वड़ा पाव रेसिपी: वड़ा पाव रेसिपी: 20 रुपये से कम में तैयार करें मुंबई स्टाइल वड़ा पाव; नोट करें मिनट वाली विधि

वडा के लिए: 3 मसाले वाले आलू, 1 हरी मिर्च की कलियाँ, 4-5 लहसुन की कलियाँ, छोटी सागागर, 1/2 छोटी मिर्च की कलियाँ, 7-8 कैरी की पत्तियां, 1/4 छोटी मिर्च की कलियाँ, नमक का स्वाद, 1 बड़ी मिर्च का तेल छवि: फ्रीपिक बैटर के लिए: 1 कप बेसन, पिंचप्लेट सोडा, नमक स्वाद सॉस, पानी चाहिए। इसके अलावा बाकी सामान: 4 पाव, हरी चटनी, सूखा लहसुन चिप्स, तलने के लिए तेल। छवि: फ्रीपिक वड़ा पाव बनाने की विधि: सबसे पहले आलू को अच्छे से मैश कर लें। अब एक पैन में तेल गर्म करें और उसमें राई डाल दें। जब राई चटकने लगे तो कारी पत्ते, अदरक, लहसुन और हरी मिर्च के टुकड़े टुकड़े भून लें। छवि: फ्रीपिक इसके बाद हल्दी और आलू के महानुभाव से मिला लें। स्वाद में नमक डालें और 2 मिनट तक पकाकर गैस बंद कर दें। मिक्स ठंडा होने पर छोटे-छोटे गोल बॉल्स बनाएं लें। छवि: फ्रीपिक अब एक बाउल में बेसन, नमक और थोड़ा सा सोडा सोडा लगाया गया। पानी अंतिम बैटर तैयार करें। कढ़ाही में तेल गर्म करें। आलू की गेंदों को बेसन के बैटर में डबकर तल लें। आपके गरमा-गरम वड्डे तैयार हैं। छवि: फ्रीपिक अब पाव को बीच से और इसमें हरी मिर्च और सूखे लहसुन का मिश्रण शामिल है। बीच में हॉट वडा स्टेशन और इफेक्ट्स टूल सर्व करें। वड़ा में लिटिल सामोनम रस का स्वाद और बढ़ता है। छवि: एआई अधिकतर लोग पसंद करते हैं तो हरी मिर्च की मात्रा बढ़ाई जा सकती है। वड़ा पाव को तली हुई हरी मिर्च के साथ सर्व करें, मुंबई स्टाइल का स्वाद मिलेगा। इससे कम समय में तैयारी हो जाती है और पेट भी अच्छा हो जाता है। छवि: एआई शाम की चाय के साथ या बच्चों के टिफिन के लिए यह एक उत्कृष्ट पद है। घर बनाने की वजह से यह बाहर के स्ट्रीट फ़्रेंड से ज़्यादा बजट और बजट फ्रेंडली भी होता है। छवि: एआई (टैग्सटूट्रांसलेट)वड़ा पाव रेसिपी(टी)वड़ा पाव रेसिपी(टी)मुंबई स्ट्रीट स्टाइल वड़ा पाव(टी)वड़ा पाव रेसिपी घर पर(टी)घर पर बना वड़ा पाव(टी)बटाटा वड़ा(टी)स्ट्रीट फूड
राष्ट्रपति भवन में ‘आखिरी सवाल’ की स्क्रीनिंग:संजय दत्त स्टारर इस फिल्म का निर्देशन अभिजीत मोहन वारंग ने किया है

संजय दत्त स्टारर ‘आखिरी सवाल’ इन दिनों लगातार विवादों में बनी हुई है। यूएई में फिल्म पर कथित प्रतिबंध और भारत में दायर पीआईएल की खबरों के बीच अब इस फिल्म को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक रविवार (17 मई) को राष्ट्रपति भवन में फिल्म की एक स्पेशल स्क्रीनिंग रखी गई. यह स्क्रीनिंग ऐसे समय में की गई, जब फिल्म अपनी रिलीज़ से जुड़े विवादों के कारण पहले से ही सुर्खियां बटोर रही है।. ‘आखिरी सवाल’ अपनी बेबाक कहानी और ऐतिहासिक संदर्भों को लेकर चर्चा का विषय बनी हुई है। यह फ़िल्म 15 मई को दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज हुई और तब से लेकर अब तक यह दर्शकों और समीक्षकों, दोनों का ध्यान अपनी ओर खींच रही है। राष्ट्रपति भवन जैसे प्रतिष्ठित स्थल पर फिल्म की स्क्रीनिंग होने से फिल्म को लेकर इंडस्ट्री और राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। ‘आखिरी सवाल’ को एक गंभीर सामाजिक मुद्दे पर आधारित फिल्म बताया जा रहा है। फिल्म अपने विषय और उससे जुड़े राजनीतिक विमर्श की वजह से पहले ही सुर्खियों में थी। अब राष्ट्रपति भवन में स्क्रीनिंग ने इसे और ज्यादा चर्चा में ला दिया है। इस फिल्म का निर्देशन अभिजीत मोहन वारंग ने किया है और इसे उत्कर्ष नैथानी ने लिखा है।
Beauty tips: गर्मी में टैनिंग से हैं परेशान? चेहरे पर घुमा लें ये जादुई टुकड़ा, स्किन की हर प्रॉब्लम होगी छूमंतर!

