सीजफायर के बीच अमेरिका का ईरान पर हमला:होर्मुज के पास मिसाइल साइट और बारूदी सुरंग बिछा रही बोट्स को निशाना बनाया

अमेरिका और ईरान के बीच जारी सीजफायर वार्ता के बीच अमेरिकी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट के पास ईरानी मिसाइल लॉन्च साइट्स और बारूदी सुरंग बिछा रही बोट्स को निशाना बनाया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक यह कार्रवाई सेल्फ-डिफेंस यानी आत्मरक्षा में की गई। CENTCOM के प्रवक्ता टिमोथी हॉकिन्स ने कहा कि अमेरिकी सैनिकों और युद्धपोतों को खतरे से बचाने के लिए ये हमले किए गए। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि सीजफायर के दौरान अमेरिका संयम बरत रहा है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है। इसी रास्ते से बड़ी मात्रा में तेल सप्लाई होती है। अमेरिकी सेना का आरोप है कि ईरानी बोट्स समुद्री रास्ते में बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश कर रही थीं, जिससे अंतरराष्ट्रीय जहाजों और अमेरिकी युद्धपोतों को खतरा हो सकता था। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स…. 1. ईरान के साथ ओबामा जैसी डील नहीं: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि वे ईरान के साथ ओबामा जैसी डील नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि या तो अच्छा समझौता होगा या फिर कुछ भी नहीं होगा। 2. ईरान की दोहा वार्ता में होर्मुज और यूरेनियम मुद्दा सबसे अहम: ईरान के शीर्ष प्रतिनिधिमंडल की कतर यात्रा में होर्मुज स्ट्रेट और हाईली एनरिच्ड यूरेनियम सबसे अहम मुद्दे बने हुए हैं। साथ ही ईरान की फ्रीज संपत्तियों को जारी करने पर भी बातचीत हो रही है। 3. अमेरिका-ईरान में समझौते पर दस्तखत नहीं: अमेरिका और ईरान के बीच समझौते पर दस्तखत नहीं हो सके। इससे पहले कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि रविवार को ही दोनों देश सीजफायर बढ़ाने और होर्मुज खोलने को लेकर समझौता कर सकते हैं। 4. सुप्रीम लीडर की मंजूरी के बिना कोई फैसला नहीं: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने कहा कि ईरान में कोई भी बड़ा फैसला सुप्रीम लीडर की मंजूरी के बिना नहीं लिया जाएगा। 5. ईरान का हिजबुल्लाह को फिर समर्थन: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने लेबनान और हिजबुल्लाह के समर्थन में संदेश जारी किया है। उन्होंने कहा कि ईरान, इजराइल के खिलाफ लेबनान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के साथ खड़ा है। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
विनेश फोगाट के एशियन गेम्स खेलने की गारंटी नहीं:लांग लिस्ट में नाम नहीं, ट्रायल जीतीं तो भी OCA करेगा अंतिम फैसला; हाईकोर्ट से राहत मिली

दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर ट्रायल में हिस्सा लेने की छूट के बाद भी रेसलर विनेश फोगाट के जापान में एशियन गेम्स-2026 खेलने की गारंटी नहीं है। 19 सितंबर में होने वाले एशियन गेम्स के लिए भेजी गई संभावित खिलाड़ियों (लांग लिस्ट) में विनेश का नाम नहीं है। भारतीय कुश्ती फेडरेशन (WFI) की ओर से इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन (IOC) को भेजी सूची में इस रेसलर का नाम नहीं था। आईओसी ने यही लिस्ट आगे एशियन ओलंपिक परिषद (OCA) और जापान की आयोजन समिति को भेजी। ऐसे में अब OCA के रुख पर बहुत कुछ निर्भर करेगा। बता दें कि दिल्ली हाईकोर्ट ने विनेश की याचिका पर सुनवाई करते हुए 23 मई को फैसला सुनाया था। हाईकोर्ट ने साफ कहा है कि मातृत्व (Motherhood) को किसी महिला खिलाड़ी के खिलाफ हथियार नहीं बनाया जा सकता। इसमें विनेश को ट्रायल में हिस्सा लेने की रियायत दी गई थी। यह ट्रायल 30 और 31 मई को होने हैं। भारतीय कुश्ती महासंघ ने उनके मातृत्व अवकाश और अन्य कारणों का हवाला देते हुए उन्हें शुरुआत में अयोग्य ठहराया था, जिसके कारण उनका नाम लांग लिस्ट में नहीं भेजा। 3 पॉइंट में जानिए नियमों को लेकर टेक्निकल स्थिति… कुश्ती महासंघ ने एंटी-डोपिंग नियमों का हवाला देकर लगाया था बैन डब्ल्यूएफआई ने एंटी-डोपिंग नियमों के तहत संन्यास से वापसी करने वाले एथलीटों के लिए अनिवार्य छह महीने की नोटिस अवधि का हवाला देते हुए फोगाट को 26 जून, 2026 तक घरेलू प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया था। कुश्ती महासंघ ने लिखा था कि विनेश ने संन्यास से वापसी के लिए छह महीने पहले सूचना नहीं दी। इससे WFI संविधान, यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) नियमों तथा एंटी-डोपिंग प्रावधानों का उल्लंघन हुआ। बता दें कि करीब 3 साल पहले विनेश ने बृजभूषण पर महिला खिलाड़ियों के यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। इसे लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर महिला पहलवानों ने बृजभूषण के खिलाफ धरना भी दिया था। विनेश ने वीडियो जारी बृजभूषण पर साधा था निशाना.. बृजभूषण बोले