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Singapore Court Finds Byju Raveendran Guilty of Hiding Assets, Fines Him SGD 1 Million

Singapore Court Finds Byju Raveendran Guilty of Hiding Assets, Fines Him SGD 1 Million

Hindi News Business Singapore Court Finds Byju Raveendran Guilty Of Hiding Assets, Fines Him SGD 1 Million नई दिल्ली12 मिनट पहले कॉपी लिंक बायजू रवींद्रन पहले ही विदेशी निवेशकों के साथ कानूनी विवाद का सामना कर रहे हैं। देश के पहले एडटेक स्टार्टअप को यूनिकॉर्न बनाने वाले बायजूस फाउंडर बायजू रवींद्रन को सिंगापुर की अदालत ने 6 महीने जेल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उन्हें अपनी संपत्तियों (एसेट्स) से जुड़े पेपर को छिपाने और उनसे जुड़े आदेशों की अवमानना का दोषी पाया है। सिंगापुर कोर्ट के मामले से जुड़े लोगों के अनुसार, बायजू रवींद्रन ने अप्रैल 2024 से अपनी संपत्तियों से जुड़े अदालत की ओर से दिए गए कई आदेशों का पालन नहीं किया। बार-बार आदेशों की अनदेखी करने पर कोर्ट ने उन्हें दोषी करार देते हुए जेल भेजने का फैसला सुनाया। कोर्ट ने रवींद्रन को अब अधिकारियों के सामने सरेंडर करने का निर्देश दिया है। 67 लाख रुपए का जुर्माना भी देना होगा सजा के साथ-साथ रवींद्रन पर 90,000 सिंगापुर डॉलर (करीब 67 लाख रुपए) का जुर्माना भी लगाया गया है। उन्हें यह राशि कानूनी खर्च (लीगल कॉस्ट) के तौर पर देनी होगी। इसके अलावा, रवींद्रन को ‘बीआर इन्वेस्टको पीटीई’ की कानूनी मिल्कियत साबित करने वाले दस्तावेज भी कोर्ट में जमा करने का आदेश दिया गया है। यह एक कॉरपोरेट एंटिटी है, जिसके पास संबंधित कंपनी के शेयर्स हैं। कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी ने किया था केस रवींद्रन के खिलाफ सिंगापुर की अदालत में यह मामला कतर के सॉवरेन वेल्थ फंड ‘कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी’ (QIA) की एक सहायक कंपनी ने दर्ज कराया था। QIA ने बायजू के उस फंडिंग राउंड में निवेश किया था, जब कंपनी भारी संकट से गुजर रही थी और अपने कर्मचारियों की छंटनी कर रही थी। इस मामले में कोर्ट में कतर होल्डिंग्स का पक्ष ‘ड्रू एंड नेपियर’ ने रखा। वहीं बायजू इन्वेस्टमेंट्स की ओर से ‘फर्वेंट चैंबर्स’ ने पैरवी की। फिलहाल रवींद्रन की ओर से इस सजा पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह भी अभी स्पष्ट नहीं है कि वे वर्तमान में सिंगापुर में मौजूद हैं या किसी अन्य देश में। अमेरिकी निवेशकों के साथ भी चल रही कानूनी लड़ाई जेल की सजा का यह फैसला रवींद्रन के लिए ऐसे समय में आया है जब वे दुनिया भर में विदेशी निवेशकों के मुकदमों का सामना कर रहे हैं। अमेरिका में भी लेंडर्स उनसे 1.2 बिलियन डॉलर (करीब ₹11,000 करोड़) के लोन की वसूली के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। यह लोन उस समय विवादों में आ गया था, जब कंपनी की आर्थिक स्थिति बिगड़ने लगी थी। रवींद्रन ने ‘थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड’ नाम से अपनी कंपनी की शुरुआत की थी, जिसे दुनियाभर में ‘बायजूस’ के नाम से जाना गया। एक समय में वे भारत के सबसे सफल स्टार्टअप फाउंडर्स में गिने जाते थे और इस कंपनी ने उन्हें अरबपति बना दिया था। वैश्विक कंपनियों से बड़े पैमाने पर निवेश हासिल करने वाली यह कंपनी कभी भारतीय स्टार्टअप जगत की सबसे बड़ी ‘सक्सेस स्टोरी’ मानी जाती थी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Singapore Court Finds Byju Raveendran Guilty of Hiding Assets, Fines Him SGD 1 Million

Singapore Court Finds Byju Raveendran Guilty of Hiding Assets, Fines Him SGD 1 Million

