Friday, 16 Oct 2026 | 08:50 AM

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हिमंता दूसरी बार असम के सीएम पद की शपथ लेंगे:4 मंत्री भी बनेंगे, पीएम मोदी समेत NDA के कई बड़े नेता शामिल होंगे

हिमंता दूसरी बार असम के सीएम पद की शपथ लेंगे:4 मंत्री भी बनेंगे, पीएम मोदी समेत NDA के कई बड़े नेता शामिल होंगे

हिमंता बिस्वा सरमा आज 11 बजे दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। उनके साथ 4 और विधायक मंत्री पद की शपथ लेंगे। समारोह में पीएम मोदी सहित कई NDA शासित राज्यों के सीएम भी शामिल होंगे। कार्यक्रम के लिए गुवाहाटी के खानापारा वेटरनरी कॉलेज ग्राउंड में सोमवार को ही तैयारियां शुरू हो गईं। रविवार को असम में बीजेपी की विधायक दल की बैठक हुई, इसमें हिमंता को फिर विधायक दल का नेता चुना गया। वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सोमवार रात ही पहुंच गए। सीएम के साथ 4 मंत्री शपथ लेंगे हिमंता ने सोमवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा कि रामेश्वर तेली, अतुल बोरा, चरण बोरो और अजंता नेओग मेरे साथ मंत्री पद की शपथ लेंगे। इसके अलावा रंजीत दास असम विधानसभा के स्पीकर होंगे। इससे पहले हिमंता ने रविवार को कहा था कि मंत्रिमंडल में लगभग 18-19 मंत्री हो सकते हैं, लेकिन हम नए चेहरों को शामिल करेंगे या अनुभवी लोगों को बनाए रखेंगे, यह हमें मिलने वाले मार्गदर्शन पर निर्भर करेगा। असम में तीसरी बार भाजपा सरकार असम में भी हिमंता सरकार की वापसी हुई है। भाजपा लगातार तीसरी बार सरकार बनाएगी। BJP ने यहां अकेले ही 82 सीटें जीतीं, जो बहुमत के आंकड़े से 18 ज्यादा है। मौजूदा भाजपा सरकार का कोई भी मंत्री चुनाव नहीं हारा। ऐसा देश में पहली बार हुआ। पूर्वोत्तर में हिमंता भाजपा का चेहरा पूर्वोत्तर भारत में भाजपा और NDA की बढ़ती ताकत के पीछे हिमंत बिस्वा सरमा महत्वपूर्ण रणनीतिकार माना जाता है। कांग्रेस से भाजपा में आने के बाद, उन्होंने ‘नॉर्थ-ईस्ट डेमोक्रेटिक अलायंस’ (NEDA) के संयोजक के रूप में पूरे क्षेत्र में क्षेत्रीय दलों को एक साझा मंच पर लाने में बड़ी भूमिका निभाई। सरमा की जमीनी स्तर पर पकड़ और कठिन से कठिन राजनीतिक परिस्थितियों में गठबंधन बनाने की क्षमता ने पूर्वोत्तर में भाजपा के लिए ‘अजेय’ द्वार खोल दिए हैं। पूर्वोत्तर के सभी आठ राज्यों (असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, नगालैंड, मिजोरम, त्रिपुरा और सिक्किम) में भाजपा या एनडीए समर्थित गठबंधन की सरकारें हैं। नई विधानसभा में 7 महिलाएं, भाजपा 92.1% स्ट्राइक रेट असम में BJP की जीत के 4 बड़े फैक्टर 1. परिसीमन के बाद 36% मुस्लिम बहुल सीटें घटीं- 2023 में असम में परिसीमन हुआ और विधानसभा सीटों की बाउंड्री दोबारा तय की गई। ST, SC की रिजर्व सीटें और बोडोलैंड ट्राइबल रीजन की सीटें बढ़ीं, लेकिन मुस्लिम बहुल सीटें 41 से घटकर 26 रह गईं। राजनीतिक विश्लेषक अशोक मलिक के मुताबिक, ‘नई सीमाओं ने मुस्लिम बहुल इलाकों के प्रभाव को सीमित कर दिया। साथ ही उन सीटों को भी फिर से व्यवस्थित किया जहां असमिया मुसलमान कम हो रहे थे। इससे हिमंत को उन सीटों पर बढ़त मिली जहां पहले भाजपा कमजोर थी।’ 2. कांग्रेस और AIUDF के मुस्लिम वोट बंटे, बीजेपी को फायदा- 2021 में कांग्रेस और बदरुद्दीन अजमल की AIUDF ने साथ चुनाव लड़ा था। उन्हें बंगाली मुसलमानों के 89% तो असमी मुसलमानों के 65% वोट मिले थे। 2026 में यह दोनों धड़े अलग-अलग चुनाव लड़ रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषक डॉ. जयदीप बरुआ के मुताबिक, ‘हिमंता मुस्लिम समुदाय के भीतर दो गुट पैदा करने में सफल रहे हैं। पहले उन्होंने बांग्लादेश से आए ‘मियां मुसलमानों’ को असमी मुसलमानों के लिए खतरा बताया। फिर असमी मुसलमानों को विशेष दर्जा देकर, उन्हें अपने पाले में सुरक्षित कर लिया।’ 3. हिमंता बिस्व सरमा की पॉपुलैरिटी और हिंदू वोटों का ध्रुवीकरण- हिमंता बिस्वा सरमा की रैलियों में उमड़ने वाली भीड़ वोट में कन्वर्ट हो गई। उन्होंने बांग्लादेशी घुसपैठ का मुद्दा उठाया। इससे असमी संस्कृति, परंपरा और भाषा को खतरा बताया। उन्होंने दावा किया कि हर हफ्ते 35-40 बांग्लादेशी घुसपैठियों को वापस भेज रहे हैं। इससे हिंदू वोटों में बीजेपी की पकड़ मजबूत होती चली गई। पॉलिटिकल एक्सपर्ट अदिप फुकन के मुताबिक, असम में पहली बार पूरा चुनाव हिमंता के चेहरे पर लड़ा गया। वे अपने तीखे बयानों से खुद को योगी जैसे कट्टर नेता के तौर पर स्थापित करने में सफल हुए। 4. कांग्रेस के सीनियर नेता बीजेपी में आए- चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस के दो सीनियर नेता भूपेन कुमार बोराह और प्रद्युत बोरदोलोई ने बीजेपी जॉइन कर ली। इससे कांग्रेस का अंदरूनी कलह और राजनीतिक कमजोरी सामने आई। कांग्रेस ने इस बार पूर्व सीएम तरुण गोगोई के बेटे गौरव गोगोई की लीडरशिप में चुनाव लड़ा। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि मई 2025 में असम कांग्रेस अध्यक्ष बने गौरव हिमंता के सामने खुद को स्थापित नहीं कर पाए। ——————————————–

हिमंता दूसरी बार असम के सीएम पद की शपथ लेंगे:4 मंत्री भी बनेंगे, पीएम मोदी समेत NDA के कई बड़े नेता शामिल होंगे

हिमंता दूसरी बार असम के सीएम पद की शपथ लेंगे:4 मंत्री भी बनेंगे, पीएम मोदी समेत NDA के कई बड़े नेता शामिल होंगे

