सुनील शेट्टी की नातिन करती है नरेंद्र मोदी की पूजा:कहा- साईं बाबा की तस्वीर के पास है मोदी जी की तस्वीर, मंदिर के लड्डू खिलाती है

सुनील शेट्टी ने हाल ही में बताया है कि उनकी 15 महीने की नातिन इवारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भक्त है। वो रोज उनकी तस्वीर देखती है और उन्हें गणेश मंदिर पर चढ़े लड्डू लाकर खिलाती है। सुनील शेट्टी ने हाल ही में टाइम्स नाऊ को दिए इंटरव्यू में कहा है, ‘मैंने हमेशा कहा है कि मैं नरेंद्र मोदी का बहुत बड़ा फैन हूं। मैं किसी पार्टी की बात नहीं कर रहा, मैं लीडर की बात कर रहा हूं, जो मुझमें जोश भरता है। मुझे जितना मेरे देश से प्यार है, उतना उस इंसान से प्यार है। उनमें कुछ तो बात है। आप मानोगे नहीं, मेरी पोती 15 महीने की है। उसकी नैनी ने एक बार एयरपोर्ट में उसे उनकी (मोदी जी की) तस्वीर दिखाई थी। आज वो हर रोज सुबह आती है, उसके पास एक साईं बाबा की बुक है, जिसमें मोदी जी की बड़ी सी फोटो है, वो उसे खोलती है, मोदी जी-मोदी जी बोलती है।’ आगे उन्होंने कहा, ‘वो रोज गणपति की मूर्ति के पास जाती है, वहां से लड्डू लेकर आती और उन्हें खिलाती है। न मैंने कभी बोला, न नैनी ने कुछ बोला। नैनी ने सिर्फ उसे फोटो दिखाई थी। कुछ तो बात होगी। कुछ तो है। वो अकेली बच्ची नहीं है। हमने आज तक उसे एक वर्ड नहीं कहा, लेकिन फिर भी वो मोदी जी बोलती है। उनमें कुछ तो जादुई है। मुझ पर उनका जादू तब शुरू हुआ, जब मैं पहली बार उनसे अहमदाबाद में मिला, मैं वहां किसी काम से गया था। ये 2010 की बात है।’ वेलकम टू द जंगल में नजर आए सुनील शेट्टी सुनील शेट्टी की फिल्म वेलकम टू द जंगल 26 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। फिल्म में अक्षय कुमार, रवीना टंडन, जैकलीन फर्नांडिस, दिशा पाटनी, परेश रावल, राजपाल यादव समेत कई कलाकार हैं। फिल्म ने पहले ही दिन भारत में 15 करोड़ रुपए का नेट बॉक्स ऑफिस ओपनिंग कलेक्शन किया है। वहीं फिल्म ने वर्ल्डवाइड 29 करोड़ की कमाई की है। इस फिल्म का क्लैश हॉलीवुड फिल्म सुपर गर्ल से हुआ है। 15 महीने की हैं सुनील शेट्टी की नातिन इवारा सुनील शेट्टी की बेटी और एक्ट्रेस अथिया शेट्टी ने 23 जनवरी 2023 में क्रिकेटर के.एल.राहुल से शादी की थी। शादी के बाद मार्च 2025 में अथिया ने बेटी इवारा को जन्म दिया था। अथिया, बेटी के लिए नो फोटो पॉलिसी फॉलो करती हैं। उन्होंने आज तक बेटी की झलक नहीं दिखाई है।
अडाणी केस तुरंत खारिज करने से अमेरिकी जज का इनकार:बोले- सिर्फ सपाट बयान से केस नहीं हटेगा; सरकार को पूरा एक्सप्लेनेशन देना होगा

अमेरिकी जज ने शुक्रवार को जस्टिस डिपार्टमेंट को निर्देश दिया है कि वे भारतीय बिजनेसमैन और बिलिनेयर गौतम अडाणी के खिलाफ आपराधिक मामलों को वापस लेने के अपने फैसले को सही ठहराने वाली वजह बताएं। कोर्ट ने अडाणी के वकीलों द्वारा मामले को औपचारिक रूप से खारिज करने के अनुरोध पर तुरंत फैसला सुनाने से इनकार कर दिया है। फेडरल प्रॉसिक्यूटर्स यानी सरकारी वकीलों ने 18 मई को घोषणा की थी कि वे इस मामले में आगे मुकदमा नहीं चलाएंगे। मामले में अडाणी पर रिश्वतखोरी प्लान से जुड़े सिक्योरिटीज फ्रॉड और वायर फ्रॉड के आरोप थे। इसके बाद अडाणी के वकीलों ने बुधवार को ब्रुकलिन के अमेरिकी जिला जज निकोलस गराउफिस से मामले को औपचारिक रूप से खारिज करने का अनुरोध किया था। हालांकि, जज ने कहा कि प्रॉसिक्यूटर्स