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विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप- आज भारत Vs नीदरलैंड:टी-20 इंटरनेशनल में पहली बार होगा सामना; पाकिस्तान का मुकाबला साउथ अफ्रीका से

विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप- आज भारत Vs नीदरलैंड:टी-20 इंटरनेशनल में पहली बार होगा सामना; पाकिस्तान का मुकाबला साउथ अफ्रीका से

वीमेंस टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम का मुकाबला नीदरलैंड के साथ होगा। यह मुकाबला हेडिंग्ले (लीड्स) के मैदान पर शाम 7 बजे से खेला जाएगा। भारत ने पिछले मुकाबले में पाकिस्तान को हराकर जीत के साथ टूर्नामेंट की शुरुआत की। वहीं नीदरलैंड को अपने पहले मैच में बांग्लादेश से हार का सामना करना पड़ा। टूर्नामेंट में आज कुल 3 मुकाबले खेले जाएंगे। पहला मैच ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश, दूसरा मैच भारत और नीदरलैंड और तीसरा मैच साउथ अफ्रीका और पाकिस्तान के बीच खेला जाएगा। टी-20 इंटरनेशनल में भारत-नीदरलैंड पहली बार भिड़ेंगे भारत और नीदरलैंड की यह पहली भिड़ंत होगी। दोनों टीमें पहली बार टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट आमने-सामने आई हैं। दोनों टीमों की टॉप प्लेयर्स स्मृति से अच्छी पारी की उम्मीद, दीप्ति हाईएस्ट विकेट टेकर भारतीय टीम के लिए टी-20 में स्मृति मंधाना सबसे सफल बल्लेबाज रही हैं। उन्होंने 167 मैचों में 124.92 की स्ट्राइक रेट से 4401 रन बनाए हैं। इस दौरा 112 रन उनका बेस्ट स्कोर है। गेंदबाजी में दीप्ति शर्मा भारत की टॉप विकेट टेकर हैं। उन्होंने 145 मैचों में 6.29 की इकोनॉमी से 166 विकेट चटकाए हैं। उनका बेस्ट बॉलिंग प्रदर्शन 10 रन देकर 5 विकेट है, जो उन्होंने पिछले मैच में पाकिस्तान के खिलाफ हासिल किया। बल्लेबाज स्टेर कालिस से नीदरलैंड को उम्मीदें नीदरलैंड के लिए स्टेर कालिस टीम की प्रमुख बल्लेबाज हैं। उन्होंने टी-20 में 65 मैचों में 104.43 की स्ट्राइक रेट से 1953 रन बनाए हैं। इस दौरान नाबाद 126 रन उनकी बेस्ट पारी रही है। वहीं गेंदबाजी में आइरिस ज्वीलिंग ने सबसे ज्यादा विकेट चटकाए हैं। उन्होंने 94 मैचों में 5.21 की किफायती इकोनॉमी से 101 विकेट लिए हैं। उनका बेस्ट बॉलिंग फिगर 6 रन देकर 3 विकेट रहा है। पिच कंडीशन और मौसम का मिजाज हेडिंग्ले की पिच पर शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को अच्छा स्विंग और बाउंस मिलेगा। मैच आगे बढ़ने पर यह धीमी हो सकती है, जिससे स्पिनर्स को मदद मिलेगी। यहां लक्ष्य का पीछा करना मुश्किल होता है, इसलिए टॉस जीतने वाली टीम पहले बैटिंग करना पसंद करेगी। मैच के दौरान तापमान 18°C से 21°C के बीच रहेगा और हल्के बादल छाए रहेंगे। मैच के दौरान 25 प्रतिशत तक बारिश का अनुमान है। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-11 भारत: स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), भारती फुलमाली, ऋचा घोष (विकेटकीपर), दीप्ति शर्मा, अरुंधति रेड्डी, श्रेयंका पाटिल, श्री चरणी, क्रांति गौड़। नीदरलैंड: स्टेर कालिस, सान्या खुराना, फेबे मोल्केनबोएर, बैबेट डी लीडे (कप्तान और विकेटकीपर), रोबिन रिक्स, आइरिस ज्वीलिंग, हीथर सीजर्स, फ्रेडरिक ओवरडिज्क, कैरोलिन डी लांगे, सिल्वर सीजर्स, इसाबेल वोनिंग। ऑस्ट्रेलिया Vs बांग्लादेश ऑस्ट्रेलिया को कभी नहीं हरा पाई बांग्लादेश टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश की टीमें अब तक 5 बार आमने-सामने आ चुकी हैं। इन सभी 5 मुकाबलों में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने जीत हासिल की है। बांग्लादेश को पहली जीत का इंतजार है। दोनों टीमों की टॉप प्लेयर्स बेथ मूनी सबसे सफल बैटर, मेगन शूट हाईएस्ट विकेट टेकर ऑस्ट्रेलिया के लिए टी-20 में बेथ मूनी ने सबसे ज्यादा रन बनाए हैं। उन्होंने 119 मैचों में 125.37 की स्ट्राइक रेट से 3552 रन बनाए हैं, जिसमें नाबाद 117* रन उनका बेस्ट स्कोर है। वहीं गेंदबाजी में मेगन शूट ऑस्ट्रेलिया की टॉप विकेट टेकर हैं। उन्होंने 125 मैचों में 6.4 की इकोनॉमी से 152 विकेट चटकाए हैं। उनका बेस्ट बॉलिंग प्रदर्शन 15 रन देकर 5 विकेट है। कप्तान निगार सुल्ताना पर बांग्लादेश की नजरें बांग्लादेश की कप्तान निगार सुल्ताना टीम की सबसे सफल बल्लेबाज हैं। उन्होंने टी-20 में 124 मैचों में 93.38 की स्ट्राइक रेट से 2526 रन बनाए हैं। इस दौरान नाबाद 113 रन उनकी बेस्ट पारी रही है। वहीं गेंदबाजी में नाहिदा अख्तर ने सबसे ज्यादा विकेट चटकाए हैं। उन्होंने 103 मैचों में 5.87 की किफायती इकोनॉमी से 117 विकेट लिए हैं। उनका बेस्ट बॉलिंग फिगर 8 रन देकर 5 विकेट रहा है। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-11 ऑस्ट्रेलिया: बेथ मूनी (विकेटकीपर), जॉर्जिया वॉल, फोएबे लिचफिल्ड, एलिसे पेरी, एशले गार्डनर, जॉर्जिया वेयरहम, एनाबेल सदरलैंड, निकोला केरी, सोफी मॉलिन्यूक्स (कप्तान), किम गार्थ, अलाना किंग। बांग्लादेश: दिलारा अख्तर, जुएयरिया फिरदौस, शर्मिन अख्तर, निगार सुल्ताना (कप्तान और विकेटकीपर), शोभना मोस्तरी, शोर्ना अख्तर, रितु मोनी, राबेया खान, मारुफा अख्तर, संजीदा अख्तर मेघला, फरिहा त्रिसना। साउथ अफ्रीका Vs पाकिस्तान पाकिस्तान और साउथ अफ्रीका के बीच कांटे की टक्कर साउथ अफ्रीका और पाकिस्तान के बीच टी20 इंटरनेशनल में मुकाबला हमेशा कांटे का रहा है। दोनों टीमें अब तक 27 बार आमने-सामने आ चुकी हैं। इसमें साउथ अफ्रीका ने 15 मुकाबले जीते हैं, जबकि पाकिस्तान ने 12 मैच अपने नाम किए हैं। दोनों टीमों की टॉप प्लेयर्स कप्तान लौरा वोल्वार्ट टॉप रन स्कोरर साउथ अफ्रीका की कप्तान लौरा वोल्वार्ट टीम ने टीम के लिए सबसे ज्यादा रन बनाए हैं। उन्होंने टी-20 के 99 मैचों में 121.82 की स्ट्राइक रेट से 2808 रन बनाए हैं। इसमें नाबाद 115 रन उनका बेस्ट स्कोर है। वहीं गेंदबाजी की अगुवाई अनुभवी शबनम इस्माइल के हाथों में होगी। उन्होंने 114 मैचों में 5.81 की शानदार इकोनॉमी से रन देते हुए 124 विकेट लिए हैं। उनका बेस्ट प्रदर्शन 12 रन देकर 5 विकेट है। मुनीबा अली से पाकिस्तान को उम्मीदें पाकिस्तान के लिए मुनीबा अली स्क्वाड की टॉप रन स्कोरर हैं। उन्होंने 90 मैचों में 98.44 की स्ट्राइक रेट से 1643 रन बनाए हैं। पारी में उनका बेस्ट स्कोर 102 रन है। गेंदबाजी में सादिया इकबाल ने सबसे ज्यादा विकेट चटकाए हैं। उन्होंने 60 मैचों में 5.87 की इकोनॉमी से 75 विकेट लिए हैं। उनका बेस्ट बॉलिंग फिगर 16 रन देकर 4 विकेट रहा है। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-11 साउथ अफ्रीका: लौरा वोल्वार्ट (कप्तान), सुने लूस, एनेरी डेर्कसेन, मारिजान काप, नादिन डी क्लर्क, च्लोए ट्रायोन, कायला रेनेके, सिनालो जाफ्ता (विकेटकीपर), शबनम इस्माइल, नोनकुलुलेको म्लाबा, अयाबोंगा खाका। पाकिस्तान: मुनीबा अली (विकेटकीपर), गुल फिरोजा, आयशा जफर, आलिया रियाज, सायरा जबीन, नतालिया परवेज, फातिमा सना (कप्तान), रामीन शमीम, नशरा संधू, तस्मिया रुबाब, सादिया इकबाल।