हिमंता बिस्वा सरमा आज 11 बजे दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। उनके साथ 4 और विधायक मंत्री पद की शपथ लेंगे। समारोह में पीएम मोदी सहित कई NDA शासित राज्यों के सीएम भी शामिल होंगे। कार्यक्रम के लिए गुवाहाटी के खानापारा वेटरनरी कॉलेज ग्राउंड में सोमवार को ही तैयारियां शुरू हो गईं। रविवार को असम में बीजेपी की विधायक दल की बैठक हुई, इसमें हिमंता को फिर विधायक दल का नेता चुना गया। वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सोमवार रात ही पहुंच गए। सीएम के साथ 4 मंत्री शपथ लेंगे हिमंता ने सोमवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा कि रामेश्वर तेली, अतुल बोरा, चरण बोरो और अजंता नेओग मेरे साथ मंत्री पद की शपथ लेंगे। इसके अलावा रंजीत दास असम विधानसभा के स्पीकर होंगे। इससे पहले हिमंता ने रविवार को कहा था कि मंत्रिमंडल में लगभग 18-19 मंत्री हो सकते हैं, लेकिन हम नए चेहरों को शामिल करेंगे या अनुभवी लोगों को बनाए रखेंगे, यह हमें मिलने वाले मार्गदर्शन पर निर्भर करेगा। असम में तीसरी बार भाजपा सरकार असम में भी हिमंता सरकार की वापसी हुई है। भाजपा लगातार तीसरी बार सरकार बनाएगी। BJP ने यहां अकेले ही 82 सीटें जीतीं, जो बहुमत के आंकड़े से 18 ज्यादा है। मौजूदा भाजपा सरकार का कोई भी मंत्री चुनाव नहीं हारा। ऐसा देश में पहली बार हुआ। पूर्वोत्तर में हिमंता भाजपा का चेहरा पूर्वोत्तर भारत में भाजपा और NDA की बढ़ती ताकत के पीछे हिमंत बिस्वा सरमा महत्वपूर्ण रणनीतिकार माना जाता है। कांग्रेस से भाजपा में आने के बाद, उन्होंने ‘नॉर्थ-ईस्ट डेमोक्रेटिक अलायंस’ (NEDA) के संयोजक के रूप में पूरे क्षेत्र में क्षेत्रीय दलों को एक साझा मंच पर लाने में बड़ी भूमिका निभाई। सरमा की जमीनी स्तर पर पकड़ और कठिन से कठिन राजनीतिक परिस्थितियों में गठबंधन बनाने की क्षमता ने पूर्वोत्तर में भाजपा के लिए ‘अजेय’ द्वार खोल दिए हैं। पूर्वोत्तर के सभी आठ राज्यों (असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, नगालैंड, मिजोरम, त्रिपुरा और सिक्किम) में भाजपा या एनडीए समर्थित गठबंधन की सरकारें हैं। नई विधानसभा में 7 महिलाएं, भाजपा 92.1% स्ट्राइक रेट असम में BJP की जीत के 4 बड़े फैक्टर 1. परिसीमन के बाद 36% मुस्लिम बहुल सीटें घटीं- 2023 में असम में परिसीमन हुआ और विधानसभा सीटों की बाउंड्री दोबारा तय की गई। ST, SC की रिजर्व सीटें और बोडोलैंड ट्राइबल रीजन की सीटें बढ़ीं, लेकिन मुस्लिम बहुल सीटें 41 से घटकर 26 रह गईं। राजनीतिक विश्लेषक अशोक मलिक के मुताबिक, ‘नई सीमाओं ने मुस्लिम बहुल इलाकों के प्रभाव को सीमित कर दिया। साथ ही उन सीटों को भी फिर से व्यवस्थित किया जहां असमिया मुसलमान कम हो रहे थे। इससे हिमंत को उन सीटों पर बढ़त मिली जहां पहले भाजपा कमजोर थी।’ 2. कांग्रेस और AIUDF के मुस्लिम वोट बंटे, बीजेपी को फायदा- 2021 में कांग्रेस और बदरुद्दीन अजमल की AIUDF ने साथ चुनाव लड़ा था। उन्हें बंगाली मुसलमानों के 89% तो असमी मुसलमानों के 65% वोट मिले थे। 2026 में यह दोनों धड़े अलग-अलग चुनाव लड़ रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषक डॉ. जयदीप बरुआ के मुताबिक, ‘हिमंता मुस्लिम समुदाय के भीतर दो गुट पैदा करने में सफल रहे हैं। पहले उन्होंने बांग्लादेश से आए ‘मियां मुसलमानों’ को असमी मुसलमानों के लिए खतरा बताया। फिर असमी मुसलमानों को विशेष दर्जा देकर, उन्हें अपने पाले में सुरक्षित कर लिया।’ 3. हिमंता बिस्व सरमा की पॉपुलैरिटी और हिंदू वोटों का ध्रुवीकरण- हिमंता बिस्वा सरमा की रैलियों में उमड़ने वाली भीड़ वोट में कन्वर्ट हो गई। उन्होंने बांग्लादेशी घुसपैठ का मुद्दा उठाया। इससे असमी संस्कृति, परंपरा और भाषा को खतरा बताया। उन्होंने दावा किया कि हर हफ्ते 35-40 बांग्लादेशी घुसपैठियों को वापस भेज रहे हैं। इससे हिंदू वोटों में बीजेपी की पकड़ मजबूत होती चली गई। पॉलिटिकल एक्सपर्ट अदिप फुकन के मुताबिक, असम में पहली बार पूरा चुनाव हिमंता के चेहरे पर लड़ा गया। वे अपने तीखे बयानों से खुद को योगी जैसे कट्टर नेता के तौर पर स्थापित करने में सफल हुए। 4. कांग्रेस के सीनियर नेता बीजेपी में आए- चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस के दो सीनियर नेता भूपेन कुमार बोराह और प्रद्युत बोरदोलोई ने बीजेपी जॉइन कर ली। इससे कांग्रेस का अंदरूनी कलह और राजनीतिक कमजोरी सामने आई। कांग्रेस ने इस बार पूर्व सीएम तरुण गोगोई के बेटे गौरव गोगोई की लीडरशिप में चुनाव लड़ा। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि मई 2025 में असम कांग्रेस अध्यक्ष बने गौरव हिमंता के सामने खुद को स्थापित नहीं कर पाए। ——————————————–

3 हत्याएं करने वाला साइको किलर एनकाउंटर में ढेर:सेना से रिटायर था; कहता था- मन का राजा हूं; चंदौली में 26 घंटे में किए थे मर्डर

3 हत्याएं करने वाला साइको किलर एनकाउंटर में ढेर:सेना से रिटायर था; कहता था- मन का राजा हूं; चंदौली में 26 घंटे में किए थे मर्डर