थे- आरोप सही हुए तो फांसी पर लटक जाऊंगा इन आरोपों पर कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण ने सफाई देते हुए कहा था- किसी भी तरह का उत्पीड़न नहीं हुआ है। अगर हुआ है तो मैं फांसी पर लटक जाऊंगा। उन्होंने धरने को स्पॉन्सर्ड बताते हुए इसके पीछे हरियाणा कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा को बताया था। उन्होंने कहा था कि अब ये खिलाड़ी नेशनल लेवल पर भी खेलने योग्य नहीं रहे। पेरिस ओलिंपिक में डिसक्वालिफाई हुई थीं विनेश विनेश 2024 पेरिस ओलिंपिक में महिलाओं की 50 किलो फ्रीस्टाइल कुश्ती में खेली थीं। उन्होंने फाइनल में जगह बनाई थी। लेकिन फाइनल से पहले उनका वजन तय सीमा से 100 ग्राम ज्यादा पाया गया। नियमों के मुताबिक उन्हें पूरे इवेंट से डिस्क्वालिफाई कर दिया गया। उन्हें कोई मेडल नहीं मिला, जबकि वे फाइनल तक पहुंच चुकी थीं।
ऐसा IPL पहले नहीं देखा:एक सीजन में 61 बार 200 का स्कोर, शुरुआती 9 साल मिलाकर भी इससे कम; पहली बार 1300 छक्के

लीग स्टेज खत्म होते-होते IPL 2026 रनरेट, सिक्सर्स और 200 से ऊपर के स्कोर के मामलों में अब तक का सबसे बड़ा सीजन बन गया है। 70 मैचों में ही 61 बार 200 या इससे ज्यादा का स्कोर बन चुका है। शुरुआती 9 सीजन- 2008 से 2016 तक हुए 538 मैचों में 57 बार ही 200+ का स्कोर बना था। आगे ऐसे ही 8 ट्रेंड्स के बारे में डिटेल में जानिए, जो साबित करते हैं कि ऐसा IPL अब तक नहीं हुआ… 1. सबसे तेज रनरेट वाला सीजन इस सीजन का ओवरऑल रनरेट 9.85 रहा, जो IPL इतिहास में अब तक का सबसे ज्यादा है। इससे पहले 2025 में रनरेट 9.62 और 2024 में 9.56 था। दिलचस्प बात यह है कि 2022 तक किसी भी सीजन का रनरेट 9 तक नहीं पहुंचा था। 2008 में IPL का रनरेट 8.30 था, यानी 18 साल में बल्लेबाजी की गति करीब डेढ़ रन प्रति ओवर बढ़ चुकी है। 2. 61 बार बने 200+ स्कोर, बड़े टारगेट भी अब सुरक्षित नहीं IPL 2025 में 52 बार 200+ स्कोर बने थे, लेकिन 2026 में यह आंकड़ा बढ़कर 61 तक पहुंच गया। यह IPL इतिहास में किसी एक सीजन में सबसे ज्यादा 200+ टोटल हैं। खास बात यह है कि 2022 तक किसी भी सीजन में 20 से ज्यादा बार 200+ स्कोर नहीं बने थे। इस सीजन सिर्फ बड़े स्कोर ही नहीं बने, बल्कि बड़े टारगेट चेज करना भी आम हो गया। IPL 2026 में 16 बार 200+ रनचेज हुए, जो किसी भी सीजन में सबसे ज्यादा हैं। इससे पहले 2025 में 9 और 2023 में 8 बार ऐसा हुआ था। सबसे बड़ा बदलाव 220+ टारगेट चेज में देखने को मिला। इस सीजन 220 या उससे ज्यादा का स्कोर 9 बार चेज हुआ, जबकि IPL के पहले 18 सीजन मिलाकर ऐसा सिर्फ 5 बार हुआ था। इस सीजन सनराइजर्स हैदराबाद और पंजाब किंग्स ने सबसे ज्यादा 9-9 बार 200+ स्कोर बनाए, जो किसी एक टी-20 टूर्नामेंट में किसी टीम द्वारा सबसे ज्यादा हैं। 3. पहली पारी का औसत स्कोर और विनिंग टोटल रिकॉर्ड स्तर पर IPL 2026 सिर्फ रनरेट और 200+ स्कोर के मामले में ही नहीं, बल्कि औसत स्कोरिंग में भी सबसे आगे निकल गया। इस सीजन में पहली पारी का औसत स्कोर 192 रहा, जो IPL इतिहास में सबसे ज्यादा है। इससे पहले 2025 में यह 191 और 2024 में 190 था। सबसे बड़ा बदलाव विनिंग टोटल में देखने को मिला। IPL 2026 में जीतने वाली टीम का औसत स्कोर 217 रहा, जो IPL इतिहास में पहली बार 215 के पार पहुंचा। इससे पहले 2025 में यह 211 और 2024 में 211 था। दिलचस्प बात यह है कि 2022 तक किसी भी सीजन में औसत विनिंग स्कोर 200 तक नहीं पहुंचा था। इस सीजन का सबसे बड़ा टोटल पंजाब किंग्स के नाम हैं टीम ने दिल्ली के खिलाफ 265/4 का स्कोर बनाया था। यह IPL का सबसे बड़ा रनचेज भी है। 4. शतकों में रिकॉर्ड की बराबरी, अभी 4 मैच बाकी इस सीजन के लीग मैचों में ही अब तक 14 शतक लग चुके हैं। यह किसी एक सीजन में सबसे ज्यादा शतकों के रिकॉर्ड की बराबरी है। इससे पहले 2024 में भी 14 सेंचुरी बनी थीं। अभी IPL 2026 में प्लेऑफ के मैच होने हैं। ऐसे में उम्मीद हैं कि यह रिकॉर्ड भी टूट जाए। 2022 तक किसी भी सीजन में 10 से ज्यादा शतक नहीं लगे थे। 5. हर 12वीं गेंद पर सिक्स 2025 में 1294 और 2024 में 1260 सिक्स लगे थे, लेकिन 2026 ने इन दोनों रिकॉर्ड्स को पीछे छोड़ दिया। इस सीजन अब तक 1349 छक्के लग चुके हैं। सबसे बड़ा बदलाव सिक्स लगाने की फ्रीक्वेंसी में देखने को मिला। इस सीजन करीब हर 12 गेंद पर एक छक्का लगा, जो IPL इतिहास में सबसे तेज है। 2009 में जहां एक सिक्स के लिए औसतन 26 गेंद लगती थीं, वहीं अब बल्लेबाज लगभग हर दो ओवर में एक सिक्स लगा रहे हैं। इस सीजन पंजाब किंग्स ने लीग स्टेज में सबसे ज्यादा 163 सिक्स लगाए, जबकि सनराइजर्स हैदराबाद ने 162 सिक्स जड़े। IPL इतिहास में एक सीजन में सबसे ज्यादा 178 छक्कों का रिकॉर्ड हैदराबाद के नाम है, जिसे टीम प्लेऑफ में तोड़ सकती है। 6. पहली बार पावरप्ले में रनरेट 10 से ऊपर पहुंचा IPL इतिहास में पहली बार पावरप्ले (1-6 ओवर) का रनरेट 10 के पार पहुंच गया। इससे पहले 2025 में यह 9.60 और 2024 में 9.47 था। 