लौकी की इडली रेसिपी: लोकी की टेस्टी इडली, खाते-खाते रह जाएंगी उंगलियां; विधि नोट करें

सामग्री: 1 कप सूजी, 1 कप कद्दू की हुई लौकी, 1/2 कप दही, 1 छोटा चम्मच अदरक-हरी मिर्च पेस्ट, 1/2 छोटा चम्मच नमक, 1 छोटा चम्मच ईनो या सोडा, थोड़ा सा पानी, तेल छवि: इंस्टाग्राम धन्यवाद के लिए: 1 छोटा चम्मच तेल, 1/2 छोटा चम्मच हरी धनिया, 1/2 छोटा चम्मच हरा धनिया छवि: फ्रीपिक बनाने की विधि: सबसे पहले एक बड़े बाउल में सूजी, दही और कद्दू की हुई लौकी स्टॉल्स गुड से मिक्स कर लें। अब इसमें अदरक-हरी मिर्च पेस्ट और नमक डालें। छवि: इंस्टाग्राम जरूरत है तो थोड़ा पानी पूरा बैटर तैयार करने की. बैटर ना मैक्सिमम सोलोमन हो और ना मैक्सिमम सोलोमन। अब इस मिश्रण को 10-15 मिनट के लिए ढककर रख दें ताकि सूजी बढ़िया से फूल जाए। छवि: एआई इसके बाद इडली स्टैंड को ग्रिप ऑयल प्लग करें। बैटर में इनो और आभूषण हाथ से मिला लें। तुरंत बैटर को इडली मोल्ड में भर दें। अब इडली को स्टीमर में 12-15 मिनट तक पकाएं। छवि: एआई जब इडली फूल जाए और टूथपिक साफ निकल आए, तो गैस बंद कर दें। एक छोटा पैन में तेल गर्म करें। इसमें राई, कारी पत्ता और हरा धनिया प्लास्टर तड़का तैयार करें। छवि: एआई इस आदर्श को तैयार करें इडली के ऊपर दाल। इससे स्वाद और भी बढ़ेगा। गरम-गरम लोकी की इडली को नारियल चिप्स, टमाटर चिप्स या सांभर के साथ सर्व करें। यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ बेहद स्वादिष्ट भी लगता है। छवि: एआई यह खाने में सामान और मशीनरी होती है। वजन नियंत्रण करने वालों के लिए अच्छा है। बच्चों को भी पसंद आती है। जल्दी और आसानी से बन जाता है। छवि: फ्रीपिक अगर आप भूकंप और टेस्टी की तलाश में हैं, तो लोकी की इडली जरूर खरीदें। इसका स्वाद ऐसा होगा कि हर कोई उंगली चाटता रहेगा। छवि: फ्रीपिक
सुनहरे दौर में इंग्लैंड की महिला रग्बी टीम:5 ग्रैंड स्लैम, 38 जीत का सिलसिला, 8 बार सिक्स नेशंस कप जीता

फ्रांस के बॉरदॉ शहर में मैच खत्म होते ही इंग्लैंड की महिला रग्बी टीम (रेड रोजेज) की खिलाड़ी एक-दूसरे से गले मिल रही थीं। स्कोरबोर्ड पर 43-28 चमक रहा था। जीत के साथ इंग्लैंड ने लगातार आठवीं बार विमंस सिक्स नेशंस खिताब और लगातार पांचवां ग्रैंड स्लैम अपने नाम कर लिया था। लेकिन सबसे दिलचस्प बात यह रही कि टीम की कई खिलाड़ियों को यह भी ठीक से याद नहीं था कि उनकी जीतों का सिलसिला अब 38 मैच तक पहुंच चुका है। यह वही टीम है, जिसने 2022 महिला रग्बी वर्ल्ड कप फाइनल में न्यूजीलैंड से आखिरी मिनटों में हार झेली थी। 31-34 की वह हार आज भी खिलाड़ियों को याद है। लेकिन उसी हार के बाद रेड रोजेज ने खुद को ऐसे बदला कि अब उन्हें रोकना लगभग नामुमकिन लगने लगा है। पिछले सात वर्षों में इंग्लैंड ने सिर्फ एक मैच गंवाया है। कप्तान मेग जोन्स कहती हैं, ‘हम रिकॉर्ड नहीं गिनते। हम सिर्फ अगले मैच और खुद को बेहतर बनाने पर ध्यान देते हैं।’ शायद यही वजह है कि यह टीम सिर्फ जीत नहीं रही, बल्कि खेल में एक नया मानक बना रही है। दिलचस्प बात यह है कि इंग्लैंड की मौजूदा टीम अपनी पूरी ताकत के साथ भी नहीं खेल रही। कई अहम खिलाड़ी चोट के कारण बाहर हैं और चार खिलाड़ी प्रेग्नेंट हैं। इसके बावजूद टीम की रफ्तार नहीं रुकी। फ्रांस ने हाल के वर्षों में इंग्लैंड को चुनौती देना शुरू किया है। इस बार भी फ्रांस ने दूसरे हाफ में वापसी की कोशिश की, लेकिन इंग्लैंड ने दबाव में भी मैच हाथ से नहीं जाने दिया। इंग्लैंड की स्टार खिलाड़ी सारा बर्न कहती हैं, ‘अगर यह टीम एक बार हारती भी है, तो दोबारा हारना नहीं चाहेगी। हम हमेशा बेहतर बनने की कोशिश करते हैं।’ सारा के मुताबिक टीम का लक्ष्य सिर्फ जीतना नहीं, बल्कि दुनिया की सबसे बेहतरीन खेल टीम बनना है। अब सवाल सिर्फ इतना है कि आखिर इंग्लैंड को हराएगा कौन? अगली चुनौती फिर न्यूजीलैंड होगी। लेकिन अगर कभी यह टीम हार भी गई, तो शायद उनकी सोच नहीं बदलेगी। मेग जोन्स के शब्दों में, ‘सूरज अगली सुबह फिर उगेगा, और हम वही रहेंगे।’ 