यूपी में चलती ट्रेन और अस्पताल में तीन हत्याएं करने वाला साइको किलर सोमवार देर रात पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। चंदौली SP आकाश पटेल ने बताया- पुलिस आरोपी को क्राइम सीन रीक्रिएट कराने के लिए लेकर गई थी। इसी दौरान उसने पुलिस अफसर की पिस्टल छीन ली और फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश की। पुलिस की जवाबी फायरिंग में उसे सिर और सीने में गोली लग गई। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। 45 साल के गुरप्रीत सिंह ने चंदौली में 26 घंटे के भीतर बेवजह तीन हत्याएं की थीं। तीनों वारदातों का पैटर्न एक जैसा था- गोली सीधे कनपटी पर मारी गई थी। पिटाई से गुरप्रीत जख्मी हो गया था। पुलिस ने उसका इलाज कराया। जब वह बोलने लायक हुआ तो महिला की हत्या करने की वजह पूछी गई। जवाब में उसने कहा- मैं मन का राजा हूं। शराब पीने के बाद मैं होश में नहीं रहता। घूम-घूमकर जो मन में आता है, करता हूं। एक नहीं, दो-तीन को मारकर आया हूं। ये जवाब सुनकर पुलिस भी चौंक गई। सख्ती से पूछताछ करने पर अपने सारे जुर्म कबूल कर लिए। गुरप्रीत सिंह मूल रूप से अमृतसर का रहने वाला था। छह साल पहले आर्मी से रिटायर हुआ था। उसका कोई स्थायी ठिकाना नहीं था। वह शादीशुदा था, लेकिन उसने पुलिस को पत्नी और बच्चों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। पीडीडीयू नगर के सीओ अरुण कुमार सिंह ने बताया- गुरप्रीत शराब पीने के बाद मानसिक संतुलन खो देता था। लोगों से उलझता रहता था। हिंसक हो जाता था। तीनों मर्डर में दो उसने झगड़े के बाद ही किए। शुरुआती जांच में आरोपी साइको लग रहा है। एनकाउंटर से जुड़ी हुईं 3 तस्वीरें देखिए- नौकरी से निकाले जाने के बाद साइको जैसी हरकतें करने लगा था एसपी आकाश पटेल ने बताया- चंदौली पुलिस, जीआरपी और स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई में आरोपी को पहले हत्याकांड का सीन रीक्रिएट कराने के लिए दरियापुर गांव के पास रेलवे लाइन किनारे ले जाया गया। इसी दौरान आरोप ने पुलिस के एक अधिकारी की पिस्टल छीनकर फायर कर दिया। घटना में दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। इसके बाद पुलिस की संयुक्त टीमों ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी को एक गोली सीने और एक सिर में लगी। उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पीडीडीयू नगर के सीओ अरुण कुमार सिंह ने बताया- आरोपी गुरप्रीत 29 अप्रैल को गार्ड की नौकरी करने के लिए बिहार के आरा शहर गया था। वहां कुछ दिनों तक काम करने के दौरान उसकी शराब पीकर हंगामा करने की आदत सामने आई। उसे नौकरी से निकाल दिया गया। इसके बाद वह दिमागीतौर पर परेशान रहने लगा। वह 9 मई से अलग-अलग ट्रेनों से प्रयागराज, चंदौली समेत कई स्थानों पर घूमता रहा। कैसे पुलिस साइको किलर तक पहुंची, 4 पॉइंट में जानिए अब सिलसिलेवार तीनों वारदातें जानिए… 1- अस्पताल में घुसकर महिला को गोली मारी जगह- चंदौली का जीवक अस्पताल, समय- सोमवार सुबह साढ़े 8 बजे…। चंदौली जिला मुख्यालय से 30 किमी दूर अलीनगर थाना क्षेत्र में जीवक अस्पताल है। बिहार के भभुआ जिले के चैनपुर थाना के बहोवना गांव की रहने वाली लक्ष्मीना देवी (55) का पैर टूट गया था। उन्हें पिछले माह 5 अप्रैल को जीवक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। एक रिश्तेदार भी उसके साथ था। हमलावर वीरेंद्र सोमवार सुबह मुंह बांधकर इलाज कराने के बहाने अस्पताल में घुसा। वह बेड पर लेटी महिला के पास गया। सीधे कनपटी पर पिस्टल सटाकर गोली मार दी। हत्या से अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। वारदात के बाद आरोपी फायरिंग करते हुए भागने लगा। इसी दौरान एक ऑटो चालक ने उसे दौड़ाकर पकड़ लिया और उससे पिस्टल छीन ली। इसके बाद भीड़ ने आरोपी की पिटाई कर दी और पुलिस के हवाले कर दिया। ऑटो ड्राइवर बोला- फायरिंग करते हुए हमलावर भागा एडीजी पीयूष मोर्डिया ने भी अस्पताल पहुंचकर जांच की। ऑटो चालक विनोद दुबे ने बताया कि महिला की हत्या के बाद बदमाश फायरिंग करते हुए भाग रहा था। उस समय वह अस्पताल के बाहर एक मरीज को उतार रहा था। भीड़ के चिल्लाने पर उसने बदमाश को पकड़ लिया। आरोपी ने उस पर असलहा तान दिया, लेकिन उसने उसके हाथ मरोड़ दिए। असलहा जमीन पर गिर गया। इसके बाद उन्होंने आरोपी को पकड़ लिया। तभी भीड़ इकट्ठा हो गई और लोगों ने उसे घेर लिया। उसके दोनों हाथ गमछे से बांध दिए गए। कुछ लोगों ने आरोपी को ईंट-पत्थरों से भी मारा। इससे वह घायल हो गया। हालांकि, समय रहते पुलिस मौके पर पहुंच गई और आरोपी को भीड़ से छुड़ाकर थाने ले गई। 2- ट्रेन में बाथरूम से निकलते ही मारी गोली जगह- वाराणसी, रविवार, समय- रात 2 बजे…। बिहार के गया जिले में पिपरिया गांव के रहने वाले दिनेश साहू (42) कोलकाता-जम्मू तवी एक्सप्रेस से सीतापुर के नैमिषारण्य धाम जा रहे थे। वह पत्नी के साथ कोच S-2 में सवार थे, जबकि उनकी बहन, उनके दो बच्चे और सास जनरल कंपार्टमेंट में यात्रा कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक, रविवार देर रात करीब 2 बजे मुगलसराय रेलवे स्टेशन से पहले ब्लॉक हट-बी के पास ट्रेन पहुंची थी। उस समय दिनेश बाथरूम गए थे। जैसे ही वह बाहर निकले, आरोपी वीरेंद्र ने गोली मार दी। गोली की आवाज सुनकर यात्री मौके पर पहुंचे। पत्नी भी दौड़कर पहुंची और देखा कि दिनेश का शव खून से लथपथ पड़ा था। ब्लॉक हट-बी के चलते ट्रेन की स्पीड धीमी थी, मौका पाकर वीरेंद्र ट्रेन से उतर गया। यात्रियों ने पुलिस को सूचना दी। रात 2:42 बजे ट्रेन वाराणसी जंक्शन पहुंची, जहां शव को नीचे उतारा गया। 3. पैसेंजर ट्रेन में मारी गोली, रफ्तार कम होते ही भागा जगह- चंदौली, रविवार, समय सुबह 7 बजे…। गाजीपुर के जमानिया थाना क्षेत्र के चौधरी मोहल्ला का रहने वाला मंगरू (34) 15 दिन पहले काम की तलाश में कर्नाटक गया था। वहां पर मछली पकड़ने का काम करने लगा। काम पसंद नहीं आया। इसके बाद मंगरू वापस अपने घर लौट रहा था। वह कर्नाटक से सुपरफास्ट ट्रेन पकड़कर प्रयागराज (डीडीयू) जंक्शन पहुंचा था। यहां से घर जाने के लिए डीडीयू-ताड़ीघाट पैसेंजर में सवार हुआ था। ट्रेन सुबह 6:30

क्या बिहार में तेजस्वी की छाया से बाहर निकलेगी कांग्रेस:तमिलनाडु में राहुल ने DMK को छोड़ा, प्रशांत किशोर के साथ जाने की कितनी संभावना

क्या बिहार में तेजस्वी की छाया से बाहर निकलेगी कांग्रेस:तमिलनाडु में राहुल ने DMK को छोड़ा, प्रशांत किशोर के साथ जाने की कितनी संभावना

तमिलनाडु में राहुल गांधी के DMK का साथ छोड़कर फिल्मी सितारे विजय से गठजोड़ करने की घटना ने बिहार के राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। RJD-कांग्रेस के गठबंधन को लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं। इस बीच 8 मई को तेजस्वी यादव ने साफ शब्दों में कहा- भाजपा को क्षेत्रीय दल ही टक्कर दे सकते हैं। अब सवाल है- क्या कांग्रेस तमिलनाडु वाला साहस बिहार में भी दिखाएगी। थालापति विजय के फ्रेंड प्रशांत किशोर से हाथ तो नहीं मिला लेगी। अगर ऐसा होता है तो 2029 से पहले बिहार की राजनीति का पूरा समीकरण बदल सकता है। इन्हीं सवालों का जवाब आज के एक्सप्लेनर बूझे की नाहीं में…। सवाल-1ः तमिलनाडु में राहुल गांधी ने विजय के साथ गठबंधन कर क्या मैसेज दिया? जवाबः 4 मई को आए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के रिजल्ट के बाद कांग्रेस ने दशकों पुराने साथी DMK (द्रविड़ मुनेत्र कड़गम) का साथ छोड़ दिया। राहुल गांधी ने अपने पांचों विधायकों का समर्थन अभिनेता से नेता बने थालापति विजय को दे दिया। राहुल गांधी का DMK जैसे पुराने और भरोसेमंद सहयोगी को छोड़ना एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। TVK (तमिलगा वेट्टी कड़गम) के साथ जाने का राहुल गांधी का यह फैसला बता रहा है कि वह अब घिसे-पीटे नारों और मॉडल के आधार पर चल रही पार्टियों से अलग नए और बढ़ते हुए राजनीतिक चेहरों के साथ कदमताल करना चाहते हैं। राहुल गांधी शायद अब क्षेत्रीय क्षत्रपों के दबाव से मुक्त होकर नई, युवा और भविष्य की राजनीति की ओर देख रहे हैं। सवाल-2ः राहुल के इस फैसले का बिहार में क्या असर पड़ेगा? जवाबः बिहार में कांग्रेस और RJD (लालू-तेजस्वी) का रिश्ता बहुत पुराना है, लेकिन तमिलनाडु के फैसले का गहरा असर इस गठबंधन पर पड़ सकता है। बिहार कांग्रेस के नेता अलग होने का सुझाव दे चुके हैं सवाल-3ः कांग्रेस तेजस्वी का साथ क्यों छोड़ सकती है? जवाबः तेजस्वी का साथ छोड़ने के 3 बड़े कारण हैं… 1. सामाजिक न्याय का पुराना मॉडल फेल तेजस्वी यादव बीते 4-5 सालों में लगातार तमिलनाडु के सामाजिक न्याय के मॉडल को अपनाने की बातें करते रहे हैं। जातीय गणना से लेकर रिजर्वेशन का दायरा बढ़ाने की जमकर वकालत करते रहे हैं। अगस्त 2022 से जनवरी 2024 तक तेजस्वी यादव जब नीतीश सरकार में आए तो बिहार में जातीय गणना भी हुई। रिजर्वेशन का दायरा भी बढ़ा, हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया। इतने प्रयास के बावजूद 2025 विधानसभा चुनाव में महागठबंधन 35 सीटों पर सिमट गया। वहीं, तेजस्वी यादव जिस तमिलनाडु मॉडल को बिहार में लागू करने की बातें करते हैं, वह मॉडल उसी राज्य में फेल हो गया। साथी स्टालिन की पार्टी DMK सत्ता से बाहर हो गई। एक्टर विजय ने स्टालिन से अलग सामाजिक न्याय का नया मॉडल पेश किया, जिसे लोगों ने स्वीकार किया है। तमिलनाडु: क्यों फेल हुआ ‘सामाजिक न्याय’ का पुराना मॉडल? 2. नहीं बढ़ रहा कांग्रेस का वोट बैंक 3. भ्रष्टाचार और जंगलराज का नैरेटिव सवाल-4: क्या 2029 से पहले कांग्रेस प्रशांत किशोर के साथ जाएगी? जवाबः हां, संभावना मजबूत है। कांग्रेस बिहार में अपनी ताकत बढ़ाना चाहती है और RJD की छाया से दूर जाना चाहती है। विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद दिसंबर 2025 में प्रशांत किशोर की कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी से दो घंटे तक मुलाकात हुई थी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, प्रशांत किशोर की प्रियंका गांधी से बिहार और देश में विपक्ष की राजनीति पर बातें हुईं थी। मुद्दों पर भी बातें हुईं थी। कांग्रेस जानती है कि प्रशांत किशोर रणनीतिकार हैं, जो कांग्रेस को नई ऊर्जा दे सकते हैं। चुनाव में कांग्रेस को लेकर सॉफ्ट थे प्रशांत किशोर प्रशांत किशोर के साथ आने की संभावना क्यों मजबूत है सवाल-5: बिहार में सत्ता चाहिए तो तेजस्वी को क्या करना होगा? जवाबः तेजस्वी यादव अभी भी बिहार के सबसे मजबूत विपक्षी चेहरा हैं। 2025 के विधानसभा चुनाव में RJD को सबसे ज्यादा वोट शेयर (करीब 23%) मिला, लेकिन सीटें सिर्फ 25 आईं। अगर उन्हें 2030 या उससे पहले सत्ता चाहिए तो पुरानी रणनीति से बाहर निकलना पड़ेगा। उनको 3 काम करने होंगे… 1. MY इक्वेशन से आगे निकलकर ब्रॉड कोएलिशन बनाना 2. जंगलराज के नैरेटिव को विकास की पॉलिटिक्स से खत्म करना होगा 3. मजबूत संगठन करना होगा