2022 तक किसी भी सीजन में पावरप्ले रनरेट 9 तक नहीं पहुंचा था। इस सीजन का हाईएस्ट पावरप्ले टोटल पंजाब किंग्स के नाम है। टीम ने दिल्ली के खिलाफ शुरुआती 6 ओवर में 116 रन बनाए थे। 7. गेंदबाजों की शामत, पेसर्स-स्पिनर्स दोनों पिटे IPL 2026 का हाई स्कोरिंग ट्रेंड गेंदबाजों पर सबसे भारी पड़ा। यह सीजन स्पिनर्स और पेसर्स, दोनों के लिए सबसे महंगा साबित हुआ। स्पिन गेंदबाजों ने 9.26 की इकोनॉमी से रन दिए, जो IPL इतिहास में सबसे ज्यादा है। इससे पहले 2025 में यह आंकड़ा 8.86 और 2024 में 8.68 था। तेज गेंदबाजों की स्थिति भी ज्यादा अलग नहीं रही। IPL 2026 में पेसर्स की और इकोनॉमी 9.94 रही। यह IPL इतिहास में सबसे खराब हैं। इससे पहले 2025 में पेसर्स की इकॉनमी 9.90 और 2024 में 9.78 थी। इस सीजन लीग स्टेज के टॉप-10 विकेट टेकरों में सिर्फ दो स्पिनर्स शामिल हैं- राशिद खान (19 विकेट) और सुनील नरेन (15 विकेट)। गुजरात के प्लेऑफ में पहुंचने के कारण संभावना है कि सीजन खत्म होने तक राशिद ही टॉप-10 में अकेले स्पिनर बचें। इससे पहले ऐसा सिर्फ 2016 में हुआ था, जब युजवेंद्र चहल टॉप-10 में शामिल अकेले स्पिनर थे। 8. फील्डिंग प्रेशर में, 169 कैच छूटे हाई-स्कोरिंग क्रिकेट का असर सिर्फ गेंदबाजों पर नहीं, बल्कि फील्डिंग पर भी साफ दिखाई दिया। IPL 2025 में रिकॉर्ड 188 कैच छोड़े गए थे, जबकि 2026 में यह संख्या 169 रही। 2022 के बाद लगातार हर सीजन में 148 से ज्यादा कैच छूटे हैं। टीमों के हिसाब से देखें तो इस सीजन सबसे खराब फील्डिंग रिकॉर्ड हैदराबाद का रहा। टीम ने सबसे ज्यादा 26 कैच छोड़े। इसके बाद पंजाब और चेन्नई ने 20-20 कैच ड्रॉप किए।
ऐसा IPL पहले नहीं देखा:एक सीजन में 61 बार 200 का स्कोर, शुरुआती 9 साल मिलाकर भी इससे कम; पहली बार 1300 छक्के

लीग स्टेज खत्म होते-होते IPL 2026 रनरेट, सिक्सर्स और 200 से ऊपर के स्कोर के मामलों में अब तक का सबसे बड़ा सीजन बन गया है। 70 मैचों में ही 61 बार 200 या इससे ज्यादा का स्कोर बन चुका है। शुरुआती 9 सीजन- 2008 से 2016 तक हुए 538 मैचों में 57 बार ही 200+ का स्कोर बना था। आगे ऐसे ही 8 ट्रेंड्स के बारे में डिटेल में जानिए, जो साबित करते हैं कि ऐसा IPL अब तक नहीं हुआ… 1. सबसे तेज रनरेट वाला सीजन इस सीजन का ओवरऑल रनरेट 9.85 रहा, जो IPL इतिहास में अब तक का सबसे ज्यादा है। इससे पहले 2025 में रनरेट 9.62 और 2024 में 9.56 था। दिलचस्प बात यह है कि 2022 तक किसी भी सीजन का रनरेट 9 तक नहीं पहुंचा था। 2008 में IPL का रनरेट 8.30 था, यानी 18 साल में बल्लेबाजी की गति करीब डेढ़ रन प्रति ओवर बढ़ चुकी है। 2. 61 बार बने 200+ स्कोर, बड़े टारगेट भी अब सुरक्षित नहीं IPL 2025 में 52 बार 200+ स्कोर बने थे, लेकिन 2026 में यह आंकड़ा बढ़कर 61 तक पहुंच गया। यह IPL इतिहास में किसी एक सीजन में सबसे ज्यादा 200+ टोटल हैं। खास बात यह है कि 2022 तक किसी भी सीजन में 20 से ज्यादा बार 200+ स्कोर नहीं बने थे। इस सीजन सिर्फ बड़े स्कोर ही नहीं बने, बल्कि बड़े टारगेट चेज करना भी आम हो गया। IPL 2026 में 16 बार 200+ रनचेज हुए, जो किसी भी सीजन में सबसे ज्यादा हैं। इससे पहले 2025 में 9 और 2023 में 8 बार ऐसा हुआ था। सबसे बड़ा बदलाव 220+ टारगेट चेज में देखने को मिला। इस सीजन 220 या उससे ज्यादा का स्कोर 9 बार चेज हुआ, जबकि IPL के पहले 18 सीजन मिलाकर ऐसा सिर्फ 5 बार हुआ था। इस सीजन सनराइजर्स हैदराबाद और पंजाब किंग्स ने सबसे ज्यादा 9-9 बार 200+ स्कोर बनाए, जो किसी एक टी-20 टूर्नामेंट में किसी टीम द्वारा सबसे ज्यादा हैं। 3. पहली पारी का औसत स्कोर और विनिंग टोटल रिकॉर्ड स्तर पर IPL 2026 सिर्फ रनरेट और 200+ स्कोर के मामले में ही नहीं, बल्कि औसत स्कोरिंग में भी सबसे आगे निकल गया। इस सीजन में पहली पारी का औसत स्कोर 192 रहा, जो IPL इतिहास में सबसे ज्यादा है। इससे पहले 2025 में यह 191 और 2024 में 190 था। सबसे बड़ा बदलाव विनिंग टोटल में देखने को मिला। IPL 2026 में जीतने वाली टीम का औसत स्कोर 217 रहा, जो IPL इतिहास में पहली बार 215 के पार पहुंचा। इससे पहले 2025 में यह 211 और 2024 में 211 था। दिलचस्प बात यह है कि 2022 तक किसी भी सीजन में औसत विनिंग स्कोर 200 तक नहीं पहुंचा था। इस सीजन का सबसे बड़ा टोटल पंजाब किंग्स के नाम हैं टीम ने दिल्ली के खिलाफ 265/4 का स्कोर बनाया था। यह IPL का सबसे बड़ा रनचेज भी है। 4. शतकों में रिकॉर्ड की बराबरी, अभी 4 मैच बाकी इस सीजन के लीग मैचों में ही अब तक 14 शतक लग चुके हैं। यह किसी एक सीजन में सबसे ज्यादा शतकों के रिकॉर्ड की बराबरी है। इससे पहले 2024 में भी 14 सेंचुरी बनी थीं। अभी IPL 2026 में प्लेऑफ के मैच होने हैं। ऐसे में उम्मीद हैं कि यह रिकॉर्ड भी टूट जाए। 2022 तक किसी भी सीजन में 10 से ज्यादा शतक नहीं लगे थे। 