का नोटिस इस फैसले का पूरा एक्सप्लेनेशन नहीं देता है। गराउफिस ने कहा कि सरकार का संक्षिप्त, सपाट और निष्कर्ष निकालने वाला बयान अदालत को किसी निष्कर्ष पर पहुंचने का पर्याप्त आधार नहीं देता है। इसके साथ ही यह केस की बर्खास्तगी के सरकारी अनुरोध का विश्लेषण करने का अवसर भी नहीं प्रदान करता है। दो राष्ट्रपतियों के कार्यकाल के बीच बदला फैसला अडाणी पर यह मामला 2024 में डेमोक्रेटिक राष्ट्रपति जो बाइडेन के कार्यकाल के आखिरी में दर्ज किया गया था। आरोपों को हटाने का यह फैसला रिपब्लिकन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के व्हाइट हाउस में दूसरे कार्यकाल के दौरान आया है, जहां जस्टिस डिपार्टमेंट ने एक और हाई-प्रोफाइल व्हाइट कॉलर क्रिमिनल केस को समाप्त करने की मांग की है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी जजों के पास प्रॉसिक्यूटर्स को उन मामलों को जारी रखने के लिए मजबूर करने का बहुत कम अधिकार होता है जिन्हें वे आगे नहीं बढ़ाना चाहते, लेकिन जब तक गराउफिस इसे खारिज नहीं करते, तब तक आरोप आधिकारिक तौर पर लंबित रहेंगे। ब्रुकलिन अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय के स्पोक्सपर्सन ने इस पर कोई भी बयान देने से इनकार कर दिया है। क्या है पूरा मामला और क्या हुए समझौते? गौतम अडाणी पर 2024 में आरोप लगाया गया था कि उन्होंने भारतीय सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देने की सहमति जताई थी, ताकि अडाणी ग्रुप की एक सहायक कंपनी को सोलर एनर्जी प्लांट डेवलप करने की मंजूरी मिल सके। इसके बाद उन पर अपनी कंपनी की एंटी करप्शन प्रैक्टिसेस के बारे में आश्वस्त करने वाली जानकारी देकर अमेरिकी निवेशकों को गुमराह करने का आरोप था। हालांकि, अडाणी ग्रुप ने हमेशा इन गलत कामों से इनकार किया है और अडाणी खुद इस मामले में कभी अमेरिकी कोर्ट में पेश नहीं हुए हैं। इस मामले में अन्य मोर्चों पर ये बड़ी बातें सामने आई हैं SEC के साथ सेटलमेंट: अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) ने भी सिविल चार्ज लगाए थे। इसके तहत एक समझौता हुआ है, जिसमें गौतम अडाणी 6 मिलियन डॉलर और उनके भतीजे सागर अडाणी 12 मिलियन डॉलर का भुगतान करेंगे। प्रतिबंधों के उल्लंघन पर जुर्माना: अडाणी एंटरप्राइजेस लिमिटेड ने ईरान पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों के कथित उल्लंघन के मामले को सुलझाने के लिए अमेरिकी ट्रेजरी डिपार्टमेंट को 275 मिलियन डॉलर देने पर अलग से सहमति जताई है। अडाणी के वकील रॉबर्ट गियुफ्रा का मामले पर तर्क अडाणी के वकील रॉबर्ट गियुफ्रा ने जज गराउफिस को 24 जून को लिखे पत्र में तर्क दिया कि यह मामला अमेरिकी कानून के दायरे से बाहर का है और अभियोजक भारत में कथित तौर पर हुई रिश्वतखोरी को साबित करने में असमर्थ रहेंगे। वकील ने बताया कि अडाणी और उनके सह-आरोपियों के वकीलों ने जस्टिस डिपार्टमेंट के अधिकारियों के साथ कई बैठकें कीं और मामले की कमियों को समझाने के लिए लगभग 500 पन्नों के दस्तावेज सौंपे थे। गियुफ्रा के अनुसार, DOJ का यह फैसला इस केस की कानूनी और तथ्यात्मक कमजोरियों पर सावधानीपूर्वक विचार करने को दर्शाता है। अधिकारियों और करियर प्रोसिक्यूटर्स के बीच मतभेद पिछले महीने जज को भेजे एक लेटर में सीनियर अधिकारियों ने कहा था कि जस्टिस डिपार्टमेंट ने व्यक्तिगत प्रतिवादियों के खिलाफ इन आपराधिक