न्यू जीलैंड का पहली पारी में स्कोर 263/7:डेब्यू मैच में डॉनी बेकर ने 2 विकेट लिए , जोफ्रा आर्चर की टीम में वापसी

द ओवल में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट के पहले दिन गेंदबाजों का दबदबा रहा। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम दिन का खेल खत्म होने तक 7 विकेट पर 263 रन बना सकी। ग्लेन फिलिप्स ने पारी को संभाला और आखिरी एक घंटे में इंग्लैंड के गेंदबाजों का डटकर सामना किया। वह 74 गेंदों पर नौ चौकों की मदद से 49 रन बनाकर नाबाद लौटे। बारिश के कारण मैच की शुरुआत करीब आधे घंटे देरी से हुई। इंग्लैंड के लिए डेब्यू कर रहे तेज गेंदबाज डॉनी बेकर ने 2 विकेट लिए, जबकि लंबे समय बाद टेस्ट टीम में लौटे जोफ्रा आर्चर ने भी अपनी तेज रफ्तार से बल्लेबाजों को परेशान किया। 107 रन पर 4 विकेट, फिर ब्लंडेल-मिचेल ने संभाली पारी इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों ने शुरुआत से ही दबाव बनाया। लंच के बाद न्यूजीलैंड का स्कोर 4 विकेट पर 107 रन हो गया था। इसके बाद टॉम ब्लंडेल और डेरिल मिचेल ने पांचवें विकेट के लिए 81 रन जोड़कर पारी को संभाला। यह साझेदारी डॉनी बेकर ने मिचेल को आउट कर तोड़ी। चाय तक मिचेल 33 रन बनाकर नाबाद थे, जिसमें चार चौके शामिल थे, जबकि ब्लंडेल 32 गेंदों में 23 रन बनाकर खेल रहे थे। मिचेल 74 गेंदों पर 44 की पारी खेल कर आउट हो गए। ब्लंडेल ने खेली सबसे बड़ी पारी न्यूजीलैंड के शीर्ष सात बल्लेबाजों में छह ने दोहरे अंक का स्कोर बनाया, लेकिन केवल टॉम ब्लंडेल ही अर्धशतक तक पहुंच सके। उन्होंने 50 रन की अहम पारी खेली। ब्लंडेल को 34 रन के स्कोर पर जीवनदान भी मिला, जिसका उन्होंने पूरा फायदा उठाया और टीम के लिए सबसे ज्यादा रन बनाए। बाद में उन्हें जैकब बेथेल ने आउट किया। ब्लंडल ने मिचेल के आउट होने के बाद फिलिप्स के साथ मिलकर 75 रन जोड़े। उनके आउट होने के बाद ग्लेन फिलिप्स ने पारी को संभाला और आखिरी एक घंटे में इंग्लैंड के गेंदबाजों का डटकर सामना किया। वह 74 गेंदों पर नौ चौकों की मदद से 49 रन बनाकर नाबाद लौटे। फिलिप्स ने इस दौरान कई गेंदों अपने शरीर पर खाईं। जो रूट ने संभाली कप्तानी, तीन खिलाड़ियों का डेब्यू नियमित कप्तान बेन स्टोक्स की गैरमौजूदगी में जो रूट ने टीम की कमान संभाली। इंग्लैंड ने इस मुकाबले में जेम्स रीव, डॉनी बेकर और जॉर्डन कॉक्स को टेस्ट डेब्यू का मौका दिया। हालांकि, पहले दिन टीम की धीमी ओवर गति चिंता का विषय रही और इंग्लैंड निर्धारित 90 ओवरों से पीछे रह गया। फिशर और आर्चर ने दिलाई शानदार शुरुआत न्यूजीलैंड को पहला झटका मैथ्यू फिशर ने दिया, जिन्होंने डेवोन कॉनवे को विकेटकीपर जेम्स रीव के हाथों कैच कराया। इसके बाद लंच से ठीक पहले जोफ्रा आर्चर ने टॉम लाथम को आउट कर इंग्लैंड को दूसरी सफलता दिलाई। लंच के बाद जोश टंग ने हेनरी निकोल्स को बोल्ड किया, जबकि अच्छी लय में दिख रहे रचिन रवींद्र को डॉनी बेकर ने आउट कर अपने टेस्ट करियर का पहला विकेट हासिल किया। दिन के अंत तक इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड के सात विकेट झटककर मुकाबले में अपनी पकड़ मजबूत कर ली।
न्यू जीलैंड का पहली पारी में स्कोर 263/7:डेब्यू मैच में डॉनी बेकर ने 2 विकेट लिए , जोफ्रा आर्चर की टीम में वापसी

द ओवल में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट के पहले दिन गेंदबाजों का दबदबा रहा। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम दिन का खेल खत्म होने तक 7 विकेट पर 263 रन बना सकी। ग्लेन फिलिप्स ने पारी को संभाला और आखिरी एक घंटे में इंग्लैंड के गेंदबाजों का डटकर सामना किया। वह 74 गेंदों पर नौ चौकों की मदद से 49 रन बनाकर नाबाद लौटे। बारिश के कारण मैच की शुरुआत करीब आधे घंटे देरी से हुई। इंग्लैंड के लिए डेब्यू कर रहे तेज गेंदबाज डॉनी बेकर ने 2 विकेट लिए, जबकि लंबे समय बाद टेस्ट टीम में लौटे जोफ्रा आर्चर ने भी अपनी तेज रफ्तार से बल्लेबाजों को परेशान किया। 107 रन पर 4 विकेट, फिर ब्लंडेल-मिचेल ने संभाली पारी इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों ने शुरुआत से ही दबाव बनाया। लंच के बाद न्यूजीलैंड का स्कोर 4 विकेट पर 107 रन हो गया था। इसके बाद टॉम ब्लंडेल और डेरिल मिचेल ने पांचवें विकेट के लिए 81 रन जोड़कर पारी को संभाला। यह साझेदारी डॉनी बेकर ने मिचेल को आउट कर तोड़ी। चाय तक मिचेल 33 रन बनाकर नाबाद थे, जिसमें चार चौके शामिल थे, जबकि ब्लंडेल 32 गेंदों में 23 रन बनाकर खेल रहे थे। मिचेल 74 गेंदों पर 44 की पारी खेल कर आउट हो गए। ब्लंडेल ने खेली सबसे बड़ी पारी न्यूजीलैंड के शीर्ष सात बल्लेबाजों में छह ने दोहरे अंक का स्कोर बनाया, लेकिन केवल टॉम ब्लंडेल ही अर्धशतक तक पहुंच सके। उन्होंने 50 रन की अहम पारी खेली। ब्लंडेल को 34 रन के स्कोर पर जीवनदान भी मिला, जिसका उन्होंने पूरा फायदा उठाया और टीम के लिए सबसे ज्यादा रन बनाए। बाद में उन्हें जैकब बेथेल ने आउट किया। ब्लंडल ने मिचेल के आउट होने के बाद फिलिप्स के साथ मिलकर 75 रन जोड़े। उनके आउट होने के बाद ग्लेन फिलिप्स ने पारी को संभाला और आखिरी एक घंटे में इंग्लैंड के गेंदबाजों का डटकर सामना किया। वह 74 गेंदों पर नौ चौकों की मदद से 49 रन बनाकर नाबाद लौटे। फिलिप्स ने इस दौरान कई गेंदों अपने शरीर पर खाईं। जो रूट ने संभाली कप्तानी, तीन खिलाड़ियों का डेब्यू नियमित कप्तान