Wednesday, 05 Aug 2026 | 01:10 PM

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The world’s longest flight will span nine time zones

The world's longest flight will span nine time zones

सिडनी6 मिनट पहले कॉपी लिंक यात्रियों को जेटलैग (थकान और अनिद्रा) से बचाने के लिए विमान में कृत्रिम सूर्योदय-सूर्यास्त, विशेष खान-पान और टहलने के लिए ‘वेलनेस जोन’ बनाया गया है। – फाइल फोटो कल्पना कीजिए कि आप एक विमान में बैठते हैं और बिना कहीं रुके, पूरे एक दिन यानी करीब 20 से 22 घंटे तक लगातार आसमान में सफर करते हैं। सात से नौ टाइम जोन को एक साथ पार करने का यह सफर किसी भी इंसान के शरीर और दिमाग को थकाकर चूर करने के लिए काफी है। लेकिन विज्ञान की मदद से अब इस थकाऊ सफर को आरामदायक और सेहतमंद बनाने का एक बड़ा प्रयोग होने जा रहा है। ऑस्ट्रेलियाई विमानन कंपनी ‘क्वांटस एयरवेज’ ने ‘सनराइज’ प्रोजेक्ट में दुनिया की सबसे लंबी नॉन-स्टॉप फ्लाइट (सिडनी से लंदन) के लिए विशेष रूप से बनाए एयरबस ए350-1000यूएलआर विमान पेश किया है। उड़ानें अगले साल शुरू होंगी। दावा है कि इसमें यात्रियों को जेटलैग (थकान और अनिद्रा) से बचाने के लिए विमान में कृत्रिम सूर्योदय-सूर्यास्त, विशेष खान-पान और टहलने के लिए ‘वेलनेस जोन’ है। एनिमेटेड लाइट जैविक घड़ी को दुरुस्त रखेगी इतने लंबे सफर में इंसान के जैविक चक्र (बायोलॉजिकल क्लॉक) को संतुलित रखना वैज्ञानिकों के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। प्रोजेक्ट के वैज्ञानिक अनुसंधान में शामिल रहे सिडनी यूनिवर्सिटी में नींद विज्ञान के प्रोफेसर पीटर सिस्टुली कहते हैं, ‘नौ टाइम जोन को एक साथ पार करना बड़ा जैविक संकट होता है। इसे मात देने के लिए हमने विमान के भीतर हर छोटी डिटेल पर काम किया है। टेकऑफ के तुरंत बाद भारी भोजन देने से बचा जाएगा और शरीर की प्राकृतिक जैविक घड़ी के अनुसार ‘प्रोटेक्टिव स्लीप विंडो’ तय होगा। इसमें विमान की खास एनिमेटेड लाइटिंग की बड़ी भूमिका होगी।’ विमान के केबिन डिजाइनर डेविड कॉन ने बताया, ‘विमान में ऑस्ट्रेलिया के प्राकृतिक दृश्यों से प्रेरित 14 अलग-अलग लाइट ‘सिनेरियो’ प्रोग्राम किए हैं, जो सुबह या शाम होने का अहसास कराएगी। स्विमिंग पूल जैसा अहसास कराने वाला खास जोन भी विमान में बिखरी हुई, झिलमिलाती रोशनी होगी, जो यात्रियों को किसी स्विमिंग पूल के किनारे लेटने जैसा अहसास कराएगी, जहां वे खड़े होकर स्ट्रेचिंग कर सकेंगे और शरीर को आराम दे सकेंगे। वजन की पाबंदियों के कारण इस बड़े विमान में केवल 238 यात्री ही सफर करेंगे, जिससे आम इकोनॉमी क्लास में भी पैरों को फैलाने के लिए 33 से 34 इंच की अतिरिक्त जगह मिलेगी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

बिजनेस के मामले में भी सबसे कीमती फीफा वर्ल्ड कप:99 हजार करोड़ विज्ञापनों पर खर्च, एक विज्ञापन का खर्च 200 करोड़ से ज्यादा

बिजनेस के मामले में भी सबसे कीमती फीफा वर्ल्ड कप:99 हजार करोड़ विज्ञापनों पर खर्च, एक विज्ञापन का खर्च 200 करोड़ से ज्यादा

इस बार का फीफा वर्ल्ड कप सिर्फ एक खेल टूर्नामेंट नहीं, बल्कि एक ऐसा आर्थिक महाकुंभ है, जो पेरिस ओलिंपिक से करीब चार गुना बड़ा है। फोर्ब्स की रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया की लगभग तीन-चौथाई आबादी यानी करीब 600 करोड़ लोग लोग इस आयोजन से जुड़ेंगे। 39 दिन तक चलने वाले इतने बड़े आयोजन को लेकर दुनिया भर के ब्रांड्स पानी की तरह पैसा बहा रहे हैं। एक अनुमान के मुताबिक, दुनियाभर की कंपनियां इस वर्ल्ड कप में विज्ञापनों पर लगभग 99 हजार करोड़ रुपए खर्च कर रही हैं। फीफा और विश्व व्यापार संगठन की स्टडी के अनुसार, यह वर्ल्ड कप वैश्विक इकोनॉमी में करीब 3 लाख 86 हजार करोड़ रुपए का योगदान देगा और दुनियाभर में आठ लाख से ज्यादा नई नौकरियां पैदा करेगा। इसका सबसे बड़ा फायदा अमेरिका की अर्थव्यवस्था को होगा, जहां सिर्फ होटल, रेस्टोरेंट और रियल एस्टेट जैसे सेक्टर्स में ही करीब 41 हजार करोड़ रुपए की बंपर कमाई होगी, जबकि कुल फायदा 1 लाख 62 करोड़ तक होगा। विज्ञापनों की कीमत आसमान छू रही है। वर्ल्ड कप फाइनल के दौरान अपना विज्ञापन दिखाने के लिए कंपनियों को लगभग 236 करोड़ रुपए तक की भारी-भरकम रकम चुकानी पड़ रही है। टीवी ब्रॉडकास्टर्स भी शुरुआती विज्ञापनों के लिए करीब 47 करोड़ रुपए का न्यूनतम पैकेज दे रहे हैं। फीफा को ब्रॉडकास्टिंग, स्पॉन्सरशिप और टिकटों की बिक्री से करीब 84 हजार करोड़ रुपए की कमाई होने की उम्मीद है, जो 2022 के कतर वर्ल्ड कप (करीब 71 हजार करोड़) के मुकाबले काफी ज्यादा है। इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि टूर्नामेंट शुरू होने से बहुत पहले ही सभी 16 ग्लोबल स्पॉन्सरशिप डील बिक चुकी थीं। एडिडास, कोका-कोला और पहली बार टेक पार्टनर के रूप में जुड़ी लेनोवो जैसी दिग्गज कंपनियां टॉप स्पॉन्सर बनने के लिए 1400 से 1900 करोड़ रुपए तक खर्च कर रही हैं। इतना पैसा खर्च, क्योंकि एक फोटो से पूरी दुनिया में चमक सकता है ब्रांड लेनोवो के एक अधिकारी ने बताया कि 2022 के वर्ल्ड कप फाइनल में जब अर्जेंटीना ने विनिंग पेनल्टी मारी थी, तो गोल के ठीक पीछे स्क्रीन पर वीजा (Visa) का लोगो चमक रहा था और जीत की वह तस्वीर अगले दिन दुनिया के हर अखबार के पहले पन्ने पर छपी थी। आज के दौर में, जब दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचना बेहद मुश्किल है, तब फीफा वर्ल्ड कप ब्रांड्स को दुनियाभर के अरबों लोगों के बीच अपनी अमिट पहचान बनाने का ऐसा सुनहरा मौका देता है, जिसकी कीमत किसी भी रकम से कहीं ज्यादा है।