आरोपों पर आगे संसाधन न लगाने का फैसला किया है। खास बात यह है कि इस केस को लाने वाले रैंक-एंड-फाइल (करियर) अभियोजकों ने इस पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए थे। इससे पहले पिछले साल भी वॉशिंगटन में जस्टिस डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने न्यूयॉर्क के तत्कालीन मेयर एरिक एडम्स पर बाइडेन के कार्यकाल में लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को करियर अभियोजकों के कड़े विरोध के बावजूद हटा दिया था, जिसके बाद कई करियर अभियोजकों ने इस्तीफा दे दिया था। फिलहाल जज ने इस मामले में अधिक जानकारी देने के लिए 13 जुलाई तक की डेडलाइन तय की है।
US Judge Denies Adani Case Dismissal; Seeks Govt Explanation

न्यूयॉर्क18 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिकी जज ने शुक्रवार को जस्टिस डिपार्टमेंट को निर्देश दिया है कि वे भारतीय बिजनेसमैन गौतम अडाणी के खिलाफ आपराधिक मामलों को वापस लेने के अपने फैसले को सही ठहराने वाली वजह बताएं। कोर्ट ने अडाणी के वकीलों द्वारा मामले को औपचारिक रूप से खारिज करने के अनुरोध पर तुरंत फैसला सुनाने से इनकार कर दिया है। फेडरल प्रॉसिक्यूटर्स यानी सरकारी वकीलों ने 18 मई को घोषणा की थी कि वे इस मामले में आगे मुकदमा नहीं चलाएंगे। मामले में अडाणी पर रिश्वतखोरी प्लान से जुड़े सिक्योरिटीज फ्रॉड और वायर फ्रॉड के आरोप थे। इसके बाद अडाणी के वकीलों ने बुधवार को ब्रुकलिन के अमेरिकी जिला जज निकोलस गराउफिस से मामले को औपचारिक रूप से खारिज करने का अनुरोध किया था। हालांकि, जज ने कहा कि प्रॉसिक्यूटर्स का नोटिस इस फैसले का पूरा एक्सप्लेनेशन नहीं देता है। गराउफिस ने कहा कि सरकार का संक्षिप्त, सपाट और निष्कर्ष निकालने वाला बयान अदालत को किसी निष्कर्ष पर पहुंचने का पर्याप्त आधार नहीं है। इसके साथ ही यह केस की बर्खास्तगी के सरकारी अनुरोध का एनालिसिस यानी जांच करने के लिए भी सही नहीं है। दो राष्ट्रपतियों के कार्यकाल के बीच फैसला बदला अडाणी पर यह मामला 2024 में डेमोक्रेटिक राष्ट्रपति जो बाइडेन के कार्यकाल के आखिरी में दर्ज किया गया था। आरोपों को हटाने का यह फैसला रिपब्लिकन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के व्हाइट हाउस में दूसरे कार्यकाल के दौरान आया है, जहां जस्टिस डिपार्टमेंट ने एक और हाई-प्रोफाइल व्हाइट कॉलर क्रिमिनल केस को समाप्त करने की मांग की है। कानूनी एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिकी जजों के पास प्रॉसिक्यूटर्स को उन मामलों को जारी रखने के लिए मजबूर करने का बहुत कम अधिकार होता है जिन्हें वे आगे नहीं बढ़ाना चाहते। हालांकि, जब तक गराउफिस इसे खारिज नहीं करते, तब तक आरोप आधिकारिक तौर पर लंबित रहेंगे। ब्रुकलिन अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय के स्पोक्सपर्सन ने इस पर कोई भी बयान देने से इनकार कर दिया है। क्या है पूरा मामला और क्या हुए समझौते? गौतम अडाणी पर 2024 में आरोप लगाया गया था कि उन्होंने भारतीय सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देने की सहमति जताई थी, ताकि अडाणी ग्रुप की एक सहायक कंपनी को सोलर एनर्जी प्लांट डेवलप करने की मंजूरी मिल सके। इसके बाद उन पर अपनी कंपनी की एंटी करप्शन प्रैक्टिसेस के बारे में आश्वस्त करने वाली जानकारी देकर अमेरिकी निवेशकों को गुमराह करने का