बेन स्टोक्स की गैरमौजूदगी में जो रूट ने टीम की कमान संभाली। इंग्लैंड ने इस मुकाबले में जेम्स रीव, डॉनी बेकर और जॉर्डन कॉक्स को टेस्ट डेब्यू का मौका दिया। हालांकि, पहले दिन टीम की धीमी ओवर गति चिंता का विषय रही और इंग्लैंड निर्धारित 90 ओवरों से पीछे रह गया। फिशर और आर्चर ने दिलाई शानदार शुरुआत न्यूजीलैंड को पहला झटका मैथ्यू फिशर ने दिया, जिन्होंने डेवोन कॉनवे को विकेटकीपर जेम्स रीव के हाथों कैच कराया। इसके बाद लंच से ठीक पहले जोफ्रा आर्चर ने टॉम लाथम को आउट कर इंग्लैंड को दूसरी सफलता दिलाई। लंच के बाद जोश टंग ने हेनरी निकोल्स को बोल्ड किया, जबकि अच्छी लय में दिख रहे रचिन रवींद्र को डॉनी बेकर ने आउट कर अपने टेस्ट करियर का पहला विकेट हासिल किया। दिन के अंत तक इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड के सात विकेट झटककर मुकाबले में अपनी पकड़ मजबूत कर ली।
10-15 करोड़ में शेख के साथ सोने का सोचूंगी:विवादित बयान पर फंसी अपूर्वा मखीजा, यूजर ने रेट लगाए तो इन्फ्लूएंसर ने सिखाया सबक

इंडिया गॉट लेटेंट से विवादों में रह चुकीं अपूर्वा मुखिजा फिर एक बार विवादों से घिर चुकी हैं। दरअसल, हाल ही में उनका एक पुराना वीडियो कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर फिर सर्कुलेट हो रहा है, जिसमें उन्होंने कहा है, मैं 2 रुपए के रोल के लिए किसी के साथ नहीं सो रही, हां अगर दुबई का कोई शेख मुझ पर 10-15 करोड़ फेंककर मारे तो शायद में इस बारे में सोचूंगी। उनका वीडियो वायरल होने के बाद कुछ ट्रोलर्स ने उन्हें अलग-अलग रेट ऑफर करना शुरू कर दिया, जिस पर इन्फ्लूएंसर भड़क गईं। अपूर्वा ने ऐसे ही 12 हजार ऑफर कर रहे एक शख्स की कंपनी में ही उसकी शिकायत कर दी है। जिसके बाद कथित तौर पर उस शख्स को उनसे माफी मांगनी पड़ी है। अपूर्वा ने आपत्तिजनक कमेंट करने वाले शख्स प्रशांत के बारे में पता लगाया तो सामने आया कि शख्श प्रोडक्शन हाउस DNEG में बतौर ग्राफिक्स डिजाइनर काम करता है। अपूर्वा ने उस कंपनी को मेंशन करते हुए घटना की जानकारी दी, जिसके बाद प्रोडक्शन हाउस की तरफ से जवाब आया कि वो उस शख्स की कड़ी निंदा करते हैं, हालांकि 2024 से वो लड़का उनके साथ काम करना बंद कर चुका है। अधिक जानकारी जुटाने पर सामने आया कि वो प्रशांत आईएलएम वीएफएक्स में काम करता है अपूर्वा ने उस कंपनी को टैग कर लिखा, आपकी कंपनी का कर्मचारी औरतों के लिए अपशब्द कहता है, क्या ये सही है। हालांकि अब तक उन्हें इस कंपनी की तरफ से जवाब नहीं आया है। एक्शन लेने से पहले अपूर्वा ने दी थी चेतावनी अपूर्वा मुखिजा ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट के स्टोरी सेक्शन से उस शख्स द्वारा भेजे गए मैसेजेस का स्क्रीनशॉट शेयर किया है। अपूर्वा ने आखिरी बातचीत करते हुए कहा,मैं तुम्हारे साथ काम करने वालों को ढूंढ लूंगी और पर्सनली उन्हें मैसेज करूंगी। आगे अपूर्वा ने लिखा- तुमने कहा कि तुम मझे 12 हजार में खरीद लोगे। मैं देखना चाहूंगी कि तुम ये कैसे करते हो। जवाब में शख्स ने कहा- क्या तुम्हारे पास इतना टाइम है। अपूर्वा ने कहा- हां। इंडियाज गॉट लेटेंट से विवादों में रही हैं अपूर्वा बीते साल फरवरी में अपूर्वा मुखीजा के खिलाफ देशभर के कई शहरों में शिकायत दर्ज हुई थी। दरअसल, अपूर्वा मुखीजा 8 फरवरी को आए समय रैना के शो इंडियाज गॉट लेटेंट में जज बनी थीं। उन्होंने मजाक उड़ा रहे एक कंटेस्टेंट को फटकार लगाते हुए कुछ अपशब्द कहे थे। इसी एपिसोड में रणवीर अलाहाबादिया ने पेरेंट्स पर आपत्तिजनक कमेंट किया, जिससे शो से जुड़े लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज हुई। रेप और जान से मारने की धमकियां मिलने के बाद अपूर्वा मुखीजा ने मुंबई छोड़ दिया था। हालांकि मामले खत्म होने के बाद अब वो मुंबई में दोबारा काम करना शुरू कर चुकी हैं। अपूर्वा मुखीजा के बारे में-
10-15 करोड़ में शेख के साथ सोने का सोचूंगी:विवादित बयान पर फंसी अपूर्वा मखीजा, यूजर ने रेट लगाए तो इन्फ्लूएंसर ने सिखाया सबक

इंडिया गॉट लेटेंट से विवादों में रह चुकीं अपूर्वा मुखिजा फिर एक बार विवादों से घिर चुकी हैं। दरअसल, हाल ही में उनका एक पुराना वीडियो कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर फिर सर्कुलेट हो रहा है, जिसमें उन्होंने कहा है, मैं 2 रुपए के रोल के लिए किसी के साथ नहीं सो रही, हां अगर दुबई का कोई शेख मुझ पर 10-15 करोड़ फेंककर मारे तो शायद में इस बारे में सोचूंगी। उनका वीडियो वायरल होने के बाद कुछ ट्रोलर्स ने उन्हें अलग-अलग रेट ऑफर करना शुरू कर दिया, जिस पर इन्फ्लूएंसर भड़क गईं। अपूर्वा ने ऐसे ही 12 हजार ऑफर कर रहे एक शख्स की कंपनी में ही उसकी शिकायत कर दी है। जिसके बाद कथित तौर पर उस शख्स को उनसे माफी मांगनी पड़ी है। अपूर्वा ने आपत्तिजनक कमेंट करने वाले शख्स प्रशांत के बारे में पता लगाया तो सामने आया कि शख्श प्रोडक्शन हाउस DNEG में बतौर ग्राफिक्स डिजाइनर काम करता है। अपूर्वा ने उस कंपनी को मेंशन करते हुए घटना की जानकारी दी, जिसके बाद प्रोडक्शन हाउस की तरफ से जवाब आया कि वो उस शख्स की कड़ी निंदा करते हैं, हालांकि 2024 से वो लड़का उनके साथ काम करना बंद कर चुका है। अधिक जानकारी जुटाने पर सामने आया कि वो प्रशांत आईएलएम वीएफएक्स में काम करता है अपूर्वा ने उस कंपनी को टैग कर लिखा, आपकी कंपनी का कर्मचारी औरतों के लिए अपशब्द कहता है, क्या ये सही