RCB और गुजरात टाइटंस धर्मशाला में भिड़ेंगे:IPL क्वालीफायर मुकाबला आज शाम 7:30 बजे, गेंदबाजों को मिलेगी मदद

धर्मशाला में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और गुजरात टाइटंस (GT) के बीच इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का पहला क्वालीफायर मुकाबला मंगलवार शाम 7:30 बजे खेला जाएगा। यह महत्वपूर्ण नॉकआउट मैच हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (HPCA) स्टेडियम में होगा। सोमवार शाम को दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने मैदान पर अभ्यास किया। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली सोमवार शाम 4:30 बजे स्टेडियम पहुंचे। उन्होंने मैदान पर हल्की एक्सरसाइज और वार्म-अप किया। इसके बाद कोहली ने फिटनेस सेशन के तहत स्टेडियम के दो चक्कर लगाए। नेट प्रैक्टिस से पहले विराट कोहली अपनी टीम के अन्य खिलाड़ियों के साथ फुटबॉल खेलते नजर आए। इस दौरान टीम के सदस्यों ने रणनीति पर भी चर्चा की। गुजरात टाइटंस के खिलाड़ियों ने भी शाम के सत्र में फ्लड लाइट्स के तहत अभ्यास किया। ठंडी हवाओं के कारण स्विंग मिलेगी धर्मशाला की पिच अपनी रफ्तार और उछाल के लिए जानी जाती है। शुरुआती ओवरों में धौलाधार की ठंडी हवाओं के कारण तेज गेंदबाजों को स्विंग मिलने की संभावना है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के मोहम्मद सिराज और गुजरात टाइटंस के तेज गेंदबाजों के बीच पावरप्ले में मुकाबला देखने को मिल सकता है। मैच शाम 7:30 बजे शुरू होने के कारण दूसरी पारी में ओस एक महत्वपूर्ण कारक हो सकती है। इसलिए, टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी करना पसंद कर सकती है, क्योंकि बाद में बल्लेबाजी करना आसान हो सकता है। मौसम का मिजाज: शाम को बढ़ेगी ठिठुरन मैच के दौरान धर्मशाला का मौसम खिलाड़ियों और प्रशंसकों के लिए सुखद रहेगा, लेकिन रात होते-होते तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। तापमान: मैच की शुरुआत (शाम 7:30 बजे) के समय तापमान 22^circtext{C} के आसपास रहेगा, जो रात ढलने के साथ गिरकर 16^circtext{C} तक पहुंच सकता है। खिलाड़ियों को हल्की ठंड का सामना करना पड़ेगा। बारिश की आशंका: मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को आसमान पूरी तरह साफ रहेगा। बारिश की कोई आशंका नहीं है, जिससे दर्शकों को पूरे 40 ओवर का बिना किसी रुकावट के रोमांच देखने को मिलेगा। X-फैक्टर और संभावित प्लेइंग इलेवन बड़ी टक्कर: यह मुकाबला आरसीबी की आक्रामक बल्लेबाजी और गुजरात टाइटंस के संतुलित ऑलराउंडर प्रदर्शन के बीच है। जो भी टीम इस दबाव वाले मैच को जीतेगी, वह सीधे फाइनल का टिकट कटाएगी। संभावित टीमें: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB): विराट कोहली, फाफ डु प्लेसिस, रजत पाटीदार, ग्लेन मैक्सवेल, कैमरन ग्रीन, दिनेश कार्तिक (विकेटकीपर), महिपाल लोमरोर, मयंक डागर, मोहम्मद सिराज, रीस टोपली, यश दयाल। गुजरात टाइटंस (GT): शुभमन गिल (कप्तान), रिद्धिमान साहा (विकेटकीपर), साई सुदर्शन, डेविड मिलर, अजमतुल्लाह उमरजई, राहुल तेवतिया, राशिद खान, नूर अहमद, मोहित शर्मा, उमेश यादव, संदीप वारियर।
‘राजनीतिक अस्पष्टता शासन को प्रभावित करती है’: परमेश्वर ने कांग्रेस से नेतृत्व की अनिश्चितता समाप्त करने का आग्रह किया | भारत समाचार

आखरी अपडेट:25 मई, 2026, 20:45 IST सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार सहित कर्नाटक कांग्रेस के नेताओं ने भविष्य के नेतृत्व की अटकलों और राजनीतिक अस्पष्टता को समाप्त करने के आह्वान के बीच दिल्ली में पार्टी आलाकमान से मुलाकात की। कर्नाटक जी परमेश्वर ने मीडिया से बात की. मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार सहित कर्नाटक कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने गुरुवार को नई दिल्ली की यात्रा की, जिससे पार्टी के भीतर आंतरिक चर्चा और राज्य में