Cji justice surya kant protest on roads navi mumbai international airport

Hindi News National Cji Justice Surya Kant Protest On Roads Navi Mumbai International Airport नई दिल्ली13 मिनट पहले कॉपी लिंक चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने मंगलवार को कहा कि देश में सभी लोगों को शांतिपूर्ण और कानूनी तरीके से विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है, लेकिन सड़क पर उतरकर आम लोगों के लिए परेशानी खड़ी नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के नाम पर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने या डर का माहौल बनाने की परमिशन नहीं दी जा सकती। CJI ने यह बात नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नामकरण को लेकर चल रहे विवाद से जुड़ी सुनवाई के दौरान कही। याचिका में दावा किया गया था कि एयरपोर्ट के नाम को लेकर प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर आपराधिक मामले दर्ज किए जा रहे हैं। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में हस्तक्षेप से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट बोला- सरकार जवाब न दे तो लोग मांग उठाते रहें CJI सूर्यकांत के साथ जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की बेंच ‘प्रकाशज्योत सामाजिक संस्था’ की याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें नवी मुंबई एयरपोर्ट का नाम लोकनेता डीबी पाटिल नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट रखने की मांग की गई थी। याचिका में केंद्र सरकार को तय समय के भीतर फैसला लेने का आदेश देने की अपील भी की गई थी। साथ ही याचिका में बॉम्बे हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें ऐसी ही मांग वाली याचिका खारिज कर दी गई थी। कोर्ट ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोगों को अपनी मांगें उठाने और उचित मंच पर अपनी बात रखने का अधिकार है। अगर सरकार तुरंत जवाब नहीं देती, तो लोगों को लगातार अपनी मांग उठाते रहना चाहिए। CJI ने कहा- लोकतांत्रिक व्यवस्था में आखिरकार सरकार और संबंधित अधिकारी समझते हैं कि किसी मुद्दे पर फैसला लेना जरूरी है। कोर्ट रूम लाइव- CJI- यह मामला नीतिगत क्षेत्र से जुड़ा है। “क्या यह अदालत का काम है कि एयरपोर्ट का नाम क्या होना चाहिए?” याचिकाकर्ता- सरकार एयरपोर्ट का नाम अपने अनुसार रख सकती है, लेकिन याचिकाकर्ता सिर्फ समयसीमा के भीतर फैसला चाहता है। CJI- हम आदेश क्यों पारित करें? कल वे कह सकते हैं कि हम नाम नहीं रखना चाहते। ऐसा आदेश मत मांगिए, जिससे हमें भी असहज स्थिति का सामना करना पड़े। लोकतांत्रिक व्यवस्था में आपके कुछ अधिकार होते हैं और आप अपने उपायों का इस्तेमाल कर सकते हैं। याचिकाकर्ता- अन्य माध्यम अपनाने के बावजूद केंद्र सरकार ने जवाब नहीं दिया। CJI- कभी-कभी मांगों को लगातार उठाते रहना पड़ता है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में आखिरकार अधिकारी यह समझेंगे कि इस पर कोई न कोई फैसला लेना होगा। ——————————————– ये खबर भी पढ़ें… CJI सूर्यकांत ने कॅाकरोच वाले बयान पर कहा- इसे गलत तरीके से पेश किया गया चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत ने शनिवार को अपनी पैरासाइट और कॅाकरोच वाली टिप्पणी पर सफाई दी। उन्होनें कहा कि मीडिया के एक वर्ग ने मेरी टिप्पणी को गलत तरीके से पेश किया। CJI ने कहा- मेरी टिप्पणी खास तौर पर उन लोगों के लिए थी, जो फर्जी और नकली डिग्रियों के सहारे वकालत जैसे पेशों में आ गए हैं। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
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Hindi News National Cji Justice Surya Kant Protest On Roads Navi Mumbai International Airport नई दिल्ली32 मिनट पहले कॉपी लिंक चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने मंगलवार को कहा कि देश में सभी लोगों को शांतिपूर्ण और कानूनी तरीके से विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है, लेकिन सड़क पर उतरकर आम लोगों के लिए परेशानी खड़ी नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के नाम पर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने या डर का माहौल बनाने की परमिशन नहीं दी जा सकती। CJI ने यह बात नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नामकरण को लेकर चल रहे विवाद से जुड़ी सुनवाई के दौरान कही। याचिका में दावा किया गया था कि एयरपोर्ट के नाम को लेकर प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर आपराधिक मामले दर्ज किए जा रहे हैं। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में हस्तक्षेप से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट बोला- सरकार जवाब न दे तो लोग मांग उठाते रहें CJI सूर्यकांत के साथ जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की बेंच ‘प्रकाशज्योत सामाजिक संस्था’ की याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें नवी मुंबई एयरपोर्ट का नाम लोकनेता डीबी पाटिल नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट रखने की मांग की गई थी। याचिका में केंद्र सरकार को तय समय के भीतर फैसला लेने का आदेश देने की अपील भी की गई थी। साथ ही याचिका में बॉम्बे हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें ऐसी ही मांग वाली याचिका खारिज कर दी गई थी। कोर्ट ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोगों को अपनी मांगें उठाने और उचित मंच पर अपनी बात रखने का अधिकार है। अगर सरकार तुरंत जवाब नहीं देती, तो लोगों को लगातार अपनी मांग उठाते रहना चाहिए। CJI ने कहा- लोकतांत्रिक व्यवस्था में आखिरकार सरकार और संबंधित अधिकारी समझते हैं कि किसी मुद्दे पर फैसला लेना जरूरी है। कोर्ट रूम लाइव- CJI- यह मामला नीतिगत क्षेत्र से जुड़ा है। “क्या यह अदालत का काम है कि एयरपोर्ट का नाम क्या होना चाहिए?” याचिकाकर्ता- सरकार एयरपोर्ट का नाम अपने अनुसार रख सकती है, लेकिन याचिकाकर्ता सिर्फ समयसीमा के भीतर फैसला चाहता है। CJI- हम आदेश क्यों पारित करें? कल वे कह सकते हैं कि हम नाम नहीं रखना चाहते। ऐसा आदेश मत मांगिए, जिससे हमें भी असहज स्थिति का सामना करना पड़े। लोकतांत्रिक व्यवस्था में आपके कुछ अधिकार होते हैं और आप अपने उपायों का इस्तेमाल कर सकते हैं। याचिकाकर्ता- अन्य माध्यम अपनाने के बावजूद केंद्र सरकार ने जवाब नहीं दिया। CJI- कभी-कभी मांगों को लगातार उठाते रहना पड़ता है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में आखिरकार अधिकारी यह समझेंगे कि इस पर कोई न कोई फैसला लेना होगा। ——————————————– ये खबर भी पढ़ें… CJI सूर्यकांत ने कॅाकरोच वाले बयान पर कहा- इसे गलत तरीके से पेश किया गया चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत ने शनिवार को अपनी पैरासाइट और कॅाकरोच वाली टिप्पणी पर सफाई दी। उन्होनें कहा कि मीडिया के एक वर्ग ने मेरी टिप्पणी को गलत तरीके से पेश किया। CJI ने कहा- मेरी टिप्पणी खास तौर पर उन लोगों के लिए थी, जो फर्जी और नकली डिग्रियों के सहारे वकालत जैसे पेशों में आ गए हैं। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Punjab Singer Murder | 4 Bodies Found in Car; Heatwave Warning; MLA Husband Nomination

. पंजाब में आज की सबसे बड़ी खबर लेडी पंजाबी सिंगर इंदर कौर की हत्या से जुड़ी रही। कनाडा से आए युवक ने उसे जबरन शादी के लिए किडनैप किया। इसके बाद उसकी लाश नहर में पड़ी मिली। दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों को VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें… इन 10 बड़ी खबरों को विस्तार से यहां पढ़ भी सकते हैं। तो आइए जानते हैं, पंजाब-चंडीगढ़ में दिनभर में क्या कुछ खास रहा… 1. पंजाबी सिंगर की हत्या, लाश नहर में मिली लुधियाना में पंजाबी सिंगर इंदर कौर उर्फ यशइंदर कौर (29) की हत्या कर दी गई। उनका शव नीलो नहर में मिला। इंदर को 6 दिन पहले गनपॉइंट पर किडनैप किया गया, जिसके बाद से परिवार लगातार उनकी तलाश में जुटा हुआ था। इंदर के भाई ने कहा कि मोगा का रहने वाला व्यक्ति जबरदस्ती शादी करने का दबाव बना रहा था। जब इंदर ने मना कर दिया तो उसे किडनैप कर लिया। फिर हत्या करने के बाद वह कनाडा भाग गया। वह हत्या करने के लिए ही कनाडा से नेपाल के रास्ते पंजाब आया था, फिर इसी रास्ते वापस भाग गया। भाई ने बताया कि 5 साल पहले दोनों की इंस्टाग्राम पर दोस्ती हुई थी। लेकिन जैसे ही इंदर को पता चला कि आरोपी शादीशुदा है और उसके बच्चे हैं तो उसने शादी करने से मना कर दिया था। इंदर के माता-पिता और दो भाई कोरिया में रहते हैं। जबकि उसका एक भाई लुधियाना के जमालपुर में रहता है। इंदर कौर ने कई हिट गाने दिए थे। जिनमें नां चलदा, देसी सिरे दे, 88 दी बंदूक, लाणेदारनी और सोणा लगदा तू जैसे गई सॉन्ग शामिल हैं। (पढ़ें पूरी खबर) 2. भीषण लू की चेतावनी, धूप में न निकलने की सलाह, 25 मई तक अलर्ट भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पंजाब-चंडीगढ़ में आज सीवियर हीटवेव यानी भीषण लू का अलर्ट जारी किया। दोपहर 2 बजे जारी इस अलर्ट में कहा गया है कि इस दौरान लोग धूप में निकलने में सावधानी बरतें। भीषण गर्मी व लू से लोग हीट स्ट्रोक और गर्मी से जुड़ी बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं। बच्चों-बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को ज्यादा खतरा हो सकता है। लोगों को सलाह दी गई है कि ज्यादा गर्मी में बाहर निकलने से बचें और शरीर में पानी की कमी न होने दें। प्यास लगे तो खूब पानी पिएं। ORS, लस्सी, नींबू पानी और छाछ जैसी चीजें पीते रहें। बाहर निकलते वक्त हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें और सिर को कपड़े, टोपी या छाते से ढककर रखें। इसके अलावा 25 मई तक दोनों जगहों पर लू चलने की बहुत अधिक संभावना है। विभाग के मुताबिक बीती रात चंडीगढ़ का टेंपरेचर नॉर्मल से 5.1 °C और पंजाब का टेंपरेचर 5.0°C तक ज्यादा रहा। अब दिन के बाद रातें भी बहुत तेजी से गर्म होती जा रही हैं। सोमवार को सबसे गर्म जिला बठिंडा रहा। (पढ़ें पूरी खबर) 3. पेट्रोल-डीजल के रेट ₹1 तक बढ़े, पठानकोट में सबसे महंगा पेट्रोल पंजाब-चंडीगढ़ में 5 दिन के भीतर दूसरी बार पेट्रोल-डीजल के रेट बढ़ गए हैं। इस बार रेट 85 पैसे से लेकर 1 रुपए तक बढ़ाए गए हैं। इससे पहले 15 मई को ही पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 3-3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। 