IPL का गणित- दिल्ली की प्लेऑफ उम्मीदें कायम:पंजाब को बचे 3 में से 2 मैच जीतने होंगे; गुजरात-हैदराबाद के पास टेबल टॉपर बनने का मौका

IPL का गणित- दिल्ली की प्लेऑफ उम्मीदें कायम:पंजाब को बचे 3 में से 2 मैच जीतने होंगे; गुजरात-हैदराबाद के पास टेबल टॉपर बनने का मौका

IPL 2026 में प्लेऑफ की रेस दिलचस्प हो गई है। सोमवार को दिल्ली कैपिटल्स ने पंजाब किंग्स को 3 विकेट से हराकर अपनी उम्मीदें जिंदा रखीं। टीम 13 अंक के साथ पॉइंट्स टेबल में सातवें स्थान पर पहुंच गई है। दूसरी ओर पंजाब चौथे स्थान पर बरकरार है, लेकिन उसे टॉप-4 में जगह पक्की करने के लिए बचे 3 में से कम से कम 2 मैच जीतने होंगे। आज गुजरात टाइटंस और सनराइजर्स हैदराबाद आमने-सामने होंगी। जीतने वाली टीम पॉइंट्स टेबल में पहले स्थान पर पहुंच जाएगी। फिलहाल बेंगलुरु, हैदराबाद, गुजरात और पंजाब टॉप-4 में हैं, जबकि मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जायंट्स प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो चुकी हैं। पॉइंट्स टेबल की मौजूदा सिचुएशन पंजाब लगातार चौथा मैच हारी, दिल्ली को एक स्थान का फायदा सीजन की शुरुआत में लगातार 6 मैच जीतने वाली पंजाब को लगातार चौथी हार झेलनी पड़ी। टीम पॉइंट्स टेबल में चौथे स्थान पर है। उसे बचे हुए मुंबई, बेंगलुरु और लखनऊ के खिलाफ 3 मैचों में से 2 जीतने होंगे। दूसरी ओर दिल्ली लगातार दो मैच हारने के बाद जीती। टीम को एक स्थान का फायदा हुआ। अब उसे बचे 2 मैचों में राजस्थान और कोलकाता को बड़े अंतर से हराने के साथ दूसरी टीमों के रिजल्ट पर भी निर्भर रहना होगा। आज के मैच का असर हैदराबाद के पास टेबल टॉपर बनने का मौका सनराइजर्स हैदराबाद के 11 मैचों में 14 पॉइंट्स हैं। टीम आज गुजरात टाइटंस को हराकर पॉइंट्स टेबल में टॉप पर पहुंच सकती है। हैदराबाद के बचे मुकाबले चेन्नई सुपर किंग्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु जैसी मजबूत टीमों से हैं। ऐसे में टीम अहमदाबाद में जीत दर्ज कर प्लेऑफ की स्थिति मजबूत करना चाहेगी। गुजरात जीता तो प्लेऑफ खेलना लगभग तय गुजरात टाइटंस के भी 11 मैचों में 14 पॉइंट्स हैं। टीम अगर आज हैदराबाद को हरा देती है तो प्लेऑफ में उसकी जगह लगभग पक्की हो जाएगी। इसके बाद गुजरात को कोलकाता नाइट राइडर्स और चेन्नई सुपर किंग्स से मुकाबले खेलने हैं। ऐसे में टीम घरेलू मैदान पर जीत हासिल कर टॉप-2 की रेस में बढ़त लेना चाहेगी। चेन्नई-राजस्थान की स्थिति मजबूत चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स के 12-12 पॉइंट्स हैं। दोनों टीमों ने 11 मैचों में 6-6 जीत हासिल की हैं। प्लेऑफ में पहुंचने के लिए दोनों को बचे 3 मैचों में कम से कम 2 जीत दर्ज करनी होंगी। 2 टीमें प्लेऑफ से बाहर मुंबई और लखनऊ की टीमें प्लेऑफ की रेस से बाहर हो चुकी हैं। दोनों के 11 मैचों में 6-6 पॉइंट्स हैं और वे अधिकतम 12 अंक ही हासिल कर सकते हैं। मौजूदा स्थिति में 12 पॉइंट्स प्लेऑफ के लिए काफी नहीं होंगे। टूर्नामेंट के टॉप प्लेयर्स राहुल ऑरेंज कैप की रेस में दूसरे नंबर पर पहुंचे दिल्ली के केएल राहुल पंजाब के खिलाफ 9 रन बनाकर ऑरेंज कैप रेस में दूसरे स्थान पर पहुंच गए। राहुल के 12 मैचों में 477 रन हो गए हैं। वे टॉप पर चल रहे सनराइजर्स हैदराबाद के हेनरिक क्लासन से 17 रन पीछे हैं। क्लासन ने 11 मैचों में 494 रन बनाए हैं। सनराइजर्स के अभिषेक शर्मा 475 रन के साथ तीसरे नंबर पर खिसक गए हैं। गुजरात के शुभमन गिल 462 रन के साथ चौथे स्थान पर हैं। राजस्थान रॉयल्स के वैभव सूर्यवंशी 440 रन बनाकर टॉप-5 में शामिल हैं। भुवनेश्वर के पास पर्पल कैप रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के भुवनेश्वर कुमार 21 विकेट के साथ पर्पल कैप होल्डर बने हुए हैं। चेन्नई सुपर किंग्स के अंशुल कम्बोज 19 विकेट लेकर दूसरे स्थान पर हैं। गुजरात टाइटंस के कगिसो रबाडा 18 विकेट के साथ तीसरे नंबर पर हैं। लखनऊ के प्रिंस यादव और हैदराबाद के एहसान मलिंगा ने 16-16 विकेट लिए हैं।

सुवेंदु PA हत्याकांड- बिहार से पकड़ाए 2 लड़कों की कहानी:₹2000 लेकर मुंबई के लिए निकला विक्की, पिता बोले- पुलिस ने मुझे 30 घंटे बंधक रखा

सुवेंदु PA हत्याकांड- बिहार से पकड़ाए 2 लड़कों की कहानी:₹2000 लेकर मुंबई के लिए निकला विक्की, पिता बोले- पुलिस ने मुझे 30 घंटे बंधक रखा

