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45 डिग्री टेंपरेचर में बाहर निकलते वक्त ये 5 चीजें जरूर रखें साथ, लू लगने का नहीं रहेगा खतरा

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Last Updated:May 17, 2026, 22:55 IST Tips To Prevent Summer Heat: दिल्ली-एनसीआर समेत कई जगहों पर पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है. दोपहर के वक्त गर्म हवा चल रही है, जिसे लू कहा जाता है. भीषण गर्मी में बाहर निकलते समय सभी लोगों को अपने पास पानी, ORS, छाता और सूती कपड़े जैसी जरूरी चीजें रखना चाहिए. इससे लू, डिहाइड्रेशन और हीटवेव के खतरों से बचा जा सकता है. गर्मी में लू से बचने के लिए पानी की बोतल हमेशा साथ रखनी चाहिए. Useful Summer Health Tips: गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है. पिछले सप्ताह आंधी-बारिश के कारण तापमान में थोड़ी गिरावट आई थी, लेकिन अब पारा फिर 45 डिग्री सेल्सियस के पार हो गया है. मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर में भीषण गर्मी का अलर्ट जारी किया है. अनुमान है कि आने वाला सप्ताह काफी गर्म रहेगा और लोगों को लू का सामना भी करना पड़ेगा. तेज धूप, गर्म हवाएं और लगातार बढ़ती हीट लोगों की सेहत पर बुरा असर डाल सकती है. ऐसे मौसम में थोड़ी सी लापरवाही भी लू यानी हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है. खासकर दोपहर के समय बाहर निकलने वाले लोगों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत होती है. अगर आप भी तेज गर्मी में घर से बाहर निकलते हैं, तो कुछ जरूरी चीजें अपने साथ रखना बेहद जरूरी है. ये छोटी-छोटी सावधानियां आपको लू और शरीर में पानी की कमी से बचाने में मदद कर सकती हैं. लखनऊ के मेदांता हॉस्पिटल के इमरजेंसी डिपार्टमेंट के हेड डॉ. लोकेंद्र गुप्ता ने News18 को बताया गर्मी में शरीर से पसीने के जरिए काफी मात्रा में पानी बाहर निकल जाता है, जिससे डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए बाहर निकलते समय हमेशा पानी की बोतल अपने साथ रखें और थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीते रहें. अगर संभव हो तो सादा पानी की जगह नींबू पानी, ORS या नारियल पानी का सेवन करें, ताकि शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बना रहे. गर्मियों में कमजोरी और थकान महसूस होना आम बात है. ऐसे में ORS या ग्लूकोज पाउडर साथ रखना फायदेमंद हो सकता है. जरूरत पड़ने पर इसे पानी में मिलाकर पीने से शरीर को तुरंत एनर्जी मिलती है और डिहाइड्रेशन का खतरा कम हो जाता है. डॉक्टर के मुताबिक तेज धूप सीधे सिर पर पड़ने से शरीर का तापमान तेजी से बढ़ सकता है. इससे चक्कर आना, सिरदर्द और लू लगने का खतरा बढ़ जाता है. बाहर निकलते समय छाता, कैप या चौड़ी टोपी का इस्तेमाल करें. इससे धूप का असर कम होता है और शरीर को कुछ हद तक ठंडक मिलती है. इसके अलावा गर्मी में सिंथेटिक कपड़ों की बजाय हल्के रंग के सूती कपड़े पहनना ज्यादा बेहतर माना जाता है. सूती कपड़े पसीना जल्दी सोख लेते हैं और शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं. इसके अलावा एक गमछा या स्कार्फ साथ रखने से चेहरे और गर्दन को तेज धूप से बचाया जा सकता है. एक्सपर्ट ने बताया कि तेज धूप सिर्फ शरीर ही नहीं, त्वचा और आंखों को भी नुकसान पहुंचा सकती है. लंबे समय तक धूप में रहने से सनबर्न, टैनिंग और आंखों में जलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए बाहर निकलने से पहले सनस्क्रीन लगाएं और अच्छी क्वालिटी के सनग्लासेस का इस्तेमाल करें. गर्मी में दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें, क्योंकि इस समय तापमान सबसे ज्यादा होता है. खाली पेट बाहर न जाएं और ज्यादा तला-भुना या मसालेदार खाना खाने से बचें. तरबूज, खीरा, ककड़ी और दही जैसी ठंडी चीजों का सेवन शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है. डॉक्टर की मानें तो अगर किसी व्यक्ति को तेज सिरदर्द, चक्कर आना, उल्टी, अत्यधिक कमजोरी, तेज बुखार या बेहोशी जैसी समस्या होने लगे, तो यह लू लगने का संकेत हो सकता है. ऐसे में तुरंत छांव में जाएं, शरीर को ठंडा करें और जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें. लू लगने पर सही समय पर इलाज न मिले, तो यह जानलेवा कंडीशन हो सकती है. भीषण गर्मी में थोड़ी सी सावधानी आपकी सेहत को सुरक्षित रख सकती है. गर्मियों में बाहर तैयारी के साथ निकलें और सेहत का खास ध्यान रखें. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें

टीएन के बाद, क्या विजय की टीवीके केरल की राजनीति में प्रवेश करने के लिए तैयार है? बैक-टू-बैक फैन मीटिंग्स स्पार्क बज़ | भारत समाचार

Mohun Bagan vs East Bengal Live Score, ISL 2026. (Picture Credit: X/@mohunbagansg and @eastbengal_fc)