FIFA World Cup: England vs Croatia, Uzbekistan Debut

FIFA World Cup: England vs Croatia, Uzbekistan Debut

Hindi News Sports FIFA World Cup: England Vs Croatia, Uzbekistan Debut | Ghana Vs Panama स्पोर्ट्स डेस्क27 मिनट पहले कॉपी लिंक FIFA वर्ल्ड कप में आज रात इंग्लैंड और क्रोएशिया के बीच हाई वोल्टेज मैच खेला जाएगा। इस मैच को जीतकर इंग्लैंड 2018 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में मिली हार का हिसाब बराबर करना चाहेगी। यह मैच रात 1:30 बजे से डलास स्टेडियम में शुरू होगा। सुबह 4:30 बजे घाना और पनामा के बीच टोरंटो स्टेडियम में मुकाबला होगा। इसके बाद FIFA वर्ल्ड कप में पहली बार खेल रही उज्बेकिस्तान, कोलंबिया से मैच खेलेगी। मैच मेक्सिको सिटी स्टेडियम में सुबह 7:30 से खेला जाएगा। तीनों मैच भारतीय समयानुसार 18 जून को खेले जाएंगे। मैच-22: इंग्लैंड और क्रोएशिया के बीच कांटे की टक्कर ग्रुप-L में शामिल इंग्लैंड और क्रोएशिया के बीच अब तक कुल 11 इंटरनेशनल मुकाबले खेले गए हैं। हेड-टू-हेड रिकॉर्ड में इंग्लैंड का पलड़ा भारी है, जिसने 6 मैचों में जीत दर्ज की है। वहीं क्रोएशिया को 3 मैचों में सफलता मिली है। 2 मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। FIFA वर्ल्ड कप में दोनों टीमें दूसरी बार आमने-सामने होंगी। इससे पहले 2018 के सेमीफाइनल में दोनों टीमों की भिड़ंत हुई थी। तब क्रोएशिया ने इंग्लैंड को 2-1 से हराकर उसका फाइनल में पहुंचने का सपना तोड़ दिया था। इंग्लिश टीम को अपने स्टार स्ट्राइकर हैरी केन, मिडफील्डर जूड बेलिंगघम और युवा विंगर बुकायो साका से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। वहीं क्रोएशियाई टीम का पूरा दारोमदार उनके अनुभवी कप्तान और दिग्गज मिडफील्डर लुका मोड्रिच और डिफेंडर जोस्को ग्वार्डियोल पर टिका होगा। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: इंग्लैंड: पिकफोर्ड, वाकर, स्टोंस, गुएही, ट्रिपियर, राइस, बेलिंगघम, साका, फोडेन, गोर्डन, केन। क्रोएशिया: लिवाकोविच, स्टैनिसिच, सुतालो, ग्वार्डियोल, सोसा, मोड्रिच, कोवासिच, पासालिक, माजेर, क्रेमारिच, पेरिसीच। मैच-23: घाना और पनामा के बीच ऐतिहासिक मुकाबला ग्रुप-L में शामिल घाना और पनामा के बीच फुटबॉल इतिहास की यह पहली भिड़ंत होगी। दोनों टीमें आज तक किसी भी इंटरनेशनल मैच में आमने-सामने नहीं आई हैं। इस ग्रुप में इंग्लैंड और क्रोएशिया जैसी मजबूत टीम हैं। ऐसे में घाना-पनामा के लिए यह जीत बेहद अहम है। घाना को अपने स्टार मिडफील्डर मोहम्मद कुदुस और अटैकिंग फॉरवर्ड इनाकी विलियम्स से काफी उम्मीदें होंगी। वहीं पनामा की निगाहें मिडफील्डर अलबर्टो कैरास्क्विला और स्ट्राइकर जोसे फजार्डो पर टिकी होंगी। घाना को मिडफिल्डर मोहम्मद कुदुस से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: घाना: अति-जिगी, सेदु, जिवाकू, सालिसू, मेन्सा, समेड, पार्टी, नुअमा, कुदुस, आयू, विलियम्स। पनामा: मोस्केरा, मुरिलो, कोर्डोबा, कमिंग्स, मिलर, डेविस, गोडोय, कैरास्क्विला, बारसेनास, डियाज, फजार्डो। मैच-24: FIFA वर्ल्ड कप में पहली बार उज्बेकिस्तान दिखेगी ग्रुप-K में शामिल उज्बेकिस्तान पहली बार FIFA वर्ल्ड कप खेल रही है। उसका मुकाबाल कोलंबिया से है। दोनों टीमों के बीच इंटरनेशनल फुटबॉल में अब तक कोई मैच नहीं हुआ है। उज्बेकिस्तान को अनुभवी स्ट्राइकर और कप्तान एल्डोर शोमुरोडोव के साथ मिडफील्डर ओटाबेक शुकुरोव से जादुई प्रदर्शन की उम्मीद होगी। वहीं कोलंबिया की नजरें लिवरपूल के स्टार विंगर लुइस डियाज और अनुभवी प्लेमेकर जेम्स रोड्रिगेज के कॉम्बिनेशन पर टिकी होंगी। रोड्रिगेज ने 2014 वर्ल्ड कप में गोल्डन बूट का खिताब जीता था। एल्डोर शोमुरोडोव के हाथों में उज्बेकिस्तान कमान। टीम को उनसे गोल की उम्मीद होगी। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: उज्बेकिस्तान: युसुपोव, अलीकुलोव, अशुर्मतोव, एशमुरोडोव, नसरुल्लाएव, हमरोबेकोव, शुकुरोव, उरुनोव, जशुरबेक, माशारिपोव, शोमुरोडोव। कोलंबिया: वर्गास, मुनोज, सांचेज, कुएस्टा, मोजिका, रिओस, लेर्मा, एरिआस, रोड्रिगेज, कोर्डोबा, डियाज। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

डॉ के पर्चे के बगैर अब नहीं मिलेगा कफ सिरप:लॉन्ग रेंज लैंड अटैक क्रूज मिसाइल की सफल टेस्टिंग हुई, 17 जून के करेंट अफेयर्स

डॉ के पर्चे के बगैर अब नहीं मिलेगा कफ सिरप:लॉन्ग रेंज लैंड अटैक क्रूज मिसाइल की सफल टेस्टिंग हुई, 17 जून के करेंट अफेयर्स

आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- नेशनल (NATIONAL) 1. स्वदेशी लॉन्ग रेंज लैंड अटैक क्रूज मिसाइल की सफल टेस्टिंग स्पोर्ट्स 2. भारत फेंसिंग चैंपियनशिप 2026 की मेजबानी करेगा 3. निकी पुनाचा ATP चैलेंजर डबल्स खिताब जीता मिसलीनियस (MISCELLENEOUS) 4. सरकार ने दवा खरीदने के नियमों में बदलाव किया 5. GIC में सरकार की 5% हिस्सेदारी की बिक्री (OFS) जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया 6. त्रिपुरा के वाद्ययंत्र सरिंदा को GI टैग मिला आज का इतिहास (17 JUNE) ————————- ये खबर भी पढ़ें.. चीन ने बनाई सिक्‍के जितनी बड़ी दिमाग पढ़ने वाली चिप:भारत स्लोवाकिया यूनिवर्सिटी में AI सिखाएगा, 16 जून के करेंट अफेयर्स आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- पूरी खबर पढ़ें..

