मारुति की कारें अगस्त से ₹30,000 तक महंगी हो जाएंगी:2 महीने में दूसरी बार कीमतें बढ़ाईं, कंपनी बोली- इनपुट कॉस्ट बढ़ने से फैसला लिया

देश की सबसे बड़ी पैसेंजर वाहन निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने अपने सभी मॉडल्स की कीमतों में बढ़ोत्तरी का ऐलान किया है। कंपनी अपनी कारों के दाम 30,000 रुपए तक बढ़ाएगी। नई कीमतें अगस्त 2026 से लागू होंगी। कंपनी ने 21 जुलाई, मंगलवार को शेयर बाजारों को भेजी जानकारी यानी रेगुलेटरी फाइलिंग में यह जानकारी दी है। अलग-अलग मॉडल और वैरिएंट के हिसाब से अलग-अलग दाम बढ़ाए जाएंगे। कंपनी बोली- इनपुट कॉस्ट बढ़ने से लेना पड़ा फैसला कंपनी ने बताया कि लगातार बढ़ रही इनपुट कॉस्ट यानी लागत बढ़ने की वजह से यह फैसला लेना पड़ा है। पिछले कुछ महीनों में कंपनी ने अपने स्तर पर लागत घटाने की कोशिश की, ताकि ग्राहकों पर सीधा असर न पड़े। हालांकि, महंगाई दर ऊंची रहने और कारोबारी माहौल अनुकूल न होने की वजह से बढ़ी हुई लागत का कुछ हिस्सा ग्राहकों पर डालना मजबूरी हो गया है। 2 महीने में दूसरी बार बढ़ेंगे दाम इस साल मारुति सुजुकी की तरफ से यह पहली बढ़ोत्तरी नहीं है। इससे पहले कंपनी ने जून 2026 में भी अपने सभी मॉडल्स की कीमतों में 30,000 रुपए तक का इजाफा किया था। उस बढ़ोत्तरी का ऐलान 21 मई 2026 को किया गया था। उस समय भी कंपनी ने इनपुट कॉस्ट में बढ़ोतरी और महंगाई के दबाव को ही मुख्य वजह बताया था। अगस्त से लागू होने वाला नया संशोधन जून में हुई बढ़ोतरी के ऊपर अतिरिक्त इजाफा होगा। ₹3.50 लाख से ₹25 लाख तक के वाहन बेचती है कंपनी मारुति सुजुकी भारतीय बाजार में एंट्री-लेवल हैचबैक से लेकर प्रीमियम सेगमेंट की गाड़ियां बेचती है। इनमें एंट्री-लेवल मॉडल S-Presso से लेकर प्रीमियम MPV इनविक्टो शामिल हैं। फिलहाल कंपनी के पोर्टफोलियो की एक्स-शोरूम कीमतें ₹3.50 लाख से शुरू होकर ₹25 लाख तक जाती हैं। अगस्त से होने वाली बढ़ोतरी के बाद एंट्री-लेवल और प्रीमियम दोनों सेगमेंट की कारें महंगी हो जाएंगी। रेगुलेटरी फाइलिंग और इनपुट कॉस्ट क्या होती है? रेगुलेटरी फाइलिंग: शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनियों के लिए यह अनिवार्य होता है कि वे अपने किसी भी बड़े बिजनेस फैसले, मुनाफे, नुकसान या कीमतों में बदलाव की जानकारी ‘सेबी’ या स्टॉक एक्सचेंज को दें। इसी आधिकारिक दस्तावेज को रेगुलेटरी फाइलिंग कहते हैं। इनपुट कॉस्ट: किसी भी कार को बनाने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल (जैसे स्टील, प्लास्टिक, एल्युमिनियम, रबर और इलेक्ट्रॉनिक्स) की कुल लागत को इनपुट कॉस्ट कहा जाता है। जब अंतरराष्ट्रीय या घरेलू बाजार में ये चीजें महंगी होती हैं, तो गाड़ियों की मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट भी बढ़ जाती है।
Odisha High Court Ruling on APAAR ID

Hindi News Career Odisha High Court Ruling On APAAR ID | Parents Get Opt Out Option 5 मिनट पहले कॉपी लिंक सुप्रीम कोर्ट ने APAAR ID को लेकर सख्त फैसला सुनाया है। कोर्ट का कहना है कोई भी स्कूल खुद बच्चों की अपार आईडी नहीं बना सकता। इसके लिए माता-पिता की मर्जी जरूरी है। भुवनेश्वर के पेरेंट्स ने दायर की याचिका भुवनेश्वर के एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के पेरेंट्स रोहित आनंद दास से APAAR ID बनाने के लिए सहमति मांगी। सहमति पत्र में इंकार या स्वीकृति देने जैसा कोई विकल्प नहीं था। इसके खिलाफ पेरेंट्स ने ओडिशा हाईकोर्ट में याचिका दायर की। पहले से मना करने का अधिकार भी हो APAAR ID को सरकार स्वैच्छिक बता रही है, लेकिन सहमति पत्र में मना करने का विकल्प नहीं है। आधार और अन्य व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से प्राइवेसी प्रभावित हो सकती है। केवल बाद में सहमति वापस लेने का विकल्प पर्याप्त नहीं है। पहले से मना करने का अधिकार भी होना चाहिए। सरकार का फैसला पेरेंट्स के पक्ष में केंद्र और राज्य सरकार ने अदालत में कहा कि APAAR ID पूरी तरह स्वैच्छिक है। पेरेंट्स चाहें तो सहमति न दें और बाद में सहमति वापस भी ले सकते हैं। APAAR ID के कई मामलों में छात्र की ऊंचाई, वजन जैसी जानकारी भी दर्ज की जा सकती है। इसी वजह से नाबालिग छात्रों के लिए माता-पिता की सहमति अनिवार्य रखी गई है। छात्रों के अधिकार नहीं होंगे प्रभावित याचिका में यह भी मांग की गई थी कि अगर कोई छात्र APAAR ID नहीं बनवाता है, तो उसे एडमिशन, परीक्षा में रजिस्ट्रेशन, मार्कशीट, सर्टिफिकेट या किसी अन्य एकेडमिक सुविधा से दूर नहीं रखा किया जाना चाहिए। APAAR ID 12 अंकों की छात्र पहचान अपार आईडी (Automated Permanent Academic Account Registry) भारत सरकार की ‘वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी’ पहल के तहत हर छात्र को दी जाने वाली 12 अंकों की स्थायी डिजिटल छात्र पहचान (स्टूडेंट आईडी) है। इसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स (ABC) की अवधारणा के अनुरूप विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य छात्र के पूरे शैक्षणिक रिकॉर्ड को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रखना है। सरकार का दावा – छात्रों के हित में योजना सरकार और CBSE का कहना है कि APAAR ID छात्रों की सुविधा के लिए बनाई गई है। इसका उद्देश्य छात्रों का पूरा