Hindi News Business Singapore Court Finds Byju Raveendran Guilty Of Hiding Assets, Fines Him SGD 1 Million नई दिल्ली29 मिनट पहले कॉपी लिंक बायजू रवींद्रन पहले ही विदेशी निवेशकों के साथ कानूनी विवाद का सामना कर रहे हैं। देश की पहली बड़ी एजुकेशन टेक कंपनी ‘बायजूस’ (Byju’s) के मालिक बायजू रविंद्रन को सिंगापुर की एक अदालत ने 6 महीने की जेल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने पाया कि रविंद्रन ने अपनी प्रॉपर्टी से जुड़े जरूरी कागजात छिपाए और अदालत के आदेशों को नहीं माना, जिसे ‘कोर्ट की अवमानना’ माना गया है। सिंगापुर कोर्ट के मुताबिक, रविंद्रन अप्रैल 2024 से लगातार अपनी संपत्तियों से जुड़ी जानकारी देने के आदेशों को नजरअंदाज कर रहे थे। जब उन्होंने बार-बार अदालत की बात नहीं मानी, तो कोर्ट ने उन्हें दोषी करार दिया और जेल भेजने का फैसला सुनाया। कोर्ट ने रविंद्रन को तुरंत अधिकारियों के सामने सरेंडर करने को कहा है। 67 लाख रुपए का जुर्माना भी देना होगा सजा के साथ-साथ रवींद्रन पर 90,000 सिंगापुर डॉलर (करीब 67 लाख रुपए) का जुर्माना भी लगाया गया है। उन्हें यह राशि कानूनी खर्च (लीगल कॉस्ट) के तौर पर देनी होगी। इसके अलावा, रवींद्रन को ‘बीआर इन्वेस्टको पीटीई’ की कानूनी मिल्कियत साबित करने वाले दस्तावेज भी कोर्ट में जमा करने का आदेश दिया गया है। यह एक कॉरपोरेट एंटिटी है, जिसके पास संबंधित कंपनी के शेयर्स हैं। कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी ने किया था केस रवींद्रन के खिलाफ सिंगापुर की अदालत में यह मामला कतर के सॉवरेन वेल्थ फंड ‘कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी’ (QIA) की एक सहायक कंपनी ने दर्ज कराया था। QIA ने बायजू के उस फंडिंग राउंड में निवेश किया था, जब कंपनी भारी संकट से गुजर रही थी और अपने कर्मचारियों की छंटनी कर रही थी। इस मामले में कोर्ट में कतर होल्डिंग्स का पक्ष ‘ड्रू एंड नेपियर’ ने रखा। वहीं बायजू इन्वेस्टमेंट्स की ओर से ‘फर्वेंट चैंबर्स’ ने पैरवी की। फिलहाल रवींद्रन की ओर से इस सजा पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह भी अभी स्पष्ट नहीं है कि वे वर्तमान में सिंगापुर में मौजूद हैं या किसी अन्य देश में। अमेरिकी निवेशकों के साथ भी चल रही कानूनी लड़ाई जेल की सजा का यह फैसला रवींद्रन के लिए ऐसे समय में आया है जब वे दुनिया भर में विदेशी निवेशकों के मुकदमों का सामना कर रहे हैं। अमेरिका में भी लेंडर्स उनसे 1.2 बिलियन डॉलर (करीब ₹11,000 करोड़) के लोन की वसूली के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। यह लोन उस समय विवादों में आ गया था, जब कंपनी की आर्थिक स्थिति बिगड़ने लगी थी। रवींद्रन ने ‘थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड’ नाम से अपनी कंपनी की शुरुआत की थी, जिसे दुनियाभर में ‘बायजूस’ के नाम से जाना गया। एक समय में वे भारत के सबसे सफल स्टार्टअप फाउंडर्स में गिने जाते थे और इस कंपनी ने उन्हें अरबपति बना दिया था। वैश्विक कंपनियों से बड़े पैमाने पर निवेश हासिल करने वाली यह कंपनी कभी भारतीय स्टार्टअप जगत की सबसे बड़ी ‘सक्सेस स्टोरी’ मानी जाती थी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Nifty Hits 23,930 | Metal Shares Rally; Sensex Up 50 Points