India ODI Squad, England Tour, Shreyas Iyer, Virat Kohli, Rohit Sharma, Cricket News, BCCI, Indian Cricket Team

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Hindi News Sports Cricket India ODI Squad, England Tour, Shreyas Iyer, Virat Kohli, Rohit Sharma, Cricket News, BCCI, Indian Cricket Team स्पोर्ट्स डेस्ककुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक BCCI ने रविवार को इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय वनडे टीम का ऐलान कर दिया। शुभमन गिल कप्तान बनाए गए हैं। श्रेयस अय्यर को उपकप्तानी दी गई है। विराट कोहली और रोहित शर्मा भी स्क्वॉड का हिस्सा हैं। इंग्लैंड के खिलाफ इस सीरीज को 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियों के लिए अहम माना जा रहा है। दौरे पर पांच टी-20 और तीन वनडे मैच होंगे। टी-20 टीम का ऐलान पहले ही हो चुका है। श्रेयस अय्यर टी-20 टीम के कप्तान हैं। इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय वनडे टीम शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उपकप्तान), केएल राहुल (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, नीतीश कुमार रेड्डी, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, गुरनूर बरार। खबर लगातार अपडेट हो रही है… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

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Hindi News Sports Cricket India ODI Squad, England Tour, Shreyas Iyer, Virat Kohli, Rohit Sharma, Cricket News, BCCI, Indian Cricket Team स्पोर्ट्स डेस्क4 मिनट पहले कॉपी लिंक BCCI ने रविवार को इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय वनडे टीम का ऐलान कर दिया। शुभमन गिल कप्तान बनाए गए हैं। श्रेयस अय्यर को उपकप्तानी दी गई है। विराट कोहली और रोहित शर्मा भी स्क्वॉड का हिस्सा हैं। इंग्लैंड के खिलाफ इस सीरीज को 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियों के लिए अहम माना जा रहा है। दौरे पर पांच टी-20 और तीन वनडे मैच होंगे। टी-20 टीम का ऐलान पहले ही हो चुका है। श्रेयस अय्यर टी-20 टीम के कप्तान हैं। टीम इंडिया इंग्लैंड में 5 टी-20 और 3 वनडे खेलेगी वरुण चक्रवर्ती आयरलैंड टी-20 सीरीज से बाहर वरुण चक्रवर्ती चोट के कारण आयरलैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज नहीं खेल पाएंगे। उन्हें आयरलैंड और इंग्लैंड दोनों सीरीज के लिए टीम में चुना गया था, लेकिन फिलहाल वह बेंगलुरु स्थित BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) में रिहैब कर रहे हैं। इंग्लैंड के खिलाफ उनकी उपलब्धता उनकी फिटनेस पर निर्भर करेगी। BCCI के अनुसार, उनकी वापसी पर अंतिम फैसला मेडिकल टीम की सलाह के बाद लिया जाएगा। आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टी-20 टीम श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा (उपकप्तान), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, ईशान किशन, शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, मोहम्मद सिराज, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह और प्रिंस यादव। ——————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… वैभव सूर्यवंशी ने वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा, 11 बॉल में अर्धशतक:50 ओवर क्रिकेट में फास्टेस्ट फिफ्टी वैभव सूर्यवंशी ने 50 ओवर की क्रिकेट में सबसे तेज हाफ सेंचुरी बनाने का 20 साल पुराना वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ दिया है। वैभव ने श्रीलंका-ए के खिलाफ अभी चल रहे ट्राई सीरीज के फाइनल में 29 बॉल पर 94 रन बनाए। उन्होंने सिर्फ 11 गेंदों पर हाफ सेंचुरी पूरी कर ली। सूर्यवंशी की इस पारी की बदौलत इंडिया-ए ने श्रीलंका-ए के खिलाफ फाइनल मुकाबले में 50 ओवर में 9 विकेट खोकर 377 रन बनाए। अनुकूल रॉय ने 15 गेंदों पर 39 रन बनाए। कप्तान तिलक वर्मा ने 67, प्रियांश आर्या ने 39 और कुमार कुशाग्र ने 36 रन बनाए। पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Nifty 24,500 Level? Foreign Investors Return; US-Iran Talks Watch