‘मेरा लड़का नाबालिग है। घर का सारा काम करता था। उसपर कोई केस नहीं है। पता कर लीजिए। उसे दोस्त ने मोबाइल से बात कर फंसा दिया। मेरे बेटे को छोड़ दिया जाए।’ नीलम देवी रोते-रोते बड़ी मुश्किल से इतना कह पाती हैं। आंखों से लगातार आंसू बह रहे हैं, पोंछते हुए कहती हैं, ‘वह मुंबई में काम करता था। बीमार पड़ा तो मैंने उसे घर बुला लिया था। मेरे पति को मीडिया से पता चला कि उसे पुलिस उठाकर ले गई है।’ नीलम देवी विक्की मौर्य की मां हैं। विक्की पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों में से एक है। दरअसल, बंगाल STF ने बक्सर से दो युवकों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी को अयोध्या से पकड़ा गया है। सोमवार को पुलिस ने तीनों आरोपियों को नॉर्थ 24 परगना के बारासात कोर्ट में पेश किया। अदालत ने उन्हें 13 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। चंद्रनाथ हत्याकांड में गिरफ्तार विक्की मौर्य और मयंक मिश्रा कौन हैं? क्या करते हैं? परिवार के लोगों का क्या कहना है? इन सवालों के जवाब जानने के लिए दैनिक भास्कर की टीम दोनों के घर पहुंची। पढ़िए पूरी रिपोर्ट। 2 हजार रुपए लेकर बेटा मुंबई कमाने गया था विक्की मौर्य और मयंक मिश्रा दोस्त हैं। दोनों के घर बक्सर स्टेशन से ठीक पीछे पीसी कॉलेज और उसके आसपास हैं। भास्कर रिपोर्टर सबसे पहले विक्की मौर्य के घर पहुंचे। विक्की के पिता गौतम दवा की दुकान चलाते हैं। हमने उनसे विक्की की गिरफ्तारी को लेकर बात की। उनसे पूछा आपको कैसे पता चला कि आपके बेटे को बंगाल पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इसपर गौतम ने कहा, ‘मेरा बेटा घर से 2000 रुपए लेकर निकला था। कहा था कि मुंबई कमाने जा रहा हूं। वहां पहुंचकर जिस कंपनी में काम करूंगा, उसकी लोकेशन भेज दूंगा। वह अपने दोस्त के साथ गया था। मीडिया से पता चला कि उसे पुलिस ने गिरफ्तार किया है।’ आपको पुलिस ने हिरासत में रखा, क्या पूछा? इस सवाल पर गौतम ने कहा, ‘DSP साहब आए थे। मुझे और मेरे मेंटली डिस्टर्ब बेटे को साथ ले गए। कहा था कि एक घंटा के लिए चलिए। हम दोनों को 30 घंटे बैठाए रखा। बस एक ही सवाल की विक्की कहां है? पुलिस ने हमारे सभी मोबाइल फोन ने जब्त कर लिए थे।’ ‘मैंने पुलिस से कहा कि कैसे बताऊं कि विक्की कहां है। मोबाइल फोन तो आपके पास है। फोन दीजिएगा तभी न कॉल कर पूछ सकता हूं।’ मेरा बेटा 7 मई को घर से निकला था गौतम ने कहा, ‘मुझे नहीं पता कि बंगाल के सीएम के पीए की हत्या कब हुई। मुझे तो मीडिया से पता चला कि मेरे बेटे को इस मामले में पकड़ा गया है। मेरा बेटा 6 मई को घर पर था। 7 मई की दोपहर मुंबई जाने की बात कहकर निकला था।’ हिरासत के दौरान क्या पुलिस ने मारपीट की? इस सवाल के जवाब में गौतम ने कहा, ‘नहीं, पुलिस ने मारपीट नहीं की। पुलिस पर कोई आरोप नहीं है। डॉक्टर की पर्ची दिखाने पर भी बेटे को दवाई नहीं खाने दी गई। अगर उसकी दिमागी हालत और खराब हो जाएगी तो कौन जवाब देगा?’ उन्होंने कहा, ‘आज तीन दिन हो गए। मेरे घर के सभी मोबाइल फोन पुलिस के पास हैं। मैं EMI नहीं भर पा रहा हूं। पैसे का नुकसान हो रहा है। मीडिया से मयंक की गिरफ्तारी का पता चला विक्की मौर्या के माता-पिता से बात करने के बाद हम मयंक मिश्रा के घर पहुंचे। दोनों के घरों के बीच की दूरी करीब 100 मीटर है। घर पर हमें मयंक के दादा राज दयाल मिश्रा मिले। उन्होंने बताया कि मेरा बेटा जितेंद्र मिश्रा अपने परिवार के साथ रांची में रहता है। वहीं पर ठेकेदारी का काम करता है। मयंक यहां आता था? इस सवाल पर राज दयाल ने कहा, ‘मयंक बक्सर बहुत कम आता था। 10 दिन पहले यहां आया था, फिर चला गया। दो दिन पहले पुलिस हमारे यहां छापेमारी करने आई थी। घर में छानबीन कर चली गई थी। आज मीडिया के माध्यम से पता चला कि बंगाल की किसी घटना में उसे गिरफ्तार किया गया है। हमलोगों को पता है कि मयंक रांची में कंप्यूटर सीखकर कुछ काम करता है।’ पश्चिम बंगाल से बिहार कैसे पहुंची बंगाल STF पश्चिम बंगाल के सीएम सुवेंदु के पीए चंद्रनाथ हत्या करने के बाद शूटर दूसरे कार से भागे थे। वहां से जब सिल्वर कार से हावड़ा के बाली टोल प्लाजा के पास पहुंचे तो शूटरों ने टॉल टैक्स का भुगतान UPI से किया था। बंगाल पुलिस शूटरों के तलाश में जुटी थी। टॉल प्लाजा में UPI से पेमेंट करने पर संदिग्ध का मोबाइल नंबर मिला। उसके बाद जांच बढ़ी तब पता चला कि इसमें बक्सर और यूपी के शूटर भी थे। फिर बंगाल पुलिस ने बिहार पुलिस और यूपी पुलिस को सूचना दी। बंगाल STF की टीम ने रविवार रात बक्सर के तीन थाना क्षेत्रों में छापेमारी की। इस दौरान मयंक मिश्रा और विक्की मौर्य गिरफ्तार कर पश्चिम बंगाल ले गई। 6 मई को हुई सुवेंद्र अधिकारी के PA की हत्या बंगाल चुनाव नतीजों के दो दिन बाद, 6 मई को नॉर्थ 24 परगना के मध्यमग्राम में 42 साल के चंद्रनाथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हमलावर ने उनकी कार रोककर कई राउंड फायरिंग की, जिसमें उन्हें सीने और पेट में तीन गोलियां लगीं। इसमें उनके ड्राइवर भी घायल हो गए थे। हालांकि, जांच में अब तक यह साफ नहीं हो सका है कि चंद्रनाथ की हत्या राजनीति से प्रेरित थी या फिर कोई और वजह थी। हत्या में 8 लोगों के शामिल होने का शक जांच एजेंसियों का मानना है कि हत्या की साजिश और वारदात में कम से कम 8 लोग शामिल थे। जांच में यह भी सामने आया है कि हमले में इस्तेमाल की गई बाइक और कार पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी। इससे जांच एजेंसियों को शक है कि इस पूरी साजिश में एक संगठित अंतरराज्यीय आपराधिक गिरोह शामिल है। बिहार के कुछ कुख्यात गिरोहों से भी संपर्क की संभावना की जांच की जा रही है।

पीएम की बचत की अपील,महाराष्ट्र के मंत्री फ्रांस नहीं जाएंगे:कांस फिल्म फेस्टिवल में हिस्सा लेना था; सरकार बोली- पेट्रोल-डीजल की कमी नहीं

पीएम की बचत की अपील,महाराष्ट्र के मंत्री फ्रांस नहीं जाएंगे:कांस फिल्म फेस्टिवल में हिस्सा लेना था; सरकार बोली- पेट्रोल-डीजल की कमी नहीं

