टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग, 4 तस्वीरों में देखें पूरी घटना:शूटर्स ने फायरिंग की, ड्राइवर घायल हुआ; एक्टर ड्राइविंग सीट पर आए; गाड़ी लेकर गए

एक्टर टाइगर श्रॉफ पर रविवार शाम को मुंबई में फायरिंग हुई। इस घटना में उनका ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया। टाइगर अपने ड्राइवर को लेकर अस्पताल पहुंचे। पुलिस के मुताबिक, टाइगर सुरक्षित हैं। पुलिस ने उनकी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पूरी घटना के 3 वीडियो सामने आए हैं। 1. टाइगर की कार जुहू के पुष्पा पार्क पहुंची रविवार शाम 7 बजे टाइगर की कार जुहू के पुष्पा पार्क पहुंचती है। कार में टाइगर फ्रंट सीट पर बैठे थे और ड्राइवर गाड़ी चला रहा था। इसी दौरान वहां शूटर्स ने फायरिंग शुरू कर दी। 2. टाइगर की कार पर 5 राउंड फायरिंग शूटर्स ने टाइगर श्रॉफ की कार को निशाना बनाकर 5 राउंड फायरिंग की। अचानक हुई फायरिंग से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। 3. ड्राइवर को गोली लगी, वह गाड़ी से बाहर निकला फायरिंग के दौरान टाइगर का ड्राइवर गोली लगने से घायल हो गया। इसके बाद वह गाड़ी से बाहर निकल आया। ड्राइवर के घायल होने के बाद गाड़ी चलाने की जिम्मेदारी टाइगर ने खुद संभाली। 4. फ्रंट सीट से ड्राइविंग सीट पर आए टाइगर ड्राइवर के गाड़ी से बाहर निकलने के बाद टाइगर श्रॉफ फ्रंट सीट से ड्राइविंग सीट पर आ गए। उन्होंने खुद गाड़ी का स्टेयरिंग संभाला और कार लेकर वहां से निकल गए।
टाइगर श्रॉफ पर मुंबई में 5 राउंड फायरिंग, एक्टर सुरक्षित:लॉरेंस गैंग ने कहा- जो सलमान के साथ काम करेगा, उसका यही अंजाम होगा

एक्टर टाइगर श्रॉफ पर मुंबई में फायरिंग हुई है। जुहू में बाइक सवारों ने उन पर 5 राउंड फायरिंग की। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, टाइगर श्रॉफ अपनी कार से फुटबॉल खेलकर लौट रहे थे। जब वह जुहू के पुष्पा पार्क इलाके के पास पहुंचे तो वहां उन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में भीड़ जमा थी। तभी एक बाइक पर सवार होकर तीन लोग वहां पहुंचे। हमलावरों ने बिना किसी कहासुनी के अचानक टाइगर की गाड़ी पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं। अचानक हुए इस हमले में टाइगर के ड्राइवर और पास में मौजूद एक ऑटो-रिक्शा वाले को भी गोलियां लगी हैं। घटना के तुरंत बाद घायलों को पास के अस्पताल पहुंचाया गया। मुंबई पुलिस का कहना है कि टाइगर सुरक्षित हैं। हमलावरों की तलाश की जा रही है। टाइगर पर हमले का यह वीडियो वायरल है… लॉरेंस गैंग ने ली हमले की जिम्मेदारी रिपोर्ट्स के मुताबिक लॉरेंस गैंग के अनिल पंडित और हरमन संधू ने फायरिंग की जिम्मेदारी ली है। अनिल पंडित ने सोशल मीडिया पर पोस्ट की है। पोस्ट में लिखा है- हमने इसे समझाया था, इसको समझ नहीं आया। आज हमने इसको सही से समझा दिया है। मुंबई फिल्म इंडस्ट्री में जो हमारी बात नहीं सुनेगा, या सलमान के साथ काम करेगा. अगला नंबर उसी का होगा। फायरिंग की वजह साफ नहीं, CCTV खंगाल रही पुलिस हमला क्यों हुआ, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस ने इलाके को सील कर दिया है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि हमलावरों की बाइक का नंबर और उनकी पहचान की जा सके। पुलिस चश्मदीदों के बयान दर्ज कर रही है। कौन है लॉरेंस, 700 से ज्यादा शूटर्स, विदेशों से मंगाते हैं हथियार लॉरेंस का जन्म 12 फरवरी 1993 में पंजाब के फाजिल्का में हुआ था। उसके पिता पुलिस कॉन्स्टेबल थे। मां ने लॉरेंस नाम लिखा था। पुलिस रिकॉर्ड में लॉरेंस का नाम सतविंदर सिंह है। लॉरेंस गैंग का नेटवर्क दुनिया भर में फैला हुआ है। कहा जाता है कि उसके गिरोह में 700 से ज्यादा शूटर्स हैं, जिनमें 300 से ज्यादा पंजाब से जुड़े हैं। इसके गुर्गे पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश से काम करते हैं। जैकी श्रॉफ के बेटे, नाना एयर वाइस मार्शल थे टाइगर श्रॉफ एक्टर जैकी श्रॉफ के बेटे हैं। उनके नाना एयर वाइस मार्शल रंजन दत्त वीर चक्र पुरस्कार विजेता थे। उन्होंने बेल्जियम की एक महिला से शादी की थी जिनका नाम क्लाउड मैरी डे केवी था। टाइगर श्रॉफ के दादा काकूलाल हरिलाला श्रॉफ गुजरात के ज्योतिषी थे जिन्होंने शिंजियांग में एक तुर्की महिला रीता से शादी की जो एक उइगर मुस्लिम थीं। आर्थिक तंगी में गुजरा बचपन स्टार किड होने के बावजूद टाइगर श्रॉफ का बचपन बहुत ही आर्थिक तंगी में गुजरा है। दरअसल, उनकी मां आयशा श्रॉफ ने फिल्म ‘बूम’ प्रोड्यूस की थी। इस फिल्म को कैजाद गुस्ताद ने डायरेक्ट किया था। इसमें अमिताभ बच्चन, गुलशन ग्रोवर, जैकी श्रॉफ, जीनत अमान और जावेद जाफरी जैसे बड़े स्टार्स थे। वहीं, कटरीना कैफ की यह डेब्यू फिल्म थी। यह फिल्म बुरी तरह से फ्लॉप हो गई थी। एक इंटरव्यू के दौरान टाइगर श्रॉफ ने कहा था कि फिल्म ‘बूम’ के फ्लॉप होने के बाद परिवार को आर्थिक तंगी से गुजरना पड़ा था। यहां तक कि उनके घर का फर्नीचर तक बिक चुका था। उन्हें जमीन पर सोना पड़ा था। तब टाइगर सिर्फ 11 साल के थे। टाइगर की मानें तो वह उनके परिवार का सबसे बुरा समय था। पिता जैकी श्रॉफ से भी ज्यादा नेटवर्थ जैकी श्रॉफ चार दशकों से ज्यादा लंबे करियर में लगभग 250 