5 दिन में अब रेट में 4 रुपए तक की बढ़ोतरी हो गई है। वहीं CNG के रेट में भी 1.73 रुपए का इजाफा हुआ है। इससे पेट्रोल-डीजल की जगह गैस पर गाड़ी चलाने वालों पर बोझ बढ़ गया है। इसी बीच मंगलवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने पेट्रोल-डीजल बचाने का संदेश देने के लिए साइकिल चलाई। इस दौरान उनके सुरक्षाकर्मी भी साइकिल पर ही चलते दिखे। इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव है। ईरान और अमेरिका की जंग शुरू होने से पहले क्रूड ऑयल के दाम 70 डॉलर थे जो अब बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं। कंपनियों ने घाटे की भरपाई के लिए यह कदम उठाया है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में लंबे समय तक तेजी बनी रहती है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें और भी बढ़ाई जा सकती हैं। (पढ़ें पूरी खबर) 4. चंडीगढ़ के एडवोकेट पर फायरिंग, पीछे से 3 गोलियां चलाईं न्यू चंडीगढ़ में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट पर फायरिंग हुई है। यह हमला कुराली बाईपास पर हुआ। हालांकि इस हमले में हाईकोर्ट के पूर्व सेक्रेटरी गगनदीप जम्मू बाल-बाल बच गए। गगनदीप चंडीगढ़ के सीनियर जर्नलिस्ट रहे बलविंदर जम्मू के बेटे हैं। हमले के बाद उनकी कार पर लगी गोलियों के निशान की फोटो सामने आई हैं। इस हमले के बाद पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी। आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस के मुताबिक हमलावरों ने 3 फायर किए। मौके से ये खोल बरामद कर लिए गए हैं। वहीं हमले के बाद हाईकोर्ट की बार एसोसिएशन भड़क गई है। उन्होंने कहा कि यह पूरी कानूनी बिरादरी पर हमला है। पुलिस तुरंत आरोपियों को गिरफ्तार करे। एडवोकेट जम्मू के मुताबिक कुराली बाईपास पर ही एक अज्ञात बाइक सवार ने उनकी इनोवा क्रिस्टा गाड़ी के पिछले टायर और पिछली खिड़की के नीचे गोली चला दी। गोली की आवाज सुनकर मुझे खतरे का पता चला और मैंने कच्ची सड़क पर गाड़ी रोक दी। इससे मेरी कार उल्टी साइड में खरड़ की तरफ मुड़ गई। फिर मैंने कार गलत साइड में चला दी। मुझे नहीं पता कि वह अनजान आदमी कहां भाग गया। (पढ़ें पूरी खबर) 5. बिजली की तारें अंडरग्राउंड होंगी, CM ने प्रोजेक्ट की शुरूआत की CM भगवंत मान ने संगरूर स्थित अपने पैतृक गांव सतोज से पंजाब में बिजली की तारों को अंडरग्राउंड करने के पायलट प्रोजेक्ट की शुरूआत की। सीएम ने कहा कि पहले कभी किसी राज्य ने ऐसे प्रोजेक्ट के बारे में कभी नहीं सोचा। जिन्होंने समस्याएं झेलीं, वही ऐसा कर सकते हैं। मान ने भरोसा दिलाया कि महिलाओं को 1000 और 1500 रुपए की राशि भी जल्दी दी जाएगी। इस दौरान उन्होंने PM नरेंद्र मोदी को लेकर कहा कि वह लोगों को कहते हैं कि हवाई सफर न करो। लेकिन खुद विदेश यात्रा पर
पेप्सिको 2030 तक भारत में ₹5,700 करोड़ निवेश करेगी:मध्य प्रदेश, असम और तमिलनाडु में नए प्लांट लगेंगे; फूड-स्नैक्स बिजनेस को बढ़ाने पर फोकस

फूड और बेवरेजेस सेक्टर की दिग्गज ग्लोबल कंपनी पेप्सिको साल 2030 तक भारत में ₹5,700 करोड़ का निवेश करेगी। कंपनी इस राशि का इस्तेमाल मुख्य रूप से अपने फूड्स बिजनेस की मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी को बढ़ाने के लिए करेगी। यह जानकारी पेप्सिको इंडिया और साउथ एशिया के सीईओ (CEO) जागृत कोटेचा ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत के दौरान दी। पेप्सिको के लिए भारत दुनिया के टॉप 13 मार्केट्स में शामिल है, जिसके चलते कंपनी यहां लगातार अपने कदम बढ़ा रही है। मध्य प्रदेश, असम और तमिलनाडु में प्लांट लगेंगे सीईओ जागृत कोटेचा ने बताया कि साल 2025 से 2030 के बीच निवेश की जाने वाली यह ₹5,700 करोड़ की रकम मुख्य रूप से देश के तीन राज्यों मध्य प्रदेश, असम और तमिलनाडु में लगाई जाएगी। इस फंड का एक बड़ा हिस्सा मध्य प्रदेश में बन रहे कंसंट्रेट्स प्लांट और असम व तमिलनाडु में स्थापित होने वाले स्नैक्स प्लांट्स पर खर्च किया जा रहा है। अगले कुछ महीनों में शुरू हो जाएंगे दो बड़े प्लांट कंपनी के विस्तार की योजनाएं बहुत तेजी से जमीन पर उतर रही हैं। सीईओ कोटेचा के मुताबिक, इनमें से कुछ प्रोजेक्ट्स अगले कुछ महीनों में ही लाइव (शुरू) होने जा रहे हैं। मध्य प्रदेश का कंसंट्रेट्स प्लांट और पूर्वोत्तर के राज्य असम का प्लांट अगले कुछ महीनों में पूरी तरह से कामकाज शुरू कर देगा। इसके अलावा, कंपनी ने दक्षिण भारत में भी स्नैक्स बिजनेस का एक बड़ा फुटप्रिंट तैयार करने की तैयारी कर ली है। साउथ इंडिया में स्नैक्स का बड़ा मार्केट बनाएगी पेप्सिको ने दक्षिण भारत के बाजार में अपनी मजबूत पकड़ बनाने के लिए तमिलनाडु में कदम आगे बढ़ाए हैं। कोटेचा ने बताया कि कंपनी ने हाल ही में तमिलनाडु में जमीन की खरीदारी पूरी की है। इस जमीन पर एक बड़ा स्नैक्स प्लांट लगाया जाएगा, जो कंपनी को दक्षिण भारत के बाजार में अपना दायरा बड़े स्तर पर फैलाने में मदद करेगा। भारत को क्यों चुना: बढ़ती इनकम और राजनीतिक स्थिरता भारत में निवेश के कारणों को स्पष्ट करते हुए जागृत कोटेचा ने कहा कि पेप्सिको भारत को असीम संभावनाओं वाले एक मजबूत बाजार के रूप में देखती है, क्योंकि यहां अभी भी ग्रोथ के बड़े अवसर मौजूद हैं। उन्होंने इसके लिए देश में लोगों की लगातार बढ़ रही इनकम (आय) और भारत की राजनीतिक व आर्थिक स्थिरता को सबसे बड़ी वजह बताया। एक स्थिर देश होने के कारण यहां विदेशी निवेश का रास्ता बहुत आसान हो जाता है। कंपनी को लगातार दूसरे साल मिली डबल डिजिट ग्रोथ साल 2025 में कंपनी के प्रदर्शन पर बात करते हुए सीईओ ने कहा कि लगातार