नई कहानी लिखूंगा तो बीवी मार देगी:विक्रम भट्ट बोले- बेटी ने प्रेग्नेंसी में फिल्म संभाली, अब नाती और परिवार को समय दूंगा

नई कहानी लिखूंगा तो बीवी मार देगी:विक्रम भट्ट बोले- बेटी ने प्रेग्नेंसी में फिल्म संभाली, अब नाती और परिवार को समय दूंगा

‘हॉन्टेड 3D’ की सफलता के बाद जहां हर कोई विक्रम भट्ट की अगली फिल्म का इंतजार कर रहा है, वहीं डायरेक्टर फिलहाल परिवार को समय देना चाहते हैं। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि अगर अभी नई कहानी लिखने बैठ गए तो शायद बीवी मार दे। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी कृष्णा प्रेग्नेंसी के दौरान भी फिल्म के हर शॉट और फ्रेम पर नजर रख रही थीं। अगर वह साथ नहीं होतीं तो शायद फिल्म बन नहीं पाती। विक्रम भट्ट अब नाना बन चुके हैं और नाती के साथ वक्त बिताना चाहते हैं। सवाल: “हॉन्टेड 3डी: इकोस ऑफ द पास्ट’ को बॉक्स ऑफिस पर अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। क्या इतनी जल्दी ऐसी उम्मीद थी? जवाब: मुझे उम्मीद और यकीन था कि ‘हॉन्टेड’ और मेरी हॉरर फिल्मों की अपनी ऑडियंस है। कभी वह ज्यादा संख्या में आती है, कभी कम, लेकिन आती जरूर है। हमारा एक प्यार का रिश्ता है। मुझे भरोसा था कि दर्शक मुझे निराश नहीं करेंगे और उन्होंने फिल्म को सफल बनाया। इसके लिए मैं उनका शुक्रगुजार हूं। सवाल : पहली हॉन्टेड को भी लोगों ने पसंद किया था। फिर फ्रेंचाइजी आगे बढ़ाने में इतना समय क्यों लगा? जवाब: मुझे लगता है जिंदगी में हर चीज सही समय पर होती है। आप कितनी भी प्लानिंग कर लें, होता वही है जो ऊपर वाला चाहता है। हमने पहले भी कोशिश की थी, लेकिन बात नहीं बन पाई। फिर लगा कि अब सही समय है और हमने फिल्म बना ली। सवाल: फिल्म की कास्टिंग कैसे तय हुई? चेतना पांडे और मिमोह को कैसे चुना? जवाब: मिमोह पहले से इस फ्रेंचाइजी का हिस्सा रहे हैं। मजाक में कहूं तो उन्होंने ‘हॉन्टेड’ पर अपना हक जमा लिया है। शुरुआत में दूसरी हीरोइन थी, लेकिन कुछ बातें मैच नहीं हुईं। मैं चेतना के साथ दूसरे प्रोजेक्ट पर सोच रहा था, फिर लगा कि वह इस किरदार के लिए सही रहेंगी। मैंने उन्हें कहानी सुनाई और उन्हें पसंद आ गई। सवाल: आपने हॉरर सिनेमा को एक अलग पहचान दी। आज के दर्शक हॉरर में क्या नया चाहते हैं? जवाब: मेरे हिसाब से भारत में हॉरर देखने वाली दो तरह की ऑडियंस है। एक हॉलीवुड स्टाइल हॉरर पसंद करती है, जबकि दूसरी भारतीय अंदाज का हॉरर देखना चाहती है, जिसमें प्यार, रिश्ते और इमोशन हों। मेरी फिल्में दूसरी तरह की ऑडियंस के लिए होती हैं। मेरा मानना है कि फिल्ममेकर का काम मनोरंजन करना है। सवाल : आपकी फिल्मों में हॉरर और इमोशन साथ चलते हैं। दोनों को कैसे बैलेंस करते हैं? जवाब: मेरे लिए हॉरर एक लव स्टोरी का विलेन होता है। अगर दर्शक किरदारों से जुड़ेंगे नहीं और उनके लिए महसूस नहीं करेंगे, तो डर भी महसूस नहीं होगा। इसलिए मेरी फिल्मों में रिश्ते और डर साथ चलते हैं। सवाल : हॉरर अभी भी पूरी तरह मेनस्ट्रीम क्यों नहीं बन पाया? जवाब: मेरा मानना है कि बड़े स्टार्स हॉरर करना पसंद नहीं करते। उन्हें लगता है कि डरते हुए दिखना उनकी इमेज के खिलाफ जाएगा। इसलिए इस जॉनर में कम लोग काम करते हैं। कुछ लोग हॉरर-कॉमेडी बना रहे हैं और कुछ क्लासिक हॉरर। सवाल : क्या कभी आपने किसी बड़े स्टार को खुद फिल्म का विषय सुझाया? जवाब: बहुत ज्यादा नहीं। मुझे पहले से अंदाजा होता है कि जो कहानियां मैं बनाना चाहता हूं, जरूरी नहीं कि हर स्टार उन्हें करना चाहे। एक-दो बार कोशिश की, लेकिन मैं ज्यादा फॉलो-अप नहीं करता। किसी पर दबाव भी नहीं डाल सकता। अगर सामने वाला कहता है कि करेगा, तो ठीक है। अगर कहता है कि सोचकर बताएगा, तो मैं समझ जाता हूं कि शायद उसकी रुचि नहीं है। सवाल : आपको कब लगा कि हॉरर को अपनी पहचान बनाना है और इंडस्ट्री में इसकी अलग जगह बनानी है? जवाब: जब मुझे लगा कि इस तरह की कहानियां बताना मुझे आता है और इनके लिए मेरी अपनी ऑडियंस है। देखिए, मैं डर बेचने वाला इंसान हूं। हर डायरेक्टर कुछ न कुछ बेचता है— कोई इमोशन, कोई लव स्टोरी और कोई कॉमेडी। मैं डर बेचता हूं। मेरी डर की दुकान है। किसी भी दुकान की तरह, जब आपकी दुकान चलने लगती है तो आप उसी पर ज्यादा काम करते हैं। बाद में दूसरी चीजें भी कर सकते हैं, लेकिन पहचान वही रहती है। मेरे लिए हॉरर वही पहचान है। जब तक दर्शक आ रहे हैं और उन्हें पसंद आ रहा है, मैं इसी दुनिया में नई कहानियां सुनाता रहूंगा। सवाल : हर बार हॉरर में कुछ नया लाना कितना मुश्किल होता है? जवाब: ये चुनौती सिर्फ हॉरर में नहीं, हर जॉनर में होती है। लव स्टोरी में नया एंगल, कॉमेडी में नए गैग्स और एक्शन में नया स्केल चाहिए। इसलिए हर फिल्म में कुछ अलग लाने की कोशिश करनी पड़ती है। सवाल: आपके लिए बॉक्स ऑफिस ज्यादा मायने रखता है या समय के साथ फिल्मों का पसंद किया जाना? जवाब: बॉक्स ऑफिस सिर्फ नंबर होते हैं। मेरी कई फिल्मों को रिलीज के समय पसंद नहीं किया गया, लेकिन बाद में वही लोगों की पसंदीदा बन गईं। उदाहरण के तौर पर ‘राज’ को शुरुआत में अच्छे रिव्यू नहीं मिले थे, लेकिन बाद में उसे क्लासिक कहा गया। पहली ‘हॉन्टेड’ के साथ भी ऐसा ही हुआ। रिलीज के समय आलोचना हुई, लेकिन बाद में लोगों ने उसे पसंद किया। मेरा मानना है कि जो फिल्म समय के साथ टिकती है, वही असली मायने में सफल होती है। सवाल : आगे भी हॉरर फिल्में बनाएंगे या कुछ नया सोच रहे हैं? जवाब: अभी मैं कुछ नहीं सोच रहा हूं। इस फिल्म को बनाने में बहुत मेहनत लगी है। थोड़ा आराम करना चाहता हूं और छुट्टियों पर जा रहा हूं। उसके बाद तय करूंगा कि आगे क्या करना है। सवाल : क्या छुट्टियों में भी नई कहानियों पर काम करेंगे? जवाब: अभी अगर मैं छुट्टियों में भी नई कहानियों पर काम करने लगूं तो शायद मेरी बीवी मार दे, क्योंकि उन्हें बिल्कुल समय नहीं दे पाया हूं। मेरी बेटी कृष्णा ने भी इस फिल्म के लिए बहुत मेहनत की है। वह प्रेग्नेंट थीं, लेकिन फिर भी हर शॉट और फ्रेम पर नजर रखती रहीं। सच कहूं तो अगर वह साथ नहीं होतीं तो