Nifty 24,500 Level? Foreign Investors Return; US-Iran Talks Watch

मुंबई14 मिनट पहले कॉपी लिंक कल 22 जून से शुरू होने वाले हफ्ते में शेयर बाजार में काफी हलचल रहने वाली है। 26 तारीख को मुहर्रम के चलते बाजार में केवल 4 दिन कारोबार होगा। अमेरिका-ईरान तनाव और विदेशी निवेशकों की खरीदारी-बिकवाली से लेकर टेक्निकल फैक्टर बाजार की दिशा तय करेंगे। चलिए समझते हैं अगले हफ्ते बाजार में क्या हो सकता है… सपोर्ट और रेजिस्टेंस सपोर्ट जोन: 23,936 | 23,870 | 23,820 | 23,466 | 23,345 | 23,320 सपोर्ट यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को नीचे गिरने से सहारा मिलता है। यहां खरीदारी बढ़ने से कीमत आसानी से नीचे नहीं जाती। यहां खरीदारी का मौका हो सकता है। रेजिस्टेंस जोन: 24,140 | 24,382 | 24,450 | 24,480 | 24,535 | 24,646 रेजिस्टेंस यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को ऊपर जाने में रुकावट आती है। ऐसा बिकवाली बढ़ने से होता है। रजिस्टेंस जोन पार करने पर तेजी की उम्मीद रहती है। नोट: सपोर्ट और रेजिस्टेंस के लेवल्स वेल्थ व्यू एनालिटिक्स की रिपोर्ट के अनुसार है। 5 फैक्टर्स जो तय करेंगे बाजार की दिशा… 1. अमेरिका-ईरान शांति समझौते के बाद भी बढ़ा तनाव अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए 60 दिनों के सीजफायर पर सहमति बनी थी, लेकिन तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान ने एक बार फिर शनिवार को ‘स्ट्रैट ऑफ होर्मुज’ बंद करने की घोषणा की है। हालांकि, अमेरिकी सेना ने इस दावे का गलत बताया। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अगर ईरान के साथ 60 दिनों में कोई समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका भविष्य में होर्मुज स्ट्रेट में टोल लगाने पर विचार कर सकता है। यह शुल्क मिडिल-ईस्ट में सुरक्षा पर हुए खर्च की भरपाई के लिए होगा। आज रविवार को अमेरिका और ईरान शांति वार्ता के लिए स्विट्जरलैंड भी पहुंच चुके हैं। अमेरिकी डेलिगेशन में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर हैं। वहीं, ईरानी डेलिगेशन का नेतृत्व विदेश मंत्री अब्बास अराघच कर रहे हैं। 2. IT शेयरों में जारी रह सकती है बिकवाली शुक्रवार को बाजार की गिरावट में सबसे बड़ा हाथ आईटी सेक्टर का रहा। इंफोसिस, टीसीएस, टेक महिंद्रा और एचसीएल टेक जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयर 7% तक टूट गए। इस गिरावट की मुख्य वजह अमेरिकी कंसल्टिंग कंपनी एक्सेंचर का रेवेन्यू ग्रोथ अनुमाना है। एक्सेंचर ने वित्त वर्ष 2026 के लिए अपने रेवेन्यू ग्रोथ के अनुमान को 3-5% से घटाकर 3-4% कर दिया है। इसके शेयरों में आई 11% की गिरावट आई। ऐसे में आने वाली तमीहियों में भारतीय आईटी कंपनियों के रेवेन्यू में भी गिरावट का अनुमान लगाया जा रहा है। इससे आईटी शेयर और गिर सकते हैं। इसके अलावा टेक्निकल चार्ट पर आईटी इंडेक्स अपने शॉर्ट और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे आ गया है, जिससे कमजोरी और बढ़ने के संकेत हैं। इसके लिए 27,050–27,000 का स्तर अहम सपोर्ट है, जबकि 28,250–28,300 का जोन रेजिस्टेंस बना हुआ है। 3. विदेशी निवेशकों की बाजार में वापसी लंबे समय तक बिकवाली करने के बाद विदेशी संस्थागत निवेशक एक बार फिर भारतीय बाजार में नेट बायर्स बन गए हैं। इस हफ्ते विदेशी निवेशकों ने बाजार में करीब 3,400 करोड़ रुपए का निवेश किया है। इसके साथ ही घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 7,100 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे। कैटेगरी लेटेस्ट बीते 7 दिन बीते 30 दिन DII -1,160 7,108 90,859 FII/FPI 4,859 3,386 -66,779 4. रुपए में स्थिरता से थोड़ी राहत मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 94.32 के स्तर पर लगभग फ्लैट बंद हुआ। डी-रिस्क फॉरेक्स कंसलटेंसी के एमडी धवल शाह के मुताबिक, रिजर्व बैंकके कदमों और मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने से रुपए को सपोर्ट मिला है। 5. एक्सपर्ट्स की राय और टेक्निकल सेटअप SBI सिक्योरिटीज के सुदीप शाह के मुताबिक, निफ्टी का ब्रॉडर ट्रेंड अभी भी पॉजिटिव है क्योंकि यह अपने 20-दिन और 50-दिन के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) से ऊपर ट्रेड कर रहा है। बाजार में गिरावट आने पर 23,850-23,800 का जोन मजबूत सपोर्ट का काम करेगा। अगर निफ्टी 23,800 के नीचे फिसलता है, तो यह 23,500 के स्तर तक जा सकता है। वहीं, ऊपर की तरफ 24,150-24,200 का स्तर पहला रेजिस्टेंस है, जिसे पार करने पर निफ्टी 24,500 तक पहुंच सकता है। नॉलेज पार्ट: क्या है ‘स्ट्रैट ऑफ होर्मुज’? यह फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित एक संकरा और बेहद महत्वपूर्ण जलमार्ग है। दुनिया का करीब 20% कच्चा तेल इसी रास्ते से होकर गुजरता है। सऊदी अरब, इराक, यूएई और कुवैत जैसे खाड़ी देश अपने तेल निर्यात के लिए इसी रूट पर निर्भर हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

