Thursday, 15 Oct 2026 | 05:16 PM

Trending :

EXCLUSIVE

इस पौधे की चाय का कमाल! नसों में जमा गंदा कोलेस्ट्रॉल करेगी साफ, किडनी को भी रखेगी हेल्दी

authorimg

Last Updated:May 14, 2026, 08:19 IST Sidhi News: डॉ नरेंद्र पटेल ने लोकल 18 को बताया कि आयुर्वेद में पुनर्नवा का इस्तेमाल कई बीमारियों के इलाज में किया जाता है. यह खासतौर पर किडनी से जुड़ी समस्याओं में फायदेमंद मानी जाती है. इसके अलावा पीलिया, शरीर में सूजन और इंफ्लेमेटरी बीमारियों में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है. सीधी. मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र में कई ऐसे औषधीय पौधे पाए जाते हैं, जिनका उपयोग सदियों से आयुर्वेद में किया जाता रहा है. इनमें से एक खास पौधा है पुनर्नवा, जिसे आयुर्वेद में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. प्राकृतिक रूप से उगने वाला यह पौधा किडनी से जुड़ी समस्याओं में खासतौर पर लाभकारी माना जाता है. सीधी के आयुष अधिकारी डॉ नरेंद्र पटेल ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि पुनर्नवा एक फैलने वाली औषधीय घास है, जो मुख्य रूप से नमी वाली जगहों पर पाई जाती है. गर्मियों में यह सूख जाती है लेकिन बारिश शुरू होते ही दोबारा हरी-भरी हो जाती है. इसी वजह से इसका नाम पुनर्नवा पड़ा, जिसका अर्थ होता है फिर से नया हो जाना. डॉ पटेल ने बताया कि आयुर्वेद में पुनर्नवा का उपयोग कई बीमारियों के उपचार में किया जाता है. यह खासतौर पर किडनी से जुड़ी समस्याओं में लाभकारी मानी जाती है. इसके अलावा जॉन्डिस, शरीर में सूजन और इंफ्लेमेटरी बीमारियों में भी इसका उपयोग किया जाता है. पुनर्नवा शरीर से अतिरिक्त पानी बाहर निकालने में मदद करती है. इसी कारण किडनी मरीजों में यह डायरेटिक की तरह काम करती है और सूजन कम करने में सहायक मानी जाती है. यह नसों में जमा गंदा कोलेस्ट्रॉल बाहर करने में मददगार है. चाय या काढ़े के रूप में सेवनपुनर्नवा का सेवन चाय या काढ़े के रूप में किया जा सकता है. इसके जड़, पत्तियों और तने को पानी में उबालकर छानने के बाद सेवन किया जाता है. नियमित और संतुलित मात्रा में इसका सेवन शरीर को कई तरह के लाभ पहुंचा सकता है. हालांकि बच्चों में इसके उपयोग को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है. एनीमिया और सूजन की समस्या में उपयोगीडॉ नरेंद्र पटेल के अनुसार, पुनर्नवा को लौह भस्म यानी आयरन के साथ मिलाकर पुनर्नवा मंडूर तैयार किया जाता है. यह आयुर्वेदिक औषधि एनीमिया और सूजन की समस्या में काफी उपयोगी मानी जाती है. यदि इसे आंवला जैसे विटामिन सी युक्त पदार्थों के साथ लिया जाए, तो शरीर में आयरन का अवशोषण बेहतर होता है. खास बात यह है कि एलोपैथिक आयरन दवाओं की तुलना में इससे पेट संबंधी समस्याएं कम होती हैं. आयुर्वेद विशेषज्ञ इसे गर्भावस्था में भी सुरक्षित मानते हैं. About the Author Rahul Singh राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Sidhi,Madhya Pradesh

लगातार थकान को न करें नजरअंदाज, लिवर की सेहत से हो सकता है संबंध, ये लक्षण दिखें तो हो जाएं अलर्ट!

authorimg

Tips to keep your liver healthy: आज की व्यस्त जीवनशैली में कई लोग दिनभर थकावट, कमजोरी और कम ऊर्जा महसूस करते हैं. अक्सर इसे सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक यह लिवर से जुड़ी परेशानी का संकेत भी हो सकता है. शरीर का प्राकृतिक डिटॉक्स सिस्टम है लिवर, जो कई तरह के जरूरी कार्य करता है. नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के अनुसार, लिवर शरीर में जमा हानिकारक तत्वों को बाहर निकालने का काम करता है. यह शरीर को अंदर से साफ रखने के साथ ऊर्जा बनाए रखने में भी मदद करता है. जब लिवर ठीक तरह से काम नहीं कर पाता, तो शरीर में थकान, कमजोरी और सुस्ती महसूस होने लगती है. लिवर क्यों है इतना जरूरी? लिवर शरीर के कई अहम कार्यों को संभालता है. यह भोजन पचाने में मदद करता है. जरूरी पोषक तत्वों को स्टोर करता है. शरीर से विषैले पदार्थ बाहर निकालता है. इम्यूनिटी को मजबूत बनाए रखता है, लेकिन जब लिवर पर ज्यादा दबाव पड़ता है, तो उसकी कार्यक्षमता प्रभावित होने लगती है. इसका असर पूरे शरीर पर दिखाई देता है. इन संकेतों को हल्के में न लें डॉक्टर्स के अनुसार, यदि आप सुबह उठते ही थका हुआ महसूस करते हैं, थोड़ी मेहनत में सांस फूलने लगती है या दिनभर ऊर्जा की कमी बनी रहती है, तो यह लिवर में कोई शुरुआती समस्या के संकेत हो सकते हैं. स्किन, आंखों का पीला रहना, पेट में ऊपर की तरफ दर्द होना, डार्क पेशाब होना आदि लक्षण लगातार बने रहने पर लिवर फंक्शन टेस्ट करवाना फायदेमंद हो सकता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. लिवर को स्वस्थ रखने के आसान उपाय संतुलित और पौष्टिक भोजन लें हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज और दालों को अपनी डाइट में शामिल करें. वहीं ज्यादा चीनी, मैदा और प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाकर रखें. भरपूर मात्रा में पानी पिएं रोजाना 8–10 गिलास पानी पीना शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालने में मदद करता है और लिवर को स्वस्थ बनाए रखता है. नियमित एक्सरसाइज करें हर दिन 30 से 45 मिनट तक वॉकिंग, योग या हल्का व्यायाम करने से लिवर एक्टिव रहता है और शरीर में ऊर्जा बनी रहती है. जंक फूड और नशे से बचें फास्ट फूड, ज्यादा तला-भुना भोजन और शराब का सेवन लिवर के लिए नुकसानदायक माना जाता है. बेहतर होगा कि इनसे दूरी बनाई जाए. अच्छी जीवनशैली अपनाएं समय पर सोना और सुबह जल्दी उठना शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करता है. साथ ही तनाव कम करने के लिए ध्यान और प्राणायाम को दिनचर्या में शामिल करना भी लाभकारी हो सकता है.

