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कांग्रेस की मीनाक्षी नटराजन ने राज्यसभा नामांकन अस्वीकृति के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया | भारत समाचार

Congress MP Sonia Gandhi with TMC chief Mamata Banerjee at the INDIA bloc meeting in Delhi. (PTI Image)

आखरी अपडेट:11 जून, 2026, 09:20 IST एक लंबित मामले का खुलासा न करने के आरोप में मध्य प्रदेश से राज्यसभा नामांकन खारिज होने के बाद मीनाक्षी नटराजन ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। रिटर्निंग ऑफिसर ने माना कि हलफनामा अधूरा था और उसकी उम्मीदवारी खारिज कर दी। राज्यसभा चुनाव विवाद: कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन ने मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए उनके नामांकन की अस्वीकृति को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, जहां 18 जून को तीन सीटों के लिए मतदान होना है। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, उम्मीद है कि कांग्रेस गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट की अवकाश पीठ के समक्ष तत्काल सुनवाई की मांग करेगी, जिसमें तर्क दिया जाएगा कि नटराजन के नामांकन की अस्वीकृति गैरकानूनी थी। उनकी उम्मीदवारी क्यों खारिज कर दी गई? राज्यसभा उम्मीदवार महेश केवट और राज्य भाजपा महासचिव राहुल कोठारी सहित भाजपा नेताओं द्वारा उठाई गई आपत्तियों के बाद रिटर्निंग ऑफिसर और मध्य प्रदेश विधानसभा के प्रधान सचिव अरविंद शर्मा ने नटराजन की उम्मीदवारी 9 जून को खारिज कर दी थी। भाजपा ने आरोप लगाया कि नटराजन अपने नामांकन पत्र के साथ जमा किए गए हलफनामे में हैदराबाद की एक अदालत के समक्ष लंबित मामले का विवरण देने में विफल रहीं। रिटर्निंग ऑफिसर के आदेश के अनुसार, नटराजन ने अक्टूबर 2025 में हैदराबाद की एक अदालत द्वारा जारी नोटिस का जवाब दिया था, लेकिन अपने नामांकन के साथ दाखिल फॉर्म 26 में इस मामले का उल्लेख नहीं किया था। रिटर्निंग ऑफिसर ने माना कि हलफनामा अधूरा था और उसकी उम्मीदवारी खारिज कर दी। कांग्रेस ने क्या कहा? कांग्रेस नेताओं ने फैसले का विरोध करते हुए कहा कि नटराजन के खिलाफ कोई आपराधिक मामला लंबित नहीं है क्योंकि किसी भी अदालत ने भाजपा द्वारा उद्धृत निजी शिकायत पर संज्ञान नहीं लिया है। कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को चुनाव आयोग (ईसी) से संपर्क किया, अस्वीकृति को चुनौती दी और चुनाव आयोग से फैसले को तुरंत उलटने का आग्रह किया, जिसे उन्होंने “पूरी तरह से घृणित, स्पष्ट, स्पष्ट रूप से गैरकानूनी” कहा। वरिष्ठ नेताओं केसी वेणुगोपाल, रणदीप सुरजेवाला, जयराम रमेश, दीपा दासमुंशी, विवेक तन्खा, अभिषेक मनु सिंघवी और मीनाक्षी नटराजन के एक प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से मुलाकात की और तर्क दिया कि रिटर्निंग अधिकारी का निर्णय कानूनी रूप से अस्थिर आधार पर आधारित था। चुनाव आयोग से मुलाकात के बाद एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, वरिष्ठ कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि अस्वीकृति एक गलत धारणा से उत्पन्न हुई है। सिंघवी ने कहा, “अस्वीकृति का आधार यह गलत धारणा थी कि उनके खिलाफ कुछ आपराधिक मामला लंबित है, जिसका उन्होंने अपने फॉर्म में खुलासा नहीं किया। विडंबना यह है कि वास्तव में कानून में कोई आपराधिक मामला मौजूद नहीं है, यानी स्थापित है, जिसका वह खुलासा कर सकती थीं।” हालाँकि, भाजपा ने तर्क दिया कि चुनावी खुलासे पर सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के अनुसार उम्मीदवारों को सभी लंबित आपराधिक मामलों की घोषणा करने की आवश्यकता है और नटराजन की चूक ने उन मानदंडों का उल्लंघन किया है। अस्वीकृति ने कांग्रेस को मध्य प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों में से एक के लिए लड़ाई से बाहर कर दिया है। मंदसौर से पूर्व लोकसभा सांसद नटराजन वर्तमान में कांग्रेस के तेलंगाना प्रभारी हैं। यह विवाद तेलंगाना में 2022 के एक मामले से जुड़ा है जो एक निजी शिकायत से जुड़ा है। कांग्रेस ने कहा है कि नटराजन को न तो किसी एफआईआर में आरोपी के रूप में नामित किया गया था और न ही वह किसी आपराधिक कार्यवाही का सामना कर रही थीं, और इसलिए उनके चुनावी हलफनामे में इस मामले का खुलासा करने की कोई कानूनी बाध्यता नहीं थी। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में शोभित गुप्ता शोभित गुप्ता News18.com में उप-संपादक हैं और भारत और अंतर्राष्ट्रीय समाचारों को कवर करते हैं। वह भारत के रोजमर्रा के राजनीतिक मामलों और भू-राजनीति में रुचि रखते हैं। उन्होंने बीए पत्रकारिता (ऑनर्स) की डिग्री हासिल की…और पढ़ें न्यूज़ इंडिया कांग्रेस की मीनाक्षी नटराजन ने राज्यसभा नामांकन खारिज होने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)मीनाक्षी नटराजन राज्यसभा नामांकन(टी)राज्यसभा चुनाव विवाद(टी)मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव(टी)नामांकन अस्वीकृति सुप्रीम कोर्ट(टी)कांग्रेस बनाम बीजेपी विवाद(टी)चुनावी हलफनामे का खुलासा(टी)रिटर्निंग अधिकारी का निर्णय(टी)लंबित आपराधिक मामले के आरोप