UK PM Keir Starmer Resigns? 100 MPs Rebel; 6th PM in 10 Years

UK PM Keir Starmer Resigns? 100 MPs Rebel; 6th PM in 10 Years

लंदन5 मिनट पहले कॉपी लिंक ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर सोमवार को इस्तीफे का ऐलान कर सकते हैं और अपने पद छोड़ने का रोडमैप भी बता सकते हैं। यह दावा ब्रिटेन के अखबार ‘द ऑब्जर्वर’ की एक रिपोर्ट में किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, स्टार्मर ने कैबिनेट मंत्रियों, सलाहकारों और ट्रेड यूनियन नेताओं से बातचीत के बाद यह तय किया कि उनका पद पर बने रहना अब मुश्किल हो गया है। हालांकि, रॉयटर्स के मुताबिक, सरकारी सूत्रों ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि स्टार्मर अभी भी प्रधानमंत्री के तौर पर अपना काम करने पर ध्यान दे रहे हैं। रॉयटर्स के मुताबिक, स्टार्मर की लेबर पार्टी के 100 से ज्यादा सांसद सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि उन्हें इस्तीफा देना चाहिए या अपने पद छोड़ने की समयसीमा घोषित करनी चाहिए। यह बागी सांसद हाउस ऑफ कॉमन्स में पार्टी के कुल सांसदों का लगभग एक चौथाई हैं। अगर स्टार्मर इस्तीफा देते भी हैं, तो ब्रिटेन के 10 साल के इतिहास में वे छठे ऐसे प्रधानमंत्री होंगे जिन्हें यह पद छोड़ना पड़ा हो। इससे पहले डेविड कैमरन, थेरेसा मे, बोरिस जॉनसन, लिज ट्रस और ऋषि सुनक अपना कार्यकाल खत्म करने से पहले ही पीएम पद छोड़ चुके हैं। ब्रिटेन के अखबार ‘द ऑब्जर्वर’ और ‘द संडे टेलिग्राफ’ ने रविवार को प्रधानमंत्री स्टार्मर के इस्तिफे के बारे में छापा। स्टार्मर पर पद छोड़ने का दबाव क्यों बढ़ा स्टार्मर ने 2024 में लेबर पार्टी को बड़ी चुनावी जीत दिलाई थी, लेकिन उसके बाद उनकी लोकप्रियता लगातार घटी है। कई विवादों, नीतिगत यू-टर्न और जीवन स्तर में सुधार के वादों को पूरा नहीं कर पाने की वजह से उनकी छवी को नुकसान पहुंचा है। स्टार्मर की मुश्किलें और बढ़ गईं, जब उनके विरोधी एंडी बर्नहैम ने शुक्रवार को उपचुनाव जीत लिया। इस जीत के बाद बर्नहैम पार्टी की कमान संभालने की दावेदारी पेश कर सकते हैं। जीत के बाद उन्होंने कहा कि वह देश को नई दिशा देना चाहते हैं। वहीं, उनके सहयोगी नेता स्टार्मर से खुद इस्तीफा देने की मांग कर रहे हैं। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री वेस स्ट्रीटिंग ने भी संकेत दिया है कि वह जरूरत पड़ने पर स्टार्मर को नेतृत्व के लिए चुनौती दे सकते हैं। हालांकि, स्टार्मर ने शुक्रवार को साफ कहा था कि वह अपने नेतृत्व के खिलाफ आने वाली किसी भी चुनौती का सामना करेंगे और लेबर पार्टी के नेताओं से आपसी खींचतान से बचने की अपील की थी। ब्रिटेन में प्रधानमंत्री बार-बार बदलने की वजह एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ब्रिटेन में प्रधानमंत्री बार-बार बदलने की बड़ी वजह वहां की संसदीय व्यवस्था है। वहां प्रधानमंत्री को लोग सीधे नहीं चुनते, बल्कि उनकी पार्टी के सांसद उनका समर्थन करते हैं। प्रधानमंत्री तब तक पद पर बने रहते हैं, जब तक पार्टी के सांसद उनके साथ खड़े हो। अगर सांसदों को लगने लगे कि किसी नेता की घटती लोकप्रियता से अगले चुनाव में पार्टी को नुकसान हो सकता है, तो वे बिना आम चुनाव कराए भी नया नेता चुनने की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं। यही वजह है कि ब्रिटेन में पार्टी का समर्थन कमजोर पड़ते ही प्रधानमंत्री बदलने की नौबत जल्दी आ जाती है। ब्रिटेन की बड़ी पार्टियों के नियम भी नेताओं को हटाने का रास्ता आसान बना देते हैं। कंजर्वेटिव पार्टी में अगर 15% सांसद किसी नेता के खिलाफ चिट्ठी लिख दें, तो उसके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जा सकता है। वहीं, लेबर पार्टी में कोई दूसरा नेता तब दावेदारी पेश कर सकता है जब उसे पार्टी के 20% से ज्यादा सांसदों और सदस्यों का समर्थन मिल जाए। 2011 में स्थिरता के लिए ‘फिक्स्ड टर्म कानून’ लाया गया था 2011 में फिक्स्ड-टर्म पार्लियामेंट्स एक्ट’ लाया गया था। इसका मकसद संसद का कार्यकाल तय रखना और सरकारों को समय से पहले गिरने से बचाना था। लेकिन बाद में इस कानून को खत्म कर दिया गया। आलोचकों का कहना है कि इसके बाद पुराने नियम फिर लागू हो गए, जिससे प्रधानमंत्री अपनी पार्टी के समर्थन और अचानक पैदा होने वाले राजनीतिक संकटों के ज्यादा भरोसे हो गए। ऐसे में पार्टी का समर्थन कम होते ही प्रधानमंत्री की कुर्सी खतरे में पड़ सकती है, जिससे नेताओं का कार्यकाल छोटा और अनिश्चित होता जा रहा है। ब्रेग्जिट के बाद कम समय में अच्छे नतीजे देने का दबाव मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2016 में ब्रेग्जिट पर हुए जनमत संग्रह के बाद ब्रिटेन की राजनीति में बड़ा बदलाव आया। लोग अब सिर्फ पार्टी देखकर वोट नहीं देते, बल्कि महंगाई, टैक्स, सरकारी सेवाओं और बेहतर जीवन स्तर जैसे मुद्दों पर जल्दी नतीजे चाहते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसी वजह से नेताओं पर कम समय में अच्छे नतीजे देने का दबाव बढ़ गया है। अगर सरकार लोगों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरती, तो सत्तारूढ़ पार्टी के अंदर ही विरोध शुरू हो जाता है और नेता बदलने की मांग उठने लगती है। ———————— ये खबर भी पढ़ें… शबाना महमूद ब्रिटेन की पहली मुस्लिम प्रधानमंत्री बन सकती हैं:कश्मीर मूल की हैं; एपस्टीन फाइल्स विवाद से PM स्टार्मर की कुर्सी खतरे में अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े विवादों के कारण ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की कुर्सी खतरे में है। अब उनकी अपनी लेबर पार्टी के एक धड़े ने ही इस्तीफे की मांग कर दी है। हालांकि स्टार्मर अभी पद छोड़ने से इनकार कर रहे हैं। इस बीच, नए प्रधानमंत्री पद की होड़ में गृह मंत्री शबाना महमूद के साथ ही स्वास्थ्य मंत्री वेस्ट स्ट्रीटिंग और पूर्व उपप्रधानमंत्री अंगेला रेनर का नाम सामने आ रहा है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026:शिल्पा शेट्टी ने छोटे बच्चे को सिखाया योग, अक्षय कुमार और श्रीलीला ने योग कार्यक्रमों में लिया हिस्सा