ईरान बोला- अब पीछे हटने की कोई गुंजाइश नहीं:हमारी सेना पूरी तरह तैयार, अमेरिका को हमारी ताकत का सही अंदाजा नहीं

ईरान बोला- अब पीछे हटने की कोई गुंजाइश नहीं:हमारी सेना पूरी तरह तैयार, अमेरिका को हमारी ताकत का सही अंदाजा नहीं

ईरानी सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अकरमी निया ने बुधवार को कहा है कि अमेरिका और इजराइल के साथ जंग के बाद अब पीछे हटने की कोई गुंजाइश नहीं है। उन्होंने कहा कि ईरान की सेना और सुरक्षा बल पूरी तरह तैयार हैं, क्योंकि अमेरिका के साथ युद्धविराम काफी कमजोर है। अकरमी निया ने बताया कि होर्मुज के पश्चिमी हिस्से पर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नेवी का कंट्रोल है, जबकि पूर्वी हिस्से की जिम्मेदारी ईरान की रेगुलर नौसेना संभाल रही है। उन्होंने दावा किया कि ईरानी सेना ने दुश्मन को उसके किसी भी मकसद में सफल नहीं होने दिया। युद्ध के दौरान मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मौजूद कई इक्विपमेंट तबाह कर दिए गए। अकरमी निया ने ईरान की सैन्य ताकत की तारीफ करते हुए कहा कि दुश्मन (अमेरिका-इजराइल) ने ईरान की क्षमताओं का सही अंदाजा नहीं लगाया था। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

खट्टा-मीठा स्वाद और शरीर के लिए वरदान, यू ही नहीं नहीं कहते जंगल जलेबी को सूपरफूड..जानिए इसके हेल्थ बेनिफिट्स

ask search icon

Last Updated:May 14, 2026, 06:35 IST जंगली जलेबी स्वाद में खट्टी-मीठी होने के साथ-साथ सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद मानी जाती है. यह फल बाजार में सिर्फ 2 महीने के लिए नजर आता है, लेकिन इसके फायदे पूरे साल शरीर को फायदा पहुंचाते हैं. डायबिटीज कंट्रोल करने, पाचन तंत्र मजबूत बनाने और इम्यूनिटी बढ़ाने में इसे बेहद असरदार माना जाता है. जंगल जलेबी में विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक माने जाते हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में लोग इसे मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए भी उपयोग करते हैं. जिस कारण जिले में इसकी डिमांड अधिक रहती है.गर्मी के मौसम में जंगल जलेबी का सेवन शरीर को ठंडक देने वाला माना जाता है. कई लोग इसे प्राकृतिक कूलिंग फूड के रूप में खाते हैं. जंगल जलेबी देखने में गोल-गोल कुंडली जैसी आकृति और स्वाद में हल्का मीठा-खट्टा होता है. यह फल बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को खूब पसंद आता है. ग्रामीण इलाकों में इसे अलग-अलग नामों से जाना जाता है, लेकिन आम बोलचाल में लोग इसे जंगल जलेबी ही कहते हैं. गांवों और जंगल किनारे रहने वाले बच्चों के बीच जंगल जलेबी काफी लोकप्रिय है. गर्मियों की छुट्टियों में बच्चे जंगलों में जाकर इसे तोड़ते हैं और दोस्तों के साथ खाते हैं. इसका खट्टा-मीठा स्वाद लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है. खास बात यह है कि यह पूरी तरह प्राकृतिक फल है, जिसमें किसी प्रकार का केमिकल या मिलावट नहीं होती. Add News18 as Preferred Source on Google आयुर्वेद और ग्रामीण परंपराओं में जंगल जलेबी को कई स्वास्थ्य लाभों वाला फल माना जाता है. यह फल शरीर को ठंडक पहुंचाने का काम करता है और गर्मी में राहत देता है. जंगल जलेबी में फाइबर की मात्रा अच्छी पाई जाती है, जिससे पाचन तंत्र बेहतर रहता है. इसे खाने से पेट साफ रहता है और कब्ज की समस्या में राहत मिलती है. डायबिटीज रोगियों की सेहत के लिए जंगल जलेबी का फल बेहद फायदेमंद माना जाता है. जंगल जलेबी की पत्तियों में एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटी-डायबिटिक प्रॉपर्टीज मौजूद होती है. इसके अर्क का सेवन करने से डायबिटीज को कंट्रोल करने में फायदा मिल सकता है. जंगल जलेबी के फल में मौजूद आयरन की प्रचूर मात्रा शरीर में खून की कमी को दूर करती है. जंगल जलेबी सिर्फ स्वाद के लिए ही नहीं, बल्कि अपने औषधीय गुणों और स्वास्थ्य लाभों के कारण भी खास मानी जाती है. जिस कारण गर्मियों के मौसम में इसकी अधिक डिमांड रहती है. यह फल सिर्फ 3 महीने ही मिलता है. गर्मी के मौसम में यह पेड़ फल से लद जाते हैं और लोग इन्हें तोड़कर बाजारों तक पहुंचाते हैं. कई जगहों पर बच्चे जंगलों से जंगल जलेबी लाकर बेचते भी दिखाई देते हैं. जंगल जलेबी का पेड़ अधिकतर जंगलों, खाली जमीनों और ग्रामीण क्षेत्रों में प्राकृतिक रूप से उगता है. यह पेड़ काफी मजबूत होता है और कम पानी में भी आसानी से जीवित रह सकता है। लखीमपुर खीरी के दुधवा, मैलानी, भीरा, पलिया और तिकुनिया क्षेत्र के जंगलों में यह बड़ी संख्या में देखा जाता है. इस पेड़ की शाखाओं में कांटे होते हैं और फल कुंडलीनुमा आकार में दिखाई देता है. जब फल कच्चा होता है तो उसका रंग हरा रहता है, लेकिन पकने पर हल्का गुलाबी या लाल रंग का हो जाता है. इसके अंदर सफेद गूदा होता है जिसका स्वाद बेहद अलग और आकर्षक होता है. जंगल जलेबी में कई औषधीय गुण पाए जाते हैं. इसके फल, पत्तियों और छाल पर अलग-अलग शोध भी किए गए हैं. ग्रामीण परंपराओं में इसका उपयोग पेट संबंधी समस्याओं और शरीर को ठंडक देने के लिए लंबे समय से किया जाता रहा है. इसमें आयरन, पोटैशियम, मैग्नीशियम, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन सी और प्रोटीन प्रचूर मात्रा में पाए जाते हैं। जो सेहत को अनजाने में ही कई गजब के फायदे देते हैं.