Last Updated:May 19, 2026, 18:55 IST Beauty tips: ज्यादातर लोग सोचते हैं कि आइस क्यूब सिर्फ ठंडक देने या ड्रिंक में डालने के काम आता है, लेकिन असल में यह स्किन के लिए एक नेचुरल ब्यूटी टूल है. इसे सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो यह कई स्किन प्रॉब्लम्स को हल कर सकता है और चेहरे को नेचुरल ग्लो दे सकता है. यह तरीका एक नेचुरल स्पॉट ट्रीटमेंट की तरह काम करता है. (रिपोर्ट: सावन पाटिल/खंडवा) आज के समय में हर कोई चाहता है कि उसकी त्वचा साफ, चमकदार और ग्लोइंग नजर आए. इसके लिए लोग महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इनमें मौजूद केमिकल्स लंबे समय में त्वचा को नुकसान भी पहुंचा सकते हैं. ऐसे में घरेलू नुस्खे एक सुरक्षित और असरदार विकल्प बनकर सामने आते हैं, जो कम खर्च में बेहतर परिणाम देने में मदद करते हैं.इसी कड़ी में ब्यूटिशियन सुदर्शन सोलंकी एक बेहद आसान और सस्ता नुस्खा बताते हैं, जिसे आप घर पर ही तैयार कर सकते हैं. यह नुस्खा इतना आसान है कि महज ₹2 में आपकी त्वचा को नेचुरल ग्लो मिल सकता है और नियमित इस्तेमाल से चेहरा साफ और चमकदार नजर आने लगता है. दरअसल, इस नुस्खे में बर्फ यानी आइस क्यूब का इस्तेमाल किया जाता है, जो गर्मियों में लगभग हर घर में आसानी से मिल जाता है. Add News18 as Preferred Source on Google अगर आप चाहें तो गुलाब जल और पानी को मिलाकर भी बर्फ जमा सकती हैं, जिससे इसका असर और बेहतर हो जाता है. इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले चेहरे को अच्छी तरह साफ कर लें, ताकि धूल और गंदगी पूरी तरह हट जाए. इसके बाद एक छोटा बर्फ का टुकड़ा लें और उसे हल्के-हल्के हाथ से पूरे चेहरे पर घुमाएं. करीब 2 से 3 मिनट तक मसाज करें. अगर आपकी स्किन सेंसिटिव है, तो बर्फ को सीधे लगाने के बजाय कपड़े में लपेटकर इस्तेमाल करें. गर्मियों में इस उपाय को अपनाने से चेहरे को तुरंत ठंडक मिलती है और त्वचा फ्रेश महसूस करती है. इसके साथ ही स्किन के पोर्स टाइट होते हैं, चेहरा स्मूद नजर आता है और एक्स्ट्रा ऑयल कम होने लगता है. नियमित इस्तेमाल करने पर चेहरे पर नेचुरल ग्लो आने लगता है और त्वचा धीरे-धीरे शीशे जैसी चमकदार दिखने लगती है. हालांकि, इस नुस्खे को अपनाते समय कुछ सावधानियां भी जरूरी हैं. बर्फ को ज्यादा देर तक एक ही जगह पर न रखें और दिन में एक बार ही इसका इस्तेमाल करें. हमेशा साफ चेहरे पर ही इसे लगाएं और मसाज के बाद मॉइश्चराइजर जरूर लगाएं, ताकि त्वचा में नमी बनी रहे. अगर आप भी बिना ज्यादा खर्च किए ग्लोइंग और हेल्दी स्किन पाना चाहती हैं, तो यह आसान घरेलू उपाय आपके लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है. नियमित रूप से अपनाने पर आपकी त्वचा में निखार आएगा और चेहरा नेचुरल तरीके से दमकने लगेगा. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
सत्तू की एनर्जी बॉल्स रेसिपी: गर्मी में जिम लवर्स के लिए नया देसी पनीर आइटम, 5 मिनट में जानें हाई-प्रोटीन सत्तू एनर्जी बाइट्स