है। हालांकि अब तक उन्हें इस कंपनी की तरफ से जवाब नहीं आया है। एक्शन लेने से पहले अपूर्वा ने दी थी चेतावनी अपूर्वा मुखिजा ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट के स्टोरी सेक्शन से उस शख्स द्वारा भेजे गए मैसेजेस का स्क्रीनशॉट शेयर किया है। अपूर्वा ने आखिरी बातचीत करते हुए कहा,मैं तुम्हारे साथ काम करने वालों को ढूंढ लूंगी और पर्सनली उन्हें मैसेज करूंगी। आगे अपूर्वा ने लिखा- तुमने कहा कि तुम मझे 12 हजार में खरीद लोगे। मैं देखना चाहूंगी कि तुम ये कैसे करते हो। जवाब में शख्स ने कहा- क्या तुम्हारे पास इतना टाइम है। अपूर्वा ने कहा- हां। इंडियाज गॉट लेटेंट से विवादों में रही हैं अपूर्वा बीते साल फरवरी में अपूर्वा मुखीजा के खिलाफ देशभर के कई शहरों में शिकायत दर्ज हुई थी। दरअसल, अपूर्वा मुखीजा 8 फरवरी को आए समय रैना के शो इंडियाज गॉट लेटेंट में जज बनी थीं। उन्होंने मजाक उड़ा रहे एक कंटेस्टेंट को फटकार लगाते हुए कुछ अपशब्द कहे थे। इसी एपिसोड में रणवीर अलाहाबादिया ने पेरेंट्स पर आपत्तिजनक कमेंट किया, जिससे शो से जुड़े लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज हुई। रेप और जान से मारने की धमकियां मिलने के बाद अपूर्वा मुखीजा ने मुंबई छोड़ दिया था। हालांकि मामले खत्म होने के बाद अब वो मुंबई में दोबारा काम करना शुरू कर चुकी हैं। अपूर्वा मुखीजा के बारे में-
Coimbatore NEET Suicide | Anukirthana Student Fear Exam

Hindi News National Coimbatore NEET Suicide | Anukirthana Student Fear Exam | Minister Resignation Demand कोयंबटूर5 मिनट पहले कॉपी लिंक अनुकीर्तना कोवईपुदुर के पार्क टाउन की रहने वाली थी। परिवार में उनकी दो बेटियां हैं और अनुकीर्तना बड़ी बेटी थी। तमिलनाडु के कोयंबटूर में NEET की तैयारी कर रही 19 साल की अनुकीर्तना ने बुधवार को सुसाइड कर लिया। सुसाइड से पहले उसने अपने रिश्तेदारों को व्हाट्सऐप पर लिखा कि मुझे दोबारा परीक्षा देने से डर लग रहा है। मेरे पिता ने मुझ पर बहुत पैसा खर्च किया है। मैं उनका सामना कैसे कर पाऊंगी। उसने आगे लिखा कि मैं मेडिकल कॉलेज में दाखिले का इंतजार कर रही थी, लेकिन परीक्षा रद्द हो गई। अनुकीर्तना कोवईपुदुर के पार्क टाउन की रहने वाली थी। उसके पिता ट्रेड यूनियन के जिला सचिव हैं। परिवार में उनकी दो बेटियां हैं और अनुकीर्तना बड़ी बेटी थी। परिजनों ने पोस्टमार्टम के बाद अनुकीर्तना का शव लेने से इनकार किया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। बाद में अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद बुधवार रात उन्होंने शव स्वीकार कर लिया। मेडिकल कॉलेज मिलने की उम्मीद थी परिजनों के मुताबिक, वह मेडिकल कॉलेज में प्रवेश मिलने की उम्मीद कर रही थी। लेकिन पेपर लिक के बाद जब 21 जून को दोबारा एगजाम कराने की घोषणा की गई तो वह बेहद परेशान गई। अनुकीर्तना ने एट्टीमडई के एक निजी स्कूल से 12वीं की पढ़ाई अच्छे अंकों के साथ पूरी की थी। डॉक्टर बनने के लिए उसने शहर के एक NEET कोचिंग सेंटर में एडमिशन लिया था। इसी बीच, CPM की जिला समिति के सदस्यों ने ESI अस्पताल परिसर में NEET के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि छात्रा ने NEET पास कर BDS सीट हासिल कर ली थी, लेकिन वह MBBS सीट के लिए तैयारी कर रही थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर छात्रा का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है और घटना की जांच शुरू कर दी है। 16 जून को देहरादून की रिया ने भी सुसाइड किया देहरादून की रिया कुमारी थापा पढ़ाई में काफी होशियार थी। वह दो बार नीट की परीक्षा दे चुकी थी। लेकिन, इस बार नीट की परीक्षा को लेकर पिछले काफी समय से परेशान थी। आसपास के लोगों का कहना है कि पढ़ाई के प्रति उसकी लगन देखकर यकीन ही नहीं हो रहा है कि वह ऐसा कर सकती है। खुद ट्यूशन पढ़ाकर उठाती थी पढ़ाई का खर्च 16 जून को देहरादून की रिया का शब भी उनके घर में मिला था। रिया NEET की तैयारी कर रही थीं और पढ़ाई करने के साथ-साथ बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर अपनी परीक्षा फीस और किताबों का खर्च खुद उठाती थी। मंगलवार को रिया के कमरे का दरवाजा नहीं खुला, तो उसकी मां ने दरवाजा खटखटाया। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला तो उन्होंने पिता को बुलाया। पिता ने दरवाजा खोला तो अंदर रिया फांसी के फंदे पर लटकी मिली। रिया के पिता कारगिल युद्ध के दौरान जंग लड़ चुके हैं। वहीं, उसकी मां हाउसवाइफ हैं। पुलिस को कमरे से सुसाइड नोट मिला, जिसमें उसने पढ़ाई में सफलता ना मिलने का जिक्र किया है। परिचितों ने बताया कि रिया देर रात तक पढ़ाई करती थी। रिया ने 12वीं की परीक्षा में 97.6 % अंक हासिल कर कॉलेज टॉप किया था। अगले साल से CBT मोड में हो सकती है परीक्षा केंद्र सरकार और NTA परीक्षा प्रक्रिया को फूलप्रूफ बनाने पर काम कर रहे हैं। अधिकारियों ने संकेत दिए कि अगले साल से NEET-UG परीक्षा कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में कराई जा सकती है, ताकि पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोका जा सके। कॉकरोच जनता पार्टी भी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही देश भर में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शनों का दौर जारी है। इसी मामले में हाल ही में सोशल मीडिया से शुरू हुआ संगठन ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) देश के अलग-अलग राज्यों में प्रधान के इस्तीफे के लिए मांग कर रहा है। देश के अलग-अलग राज्यों में CJP का प्रदर्शन… 06 जून 2026, नई दिल्ली- प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के लिए सरकार को 7 दिन का अल्टीमेटम दिया। 