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026:शिल्पा शेट्टी ने छोटे बच्चे को सिखाया योग, अक्षय कुमार और श्रीलीला ने योग कार्यक्रमों में लिया हिस्सा

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के मौके पर बॉलीवुड के कई सेलेब्स ने योग कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और सोशल मीडिया के जरिए लोगों को योग अपनाने का मैसेज दिया। इनमें अक्षय कुमार, शाहिद कपूर, श्रीलीला, शिल्पा शेट्टी, सुनील शेट्टी, नील नितिन मुकेश और जैकी श्रॉफ जैसे सेलेब्स शामिल हैं। अक्षय कुमार केंद्रीय खेल और युवा मामलों के मंत्री मनसुख मांडविया के साथ दिल्ली में एक पब्लिक योग इवेंट में शामिल हुए। सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आए, जिनमें वह वेलनेस कोच अंशुका परवानी के गाइडेंस में योग करते नजर आए। शाहिद कपूर और एक्ट्रेस श्रीलीला मुंबई में योगा डे इवेंट में शामिल हुए। दोनों सफेद एथलीजर आउटफिट में नजर आए। देखें इवेंट की तस्वीरें- शिल्पा ने योग को भारत का तोहफा बताया फिटनेस आइकन शिल्पा शेट्टी ने कहा था कि योग भारत का तोहफा है और अब इसे दुनिया भर के कई देश अपना रहे हैं। उन्होंने योग को दुनिया भर में पहचान दिलाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी धन्यवाद दिया। सुनील शेट्टी और नील नितिन मुकेश ने वीडियो मैसेज भी जारी किए। नील नितिन मुकेश ने बताया कि उनकी बेटी ने स्ट्रेचिंग और ब्रीदिंग एक्सरसाइज शुरू कर दी है। वहीं, सुनील शेट्टी ने डिसिप्लिन और मेंटल फिटनेस के लिए योग के महत्व पर जोर दिया। आयुष मंत्रालय द्वारा शेयर किए गए एक वीडियो में जैकी श्रॉफ ने अपने अंदाज में फिट रहने के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि सांस लेने पर ध्यान देना, योग करना और पेड़ लगाना अच्छी सेहत के लिए जरूरी है।