आखरी अपडेट:17 मई, 2026, 22:25 IST टीवीके केरल इकाई को लेकर चर्चा तब शुरू हुई जब वायनाड में विजय प्रशंसकों के एक समूह ने स्थानीय टीवीके इकाई बनाने के उपाय शुरू किए। तमिलनाडु में टीवीके प्रमुख विजय के प्रदर्शन से केरल में टीवीके इकाई को लेकर चर्चा बढ़ गई है। तमिलनाडु में शानदार राजनीतिक शुरुआत के बाद, अभिनेता से नेता बने सी जोसेफ विजय की तमिलागा वेट्री कड़गम (टीवीके) के पलक्कड़ और वायनाड में बैक-टू-बैक प्रशंसक बैठकों के बाद पड़ोसी राज्य केरल में प्रवेश करने को लेकर काफी चर्चा है। यह तब हुआ जब वायनाड में विजय प्रशंसकों के एक समूह ने पिछले सप्ताह एक स्थानीय टीवीके इकाई बनाने के उपाय शुरू किए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रविवार को पलक्कड़ में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के प्रशंसकों के एक समूह की बैठक हुई। विशेष रूप से, विजय के केरल में सैकड़ों प्रशंसक संघ हैं जो थलपति विजय मक्कल इयक्कम के बैनर तले कई कल्याणकारी पहल चलाते हैं, जिसे अब टीवीके नाम दिया गया है। हालाँकि, संगठन को अभी तक राज्य में एक राजनीतिक दल के रूप में आधिकारिक तौर पर पंजीकृत नहीं किया गया है, क्योंकि सदस्य तमिलनाडु में टीवीके नेताओं के निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं। यह भी पढ़ें: सहयोगी के रूप में विजय, मुख्यमंत्री के रूप में सतीसन: कांग्रेस का दक्षिणी दांव व्यावहारिक राहुल गांधी को दर्शाता है क्या टीवीके केरल में अपना विस्तार कर रहा है? विजय के शपथ ग्रहण के दौरान केरल में उनके प्रशंसकों ने केरल के विभिन्न हिस्सों में बड़े पैमाने पर जश्न मनाया। जैसा कि रिपोर्ट में बताया गया है, पलक्कड़ और वायनाड में टीवीके की बैठक में भाग लेने वालों में ज्यादातर युवा और कई महिलाएं शामिल थीं। डेक्कन हेराल्ड. केरल में टीवीके कार्यकर्ताओं के बीच आशावाद है कि पार्टी को राज्य में जनता का समर्थन मिल सकता है। कथित तौर पर विजय के कई प्रशंसक एक राजनीतिक दल के नाम से आधिकारिक घोषणा का इंतजार कर रहे हैं। टीवीके 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और सीपीआई, सीपीआई (एम), आईयूएमएल और वीसीके के साथ गठबंधन में सरकार बनाई, जो राज्य के राजनीतिक परिदृश्य में एक निर्णायक बदलाव का प्रतीक है। टीवीके केरल इकाई के नाम पर कई सोशल मीडिया पेज सामने आए, हालांकि ऐसी इकाई की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। की एक रिपोर्ट के मुताबिक सप्ताहकई टीवीके समूहों ने केरल के विभिन्न जिलों में सक्रिय रूप से जुटना शुरू कर दिया है। इनमें “टीवीके केरल राज्य समिति” और “टीवीके केरल महिला समिति” के गैर-आधिकारिक हैंडल शामिल हैं। कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं होने के बावजूद, इन पेजों और समूहों ने सप्ताहांत में केरल में हजारों फॉलोअर्स जुटा लिए हैं, जो राज्य में विजय के बड़े पैमाने पर प्रशंसक होने का संकेत है। मुख्यमंत्री के चयन में कांग्रेस की ओर से देरी ने भी पड़ोसी राज्य तमिलनाडु में स्टार नेतृत्व वाले नेतृत्व का अनुसरण करने में कुछ युवाओं के योगदान में योगदान दिया है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : वायनाड, भारत, भारत न्यूज़ इंडिया टीएन के बाद, क्या विजय की टीवीके केरल की राजनीति में प्रवेश करने के लिए तैयार है? बैक-टू-बैक फैन मीटिंग्स स्पार्क बज़ अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)तमिलगा वेट्री कज़गम केरल(टी)सी जोसेफ विजय(टी)टीवीके केरल विस्तार(टी)विजय राजनीतिक दल(टी)थलपति विजय प्रशंसक(टी)टीवीके केरल इकाई(टी)केरल युवा राजनीति(टी)तमिलनाडु की राजनीति

पैरों में जाल की तरह दिख रही नसें, जानें क्या है वैरिकाज वेन्स? घर पर इलाज का तरीका

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Last Updated:May 17, 2026, 21:50 IST Varicose Veins Ke Liye Upay: वैरिकोज वेन्स बहुत ही कॉमन लक्षणों के साथ शुरू होता है. लेकिन यदि समय पर इसके लिए उपाय नहीं किए गए तो गंभीर समस्या में बदल सकता है. यहां आप वैरिकोज वेन्स की बीमारी और इसके घरेलू उपायों के बारे में जान सकते हैं. ख़बरें फटाफट वैरिकोज वेन्स पैरों में नजर आने वाली एक मेडिकल कंडीशन है, जो कई बार गंभीर समस्या भी बन जाती है. इसमें पैरों की नसें फूलकर उभरने लगती हैं और दिखाई देने लगती हैं. बहुत से लोग इसे सामान्य थकान या बढ़ती उम्र का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन असल में यह नसों में खून के सही तरीके से न बह पाने की वजह से होता है. इस स्थिति में पैरों में दर्द, जलन, भारीपन और सूजन जैसी परेशानी महसूस हो सकती है. आयुर्वेद के अनुसार यह समस्या शरीर में वात दोष के बढ़ने और ब्लड सर्कुलेशन कमजोर होने से जुड़ी होती है. वहीं मेडिकल साइंस कहता है कि नसों के अंदर मौजूद छोटे वाल्व कमजोर हो जाते हैं, जिससे खून नीचे की ओर इकट्ठा होने लगता है और नसें फूल जाती हैं. समय के साथ यह समस्या और बढ़ सकती है, इसलिए शुरुआती स्टेज में ध्यान देना जरूरी होता है. वैरिकोज वेन्स के घरेलू उपायकंप्रेशन स्टॉकिंग्स का उपयोग काफी फायदेमंद माना जाता है. ये विशेष प्रकार की जुराबें पैरों पर हल्का दबाव बनाती हैं, जिससे खून का प्रवाह सही दिशा में बना रहता है और सूजन व दर्द कम होने लगता है. पैरों को समय-समय पर ऊपर उठाकर रखना भी बहुत उपयोगी उपाय है. जब आप आराम करते हैं, तो पैरों के नीचे तकिया रखकर उन्हें ऊपर रखने से नसों पर दबाव कम होता है और खून का संचार बेहतर होता है. इससे पैरों को आराम मिलता है. खानपान का सही ध्यान रखना भी बहुत जरूरी है. हल्का और पौष्टिक भोजन लेना चाहिए जिसमें हरी सब्जियां, ताजे फल, दालें और फाइबर से भरपूर आहार शामिल हो. विटामिन सी और पोटेशियम युक्त भोजन सूजन कम करने में मदद करता है. दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी शरीर के लिए फायदेमंद होता है. रोजाना हल्की एक्सरसाइज या टहलना भी इस समस्या में राहत दे सकता है. पैरों की हल्की स्ट्रेचिंग और नियमित चलने से मांसपेशियां एक्टिव रहती हैं, जिससे रक्त का बहाव बेहतर होता है और नसों पर दबाव कम पड़ता है. अगर समस्या ज्यादा बढ़ जाए या दर्द लगातार बना रहे, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी होता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