शैक्षणिक रिकॉर्ड एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रखना है ताकि भविष्य में उन्हें बार-बार डॉक्यूमेंट्स जमा न करने पड़ें। सरकार का दावा है कि यह योजना पूरी तरह छात्रों के हित में है और इससे शिक्षा व्यवस्था अधिक पारदर्शी और आसान बनेगी। डाटा लीक होने का खतरा बढ सकता है याचिकाकर्ताओं और कई विशेषज्ञों ने इस योजना को लेकर कुछ गंभीर चिंताएं भी जताई हैं। उनका कहना है कि बच्चों का इतना बड़ा डिजिटल डाटा एक जगह इकट्ठा होने से डाटा लीक होने का खतरा बढ़ सकता है। यदि किसी वजह से डाटा का गलत इस्तेमाल होता है तो बच्चों की प्राइवेसी प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा कई पेरेंट्स का कहना है कि यदि APAAR ID को अनिवार्य बना दिया गया तो बिना आईडी वाले बच्चों को शिक्षा और परीक्षाओं में परेशानी हो सकती है। ये खबर भी पढ़ें मॉनिटर ने बच्चे को 2 मिनट में मारे 52 थप्पड़:हेड डाउन न करने पर नर्सरी के बच्चे को गर्ल मॉनीटर ने पीटा; वीडियो वायरल लखनऊ में 5 साल के नर्सरी क्लास के बच्चे को क्लास की मॉनिटर ने 2 मिनट तक जमकर मारा। ये घटना क्लास टीचर की गैर मौजूदगी में हुई। क्लॉस मॉनिटर ने बच्चे को लगातार थप्पड़े मारे। उसने सिर पकड़कर लड़के के बाल भी खींचे। यह घटना लखनऊ के ALS एकेडमी की है। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Actor Piyush Mishra Injured | Suffers Hand Fracture After Bathroom Fall

15 मिनट पहले कॉपी लिंक दिग्गज एक्टर पीयूष मिश्रा हादसे में चोटिल हो गए हैं। अपनी नई फिल्म ‘दुल्हनिया ले आएगी’ के प्रमोशन और इंटरव्यूज के लिए तय कार्यक्रम में पीयूष मिश्रा जब नहीं पहुंचे, तो उनकी अनुपस्थिति को लेकर सवाल उठे। इसके बाद फिल्म के डायरेक्टर आकाशादित्य लामा ने मीडिया के सामने आकर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि पीयूष मिश्रा अपने घर के बाथरूम में फिसलकर गिर गए हैं, जिससे उनके हाथ में फ्रैक्चर आ गया है। डॉक्टरों की सलाह पर वे फिलहाल पूरी तरह बेड रेस्ट पर हैं और फिल्म के सभी प्रमोशन और इवेंट्स से दूर रहेंगे। मैनेजर ने फोन कर दी हादसे की जानकारी फिल्म ‘दुल्हनिया ले आएगी’ के प्रमोशन इवेंट के दौरान डायरेक्टर आकाशादित्य लामा ने पूरा वाकया साझा किया। लामा ने बताया कि कल रात को ही पीयूष मिश्रा के मैनेजर का फोन आया था। मैनेजर ने जानकारी दी कि पीयूष जी बाथरूम में गिर गए हैं, जिससे उनके हाथ में फ्रैक्चर हो गया है। इस वजह से वे अब फिल्म के प्रमोशन और इंटरव्यू का हिस्सा नहीं बन पाएंगे। लंबे समय से अस्वस्थ थे, फिर भी काम कर रहे थे डायरेक्टर आकाशादित्य लामा ने बताया कि पीयूष मिश्रा पिछले कुछ समय से लगातार अस्वस्थ चल रहे थे। इसके बावजूद एक समर्पित कलाकार की तरह वे पूरे साहस और धैर्य के साथ इवेंट्स और प्रमोशन में शामिल होने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि इस हादसे के बाद उनकी स्थिति ऐसी हो गई है कि वे इस समय बिस्तर से उठ भी नहीं पा रहे हैं। ‘दुल्हनिया ले आएगी’ के डायरेक्टर आकाशादित्य लामा। ‘दुल्हनिया ले आएगी’ का ट्रेलर रिलीज आकाशादित्य लामा की फिल्म ‘दुल्हनिया ले आएगी’ का ट्रेलर रिलीज हो गया। कॉमेडी, रोमांस, पारिवारिक रिश्तों और शादी की अफरा-तफरी से भरपूर यह ट्रेलर एक ऐसी फैमिली एंटरटेनर की झलक दिखाता है, जिसमें हंसी के साथ-साथ इमोशंस और कई मजेदार ट्विस्ट भी देखने को मिलेंगे। फिल्म में खुशाली कुमार, महेश मांजरेकर और पीयूष मिश्रा दिखाई देंगे। फिल्म की कहानी एक ऐसी दुल्हन के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसके सामने समय की बड़ी चुनौती है। इसी डेडलाइन के बीच उसकी जिंदगी में कई संभावित दूल्हों की एंट्री होती है और शुरू हो जाता है दूल्हों की तलाश का ऐसा मजेदार सिलसिला, जो दर्शकों को अंत तक बांधे रखने का वादा करता है। शादी के रंगों और उत्सव से सजा इसका माहौल फिल्म को और भी आकर्षक बनाता है। फिल्म के ट्रेलर को लेकर डायरेक्टर आकाशादित्य लामा ने कहा, “हर शादी में ड्रामा होता है, लेकिन ‘दुल्हनिया ले आएगी’ में यह ड्रामा फेरों से पहले ही शुरू हो जाता है। हमारी कोशिश थी कि ट्रेलर देखने के बाद दर्शकों के चेहरे पर मुस्कान हो और साथ ही उनके मन में यह जानने की उत्सुकता भी बनी रहे कि आगे क्या होने वाला है। यह तेज रफ्तार, मजेदार, इमोशनल और ऐसे किरदारों से भरी फिल्म है, जिनसे दर्शक आसानी से जुड़ जाएंगे। यह पूरी तरह से एक फैमिली एंटरटेनर है और मुझे उम्मीद है कि दर्शक इसे देखकर उतना ही आनंद लेंगे, जितना हमें इसे बनाने में आया।” दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Actor Piyush Mishra Injured | Suffers Hand Fracture After Bathroom Fall