नेतृत्व को लेकर लंबे समय से चल रही बहस पर अटकलें तेज हो गईं। इस यात्रा ने नए सिरे से ध्यान आकर्षित किया जब गृह मंत्री जी परमेश्वर ने सार्वजनिक रूप से कांग्रेस के भीतर अनिश्चितता पर चिंताओं को स्वीकार करते हुए कहा कि लंबे समय तक राजनीतिक अस्पष्टता शासन को प्रभावित कर रही थी। परमेश्वर ने सिद्धारमैया के साथ दिल्ली रवाना होने से पहले कहा, “मैंने हमेशा कहा है कि पार्टी में राजनीतिक भ्रम प्रशासन को प्रभावित करता है।” वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा कि वह फिर से पार्टी नेतृत्व से अस्पष्टता दूर करने का आग्रह करेंगे। उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि हमारी पार्टी में कोई राजनीतिक अस्पष्टता नहीं होनी चाहिए। यह प्रशासन को प्रभावित करती है। इसलिए अगर इसका समाधान हो जाता है तो यह राज्य और लोगों के हित में है।” परमेश्वर ने आगे कहा कि दिल्ली की यात्रा करने वाले नेता सटीक एजेंडे से अनजान थे, लेकिन उन्हें उम्मीद थी कि कांग्रेस आलाकमान के साथ चर्चा से चल रही अटकलें खत्म हो जाएंगी। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के साथ मंत्री जी परमेश्वर, केजे जॉर्ज, एचसी महादेवप्पा, एमबी पाटिल और बिरथी सुरेश भी थे, जबकि डीके शिवकुमार अलग से दिल्ली के लिए रवाना हुए। कांग्रेस नेता डीके सुरेश और मंत्री प्रियांक खड़गे पहले से ही राष्ट्रीय राजधानी में हैं। यह घटनाक्रम कर्नाटक के भविष्य के नेतृत्व पर लगातार चल रही अटकलों की पृष्ठभूमि में आया है। शिवकुमार पहले इस सवाल का सीधे जवाब देने से बचते रहे हैं कि क्या उन्हें मुख्यमंत्री बनने की उम्मीद है, उन्होंने केवल इतना कहा कि इस सवाल का जवाब “समय देगा”। इस बीच, परमेश्वर ने पहले शिवकुमार की मुख्यमंत्री पद की महत्वाकांक्षाओं को “स्वाभाविक” बताया था, जबकि उन्होंने कहा था कि अंतिम निर्णय कांग्रेस आलाकमान का है। नेतृत्व की चर्चा तब और बढ़ गई जब सहकारिता मंत्री केएन राजन्ना ने हाल ही में तर्क दिया कि यदि सिद्धारमैया को कभी भी बदला जाता है, तो परमेश्वर को मुख्यमंत्री पद के लिए विचार किया जाना चाहिए, जिससे कर्नाटक कांग्रेस के आंतरिक शक्ति समीकरण में एक और नाम जुड़ जाएगा। राजन्ना की टिप्पणियों ने राजनीतिक बहस छेड़ दी क्योंकि वे पार्टी के भीतर उत्तराधिकार और जाति प्रतिनिधित्व को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच परमेश्वर को एक वैकल्पिक दावेदार के रूप में पेश करते दिखे। कांग्रेस नेतृत्व ने बार-बार किसी भी मतभेद से इनकार किया है और कहा है कि सिद्धारमैया मुख्यमंत्री बने रहेंगे। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया ‘राजनीतिक अस्पष्टता शासन को प्रभावित करती है’: परमेश्वर ने कांग्रेस से नेतृत्व की अनिश्चितता खत्म करने का आग्रह किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)कर्नाटक कांग्रेस नेतृत्व(टी)कर्नाटक राजनीतिक संकट(टी)सिद्धारमैया नेतृत्व(टी)डीके शिवकुमार की महत्वाकांक्षाएं(टी)जी परमेश्वर की टिप्पणी(टी)कांग्रेस आलाकमान दिल्ली(टी)कर्नाटक के मुख्यमंत्री बहस(टी)आंतरिक पार्टी चर्चा
खाने के बाद पेट में जलन: कुछ भी भूखा-प्यासा होने पर होती है जलन? आज ही से करें रूटीन में ये बदलाव, आप आरक्षित श्रेणी

खाने के बाद सीने में जलन से कैसे बचें: क्या आपके साथ भी ऐसा होता है कि मनपसंद खाना खाने के तुरंत बाद सीने या गले में तेज जलन हो जाती है? खट्टी डकारें आना, पेट फूलना और ख़राब महसूस होना। भारी प्रतिस्पर्धा जीवन में यह एक अत्यंत आम समस्या बन गई है। इसे हम अक्सर एसिडिटी या हार्टबर्न कहते हैं। ज़्यादातर लोग इस जलन को शांत करने के लिए तुरंत कोई एंटासिड या दवा खा लेते हैं, लेकिन स्वास्थ्य के लिए रोज़-रोज़ दवा खाना ठीक नहीं है। वास्तविक समस्या हमारी लाइफस्टाइल और स्टेटस के गलत अनसुने में छुपी है। अगर आप भी इस परेशानी से रोज बचते हैं तो अपनी डेली रूटीन में आज ही से करें ये छोटे-छोटे