Nifty Hits 23,930 | Metal Shares Rally; Sensex Up 50 Points

मुंबई11 मिनट पहले कॉपी लिंक आज यानी बुधवार, 27 मई को सेंसेक्स 50 अंक (0.06%) की तेजी के साथ 76,050 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी 20 अंकों (0.09%) की तेजी है, ये 23,930 के स्तर पर पहुंच गया है। आज के कारोबार में मेटल शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी है। एशियाई बाजार में मिला जुला कारोबार इंडेक्स लेवल पॉइंट चेंज परसेंट चेंज कोस्पी (साउथ कोरिया) 8433 377 4.79% निक्केई (जापान) 65817 821 1.26% हैंगसेंग (हॉन्गकॉन्ग) 25412 -188 -0.78% अमेरिकी बाजार में कल मिला जुला कारोबार रहा इंडेक्स लेवल पॉइंट चेंज परसेंट चेंज डाउ जोन्स 50462 -118 -0.23% नैस्डैक 26656 312 1.19% S&P 500 7519 46 0.61% विदेशी निवेशकों ने कल ₹2408 करोड़ के शेयर बेचे कैटेगरी लेटेस्ट बीते 7 दिन बीते 30 दिन DII 1,362 13,714 69,545 FII/FPI -2,408 -7,918 -46,435 नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। सेंसेक्स कल 479 अंक गिरकर 76,009 पर बंद हुआ था दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

मुख्यमंत्री परिवर्तन की चर्चा के बीच सिद्धारमैया, डीके शिवकुमार 28 मई को एक और नाश्ता बैठक करेंगे | भारत समाचार

US President Donald Trump.  (AFP/File)

आखरी अपडेट:27 मई, 2026, 09:07 IST कर्नाटक का राजनीतिक परिदृश्य फिर से बदलने की ओर अग्रसर है, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया 28 मई को अपना इस्तीफा दे सकते हैं ताकि शिवकुमार के लिए शीर्ष पद संभालने का मार्ग प्रशस्त हो सके। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार (पीटीआई/फाइल) कर्नाटक में चल रहे राजनीतिक मंथन के बीच, उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार बेंगलुरु के कावेरी में अपने आधिकारिक आवास पर सीएम सिद्धारमैया द्वारा बुलाई गई नाश्ते की बैठक में शामिल होने वाले हैं। शिवकुमार के अतिरिक्त निजी सचिव, बीएस श्रीधर द्वारा जारी एक लिखित कार्यक्रम के अनुसार, डिप्टी सीएम सुबह 5:45 बजे दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से प्रस्थान करेंगे और 8:30 बजे बेंगलुरु पहुंचेंगे। कर्नाटक में सीएम बदलने की अटकलों के बीच, उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार कल सुबह 9 बजे कावेरी में सीएम आवास पर सीएम सिद्धारमैया द्वारा बुलाई गई नाश्ते की बैठक में शामिल होने वाले हैं। pic.twitter.com/Ybvk4iVi8Z– एएनआई (@ANI) 27 मई 2026 इसके बाद वह सुबह 9 बजे कावेरी में नाश्ते के लिए मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से मुलाकात करेंगे। सिद्धारमैया देंगे इस्तीफा? कर्नाटक का राजनीतिक परिदृश्य एक नाटकीय बदलाव की ओर बढ़ रहा है, जहां सीएम सिद्धारमैया अपने डिप्टी शिवकुमार के लिए शीर्ष पद संभालने का मार्ग प्रशस्त करने के लिए 28 मई को अपना इस्तीफा दे सकते हैं। मंगलवार को नई दिल्ली में एक अहम बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, वरिष्ठ नेता और सांसद राहुल गांधी, कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल, सिद्धारमैया और शिवकुमार शामिल हुए. कर्नाटक में कांग्रेस पार्टी के सत्ता में आने के लगभग तीन साल बाद राज्य में प्रत्याशित सत्ता परिवर्तन हुआ है। अपनी स्वच्छ छवि और राज्य भर में व्यापक समर्थक आधार के कारण, सिद्धारमैया को सीएम पद के लिए चुना गया था। दूसरी ओर, शिवकुमार को संगठन के पुनर्निर्माण और राज्य में पार्टी की वापसी को आकार देने का श्रेय दिया गया। कर्नाटक कांग्रेस के दो सबसे बड़े नेताओं के बीच एक अनकहे समझौते पर सहमति बनी – सिद्धारमैया पहले 2.5 वर्षों के लिए शासन करेंगे, उसके बाद शेष के लिए डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार होंगे। हालांकि समझौते को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई. कार्डों पर सिद्दा की एक बड़ी भूमिका सूत्रों ने बताया सीएनएन-न्यूज18 कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने यह सुनिश्चित करने के लिए ठोस प्रयास किया कि कर्नाटक की राजनीति से सिद्धारमैया की विदाई पार्टी के लिए सम्मानजनक और रणनीतिक रूप से उपयोगी हो। एक प्रमुख ओबीसी चेहरा होने के नाते, उन्हें 2029 के लोकसभा चुनावों में राष्ट्रीय स्तर पर समर्थन दिया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक, व्यापक रणनीतिक कदम के तहत सिद्धारमैया को बाद में राज्यसभा में भेजा जा सकता है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया मुख्यमंत्री परिवर्तन की चर्चा के बीच सिद्धारमैया, डीके शिवकुमार 28 मई को एक और नाश्ता बैठक करेंगे अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें

French Open: Sabalenka Wins, Medvedev Loses

French Open: Sabalenka Wins, Medvedev Loses

पेरिस13 मिनट पहले कॉपी लिंक वर्ल्ड नंबर-1 एरीना सबालेंका ने फ्रेंच ओपन में शानदार शुरुआत की है। टॉप सीड बेलारूसी खिलाड़ी ने मंगलवार को पहले राउंड में स्पेन की जेसिका बुजास मानेइरो (वर्ल्ड नंबर-50) को सीधे सेटों में 6-4, 6-2 से हराया। पेरिस के कोर्ट फिलिप चैटरियर पर खेला गया यह मैच 75 मिनट तक चला। सबालेंका ने ऑस्ट्रेलियन ओपन 2025 के बाद से विमेंस सिंगल्स में सबसे ज्यादा 30 ग्रैंड स्लैम मैच जीते हैं। उनसे ज्यादा मैच जीतने का रिकॉर्ड सिर्फ मेंस सिंगल्स कैटेगरी में यानिक सिनर (31) और कार्लोस अल्कारेज (31) के नाम है। जीत के बाद सबालेंका ने कहा- ‘मैंने अपने नेट गेम में सुधार किया है। अब इस अंदाज में खेलने का आनंद ले रही हूं।’ विमेंस सिंगल्स के एक अन्य मैच में जापान की नाओमी ओसाका ने जीत हासिल की। वहीं, पुरुष वर्ग में रूस के दानिल मेदवेदेव पहले दौर में हार गए। सबालेंका गर्मी से परेशान दिखीं।मैच खत्म होते ही उन्होंने गर्मी से राहत पाने के लिए चेहरे पर बर्फ लगाई। ओसाका एक घंटे 55 मिनट में जीतीं 4 बार की ग्रैंड स्लैम चैंपियन नाओमी ओसाका ने जर्मनी की लौरा सीजमंड को सीधे सेटों में 6-3, 7-6 से मात देकर अगले दौर में प्रवेश किया। अब उनका मुकाबला क्रोएशिया की डोना वेकिक से होगा, जिन्होंने फ्रांस की एलीस टुबेलो को 6-3, 6-2 से हराया है। ओसाका साल के पहले ग्रैंड स्लैम ऑस्ट्रेलिया ओपन के तीसरे राउंड से हट गई थी। तब उन्होंने चोट पर ध्यान देने की बात कही थी। वॉल्टन ने बड़ा उलटफेर, वाइल्ड कार्ड मिला था पुरुष एकल में ऑस्ट्रेलिया के एडम वॉल्टन ने दानिल मेदवेदेव को पांच सेट तक चले मुकाबले में 6-2, 1-6, 6-1, 1-6, 6-4 से हराया। वॉल्टन विश्व रैंकिंग में 97वें स्थान पर हैं और उन्हें टूर्नामेंट में वाइल्ड कार्ड मिला था। ऑस्ट्रेलिया के एडम वॉल्टन ने दानिल मेदवेदेव को 5 सेट तक चले मैच में हराया। सितसिपास दूसरे दौर में, 17 साल के कुआमे ने सिलिच को हराया यूनान के स्टेफानोस सितसिपास अगले दौर में पहुंच गए। उनके प्रतिद्वंद्वी एलेक्जेंडर मुलर चोट के कारण मैच बीच में छोड़ने को मजबूर हो गए। वहीं, फ्रांस के 17 साल के मोइज कुआमे ने अनुभवी मारिन सिलिच को हराकर ग्रैंड स्लैम करियर की शानदार शुरुआत की। ATP टूर के अनुसार वे 2008 या उसके बाद जन्मे पहले खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्होंने किसी ग्रैंड स्लैम मुकाबले में जीत दर्ज की है। ————————————- फ्रेंच ओपन से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… वावरिंका ने इमोशनल होकर फ्रेंच ओपन को अलविदा कहा स्विट्जरलैंड के दिग्गज टेनिस खिलाड़ी स्टेन वावरिंका ने सोमवार को पहले दौर में हार के साथ फ्रेंच ओपन को भावुक विदाई दी। 41 साल के वावरिंका पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि वे इस सत्र के अंत में संन्यास ले लेंगे। उन्हें नीदरलैंड के जेस्पर डी जोंग ने 6-3, 3-6, 6-3, 6-4 से हराया। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

