IPL में आज गुजरात Vs हैदराबाद:सीजन में पहली बार सामना होगा; टाइटंस ने सनराइजर्स को 5 बार हराया

IPL 2026 का 56वां मैच सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) और गुजरात टाइटंस (GT) के बीच खेला जाएगा। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में मुकाबला शाम 7 बजे से होगा। दोनों टीमों के 11-11 मैच में 14-14 पॉइंट्स हैं। हैदराबाद बेहतर नेट रनरेट की वजह से दूसरे और गुजरात तीसरे पायदान पर हैं। आज का मैच जीतने वाली टीम पॉइंट्स टेबल के टॉप पर पहुंच जाएगी। दोनों टीमें 7वीं बार आमने-सामने होंगी दोनों टीमों के बीच अब तक 6 मैच खेले गए हैं। गुजरात ने 5 और हैदराबाद ने 1 मैच जीता है। पिछले सीजन दोनों मुकाबले गुजरात ने जीते थे। इस सीजन दोनों टीमें पहली बार आमने-सामने होंगी। गिल और सुदर्शन की जोड़ी गुजरात की सबसे बड़ी ताकत शुभमन गिल की कप्तानी वाली गुजरात टाइटंस ने धीमी शुरुआत के बाद शानदार लय हासिल की है। राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ 77 रन की जीत से टीम का मनोबल बढ़ा है। बल्लेबाजी में गिल और साई सुदर्शन टीम की सबसे बड़ी ताकत हैं। जोस बटलर और वॉशिंगटन सुंदर मिडिल ऑर्डर को मजबूती देते हैं। हालांकि, ऊपरी क्रम के फेल होने पर दबाव फिनिशर्स पर आ जाता है। गिल टीम के टॉप रन स्कोरर हैं। उन्होंने 10 मैचों में 462 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 160.41 रहा है। गुजरात की गेंदबाजी में मोहम्मद सिराज और कगिसो रबाडा की रफ्तार के साथ राशिद खान की फिरकी बीच के ओवरों में मैच पलट सकती है। रबाडा 11 मैचों में 18 विकेट ले चुके हैं। SRH ने 8 बार पार किया 200 का आंकड़ा हैदराबाद ने इस सीजन 8 बार 200 रन का आंकड़ा पार किया है, जिसमें मुंबई के खिलाफ 249 रन का स्कोर शामिल है। IPL के टॉप-10 बल्लेबाजों में हैदराबाद के तीन खिलाड़ी शामिल हैं। क्लासन 11 मैचों में 494 रन के साथ पहले, अभिषेक शर्मा दूसरे और ईशान किशन आठवें नंबर पर हैं। कमिंस की वापसी बदला हैदराबाद की बॉलिंग मजबूत SRH की गेंदबाजी की कमान पैट कमिंस के हाथों में है। चोट के कारण शुरुआती मैचों से बाहर रहने के बाद उनकी वापसी से टीम में नई ऊर्जा आई है। उनके आने से बॉलिंग अटैक ज्यादा आक्रामक और सटीक नजर आ रहा है। श्रीलंका के युवा तेज गेंदबाज ईशान मलिंगा इस सीजन की नई खोज साबित हुए हैं। वे 16 विकेट के साथ टॉप-5 विकेट लेने वालों में शामिल हैं और टीम के टॉप विकेट टेकर भी हैं। अहमदाबाद की पिच बैटर्स को मदद करेगी नरेंद्र मोदी स्टेडियम की पिच बल्लेबाजों के अनुकूल मानी जाती है। नई गेंद से तेज गेंदबाजों को भी मदद मिलती है। यहां लक्ष्य चेज करना आसान रहता है, इसलिए टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी चुन सकती है। यहां IPL के 50 मैच खेले गए हैं। इनमें 24 बार पहले बल्लेबाजी और 25 बार चेज करने वाली टीम जीती है। एक मैच टाई रहा है। वेदर रिपोर्ट अहमदाबाद में मौसम गर्म रहेगा। मैच में तापमान करीब 33°C रहेगा। बारिश की संभावना नहीं है। हवा में करीब 61% नमी रहने की संभावना है, जिसके कारण दूसरी पारी में ओस अहम भूमिका निभा सकती है। दोनों टीमों की प्लेइंग-12 गुजरात टाइटंस: शुभमन गिल (कप्तान), साई सुदर्शन, जोस बटलर (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, निशांत सिंधु, जेसन होल्डर, राशिद खान, अरशद खान, कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज, मानव सुथर और राहुल तेवतिया। सनराइजर्स हैदराबाद: ट्रेविस हेड, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर), हेनरिक क्लासन, सलील अरोड़ा, आर स्मरण, नीतीश रेड्डी, पैट कमिंस (कप्तान), शिवांग कुमार, साकिब हुसैन, ईशान मलिंगा और हर्ष दुबे।