2019 में मिला था फुल टाइम प्रोफेशनल कॉन्ट्रैक्ट इस सफलता के पीछे सिर्फ प्रतिभा नहीं, बल्कि मजबूत सिस्टम भी है। 2019 में इंग्लैंड ने महिला खिलाड़ियों को फुल-टाइम प्रोफेशनल कॉन्ट्रैक्ट देना शुरू किया था। पिछले साल रग्बी फुटबॉल यूनियन ने महिला रग्बी में करीब 195 करोड़ रुपए का निवेश किया। इसके उलट पिछले वर्ल्ड कप की फाइनलिस्ट कनाडा को टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए क्राउडफंडिंग करनी पड़ी थी। यही अंतर बताता है कि निवेश व सुविधाएं किसी टीम को कितना बदल सकती हैं।
बागी खेमे के 3 विधायकों के टीवीके में शामिल होने से अन्नाद्रमुक को भारी झटका | भारत समाचार

आखरी अपडेट:25 मई, 2026, 15:00 IST न्यूज18 बागी खेमे के तीन विधायकों के टीवीके में शामिल होने से अन्नाद्रमुक को भारी झटका लगा है चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया बागी खेमे के तीन विधायकों के टीवीके में शामिल होने से अन्नाद्रमुक को भारी झटका लगा है अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें
गायब होने के बाद वापस आया सलमान का इंस्टाग्राम अकाउंट:कुछ देर के लिए दिखा रहा था जीरो फॉलोअर्स; पोस्ट कर पैपराजी पर निकाला था गुस्सा

बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान का इंस्टाग्राम अकाउंट अचानक बंद होने के बाद अब दोबारा चालू हो गया है। कुछ घंटों पहले सर्च करने पर उनका ऑफिशियल अकाउंट ‘बीइंगसलमानखान’ दिखाई नहीं दे रहा था। मोबाइल पर उनके फॉलोअर्स की संख्या जीरो दिख रही थी, जबकि डेस्कटॉप पर पेज उपलब्ध न होने का एरर मैसेज आ रहा था। अब उनका अकाउंट फिर से एक्टिव हो गया है, जिस पर 7.2 करोड़ (72 मिलियन) फॉलोअर्स हैं। अकाउंट गायब होने की यह घटना उनके एक हालिया विवाद के बाद हुई है। कुछ दिन पहले सलमान खान ने मुंबई के एक अस्पताल में पैपराजी पर परेशान करने का आरोप लगाया था। उन्होंने इंस्टाग्राम पर लगातार कई पोस्ट शेयर करके अपना गुस्सा जाहिर किया था। मोबाइल और डेस्कटॉप पर आ रहा था एरर मैसेज सोमवार को कुछ समय के लिए सलमान खान का सोशल मीडिया अकाउंट पूरी तरह से गायब हो गया था। कुछ यूजर्स को उनका प्रोफाइल तो दिख रहा था, लेकिन फॉलोअर्स और पोस्ट की संख्या जीरो हो गई थी। वहीं डेस्कटॉप वर्जन पर ‘सॉरी, दिस पेज इज नॉट अवेलेबल’ लिखा आ रहा था। सलमान सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं और अपनी फिल्मों से जुड़े अपडेट्स शेयर करते हैं। पैपराजी पर भड़क गए थे सलमान पिछले हफ्ते मंगलवार को सलमान खान हिंदुजा अस्पताल पहुंचे थे। उन्हें देखते ही पैपराजी ने उनकी अपकमिंग फिल्म मातृभूमि चिल्लाना शुरू कर दिया। पैपराजी के शोर से एक्टर भड़क गए। सलमान करीब आए और सभी को सुनाने लगे। उन्होंने पैपराजी को जमकर खरी-खोटी सुनाई और फिर बाद में सीरीज में पोस्ट शेयर कर सभी को चेतावनी दी थी। कुछ देर बाद उन्होंने आधिकारिक X अकाउंट से एक-एक कर 4 पोस्ट कीं। पहली पोस्ट में उन्होंने लिखा, “अगर मैं किसी प्रेस वाले को अस्पताल में मेरी पीड़ा का मजा लेते देखूं। उस प्रेस वाले के लिए मैंने खड़ा होकर बात की है, उनका ध्यान रखा है ताकि वो भी अपनी रोजी-रोटी कमा सकें।” दूसरी पोस्ट में उन्होंने लिखा, “लेकिन अगर वो मेरे नुकसान से पैसा कमाना चाहते हैं, तो करते रहें। भाई भाई मातृभूमि पिक्चर की मां की आंख, पिक्चर इंपोर्टेंट है या लाइफ।” तीसरी पोस्ट में सलमान लिखते हैं, “ऐसे मैं सौ जला दूंगा। भाई का एक भाई के दुख पर अगली बार कोशिश कर लेना मेरे साथ। बस कोशिश कर लेना, जब भी तुम्हारा कोई अस्पताल में होगा, क्या मैं ऐसा रिएक्ट करूंगा?” ‘लोनली’ पोस्ट पर मां सलमा