आरोप था। हालांकि, अडाणी ग्रुप ने हमेशा इन गलत कामों से इनकार किया है और अडाणी खुद इस मामले में कभी अमेरिकी कोर्ट में पेश नहीं हुए हैं। इस मामले में अन्य मोर्चों पर ये बड़ी बातें सामने आई हैं SEC के साथ सेटलमेंट: अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) ने भी सिविल चार्ज लगाए थे। इसके तहत एक समझौता हुआ है, जिसमें गौतम अडाणी 6 मिलियन डॉलर और उनके भतीजे सागर अडाणी 12 मिलियन डॉलर का भुगतान करेंगे। प्रतिबंधों के उल्लंघन पर जुर्माना: अडाणी एंटरप्राइजेस लिमिटेड ने ईरान पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों के कथित उल्लंघन के मामले को सुलझाने के लिए अमेरिकी ट्रेजरी डिपार्टमेंट को 275 मिलियन डॉलर देने पर अलग से सहमति जताई है। मामला अमेरिकी कानून के दायरे से बाहर: अडाणी के वकील अडाणी के वकील रॉबर्ट गियुफ्रा ने जज गराउफिस को 24 जून को लिखे पत्र में तर्क दिया कि यह मामला अमेरिकी कानून के दायरे से बाहर का है और अभियोजक भारत में कथित तौर पर हुई रिश्वतखोरी को साबित करने में असमर्थ रहेंगे। वकील ने बताया कि अडाणी और उनके सह-आरोपियों के वकीलों ने जस्टिस डिपार्टमेंट के अधिकारियों के साथ कई बैठकें कीं और मामले की कमियों को समझाने के लिए लगभग 500 पन्नों के दस्तावेज सौंपे थे। गियुफ्रा के अनुसार, अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट का यह फैसला इस केस की कानूनी और तथ्यात्मक कमजोरियों पर सावधानीपूर्वक विचार करने को दर्शाता है। अधिकारियों और करियर प्रोसिक्यूटर्स के बीच मतभेद पिछले महीने जज को भेजे एक लेटर में सीनियर अधिकारियों ने कहा था कि जस्टिस डिपार्टमेंट ने व्यक्तिगत प्रतिवादियों के खिलाफ इन आपराधिक आरोपों पर आगे संसाधन न लगाने का फैसला किया है। खास बात यह है कि इस केस को लाने वाले रैंक-एंड-फाइल (करियर) अभियोजकों ने इस पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए थे। इससे पहले पिछले साल भी वॉशिंगटन में जस्टिस डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने न्यूयॉर्क के तत्कालीन मेयर एरिक एडम्स पर बाइडेन के कार्यकाल में लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को करियर अभियोजकों के कड़े विरोध के बावजूद हटा दिया था, जिसके बाद कई करियर अभियोजकों ने इस्तीफा दे दिया था। फिलहाल जज ने इस मामले में अधिक जानकारी देने के लिए 13 जुलाई तक की डेडलाइन तय की है। ये खबर भी पढ़ें… गौतम अडाणी पर अमेरिका में दर्ज केस हट सकते हैं: ब्लूमबर्ग का दावा- ₹2500 करोड़ के धोखाधड़ी और रिश्वत केस वापस लेने की तैयारी अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी को अमेरिका से बड़ी राहत मिल सकती है। ब्लूमबर्ग ने दावा किया है कि मुताबिक, अमेरिकी न्याय विभाग उनके खिलाफ चल रहे 265 मिलियन डॉलर (करीब 2,500 करोड़ रुपए) के रिश्वतखोरी और धोखाधड़ी के आपराधिक आरोपों को वापस लेने की तैयारी कर रहा है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
2027 की शुरुआत में भारत आ सकते हैं ट्रम्प:दूसरा भारतीय दौरा; अमेरिकी विदेश मंत्री रूबोले- हम मोदी के बड़े प्रशंसक