फिल्मों में नजर आ चुके हैं। वहीं, टाइगर श्रॉफ 10 साल के करियर में 11 फिल्मों में काम कर चुके हैं। मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक आज टाइगर श्रॉफ की नेटवर्थ 248 करोड़ रुपए है। वो एक फिल्म के लिए 25 करोड़ रुपए चार्ज करते हैं। इसके अलावा टाइगर सोशल मीडिया और विज्ञापनों के जरिए भी कमाई करते हैं। फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक पिता जैकी श्रॉफ की नेटवर्थ इस समय 212 करोड़ रुपए है। जैकी एक फिल्म के करीब 1 करोड़ रुपए फीस लेते हैं। फिल्में फ्लॉप हुईं तो डिप्रेशन में चले गए टाइगर श्रॉफ की ए फ्लाइंग जट, मुन्ना माइकल, और स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2 जैसी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर अच्छा परफॉर्म नहीं कर पाई थीं। सबसे बड़ा झटका उन्हें हीरोपंती 2 की रिलीज के बाद लगा था। इस फिल्म को ऑडियंस और क्रिटिक्स ने बहुत खराब रिव्यूज दिए थे। बॉक्स ऑफिस पर फिल्म बुरी तरह से पिट गई थी। इसकी वजह से टाइगर डिप्रेशन में चले गए थे। करण जौहर के शो कॉफी विद करण में टाइगर श्रॉफ ने कहा था- मैं बहुत दुखी हुआ, डिप्रेशन महसूस किया। मेरी कोई सोशल लाइफ नहीं है और ना ही मेरे बहुत सारे दोस्त हैं। जब मैं डिप्रेस होता हूं तो बहुत खाता हूं। एयरोफोबिया से पीड़ित हैं टाइगर, फ्लाइट में खड़े होकर ट्रैवल करते हैं टाइगर श्रॉफ को एयरोफोबिया की शिकायत है। इस बात का खुलासा कहते हुए उन्होंने एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि फ्लाइट में उड़ान भरने से डर लगता है। टाइगर के साथ ‘बड़े मियां छोटे मियां’ में काम कर चुके अक्षय कुमार ने भी एक बार इंटरव्यू में कहा था- टाइगर फ्लाइट में तभी बैठते हैं जब उन्हें उतरना और उड़ान भरना होता है। अन्यथा, वो डर के कारण पूरी उड़ान के दौरान खड़े रहते हैं।
रघुवीर यादव और मंथन का नया गाना 'बदरा' रिलीज:बुंदेली लोकगीत और अंग्रेजी पॉप का मेल; घरेलू हिंसा के दर्द को बयां करता है गाना

एक्टर रघुवीर यादव और सिंगर मंथन ने साथ मिलकर नया गाना ‘बदरा’ रिलीज कर दिया है। ‘बदरा’ घरेलू हिंसा और खराब रिश्तों में घुट रहे लोगों के मानसिक दर्द और दिमागी तनाव को सामने लाता है। गाने में पारंपरिक बुंदेली लोकगीत और अंग्रेजी ऑल्ट-पॉप का फ्यूजन तैयार किया गया है। इसके वीडियो में अभिनेत्री श्रेया सिंह और मंथन नजर आ रहे हैं, जो घरेलू हिंसा और उससे बाहर निकलने की यात्रा को भावुक तरीके से दिखाते हैं। यह गाना सभी प्रमुख म्यूजिक प्लेटफॉर्म्स पर सुनने के लिए मौजूद है। अंग्रेजी पॉप और बुंदेली लोकगीत का मेल ‘बदरा’ गाने में पुरानी लोक संस्कृति और आज के आधुनिक संगीत को एक साथ पिरोया गया है। गाने में बुंदेली भाषा के पुराने लोकगीत की पंक्तियों का इस्तेमाल हुआ है। मंथन ने अंग्रेजी के बोल के जरिए इस बारिश की तुलना घर के खराब माहौल और मानसिक दबाव से की है। इसमें रघुवीर यादव की भारी आवाज में गाई गई पंक्तियां “अरे बरसन लागे री जे बदरा…” गाने को गहरा और असरदार बनाती हैं। घरेलू हिंसा और मानसिक तनाव से निकलने की कहानी गाने के म्यूजिक वीडियो में एक महिला के अंदरूनी दर्द और उसके संघर्ष को दिखाया गया है। वीडियो की शुरुआत में कार चलाती महिला की आंखों में आंसू दिखते हैं। इसके बाद घर के अंदर की बहस, मानसिक परेशानी और अंत में बारिश के बीच कार से बाहर निकलकर उस खराब माहौल से दूर जाने के फैसले को दिखाया गया है। ‘लाइफ ऑफ पाई’ फेम सुमित बब्बर ने संभाली साउंड रिकॉर्डिंग इस गाने को बनाने में कई अनुभवी कलाकारों ने काम किया है। गाने की धुन शरद जोशी ने तैयार की है। वहीं ‘लाइफ ऑफ पाई’ जैसी ऑस्कर जीतने वाली फिल्मों का हिस्सा रहे साउंड इंजीनियर सुमित बब्बर ने इसकी साउंड रिकॉर्डिंग की है। इसके अलावा भारत रावल और आशुतोष शुक्ला ने इसकी फोटोग्राफी और विजुअल डिजाइनिंग की है। वीडियो के अंत में जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर घरेलू हिंसा और दिमागी तनाव झेल रहे लोगों की मदद के लिए वीडियो के अंत में कई जरूरी हेल्पलाइन नंबर भी दिए गए हैं। इनमें राष्ट्रीय महिला आयोग (14490) और राष्ट्रीय महिला हेल्पलाइन नंबर (181) शामिल हैं। मेकर्स का मकसद इस गाने के जरिए युवाओं को अपनी माटी की जड़ों से जोड़ना और समाज में एक संवेदनशील मुद्दे पर सोचने का मौका देना है। यह गाना सभी बड़े ऑडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स पर आ चुका है।
IIT Medical Engineers Course | IIT Madras, Kharagpur, Kanpur Plan