ट्रम्प आज चीनी राष्ट्रपति से मिलेंगे:₹9 लाख करोड़ की बोइंग विमान डील संभव; जिनपिंग अमेरिकी उद्योगपतियों के साथ बैठक करेंगे

ट्रम्प आज चीनी राष्ट्रपति से मिलेंगे:₹9 लाख करोड़ की बोइंग विमान डील संभव; जिनपिंग अमेरिकी उद्योगपतियों के साथ बैठक करेंगे

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प आज बीजिंग में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करेंगे। दोनों नेताओं की यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब दुनिया की नजर अमेरिका-चीन रिश्तों, व्यापार और टेक्नोलॉजी को लेकर चल रही तनातनी पर टिकी हुई है। इस दौरे की सबसे बड़ी चर्चा बोइंग विमान डील को लेकर है। रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन अमेरिकी कंपनी बोइंग से करीब 9 लाख करोड रुपए के विमानों की खरीद का बड़ा समझौता कर सकता है। अगर यह डील होती है तो यह दुनिया की सबसे बड़ी एविएशन डील्स में शामिल हो सकती है। बैठक में व्यापार, टैरिफ, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ताइवान जैसे मुद्दों पर भी बातचीत होगी। पिछले कुछ सालों में दोनों देशों के रिश्तों में काफी तनाव रहा है, इसलिए इस मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है। ट्रम्प के साथ कई बड़े अमेरिकी कारोबारी भी चीन पहुंचे हैं। इनमें टेक और फाइनेंस सेक्टर की बड़ी कंपनियों के अधिकारी शामिल हैं। शी जिनपिंग इन उद्योगपतियों के साथ अलग से बैठक करेंगे। इस दौरान निवेश, बाजार पहुंच और टेक्नोलॉजी सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। ट्रम्प 8 साल बाद चीन पहुंचे ट्रम्प बुधवार को 8 साल बाद चीन दौरे पर पहुंचे। उनका विमान बीजिंग कैपिटल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंड किया, जहां चीनी उपराष्ट्रपति हान जेंग ने उन्हें रिसीव किया। हान जेंग को शी जिनपिंग का भरोसेमंद माना जाता है और वे पिछले साल ट्रम्प के शपथ ग्रहण समारोह में भी शामिल हुए थे। ट्रम्प के एयर फोर्स वन से उतरते समय करीब 300 बच्चे नीले और सफेद रंग की यूनिफॉर्म में एयरपोर्ट पर मौजूद थे। ये अमेरिका और चीन के झंडे लहरा रहे थे। ट्रम्प के साथ उनके बेटे एरिक ट्रम्प और बहू लारा ट्रम्प भी मौजूद थे। ट्रम्प के साथ इलॉन मस्क, एप्पल CEO टिम कुक और बोइंग CEO समेत 17 बड़े अमेरिकी कारोबारी भी गए हैं। हालांकि चिप कंपनी एनवीडिया के CEO जेनसन हुआंग इस दौरे में शामिल नहीं होंगे ट्रम्प के चीन पहुंचने की 4 तस्वीरें…. चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग ट्रम्प को स्टेट डिनर देंगे व्हाइट हाउस के मुताबिक चीन दौरे के दौरान राष्ट्रपति शी जिनपिंग, डोनाल्ड ट्रम्प के सम्मान में स्टेट डिनर आयोजित करेंगे। चीन में इस तरह के स्टेट डिनर को बड़े कूटनीतिक सम्मान के तौर पर देखा जाता है। ऐसे कार्यक्रम आमतौर पर बीजिंग के ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में आयोजित किए जाते हैं, जहां चीन का शीर्ष नेतृत्व विदेशी मेहमानों का स्वागत करता है। इसमें दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी, कारोबारी प्रतिनिधि और खास मेहमान शामिल होते हैं। डिप्लोमैटिक एक्सपर्ट्स के मुताबिक, चीन किसी विदेशी नेता को जितना बड़ा औपचारिक स्वागत देता है, उसे रिश्तों की अहमियत का संकेत माना जाता है। स्टेट डिनर के जरिए चीन यह संदेश देने की कोशिश करता है कि वह अमेरिका के साथ रिश्तों को रणनीतिक स्तर पर महत्व दे रहा है। ट्रम्प के पहले कार्यकाल में 2017 के चीन दौरे के दौरान भी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने उनके सम्मान में विशेष स्वागत कार्यक्रम रखा था। ट्रम्प-जिनपिंग के बीच 4 अहम मुद्दों पर बातचीत संभव 1. ट्रेड टैरिफ विवाद अमेरिका-चीन ट्रेड वॉर अब भी बड़ा मुद्दा है। ट्रम्प पहले चीनी सामान पर भारी टैरिफ की चेतावनी दे चुके हैं। दोनों देश अब व्यापारिक तनाव कम करने पर बातचीत कर सकते हैं। 2. ताइवान और हथियार बिक्री ताइवान को लेकर भी दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है। ट्रम्प ने कहा है कि वह शी जिनपिंग से 11 अरब डॉलर के अमेरिकी हथियार पैकेज पर बात करेंगे। चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और अमेरिकी हथियार बिक्री का लगातार विरोध करता रहा है। 3. रेयर अर्थ मिनरल्स और AI रेयर अर्थ मिनरल्स इलेक्ट्रिक व्हीकल, चिप्स और डिफेंस इंडस्ट्री के लिए बेहद अहम हैं। चीन दुनिया का सबसे बड़ा सप्लायर है, जबकि अमेरिका उसकी निर्भरता कम करना चाहता है। AI और सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी को लेकर भी दोनों देशों के बीच प्रतिस्पर्धा तेज हो चुकी है। 4. सोयाबीन और कृषि व्यापार चीन अमेरिकी किसानों के लिए बड़ा बाजार है। ट्रेड वॉर के बाद चीन ने अमेरिकी सोयाबीन खरीद घटाई थी। अब ट्रम्प प्रशासन कृषि निर्यात बढ़ाने की कोशिश कर सकता है। ईरानी तेल खरीदने पर चीन का अमेरिका से विवाद ईरान से तेल खरीद को लेकर अमेरिका और चीन के बीच तनाव बना हुआ है। ट्रम्प प्रशासन का आरोप है कि चीन बड़े पैमाने पर ईरानी तेल खरीदकर तेहरान को आर्थिक सहारा दे रहा है, जबकि चीन इसे अपनी ऊर्जा जरूरतों से जुड़ा मामला बता रहा है। अमेरिका और पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के बावजूद चीन लंबे समय से ईरान से बड़े पैमाने पर तेल खरीदता रहा है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक चीन अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए सस्ता तेल खरीदने की रणनीति अपनाता है। ईरान पर प्रतिबंध लगने के बाद उसे अपना तेल डिस्काउंट पर बेचना पड़ता है। चीन की कई निजी रिफाइनरियां इसी रियायती तेल को खरीदती हैं। इससे चीन को सस्ती ऊर्जा मिलती है, जबकि ईरान को विदेशी मुद्रा कमाने का बड़ा रास्ता मिलता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक हाल के वर्षों में ईरान के कुल तेल निर्यात का बड़ा हिस्सा चीन जाता रहा है। कई बार यह कारोबार सीधे ईरान के नाम से नहीं, बल्कि दूसरे देशों के जरिए या ब्लेंडेड ऑयल के रूप में किया जाता है, ताकि अमेरिकी प्रतिबंधों से बचा जा सके। चीन पर ईरानी तेल न खरीदने का दबाव बना रहा अमेरिका अमेरिका चाहता है कि चीन ईरानी तेल की खरीद कम करे, ताकि तेहरान की कमाई घटे और उस पर दबाव बढ़े। अगर चीन खरीद कम करता है तो ईरान की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है, क्योंकि तेल निर्यात उसकी सबसे बड़ी आय का स्रोत है। हालांकि चीन पहले भी साफ कर चुका है कि वह अपने ऊर्जा हितों के आधार पर फैसले लेता है और बाहरी दबाव में नीति नहीं बदलता। बीजिंग का कहना है कि उसकी ऊर्जा सुरक्षा उसके लिए प्राथमिकता है। इसी वजह से ट्रम्प और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की बैठक में यह मुद्दा अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि अमेरिका व्यापार और टैरिफ विवाद के साथ ईरानी तेल को लेकर भी चीन से सहयोग मांग सकता है। अमेरिकी किसानों को