Liver Disease: लिवर की ये दो बीमारियां क्यों हैं अलग-अलग? एक्सपर्ट से जानें फैटी लिवर और हेपेटाइटिस का अंतर

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Last Updated:May 17, 2026, 21:19 IST Fatty Liver vs Hepatitis: फैटी लिवर डिजीज और हेपेटाइटिस आज के समय में तेजी से बढ़ने वाली लिवर संबंधी समस्याएं हैं. कई लोग इन दोनों बीमारियों को एक जैसा मान लेते हैं, लेकिन वास्तव में इनके कारण, लक्षण और इलाज अलग-अलग होते हैं. यहां आप एक्सपर्ट से दोनों के बीच के अंतर को समझ सकते हैं. ख़बरें फटाफट लिवर हमारे शरीर का बहुत जरूरी अंग है. खाना पचाने से लेकर शरीर से गंदे तत्व बाहर निकालने और शरीर को ऊर्जा देने का काम करता है. इसलिए लिवर का स्वस्थ रहना बेहद जरूरी है. लेकिन आज के समय में फैटी लिवर और हेपेटाइटिस की समस्या बहुत कॉमन होती जा रही है. हालांकि दोनों बीमारी ही लिवर में खराबी से संबंधित है, लेकिन फिर भी दोनों में अंतर है. वैशाली स्थित मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में गैस्ट्रोएंटरोलॉजी डिपार्टमेंट के सीनियर डायरेक्टर एंड हेड डॉ. शुभाशीष मजूमदार ने बताया कि इन दोनों बीमारियों में सबसे बड़ा अंतर यह है कि फैटी लिवर में चर्बी जमा होती है, जबकि हेपेटाइटिस में लिवर में सूजन और संक्रमण होता है. फैटी लिवर ज्यादातर खराब लाइफस्टाइल से जुड़ा होता है, जबकि हेपेटाइटिस कई बार संक्रमण के कारण फैलता है. फैटी लिवर में क्या होता है?फैटी लिवर की समस्या तब होती है जब लिवर में जरूरत से ज्यादा चर्बी जमा होने लगती है. यह बीमारी अक्सर गलत खानपान, मोटापा, डायबिटीज, ज्यादा शराब पीने और शारीरिक गतिविधि की कमी के कारण होती है. लंबे समय तक बैठे रहने और बाहर का तला-भुना खाना खाने से भी इसका खतरा बढ़ जाता है. शुरुआत में फैटी लिवर के लक्षण- कई लोगों को लंबे समय तक पता ही नहीं चलता कि उनका लिवर प्रभावित हो रहा है. हालांकि कुछ लोगों को थकान, कमजोरी या पेट के ऊपरी हिस्से में भारीपन महसूस हो सकता है. अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो यह समस्या आगे चलकर लिवर में सूजन और नुकसान का कारण बन सकती है. हेपेटाइटिस क्या होता है?हेपेटाइटिस लिवर में सूजन की बीमारी है. यह अक्सर वायरस संक्रमण की वजह से होता है, जैसे हेपेटाइटिस A, B और C. इसके अलावा ज्यादा शराब पीना, कुछ दवाइयों का अधिक सेवन या शरीर की प्रतिरोधक क्षमता से जुड़ी समस्याएं भी इसका कारण बन सकती हैं. हेपेटाइटिस में लिवर की कोशिकाएं सूज जाती हैं और सही तरीके से काम नहीं कर पातीं. शुरुआती लक्षण- इस बीमारी में बुखार, भूख कम लगना, उल्टी, शरीर दर्द और आंखों या त्वचा का पीला पड़ना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं. गंभीर मामलों में यह लिवर सिरोसिस या लिवर फेलियर जैसी खतरनाक स्थिति पैदा कर सकता है. लिवर को हेल्दी रखने का उपायविशेषज्ञों का कहना है कि स्वस्थ भोजन, नियमित व्यायाम, वजन नियंत्रित रखना और शराब से दूरी बनाकर फैटी लिवर से बचा जा सकता है. वहीं हेपेटाइटिस से बचाव के लिए साफ-सफाई, सुरक्षित इंजेक्शन और जरूरी वैक्सीन लगवाना बहुत जरूरी है. समय-समय पर जांच करवाने से लिवर की बीमारी का जल्दी पता लगाया जा सकता है और गंभीर परेशानी से बचा जा सकता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

‘यह मेरी खुशी के बारे में नहीं है’: पार्टी द्वारा केरल के मुख्यमंत्री के लिए वीडी सतीसन को चुनने के बाद रमेश चेन्निथला | भारत समाचार

Mohun Bagan vs East Bengal Live Score, ISL 2026. (Picture Credit: X/@mohunbagansg and @eastbengal_fc)

