Sunday, 26 Jul 2026 | 08:20 PM

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वित्त-मंत्री बोलीं- IT विभाग आम लोगों को परेशान न करे:अपनी ताकत से डराएं नहीं; जनता की भलाई के लिए काम करें वित्त-मंत्री बोलीं- IT विभाग आम लोगों को परेशान न करे:अपनी ताकत से डराएं नहीं; आम जनता की भलाई के लिए काम करें लौकी-सोयाबीन का चीला रेसिपी: मिनटों में लौकी और सोयाबीन का चीला, हाई इंट्रोडक्शन से करें दिन की शुरुआत, नोट करें विधि 'बेटी पढ़ाने से पहले दादा-दादी और नाना-नानी को पढ़ाना पड़ेगा':एक्ट्रेस नीना गुप्ता बोलीं- लड़कियों की जिंदगी नहीं बदली, 98% घरों में आज भी घूंघट PAK की लेडी अफसर पंजाबी गानों की शौकीन:सोशल मीडिया पर एक्टिव; सिद्धू मूसेवाला, आर-नैत, रंजीत बावा के गानों पर रील्स बनाईं HDFC Bank Top Loser | Market Cap Drops, HUL Gainers List & Update
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IT companies are finding new opportunities through scattered information.

IT companies are finding new opportunities through scattered information.

Hindi News Business IT Companies Are Finding New Opportunities Through Scattered Information. मुंबई15 मिनट पहले कॉपी लिंक आईटी कंपनी कॉग्निजेंट ने एक अनोखा एआई सिस्टम तैयार किया है। यह कर्मचारियों के ईमेल, मीटिंग और चैट्स के विश्लेषण से कमाई के नए रास्ते खोज रहा है। कंपनी ने ‘कॉन्टेक्स्ट इंजीनियरिंग’ तकनीक के जरिए अब तक करीब 1,900 करोड़ की नई सेल्स पाइपलाइन तैयार की है। सीईओ रवि कुमार का कहना है कि कंपनी 2026 के आखिर तक यह आंकड़ा 9,500 करोड़ तक पहुंचाएगी। यह एआई सिस्टम सेल्स, डिलीवरी और सपोर्ट विभागों में कर्मचारियों द्वारा ग्राहकों (क्लाइंट्स) के साथ की गई बातचीत के संकेतों को पकड़ता है। यह उन कारोबारी मौकों को पहचान लेता है जो पारंपरिक तरीकों से नजर नहीं आते हैं। जाहिर है, अब कर्मचारियों के लिए यह जानना जरूरी है कि उनके हर ईमेल और चैट पर अब कंपनी की नजर है। एआई की मदद से इस डेटा का इस्तेमाल नए ग्राहक खोजने और मुनाफा बढ़ाने में हो सकता है। यह टेक्नोलॉजी वर्कफोर्स में बिखरी जानकारियों को जोड़कर नए बिजनेस में बदल रही है। इस प्रोजेक्ट को सफल बनाने के लिए कॉग्निजेंट ने रोहन मूर्ति के स्टार्टअप ‘वर्कफैब्रिक’ के साथ साझेदारी की है। रोहन आईटी कंपनी इन्फोसिस के फाउंडर नारायण मूर्ति के बेटे हैं। कॉग्निजेंट में अब किसी कर्मचारी को नया काम बायोडाटा के बजाय उसके अनुभव के आधार पर मिलेगा। आईटी सेक्टर में अब केवल उत्पादकता बढ़ाना काफी नहीं है, बल्कि आय के अवसर तलाशे जा रहे हैं। मेटा जैसी कंपनियां भी कर्मचारियों के माउस क्लिक और कीस्ट्रोक्स को ट्रैक करके एआई एजेंट्स को प्रशिक्षित कर रही हैं। कॉग्निजेंट ने अपनी नई तकनीक का इस्तेमाल कर्मचारियों को नए प्रोजेक्ट्स पर तैनात करने के लिए भी शुरू कर दिया है। टेंडर से पहले ही मिल रहा नया बिजनेस, ग्राहकों के बजट पर भी एआई के जरिये नजर – नया एआई सिस्टम वैश्विक स्तर पर प्रोजेक्ट्स में आने वाले जोखिमों को पहले ही भांप लेता है। यह नुकसान होने या समस्या बढ़ने से पहले ही विशेषज्ञों और जरूरी बातचीत के सुझाव देता है। इससे क्लाइंट्स द्वारा बाजार में टेंडर निकालने से पहले ही कॉग्निजेंट को सीधे नया बिजनेस मिल रहा है। – एआई सिस्टम हर क्लाइंट अकाउंट वर्चुअल मॉडल बनाता है जो सेल्स, फाइनेंस जैसे विभागों के संकेतों को जोड़ता है। एक मौके पर सिस्टम ने पकड़ा कि एक क्लाइंट इंजीनियरिंग खर्च 15% घटाने के दबाव में था। एआई ने सेल्स टीम को क्वालिटी एश्योरेंस सुधारने का प्रस्ताव भेजने की सलाह दे दी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

शॉपिंग के बदलते ट्रेंड्स: कीमत, सुविधा और 'वैल्यू फॉर मनी':चाय कम, कॉफी, चॉकलेट ज्यादा पसंद; भारतीयों की थाली और बास्केट, दोनों बदल रहे

शॉपिंग के बदलते ट्रेंड्स: कीमत, सुविधा और 'वैल्यू फॉर मनी':चाय कम, कॉफी, चॉकलेट ज्यादा पसंद; भारतीयों की थाली और बास्केट, दोनों बदल रहे