19 मई 2026 को 18:39 IST पर अपडेट किया गया सत्तू की एनर्जी बॉल्स रेसिपी: गर्मियों में बारिश के बाद शरीर को तुरंत ऊर्जा और प्रोटीन की जरूरत होती है। इस बार ट्राइकल्स के बजाय सत्तू से बनी यह जादुई रेसिपी। अनुसरण करना : इसे बनाने के लिए आपको सत्तू, थोड़ा सा गुड़ या शहद, चिप्स के चिप्स और बाइंडिंग के साथ-साथ पिसा सा पानी या देसी घी भी मिलना चाहिए। छवि: एआई एक मिक्सिंग बाउल में सत्तू पाउडर लें। इसमें परमाणु केट वाले प्लाज्मा और प्लास्टर डाले जाते हैं। यह न सिर्फ स्वाद बढ़ाने वाला वैट वैटेरियनेशन वैल्यू भी दोगुना कर देगा। छवि: एआई अब इसमें स्वीट स्वीटनर के रूप में गुड़ का पाउडर या हील फ्रूट्स शामिल हैं। बंद करने के लिए आप एक देसी घी या पाउडर सा गुनगुना पानी का उपयोग कर सकते हैं। छवि: एआई सारे मिश्रण को अच्छे तरह हाथों से मैश कर लें। अब इस लैपटॉप के साइज की छोटी-छोटी बॉल्स बनाएं। आपके प्रोटीन बाइट्स तैयार हैं! छवि: एआई सत्तू की तासीर बेहद वांछनीय है। यह गर्मियों में पेट को ठंडा करता है, लू से मापा जाता है और बाद में शरीर के तापमान को तुरंत मापा जाता है। छवि: एआई सत्तू में प्रचुर मात्रा में प्लांट-बेस्ड प्रोटीन और आहार होता है, जो जिम जाने वालों की मांसपेशियों में मदद करता है और लंबे समय तक पेट को भरा रखता है। छवि: एआई इन एनर्जी बॉल्स को आप एक बार देखने के लिए सप्ताह भर तक स्टोर कर सकते हैं। इसे प्री-वर्क्स आउट-बास्ट या पोस्ट-वर्क्स आउट-टू-मील के रूप में कैरी करना भी बेहद आसान है। छवि: एआई द्वारा प्रकाशित: कीर्ति सोनी प्रकाशित 19 मई 2026, 18:39 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)सत्तू एनर्जी बॉल्स रेसिपी(टी)सत्तू प्रोटीन बाइट्स कैसे बनाएं(टी)जिम के लिए हाई प्रोटीन देसी स्नैक(टी)5 मिनट का सत्तू एनर्जी बाइट्स(टी)समर फिटनेस डाइट इंडियंस(टी)घर का बना प्री वर्कआउट स्नैक(टी)गर्मियों में सत्तू के फायदे(टी)इंस्टेंट एनर्जी बॉल्स रेसिपी(टी)वजन घटाने के लिए स्वस्थ सत्तू लड्डू(टी)पौधे आधारित प्रोटीन स्नैक्स
ओडिशा में युवक-युवती को सरेआम लाठियों से पीटा:हमलावरों ने बाइक रोकी, सड़क पर घसीटा; दोस्त को बचाने उसके ऊपर लेट गई लड़की

ओडिशा के बेरहामपुर शहर में सड़क पर सरेआम एक युवक और उसकी महिला मित्र पर डंडों से हमले का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक सोमवार रात युवक और उसकी महिला मित्र बाइक से जा रहे थे। इसी दौरान बीजीपुर इलाके में कुछ लोगों ने उनकी बाइक रोक ली। इसके बाद युवक को सड़क पर घसीटकर डंडों से पीटा गया। युवती अपने दोस्त को बचाने के लिए उसके ऊपर लेट गई। इसके बावजूद हमलावर दोनों के पैरों पर लगातार लाठियां बरसाते रहे। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। देखिए घटना के 3 विजुअल्स…
ओडिशा में युवक-युवती को सरेआम लाठियों से पीटा:हमलावरों ने बाइक रोकी, सड़क पर घसीटा; दोस्त को बचाने उसके ऊपर लेट गई लड़की