Hindi News Career IIT Medical Engineers Course | IIT Madras, Kharagpur, Kanpur Plan 14 मिनट पहलेलेखक: सृष्टि तिवारी कॉपी लिंक एक हॉस्पिटल में पेशेंट का CT स्कैन चल रहा है, और रिपोर्ट में कुछ हिस्सा ब्लर आया है। डॉक्टर को समझ नहीं आ रहा है कि क्या वो ब्लर हिस्सा मशीन की गड़बड़ी की वजह से है, वहीं मशीन टेक्नीशियन को नहीं पता कि क्या ये मरीज की किसी बीमारी का संकेत। ऐसे में एक ऐसे प्रोफेशनल की जरूरत है जो मेडिकल और टेक्नोलॉजी दोनों से जुड़ी समझ रखता हो। IIT मद्रास, IIT खड़गपुर और IIT कानपुर इस मेडिकल एडवांस टेक्नोलॉजी के लिए काम कर रहे हैं।IITs का कहना है कि इनका लक्ष्य ऐसे टेक्निकल एक्सपर्ट तैयार करना है, जो मशीनों और मरीज दोनों को समझ सकें। सीधी बात ये है कि डॉक्टर शरीर के बारे में जानते हैं और इंजीनियर मशीनों के बारे में। किसी हॉस्पिटल में ऐसी किसी भी यूनिट में मौजूद किसी भी व्यक्ति को दोनों चीजों की ट्रेनिंग नहीं मिली होती है। यही वजह है कि देश के 3 IITs मेडिकल कॉलेजेस बना रहे हैं। IIT मद्रास ने डिपार्टमेंट ऑफ मेडिकल साइंस एंड टेक्नोलॉजी शुरू किया IIT मद्रास के डायरेक्टर वी. कामकोटि के मुताबिक, IIT मद्रास मेडिकल साइंसेज का नया स्कूल शुरू करने जा रहा है। इसका प्रमुख उद्देश्य मेडिकल साइंस और इंजीनियरिंग के बीच आपसी तालमेल बढ़ाना है। IIT मद्रास बीएस इन मेडिकल साइंस एंड इंजीनियरिंग प्रोग्राम भी शामिल है। मैथमेटिकल मॉडलिंग इन फिजीकोलॉजी, क्वांटिटेटिव ह्यूमन फिजियॉलॉजी, इन्ट्रोडक्शन टू क्लीनिकल न्यूरोसाइंस और मेडिकल इमेजस जैसे कोर्स ऑफर करता है। जिसमें मानव शरीर के अंगों और सिस्टम (जैसे नर्व सिस्टम, स्केटल मसल और हार्ट सिस्टम) के कार्यों को समझने से जुड़े कोर्स हैं। डायरेक्टर प्रोफेसर वी. कामाकोटी ‘किसी भी टेक्नोलॉजी संस्थान को एक मेडिकल स्कूल जरूर शुरू करना चाहिए। वरना, एक देश के तौर पर हम मेडिकल मार्केट में टिक नहीं पाएंगे।‘किसी भी टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट को मेडिकल स्कूल जरूर शुरू करना चाहिए। नहीं तो, एक देश के तौर पर हम मेडिकल मार्केट में टिक नहीं पाएंगे।’ IIT खड़गपुर ने मेडिकल कॉलेज की बिल्डिंग शुरू की IIT खड़गपुर मेडिकल बिल्डिंग की शुरुआत करने वाला देश का पहला IIT है। खड़गपुर में स्कूल ऑफ मेडिकल साइंस एंड टेक्नोलॉजी 2001 में शुरू हुआ था और इसका MMST प्रोग्राम खास तौर पर उन लोगों को इंजीनियरिंग और फिजिकल साइंसेज सिखाने के लिए बनाया गया था, जो पहले से ही डॉक्टर हैं। IIT खड़गपुर ने अपने ऑन-कैंपस हॉस्पिटल, डॉ. बी. सी. रॉय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी बनाया है। इसके तहत मेडिकल पोस्टग्रेजुएट मेडिकल कोर्स के लिए मंजूरी हासिल की है। इंस्टीट्यूट को क्लीनिकल ट्रेनिंग, और रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए 20 सीटों के साथ पोस्ट-ग्रेजुएट डॉक्टर ऑफ मेडिसिन (MD) कोर्स शुरू करने के लिए NMC से मंजूरी मिल चुकी है। खड़गपुर मेडिकल में PG कोर्स शुरू करने वाला देश का पहला IIT भी है। इसमें मेडिकल इमेजिंग, मॉलिक्यूलर इमेजिंग और इमेज एनालिसिस, बायोमटेरियल्स और इम्प्लांट्स, बायोफिजिक्स, कैंसर का शुरुआती पता लगाना, इम्यूनो-टेक्नोलॉजी, क्लिनिकल बायोमार्कर की खोज की रिसर्च और प्रिवेंटिव एंड प्रमोटिव हेल्थ सिस्टम शामिल हैं। इस स्कूल ने 2007 से 2016 तक मेडिकल इमेजिंग एंड इंफॉर्मेटिक्स में M.Tech प्रोग्राम (2 साल) चलाया। IIT कानपुर का गंगवाल स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी IIT कानपुर गंगवाल स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी सबसे पहले हायर और सुपर-स्पेशियलिटी मेडिकल डिग्री शुरू करेगा। इससे एडवांस मेडिसिन, मेडिकल रिसर्च और इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी को एक साथ लाया जा सकेगा। सच तो ये है कि IITs को डॉक्टरों की जरूरत नहीं है। वे तीनों असल में एक अलग तरह के एक्सपर्ट की तलाश में हैं जिन्हें ‘फिजिशियन-इंजीनियर’ कहा जाता है। IITs को डॉक्टर्स की जरूरत क्यों है आज एक डॉक्टर मेडिकल इमेजिंग, AI बेस्ड सिस्टम, मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स, बायो-सेंसर, रोबोटिक्स के बीच काम करता है। ऐसे इक्विपमेंट को बनाने वाले इंजीनियर अब पेशेंट को सिर्फ एक ‘दूर बैठा यूजर’ नहीं मान सकते। IIT खड़गपुर के डायरेक्टर, प्रोफेसर सुमन चक्रवर्ती का तर्क है कि मेडिकल और इंजीनियरिंग इन दोनों पेशों को अलग रखने का तरीका अब कारगर नहीं रह गया है। ‘तीस साल पहले, मेडिकल के ज्यादातर काम टेक्नोलॉजी की मदद से किए जा सकते थे। लेकिन आज, टेक्निकल डायग्नोज और ट्रीटमेंट दोनों ही एक दूसरे से जुड़े हैं। प्रोफेसर चक्रवर्ती के मुताबिक, ‘पुराना मॉडल था, जिसमें मेडिकल सेक्टर एक समस्या की पहचान करता है और इंजीनियरिंग सेक्टर उसके लिए एक मशीन बना देता है लेकिन अब ये नाकाफी साबित हो रहा है। दो प्रोफेशनल, जो किसी गलत चीज को बेहतर बनाने में लगे हैं। ‘हाइब्रिड सोच का फायदा ये नहीं है कि ये दो एक्सपर्ट की जगह ले लेती है। बल्कि, इसका फायदा ये है कि यह किसी बीमारी को बेहतर बनाने की कोशिश शुरू होने से पहले ही सही समस्या की पहचान कर लेती है।’ इसके साथ ही मेड टेक में आत्मनिर्भरता जरूरी है। भारत आज भी वेनटिलेटर, स्कैनर, लाइफ सपोर्ट, पेस मेकर सिस्टम विदेशों से आयात करता है। जब भारत टेक मेडिकल में एडवांस बन जाएगा तब हमारी निर्भरता कम हो जाएगी। IIT मद्रास के डायरेक्टर प्रोफेसर वी. कामाकोटी के मुताबिक इंस्टीट्यूट मेडिकल साइंसेज का एक स्कूल भी खोलेगा। जो भविष्य में अंडरग्रेजुएट MBBS, पोस्टग्रेजुएट MD और डॉक्टोरल PhD की डिग्री देगा। MIT हरबर्ड एक दूसरे की क्लास ले सकते हैं मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT)इसका सबसे बेहतरीन उदाहरण है। MIT अमेरिका के मैसाचुसेट्स स्टेट के कैम्ब्रिज शहर में स्थित दुनिया की प्राइवेट रिसर्च यूनिवर्सिटी है। MIT मेडिकल टेक्नोलॉजी पर काम करता है, लेकिन MIT खुद एक मेडिकल कॉलेज की तरह MBBS की डिग्री नहीं देता है। इसमें नई मेडिकल मशीनें, AI के आधार पर बीमारी की पहचान, मेडिकल इमेजिंग और ट्रीटमेंट की नई टेक्नोलॉजी विकसित करना है। MIT में MBBS डॉक्टर्स को बीमारियों, मरीजों की जांच, इलाज और अस्पताल में क्लिनिकल ट्रेनिंग देना शामिल हैं। —————————— ग्राफिक्स- विपुल शर्मा ——————————- ये खबर भी पढ़ें.. ‘NEET पेपर बनता है, तभी बिकता है’: पेपर लीक कमेटी के प्रमुख नीलेकणि के 7 सुझाव, एग्जाम के कुछ घंटे पहले ही केश्चन पेपर तैयार हो NEET-UG पेपर लीक विवाद के बाद परीक्षा में सुधार के लिए बनाई गई हाई-पावर्ड टास्क फोर्स के प्रमुख और इंफोसिस के को-फाउंडर नंदन नीलेकणि ने सुझाव दिए हैं। पूरी खबर
Kangana Ranaut Statement | PM Modi Leadership & Kolkata Stampede News

7 मिनट पहले कॉपी लिंक बीजेपी सांसद कंगना रनोट ने रविवार को विपक्ष के सरकार बदलने वाले बयानों पर तंज कसा है। रायपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि विपक्ष की निम्न स्तर की हरकतें देश को बार-बार याद दिला रही हैं कि भारत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसे मजबूत नेतृत्व की जरूरत है। कंगना ने फ्रांस में हुई हिंसा और तीसरे विश्व युद्ध के मंडराते खतरे का हवाला देते हुए कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात में देश की कमान मजबूत हाथों में होना जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने कोलकाता में दुर्गा पूजा पांडाल में हुई भगदड़ पर भी दुख व्यक्त किया। फ्रांस की हिंसा का दिया हवाला, कहा- वहां सब जला दिया विपक्ष की ओर से सरकार बदलने और रेजीम चेंज की मांगों पर सवाल पूछे जाने पर कंगना रनोट ने कहा कि ऐसी हरकतें देश की जनता को जागरूक कर रही हैं। उन्होंने फ्रांस का उदाहरण देते हुए कहा कि शनिवार रात फ्रांस में क्या हुआ, यह सबने देखा है। वहां ऐतिहासिक इमारतों को आग के हवाले कर दिया गया, संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया और लूटपाट हुई। कंगना ने कहा कि दुनिया भर में चल रही अस्थिरता और तीसरे विश्व युद्ध की आशंका के बीच विपक्ष रोज यह साबित कर रहा है कि देश को पीएम मोदी के नेतृत्व की आवश्यकता क्यों है। रायपुर में कंगना ने मीडिया से बातचीत की। वैश्विक चुनौतियों के बीच मजबूत नेतृत्व की जरूरत कंगना रनोट ने अपनी बातचीत में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे तनाव और वैश्विक संघर्षों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब दुनिया भर के देशों में आंतरिक अशांति और युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं, तब भारत को एक स्थिर और मजबूत सरकार की जरूरत है। उन्होंने कहा कि देश की जनता समझदार है और वह देख रही है कि किस तरह की बयानबाजी की जा रही है। कंगना ने उम्मीद जताई कि नागरिक देश की सुरक्षा और स्थिरता को प्राथमिकता देंगे। कोलकाता दुर्गा पूजा भगदड़ पर जताया दुख, भीड़ से बचने की सलाह दी मीडिया से बातचीत के दौरान कंगना रनोट ने कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिन दुर्गा पूजा पांडाल में हुई भगदड़ की घटना पर दुख जताया। शनिवार शाम बारिश के दौरान उत्तरी कोलकाता के पांडाल में अचानक भीड़ बढ़ने से मची भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई और 25 लोग घायल हो गए। बारिश के बीच पंडाल में एकसाथ भीड़ घुस गई। भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई। कंगना ने इस हादसे को बेहद दुखद बताते हुए नागरिकों से अपील की कि वे त्योहारों के दौरान अत्यधिक भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके। पुलिस ने पूजा कमेटी के सचिव और उपाध्यक्ष समेत 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। उन पर गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया है। भीड़ के कारण संकरे रास्ते में फंसे लोग ठीक से खड़े होने के लिए जूझते दिखे। ये खबर भी पढ़ें कोलकाता पंडाल में भगदड़ का VIDEO:बारिश में सैकड़ों लोग दौड़कर अंदर घुसे, संकरे रास्ते में दबे, महिलाएं-बच्चे चीखने लगे; 19 मौतें, 5 ICU में भर्ती कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार रात भगदड़ के दो वीडियो सामने आए हैं। 27 सेकेंड के एक वीडियो में बारिश के बीच सैकड़ों लोग दौड़ते हुए पंडाल में घुसते दिख रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Kangana Ranaut Statement | PM Modi Leadership & Kolkata Stampede News