भारतीय उपभोक्ताओं की पसंद बदल रही है। एक ओर लोग चॉकलेट, कॉफी और इंस्टेंट फूड पर ज्यादा खर्च कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कीमत बढ़ने के चलते सिगरेट की खपत घटा रहे हैं। ग्रामीण बाजारों में कम दाम के दम पर कैंपा तेजी से जगह बना रही है, जबकि प्रीमियम बाजारों में कोक और पेप्सी की पकड़ बनी हुई है। सिस्टमेटिक्स रिसर्च की ‘चैनल चेक’ रिपोर्ट बताती है कि इस साल कीमत, सुविधा और ‘वैल्यू फॉर मनी’ खरीदारी के सबसे बड़े आधार बनते जा रहे हैं। 7 इंडिकेटर – उत्तर भारत में चॉकलेट की बिक्री पश्चिम और पूर्वी राज्यों के मुकाबले 4 गुना अधिक तेजी से बढ़ रही 1. 10 रुपए के बाजार में कैंपा की पकड़ मजबूत – ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में 10 रुपए वाले कोल्ड ड्रिंक सेगमेंट पर कैंपा का दबदबा बढ़ता जा रहा है। इस ब्रांड की मांग सालाना 40-50% बढ़ रही है। इसकी बाजार हिस्सेदारी 6-7% तक पहुंच चुकी है। 2. प्रीमियम मार्केट में कोक-पेप्सी की डिमांड – कोका-कोला और पेप्सी की कार्बोनेटेड ड्रिंक्स की मांग सालाना 10-20% की दर से बढ़ रही है। प्रीमियम मार्केट में वितरकों को इस साल कैंपा का बड़ा असर महसूस नहीं हो रहा है। 3. मैगी की डिमांड तेज, बिक्री 20% तक बढ़ी – देश में नूडल ब्रांड मैगी की डिमांड बढ़ रही है। उत्तर भारत में इसकी बिक्री 15-20% बढ़ रही है। पारंपरिक मसाला फ्लेवर के साथ अन्य वैरिएंट बिक्री बढ़ाने में मददगार साबित हो रहे हैं। 4. चॉकलेट पर खर्च बढ़ने के साफ संकेत – उत्तर भारत में चॉकलेट की बिक्री इस साल 35-40% तक बढ़ रही है। पश्चिम और पूर्वी क्षेत्रों में भी चॉकलेट की मांग दोहरे अंकों (10% से ज्यादा) में बढ़ रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, कई बाजार में चाय से ज्यादा चॉकलेट बिक रहे हैं। 5. चाय की जगह कॉफी बनी नई पसंद – उत्तरी और पूर्वी भारत में कॉफी की बिक्री सालाना 15-20% और पश्चिम भारत में 7-8% की दर से बढ़ रही है। यह उपभोक्ताओं के चाय से कॉफी की तरफ शिफ्ट होने का संकेत है। 6. सिगरेट की कीमतें बढ़ीं तो खपत घटने लगी – फरवरी-मार्च में कीमतें 25-35% बढ़ने के बाद से सिगरेट की मांग 5-6% घट गई है। लोग पैसे बचाने के लिए अब कम सिगरेट पीने लगे हैं। ऐसे में कंपनियां कीमत कम रखने के लिए कम लंबाई वाली सिगरेट ला रही हैं। 7. नकली सिगरेट का कारोबार 25% तक पहुंचा – रिपोर्ट के मुताबिक, देश में अवैध और नकली सिगरेट का बाजार 20-25% तक पहुंच चुका है। कीमतों में तेज बढ़ोतरी होने से इस बिजनेस को अतिरिक्त ग्रोथ मिल रही है।

जैकलीन के केस से जज ने खुद को अलग किया:सुकेश से जुड़े ₹200 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सुनवाई अब दूसरी बेंच करेगी

जैकलीन के केस से जज ने खुद को अलग किया:सुकेश से जुड़े ₹200 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सुनवाई अब दूसरी बेंच करेगी

सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा ने बॉलीवुड एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस की उस याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया, जिसमें उन्होंने 200 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोप तय करने के दिल्ली अदालत के आदेश को चुनौती दी है। जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस अतुल एस. चांदुरकर की बेंच ने सुनवाई की शुरुआत में जैकलीन के वकील और प्रवर्तन निदेशालय (ED) को बताया कि मामला किसी अन्य बेंच के सामने लिस्ट किया जाएगा। जस्टिस मिश्रा ने कहा कि एक संबंधित मामले में उनके बेटे सरकार की ओर से पेश हो चुके हैं। उन्होंने मामले को 25 जून को ऐसी बेंच के सामने लिस्ट करने का निर्देश दिया, जिसमें दोनों में से कोई एक सदस्य न हो। दिल्ली की एक अदालत ने 30 मई को जैकलीन फर्नांडिस, कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर और 15 अन्य लोगों के खिलाफ 200 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोप तय करने का आदेश दिया था। जैकलीन 3 जून को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में पेश हुई थीं। कोर्ट में सुनवाई के दौरान एक्ट्रेस ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह से गलत बताया था। क्या है 200 करोड़ का यह मामला यह पूरा मामला हाई-प्रोफाइल ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़ा है। सुकेश पर आरोप है कि उसने दिल्ली की रोहिणी जेल के अंदर से ही फोर्टिस हेल्थकेयर के पूर्व प्रमोटर शिविंदर सिंह की पत्नी अदिति सिंह से 200 करोड़ रुपए की जबरन वसूली की थी। जांच एजेंसी ED का दावा है कि सुकेश ने इसी वसूली की रकम का एक बड़ा हिस्सा जैकलीन फर्नांडिस और उनके परिवार पर खर्च किया था। सुकेश ने जैकलीन को लुभाने के लिए करोड़ों रुपए के गिफ्ट दिए थे। ED की सप्लीमेंट्री चार्जशीट में आरोपी हैं जैकलीन प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले की जांच के बाद दाखिल की गई अपनी सप्लीमेंट्री चार्जशीट में जैकलीन फर्नांडिस को भी आरोपी बनाया था। ED का कहना है कि जैकलीन को सुकेश के आपराधिक बैकग्राउंड और जबरन वसूली के पैसों के बारे में पहले से जानकारी थी, इसके बावजूद उन्होंने उससे महंगे तोहफे लेना जारी रखा। इन गिफ्ट्स में लग्जरी गाड़ियां, महंगे ब्रांडेड बैग, कपड़े, ज्वेलरी और कई कीमती पेट्स (पालतू जानवर) शामिल थे। लीगल टीम की दलील- जैकलीन खुद पीड़ित हैं दूसरी तरफ, जैकलीन फर्नांडिस की लीगल टीम लगातार कोर्ट में यह दलील दे रही है कि एक्ट्रेस इस मामले में पूरी तरह निर्दोष हैं। उनके वकीलों का कहना है कि जैकलीन खुद सुकेश चंद्रशेखर की साजिश का शिकार हुई हैं और उन्होंने सुकेश को एक बिजनेसमैन समझकर उससे दोस्ती की थी। जांच के दौरान सुकेश और जैकलीन की कई निजी तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं। फिलहाल इस मामले में कोर्ट यह तय कर रहा है कि आरोपों के आधार पर केस को आगे कैसे बढ़ाया जाए।

जैकलीन के केस से जज ने खुद को अलग किया:सुकेश से जुड़े ₹200 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सुनवाई अब दूसरी बेंच करेगी

जैकलीन के केस से जज ने खुद को अलग किया:सुकेश से जुड़े ₹200 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सुनवाई अब दूसरी बेंच करेगी

सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा ने बॉलीवुड एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस की उस याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया, जिसमें उन्होंने 200 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोप तय करने के दिल्ली अदालत के आदेश को चुनौती दी है। जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस अतुल एस. चांदुरकर की बेंच ने सुनवाई की शुरुआत में जैकलीन के वकील और प्रवर्तन निदेशालय (ED) को बताया कि मामला किसी अन्य बेंच के सामने लिस्ट किया जाएगा। जस्टिस मिश्रा ने कहा कि एक संबंधित मामले में उनके बेटे सरकार की ओर से पेश हो चुके हैं। उन्होंने मामले को 25 जून को ऐसी बेंच के सामने लिस्ट करने का निर्देश दिया, जिसमें दोनों में से कोई एक सदस्य न हो। दिल्ली की एक अदालत ने 30 मई को जैकलीन फर्नांडिस, कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर और 15 अन्य लोगों के खिलाफ 200 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोप तय करने का आदेश दिया था। जैकलीन 3 जून को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में पेश हुई थीं। कोर्ट में सुनवाई के दौरान एक्ट्रेस ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह से गलत बताया था। क्या है 200 करोड़ का यह मामला यह पूरा मामला हाई-प्रोफाइल ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़ा है। सुकेश पर आरोप है कि उसने दिल्ली की रोहिणी जेल के अंदर से ही फोर्टिस हेल्थकेयर के पूर्व प्रमोटर शिविंदर सिंह की पत्नी अदिति सिंह से 200 करोड़ रुपए की जबरन वसूली की थी। जांच एजेंसी ED का दावा है कि सुकेश ने इसी वसूली की रकम का एक बड़ा हिस्सा जैकलीन फर्नांडिस और उनके परिवार पर खर्च किया था। सुकेश ने जैकलीन को लुभाने के लिए करोड़ों रुपए के गिफ्ट दिए थे। ED की सप्लीमेंट्री चार्जशीट में आरोपी हैं जैकलीन प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले की जांच के बाद दाखिल की गई अपनी सप्लीमेंट्री चार्जशीट में जैकलीन फर्नांडिस को भी आरोपी बनाया था। ED का कहना है कि जैकलीन को सुकेश के आपराधिक बैकग्राउंड और जबरन वसूली के पैसों के बारे में पहले से जानकारी थी, इसके बावजूद उन्होंने उससे महंगे तोहफे लेना जारी रखा। इन गिफ्ट्स में लग्जरी गाड़ियां, महंगे ब्रांडेड बैग, कपड़े, ज्वेलरी और कई कीमती पेट्स (पालतू जानवर) शामिल थे। लीगल टीम की दलील- जैकलीन खुद पीड़ित हैं दूसरी तरफ, जैकलीन फर्नांडिस की लीगल टीम लगातार कोर्ट में यह दलील दे रही है कि एक्ट्रेस इस मामले में पूरी तरह निर्दोष हैं। उनके वकीलों का कहना है कि जैकलीन खुद सुकेश चंद्रशेखर की साजिश का शिकार हुई हैं और उन्होंने सुकेश को एक बिजनेसमैन समझकर उससे दोस्ती की थी। जांच के दौरान सुकेश और जैकलीन की कई निजी तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं। फिलहाल इस मामले में कोर्ट यह तय कर रहा है कि आरोपों के आधार पर केस को आगे कैसे बढ़ाया जाए।