आखरी अपडेट:17 मई, 2026, 20:56 IST ऐसा तब हुआ जब चेन्निथला, जो सीएम पद के दावेदार थे, को वीडी सतीसन के मंत्रिमंडल में गृह विभाग दिया गया। कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला. (पीटीआई/फ़ाइल) केरल कांग्रेस के नेता रमेश चेन्निथला ने कहा कि उन्हें वीडी सतीसन को केरल का नया मुख्यमंत्री नियुक्त किए जाने से कोई समस्या नहीं है, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पार्टी व्यक्तिगत उपलब्धियों से अधिक महत्वपूर्ण है। से बात हो रही है सीएनएन-न्यूज18चेन्निथला ने कहा, “यह मेरी खुशी या नाखुशी का सवाल नहीं है। पार्टी अधिक महत्वपूर्ण है।” उन्होंने पार्टी द्वारा दी गई जिम्मेदारियों को पूरी ईमानदारी से निभाने का वादा भी किया। सतीसन ने अपने शपथ ग्रहण समारोह से एक दिन पहले अपने मंत्रिमंडल की घोषणा की, जिसमें रमेश चेन्निथला, के मुरलीधरन और सनी जोसेफ शामिल हैं। चेन्निथला को केरल का महत्वपूर्ण गृह विभाग सौंपा गया है, जो राज्य में कानून व्यवस्था, आंतरिक सुरक्षा और सार्वजनिक सुरक्षा की देखरेख करता है। गठबंधन ने तिरुवंचूर राधाकृष्णन को विधानसभा अध्यक्ष के रूप में नामित किया है, जबकि शनिमोल उस्मान उपाध्यक्ष के रूप में काम करेंगे। हाल के चुनाव में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) द्वारा वामपंथी सरकार को गिराने के बाद चेन्निथला कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल के साथ सीएम पद के दावेदार थे। ‘शानदार जीत’ चेन्निथला ने आगे बताया सीएनएन-न्यूज18 कि पार्टी का निर्णय उनकी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा से अधिक महत्वपूर्ण था। उन्होंने कहा, “लोगों ने 102 सीटों के साथ यूडीएफ को अपना समर्थन दिया है। यह एक शानदार जीत है। लोकतंत्र में उचित चर्चा होनी चाहिए।” यह उन खबरों के बाद आया है कि सीएम पद से इनकार किए जाने के बाद चेन्निथला कैबिनेट में शामिल नहीं हो सकते हैं। तिरुवनंतपुरम में कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की बैठक में शामिल नहीं होने के बाद। माना जाता है कि कांग्रेस आलाकमान ने तनाव कम करने के प्रयास के तहत सतीसन को कैबिनेट में शामिल करने के लिए कहा है। चेन्निथला के पास केरल कांग्रेस में दशकों लंबा अनुभव है और उन्होंने 2014 से 2016 तक ओमन चांडी सरकार में गृह मंत्री के रूप में भी कार्य किया। 2026 के चुनाव में, उन्होंने सीपीआई के टीटी जिस्मोन को हराकर अलाप्पुझा जिले के हरिपद से 23,377 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। महत्वपूर्ण बात यह है कि वह अलाप्पुझा में जीतने वाले एकमात्र यूडीएफ उम्मीदवार थे, एक ऐसा जिला जिसने बड़े पैमाने पर गठबंधन की बढ़त का विरोध किया, जिससे उनकी व्यक्तिगत चुनावी ताकत मजबूत हुई। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : तिरुवनंतपुरम (त्रिवेंद्रम), भारत, भारत न्यूज़ इंडिया ‘यह मेरी खुशी के बारे में नहीं है’: पार्टी द्वारा केरल के मुख्यमंत्री के लिए वीडी सतीसन को चुनने के बाद रमेश चेन्निथला अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)केरल की राजनीति(टी)केरल सीएम की दौड़(टी)रमेश चेन्निथला(टी)वीडी सतीसन(टी)केरल के मुख्यमंत्री(टी)केरल कांग्रेस(टी)यूडीएफ सरकार(टी)केरल कैबिनेट

मसाला छाछ रेसिपी: दो के खाने के बाद अमृत है मसाला छाछ, जीरा और काला नमक मिलाकर पीने से तुरंत तुरंत ऊर्जा

मसाला छाछ रेसिपी

17 मई 2026 को 20:54 IST पर अपडेट किया गया मसाला छाछ रेसिपी: दोपहर के भोजन के बाद एक गिलास और मसाला छाछ मिल जाए, तो स्वाद और सेहत दोनों बन जाते हैं। आयुर्वेद में इसे ‘धरती का अमृत’ भी कहा गया है। यह सिर्फ आपके पाचन तंत्र को मापता नहीं है, बल्कि शरीर में गंभीर गर्मी को स्थिर करता है और पुनर्भरण भी करता है। आइए जानते हैं इसे बनाने की विधि के बारे में… अनुसरण करना : सामग्री ताज़ा और नारियल दही- 1 कप ठंडा पानी- 2 कप कुल मिलाकर जीरा पाउडर- 1 छोटा चम्मच काला- आधा छोटा छोटा हरी मिर्च और अदरक- एक छोटा टुकड़ा (बारीक पिसा हुआ) पुदीना और हरा धनिया- हीरा कटा हुआ छवि: एआई सबसे पहले एक पेंगलिश पॉइन्ट या चैलेंज में 1 कप ताज़ा दही लें। अब इसमें जीरा पाउडर, काला नमक, थोड़ा सा सादा नमक, अदरक-मिर्च का पेस्ट और कटे पुदीने के पत्ते शामिल हैं। छवि: एआई अब 2 कप एकदम ठंडा पानी डाला। अगर आप पारंपरिक स्वाद चाहते हैं, तो मथनी (हैंड ब्लेंडर) से इसे तब तक मथें जब तक कि ऊपर की ओर शानदार जहर न आ जाए। आप ड्राईवर तो पीसाईर का भी उपयोग कर सकते हैं। छवि: एआई छछूंदर बनकर तैयार है! इसे कांच के गिलास या मिट्टी के कुल्हड़ में रखें। ऊपर से थोड़ा सा और जीरा पाउडर और नारियल कटे हरे धनिए से गार्निश करें। एक्स्ट्रा कूलिंग के लिए एक आइस क्यूब भी डाल सकते हैं। छवि: एआई फ़ायदे काला नमक और जीरा पेट की गैस और एसिडिटी को शांत करते हैं। दोपहर की गंदी बात को भकर शरीर को तुरंत रीचार्ज करता है। यह शरीर से बाहर निकलने में मदद करता है। छवि: एआई वैसे तो छाछ कभी भी पी जा सकता है, लेकिन दो के खाने के तुरंत बाद इसे सबसे ज्यादा खतरनाक माना जाता है। ध्यान रखें, रात के समय शराब पीने से बचना चाहिए। छवि: एआई द्वारा प्रकाशित: कीर्ति सोनी प्रकाशित 17 मई 2026 को 20:54 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट)छाछ के फायदे(टी)मसाला छाछ(टी)जीरा छाछ(टी)काला नमक छाछ(टी)दोपहर के भोजन के बाद पेय(टी)ऊर्जा बूस्टर पेय(टी)स्वस्थ ग्रीष्मकालीन पेय(टी)भारतीय पारंपरिक पेय छाछ(टी)छाछ(टी)मसाला टाक

ये वजाइनोप्लास्टी क्या है, जिसके पीछे क्रेजी हो रही हैं आज की महिलाएं, क्या यह सेहत के लिए सुरक्षित?