ओडिशा के बेरहामपुर शहर में सड़क पर सरेआम एक युवक और उसकी महिला मित्र पर डंडों से हमले का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक सोमवार रात युवक और उसकी महिला मित्र बाइक से जा रहे थे। इसी दौरान बीजीपुर इलाके में कुछ लोगों ने उनकी बाइक रोक ली। इसके बाद युवक को सड़क पर घसीटकर डंडों से पीटा गया। युवती अपने दोस्त को बचाने के लिए उसके ऊपर लेट गई। इसके बावजूद हमलावर दोनों के पैरों पर लगातार लाठियां बरसाते रहे। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। देखिए घटना के 3 विजुअल्स… 6 लोग हिरासत में, पुरानी रंजिश का मामला पुलिस ने मामले में अब तक 6 लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, घटना रात करीब 9:30 बजे गिरी रोड के व्यस्त इलाके में हुई। पीड़ित युवक का नाम उमेश राठ है। शुरुआती जांच में घटना के पीछे दो गुटों के बीच पुरानी रंजिश और गैंगवार का एंगल सामने आया है। नवीन पटनायक बोले- राज्य में गुंडाराज मामले पर राजनीति भी शुरू हो गई है। विपक्ष के नेता और पूर्व CM नवीन पटनायक ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए घटना को अमानवीय बताया। नवीन पटनायक ने कहा- ओडिशा में गुंडाराज और अराजकता का माहौल है। अपराधियों के हौसले बढ़ गए हैं। ——————– ये खबर भी पढ़ें… कर्नाटक में दो हाथियों की लड़ाई में महिला की मौत-VIDEO:हाथियों को नहाते देख रही थी, नीचे दबी कर्नाटक के कोडागु (कूर्ग) जिले के डुबारे एलीफेंट कैंप में सोमवार को दो हाथियों की लड़ाई के दौरान एक महिला पर्यटक की मौत हो गई। एक हाथी धक्का लगने से बैलेंस खो बैठा और महिला के ऊपर गिर गया। इससे महिला की दबकर मौत हो गई। पूरी खबर पढ़ें…
भोपाल सुसाइड केस के बाद कंगना रनोट की सलाह:बोलीं- लड़कियां शादी से पहले करियर को जरूरी समझें, पहले आत्मनिर्भर बनें

एक्ट्रेस और बीजेपी सांसद कंगना रनोट ने देश में सामने आ रहे दहेज उत्पीड़न और सुसाइड के मामलों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। भोपाल में एक 33 साल की महिला की संदिग्ध मौत के बाद कंगना ने सोशल मीडिया पर महिलाओं के लिए एक लंबा पोस्ट लिखा। कंगना ने युवा महिलाओं को सलाह दी है कि वे शादी से पहले अपने करियर और आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता दें। उन्होंने समाज पर भी निशाना साधते हुए कहा कि भारतीय समाज शादी के बाद बेटियों को उनके हाल पर छोड़ देता है। सोशल मीडिया पर दी करियर बनाने की सलाह कंगना रनोट ने मंगलवार को अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक पोस्ट शेयर किया। उन्होंने लिखा कि हर दिन शादीशुदा युवा महिलाओं से संबंधित दुखद खबरें सामने आ रही हैं। कई शिक्षित महिलाएं इस दम घोंटू माहौल से निकलने के लिए अपने माता-पिता से मदद मांगती हैं, लेकिन हमारा समाज शादी के बाद बेटियों का साथ छोड़ देता है। कंगना ने कहा कि सोशल मीडिया या शादी-मेकअप इंडस्ट्री महिलाओं को यह बात नहीं सिखाएगी, लेकिन आपका करियर आपकी लाइफ में सबसे ज्यादा जरूरी है। खुद की हीरो खुद बनें महिलाएं अपनी पोस्ट में कंगना ने महिलाओं से आत्मनिर्भर बनने की अपील की। उन्होंने लिखा कि जब आप पूरी तरह से स्वतंत्र हो जाएं, तभी शादी के बारे में सोचें। आपको खुद अपनी हीरो बनना होगा क्योंकि कोई भी आपको बचाने नहीं आएगा। आप लाइफ में क्या करती हैं और क्या हैं, यह इस बात से ज्यादा जरूरी है कि आपने किससे शादी की है। अपनी मर्जी से अपनी लाइफ बनाएं और किसी की फालतू बातों पर ध्यान न दें। भोपाल सुसाइड केस के बाद बयान आया कंगना का यह बयान भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में हुए एक सुसाइड केस के बाद आया है। 