French Open: Sabalenka Wins, Medvedev Loses

French Open: Sabalenka Wins, Medvedev Loses

पेरिस31 मिनट पहले कॉपी लिंक वर्ल्ड नंबर-1 एरीना सबालेंका ने फ्रेंच ओपन में शानदार शुरुआत की है। टॉप सीड बेलारूसी खिलाड़ी ने मंगलवार को पहले राउंड में स्पेन की जेसिका बुजास मानेइरो (वर्ल्ड नंबर-50) को सीधे सेटों में 6-4, 6-2 से हराया। पेरिस के कोर्ट फिलिप चैटरियर पर खेला गया यह मैच 75 मिनट तक चला। सबालेंका ने ऑस्ट्रेलियन ओपन 2025 के बाद से विमेंस सिंगल्स में सबसे ज्यादा 30 ग्रैंड स्लैम मैच जीते हैं। उनसे ज्यादा मैच जीतने का रिकॉर्ड सिर्फ मेंस सिंगल्स कैटेगरी में यानिक सिनर (31) और कार्लोस अल्कारेज (31) के नाम है। जीत के बाद सबालेंका ने कहा- ‘मैंने अपने नेट गेम में सुधार किया है। अब इस अंदाज में खेलने का आनंद ले रही हूं।’ विमेंस सिंगल्स के एक अन्य मैच में जापान की नाओमी ओसाका ने जीत हासिल की। वहीं, पुरुष वर्ग में रूस के दानिल मेदवेदेव पहले दौर में हार गए। सबालेंका गर्मी से परेशान दिखीं।मैच खत्म होते ही उन्होंने गर्मी से राहत पाने के लिए चेहरे पर बर्फ लगाई। ओसाका एक घंटे 55 मिनट में जीतीं 4 बार की ग्रैंड स्लैम चैंपियन नाओमी ओसाका ने जर्मनी की लौरा सीजमंड को सीधे सेटों में 6-3, 7-6 से मात देकर अगले दौर में प्रवेश किया। अब उनका मुकाबला क्रोएशिया की डोना वेकिक से होगा, जिन्होंने फ्रांस की एलीस टुबेलो को 6-3, 6-2 से हराया है। ओसाका साल के पहले ग्रैंड स्लैम ऑस्ट्रेलिया ओपन के तीसरे राउंड से हट गई थी। तब उन्होंने चोट पर ध्यान देने की बात कही थी। वॉल्टन ने बड़ा उलटफेर, वाइल्ड कार्ड मिला था पुरुष एकल में ऑस्ट्रेलिया के एडम वॉल्टन ने दानिल मेदवेदेव को पांच सेट तक चले मुकाबले में 6-2, 1-6, 6-1, 1-6, 6-4 से हराया। वॉल्टन विश्व रैंकिंग में 97वें स्थान पर हैं और उन्हें टूर्नामेंट में वाइल्ड कार्ड मिला था। ऑस्ट्रेलिया के एडम वॉल्टन ने दानिल मेदवेदेव को 5 सेट तक चले मैच में हराया। सितसिपास दूसरे दौर में, 17 साल के कुआमे ने सिलिच को हराया यूनान के स्टेफानोस सितसिपास अगले दौर में पहुंच गए। उनके प्रतिद्वंद्वी एलेक्जेंडर मुलर चोट के कारण मैच बीच में छोड़ने को मजबूर हो गए। वहीं, फ्रांस के 17 साल के मोइज कुआमे ने अनुभवी मारिन सिलिच को हराकर ग्रैंड स्लैम करियर की शानदार शुरुआत की। ATP टूर के अनुसार वे 2008 या उसके बाद जन्मे पहले खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्होंने किसी ग्रैंड स्लैम मुकाबले में जीत दर्ज की है। ————————————- फ्रेंच ओपन से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… वावरिंका ने इमोशनल होकर फ्रेंच ओपन को अलविदा कहा स्विट्जरलैंड के दिग्गज टेनिस खिलाड़ी स्टेन वावरिंका ने सोमवार को पहले दौर में हार के साथ फ्रेंच ओपन को भावुक विदाई दी। 41 साल के वावरिंका पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि वे इस सत्र के अंत में संन्यास ले लेंगे। उन्हें नीदरलैंड के जेस्पर डी जोंग ने 6-3, 3-6, 6-3, 6-4 से हराया। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