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Last Updated:May 17, 2026, 20:51 IST Vaginoplasty Surgery: वजाइनोप्लास्टी एक मेडिकल सर्जरी है, जो मेडिकल कंडीशंस और कॉस्मेटिक वजह से की जाती है. चोट, डिसऑर्डर या कैंसर की कंडीशन में वजाइनल रिकंस्ट्रक्शन सर्जरी की जाती है, जबकि वजाइनल टोन को सुधारने के लिए कॉस्मेटिक वजाइनोप्लास्टी की जाती है. यह सर्जरी आमतौर पर सुरक्षित होती है, लेकिन इसके कुछ खतरे भी होते हैं. वजाइनोप्लास्टी एक सर्जिकल प्रोसीजर है, जिसे वजाइनल टोन रीस्टोर करने के लिए आजकल कराया जा रहा है. Is Vaginoplasty Safe: आजकल कई तरह की सर्जरी ट्रेंड में हैं. कई लोग अपनी स्किन को यंग बनाए रखने के लिए कॉस्मेटिक सर्जरी का सहारा लेते हैं, तो कुछ लोग ब्रेस्ट इनहांसमेंट सर्जरी कराते हैं. आजकल वजाइनोप्लास्टी का ट्रेंड भी तेजी से बढ़ रहा है. लोग अलग-अलग कारणों से यह सर्जरी करा रहे हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो यह सर्जरी कई बार मेडिकल कंडीशंस की वजह से की जाती है, जबकि कई लोग वजाइनल टोन को सुधारने और अपनी जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए यह सर्जरी करवाते हैं. अगर आप भी इस सर्जरी को लेकर कंफ्यूज हैं, तो डॉक्टर से इस बारे में जरूरी बातें जान लीजिए. नई दिल्ली के सर गंगाराम सिटी हॉस्पिटल के प्लास्टिक एंड कॉस्मेटिक सर्जन डॉ. रमन शर्मा ने News18 को बताया वजाइनोप्लास्टी एक सर्जिकल प्रोसीजर है, जिसमें वजाइना के अलग-अलग हिस्सों की सर्जरी की जाती है. प्रेग्नेंसी, बढ़ती उम्र और हार्मोनल प्रॉब्लम्स के कारण वजाइनल टोन बिगड़ जाती है, जिसे रीस्टोर करने के लिए वजाइनोप्लास्टी की जाती है. कुछ महिलाओं में जन्म से वजाइना पूरी तरह विकसित नहीं होती, जिसे ठीक करने के लिए यह सर्जरी की जाती है. कुछ मामलों में कैंसर या चोट के कारण वजाइना को नुकसान पहुंचता है, तब इस सर्जरी के जरिए उसे दोबारा रीकंस्ट्रक्ट जाता है. इसके अलावा कुछ लोग इसे कॉस्मेटिक या फंक्शनल कारणों से भी करवाते हैं, ताकि लाइफ क्वालिटी को सुधारा जा सके. यह सर्जरी लेजर के जरिए भी की जाती है. आजकल लोग इस सर्जरी को अपनी वजाइनल हेल्थ को बेहतर बनाने के लिए भी करवा रहे हैं. डॉक्टर रमन शर्मा के मुताबिक वजाइनोप्लास्टी के दौरान की जाने वाली प्रक्रिया इस बात पर निर्भर करती है कि सर्जरी किस कारण से की जा रही है. अगर यह योनि की ढीलापन कम करने या किसी चोट को ठीक करने के लिए की जाती है, तो डॉक्टर अतिरिक्त या ढीली त्वचा और टिश्यू को हटाते हैं, फिर टांकों की मदद से अंदरूनी ऊतकों को मजबूत और टाइट किया जाता है. कई मामलों में वजाइना के ओपनिंग साइज को कम करने के लिए अतिरिक्त टिश्यू हटाए जाते हैं. इस सर्जरी में लगने वाला समय इसकी जटिलता पर निर्भर करता है. कुछ सामान्य प्रक्रियाएं कुछ घंटों में पूरी हो जाती हैं, जबकि जटिल वेजाइनोप्लास्टी सर्जरी में 8 से 10 घंटे तक का समय लग सकता है. इसका खर्च भी सर्जरी टाइप पर डिपेंड करता है. एक्सपर्ट की मानें तो यह सर्जरी आमतौर पर सुरक्षित होती है, लेकिन हमेशा क्वालिफाइड सर्जन से ही करानी चाहिए. हर सर्जरी की तरह इसमें भी इंफेक्शन और ब्लीडिंग का खतरा रहता है, लेकिन पोस्ट सर्जरी केयर से इस खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है. रिकवरी का समय व्यक्ति और सर्जरी के प्रकार पर निर्भर करता है. सामान्य तौर पर कुछ हफ्तों से लेकर कुछ महीनों तक पूरी तरह ठीक होने में समय लग सकता है. डॉक्टर अक्सर मरीज को कुछ हफ्तों तक भारी काम, व्यायाम और यौन संबंध से बचने की सलाह देते हैं. सही देखभाल से मरीज धीरे-धीरे सामान्य जीवन में लौट आता है. डॉक्टर के अनुसार आजकल महिलाएं अपनी वजाइनल हेल्थ को लेकर जागरूक हो रही हैं, जिसकी वजह से इसका ट्रेंड बढ़ रहा है. तलाक के बाद दूसरी शादी के लिए भी कई महिलाएं वजाइनोप्लास्टी का सहारा ले रही हैं. सोशल मीडिया पर इस तरह की सर्जरी को लेकर चर्चा बढ़ी है, लेकिन इसे सिर्फ क्रेज की तरह नहीं देखना चाहिए. यह एक मेडिकल प्रक्रिया है जो जरूरत और व्यक्तिगत स्थिति के आधार पर की जाती है. हर व्यक्ति के लिए इसका कारण अलग होता है, इसलिए इसे फैशन या ट्रेंड मानना सही नहीं है. किसी भी तरह की सर्जरी से पहले डॉक्टर से पूरी सलाह लेना सबसे जरूरी होता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें

कोहली का नौवां 500+ रन वाला सीजन:पंजाब के खिलाफ सबसे ज्यादा रन बनाए, बेंगलुरु ने 44वीं बार 200+ का स्कोर बनाया; रिकॉर्ड्स