France Evian G7 Summit । PM Modi Donald Trump Meeting Tariff Talks

France Evian G7 Summit । PM Modi Donald Trump Meeting Tariff Talks

नई दिल्ली/एवियन (फ्रांस)28 मिनट पहले कॉपी लिंक G7 समिट के आउचरीच सेशन में मोदी-ट्रम्प की मुलाकात हुई। दोनों ने हाथ मिलाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के एवियन में आयोजित G-7 समिट के पहले दिन होर्मुज स्ट्रेट में भारतीयों की मौत का मुद्दा उठाया। आउटरीच सेशन में मोदी ने कहा- कई भारतीय नागरिकों ने भी अपनी जान गंवाई है। वैश्विक समुद्री व्यापार के जरिए देशों को जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है। मोदी ने कहा कि हम पश्चिम एशिया में शांति की दिशा में हुई प्रगति का स्वागत करते हैं। इस संघर्ष की वजह से क्षेत्र के हमारे मित्र देशों में जान-माल का नुकसान हुआ है। होर्मुज स्ट्रेट से होने वाले समुद्री व्यापार में रुकावट का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी बुरा असर पड़ा है। सेशन में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भी मौजूद थे और पीएम मोदी के पास ही बैठे थे। वहीं, आज शाम 6:30 बजे मोदी-ट्रम्प की द्विपक्षीय मीटिंग होगी। व्हाइट हाउस के मुताबिक, भारत-अमेरिका के बीच टैरिफ, निवेश और रणनीतिक साझेदारी से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। एवियन में G7 समिट के आउटरीच सेशन में पीएम मोदी ने ‘नई साझेदारियां बनाने और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता को फिर से मजबूत करने’ के मुद्दे पर वर्ल्ड लीडर्स को संबोधित किया। मोदी हाई लेवल वर्किंग सेशन में शामिल हुए पीएम मोदी जिस सेशन में शामिल हुए वह हाई लेवल वर्किंग सेशन था। इसकी थीम ‘नई साझेदारियां बनाना और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता को फिर से कायम करना’ थी। इस सेशन में G7 देशों के नेता, सहयोगी देशों के नेता और वर्ल्ड बैंक और अफ्रीकन डेवलपमेंट बैंक के प्रमुख प्रतिनिधि शामिल हुए। सेशन में मोदी की स्पीच के 5 पॉइंट्स आज की दुनिया पहले से कहीं ज्यादा आपस में जुड़ी हुई और एक-दूसरे पर निर्भर है। लेकिन, पार्टनरशिप तभी सफल हो सकती है जब वह भरोसे पर टिकी हो। आपसी भरोसा सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक संपत्ति है। दुख की बात है कि आज दुनिया में संसाधनों की नहीं, बल्कि भरोसे की कमी है। हमारी पार्टनरशिप का भविष्य इसी भरोसे को फिर से कायम करने पर निर्भर करता है। भारत में हम दुनिया को परिवार मानते हैं। हमारा अनुभव बताता है कि विकास तभी असरदार होता है जब वह लोगों की आकांक्षाओं से जुड़ा हो। यही सिद्धांत हमारी अंतरराष्ट्रीय पार्टनरशिप का आधार भी है। भारत का मानना ​​है कि पार्टनरशिप की असली परीक्षा यह नहीं है कि हम दूसरों के लिए क्या बनाते हैं, बल्कि यह है कि हम दूसरों को अपने लिए कुछ बनाने में कैसे सक्षम बनाते हैं। ग्लोबल साउथ को दुनिया से बहुत उम्मीदें हैं। उसे केवल समर्थन नहीं, बल्कि पार्टनरशिप चाहिए। हमें लेन-देन वाली सोच से आगे बढ़कर समान पार्टनर के तौर पर काम करना चाहिए। ट्रम्प कुर्सी से खड़े हुए, मोदी से हाथ मिलाया राष्ट्रपति ट्रम्प ने कुर्सी से खड़े होकर पीएम मोदी से हाथ मिलाया। दरअसल, पीएम मोदी फ्रांस के एवियन शहर में आयोजित G-7 समिट में शामिल हुए। पीएम मंगलवार को यहां स्लोवाकिया से पहुंचे थे। पीएम की ट्रम्प से मुलाकात हुई थी। पीएम मोदी को देखकर ट्रम्प सीट से खड़े हुए और उनसे हाथ मिलाया। इसके बाद दोनों के बीच करीब 5 मिनट तक बात हुई। पीएम मोदी की पिछले साल फरवरी में वॉशिंगटन के बाद ट्रम्प के साथ ये पहली मुलाकात रही। पिछले 16 महीनों के दौरान भारत-अमेरिका रिश्ते खासे उतार-चढ़ाव वाले रहे। इनमें ट्रम्प टैरिफ और एच-1 बी वीसा के मुद्दे खास रहे। हाल में ओमान की खाड़ी में अमेरिकी हमले में 3 भारतीय नाविकों के मारे जाने की घटना भी साने आई है। G7 समिट में मोदी-ट्रम्प की मुलाकात की 2 तस्वीरें…. G7 समिट के दौरान पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रम्प मिले। यह G7 समिट का प्लेनरी सेशन था, जहां सभी आमंत्रित देशों के नेता पहुंचे थे। PM मोदी की सिटिंग मैक्रों और ट्रम्प के ठीक बाद थी। इस बीच दोनों के बीच एक इंटरप्रेटर के जरिए बातचीत हुई। पीएम मोदी की दूसरे वर्ल्ड लीडर्स से मुलाकात की तस्वीरें… प्रधानमंत्री मोदी और कनाडा के पीएम मार्क जे कार्नी की मुलाकात हुई। प्रधानमंत्री मोदी और यूके के पीएम कीर स्टार्मर की मुलाकात हुई। प्रधानमंत्री मोदी की UAE प्रेसिडेंट राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात हुई। एवियन में G7 समिट के दौरान मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी से पीएम मोदी की मुलाकात हुई। पीएम मोदी की कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग से मुलाकात हुई। जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची के साथ पीएम मोदी की मुलाकात हुई। पीएम मोदी और केन्या के राष्ट्रपति विलियम रूटो मिले। दोनों ने हाथ मिलाकर एक-दूसरे का अभिवादन किया। मोदी- मेलोनी की मुलाकात मोदी जब एवियन पहुंचे तो फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद G-7 के देशों के राष्ट्राध्याक्षों ने ग्रुप फोटो भी खिंचवाई। इसी बीच मोदी और इटालियन पीएम जॉर्जिया मेलोनी की बातचीत भी हुई। मेलोनी ने मोदी से कहा- दोबारा मिलकर अच्छा लगा, हम इंस्टाग्राम पर सबसे फेमस हैं। दरअसल, मोदी पिछले महीने 5 देशों के दौरे पर गए थे। जहां उन्होंने रोम में पीएम मेलोनी को मेलोडी टॉफी दी थी। जिसका वीडियो वायरल हुआ था। पार्टनर देश के तौर पर शिखर सम्मेलन में भारत की 13वीं मौजूदगी है। यह 7वीं बार है जब प्रधानमंत्री इस ग्लोबल फोरम में हिस्सा ले रहे हैं। G-7 समिट की दो तस्वीरें… G7 समिट में पीएम मोदी ने US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रम्प और दुनिया भर से आए नेताओं के साथ ग्रुप फोटो सेशन में हिस्सा लिया। ग्रुप फोटो सेशन के बीच मोदी ने इटली की पीएम मेलोनी से मुलाकात की। दो महीने के अंदर यह दोनों की दूसरी मुलाकात है। इससे पहले दोनों 20 मई को रोम में मिले थे। G7 समिट में 12 देशों के नेता हिस्सा ले रहे G7 समिट में इसके सदस्य देशों कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और अमेरिका के नेता शामिल होंगे। इसके अलावा यूरोपीय संघ के प्रतिनिधि भी इसमें भाग ले रहे हैं। फ्रांस ने समिट में G7 देशों के अलावा कई अन्य देशों के नेताओं को भी सम्मेलन में आमंत्रित किया है। इनमें भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी, ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज, नासियो लूला दा सिल्वा, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्यंग, केन्या के राष्ट्रपति विलियम रुटो भी शामिल