दूसरे साल पेप्सिको ने भारतीय बाजार में मजबूत डबल डिजिट (दहाई अंक) ग्रोथ हासिल की है। दिसंबर 2025 को समाप्त हुए 12 महीनों के आंकड़ों के अनुसार, पेप्सिको इंडिया ने ₹9,789 करोड़ के कुल रेवेन्यू के साथ ₹905 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। फूड सेगमेंट 11% बढ़ा, लेकिन बेवरेजेस में चुनौतियों पेप्सिको इंडिया और साउथ एशिया की सीएफओ (CFO) सविता बालचंद्रन ने वित्तीय नतीजों पर अधिक जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि साल 2025 के दौरान कंपनी के बिजनेस में फूड सेगमेंट का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा और इसने करीब 11% की बेहद मजबूत ग्रोथ दर्ज की है। हालांकि, दूसरी तरफ बेवरेजेस सेगमेंट को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ा। सीएफओ बालचंद्रन ने कहा कि खराब मौसम के कारण पेय पदार्थों के बाजार में कुछ सुस्ती का असर देखा गया। इसके साथ ही इस दौरान बाजार में कॉम्पिटिशन भी काफी ज्यादा बढ़ गया है। इसके बावजूद उन्होंने कहा कि कंपनी के दोनों ही सेग्मेंट्स ने कुल मिलाकर काफी मजबूत और बेहतर प्रदर्शन किया। बैलेंस शीट मजबूत, लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट पर फोकस कंपनी ने साल 2025 के इसी मजबूत मोमेंटम के साथ नए साल 2026 में प्रवेश किया है। सीएफओ सविता बालचंद्रन के अनुसार, वर्तमान में कंपनी की बैलेंस शीट काफी मजबूत और हेल्दी नजर आ रही है। पेप्सिको के बुक्स पर इस समय ₹1,600 करोड़ से ज्यादा का भारी कैश मौजूद है। भविष्य की योजनाओं को लेकर उन्होंने कहा कि कंपनी फाइनेंशियल डिसिप्लिन को पूरी तरह से बनाए रखेगी, ताकि ग्रोथ की क्वालिटी और इसकी रफ्तार पर कोई असर न पड़े। कंपनी का पूरा ध्यान अब लॉन्ग-टर्म के भविष्य को ध्यान में रखते हुए लगातार इन्वेस्टमेंट करने पर फोकस रहेगा। क्या होता है कंसंट्रेट्स प्लांट? कोल्ड ड्रिंक्स या अन्य बेवरेजेस बनाने के लिए सबसे पहले एक खास मुख्य लिक्विड फॉर्मूला तैयार किया जाता है, जिसे ‘कंसंट्रेट’ कहते हैं। कंसंट्रेट प्लांट में इसी मुख्य फॉर्मूले को पूरी शुद्धता और सीक्रेट रेसिपी के साथ बनाया जाता है। बाद में इसे देश के अलग-अलग बॉटलिंग प्लांट्स में भेजा जाता है, जहां इसमें पानी, चीनी और गैस (सोडा) मिलाकर फाइनल ड्रिंक तैयार की जाती है। क्या होता है बैलेंस शीट में कैश ऑन बुक्स? इसका सीधा मतलब होता है कि किसी कंपनी के पास वर्तमान में बैंक खातों या लिक्विड फंड्स के रूप में कितनी नकदी (कैश) तुरंत उपलब्ध है। जिस कंपनी के पास जितना ज्यादा कैश ऑन बुक्स होता है, उसकी वित्तीय स्थिति उतनी ही मजबूत मानी जाती है क्योंकि वह बिना किसी कर्ज के नए प्रोजेक्ट्स में तुरंत पैसा लगा सकती है। ये खबर भी पढ़ें… वोडाफोन-आइडिया का शेयर 6% चढ़ा: SBI से ₹35,000 करोड़ के कर्ज की खबर से तेजी आई, 3-साल में ₹45,000 करोड़ का निवेश करेगी वोडाफोन आइडिया (Vi) के शेयर 19 मई (मंगलवार) को कारोबार के दौरान 6% तक बढ़ गए। मार्केट क्लोजिंग पर कंपनी का शेयर 4.59% की तेजी के साथ 13.45 रुपए के स्तर पर बंद हुआ। कंपनी के CEO अभिजीत किशोर ने बताया कि वे 35,000 करोड़ रुपए के कर्ज के लिए SBI के नेतृत्व वाले बैंक कंसोर्टियम (समूह) के साथ बातचीत कर रहे हैं। इस वजह से ही कंपनी के शेयर में यह तेजी आई है। पूरी खबर पढ़ें…
भाजपा मोदी सरकार के ’12 साल, 12 उपलब्धियों’ के रिपोर्ट कार्ड के साथ मेगा राष्ट्रीय आउटरीच अभियान शुरू करेगी | भारत समाचार

आखरी अपडेट:19 मई, 2026, 17:39 IST प्रशासन के शासन रिकॉर्ड को सीधे नागरिकों तक ले जाने के लिए डिज़ाइन किया गया, महीने भर चलने वाला आउटरीच अभियान 9 जून से 9 जुलाई तक आयोजित किया जाएगा। भाजपा नेतृत्व इस मील के पत्थर को केवल एक उत्सव के अवसर के रूप में नहीं बल्कि संरचनात्मक सार्वजनिक संवाद और सार्वजनिक जुड़ाव बनाने के अवसर के रूप में देखता है। प्रतीकात्मक छवि जैसे ही नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार अपने कार्यकाल के 12 साल पूरे करने जा रही है, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अपनी उपलब्धियों का एक अभूतपूर्व राष्ट्रव्यापी प्रचार अभियान शुरू करने की तैयारी कर रही है। प्रशासन के शासन रिकॉर्ड को सीधे नागरिकों तक ले जाने के लिए डिज़ाइन किया गया एक महीने का आउटरीच अभियान 9 जून से 9 जुलाई तक आयोजित किया जाएगा, जो “12 साल, शीर्ष 12 उपलब्धियों” पर केंद्रित होगा। इस व्यापक सार्वजनिक पहुंच अभ्यास की तैयारी में, रणनीति को सुव्यवस्थित करने और सरकार और पार्टी संगठन के बीच निर्बाध कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय मंत्रियों से विस्तृत प्रदर्शन रिपोर्ट का अनुरोध किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 मई को मंत्रिपरिषद की बैठक भी बुलाई है. भाजपा नेतृत्व इस मील के पत्थर को केवल एक उत्सव के अवसर के रूप में नहीं बल्कि संरचनात्मक सार्वजनिक संवाद और सार्वजनिक जुड़ाव बनाने के अवसर के रूप में देखता है। पूरे एक महीने तक, केंद्रीय मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं सहित पार्टी कैडरों की एक सेना मोदी सरकार के 12 वर्षों का रिपोर्ट कार्ड पेश करने के लिए मैदान में उतरेगी। भाजपा के शीर्ष सूत्रों के अनुसार, इस आउटरीच का मूल मोदी सरकार की उपलब्धि के 12 प्रमुख स्तंभों के आसपास बनाया जाएगा। 