एथेनॉल वाले पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी जीरो हुई:अब 22% से 30% मिश्रण पर नहीं लगेगा टैक्स, सरकार की क्रूड इम्पोर्ट घटाने की तैयारी

एथेनॉल वाले पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी जीरो हुई:अब 22% से 30% मिश्रण पर नहीं लगेगा टैक्स, सरकार की क्रूड इम्पोर्ट घटाने की तैयारी

केंद्र सरकार ने E20 (20% एथेनॉल ब्लेंडिंग) से अधिक स्तर के एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल पर भी एक्साइज ड्यूटी जीरो कर दी है। सरकारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि 22% से लेकर 30% एथेनॉल मिक्स वाले पेट्रोल पर कोई एक्साइज ड्यूटी नहीं लगेगी। केंद्र सरकार ने देश में क्रूड ऑयल (कच्चे तेल) के इम्पोर्ट को कम करने और क्लीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। आइए आसान सवाल-जवाब में समझते हैं कि सरकार के इस फैसले का मतलब क्या है और इससे आम आदमी और देश को क्या फायदा होगा। सवाल 1: सरकार ने एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल को लेकर क्या नया नोटिफिकेशन जारी किया है? जवाब: भारत सरकार ने एक नोटिफिकेशन जारी कर पेट्रोल में हाई लेवल एथेनॉल ब्लेंडिंग (मिश्रण) को एक्साइज ड्यूटी से मुक्त कर दिया है। इसके तहत जिस पेट्रोल में 22% से लेकर 30% तक एथेनॉल मिला होगा, उस पर कोई केंद्रीय उत्पाद शुल्क (एक्साइज ड्यूटी) नहीं लगाया जाएगा। इस टैक्स छूट के दायरे में पेट्रोल के चार नए वेरिएंट्स— E22, E25, E27 और E30 शामिल होंगे। यह पहली बार है जब सरकार ने E20 से ऊपर के ब्लेंड्स के लिए इतने बड़े फाइनेंशियल सपोर्ट (फिस्कल इंसेंटिव) देने की घोषणा की है। सवाल 2 : क्या होता है एथेनॉल? जवाब: एथेनॉल एक तरह का अल्कोहल है, जो स्टार्च और शुगर के फर्मेंटेशन से बनाया जाता है। इसे पेट्रोल में मिलाकर गाड़ियों में इको-फ्रैंडली फ्यूल की तरह इस्तेमाल किया जाता है। एथेनॉल का उत्पादन मुख्य रूप से गन्ने के रस से होता है, लेकिन स्टार्च कॉन्टेनिंग मटेरियल्स जैसे मक्का, सड़े आलू, कसावा और सड़ी सब्जियों से भी एथेनॉल तैयार किया जा सकता है। सवाल 3: सरकार के इस फैसले के पीछे की मुख्य वजह क्या है? जवाब: भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर कच्चा तेल (करीब 87%) विदेशों से इम्पोर्ट करता है। विदेशी तेल पर देश की निर्भरता को कम करने और घरेलू स्तर पर बनने वाली प्रदूषण-मुक्त ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए यह फैसला लिया गया है। इस टैक्स छूट से तेल कंपनियां पेट्रोल में 20% से ज्यादा एथेनॉल मिलाने के लिए प्रेरित होंगी, जिससे देश का पैसा बाहर जाने से बचेगा। सवाल 4: क्या सरकार के पास इन नए वेरिएंट्स (E22 से E30) के लिए कोई तकनीकी ढांचा तैयार है? जवाब: हां, सरकार ने इसकी पूरी तैयारी पहले ही कर ली है। कुछ हफ्ते पहले ही भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने आधिकारिक तौर पर E22, E25, E27 और E30 पेट्रोल ब्लेंड्स के लिए फ्यूल-क्वालिटी स्टैंडर्ड्स (ईंधन की गुणवत्ता के मानक) अधिसूचित किए थे। IS 19850:2026 के तहत ये मानक 15 मई, 2026 से लागू हो चुके हैं। इनमें एथेनॉल की मात्रा, ऑक्टेन रेटिंग, सल्फर की सीमा, टेस्टिंग प्रोसेस और सेफ्टी नियमों को तय किया गया है। अब टैक्स छूट मिलने से तकनीकी और वित्तीय दोनों तरह के रास्ते साफ हो गए हैं। सवाल 5: भारत में अभी एथेनॉल ब्लेंडिंग की क्या स्थिति है, क्या हम टारगेट के करीब हैं? जवाब: भारत का एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम तय समय से काफी तेजी से आगे बढ़ा है। नेशनल पॉलिसी ऑन बायोफ्यूल्स (2018) में संशोधन करके पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाने (E20) का लक्ष्य पहले 2030 रखा गया था, जिसे बाद में घटाकर एथेनॉल सप्लाई ईयर (ESY) 2025-26 कर दिया गया। सरकारी तेल कोशिकाओं ने जून 2022 में ही समय से 5 महीने पहले 10% ब्लेंडिंग का टारगेट हासिल कर लिया था। सवाल 5: गाड़ियों के इंजन और परफॉर्मेंस पर एथेनॉल के असर को लेकर क्या विवाद रहा है? जवाब: जैसे-जैसे देश भर में E20 फ्यूल मिलना शुरू हुआ, कुछ गाड़ी मालिकों ने इंजन की क्षमता, माइलेज और गाड़ियों के पुराने पार्ट्स के खराब होने को लेकर चिंता जताई थी। यह मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा था। हालांकि, सितंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने देश भर में E20 फ्यूल लागू करने के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट में सरकार ने दलील दी थी कि यह बदलाव पूरी तरह से जांच-परख के बाद और गन्ना किसानों के आर्थिक फायदे को ध्यान में रखकर किया गया है। सरकार ने बिना एथेनॉल वाले (प्योर) पेट्रोल की समानांतर सप्लाई जारी रखने की मांग को भी ठुकरा दिया था। सवाल 7: क्या एथेनॉल मिक्स होने से गाड़ियों का माइलेज कम हो जाता है? ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री का क्या कहना है? जवाब: इस पर ऑटोमोबाइल निर्माताओं की संस्था ‘सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स’ (SIAM) ने स्थिति साफ की थी। SIAM के मुताबिक, कुछ पुरानी गाड़ियों में E20 ईंधन के इस्तेमाल से माइलेज में मामूली गिरावट आ सकती है, लेकिन इससे गाड़ी की सुरक्षा को कोई खतरा नहीं है। सवाल 8: आम तौर पर माना जाता है कि एथेनॉल सस्ता होता है, तो क्या ब्लेंडेड पेट्रोल की कीमत कम होगी? जवाब: सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, एथेनॉल कंपनियों से खरीदना रिफाइंड पेट्रोल के मुकाबले सस्ता नहीं पड़ रहा है। पिछले साल पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताया था कि एथेनॉल की औसत खरीद लागत (वेटेड एवरेज प्रोक्योरमेंट कॉस्ट) रिफाइंड पेट्रोल की लागत से अधिक हो गई है। 31 जुलाई, 2025 तक, ट्रांसपोर्टेशन और GST मिलाकर कंपनियों को एथेनॉल की औसत खरीद लागत 71.32 रुपए प्रति लीटर पड़ रही थी। यही वजह है कि पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा बढ़ने के बावजूद रिटेल प्राइस (खुदरा कीमत) को कम करना फिलहाल पेचीदा बना हुआ है।