पीएम नरेंद्र मोदी लगातार दो दिन लोगों से ईंधन और संसाधनों का कम इस्तेमाल करने की अपील कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि जहां संभव हो पेट्रोल डीजल का उपयोग कम करें और मेट्रो, इलेक्ट्रिक बस और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें। विदेशी यात्राओं से बचें। इसे देखते हुए महाराष्ट्र सरकार में मंत्री आशीष सेलार ने सोमवार को ऐलान किया कि वे इस साल फ्रांस में होने वाले कांस फिल्म फेस्टिवल में शामिल नहीं होंगे। पीएम मोदी ने 10 मई को तेलंगाना के हैदराबाद और फिर 11 मई को गुजरात के वडोदरा में जनसभा को संबोधित करते हुए बचत की बात कही थीं। वडोदरा में मोदी ने कहा कि जैसे देश ने मिलकर कोरोना संकट का सामना किया था, वैसे ही मौजूदा संकट से भी देश बाहर निकल जाएगा। शेलार बोले- विभाग के खर्च कम किए जा रहे हैं आशीष शेलार ने कहा कि इन चुनौतीपूर्ण समय में राष्ट्रीय हितों को सबसे ऊपर रखते हुए विभागीय खर्च में संयम बरतने का फैसला लिया गया है। राज्य के सांस्कृतिक मामलों, इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मंत्री ने कहा कि वर्चुअल प्लेटफॉर्म के जरिए मीटिंग की जाएंगी। हालांकि, शेलार ने कहा कि सरकारी तंत्र कांस फिल्म फेस्टिवल में हिस्सा ले रही मराठी फिल्मों के लिए जरूरी तालमेल जारी रखेगा। मराठी सिनेमा को बढ़ावा देने के लिए जहां भी ज़रूरी होगा, वे ऑनलाइन हिस्सा लेंगे। 11 मई: वडोदरा में मोदी बोले- पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें 10 मई: हैदराबाद में पीएम बोले- विदेश यात्रा को टाल दें सरकार ने कहा- पेट्रोल-डीजल और LPG की कमी नहीं पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के बीच सरकार ने देश में ईंधन की कमी की खबरों को खारिज किया है। सरकार ने सोमवार को नागरिकों को आश्वासन दिया कि देश में पेट्रोल, डीजल या LPG की कोई कमी नहीं है। यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रविवार को ईंधन पर निर्भरता कम करने और बचत करने की अपील के एक दिन बाद आया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट के कारण ग्लोबल एनर्जी सप्लाई में रुकावट जरूर आई है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। हालांकि, भारत सरकार ने आम उपभोक्ताओं को बिना किसी असुविधा के ईंधन की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए कई प्रभावी कदम उठाए हैं। 7 सवाल-जवाब; 60 दिनों का तेल-गैस है, फिर भी कम खर्चें 1. देश के पास कितना भंडार है? विशाखापत्तनम, मंगलुरु और पादुर में भूमिगत भंडारण में 5.33 MMT (मिलियन मीट्रिक टन) कच्चा तेल रखने की क्षमता है। अभी यह लगभग 64% (3.37 MMT) भरा है, जो करीब 9.5 दिनों की जरूरत पूरी कर सकता है। अगर तेल कंपनियों के स्टॉक और रणनीतिक भंडार को मिला दिया जाए, तो अभी कुल 60 दिनों का कच्चा तेल, 60 दिनों की प्राकृतिक गैस और 45 दिनों की एलपीजी है। 2. पर्याप्त स्टॉक कितना होता है? अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के मानकों के अनुसार, देशों को कम से कम 90 दिनों के आयात के बराबर भंडार रखना चाहिए। भारत इस लक्ष्य से थोड़ा पीछे है, पर 60-74 दिनों का बैकअप सुरक्षित स्तर माना जाता है। 3. फिर ईंधन में किफायत क्यों? पीएम की अपील का मकसद तेल की कमी नहीं, बल्कि डॉलर की बचत है। भारत अपनी जरूरत का 88% कच्चा तेल विदेश से खरीदता है जिसके लिए डॉलर में भुगतान करना पड़ता है। जंग से तेल महंगा हो गया है, जिससे देश का विदेशी मुद्रा भंडार घट रहा है। 4. अगले ही दिन सफाई क्यों दी? पीएम मोदी के ‘बचत’ वाले बयान के बाद जनता में पैनिक बाइंग (घबराहट में खरीदारी) शुरू हो गई थी। लोगों को लगा कि शायद लॉकडाउन जैसा कुछ होने वाला है या पेट्रोल पंप सूख जाएंगे। यह डर दूर करने के लिए बताना पड़ा कि अभी भरपूर स्टॉक है। 5. देश रोज कितना तेल इस्तेमाल करता है, उस पर कितना खर्च है? भारत में रोज करीब 50 लाख बैरल कच्चे तेल की खपत होती है। जंग से पहले हम रोजाना $33 करोड़ (करीब 3141 करोड़ रु.) खर्च करते थे, जो अब $50 करोड़ (करीब 4,760 करोड़) हो गया है। यानी रोज 1619 करोड़ रुपए अतिरिक्त खर्च हो रहे हैं। 6. क्या पेट्रोल-डीजल महंगे होंगे? एक्सपर्ट कहते हैं कि तेल कंपनियों का घाटे कम करने के लिए 15 मई के आसपास पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ₹4 से ₹5 प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो सकती है। LPG सिलेंडर के दाम भी ₹50 रु. तक बढ़ सकते हैं। 7. क्या पहले ऐसा संकट आया? सबसे बड़ा संकट 1991 में आया था, तब भारत के पास तेल स्टॉक करने का कोई साधन ही उपलब्ध नहीं था। साल 2021-22 में कोरोनाकाल के दौरान भी रणनीतिक भंडार काफी घट गया था।

IPL में आज गुजरात Vs हैदराबाद:सीजन में पहली बार सामना होगा; टाइटंस ने सनराइजर्स को 5 बार हराया

IPL में आज गुजरात Vs हैदराबाद:सीजन में पहली बार सामना होगा; टाइटंस ने सनराइजर्स को 5 बार हराया

IPL 2026 का 56वां मैच सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) और गुजरात टाइटंस (GT) के बीच खेला जाएगा। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में मुकाबला शाम 7 बजे से होगा। दोनों टीमों के 11-11 मैच में 14-14 पॉइंट्स हैं। हैदराबाद बेहतर नेट रनरेट की वजह से दूसरे और गुजरात तीसरे पायदान पर हैं। आज का मैच जीतने वाली टीम पॉइंट्स टेबल के टॉप पर पहुंच जाएगी। दोनों टीमें 7वीं बार आमने-सामने होंगी दोनों टीमों के बीच अब तक 6 मैच खेले गए हैं। गुजरात ने 5 और हैदराबाद ने 1 मैच जीता है। पिछले सीजन दोनों मुकाबले गुजरात ने जीते थे। इस सीजन दोनों टीमें पहली बार आमने-सामने होंगी। गिल और सुदर्शन की जोड़ी गुजरात की सबसे बड़ी ताकत शुभमन गिल की कप्तानी वाली गुजरात टाइटंस ने धीमी शुरुआत के बाद शानदार लय हासिल की है। राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ 77 रन की जीत से टीम का मनोबल बढ़ा है। बल्लेबाजी में गिल और साई सुदर्शन टीम की सबसे बड़ी ताकत हैं। जोस बटलर और वॉशिंगटन सुंदर मिडिल ऑर्डर को मजबूती देते हैं। हालांकि, ऊपरी क्रम के फेल होने पर दबाव फिनिशर्स पर आ जाता है। गिल टीम के टॉप रन स्कोरर हैं। उन्होंने 10 मैचों में 462 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 160.41 रहा है। गुजरात की गेंदबाजी में मोहम्मद सिराज और कगिसो रबाडा की रफ्तार के साथ राशिद खान की फिरकी बीच के ओवरों में मैच पलट सकती है। रबाडा 11 मैचों में 18 विकेट ले चुके हैं। SRH ने 8 बार पार किया 200 का आंकड़ा हैदराबाद ने इस सीजन 8 बार 200 रन का आंकड़ा पार किया है, जिसमें मुंबई के खिलाफ 249 रन का स्कोर शामिल है। IPL के टॉप-10 बल्लेबाजों में हैदराबाद के तीन खिलाड़ी शामिल हैं। क्लासन 11 मैचों में 494 रन के साथ पहले, अभिषेक शर्मा दूसरे और ईशान किशन आठवें नंबर पर हैं। कमिंस की वापसी बदला हैदराबाद की बॉलिंग मजबूत SRH की गेंदबाजी की कमान पैट कमिंस के हाथों में है। चोट के कारण शुरुआती मैचों से बाहर रहने के बाद उनकी वापसी से टीम में नई ऊर्जा आई है। उनके आने से बॉलिंग अटैक ज्यादा आक्रामक और सटीक नजर आ रहा है। श्रीलंका के युवा तेज गेंदबाज ईशान मलिंगा इस सीजन की नई खोज साबित हुए हैं। वे 16 विकेट के साथ टॉप-5 विकेट लेने वालों में शामिल हैं और टीम के टॉप विकेट टेकर भी हैं। अहमदाबाद की पिच बैटर्स को मदद करेगी नरेंद्र मोदी स्टेडियम की पिच बल्लेबाजों के अनुकूल मानी जाती है। नई गेंद से तेज गेंदबाजों को भी मदद मिलती है। यहां लक्ष्य चेज करना आसान रहता है, इसलिए टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी चुन सकती है। यहां IPL के 50 मैच खेले गए हैं। इनमें 24 बार पहले बल्लेबाजी और 25 बार चेज करने वाली टीम जीती है। एक मैच टाई रहा है। वेदर रिपोर्ट अहमदाबाद में मौसम गर्म रहेगा। मैच में तापमान करीब 33°C रहेगा। बारिश की संभावना नहीं है। हवा में करीब 61% नमी रहने की संभावना है, जिसके कारण दूसरी पारी में ओस अहम भूमिका निभा सकती है। दोनों टीमों की प्लेइंग-12 गुजरात टाइटंस: शुभमन गिल (कप्तान), साई सुदर्शन, जोस बटलर (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, निशांत सिंधु, जेसन होल्डर, राशिद खान, अरशद खान, कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज, मानव सुथर और राहुल तेवतिया। सनराइजर्स हैदराबाद: ट्रेविस हेड, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर), हेनरिक क्लासन, सलील अरोड़ा, आर स्मरण, नीतीश रेड्डी, पैट कमिंस (कप्तान), शिवांग कुमार, साकिब हुसैन, ईशान मलिंगा और हर्ष दुबे।