31 वर्षीय ट्विशा शर्मा ने 11 और 12 मई की दरमियानी रात भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। ट्विशा मूल रूप से नोएडा की रहने वाली थी। उसकी शादी दिसंबर 2025 में समर्थ सिंह से हुई थी। मायके पक्ष ने ट्विशा की सास रिटायर्ड जज गिरीबाला सिंह और पति समर्थ सिंह पर दहेज प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। दोनों के खिलाफ 15 मई को एफआईआर दर्ज की गई थी। शॉर्ट पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत की वजह हैंगिंग बताई गई है, लेकिन शरीर पर चोट के निशान भी मिले हैं। इसी को आधार बनाकर मायके पक्ष लगातार जांच पर सवाल उठा रहा है। ये खबर भी पढ़ें भोपाल में रिटायर्ड जज की प्रेग्नेंट बहू ने लगाई फांसी:आखिरी कॉल मेजर भाई को, बोली- अब बर्दाश्त नहीं होता, मुझे ले चलिए भैया भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में रिटायर्ड महिला जज की प्रेग्नेंट बहू ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मायके पक्ष ने पति और ससुराल वालों पर मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि बेटी के हाथ और कान पर चोट के नीले निशान हैं। पूरी खबर पढ़ें
भोपाल सुसाइड केस के बाद कंगना रनोट की सलाह:बोलीं- लड़कियां शादी से पहले करियर को जरूरी समझें, पहले आत्मनिर्भर बनें

एक्ट्रेस और बीजेपी सांसद कंगना रनोट ने देश में सामने आ रहे दहेज उत्पीड़न और सुसाइड के मामलों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। भोपाल में एक 33 साल की महिला की संदिग्ध मौत के बाद कंगना ने सोशल मीडिया पर महिलाओं के लिए एक लंबा पोस्ट लिखा। कंगना ने युवा महिलाओं को सलाह दी है कि वे शादी से पहले अपने करियर और आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता दें। उन्होंने समाज पर भी निशाना साधते हुए कहा कि भारतीय समाज शादी के बाद बेटियों को उनके हाल पर छोड़ देता है। सोशल मीडिया पर दी करियर बनाने की सलाह कंगना रनोट ने मंगलवार को अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक पोस्ट शेयर किया। उन्होंने लिखा कि हर दिन शादीशुदा युवा महिलाओं से संबंधित दुखद खबरें सामने आ रही हैं। कई शिक्षित महिलाएं इस दम घोंटू माहौल से निकलने के लिए अपने माता-पिता से मदद मांगती हैं, लेकिन हमारा समाज शादी के बाद बेटियों का साथ छोड़ देता है। कंगना ने कहा कि सोशल मीडिया या शादी-मेकअप इंडस्ट्री महिलाओं को यह बात नहीं सिखाएगी, लेकिन आपका करियर आपकी लाइफ में सबसे ज्यादा जरूरी है। खुद की हीरो खुद बनें महिलाएं अपनी पोस्ट में कंगना ने महिलाओं से आत्मनिर्भर बनने की अपील की। उन्होंने लिखा कि जब आप पूरी तरह से स्वतंत्र हो जाएं, तभी शादी के बारे में सोचें। आपको खुद अपनी हीरो बनना होगा क्योंकि कोई भी आपको बचाने नहीं आएगा। आप लाइफ में क्या करती हैं और क्या हैं, यह इस बात से ज्यादा जरूरी है कि आपने किससे शादी की है। अपनी मर्जी से अपनी लाइफ बनाएं और किसी की फालतू बातों पर ध्यान न दें। भोपाल सुसाइड केस के बाद बयान आया कंगना का यह बयान भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में हुए एक सुसाइड केस के बाद आया है। 