बदलाव। दांत में जलन से बचने के लिए लाइफस्टाइल में करें ये बदलाव खाने के तुरंत बाद लेटने की आदत को नजरअंदाज कर दिया गया लोग अक्सर रात का भारी खाना खाने के तुरंत बाद पलकों पर लेट जाते हैं। ऐसा करने से पेट का एसिड वापस खाने की नली की तरफ दिखने लगता है, सीने में तेज जलन होती है। खाना खाएं और सोने के बीच कम से कम 2 से 3 घंटे का गैप जरूर रखें। खाने के बाद 10-15 मिनट वॉक करने की आदत डालें। एक बार में पेटू रेस्तरां नहीं जब हम एक ही बार में बहुत ज्यादा खाना खाते हैं, तो इसे पचाने के लिए पेट को ज्यादा मेहनत करना पड़ता है और ज्यादा एसिड बनता है। 3 बार बहुत ज्यादा खाने के बजाय 5-6 बार थोड़ा-थोड़ा स्थिर। इससे पाचन तंत्र पर एक साथ दबाव नहीं पड़ता। खाना हमेशा चबा-चबाकर स्थिर पेट में खाना खाने से पेट में हवा भी चली जाती है और खाना ठीक से पच नहीं पाता। पाचन की प्रक्रिया हमारे मुँह से ही शुरू होती है। हर निवाले को कम से कम 20-30 बार चौबें। इससे आसानी से पचेगा और एसिडिटी का खतरा कम होगा। पैकेज और तेल खाने से प्रस्थान बहुत अधिक मात्रा में तीखा, ताल-भूना और पेट में दर्द होना जलन का सबसे बड़ा कारण है। इसके अलावा खाली पेट चाय या कॉफ़ी पीने से भी गैस मिलती है। अपने समग्र में सादा और घर का बना खाना शामिल करें। कैफीन, अक्रिय फल जैसे सेंट्रा, नींबू और बहुत सारे टमाटर खाने से बचते हैं, विशेष रूप से रात के वक्त अवॉयड ही करें। पानी पीने का सही तरीका अपनाएँ वैज्ञानिक आवश्यकताएं आवश्यक हैं, लेकिन खाना पकाने के ठीक बीच में या तुरंत बाद बहुत सारा पानी पी लेने से पाचन रस साध्य हो जाता है, जिससे खाना पचने में परेशानी होती है। खाना खाने के एक घंटे पहले और खाना खाने के करीब एक घंटे बाद ही पानी पिएं। राहत पाने के लिए सामान में शामिल करें ये चीजें यदि आपको बार-बार जलन की शिकायत रहती है, तो अपनी दिनचर्या का हिस्सा कुछ न कुछ जरूर बताएं। सौंफ का पानी: खाना खाने के बाद हल्की सी सौंफ चौबाएं या इसका पानी पंप। यह पेट को ठंडक देता है। ठंडा दूध: छाती में जलन पर आधा पिज्जा घूंट में रखा होना ठंडा दूध घूंट-घूंट करके पिएं। इससे तुरंत आराम मिलता है। केला और पपीता: ये फल एसिडिटी को कम करने में सहायक होते हैं। नारियल पानी: यह शरीर की संरचना को संतुलित करता है और पेट की गर्मी को शांत करता है। त्वचा में जलन कोई ऐसी बीमारी नहीं है जिसे ठीक न किया जा सके। अपने स्वभाव और स्वाद में थोड़ा सा विशेष पहलू आप इस समस्या को हमेशा के लिए बाय-बाय कह सकते हैं। यह अवश्य पढ़ें: प्रोसेस्ड फ़ूड: रोज़ खा रहे हैं खटाई वाली खाने की चीज़ें? जान लें इसके नुकसान, स्वास्थ्य देखभाल से जुड़े लाभ हाथ में हो सकते हैं अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए तरीके, तरीके और दावे अलग-अलग विद्वानों पर आधारित हैं। रिपब्लिक भारत लेख में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं किया गया है। किसी भी उपचार और सुझाव को पहले डॉक्टर या डॉक्टर की सलाह से अवश्य लें।
ध्रुव राठी पर भड़कीं अनुपमा फेम एक्ट्रेस:PM मोदी पर दिए बयान पर नाराजगी जताई; कहा- देश को विदेश में बैठे यूट्यूबर की जरूरत नहीं

टीवी सीरियल ‘अनुपमा’ फेम एक्ट्रेस रूपाली गांगुली ने यूट्यूबर ध्रुव राठी की एक पोस्ट पर कड़ी आपत्ति जताई है। ध्रुव राठी ने 19 मई को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जहां भी जाएं, उन्हें हर जगह शर्मिंदा किया जाना चाहिए। इस बयान के छह दिन बाद सोमवार को बीजेपी नेता और एक्ट्रेस रूपाली गांगुली ने ध्रुव राठी पर निशाना साधते हुए एक लंबा नोट लिखा। उन्होंने पीएम मोदी को दुनिया का सबसे सम्मानित नेता बताया और कहा कि भारत को विदेश में बैठकर देश का मजाक उड़ाने वाले यूट्यूबर की जरूरत नहीं है। बोलीं- पीएम मोदी को दुनिया से मिला सम्मान रूपाली गांगुली ने अपने पोस्ट में लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के चुने हुए नेता हैं। वे पिछले 