1 घंटे पहले कॉपी लिंक दिग्गज एक्टर पीयूष मिश्रा हादसे में चोटिल हो गए हैं। फिल्म ‘दुल्हनिया ले आएगी’ के डायरेक्टर आकाशादित्य लामा ने दैनिक भास्कर से बातचीत में ये खुलासा किया है। दरअसल पीयूष मिश्रा भी फिल्म ‘दुल्हनिया ले आएगी’ के पार्ट हैं। उन्हें आज डायरेक्टर और एक्ट्रेस खुशाली कुमार के साथ फिल्म के प्रमोशन इवेंट में पहुंचना था। जब पीयूष मिश्रा नहीं पहुंचे, तो उनकी अनुपस्थिति के सवाल पर डायरेक्टर आकाशादित्य लामा ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि पीयूष मिश्रा अपने घर के बाथरूम में फिसलकर गिर गए हैं, जिससे उनके हाथ में फ्रैक्चर आ गया है। डॉक्टरों की सलाह पर वे फिलहाल पूरी तरह बेड रेस्ट पर हैं और फिल्म के सभी प्रमोशन और इवेंट्स से दूर रहेंगे। मैनेजर ने फोन कर दी हादसे की जानकारी फिल्म ‘दुल्हनिया ले आएगी’ के प्रमोशन इवेंट के दौरान डायरेक्टर आकाशादित्य लामा ने पूरा वाकया साझा किया। लामा ने बताया कि कल रात को ही पीयूष मिश्रा के मैनेजर का फोन आया था। मैनेजर ने जानकारी दी कि पीयूष जी बाथरूम में गिर गए हैं, जिससे उनके हाथ में फ्रैक्चर हो गया है। इस वजह से वे अब फिल्म के प्रमोशन और इंटरव्यू का हिस्सा नहीं बन पाएंगे। लंबे समय से अस्वस्थ थे, फिर भी काम कर रहे थे डायरेक्टर आकाशादित्य लामा ने बताया कि पीयूष मिश्रा पिछले कुछ समय से लगातार अस्वस्थ चल रहे थे। इसके बावजूद एक समर्पित कलाकार की तरह वे पूरे साहस और धैर्य के साथ इवेंट्स और प्रमोशन में शामिल होने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि इस हादसे के बाद उनकी स्थिति ऐसी हो गई है कि वे इस समय बिस्तर से उठ भी नहीं पा रहे हैं। ‘दुल्हनिया ले आएगी’ के डायरेक्टर आकाशादित्य लामा। ‘दुल्हनिया ले आएगी’ का ट्रेलर रिलीज आकाशादित्य लामा की फिल्म ‘दुल्हनिया ले आएगी’ का ट्रेलर रिलीज हो गया। कॉमेडी, रोमांस, पारिवारिक रिश्तों और शादी की अफरा-तफरी से भरपूर यह ट्रेलर एक ऐसी फैमिली एंटरटेनर की झलक दिखाता है, जिसमें हंसी के साथ-साथ इमोशंस और कई मजेदार ट्विस्ट भी देखने को मिलेंगे। फिल्म में खुशाली कुमार, महेश मांजरेकर और पीयूष मिश्रा दिखाई देंगे। फिल्म की कहानी एक ऐसी दुल्हन के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसके सामने समय की बड़ी चुनौती है। इसी डेडलाइन के बीच उसकी जिंदगी में कई संभावित दूल्हों की एंट्री होती है और शुरू हो जाता है दूल्हों की तलाश का ऐसा मजेदार सिलसिला, जो दर्शकों को अंत तक बांधे रखने का वादा करता है। शादी के रंगों और उत्सव से सजा इसका माहौल फिल्म को और भी आकर्षक बनाता है। फिल्म के ट्रेलर को लेकर डायरेक्टर आकाशादित्य लामा ने कहा, “हर शादी में ड्रामा होता है, लेकिन ‘दुल्हनिया ले आएगी’ में यह ड्रामा फेरों से पहले ही शुरू हो जाता है। हमारी कोशिश थी कि ट्रेलर देखने के बाद दर्शकों के चेहरे पर मुस्कान हो और साथ ही उनके मन में यह जानने की उत्सुकता भी बनी रहे कि आगे क्या होने वाला है। यह तेज रफ्तार, मजेदार, इमोशनल और ऐसे किरदारों से भरी फिल्म है, जिनसे दर्शक आसानी से जुड़ जाएंगे। यह पूरी तरह से एक फैमिली एंटरटेनर है और मुझे उम्मीद है कि दर्शक इसे देखकर उतना ही आनंद लेंगे, जितना हमें इसे बनाने में आया।” दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Amitabh Bachchan Hospital Surgery ICU Blog Post

2 मिनट पहले कॉपी लिंक अमिताभ बच्चन हेपेटाइटिस-बी, लिवर सिरोसिस, माइस्थीनिया ग्रेविस और टीबी जैसी कई गंभीर बीमारियों से जूझ चुके हैं। सीनियर एक्टर अमिताभ बच्चन ने सोमवार को अपने ब्लॉग में अस्पताल में भर्ती होने, सर्जरी और आईसीयू (ICU) में समय बिताने का जिक्र किया। गौरतलब है कि मई 2026 में अमिताभ बच्चन के अस्पताल में भर्ती होने की खबरें सामने आई थीं। अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग में लिखा, ‘अस्पताल में, एक सर्जरी के बाद और आईसीयू में, अनुभवी डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की देखभाल में, फिर अस्पताल से छुट्टी और घर वापसी। यह घर वापसी का दौर सबसे मुश्किल होता है। शारीरिक रूप से, मानसिक रूप से और रोजमर्रा की जिंदगी के लिहाज से भी। आप एक सम्मानित चैंपियन रहे हों और एक दिन हार आपके सामने खड़ी हो जाए। यह जिंदगी का सबसे कठिन दौर होता है।’ अमिताभ बच्चन का ब्लाग पोस्ट। उन्होंने आगे लिखा, ‘कुछ लोग इसका बहादुरी से सामना करते हैं। कुछ हार मान लेते हैं। जो लोग हिम्मत नहीं छोड़ते और डटे रहते हैं, वे हमेशा चैंपियन बने रहते हैं। और जो ऐसा नहीं कर पाते, वे अपनी पुरानी उपलब्धियों के सहारे जिंदगी बिताते हैं। यह हर इंसान की अपनी-अपनी पसंद होती है। दोनों में कुछ भी गलत नहीं है। स्वस्थ रहें, खुश रहें।’ ब्लॉग पोस्ट के बाद अमिताभ बच्चन ने सोमवार देर रात X पर लिखा, ‘T 5806 – खेल समाप्त हो गया! पर काम चल रहा है।’ अमिताभ के अस्पताल में भर्ती होने का दावा किया गया था 19 मई को अमिताभ बच्चन के मुंबई के नानावटी अस्पताल में भर्ती होने का दावा पत्रकार विक्की ललवानी ने अपने यूट्यूब चैनल पर किया था। उन्होंने कहा था कि उन्हें 16 मई को भर्ती करवाया गया है। विक्की ललवानी ने यह भी कहा था कि वह खबर कन्फर्म करने मंगलवार शाम नानावटी अस्पताल पहुंचे थे। बिग बी को ए-विंग की तीसरी मंजिल पर रखा गया था। उन्होंने यह भी दावा किया था कि अभिषेक बच्चन भी पिता को देखने अस्पताल पहुंचे थे। हालांकि, दैनिक भास्कर ने खबर कन्फर्म करने के लिए परिवार के करीबी सूत्र से संपर्क किया, तो सामने आया था कि अमिताभ को रूटीन चेकअप के लिए 16 मई को नानावटी अस्पताल ले जाया गया था। वह हर महीने रूटीन चेकअप करवाते रहते हैं। इसके तुरंत बाद वह घर लौट आए थे। विक्की ललवानी का दावा था कि अमिताभ बच्चन 16 मई से अस्पताल में भर्ती हैं, लेकिन फैक्ट चेक में यह भी सामने आया था कि 17 मई यानी रविवार को बिग बी हमेशा की तरह फैंस से मिलने के लिए जलसा से बाहर आए थे। इसका वीडियो भी सामने आया था। एडमिट होने की खबरों के बीच किया व्लॉग और पोस्ट अमिताभ बच्चन ने 20 मई को आधिकारिक X अकाउंट से कुछ अजीबोगरीब शब्दों के साथ बेमायने वाली पोस्ट की थी। उन्होंने रात 12 बजकर 3 मिनट पर लिखा- पिलोरी बडुंबा। इसके ठीक बाद उन्होंने 12 बजकर 20 मिनट पर ब्लॉग में लिखा था- चील जब होवे शांत तो भैया, तोते बोलन सुरु करें, इर बीर फत्ते, कहन ,चल हमऊ, पिलावे सुरु करें। बाजरे दी रोटी खा दी, फू पड़ियों दा, साग रे, मुंह में डालन लागै जैसे , बोलन लागे काग रे। एक रहे ‘हिल’ भैया की पढ़ाई का दर्पण; औ दूसर विलिंग्टन की याद। लव, प्रेयर एंड मोर। बिग बी का 75% लिवर है खराब 83 साल के बिग बी सिर्फ 25% लिवर पर ही जिंदा हैं, उनका 75% लिवर खराब है। कुली के सेट पर हुए हादसे के बाद डॉक्टर्स क्लिनिकली मरा हुआ घोषित कर चुके थे। 