जरूरत की खबर- सनबर्न से बढ़ता स्किन कैंसर का रिस्क:स्किन रखें हेल्दी, ये 7 संकेत इग्नोर न करें, सनबर्न से बचाव के 10 टिप्स

जरूरत की खबर- सनबर्न से बढ़ता स्किन कैंसर का रिस्क:स्किन रखें हेल्दी, ये 7 संकेत इग्नोर न करें, सनबर्न से बचाव के 10 टिप्स

गर्मियों की चिलचिलाती धूप शरीर के साथ स्किन को भी नुकसान पहुंचाती है। इससे स्किन में जलन, रेडनेस या चुभन जैसा एहसास हो सकता है। ये सनबर्न के लक्षण हो सकते हैं। अक्सर लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि असल में सूरज की UV (अल्ट्रावायलेट) किरणें स्किन की ऊपरी लेयर को नुकसान पहुंचाती हैं। लंबे समय तक इसके एक्सपोजर से झुर्रियां, पिग्मेंटेशन और यहां तक कि स्किन कैंसर का खतरा भी हो सकता है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) के मुताबिक, ज्यादा यूवी एक्सपोजर स्किन को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। खासकर अगर कोई बिना किसी प्रोटेक्शन के धूप में लंबे समय तक बना रहे। इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में हम सनबर्न के बारे में बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: डॉ. निपुण जैन, सीनियर कंसल्टेंट, डर्मेटोलॉजी, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट, दिल्ली सवाल- सनबर्न क्या है और ये कैसे होता है? जवाब- ज्यादा देर धूप में रहने से स्किन में जलन और रेडनेस हो तो इसे सनबर्न कहते हैं। इसे पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- कितनी देर धूप में रहने से सनबर्न हो सकता है? जवाब- यह धूप की तीव्रता, समय और स्किन टाइप पर निर्भर करता है। पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- क्या सनबर्न सिर्फ गर्मियों में होता है? जवाब- नहीं, ऐसा नहीं है। जब भी स्किन ज्यादा समय तक सूर्य की अल्ट्रावायलेट किरणों के संपर्क में रहती है, तब सनबर्न हो सकता है। सवाल- अगर बादल हैं और धूप नहीं निकली है, तो भी सनबर्न हो सकता है? जवाब- हां, बादल UV किरणों को पूरी तरह नहीं रोक पाते। बादल होने पर भी लगभग 70-80% UV किरणें स्किन तक पहुंच सकती हैं और नुकसान पहुंचा सकती हैं। सवाल- सनबर्न और टैनिंग में क्या फर्क है? जवाब- दोनों ही UV किरणों के असर से होता है, लेकिन दोनों में फर्क होता है। पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- सनबर्न स्किन को कैसे डैमेज करता है? जवाब- सनबर्न तब होता है, जब सूरज की तेज UV किरणें स्किन की ऊपरी लेयर की सेल्स को नुकसान पहुंचाती हैं। पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- सनबर्न के शुरुआती संकेत क्या हैं? जवाब- सनबर्न होने पर स्किन में जलन महसूस होती है। लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि सनबर्न कितना गंभीर है। सनबर्न में आमतौर पर कुछ लक्षण दिखाए देते हैं जैसे- सवाल- सनबर्न होने के कितने समय बाद स्किन में रेडनेस आना और दर्द होना शुरू होता है? जवाब- आमतौर पर धूप में ज्यादा समय बिताने के 2-6 घंटे के अंदर स्किन में लालिमा और जलन महसूस होने लगती है। 12–24 घंटे के भीतर इसके लक्षण ज्यादा स्पष्ट हो सकते हैं। सवाल- क्या सनबर्न के कारण बुखार, सिरदर्द या मतली भी हो सकती है? जवाब- हां, अगर सनबर्न ज्यादा गंभीर हो तो यह सिर्फ स्किन तक सीमित नहीं रहता। शरीर में सूजन की प्रतिक्रिया बढ़ने पर बुखार, सिरदर्द, थकान और मतली (जी मिचलाना) जैसे लक्षण भी दिख सकते हैं। सवाल- सनबर्न होने पर कब डर्मेटोलॉजिस्ट को दिखाना जरूरी है? जवाब- सनबर्न के कुछ लक्षण गंभीर हो सकते हैं। पॉइंटर्स से समझिए कि कब डर्मेटोलॉजिस्ट को दिखाना जरूरी है। सवाल- सनबर्न कितने दिनों में ठीक होता है? जवाब- हल्का सनबर्न आमतौर पर 3-5 दिनों में ठीक हो जाता है। अगर सनबर्न गंभीर हो तो ठीक होने में 7-10 दिन तक लग सकते हैं। सवाल- क्या सनबर्न होने पर स्किन कैंसर का रिस्क बढ़ता है? जवाब- हां, UV किरणें त्वचा की सेल्स के DNA को नुकसान पहुंचाती हैं। लंबे समय तक या बार-बार ऐसा होने पर स्किन कैंसर का जोखिम बढ़ सकता है। सवाल- किन लोगों को स्किन कैंसर का रिस्क ज्यादा है? जवाब- किसी को भी स्किन कैंसर हो सकता है। लेकिन कुछ कंडीशन में जोखिम बढ़ जाता है। ग्राफिक से समझिए- सवाल- धूप में कितना समय बिताना सेफ है? जवाब- सुबह की हल्की धूप में 15-30 मिनट तक रहना आमतौर पर सेफ माना जाता है। सवाल- सनबर्न होने पर तुरंत राहत के लिए क्या करना चाहिए? जवाब- पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- क्या सनबर्न में कुछ घरेलू उपाय कर सकते हैं? क्या एलोवेरा जेल लगाना फायदेमंद होता है? जवाब- हल्के सनबर्न में कुछ घरेलू उपाय राहत दे सकते हैं। इनमें एलोवेरा जेल सबसे फायदेमंद माना जाता है। एलोवेरा को ‘बर्न प्लांट’ भी कहा जाता है। यह स्किन की जलन, सूजन और लालिमा कम करने में मदद करता है। स्किन को ठंडक देता है और उसकी हीलिंग प्रक्रिया को तेज करता है। सवाल- क्या सनबर्न होने पर दही या बेसन जैसे घरेलू नुस्खे सेफ और कारगर हैं? जवाब- सनबर्न में ठंडा दही लगाने से कुछ हद तक राहत मिल सकती है। दही की ठंडक, उसमें मौजूद फैट और लैक्टिक एसिड स्किन में नमी बनाए रखने और हीलिंग में मदद कर सकते हैं। हालांकि, बेसन का इस्तेमाल सावधानी से करना चाहिए। बेसन आमतौर पर टैन हटाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन सनबर्न वाली सेंसेटिव और डैमेज स्किन पर यह जलन बढ़ा सकता है। सवाल- सनबर्न से बचाव के लिए क्या करना चाहिए? जवाब- तेज धूप स्किन को कुछ ही मिनटों में नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए बाहर निकलने से पहले तैयारी करना जरूरी है, जिससे सनबर्न न हो। ग्राफिक में सनबर्न सेफ्टी टिप्स देखिए- सवाल- क्या सनस्क्रीन सनबर्न के रिस्क को कम कर सकती है? जवाब- हां, सनस्क्रीन सनबर्न के खतरे को काफी हद तक कम कर सकती है। यह स्किन को UVA और UVB किरणों से बचाने में मदद करती है। UVB किरणें सनबर्न की मुख्य वजह होती है। ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन इन हानिकारक किरणों को ब्लॉक या अवशोषित करके स्किन को नुकसान से बचाती है। हालांकि, सिर्फ सनस्क्रीन लगाना ही पर्याप्त नहीं है। इसे सही मात्रा में लगाना, हर 2–3 घंटे में दोबारा लगाना और तेज धूप के समय अतिरिक्त सावधानी बरतना भी जरूरी है। सवाल- स्किन कैंसर के रिस्क को कम करने के लिए कैसी लाइफस्टाइल होनी चाहिए? जवाब- स्किन कैंसर का जोखिम सिर्फ धूप से नहीं, बल्कि हमारी रोजमर्रा की आदतों से भी जुड़ा होता है। सन सेफ्टी, संतुलित खानपान और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर इस खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। ग्राफिक में आसान टिप्स समझिए- अक्सर लोग सनबर्न को सिर्फ एक अस्थायी स्किन प्रॉब्लम समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि यह लंबे समय में स्किन