ट्रम्प आज चीनी राष्ट्रपति से मिलेंगे:₹9 लाख करोड़ की बोइंग विमान डील संभव; जिनपिंग अमेरिकी उद्योगपतियों के साथ बैठक करेंगे

ट्रम्प आज चीनी राष्ट्रपति से मिलेंगे:₹9 लाख करोड़ की बोइंग विमान डील संभव; जिनपिंग अमेरिकी उद्योगपतियों के साथ बैठक करेंगे

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प आज बीजिंग में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करेंगे। दोनों नेताओं की यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब दुनिया की नजर अमेरिका-चीन रिश्तों, व्यापार और टेक्नोलॉजी को लेकर चल रही तनातनी पर टिकी हुई है। इस दौरे की सबसे बड़ी चर्चा बोइंग विमान डील को लेकर है। रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन अमेरिकी कंपनी बोइंग से करीब 9 लाख करोड रुपए के विमानों की खरीद का बड़ा समझौता कर सकता है। अगर यह डील होती है तो यह दुनिया की सबसे बड़ी एविएशन डील्स में शामिल हो सकती है। बैठक में व्यापार, टैरिफ, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ताइवान जैसे मुद्दों पर भी बातचीत होगी। पिछले कुछ सालों में दोनों देशों के रिश्तों में काफी तनाव रहा है, इसलिए इस मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है। ट्रम्प के साथ कई बड़े अमेरिकी कारोबारी भी चीन पहुंचे हैं। इनमें टेक और फाइनेंस सेक्टर की बड़ी कंपनियों के अधिकारी शामिल हैं। शी जिनपिंग इन उद्योगपतियों के साथ अलग से बैठक करेंगे। इस दौरान निवेश, बाजार पहुंच और टेक्नोलॉजी सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। ट्रम्प 8 साल बाद चीन पहुंचे ट्रम्प बुधवार को 8 साल बाद चीन दौरे पर पहुंचे। उनका विमान बीजिंग कैपिटल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंड किया, जहां चीनी उपराष्ट्रपति हान जेंग ने उन्हें रिसीव किया। हान जेंग को शी जिनपिंग का भरोसेमंद माना जाता है और वे पिछले साल ट्रम्प के शपथ ग्रहण समारोह में भी शामिल हुए थे। ट्रम्प के एयर फोर्स वन से उतरते समय करीब 300 बच्चे नीले और सफेद रंग की यूनिफॉर्म में एयरपोर्ट पर मौजूद थे। ये अमेरिका और चीन के झंडे लहरा रहे थे। ट्रम्प के साथ उनके बेटे एरिक ट्रम्प और बहू लारा ट्रम्प भी मौजूद थे। ट्रम्प के साथ इलॉन मस्क, एप्पल CEO टिम कुक और बोइंग CEO समेत 17 बड़े अमेरिकी कारोबारी भी गए हैं। हालांकि चिप कंपनी एनवीडिया के CEO जेनसन हुआंग इस दौरे में शामिल नहीं होंगे ट्रम्प के चीन पहुंचने की 4 तस्वीरें…. चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग ट्रम्प को स्टेट डिनर देंगे व्हाइट हाउस के मुताबिक चीन दौरे के दौरान राष्ट्रपति शी जिनपिंग, डोनाल्ड ट्रम्प के सम्मान में स्टेट डिनर आयोजित करेंगे। चीन में इस तरह के स्टेट डिनर को बड़े कूटनीतिक सम्मान के तौर पर देखा जाता है। ऐसे कार्यक्रम आमतौर पर बीजिंग के ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में आयोजित किए जाते हैं, जहां चीन का शीर्ष नेतृत्व विदेशी मेहमानों का स्वागत करता है। इसमें दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी, कारोबारी प्रतिनिधि और खास मेहमान शामिल होते हैं। डिप्लोमैटिक एक्सपर्ट्स के मुताबिक, चीन किसी विदेशी नेता को जितना बड़ा औपचारिक स्वागत देता है, उसे रिश्तों की अहमियत का संकेत माना जाता है। स्टेट डिनर के जरिए चीन यह संदेश देने की कोशिश करता है कि वह अमेरिका के साथ रिश्तों को रणनीतिक स्तर पर महत्व दे रहा है। ट्रम्प के पहले कार्यकाल में 2017 के चीन दौरे के दौरान भी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने उनके सम्मान में विशेष स्वागत कार्यक्रम रखा था। ट्रम्प-जिनपिंग के बीच 4 अहम मुद्दों पर बातचीत संभव 1. ट्रेड टैरिफ विवाद अमेरिका-चीन ट्रेड वॉर अब भी बड़ा मुद्दा है। ट्रम्प पहले चीनी सामान पर भारी टैरिफ की चेतावनी दे चुके हैं। दोनों देश अब व्यापारिक तनाव कम करने पर बातचीत कर सकते हैं। 2. ताइवान और हथियार बिक्री ताइवान को लेकर भी दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है। ट्रम्प ने कहा है कि वह शी जिनपिंग से 11 अरब डॉलर के अमेरिकी हथियार पैकेज पर बात करेंगे। चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और अमेरिकी हथियार बिक्री का लगातार विरोध करता रहा है। 3. रेयर अर्थ मिनरल्स और AI रेयर अर्थ मिनरल्स इलेक्ट्रिक व्हीकल, चिप्स और डिफेंस इंडस्ट्री के लिए बेहद अहम हैं। चीन दुनिया का सबसे बड़ा सप्लायर है, जबकि अमेरिका उसकी निर्भरता कम करना चाहता है। AI और सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी को लेकर भी दोनों देशों के बीच प्रतिस्पर्धा तेज हो चुकी है। 4. सोयाबीन और कृषि व्यापार चीन अमेरिकी किसानों के लिए बड़ा बाजार है। ट्रेड वॉर के बाद चीन ने अमेरिकी सोयाबीन खरीद घटाई थी। अब ट्रम्प प्रशासन कृषि निर्यात बढ़ाने की कोशिश कर सकता है। ईरानी तेल खरीदने पर चीन का अमेरिका से विवाद ईरान से तेल खरीद को लेकर अमेरिका और चीन के बीच तनाव बना हुआ है। ट्रम्प प्रशासन का आरोप है कि चीन बड़े पैमाने पर ईरानी तेल खरीदकर तेहरान को आर्थिक सहारा दे रहा है, जबकि चीन इसे अपनी ऊर्जा जरूरतों से जुड़ा मामला बता रहा है। अमेरिका और पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के बावजूद चीन लंबे समय से ईरान से बड़े पैमाने पर तेल खरीदता रहा है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक चीन अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए सस्ता तेल खरीदने की रणनीति अपनाता है। ईरान पर प्रतिबंध लगने के बाद उसे अपना तेल डिस्काउंट पर बेचना पड़ता है। चीन की कई निजी रिफाइनरियां इसी रियायती तेल को खरीदती हैं। इससे चीन को सस्ती ऊर्जा मिलती है, जबकि ईरान को विदेशी मुद्रा कमाने का बड़ा रास्ता मिलता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक हाल के वर्षों में ईरान के कुल तेल निर्यात का बड़ा हिस्सा चीन जाता रहा है। कई बार यह कारोबार सीधे ईरान के नाम से नहीं, बल्कि दूसरे देशों के जरिए या ब्लेंडेड ऑयल के रूप में किया जाता है, ताकि अमेरिकी प्रतिबंधों से बचा जा सके। चीन पर ईरानी तेल न खरीदने का दबाव बना रहा अमेरिका अमेरिका चाहता है कि चीन ईरानी तेल की खरीद कम करे, ताकि तेहरान की कमाई घटे और उस पर दबाव बढ़े। अगर चीन खरीद कम करता है तो ईरान की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है, क्योंकि तेल निर्यात उसकी सबसे बड़ी आय का स्रोत है। हालांकि चीन पहले भी साफ कर चुका है कि वह अपने ऊर्जा हितों के आधार पर फैसले लेता है और बाहरी दबाव में नीति नहीं बदलता। बीजिंग का कहना है कि उसकी ऊर्जा सुरक्षा उसके लिए प्राथमिकता है। इसी वजह से ट्रम्प और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की बैठक में यह मुद्दा अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि अमेरिका व्यापार और टैरिफ विवाद के साथ ईरानी तेल को लेकर भी चीन से सहयोग मांग सकता है। अमेरिकी किसानों को