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प साल 2027 की शुरुआत में भारत आ सकते हैं। न्यूज एजेंसी IANS के मुताबिक, हैदराबाद में मीडिया से बातचीत के दौरान विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने ये बयान दिया। जब उनसे पूछा गया कि वे भारत की प्रगति, विकास और वैश्विक स्तर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका को कैसे देखते हैं, तो अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा, ‘हम प्रधानमंत्री मोदी और उनके द्वारा किए गए कार्यों के बहुत बड़े प्रशंसक हैं।’ ये ट्रम्प की दूसरी भारत यात्रा होगी। इससे पहले ट्रम्प साल 2020 में अहमदाबाद में अपनी पहली भारत यात्रा पर आए थे। खबर लगातार अपडेट हो रही है…
श्रीलंका-वेस्टइंडीज पहला टेस्ट बराबरी पर:308 के जवाब में विंडीज का स्कोर 271/5, जंगू की पहली फिफ्टी; चेज नाबाद

श्रीलंका के वेस्टइंडीज दौरे का पहला टेस्ट मैच बराबरी पर है। 308 रन के जवाब में विंडीज ने पहली पारी में 5 विकेट पर 271 रन बना लिए हैं। कैरेबियाई टीम महज 37 रन पीछे है। दूसरे दिन स्टंप्स तक आमिर जंगू 78 और रोस्टन चेज 42 रन पर नाबाद लौटे। दोनों के बीच 103 रन की साझेदारी हो चुकी है। इसी साझेदारी ने कैरेबियंस की वापसी कराई है। एंटीगुआ के सर विव रिचर्ड्स स्टेडियम में चल रहे मैच के पहले दिन श्रीलंकाई टीम 308 रन पर ऑलआउट हो गई थी। धनंजय डी सिल्वा (120 रन) ने शतक लगाया। कैरेबियाई ओपनर्स में फिफ्टी पार्टनरशिप वेस्टइंडीज के सलामी बल्लेबाज जॉन कैंपबेल (39) और ब्रैंडन किंग (31) ने पहले विकेट के लिए उपयोगी साझेदारी की। दोनों ने नई गेंद का अच्छी तरह सामना किया। दोनों ने टीम को लंच तक एक विकेट पर 89 रन तक पहुंचाया। हालांकि, टीम ने पहला सेशन समाप्त होते-होते ब्रैंडन किंग का विकेट गंवा दिया। वे 52 बॉल पर 31 रन बनाकर मिलन रथनायके की गेंद पर कैच आउट हो गए। दूसरे सत्र में श्रीलंका की वापसी लंच के बाद श्रीलंका ने शानदार वापसी की। बाएं हाथ के स्पिनर सोनल दिनुशा ने कैंपबेल को आउट किया, जबकि मिलान रत्नायके ने किर्क मैकेंजी हज को चलता किया। इसके बाद जोशुआ डा सिल्वा (20) और जंगू ने पारी संभालने की कोशिश की, लेकिन डी सिल्वा भी ज्यादा देर टिक नहीं सके। लाहिरू कुमारा की चोट बनी परेशानी श्रीलंका को तेज गेंदबाज लाहिरू कुमारा की चोट का भी नुकसान उठाना पड़ा। हैमस्ट्रिंग में तकलीफ के कारण वे शुरुआती ओवर के बाद मैदान से बाहर चले गए। फिर गेंदबाजी नहीं कर सके। इससे श्रीलंका का आक्रमण कमजोर पड़ गया। आखिरी सेशन में जंगू व चेज ने इसका पूरा फायदा उठाया। जंगू ने खेली करियर बेस्ट पारी दूसरा टेस्ट खेल रहे अमीर जंगू ने कठिन परिस्थितियों में शानदार बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 78 रन बनाए। उन्होंने 174 गेंदों का सामना करते हुए अपने टेस्ट करियर का पहला अर्धशतक लगाया। शाई होप के चोटिल होने के बाद टीम में मिले मौके का जंगू ने पूरा फायदा उठाया। 7वें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे कप्तान रोस्टन चेज ने भी संयम दिखाते हुए नाबाद 42 रन बनाए। उन्होंने 105 गेंदों की धैर्यपूर्ण पारी खेली। जंगू और चेज ने छठे विकेट के लिए नाबाद 103 रन जोड़कर श्रीलंका को दिन के बाकी समय कोई सफलता नहीं मिलने दी। ————————————————– विंडीज-श्रीलंका टेस्ट की यह खबर भी पढ़िए… श्रीलंका पहले टेस्ट की पहली पारी में 308 पर ऑलआउट श्रीलंका की टीम वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टेस्ट की पहली पारी में 308 रन पर ऑलआउट हो गई। जवाब में गुरुवार को मैच के पहले दिन कैरेबियाई टीम खाता भी नहीं खोल सकी। टीम के ओपनर्स नाबाद लौटे थे। पढ़ें पूरी खबर