3-4 घंटे जिंदा रहना भी मुश्किल था, वो दर्द अमिताभ ने 4 दिन झेला 26 जुलाई 1982 को अमिताभ बच्चन फिल्म कुली के लिए एक एक्शन सीक्वेंस शूट कर रहे थे। शॉट की डिमांड के अनुसार पुनीत इस्सर को अमिताभ को मुक्का मारना था और उन्हें टेबल पर जाकर गिरना था। ये काम बॉडी डबल का था, लेकिन अमिताभ ने परफेक्शन के लिए खुद इसे शूट किया। मुक्का तेज लगा जिससे टेबल का एक कोना अमिताभ के पेट पर लग गया। खून नहीं आया था, लेकिन दर्द से बिग बी का बुरा हाल था। अस्पताल गए तो डॉक्टर्स सही कारण नहीं समझ सके। पेन किलर के सहारे बिग बी ने दो दिन काटे, लेकिन जब दर्द बंद नहीं हुआ तो फिर उन्हें बेंगलुरु के सेंट फिलोमेना हॉस्पिटल में एडमिट किया गया था। डॉक्टर्स भी दे चुके थे जवाब अमिताभ बच्चन का एक्स-रे हुआ, लेकिन अब भी सही कारण पता नहीं चल सका था। कई टेस्ट हुए, लेकिन जब चोट का ही पता नहीं चला तो इलाज कैसे होता। तीसरे दिन जब दर्द असहनीय हुआ तो डॉक्टर्स ने दोबारा एक्स-रे कर उसे बारीकी से एग्जामिन किया। देखा कि एक्स-रे में डायफ्राम के नीचे गैस दिख रही थी, जो लीकेज का संकेत थी। दरअसल, चोट लगने से अमिताभ की अंतड़ियां फट गई थीं और सही समय पर इलाज न मिलने पर इंफेक्शन फैल चुका था। चौथे दिन जाने-माने सर्जन एच. एस. भाटिया ने अमिताभ का केस देखा और तुरंत ऑपरेशन का सुझाव दिया। ऑपरेशन से पहले अमिताभ को 102 डिग्री बुखार हो गया और उनकी हार्टबीट 72 की जगह 180 हो गई। ऑपरेशन हुआ तो देखा कि अंदर से आंतें फट चुकी थीं। ऐसी कंडीशन में 3-4 घंटे जिंदा रहना भी मुश्किल था, लेकिन वह चार दिनों से जूझ रहे थे। चौथे दिन बिग बी कोमा में चले गए। दो ऑपरेशन हुए और दो महीनों तक उन्हें हॉस्पिटल में रखा गया। 24 सितंबर 1982 को बिग बी को ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल से डिस्चार्ज किया गया था। पहले ही अस्थमा, लिवर प्रॉब्लम और निमोनिया से जूझ रहे थे बिग बी हादसे से पहले ही अमिताभ बच्चन को लिवर की समस्या थी और साथ ही वो अस्थमैटिक भी थे। ऑपरेशन के अगले ही दिन उन्हें निमोनिया हुआ जिससे हालत और बिगड़ गई। बैंगलोर में इलाज के बाद उन्हें एयरबस से मुंबई लाया गया था। क्रेन से उन्हें ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में स्ट्रेचर पर शिफ्ट किया गया था। 8 अगस्त को उनका दोबारा ऑपरेशन हुआ। अस्पताल के बाहर उनके चाहने वालों की चौबीसो घंटे भीड़ रहती थी। पूरे देश में कहीं पूजा करवाई
पेटीएम का शेयर दिन के ऊपरी स्तर से 5% फिसला:बोनस शेयर का प्लान टला; पहली तिमाही में मुनाफा 79% बढ़कर ₹220 करोड़ रहा

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजे आने के बाद पेटीएम के शेयरों में आज मंगलवार 21 जुलाई को उतार-चढ़ाव । बाजार खुलते ही शेयर में 2.5% से ज्यादा की तेजी आई, लेकिन थोड़ी ही देर में यह दिन के ऊपरी स्तर से 5% तक टूट गया। विजय शेखर शर्मा की अगुआई वाली इस फिनटेक कंपनी का प्रदर्शन मजबूत रहा है। पहली तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 79% बढ़कर 220 करोड़ रुपए दर्ज किया गया है। लेकिन बोनस शेयर टलने की खबर से बिकवाली का दबाव बढ़ा है। पेटीएम ने 2 सालों में निवेशकों का पैसा लगभग तीन गुना किया कंपनी के शेयर ने बीते 2 सालों में निवेशकों का पैसा लगभग तीन गुना किया है। हालांकि, मार्केट डेब्यू के करीब 5 साल बाद भी यह शेयर अपने आईपीओ प्राइस ₹2,150 से नीचे है। Q1 नतीजे: जून तिमाही में रेवेन्यू ₹2,448 करोड़ रहा 30 जून 2026 को समाप्त हुई इस तिमाही में ऑपरेशन्स से पेटीएम का रेवेन्यू 28% बढ़कर ₹2,448 करोड़ पर पहुंच गया है, जो एक साल पहले इसी अवधि में ₹1,918 करोड़ था। वहीं कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट साल-दर-साल 79% बढ़कर ₹220 करोड़ रहा है। कंपनी को अपने पेमेंट बिजनेस, मर्चेंट सब्सक्रिप्शन और फाइनेंशियल सर्विसेज डिस्ट्रीब्यूशन में लगातार ग्रोथ से यह मुनाफा हासिल हुआ है। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में पेटीएम को ₹123 करोड़ का मुनाफा हुआ था। वहीं, मार्च तिमाही में ₹183 करोड़ का मुनाफा हुआ था। पेटीएम मनी में ₹100 करोड़ के निवेश को मंजूरी पेटीएम के बोर्ड ने अपनी सब्सिडियरी कंपनी ‘पेटीएम मनी’ में राइट्स इश्यू के जरिए ₹100 करोड़ तक के निवेश को मंजूरी दी है। इस फंड का इस्तेमाल टेक्नोलॉजी में निवेश, रेगुलेटरी कैपिटल जरूरतों को पूरा करने और कंपनी के इन्वेस्टमेंट व वेल्थ मैनेजमेंट बिजनेस के विस्तार के लिए किया जाएगा। आईपीओ के बचे ₹1,686 करोड़ के इस्तेमाल का प्लान बदला कंपनी के बोर्ड ने आईपीओ से मिली अनयूज्ड ₹1,686 करोड़ की बची हुई रकम के इस्तेमाल और उसकी समय-सीमा में बदलाव का प्रस्ताव भी पास किया है। बोर्ड ने इस रकम के उपयोग का समय बढ़ाकर 31 मार्च 2029 तक करने के लिए शेयरहोल्डर्स से मंजूरी लेने का फैसला किया है। कंपनी का कहना है कि इस फ्लेक्सिबिलिटी से उसे पेमेंट और फाइनेंशियल सर्विसेज इकोसिस्टम को मजबूत करने और ग्रोथ के नए मौकों को हासिल करने में मदद मिलेगी। बोनस शेयर का प्लान क्यों टला? कंपनी के बोर्ड ने बोनस शेयर जारी करने का प्रस्ताव टाल दिया है। बोर्ड ने कहा कि लॉन्ग-टर्म शेयरहोल्डर वैल्यू के नजरिए से प्रस्ताव का मूल्यांकन करने के बाद यह फैसला लिया गया है। बोर्ड का मानना है कि कंपनी को अभी अपनी ग्रोथ बढ़ाने और प्रॉफिटेबिलिटी को और मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए, ताकि शेयरधारकों के लिए बेहतर वैल्यू क्रिएट हो सके।” एक्सपर्ट व्यू: कंपनी अब प्रॉफिटेबिलिटी के दौर में पहुंची INVasset PMS के बिजनेस हेड हर्षल दसानी के मुताबिक, पेटीएम का Q1 FY27 रिजल्ट इस बात का साफ सबूत है कि कंपनी अब टर्नअराउंड फेज से निकलकर प्रॉफिटेबिलिटी फेज में आ चुकी है। 28% की रेवेन्यू ग्रोथ के साथ ₹203 करोड़ का अब तक का सबसे ज्यादा तिमाही EBITDA और ₹220 करोड़ का मुनाफा दिखाता है कि कंपनी का कॉस्ट स्ट्रक्चर अब मजबूत हो चुका है। अब बढ़ता रेवेन्यू सीधे मुनाफे में बदल रहा है। उनका मानना है कि आने वाली दो तिमाहियों में यह तय होगा कि कंपनी का 8% मार्जिन अब एक स्टेबल बेस बन चुका है। नॉलेज बॉक्स: क्या होता है ‘राइट्स इश्यू’ और बोनस शेयर?
पेटीएम का शेयर दिन के ऊपरी स्तर से 5% फिसला:बोनस शेयर का प्लान टला; पहली तिमाही में मुनाफा 79% बढ़कर ₹220 करोड़ रहा

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजे आने के बाद पेटीएम के शेयरों में आज मंगलवार 21 जुलाई को उतार-चढ़ाव । बाजार खुलते ही शेयर में 2.5% से ज्यादा की तेजी आई, लेकिन थोड़ी ही देर में यह दिन के ऊपरी स्तर से 5% तक टूट गया। विजय शेखर शर्मा की अगुआई वाली इस फिनटेक कंपनी का प्रदर्शन मजबूत रहा है। पहली तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 79% बढ़कर 220 करोड़ रुपए दर्ज किया गया है। लेकिन बोनस शेयर टलने की खबर से बिकवाली का दबाव बढ़ा है। पेटीएम ने 2 सालों में निवेशकों का पैसा लगभग तीन गुना किया कंपनी के शेयर ने बीते 2 सालों में निवेशकों का पैसा लगभग तीन गुना किया है। हालांकि, मार्केट डेब्यू के करीब 5 साल बाद भी यह शेयर अपने आईपीओ प्राइस ₹2,150 से नीचे है। Q1 नतीजे: जून तिमाही में रेवेन्यू ₹2,448 करोड़ रहा 30 जून 2026 को समाप्त हुई इस तिमाही में ऑपरेशन्स से पेटीएम का रेवेन्यू 28% बढ़कर ₹2,448 करोड़ पर पहुंच गया है, जो एक साल पहले इसी अवधि में ₹1,918 करोड़ था। वहीं कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट साल-दर-साल 79% बढ़कर ₹220 करोड़ रहा है। कंपनी को अपने पेमेंट बिजनेस, मर्चेंट सब्सक्रिप्शन और फाइनेंशियल सर्विसेज डिस्ट्रीब्यूशन में लगातार ग्रोथ से यह मुनाफा हासिल हुआ है। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में पेटीएम को ₹123 करोड़ का मुनाफा हुआ था। वहीं, मार्च तिमाही में ₹183 करोड़ का मुनाफा हुआ था। पेटीएम मनी में ₹100 करोड़ के निवेश को मंजूरी पेटीएम के बोर्ड ने अपनी सब्सिडियरी कंपनी ‘पेटीएम मनी’ में राइट्स इश्यू के जरिए ₹100 करोड़ तक के निवेश को मंजूरी दी है। इस फंड का इस्तेमाल टेक्नोलॉजी में निवेश, रेगुलेटरी कैपिटल जरूरतों को पूरा करने और कंपनी के इन्वेस्टमेंट व वेल्थ मैनेजमेंट बिजनेस के विस्तार के लिए किया जाएगा। आईपीओ के बचे ₹1,686 करोड़ के इस्तेमाल का प्लान बदला कंपनी के बोर्ड ने आईपीओ से मिली अनयूज्ड ₹1,686 करोड़ की बची हुई रकम के इस्तेमाल और उसकी समय-सीमा में बदलाव का प्रस्ताव भी पास किया है। बोर्ड ने इस रकम के उपयोग का समय बढ़ाकर 31 मार्च 2029 तक करने के लिए शेयरहोल्डर्स से मंजूरी लेने का फैसला किया है। कंपनी का कहना है कि इस फ्लेक्सिबिलिटी से उसे पेमेंट और फाइनेंशियल सर्विसेज इकोसिस्टम को मजबूत करने और ग्रोथ के नए मौकों को हासिल करने में मदद मिलेगी। बोनस शेयर का प्लान क्यों टला? कंपनी के बोर्ड ने बोनस शेयर जारी करने का प्रस्ताव टाल दिया है। बोर्ड ने कहा कि लॉन्ग-टर्म शेयरहोल्डर वैल्यू के नजरिए से प्रस्ताव का मूल्यांकन करने के बाद यह फैसला लिया गया है। बोर्ड का मानना है कि कंपनी को अभी अपनी ग्रोथ बढ़ाने और प्रॉफिटेबिलिटी को और मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए, ताकि शेयरधारकों के लिए बेहतर वैल्यू क्रिएट हो सके।” एक्सपर्ट व्यू: कंपनी अब प्रॉफिटेबिलिटी के दौर में पहुंची INVasset PMS के बिजनेस हेड हर्षल दसानी के मुताबिक, पेटीएम का Q1 FY27 रिजल्ट इस बात का साफ सबूत है कि कंपनी अब टर्नअराउंड फेज से निकलकर प्रॉफिटेबिलिटी फेज में आ चुकी है। 28% की रेवेन्यू ग्रोथ के साथ ₹203 करोड़ का अब तक का सबसे ज्यादा तिमाही EBITDA और ₹220 करोड़ का मुनाफा दिखाता है कि कंपनी का कॉस्ट स्ट्रक्चर अब मजबूत हो चुका है। अब बढ़ता रेवेन्यू सीधे मुनाफे में बदल रहा है। उनका मानना है कि आने वाली दो तिमाहियों में यह तय होगा कि कंपनी का 8% मार्जिन अब एक स्टेबल बेस बन चुका है। नॉलेज बॉक्स: क्या होता है ‘राइट्स इश्यू’ और बोनस शेयर?