5. हर 12वीं गेंद पर सिक्स 2025 में 1294 और 2024 में 1260 सिक्स लगे थे, लेकिन 2026 ने इन दोनों रिकॉर्ड्स को पीछे छोड़ दिया। इस सीजन अब तक 1349 छक्के लग चुके हैं। सबसे बड़ा बदलाव सिक्स लगाने की फ्रीक्वेंसी में देखने को मिला। इस सीजन करीब हर 12 गेंद पर एक छक्का लगा, जो IPL इतिहास में सबसे तेज है। 2009 में जहां एक सिक्स के लिए औसतन 26 गेंद लगती थीं, वहीं अब बल्लेबाज लगभग हर दो ओवर में एक सिक्स लगा रहे हैं। इस सीजन पंजाब किंग्स ने लीग स्टेज में सबसे ज्यादा 163 सिक्स लगाए, जबकि सनराइजर्स हैदराबाद ने 162 सिक्स जड़े। IPL इतिहास में एक सीजन में सबसे ज्यादा 178 छक्कों का रिकॉर्ड हैदराबाद के नाम है, जिसे टीम प्लेऑफ में तोड़ सकती है। 6. पहली बार पावरप्ले में रनरेट 10 से ऊपर पहुंचा IPL इतिहास में पहली बार पावरप्ले (1-6 ओवर) का रनरेट 10 के पार पहुंच गया। इससे पहले 2025 में यह 9.60 और 2024 में 9.47 था। 2022 तक किसी भी सीजन में पावरप्ले रनरेट 9 तक नहीं पहुंचा था। इस सीजन का हाईएस्ट पावरप्ले टोटल पंजाब किंग्स के नाम है। टीम ने दिल्ली के खिलाफ शुरुआती 6 ओवर में 116 रन बनाए थे। 7. गेंदबाजों की शामत, पेसर्स-स्पिनर्स दोनों पिटे IPL 2026 का हाई स्कोरिंग ट्रेंड गेंदबाजों पर सबसे भारी पड़ा। यह सीजन स्पिनर्स और पेसर्स, दोनों के लिए सबसे महंगा साबित हुआ। स्पिन गेंदबाजों ने 9.26 की इकोनॉमी से रन दिए, जो IPL इतिहास में सबसे ज्यादा है। इससे पहले 2025 में यह आंकड़ा 8.86 और 2024 में 8.68 था। तेज गेंदबाजों की स्थिति भी ज्यादा अलग नहीं रही। IPL 2026 में पेसर्स की और इकोनॉमी 9.94 रही। यह IPL इतिहास में सबसे खराब हैं। इससे पहले 2025 में पेसर्स की इकॉनमी 9.90 और 2024 में 9.78 थी। इस सीजन लीग स्टेज के टॉप-10 विकेट टेकरों में सिर्फ दो स्पिनर्स शामिल हैं- राशिद खान (19 विकेट) और सुनील नरेन (15 विकेट)। गुजरात के प्लेऑफ में पहुंचने के कारण संभावना है कि सीजन खत्म होने तक राशिद ही टॉप-10 में अकेले स्पिनर बचें। इससे पहले ऐसा सिर्फ 2016 में हुआ था, जब युजवेंद्र चहल टॉप-10 में शामिल अकेले स्पिनर थे। 8. फील्डिंग प्रेशर में, 169 कैच छूटे हाई-स्कोरिंग क्रिकेट का असर सिर्फ गेंदबाजों पर नहीं, बल्कि फील्डिंग पर भी साफ दिखाई दिया। IPL 2025 में रिकॉर्ड 188 कैच छोड़े गए थे, जबकि 2026 में यह संख्या 169 रही। 2022 के बाद लगातार हर सीजन में 148 से ज्यादा कैच छूटे हैं। टीमों के हिसाब से देखें तो इस सीजन सबसे खराब फील्डिंग रिकॉर्ड हैदराबाद का रहा। टीम ने सबसे ज्यादा 26 कैच छोड़े। इसके बाद पंजाब और चेन्नई ने 20-20 कैच ड्रॉप किए।
IPL का क्वालिफायर-1 आज, बेंगलुरु-गुजरात में मुकाबला:जीतने वाली टीम को फाइनल का टिकट, धर्मशाला में 80% बारिश के आसार

IPL 2026 के क्वालिफायर-1 में मंगलवार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और गुजरात टाइटंस (GT) आमने-सामने होंगी। यह मैच धर्मशाला में खेला जाएगा। जीतने वाली टीम सीधे फाइनल में पहुंचेगी। हालांकि, मैच के दिन 80% बारिश के आसार हैं। इस सीजन में RCB की सबसे बड़ी ताकत बल्लेबाजी रही है। GT ने गेंदबाजों के दम पर कई अहम मुकाबले जीते हैं। उसके टॉप-3 बैटर्स भी फॉर्म में हैं। मैच में कोहली को कगिसो रबाडा और पाटीदार को राशिद खान चुनौती देंगे। ट्रेंड के अनुसार पिछले 8 फाइनल क्वालिफायर-1 खेलने वाली टीमों के बीच हुए हैं। सभी क्वालिफायर-1 जीतने वाली टीम के नाम रहे हैं। 2011 से प्लेऑफ सिस्टम आने के बाद 15 में से 12 फाइनल क्वालिफायर-1 जीतने वाली टीमों ने जीते हैं। हेड टु हेड रिकॉर्ड 4-4 से बराबर, दोनों के पास बढ़त का मौका हेड-टु-हेड रिकॉर्ड में बेंगलुरु और गुजरात बराबरी पर हैं। दोनों के बीच अब तक 8 IPL मैच खेले गए हैं। इनमें 4 मैच बेंगलुरु और 4 गुजरात ने जीते हैं। कोई मैच टाई या बेनतीजा नहीं रहा। इस सीजन में दोनों टीमों का दो बार आमना-सामना हुआ है और दोनों ने एक-एक जीत हासिल की है। पिछले मुकाबले को गुजरात ने 4 विकेट से जीता था। उससे पहले बेंगलुरु को 5 विकेट से जीत मिली थी। स्ट्रेंथ एंड वीकनेस बेंगलुरु की बैटिंग मजबूत, अनकैप्ड विदेशी कमजोरी कोहली RCB के टॉप स्कोरर, 4 फिफ्टी लगा चुके कप्तान रजत पाटीदार की कप्तानी में बेंगलुरु ने इस सीजन अटैकिंग बैटिंग के दम पर 8 बार 200 रन का आंकड़ा पार किया है। विराट कोहली टीम के टॉप स्कोरर हैं। वे एक शतक और 4 फिफ्टी के सहारे 557 रन बना चुके हैं। कोहली के अलावा, पडिक्कल ने 3 और कप्तान पाटीदार ने 4 अर्धशतक लगाए हैं। धर्मशाला में वेंकटेश अय्यर ने पंजाब के खिलाफ नाबाद 73 रन बनाकर टीम को जीत दिलाई थी। गेंदबाजी में जोश हेजलवुड और भुवनेश्वर कुमार की जोड़ी ने मजबूती दी है। भुवी टीम के टॉप विकेट टेकर हैं। जैकब बेथेल रनों के लिए स्ट्रगल कर रहे सीजन की शुरुआत में RCB का मिडिल ऑर्डर आक्रामक था, लेकिन लीग स्टेज के दूसरे हाफ में नंबर 4 से 8 तक के बल्लेबाज फ्लॉप रहे हैं। टीम लगातार कोलैप्स झेल रही है। अनकैप्ड और विदेशी खिलाड़ी जैकब बेथेल रनों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। गुजरात की तेज गेंदबाजी मजबूत, फिनिशर्स