श्रीलंका-वेस्टइंडीज पहला टेस्ट बराबरी पर:308 के जवाब में विंडीज का स्कोर 271/5, जंगू की पहली फिफ्टी; चेज नाबाद

श्रीलंका के वेस्टइंडीज दौरे का पहला टेस्ट मैच बराबरी पर है। 308 रन के जवाब में विंडीज ने पहली पारी में 5 विकेट पर 271 रन बना लिए हैं। कैरेबियाई टीम महज 37 रन पीछे है। दूसरे दिन स्टंप्स तक आमिर जंगू 78 और रोस्टन चेज 42 रन पर नाबाद लौटे। दोनों के बीच 103 रन की साझेदारी हो चुकी है। इसी साझेदारी ने कैरेबियंस की वापसी कराई है। एंटीगुआ के सर विव रिचर्ड्स स्टेडियम में चल रहे मैच के पहले दिन श्रीलंकाई टीम 308 रन पर ऑलआउट हो गई थी। धनंजय डी सिल्वा (120 रन) ने शतक लगाया। कैरेबियाई ओपनर्स में फिफ्टी पार्टनरशिप वेस्टइंडीज के सलामी बल्लेबाज जॉन कैंपबेल (39) और ब्रैंडन किंग (31) ने पहले विकेट के लिए उपयोगी साझेदारी की। दोनों ने नई गेंद का अच्छी तरह सामना किया। दोनों ने टीम को लंच तक एक विकेट पर 89 रन तक पहुंचाया। हालांकि, टीम ने पहला सेशन समाप्त होते-होते ब्रैंडन किंग का विकेट गंवा दिया। वे 52 बॉल पर 31 रन बनाकर मिलन रथनायके की गेंद पर कैच आउट हो गए। दूसरे सत्र में श्रीलंका की वापसी लंच के बाद श्रीलंका ने शानदार वापसी की। बाएं हाथ के स्पिनर सोनल दिनुशा ने कैंपबेल को आउट किया, जबकि मिलान रत्नायके ने किर्क मैकेंजी हज को चलता किया। इसके बाद जोशुआ डा सिल्वा (20) और जंगू ने पारी संभालने की कोशिश की, लेकिन डी सिल्वा भी ज्यादा देर टिक नहीं सके। लाहिरू कुमारा की चोट बनी परेशानी श्रीलंका को तेज गेंदबाज लाहिरू कुमारा की चोट का भी नुकसान उठाना पड़ा। हैमस्ट्रिंग में तकलीफ के कारण वे शुरुआती ओवर के बाद मैदान से बाहर चले गए। फिर गेंदबाजी नहीं कर सके। इससे श्रीलंका का आक्रमण कमजोर पड़ गया। आखिरी सेशन में जंगू व चेज ने इसका पूरा फायदा उठाया। जंगू ने खेली करियर बेस्ट पारी दूसरा टेस्ट खेल रहे अमीर जंगू ने कठिन परिस्थितियों में शानदार बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 78 रन बनाए। उन्होंने 174 गेंदों का सामना करते हुए अपने टेस्ट करियर का पहला अर्धशतक लगाया। शाई होप के चोटिल होने के बाद टीम में मिले मौके का जंगू ने पूरा फायदा उठाया। 7वें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे कप्तान रोस्टन चेज ने भी संयम दिखाते हुए नाबाद 42 रन बनाए। उन्होंने 105 गेंदों की धैर्यपूर्ण पारी खेली। जंगू और चेज ने छठे विकेट के लिए नाबाद 103 रन जोड़कर श्रीलंका को दिन के बाकी समय कोई सफलता नहीं मिलने दी। ————————————————– विंडीज-श्रीलंका टेस्ट की यह खबर भी पढ़िए… श्रीलंका पहले टेस्ट की पहली पारी में 308 पर ऑलआउट श्रीलंका की टीम वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टेस्ट की पहली पारी में 308 रन पर ऑलआउट हो गई। जवाब में गुरुवार को मैच के पहले दिन कैरेबियाई टीम खाता भी नहीं खोल सकी। टीम के ओपनर्स नाबाद लौटे थे। पढ़ें पूरी खबर
वर्ल्ड अपडेट्स:पाकिस्तान में 5.4 तीव्रता का भूकंप, गहराई 35 किलोमीटर; कोई नुकसान नहीं

पाकिस्तान में शनिवार को 5.4 तीव्रता का भूकंप आया। यूरो-मेडिटेरेनियन सिस्मोलॉजिकल सेंटर (EMSC) के मुताबिक, भूकंप की गहराई करीब 35 किलोमीटर थी। भूकंप के झटके देश के कई हिस्सों में महसूस किए गए। हालांकि अभी तक किसी के घायल होने या बड़े नुकसान की कोई खबर नहीं है। स्थानीय प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित इलाकों का आकलन किया जा रहा है।