11 जून 2026, पुणे- सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी में डॉ. बी.आर. अंबेडकर की प्रतिमा के सामने विरोध प्रदर्शन किया गया। 13 जून 2026, अमृतसर- पंजाब के अमृतसर में प्रदर्शन हुआ। 14 जून 2026, हैदराबाद और बेंगलुरु- दक्षिण भारत में एक ही दिन दो बड़े प्रदर्शन हुए। 15 जून 2026, जयपुर- गवर्नमेंट हॉस्टल के शहीद स्मारक पर प्रदर्शन हुआ। ———————————– ये खबर भी पढ़ें… मैं बहुत दूर जा रहा हूं, कहां पता नहीं:RE-NEET देने वाले 2 छात्रों का सुसाइड, पेपर लीक के चलते 21 जून को दोबारा होगी परीक्षा 21 जून को नीट का एग्जाम है। जहां एक तरफ स्टूडेंट्स नीट की तैयारी में जुटे वहीं दूसरी तरफ नीट कैंडिडेट्स की सुसाइड की खबरे भी सामने आ रही हैं। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Coimbatore NEET Suicide | Anukirthana Student Fear Exam

Hindi News National Coimbatore NEET Suicide | Anukirthana Student Fear Exam | Minister Resignation Demand कोयंबटूर6 मिनट पहले कॉपी लिंक अनुकीर्तना कोवईपुदुर के पार्क टाउन की रहने वाली थी। परिवार में उनकी दो बेटियां हैं और अनुकीर्तना बड़ी बेटी थी। तमिलनाडु के कोयंबटूर में NEET की तैयारी कर रही 19 साल की अनुकीर्तना ने बुधवार को सुसाइड कर लिया। सुसाइड से पहले उसने अपने रिश्तेदारों को व्हाट्सऐप पर लिखा कि मुझे दोबारा परीक्षा देने से डर लग रहा है। मेरे पिता ने मुझ पर बहुत पैसा खर्च किया है। मैं उनका सामना कैसे कर पाऊंगी। उसने आगे लिखा कि मैं मेडिकल कॉलेज में दाखिले का इंतजार कर रही थी, लेकिन परीक्षा रद्द हो गई। अनुकीर्तना कोवईपुदुर के पार्क टाउन की रहने वाली थी। उसके पिता ट्रेड यूनियन के जिला सचिव हैं। परिवार में उनकी दो बेटियां हैं और अनुकीर्तना बड़ी बेटी थी। परिजनों ने पोस्टमार्टम के बाद अनुकीर्तना का शव लेने से इनकार किया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। बाद में अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद बुधवार रात उन्होंने शव स्वीकार कर लिया। 3 मई 2026 को NEET-UG परीक्षा देशभर में आयोजित की गई थी। जांच में गड़बड़ियों के संकेत मिलने पर NTA ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी। इसके बाद केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों की समीक्षा के आधार पर दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया। मेडिकल कॉलेज मिलने की उम्मीद थी परिजनों के मुताबिक, वह मेडिकल कॉलेज में प्रवेश मिलने की उम्मीद कर रही थी। लेकिन पेपर लिक के बाद जब 21 जून को दोबारा एगजाम कराने की घोषणा की गई तो वह बेहद परेशान गई। अनुकीर्तना ने एट्टीमडई के एक निजी स्कूल से 12वीं की पढ़ाई अच्छे अंकों के साथ पूरी की थी। डॉक्टर बनने के लिए उसने शहर के एक NEET कोचिंग सेंटर में एडमिशन लिया था। इसी बीच, CPM की जिला समिति के सदस्यों ने ESI अस्पताल परिसर में NEET के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि छात्रा ने NEET पास कर BDS सीट हासिल कर ली थी, लेकिन वह MBBS सीट के लिए तैयारी कर रही थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर छात्रा का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है और घटना की जांच शुरू कर दी है। 16 जून को देहरादून की रिया ने भी सुसाइड किया देहरादून की रिया कुमारी थापा पढ़ाई में काफी होशियार थी। वह दो बार नीट की परीक्षा दे चुकी थी। लेकिन, इस बार नीट की परीक्षा को लेकर पिछले काफी समय से परेशान थी। आसपास के लोगों का कहना है कि पढ़ाई के प्रति उसकी लगन देखकर यकीन ही नहीं हो रहा है कि वह ऐसा कर सकती है। खुद ट्यूशन पढ़ाकर उठाती थी पढ़ाई का खर्च 16 जून को देहरादून की रिया का शब भी उनके घर में मिला था। रिया NEET की तैयारी कर रही थीं और पढ़ाई करने के साथ-साथ बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर अपनी परीक्षा फीस और किताबों का खर्च खुद उठाती थी। मंगलवार को रिया के कमरे का दरवाजा नहीं खुला, तो उसकी मां ने दरवाजा खटखटाया। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला तो उन्होंने पिता को बुलाया। पिता ने दरवाजा खोला तो अंदर रिया फांसी के फंदे पर लटकी मिली। रिया के पिता कारगिल युद्ध के दौरान जंग लड़ चुके हैं। वहीं, उसकी मां हाउसवाइफ हैं। पुलिस को कमरे से सुसाइड नोट मिला, जिसमें उसने पढ़ाई में सफलता ना मिलने का जिक्र किया है। परिचितों ने बताया कि रिया देर रात तक पढ़ाई करती थी। रिया ने 12वीं की परीक्षा में 97.6 % अंक हासिल कर कॉलेज टॉप किया था। अगले साल से CBT मोड में हो सकती है परीक्षा केंद्र सरकार और NTA परीक्षा प्रक्रिया को फूलप्रूफ बनाने पर काम कर रहे हैं। अधिकारियों ने संकेत दिए कि अगले साल से NEET-UG परीक्षा कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में कराई जा सकती है, ताकि पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोका जा सके। NEET री-एग्जाम तक भारत में टेलीग्राम पर रोक भारत सरकार ने NEET की दोबारा