1 घंटे पहले
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बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव की मुश्किलें चेक बाउंस मामले में बढ़ गई हैं। दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को इस केस में उनकी सजा को बरकरार रखा है। कोर्ट ने अभिनेता के आचरण को संदिग्ध बताते हुए अधिकारियों को उन्हें दोबारा जेल भेजने का आदेश दिया।
यह पूरा मामला साल 2010 का है, जब राजपाल यादव ने अपनी एक फिल्म के लिए 5 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था। बकाया रकम वापस न करने और चेक बाउंस होने के बाद यह विवाद लंबे समय से अदालत में चल रहा था।

अप्रैल में पिछली सुनवाई के दौरान राजपाल ने कोर्ट के बाहर मीडिया से बात की।
हाई कोर्ट ने रवैये को बताया संदिग्ध दिल्ली हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए राजपाल यादव के आचरण पर गंभीर सवाल उठाए। कोर्ट ने उनके रवैये को संदिग्ध माना और राहत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि बार-बार आश्वासन देने के बाद भी अभिनेता ने बकाया रकम नहीं चुकाई। इसके बाद हाई कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को आदेश दिया कि राजपाल यादव को वापस जेल भेजा जाए। इस फैसले के बाद अभिनेता की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं।

फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए लिया था लोन इस पूरे विवाद की शुरुआत साल 2010 में हुई थी। राजपाल यादव ने बतौर डायरेक्टर अपनी पहली फिल्म ‘अता पता लापता’ बनाने का फैसला किया था। इस फिल्म के निर्माण के लिए उन्होंने मेसर्स मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो गई, जिसके बाद राजपाल यादव कर्ज की रकम समय पर नहीं लौटा पाए। रकम न चुकाने के कारण यह पूरा मामला कानूनी लड़ाई में बदल गया।

साल 2018 में मिली थी छह महीने की सजा अप्रैल 2018 में एक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने चेक बाउंस मामले में राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा को दोषी ठहराया था। अदालत ने राजपाल यादव को छह महीने जेल की सजा सुनाई थी। इसके बाद साल 2019 की शुरुआत में सेशंस कोर्ट ने भी इस फैसले को सही ठहराया था। सेशंस कोर्ट के फैसले के खिलाफ अभिनेता ने राहत के लिए दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

12 दिनों तक तिहाड़ जेल में रहने के बाद 17 फरवरी को रिहा हुए राजपाल।
चेक बाउंस मामले में जेल जा चुके राजपाल जून 2024 में हाई कोर्ट ने राजपाल यादव की सजा पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी थी। कोर्ट ने उन्हें करीब 9 करोड़ रुपए का बकाया चुकाने के लिए गंभीर कदम उठाने को कहा था। हालांकि, वे तय रकम चुकाने में नाकाम रहे। इस साल 2 फरवरी को कोर्ट ने उन्हें सरेंडर करने का आदेश दिया था।
मामले में राजपाल यादव ने 5 फरवरी को दिल्ली की तिहाड़ जेल में सरेंडर किया था। इसके बाद वे 17 फरवरी तक 12 दिनों तक तिहाड़ जेल में रहे। कोर्ट ने अब सख्त टिप्पणी करते हुए कहा था कि अभिनेता रकम लौटाने के अपने वादे को पूरा करने में बार-बार असफल रहे हैं।















