कमजोर हैं साई सुदर्शन टॉप स्कोरर, रबाडा ने 24 विकेट झटके गुजरात की टीम मजबूत गेंदबाजी और टॉप ऑर्डर के दम पर प्लेऑफ में पहुंची है। दूसरे हाफ में GT की गेंदबाजी उसकी सबसे बड़ी ताकत रही है। कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा ने विरोधी बैटर्स को खूब परेशान किया है। रबाडा 24 विकेट के साथ पर्पल कैप की रेस में हैं। राशिद खान 19 विकेट ले चुके हैं। टीम ने आखिरी लीग मैच में चेन्नई सुपर किंग्स को 89 रन से हराया था। कप्तान शुभमन गिल (616 रन), साई सुदर्शन (638 रन) और जोस बटलर (469 रन) शानदार फॉर्म में हैं। ऑरेंज कैप होल्डर सुदर्शन 7 फिफ्टी लगा चुके हैं। फिनिशर्स और लोअर-मिडल ऑर्डर का फ्लॉप शो शेरफेन रदरफोर्ड के जाने के बाद नंबर 4 और 5 की पोजीशन GT के लिए सिरदर्द बनी हुई है। ग्लेन फिलिप्स और टॉम बैंटन मिले मौकों में निरंतरता नहीं दिखा सके हैं। लोअर ऑर्डर में राहुल तेवतिया और शाहरुख खान पर मैच फिनिश करने का दबाव रहता है। दोनों इस सीजन में काफी इनकंसिस्टेंट रहे हैं। मैच के 4 बड़े मैच-अप वेदर और पिच रिपोर्ट धर्मशाला में बड़े स्कोर की उम्मीद, 80% बारिश के आसार HPCA मैदान पर इस साल खूब रन बने हैं। यहां खेले गए 3 मैचों की 6 पारियों में से 5 में 200 या उससे ज्यादा का स्कोर बना है। तीनों मैच में टॉस जीतने वाली टीम ने पहले गेंदबाजी कर टारगेट चेज किया। धर्मशाला में मंगलवार को 80% बारिश के आसार हैं। अगर क्वालिफायर-1 बारिश में धुलता है, तो बेंगलुरु बिना खेले फाइनल में पहुंच जाएगी, क्योंकि वह लीग स्टेज के बाद टॉप पर थी। पॉसिबल प्लेइंग-11 ———————————————————–
IPL का क्वालिफायर-1 आज, बेंगलुरु-गुजरात में मुकाबला:जीतने वाली टीम फाइनल में पहुंचेगी, धर्मशाला में 80% बारिश के आसार

IPL 2026 के क्वालिफायर-1 में मंगलवार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और गुजरात टाइटंस (GT) आमने-सामने होंगी। यह मैच धर्मशाला में खेला जाएगा। जीतने वाली टीम सीधे फाइनल में पहुंचेगी। हालांकि बारिश होने के 80% आसार हैं। इस मैच को जीतने वाली टीम के चैंपियन बनने की संभावना ज्यादा होगी क्योंकि 2011 से प्लेऑफ सिस्टम आने के बाद 15 में से 12 फाइनल क्वालिफायर-1 जीतने वाली टीमों ने जीते हैं। हेड टु हेड रिकॉर्ड 4-4 से बराबर, दोनों के पास बढ़त का मौका हेड-टु-हेड रिकॉर्ड में बेंगलुरु और गुजरात बराबरी पर हैं। दोनों के बीच अब तक 8 IPL मैच खेले गए हैं। इनमें 4 मैच बेंगलुरु और 4 गुजरात ने जीते हैं। कोई मैच टाई या बेनतीजा नहीं रहा। इस सीजन में दोनों टीमों का दो बार आमना-सामना हुआ है और दोनों ने एक-एक जीत हासिल की है। पिछले मुकाबले को गुजरात ने 4 विकेट से जीता था। उससे पहले बेंगलुरु को 5 विकेट से जीत मिली थी। स्ट्रेंथ एंड वीकनेस बेंगलुरु की बैटिंग मजबूत, अनकैप्ड विदेशी कमजोरी कोहली RCB के टॉप स्कोरर, 4 फिफ्टी लगा चुके कप्तान रजत पाटीदार की कप्तानी में बेंगलुरु ने इस सीजन अटैकिंग बैटिंग के दम पर 8 बार 200 रन का आंकड़ा पार किया है। विराट कोहली टीम के टॉप स्कोरर हैं। वे एक शतक और 4 फिफ्टी के सहारे 557 रन बना चुके हैं। कोहली के अलावा, पडिक्कल ने 3 और कप्तान पाटीदार ने 4 अर्धशतक लगाए हैं। धर्मशाला में वेंकटेश अय्यर ने पंजाब के खिलाफ नाबाद 73 रन बनाकर टीम को जीत दिलाई थी। गेंदबाजी में जोश हेजलवुड और भुवनेश्वर कुमार की जोड़ी ने मजबूती दी है। भुवी टीम के टॉप विकेट टेकर हैं। जैकब बेथेल रनों के लिए स्ट्रगल कर रहे सीजन की शुरुआत में RCB का मिडिल ऑर्डर आक्रामक था, लेकिन लीग स्टेज के दूसरे हाफ में नंबर 4 से 8 तक के बल्लेबाज फ्लॉप रहे हैं। टीम लगातार कोलैप्स झेल रही है। अनकैप्ड और विदेशी खिलाड़ी जैकब बेथेल रनों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। गुजरात की तेज गेंदबाजी मजबूत, फिनिशर्स कमजोर हैं साई सुदर्शन टॉप स्कोरर, रबाडा ने 24 विकेट झटके गुजरात की टीम मजबूत गेंदबाजी और टॉप ऑर्डर के दम पर प्लेऑफ में पहुंची है। दूसरे हाफ में GT की गेंदबाजी उसकी सबसे बड़ी ताकत रही है। कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा ने विरोधी बैटर्स को खूब परेशान किया है। रबाडा 24 विकेट के साथ पर्पल कैप की रेस में हैं। राशिद खान 19 विकेट ले चुके हैं। टीम ने आखिरी लीग मैच में चेन्नई सुपर किंग्स को 89 रन से हराया था। कप्तान शुभमन गिल (616 रन), साई सुदर्शन (638 रन) और जोस बटलर (469 रन) शानदार फॉर्म में हैं। ऑरेंज कैप होल्डर सुदर्शन 7 फिफ्टी लगा चुके हैं। फिनिशर्स और लोअर-मिडल ऑर्डर का फ्लॉप शो शेरफेन रदरफोर्ड के जाने के बाद नंबर 4 और 5 की पोजीशन GT के लिए सिरदर्द बनी हुई है। ग्लेन फिलिप्स और टॉम बैंटन मिले मौकों में निरंतरता नहीं दिखा सके हैं। लोअर ऑर्डर में राहुल तेवतिया और शाहरुख खान पर मैच फिनिश करने का दबाव रहता है। दोनों इस सीजन में काफी इनकंसिस्टेंट रहे हैं। मैच के 4 बड़े मैच-अप वेदर और पिच रिपोर्ट 6 में से 5 पारियों में 200+ का स्कोर