परीक्षा को लेकर भारत में टेलीग्राम मैसेजिंग एप के इस्तेमाल पर अस्थायी रोक लगाने का आदेश दिया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने मंगलवार को प्रेस रिलीज जारी कर इसकी जानकारी दी। NTA ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने सूचना प्रौद्योगिकी कानून, 2000 की धारा 69A के तहत टेलीग्राम पर रोक लगाई है। यह रोक 22 जून 2026 तक रहेगी। हालांकि आदेश कब से लागू होगा, इसकी तारीख नहीं दी गई है। वायुसेना ने 4 दिनों में 200 उड़ानें भरकर 20 से ज्यादा जगह पहुंचाए नीट के पेपर नीट-यूजी रीटेस्ट में पेपर लीक रोकने को वायुसेना अभूतपूर्व सुरक्षा अभियान चला रही है। सेना ने 4 दिनों में विमानों और हेलीकॉप्टरों से 200+ उड़ानें भरकर 20+ स्थानों पर सुरक्षित पेपर पहुंचाए हैं। यह मिशन बुधवार शाम तक पूरा हो जाएगा। पेपर्स रियल-टाइम GPS और डिजिटल लॉक वाले हाई-टेक बॉक्स में रखे गए हैं। थोड़ी भी छेड़छाड़ होते ही दिल्ली कंट्रोल रूम में तुरंत अलर्ट पहुंच जाएगा, जहां सेना के जवान 24 घंटे लाइव नजर रख रहे हैं। कॉकरोच जनता पार्टी भी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही देश भर में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शनों का दौर जारी है। इसी मामले में हाल ही में सोशल मीडिया से शुरू हुआ संगठन ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) देश के अलग-अलग राज्यों में प्रधान के इस्तीफे के लिए मांग कर रहा है। देश के अलग-अलग राज्यों में CJP का प्रदर्शन… 06 जून 2026, नई दिल्ली- प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के लिए सरकार को 7 दिन का अल्टीमेटम दिया। 11 जून 2026, पुणे- सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी में डॉ. बी.आर. अंबेडकर की प्रतिमा के सामने विरोध प्रदर्शन किया गया। 13 जून 2026, अमृतसर- पंजाब के अमृतसर में प्रदर्शन हुआ। 14 जून 2026, हैदराबाद और बेंगलुरु- दक्षिण भारत में एक ही दिन दो बड़े प्रदर्शन हुए। 15 जून 2026, जयपुर- गवर्नमेंट हॉस्टल के शहीद स्मारक पर प्रदर्शन हुआ। ———————————– ये खबर भी पढ़ें… मैं बहुत दूर जा रहा हूं, कहां पता नहीं:RE-NEET देने वाले 2 छात्रों का सुसाइड, पेपर लीक के चलते 21 जून को दोबारा होगी परीक्षा 21
Nifty, Sensex Fall; IT, Media Shares Dip

मुंबई10 मिनट पहले कॉपी लिंक आज यानी 18 जून को सेंसेक्स 50 अंक की गिरावट के साथ 77,100 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी 20 अंकों की गिरावट है, ये 24,050 के स्तर पर आ गया है। आज के कारोबार में IT और मीडिया शेयर्स में ज्यादा गिरावट है। एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार इंडेक्स लेवल पॉइंट चेंज परसेंट चेंज कोस्पी (साउथ कोरिया) 8943 +79 +1.01% निक्केई (जापान) 71052 +1150 +1.65% हैंगसेंग (हॉन्गकॉन्ग) 23844 -468 -1.88% कल अमेरिकी बाजार में रही गिरावट इंडेक्स लेवल पॉइंट चेंज परसेंट चेंज डाउ जोन्स 51493 -507 -0.98% नैस्डैक 26022 -355 -1.34% S&P 500 7420 -91 -1.21% विदेशी निवेशकों ने 7 दिन में 1,530 करोड़ के शेयर बेचे कैटेगरी लेटेस्ट बीते 7 दिन बीते 30 दिन DII 1,561 10,092 98,966 FII/FPI 102 -1,530 -78,542 नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। कल बाजार में रही थी गिरावट इससे पहले कल यानी 17 जून को बाजार में बढ़त रही थी। सेंसेक्स 347 अंक की तेजी के साथ 77,156 पर बंद हुआ था। निफ्टी में भी 97 अंक की बढ़त रही, ये 24,086 पर बंद हुआ था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Ceasefire, Sanctions Relief, Hormuz Reopening and Nuclear Commitments Explained

Hindi News International US Iran Interim MoU Signed: Ceasefire, Sanctions Relief, Hormuz Reopening And Nuclear Commitments Explained वॉशिंगटन डीसी7 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिका और ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए तैयार किए गए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने बुधवार देर रात डिजिटल हस्ताक्षर किए, जिसके साथ ही यह समझौता लागू हो गया। इस डील से जुड़े एक अमेरिकी अधिकारी ने बुधवार को रिपोर्टरों के साथ हुई एक कॉन्फ्रेंस कॉल में 14 पॉइंट्स वाले डील की पूरी जानकारी दी है। इसके मुताबिक होर्मुज को सिर्फ 60 दिनों के लिए मुफ्त खोले जाने की बात कही गई है। वही, ईरान ने परमाणु हथियार नहीं बनाने का भरोसा दिया है। इसके बदले में ईरान के लिए 300 अरब डॉलर (28 लाख करोड़ रुपए) का फंड बनाया जाएगा। अधिकारी ने अपनी पहचान गोपनीय रखने की शर्त पर यह जानकारी दी। ट्रम्प ने बुधवार को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ बैठक के दौरान पेरिस के वर्साय पैलेस में इस दस्तावेज पर साइन किए। पॉइंट-1: सभी मोर्चों पर संघर्ष खत्म होगा समझौते के पहले पॅाइंट में कहा गया है कि अमेरिका, ईरान और उनके सहयोगी देशों के बीच सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई तुरंत और स्थायी रूप से बंद की जाएगी। इसमें लेबनान भी शामिल है। अमेरिका की नजर में यह मुद्दा इसलिए अहम है क्योंकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को चिंता थी कि हिजबुल्लाह के खिलाफ इजराइल की सैन्य कार्रवाई ईरान के साथ हुए इस समझौते को कमजोर कर सकती है। इसे इजराइल की चिंताओं को नजरअंदाज करने के रूप