एथेनॉल वाले पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी जीरो हुई:22% से 30% मिलाने पर टैक्स नहीं लगेगा, सरकार की कच्चा तेल इम्पोर्ट घटाने की तैयारी

एथेनॉल वाले पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी जीरो हुई:22% से 30% मिलाने पर टैक्स नहीं लगेगा, सरकार की कच्चा तेल इम्पोर्ट घटाने की तैयारी

केंद्र सरकार 22% से लेकर 30% तक एथेनॉल मिले पेट्रोल पर कोई एक्साइज ड्यूटी नहीं लगी। E20, यानी 20% एथनॉल मिले पेट्रोल पर कोई राहत नहीं दी गई है। केंद्र सरकार ने देश में क्रूड ऑयल, यानी कच्चे तेल के इम्पोर्ट को कम करने और क्लीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए यह कदम उठाया है। आइए आसान सवाल-जवाब में समझते हैं कि सरकार के इस फैसले का मतलब क्या है और इससे आम आदमी और देश को क्या फायदा होगा। सवाल 1: सरकार ने एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल को लेकर क्या नया नोटिफिकेशन जारी किया है? जवाब: भारत सरकार ने एक नोटिफिकेशन जारी कर पेट्रोल में हाई लेवल एथेनॉल ब्लेंडिंग को एक्साइज ड्यूटी से मुक्त कर दिया है। इसके तहत जिस पेट्रोल में 22% से लेकर 30% तक एथेनॉल मिला होगा, उस पर कोई एक्साइज ड्यूटी नहीं लगाई जाएगी। इस टैक्स छूट के दायरे में पेट्रोल के चार नए वेरिएंट्स- E22, E25, E27 और E30 शामिल होंगे। यह पहली बार है जब सरकार ने E20 से ऊपर के ब्लेंड्स के लिए इतने बड़े फाइनेंशियल सपोर्ट, यानी फिस्कल इंसेंटिव देने की घोषणा की है। सवाल 2 : क्या होता है एथेनॉल? जवाब: एथेनॉल एक तरह का अल्कोहल है, जो स्टार्च और शुगर के फर्मेंटेशन से बनाया जाता है। इसे पेट्रोल में मिलाकर गाड़ियों में इको-फ्रैंडली फ्यूल की तरह इस्तेमाल किया जाता है। एथेनॉल का उत्पादन मुख्य रूप से गन्ने के रस से होता है, लेकिन स्टार्च कॉन्टेनिंग मटेरियल्स जैसे मक्का, सड़े आलू, कसावा और सड़ी सब्जियों से भी एथेनॉल तैयार किया जा सकता है। सवाल 3: सरकार के इस फैसले के पीछे की मुख्य वजह क्या है? जवाब: भारत अपनी जरूरत का करीब 87% विदेशों से इम्पोर्ट करता है। विदेशी तेल पर देश की निर्भरता को कम करने और घरेलू स्तर पर बनने वाली प्रदूषण-मुक्त ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए यह फैसला लिया गया है। इस टैक्स छूट से तेल कंपनियां पेट्रोल में 20% से ज्यादा एथेनॉल मिलाने के लिए प्रेरित होंगी, जिससे देश का पैसा बाहर जाने से बचेगा। सवाल 4: क्या सरकार के पास नए वेरिएंट्स- E22 से E30 के लिए कोई तकनीकी ढांचा तैयार है? जवाब: हां, सरकार ने इसकी पूरी तैयारी पहले ही कर ली है। कुछ हफ्ते पहले ही भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने आधिकारिक तौर पर E22, E25, E27 और E30 पेट्रोल ब्लेंड्स के लिए फ्यूल-क्वालिटी स्टैंडर्ड्स (ईंधन की गुणवत्ता के मानक) अधिसूचित किए थे। IS 19850:2026 के तहत ये मानक 15 मई, 2026 से लागू हो चुके हैं। इनमें एथेनॉल की मात्रा, ऑक्टेन रेटिंग, सल्फर की सीमा, टेस्टिंग प्रोसेस और सेफ्टी नियमों को तय किया गया है। अब टैक्स छूट मिलने से तकनीकी और वित्तीय दोनों तरह के रास्ते साफ हो गए हैं। सवाल 5: भारत में अभी एथेनॉल ब्लेंडिंग की क्या स्थिति है, क्या हम टारगेट के करीब हैं? जवाब: भारत का एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम तय समय से काफी तेजी से आगे बढ़ा है। नेशनल पॉलिसी ऑन बायोफ्यूल्स (2018) में संशोधन करके पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाने (E20) का लक्ष्य पहले 2030 रखा गया था, जिसे बाद में घटाकर एथेनॉल सप्लाई ईयर (ESY) 2025-26 कर दिया गया। सरकारी तेल कोशिकाओं ने जून 2022 में ही समय से 5 महीने पहले 10% ब्लेंडिंग का टारगेट हासिल कर लिया था। सवाल 5: गाड़ियों के इंजन और परफॉर्मेंस पर एथेनॉल के असर को लेकर क्या विवाद रहा है? जवाब: जैसे-जैसे देश भर में E20 फ्यूल मिलना शुरू हुआ, कुछ गाड़ी मालिकों ने इंजन की क्षमता, माइलेज और गाड़ियों के पुराने पार्ट्स के खराब होने को लेकर चिंता जताई थी। यह मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा था। हालांकि, सितंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में E20 फ्यूल लागू करने के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट में सरकार ने दलील दी थी कि यह बदलाव पूरी तरह से जांच-परख के बाद और गन्ना किसानों के आर्थिक फायदे को ध्यान में रखकर किया गया है। सरकार ने बिना एथेनॉल वाले (प्योर) पेट्रोल की समानांतर सप्लाई जारी रखने की मांग को भी ठुकरा दिया था। सवाल 7: क्या एथेनॉल मिक्स होने से गाड़ियों का माइलेज कम हो जाता है? ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री का क्या कहना है? जवाब: इस पर ऑटोमोबाइल निर्माताओं की संस्था ‘सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स’ (SIAM) ने स्थिति साफ की थी। SIAM के मुताबिक, कुछ पुरानी गाड़ियों में E20 ईंधन के इस्तेमाल से माइलेज में मामूली गिरावट आ सकती है, लेकिन इससे गाड़ी की सुरक्षा को कोई खतरा नहीं है। सवाल 8: आमतौर पर माना जाता है कि एथेनॉल सस्ता होता है, तो क्या ब्लेंडेड पेट्रोल की कीमत कम होगी? जवाब: सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, एथेनॉल कंपनियों से खरीदना रिफाइंड पेट्रोल के मुकाबले सस्ता नहीं पड़ रहा है। पिछले साल पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताया था कि एथेनॉल की औसत खरीद लागत (वेटेड एवरेज प्रोक्योरमेंट कॉस्ट) रिफाइंड पेट्रोल की लागत से अधिक हो गई है। 31 जुलाई, 2025 तक, ट्रांसपोर्टेशन और GST मिलाकर कंपनियों को एथेनॉल की औसत खरीद लागत 71.32 रुपए प्रति लीटर पड़ रही थी। यही वजह है कि पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा बढ़ने के बावजूद रिटेल प्राइस (खुदरा कीमत) को कम करना फिलहाल पेचीदा बना हुआ है।

कांग्रेस-टीएमसी विलय की संभावना? क्यों सोनिया की ममता की जैतून शाखा ने हलचल मचा दी है | भारत समाचार

UPSC Civil Services Prelims 2026 Result LIVE: CSE Result Link on upsc.gov.in — Roll Number PDF Download, Cutoff and Toppers List  (Representative/File)