कांग्रेस के केरल सीएम क्लिफहैंगर का आखिरकार आज अंत? पार्टी नए क्लिफ हाउस अधिभोगी का नाम बताएगी | भारत समाचार

Trump received a red carpet welcome by China at Beijing airport.

आखरी अपडेट:14 मई, 2026, 06:00 IST दोपहर 1 बजे कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की एक महत्वपूर्ण बैठक निर्धारित है, जहां नए मुख्यमंत्री के नाम का औपचारिक रूप से प्रस्ताव और अनुमोदन किया जाएगा। आज दोपहर की सीएलपी बैठक का फोकस “एकता सूत्र” पर होगा जो सभी गुटों को संतुष्ट करता है। चाहे पार्टी एक स्पष्ट एकल नेता या एक संरचित सत्ता-साझाकरण व्यवस्था का विकल्प चुनती हो, प्राथमिकता सप्ताहांत से पहले शपथ ग्रहण समारोह आयोजित करना है। फ़ाइल तस्वीर/एएनआई 2026 के केरल विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) की जोरदार जीत, जहां उसने 102 सीटें हासिल कीं, को एक सप्ताह के नेतृत्व शून्य ने क्षण भर के लिए ग्रहण लगा दिया है। गुरुवार तक, 4 मई को नतीजे घोषित होने के बाद से राज्य में जो गतिरोध बना हुआ है, उसके आखिरकार टूटने की उम्मीद है। वर्तमान में राज्य एक कार्यवाहक व्यवस्था के तहत काम कर रहा है, नई दिल्ली में कांग्रेस “आलाकमान” ने दो राजनीतिक दिग्गजों के बीच उच्च-स्तरीय रस्साकशी को हल करने के उद्देश्य से विचार-विमर्श से निर्णय लेने की ओर बदलाव किया है। 13 मई निर्णायक मोड़: परामर्श समाप्त बुधवार इस राजनीतिक नाटक में अंतिम अध्याय के रूप में कार्य किया। कई दिनों की गुटीय पैंतरेबाज़ी के बाद, कांग्रेस नेतृत्व ने राष्ट्रीय राजधानी में कई विस्तृत बैठकें कीं। प्राथमिक कार्य एआईसीसी महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल, निवर्तमान विपक्ष के नेता वीडी सतीसन और अनुभवी नेता रमेश चेन्निथला के प्रतिस्पर्धी दावों में सामंजस्य बिठाना था। बुधवार शाम तक एआईसीसी महासचिव जयराम रमेश ने पुष्टि की कि परामर्श प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर पूरी हो गई है। यह घोषणा यूडीएफ के दूसरे सबसे बड़े घटक इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के बढ़ते दबाव के बीच आई। आईयूएमएल नेतृत्व अपनी हताशा के बारे में मुखर रहा है, और “लंबे समय से चली आ रही अनिश्चितता” को तत्काल समाप्त करने की मांग कर रहा है, जिससे उन्हें डर है कि इससे 102 सीटों के जनादेश से उत्पन्न जनता का उत्साह कम हो सकता है। इस बीच, सत्ता के भौतिक परिवर्तन को निवर्तमान मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने रेखांकित किया, जिन्होंने एक सप्ताह से अधिक समय तक कार्यवाहक क्षमता में सेवा करने के बाद आधिकारिक तौर पर क्लिफ हाउस निवास खाली कर दिया। 14 मई का एजेंडा: फैसले को औपचारिक बनाना गुरुवार, 14 मई को “डी-डे” नामित किया गया है। कार्रवाई का रंगमंच नई दिल्ली के गलियारों से वापस तिरुवनंतपुरम में केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) मुख्यालय में स्थानांतरित हो गया है। दोपहर 1 बजे कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की एक महत्वपूर्ण बैठक निर्धारित है, जहां नए मुख्यमंत्री के नाम का औपचारिक रूप से प्रस्ताव और अनुमोदन किया जाएगा। एआईसीसी पर्यवेक्षकों अजय माकन और मुकुल वासनिक, जो 63 कांग्रेस विधायकों के साथ “गुप्त मतदान” और एक-पर-एक फीडबैक सत्र की देखरेख कर रहे हैं, से उम्मीद की जाती है कि वे आलाकमान की पसंद पेश करेंगे। जबकि दौड़ असाधारण रूप से कड़ी बनी हुई है, निर्णय में चर का एक जटिल सेट शामिल है। पिछले पांच वर्षों में अपने आक्रामक संसदीय प्रदर्शन के लिए वीडी सतीसन को जनता और युवा विंग के बीच लोकप्रिय पसंद माना जाता है। इसके विपरीत, रिपोर्टों से पता चलता है कि केसी वेणुगोपाल को पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से उनकी निकटता के कारण नवनिर्वाचित विधायकों के एक महत्वपूर्ण बहुमत का समर्थन प्राप्त है। यूडीएफ के लिए रणनीतिक दांव किसी नेता का नाम तय करने में देरी की कीमत चुकानी पड़ती है। जबकि कांग्रेस ने विचार-विमर्श किया, पराजित वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) ने यूडीएफ को “घर विभाजित” करार देने के लिए अंतराल का उपयोग किया है। कांग्रेस के लिए चुनाव सिर्फ एक चेहरे को लेकर नहीं बल्कि अगले पांच साल के राजनीतिक गणित को लेकर है. संसद सदस्य के रूप में उनकी वर्तमान स्थिति को देखते हुए, वेणुगोपाल को चुनने के लिए अलाप्पुझा में एक उच्च जोखिम वाले उपचुनाव की आवश्यकता होगी। दूसरी ओर, विधायकों की बहुमत पसंद को दरकिनार करने से विधायक दल के भीतर जल्द ही टकराव का खतरा हो सकता है। आज दोपहर की सीएलपी बैठक का फोकस “एकता सूत्र” पर होगा जो सभी गुटों को संतुष्ट करता है। चाहे पार्टी एक स्पष्ट एकल नेता या एक संरचित सत्ता-साझाकरण व्यवस्था का विकल्प चुनती हो, प्राथमिकता सप्ताहांत से पहले शपथ ग्रहण समारोह आयोजित करना है। महत्वपूर्ण वित्तीय चुनौतियों और उत्सुक मतदाताओं का सामना करने वाले राज्य के लिए, एक कार्यवाहक सरकार से पूरी तरह कार्यात्मक कैबिनेट में परिवर्तन इतनी जल्दी नहीं हो सकता है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया कांग्रेस के केरल सीएम क्लिफहैंगर का आखिरकार आज अंत? पार्टी नए क्लिफ़ हाउस अधिभोगी का नाम बताएगी अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)केरल चुनाव(टी)कांग्रेस(टी)मुख्यमंत्री(टी)केरल(टी)केसी वेणुगोपाल(टी)विधानसभा चुनाव(टी)वीडी सतीसन(टी)वाम(टी)मुख्यमंत्री(टी)पिनाराई विजयन