बॉस ने नहीं दी सिक लीव, ऑफिस में ही मौत:2 बार मेडिकल भी दिखाया था; 29 साल की महिला ने वॉशरूम में दम तोड़ा

बॉस ने नहीं दी सिक लीव, ऑफिस में ही मौत:2 बार मेडिकल भी दिखाया था; 29 साल की महिला ने वॉशरूम में दम तोड़ा

साउथ अफ्रिकन महिला सीना धलधला की ऑफिस में मौत ने कॉर्पोरेट वर्क कल्चर को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है। रोजबैंक स्थित कार्ट ट्रैक कंपनी में सेंटर एजेंट के रूप में काम करने वाली सीना धलधला लंबे समय से बीमार थी और ऑफिस के वॉशरूम में उनकी मौत हो गई। हर बार रिजेक्ट हुई एप्लिकेशन परिवार के लोगों ने बताया कि उसने छुट्‌टी के लिए दो बार एप्लिकेशन दी लेकिन हर बार उसे रिजेक्ट कर दिया गया। यहां तक कि महिला को तुरंत अस्पताल ले जाने के बजाय उनके मैनेजर इस बात पर चर्चा कर रहे थे कि इलाच का खर्च कौन उठाएगा। कर्मचारियों ने कंपनी पर लगाया लापरवाही का आरोप सीना के साथ काम करने वाले कर्मचारियों ने कंपनी पर सीना की बीमारी को लेकर लापरवाही का आरोप लगाया है। सीना के साथ काम करने वाल एक व्यक्ति के अनुसार, मौत से एक दिन पहले सीना घुटनों के बल बैठकर रो रही थी। वह कह रही थी कि मैं बहुत बीमार हूं। उसके बाद भी मुझे शनिवार को भी आना है। वो भी तब जब मैंने बता दिया है कि मेरी तबियत बहुत खराब है। परिवार ने बुलाई प्राइवेट हॉस्पिटल से एंबुलेंस जिस दिन सीना की मौत हुई, उस दिन शाम को करीब साढ़े 6 बजे टीम लीडर ने उसे ऑफिस में बुलाया। जब वे वापिस आईं तो वे रो रही थीं। सीना की आंटी नोमुसा ने बताया कि उनकी भतीजी ने दो बार सिक लीव के लिए आवेदन किया था, जिसे ठुकरा दिया गया। वह फिजिकली और इमोशनली टूट चुकी थी। नोमुसा ने कहा कि मुझे खुद प्राइवेट हॉस्पिटल से एंबुलेंस बुलानी पड़ी। सीना के परिवार ने कंपनी पर लगाया आरोप सीना के परिवार का आरोप है कि मैनेजर ने एम्बुलेंस का इंतजार करने की बात कही, लेकिन उनके पास अस्पताल का कोई रेफरेंस नंबर भी नहीं था। वे सिर्फ ये कहते रहे कि नब्ज धीमी चल रही है लेकिन उन्होंने समय पर कोई कदम नहीं उठाया। सीना के रिक्वेस्ट करने पर कंपनी ने उससे यह कहा गया कि वह कंपनी की पॉलिसी का गलत इस्तेमाल कर रही है। लेबर एडवोकेट्स और सोशल मीडिया यूजर्स ने कहा कि सीना की मौत एक वर्कप्लेस पर काम का प्रेशर होने का जीता जागता उदाहरण है। ये वही प्रेशर है जो कर्मचारियों के बीमार होने पर भी दिया जाता है। सीना की मौत ने ऑफिस की मेडिकल लीव पॉलिसीज पर भी सवाल खड़े किए हैं। ये खबर भी पढ़ें इंजीनियर की नौकरी बोरिंग लगी तो नूडल्‍स का स्‍टॉल लगाया:मेटा की नौकरी छोड़ी, मदद करती गर्लफ्रेंड के साथ वीडियो वायरल फाइनेंशियल एडवाइजर और कंटेंट क्रिएटर लुइसा ते ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो इंटरव्यू शेयर किया। ये इंटरव्यू एल्विन का है जो मेटा कंपनी से नौकरी छोड़ कर नूडल्स बेचने का काम कर रहे थे। पूरी खबर यहां पढ़ें

होर्मुज में 90 दिन फंसे रहे रायपुर के रुद्रांश:जहाज के ऊपर से गुजरती थीं मिसाइलें-ड्रोन, सायरन बजते ही इंजन रूम में छिपते थे

होर्मुज में 90 दिन फंसे रहे रायपुर के रुद्रांश:जहाज के ऊपर से गुजरती थीं मिसाइलें-ड्रोन, सायरन बजते ही इंजन रूम में छिपते थे