Income Tax Return 2026 Filing Start Update

Income Tax Return 2026 Filing Start Update

नई दिल्ली6 मिनट पहले कॉपी लिंक वित्त वर्ष 2025-26 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न यानी ITR फाइलिंग शुरू हो चुकी है। आम टैक्सपेयर्स के लिए रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 है। वहीं, बिजनेस क्लास (ITR-3 और 4) के कुछ लोगों के लिए यह 31 अगस्त है। अगर आप 31 जुलाई तक चूक जाते हैं, तो 31 दिसंबर तक जुर्माना भरकर ‘बिलेटेड रिटर्न’ फाइल कर सकते हैं। ITR आपकी पूरी आय, निवेश और वित्तीय लेन-देन का आधिकारिक रिकॉर्ड होता है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट AI, डेटा एनालिटिक्स और विभिन्न पोर्टलों के जरिए बैंक खातों, TDS, शेयर-म्यूचुअल फंड, प्रॉपर्टी और विदेश यात्रा तक की जानकारी जुटाकर ITR में दी गई जानकारी से मिलाता है। ऐसे में छोटी सी चूक भी टैक्स डिमांड, ब्याज और पेनाल्टी का कारण बन सकती है। यहां टैक्स एक्सपर्ट और सीए आनंद जैन, इंदौर आपको बता रहे हैं कि ITR भरते समय किन 10 जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए… 1. सिर्फ फॉर्म 16 पर भरोसा न करें बहुत से सैलरीड लोगों को लगता है कि फॉर्म 16 में जो कुछ है, वही काफी है। लेकिन फॉर्म 16 सिर्फ सैलरी और उस पर कटे TDS की जानकारी देता है। अगर आपको FD, RD, सेविंग अकाउंट का ब्याज, डिविडेंड, किराया, फ्रीलांस आय, शेयर-म्यूचुअल फंड का लाभ या विदेशी आय हुई है तो उसे भी ITR में शामिल करना जरूरी है। इन्हें छिपाने पर बाद में अतिरिक्त टैक्स और ब्याज चुकाना पड़ सकता है। 2. सही ITR फॉर्म चुनना बहुत जरूरी गलत फॉर्म चुनने पर रिटर्न डिफेक्टिव माना जा सकता है, यानी मान लिया जाएगा कि आपने रिटर्न फाइल ही नहीं किया। ITR-1: सैलरी, पेंशन और साधारण ब्याज आय वालों के लिए। ITR-2: कैपिटल गेन, एक से ज्यादा घर, विदेशी संपत्ति या आय वालों के लिए। ITR-3: बिजनेस, फ्रीलांस, F&O या ट्रेडिंग करने वालों के लिए। ITR-4: छोटे बिजनेसमैन और प्रोफेशनल्स के लिए । 3. AIS, TIS और Form 26AS जरूर चेक करें रिटर्न भरने से पहले फॉर्म 16, फॉर्म 26AS, एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) और टैक्सपेयर इंफॉर्मेशन समरी (TIS) का मिलान जरूर करें। अगर इनमें दिख रही आय आपके रिटर्न से अलग है तो विभाग स्पष्टीकरण मांग सकता है। गलत जानकारी दिखे तो पोर्टल पर सुधार के लिए शिकायत दर्ज करें। 4. नौकरी बदलने पर दोनों कंपनियों की सैलरी जोड़ें अगर वित्त वर्ष में जॉब चेंज की है तो पुराने और नए दोनों एम्प्लॉयर से मिली सैलरी को जोड़कर ही रिटर्न भरें। ऐसा न करने पर कम TDS कटने की वजह से बाद में टैक्स चुकाना पड़ सकता है। 5. बैंक खातों की डिटेल सही भरें सभी बैंक अकाउंट्स की जानकारी दें। रिफंड आने वाले अकाउंट का IFSC कोड और अकाउंट नंबर बिल्कुल सही डालें। गलती से रिफंड में देरी हो सकती है। 6. ब्याज आय छिपाने की भूल न करें कई लोग सोचते हैं कि TDS न कटे तो आय कर योग्य नहीं। यह गलत है। FD, RD, सेविंग अकाउंट और बॉन्ड का ब्याज विभाग को AIS और बैंक डेटा से पता चल जाता है। इन्हें छोड़ना महंगा पड़ सकता है। 7. शेयर, म्यूचुअल फंड और प्रॉपर्टी की बिक्री का पूरा ब्योरा दें डिमैट अकाउंट PAN से लिंक होने के कारण सभी ट्रांजेक्शन विभाग के पास आ जाते हैं। शेयर बेचने, MF रिडीम करने या प्रॉपर्टी बेचने पर हुए लाभ या नुकसान दोनों घोषित करें। नुकसान दिखाने से भविष्य में टैक्स बचत हो सकती है। 8. कटौतियों का दावा दस्तावेजों के साथ करें 80C, NPS, 80D (हेल्थ इंश्योरेंस) और होम लोन पर ब्याज जैसी कटौतियां केवल सही निवेश पर ही लें। दस्तावेज सुरक्षित रखें, विभाग कभी भी प्रमाण मांग सकता है। 9. विदेशी निवेश और आय का पूरा खुलासा विदेशी शेयर, ETF, बैंक अकाउंट या प्लेटफॉर्म में निवेश करने वालों को इसका विवरण देना जरूरी है। खासकर रेजीडेंसी और ऑर्डिनरी रेजीडेंसी टैक्स पेयर के लिए विदेशी संपत्ति की जानकारी देना जरूरी हो सकती है। 10. रिटर्न फाइल करने के बाद ई-वेरिफिकेशन जरूर करें रिटर्न सबमिट करना काफी नहीं। आधार OTP, नेट बैंकिंग, डिमैट अकाउंट या डिजिटल सिग्नेचर से ई-वेरिफिकेशन करना जरूरी है। समय पर न करने पर रिटर्न अमान्य हो सकता है। 31 जुलाई है आखिरी तारीख, देर की तो लगेगा जुर्माना दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Income Tax Return 2026 Filing Start Update