31 वर्षीय ट्विशा शर्मा ने 11 और 12 मई की दरमियानी रात भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। ट्विशा मूल रूप से नोएडा की रहने वाली थी। उसकी शादी दिसंबर 2025 में समर्थ सिंह से हुई थी। मायके पक्ष ने ट्विशा की सास रिटायर्ड जज गिरीबाला सिंह और पति समर्थ सिंह पर दहेज प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। दोनों के खिलाफ 15 मई को एफआईआर दर्ज की गई थी। शॉर्ट पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत की वजह हैंगिंग बताई गई है, लेकिन शरीर पर चोट के निशान भी मिले हैं। इसी को आधार बनाकर मायके पक्ष लगातार जांच पर सवाल उठा रहा है। ये खबर भी पढ़ें भोपाल में रिटायर्ड जज की प्रेग्नेंट बहू ने लगाई फांसी:आखिरी कॉल मेजर भाई को, बोली- अब बर्दाश्त नहीं होता, मुझे ले चलिए भैया भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में रिटायर्ड महिला जज की प्रेग्नेंट बहू ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मायके पक्ष ने पति और ससुराल वालों पर मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि बेटी के हाथ और कान पर चोट के नीले निशान हैं। पूरी खबर पढ़ें
ताइवान की सड़कों पर भारत विरोधी पोस्टर लगे:चुनाव लड़ रहा उम्मीदवार बोला- भारतीय मजदूरों को भगाओ, विपक्षी सांसद बोले- वे अपराधी होते हैं

ताइवान में स्थानीय चुनाव के दौरान एक निर्दलीय उम्मीदवार ने भारत विरोधी पोस्टर लगाया है। इसमें पगड़ी पहने एक सिख व्यक्ति की तस्वीर पर बड़ा ’नो’ यानी प्रतिबंध का निशान बना हुआ था। पोस्टर का मैसेज था कि भारत से आने वाले प्रवासी मजदूरों का विरोध किया जाए, और उन्हें देश से बाहर भगाया जाए। यह विवाद ऐसे समय में हुआ है जब ताइवान भारत के साथ हुए श्रम सहयोग समझौते के तहत भारतीय कामगारों को बुलाने की तैयारी कर रहा है। ताइवान की विपक्षी पार्टी कुओमिनतांग यानी KMT भी भारतीय मजदूरों को बुलाने का विरोध कर रही है। सांसद हुआंग चिएन-पिन ने भारत के राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों का हवाला दिया था। उन्होंने संसद में कहा था कि भारत में 2022 में महिलाओं के खिलाफ 4.45 लाख से ज्यादा अपराध दर्ज हुए थे, जिनमें 31 हजार से ज्यादा रेप के मामले शामिल थे। ऐसे में भारतीय मजदूरों को लेकर ज्यादा सख्त जांच और निगरानी होनी चाहिए। वे यहां पर महिलाओं के साथ बलात्कार कर सकते हैं। भारत-ताइवान में मजदूरों को लेकर समझौता हुआ था 2024 में भारत और ताइवान के बीच प्रवासी मजदूरों को लेकर एक अहम समझौता हुआ था। इसे लेबर कोऑपरेशन MOU यानी श्रम सहयोग समझौता कहा गया। इसका मकसद ताइवान में बढ़ती कामगारों की कमी को पूरा करना और भारतीय कामगारों को वहां रोजगार के अवसर देना है। ताइवान कई सालों से श्रमिक