जैसे ही हमले का सायरन बजता, जहाज के सभी 22 कर्मचारी भागकर नीचे इंजन रूम में छिप जाते थे। आसमान में मिसाइलें, ड्रोन और फाइटर जेट चक्कर काट रहे होते थे और अंदर सब अपनी जान बचाने के लिए भगवान से प्रार्थना करते थे। रायपुर के रहने वाले रुद्रांश चौबे इस कार्गो शिप में असिस्टेंट कैप्टन और चीफ ऑफिसर हैं। उन्होंने मौत के इसी खौफ के बीच ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ में 3 महीने बिताए, ईरान और अमेरिका के बीच चल रही जंग के दौरान उनका जहाज ठीक उसी इलाके में फंस गया जहां लड़ाई चल रही थी। कई बार मिसाइलें जहाज के बिल्कुल ऊपर से गुजरीं, एक ड्रोन का टूटा हुआ मलबा भी उनके जहाज पर आकर गिरा। 6 महीने का कॉन्ट्रैक्ट पूरा होने के बाद कंपनी ने एक स्पेशल बोट (नाव) भेजकर रुद्रांश और उनके साथियों को वहां से सुरक्षित बाहर निकाला। पढ़िए पूरा इंटरव्यू:- सवाल: उस समय वहां की स्थिति कैसी थी और आप कैसे फंस गए? जवाब: हम अपना कार्गो डिस्चार्ज करने के लिए होर्मुज स्ट्रेट में गए थे। इसके बाद हमें अगला कार्गो लेना था, तभी पता चला कि ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ गया है और होर्मुज में आवाजाही बंद कर दी गई है। इसके बाद करीब 3 महीने तक हम उसी क्षेत्र में रहे। इस दौरान हमने कार्गो लोड और डिस्चार्ज भी किया और भारत लाने के लिए एक और कार्गो लोड किया। लंबे समय तक जहाज एंकर पर खड़ा रहा और हम वहीं फंसे रहे। सवाल: समुद्र के बीच 24 घंटे रहना पड़ता था, उस दौरान स्थिति कैसी थी? जवाब: समुद्र में रहने के दौरान हर समय सतर्क रहना पड़ता था। युद्ध शुरू होने के शुरुआती दिनों में ड्रोन, मिसाइल और लड़ाकू विमानों की गतिविधियां दिखाई देती थीं। रेडियो पर लगातार अलग-अलग तरह के अलर्ट और सूचनाएं मिल रही थीं। जीपीएस स्पूफिंग जैसी घटनाएं भी हो रही थीं। शुरुआत में स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण थी, क्योंकि हमें समझ नहीं आ रहा था कि आगे क्या करना है और कहां जाना है। बाद में डीजी शिपिंग, इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन और हमारी कंपनी की ओर से जारी सुरक्षा दिशा निर्देशों का पालन कर हमने स्थिति का सामना किया। सवाल: पहली ही नौकरी और घर से दूर सीधे युद्ध के मैदान में एंट्री, मौत के इस साए के बीच खुद को और घर वालों की चिंता को कैसे संभाला? जवाब: मेरी कोशिश रहती थी कि हर दिन घरवालों को अपनी स्थिति की जानकारी दूं। समाचारों में वे लगातार हमले और तनाव की खबरें देखते थे, इसलिए उन्हें यह बताना जरूरी था कि मैं सुरक्षित हूं। सैटेलाइट कम्युनिकेशन के जरिए हम संपर्क में रहते थे। हालांकि कई बार जीपीएस स्पूफिंग और तकनीकी समस्याओं के कारण चार-पांच दिन तक बात नहीं हो पाती थी, लेकिन हम किसी तरह एक छोटा मैसेज भेजकर अपने सुरक्षित होने की जानकारी दे देते थे। सवाल: क्या कभी ऐसा हुआ कि ड्रोन या मिसाइल का खतरा आपके जहाज के बेहद करीब पहुंच गया हो? जवाब: जी हां, एक बार जब हमारा जहाज बहरीन के आसपास था, तब हमारे जहाज के ऊपर एक ड्रोन विस्फोट हुआ था। उसके कुछ अवशेष जहाज पर आकर गिरे थे। इस घटना के बाद सभी लोगों को महसूस हुआ कि स्थिति वास्तव में गंभीर है। इसके अलावा मिसाइलें, ड्रोन और लड़ाकू विमान लगातार हमारे ऊपर से गुजरते दिखाई देते थे। शुरुआत में इससे काफी डर लगा, लेकिन बाद में हमने सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन किया और खुद को संभाला। सवाल: उस समय सबसे ज्यादा डर किस बात का लगता था? जवाब: डर यही था कि कहीं कोई मिसाइल या ड्रोन गलती से हमारे जहाज को निशाना न बना ले। रात में जब अलर्ट आते थे या ऊपर से लड़ाकू विमान गुजरते थे, तब मन में कई तरह के विचार आते थे। ऐसे समय में हम ईश्वर को याद करते थे और सुरक्षित रहने की प्रार्थना करते थे। सवाल: समुद्र में उतरते वक्त बड़े-बड़े सपने रहे होंगे और वहां जाकर मिसाइलें देखनी पड़ीं, पहली नौकरी का यह अनुभव कैसा रहा? जवाब: कॉलेज और एनसीसी के दौरान हमने कई आपात परिस्थितियों के बारे में पढ़ा और प्रशिक्षण लिया था कि संकट के समय कैसे काम करना चाहिए। लेकिन यह पहली बार था जब हमने ऐसी स्थिति को करीब से देखा। शुरुआत में काफी घबराहट थी और समझ नहीं आ रहा था कि क्या करें। बाद में सुरक्षा नियमों का पालन किया, आपात स्थिति में वहां से सुरक्षित निकलने की तैयारियां समझीं और एक-दूसरे की हिम्मत बढ़ाकर हालातों का सामना किया। सवाल: उस समय जहाज पर कितने लोग थे और आप लोग एक-दूसरे का मनोबल कैसे बढ़ाते थे? जवाब: हमारे जहाज पर कुल 22 क्रू मेंबर थे। उनमें सबसे कम अनुभव मेरा ही था, क्योंकि यह मेरी पहली समुद्री यात्रा और पहली नौकरी थी। हमने एक सरल तरीका अपनाया था कि युद्ध और तनाव के बारे में ज्यादा सोचने के बजाय अपने काम पर ध्यान केंद्रित करें। हमारा मानना था कि अगर हम अपना काम ठीक से करते रहेंगे तो डर हम पर हावी नहीं होगा। हमने स्थिति को एक समस्या की तरह देखा और उसके समाधान पर ध्यान दिया। इसी सोच के कारण हम युद्ध की परिस्थितियों को अपने ऊपर हावी नहीं होने दे पाए। सवाल: क्या जहाज पर खाने-पीने या दूसरी जरूरतों की कोई समस्या हुई? जवाब: नहीं, जहाज में पर्याप्त राशन और जरूरी सामान मौजूद था। असली चुनौती मानसिक दबाव था। हर दिन अनिश्चितता के बीच गुजर रहा था और किसी को नहीं पता था कि हालात कब सामान्य होंगे। सवाल: फिर आप वहां से बाहर कैसे निकले? जवाब: मेरा 6 महीने का कॉन्ट्रैक्ट पूरा हो चुका था। इसी दौरान कंपनी ने हमारे लिए खास व्यवस्था की। एक सर्विस बोट के जरिए हमें बंदरगाह तक पहुंचाया गया। मैं और मेरे साथ नौ अन्य क्रू मेंबर जहाज से उतरे। इसके बाद हम दुबई पहुंचे और वहां से हवाई मार्ग से अपने-अपने घरों के लिए रवाना हुए। सवाल: अब होर्मुज फिर से बंद हो गया है, जब आप वहां फंसे थे तो आपका कैसा एक्सपीरियंस रहा था? जवाब: वह ऐसा एक्सपीरियंस था जिसे मैं कभी नहीं भूल सकता। उस संकट के समय हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता पूरी टीम को