में देखा जा रहा है। इजराइल का कहना है कि लेबनान में मौजूद ईरान समर्थित संगठन हिजबुल्लाह बहुत बड़ा खतरा है। इजराइल पहले ही कह चुका है कि वह अमेरिका-ईरान बातचीत में लेबनान को लेकर हुई किसी भी सहमति को नहीं मानेगा। पॉइंट-2: एक-दूसरे के आंतरिक मामलों में दखल नहीं देंगे समझौते में कहा गया है कि अमेरिका और ईरान एक-दूसरे की आजादी, सीमाओं और संप्रभुता का सम्मान करेंगे। दोनों देश एक-दूसरे के घरेलू मामलों में दखल भी नहीं देंगे। अमेरिकी अधिकारियों ने पत्रकारों को समझौते का जो हिस्सा पढ़कर सुनाया, उसमें यह बात साफ तौर पर शामिल थी। समझौते का यह हिस्सा ईरान के सरकार विरोधी गुटों को पसंद नहीं आ सकता। इन्हें उम्मीद थी कि अमेरिका भविष्य में भी ईरान में राजनीतिक बदलाव या लोकतंत्र समर्थक आंदोलनों का खुलकर समर्थन करेगा। दरअसल, इसी साल ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने प्रदर्शनकारियों का समर्थन करते हुए कहा था कि उनकी मदद की जाएगी। लेकिन नए समझौते में एक-दूसरे के आंतरिक मामलों से दूर रहने की बात कही गई है। ऐसे में माना जा रहा है कि ईरान के अंदरूनी मुद्दों को लेकर अमेरिका का रुख पहले की तुलना में नरम हुआ है। पॉइंट-3: 60 दिनों में अंतिम समझौते का लक्ष्य अमेरिका और ईरान ने अधिकतम 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते पर बातचीत पूरी करने और उसे लागू करने का लक्ष्य तय किया है। हालांकि, दोनों देशों की सहमति होने पर इस समयसीमा को आगे भी बढ़ाया जा सकता है। दोनों देशों के नेताओं द्वारा समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए जाने के साथ ही 60 दिनों की यह समयसीमा शुरू हो गई है। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक 60 दिनों की यह समयसीमा काफी छोटी मानी जा रही है। अमेरिकी अधिकारी भी निजी तौर पर मानते हैं कि इतने कम समय में अंतिम समझौते तक पहुंचना आसान नहीं होगा, खासकर इसलिए क्योंकि ईरान के साथ पहले हुई परमाणु वार्ताओं में कई साल लग चुके हैं। हालांकि ट्रम्प प्रशासन ने जानबूझकर यह महत्वाकांक्षी समयसीमा तय की है। अगर 60 दिनों के भीतर कोई अंतिम समझौता हो जाता है, तो यह अमेरिका के मध्यावधि (मिडटर्म) चुनावों से पहले राष्ट्रपति ट्रम्प के लिए एक बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि साबित हो सकता है। ऐसे समय में जब उनकी घरेलू लोकप्रियता में गिरावट देखी जा रही है, यह समझौता उन्हें राजनीतिक फायदा भी पहुंचा सकता है। पॉइंट-4: अमेरिका समुद्री नाकाबंदी हटाएगा अमेरिका दस्तखत के बाद ईरानी बंदरगाहों पर लगाई गई अपनी नौसैनिक नाकेबंदी और अन्य बाधाओं को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर देगा। यह नाकेबंदी 30 दिनों के भीतर पूरी तरह खत्म कर दी जाएगी। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी हटने के बाद ईरान फिर से अपने बंदरगाहों से तेल और अन्य सामान निर्यात कर सकेगा। साथ ही दूसरे देशों से आने वाला माल भी बिना बड़ी रुकावट के ईरान पहुंच सकेगा। यह ईरान के लिए बहुत बड़ी और तत्काल राहत होगी, क्योंकि उसके ज्यादातर निर्यात चीन को जाते हैं। जैसे ही निर्यात दोबारा शुरू होगा, ईरान के पास विदेशी मुद्रा और राजस्व आना शुरू हो जाएगा, जिससे उसकी मौजूदा आर्थिक मुश्किलें काफी हद तक कम हो सकती हैं। लेकिन इस फैसले का एक दूसरा पहलू भी है। नाकेबंदी हटने से अमेरिका अपने सबसे प्रभावी दबाव के साधनों में से एक खो देगा। पॉइंट-5: होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोला जाएगा समझौते पर हस्ताक्षर होते ही ईरान ने वादा किया है कि वह अपनी पूरी कोशिश करके फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच आने-जाने वाले व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करेगा। यह व्यवस्था 60 दिनों तक लागू रहेगी और इस दौरान जहाजों से कोई एक्स्ट्रा टैक्स नहीं लिया जाएगा। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक इस समझौते की सबसे अहम लाइन है- सिर्फ 60 दिनों तक बिना किसी फीस के इसका मतलब है कि अगले 60 दिनों तक ईरान होर्मुज से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों से कोई पैसा नहीं लेगा। लेकिन 60 दिन पूरे होने के बाद ईरान जहाजों पर शुल्क या फीस लगा सकता है। युद्ध से पहले ईरान आमतौर पर अंतरराष्ट्रीय जहाजों से इस तरह का पैसा नहीं लेता था। इसलिए अगर भविष्य में फीस लगाई जाती है, तो यह एक बड़ा बदलाव होगा और होर्मुज से गुजरने वाली वैश्विक समुद्री व्यापार लागत बढ़ सकती है। पॉइंट-6: ईरान को ₹28 लाख करोड़ का हर्जाना समझौते के तहत अमेरिका ने अपने क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर ईरान के पुनर्निर्माण और आर्थिक विकास के लिए कम से कम 300 अरब डॉलर (28 लाख करोड़ रुपए) की योजना तैयार करने का वादा किया
Ceasefire, Sanctions Relief, Hormuz Reopening and Nuclear Commitments Explained