तीसरी बार ‘खतरों के खिलाड़ी’ में नजर आएंगे करण वाही:बोले- शो ने कुत्तों का डर खत्म किया, बताया जिंदगी का सबसे रिस्क क्या था?

तीसरी बार ‘खतरों के खिलाड़ी’ में नजर आएंगे करण वाही:बोले- शो ने कुत्तों का डर खत्म किया, बताया जिंदगी का सबसे रिस्क क्या था?

टीवी एक्टर और होस्ट करण वाही एक बार फिर ‘खतरों के खिलाड़ी’ में नजर आएंगे। करण इससे पहले सीजन 8 और ‘खतरों के खिलाड़ी: मेड इन इंडिया’ का हिस्सा रह चुके हैं। अब वह तीसरी बार ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ में दिखाई देंगे। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में करण ने बताया कि यह शो सिर्फ एक रियलिटी शो नहीं, बल्कि जिंदगी बदल देने वाला एक्सपीरियंस है। सवाल: तीसरी बार ‘खतरों के खिलाड़ी’ में जा रहे हैं। शो को लेकर कितना एक्साइटमेंट है? जवाब: शो की बात करें तो पुराना शो भी बहुत डरावना था। अब नया शो कितना डरावना होगा, ये तो हमें भी नहीं पता क्योंकि उन्होंने ज्यादा बताया नहीं है, लेकिन मैं खुद को बहुत लकी मानता हूं कि मुझे तीसरी बार यह शो करने का मौका मिल रहा है। जितना ज्यादा डर लगेगा, उतना ज्यादा मजा आएगा। अब बस उस पल का इंतजार है जब हम केपटाउन जाएंगे और रोहित सर के साथ फिर वही सफर शुरू होगा। सवाल: जब तीसरी बार शो का ऑफर आया, तब पहला रिएक्शन क्या था? जवाब: मेरा पहला रिएक्शन सीधा ‘हां’ था क्योंकि यह शो सिर्फ शो नहीं है, एक एक्सपीरियंस है। यहां आपके कॉम्पिटिटर्स भी आपको चीयर करते हैं। अगर आप जीतते हैं तो सामने वाला हार जाएगा, लेकिन फिर भी वो आपके लिए उतना ही चीयर करेगा जितना खुद के लिए करते हैं। आज के समय में ऐसा शो दूसरा नहीं है। यहां आपको वो सब करने का मौका मिलता है, जो हम अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में कभी नहीं करते। हम घर पर रह सकते हैं, फोन दूर रख सकते हैं, टीवी नहीं देख सकते, डांस या गाना गा सकते हैं, लेकिन असली जिंदगी में हम चूहों के बीच नहीं बैठते, 100 मंजिला इमारत से नहीं लटकते और ना ही ऐसी खतरनाक छलांग लगाते हैं। अगर आपको ये सब दोबारा करने का मौका मिले, तो डर जरूर लगता है। सवाल: पहली और दूसरी बार शो करने के दौरान सबसे बड़ा डर क्या था? जवाब: पहली बार तो मुझे कई चीजों से डर लगता था, लेकिन सबसे बड़ा फोबिया जानवरों का था, खासकर डॉग्स का। ‘खतरों के खिलाड़ी’ के बाद वो डर पूरी तरह खत्म हो गया और आज मेरे घर में खुद का डॉग है। दूसरी बार भी हाइट का डर था और सच कहूं तो वह आज भी है, लेकिन यह शो आपको सिखाता है कि ‘माइंड ओवर मैटर’ क्या होता है। सवाल: क्या डर कभी पूरी तरह खत्म हो जाता है? जवाब: नहीं। यह शो हमेशा आपके सामने एक नया डर ले आता है। अगर कुत्तों का डर खत्म हुआ, तो अब वो शेर या चीता ले आएंगे, लेकिन यही इस शो की खूबसूरती है कि आप खुद को हर बार नए तरीके से टेस्ट करते हैं। सवाल: असल जिंदगी में करियर की शुरुआत के दौरान सबसे बड़ा डर क्या था? जवाब: अगर डर को जनरल सेंस में देखें, तो डर आज भी है। छोटी-छोटी चीजों का डर रहता है। पहले मुझे अपने पैरेंट्स से डर लगता था, पढ़ाई से डर लगता था, लेकिन अगर काम की बात करूं, तो 20-22 साल पहले दुनिया भी बहुत अलग थी। उस वक्त इंसान बहुत फियरलेस होता है। आप दुनिया के बारे में ज्यादा नहीं सोचते। बस नाम कमाना होता है। लगता है कि सब कर लेंगे, कुछ भी कर लेंगे। उस समय शायद डर कम था, मैं थोड़ा ज्यादा फियरलेस था। अब मैं इसे डर नहीं कहूंगा, लेकिन अब चीजों के बारे में ज्यादा सोचता हूं। ये हर इंसान के साथ होता है। पहले बस यही सोच होती थी कि काम आ रहा है, कुछ भी करो लेकिन काम करो। अब बस यही उम्मीद रहती है कि इतने सालों से लोगों ने मुझे जो प्यार दिया है, वो आगे भी मिलता रहे। मैंने 20-22 साल काम किया है, तो अगर अगले 20-22 साल भी उसी दिल से काम कर पाऊं, वही प्यार और सम्मान मिलता रहे, तो उससे बड़ी बात कुछ नहीं होगी। सवाल: आप अपनी फिटनेस और लाइफस्टाइल को लेकर कितना डिसिप्लिन फॉलो करते हैं? आपका फिटनेस रूटीन कैसा है? जवाब: मुझे लगता है यह एक एम्बेडेड डिसिप्लिन है। फिटनेस सिर्फ एक्टर्स के लिए जरूरी नहीं है, बल्कि एक अच्छी जिंदगी जीने के लिए जरूरी है। अच्छा खाना, वर्कआउट, साफ-सुथरी लाइफस्टाइल और शायद थोड़ी अच्छी जेनेटिक्स भी। यह सब पैरेंट्स की वजह से है। सवाल: मेंटल पीस और मेंटल फिटनेस कैसे बनाए रखते हैं? जवाब: पहले मैं बहुत एक्सटर्नल वैलिडेशन ढूंढता था। कौन क्या सोचता है, सोशल मीडिया पर किसने क्या लिखा। लेकिन अब मैंने यह सब छोड़ दिया है। अब मैं सिर्फ यह सोचता हूं कि मैं खुद अपने बारे में क्या सोचता हूं। मेरे एक्शन मेरे शब्दों से कितना मैच करते हैं। वही मुझे शांति देता है। सवाल: आपने स्पिरिचुअलिटी की तरफ भी काफी झुकाव दिखाया है? जवाब: स्पिरिचुअलिटी कोई बहुत बड़ी या अलग चीज नहीं है। मैं पहले भी स्पिरिचुअल था, बस अब खुद के साथ ज्यादा अलाइन्ड हूं। जैसे-जैसे आप बड़े होते हैं, आपकी चाहतें बदलती हैं और आप खुद को ज्यादा समझने लगते हैं। मेरे लिए स्पिरिचुअलिटी का मतलब बस खुद के साथ ईमानदार होना है। सवाल: इस बार के कंटेस्टेंट्स को कैसे देखते हैं? जवाब: मेरे लिए यह शो हमेशा एक बहुत बड़ा सपोर्ट सिस्टम रहा है। ऋत्विक धनजानी मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं और उनकी एनर्जी ऐसी है कि आप उनके आसपास कभी उदास नहीं रह सकते। हम बहुत मस्ती करते हैं। मैं उम्मीद करता हूं कि इस बार भी हम फिनाले तक साथ पहुंचे और फिर वहीं मुकाबला हो। सवाल: जिंदगी का सबसे बड़ा रिस्क क्या लिया? जवाब: मुंबई आना। सवाल: सबसे खतरनाक अफवाह कौन सी लगी? जवाब: कि मैंने स्पिरिचुअल बनने के बाद काम छोड़ दिया है। सवाल: किसी कंटेस्टेंट के साथ बिना फोन के कहीं रुकना हो, तो कौन होगा? जवाब: ऋत्विक और वो किसी और को होने भी नहीं देगा। सवाल: आखिर में फैंस के लिए क्या कहना चाहेंगे? जवाब: मैं बस यही कहना चाहता हूं कि ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ जरूर देखिए। आपने इतने सालों से हमें बहुत प्यार दिया है, बस वही प्यार बनाए रखिए। और जो नई ऑडियंस है, जिन्होंने शायद