Amitabh Bachchan Hospital Surgery ICU Blog Post

6 मिनट पहले कॉपी लिंक अमिताभ बच्चन हेपेटाइटिस-बी, लिवर सिरोसिस, माइस्थीनिया ग्रेविस और टीबी जैसी कई गंभीर बीमारियों से जूझ चुके हैं। अमिताभ बच्चन ने सोमवार को अपने ब्लॉग में अस्पताल में भर्ती होने, सर्जरी और आईसीयू (ICU) में एडमिट होने का जिक्र किया। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि वह कब, किस अस्पताल में, कितने दिन और क्यों भर्ती थे। इसी साल मई में अमिताभ बच्चन के अस्पताल में भर्ती होने की खबरें सामने आई थीं। अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग में लिखा, ‘अस्पताल में, एक सर्जरी के बाद और आईसीयू में, अनुभवी डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की देखभाल में, फिर अस्पताल से छुट्टी और घर वापसी। यह घर वापसी का दौर सबसे मुश्किल होता है। शारीरिक रूप से, मानसिक रूप से और रोजमर्रा की जिंदगी के लिहाज से भी। आप एक सम्मानित चैंपियन रहे हों और एक दिन हार आपके सामने खड़ी हो जाए। यह जिंदगी का सबसे कठिन दौर होता है।’ अमिताभ बच्चन का ब्लाग पोस्ट। उन्होंने आगे लिखा, ‘कुछ लोग इसका बहादुरी से सामना करते हैं। कुछ हार मान लेते हैं। जो लोग हिम्मत नहीं छोड़ते और डटे रहते हैं, वे हमेशा चैंपियन बने रहते हैं। और जो ऐसा नहीं कर पाते, वे अपनी पुरानी उपलब्धियों के सहारे जिंदगी बिताते हैं। यह हर इंसान की अपनी-अपनी पसंद होती है। दोनों में कुछ भी गलत नहीं है। स्वस्थ रहें, खुश रहें।’ ब्लॉग पोस्ट के बाद अमिताभ बच्चन ने सोमवार देर रात X पर लिखा, ‘T 5806 – खेल समाप्त हो गया! पर काम चल रहा है।’ अमिताभ के अस्पताल में भर्ती होने का दावा किया गया था 19 मई को अमिताभ बच्चन के मुंबई के नानावटी अस्पताल में भर्ती होने का दावा पत्रकार विक्की ललवानी ने अपने यूट्यूब चैनल पर किया था। उन्होंने कहा था कि उन्हें 16 मई को भर्ती करवाया गया है। विक्की ललवानी ने यह भी कहा था कि वह खबर कन्फर्म करने मंगलवार शाम नानावटी अस्पताल पहुंचे थे। बिग बी को ए-विंग की तीसरी मंजिल पर रखा गया था। उन्होंने यह भी दावा किया था कि अभिषेक बच्चन भी पिता को देखने अस्पताल पहुंचे थे। हालांकि, दैनिक भास्कर ने खबर कन्फर्म करने के लिए परिवार के करीबी सूत्र से संपर्क किया, तो सामने आया था कि अमिताभ को रूटीन चेकअप के लिए 16 मई को नानावटी अस्पताल ले जाया गया था। वह हर महीने रूटीन चेकअप करवाते रहते हैं। इसके तुरंत बाद वह घर लौट आए थे। विक्की ललवानी का दावा था कि अमिताभ बच्चन 16 मई से अस्पताल में भर्ती हैं, लेकिन फैक्ट चेक में यह भी सामने आया था कि 17 मई यानी रविवार को बिग बी हमेशा की तरह फैंस से मिलने के लिए जलसा से बाहर आए थे। इसका वीडियो भी सामने आया था। एडमिट होने की खबरों के बीच किया व्लॉग और पोस्ट अमिताभ बच्चन ने 20 मई को आधिकारिक X अकाउंट से कुछ अजीबोगरीब शब्दों के साथ बेमायने वाली पोस्ट की थी। उन्होंने रात 12 बजकर 3 मिनट पर लिखा- पिलोरी बड़ुंबा। इसके ठीक बाद उन्होंने 12 बजकर 20 मिनट पर ब्लॉग में लिखा था- चील जब होवे शांत तो भैया, तोते बोलन सुरु करें, इर बीर फत्ते, कहन ,चल हमऊ, पिलावे सुरु करें। बाजरे दी रोटी खा दी, फू पड़ियों दा, साग रे, मुंह में डालन लागै जैसे , बोलन लागे काग रे। एक रहे ‘हिल’ भैया की पढ़ाई का दर्पण; औ दूसर विलिंग्टन की याद। लव, प्रेयर एंड मोर। बिग बी का 75% लिवर खराब 83 साल के बिग बी सिर्फ 25% लिवर पर ही जिंदा हैं, उनका 75% लिवर खराब है। फिल्म कुली के सेट पर हुए हादसे के बाद डॉक्टर्स क्लिनिकली मरा हुआ घोषित कर चुके थे। 3-4 घंटे जिंदा रहना भी मुश्किल था, वो दर्द अमिताभ ने 4 दिन झेला 26 जुलाई 1982 को अमिताभ बच्चन फिल्म कुली के लिए एक एक्शन सीक्वेंस शूट कर रहे थे। शॉट की डिमांड के अनुसार पुनीत इस्सर को अमिताभ को मुक्का मारना था और उन्हें टेबल पर जाकर गिरना था। ये काम बॉडी डबल का था, लेकिन अमिताभ ने परफेक्शन के लिए खुद इसे शूट किया। मुक्का तेज लगा जिससे टेबल का एक कोना अमिताभ के पेट पर लग गया। खून नहीं आया था, लेकिन दर्द से बिग बी का बुरा हाल था। अस्पताल गए तो डॉक्टर्स सही कारण नहीं समझ सके। पेन किलर के सहारे बिग बी ने दो दिन काटे, लेकिन जब दर्द बंद नहीं हुआ तो फिर उन्हें बेंगलुरु के सेंट फिलोमेना हॉस्पिटल में एडमिट किया गया था। डॉक्टर्स भी दे चुके थे जवाब अमिताभ बच्चन का एक्स-रे हुआ, लेकिन अब भी सही कारण पता नहीं चल सका था। कई टेस्ट हुए, लेकिन जब चोट का ही पता नहीं चला तो इलाज कैसे होता। तीसरे दिन जब दर्द असहनीय हुआ तो डॉक्टर्स ने दोबारा एक्स-रे कर उसे बारीकी से एग्जामिन किया। देखा कि एक्स-रे में डायफ्राम के नीचे गैस दिख रही थी, जो लीकेज का संकेत थी। दरअसल, चोट लगने से अमिताभ की अंतड़ियां फट गई थीं और सही समय पर इलाज न मिलने पर इंफेक्शन फैल चुका था। चौथे दिन जाने-माने सर्जन एच. एस. भाटिया ने अमिताभ का केस देखा और तुरंत ऑपरेशन का सुझाव दिया। ऑपरेशन से पहले अमिताभ को 102 डिग्री बुखार हो गया और उनकी हार्टबीट 72 की जगह 180 हो गई। ऑपरेशन हुआ तो देखा कि अंदर से आंतें फट चुकी थीं। ऐसी कंडीशन में 3-4 घंटे जिंदा रहना भी मुश्किल था, लेकिन वह चार दिनों से जूझ रहे थे। चौथे दिन बिग बी कोमा में चले गए। दो ऑपरेशन हुए और दो महीनों तक उन्हें हॉस्पिटल में रखा गया। 