खान ने पूछा था हाल सलमान खान ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक डार्क रूम में सोफे पर लेटे हुए अपनी तस्वीर शेयर की थी, जिसमें वे अपनी मस्कुलर बॉडी दिखाते नजर आए थे। इसके बाद उन्होंने एक पोस्ट में खुद को ‘लोनली’ (अकेला) बताया था। इस पोस्ट को देखकर उनकी माता सलमा खान भी चिंतित हो गई थीं और उन्होंने फोन करके उनका हालचाल पूछा था। एक्टर ने ‘मी टाइम’ की बात कहकर दी थी सफाई अकेलेपन वाले पोस्ट पर चर्चा बढ़ने के बाद सलमान खान ने खुद आगे आकर सफाई दी थी। उन्होंने स्पष्ट किया था कि वे कभी-कभी लोगों के बीच बोर हो जाते हैं, इसलिए उन्हें अपने लिए थोड़ा समय (मी टाइम) चाहिए होता है। सलमान इन दिनों अपनी आने वाली फिल्मों की तैयारियों में व्यस्त हैं और सोशल मीडिया के जरिए लगातार अपने विचार साझा करते रहते हैं।
रिपोर्ट- मुस्लिम देशों से बोले ट्रम्प- इजराइल को मान्यता दो:ईरान जंग खत्म करने के बाद अब्राहम समझौते का विस्तार करेंगे, पाकिस्तान की मुश्किलें बढ़ी

ईरान युद्ध को खत्म करने की बातचीत के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अब सिर्फ सीजफायर या शांति समझौते तक सीमित नहीं रहना चाहते। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वह पूरे पश्चिम एशिया की राजनीतिक तस्वीर बदलने की कोशिश कर रहे हैं। अमेरिकी वेबसाइट एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रम्प का मकसद यह है कि ईरान के साथ युद्ध खत्म होने के बाद ज्यादा से ज्यादा मुस्लिम और अरब देश इजराइल को आधिकारिक मान्यता दें और अब्राहम अकॉर्ड्स (समझौते) में शामिल हों। इससे पाकिस्तान और इजराइल जैसे देशों के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। ट्रम्प ने मुस्लिम देशों के नेताओं के साथ मीटिंग की ट्रम्प ने शनिवार को कई मुस्लिम और अरब देशों के नेताओं के साथ एक हाई-लेवल कॉन्फ्रेंस कॉल की। इसमें सऊदी अरब, UAE, कतर, पाकिस्तान, तुर्किए, मिस्र, जॉर्डन और बहरीन के नेता शामिल थे। उसी दौरान अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते पर भी बातचीत जारी थी। ट्रम्प ने इन नेताओं से कहा कि जब ईरान के साथ युद्ध खत्म हो जाएगा, तब वे उम्मीद करते हैं कि जो देश अब तक इजराइल को मान्यता नहीं देते, वे भी संबंध सामान्य करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक ट्रम्प की यह बात सुनने के बाद कॉल पर कुछ सेकंड के लिए चुप्पी छा गई। खासकर सऊदी अरब, कतर और पाकिस्तान की तरफ से कोई तत्काल प्रतिक्रिया नहीं आई, क्योंकि ये देश अब तक इजराइल के साथ औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं रखते। रिपोर्ट के मुताबिक माहौल इतना शांत हो गया था कि ट्रम्प ने मजाक में पूछ लिया, “क्या आप लोग अभी भी फोन लाइन पर हैं?” अमेरिकी समर्थक गठबंधन बनाना चाहते हैं ट्रम्प असल में ट्रम्प की सबसे बड़ी रणनीतिक कोशिश यह है कि ईरान युद्ध खत्म होने के बाद पश्चिम एशिया में एक नया अमेरिकी समर्थक गठबंधन तैयार किया जाए, जिसमें इजराइल और प्रमुख अरब देश एक साथ हों। दशकों तक अरब देशों की नीति थी कि फिलिस्तीन मुद्दा सुलझे बिना इजराइल को मान्यता नहीं दी जाएगी। लेकिन साल 2020 में ट्रम्प की कोशिशों के बाद अब्राहम समझौते ने उस पुरानी नीति को तोड़ दिया। इसके तहत UAE, बहरीन और मोरक्को जैसे देशों ने इजराइल के साथ आधिकारिक संबंध बनाए। गाजा जंग के बाद इजराइल के खिलाफ नाराजगी बढ़ी अब्राहम समझौते का मकसद सिर्फ राजनयिक संबंध नहीं है। इसके पीछे सुरक्षा, व्यापार, तकनीक, रक्षा सहयोग और सबसे बढ़कर ईरान को लेकर साझा चिंता है। अमेरिका ने इसे पश्चिम एशिया में नई रणनीतिक व्यवस्था के रूप में पेश किया था। अब ट्रम्प चाहते हैं कि इस समझौते का दायरा और बढ़े। लेकिन उनकी सबसे बड़ी बाधा सऊदी अरब और पाकिस्तान हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान पहले इजराइल के साथ बेहतर रिश्ते को लेकर लगभग तैयार हो चुके हैं, लेकिन गाजा युद्ध के बाद हालात बदल गए। अरब देशों में इजराइल के खिलाफ गुस्सा बढ़ा है और फिलिस्तीन का मुद्दा फिर केंद्र में आ गया है। सऊदी अरब ने साफ कहा है कि वह तभी इजराइल से रिश्ते सामान्य करेगा जब फिलिस्तीनी राष्ट्र बनाने की दिशा में स्पष्ट और स्थायी कदम उठेंगे। लेकिन इजराइल की मौजूदा सरकार इस मांग को मानने के लिए तैयार नहीं दिखती। ट्रम्प ने ईरान को लेकर सनसनीखेज दावा किया इसी बीच ट्रम्प ने रविवार एक और चौंकाने वाला सुझाव दिया। उन्होंने कहा- क्या पता भविष्य में खुद ईरान भी अब्राहम समझौते का हिस्सा बन सकता है। लेकिन मौजूदा हालात में यह लगभग असंभव माना जा रहा है। ईरान दशकों से इजराइल को मान्यता देने से इनकार करता रहा है। ईरान उन अरब देशों का भी विरोध करता रहा है जिन्होंने इजराइल के साथ रिश्ते बनाए। इसलिए ट्रम्प का यह सुझाव बेहद विवादित माना जा रहा है। पश्चिम एशिया की जमीन पर स्थिति बेहद जटिल है। यह इलाका राजनीतिक और धार्मिक तनाव से भरा हुआ है। गाजा युद्ध ने अरब दुनिया में भारी गुस्सा पैदा किया है। ऐसे माहौल में किसी भी अरब सरकार के लिए इजराइल से खुले रिश्ते बनाना आसान नहीं है। पाकिस्तान के लिए अब्राहम समझौते में शामिल होना खतरनाक पाकिस्तान के लिए भी अब्राहम समझौते में शामिल होने का मामला बेहद संवेदनशील और राजनीतिक रूप से खतरनाक है। पाकिस्तान लंबे समय से खुद को फिलिस्तीन के समर्थक देश के तौर पर पेश करता रहा है। वहां आम जनता के बीच फिलिस्तीन का मुद्दा भावनात्मक और धार्मिक दोनों स्तर पर बहुत गहराई से जुड़ा हुआ है। ऐसे में अगर पाकिस्तान बिना फिलिस्तीनी राष्ट्र के स्पष्ट समाधान के इजराइल को मान्यता देता है, तो यह देश के अंदर भारी राजनीतिक विस्फोट का कारण बन सकता है। पाकिस्तान आधिकारिक तौर पर कहता रहा है कि फिलिस्तीन मुद्दे के समाधान से पहले वह इजराइल को मान्यता नहीं देगा। इमरान का अब्राहम समझौते में शामिल होने से इनकार ट्रम्प ने पिछले कार्यकाल में पाकिस्तान को अब्राहम समझौते से जोड़ने की कोशिश हुई थी। लेकिन तब के प्रधानमंत्री इमरान खान ने इस समझौते में शामिल होने से इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा था कि ऐसा करना पाकिस्तान की पुरानी दो-राष्ट्र समाधान नीति के खिलाफ होगा। अब्राहम समझौते पर दस्तखत के कुछ महीने बाद इमरान खान ने दावा किया था कि उनकी सरकार पर अमेरिका और दूसरे देशों की तरफ से इजराइल से संबंध सामान्य करने का दबाव डाला गया। लेकिन उन्होंने कहा कि वह जायनिस्टों के साथ कोई समझौता नहीं करेंगे क्योंकि ऐसा कदम देश में बड़े पैमाने पर विरोध और धार्मिक संगठनों के आंदोलन को जन्म दे सकता है। 2022 में सत्ता से हटाए जाने के बाद इमरान खान ने आरोप लगाया था कि अंतरराष्ट्रीय साजिश के तहत लाई गई शहबाज शरीफ सरकार को इजराइल को मान्यता देने का काम सौंपा गया है। उन्होंने कहा था कि वह इसके खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे। इजराइल को मान्यता देने के खिलाफ थे जिन्ना पाकिस्तान में यह धारणा भी मजबूत है कि इजराइल को मान्यता देना देश की स्थापना के मूल सिद्धांतों के खिलाफ होगा। पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना ने कभी इजराइल के गठन का विरोध करते हुए उसे अरब दुनिया के दिल में घोंपा गया खंजर कहा था। विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान फिलिस्तीन और कश्मीर के मुद्दों को अक्सर एक-दूसरे से जोड़कर
मूंग दाल कढ़ी रेसिपी: रोज की बेसन कढ़ी छोड़ें इस बार के स्वाद के लिए मूंग दाल कढ़ी, जानें घर पर बनाने की आसान विधि