25 सालों से लगातार चुनाव जीत रहे हैं, पहले मुख्यमंत्री और अब प्रधानमंत्री के रूप में। दुनियाभर के देश उन्हें अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाज चुके हैं। भारत के करोड़ों लोग उनसे बेहद प्यार और सम्मान करते हैं। ऐसे सम्मानित नेता के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना स्वीकार्य नहीं है। ध्रुव राठी ने लिखा- मोदी को शर्मिंदा करें यूट्यूबर ध्रुव राठी ने 19 मई को एक्स (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट शेयर किया था। इसमें उन्होंने लिखा था कि मोदी जहां भी जाएं, उन्हें हर जगह शर्मिंदा किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री बनने के बाद पिछले 12 साल में उन्होंने एक भी प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की है। ध्रुव राठी ने आगे लिखा कि वे दूसरे देशों के विदेशी पत्रकारों से भी कहेंगे कि वे पीएम मोदी से जहां भी मिलें, उनसे सवाल जरूर पूछें। उन्हें लोगों के सामने जवाब देने के लिए मजबूर करें। ध्रुव राठी के इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई थी। पत्रकार के वीडियो के बाद शुरू हुआ विवाद यह पूरा विवाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नॉर्वे दौरे के बाद शुरू हुआ। ओस्लो में नॉर्वे की पत्रकार हेले लेंग ने प्रधानमंत्री से भारत में मानवाधिकारों और लोकतंत्र को लेकर सवाल पूछने की कोशिश की थी। इस दौरान पीएम मोदी बिना जवाब दिए आगे बढ़ गए थे। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया दो हिस्सों में बंट गया था, जिसके बाद ध्रुव राठी ने पत्रकार के समर्थन में यह पोस्ट लिखा था। विदेश में बैठकर प्रोपेगैंडा चलाने का लगाया आरोप एक्ट्रेस ने ध्रुव राठी पर निशाना साधते हुए आगे लिखा कि भारत की प्रगति का फैसला करने के लिए देश के 140 करोड़ नागरिक पूरी तरह सक्षम हैं। देश को विदेश में रहने वाले किसी ऐसे यूट्यूबर की सलाह की जरूरत नहीं है, जो भारत की जमीनी हकीकत से पूरी तरह दूर है। उन्होंने आरोप लगाया कि ध्रुव राठी का पूरा ऑनलाइन करियर भारत की आलोचना करने, उसका मजाक उड़ाने और लोगों के बीच डर फैलाने पर ही टिका हुआ है। साल 2024 में बीजेपी में शामिल हुई थीं एक्ट्रेस रूपाली गांगुली एक्टिंग के साथ-साथ राजनीति में भी सक्रिय हैं। वे साल 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल हुई थीं। 1 मई 2024 को दिल्ली में बीजेपी मुख्यालय में उन्होंने पार्टी की सदस्यता ली थी। उस समय उन्होंने कहा था कि वे पीएम मोदी के विकास कार्यों और उनके व्यक्तित्व से प्रभावित होकर राजनीति में आ रही हैं। एक्ट्रेस गुल पनाग भी कर चुकीं आलोचना इससे पहले एक्ट्रेस गुल पनाग भी ध्रुव राठी के इस पोस्ट की आलोचना कर चुकी हैं। गुल पनाग ने ध्रुव राठी के पोस्ट पर लिखा कि आप किसी प्रधानमंत्री को नापसंद कर सकते हैं, सरकार से असहमत हो सकते हैं, डिबेट कर सकते हैं और अलग तरह से वोट कर सकते हैं। यही लोकतंत्र है। लेकिन भारत के प्रधानमंत्री के ऑफिस और विदेश में वे जिसे रिप्रेजेंट करते हैं, उसका विदेशी धरती पर मजाक बनाना सही नहीं है। यह विरोध का सही तरीका नहीं है, बल्कि इससे हमारा ही नुकसान होता है।
ध्रुव राठी पर भड़कीं अनुपमा फेम एक्ट्रेस:PM मोदी पर दिए बयान पर नाराजगी जताई; कहा- देश को विदेश में बैठे यूट्यूबर की जरूरत नहीं