World News Updates; Trump Pakistan China

World News Updates; Trump Pakistan China

5 मिनट पहले कॉपी लिंक ट्रम्प सरकार की पूर्व वकील (पूर्व अटॉर्नी जनरल) पैम बॉन्डी चुपचाप थायरॉयड कैंसर से जूझ रही हैं। अमेरिकी मीडिया एक्सियोस के मुताबिक, जस्टिस डिपार्टमेंट छोड़ने के बाद उनका इलाज हुआ और अब वह रिकवरी कर रही हैं। राष्ट्रपति ट्रम्प ने अप्रैल में पैम को उनके पद से हटा दिया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह फैसला जेफ्री एपस्टीन केस से जुड़ी फाइलों को संभालने के तरीके को लेकर लिया गया था। हालांकि, कैंसर की खबरों पर पैम बॉन्डी ने खुद अब तक कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है। व्हाइट हाउस के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर की पत्नी केटी मिलर ने सोशल मीडिया पर लिखा कि पैम बॉन्डी पिछले कुछ हफ्तों से कैंसर से मजबूती से लड़ रही हैं। इसी बीच रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि ट्रम्प ने पैम बॉन्डी को व्हाइट हाउस की AI एडवाइजरी कमेटी में शामिल किया है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… भारत ने जम्मू-कश्मीर पर चीन-पाकिस्तान का बयान खारिज किया:कहा- दूसरे देश को टिप्पणी का हक नहीं भारत ने चीन और पाकिस्तान के संयुक्त बयान में जम्मू-कश्मीर के जिक्र को पूरी तरह खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं। भारत ने चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) परियोजनाओं पर भी कड़ी आपत्ति जताई। यह बयान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की चीन यात्रा के बाद जारी संयुक्त बयान के जवाब में आया है। इसमें कहा गया था कि पाकिस्तान ने चीन को जम्मू-कश्मीर के हालात की जानकारी दी। इसके बाद चीन ने कहा कि जम्मू-कश्मीर मुद्दा इतिहास से जुड़ा विवाद है और इसका समाधान संयुक्त राष्ट्र चार्टर, UNSC प्रस्तावों और द्विपक्षीय समझौतों के तहत शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

World News Updates; Trump Pakistan China

World News Updates; Trump Pakistan China

39 मिनट पहले कॉपी लिंक ट्रम्प सरकार की पूर्व वकील (पूर्व अटॉर्नी जनरल) पैम बॉन्डी चुपचाप थायरॉयड कैंसर से जूझ रही हैं। अमेरिकी मीडिया एक्सियोस के मुताबिक, जस्टिस डिपार्टमेंट छोड़ने के बाद उनका इलाज हुआ और अब वह रिकवरी कर रही हैं। राष्ट्रपति ट्रम्प ने अप्रैल में पैम को उनके पद से हटा दिया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह फैसला जेफ्री एपस्टीन केस से जुड़ी फाइलों को संभालने के तरीके को लेकर लिया गया था। हालांकि, कैंसर की खबरों पर पैम बॉन्डी ने खुद अब तक कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है। व्हाइट हाउस के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर की पत्नी केटी मिलर ने सोशल मीडिया पर लिखा कि पैम बॉन्डी पिछले कुछ हफ्तों से कैंसर से मजबूती से लड़ रही हैं। इसी बीच रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि ट्रम्प ने पैम बॉन्डी को व्हाइट हाउस की AI एडवाइजरी कमेटी में शामिल किया है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… भारत ने जम्मू-कश्मीर पर चीन-पाकिस्तान का बयान खारिज किया:कहा- दूसरे देश को टिप्पणी का हक नहीं भारत ने चीन और पाकिस्तान के संयुक्त बयान में जम्मू-कश्मीर के जिक्र को पूरी तरह खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं। भारत ने चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) परियोजनाओं पर भी कड़ी आपत्ति जताई। यह बयान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की चीन यात्रा के बाद जारी संयुक्त बयान के जवाब में आया है। इसमें कहा गया था कि पाकिस्तान ने चीन को जम्मू-कश्मीर के हालात की जानकारी दी। इसके बाद चीन ने कहा कि जम्मू-कश्मीर मुद्दा इतिहास से जुड़ा विवाद है और इसका समाधान संयुक्त राष्ट्र चार्टर, UNSC प्रस्तावों और द्विपक्षीय समझौतों के तहत शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

राहुल गांधी की दक्षिणी रणनीति: तीन कठिन कॉल कांग्रेस के अंदर नई मुखरता का संकेत देते हैं | भारत समाचार