इस कढ़ी को बनाने के लिए 1 कप आर्किटेक्चर मूंग दाल, फ्लोरेंस कप खट्टा दही और 2 बड़े बेसन लें। इसके अलावा हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, हींग, राई, जीरा, करी पत्ता, अदरक, हरी मिर्च और नमक की आवश्यकता नहीं है। छवि: एआई मूंग दाल को अच्छी तरह से धोकर बंद करें 2 घंटे के लिए पानी में डूबो दें। इससे दाल तैयार हो जाएगी और पीसने में आसानी होगी। छवि: फ्रीपिक भीगी दाल हुई कोफ्रेंच धो लें ताकि उसके अंदर की गंदगी साफ हो जाए। अब इसे मिक्सी में लिटिल वॉटर स्टोकिन पीस लें। ध्यान रखें कि पेस्ट अधिकांश सुपरमार्केट भी न हो और स्केलेट भी न हो। छवि: फ्रीपिक एक बड़े तालाब में दही को अच्छी तरह फेंट लें। अब इसमें मूंग दाल का पेस्ट, बेसन और नीड के अकाउंट से पानी की रिकवरी शामिल है। नासा को समसामयिकी में गुठलियां नहीं रहतीं। छवि: फ्रीपिक अब कड़कही में थोड़ा सा तेल गर्म करें और तैयार करें नासा दाल। लावे आने तक इसे स्थिर मत रहो। इसके बाद 20 से 25 मिनट तक पिरामिड और आर्किटेक्चरल आर्किटेक्चर पर काम किया गया। छवि: Pexels एक छोटा पैन में घी गर्म करें। इसमें राई, जीरा, हींग, सूखी लाल मिर्च और कैरी प्लास्टर प्लास्टर चटकाएं। अंत में छोटी लाल मिर्च पाउडर डालें और यह तड़का कढ़ी पर डालें। छवि: फ्रीपिक ऊपर से ताजा हरा धनिया और गरमा-गरम मूंग दाल कढ़ी को चावल या रोटी के साथ परोसें। इसका स्वाद खाने का मजा कई गुना बढ़ा देता है। छवि: फ्रीपिक (टैग्सटूट्रांसलेट)मूंग दाल कढ़ी(टी)फोटो गैलरी रेसिपी(टी)स्वस्थ कढ़ी रेसिपी(टी)भारतीय भोजन रेसिपी(टी)आसान कढ़ी रेसिपी(टी)मूंग दाल रेसिपी(टी)घर पर बनी कढ़ी(टी)दही कढ़ी(टी)लंच रेसिपी(टी)डिनर रेसिपी
अमृतसर में कपिल शर्मा के घर के बाहर फायरिंग:हॉलीसीटी स्थित आवास पर हुई घटना, कोई घायल नहीं, पुलिस जांच में जुटी

मशहूर कॉमेडियन और टीवी स्टार कपिल शर्मा के अमृतसर स्थित आवास के बाहर अज्ञात हमलावरों द्वारा फायरिंग करने का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, मोटरसाइकिल या कार सवार अज्ञात बदमाशों ने अमृतसर के पॉश इलाके हॉली सिटी में स्थित कपिल शर्मा के घर के बाहर ताबड़तोड़ दो राउंड फायर किए और मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस के आला अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और पूरे इलाके को सील कर दिया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के घायल होने या जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है पुलिस वारदात के बाद पुलिस ने कपिल शर्मा के घर और आसपास के वीआईपी आवासों के बाहर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज को कब्जे में ले लिया है, ताकि हमलावरों के रूट और उनकी पहचान का सुराग लगाया जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फायरिंग की वजह और हमलावरों के मंसूबे अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। मामले की गंभीरता से लिया जा रहा है। कनाडा में स्थित ‘Kap’s Cafe’ पर भी हो चुकी है गोलीबारी यह पहली बार नहीं है जब कपिल शर्मा या उनसे जुड़ी किसी प्रॉपर्टी को निशाना बनाया गया हो। इससे पहले कनाडा के सरे (Surrey) शहर में स्थित उनके मशहूर ‘Kap’s Cafe’ के बाहर भी कई बार गोलीबारी की घटनाएं हो चुकी हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कनाडा में हुई उन वारदातों की जिम्मेदारी कुछ खालिस्तानी समर्थक तत्वों ने ली थी। अब घर पर हुई फायरिंग में पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस घटना के तार भी उन्हीं पुराने मामलों या किसी अंतरराष्ट्रीय फिरौती/धमकी से जुड़े हैं। घटना के बाद से हॉली सिटी इलाके के निवासियों में डर का माहौल है।
‘2 सप्ताह में 25 हत्याएं’: उदयनिधि स्टालिन ने महिलाओं, बच्चों के खिलाफ अपराधों पर विजय सरकार की आलोचना की | भारत समाचार