कोहली का नौवां 500+ रन वाला सीजन:पंजाब के खिलाफ सबसे ज्यादा रन बनाए, बेंगलुरु ने 44वीं बार 200+ का स्कोर बनाया; रिकॉर्ड्स

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने IPL 2026 के 61वें मैच में पंजाब किंग्स को 23 रन से हरा दिया। रविवार को धर्मशाला के HPCA स्टेडियम में RCB ने 223 रन का टारगेट दिया। जवाब में पंजाब की टीम 8 विकेट पर 199 रन ही बना सकी। मुकाबले में विराट कोहली ने IPL में 9वीं बार किसी सीजन में 500+ रन पूरे किए। वहीं, उन्होंने पंजाब किंग्स के खिलाफ सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड भी बनाया। दूसरी ओर बेंगलुरु ने टी-20 क्रिकेट में 44वीं बार 200+ स्कोर बनाया। बेंगलुरु-पंजाब मैच के टॉप-14 रिकॉर्ड्स… 1. पंजाब की लगातार छठी हार पंजाब किंग्स की IPL 2026 में यह लगातार छठी हार रही। टीम अब अपने IPL इतिहास की दूसरी सबसे लंबी हार की लकीर पर पहुंच गई है। पंजाब ने 2015 सीजन में लगातार 7 मुकाबले गंवाए थे। 2. RCB ने पंजाब के खिलाफ दबदबा कायम रखा रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने 2023 के बाद से पंजाब किंग्स के खिलाफ 8 में से 7 मुकाबले जीत लिए हैं। इस दौरान RCB ने PBKS पर पूरी तरह दबदबा बनाया हुआ है। इसी जीत के साथ टीम इस सीजन के प्लेऑफ में पहुंचने वाली पहली टीम बन गई। 3. बेंगलुरु ने दूसरे सबसे ज्यादा 200+ स्कोर बनाए टी-20 क्रिकेट में भारतीय टीम ने सबसे ज्यादा 50 बार 200+ स्कोर बनाए हैं। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 44 बार के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गई है। 43 बार के साथ चेन्नई तीसरे पायदान पर हैं। 4. पंजाब ने सबसे ज्यादा 200+ स्कोर रन दिए पंजाब किंग्स टी-20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा 46 बार 200+ स्कोर खाने वाली टीम बन गई है। RCB ने 40 बार 200+ रन कंसीड किए हैं। तीसरे नंबर पर 35 बार के साथ दिल्ली हैं। 5. श्रेयस की कप्तानी में 31वीं बार टीम ने 200+ रन दिए श्रेयस अय्यर की कप्तानी में पंजाब की टीम ने 31वीं बार 200+ स्कोर कंसीड किया। वे टी-20 क्रिकेट में कप्तान रहते हुए सबसे ज्यादा 200+ रन खाने वाले कप्तान बन गए हैं। आज उनका बतौर कप्तान 100वां मैच भी था। श्रेयस एक रन बनाकर आउट हो गए। 6. IPL 2026 में रिकॉर्ड 53वीं बार 200+ स्कोर बनाया IPL 2026 में टूर्नामेंट इतिहास में सबसे ज्यादा 50+ स्कोर बन गया। इस सीजन 53 बार टीमों ने 200 या उससे ज्यादा रन बनाए। 2025 में 52 बार ऐसा हुआ था। 7. पंजाब ने 9वीं बार 200+ स्कोर दिए पंजाब किंग्स ने IPL 2026 में 9वीं बार 200+ स्कोर कंसीड किया। यह किसी भी टी-20 टूर्नामेंट के एक सीजन में सबसे ज्यादा है। इससे पहले यह रिकॉर्ड पाकिस्तान की डोमेस्टिक टीम सदर्न पंजाब के नाम था। 8. कोहली का 9वां 500+ रन वाला सीजन विराट कोहली IPL में 9 बार किसी सीजन में 500+ रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं। उनके बाद डेविड वॉर्नर ने 7 बार ऐसा किया है। 9. पंजाब के खिलाफ कोहली के सबसे ज्यादा रन विराट कोहली ने पंजाब किंग्स के खिलाफ IPL में सबसे ज्यादा रन बना लिए हैं। उनके नाम अब 1217 रन हो गए हैं। कोहली ने पंजाब के अलावा चेन्नई, दिल्ली और कोलकाता के खिलाफ भी सबसे ज्यादा रन बनाए हैं। 10. कोहली 210वीं बार 50+ साझेदारी का हिस्सा बने विराट कोहली टी-20 क्रिकेट में 210वीं बार 50+ साझेदारी का हिस्सा बने। उन्होंने एलेक्स हेल्स की बराबरी कर ली। तीसरे नंबर पर 200+ साझेदारी के साथ ऑस्ट्रेलिया के डेविड वॉर्नर हैं। कोहली IPL में अब तक 138 बार 50+ साझेदारी का हिस्सा रहे हैं। इस मामले में दूसरे नंबर पर रोहित शर्मा हैं, जिनके नाम 107 साझेदारियां हैं। 11. कोहली-पडिक्कल ने छठी बार फिफ्टी साझेदारी की विराट कोहली और देवदत्त पडिक्कल ने IPL 2026 में छठी बार 50+ रन की साझेदारी की। दोनों अब एक सीजन में सबसे ज्यादा 50+ पार्टनरशिप करने वाली गैर-ओपनिंग जोड़ियों की सूची में संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। 12. पडिक्कल ने तीसरी बार पहली गेंद पर सिक्स लगाया देवदत्त पडिक्कल ने IPL 2026 में तीसरी बार अपनी पहली गेंद पर छक्का लगाया। उन्होंने हरप्रीत बरार की गेंद पर यह कारनामा किया। उनसे सुनील नरेन 2025 और शाहरुख खान 2023 में ऐसा कर चुके हैं IPL इतिहास में नंबर-3 पर 21 बैटर्स ने पहली बॉल सिक्स लगाया हैं। देवदत्त पडिक्कल के अलावा सिर्फ संजू सैमसन, रोहित शर्मा और सूर्यकुमार यादव ही यह कारनामा एक से ज्यादा बार कर सके हैं। सैमसन ने 4 बार, जबकि रोहित और सूर्यकुमार ने 2-2 बार पहली गेंद पर सिक्स लगाया है। 13. कॉनॉली ने डेब्यू सीजन में सबसे ज्यादा सिक्स लगाए कूपर कॉनॉली ने IPL के अपने पहले ही सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने IPL 2026 में 32 छक्के लगाए और सनथ जयसूर्या का 18 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। 14. भुवनेश्वर 35 की उम्र के बाद सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों में दूसरे नंबर पर पहुंचे बेंगलुरु के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार IPL 2026 में 24 विकेट ले चुके हैं। वह 35 साल की उम्र के बाद एक IPL सीजन में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। इस मामले में पूर्व चेन्नई सुपर किंग्स स्पिनर इमरान ताहिर टॉप पर हैं, जिन्होंने 2019 सीजन में 26 विकेट लिए थे।