राम मंदिर चढ़ावा घोटाले पर भड़के मुकेश खन्ना:कहा- ये चोर, डाकू से भी ऊपर, भगवान को लूट रहे हैं; 8 लोगों की हो चुकी है गिरफ्तारी

सीनियर एक्टर मुकेश खन्ना राम मंदिर में हुए चढ़ावा घोटाले पर भड़क गए हैं। उनका कहना है कि मंदिर में चोरी करने वाले चोर, डाकू या किसी बेइमान से भी ऊपर हैं। उन्होंने अपील की है कि भक्तों को मंदिर में चढ़ावा देना ही बंद कर देना चाहिए। मुकेश खन्ना ने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से लिखा है, ‘क्या आप जानते हैं, मंदिरों में आपका नकदी चढ़ावा, भगवान तक नहीं पहुंचता। बीच में कहीं खो जाता है। लूट मची पड़ी है। कहावत है ना, लूट सके तो लूट। और लूटने वाले यहां भरे पड़े हैं। मैंने एक बार कहा था- भरे पड़े हैं चोर, डाकू और बेईमान, फिर भी मेरा देश है महान। लेकिन इन चढ़ावा लूटने वालों को मैं क्या नाम दूं? चोर, डाकू या बेईमान? इनमें से कोई नहीं। क्योंकि ये इन सबसे ऊपर हैं। ये भक्तों को ही नहीं, भगवान को भी लूट रहे हैं।’ आगे उन्होंने लिखा, ‘मैं सिर्फ भक्तों को सलाह दूंगा कि- ना रहेगा बांस,ना बजेगी बांसुरी, वैसे ही- ना चढ़ेगा चढ़ावा, ना होगा घोटाला। सो चढ़ावा चढ़ाना बंद कीजिए। खास तौर पर पैसों और गहनों का। भगवान खुश होंगे।’ क्या है पूरा मामला? 7 जून को राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आया था। योगी सरकार के आदेश पर चढ़ावा चोरी की जांच के लिए SIT बनी। शुरुआती जांच में दान, चढ़ावे और प्रबंधन से जुड़े मामलों में अनियमितताओं के संकेत मिले। SIT की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने 8 नामजद आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की और उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा। इससे पूरे मामले ने गंभीर रूप ले लिया। इसी बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉक्टर अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों के मुताबिक, मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव को भी मंदिर की व्यवस्था से बाहर कर दिया गया है।
राम मंदिर चढ़ावा घोटाले पर भड़के मुकेश खन्ना:कहा- ये चोर, डाकू से भी ऊपर, भगवान को लूट रहे हैं; 8 लोगों की हो चुकी है गिरफ्तारी

सीनियर एक्टर मुकेश खन्ना राम मंदिर में हुए चढ़ावा घोटाले पर भड़क गए हैं। उनका कहना है कि मंदिर में चोरी करने वाले चोर, डाकू या किसी बेइमान से भी ऊपर हैं। उन्होंने अपील की है कि भक्तों को मंदिर में चढ़ावा देना ही बंद कर देना चाहिए। मुकेश खन्ना ने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से लिखा है, ‘क्या आप जानते हैं, मंदिरों में आपका नकदी चढ़ावा, भगवान तक नहीं पहुंचता। बीच में कहीं खो जाता है। लूट मची पड़ी है। कहावत है ना, लूट सके तो लूट। और लूटने वाले यहां भरे पड़े हैं। मैंने एक बार कहा था- भरे पड़े हैं चोर, डाकू और बेईमान, फिर भी मेरा देश है महान। लेकिन इन चढ़ावा लूटने वालों को मैं क्या नाम दूं? चोर, डाकू या बेईमान? इनमें से कोई नहीं। क्योंकि ये इन सबसे ऊपर हैं। ये भक्तों को ही नहीं, भगवान को भी लूट रहे हैं।’ आगे उन्होंने लिखा, ‘मैं सिर्फ भक्तों को सलाह दूंगा कि- ना रहेगा बांस,ना बजेगी बांसुरी, वैसे ही- ना चढ़ेगा चढ़ावा, ना होगा घोटाला। सो चढ़ावा चढ़ाना बंद कीजिए। खास तौर पर पैसों और गहनों का। भगवान खुश होंगे।’ क्या है पूरा मामला? 7 जून को राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आया था। योगी सरकार के आदेश पर चढ़ावा चोरी की जांच के लिए SIT बनी। शुरुआती जांच में दान, चढ़ावे और प्रबंधन से जुड़े मामलों में अनियमितताओं के संकेत मिले। SIT की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने 8 नामजद आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की और उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा। इससे पूरे मामले ने गंभीर रूप ले लिया। इसी बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉक्टर अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों के मुताबिक, मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव को भी मंदिर की व्यवस्था से बाहर कर दिया गया है।
PM मोदी सेशेल्स रवाना, 11 साल में दूसरा दौरा:राष्ट्रीय दिवस समारोह में बतौर चीफ गेस्ट शामिल होंगे; यहां हर 8वां व्यक्ति भारतीय मूल का

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 से 29 जून तक तीन दिन सेशेल्स दौरे के लिए शनिवार सुबह 8.50 बजे रवाना हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के निमंत्रण पर वहां जा रहे हैं। मोदी सेशेल्स की आजादी के 50 साल पूरे होने के समारोह में मुख्य अतिथि होंगे। इस मौके पर होने वाली परेड में भारतीय सशस्त्र बलों की एक टुकड़ी और भारतीय नौसेना के दो युद्धपोत भी हिस्सा लेंगे। मोदी सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के साथ क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे। इसके अलावा सेशेल्स की राष्ट्रीय विधानसभा को भी संबोधित करेंगे। सेशेल्स में रहने वाले भारतीय समुदाय से मुलाकात करेंगे। मोदी का पिछले 11 साल में यह दूसरा सेशेल्स का दौरा है। इससे पहले उन्होंने साल 2015 में इस द्वीप देश की यात्रा की थी। सेशेल्स की आबादी 1.35 लाख है। इसमें से 12 हजार के करीब लोग भारतीय मूल के हैं। यह करीब 8 से 9% हिस्सा है। मोदी सेशेल्स जाने वाले सिर्फ दूसरे प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने साल 1976 में सेशेल्स गई थीं। उसी साल सेशेल्स आजाद हुआ था। भारत ने सेशेल्स के स्वतंत्रता समारोह में नौसेना का युद्धपोत आईएनएस नीलगिरि भी भेजा था। इसके बाद इंदिरा गांधी 1981 में फिर सेशेल्स का दौरा किया था। उनकी यात्रा के बाद, लगभग 34 साल तक किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री ने सेशेल्स की यात्रा नहीं की थी। इस दौरे का सबसे बड़ा उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक मौजूदगी और समुद्री सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना था। मोदी की इस यात्रा के दौरान भारत ने सेशेल्स को दूसरा डोर्नियर समुद्री निगरानी विमान देने की घोषणा की, ताकि समुद्री निगरानी और तटीय सुरक्षा मजबूत हो सके। मोदी ने भारत की मदद से बने तटीय निगरानी रडार नेटवर्क का उद्घाटन किया। यह हिंद महासागर में जहाजों की निगरानी और समुद्री सुरक्षा बढ़ाने की भारत की बड़ी रणनीति का हिस्सा था। उस समय चीन हिंद महासागर के द्वीपीय देशों में अपना प्रभाव बढ़ा रहा था। ऐसे में मोदी का दौरा भारत की ‘पड़ोसी पहले’ और हिंद महासागर में रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने की नीति का अहम हिस्सा माना गया।