Oman oil tanker attack Himachal crew member Aditya Sharma death Hamirpur

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आदित्य शर्मा, जिसकी होर्मुज में अमेरिकी हमले में मौत हो गई। फाइल फोटो हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर के रहने वाले वाले आदित्य शर्मा (23) की अमेरिकी हमले में मौत हो गई। वह तेल टैंकर ‘MT सेत्तेबेल्लो’ पर डेक कैडेट के पद पर तैनात थे। केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनेवाल ने इसकी पुष्टि की है। . विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, जहाज पर सवार 24 भारतीय क्रू सदस्यों में से 21 को सुरक्षित बचा लिया गया है। वहीं, ओमान स्थित भारतीय दूतावास लापता लोगों की तलाश के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है। आदित्य शर्मा के पिता राजेश कुमार ने X (ट्विटर) पर पोस्ट कर लिखा- मैं उन तीन क्रू सदस्यों में से एक का पिता हूं जो लापता हैं। आदित्य शर्मा मेरा बेटा है। कृपया उसे खोजने और उसका पता लगाने में मदद करें। मेरे बेटे ने शिप पर सीनियर द्वारा शोषण की शिकायत की थी और वह अप्रैल में यह शिप छोड़ना चाहता है। हमारे पास सारी बातचीत का रिकॉर्ड मौजूद है। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आदित्य शर्मा के परिजनों से फोन पर बात की और उन्हें ढांढस बंधाया। सीएम ने कहा कि वह मुख्य सचिव को निर्देश देंगे कि आदित्य के शव को जल्दी घर लाने के लिए केंद्र सरकार से संपर्क करें। इस दौरान आदित्य के पिता ने बताया कि रविवार को उनकी बेटे से बात हुई थी। तब बेटे ने कहा कि वह अभी डेंजर जोन में है। आदित्य शर्मा अप्रैल में यह शिप छोड़ना चाहता था (फाइल फोटो) इकलौती संतान, ट्रेनिंग पीरियड पर था आदित्य आदित्य शर्मा हमीरपुर जिले की पंचायत हड़ेटा के गांव भालू के रहने वाले हैं। वह अपने माता-पिता की इकलौती संतान थे, उनके पिता पंजाब के जालंधर में व्यवसाय करते हैं। जालंधर से ही उन्होंने 12वीं तक की पढ़ाई। इसके बाद स्कॉटलैंड से नॉटिकल इंजीनियरिंग की। इसके बाद जालंधर से ही आदित्य ने मर्चेंट नेवी का कोर्स किया। फिर 24 नवंबर 2025 को मर्चेंट नेवी में उन्हें नौकरी मिली। उनका 15 महीने का ट्रेनिंग पीरियड चल रहा था। आदित्य के चाचा संजीव लखनपाल ने बताया कि वह छह महीने के कॉन्ट्रैक्ट पर जहाज में ड्यूटी के लिए गए थे और 24 मई को वापस लौटने वाले थे। हालांकि, कुछ समय पहले आदित्य ने परिवार को बताया था कि वह आधी ट्रेनिंग पूरी करने के बाद ही घर आएंगे। इसी कारण उनका कॉन्ट्रैक्ट दो महीने के लिए बढ़ा दिया गया था। संजीव लखनपाल के अनुसार, जिस कंपनी में आदित्य कार्यरत थे, उसने मंगलवार शाम हमले की जानकारी दी थी। उस समय आदित्य को लापता बताया गया था, जबकि बुधवार को उनके शव मिलने की सूचना परिवार को दी गई। उन्होंने कहा कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि आदित्य का पार्थिव शरीर कब तक भारत लाया जाएगा। परिवार ने केंद्र सरकार से पार्थिव शरीर जल्द स्वदेश पहुंचाने की मांग की है। आदित्य शर्मा की मौत के बाद घर पर लोग जुटने लगे। सीएम ने आदित्य शर्मा के निधन पर जताया शोक सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने होर्मुज में हुए अमेरिकी हमले में तेल टैंकर पर तैनात नाविक आदित्य शर्मा के निधन पर शोक व्यक्त किया। सीएम ने शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि इस दुख की घड़ी में प्रदेश सरकार परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने जिला प्रशासन को परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध करवाने के निर्देश भी दिए। बेटे का शव घर लाने के लिए डीसी को पत्र लिखा 3 दिन में भारतीय क्रू वाले 2 जहाजों पर हमला अमेरिका ने पिछले 3 दिनों में भारतीय क्रू वाले दो तेल टैंकरों पर हमला किया है। पहला हमला 8 जून को एमटी मैरीवेक्स पर हुआ। इस पर 28 नाविक सवार थे जिसमें 24 भारतीय थे। भारतीय तटरक्षक बल और ओमान की एजेंसियों ने सभी को सुरक्षित निकाला। इसके बाद 10 जून को एमटी सेत्तेबेल्लो पर हमला हुआ। यह पलाऊ के झंडे के तहत चल रहा था। इस पर भी 24 क्रू मेंबर्स थे। इनमें से 3 भारतीयों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है। विदेश मंत्रालय ने इस हमले की निंदा की और अमेरिका के दूतावास के समक्ष औपचारिक विरोध दर्ज कराया। **************** ये खबर भी पढ़ें: जबरन रूसी सेनी में भर्ती लुधियाना के समरजीत की मौत: टेक्निशियन का लिया था डिप्लोमा, कर्ज लेकर गया था करिअर बनाने, 10 सितंबर को मौत, एक हफ्ते पहले सूचना रूस जबरन सेना में भर्ती किए गए पंजाब के लुधियाना के युवक समरजीत सिंह की रूस में मौत हो गई। 21 वर्षीय समरजीत करियर बनाने के लिए रूस पहुंचे थे। लेकिन उन्हें जबरन आर्मी में भर्ती किया गया। 8 सितंबर के बाद उसका परिवार से संपर्क टूट गया और 10 सितंबर को उसकी मौत हो गई। (पढ़ें पूरी खबर)