24 सितंबर 1982 को बिग बी को ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल से डिस्चार्ज किया गया था। पहले ही अस्थमा, लिवर प्रॉब्लम और निमोनिया से जूझ रहे थे बिग बी हादसे से पहले ही अमिताभ बच्चन को लिवर की समस्या थी और साथ ही वो अस्थमैटिक भी थे। ऑपरेशन के अगले ही दिन उन्हें निमोनिया हुआ जिससे हालत और बिगड़ गई। बैंगलोर में इलाज के बाद उन्हें एयरबस से मुंबई लाया गया था। क्रेन से उन्हें ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में स्ट्रेचर पर शिफ्ट किया गया था। 8 अगस्त को उनका दोबारा ऑपरेशन हुआ। अस्पताल के बाहर उनके चाहने
Kunika Sadanand Delhi CJP Protest Controversy

7 मिनट पहले कॉपी लिंक दिल्ली में चल रहे CJP प्रदर्शन के दौरान एक बच्चे की मौत का दावा करने पर एक्ट्रेस कुनिका सदानंद भड़क गईं। दरअसल, नई दिल्ली में ANI के साथ बातचीत के दौरान एक्ट्रेस से एक शख्स कहता है, ‘एक बच्चे की डेथ भी हो गई है मैम।’ इस पर कुनिका तुरंत जवाब देतीहैं, ‘नहीं, नहीं… कोई डेथ नहीं। मैंने पुलिस से पूछा है। ऐसी कोई घटना नहीं हुई। गलत-गलत बात मत फैलाइए।’ कुणिका की पुलिसकर्मी से बहस हुई कुनिका सदानंद का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें उनकी एक पुलिसकर्मी के साथ बहस होती नजर आ रही है। वीडियो में कुनिका और उनके साथ मौजूद लोग आगे जाने की अनुमति मांगते दिखते हैं, लेकिन पुलिस उन्हें रोक देती है। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच बहस होती है। गौरतलब है कि कुनिका सदानंद ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र प्रदर्शन में पहुंचकर आंदोलन के प्रति समर्थन जताया। वहीं, रविवार को जंतर-मंतर पर संसद मार्च के दौरान छात्रों पर किए गए पुलिस लाठीचार्ज की भी एक्ट्रेस ने आलोचना की। एक्ट्रेस ने इंस्टाग्राम पर वीडियो जारी कर कहा, ‘आज जो तस्वीरें हमने देखीं, वे किसी भी इंसान को अंदर तक हिला देने के लिए काफी हैं। अभिजीत दीपके को डिटेन किया गया, स्टूडेंट्स पर लाठीचार्ज हुआ, टियर गैस छोड़ी गई और हां, गुस्सा आना बिल्कुल स्वाभाविक है, लेकिन मैं हाथ जोड़कर एक बात कहना चाहती हूं। प्लीज अपना गुस्सा किसी भी हिंसा में मत बदलने दीजिए।’ उन्होंने आगे कहा, ‘यह वही पल होता है, जहां एक जन-आंदोलन की असली परीक्षा होती है। पुलिस को गाली मत दीजिए, पत्थर मत उठाइए, किसी भी तरह की तोड़-फोड़ मत कीजिए, क्योंकि जिस पल प्रोटेस्ट वायलेंट दिखने लगता है, उसी पल असली मुद्दा पीछे चला जाता है। और जिस मुद्दे के लिए आप इतनी दूर आए हैं, इतने दिन से बैठे हैं, वह दब जाता है।’ कुणिका ने सरकार पर सवाल उठाए पीटीआई के साथ बातचीत में कुनिका ने कहा, “एक महीने से भी ज्यादा हो गया है। नीट पेपर लीक हुए भी कितना टाइम हो गया है। सरकार को कुछ तो संज्ञान लेना चाहिए। आप अपना मानसून सत्र शुरू कर रहे हैं। कुछ तो पता चलता हमें, ताकि तसल्ली होती कि आप इस पर डिस्कस करने वाले हैं, लेकिन आज जब डिस्कशन शुरू हुआ, तो आपने पार्लियामेंट का सेशन ही रद्द कर दिया। एक इंसान को लोकतंत्र में अपनी जान देनी पड़ेगी, उसके बाद ही आप सुनेंगे या उसके बाद भी नहीं सुनेंगे, क्योंकि हम ये भी देख चुके हैं।’ प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई कॉकरोच जनता पार्टी ने सोमवार को जंतर-मंतर से संसद तक मार्च निकाला। सुबह 8 से शाम 5 बजे तक चले प्रदर्शन के दौरान कई बार प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई। सुबह 8 बजे शुरू हुए प्रदर्शन में 10 बजे प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़कर संसद की ओर मार्च किया। आंदोलनकारी जंतर-मंतर से संसद मार्ग, जनपथ चौराहा, वॉर मेमोरियल, कर्तव्य पथ, विजय चौक होते हुए संसद के करीब पहुंचे। संसद में घुसने की कोशिश की, जिसके बाद संसद की सुरक्षा बढ़ा दी गई, मुख्य द्वार बंद कर दिया गया। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। देर शाम को पथराव की तस्वीरें भी सामने आईं। इसमें 50 से ज्यादा पुलिसकर्मी और इतने ही प्रदर्शनकारी भी घायल हुए। CJP ने आरोप लगाया कि निहत्थे आंदोलनकारियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोल दागे। इस दौरान कई लोगों के घायल होने की फोटो सामने आईं। पूरी खबर यहां पढ़ें…. संसद मार्च के दौरान 118 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए। वहीं कई प्रदर्शनकारियों को भी चोटें आई हैं। यह खबर भी पढ़ें…. CJP आंदोलन पर आमने-सामने फिल्मी सितारे:शबाना आजमी-प्रकाश राज ने ट्रक पर चढ़कर किया प्रदर्शन, कंगना-हेमा ने कहा- प्रोटेस्ट का मतलब नहीं, उत्पात मचा रहे नीट परीक्षा में गड़बड़ी और शिक्षा सुधारों को लेकर दिल्ली में चल रहे CJP के आंदोलन पर बॉलीवुड दो धड़ों में बंट गया है। एक तरफ जहां शबाना आजमी और प्रकाश राज जैसे सीनियर कलाकार सड़कों पर उतरकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बीजेपी सांसद कंगना रनोट और हेमा मालिनी ने इस प्रदर्शन को गलत बताया है। पूरी खबर यहां पढ़ें…. दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Kunika Sadanand Delhi CJP Protest Controversy