Hindi News International US Iran Interim MoU Signed: Ceasefire, Sanctions Relief, Hormuz Reopening And Nuclear Commitments Explained वॉशिंगटन डीसी4 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिका और ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए तैयार किए गए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने बुधवार देर रात डिजिटल हस्ताक्षर किए, जिसके साथ ही यह समझौता लागू हो गया। इस डील से जुड़े एक अमेरिकी अधिकारी ने बुधवार को रिपोर्टरों के साथ हुई एक कॉन्फ्रेंस कॉल में 14 पॉइंट्स वाले डील की पूरी जानकारी दी है। इसके मुताबिक होर्मुज को सिर्फ 60 दिनों के लिए मुफ्त खोले जाने की बात कही गई है। वही, ईरान ने परमाणु हथियार नहीं बनाने का भरोसा दिया है। इसके बदले में ईरान के लिए 300 अरब डॉलर (28 लाख करोड़ रुपए) का फंड बनाया जाएगा। अधिकारी ने अपनी पहचान गोपनीय रखने की शर्त पर यह जानकारी दी। ट्रम्प ने बुधवार को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ बैठक के दौरान पेरिस के वर्साय पैलेस में इस दस्तावेज पर साइन किए। पॉइंट-1: सभी मोर्चों पर संघर्ष खत्म होगा समझौते के पहले पॅाइंट में कहा गया है कि अमेरिका, ईरान और उनके सहयोगी देशों के बीच सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई तुरंत और स्थायी रूप से बंद की जाएगी। इसमें लेबनान भी शामिल है। अमेरिका की नजर में यह मुद्दा इसलिए अहम है, क्योंकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को चिंता थी कि हिजबुल्लाह के खिलाफ इजराइल की सैन्य कार्रवाई ईरान के साथ हुए इस समझौते को कमजोर कर सकती है। इसे इजराइल की चिंताओं को नजरअंदाज करने के रूप में देखा जा रहा है। इजराइल का कहना है कि लेबनान में मौजूद ईरान समर्थित संगठन हिजबुल्लाह बहुत बड़ा खतरा है। इजराइल पहले ही कह चुका है कि वह अमेरिका-ईरान बातचीत में लेबनान को लेकर हुई किसी भी सहमति को नहीं मानेगा। पॉइंट-2: एक-दूसरे के आंतरिक मामलों में दखल नहीं देंगे समझौते में कहा गया है कि अमेरिका और ईरान एक-दूसरे की आजादी, सीमाओं और संप्रभुता का सम्मान करेंगे। दोनों देश एक-दूसरे के घरेलू मामलों में दखल भी नहीं देंगे। अमेरिकी अधिकारियों ने पत्रकारों को समझौते का जो हिस्सा पढ़कर सुनाया, उसमें यह बात साफ तौर पर शामिल थी। समझौते का यह हिस्सा ईरान के सरकार विरोधी गुटों को पसंद नहीं आ सकता। इन्हें उम्मीद थी कि अमेरिका भविष्य में भी ईरान में राजनीतिक बदलाव या लोकतंत्र समर्थक आंदोलनों का खुलकर समर्थन करेगा। दरअसल, इसी साल ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने प्रदर्शनकारियों का समर्थन करते हुए कहा था कि उनकी मदद की जाएगी। लेकिन नए समझौते में एक-दूसरे के आंतरिक मामलों से दूर रहने की बात कही गई है। ऐसे में माना जा रहा है कि ईरान के अंदरूनी मुद्दों को लेकर अमेरिका का रुख पहले की तुलना में नरम हुआ है। पॉइंट-3: 60 दिनों में अंतिम समझौते का टारगेट अमेरिका और ईरान ने अधिकतम 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते पर बातचीत पूरी करने और उसे लागू करने का टारगेट तय किया है। हालांकि, दोनों देशों की सहमति होने पर इस समयसीमा को आगे भी बढ़ाया जा सकता है। दोनों देशों के नेताओं द्वारा समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए जाने के साथ ही 60 दिनों की यह समयसीमा शुरू हो गई है। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक 60 दिनों की यह समयसीमा काफी छोटी मानी जा रही है। अमेरिकी अधिकारी भी निजी तौर पर मानते हैं कि इतने कम समय में अंतिम समझौते तक पहुंचना आसान नहीं होगा, खासकर इसलिए क्योंकि ईरान के साथ पहले हुई परमाणु वार्ताओं में कई साल लग चुके हैं। हालांकि ट्रम्प प्रशासन ने जानबूझकर यह महत्वाकांक्षी समयसीमा तय की है। अगर 60 दिनों के भीतर कोई अंतिम समझौता हो जाता है, तो यह अमेरिका के मध्यावधि (मिडटर्म) चुनावों से पहले राष्ट्रपति ट्रम्प के लिए एक बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि साबित हो सकता है। ऐसे समय में जब उनकी घरेलू लोकप्रियता में गिरावट देखी जा रही है, यह समझौता उन्हें राजनीतिक फायदा भी पहुंचा सकता है। पॉइंट-4: अमेरिका समुद्री नाकेबंदी हटाएगा अमेरिका दस्तखत के बाद ईरानी बंदरगाहों पर लगाई गई अपनी नौसैनिक नाकेबंदी और अन्य बाधाओं को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर देगा। यह नाकेबंदी 30 दिनों के भीतर पूरी तरह खत्म कर दी जाएगी। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी हटने के बाद ईरान फिर से अपने बंदरगाहों से तेल और अन्य सामान निर्यात कर सकेगा। साथ ही दूसरे देशों से आने वाला माल भी बिना बड़ी रुकावट के ईरान पहुंच सकेगा। यह ईरान के लिए बहुत बड़ी और तत्काल राहत होगी, क्योंकि उसके ज्यादातर निर्यात चीन को जाते हैं। जैसे ही निर्यात दोबारा शुरू होगा, ईरान के पास विदेशी मुद्रा और राजस्व आना शुरू हो जाएगा, जिससे उसकी मौजूदा आर्थिक मुश्किलें काफी हद तक कम हो सकती हैं। लेकिन इस फैसले का एक दूसरा पहलू भी है। नाकेबंदी हटने से अमेरिका अपने सबसे प्रभावी दबाव के साधनों में से एक खो देगा। पॉइंट-5: होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोला जाएगा समझौते पर दस्तखत होते ही ईरान ने वादा किया है कि वह अपनी पूरी कोशिश करके फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच आने-जाने वाले व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करेगा। यह व्यवस्था 60 दिनों तक लागू रहेगी और इस दौरान जहाजों से कोई एक्स्ट्रा टैक्स नहीं लिया जाएगा। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक इस समझौते की सबसे अहम लाइन है- सिर्फ 60 दिनों तक बिना किसी फीस के। इसका मतलब है कि अगले 60 दिनों तक ईरान होर्मुज से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों से कोई पैसा नहीं लेगा। लेकिन 60 दिन पूरे होने के बाद ईरान जहाजों पर शुल्क या फीस लगा सकता है। युद्ध से पहले ईरान आमतौर पर अंतरराष्ट्रीय जहाजों से इस तरह का पैसा नहीं लेता था। इसलिए अगर भविष्य में फीस लगाई जाती है, तो यह एक बड़ा बदलाव होगा और होर्मुज से गुजरने वाली वैश्विक समुद्री व्यापार लागत बढ़ सकती है। पॉइंट-6: ईरान को ₹28 लाख करोड़ का हर्जाना समझौते के तहत अमेरिका ने अपने क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर ईरान के पुनर्निर्माण और आर्थिक विकास के लिए कम से कम 300 अरब डॉलर (28 लाख करोड़ रुपए) की योजना तैयार करने का वादा किया