टीवी सीरियल ‘अनुपमा’ फेम एक्ट्रेस रूपाली गांगुली ने यूट्यूबर ध्रुव राठी की एक पोस्ट पर कड़ी आपत्ति जताई है। ध्रुव राठी ने 19 मई को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जहां भी जाएं, उन्हें हर जगह शर्मिंदा किया जाना चाहिए। इस बयान के छह दिन बाद सोमवार को बीजेपी नेता और एक्ट्रेस रूपाली गांगुली ने ध्रुव राठी पर निशाना साधते हुए एक लंबा नोट लिखा। उन्होंने पीएम मोदी को दुनिया का सबसे सम्मानित नेता बताया और कहा कि भारत को विदेश में बैठकर देश का मजाक उड़ाने वाले यूट्यूबर की जरूरत नहीं है। बोलीं- पीएम मोदी को दुनिया से मिला सम्मान रूपाली गांगुली ने अपने पोस्ट में लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के चुने हुए नेता हैं। वे पिछले 25 सालों से लगातार चुनाव जीत रहे हैं, पहले मुख्यमंत्री और अब प्रधानमंत्री के रूप में। दुनियाभर के देश उन्हें अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाज चुके हैं। भारत के करोड़ों लोग उनसे बेहद प्यार और सम्मान करते हैं। ऐसे सम्मानित नेता के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना स्वीकार्य नहीं है। ध्रुव राठी ने लिखा- मोदी को शर्मिंदा करें यूट्यूबर ध्रुव राठी ने 19 मई को एक्स (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट शेयर किया था। इसमें उन्होंने लिखा था कि मोदी जहां भी जाएं, उन्हें हर जगह शर्मिंदा किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री बनने के बाद पिछले 12 साल में उन्होंने एक भी प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की है। ध्रुव राठी ने आगे लिखा कि वे दूसरे देशों के विदेशी पत्रकारों से भी कहेंगे कि वे पीएम मोदी से जहां भी मिलें, उनसे सवाल जरूर पूछें। उन्हें लोगों के सामने जवाब देने के लिए मजबूर करें। ध्रुव राठी के इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई थी। पत्रकार के वीडियो के बाद शुरू हुआ विवाद यह पूरा विवाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नॉर्वे दौरे के बाद शुरू हुआ। ओस्लो में नॉर्वे की पत्रकार हेले लेंग ने प्रधानमंत्री से भारत में मानवाधिकारों और लोकतंत्र को लेकर सवाल पूछने की कोशिश की थी। इस दौरान पीएम मोदी बिना जवाब दिए आगे बढ़ गए थे। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया दो हिस्सों में बंट गया था, जिसके बाद ध्रुव राठी ने पत्रकार के समर्थन में यह पोस्ट लिखा था। विदेश में बैठकर प्रोपेगैंडा चलाने का लगाया आरोप एक्ट्रेस ने ध्रुव राठी पर निशाना साधते हुए आगे लिखा कि भारत की प्रगति का फैसला करने के लिए देश के 140 करोड़ नागरिक पूरी तरह सक्षम हैं। देश को विदेश में रहने वाले किसी ऐसे यूट्यूबर की सलाह की जरूरत नहीं है, जो भारत की जमीनी हकीकत से पूरी तरह दूर है। उन्होंने आरोप लगाया कि ध्रुव राठी का पूरा ऑनलाइन करियर भारत की आलोचना करने, उसका मजाक उड़ाने और लोगों के बीच डर फैलाने पर ही टिका हुआ है। साल 2024 में बीजेपी में शामिल हुई थीं एक्ट्रेस रूपाली गांगुली एक्टिंग के साथ-साथ राजनीति में भी सक्रिय हैं। वे साल 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल हुई थीं। 1 मई 2024 को दिल्ली में बीजेपी मुख्यालय में उन्होंने पार्टी की सदस्यता ली थी। उस समय उन्होंने कहा था कि वे पीएम मोदी के विकास कार्यों और उनके व्यक्तित्व से प्रभावित होकर राजनीति में आ रही हैं। एक्ट्रेस गुल पनाग भी कर चुकीं आलोचना इससे पहले एक्ट्रेस गुल पनाग भी ध्रुव राठी के इस पोस्ट की आलोचना कर चुकी हैं। गुल पनाग ने ध्रुव राठी के पोस्ट पर लिखा कि आप किसी प्रधानमंत्री को नापसंद कर सकते हैं, सरकार से असहमत हो सकते हैं, डिबेट कर सकते हैं और अलग तरह से वोट कर सकते हैं। यही लोकतंत्र है। लेकिन भारत के प्रधानमंत्री के ऑफिस और विदेश में वे जिसे रिप्रेजेंट करते हैं, उसका विदेशी धरती पर मजाक बनाना सही नहीं है। यह विरोध का सही तरीका नहीं है, बल्कि इससे हमारा ही नुकसान होता है।
राजसभा चुनाव रणनीति बैठक के बीच कर्नाटक कांग्रेस को नेतृत्व की अटकलों का सामना करना पड़ रहा है

कर्नाटक में, कांग्रेस पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें तेज हो गई हैं क्योंकि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार महत्वपूर्ण बातचीत के लिए नई दिल्ली जा रहे हैं। राजसभा चुनाव नजदीक आने के साथ, पिछली गलतियों से बचने के लिए एकता महत्वपूर्ण है, लेकिन असंतोष की सुगबुगाहट जारी है। -tacksNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube
गर्मियों में रबड़ी वाली खीर रेसिपी: गर्मी में कुछ खास बनाने का मन? घर में ऐसे रबड़ी वाली खेड; बच्चे-बच्चे की पसंद

सामग्री: 1 लीटर फुल क्रीम दूध, 1/2 कप बासमती चावल, 1/2 कप चीनी, 1/2 कप तैयार रबड़ी, 4-5 इलायची, 8-10 बादाम कटे, 8-10 पिस्ता कटे हुए, थोड़ा सा केसर, 1 बड़ा पिज्जा, 1 छोटा मोटा घी छवि: फ्रीपिक बनाने की विधि: सबसे पहले चावल को धोकर करीब 20 मिनट तक डुबोकर रखें। अब एक भारी-भरकम नमक वाली चटनी में दूध गर्म करें और इसमें बड़ी हुई चावल की दाल भी शामिल है। छवि: फ्रीपिक आँकड़े पर खेड को स्थिर परीक्षण किए गए ग्रेजुएट्स दूध नीचे न लगे। जब चावल अच्छी तरह से प्राकृतिक हो और बाहर दूध के स्टॉक में हो, तब चीनी स्टॉक में। छवि: फ्रीपिक अब दूसरी तरफ एक पैन में थोड़ा घी गरम करें और मिलाकर बादाम, पिस्ता और तेल का आटा भून लें। उदाहरण के तौर पर खेड दाल डे। इसके बाद इलायची पाउडर, केसर और तैयार रबरी रिमूवल। छवि: एआई 5 मिनट तक नॉमिनल आँचल पर ग्रैजुएशन ताकि सभी फ्लेवर अच्छी तरह मिल सकें। जब अच्छी तरह से गाढ़ी और मलाईदार हो जाए, तब गैस बंद कर दीजिए। इसे ठंडा होने दें और फिर फर्मी में स्टिल चिल करें। छवि: एआई अलौकिक-ठंडी रबड़ी वाली खेड को ऊपर से डॉगी स्टॉक्स और केसर से सजाकर सर्व करें। गर्मी में इसका स्वाद और भी ज्यादा मज़ा लगता है। छवि: फ्रीपिक यह घर में आसानी से तैयार हो जाता है। स्वाद में बिलकुल मिठाई की दुकान जैसी दुकान। बच्चे और बड़ों दोनों की फेवरेट बनेगी। गर्मी में ठंडा निकले अलग मजा मिलेगा। छवि: एआई अगर आप वीकेंड पर या किसी खास मौके पर कुछ मीठा और शानदार बनाना चाहते हैं, तो रबड़ी वाली खेड की ये आसान रेसिपी जरूर ट्राई करें। छवि: फ्रीपिक (टैग्सटूट्रांसलेट)रबड़ी खेड रेसिपी(टी)रबड़ी खीर रेसिपी(टी)डेसर्ट रेसिपी(टी)रबड़ी खीर रेसिपी(टी)गर्मी की रेसिपी(टी)ठंडा करने वाली रेसिपी(टी)गर्मियों के लिए ठंडक देने वाली रेसिपी
युद्ध के 3-महीनों में रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया:जानें- इसका आपके डेली खर्चों, निवेश, ट्रेवल और EMI पर क्या असर पड़ता है?

अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते भारतीय रुपए पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार को डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया ₹95.23 के स्तर पर बंद हुआ। फरवरी के अंत में शुरू हुई इस जंग के बाद महज तीन महीनों में रुपया करीब ₹5 टूट चुका है, जिससे आपकी रोजमर्रा की जिंदगी, घरेलू बजट और निवेश पर सीधा असर पड़ने वाला है। युद्ध के 3 महीनों में रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया रूस-यूक्रेन के बाद अब मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का सीधा असर भारतीय करेंसी पर दिख रहा है। इस साल 28 फरवरी को जब अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू हुआ था, तब रुपया प्रति डॉलर ₹91 के करीब था। इसके बाद कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की बढ़ती कीमतों, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) के बाजार से लगातार पैसे निकालने और अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने के कारण रुपए में गिरावट आई। इसके चलते 21 मई को रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर ₹96 प्रति डॉलर पर पहुंच गया था। पीएम मोदी की अपील, विदेशी मुद्रा भंडार बचाएं रुपए की सेहत सुधारने और देश के विदेशी मुद्रा भंडार (फॉरेक्स रिजर्व) को सुरक्षित रखने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देशवासियों से एक खास अपील की है। पीएम मोदी ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे आने वाले एक साल तक सोने की खरीदारी न करें, विदेशों में घूमने जाने से बचें और पेट्रोल-डीजल व गैस की खपत में जितनी हो सके कमी लाएं। रसोई का बजट बिगड़ेगा, फल-सब्जियां महंगी होंगी कोटक सिक्योरिटीज के