आखरी अपडेट:25 मई, 2026, 14:06 IST द्रमुक नेता ने मुख्यमंत्री पर कटाक्ष करते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले जो शासन परिवर्तन की बात कर रहा था, उसका असर अब राज्य में बढ़ते अपराध दर में दिख रहा है. उदयनिधि स्टालिन ने विजय पर चुटकी ली (फोटो: एक्स) तमिलनाडु अपराध: तमिलनाडु के नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन ने सोमवार को राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलनाडु सरकार पर निशाना साधा और दावा किया कि पिछले 15 दिनों में तमिलनाडु में 25 हत्याएं, चार दोहरे हत्याकांड और 19 यौन अपराध हुए हैं, उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रही है। एक्स पर एक लंबी पोस्ट में, डीएमके नेता ने मुख्यमंत्री पर कटाक्ष किया और कहा कि जो शासन विधानसभा चुनाव से पहले बदलाव की बात कर रहा था, वह अब राज्य में बढ़ते अपराध दर में दिखाई दे रहा है। “जो लोग परिवर्तन, परिवर्तन की बात करते थे, उनके शासन में ये घटनाएं गवाह हैं कि तमिलनाडु में कानून व्यवस्था कैसे बदल गई है। आदरणीय मुख्यमंत्री महोदय, क्या यह तमिलनाडु है, या उत्तर प्रदेश?” स्टालिन ने पूछा। वर्ष 15 वर्ष 25 वर्ष, 4 இரட்டைக் கொலைகள், 19 वर्ष पूर्व செய்திகளில் வந்த சம்பவங்கள் மட்டுமே இவை.மாற்றம், மாற்றம் என்று சொன்னவர்களின் उत्तर, उत्तर और उत्तर देखें मेरे पास एक अच्छा विकल्प है. मेरे पास एक अच्छा विकल्प है… — उदय – தமிழ்நாட்டை தலைகுனிய விடமாட்டேன் (@Udhaystalin) 25 मई 2026 उनकी यह टिप्पणी मदुरै में मीनाक्षी अम्मन मंदिर के पास पांच लोगों के एक समूह द्वारा 17 वर्षीय लड़के की कथित तौर पर हत्या किए जाने के बाद आई है। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, पीड़ित की पहचान कुबेंद्रन के रूप में हुई है, जिस पर मंदिर के पार्किंग क्षेत्र में सोते समय हमला किया गया था और बाद में उसके शरीर को पहली मंजिल से फेंक दिया गया था। पुलिस को संदेह है कि हत्या चिथिराई उत्सव के दौरान पहले हुई झड़प के कारण हुई है और कहा कि पांच आरोपियों का पता लगाने के प्रयास जारी हैं। स्टालिन ने कोयंबटूर के सुलूर में कन्नमपालयम के पास 10 वर्षीय लड़की के अपहरण और हत्या का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि इसके बाद विल्लुपुरम जिले में एक और यौन हमला हुआ था। उन्होंने कहा, “कोयंबटूर के सुलूर में छोटी लड़की के साथ हुई क्रूरता का सदमा कम होने से पहले ही, विल्लुपुरम जिले में एक लड़की के खिलाफ एक और यौन हमला हुआ है।” उन्होंने आगे आरोप लगाया कि सुलूर पीड़िता की मां का रिश्तेदारों को उचित जानकारी दिए बिना जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कर दिया गया। स्टालिन ने हाल की अन्य घटनाओं की ओर भी इशारा किया, जिनमें कोयंबटूर में एक युवती के घर पर पेट्रोल बम से हमला और मुख्यमंत्री के निर्वाचन क्षेत्र पेरंबूर में कथित तौर पर नशेड़ियों द्वारा की गई बर्बरता शामिल है। उन्होंने कहा, ”जब जनता बढ़ती आपराधिक घटनाओं के कारण डर से कराह रही है, तो आज सुबह पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक करना और नियमित बयान जारी करना स्वीकार नहीं किया जा सकता है।” उन्होंने सरकार से महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। भाजपा ने भी विजय सरकार पर हमला किया और वरिष्ठ भाजपा नेता के अन्नामलाई ने आरोप लगाया कि “ड्रग तस्करों, यौन हमलावरों और हत्यारों को तमिलनाडु में खुली छूट है”, जबकि राज्य भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने अपराधों में शामिल लोगों के लिए कड़ी सजा की मांग की। विजय ने सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया इस बीच, मुख्यमंत्री ने कहा कि तमिलनाडु सरकार महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा, “मैंने पुलिस को घटना की गहन और त्वरित जांच करने और