 बार 200+ रन डिफेंड करते हुए हार मिली है। मुंबई ने पंजाब के खिलाफ 200+ रन का लक्ष्य हासिल करते हुए टी-20 क्रिकेट में अपनी आठवीं जीत दर्ज की। मुंबई अब सबसे ज्यादा 200+ रन चेज जीतने वाली टीमों की सूची में दूसरे स्थान पर पहुंच गई है। इस मामले में पंजाब किंग्स 11 जीत के साथ टॉप पर है, जबकि ऑस्ट्रेलिया और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने 7-7 बार 200+ रन का लक्ष्य हासिल किया है। 2. रोहित ने कोहली की बराबरी की मुंबई के बल्लेबाज रोहित शर्मा IPL में सबसे ज्यादा मैच खेलने के मामले में विराट कोहली की बराबरी पर पहुंच गए हैं। पंजाब किंग्स के खिलाफ मुकाबला रोहित के करियर का 279वां IPL मैच रहा। अब रोहित और कोहली, दोनों के नाम IPL में 279-279 मैच हो गए हैं। इस सूची में महेंद्र सिंह धोनी 278 मैच के साथ तीसरे स्थान पर हैं। 3. मुंबई एक सीजन में 3 अलग कप्तान वाली पहली टीम मुंबई IPL 2026 में तीन अलग-अलग कप्तानों में खेलने वाली पहली टीम बन गई, जिसके तीनों कप्तान भारतीय रहे। इस सीजन हार्दिक पंड्या, सूर्यकुमार यादव और जसप्रीत बुमराह ने टीम की कप्तानी की। इससे पहले IPL इतिहास में मुंबई, पुणे वारियर्स, हैदराबाद और पंजाब एक सीजन में तीन कप्तानों के साथ उतर चुकी हैं। 4. पंजाब ने दो लगातार सीजन में 8 बार 200+ का स्कोर बनाया पंजाब ने IPL 2026 में 8वीं बार 200+ का स्कोर बनाया। इसके साथ ही टीम ने एक सीजन में सबसे ज्यादा 200+ टोटल बनाने के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। खास बात यह है कि पंजाब लगातार दूसरे सीजन ऐसा करने वाली पहली टीम बन गई। इससे पहले गुजरात टाइटंस ने 2025 और सनराइजर्स हैदराबाद ने 2026 में एक सीजन में 8 बार 200+ स्कोर बनाया था। पंजाब IPL इतिहास में 40 बार 200+ स्कोर बनाने वाली तीसरी टीम बन गई है। PBKS ने इस मामले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और चेन्नई सुपर किंग्स की बराबरी कर ली। 5. बुमराह ने पहली बार IPL में कप्तानी की जसप्रीत बुमराह IPL में सबसे ज्यादा मैच खेलने के बाद पहली बार कप्तानी करने वाले खिलाड़ियों की सूची में दूसरे स्थान पर आ गए। उन्होंने 156 मैच खेलने के बाद टीम की कमान संभाली। इस लिस्ट में पहले नंबर पर रवींद्र जडेजा हैं। उन्होंने 200 मैच बाद चेन्नई की कप्तानी की थी। 6. प्रियांश-प्रभसिमरन की जोड़ी के एक हजार रन पूरे प्रियांश आर्या और प्रभसिमरन सिंह IPL इतिहास की पहली अनकैप्ड भारतीय जोड़ी बन गई, जिसने 1000+ पार्टनरशिप रन पूरे किए। प्रियांश ने लगातार दूसरे सीजन 350+ रन बनाए। वह ऐसा करने वाले दूसरे अनकैप्ड भारतीय खिलाड़ी बने। उनसे पहले अंबाती रायडू ने यह कारनामा किया था। वहीं प्रभसिमरन सिंह कई IPL सीजन में 400+ रन बनाने वाले तीसरे अनकैप्ड भारतीय बल्लेबाज बने। प्रियांश आर्या और प्रभसिमरन सिंह ने मुंबई के खिलाफ 50 रन जोड़े। 7. शार्दूल ने दूसरी बार पंजाब के खिलाफ 4 विकेट लिए मुंबई इंडियंस के ऑलराउंडर शार्दूल ठाकुर ने पंजाब किंग्स के खिलाफ एक बार फिर शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट झटके। यह दूसरा मौका है, जब शार्दूल ने पंजाब के खिलाफ IPL मैच में 4 विकेट हासिल किए हैं। पंजाब किंग्स के खिलाफ शार्दूल का रिकॉर्ड शानदार रहा है। उन्होंने 16 मैचों में 24 विकेट लिए हैं। इस दौरान उनका औसत 20.54, स्ट्राइक रेट 12.8 और इकॉनमी 9.60 की रही है। उनका बेस्ट प्रदर्शन 4/36 का है। टॉप-7 मोमेंट्स… 1. दो जीवनदान के बाद प्रभसिमरन ने जड़ी फिफ्टी पंजाब के ओपनर प्रभसिमरन सिंह को पारी की शुरुआत में दो बड़े जीवनदान मिले, जिसका उन्होंने पूरा फायदा उठाया। पहले दूसरे ओवर में जसप्रीत बुमराह की गेंद पर नमन धीर ने उनका आसान कैच छोड़ दिया। इसके बाद सातवें ओवर में कॉर्बिन बॉश भी अपने फॉलो-थ्रू में उनका कैच नहीं पकड़ सके। इन दोनों मौकों का फायदा उठाते हुए प्रभसिमरन ने शानदार बल्लेबाजी की और 11वें ओवर में सिंगल लेकर अपना अर्धशतक पूरा किया। यह इस सीजन मुंबई इंडियंस के खिलाफ उनकी दूसरी फिफ्टी रही। इससे पहले उन्होंने वानखेड़े स्टेडियम में 80 रन की पारी खेली थी। धरमशाला में उनकी इस पारी पर टीममेट्स और दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं। प्रभसिमरन ने 57 रन की पारी खेली। 2. शार्दूल को एक ओवर में दो विकेट मुंबई के तेज गेंदबाज शार्दूल ठाकुर ने 12वें ओवर में लगातार दो बड़े विकेट लेकर पंजाब किंग्स को झटका दिया। ओवर की दूसरी गेंद पर उन्होंने सेट बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह को आउट कराया। प्रभसिमरन बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में लॉन्ग ऑन पर कॉर्बिन बॉश को कैच दे बैठे। उन्होंने 32 गेंदों में 57 रन की शानदार पारी खेली। इसके बाद शार्दूल ने पंजाब के कप्तान श्रेयस अय्यर को क्लीन बोल्ड कर दिया। ऑफ स्टंप के बाहर पिच हुई गेंद हल्का बाहर निकली और अय्यर के बल्ले का किनारा बचाते हुए सीधे ऑफ स्टंप पर जा लगी। शार्दूल ने इस ओवर में दो विकेट लेकर मैच का रुख बदल दिया। शार्दूल ठाकुर ने 4 विकेट झटके। 3. राज बावा ने एक हाथ से कैच लपका मुंबई के ऑलराउंडर राज बावा ने सूर्यांश शेडगे का बेहतरीन कैच पकड़ लिया। 14वें ओवर में शार्दूल ठाकुर की लेग स्टंप की ओर जाती फुल गेंद पर शेडगे ने फ्लिक शॉट खेला, लेकिन गेंद हवा में शॉर्ट मिडविकेट की दिशा में चली गई। राज बावा