कमोडिटी एंड करेंसी रिसर्च हेड अनिंद्य बनर्जी के मुताबिक, रुपए की गिरावट का असर आम परिवारों पर तीन अलग-अलग रास्तों से पहुंचेगा… शेयर बाजार में पेंट, एविएशन और केमिकल कंपनियों को नुकसान कमजोर रुपया आपके निवेश पोर्टफोलियो पर भी दबाव बढ़ा रहा है। ऐसे सेक्टर्स जो कच्चे माल के आयात (इंपोर्ट) पर निर्भर हैं- जैसे एविएशन (विमानन), केमिकल्स, पेंट्स, ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs) और इलेक्ट्रॉनिक्स उन्हें सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ता है। उन्हें डॉलर में भुगतान करने के लिए अब ज्यादा रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं, जिससे उनकी कमाई और मुनाफे पर असर पड़ेगा और कंपनियों के शेयर गिरेंगे। अनिंद्य बनर्जी के अनुसार, एविएशन सेक्टर में विमान ईंधन (ATF) की हिस्सेदारी ऑपरेटिंग कॉस्ट में बढ़कर 55-60% हो गई है, जो पहले 30-40% होती थी। साथ ही इन कंपनियों को डॉलर में लीज रेंट और मेंटेनेंस देना होता है। इसी तरह पेंट कंपनियों के कच्चे माल की लागत में क्रूड डेरिवेटिव्स और टाइटेनियम डाइऑक्साइड का हिस्सा करीब आधा होता है, जिससे उन पर खर्च बढ़ेगा। आईटी, फार्मा और गोल्ड बॉन्ड्स में निवेश करने वालों को फायदा दूसरी तरफ, कुछ सेक्टर्स ऐसे भी हैं जिन्हें रुपए के कमजोर होने से फायदा मिलता है। इंफोसिस, टीसीएस (TCS) और विप्रो (Wipro) जैसी बड़ी आईटी सर्विसेज कंपनियां और सन फार्मा व डॉ. रेड्डीज जैसी फार्मा एक्सपोर्टर कंपनियों को डॉलर में होने वाली कमाई से बड़ा सपोर्ट मिलेगा। इसके अलावा टेक्सटाइल, जेम्स एंड ज्वेलरी एक्सपोर्टर्स को भी ग्लोबल मार्केट में फायदा होगा। करेंसी की कमजोरी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती कीमतों के कारण गोल्ड ईटीएफ (Gold ETFs) और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) में निवेश करने वालों को दोहरा मुनाफा मिलेगा। एक्सपर्ट्स की सलाह है कि रिटेल निवेशक इस दौर में पैनिक होकर बाजार से बाहर न निकलें, बल्कि अपने पोर्टफोलियो को एक्सपोर्ट कंपनियों और 5-10% सोने की तरफ रीबैलेंस करें। विदेश यात्रा का बजट 20% तक बढ़ा, घरेलू सफर भी महंगा हुआ डॉलर के मुकाबले रुपए के टूटने से विदेश घूमना काफी महंगा हो चुका है। फ्लाइट टिकट, होटल बुकिंग, शॉपिंग और वहां खाने-पीने के लिए अब ज्यादा पैसे चुकाने पड़ रहे हैं। उदाहरण के लिए, यदि आप अमेरिका की ट्रिप के लिए 5,000 डॉलर का बजट बनाते हैं, तो पहले ₹80 के रेट पर यह ₹4 लाख बैठता था, लेकिन अब ₹96 के रेट पर यह बढ़कर ₹4.80 लाख हो जाएगा। रुपए के गिरने का असर घरेलू टूरिज्म पर भी होता है। जब विमानन और ट्रांसपोर्ट कंपनियों को रुपए की कमजोरी से नुकसान होता है, तो वे देश के अंदर भी हवाई टिकटों के दाम और होटलों के रेट बढ़ा देती हैं। महंगाई बढ़ने पर बढ़ सकती है बैंकों की EMI, पढ़ाई भी महंगी भारत अपनी जरूरत का 85% कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है। तेल महंगा होने से जब देश में महंगाई बढ़ने लगती है, तो रिजर्व बैंक (RBI) को बीच में दखल देना पड़ता है और वह रेपो रेट बढ़ा देता है। रेपो रेट बढ़ते ही बैंक लोन की ब्याज दरें बढ़ा देते हैं, जिससे फ्लोटिंग रेट वाले होम और कार लोन की EMI बढ़ जाती है। हालांकि, भारत में अभी ऐसी स्थिति नहीं है, लेकिन भविष्य में यह संकट आ सकता है। इसके अलावा विदेशों में पढ़ रहे भारतीय छात्रों की ट्यूशन फीस, हॉस्टल और लिविंग कॉस्ट रुपए में कंवर्ट होने पर काफी बढ़ गई है, जिससे उन्हें टॉप-अप लोन लेना पड़ रहा है। विदेशी करेंसी में क्रेडिट कार्ड से खर्च करने पर बैंकों द्वारा करीब 3.5% फॉरेक्स मार्कअप और जीएसटी वसूला जा रहा है। हालांकि, विदेशों में बैठकर डॉलर में कमाने वाले एनआरआई (NRI) जो भारत में रुपए में लोन चुका रहे हैं, उन्हें डॉलर के मुकाबले कम पैसे देने पड़ रहे हैं। मौजूदा हालात में क्या करें आम लोग? क्या होता है FII और रेपो रेट?