आखरी अपडेट:11 जून, 2026, 08:45 IST सीएनएन-न्यूज18 से बात करने वाले पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने कहा कि विलय या संरचित राजनीतिक व्यवस्था का कोई भी प्रस्ताव टीएमसी से आना होगा कांग्रेस नेता सोनिया गांधी (बाएं) और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने बंद कमरे में बैठक की। कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच एक बैठक से कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बीच संबंधों के भविष्य को लेकर नई अटकलें शुरू हो गई हैं। इस चर्चा को उन रिपोर्टों से बल मिला है, जिनमें कहा गया है कि गांधी ऐसे समय में बनर्जी के पास पहुंचे, जब टीएमसी आंतरिक अशांति से जूझ रही है और अपने रैंकों के भीतर असंतोष के बारे में सवालों का सामना कर रही है। इस बातचीत ने राजनीतिक पर्यवेक्षकों को यह पूछने के लिए प्रेरित किया है कि क्या दोनों दल एक करीबी राजनीतिक व्यवस्था की ओर बढ़ सकते हैं या क्या विलय की बात वास्तविकता से परे चल रही है। सोनिया ने ममता से क्या कहा? सीएनएन-न्यूज18 से बात करते हुए कांग्रेस सूत्रों ने कहा कि गांधी ने बनर्जी से कहा कि कांग्रेस और टीएमसी को विरोधी नहीं होना चाहिए और इसके बजाय राजनीतिक रूप से एक साथ काम करना चाहिए। यह भी पढ़ें | ‘कांग्रेस के साथ हाथ मिलाएं’: दल-बदल से टीएमसी में हलचल के बीच सोनिया गांधी ने ममता बनर्जी से ‘वापस लड़ने’ को कहा सूत्रों ने कहा कि उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दोनों पार्टियों को बड़ी राजनीतिक लड़ाई लड़नी है और भविष्य की किसी भी व्यवस्था के तौर-तरीकों पर बाद में काम किया जा सकता है। चर्चाओं से परिचित लोगों के अनुसार, व्यापक संदेश टकराव के बजाय सहयोग का था। यह बातचीत भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ विपक्षी एकता और समन्वय के लिए भारतीय गुट के भीतर बढ़ती मांग की पृष्ठभूमि में हुई। क्या वास्तव में विलय पर चर्चा हो रही है? अटकलों के बावजूद, कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि मेज पर कोई औपचारिक विलय का प्रस्ताव नहीं है। सीएनएन-न्यूज18 से बात करने वाले पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने कहा कि विलय या संरचित राजनीतिक व्यवस्था का कोई भी प्रस्ताव टीएमसी से आना होगा। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं मिला है और इस बात पर जोर दिया कि किसी भी बड़े फैसले के लिए पार्टी के भीतर व्यापक विचार-विमर्श की आवश्यकता होगी। पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी ने भी अटकलों को खारिज करते हुए कहा, “हमारे दो-तिहाई से अधिक सांसद कांग्रेस में विलय नहीं कर रहे हैं। तो, कौन किसके साथ विलय कर रहा है? जहां तक ​​हमारा सवाल है, सांसद नहीं जा रहे हैं, हम नहीं जा रहे हैं, नगर निगम के प्रतिनिधि नहीं जा रहे हैं, जिला परिषद सदस्य नहीं जा रहे हैं और पंचायत सदस्य नहीं जा रहे हैं। विलय का कोई सवाल ही नहीं है।” संक्षेप में, हालांकि राजनीतिक रूप से जुड़ने की नए सिरे से इच्छा हो सकती है, लेकिन फिलहाल ऐसा कोई संकेत नहीं है कि दोनों पार्टियां सक्रिय रूप से विलय पर बातचीत कर रही हैं। पश्चिम बंगाल फैक्टर