1. नक्सल मुक्त भारत: सुरक्षा और विकास मॉडल के माध्यम से निर्णायक नक्सली उन्मूलन। 2. ऑपरेशन सिन्दूर और आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस: सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट से लेकर नई सैन्य रणनीतियों और नए सिद्धांत विकसित करने तक। 3. जीएसटी से जीएसटी सुधार 2.0 तक: आर्थिक एकीकरण एवं कर संरचना का सरलीकरण। 4. वक्फ संशोधन एवं प्रमुख सुधारात्मक निर्णय: पारदर्शिता और जवाबदेही की ओर कदम. 5. विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था: वैश्विक संकटों के बीच आर्थिक लचीलापन। 6. आत्मनिर्भर भारत और रक्षा स्वदेशीकरण: पीएलआई योजनाएं, तेजस, ब्रह्मोस, आकाश और घरेलू विनिर्माण। 7. बुनियादी ढांचा क्रांति: भारतमाला, सागरमाला, राजमार्ग, बुलेट ट्रेन और आधुनिक हवाई अड्डे। 8. डिजिटल इंडिया: डिजिटल सेवाओं और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे का अभूतपूर्व विस्तार। 9. गरीबों के लिए कल्याण योजनाएं: आयुष्मान भारत, उज्ज्वला, पीएम आवास, किसान सम्मान निधि और जल जीवन मिशन। 10. राष्ट्रीय एकता: अनुच्छेद 370 को हटाकर जम्मू-कश्मीर का पूर्ण एकीकरण। 11. सांस्कृतिक पुनर्जागरण: अयोध्या राम मंदिर और राष्ट्रीय सांस्कृतिक अस्मिता को नई ताकत। 12. निर्णायक नेतृत्व की निरंतरता: स्वच्छ भारत, कोविड प्रबंधन, दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान और मजबूत प्रशासनिक निर्णय। 9 जून को शुरू होने वाले अभियान के साथ, भाजपा में कई लोगों का कहना है कि महीने भर चलने वाली यह पहल नियमित प्रदर्शन समीक्षा और प्रचार अभियान से कहीं आगे तक फैली हुई है। भारतीय राजनीति की वास्तुकला में, सरकार का रिपोर्ट कार्ड नियमित रूप से भविष्य की चुनावी लड़ाई के लिए मूलभूत कथा के रूप में कार्य करता है। इस व्यापक सार्वजनिक पहुंच को व्यापक रूप से अपनी राजनीतिक पूंजी को मजबूत करने और 2027 के महत्वपूर्ण चुनावी चक्र से पहले कथा को आकार देने के लिए भाजपा के रणनीतिक शुरुआती कदम के रूप में देखा जाता है, जिसमें 7 राज्यों में चुनाव होने हैं, जिससे यह तय करना मतदाताओं पर छोड़ दिया जाता है कि क्या यह पहल एक वास्तविक प्रशासनिक संवाद है या अगले प्रमुख राजनीतिक टकराव की शुरुआती स्क्रिप्ट है। ”हमारे सभी केंद्रीय मंत्री, राज्य मंत्री, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, सांसद, विधायक और पार्टी कार्यकर्ता मोदी सरकार की 12 साल की उपलब्धियों को उजागर करने के लिए विभिन्न प्रारूपों का उपयोग करते हुए एक राष्ट्रव्यापी आउटरीच अभियान में भाग लेंगे। इस अभियान में मंत्रियों द्वारा राष्ट्रव्यापी प्रेस कॉन्फ्रेंस, घर-घर पहुंच, सार्वजनिक चौपाल और सम्मेलन शामिल होंगे, जिसमें विकसित भारत संकल्प सभाओं के माध्यम से पहली बार और जेन जेड मतदाताओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। मंत्रालय के प्रदर्शन पुस्तिकाएं वितरित की जाएंगी। कार्यक्रमों की तैयारी में शामिल एक शीर्ष भाजपा नेता ने कहा, “इसके अलावा, अभियान देश भर के नागरिकों के लिए पार्टी के हालिया चुनावी उपलब्धियों को प्रमुखता से उजागर करेगा, जिसमें पश्चिम बंगाल में जीत और बिहार में भाजपा के पहले स्वतंत्र मुख्यमंत्री की स्थापना शामिल है।” यह मेगा-अभियान स्थायी चुनाव तैयारी की स्थिति में रहने के भाजपा के ट्रेडमार्क दृष्टिकोण को रेखांकित करता है। जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं से लेकर मुख्यमंत्रियों से लेकर केंद्रीय मंत्रियों तक सभी की भागीदारी को अनिवार्य करके, नेतृत्व एक मील के पत्थर की सालगिरह को एक गहन सार्वजनिक ऑडिट में बदल रहा है। स्थानीयकृत मंत्रालय प्रदर्शन पुस्तिकाओं का वितरण, उच्च-दृश्यता चौपालों के साथ मिलकर, यह सुनिश्चित करता है कि एक विकसित भारत की कथा सीधे पार्टी की फील्ड मशीनरी से जुड़ी रहे, जिससे संगठनात्मक रैंक और फाइल को अगले प्रमुख राजनीतिक चक्र से पहले गहराई से प्रेरित किया जा सके। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया भाजपा मोदी सरकार के ’12 साल, 12 उपलब्धियों’ के रिपोर्ट कार्ड के साथ मेगा राष्ट्रीय आउटरीच अभियान शुरू करेगी अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक 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भरवा चिचिंडा रेसिपी: घर में ऐसे खास चटपटी भरवां चिचिंडा की सब्जी, अंगलियां चाट-चाट खाएंगे; विधि नोट करें

सामग्री: 5 चिचिंडा, 2 बड़ा बेसन, 1 बड़ा चम्मच अदरक, 1 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर, 1/2 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर, 1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, 1/2 छोटा चम्मच अदरक पाउडर, 1 बड़ा चम्मच नमक, 2 छोटा चम्मच तेल, चुटकीभर हींग छवि: एआई बनाने की आसान विधि: सबसे पहले चिचिंडा को अच्छी तरह धो लें और छीन लें। अब उदाहरण 2-3 इंच के दबाव में काट लें और बीच में चीरा लगाकर अंदर का हिस्सा थोड़ा खाली कर दें। छवि: फ्रीपिक अब एक पैन में बेसन को अंधेरा होने तक भून लें। इसके बाद इन्फ़, धनिया पाउडर, हल्दी, लाल मिर्च, अमचूर और नमक का घटक अच्छा सौ तरह मिला लें। यह मसाला स्टफिंग के लिए तैयार होगा। छवि: फ्रीपिक अब इस सार को चिचिंडा के अंदर भर दें। इसके बाद मसाले में तेल गरम कर लीजिए और इसमें हींग डाल दीजिए. अब स्टफ किए गए चिचिंडा को धीरे-धीरे-धीरे-धीरे के टुकड़ों में पकाया जाता है और टुकड़ों में पकाया जाता है। छवि: एआई बीच-बीच में पलटते रहें ताकि हर तरफ से अच्छे से पक जाएं। करीब 15-20 मिनट में भरवां चिचिंडा नरभ और प्रभाव क्रिस्प हो जाएगा। गरमा-गरम भरवां चिचिंडा की सब्जी को रोटी, परांठे या दाल-चावल के साथ सर्व करें। छवि: एआई ऊपर से छोटी हरी धनिया का स्वाद और भी बढ़ेगा। इसमें चटपटी और पिज्जा शामिल है। इसके अलावा यह हल्की और आसानी से पचने वाली रेसिपी है। छवि: एआई समुद्रतट में शरीर को कपड़े की दुकान में आराम मिलता है। इसे कम तेल में भी स्वादिष्ट बनाया जा सकता है. बच्चों और बड़ों दोनों को पसंद है एक वाली यूनिक डिश। छवि: फ्रीपिक (टैग्सटूट्रांसलेट)भरवां चिचिंडा रेसिपी(टी)भरवा चिचिंडा रेसिपी(टी)स्नेक लौकी रेसिपी(टी)स्नेक लौकी(टी)भरवां चिचिंडा रेसिपी(टी)भारतीय रेसिपी