संकट का सामना कर रहा है। वहां जन्म दर लगातार गिर रही है, आबादी बूढ़ी हो रही है और युवाओं की संख्या कम होती जा रही है। इसका असर खासकर फैक्ट्री, खेती, निर्माण और बुजुर्गों की देखभाल जैसे क्षेत्रों पर पड़ रहा है। इसी वजह से ताइवान लंबे समय से दूसरे एशियाई देशों जैसे इंडोनेशिया, वियतनाम, फिलीपींस और थाईलैंड से मजदूर बुलाता रहा है। अब उसने भारत को भी इस सूची में शामिल करने का फैसला किया। इस समझौते के तहत करीब 1000 भारतीय मजदूर इस साल के अंत तक ताइवान पहुंचेंगे। इसके बाद अगर व्यवस्था सही चली और उद्योगों की मांग बढ़ी, तो संख्या आगे बढ़ाई जा सकती है। भारतीय बोले- यह नस्लीय भेदभाव है वहीं, ताइवान में रहने वाले एक भारतीय ने सोशल मीडिया पर इसे नस्लीय भेदभाव बताया। उन्होंने कहा कि किसी नीति का विरोध करना अलग बात है, लेकिन किसी समुदाय की पहचान और सांस्कृतिक प्रतीकों को निशाना बनाना गलत है। एक अन्य व्यक्ति ने लिखा कि ताइवान में करीब 7 हजार भारतीय रहते हैं और उनमें से ज्यादातर हाई-टेक और सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में काम करते हैं। इसमें फॉक्सकॉन और TSMC जैसी कंपनियां शामिल हैं। ताइवान की स्थानीय राजनीतिक पार्टी न्यू पावर पार्टी के नेता वांग यी-हेंग ने भी पोस्टर की आलोचना की। उन्होंने कहा कि भारतीय झंडे और पगड़ी पर प्रतिबंध का निशान लगाना बेहद अज्ञानता भरा कदम है। उनके मुताबिक पगड़ी सिर्फ कपड़ा नहीं, बल्कि आस्था और सम्मान का प्रतीक है।
ताइवान की सड़कों पर भारत विरोधी पोस्टर लगे:चुनाव लड़ रहा उम्मीदवार बोला- भारतीय मजदूरों को मत लाओ, वे अपराधी होते हैं

ताइवान में स्थानीय चुनाव के दौरान एक निर्दलीय उम्मीदवार ने भारत विरोधी पोस्टर लगाया है। इसमें पगड़ी पहने एक सिख व्यक्ति की तस्वीर पर बड़ा ’नो’ यानी प्रतिबंध का निशान बना हुआ था। पोस्टर का मैसेज था कि भारत से आने वाले प्रवासी मजदूरों का विरोध किया जाए। वे अपराधी होते हैं, उन्हें देश में न आने दिया जाए। यह विवाद ऐसे समय में हुआ है जब ताइवान भारत के साथ हुए श्रम सहयोग समझौते के तहत भारतीय कामगारों को बुलाने की तैयारी कर रहा है। ताइवान की विपक्षी पार्टी कुओमिनतांग यानी KMT भी भारतीय मजदूरों को बुलाने का विरोध कर रही है। सांसद हुआंग चिएन-पिन ने भारत के राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों का हवाला दिया था। उन्होंने संसद में कहा था कि भारत में 2022 में महिलाओं के खिलाफ 4.45 लाख से ज्यादा अपराध दर्ज हुए थे, जिनमें 31 हजार से ज्यादा रेप के मामले शामिल थे। ऐसे में भारतीय मजदूरों को लेकर ज्यादा सख्त जांच और निगरानी होनी चाहिए। वे यहां पर महिलाओं के साथ बलात्कार कर सकते हैं। भारतीय बोले- यह नस्लीय भेदभाव है वहीं, ताइवान में रहने वाले एक भारतीय ने सोशल मीडिया पर इसे नस्लीय भेदभाव बताया। उन्होंने कहा कि किसी नीति का विरोध करना अलग बात है, लेकिन किसी समुदाय की पहचान और सांस्कृतिक प्रतीकों को निशाना बनाना गलत है। एक अन्य व्यक्ति ने लिखा कि ताइवान में करीब 7 हजार भारतीय रहते हैं और उनमें से ज्यादातर हाई-टेक और सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में काम करते हैं। इसमें फॉक्सकॉन और TSMC जैसी कंपनियां शामिल हैं। ताइवान की स्थानीय राजनीतिक पार्टी न्यू पावर पार्टी के नेता वांग यी-हेंग ने भी पोस्टर की आलोचना की। उन्होंने कहा कि भारतीय झंडे और पगड़ी पर प्रतिबंध का निशान लगाना बेहद अज्ञानता भरा कदम है। उनके मुताबिक पगड़ी सिर्फ कपड़ा नहीं, बल्कि आस्था और सम्मान का प्रतीक है। भारत-ताइवान में मजदूरों को लेकर समझौता हुआ था 2024 में भारत और ताइवान के बीच प्रवासी मजदूरों को लेकर एक अहम समझौता हुआ था। इसे लेबर कोऑपरेशन MOU यानी श्रम सहयोग समझौता कहा गया। इसका मकसद ताइवान में बढ़ती कामगारों की कमी को पूरा करना और भारतीय कामगारों को वहां रोजगार के अवसर देना है। ताइवान कई सालों से श्रमिक संकट का सामना कर रहा है। वहां जन्म दर लगातार गिर रही है, आबादी बूढ़ी हो रही है और युवाओं की संख्या कम होती जा रही है। इसका असर खासकर फैक्ट्री, खेती, निर्माण और बुजुर्गों की देखभाल जैसे क्षेत्रों पर पड़ रहा है। इसी वजह से ताइवान लंबे समय से दूसरे एशियाई देशों जैसे इंडोनेशिया, वियतनाम, फिलीपींस और थाईलैंड से मजदूर बुलाता रहा है। अब उसने भारत को भी इस सूची में शामिल करने का फैसला किया। इस समझौते के तहत करीब 1000 भारतीय मजदूर इस साल के अंत तक ताइवान पहुंचेंगे। इसके बाद अगर व्यवस्था सही चली और उद्योगों की मांग बढ़ी, तो संख्या आगे बढ़ाई जा सकती है। भारतीय मजदूरों पर सख्त नियंत्रण लगाने की मांग जब भारत और ताइवान के बीच भारतीय मजदूरों को लेकर समझौता हुआ था, तब भी ताइवान में इसे लेकर विवाद हुआ था। कई लोगों ने डर जताया था कि भारतीय मजदूरों के आने से अपराध बढ़ सकते हैं और महिलाओं की सुरक्षा पर असर पड़ सकता है। ताइवान पीपुल्स पार्टी के नेता को वेन-जे ने भी कहा था कि भारत से आने वाले मजदूरों पर सख्त नियंत्रण होना चाहिए। उन्होंने दावा किया था कि “भाग जाने वाले विदेशी मजदूर” पहले से ही ताइवान की राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा बन चुके हैं। दरअसल ताइवान फ्यूजिटिव वर्कर्स की समस्या से जूझ रहा है। इसमें प्रवासी मजदूर कानूनी तौर पर किसी कंपनी या काम के लिए ताइवान आते हैं, लेकिन बाद में अपना तय काम छोड़कर गायब हो जाते हैं। फिर वे बिना अनुमति के दूसरी जगह काम करने लगते हैं या अवैध रूप से रहने लगते हैं। ताइवान के कई नेता इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा मानते हैं। इस बहस के दौरान एक और विवाद तब हुआ जब उस समय की ताइवान की श्रम मंत्री हसू मिंग-चुन ने कहा कि शुरुआत में भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों से मजदूर भर्ती किए जा सकते हैं। उन्होंने इसकी वजह बताते हुए कहा था कि वहां के लोगों की स्किन कलर, खानपान और धार्मिक आदतें ताइवान के लोगों से ज्यादा मिलती-जुलती हैं। उनके इस बयान की काफी आलोचना हुई और लोगों ने इसे नस्लवादी और भेदभावपूर्ण बताया। विवाद बढ़ने के बाद ताइवान के विदेश मंत्रालय को सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी पड़ी थी।