कांग्रेस-टीएमसी के बीच तालमेल में सबसे बड़ी बाधाओं में से एक पश्चिम बंगाल है। यह भी पढ़ें | ‘मुख्य सलाहकार और मार्गदर्शक’: क्या ममता ने वह तृणमूल कांग्रेस पार्टी खो दी है जिसे उन्होंने खड़ा किया था? कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राज्य इकाई की राय को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. बंगाल कांग्रेस ने खुद को टीएमसी के खिलाफ खड़ा करने में कई साल बिताए हैं और अक्सर सत्तारूढ़ पार्टी पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने और राज्य में पार्टी की संगठनात्मक उपस्थिति को कमजोर करने का आरोप लगाया है। बनर्जी के कट्टर आलोचकों में से एक, कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने यह स्पष्ट कर दिया जब उन्होंने कहा: “हमें यह कभी नहीं भूलना चाहिए कि टीएमसी ने हमारे लोगों को कैसे मारा। विलय से मदद नहीं मिलती है। यह कांग्रेस के लिए बंगाल में खुद को पुनर्जीवित करने का सबसे अच्छा मौका है और टीएमसी के खेल से बाहर होने के बाद, हमारी संभावनाएं बेहतर हो जाती हैं।” पार्टी नेताओं का तर्क है कि भविष्य की किसी भी समझ में इन चिंताओं को ध्यान में रखना होगा। बंगाल में कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए, टीएमसी के साथ राजनीतिक लड़ाई की यादें ताज़ा हैं, जिससे किसी भी नाटकीय पुनर्गठन को कहना आसान हो जाता है। अटकलें क्यों बढ़ रही हैं? सोनिया गांधी की पहुंच का समय एक प्रमुख कारण है कि बैठक ने इतना ध्यान आकर्षित किया है। यह बातचीत तब हुई जब विपक्षी दल तेजी से बनर्जी के पीछे खड़े हो गए हैं। कांग्रेस नेताओं ने सार्वजनिक और निजी तौर पर टीएमसी प्रमुख के लिए समर्थन का संकेत दिया है, गांधी ने बनर्जी को “शेरनी” (शेरनी) तक कहा है, जबकि इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने विपक्षी अंदरूनी कलह को भाजपा को फायदा पहुंचाने से रोकने की आवश्यकता पर जोर दिया है। गांधी के कथित संदेश, कि कांग्रेस और टीएमसी को एक-दूसरे के खिलाफ लड़ने के बजाय एक साथ लड़ना चाहिए, ने स्वाभाविक रूप से यह सवाल उठाया है कि क्या व्यापक राजनीतिक रीसेट किया जा सकता है। अधिक संभावना क्या है: विलय या सहयोग? फिलहाल, संगठनात्मक विलय की तुलना में राजनीतिक सहयोग कहीं अधिक संभावित प्रतीत होता है। एक औपचारिक विलय में महत्वपूर्ण राजनीतिक, संगठनात्मक और कानूनी चुनौतियाँ शामिल होंगी, दोनों पक्षों के वर्गों के प्रतिरोध का उल्लेख नहीं किया जाएगा। एक ढीली व्यवस्था, चाहे वह चुनावी समझ, संसदीय समन्वय या मुद्दा-आधारित सहयोग के माध्यम से हो, हासिल करना काफी आसान होगा। इसीलिए कई विपक्षी नेता सोनिया-ममता की बातचीत को विलय वार्ता की शुरुआत के रूप में कम और राजनीतिक रूप से संवेदनशील क्षण में विपक्षी एकता को मजबूत करने के प्रयास के रूप में अधिक देखते हैं। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में अपूर्व मिश्रा अपूर्व मिश्रा नौ साल से अधिक के अनुभव के साथ News18.com में समाचार संपादक हैं। वह दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्री राम कॉलेज से स्नातक हैं और एशियन कॉलेज ऑफ जर्नलिज्म से पीजी डिप्लोमा रखती हैं…और पढ़ें न्यूज़ इंडिया