बनाया HPCA मैदान पर इस साल खूब रन बने हैं। यहां खेले गए 3 मैचों की 6 पारियों में से 5 में 200 या उससे ज्यादा का स्कोर बना है। तीनों मैच में टॉस जीतने वाली टीम ने पहले गेंदबाजी कर टारगेट चेज किया। धर्मशाला में मंगलवार को 80% बारिश के आसार हैं। अगर क्वालिफायर-1 बारिश में धुलता है, तो बेंगलुरु बिना खेले फाइनल में पहुंच जाएगी, क्योंकि वह लीग स्टेज के बाद पॉइंट्स टेबल में टॉप पर थी। पॉसिबल प्लेइंग-12 ———————————————————– IPL से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… ऐसा IPL पहले नहीं देखा; एक सीजन में 61 बार 200 का स्कोर, पहली बार 1300 छक्के लीग स्टेज खत्म होते-होते IPL 2026 रनरेट, सिक्सर्स और 200 से ऊपर के स्कोर के मामलों में अब तक का सबसे बड़ा सीजन बन गया है। 70 मैचों में ही 61 बार 200 या इससे ज्यादा का स्कोर बन चुका है। शुरुआती 9 सीजन- 2008 से 2016 तक हुए 538 मैचों में 57 बार ही 200+ का स्कोर बना था। आगे ऐसे ही 8 ट्रेंड्स के बारे में डिटेल में जानिए, जो साबित करते हैं कि ऐसा IPL अब तक नहीं हुआ…पढ़ें पूरी खबर
गूलर की सब्जी रेसिपी: मटन-चिकन भी है फेल गूलर की ये लाजवाब सब्जी, बेहद आसान है बनाना; नोट करें रेसिपी

25 मई 2026 को 23:33 IST पर अद्यतन किया गया अगर आप मटन और चिकन के शौकीन हैं, लेकिन कुछ शाकाहारी और बेहद लाजवाब टोकरा बनाना चाहते हैं, तो गूलर की सब्जी एक बेहतरीन विकल्प है। स्वाद में मजबूती और स्वास्थ्य के गुण से भरपूर यह सब्जी इतनी स्वादिष्ट है कि इसके आगे नॉनवेज का स्वाद भी लाजवाब लगता है। सबसे अच्छी बात यह है कि इसे बनाना बेहद आसान है। आइए जानते हैं। अनुसरण करना : गुलर एक ऐसा जंगली फल है जिसे आयुर्वेद में औषधियों और रसोई में ‘शाकाहारी मीट’ माना जाता है। जब इसे सही पाउडर के साथ बनाया जाता है, तो इसका स्वाद और मजबूत बिल्कुल मटन या चिकन जैसा लगता है। छवि: इंस्टाग्राम सामग्री – हल्दी, हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर, प्याज, अदरक और लहसुन का पेस्ट, हल्दी का तेल, तेज पत्ते, लौंग और जीरा आदि। छवि: इंस्टाग्राम गूलर के ऊपरी सिरों को काट लें और बीच से दो दिशाओं में बांटें। अंदर के बीज और रेशों को चाकू से साफ कर लें। साफ गूलर को सॉसेज में सादा पानी और नमक के साथ 1-2 शहर तक नमक डालें। छवि: इंस्टाग्राम मसाले में मसाले का तेल गरम कीजिये. इसमें तेज पत्ता और लौंग डाला गया। अब तरबूज़ कटा प्याज़ और अदरक-लहसुन का पेस्टस्टैंडम सुगंध तक। छवि: इंस्टाग्राम मसाले का मसाला हल्दी, काली मिर्च, धनिया और तब तक मसाला जब तक मसाला तेल न छोड़ दे। यही इस सब्जी के असली स्वाद का राज है। छवि: इंस्टाग्राम भुने हुए मरे हुए में घुले हुए गूलर और 2-3 मिनट तक साथ में मिलाए। आवश्यकतानुसार उपयुक्त पानी यांत्रिक यांत्रिकी 5 मिनट की दूरी पर। गर्म मसाला। गूलर की सब्जी तैयार। छवि: इंस्टाग्राम द्वारा प्रकाशित: आर्या पांडे प्रकाशित 25 मई 2026 23:33 IST पर
101 पार्षदों के इस्तीफे से तृणमूल नगर निगम के गढ़ों में दरारें गहरी | कोलकाता-समाचार समाचार

आखरी अपडेट:25 मई, 2026, 23:10 IST टीएमसी को उथल-पुथल का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि 101 पार्षदों ने इस्तीफा दे दिया है और पूरे पश्चिम बंगाल में 17 नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया है, अभिषेक बनर्जी के गढ़ डायमंड हार्बर में अशांति के कारण आंतरिक दरारें दिखाई दे रही हैं। टीएमसी को उथल-पुथल का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि 101 पार्षदों ने इस्तीफा दे दिया है और पूरे पश्चिम बंगाल में 17 नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया है, डायमंड हार्बर में अशांति ने अभिषेक बनर्जी और पार्टी की एकता पर सवाल उठाए हैं। (छवि: पीटीआई) पश्चिम बंगाल में कई नगर पालिकाओं में 101 पार्षदों के कथित तौर पर इस्तीफा देने के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को जमीनी स्तर पर बढ़ती अशांति का सामना करना पड़ रहा है, जबकि जबरन वसूली से लेकर भ्रष्टाचार तक के आरोपों के बीच हाल के हफ्तों में 17 पार्षदों और स्थानीय नेताओं को गिरफ्तार किया गया है। ताजा राजनीतिक ड्रामा सोमवार को डायमंड हार्बर नगर पालिका में सामने आया, जहां आठ टीएमसी पार्षदों ने एक साथ इस्तीफा पत्र सौंपा, जिससे ध्यान आकर्षित हुआ क्योंकि यह क्षेत्र टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी का राजनीतिक गढ़ माना जाता है। विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद तृणमूल नियंत्रित नगर निकायों के भीतर आंतरिक विद्रोह, दलबदल और अशांति की खबरों के बीच ये इस्तीफे आए हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस्तीफों की सूचना मिली है: उत्तरी बैरकपुर नगर पालिका – 15 पार्षद गारुलिया नगर पालिका – 18 पार्षद कोंताई नगर पालिका – 14 पार्षद हलिसहर नगर पालिका – 16 पार्षद भाटपारा नगर पालिका – 30 पार्षद डायमंड हार्बर