तुरंत आरोप पत्र दाखिल करने के लिए सभी आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।” उन्होंने कहा, “तमिलनाडु सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ता से कार्रवाई करेगी कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ ऐसे जघन्य कृत्यों में शामिल लोगों को कानून के तहत कड़ी सजा मिले। इसके लिए सभी तत्काल और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।” उत्तर पुस्तिकाएँ एक वर्ष से अधिक समय तक ऋण प्राप्त करना விசாரணை செய்தும், வழக்கினை நடத்தியும், கடும் தண்டனை பெற்றுத்தர வேண்டும் என மாண்புமிகு தமிழ்நாடு முதலமைச்சர் திரு.ச.ஜோசப் விஜய் அவர்கள் உத்தரவு.#CMजोसेफविजय pic.twitter.com/dKyZufcDZP– CMOTamilNadu (@CMOTamilnadu) 25 मई 2026 तमिलनाडु सरकार द्वारा जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री ने पुलिस को जघन्य अपराधों से जुड़े मामलों को तेजी से दर्ज करने, त्वरित जांच करने, आरोपियों पर तुरंत मुकदमा चलाने और कानून के तहत कड़ी सजा सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है। इससे पहले, उन्होंने सुलूर में 10 वर्षीय लड़की की हत्या को “अमानवीय और अक्षम्य” बताया। विजय ने कहा, “कल कोयंबटूर में 10 साल की बच्ची के साथ हुई भयावह घटना बेहद दुख और सदमा पहुंचाती है। इस तरह के अमानवीय और अक्षम्य आपराधिक कृत्यों को हमारे समाज में कभी भी बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।” मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि मामले से जुड़े दो लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। (एजेंसियों से इनपुट के साथ) चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया ‘2 सप्ताह में 25 हत्याएं’: उदयनिधि स्टालिन ने महिलाओं, बच्चों के खिलाफ अपराधों पर विजय सरकार की आलोचना की अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)तमिलनाडु अपराध स्थिति(टी)तमिलनाडु कानून और व्यवस्था(टी)उदयनिधि स्टालिन आलोचना(टी)जोसेफ विजय सरकार(टी)महिलाओं के खिलाफ अपराध(टी)बच्चों के खिलाफ अपराध(टी)कोयंबटूर हत्या मामला(टी)विल्लुपुरम यौन उत्पीड़न
लौकी मंचूरियन रेसिपी: घर पर रेस्तरां स्टाइल लौकी मंचूरियन, खाद्य खाद्य प्रेमी भी हो जाएंगे इस देसी रसोई के दीवाने

25 मई 2026 को 14:03 IST पर अद्यतन किया गया लौकी मंचूरियन रेसिपी: बार-बार घर में बच्चे हो या बड़े, लोकी की सादी सब्जी देखकर नाक-भौं सिकोड़ने लगते हैं। अगर आप भी लोकी को एक ही तरीके से बना-बनाकर बोर हो गए हैं, तो अब समय आ गया है एक मजेदार और चटकारे बदलाव करने का। आज हम आपके लिए लेकर आए हैं लोकी मंचूरियन की एक अनोखी रेसिपी, जिसका स्वाद बिल्कुल किसी भी बड़े रेस्तरां जैसा है। आइए जानते हैं घर पर ही रेस्तरां स्टाइल लोकी मंचूरियन बनाने की विधि। अनुसरण करना : सबसे पहले ताजी लोकी को छीलकर कद्दूकस कर लें और उसका सारा पानी लेबल करके अलग रख लें। छवि: इंस्टाग्राम कद्दू लोकी में इलेक्ट्रोनिक कटी काली मिर्च, अदरक-लहसुन पेस्ट, नमक, काली मिर्च, कॉर्नफ्लोर और मैदा मिश्रित मिक्सचर बना लें। छवि: एआई इस मिश्रण से छोटे-छोटे स्केच और कड़ही में तेल गरम करके मसाला और क्रिस्पी होने तक तल लें। छवि: एआई दूसरी कड़ी में थोड़ा सा तेल गर्म करके लहसुन, अदरक, हरी मिर्च, और तेज मिर्च को तेजी से प्रभावित सा भून लें। छवि: एआई सोया सॉस, चिली सॉस, टोमैटो केचप, सिरका और कॉर्न फ्लोर का सॉसेज ग्रेवी को अलेस्टेड तक में भुना हुआ मसाला होता है। छवि: एआई रेस्टोरेंट में तली हुई प्याज बॉल्स स्ट्रक्चरल अच्छी तरह से स्टेक और ऊपर से हरा कॉनमैल गरमागरम टेस्टी लोकी मंचूरियन सर्व करें। छवि: एआई द्वारा प्रकाशित: कीर्ति सोनी प्रकाशित 25 मई 2026 14:03 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट) लौकी मंचूरियन रेसिपी (टी) लौकी मंचूरियन कैसे बनाएं (टी) रेस्टोरेंट स्टाइल मंचूरियन (टी) लौकी रेसिपी (टी) भारतीय चीनी फ्यूजन फूड (टी) शाम के आसान स्नैक्स (टी) हेल्दी मंचूरियन रेसिपी