कोहली का नौवां 500+ रन वाला सीजन:पंजाब के खिलाफ सबसे ज्यादा रन बनाए, बेंगलुरु ने 44वीं बार 200+ का स्कोर बनाया; रिकॉर्ड्स

कोहली का नौवां 500+ रन वाला सीजन:पंजाब के खिलाफ सबसे ज्यादा रन बनाए, बेंगलुरु ने 44वीं बार 200+ का स्कोर बनाया; रिकॉर्ड्स

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने IPL 2026 के 61वें मैच में पंजाब किंग्स को 23 रन से हरा दिया। रविवार को धर्मशाला के HPCA स्टेडियम में RCB ने 223 रन का टारगेट दिया। जवाब में पंजाब की टीम 8 विकेट पर 199 रन ही बना सकी। मुकाबले में विराट कोहली ने IPL में 9वीं बार किसी सीजन में 500+ रन पूरे किए। वहीं, उन्होंने पंजाब किंग्स के खिलाफ सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड भी बनाया। दूसरी ओर बेंगलुरु ने टी-20 क्रिकेट में 44वीं बार 200+ स्कोर बनाया। बेंगलुरु-पंजाब मैच के टॉप-14 रिकॉर्ड्स… 1. पंजाब की लगातार छठी हार पंजाब किंग्स की IPL 2026 में यह लगातार छठी हार रही। टीम अब अपने IPL इतिहास की दूसरी सबसे लंबी हार की लकीर पर पहुंच गई है। पंजाब ने 2015 सीजन में लगातार 7 मुकाबले गंवाए थे। 2. RCB ने पंजाब के खिलाफ दबदबा कायम रखा रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने 2023 के बाद से पंजाब किंग्स के खिलाफ 8 में से 7 मुकाबले जीत लिए हैं। इस दौरान RCB ने PBKS पर पूरी तरह दबदबा बनाया हुआ है। इसी जीत के साथ टीम इस सीजन के प्लेऑफ में पहुंचने वाली पहली टीम बन गई। 3. बेंगलुरु ने दूसरे सबसे ज्यादा 200+ स्कोर बनाए टी-20 क्रिकेट में भारतीय टीम ने सबसे ज्यादा 50 बार 200+ स्कोर बनाए हैं। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 44 बार के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गई है। 43 बार के साथ चेन्नई तीसरे पायदान पर हैं। 4. पंजाब ने सबसे ज्यादा 200+ स्कोर रन दिए पंजाब किंग्स टी-20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा 46 बार 200+ स्कोर खाने वाली टीम बन गई है। RCB ने 40 बार 200+ रन कंसीड किए हैं। तीसरे नंबर पर 35 बार के साथ दिल्ली हैं। 5. श्रेयस की कप्तानी में 31वीं बार टीम ने 200+ रन दिए श्रेयस अय्यर की कप्तानी में पंजाब की टीम ने 31वीं बार 200+ स्कोर कंसीड किया। वे टी-20 क्रिकेट में कप्तान रहते हुए सबसे ज्यादा 200+ रन खाने वाले कप्तान बन गए हैं। आज उनका बतौर कप्तान 100वां मैच भी था। श्रेयस एक रन बनाकर आउट हो गए। 6. IPL 2026 में रिकॉर्ड 53वीं बार 200+ स्कोर बनाया IPL 2026 में टूर्नामेंट इतिहास में सबसे ज्यादा 50+ स्कोर बन गया। इस सीजन 53 बार टीमों ने 200 या उससे ज्यादा रन बनाए। 2025 में 52 बार ऐसा हुआ था। 7. पंजाब ने 9वीं बार 200+ स्कोर दिए पंजाब किंग्स ने IPL 2026 में 9वीं बार 200+ स्कोर कंसीड किया। यह किसी भी टी-20 टूर्नामेंट के एक सीजन में सबसे ज्यादा है। इससे पहले यह रिकॉर्ड पाकिस्तान की डोमेस्टिक टीम सदर्न पंजाब के नाम था। 8. कोहली का 9वां 500+ रन वाला सीजन विराट कोहली IPL में 9 बार किसी सीजन में 500+ रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं। उनके बाद डेविड वॉर्नर ने 7 बार ऐसा किया है। 9. पंजाब के खिलाफ कोहली के सबसे ज्यादा रन विराट कोहली ने पंजाब किंग्स के खिलाफ IPL में सबसे ज्यादा रन बना लिए हैं। उनके नाम अब 1217 रन हो गए हैं। कोहली ने पंजाब के अलावा चेन्नई, दिल्ली और कोलकाता के खिलाफ भी सबसे ज्यादा रन बनाए हैं। 10. कोहली 210वीं बार 50+ साझेदारी का हिस्सा बने विराट कोहली टी-20 क्रिकेट में 210वीं बार 50+ साझेदारी का हिस्सा बने। उन्होंने एलेक्स हेल्स की बराबरी कर ली। तीसरे नंबर पर 200+ साझेदारी के साथ ऑस्ट्रेलिया के डेविड वॉर्नर हैं। कोहली IPL में अब तक 138 बार 50+ साझेदारी का हिस्सा रहे हैं। इस मामले में दूसरे नंबर पर रोहित शर्मा हैं, जिनके नाम 107 साझेदारियां हैं। 11. कोहली-पडिक्कल ने छठी बार फिफ्टी साझेदारी की विराट कोहली और देवदत्त पडिक्कल ने IPL 2026 में छठी बार 50+ रन की साझेदारी की। दोनों अब एक सीजन में सबसे ज्यादा 50+ पार्टनरशिप करने वाली गैर-ओपनिंग जोड़ियों की सूची में संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। 12. पडिक्कल ने तीसरी बार पहली गेंद पर सिक्स लगाया देवदत्त पडिक्कल ने IPL 2026 में तीसरी बार अपनी पहली गेंद पर छक्का लगाया। उन्होंने हरप्रीत बरार की गेंद पर यह कारनामा किया। उनसे सुनील नरेन 2025 और शाहरुख खान 2023 में ऐसा कर चुके हैं IPL इतिहास में नंबर-3 पर 21 बैटर्स ने पहली बॉल सिक्स लगाया हैं। देवदत्त पडिक्कल के अलावा सिर्फ संजू सैमसन, रोहित शर्मा और सूर्यकुमार यादव ही यह कारनामा एक से ज्यादा बार कर सके हैं। सैमसन ने 4 बार, जबकि रोहित और सूर्यकुमार ने 2-2 बार पहली गेंद पर सिक्स लगाया है। 13. कॉनॉली ने डेब्यू सीजन में सबसे ज्यादा सिक्स लगाए कूपर कॉनॉली ने IPL के अपने पहले ही सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने IPL 2026 में 32 छक्के लगाए और सनथ जयसूर्या का 18 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। 14. भुवनेश्वर 35 की उम्र के बाद सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों में दूसरे नंबर पर पहुंचे बेंगलुरु के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार IPL 2026 में 24 विकेट ले चुके हैं। वह 35 साल की उम्र के बाद एक IPL सीजन में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। इस मामले में पूर्व चेन्नई सुपर किंग्स स्पिनर इमरान ताहिर टॉप पर हैं, जिन्होंने 2019 सीजन में 26 विकेट लिए थे।