नगर पालिका – 8 पार्षद कुल रिपोर्ट किए गए इस्तीफे: 101 पार्षद वहीं, सूत्र बताते हैं कि पूरे बंगाल में अब तक पार्टी से जुड़े 17 पार्षदों और स्थानीय नेताओं को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिससे संगठन पर दबाव बढ़ गया है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि घटनाक्रम तृणमूल के स्थानीय नेतृत्व ढांचे के भीतर बढ़ती दरार की ओर इशारा करता है, खासकर शहरी नगर निकायों में जहां चुनाव में हार के बाद असंतोष उभरता दिख रहा है। डायमंड हार्बर के घटनाक्रम ने अतिरिक्त जांच की है, विश्लेषकों का तर्क है कि अभिषेक बनर्जी से जुड़े क्षेत्र में अशांति के संकेत गहरे संगठनात्मक तनाव को दर्शाते हैं। पर्यवेक्षकों ने इस्तीफों और असंतोष को जबरन वसूली, भ्रष्टाचार और स्थानीय सिंडिकेट राजनीति के आरोपों पर जनता की नाराजगी से जोड़ा है, ये मुद्दे राज्य के कुछ हिस्सों में राजनीतिक रूप से संवेदनशील बने हुए हैं। निलंबित पूर्व टीएमसी प्रवक्ता रिजु दत्ता ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए दावा किया कि पार्टी “ताश के पत्तों की तरह ढह रही है” क्योंकि नगर पालिकाओं में पार्षदों ने इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफों की लहर पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, भाजपा नेता अग्निमित्र पॉल ने दिवंगत पार्षदों की आलोचना की और सार्वजनिक सेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पर सवाल उठाया। पॉल ने कहा, “इससे साफ पता चलता है कि वे कितने गैर-जिम्मेदार हैं कि जब उन्हें लोगों के साथ रहना था तो उन्होंने इस तरह का व्यवहार किया।” इस बीच, दल-बदल और अशांति पर बढ़ती चिंता के बीच, पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कथित तौर पर बिधाननगर, दम दम और बारानगर सहित कई नगर निकायों के पार्षदों के साथ बैठक की। सूत्रों के मुताबिक, बनर्जी ने पार्टी सदस्यों को सख्त संदेश देते हुए कहा, “हमें ऐसे कार्यकर्ताओं की जरूरत नहीं है जो केवल पार्टी जीतने पर रुकते हैं और हार के बाद चले जाते हैं।” सूत्रों ने यह भी दावा किया कि टीएमसी नेतृत्व ने चिंता जताई कि कुछ पार्षदों को अवैध रूप से हिरासत में लिया जा रहा है, और कहा कि कानूनी विकल्प तलाशे जा रहे हैं। विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद इस्तीफे और गिरफ्तारियां तृणमूल के नगरपालिका नेटवर्क के भीतर तनाव के सबसे स्पष्ट संकेतों में से एक हैं, पूरे बंगाल में राजनीतिक गिरावट जारी है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)तृणमूल कांग्रेस के पार्षद का इस्तीफा(टी)टीएमसी संकट पश्चिम बंगाल(टी)डायमंड हार्बर नगर पालिका(टी)अभिषेक बनर्जी का गढ़(टी)पश्चिम बंगाल नगरपालिका राजनीति(टी)टीएमसी भ्रष्टाचार के आरोप(टी)पार्षद की गिरफ्तारी बंगाल(टी)आंतरिक विद्रोह टीएमसी
लौकी वाले दही के कबाब रेसिपी: घर में बनी लौकी वाले दही के कबाब, बाजार में नहीं मिलेगा ऐसा स्वाद; स्वास्थ्य भी रहेगी बनी रहेगी

लौकी वाले दही के कबाब बनाने की सामग्री: 1 कप कद्दू के टुकड़े, 1 कप कद्दू के टुकड़े, 1 कप आलू के टुकड़े, 1/2 कप कद्दू के टुकड़े, 2 बड़े बेसन, 1 हरी मिर्ची कटी हुई छवि: फ्रीपिक 1 छोटा मोगा अदरक पेस्ट, 1/2 छोटा हरा धनिया, 1/2 छोटा मोगा जीरा, 1/2 छोटा मोगा लाल मिर्च पाउडर, 1/2 छोटा मोगा गरम मसाला, स्वाद नमक, तेल छवि: एआई सबसे पहले लोकी को कद्दू कर लें। अब इसे 2-3 मिनट में पैन में सा फ्रेम लें। इसके बाद लोकी का अतिरिक्त पानी अच्छे से डिजाइन किया गया। छवि: इंस्टाग्राम दही को एक कपड़े में 15-20 मिनट के लिए टांग दें, ताकि उसका अतिरिक्त पानी निकल जाए। इससे कबाब बढ़िया मॉडल और टूटेंगे नहीं। छवि: फ्रीपिक एक बड़े बाउल में लोकी, बेसन, बेडर क्रैम्ब्स, हरी मिर्च, अदरक, हरा धनिया और सभी टुकड़ों में कटे हुए आलू, बेसन, ब्रेड क्रम्ब्स और सभी टुकड़ों के टुकड़े शामिल हैं। छवि: फ्रीपिक अब तैयार करें मिक्स से छोटे-छोटे कबाब लें। यदि मिश्रण में अधिक प्राकृतिक लगे तो छोटे बेडरे क्रम्ब्स और मिलाये जा सकते हैं। इसका स्वाद ऐसा होगा कि हर कोई आपका सितारा बन जाएगा। छवि: एआई तवा गर्म करें और थोड़ा सा तेल या घी डालें। अब कबाब को दोनों तरफ से सुनहरा और क्रिस्पी होने तक सेक लें। छवि: एआई गरमा-गरम लौकी वाले दही के कबाब को हरी चटनी, टमाटर सॉस या दही की डिप के साथ सर्व करें। शाम की चाय का स्वाद और भी बढ़ जाता है। छवि: एआई लोकी और दही दोनों ही शरीर को ठंडक देने का काम करते हैं। तेल का उपयोग होता है, इसलिए ग्रेडिएंट बैस्ट है। बच्चों के लिए लोकी स्वादिष्ट का स्वादिष्ट तरीका हो सकता है। छवि: फ्रीपिक समरसाइन में डिस्प्ले और टेस्टी पोजीशन बन सकती है। अगर आप मशीनरी और अलग-अलग स्वाद वाली रेसिपी स्ट्रेंथ बनाना चाहते हैं, तो इस बार घर में लोकी वाले दही के कबाब जरूर बनाएं। छवि: सोशल मीडिया
‘तुमी’ बनाम ‘आपणी’: सुवेंदु अधिकारी की डिनर डिप्लोमेसी बंगाल की नौकरशाही में बदलाव का संकेत | भारत समाचार