Income Tax Return 2026 Filing Start Update

नई दिल्ली16 मिनट पहले कॉपी लिंक वित्त वर्ष 2025-26 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न यानी ITR फाइलिंग शुरू हो चुकी है। आम टैक्सपेयर्स के लिए रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 है। वहीं, बिजनेस क्लास (ITR-3 और 4) के कुछ लोगों के लिए यह 31 अगस्त है। अगर आप 31 जुलाई तक चूक जाते हैं, तो 31 दिसंबर तक जुर्माना भरकर ‘बिलेटेड रिटर्न’ फाइल कर सकते हैं। ITR आपकी पूरी आय, निवेश और वित्तीय लेन-देन का आधिकारिक रिकॉर्ड होता है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपकी दी जानकारी पर रखता है नजर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट AI, डेटा एनालिटिक्स और विभिन्न पोर्टलों के जरिए बैंक खातों, TDS, शेयर-म्यूचुअल फंड, प्रॉपर्टी और विदेश यात्रा तक की जानकारी जुटाकर ITR में दी गई जानकारी से मिलाता है। ऐसे में छोटी सी चूक भी टैक्स डिमांड, ब्याज और पेनाल्टी का कारण बन सकती है। यहां टैक्स एक्सपर्ट और सीए आनंद जैन, इंदौर आपको बता रहे हैं कि ITR भरते समय किन 10 जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए… 1. सिर्फ फॉर्म 16 पर भरोसा न करें बहुत से सैलरीड लोगों को लगता है कि फॉर्म 16 में जो कुछ है, वही काफी है। लेकिन फॉर्म 16 सिर्फ सैलरी और उस पर कटे TDS की जानकारी देता है। अगर आपको FD, RD, सेविंग अकाउंट का ब्याज, डिविडेंड, किराया, फ्रीलांस आय, शेयर-म्यूचुअल फंड का लाभ या विदेशी इनकम हुई है तो उसे भी ITR में शामिल करना जरूरी है। इन्हें छिपाने पर बाद में अतिरिक्त टैक्स और ब्याज चुकाना पड़ सकता है। 2. सही ITR फॉर्म चुनना बहुत जरूरी गलत फॉर्म चुनने पर रिटर्न डिफेक्टिव माना जा सकता है, यानी मान लिया जाएगा कि आपने रिटर्न फाइल ही नहीं किया। ITR-1: सैलरी, पेंशन और साधारण ब्याज आय वालों के लिए। ITR-2: कैपिटल गेन, एक से ज्यादा घर, विदेशी संपत्ति या आय वालों के लिए। ITR-3: बिजनेस, फ्रीलांस, F&O या ट्रेडिंग करने वालों के लिए। ITR-4: छोटे बिजनेसमैन और प्रोफेशनल्स के लिए । 3. AIS, TIS और Form 26AS जरूर चेक करें रिटर्न भरने से पहले फॉर्म 16, फॉर्म 26AS, एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) और टैक्सपेयर इंफॉर्मेशन समरी (TIS) का मिलान जरूर करें। अगर इनमें दिख रही आय आपके रिटर्न से अलग है तो विभाग स्पष्टीकरण मांग सकता है। गलत जानकारी दिखे तो पोर्टल पर सुधार के लिए शिकायत दर्ज करें। 4. नौकरी बदलने पर दोनों कंपनियों की सैलरी जोड़ें अगर वित्त वर्ष में जॉब चेंज की है तो पुराने और नए दोनों एम्प्लॉयर से मिली सैलरी को जोड़कर ही रिटर्न भरें। ऐसा न करने पर कम TDS कटने की वजह से बाद में टैक्स चुकाना पड़ सकता है। 5. बैंक खातों की डिटेल सही भरें सभी बैंक अकाउंट्स की जानकारी दें। रिफंड आने वाले अकाउंट का IFSC कोड और अकाउंट नंबर बिल्कुल सही डालें। गलती से रिफंड में देरी हो सकती है। 6. ब्याज आय छिपाने की भूल न करें कई लोग सोचते हैं कि TDS न कटे तो आय कर योग्य नहीं। यह गलत है। FD, RD, सेविंग अकाउंट और बॉन्ड का ब्याज विभाग को AIS और बैंक डेटा से पता चल जाता है। इन्हें छोड़ना महंगा पड़ सकता है। 7. शेयर, म्यूचुअल फंड और प्रॉपर्टी की बिक्री का पूरा ब्योरा दें डिमैट अकाउंट PAN से लिंक होने के कारण सभी ट्रांजेक्शन विभाग के पास आ जाते हैं। शेयर बेचने, MF रिडीम करने या प्रॉपर्टी बेचने पर हुए लाभ या नुकसान दोनों घोषित करें। नुकसान दिखाने से भविष्य में टैक्स बचत हो सकती है। 8. कटौतियों का दावा दस्तावेजों के साथ करें 80C, NPS, 80D (हेल्थ इंश्योरेंस) और होम लोन पर ब्याज जैसी कटौतियां केवल सही निवेश पर ही लें। दस्तावेज सुरक्षित रखें, विभाग कभी भी प्रमाण मांग सकता है। 9. विदेशी निवेश और आय का पूरा खुलासा विदेशी शेयर, ETF, बैंक अकाउंट या प्लेटफॉर्म में निवेश करने वालों को इसका विवरण देना जरूरी है। खासकर रेजीडेंसी और ऑर्डिनरी रेजीडेंसी टैक्स पेयर के लिए विदेशी संपत्ति की जानकारी देना जरूरी हो सकती है। 10. रिटर्न फाइल करने के बाद ई-वेरिफिकेशन जरूर करें रिटर्न सबमिट करना काफी नहीं। आधार OTP, नेट बैंकिंग, डिमैट अकाउंट या डिजिटल सिग्नेचर से ई-वेरिफिकेशन करना जरूरी है। समय पर न करने पर रिटर्न अमान्य हो सकता है। 31 जुलाई है आखिरी तारीख, देर की तो लगेगा जुर्माना दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

वैभव सूर्यवंशी 29 बॉल में 94 रन बनाकर आउट:सबसे तेज लिस्ट-ए अर्धशतक लगाया, आज फाइनल जीतने उतरी है इंडिया-A टीम; प्रियांश आर्या भी हुए आउट

वैभव सूर्यवंशी 29 बॉल में 94 रन बनाकर आउट:सबसे तेज लिस्ट-ए अर्धशतक लगाया, आज फाइनल जीतने उतरी है इंडिया-A टीम; प्रियांश आर्या भी हुए आउट