23 मिनट पहले कॉपी लिंक दिल्ली में चल रहे CJP प्रदर्शन के दौरान एक बच्चे की मौत का दावा करने पर एक्ट्रेस कुनिका सदानंद भड़क गईं। दरअसल, नई दिल्ली में ANI के साथ बातचीत के दौरान एक्ट्रेस से एक शख्स कहता है, ‘एक बच्चे की डेथ भी हो गई है मैम।’ इस पर कुनिका तुरंत जवाब देतीहैं, ‘नहीं, नहीं… कोई डेथ नहीं। मैंने पुलिस से पूछा है। ऐसी कोई घटना नहीं हुई। गलत-गलत बात मत फैलाइए।’ कुणिका की पुलिसकर्मी से बहस हुई कुनिका सदानंद का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें उनकी एक पुलिसकर्मी के साथ बहस होती नजर आ रही है। वीडियो में कुनिका और उनके साथ मौजूद लोग आगे जाने की अनुमति मांगते दिखते हैं, लेकिन पुलिस उन्हें रोक देती है। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच बहस होती है। गौरतलब है कि कुनिका सदानंद ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र प्रदर्शन में पहुंचकर आंदोलन के प्रति समर्थन जताया। वहीं, रविवार को जंतर-मंतर पर संसद मार्च के दौरान छात्रों पर किए गए पुलिस लाठीचार्ज की भी एक्ट्रेस ने आलोचना की। एक्ट्रेस ने इंस्टाग्राम पर वीडियो जारी कर कहा, ‘आज जो तस्वीरें हमने देखीं, वे किसी भी इंसान को अंदर तक हिला देने के लिए काफी हैं। अभिजीत दीपके को डिटेन किया गया, स्टूडेंट्स पर लाठीचार्ज हुआ, टियर गैस छोड़ी गई और हां, गुस्सा आना बिल्कुल स्वाभाविक है, लेकिन मैं हाथ जोड़कर एक बात कहना चाहती हूं। प्लीज अपना गुस्सा किसी भी हिंसा में मत बदलने दीजिए।’ उन्होंने आगे कहा, ‘यह वही पल होता है, जहां एक जन-आंदोलन की असली परीक्षा होती है। पुलिस को गाली मत दीजिए, पत्थर मत उठाइए, किसी भी तरह की तोड़-फोड़ मत कीजिए, क्योंकि जिस पल प्रोटेस्ट वायलेंट दिखने लगता है, उसी पल असली मुद्दा पीछे चला जाता है। और जिस मुद्दे के लिए आप इतनी दूर आए हैं, इतने दिन से बैठे हैं, वह दब जाता है।’ कुणिका ने सरकार पर सवाल उठाए पीटीआई के साथ बातचीत में कुनिका ने कहा, “एक महीने से भी ज्यादा हो गया है। नीट पेपर लीक हुए भी कितना टाइम हो गया है। सरकार को कुछ तो संज्ञान लेना चाहिए। आप अपना मानसून सत्र शुरू कर रहे हैं। कुछ तो पता चलता हमें, ताकि तसल्ली होती कि आप इस पर डिस्कस करने वाले हैं, लेकिन आज जब डिस्कशन शुरू हुआ, तो आपने पार्लियामेंट का सेशन ही रद्द कर दिया। एक इंसान को लोकतंत्र में अपनी जान देनी पड़ेगी, उसके बाद ही आप सुनेंगे या उसके बाद भी नहीं सुनेंगे, क्योंकि हम ये भी देख चुके हैं।’ प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई कॉकरोच जनता पार्टी ने सोमवार को जंतर-मंतर से संसद तक मार्च निकाला। सुबह 8 से शाम 5 बजे तक चले प्रदर्शन के दौरान कई बार प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई। सुबह 8 बजे शुरू हुए प्रदर्शन में 10 बजे प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़कर संसद की ओर मार्च किया। आंदोलनकारी जंतर-मंतर से संसद मार्ग, जनपथ चौराहा, वॉर मेमोरियल, कर्तव्य पथ, विजय चौक होते हुए संसद के करीब पहुंचे। संसद में घुसने की कोशिश की, जिसके बाद संसद की सुरक्षा बढ़ा दी गई, मुख्य द्वार बंद कर दिया गया। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। देर शाम को पथराव की तस्वीरें भी सामने आईं। इसमें 50 से ज्यादा पुलिसकर्मी और इतने ही प्रदर्शनकारी भी घायल हुए। CJP ने आरोप लगाया कि निहत्थे आंदोलनकारियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोल दागे। इस दौरान कई लोगों के घायल होने की फोटो सामने आईं। पूरी खबर यहां पढ़ें…. संसद मार्च के दौरान 118 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए। वहीं कई प्रदर्शनकारियों को भी चोटें आई हैं। यह खबर भी पढ़ें…. CJP आंदोलन पर आमने-सामने फिल्मी सितारे:शबाना आजमी-प्रकाश राज ने ट्रक पर चढ़कर किया प्रदर्शन, कंगना-हेमा ने कहा- प्रोटेस्ट का मतलब नहीं, उत्पात मचा रहे नीट परीक्षा में गड़बड़ी और शिक्षा सुधारों को लेकर दिल्ली में चल रहे CJP के आंदोलन पर बॉलीवुड दो धड़ों में बंट गया है। एक तरफ जहां शबाना आजमी और प्रकाश राज जैसे सीनियर कलाकार सड़कों पर उतरकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बीजेपी सांसद कंगना रनोट और हेमा मालिनी ने इस प्रदर्शन को गलत बताया है। पूरी खबर यहां पढ़ें…. दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…