चौलाई दही तड़का रेसिपी: गरमा गरम 10 मिनट में तैयार होगी चौलाई दही तड़का सब्जी, फटे ही भूल जायेंगे पनीर का स्वाद; विधि नोट करें

सामग्री:लाई, 1 कप ताजी दही, 1 छोटा प्याज, 2 हरी मिर्च, 4-5 लहसुन की कलियां, 1/2 छोटा मसाला जीरा, 1/2 छोटा चम्मच राई, 1 सूखी लाल मिर्च, 1 चुटकी हींग, 1/2 छोटा मसाला हल्दी, नमक, तेल या घी छवि: फ्रीपिक बनाने की विधि: सबसे पहले चौलाई की नॉट को अच्छी तरह ढोकर डायमंड काट लें। अब एक पैन में तेल या घी गर्म करें। इसमें जीरा, राई, हींग और सूखी लाल मिर्च का तड़का पाउडर शामिल है। छवि: एआई इसके बाद इलेक्ट्रोनम कटा प्याज, लहसुन और हरी मिर्च के मसाले का मिश्रण सुनहरा होने तक। अब हल्दी और कटी हुई चुलाई डालें। 3-4 मिनट तक आदर्शकर पात्र ताकि चौलाई नर हो जाए। छवि: फ्रीपिक अब गैस की गिनती करें, मध्यम और फेंटा हुआ दही डालें। लगातार स्थिर रहो ताकि दही फटे नहीं। स्वाद में नमक डालें और 2 मिनट तक पकाकर गैस बंद कर दें। छवि: फ्रीपिक गरमा-गरम चौलाई दही तड़का को रोटी, पराठा या अनपेक्षित चावल के साथ परोसें। इसका पिक्चर कैमरा और फ्लैगशिप स्वाद खाने का मजा डबल कर देगा। छवि: एआई गर्मियों में शरीर को ठंडक मिलती है। प्रोटीन और आयरन से भरपूर है। कम तेल में जल्दी तैयार हो जाता है। स्वाद में पतला लेकिन बेहद टेस्टी होता है। छवि: एआई अगर आप रोज की किताबों से बोर हो गए हैं, तो इस आसान और क्लासिक चौलाई दही तड़का रेसिपी को जरूर देखें। छवि: एआई (टैग्सटूट्रांसलेट)चौलाई दही तड़का रेसिपी(टी)चौलाई दही तड़का(टी)चौलाई का साग तड़का(टी)चौलाई की सब्जी(टी)ग्रीष्मकालीन रेसिपी(टी)कूलिंग रेसिपी(टी)दही रेसिपी
नौतपा में रखें ठंडा: सत्तू का तीखा शर्बत… नौतपा में भीषण गर्मी से बचने के लिए घर से अनपेक्षित समय क्या-क्या पीएं?

पुदीना शिकंजी: पुदीना और नींबू से बनी सब्जी गर्मी में तुरंत राहत देने का काम करती है। इस शरीर को ताजगी के साथ भी स्टोर पर रखा जा सकता है। छवि: एआई पुदीना शिकंजीसामग्री: 1 चम्मच ठंडा पानी, 1 नींबू का रस, 8-10 पुदीना स्वाद, चीनी या शहद का स्वाद, काला नमक, बर्फ के टुकड़े छवि: एआई पुदीना शिकंजी बनाने की विधि: पुदीना यूक्रेनियन को प्रभावकारी पीस लें। अब पानी में नींबू रस, पुदीना, चीनी और नमक काला मिला हुआ। अच्छे से मिक्स करके बर्फ और ठंडा सर्व करें। छवि: एआई आम पन्ना: कच्चा आम से बना आम पीना लू से बचने के लिए सबसे लोकप्रिय पेय माना जाता है। इससे शरीर को ठंड लगने के साथ-साथ कमजोरी भी दूर होती है। छवि: फ्रीपिक आम पेज सामग्री: 2 कच्चे कच्चे आम, 3-4 बड़े चीनी, काला नमक, अन्य जीरा पाउडर, पुदीना आटा, ठंडा पानी छवि: एआई आम पन्ना बनाने की विधि: बसले हुए आम का गुडा निकाल लें। अब इसमें चीनी, काला नमक, जीरा और पुदीना आर्किटेक्चर का मिश्रण करें। तैयार मिश्रण को ठंडे पानी में सर्व करें। छवि: एआई सत्तू का तारित शरबत: सत्तू शरीर को ठंडा रखने के लिए सबसे बेहतरीन देसी पेय माना जाता है। यह पेट को लंबे समय तक बनाए रखता है और शरीर में ऊर्जा बनाए रखने में मदद करता है। छवि: फ्रीपिक सत्तू का चारित्रिक शरबत सामग्री: 2 बड़े चम्मच सत्तू, 1 चम्मच ठंडा पानी, स्वादानुसार काला नमक, अन्य जीरा पाउडर, थोड़ा नींबू रस, हरा धनिया और पुदीना। छवि: एआई सत्तू का शरबत बनाने की विधि: एक गिलास में सत्तू डाला और थोड़ा सा पानी बड़े से अच्छा खाया ताकि पेट न रहे। अब बाकी पानी, काला नमक, जीरा पाउडर और नींबू रस मॉड्यूल बनाएं। छवि: एआई इसे ऊपर से हरा धनिया और पुदीना स्टैम्प ठंडा-ठंडा सर्व करें। ऐसे ही आप हो जायेंगे कूल-कूल। छवि: फ्रीपिक नौतपा में खाली पेट धूप में बाहर न निकलें। खूब पानी और तेल की चीज़ें। वयन्त्र और सुती खिलौने का कमरा। अधिकांश देर तक धूप में रहने से आश्रय। आउटलुक टाइम सिर को ढँककर रखें। छवि: एआई नौतपा की तेज गर्मी में ये देसी पेय पदार्थ शरीर को ठंडा और एनर्जी बनाए रखने में काफी मदद करते हैं। इसलिए घर से बाहर आगमन से पहले कृपया पियें और खुद को गर्म से सुरक्षित रखें। छवि: फ्रीपिक (टैग्सटूट्रांसलेट) बेस्ट समर ड्रिंक्स (टी) समर ड्रिंक्स रेसिपी (टी) सत्तू का शरबत (टी) पुदीना शिकंजी (टी) आम पन्ना (टी) कच्चे आम का पन्ना (टी) कूलिंग ड्रिंक