श्रीलंका के रंगिरी दांबुला इंटरनेशनल स्टेडियम में भारत-ए और श्रीलंका-ए के बीच ट्राई नेशन वनडे सीरीज का फाइनल मुकाबला खेला जा रहा है। श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले बॉलिंग का फैसला किया है। भारत ने 11 ओवर के बाद 2 विकेट के नुकसान पर 143 रन बना लिए हैं। अभी तिलक वर्मा क्रीज पर हैं। वैभव सूर्यवंशी 94 और प्रियांश आर्या 39 रन बनाकर आउट हुए। वैभव सूर्यवंशी 29 बॉल पर 94 रन बनाकर आउट हुए। उन्होंने 11 बॉल पर अर्धशतक लगाया। सूर्यवंशी ने सबसे तेज लिस्ट-ए अर्धशतक लगाया वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ 11 गेंदों में अर्धशतक जड़ दिया। यह लिस्ट-ए का सबसे तेज अर्धशतक है। वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे तेज फिफ्टी का रिकॉर्ड एबी डिविलियर्स के नाम है, जिन्होंने 2015 में वेस्टइंडीज के खिलाफ 16 गेंदों में यह कारनामा किया था। हालांकि, इंडिया-ए के मैच इंटरनेशनल दर्जा नहीं रखते, इसलिए सूर्यवंशी की यह पारी इंटरनेशनल रिकॉर्ड में शामिल नहीं होगी। वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे तेज फिफ्टी का रिकॉर्ड एबी डिविलियर्स के नाम है, जिन्होंने 2015 में वेस्टइंडीज के खिलाफ 16 गेंदों में यह कारनामा किया था। सूर्यवंशी ने श्रीलंकाई प्लेयर को दिया था धक्का वहीं, इस सीरीज में वैभव विवादों में घिर गए हैं। 15 जून को हुए मैच में श्रीलंका-ए के खिलाफ सुपर ओवर में मिली हार के बाद उनका और श्रीलंकाई खिलाड़ी विशेन हलामबागे का विवाद हो गया था। उन्होंने श्रीलंकाई फील्डर को धक्का मारा था। हाथापाई की नौबत आ गई थी। मामला बढ़ता देख बाकी खिलाड़ियों ने बीच बचाव कर स्थिति को शांत करवाया। श्रीलंकाई प्लेयर ने वैभव को उकसाने वाली टिप्पणियां की मैच के बाद जब वैभव से इस पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि “सुपर ओवर के बाद जब मैं वापस जा रहा था, तो श्रीलंका के कुछ खिलाड़ी मुझे अपशब्द कहने और उकसाने लगे। वे पूरे मैच के दौरान भी मुझ पर निजी टिप्पणियां कर रहे थे। मैंने खेल पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश की, लेकिन इंसान की भी एक सहनशक्ति होती है। जब उन्होंने हद पार कर दी, तो मैंने उन्हें जवाब दिया।” पहले मैच में नहीं चला था वैभव का बल्ला श्रीलंका-ए के खिलाफ पहले मुकाबले में वैभव का बल्ला नहीं चल पाया था। वह 14 रन बनाकर आउट हो गए थे। इस दौरान उन्होंने 3 चौके लगाए थे। मोहम्मद शिराज ने उनका विकेट लिया था। दूसरे ओवर में वैभव सूर्यवंशी ने दो चौके लगाए थे। उन्होंने मोहम्मद शिराज की पहली और तीसरी बॉल को बाउंड्री के बाहर पहुंचाया था। अफगानिस्तान के खिलाफ लगाए थे 9 चौके दूसरे मैच में अफगानिस्तान के खिलाफ वैभव सूर्यवंशी 22 बॉल पर 44 रन बनाकर आउट हो गए थे। उन्होंने 9 चौके लगाए थे। वैभव को अब्दुल्लाह अहमदजई ने कैच आउट कराया थे। वैभव सूर्यवंशी ने मोहम्मद इब्राहिम की चौथी और पांचवीं बॉल पर चौके लगाकर टीम को 50 रन तक पहुंचाया। वैभव ने पहले ओवर में दो चौके लगाए थे। वहीं, तीसरे मैच में श्रीलंका-ए के खिलाफ वैभव सूर्यवंशी ने 14 बॉल पर 21 रन बनाए। उन्होंने 3 चौके और एक छक्का लगाया। उन्हें श्रीलंकाई कप्तान सहान अराचिगे ने वानुजा सहन के हाथों कैच कराया। वैभव सूर्यवंशी ने चमिका गुणासेकरा के ओवर में 3 बाउंड्री लगाई थी, जिसमें दो चौके और एक छक्का शामिल रहा। पिछले मैच में अफगानिस्तान-ए के खिलाफ वैभव ने 28 बॉल पर 38 रन बनाए थे। अंडर-19 वर्ल्डकप फाइनल में खेली 175 रन की पारी इससे पहले वैभव एशिया कप राइजिंग स्टार्स और अंडर-वर्ल्डकप में इंडिया की ओर से खेल चुके हैं। इसी साल जनवरी में हुए अंडर-19 वर्ल्डकप फाइनल में उन्होंने 175 रन की पारी खेली थी। उन्होंने 55 बॉल में शतक लगते हुए 15 चौके और 15 छक्के लगाए। उनकी पारी की बदौलत भारत ने 411 रन का स्कोर बनाया और 100 रन से वर्ल्ड कप जीत लिया। वे प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बने थे। वैभव ने इस IPL में सबसे ज्यादा रन बनाए वैभव ने IPL 2026 में सबसे ज्यादा 776 रन बनाए और ऑरेंज कैप जीता। वैभव ने मोस्ट वैल्युएबल प्लेयर, इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द ईयर, सुपर स्ट्राइकर और सबसे ज्यादा छक्के लगाने का अवॉर्ड भी जीता। इस सीजन उन्होंने 36 गेंद पर शतक लगाया था, जबकि तीन बार 90 से 100 के बीच में आउट हुए थे। 12 साल में रणजी डेब्यू से इंडिया-A तक का सफर वैभव ने जनवरी 2024 में बिहार के लिए रणजी ट्रॉफी में डेब्यू किया। तब उनकी उम्र 12 साल थी। 2024 में मुंबई और छत्तीसगढ़ के खिलाफ उन्होंने दो फर्स्ट क्लास मैचों में 31 रन बनाए थे। वैभव ने सचिन तेंदुलकर (15 साल) और युवराज सिंह (18 साल) को पीछे छोड़ा और घरेलू फर्स्ट क्लास क्रिकेट में सबसे कम उम्र में डेब्यू करने वाले खिलाड़ी बने। वैभव ने 13 साल की उम्र में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अंडर-19 यूथ टेस्ट सीरीज में सिर्फ 58 गेंदों पर शतक जड़ दिया। यह अंडर-19 टेस्ट क्रिकेट में दूसरा सबसे तेज शतक था। उन्होंने 62 गेंदों में 104 रन की पारी खेली, जिसमें 14 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। वैभव ने लिस्ट-A (50 ओवर) में अब तक 8 मैच खेले हैं। इस दौरान उन्होंने 44.12 की औसत और 164.95 के स्ट्राइक रेट से 353 रन बनाए। उनका बेस्ट स्कोर 190 रन रहा है। सूर्यवंशी ने इस फॉर्मेट में 1 शतक और 1 अर्धशतक लगाया है। उन्होंने 37 चौके और 23 छक्के भी जड़े हैं। IPL 2025 में वैभव ने सिर्फ 7 मैचों में 252 रन बनाए, जिसमें एक शतक और एक अर्धशतक शामिल था। इन सभी परफॉरमेंस के आधार पर BCCI ने उन्हें इंडिया-A में जगह दी। इंडियन क्रिकेट टीम में चुने गए अब तक के सबसे युवा खिलाड़ी बने वैभव वैभव का सिलेक्शन इंडियन टीम में हो गया है। वह इंडियन क्रिकेट टीम में चुने गए अब तक के सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने सचिन तेंदुलकर का भी रिकॉर्ड तोड़ दिया है। पुरुष क्रिकेटर्स में सचिन तेंदुलकर 16 साल, 194 दिन की उम्र में भारतीय टीम में चुने गए थे। वहीं, वैभव 15 साल 71 दिन में चुने गए हैं। एशिया कप में 243 से ज्यादा का स्ट्राइक रेट वैभव ने एशिया कप राइजिंग स्टार्स 2025 टी-20 में 4 मैचों में 59.75 की औसत