Vodafone Idea shares surged 6%, driven by news of a ₹35,000 crore loan from SBI

Hindi News Business Vodafone Idea Shares Surged 6%, Driven By News Of A ₹35,000 Crore Loan From SBI नई दिल्ली10 मिनट पहले कॉपी लिंक वोडाफोन आइडिया (Vi) के शेयर 19 मई (मंगलवार) को कारोबार के दौरान 6% तक बढ़ गए। मार्केट क्लोजिंग पर कंपनी का शेयर 4.59% की तेजी के साथ 13.45 रुपए के स्तर पर बंद हुआ। कंपनी के CEO अभिजीत किशोर ने बताया कि वे 35,000 करोड़ रुपए के कर्ज के लिए SBI के नेतृत्व वाले बैंक कंसोर्टियम (समूह) के साथ बातचीत कर रहे हैं। इस वजह से ही कंपनी के शेयर में यह तेजी आई है। सोमवार को कंपनी के चौथी तिमाही के नतीजों की कॉल के दौरान अभिजीत किशोर ने कहा था कि टेलीकॉम ऑपरेटर को लोन प्रोसेस को बहुत तेजी से पूरा करने की उम्मीद है। SBI के कंसोर्टियम में सरकारी, प्राइवेट और विदेशी बैंक शामिल CEO अभिजीत किशोर ने कहा कि अगले तीन सालों में हमारा कैपेक्स 45,000 करोड़ रुपए है। हम 25,000 करोड़ रुपए की फंडेड सुविधा और 10,000 करोड़ रुपए की नॉन-फंडेड सुविधा की उम्मीद कर रहे हैं। हम SBI के कर्ज कंसोर्टियम के साथ गहराई से जुड़े हुए हैं, जिसमें पीएसयू (सरकारी) बैंक, प्राइवेट बैंक और विदेशी बैंक शामिल हैं। हमें इसे बहुत तेजी से बंद करने का पूरा भरोसा है। हालांकि, वोडाफोन आइडिया के CEO ने फंड जुटाने की प्रक्रिया पूरी होने की कोई तय समयसीमा बताने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि कंपनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही इस पर कमेंट करेगी। कंपनी कर्ज और प्रमोटर फंड से अपनी वित्तीय देनदारियां चुकाएगी टॉप एग्जीक्यूटिव ने बताया कि टेलीकॉम कंपनी एजीआर (AGR) बकाया और वित्तीय तनाव से जुड़ी अनिश्चितता के बाद अपनी ब्रांड इमेज को फिर से बनाने के लिए अधिक आक्रामक तरीके से निवेश करने की योजना बना रही है। किशोर ने भरोसा जताया कि कंपनी अगले तीन साल में अपनी वित्तीय देनदारियों को पूरा कर लेगी। इसके लिए कंपनी बढ़े हुए EBITDA, कर्ज से मिलने वाले फंड, प्रमोटर इन्फ्यूजन और टैक्स रिफंड के कॉम्बिनेशन का इस्तेमाल करेगी। जियो और एयरटेल से मुकाबले के लिए 4G-5G नेटवर्क बढ़ेगा कंपनी के लिए यह फंड जुटाना बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि कंपनी अपने 4G और 5G नेटवर्क के विस्तार को तेज करना चाहती है। इससे ग्राहकों को कंपनी के साथ बनाए रखने और प्रतिद्वंदी कंपनियों रिलायंस जियो और भारती एयरटेल के साथ मुकाबला करने में मदद मिलेगी। किशोर ने कहा कि आगे चलकर कंपनी का पूंजीगत व्यय काफी तेजी से बढ़ेगा, क्योंकि वोडाफोन आइडिया अपनी 45,000 करोड़ रुपए की निवेश योजना को लागू कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछले क्वार्टर या पिछले साल हमने जो खर्च किया है, वह अगले तीन सालों में योजनाबद्ध 45,000 करोड़ रुपए के कुल योग की तरफ ही बढ़ेगा। कंपनी को चौथी तिमाही में ₹51,970 करोड़ का नेट प्रॉफिट वोडाफोन आइडिया ने शनिवार को चौथी तिमाही के नतीजे जारी किए थे। 31 मार्च को समाप्त तिमाही में कंपनी ने 51,970 करोड़ रुपए का कॉन्सोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जबकि एक्सपर्ट्स ने इस तिमाही में नुकसान की उम्मीद जताई थी। एक्सपर्ट्स के मुताबिक वोडाफोन आइडिया का मुनाफा बिजनेस से नहीं बल्कि एजीआर (एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू) के बकाये के दोबारा मूल्यांकन (एकाउंटिंग एडजस्टमेंट) से आया है। असल में कंपनी को इस तिमाही में 5,515 करोड़ का ऑपरेशनल नुकसान हुआ है। पूरे वित्त वर्ष 2026 के लिए यह नुकसान 24,059 करोड़ रुपए रहा है। इसके अलावा बोर्ड ने 4,730 करोड़ रुपए जुटाने के लिए 430 करोड़ के वारंट को मंजूरी दी है, जो फ्रेश डाइल्यूशन का संकेत है। क्या होता है फंडेड और नॉन-फंडेड फैसिलिटी? फंडेड फैसिलिटी (जैसे टर्म लोन या ओवरड्राफ्ट) में बैंक सीधे कंपनी को पैसा ट्रांसफर करता है, जिस पर ब्याज लगता है। नॉन-फंडेड फैसिलिटी (जैसे बैंक गारंटी या लेटर ऑफ क्रेडिट) में बैंक सीधे पैसा नहीं देता, बल्कि कंपनी की तरफ से तीसरी पार्टी को गारंटी देता है कि अगर कंपनी भुगतान नहीं कर पाई, तो बैंक करेगा। ये खबर भी पढ़ें… डॉलर के मुकाबले रुपया 96.53 पर आया, यह ऑलटाइम लो: दिसंबर-2025 में पहली बार 90 के स्तर के पार गया था; महंगाई बढ़ने का खतरा रुपया आज 19 मई को डॉलर के मुकाबले 24 पैसे गिरकर पहली बार 96.53 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया है। इससे पहले सोमवार को रुपया 96.29 के स्तर पर बंद हुआ था। पिछले कुछ दिनों से रुपए में लगातार गिरावट जारी है। साल 2026 की शुरुआत से ही रुपया दबाव में है। पिछले साल दिसंबर 2025 में पहली बार रुपया 90 के स्तर के पार गया था। इससे महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ गया है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Vodafone Idea shares surged 6%, driven by news of a ₹35,000 crore loan from SBI