आखरी अपडेट:25 मई, 2026, 21:08 IST सोमवार के रात्रि भोज को महज एक शिष्टाचार मुलाकात से कहीं ज्यादा देखा जा रहा है. इसे सुवेंदु अधिकारी द्वारा एक अलग प्रशासनिक संस्कृति पेश करने के प्रतीकात्मक प्रयास के रूप में भी देखा जा रहा है। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के कोलकाता में भाजपा कार्यालय में ‘जनता दरबार’ कार्यक्रम के दौरान लोगों से बातचीत की। (छवि: पीटीआई फ़ाइल) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी सोमवार शाम को कोलकाता में राज्य और केंद्र सरकार के अधिकारियों के लिए रात्रिभोज की मेजबानी करने के लिए तैयार हैं, जिसे एक प्रशासनिक आउटरीच अभ्यास और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से जुड़ी शासन शैली से एक प्रतीकात्मक विराम के रूप में देखा जा रहा है। अलीपुर के सौजन्या सभागार में आयोजित रात्रिभोज, बंगाल के राजनीतिक और नौकरशाही हलकों में बढ़ती चर्चा के बीच हो रहा है, जिसे कई अंदरूनी सूत्र ममता बनर्जी की जुझारू सार्वजनिक शैली से नौकरशाहों के प्रति सुवेंदु अधिकारी के अधिक औपचारिक और सुलहपूर्ण दृष्टिकोण में बदलाव के रूप में वर्णित करते हैं। घटना के इर्द-गिर्द राजनीतिक संदेश केवल नीति समन्वय के बारे में नहीं है। यह भाषा और स्वर के बारे में भी है। न्यूज18 बांग्ला से बात करने वाले नबन्ना के सूत्रों के अनुसार, अधिकारी ने अधिकारियों से कहा है कि वह आधिकारिक बैठकों के दौरान सार्वजनिक रूप से नौकरशाहों को नाम से संबोधित करने की प्रथा को समाप्त करना चाहते हैं और इसके बजाय औपचारिक प्रशासनिक शिष्टाचार बनाए रखना चाहते हैं। जबकि ममता बनर्जी टेलीविज़न समीक्षा बैठकों के दौरान अधिकारियों को संबोधित करते समय अनौपचारिक बंगाली शब्द “तुमी” का उपयोग करने के लिए जानी जाती थीं, अधिकारियों का कहना है कि अधिकारी ने वरिष्ठ नौकरशाहों के साथ बातचीत करते समय जानबूझकर अधिक औपचारिक “आपनी” को अपनाया है। बंगाली में, दोनों शब्दों का अर्थ “आप” है, लेकिन “आपणी” अधिक सम्मानजनक और औपचारिक स्वर रखता है। विरोधाभास एक चर्चा का विषय बन गया है क्योंकि बनर्जी की प्रशासनिक बैठकें अक्सर सार्वजनिक जवाबदेही सत्र के रूप में दोगुनी हो जाती हैं, जिसमें जिला मजिस्ट्रेटों, पुलिस अधिकारियों और विभाग प्रमुखों को टेलीविजन पर लाइव फटकार लगाई जाती है। 2022 की शुरुआत में पुरुलिया में एक प्रशासनिक बैठक में, ममता बनर्जी ने ईंट भट्ठा राजस्व संग्रह में भ्रष्टाचार और विसंगतियों से जुड़े आरोपों पर जिला मजिस्ट्रेट राहुल मजूमदार से तीखी पूछताछ की। “आप जिला कैसे चला रहे हैं?” उन्होंने बैठक के दौरान पूछा, साथ ही चेतावनी दी कि मामले की जांच की जरूरत है। शासन की उनकी शैली ने लंबे समय तक एक व्यावहारिक “आयरन लेडी” मुख्यमंत्री की छवि पेश की थी, जो देरी, भ्रष्टाचार के आरोपों या प्रशासनिक विफलताओं पर सार्वजनिक रूप से अधिकारियों की खिंचाई करने को तैयार थी। उनके कार्यकाल के दौरान इसी तरह के दृश्य बार-बार सामने आए थे। 2017 में ऐसी ही एक प्रशासनिक समीक्षा बैठक में, उन्होंने उत्तर 24 परगना में एक जहाज निर्माण इकाई के पास अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कथित निष्क्रियता को लेकर टीटागढ़ पुलिस स्टेशन के प्रभारी निरीक्षक को सार्वजनिक रूप से फटकार लगाई थी। उन बैठकों का बंगाली समाचार चैनलों पर सीधा प्रसारण किया गया, जिसमें अक्सर शीर्ष नौकरशाहों, जिला अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों से टेलीविजन कैमरों के सामने मुख्यमंत्री द्वारा सीधे पूछताछ की जाती थी। समर्थकों ने इसे कार्रवाई में जवाबदेही के रूप में देखा। हालाँकि, आलोचकों ने तर्क दिया कि इससे नौकरशाही के भीतर भय का माहौल पैदा हो गया। न्यूज18 बांग्ला के हवाले से अधिकारियों का कहना है कि अधिकारी नौकरशाहों को यह आश्वासन देकर उस माहौल को बदलने का प्रयास कर रहे हैं कि वे “बिना किसी डर के” काम कर सकते हैं। सूत्रों ने कहा कि मुख्यमंत्री ने राज्य और केंद्र सरकार के विभागों के बीच सहज समन्वय की आवश्यकता पर भी जोर दिया है, खासकर यह घोषणा करने के बाद कि सभी केंद्रीय कल्याण योजनाएं बंगाल में लागू की जाएंगी। ऐसे में सोमवार के रात्रि भोज को महज एक शिष्टाचार मुलाकात से कहीं ज्यादा देखा जा रहा है। इसे सुवेंदु अधिकारी द्वारा एक अलग प्रशासनिक संस्कृति पेश करने के प्रतीकात्मक प्रयास के रूप में भी देखा जा रहा है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया ‘तुमी’ बनाम ‘आपणी’: सुवेंदु अधिकारी की डिनर डिप्लोमेसी बंगाल की नौकरशाही में बदलाव का संकेत अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट) सुवेंदु अधिकारी की प्रशासनिक शैली(टी)पश्चिम बंगाल की राजनीति(टी)ममता बनर्जी शासन(टी)नौकरशाही आउटरीच कोलकाता(टी)सौजन्या सभागार रात्रिभोज(टी)नबन्ना अधिकारियों की बैठक(टी)औपचारिक स्वर अपनी(टी)बंगाल नौकरशाही का डर