Croatia World Cup 2026 | USA Base Camp

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स्पोर्ट्स डेस्क6 मिनट पहले कॉपी लिंक फीफा वर्ल्ड कप 2026 के लिए क्रोएशिया की टीम अमेरिका पहुंच चुकी है। टीम ने वॉशिंगटन डीसी क्षेत्र में अपना बेस कैंप बनाया है। लगातार दो वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंची क्रोएशियाई टीम इस बार भी अनुभवी खिलाड़ियों पर भरोसा कर रही है। 40 वर्षीय लुका मोड्रिच और 37 वर्षीय इवान पेरिसिक टीम का हिस्सा हैं। दोनों ने 2018 में टीम को फाइनल और 2022 में तीसरे स्थान तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी। मोड्रिच अपने करियर का पांचवां वर्ल्ड कप खेलेंगे और अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में 200 मैच पूरे करने के करीब हैं। क्रोएशिया ने कोच ज्लात्को डालिच पर भरोसा बरकरार रखा है। डालिच 2018 और 2022 वर्ल्ड कप में भी टीम के कोच थे। अनुभवी खिलाड़ियों और युवा प्रतिभाओं के मिश्रण के साथ टीम एक और सफल अभियान की उम्मीद कर रही है। क्रोएशिया का पहला मुकाबला इंग्लैंड से होगा। यह मैच 2018 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल की याद दिलाएगा, जब क्रोएशिया ने इंग्लैंड को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। खेल से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… फुटबॉल वर्ल्ड कप के वॉर्मअप मैच में पुर्तगाल ने नाइजीरिया को 2-1 से हराया लीरिया (पुर्तगाल)। फीफा वर्ल्ड कप 2026 से पहले खेले गए वार्म-अप मैच में पुर्तगाल ने नाइजीरिया को 2-1 से हराकर जीत के साथ अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दिया। हालांकि टीम के कप्तान और स्टार स्ट्राइकर क्रिस्टियानो रोनाल्डो गोल करने में नाकाम रहे। 41 वर्षीय रोनाल्डो को मैच में दो बार गोल करने के सुनहरे मौके मिले, लेकिन वह दोनों बार गोलकीपर को नहीं भेद सके। उन्हें 65वें मिनट में मैदान से बाहर बुला लिया गया। पुर्तगाल ने 23वें मिनट में पेड्रो नेटो के गोल से बढ़त बनाई थी। नाइजीरिया ने अकोर एडम्स के गोल की मदद से स्कोर 1-1 कर दिया। दूसरे हाफ में विकल्प खिलाड़ी के रूप में मैदान में आए फ्रांसिस्को कॉन्सेइकाओ ने 75वें मिनट में शानदार गोल दागकर पुर्तगाल को फिर बढ़त दिलाई। यही गोल टीम की जीत का कारण बना। पुर्तगाल अब वर्ल्ड कप में ग्रुप-K में कांगो, उज्बेकिस्तान और कोलंबिया के खिलाफ चुनौती पेश करेगा। वहीं रोनाल्डो अपने करियर का छठा वर्ल्ड कप खेलने उतरेंगे, जो विश्व रिकॉर्ड की बराबरी होगी। ———————————————- मेसी के गोल से अर्जेंटीना ने जीता प्रैक्टिस मैच ऑबर्न (अलाबामा, अमेरिका)। वर्ल्ड कप शुरू होने से पहले अमेरिका में जबरदस्त माहौल देखने को मिल रहा है। टूर्नामेंट से पहले अर्जेंटीना और आइसलैंड के अभ्यास मैच को देखने 88 हजार दर्शक पहुंचे। मुकाबले में अर्जेंटीना ने आइसलैंड को 3-0 से करारी शिकस्त दी। अलबामा में खेले गए इस मैच के असली हीरो कप्तान लियोनल मेसी रहे। चोट के कारण आराम कर रहे मेसी मैच के आखिरी 20 मिनट में मैदान पर उतरे। आते ही उन्होंने अपना 117वां अंतरराष्ट्रीय गोल दागा और तीसरे गोल (थियागो) में भी अहम भूमिका निभाई। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Croatia World Cup 2026 | USA Base Camp