Hindi News Business Vodafone Idea Shares Surged 6%, Driven By News Of A ₹35,000 Crore Loan From SBI नई दिल्ली28 मिनट पहले कॉपी लिंक वोडाफोन आइडिया (Vi) के शेयर 19 मई (मंगलवार) को कारोबार के दौरान 6% तक बढ़ गए। मार्केट क्लोजिंग पर कंपनी का शेयर 4.59% की तेजी के साथ 13.45 रुपए के स्तर पर बंद हुआ। कंपनी के CEO अभिजीत किशोर ने बताया कि वे 35,000 करोड़ रुपए के कर्ज के लिए SBI के नेतृत्व वाले बैंक कंसोर्टियम (समूह) के साथ बातचीत कर रहे हैं। इस वजह से ही कंपनी के शेयर में यह तेजी आई है। सोमवार को कंपनी के चौथी तिमाही के नतीजों की कॉल के दौरान अभिजीत किशोर ने कहा था कि टेलीकॉम ऑपरेटर को लोन प्रोसेस को बहुत तेजी से पूरा करने की उम्मीद है। SBI के कंसोर्टियम में सरकारी, प्राइवेट और विदेशी बैंक शामिल CEO अभिजीत किशोर ने कहा कि अगले तीन सालों में हमारा कैपेक्स 45,000 करोड़ रुपए है। हम 25,000 करोड़ रुपए की फंडेड सुविधा और 10,000 करोड़ रुपए की नॉन-फंडेड सुविधा की उम्मीद कर रहे हैं। हम SBI के कर्ज कंसोर्टियम के साथ गहराई से जुड़े हुए हैं, जिसमें पीएसयू (सरकारी) बैंक, प्राइवेट बैंक और विदेशी बैंक शामिल हैं। हमें इसे बहुत तेजी से बंद करने का पूरा भरोसा है। हालांकि, वोडाफोन आइडिया के CEO ने फंड जुटाने की प्रक्रिया पूरी होने की कोई तय समयसीमा बताने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि कंपनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही इस पर कमेंट करेगी। कंपनी कर्ज और प्रमोटर फंड से अपनी वित्तीय देनदारियां चुकाएगी टॉप एग्जीक्यूटिव ने बताया कि टेलीकॉम कंपनी एजीआर (AGR) बकाया और वित्तीय तनाव से जुड़ी अनिश्चितता के बाद अपनी ब्रांड इमेज को फिर से बनाने के लिए अधिक आक्रामक तरीके से निवेश करने की योजना बना रही है। किशोर ने भरोसा जताया कि कंपनी अगले तीन साल में अपनी वित्तीय देनदारियों को पूरा कर लेगी। इसके लिए कंपनी बढ़े हुए EBITDA, कर्ज से मिलने वाले फंड, प्रमोटर इन्फ्यूजन और टैक्स रिफंड के कॉम्बिनेशन का इस्तेमाल करेगी। जियो और एयरटेल से मुकाबले के लिए 4G-5G नेटवर्क बढ़ेगा कंपनी के लिए यह फंड जुटाना बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि कंपनी अपने 4G और 5G नेटवर्क के विस्तार को तेज करना चाहती है। इससे ग्राहकों को कंपनी के साथ बनाए रखने और प्रतिद्वंदी कंपनियों रिलायंस जियो और भारती एयरटेल के साथ मुकाबला करने में मदद मिलेगी। किशोर ने कहा कि आगे चलकर कंपनी का पूंजीगत व्यय काफी तेजी से बढ़ेगा, क्योंकि वोडाफोन आइडिया अपनी 45,000 करोड़ रुपए की निवेश योजना को लागू कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछले क्वार्टर या पिछले साल हमने जो खर्च किया है, वह अगले तीन सालों में योजनाबद्ध 45,000 करोड़ रुपए के कुल योग की तरफ ही बढ़ेगा। कंपनी को चौथी तिमाही में ₹51,970 करोड़ का नेट प्रॉफिट वोडाफोन आइडिया ने शनिवार को चौथी तिमाही के नतीजे जारी किए थे। 31 मार्च को समाप्त तिमाही में कंपनी ने 51,970 करोड़ रुपए का कॉन्सोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जबकि एक्सपर्ट्स ने इस तिमाही में नुकसान की उम्मीद जताई थी। एक्सपर्ट्स के मुताबिक वोडाफोन आइडिया का मुनाफा बिजनेस से नहीं बल्कि एजीआर (एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू) के बकाये के दोबारा मूल्यांकन (एकाउंटिंग एडजस्टमेंट) से आया है। असल में कंपनी को इस तिमाही में 5,515 करोड़ का ऑपरेशनल नुकसान हुआ है। पूरे वित्त वर्ष 2026 के लिए यह नुकसान 24,059 करोड़ रुपए रहा है। इसके अलावा बोर्ड ने 4,730 करोड़ रुपए जुटाने के लिए 430 करोड़ के वारंट को मंजूरी दी है, जो फ्रेश डाइल्यूशन का संकेत है। क्या होता है फंडेड और नॉन-फंडेड फैसिलिटी? फंडेड फैसिलिटी (जैसे टर्म लोन या ओवरड्राफ्ट) में बैंक सीधे कंपनी को पैसा ट्रांसफर करता है, जिस पर ब्याज लगता है। नॉन-फंडेड फैसिलिटी (जैसे बैंक गारंटी या लेटर ऑफ क्रेडिट) में बैंक सीधे पैसा नहीं देता, बल्कि कंपनी की तरफ से तीसरी पार्टी को गारंटी देता है कि अगर कंपनी भुगतान नहीं कर पाई, तो बैंक करेगा। ये खबर भी पढ़ें… डॉलर के मुकाबले रुपया 96.53 पर आया, यह ऑलटाइम लो: दिसंबर-2025 में पहली बार 90 के स्तर के पार गया था; महंगाई बढ़ने का खतरा रुपया आज 19 मई को डॉलर के मुकाबले 24 पैसे गिरकर पहली बार 96.53 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया है। इससे पहले सोमवार को रुपया 96.29 के स्तर पर बंद हुआ था। पिछले कुछ दिनों से रुपए में लगातार गिरावट जारी है। साल 2026 की शुरुआत से ही रुपया दबाव में है। पिछले साल दिसंबर 2025 में पहली बार रुपया 90 के स्तर के पार गया था। इससे महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ गया है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
गंदे गैस बर्नर की सफाई: मुफ़्त में बनाएं इस गैस से चमकाने वाली गैस का बर्नर, दूर से चमकेगी रसोई; बचेंगे सर्विस डिलिवरी के पैसे