23 मिनट पहले कॉपी लिंक बीजेपी सांसद कंगना रनोट ने रविवार को विपक्ष के सरकार बदलने वाले बयानों पर तंज कसा है। रायपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि विपक्ष की निम्न स्तर की हरकतें देश को बार-बार याद दिला रही हैं कि भारत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसे मजबूत नेतृत्व की जरूरत है। कंगना ने फ्रांस में हुई हिंसा और तीसरे विश्व युद्ध के मंडराते खतरे का हवाला देते हुए कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात में देश की कमान मजबूत हाथों में होना जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने कोलकाता में दुर्गा पूजा पांडाल में हुई भगदड़ पर भी दुख व्यक्त किया। फ्रांस की हिंसा का दिया हवाला, कहा- वहां सब जला दिया विपक्ष की ओर से सरकार बदलने और रेजीम चेंज की मांगों पर सवाल पूछे जाने पर कंगना रनोट ने कहा कि ऐसी हरकतें देश की जनता को जागरूक कर रही हैं। उन्होंने फ्रांस का उदाहरण देते हुए कहा कि शनिवार रात फ्रांस में क्या हुआ, यह सबने देखा है। वहां ऐतिहासिक इमारतों को आग के हवाले कर दिया गया, संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया और लूटपाट हुई। कंगना ने कहा कि दुनिया भर में चल रही अस्थिरता और तीसरे विश्व युद्ध की आशंका के बीच विपक्ष रोज यह साबित कर रहा है कि देश को पीएम मोदी के नेतृत्व की आवश्यकता क्यों है। रायपुर में कंगना ने मीडिया से बातचीत की। वैश्विक चुनौतियों के बीच मजबूत नेतृत्व की जरूरत कंगना रनोट ने अपनी बातचीत में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे तनाव और वैश्विक संघर्षों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब दुनिया भर के देशों में आंतरिक अशांति और युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं, तब भारत को एक स्थिर और मजबूत सरकार की जरूरत है। उन्होंने कहा कि देश की जनता समझदार है और वह देख रही है कि किस तरह की बयानबाजी की जा रही है। कंगना ने उम्मीद जताई कि नागरिक देश की सुरक्षा और स्थिरता को प्राथमिकता देंगे। कोलकाता दुर्गा पूजा भगदड़ पर जताया दुख, भीड़ से बचने की सलाह दी मीडिया से बातचीत के दौरान कंगना रनोट ने कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिन दुर्गा पूजा पांडाल में हुई भगदड़ की घटना पर दुख जताया। शनिवार शाम बारिश के दौरान उत्तरी कोलकाता के पांडाल में अचानक भीड़ बढ़ने से मची भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई और 25 लोग घायल हो गए। बारिश के बीच पंडाल में एकसाथ भीड़ घुस गई। भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई। कंगना ने इस हादसे को बेहद दुखद बताते हुए नागरिकों से अपील की कि वे त्योहारों के दौरान अत्यधिक भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके। पुलिस ने पूजा कमेटी के सचिव और उपाध्यक्ष समेत 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। उन पर गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया है। भीड़ के कारण संकरे रास्ते में फंसे लोग ठीक से खड़े होने के लिए जूझते दिखे। ये खबर भी पढ़ें कोलकाता पंडाल में भगदड़ का VIDEO:बारिश में सैकड़ों लोग दौड़कर अंदर घुसे, संकरे रास्ते में दबे, महिलाएं-बच्चे चीखने लगे; 19 मौतें, 5 ICU में भर्ती कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार रात भगदड़ के दो वीडियो सामने आए हैं। 27 सेकेंड के एक वीडियो में बारिश के बीच सैकड़ों लोग दौड़ते हुए पंडाल में घुसते दिख रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
वन-नाइट थ्रिलर:‘गजब रात’ में कॉप बने मनोज सुलझाते दिखेंगे मर्डर मिस्ट्री, एक रात के भीतर खुलेंगे कई रहस्य

नीरज पांडे की फिल्म ‘गजब रात’ में मनोज बाजपेयी पुलिस अधिकारी अजय दीक्षित के किरदार में नजर आएंगे। एक मर्डर केस और चलती कार से फेंकी गई घायल लड़की के इर्द-गिर्द बुनी गई कहानी है। यह वन-नाइट थ्रिलर तेजी से बदलते घटनाक्रम और कई उपकथाओं के जरिए सस्पेंस रचती है। फिल्म में नुसरत भरुचा, दिव्या दत्ता, साकिब सलीम और अक्षय ओबेरॉय भी अहम भूमिकाओं में हैं। प्रोडक्शन डिजाइनर राजेश चौधरी के मुताबिक, कहानी की रफ्तार और अलग-अलग किरदारों के बीच उलझे घटनाक्रम इसकी खासियत हैं। ‘गजब रात’ का प्रीमियर 23 अक्टूबर को नेटफ्लिक्स पर होगा। भोपाल का एक अस्पताल बना प्राइम स्पॉट, दिल्ली में भी हुई है इसकी शूटिंग फिल्म के लिए भोपाल में दिल्ली का माहौल री-क्रिएट हुआ। राजेश के मुताबिक, एक निर्माणाधीन अस्पताल को शूटिंग के लिए डेवलप किया गया। फिल्म की जरूरतों के हिसाब से इसमें लगभग 60 फीसदी अतिरिक्त काम कराया गया। इसके अलावा दिल्ली के कई इलाकों में भी शूटिंग हुई है। नुसरत के किरदार और घायल लड़की का रहस्य अभी बरकरार राजेश के मुताबिक, मनोज अपने किरदार को उसकी परिस्थितियों, पृष्ठभूमि और व्यक्तित्व के हिसाब से गढ़ते हैं। फिल्म में उनके कॉप किरदार की पहचान सिर्फ उसके पद से नहीं, बल्कि उसकी सोच और व्यवहार से भी उभरती है। वहीं, नुसरत का किरदार और चलती कार से फेंकी गई घायल लड़की के बीच संबंध भी कहानी के रहस्य का हिस्सा हैं। फिल्म में नुसरत की भूमिका क्या होगी इस पर अभी कुछ भी रिवील नहीं किया गया है। डिजिटल टूल्स ने रिसर्च, विजुअल को तैयार करने में समय बचाया ‘गजब रात’ के प्रोडक्शन में एआई टूल्स का भी इस्तेमाल किया गया है। राजेश बताते हैं…‘डिजिटल टूल्स ने रिसर्च, रेफरेंस जुटाने और शुरुआती विजुअल प्रेजेंटेशन तैयार करने में समय बचाया। इससे निर्देशक, सिनेमैटोग्राफर और प्रोडक्शन डिजाइनर के बीच सीन की इमैजिनेशन करना भी आसान हुआ। पहले जहां स्केच, किताबों, तस्वीरों और वास्तविक लोकेशन के अध्ययन पर अधिक समय लगता था, वहीं अब तकनीक की मदद से शुरुआती जानकारी जल्दी उपलब्ध हुई। बाकी कहानी के हिसाब से लोकेशन, सीन और माहौल तय करने के लिए इंसानी समझ और रचनात्मक सोच जरूरी रही। फिल्म की कहानी में