ट्रोलिंग पर आलिया के सपोर्ट में आईं मां सोनी राजदान:कहा- सोशल मीडिया पर ढेर सारी नफरत; कांस में आलिया को इग्नोर किए जाने का दावा

ट्रोलिंग पर आलिया के सपोर्ट में आईं मां सोनी राजदान:कहा- सोशल मीडिया पर ढेर सारी नफरत; कांस में आलिया को इग्नोर किए जाने का दावा

कांस फिल्म फेस्टिवल 2026 के रेड कार्पेट से एक्ट्रेस आलिया भट्ट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उनकी ट्रोलिंग शुरू हो गई थी। इस ट्रोलिंग पर अब आलिया की मां और एक्ट्रेस सोनी राजदान का रिएक्शन सामने आया है। दरअसल, राइटर शुनाली खुल्लर श्रॉफ ने इंस्टाग्राम पर एक डिटेल पोस्ट शेयर कर आलिया का सपोर्ट किया था। शुनाली ने ट्रोल करने वालों को करारा जवाब दिया है। इसी पोस्ट पर कमेंट करते हुए सोनी राजदान ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। शुनाली ने अपनी पोस्ट में लिखा कि लोग एक सफल महिला को नीचे गिरते हुए देखना पसंद करते हैं। कान्स रेड कार्पेट पर आलिया के इग्नोर होने का दावा सोशल मीडिया पर वायरल क्लिप में दिखाया गया कि आलिया भट्ट जब रेड कार्पेट पर पोज दे रही थीं, तब फोटोग्राफर्स का ध्यान कहीं और था। इस पर इंटरनेट यूजर्स ने दावा करना शुरू कर दिया कि वेस्टर्न मीडिया ने आलिया को इग्नोर किया। शुनाली खुल्लर श्रॉफ ने इस पर कहा कि कांस का रेड कार्पेट हमेशा अफरातफरी से भरा होता है। फोटोग्राफर्स चिल्लाते हैं, अलग-अलग एंगल बदलते हैं और बड़े स्टार्स के आने पर कैमरे घुमाते हैं। एक अकेले कैमरा एंगल को देखकर पूरे देश ने इसे नेशनल ह्यूमिलिएशन (राष्ट्रीय अपमान) मान लिया, जो कि पूरी तरह गलत है। बाद में सोनी राजदान ने भी कमेंट सेक्शन में जवाब देते हुए लिखा “सोशल मीडिया पर बहुत सी चीजें हैं- प्यार, जानकारी, मनोरंजन और… ढेर सारी नफरत। लेकिन इन सबसे बढ़कर, यह हमारे समाज का असली चेहरा दिखाता है। इस पर समाज के नजरिए से एक बहुत ही दिलचस्प बहस छिड़ सकती है, जिस पर आने वाले कई सालों तक चर्चा और स्टडी की जा सकती है।” सफल महिलाओं को निशाना बनाने की मानसिकता शुनाली ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा कि लोग इस वीडियो को सिर्फ देख नहीं रहे हैं, बल्कि इसका मजा ले रहे हैं। हमारे समाज में वेस्टर्न वैलिडेशन (पश्चिमी देशों से तारीफ) पाने की एक अजीब होड़ है। इसके साथ ही लोग अपने ही देश के स्टार्स को नीचे गिराने का मौका ढूंढते हैं। आलिया भट्ट पहले से ही भारत की सबसे बड़ी स्टार्स में से एक हैं। वह नेशनल अवार्ड विनर और ग्लोबल एंबेसडर हैं। लोग अक्सर सफल महिलाओं को नीचा दिखाने के लिए ऐसी मनगढ़ंत कहानियां बना लेते हैं। आलिया ने भी ट्रोल को दिया था जवाब इससे पहले आलिया ने भी अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट पर एक ट्रोल को जवाब दिया था। एक यूजर ने आलिया की आइवरी साड़ी वाली फोटो पर कमेंट किया था- “कितने दुख की बात है, वहां किसी ने आपको नोटिस ही नहीं किया।” इस पर आलिया ने शांति और शालीनता से जवाब दिया, “दुख कैसा प्यार? आपने तो मुझे नोटिस किया “। लगातार दूसरी बार कांस पहुंचीं आलिया आलिया भट्ट ने इस साल लगातार दूसरी बार कांस फिल्म फेस्टिवल के रेड कार्पेट पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। उन्होंने 2025 में यहां अपना डेब्यू किया था। इस साल आलिया ने भारत पैवेलियन के लिए आइवरी सिल्क साड़ी-गाउन और फिल्म स्क्रीनिंग के लिए सिंड्रेला स्टाइल का ब्लू गाउन चुना था।