'ये है मोहब्बतें' की रूही खतरों के खिलाड़ी में दिखेंगी:बोलीं- अब मैं वो छोटी बच्ची नहीं रही; दिव्यांका को मानती हैं आयरन लेडी

'ये है मोहब्बतें' की रूही खतरों के खिलाड़ी में दिखेंगी:बोलीं- अब मैं वो छोटी बच्ची नहीं रही; दिव्यांका को मानती हैं आयरन लेडी

टीवी की सबसे प्यारी और मासूम ‘रूही’ यानी रूहानिका अब बड़ी हो गई हैं। ‘ये है मोहब्बतें’ में अपनी अदाकारी से करोड़ों दिलों को जीतने वाली रूहानिका अब एक नए अवतार में नजर आने वाली हैं। वह रोहित शेट्टी के शो ‘खतरों के खिलाड़ी’ के जरिए रियलिटी टीवी की दुनिया में कदम रख रही हैं। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में रूहानिका ने अपनी इस नई पारी, अपनी पुरानी ‘इमेज’ को तोड़ने की कोशिश और इंडस्ट्री के अपने ‘मेंटर्स’ से मिली सलाह पर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि कैसे दिव्यांका त्रिपाठी उनके लिए प्रेरणा हैं और क्यों वह खुद को इस शो के लिए एक ‘परफेक्ट फिट’ मानती हैं। सवाल: रूहानिका, हमने आपको बहुत छोटी उम्र से एक मासूम बच्ची के रूप में देखा है। अब आप ‘खतरों के खिलाड़ी’ में जा रही हैं। जब आपको इस शो का ऑफर मिला, तो पहला रिएक्शन क्या था? जवाब: सच कहूं तो मैं बहुत ज्यादा एक्साइटेड थी। लोग मुझे आज भी वही छोटी ‘रूही’ समझते हैं, लेकिन असल जिंदगी में मैं बचपन से ही काफी एथलेटिक रही हूं। मुझे स्पोर्ट्स और फिजिकल एक्टिविटीज बहुत पसंद हैं। मुझे खुद को चैलेंज करना और कंफर्ट जोन से बाहर निकलना हमेशा से भाता है। इसलिए जैसे ही मुझे कॉल आया, मुझे लगा कि मैं ‘खतरों’ के लिए ही बनी हूं। मम्मी-पापा भी मेरे इस फैसले से बहुत खुश थे। सवाल: बचपन में किन चीजों से डर लगता था और आज सबसे बड़ा डर क्या है? जवाब: डर तो सबको लगता है, आखिर हम इंसान हैं। बचपन में छोटी-मोटी चीजों से डर लगता था, लेकिन जैसे-जैसे हम रिस्क लेना सीखते हैं और चुनौतियों का सामना करते हैं, डर कम होता जाता है। आज मेरे लिए डर का मतलब खुद को बेहतर न बना पाना है। मैं खुद को ग्रो करते हुए देखना चाहती हूं। सवाल: आपने पिछले सीजन्स देखे होंगे, वहां खतरनाक जानवरों से लेकर ऊंचाई तक के स्टंट्स होते हैं। क्या कोई ऐसी चीज है जिसे आप ‘अवॉइड’ करना चाहेंगी? जवाब: वहां कुछ भी अवॉइड करने का विकल्प नहीं होता (हंसते हुए)। जो भी सामने आएगा, उसे शांत दिमाग से पूरा करने की कोशिश करूंगी। मैं खुद को पुश करने और टास्क खत्म करने के इरादे से जा रही हूं। सवाल: ‘ये है मोहब्बतें’ के आपके को-स्टार्स अली गोनी और दिव्यांका त्रिपाठी खुद इस शो का हिस्सा रह चुके हैं। उनसे कोई बात हुई? जवाब: हां, बिल्कुल। मैंने अली चाचू, दिव्यांका मैम और ईशी मां (अनीता हसनंदानी) से बात की। उन सबने मुझे बहुत हौसला दिया है। अली चाचू और दिव्यांका मैम ने मुझे इतनी अच्छी सलाह दी कि अब मैं पूरी तरह तैयार महसूस कर रही हूं। उनकी बातों ने मेरा कॉन्फिडेंस बढ़ा दिया है। सवाल: क्या कोई ऐसा कंटेस्टेंट है जिससे आप सबसे ज्यादा इंस्पायर होती हैं? जवाब: दिव्यांका मैम! मैंने पहले भी कहा है और फिर कहूंगी वह महिला ‘स्टील’ की बनी हैं। उन्होंने अपने सीजन में जो जज्बा दिखाया, वह कमाल था। मैं न सिर्फ खतरों के खिलाड़ी में, बल्कि लाइफ की हर मोड़ पर उनके फुटस्टेप्स फॉलो करना चाहती हूं। सवाल: इस बार शो में आपके साथ कई पुराने और अनुभवी कंटेस्टेंट्स भी हैं। क्या आपको लगता है कि उनके पास ‘एक्सपीरियंस’ का फायदा होगा और आप पीछे रह जाएंगी? जवाब: मैं इसे नुकसान के तौर पर नहीं देखती। माना कि उनके पास अनुभव है और वो शो का फ्लो जानते हैं, लेकिन मेरे पास ‘यूथफुल एनर्जी’ है। मैं काफी यंग हूं, मुझमें जोश है और टास्क को लेकर जबरदस्त डिटरमिनेशन है। तो मुकाबला बराबरी का होगा, यह एक ‘विन-विन’ सिचुएशन है। सवाल: ऋत्विक धनजानी ने हाल ही में कहा था कि “इसे छोटा जानकर हल्के में मत लेना, यह बड़ा धमाका करेगी।” ऐसे कॉम्प्लीमेंट्स को कैसे देखती हैं? जवाब: जब इंडस्ट्री के सीनियर आपकी तारीफ करते हैं, तो बहुत अच्छा लगता है। इससे जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। जिन लोगों ने मेरे बारे में एक खास नजरिया रखा है, मैं उस मार्क को पार करना चाहती हूं। मेरा सबसे बड़ा लक्ष्य अपने पेरेंट्स को प्राउड फील कराना है। सवाल: आपको हमेशा एक खास ‘सांचे’ या इमेज में देखा गया है। क्या यह शो उस इमेज को तोड़ने का जरिया है? जवाब: बिल्कुल मैं उस टैग को ब्रेक करना चाहती हूं। लोग स्क्रीन पर रूहानिका का एक अलग ही साइड देखेंगे। अब मैं वो छोटी बच्ची नहीं रही, और यही बात मैं अपनी परफॉर्मेंस से साबित करना चाहती हूं। आप रूहानिका को रूहानिका के लिए देखेंगे। सवाल: आपने खुद को मेंटली और फिजिकली कैसे तैयार किया है? जवाब: अगर कोई मुझे सोशल मीडिया पर फॉलो करता है, तो उसे पता होगा कि फिटनेस मेरा पैशन रहा है। वर्किंग आउट और स्पोर्ट्स मेरी लाइफ का हिस्सा हैं, इसलिए फिजिकली तो मैं तैयार हूं। रही बात मेंटल स्ट्रेंथ की, तो यह पूरा खेल दिमाग का है। आपको बस शांत और फोकस्ड रहना होता है।