Croatia World Cup 2026 | USA Base Camp

स्पोर्ट्स डेस्क15 मिनट पहले कॉपी लिंक फीफा वर्ल्ड कप 2026 के लिए क्रोएशिया की टीम अमेरिका पहुंच चुकी है। टीम ने वॉशिंगटन डीसी क्षेत्र में अपना बेस कैंप बनाया है। लगातार दो वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंची क्रोएशियाई टीम इस बार भी अनुभवी खिलाड़ियों पर भरोसा कर रही है। 40 वर्षीय लुका मोड्रिच और 37 वर्षीय इवान पेरिसिक टीम का हिस्सा हैं। दोनों ने 2018 में टीम को फाइनल और 2022 में तीसरे स्थान तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी। मोड्रिच अपने करियर का पांचवां वर्ल्ड कप खेलेंगे और अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में 200 मैच पूरे करने के करीब हैं। क्रोएशिया ने कोच ज्लात्को डालिच पर भरोसा बरकरार रखा है। डालिच 2018 और 2022 वर्ल्ड कप में भी टीम के कोच थे। अनुभवी खिलाड़ियों और युवा प्रतिभाओं के मिश्रण के साथ टीम एक और सफल अभियान की उम्मीद कर रही है। क्रोएशिया का पहला मुकाबला इंग्लैंड से होगा। यह मैच 2018 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल की याद दिलाएगा, जब क्रोएशिया ने इंग्लैंड को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। खेल से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… बस में 40 घंटे सफर कर पहुंची ईरानी टीम; सपोर्ट स्टाफ को अमेरिका का वीजा भी नहीं मिला न्यूयॉर्क| ईरानी फुटबॉल टीम फुटबॉल वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने के लिए मैक्सिको के तिजुआना पहुंच गई है। एक ऐसे सह-मेजबान देश (अमेरिका) में जाकर खेलना, जिसने उन पर युद्ध थोप रखा हो, ईरान के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। युद्ध की वजह से इस टीम का सफर बहुत दर्दनाक रहा है। मार्च में टीम को तेहरान से तुर्की बॉर्डर तक 40 घंटे का लंबा बस का सफर तय करना पड़ा था। हालात इतने मुश्किल थे कि 6 फुट 5 इंच लंबे गोलकीपर अलीरेजा बेइरानवांड को अपने पैर फैलाने के लिए बस की फर्श पर सोकर सफर करना पड़ा था। कूटनीतिक तनाव, एरिजोना की भीषण गर्मी और वहां ईरानी दूतावास न होने के कारण टीम मैनेजमेंट ने अपना बेस कैंप अमेरिका से हटाकर मैक्सिको के तिजुआना में कर लिया, जो अमेरिकी बॉर्डर से बिल्कुल सटा हुआ है। ग्रुप जी में ईरान को अपने अहम मैच लॉस एंजिल्स और सिएटल में खेलने हैं। खिलाड़ियों और मुख्य कोच आमिर घलेनोई को तो वीजा मिल गया, लेकिन अमेरिकी प्रशासन ने आतंकवादियों की घुसपैठ का हवाला देते हुए टीम के 13 सपोर्ट स्टाफ, विश्लेषकों और मीडिया अधिकारियों को वीजा देने से इनकार कर दिया। ————————————————— फुटबॉल वर्ल्ड कप के वॉर्मअप मैच में पुर्तगाल ने नाइजीरिया को 2-1 से हराया लीरिया (पुर्तगाल)। फीफा वर्ल्ड कप 2026 से पहले खेले गए वार्म-अप मैच में पुर्तगाल ने नाइजीरिया को 2-1 से हराकर जीत के साथ अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दिया। हालांकि टीम के कप्तान और स्टार स्ट्राइकर क्रिस्टियानो रोनाल्डो गोल करने में नाकाम रहे। 41 वर्षीय रोनाल्डो को मैच में दो बार गोल करने के सुनहरे मौके मिले, लेकिन वह दोनों बार गोलकीपर को नहीं भेद सके। उन्हें 65वें मिनट में मैदान से बाहर बुला लिया गया। पुर्तगाल ने 23वें मिनट में पेड्रो नेटो के गोल से बढ़त बनाई थी। नाइजीरिया ने अकोर एडम्स के गोल की मदद से स्कोर 1-1 कर दिया। दूसरे हाफ में विकल्प खिलाड़ी के रूप में मैदान में आए फ्रांसिस्को कॉन्सेइकाओ ने 75वें मिनट में शानदार गोल दागकर पुर्तगाल को फिर बढ़त दिलाई। यही गोल टीम की जीत का कारण बना। पुर्तगाल अब वर्ल्ड कप में ग्रुप-K में कांगो, उज्बेकिस्तान और कोलंबिया के खिलाफ चुनौती पेश करेगा। वहीं रोनाल्डो अपने करियर का छठा वर्ल्ड कप खेलने उतरेंगे, जो विश्व रिकॉर्ड की बराबरी होगी। ———————————————- मेसी के गोल से अर्जेंटीना ने जीता प्रैक्टिस मैच ऑबर्न (अलाबामा, अमेरिका)। वर्ल्ड कप शुरू होने से पहले अमेरिका में जबरदस्त माहौल देखने को मिल रहा है। टूर्नामेंट से पहले अर्जेंटीना और आइसलैंड के अभ्यास मैच को देखने 88 हजार दर्शक पहुंचे। मुकाबले में अर्जेंटीना ने आइसलैंड को 3-0 से करारी शिकस्त दी। अलबामा में खेले गए इस मैच के असली हीरो कप्तान लियोनल मेसी रहे। चोट के कारण आराम कर रहे मेसी मैच के आखिरी 20 मिनट में मैदान पर उतरे। आते ही उन्होंने अपना 117वां अंतरराष्ट्रीय गोल दागा और तीसरे गोल (थियागो) में भी अहम भूमिका निभाई। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