एक ही रात के भीतर कई घटनाएं सामने आती हैं राजेश का मनोज के साथ पहले भी काम करने का अनुभव रहा है। उन्होंने ‘सोनचिरैया’ और ‘इंस्पेक्टर झांडे’ के दौरान मनोज के साथ काम किया है। उनके मुताबिक, ‘गजब रात’ की कहानी में एक ही रात के भीतर कई घटनाएं सामने आती हैं और घायल लड़की का रहस्य जांच को नया मोड़ देता है। फिल्म का जोर तेज रफ्तार घटनाक्रम, अलग-अलग किरदारों की आपस में जुड़ती कहानियों और सस्पेंस पर है। वहीं राजेश का कहना है कि प्रोडक्शन डिजाइनर का काम निर्देशक, सिनेमैटोग्राफर और निर्माता के साथ तालमेल बनाकर स्क्रिप्ट के अनुरूप सेट और लोकेशन तैयार करना होता है। शूटिंग के दौरान एक्टर्स से बातचीत भले ही काम तक सीमित रहे, लेकिन साथ बिताया समय टीम के बीच सहजता भी बढ़ाता है।
Rajpal Yadav Emotional Statement On Wife Radha

3 मिनट पहले कॉपी लिंक कर्ज के चेक बाउंस मामले और लंबे कानूनी विवाद का सामना कर रहे एक्टर राजपाल यादव ने अपनी पत्नी राधा यादव के लिए एक इमोशनल पोस्ट शेयर किया है। राजपाल यादव ने कठिन समय में मजबूती से साथ खड़े रहने के लिए अपनी पत्नी को ‘परिवार का हीरा’ बताया है। उन्होंने कहा कि जिंदगी की आपाधापी और मुश्किल समय में आपा खोए बिना राधा ने उनका और पूरे परिवार का साथ निभाया। राजपाल ने कहा कि उनकी जिंदगी में सबसे बड़ा कर्ज उनकी पत्नी का है। ‘माता-पिता और ईश्वर के बाद सबसे बड़ा कर्ज पत्नी का’ पत्नी राधा के जन्मदिन के मौके पर राजपाल यादव ने इंस्टाग्राम पर एक खास फोटो शेयर की। उन्होंने लिखा कि माता-पिता, गुरु और परमात्मा के बाद अगर उनकी जिंदगी में किसी का सबसे बड़ा कर्ज है, तो वह उनकी पत्नी राधा का है। इस कर्ज को वे खुशी से स्वीकार करते हैं। राजपाल ने लिखा कि मेरे साथ इतना सब कुछ सहने के बाद भी तुमने परिवार के बच्चों को अच्छे से पढ़ाया-लिखाया और उन्हें जिंदगी की सीख दी। यह सपना मेरा था, लेकिन इसे तुमने पूरा किया। ‘तुम हमारे परिवार में हीरा हो, हमेशा प्यार करता रहूंगा’ राजपाल यादव ने अपनी पोस्ट में कहा कि राधा ने कभी अपने लिए कुछ नहीं मांगा, बल्कि अपना सब कुछ परिवार की खुशियों के लिए न्योछावर कर दिया। उन्होंने लिखा, “सच में तुम हमारे परिवार में एक हीरा हो। इन सब के लिए मैं जीवनभर तुम्हारा आभारी था, आभारी हूं और हमेशा रहूंगा।” उन्होंने अपनी पत्नी को जन्मदिन की बधाई देते हुए जिंदगी भर साथ और प्यार देने का वादा किया। चेक बाउंस का मामला मध्यस्थता में चेक बाउंस मामले में बॉलवुड एक्टर राजपाल यादव को सुप्रीम कोर्ट ने राहत दी है। दोनों पक्षों को मध्यस्थता के जरिए समाधान करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही ट्रायल कोर्ट में जमा राजपाल का पासपोर्ट रिलीज करने को भी कहा है। राजपाल यादव का यह कानूनी विवाद मेसर्स मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा है, जिसमें 22 करोड़ रुपए के चेक बाउंस का दावा किया गया है। न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए राजपाल ने कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट के आभारी हैं, जिसने 14 साल में पहली बार उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका दिया। उन्होंने कहा कि वे कोर्ट के हर आदेश का पालन करेंगे। 2010 में फिल्म के लिए लिया था 5 करोड़ का फंड यह मामला करीब 16 साल पुराना है। शिकायतकर्ता कंपनी के मुताबिक, 2010 में राजपाल यादव को उनकी फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए करीब 5 करोड़ रुपए की आर्थिक मदद दी गई थी। फिल्म के निर्देशन और निर्माण से जुड़े राजपाल यादव पर रकम लौटाने की जिम्मेदारी थी। बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौते हुए और भुगतान के लिए चेक जारी किए गए, लेकिन उनमें से सात चेक बाउंस हो गए। दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनाई थी 3 महीने की सजा मामले में राजपाल यादव को दोषी ठहराया गया था। जुलाई 2026 में दिल्ली हाईकोर्ट ने सातों मामलों में उनकी सजा बरकरार रखते हुए तीन महीने की जेल की सजा सुनाई थी। सभी सजाएं एक साथ चलने का आदेश दिया गया था। इसके बाद राजपाल यादव ने सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी। 2003 में हुई थी शादी, मुश्किलों में भी संभाला परिवार यह राजपाल यादव की दूसरी शादी है। उनकी पहली पत्नी करुणा का बेटी ज्योति को जन्म देने के कुछ समय बाद निधन हो गया था। इसके बाद साल 2003 में राजपाल ने राधा से शादी की। राधा ने राजपाल की पहली बेटी ज्योति को अपने बच्चों की तरह संभाला। राजपाल और राधा की दो बेटियां हैं, जिनका नाम हर्षिता और रेहांशी है। राजपाल ने कहा कि कानूनी और आर्थिक संकट के दौर में राधा ने कभी हिम्मत नहीं हारी और परिवार को बिखरने से बचाया। ये खबर भी पढ़ें राजपाल यादव से 13 साल छोटी हैं पत्नी राधा:बोले- मौसी कहती थीं लंगूर को हूर मिल गई; शॉपिंग से लेकर घर का हिसाब-किताब संभालती हैं बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव ने हाल ही में अपनी निजी जिंदगी और पत्नी राधा यादव के साथ अपने रिश्ते पर खुलकर बात की है। राजपाल अपनी पत्नी को सिर्फ जीवनसाथी नहीं, बल्कि अपनी सबसे बड़ी ताकत और अपने सफर की बैकबोन मानते हैं। पूरी खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Rajpal Yadav Emotional Statement On Wife Radha