France Evian G7 Summit । PM Modi Donald Trump Meeting Tariff Talks

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नई दिल्ली/एवियन (फ्रांस)7 मिनट पहले कॉपी लिंक G7 समिट के आउचरीच सेशन में मोदी-ट्रम्प की मुलाकात हुई। दोनों ने हाथ मिलाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के एवियन में आयोजित G-7 समिट के पहले दिन होर्मुज स्ट्रेट में भारतीयों की मौत का मुद्दा उठाया। आउटरीच सेशन में मोदी ने कहा- कई भारतीय नागरिकों ने भी अपनी जान गंवाई है। वैश्विक समुद्री व्यापार के जरिए देशों को जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है। मोदी ने कहा कि हम पश्चिम एशिया में शांति की दिशा में हुई प्रगति का स्वागत करते हैं। इस संघर्ष की वजह से क्षेत्र के हमारे मित्र देशों में जान-माल का नुकसान हुआ है। होर्मुज स्ट्रेट से होने वाले समुद्री व्यापार में रुकावट का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी बुरा असर पड़ा है। सेशन में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भी मौजूद थे और पीएम मोदी के पास ही बैठे थे। वहीं, आज शाम 6:30 बजे मोदी-ट्रम्प की द्विपक्षीय मीटिंग होगी। व्हाइट हाउस के मुताबिक, भारत-अमेरिका के बीच टैरिफ, निवेश और रणनीतिक साझेदारी से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। एवियन में G7 समिट के आउटरीच सेशन में पीएम मोदी ने ‘नई साझेदारियां बनाने और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता को फिर से मजबूत करने’ के मुद्दे पर वर्ल्ड लीडर को संबोधित किया। मोदी हाई लेवल वर्किंग सेशन में शामिल हुए पीएम मोदी जिस सेशन में शामिल हुए वह हाई लेवल वर्किंग सेशन था। इसकी थीम ‘नई साझेदारियां बनाना और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता को फिर से कायम करना’ थी। इस सेशन में G7 देशों के नेता, सहयोगी देशों के नेता और वर्ल्ड बैंक और अफ्रीकन डेवलपमेंट बैंक के प्रमुख प्रतिनिधि शामिल हुए। सेशन में मोदी की स्पीच के 5 पॉइंट्स आज की दुनिया पहले से कहीं ज्यादा आपस में जुड़ी हुई और एक-दूसरे पर निर्भर है। लेकिन, पार्टनरशिप तभी सफल हो सकती है जब वह भरोसे पर टिकी हो। आपसी भरोसा सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक संपत्ति है। दुख की बात है कि आज दुनिया में संसाधनों की नहीं, बल्कि भरोसे की कमी है। हमारी पार्टनरशिप का भविष्य इसी भरोसे को फिर से कायम करने पर निर्भर करता है। भारत में हम दुनिया को परिवार मानते हैं। हमारा अनुभव बताता है कि विकास तभी असरदार होता है जब वह लोगों की आकांक्षाओं से जुड़ा हो। यही सिद्धांत हमारी अंतरराष्ट्रीय पार्टनरशिप का आधार भी है। भारत का मानना ​​है कि पार्टनरशिप की असली परीक्षा यह नहीं है कि हम दूसरों के लिए क्या बनाते हैं, बल्कि यह है कि हम दूसरों को अपने लिए कुछ बनाने में कैसे सक्षम बनाते हैं। ग्लोबल साउथ को दुनिया से बहुत उम्मीदें हैं। उसे केवल समर्थन नहीं, बल्कि पार्टनरशिप चाहिए। हमें लेन-देन वाली सोच से आगे बढ़कर समान पार्टनर के तौर पर काम करना चाहिए। ट्रम्प कुर्सी से खड़े हुए, मोदी से हाथ मिलाया राष्ट्रपति ट्रम्प ने कुर्सी से खड़े होकर पीएम मोदी से हाथ मिलाया। दरअसल, पीएम मोदी फ्रांस के एवियन शहर में आयोजित G-7 समिट में शामिल हुए हैं। पीएम मंगलवार को यहां स्लोवाकिया से पहुंचे थे। पीएम की ट्रम्प से मुलाकात हुई थी। पीएम मोदी को देखकर ट्रम्प सीट से खड़े हुए और उनसे हाथ मिलाया। इसके बाद दोनों के बीच करीब 5 मिनट तक बात हुई। पीएम मोदी की पिछले साल फरवरी में वॉशिंगटन के बाद ट्रम्प के साथ ये पहली मुलाकात रही। पिछले 16 महीनों के दौरान भारत-अमेरिका रिश्ते खासे उतार-चढ़ाव वाले रहे। इनमें ट्रम्प टैरिफ और एच-1 बी वीसा के मुद्दे खास रहे। हाल में ओमान की खाड़ी में अमेरिकी हमले में 3 भारतीय नाविकों के मारे जाने की घटना भी साने आई है। G7 समिट में मोदी-ट्रम्प की मुलाकात की 2 तस्वीरें…. G7 समिट के दौरान पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रम्प मिले। यह G7 समिट का प्लेनरी सेशन था, जहां सभी आमंत्रित देशों के नेता पहुंचे थे। PM मोदी की सिटिंग मैक्रों और ट्रम्प के ठीक बाद थी। इस बीच दोनों के बीच एक इंटरप्रेटर के जरिए बातचीत हुई। पीएम मोदी की दूसरे वर्ल्ड लीडर्स से मुलाकात की तस्वीरें… प्रधानमंत्री मोदी और कनाडा के पीएम मार्क जे कार्नी की मुलाकात हुई। प्रधानमंत्री मोदी और यूके के पीएम कीर स्टारमर की मुलाकात हुई। प्रधानमंत्री मोदी की UAE प्रेसिडेंट राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात हुई। एवियन में G7 समिट के दौरान मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी से पीएम मोदी की मुलाकात हुई। पीएम मोदी की कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग से मुलाकात हुई। जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची के साथ पीएम मोदी की मुलाकात हुई। पीएम मोदी और केन्या के राष्ट्रपति विलियम रूटो मिले। दोनों ने हाथ मिलाकर एक-दूसरे का अभिवादन किया। मोदी- मेलोनी की मुलाकात मोदी जब एवियन पहुंचे तो फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद G-7 के देशों के राष्ट्राध्याक्षों ने ग्रुप फोटो भी खिंचवाई। इसी बीच मोदी और इटालियन पीएम जॉर्जिया मेलोनी की बातचीत भी हुई। मेलोनी ने मोदी से कहा- दोबारा मिलकर अच्छा लगा, हम इंस्टाग्राम पर सबसे फेमस हैं। दरअसल, मोदी पिछले महीने 5 देशों के दौरे पर गए थे। जहां उन्होंने रोम में पीएम मेलोनी को मेलोडी टॉफी दी थी। जिसका वीडियो वायरल हुआ था। पार्टनर देश के तौर पर शिखर सम्मेलन में भारत की 13वीं मौजूदगी है। यह 7वीं बार है जब प्रधानमंत्री इस ग्लोबल फोरम में हिस्सा ले रहे हैं। G-7 समिट की दो तस्वीरें… G7 समिट में पीएम मोदी ने US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रम्प और दुनिया भर से आए नेताओं के साथ ग्रुप फोटो सेशन में हिस्सा लिया। ग्रुप फोटो सेशन के बीच मोदी ने इटली की पीएम मेलोनी से मुलाकात की। दो महीने के अंदर यह दोनों की दूसरी मुलाकात है। इससे पहले दोनों 20 मई को रोम में मिले थे। G7 समिट में 12 देशों के नेता हिस्सा ले रहे G7 समिट में इसके सदस्य देशों कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और अमेरिका के नेता शामिल होंगे। इसके अलावा यूरोपीय संघ के प्रतिनिधि भी इसमें भाग ले रहे हैं। फ्रांस ने समिट में G7 देशों के अलावा कई अन्य देशों के नेताओं को भी सम्मेलन में आमंत्रित किया है। इनमें भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी, ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज, नासियो लूला दा सिल्वा, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्यंग, केन्या के राष्ट्रपति विलियम रुटो भी