वर्ल्ड अपडेट्स:चीन में जोरदार धमाका; 7 लोगों की मौत, 17 घायल

वर्ल्ड अपडेट्स:चीन में जोरदार धमाका; 7 लोगों की मौत, 17 घायल

चीन के गुआनशी क्षेत्र में हुए एक जोरदार धमाके में 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 17 अन्य घायल हुए हैं। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और घायलों की हालत खतरे से बाहर है। अधिकारियों ने शुरुआती जांच में गैस पाइपलाइन को हादसे की वजह मानने से इनकार किया है। अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि धमाका किस वजह से हुआ। फिलहाल धमाके के कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है। घटना के बाद इलाके में राहत और बचाव अभियान चलाया गया।

वर्ल्ड अपडेट्स:चीन में जोरदार धमाका; 7 लोगों की मौत, 17 घायल

वर्ल्ड अपडेट्स:चीन में जोरदार धमाका; 7 लोगों की मौत, 17 घायल

चीन के गुआनशी क्षेत्र में हुए एक जोरदार धमाके में 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 17 अन्य घायल हुए हैं। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और घायलों की हालत खतरे से बाहर है। अधिकारियों ने शुरुआती जांच में गैस पाइपलाइन को हादसे की वजह मानने से इनकार किया है। अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि धमाका किस वजह से हुआ। फिलहाल धमाके के कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है। घटना के बाद इलाके में राहत और बचाव अभियान चलाया गया।

अमेरिका का ईरान पर लगातार दूसरे दिन हमला:जवाब में ईरान ने कुवैत-बहरीन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया, होर्मुज फिर बंद किया

अमेरिका का ईरान पर लगातार दूसरे दिन हमला:जवाब में ईरान ने कुवैत-बहरीन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया, होर्मुज फिर बंद किया

अमेरिका ने गुरुवार सुबह ईरान के कई ठिकानों पर नए हवाई हमले किए। ईरानी मीडिया के मुताबिक केश्म द्वीप, बंदर अब्बास, मीनाब और सीरिक में धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जबकि कई इलाकों में एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव कर दिए गए। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरान समझौते की बातचीत में देरी कर रहा है, इसलिए अमेरिका दबाव बनाए रखेगा। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने 49 टॉमहॉक मिसाइलें दागीं और लड़ाकू विमानों से भी हमले किए। इसके जवाब में ईरान ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। हालांकि, किसी नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ईरान ने यह भी दावा किया कि उसने होर्मुज स्ट्रेट को जहाजों के लिए बंद कर दिया है, लेकिन अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इसे खारिज कर दिया। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

अमेरिका का ईरान पर लगातार दूसरे दिन हमला:जवाब में ईरान ने कुवैत-बहरीन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया, होर्मुज फिर बंद किया

अमेरिका का ईरान पर लगातार दूसरे दिन हमला:जवाब में ईरान ने कुवैत-बहरीन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया, होर्मुज फिर बंद किया

अमेरिका ने गुरुवार सुबह ईरान के कई ठिकानों पर नए हवाई हमले किए है। अप्रैल में हुए सीजफायर के बाद लगातार दूसरे दिन बड़ा अटैक है। ईरानी मीडिया के मुताबिक केश्म द्वीप, बंदर अब्बास, मीनाब और सीरिक में धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जबकि कई इलाकों में एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव कर दिए गए। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरान समझौते की बातचीत में देरी कर रहा है, इसलिए अमेरिका दबाव बनाए रखेगा। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने 49 टॉमहॉक मिसाइलें दागीं और लड़ाकू विमानों से भी हमले किए। इसके जवाब में ईरान ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। हालांकि, किसी नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ईरान ने एक बार फिर होर्मुज स्ट्रेट को सभी जहाजों के लिए बंद कर दिया है। हालांकि अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इसे खारिज कर दिया। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. जॉर्डन बोला- 5 ईरानी मिसाइलें हवा में मार गिराईं: जॉर्डन की सेना ने दावा किया कि ईरान से दागी गई 5 मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया गया। किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है। 2. ईरान का दावा- अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन मार गिराया: तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक दक्षिणी ईरान के जाम इलाके में अमेरिकी MQ-9 ड्रोन को गिराया गया। अमेरिका की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई। 3. होर्मुज के पास टैंकर पर अमेरिकी हमला: ओमान तट के पास एक ऑयल टैंकर पर अमेरिकी हमले के बाद आग लग गई। जहाज पर 24 भारतीय समेत 28 क्रू मेंबर सवार थे। एक व्यक्ति की मौत हुई, जबकि कुछ क्रू मेंबर लापता बताए गए। 4. रूस ने अमेरिका-ईरान से हमले रोकने की अपील की: मॉस्को ने दोनों देशों से संयम बरतने और सैन्य कार्रवाई बंद कर कूटनीति का रास्ता अपनाने को कहा। 5. कतर का प्रतिनिधिमंडल तेहरान पहुंचा: कतर ने क्षेत्रीय तनाव कम करने और अमेरिका-ईरान टकराव पर बातचीत के लिए अपना प्रतिनिधिमंडल ईरान भेजा है। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…