‘महंगाई आदमी ने फिर से हमला किया’: ईंधन की बढ़ती कीमतों को लेकर राहुल गांधी ने केंद्र पर निशाना साधा | भारत समाचार

आखरी अपडेट:25 मई, 2026, 13:47 IST पेट्रोल और डीजल की कीमतों में सोमवार को फिर बढ़ोतरी की गई, जो पिछले 10 दिनों में चौथी बढ़ोतरी है। केरल में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी की फाइल फोटो। (छवि: कांग्रेस/एक्स) कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ताजा बढ़ोतरी को लेकर सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि चुनाव खत्म होने के तुरंत बाद ईंधन की दरें बढ़ा दी गईं। गांधी ने आगे दावा किया कि उन्होंने पहले ही “आर्थिक तूफान” आने की चेतावनी दी थी और कहा था कि आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतें बढ़ती रहेंगी। एक्स पर एक पोस्ट में, कांग्रेस नेता ने प्रधान मंत्री को “महंगाई आदमी मोदी” के रूप में संदर्भित किया और दावा किया कि वह महीनों से “आर्थिक तूफान” के बारे में चेतावनी दे रहे थे। गांधी ने लिखा, “मैं आर्थिक तूफान आने के बारे में महीनों से चेतावनी दे रहा हूं। लेकिन मोदी जी, हमेशा की तरह, उस समय चुनावों में व्यस्त थे – और जैसे ही चुनाव खत्म हुए, पेट्रोल-डीजल में 8 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई।” पेट्रोल-डीज़ल के दाम किश्तों में बिक रहे हैं – इसलिए ग्लास-चुपके आपकी जेब कट्टी रहे। महीनों से आर्थिक तूफान आने की बात कह रही थी। मोदी जी तब हमेशा की तरह चुनाव में शामिल थे – और चुनाव खत्म होते ही पेट्रोल-डीजल ₹8 महंगा कर दिया। और, ये… – राहुल गांधी (@RahulGandhi) 25 मई 2026 उन्होंने आगे दावा किया कि आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों में वृद्धि जारी रहेगी और सरकार पर केवल चुनावों पर ध्यान केंद्रित करने का आरोप लगाया जबकि आम नागरिक मुद्रास्फीति से पीड़ित हैं। उन्होंने कहा, “महंगाई पुरुष मोदी का एकमात्र काम है चुनाव के दौरान वादे करना और बाकी समय जनता की जेब पर हमला करना।” पेट्रोल, डीजल की कीमतें आज फिर बढ़ गईं पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण वैश्विक कच्चे तेल बाजारों में जारी अस्थिरता के बीच पेट्रोल और डीजल की कीमतों में सोमवार को फिर से बढ़ोतरी की गई, जो पिछले 10 दिनों में चौथी बढ़ोतरी है। सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने देश भर में ईंधन की कीमतों में संशोधन किया, कई राज्यों में पेट्रोल और डीजल की दरों में 2 रुपये प्रति लीटर से थोड़ा अधिक की बढ़ोतरी हुई। नवीनतम वृद्धि तब हुई है जब होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास तनाव का वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर पड़ रहा है। भारत, दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल आयातक, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले कच्चे तेल के शिपमेंट पर बहुत अधिक निर्भर करता है, जिससे घरेलू ईंधन की कीमतें क्षेत्र में व्यवधानों के प्रति संवेदनशील हो जाती हैं। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया ‘महंगाई आदमी ने फिर से हमला किया’: ईंधन की बढ़ती कीमतों को लेकर राहुल गांधी ने केंद्र पर निशाना साधा अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पेट्रोल डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी(टी)राहुल गांधी की आलोचना(टी)महंगाई आदमी मोदी(टी)ईंधन की कीमत में वृद्धिभारत(टी)चुनाव के बाद ईंधन वृद्धि(टी)आर्थिक तूफान की चेतावनी(टी)ईंधन की बढ़ती कीमतें(टी)भारत मुद्रास्फीति की राजनीति