Rajat Patidar’s brutal assault helps RCB post 254/5 against the Gujarat Titans

आखरी अपडेट:27 मई, 2026, 07:00 IST कर्नाटक में अपेक्षित नेतृत्व परिवर्तन – सिद्धारमैया से शिवकुमार तक – एक महीने के भीतर राहुल गांधी द्वारा व्यक्तिगत रूप से समर्थित तीसरा प्रमुख रणनीतिक हस्तक्षेप बन सकता है। कांग्रेस के अंदर, कुछ नेता निजी तौर पर इसे राहुल गांधी द्वारा ‘अपनी अंतरात्मा पर पहले से अधिक भरोसा करने’ के रूप में वर्णित करते हैं। फ़ाइल चित्र/पीटीआई वर्षों तक, कांग्रेस के भीतर और बाहर के आलोचकों ने सवाल उठाया कि क्या राहुल गांधी के पास कठोर राजनीतिक फैसले लेने की प्रवृत्ति और अधिकार है, जो पार्टी के अंदर निहित हितों को परेशान कर सकते हैं। लेकिन पिछले कुछ हफ्तों में, कांग्रेस नेता ने ठीक वैसा ही किया है। तमिलनाडु से लेकर केरल और अब कर्नाटक तक, राहुल गांधी को पार्टी हलकों में अधिक मुखर, व्यावहारिक और वरिष्ठ नेताओं से आगे निकलने के लिए कहीं अधिक इच्छुक के रूप में देखा जा रहा है, अगर उन्हें लगता है कि इससे कांग्रेस को राजनीतिक रूप से मदद मिलती है। कर्नाटक में अपेक्षित नेतृत्व परिवर्तन – उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के अंततः मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की जगह लेने की संभावना – एक महीने के भीतर राहुल गांधी द्वारा व्यक्तिगत रूप से समर्थित तीसरा प्रमुख रणनीतिक हस्तक्षेप बन सकता है। बड़ा संदेश स्पष्ट है: कांग्रेस नेतृत्व दक्षिण भारत पर अपनी पकड़ ढीली नहीं करना चाहता, जो वर्तमान में पार्टी का सबसे मजबूत राजनीतिक क्षेत्र है। कांग्रेस आज पांच दक्षिणी राज्यों में से चार में सीधे या गठबंधन के माध्यम से सत्ता में है, जिससे यह क्षेत्र भाजपा के खिलाफ पार्टी का प्रमुख राष्ट्रीय मुकाबला बन गया है। 2028 के कर्नाटक चुनाव और भविष्य की लोकसभा लड़ाई से पहले उस प्रभुत्व की रक्षा करना राहुल गांधी की राजनीतिक गणना का केंद्र बन गया है। पहला सिग्नल तमिलनाडु में आया. पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, विधानसभा चुनाव से पहले राहुल गांधी की राजनीतिक प्रवृत्ति पूरी तरह से द्रमुक के नेतृत्व वाले गठबंधन पर निर्भर रहने के बजाय अभिनेता-राजनेता विजय के साथ समझ तलाशने की थी। कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता शुरू में इस विचार से असहज थे, उनका तर्क था कि द्रमुक से दूरी बनाना जोखिम भरा हो सकता है। लेकिन कथित तौर पर राहुल का मानना ​​था कि विजय के प्रवेश ने तमिलनाडु के राजनीतिक गणित को बदल दिया है और कांग्रेस को देर से प्रतिक्रिया देने के बजाय जल्दी ही अनुकूलन करने की जरूरत है। चुनाव और विजय को बड़ा जनादेश मिलने के बाद आखिरकार राहुल की ओर से फैसला आया। दूसरा निर्णय केरल में सामने आया, जहां नेतृत्व अनुभवी नेता केसी वेणुगोपाल के मुकाबले पार्टी के भावी मुख्यमंत्री पद के चेहरे के रूप में वरिष्ठ कांग्रेस नेता वीडी सतीसन की ओर निर्णायक रूप से झुका। इस कदम की व्याख्या एक पीढ़ीगत और संगठनात्मक विकल्प के रूप में की जा रही है – एक ऐसा विकल्प जो दिल्ली-केंद्रित सत्ता समीकरणों पर आक्रामक राज्य-स्तरीय राजनीति और स्थानीय नेतृत्व को प्राथमिकता देता है। सतीसन के समर्थन में विधायकों की कम संख्या के बावजूद ऐसा हुआ, लेकिन राहुल गांधी की जीत हुई। अब आता है कर्नाटक. सिद्धारमैया से डीके शिवकुमार के आसन्न परिवर्तन को कांग्रेस के अंदर राजनीतिक संतुलन अधिनियम और दीर्घकालिक चुनावी गणना दोनों के रूप में देखा जाता है। जबकि सिद्धारमैया मजबूत एहिंदा समर्थन के साथ एक जन नेता बने हुए हैं, नेतृत्व सरकार के कार्यकाल के मध्य से अधिक सत्ता विरोधी जोखिमों के प्रति भी सचेत है। पार्टी के रणनीतिकारों का मानना ​​है कि 2028 के विधानसभा चुनावों से पहले नेतृत्व को ताज़ा करने से सरकार के खिलाफ थकान को कम करने और कैडर को सक्रिय करने में मदद मिल सकती है। डीके शिवकुमार को अपनी संगठनात्मक पकड़ और धन जुटाने की क्षमता के साथ, भाजपा के सबसे महत्वपूर्ण दक्षिणी युद्धक्षेत्र कर्नाटक को बनाए रखने के कांग्रेस के प्रयासों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। यह 2023 में डीके शिवकुमार को राहुल गांधी के उस शब्द के बारे में भी है – कि वह ढाई साल बाद सीएम बनेंगे। छह महीने देर से ही सही, इसका सम्मान किया जाना था। कुल मिलाकर, ये तीन कदम राहुल गांधी की राजनीतिक शैली में उल्लेखनीय बदलाव को दर्शाते हैं। केवल गुटों को संतुलित करने के बजाय, वह अब जीतने की क्षमता और दीर्घकालिक रणनीति के आधार पर राज्य नेतृत्व संरचनाओं को फिर से आकार देने के इच्छुक दिख रहे हैं। कांग्रेस के अंदर, कुछ नेता निजी तौर पर इसका वर्णन करते हैं कि राहुल गांधी “अपनी अंतरात्मा पर पहले से अधिक भरोसा कर रहे हैं”। और एक कठिन राष्ट्रीय परिदृश्य के बीच अपने दक्षिणी किले को संभालने की कोशिश कर रही पार्टी के लिए, यह प्रवृत्ति कांग्रेस के अगले राजनीतिक चरण को परिभाषित कर सकती है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया राहुल गांधी की दक्षिणी रणनीति: तीन कठिन कॉल कांग्रेस के अंदर नई मुखरता का संकेत देते हैं अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)कांग्रेस(टी)राहुल गांधी(टी)कर्नाटक(टी)सिद्धारमैया(टी)डीके शिवकुमार(टी)तमिलनाडु(टी)विजय(टी)केरल(टी)वीडी सतीसन