ऑस्ट्रेलिया के स्पिन गेंदबाजों ने पहली बार 9 विकेट लिए:बांग्लादेश को पहले टी-20 में 4 विकेट से हराया; कूपर कॉनोली ने 47 रन नाए

ऑस्ट्रेलिया ने चटगांव में खेले गए पहले टी-20 मुकाबले में बांग्लादेश को 4 विकेट से हरा दिया। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी बांग्लादेश की टीम ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर्स के सामने टिक नहीं सकी और 132 रन पर सिमट गई। जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने कूपर कॉनोली की 47 रन की पारी और टिम डेविड की तेज बल्लेबाजी की बदौलत 17.2 ओवर में 6 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर्स ने रचा इतिहास टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट के इतिहास में यह पहला मौका रहा, जब ऑस्ट्रेलिया के स्पिन गेंदबाजों ने एक ही पारी में मिलकर 9 विकेट लिए। लेग स्पिनर एडम जाम्पा ने 3 विकेट झटके, जबकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण कर रहे बाएं हाथ के स्पिनर जोएल डेविस ने भी 3 विकेट लेकर शानदार शुरुआत की। बांग्लादेश में खेले गए किसी टी-20 मैच की एक पारी में स्पिनर्स की ओर से 9 विकेट लेने का भी यह पहला मौका है। जाम्पा ने पूरे किए 150 टी-20I विकेट एडम जाम्पा टी-20 इंटरनेशनल में 150 विकेट लेने वाले पहले ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज बन गए। उन्हें उनके शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। इसके साथ ही वह दुनिया के केवल पांचवें लेग स्पिनर बने, जिन्होंने टी-20I में 150 या उससे अधिक विकेट हासिल किए हैं। उनसे पहले राशिद खान, ईश सोढ़ी, आदिल राशिद और वानिंदु हसरंगा यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं। पावरप्ले में बांग्लादेश की दमदार शुरुआत बांग्लादेश के ओपनर्स सैफ हसन और तंजीद हसन ने शुरुआत में आक्रामक बल्लेबाजी की। दोनों ने स्पेंसर जॉनसन और जेवियर बार्टलेट के खिलाफ कुछ आकर्षक शॉट लगाए। हालांकि, जॉनसन ने तंजीद को बार्टलेट के हाथों कैच कराकर पहला झटका दिया। इसके बाद सैफ हसन भी मैट रेनशॉ की गेंद पर मिचेल मार्श को कैच दे बैठे। कार्यवाहक कप्तान तौहीद हृदॉय और 18 महीने बाद टीम में लौटे सौम्य सरकार ने पारी को संभाला। बांग्लादेश ने पावरप्ले के 6 ओवर में 2 विकेट पर 52 रन बनाए, जो ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उसका सबसे बड़ा पावरप्ले स्कोर है। जोएल डेविस और निखिल चौधरी ने मिडिल ऑर्डर में विकेट लिए सातवें ओवर में एडम जाम्पा ने तौहीद हृदॉय को अपनी गुगली पर बोल्ड कर बांग्लादेश की रन गति पर लगाम लगा दी। अगले ओवर में सौम्य सरकार भी डेब्यू कर रहे निखिल चौधरी को कैच थमा बैठे। इसके बाद जोएल डेविस ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की दूसरी ही गेंद पर परवेज हुसैन इमोन को कूपर कॉनोली के हाथों कैच कराकर पहला विकेट हासिल किया। मैट रेनशॉ ने शमीम हुसैन को विकेटकीपर के हाथों कैच कराया, जबकि डेविस ने डेब्यू कर रहे अब्दुल गफ्फार सकलैन को भी पवेलियन भेजा। निखिल चौधरी ने भी गेंदबाजी में योगदान देते हुए रिशाद हुसैन को 3 रन पर आउट किया। निचले क्रम में महेदी हसन ने नाबाद 29 रन बनाए, लेकिन दूसरे छोर से लगातार विकेट गिरने के कारण बांग्लादेश की पूरी टीम 132 रन पर सिमट गई। कॉनोली ने संभाली पारी, शरीफुल के ओवर में लगाए लगातार तीन चौके 133 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। पिछले वनडे मैच में 6 विकेट लेने वाले शरीफुल इस्लाम ने जोश इंग्लिस को 5 रन पर बोल्ड कर दिया। इसके बाद क्रीज पर आए कूपर कॉनोली ने उसी ओवर में शरीफुल की लगातार तीन गेंदों पर चौके जड़कर दबाव कम किया। कप्तान मिचेल मार्श 13 गेंदों में 14 रन बनाकर मुस्तफिजुर रहमान की गेंद पर आउट हो गए और ऑस्ट्रेलिया ने शुरुआती झटके झेले। टिम डेविड का 98 मीटर लंबा छक्का, ऑस्ट्रेलिया ने आसानी से हासिल किया लक्ष्य मार्श के आउट होने के बाद टिम डेविड ने महेदी हसन की गेंद पर 98 मीटर लंबा छक्का लगाकर अपने इरादे जाहिर कर दिए। दूसरी ओर कॉनोली ने शानदार बल्लेबाजी जारी रखी और सकलैन व रिशाद हुसैन के खिलाफ कई आकर्षक शॉट खेले। कॉनोली ने 27 गेंदों में 47 रन बनाए, जो उनके टी-20I करियर का सर्वोच्च स्कोर है। उनकी पारी में 7 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। उन्हें सकलैन ने आउट किया। टिम डेविड ने 16 गेंदों में 20 रन बनाए। अंत में डेब्यू कर रहे निखिल चौधरी ने 18 रन और मैट रेनशॉ ने भी 18 रन का योगदान दिया। जीत के लिए जब केवल 3 रन की जरूरत थी, तब रेनशॉ आउट हो गए, लेकिन जेवियर बार्टलेट ने अगली ही गेंद पर चौका लगाकर ऑस्ट्रेलिया को 10 गेंद शेष रहते जीत दिला दी।