19 मिनट पहले कॉपी लिंक कर्ज के चेक बाउंस मामले और लंबे कानूनी विवाद का सामना कर रहे एक्टर राजपाल यादव ने अपनी पत्नी राधा यादव के लिए एक इमोशनल पोस्ट शेयर किया है। राजपाल यादव ने कठिन समय में मजबूती से साथ खड़े रहने के लिए अपनी पत्नी को ‘परिवार का हीरा’ बताया है। उन्होंने कहा कि जिंदगी की आपाधापी और मुश्किल समय में आपा खोए बिना राधा ने उनका और पूरे परिवार का साथ निभाया। राजपाल ने कहा कि उनकी जिंदगी में सबसे बड़ा कर्ज उनकी पत्नी का है। यह पोस्ट राजपाल ने उनकी पत्नी के जन्मदिन पर किया। राजपाल यादव की पत्नी राधा उनसे 13 साल छोटी हैं। राजपाल यादव की पोस्ट। ‘माता-पिता और ईश्वर के बाद सबसे बड़ा कर्ज पत्नी का’ पत्नी राधा के जन्मदिन के मौके पर राजपाल यादव ने इंस्टाग्राम पर एक खास फोटो शेयर की। उन्होंने लिखा कि माता-पिता, गुरु और परमात्मा के बाद अगर उनकी जिंदगी में किसी का सबसे बड़ा कर्ज है, तो वह उनकी पत्नी राधा का है। इस कर्ज को वे खुशी से स्वीकार करते हैं। राजपाल ने लिखा कि मेरे साथ इतना सब कुछ सहने के बाद भी तुमने परिवार के बच्चों को अच्छे से पढ़ाया-लिखाया और उन्हें जिंदगी की सीख दी। यह सपना मेरा था, लेकिन इसे तुमने पूरा किया। ‘तुम हमारे परिवार में हीरा हो, हमेशा प्यार करता रहूंगा’ राजपाल यादव ने अपनी पोस्ट में कहा कि राधा ने कभी अपने लिए कुछ नहीं मांगा, बल्कि अपना सब कुछ परिवार की खुशियों के लिए न्योछावर कर दिया। उन्होंने लिखा, “सच में तुम हमारे परिवार में एक हीरा हो। इन सब के लिए मैं जीवनभर तुम्हारा आभारी था, आभारी हूं और हमेशा रहूंगा।” उन्होंने अपनी पत्नी को जन्मदिन की बधाई देते हुए जिंदगी भर साथ और प्यार देने का वादा किया। चेक बाउंस का मामला मध्यस्थता में चेक बाउंस मामले में बॉलवुड एक्टर राजपाल यादव को सुप्रीम कोर्ट ने राहत दी है। दोनों पक्षों को मध्यस्थता के जरिए समाधान करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही ट्रायल कोर्ट में जमा राजपाल का पासपोर्ट रिलीज करने को भी कहा है। राजपाल यादव का यह कानूनी विवाद मेसर्स मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा है, जिसमें 22 करोड़ रुपए के चेक बाउंस का दावा किया गया है। सुप्रीम कोर्ट में राजपाल यादव। न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए राजपाल ने कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट के आभारी हैं, जिसने 14 साल में पहली बार उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका दिया। उन्होंने कहा कि वे कोर्ट के हर आदेश का पालन करेंगे। 2010 में फिल्म के लिए लिया था 5 करोड़ का फंड यह मामला करीब 16 साल पुराना है। शिकायतकर्ता कंपनी के मुताबिक, 2010 में राजपाल यादव को उनकी फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए करीब 5 करोड़ रुपए की आर्थिक मदद दी गई थी। फिल्म के निर्देशन और निर्माण से जुड़े राजपाल यादव पर रकम लौटाने की जिम्मेदारी थी। बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौते हुए और भुगतान के लिए चेक जारी किए गए, लेकिन उनमें से सात चेक बाउंस हो गए। दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनाई थी 3 महीने की सजा मामले में राजपाल यादव को दोषी ठहराया गया था। जुलाई 2026 में दिल्ली हाईकोर्ट ने सातों मामलों में उनकी सजा बरकरार रखते हुए तीन महीने की जेल की सजा सुनाई थी। सभी सजाएं एक साथ चलने का आदेश दिया गया था। इसके बाद राजपाल यादव ने सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी। 2003 में हुई थी शादी, मुश्किलों में भी संभाला परिवार यह राजपाल यादव की दूसरी शादी है। उनकी पहली पत्नी करुणा का बेटी ज्योति को जन्म देने के कुछ समय बाद निधन हो गया था। इसके बाद साल 2003 में राजपाल ने राधा से शादी की। राधा ने राजपाल की पहली बेटी ज्योति को अपने बच्चों की तरह संभाला। राजपाल और राधा की दो बेटियां हैं, जिनका नाम हर्षिता और रेहांशी है। राजपाल ने कहा कि कानूनी और आर्थिक संकट के दौर में राधा ने कभी हिम्मत नहीं हारी और परिवार को बिखरने से बचाया। ये खबर भी पढ़ें राजपाल यादव से 13 साल छोटी हैं पत्नी राधा:बोले- मौसी कहती थीं लंगूर को हूर मिल गई; शॉपिंग से लेकर घर का हिसाब-किताब संभालती हैं बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव ने हाल ही में अपनी निजी जिंदगी और पत्नी राधा यादव के साथ अपने रिश्ते पर खुलकर बात की है। राजपाल अपनी पत्नी को सिर्फ जीवनसाथी नहीं, बल्कि अपनी सबसे बड़ी ताकत और अपने सफर की बैकबोन मानते हैं। पूरी खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Salman Khan Nana Salim Khan Controversy