पुराने समय तक बुरा नहीं होगा घर का बना आचार्य, बस ‘हींग की धूनी’ वाला ये पुराना रहस्य

अचार में हींग की धूनी

11 जून 2026 को 12:49 IST पर अपडेट किया गया अचार में हींग धूनी: भारतीय रसोई में अचार सिर्फ स्वाद बढ़ाने के लिए नहीं होता, बल्कि हमारी परंपरा और घरेलू नुस्खों का खजाना है। दादी-नानी के पुराने समय से ही प्राचीन-वर्षीय संरक्षित स्मारक के लिए बर्नी को हींग का स्मोक स्टोर आ रहा है। यह कोई एकमात्र सपना नहीं है, बल्कि अचार को बेचने से भी अधिक है। अनुसरण करना : हींग में एंटी-एंटिफंगल गुण होते हैं। अचार मिट्टी या कांच के जार में रखा जाता था, मसाले के कारण चॉकलेट की परत का डर रहता था। हिंग की धूनी जार को स्टरलाइज कर संगम-पाठ्यक्रम को समाप्त कर दिया गया है। छवि: एआई हींग की तेज और चटनी के स्वाद को बढ़ावा मिलता है। अचार का स्वाद बिल्कुल देसी और पारंपरिक होता है। हींग पेट के लिए बहुत गुणकारी है, जिससे अचार खाने पर गैस, अपच और पेट फूलने जैसा असर नहीं होता है। छवि: एआई अचार में हींग का स्मोक एक सुरक्षा कवच होता है ये उस सफ़ेद रंग की क्रेटरियों को पठने से शुरू होता है जो अक्सर विचारधारा के कारण अचार पर आ जाता है। इसके इस्तेमाल से आपका अचार लंबे समय तक सुरक्षित और ताज़ा बना रहता है। छवि: एआई बरनी को अच्छे से धोकर धूप में पूरी तरह सूखा लें। जलते हुए सैलून या आयरन की कटोरी पर थोड़ी हींग डालें- मच्छरदानी ही बरनी को उसके ऊपरी तट पर रखें। बरनी सजावट से भर जाए, सीधा कर लें- इसमें आचार भर दें। छवि: एआई हींग की धूनी आप आम, नींबू, लाल मिर्च, कटहल या मिक्स वे के अचार में दे सकते हैं। हमारे पास फर्म और एयरटाइट ऑफर हैं, बिना किसी केमिकल के अचार को सुरक्षित रखने का यह तरीका आज भी सबसे अच्छा-प्रभावी है। छवि: एआई द्वारा प्रकाशित: कीर्ति सोनी प्रकाशित 11 जून 2026 12:49 IST

सोना ₹1,562 गिरकर ₹1.45 लाख का 10 ग्राम हुआ:इस महीने ₹11 हजार सस्ता हो चुका, 1 किलो चांदी की कीमत आज ₹257 बढ़ी

सोना ₹1,562 गिरकर ₹1.45 लाख का 10 ग्राम हुआ:इस महीने ₹11 हजार सस्ता हो चुका, 1 किलो चांदी की कीमत आज ₹257 बढ़ी