19 मई 2026 को 16:37 IST पर अपडेट किया गया गैस बर्नर क्लीनिंग टिप्स: रसोई में रोजाना इस्तेमाल होने वाला गैस बर्नर कुछ ही दिनों में काला और जैम लगता है। तेल, साबुत अनाज और कूड़ा-करकट की वजह से इसकी लौ भी खराब हो जाती है। ऐसे में लोग बर्नर साफ-सफाई के लिए पैसा खर्च करते हैं, लेकिन अब इसकी जरूरत नहीं है। मौजूद है सिर्फ एक आसान चीज से आप गैस बर्नर को नया जैसा घर पर चमका सकते हैं। यह तरीका बेहद सस्ता, आसान और प्रभावशाली है। अनुसरण करना : बर्नर साफ करने के लिए: 1 कटोरी गरम पानी और 1 बड़ा मसाला का रस छवि: एआई सबसे पहले गैस बर्नर को स्टोव से हटा लें। अब एक पोएट्री में गर्म पानी लें और मिश्रण का रस मिला। इसके बाद बर्नर को इस नाक में 20-25 मिनट तक डब्बेकर छोड़ दें। छवि: फ्रीपिक जब मोटा नर हो जाए, तब पुराना टूथब्रश या पॉटर की मदद से पतले हाथों से राँगें। कुछ ही मिनटों में जमा कालापन और लन्हाई साफ होना हॉस्टल। आख़िर में साफ़ पानी से धोकर ग़रीब शायरी से पुतले लें। छवि: एआई प्रयोगशाला में मौजूद प्राकृतिक एसिड जमी हुई धूल और गंदगी को आसानी से ऊपर उठाया जा सकता है। इससे बर्नर के छोटे-छोटे छेद भी साफ हो जाते हैं और गैस की लौ पहले जैसी तेज जलने लगती है। छवि: फ्रीपिक बर्नर नई चमक जैसी जगह। गैस की लौ तेज और बराबर होगी। रसोई साफ और चमकदार। सेवा समाप्ति के पैसे बचेंगे। बताएं कि यह कौन सी दवा है जो पूरी तरह से घरेलू और रसायन मुक्त है। छवि: फ्रीपिक अगर आप भी बिना ज्यादा मेहनत और खर्च के गैस बर्नर चमकाना चाहते हैं तो ये आसान घरेलू उपाय जरूर अपनाएं। छवि: एआई द्वारा प्रकाशित: समृद्धि ब्रेजा प्रकाशित 19 मई 2026 16:37 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट)गैस बर्नर सफाई टिप्स(टी)गैस बर्नर(टी)गैस बर्नर सफाई(टी)गंदा गैस बर्नर(टी)चिपचिपा गैस बर्नर(टी)रसोई सफाई टिप्स
Putin to visit India for BRICS Summit from September 12 to 13

नई दिल्ली3 मिनट पहले कॉपी लिंक रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 4 दिसंबर 2025 को भारत पहुंचे थे। पीएम मोदी ने उनका आधिकारिक आवास पर स्वागत किया था। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सितंबर में भारत दौरे पर आएंगे। रूसी सरकार ने मंगलवार को कहा कि पुतिन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स समिट में हिस्सा लेंगे। PM मोदी ने पुतिन को दिसंबर 2025 में उनके भारत दौरे के दौरान आधिकारिक तौर पर समिट में शामिल होने का न्योता दिया था। एक साल के भीतर पुतिन का यह दूसरा भारत दौरा होगा। इससे पहले पुतिन दिसंबर 2025 में भारत आए थे। उस दौरान उन्होंने पीएम मोदी के साथ 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया था। 2025 का दौरा इसलिए भी खास माना गया था क्योंकि यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यह पुतिन का पहला भारत दौरा था। इससे पहले वह आखिरी बार 2021 में नई दिल्ली आए थे। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 4 दिसंबर 2025 को भारत पहुंचे थे। उसी दौरान दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरने के बाद वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ पालम हवाई अड्डे से एक ही टोयोटा एसयूवी में पीएम आवास के लिए रवाना हुए थे। BRICS समिट की अध्यक्षता कर रहा है भारत इस साल भारत BRICS की अध्यक्षता कर रहा है। BRICS दुनिया की बड़ी उभरती अर्थव्यवस्थाओं का समूह है, जिसमें भारत, रूस, चीन, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका के अलावा अब मिस्र, ईरान, इथियोपिया, UAE और इंडोनेशिया जैसे नए सदस्य भी शामिल हो चुके हैं। भारत की अध्यक्षता के दौरान पूरे साल देश के अलग-अलग शहरों में कई बैठकें, मंत्रीस्तरीय सम्मेलन और कार्यकारी समूहों की चर्चाएं आयोजित की जा रही हैं। भारत ने अपनी अध्यक्षता का फोकस ‘ग्लोबल साउथ’ यानी विकासशील देशों की आवाज को मजबूत करने, बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था, आर्थिक सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, आतंकवाद विरोधी सहयोग और सप्लाई चेन को मजबूत करने पर रखा है। भारत यह दिखाने की कोशिश कर रहा है कि BRICS सिर्फ राजनीतिक मंच नहीं, बल्कि व्यापार, निवेश, तकनीक और विकास से जुड़ा बड़ा आर्थिक समूह भी बन सकता है। इस महीने की शुरुआत में रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव भी भारत आए थे। उन्होंने ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लिया। इस बैठक में पश्चिम एशिया के तनाव, वैश्विक सुरक्षा, बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार, आतंकवाद और आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। भारत ने बैठक के दौरान यह भी कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और ऐसे समय में ग्लोबल साउथ देशों के बीच सहयोग और ज्यादा जरूरी हो गया है। भारत की अध्यक्षता इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि इस समय दुनिया कई बड़े संकटों से गुजर रही है। अमेरिका-चीन प्रतिस्पर्धा, रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया में संघर्ष और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच ब्रिक्स खुद को पश्चिमी देशों के प्रभाव के मुकाबले एक वैकल्पिक मंच के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…