3 मिनट पहले कॉपी लिंक सलमान खान ने शनिवार को टीवी शो ‘बिग बॉस’ में बताया कि उनकी मां सलमा खान से शादी को लेकर उनके नाना, सलीम खान से नाराज थे। उन्होंने सलीम खान से 5 साल तक बात नहीं की। सलमान के मुताबिक, नाना की नाराजगी धर्म को लेकर नहीं थी। उन्हें चिंता थी कि उनकी बेटी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े एक ऐसे व्यक्ति से शादी कर रही है, जो अभिनेता बनना चाहता था। नाना को किस बात पर आपत्ति थी सलमान ने बताया कि उनकी मां के भाई-बहन इस शादी के लिए तैयार थे और सलीम खान को पसंद करते थे। लेकिन नाना को चिंता थी कि उनकी बेटी फिल्म इंडस्ट्री के माहौल में कैसे रहेगी। सोहेल के जन्म पर मिठाई लेकर पहुंचे सलमान ने बताया कि सोहेल के जन्म के बाद नाना मिठाई लेकर माहिम से बांद्रा पहुंचे थे। उन्हें इस बात का अफसोस था कि वे अपने नातियों को बड़ा होते नहीं देख पाए। सलमान के मुताबिक, नाना को इस बात का पछतावा आखिरी सांस तक रहा। उन्होंने यह भी बताया कि जब कभी सलमा और सलीम के बीच झगड़ा होता और सलमा मायके जातीं, तो नाना उन्हें घर में नहीं आने देते थे। वे कहते थे कि सलमा कभी भी घर आ सकती हैं, लेकिन झगड़े के बाद नहीं। सलमान ने पिता से मांगी माफी शनिवार को एपिसोड में सलमान खान ने कहा, “हम सभी को कभी न कभी किसी बात का पछतावा होता है। कुछ दिन पहले मैं अपने पिता के साथ बैठा था। मैंने उनसे कहा कि अगर बेटे के तौर पर मुझसे कभी कोई गलती हुई हो, मेरी किसी बात से उन्हें दुख पहुंचा हो या मैंने उन्हें निराश किया हो, तो मुझे माफ कर दें।” सलीम और सलमा की प्रेम कहानी सलीम खान और सलमा खान की प्रेम कहानी तब शुरू हुई, जब दोनों के अपार्टमेंट आमने-सामने थे। उस समय सलमा का नाम सुशीला चरक था। दोनों ने 1964 में शादी की। शादी के बाद सुशीला ने अपना नाम बदलकर सलमा रख लिया। इस शादी से दोनों के चार बच्चे सलमान, अरबाज, सोहेल और अलवीरा हुए। सलीम खान ने बताया था कि शादी के बाद उनका नाम भी शंकर हो गया था। दरअसल, सलीम खान से अरबाज खान के शो में एक सवाल पूछा गया था कि उनका नाम शंकर कैसे पड़ा था। इसका जवाब देते हुए सलीम खान ने कहा था कि उनके और सलमा के बारे में जब उनके घर पर पता चला था, तो सलमा की नानी उनका काफी समर्थन करती थीं। सलीम खान ने आगे कहा था कि सलमा की नानी उस घर में इकलौती थीं, जो उनसे बात करती थीं। पता नहीं क्यों और किस वजह से, लेकिन वे उन्हें शंकर कहती थीं। जब भी वे उनके घर जाते थे, तो नानी कहती थीं, ‘मेरा शंकर आया है।’ सलीम खान ने बताया था कि सलमा की नानी की उम्र उस समय लगभग 92 साल थी। एक बार वे काफी बीमार हो गई थीं, तो सलीम को नानी से मिलने के लिए बुलाया गया था। तब वे कोमा जैसी स्थिति में थीं। वे लगभग जा चुकी थीं। सलीम उनसे अपने उसी अंदाज में मिले थे। उन्होंने जाकर कहा, ‘आजी, आपका शंकर आ गया है।’ उन्होंने आजी को दो बार आवाज लगाई, लेकिन वे नहीं उठीं। सबको लगने लगा था कि नानी चल बसीं, लेकिन जब उन्होंने तीसरी बार कहा, ‘आजी, आपका शंकर आया है’, तो यह सुनकर वे तुरंत उठकर बैठ गईं। सलीम ने कहा था कि इसके बाद वे शंकर नाम से फेमस हो गए थे। हालांकि, इसके 6 महीने बाद सलमा की नानी का देहांत हो गया था। कई साल बाद सलीम खान को एक्ट्रेस और डांसर हेलेन से प्यार हुआ। दोनों ने 1981 में शादी कर ली। उस समय सलीम पहले से सलमा से शादीशुदा थे। सलीम खान ने बताया था कि यह फैसला शुरुआत में परिवार के लिए मुश्किल था। हालांकि, समय के साथ परिवार के रिश्ते बेहतर हुए। फैमिली के साथ सलीम खान की पुरानी तस्वीर। शादी के बाद हेलेन और सलीम खान की कोई संतान नहीं हुई, इसलिए उन्होंने अर्पिता खान को गोद लिया। अर्पिता खान परिवार की जान बन गईं। तीनों भाई उन्हें जान से भी ज्यादा प्यार करते हैं। खासकर सलमान खान से अर्पिता की बॉन्डिंग बेहद खास है। 1960 के दशक में करियर शुरू हुआ था सलीम खान हिंदी सिनेमा के दिग्गज स्क्रिप्ट राइटर्स में गिने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक्टिंग से की थी। 1960 के दशक में फिल्म ‘बारात’ से करियर शुरू हुआ, लेकिन फिल्मों में उन्हें सीमित और छोटे किरदार ही मिले। लगभग दो दर्जन फिल्मों में काम करने के बाद उन्होंने महसूस किया कि एक्टिंग उनकी वास्तविक ताकत नहीं है। इसके बाद उन्होंने लेखन की ओर रुख किया और स्क्रिप्ट राइटर बन गए। अभिनय के शुरुआती दिनों में सलीम खान ‘प्रिंस सलीम’ नाम का उपयोग करते थे। ‘सलीम-जावेद’ की जोड़ी फेमस हुई सलीम खान और जावेद अख्तर की जोड़ी ‘सलीम–जावेद’ के नाम से मशहूर रही है। दोनों ने मिलकर हिंदी सिनेमा को कई सुपरहिट और यादगार फिल्में दीं, जैसे जंजीर, दीवार, शोले, डॉन और सीता और गीता। इन फिल्मों की दमदार कहानियां और संवाद लोगों के दिलों में बस गए। उनकी लिखी स्क्रिप्ट ने फिल्मों का अंदाज बदल दिया। उन्होंने मजबूत किरदार, संवाद और सामाजिक मुद्दों को कहानी का हिस्सा बनाया। सलीम-जावेद की सफलता से फिल्म इंडस्ट्री में लेखकों को नई पहचान और सम्मान मिला और उन्हें भी स्टार्स की तरह महत्व मिलने लगा। सलीम-जावेद भारतीय सिनेमा के पहले लेखक माने जाते हैं, जिन्हें ‘स्टार स्टेटस’ मिला। उन्होंने अमिताभ बच्चन की ‘एंग्री यंग मैन’ इमेज को स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई। ……….. यह खबर भी पढ़ें… ‘मेरे खिलाफ बहुत नेगेटिविटी चल रही थी’: ‘दस का दम’ नहीं करना चाहते थे सलमान, पिता सलीम खान की सलाह से बदला फैसला सलमान खान ने हाल ही में बताया था कि नेगेटिविटी के दौर में वह ‘दस का दम’ होस्ट नहीं करना चाहते थे। उस समय उनके खिलाफ कोर्ट केस, रिलेशनशिप और फिल्मों को लेकर कई खबरें चल रही थीं। ऐसे में उन्होंने पिता सलीम खान से शो को लेकर सलाह ली