तीसरी बार ‘खतरों के खिलाड़ी’ में नजर आएंगे करण वाही:बोले- शो ने कुत्तों का डर खत्म किया, बताया जिंदगी का सबसे रिस्क क्या था?

तीसरी बार ‘खतरों के खिलाड़ी’ में नजर आएंगे करण वाही:बोले- शो ने कुत्तों का डर खत्म किया, बताया जिंदगी का सबसे रिस्क क्या था?

टीवी एक्टर और होस्ट करण वाही एक बार फिर ‘खतरों के खिलाड़ी’ में नजर आएंगे। करण इससे पहले सीजन 8 और ‘खतरों के खिलाड़ी: मेड इन इंडिया’ का हिस्सा रह चुके हैं। अब वह तीसरी बार ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ में दिखाई देंगे। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में करण ने बताया कि यह शो सिर्फ एक रियलिटी शो नहीं, बल्कि जिंदगी बदल देने वाला एक्सपीरियंस है। सवाल: तीसरी बार ‘खतरों के खिलाड़ी’ में जा रहे हैं। शो को लेकर कितना एक्साइटमेंट है? जवाब: शो की बात करें तो पुराना शो भी बहुत डरावना था। अब नया शो कितना डरावना होगा, ये तो हमें भी नहीं पता क्योंकि उन्होंने ज्यादा बताया नहीं है, लेकिन मैं खुद को बहुत लकी मानता हूं कि मुझे तीसरी बार यह शो करने का मौका मिल रहा है। जितना ज्यादा डर लगेगा, उतना ज्यादा मजा आएगा। अब बस उस पल का इंतजार है जब हम केपटाउन जाएंगे और रोहित सर के साथ फिर वही सफर शुरू होगा। सवाल: जब तीसरी बार शो का ऑफर आया, तब पहला रिएक्शन क्या था? जवाब: मेरा पहला रिएक्शन सीधा ‘हां’ था क्योंकि यह शो सिर्फ शो नहीं है, एक एक्सपीरियंस है। यहां आपके कॉम्पिटिटर्स भी आपको चीयर करते हैं। अगर आप जीतते हैं तो सामने वाला हार जाएगा, लेकिन फिर भी वो आपके लिए उतना ही चीयर करेगा जितना खुद के लिए करते हैं। आज के समय में ऐसा शो दूसरा नहीं है। यहां आपको वो सब करने का मौका मिलता है, जो हम अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में कभी नहीं करते। हम घर पर रह सकते हैं, फोन दूर रख सकते हैं, टीवी नहीं देख सकते, डांस या गाना गा सकते हैं, लेकिन असली जिंदगी में हम चूहों के बीच नहीं बैठते, 100 मंजिला इमारत से नहीं लटकते और ना ही ऐसी खतरनाक छलांग लगाते हैं। अगर आपको ये सब दोबारा करने का मौका मिले, तो डर जरूर लगता है। सवाल: पहली और दूसरी बार शो करने के दौरान सबसे बड़ा डर क्या था? जवाब: पहली बार तो मुझे कई चीजों से डर लगता था, लेकिन सबसे बड़ा फोबिया जानवरों का था, खासकर डॉग्स का। ‘खतरों के खिलाड़ी’ के बाद वो डर पूरी तरह खत्म हो गया और आज मेरे घर में खुद का डॉग है। दूसरी बार भी हाइट का डर था और सच कहूं तो वह आज भी है, लेकिन यह शो आपको सिखाता है कि ‘माइंड ओवर मैटर’ क्या होता है। सवाल: क्या डर कभी पूरी तरह खत्म हो जाता है? जवाब: नहीं। यह शो हमेशा आपके सामने एक नया डर ले आता है। अगर कुत्तों का डर खत्म हुआ, तो अब वो शेर या चीता ले आएंगे, लेकिन यही इस शो की खूबसूरती है कि आप खुद को हर बार नए तरीके से टेस्ट करते हैं। सवाल: असल जिंदगी में करियर की शुरुआत के दौरान सबसे बड़ा डर क्या था? जवाब: अगर डर को जनरल सेंस में देखें, तो डर आज भी है। छोटी-छोटी चीजों का डर रहता है। पहले मुझे अपने पैरेंट्स से डर लगता था, पढ़ाई से डर लगता था, लेकिन अगर काम की बात करूं, तो 20-22 साल पहले दुनिया भी बहुत अलग थी। उस वक्त इंसान बहुत फियरलेस होता है। आप दुनिया के बारे में ज्यादा नहीं सोचते। बस नाम कमाना होता है। लगता है कि सब कर लेंगे, कुछ भी कर लेंगे। उस समय शायद डर कम था, मैं थोड़ा ज्यादा फियरलेस था। अब मैं इसे डर नहीं कहूंगा, लेकिन अब चीजों के बारे में ज्यादा सोचता हूं। ये हर इंसान के साथ होता है। पहले बस यही सोच होती थी कि काम आ रहा है, कुछ भी करो लेकिन काम करो। अब बस यही उम्मीद रहती है कि इतने सालों से लोगों ने मुझे जो प्यार दिया है, वो आगे भी मिलता रहे। मैंने 20-22 साल काम किया है, तो अगर अगले 20-22 साल भी उसी दिल से काम कर पाऊं, वही प्यार और सम्मान मिलता रहे, तो उससे बड़ी बात कुछ नहीं होगी। सवाल: आप अपनी फिटनेस और लाइफस्टाइल को लेकर कितना डिसिप्लिन फॉलो करते हैं? आपका फिटनेस रूटीन कैसा है? जवाब: मुझे लगता है यह एक एम्बेडेड डिसिप्लिन है। फिटनेस सिर्फ एक्टर्स के लिए जरूरी नहीं है, बल्कि एक अच्छी जिंदगी जीने के लिए जरूरी है। अच्छा खाना, वर्कआउट, साफ-सुथरी लाइफस्टाइल और शायद थोड़ी अच्छी जेनेटिक्स भी। यह सब पैरेंट्स