रिपोर्ट- ईरान फिर जंग की तैयारी में जुटा:कहा- अमेरिका पर भरोसा नहीं; होर्मुज स्ट्रेट को सबसे बड़ा हथियार बताया

रिपोर्ट- ईरान फिर जंग की तैयारी में जुटा:कहा- अमेरिका पर भरोसा नहीं; होर्मुज स्ट्रेट को सबसे बड़ा हथियार बताया

ईरान अमेरिका के साथ संभावित नए युद्ध के लिए तैयारी कर रहा है। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक तेहरान को वॉशिंगटन पर बिल्कुल भरोसा नहीं है और वह होर्मुज स्ट्रेट को अपना सबसे बड़ा रणनीतिक हथियार मान रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक ईरानी अधिकारी तीन मोर्चों पर काम कर रहे हैं- सैन्य तैयारी, घरेलू समर्थन और कूटनीति। हालांकि बातचीत का रास्ता खुला रखा गया है, लेकिन सेना और ईरान रेवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) हाई अलर्ट पर हैं। ईरान मानता है कि होर्मुज स्ट्रेट उसकी सबसे बड़ी रणनीतिक ताकत है। दुनिया के बड़े हिस्से का तेल इसी समुद्री रास्ते से गुजरता है। इसी वजह से तेहरान इसे अमेरिका और उसके सहयोगियों पर दबाव बनाने के बड़े हथियार के तौर पर देख रहा है। ईरानी नेतृत्व ने कहा है कि नए संघर्ष की स्थिति में अमेरिका के सैन्य ठिकाने, ऊर्जा ढांचा और उससे जुड़े हित निशाने पर हो सकते हैं। कुछ दिन पहले IRGC ने भी चेतावनी दी थी कि किसी नए अमेरिकी हमले का जवाब पहले से ज्यादा हिंसक होगा और उसका असर मिडिल-ईस्ट से बाहर तक महसूस किया जाएगा। पिछले 24 घंटे के 4 बड़े अपडेट्स… ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…