Dainik Bhaskar series Antim Artificial intelligence Career

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नई दिल्ली4 घंटे पहले कॉपी लिंक रिपोर्ट्स के मुताबिक, AI शॉर्ट-टर्म कोर्स जॉब के लिए काफी नहीं हैं। देश में आने वाली कुल जॉब वैकेंसी में करीब 14% में सीधे तौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस AI स्किल की मांग की जा रही है और यह रफ्तार लगातार बढ़ रही है। यही वजह है कि AI से जुड़े कोर्स की बाढ़ आ गई है। मगर नैसकॉम और इंडीड की संयुक्त रीस्किलिंग व टेक हायरिंग रिपोर्ट के अनुसार, मार्केट में चल रहे करीब 70% कोर्स सिर्फ ‘धोखा’ दे रहे हैं। दरअसल, कंपनियों के पास 4 साल की डिग्री का इंतजार करने का समय नहीं है, इसलिए वे उन्हें तुरंत हायर कर रही हैं जो 3-6 महीने के फास्टट्रैक कोर्स के जरिए इन विशिष्ट भूमिकाओं के लिए तैयार होकर आ रहे हैं। हालांकि, रिपोर्ट्स यह चेतावनी भी देती हैं कि सिर्फ सर्टिफिकेट बेचने वाले फर्जी बूटकैंप्स से बचें। बाजार केवल उसी फास्ट-ट्रैक कोर्स को तवज्जो दे रहा है, जिसके अंत में छात्र के पास 3 से 4 लाइव, डिप्लॉयड पब्लिक प्रोजेक्ट्स का पोर्टफोलियो मौजूद हो। सवाल: AI इतनी तेज सीख रहा, ये कोर्स ‘बेकार’ नहीं हो जाएंगे इसे दो हिस्सों में समझें- पहला: टूल-बेस्ड स्किल्स (अल्पकालिक): ‘चैटजीपीटी’ सिखाने वाले कोर्स की प्रासंगिकता 6 महीने भी नहीं रहेगी। AI खुद ये काम आसान बना देगा। दूसरा: कोर प्रिंसिपल्स (दीर्घकालिक): डेटा लिटरेसी, एथिकल AI, प्रॉब्लम फ्रेमिंग और AI सिस्टम डायरेक्शन जैसे बुनियादी सिद्धांत सिखाने वाले कोर्स लंबे समय (3-5 साल+) तक प्रासंगिक रहेंगे। दैनिक भास्कर ने ‘100% जॉब गारंटी’ के दावों में छिपी शर्तें को लेकर इंडियन स्टाफिंग फेडरेशन (ISF) की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सुचिता दत्ता से बात की। उनसे कुछ सवाल किए, जिनके जवाब उन्होंने दिए शॉर्ट-टर्म कोर्स जॉब के लिए काफी हैं?बिल्कुल नहीं। बाजार उन्हें पुरस्कृत करता है, जिसके पास पारंपरिक डिग्री के बुनियादी आधार के साथ-साथ व्यावहारिक AI की समझ और लाइव प्रोजेक्ट्स का पोर्टफोलियो हो। ‘100% जॉब गारंटी’ के दावे सही हैं?ऐसे दावों में न्यूनतम वेतन (अक्सर 3-4 लाख रु. सालाना), अनिवार्य उपस्थिति और रीलोकेशन जैसी कड़ी शर्तें छिपी होती हैं। कई कोर्सेज में पुराना पाठ्यक्रम पढ़ाया जा रहा है। क्या AI स्किल्स जानने वालों को वेतन में कोई विशेष लाभ मिल रहा है?हां, बाजार में AI स्किल्स की भारी डिमांड है। डेटा के अनुसार, जिन नौकरियों में AI कौशल की मांग की जाती है, वहां मिलने वाला औसत वेतन प्रीमियम पिछले वर्ष के 25% से बढ़कर अब सीधे 56% हो चुका है। जेनेरेटिव AI, एलएलएम इंजीनियरिंग और MLOps में सैलरी का क्या ट्रेंड है?इन आधुनिक क्षेत्रों में असली प्रीमियम स्किल्स और लाइव प्रोजेक्ट को मिलता है। बाजार में जेनेरेटिव AI, एलएलएम इंजीनियरिंग और MLOps की भूमिकाएं मिड-लेवल पर लगभग 18-35 लाख सालाना पैकेज दे रहीं। कौन-सी जॉब ज्यादा प्रभावित हो रहीं?अनुमानों के मुताबिक, AI शुरुआती स्तर की भूमिकाओं को 20 से 25% तक कम कर रहा है। एंट्री लेवल की नियुक्तियों में महीने-दर-महीने 23% और साल-दर-साल 44% की गिरावट दर्ज की गई है। इसमें सबसे ज्यादा असर रूटीन सॉफ्टवेयर टेस्टिंग, बेसिक कस्टमर सपोर्ट और जूनियर-कोडिंग जैसे कामों पर पड़ रहा है। आईएमएफ के अनुसार, भारत के 26% कार्यबल पर जनरेटिव AI का प्रभाव पड़ रहा है, जिसमें से 12% पर सीधे नौकरी जाने का खतरा है। जून 2026 में भारत की टेक हायरिंग 28 महीने के निचले स्तर पर आ गई। इंटरव्यू का तरीका कैसे बदल गया?अब कोडिंग टेस्ट नहीं होते हैं। समस्या को समझने, निर्णय लेने की क्षमता व सही प्रॉम्प्ट देने की योग्यता देखते हैं। AI सीखने-समझने की शुरुआत AI for Everyone से करें किसी महंगे या भारी-भरकम कोडिंग कोर्स में सीधे पैसा और समय लगाने की जल्दबाजी न करें। पहले ‘AI साक्षरता’ और ‘प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग’ को मजबूत करें। सबसे पहला कोर्स जो आपको अभी से शुरू करना चाहिए- कोर्स का नाम : ‘AI for Everyone’ (एंड्रयू एनजी) कहां उपलब्ध : Coursera (फ्री है, अगर सर्टिफिकेट चाहिए तो ही पैसे लगते हैं। इसमें सर्टिफिकेट लेना ज्यादा जरूरी नहीं है) समय: मात्र 6 से 10 घंटे। क्यों जरूरी है: AI की दुनिया के सबसे बड़े गुरु एंड्रयू एनजी का यह कोर्स आपको बिना किसी कोडिंग के यह सिखाएगा कि AI वास्तव में काम कैसे करता है? न्यूरल नेटवर्क क्या हैं? और आप अपने दैनिक काम या बिजनेस में AI के अवसरों को कैसे पहचान सकते हैं? यह आपकी नींव (फाउंडेशन) तैयार कर देगा। ……………….. एआई से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… रिपोर्ट- 2030 तक AI से 22% नौकरियों पर असर: 40% कंपनियों में डिग्री+AI वालों को तवज्जो; चीन ने 12000 डिग्रियां खत्म कीं, एआई कोर्स शुरू देश में आईटी, कानून, कॉमर्स,ट्रांसलेशन, डिजाइन और लाइब्रेरी साइंस जैसे क्षेत्रों में बड़ा उलटफेर शुरू हो चुका है। AI के टूल्स ने उन कामों को या तो खत्म कर दिया है या बेहद सिकोड़ दिया है, जिनके लिए लाखों छात्र हर साल डिग्रियां लेते हैं। एचआर कंपनी टीमलीज का कहना है कि 40% कंपनियां ‘हाइब्रिड स्किल’ यानी डिग्री के साथ AI टूल्स की जानकारी को अनिवार्य मानती हैं। नैस्कॉम की 2024 की रिपोर्ट कहती है कि देश में 82% बीसीए और एमसीए ग्रेजुएट्स के पास AI टूल्स की औपचारिक ट्रेनिंग नहीं है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

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Dainik Bhaskar series Antim Artificial intelligence Career