की वजह से है। सवाल: मेंटल पीस और मेंटल फिटनेस कैसे बनाए रखते हैं? जवाब: पहले मैं बहुत एक्सटर्नल वैलिडेशन ढूंढता था। कौन क्या सोचता है, सोशल मीडिया पर किसने क्या लिखा। लेकिन अब मैंने यह सब छोड़ दिया है। अब मैं सिर्फ यह सोचता हूं कि मैं खुद अपने बारे में क्या सोचता हूं। मेरे एक्शन मेरे शब्दों से कितना मैच करते हैं। वही मुझे शांति देता है। सवाल: आपने स्पिरिचुअलिटी की तरफ भी काफी झुकाव दिखाया है? जवाब: स्पिरिचुअलिटी कोई बहुत बड़ी या अलग चीज नहीं है। मैं पहले भी स्पिरिचुअल था, बस अब खुद के साथ ज्यादा अलाइन्ड हूं। जैसे-जैसे आप बड़े होते हैं, आपकी चाहतें बदलती हैं और आप खुद को ज्यादा समझने लगते हैं। मेरे लिए स्पिरिचुअलिटी का मतलब बस खुद के साथ ईमानदार होना है। सवाल: इस बार के कंटेस्टेंट्स को कैसे देखते हैं? जवाब: मेरे लिए यह शो हमेशा एक बहुत बड़ा सपोर्ट सिस्टम रहा है। ऋत्विक धनजानी मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं और उनकी एनर्जी ऐसी है कि आप उनके आसपास कभी उदास नहीं रह सकते। हम बहुत मस्ती करते हैं। मैं उम्मीद करता हूं कि इस बार भी हम फिनाले तक साथ पहुंचे और फिर वहीं मुकाबला हो। सवाल: जिंदगी का सबसे बड़ा रिस्क क्या लिया? जवाब: मुंबई आना। सवाल: सबसे खतरनाक अफवाह कौन सी लगी? जवाब: कि मैंने स्पिरिचुअल बनने के बाद काम छोड़ दिया है। सवाल: किसी कंटेस्टेंट के साथ बिना फोन के कहीं रुकना हो, तो कौन होगा? जवाब: ऋत्विक और वो किसी और को होने भी नहीं देगा। सवाल: आखिर में फैंस के लिए क्या कहना चाहेंगे? जवाब: मैं बस यही कहना चाहता हूं कि ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ जरूर देखिए। आपने इतने सालों से हमें बहुत प्यार दिया है, बस वही प्यार बनाए रखिए। और जो नई ऑडियंस है, जिन्होंने शायद

युवराज सिंह के पिता विवादों में:वेब सीरीज में महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक डायलॉग का दावा, चंडीगढ़ में वकीलों ने दी पुलिस में शिकायत

युवराज सिंह के पिता विवादों में:वेब सीरीज में महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक डायलॉग का दावा, चंडीगढ़ में वकीलों ने दी पुलिस में शिकायत

पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह के पिता एवं एक्टर योगराज सिंह की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। उनके खिलाफ 2 एडवोकेट ने चंडीगढ़ पुलिस को शिकायत दी है। चंडीगढ़ के दो एडवोकेट ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो क्लिप को इसका आधार बनाया है। उनका आरोप है कि वीडियो में महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया गया है। इसमें योगराज सिंह कह रहे हैं- जनानी दिन में चूल्हे पे, रात को @#$% पे। शिकायतकर्ताओं ने एसससपी से मांग की है योगराज सिंह और अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ तुरंत FIR दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि इससे लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंची है। यह महिलाओं के सम्मान और अधिकारों का हनन है। बता दें कि यह वीडियो क्लिप अमेजन प्राइम वीडियो पर 8 मई 2026 को रिलीज हुई हिंदी वेब सीरीज लुक्खे के एक एपिसोड से काटी गई है। इसे सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है और इसी वेब सीरीज में बोले गए डायलॉग को आधार बनाकर दोनों एडवोकेट ने योगराज सिंह और अन्य के खिलाफ शिकायत दी है। इस पर अभी योगराज सिंह ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। शिकायत में क्या, 4 पॉइंट में पढ़िए… क्या सीन है, जिसमें योगराज सिंह ने डायलॉग बोला… वेब सीरीज लुक्खे में योगराज सिंह के कैरेक्टर वालिया साहब को पुलिस स्टेशन बुलाया गया है। वहां एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और एक महिला पुलिस अधिकारी मौजूद हैं। तीनों में बात होने के बाद पुलिस अधिकारी योगराज के कैरेक्टर वालिया साहब को साइड में ले जाता है। महिला अधिकारी से दूर होने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी वालिया से अपनी महिला पुलिस अधिकारी की तारीफ करता है। इसी दौरान योगराज का कैरेक्टर महिलाओं की बेइज्जती करता है और उनके लिए गलत बातें बोलता है। योगराज सिंह के 5 विवादित बयान… चंडीगढ़ पुलिस को दी शिकायत…