सोने के दाम में आज यानी 11 जून को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने के दाम 1,562 रुपए गिरकर 1.45 लाख रुपए हो गए हैं। 31 मई को सोना 1.56 लाख पर था। यानी 11 दिन में ही ये 11 हजार रुपए सस्ता हुआ है। वहीं, 1 किलो चांदी की कीमत आज 257 रुपए बढ़कर 2.33 लाख रुपए पर पहुंच गई है। कैरेट के हिसाब से सोने की कीमत देश के बड़े शहरों में सोने की कीमत सोर्स: goodreturns 11 जून 2026 ऑलटाइम हाई से ₹31 हजार गिरी सोना इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। 31 दिसंबर 2025 को सोने के दाम 1.33 लाख रुपए थे, जो 29 जनवरी को बढ़कर 1.76 लाख रुपए के सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंच गए थे। तब से अब तक सोना 31 हजार रुपए सस्ता हो चुका है। वहीं, चांदी के कीमत 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए थी, जो 29 जनवरी को 3.86 लाख रुपए के ऑलटाइम हाई पर पहुंच गई थी। तब से अब तक 133 दिन में चांदी 1.52 लाख रुपए सस्ती हो गई है। सोना 133 दिन में ₹31 हजार और चांदी ₹1.52 लाख सस्ती सोर्स: IBJA गिरावट के मुख्य कारण: मेटल छोड़कर ‘कैश’ पर भरोसा आमतौर पर जंग के माहौल में सोने-चांदी के दाम बढ़ते हैं, लेकिन इस बार स्थिति थोड़ी अलग है:

Gold Price Update; Sona Chandi Ka Bhav Aaj Ka (11 June 2026)

सोना ₹1,562 गिरकर ₹1.45 लाख का 10 ग्राम हुआ:इस महीने ₹11 हजार सस्ता हो चुका, 1 किलो चांदी की कीमत आज ₹257 बढ़ी

Hindi News Business Gold Price Update; Sona Chandi Ka Bhav Aaj Ka (11 June 2026) | Bhopal Jaipur Gold Silver Rate नई दिल्ली14 मिनट पहले कॉपी लिंक सोने के दाम में आज यानी 11 जून को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने के दाम 1,562 रुपए गिरकर 1.45 लाख रुपए हो गए हैं। 31 मई को सोना 1.56 लाख पर था। यानी 11 दिन में ही ये 11 हजार रुपए सस्ता हुआ है। वहीं, 1 किलो चांदी की कीमत आज 257 रुपए बढ़कर 2.33 लाख रुपए पर पहुंच गई है। कैरेट के हिसाब से सोने की कीमत कैरेट भाव (रुपए/10 ग्राम) 24 ₹1,45,584 22 ₹1,33,355 18 ₹1,09,188 14 ₹85,167 देश के बड़े शहरों में सोने की कीमत शहर 10 ग्राम 24 कैरेट दिल्ली ₹1,45,790 मुंबई ₹1,45,640 कोलकाता ₹1,45,640 जयपुर ₹1,45,790 भोपाल ₹1,45,690 पटना ₹1,45,690 लखनऊ ₹1,45,790 रायपुर ₹1,45,640 अहमदाबाद ₹1,45,690 सोर्स: goodreturns 11 जून 2026 ऑलटाइम हाई से ₹31 हजार गिरी सोना इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। 31 दिसंबर 2025 को सोने के दाम 1.33 लाख रुपए थे, जो 29 जनवरी को बढ़कर 1.76 लाख रुपए के सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंच गए थे। तब से अब तक सोना 31 हजार रुपए सस्ता हो चुका है। वहीं, चांदी के कीमत 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए थी, जो 29 जनवरी को 3.86 लाख रुपए के ऑलटाइम हाई पर पहुंच गई थी। तब से अब तक 133 दिन में चांदी 1.52 लाख रुपए सस्ती हो गई है। सोना 133 दिन में ₹31 हजार और चांदी ₹1.52 लाख सस्ती तारीख सोने की कीमत चांदी की कीमत 29 जनवरी ₹1,76,121 ₹3,85,933 31 जनवरी ₹1,65,795 ₹3,39,350 28 फरवरी ₹1,50,997 ₹2,66,700 31 मार्च ₹1,46,733 ₹2,30,135 30 अप्रैल ₹1,50,263 ₹2,40,331 31 मई ₹1,56,463 ₹2,63,350 11 जून ₹1,45,584 ₹2,33,540 सोर्स: IBJA गिरावट के मुख्य कारण: मेटल छोड़कर ‘कैश’ पर भरोसा आमतौर पर जंग के माहौल में सोने-चांदी के दाम बढ़ते हैं, लेकिन इस बार स्थिति थोड़ी अलग है: कैश की बचत: मिडिल ईस्ट जंग के कारण निवेशक जोखिम नहीं लेना चाह रहे हैं। वे अपने गोल्ड और सिल्वर को बेचकर ‘कैश’ इकट्ठा कर रहे हैं ताकि अनिश्चितता के समय उनके पास लिक्विड मनी रहे। प्रॉफिट बुकिंग: जनवरी में कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थीं, इसलिए बड़े निवेशकों ने ऊंचे दामों पर अपनी होल्डिंग बेचना शुरू कर दिया, जिससे बाजार में सप्लाई बढ़ गई और कीमतें गिर गईं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…