नई दिल्ली7 मिनट पहले कॉपी लिंक रिपोर्ट्स के मुताबिक, AI शॉर्ट-टर्म कोर्स जॉब के लिए काफी नहीं हैं। देश में आने वाली कुल जॉब वैकेंसी में करीब 14% में सीधे तौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस AI स्किल की मांग की जा रही है और यह रफ्तार लगातार बढ़ रही है। यही वजह है कि AI से जुड़े कोर्स की बाढ़ आ गई है। मगर नैसकॉम और इंडीड की संयुक्त रीस्किलिंग व टेक हायरिंग रिपोर्ट के अनुसार, मार्केट में चल रहे करीब 70% कोर्स सिर्फ ‘धोखा’ दे रहे हैं। दरअसल, कंपनियों के पास 4 साल की डिग्री का इंतजार करने का समय नहीं है, इसलिए वे उन्हें तुरंत हायर कर रही हैं जो 3-6 महीने के फास्टट्रैक कोर्स के जरिए इन विशिष्ट भूमिकाओं के लिए तैयार होकर आ रहे हैं। हालांकि, रिपोर्ट्स यह चेतावनी भी देती हैं कि सिर्फ सर्टिफिकेट बेचने वाले फर्जी बूटकैंप्स से बचें। बाजार केवल उसी फास्ट-ट्रैक कोर्स को तवज्जो दे रहा है, जिसके अंत में छात्र के पास 3 से 4 लाइव, डिप्लॉयड पब्लिक प्रोजेक्ट्स का पोर्टफोलियो मौजूद हो। सवाल: AI इतनी तेज सीख रहा, ये कोर्स ‘बेकार’ नहीं हो जाएंगे इसे दो हिस्सों में समझें- पहला: टूल-बेस्ड स्किल्स (अल्पकालिक): ‘चैटजीपीटी’ सिखाने वाले कोर्स की प्रासंगिकता 6 महीने भी नहीं रहेगी। AI खुद ये काम आसान बना देगा। दूसरा: कोर प्रिंसिपल्स (दीर्घकालिक): डेटा लिटरेसी, एथिकल AI, प्रॉब्लम फ्रेमिंग और AI सिस्टम डायरेक्शन जैसे बुनियादी सिद्धांत सिखाने वाले कोर्स लंबे समय (3-5 साल+) तक प्रासंगिक रहेंगे। दैनिक भास्कर ने ‘100% जॉब गारंटी’ के दावों में छिपी शर्तें को लेकर इंडियन स्टाफिंग फेडरेशन (ISF) की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सुचिता दत्ता से बात की। उनसे कुछ सवाल किए, जिनके जवाब उन्होंने दिए शॉर्ट-टर्म कोर्स जॉब के लिए काफी हैं?बिल्कुल नहीं। बाजार उन्हें पुरस्कृत करता है, जिसके पास पारंपरिक डिग्री के बुनियादी आधार के साथ-साथ व्यावहारिक AI की समझ और लाइव प्रोजेक्ट्स का पोर्टफोलियो हो। ‘100% जॉब गारंटी’ के दावे सही हैं?ऐसे दावों में न्यूनतम वेतन (अक्सर 3-4 लाख रु. सालाना), अनिवार्य उपस्थिति और रीलोकेशन जैसी कड़ी शर्तें छिपी होती हैं। कई कोर्सेज में पुराना पाठ्यक्रम पढ़ाया जा रहा है। क्या AI स्किल्स जानने वालों को वेतन में कोई विशेष लाभ मिल रहा है?हां, बाजार में AI स्किल्स की भारी डिमांड है। डेटा के अनुसार, जिन नौकरियों में AI कौशल की मांग की जाती है, वहां मिलने वाला औसत वेतन प्रीमियम पिछले वर्ष के 25% से बढ़कर अब सीधे 56% हो चुका है। जेनेरेटिव AI, एलएलएम इंजीनियरिंग और MLOps में सैलरी का क्या ट्रेंड है?इन आधुनिक क्षेत्रों में असली प्रीमियम स्किल्स और लाइव प्रोजेक्ट को मिलता है। बाजार में जेनेरेटिव AI, एलएलएम इंजीनियरिंग और MLOps की भूमिकाएं मिड-लेवल पर लगभग 18-35 लाख सालाना पैकेज दे रहीं। कौन-सी जॉब ज्यादा प्रभावित हो रहीं?अनुमानों के मुताबिक, AI शुरुआती स्तर की भूमिकाओं को 20 से 25% तक कम कर रहा है। एंट्री लेवल की नियुक्तियों में महीने-दर-महीने 23% और साल-दर-साल 44% की गिरावट दर्ज की गई है। इसमें सबसे ज्यादा असर रूटीन सॉफ्टवेयर टेस्टिंग, बेसिक कस्टमर सपोर्ट और जूनियर-कोडिंग जैसे कामों पर पड़ रहा है। आईएमएफ के अनुसार, भारत के 26% कार्यबल पर जनरेटिव AI का प्रभाव पड़ रहा है, जिसमें से 12% पर सीधे नौकरी जाने का खतरा है। जून 2026 में भारत की टेक हायरिंग 28 महीने के निचले स्तर पर आ गई। इंटरव्यू का तरीका कैसे बदल गया?अब कोडिंग टेस्ट नहीं होते हैं। समस्या को समझने, निर्णय लेने की क्षमता व सही प्रॉम्प्ट देने की योग्यता देखते हैं। AI सीखने-समझने की शुरुआत AI for Everyone से करें किसी महंगे या भारी-भरकम कोडिंग कोर्स में सीधे पैसा और समय लगाने की जल्दबाजी न करें। पहले ‘AI साक्षरता’ और ‘प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग’ को मजबूत करें। सबसे पहला कोर्स जो आपको अभी से शुरू करना चाहिए- कोर्स का नाम : ‘AI for Everyone’ (एंड्रयू एनजी) कहां उपलब्ध : Coursera (फ्री है, अगर सर्टिफिकेट चाहिए तो ही पैसे लगते हैं। इसमें सर्टिफिकेट लेना ज्यादा जरूरी नहीं है) समय: मात्र 6 से 10 घंटे। क्यों जरूरी है: AI की दुनिया के सबसे बड़े गुरु एंड्रयू एनजी का यह कोर्स आपको बिना किसी कोडिंग के यह सिखाएगा कि AI वास्तव में काम कैसे करता है? न्यूरल नेटवर्क क्या हैं? और आप अपने दैनिक काम या बिजनेस में AI के अवसरों को कैसे पहचान सकते हैं? यह आपकी नींव (फाउंडेशन) तैयार कर देगा। ……………….. एआई से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… रिपोर्ट- 2030 तक AI से 22% नौकरियों पर असर: 40% कंपनियों में डिग्री+AI वालों को तवज्जो; चीन ने 12000 डिग्रियां खत्म कीं, एआई कोर्स शुरू देश में आईटी, कानून, कॉमर्स,ट्रांसलेशन, डिजाइन और लाइब्रेरी साइंस जैसे क्षेत्रों में बड़ा उलटफेर शुरू हो चुका है। AI के टूल्स ने उन कामों को या तो खत्म कर दिया है या बेहद सिकोड़ दिया है, जिनके लिए लाखों छात्र हर साल डिग्रियां लेते हैं। एचआर कंपनी टीमलीज का कहना है कि 40% कंपनियां ‘हाइब्रिड स्किल’ यानी डिग्री के साथ AI टूल्स की जानकारी को अनिवार्य मानती हैं। नैस्कॉम की 2024 की रिपोर्ट कहती है कि देश में 82% बीसीए और एमसीए ग्रेजुएट्स के पास AI टूल्स की औपचारिक ट्रेनिंग नहीं है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप: श्रीलंका की न्यूजीलैंड पर बड़ी जीत:टूर्नामेंट में पहली बार कीवियों को हराया; इंग्लैंड की लगातार दूसरी जीत, आयरलैंड को हराया

विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप: श्रीलंका की न्यूजीलैंड पर बड़ी जीत:टूर्नामेंट में पहली बार कीवियों को हराया; इंग्लैंड की लगातार दूसरी जीत, आयरलैंड को हराया

विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में मंगलवार को खेले गए मैच में श्रीलंका ने न्यूजीलैंड को रोमांचक मुकाबले में 5 विकेट से हरा दिया। यह पहली बार है जब विमेंस वर्ल्ड कप में श्रीलंका ने न्यूजीलैंड को हराया है। वहीं, इसी ग्राउंड पर खेले गए दूसरे मैच में इंग्लैंड ने आयरलैंड को 4 विकेट से हराकर इस वर्ल्ड कप में अपनी दूसरी जीत दर्ज की। साउथम्पटन में पहले बैटिंग करते हुए न्यूजीलैंड ने 20 ओवर में 150/6 का स्कोर बनाया। इसके जवाब में श्रीलंका ने 19.4 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर टारगेट हासिल कर लिया। रनचेज में श्रीलंका ने 55 रन पर 4 विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद निलाक्षिका सिल्वा (54*) और कौशनी नुथ्यंगना (24*) ने टीम को 19.4 ओवर में जीत दिला दी। निलाक्षिका को उनकी मैच विनिंग पारी के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया। श्रीलंका ने 10 रन के अंदर 4 विकेट गंवाए रनचेज में श्रीलंका को चमारी अटापट्टू (27 रन) ने अच्छी शुरुआत दिलाई। टीम ने 5.4 ओवर में बिना विकेट गंवाए 45 रन बना लिए थे। न्यूजीलैंड की पेसर ब्री इलिंग ने अट्टापटू को आउट कर टीम को पहला झटका दिया। इसके बाद स्पिनर नेंसी पटेल ने 2 विकेट लेकर श्रीलंका का स्कोर 45/0 से 55/4 कर दिया। हसिनी परेरा 2 रन बनाकर रनआउट हुईं। नंबर-6 पर बल्लेबाजी करने उतरी निलाक्षिका सिल्वा ने कविशा दिलहारी के साथ मिलकर 5वें विकेट लिए 50 रन जोड़े। 15वें ओवर की आखिरी गेंद पर दिलहारी रनआउट हुईं। इसके बाद कौशनी बल्लेबाजी के लिए उतरीं। निलाक्षिका और कौशनी ने छठवें विकेट के लिए नाबाद 48 रन जोड़े और टीम को 2 गेंद शेष रहते जीत दिला दी। डिवाइन और अमेलिया कर की पारियों से न्यूजीलैंड 150 रन तक पहुंची इससे पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की शुरुआत खराब रही। ओपनर इजी गेज सिर्फ 4 रन बनाकर मिथाली अयोध्या की गेंद पर कैच आउट हुईं। इसके बाद जॉर्जिया प्लिमर और अमेलिया कर ने दूसरे विकेट के लिए 46 गेंद पर 49 रन जोड़े। प्लिमर के आउट होने के बाद सोफी डिवाइन ने आक्रामक बल्लेबाजी की। उन्होंने कर के साथ 26 गेंद में 43 रन जोड़कर पारी को गति दी। हालांकि कविशा दिलहारी ने लगातार 2 विकेट लेकर न्यूजीलैंड को बैकफुट पर ढकेल दिया। डिवाइन और मैडी ग्रीन ने 3 ओवर में 30 रन बटोरे। डिवाइन के आउट होने के बाद आखिरी दो ओवर में सिर्फ 11 रन ही बने और न्यूजीलैंड 150/6 के स्कोर तक ही पहुंच सकी। न्यूजीलैंड के लिए कर और डिवाइन ने 45-45 रन बनाए। वहीं श्रीलंका की ओर से स्पिनर दिलहारी ने सबसे ज्यादा 2 विकेट लिए। टी-20 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड की लगातार दूसरी जीत विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड का विजयी अभियान जारी है। मंगलवार को बारिश से बाधित मैच में इंग्लैंड ने आयरलैंड को 4 विकेट से हरा दिया। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी आयरलैंड की टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 9 विकेट खोकर 118 रन बनाए थे। जवाब में इंग्लैंड ने 17.3 ओवर में 6 विकेट खोकर 119 रन बनाते हुए लक्ष्य हासिल कर लिया। इंग्लैंड की ओर से स्पिनर सोफी एक्लेस्टोन ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 22 रन देकर 3 विकेट चटकाए, वहीं चार्ली डीन ने महज 11 रन देकर 2 विकेट लिए। बल्लेबाजी में अनुभवी नैट साइवर ब्रंट ने 48 रनों की कप्तानी पारी खेली, जबकि हीथर नाइट ने 26 रनों का योगदान दिया। आयरलैंड ने खेलीं 60 डॉट बॉल्स टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम को ओवरकास्ट कंडीशंस (बादल छाए रहने) का पूरा फायदा मिला। इंग्लैंड के गेंदबाजों ने शुरुआत से ही आयरलैंड पर दबाव बना दिया। शुरुआती 5 ओवरों के भीतर ही आयरलैंड की दोनों ओपनर्स, एमी हंटर और अलाना डेलजेल पवेलियन लौट गईं। कप्तान गेबी लुईस भी बिना खाता खोले आउट हो गईं। इंग्लैंड की कसी हुई लाइन-लेंथ का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पूरे इनिंग्स में आयरलैंड की बल्लेबाजों ने 60 डॉट बॉल्स खेलीं। इसमें अकेले चार्ली डीन ने 20 डॉट बॉल्स फेंकी। डीन ने 4 ओवर में सिर्फ 11 रन देकर 2 विकेट झटके। ओरला प्रेंडरगास्ट और लुईस लिटिल ने संभाली पारी सिर्फ 25 रन पर 3 विकेट गिर जाने के बाद आयरलैंड के लिए ओरला प्रेंडरगास्ट ने आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने सोफी एक्लेस्टोन के छठे ओवर में दो चौके लगाकर टीम को संभाला। हालांकि, वह अपनी पारी को ज्यादा लंबा नहीं खींच सकीं और 18 गेंदों में 4 चौकों की मदद से 26 रन बनाकर आउट हो गईं। आखिरी ओवरों में लुईस लिटिल ने टीम का स्कोर 100 के पार पहुंचाया। उन्होंने लॉरेन बेल के आखिरी ओवर में चार चौके जड़ते हुए 17 रन बटोरे। यह आयरलैंड की पारी का सबसे महंगा और बेहतरीन ओवर रहा, जिसकी बदौलत टीम 118 के स्कोर तक पहुंच सकी। पावरप्ले में इंग्लिश टीम के 35 रन पर गिरे 3 विकेट 119 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही। घरेलू मैदान पर खेल रही इंग्लैंड की टीम को आयरलैंड के गेंदबाजों ने शुरुआती झटका दिया। पावरप्ले के अंदर केवल 10 गेंदों के भीतर इंग्लैंड ने 3 विकेट गंवा दिए और टीम का स्कोर 35/3 हो गया। आयरलैंड की एमी मैगुइरे ने पांचवें ओवर में दो बड़े विकेट लिए। पहले उन्होंने एमी जोन्स को मिड-ऑफ पर कप्तान लुईस के हाथों कैच कराया, फिर दो गेंद बाद ही टूर्नामेंट के पहले मैच की स्टार रहीं डैनी व्याट-हॉज को भी लुईस के हाथों कैच आउट कराया। अगले ओवर में प्रेंडरगास्ट ने एलिस कैप्सि को एक बेहतरीन यॉर्कर पर बोल्ड कर दिया। कप्तान ब्रंट और हीथर नाइट की 64 रनों की मैच जिताऊ पार्टनरशिप तीन विकेट जल्दी गिरने के बाद कप्तान नैट साइवर ब्रंट और हीथर नाइट ने मोर्चा संभाला। दोनों अनुभवी बल्लेबाजों ने चौथे विकेट के लिए 64 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की। उन्होंने सिंगल्स-डबल्स लेकर स्ट्राइक रोटेट की और खराब गेंदों पर बाउंड्री लगाई। इस साझेदारी को प्रेंडरगास्ट ने नाइट (26 रन) को एलबीडब्ल्यू (LBW) आउट करके तोड़ा। मैच खत्म होने से ठीक पहले कप्तान साइवर ब्रंट 48 रन के निजी स्कोर पर रिटायर्ड हर्ट हो गईं और फ्रेया केम्प रन आउट हो गईं। हालांकि, टीम जीत के बेहद

विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप: श्रीलंका की न्यूजीलैंड पर बड़ी जीत:टूर्नामेंट में पहली बार कीवियों को हराया; 5 विकेट रहते रनचेज किया, निलाक्षिका की फिफ्टी

विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप: श्रीलंका की न्यूजीलैंड पर बड़ी जीत:टूर्नामेंट में पहली बार कीवियों को हराया; 5 विकेट रहते रनचेज किया, निलाक्षिका की फिफ्टी

श्रीलंका ने मंगलवार को विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में न्यूजीलैंड को रोमांचक मुकाबले में 5 विकेट से हरा दिया। यह पहली बार है जब विमेंस वर्ल्ड कप में श्रीलंका ने न्यूजीलैंड को हराया है। साउथम्पटन में पहले बैटिंग करते हुए न्यूजीलैंड ने 20 ओवर में 150/6 का स्कोर बनाया। इसके जवाब में श्रीलंका ने 19.4 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर टारगेट हासिल कर लिया। रनचेज में श्रीलंका ने 55 रन पर 4 विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद निलाक्षिका सिल्वा (54*) और कौशनी नुथ्यंगना (24*) ने टीम को 19.4 ओवर में जीत दिला दी। निलाक्षिका को उनकी मैच विनिंग पारी के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया। श्रीलंका ने 10 रन के अंदर 4 विकेट गंवाए रनचेज में श्रीलंका को चमारी अटापट्टू (27 रन) ने अच्छी शुरुआत दिलाई। टीम ने 5.4 ओवर में बिना विकेट गंवाए 45 रन बना लिए थे। न्यूजीलैंड की पेसर ब्री इलिंग ने अट्टापटू को आउट कर टीम को पहला झटका दिया। इसके बाद स्पिनर नेंसी पटेल ने 2 विकेट लेकर श्रीलंका का स्कोर 45/0 से 55/4 कर दिया। हसिनी परेरा 2 रन बनाकर रनआउट हुईं। नंबर-6 पर बल्लेबाजी करने उतरी निलाक्षिका सिल्वा ने कविशा दिलहारी के साथ मिलकर 5वें विकेट लिए 50 रन जोड़े। 15वें ओवर की आखिरी गेंद पर दिलहारी रनआउट हुईं। इसके बाद कौशनी बल्लेबाजी के लिए उतरीं। निलाक्षिका और कौशनी ने छठवें विकेट के लिए नाबाद 48 रन जोड़े और टीम को 2 गेंद शेष रहते जीत दिला दी। डिवाइन और अमेलिया कर की पारियों से न्यूजीलैंड 150 रन तक पहुंची इससे पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की शुरुआत खराब रही। ओपनर इजी गेज सिर्फ 4 रन बनाकर मिथाली अयोध्या की गेंद पर कैच आउट हुईं। इसके बाद जॉर्जिया प्लिमर और अमेलिया कर ने दूसरे विकेट के लिए 46 गेंद पर 49 रन जोड़े। प्लिमर के आउट होने के बाद सोफी डिवाइन ने आक्रामक बल्लेबाजी की। उन्होंने कर के साथ 26 गेंद में 43 रन जोड़कर पारी को गति दी। हालांकि कविशा दिलहारी ने लगातार 2 विकेट लेकर न्यूजीलैंड को बैकफुट पर ढकेल दिया। डिवाइन और मैडी ग्रीन ने 3 ओवर में 30 रन बटोरे। डिवाइन के आउट होने के बाद आखिरी दो ओवर में सिर्फ 11 रन ही बने और न्यूजीलैंड 150/6 के स्कोर तक ही पहुंच सकी। न्यूजीलैंड के लिए कर और डिवाइन ने 45-45 रन बनाए। वहीं श्रीलंका की ओर से स्पिनर दिलहारी ने सबसे ज्यादा 2 विकेट लिए। ——————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… ईरानी फुटबॉल टीम बोली-हमें तुरंत अमेरिका छोड़ने को कहा गया:मैच के तुरंत बाद मेक्सिको जाना पड़ा; ईरानी खिलाड़ी ने गन सेलिब्रेशन किया था अमेरिका में फुटबॉल वर्ल्ड कप के दौरान ईरानी प्लेयर के गन सेलीब्रेशन पर विवाद हो गया। इस घटना के बाद ईरानी टीम को मैच के तुरंत बाद अमेरिका से मेक्सिको जाने को कहा गया। ईरान की टीम का बेस कैंप मेक्सिको है। अमेरिका में हर मैच के बाद ईरान को बेस कैंप लौटना होता है। पूरी खबर पढ़ें..