पार्टी नेतृत्व में सुधार के चलते प्रफुल्ल पटेल को राकांपा के कार्यकारी अध्यक्ष पद से हटाया गया | भारत समाचार

आखरी अपडेट:12 मई, 2026, 02:56 IST यह कदम सुनेत्रा पवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किए जाने के महीनों बाद आया है, जिसमें युवा पवार नेताओं को बड़ी संगठनात्मक भूमिकाएँ मिल रही हैं। चुनाव आयोग के दस्तावेज़ एनसीपी में व्यापक संगठनात्मक फेरबदल के बीच प्रफुल्ल पटेल को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष पद से हटाने की पुष्टि करते हैं। (छवि: पीटीआई फ़ाइल) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल को पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में उनकी भूमिका से हटा दिया गया है, जो इसकी आंतरिक शक्ति संरचना में बदलाव का प्रतीक है। चुनाव आयोग की वेबसाइट पर अपलोड किए गए दस्तावेजों में सोमवार को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में बदलाव की पुष्टि होने के बाद यह कदम आधिकारिक हो गया। जबकि पटेल 22-सदस्यीय राष्ट्रीय समिति का हिस्सा बने हुए हैं, उनका पदनाम हटा दिया गया है – एक संकेत है कि संगठन के भीतर उनके अधिकार को कम कर दिया गया है। यह घटनाक्रम फरवरी में सुनेत्रा पवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किए जाने के बाद पार्टी के भीतर कई हफ्तों की अटकलों के बाद आया है। 10 मार्च को चुनाव आयोग को सौंपे गए एक पत्र में, पार्टी ने पटेल और महाराष्ट्र इकाई के प्रमुख सुनील तटकरे के नाम सूचीबद्ध किए, उनके अलावा किसी भी पद का उल्लेख नहीं किया। इस चूक से राजनीतिक विवाद शुरू हो गया, हालांकि पार्टी नेतृत्व ने कोई सार्वजनिक स्पष्टीकरण नहीं दिया। राजनीतिक गलियारों में पहले से ही पटेल, तटकरे और पार्थ पवार के बीच सत्ता संघर्ष की खबरें चल रही थीं। चुनाव आयोग को सौंपे गए ताजा संचार में औपचारिक रूप से केवल सुनेत्रा पवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष और शिवाजीराव गरजे को राकांपा के कोषाध्यक्ष के रूप में मान्यता दी गई है। (छवि: स्रोत) यह सस्पेंस 29 अप्रैल को समाप्त हो गया जब चुनाव आयोग को भेजे गए एक ताजा पत्र में पटेल को औपचारिक रूप से राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष के पद से हटा दिया गया। पत्र में केवल सुनेत्रा पवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष और शिवाजीराव गर्जे को कोषाध्यक्ष के रूप में मान्यता दी गई है। नवीनतम संगठनात्मक फेरबदल पार्टी के भीतर युवा पवार नेतृत्व के बढ़ते प्रभाव को भी रेखांकित करता है। पार्थ पवार और सुबोध मोहिते को राष्ट्रीय महासचिव नियुक्त किया गया है, जबकि जय पवार और कई अन्य को राष्ट्रीय सचिव के रूप में समायोजित किया गया है। हालांकि पटेल और तटकरे दोनों राष्ट्रीय कार्यकारिणी का हिस्सा बने हुए हैं, लेकिन उनके नाम के आगे आधिकारिक पदनाम की अनुपस्थिति ने पार्टी के निर्णय लेने वाले ढांचे में उनकी भूमिका पर अटकलों को हवा दे दी है। हालांकि पटेल का राष्ट्रीय पद से हटना अब तय हो गया है, लेकिन महाराष्ट्र राकांपा अध्यक्ष के रूप में तटकरे के भविष्य पर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया पार्टी नेतृत्व में सुधार के तहत प्रफुल्ल पटेल को राकांपा के कार्यकारी अध्यक्ष पद से हटा दिया गया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)प्रफुल्ल पटेल को एनसीपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष पद से हटाया गया(टी)प्रफुल्ल पटेल को हटाया गया(टी)अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी(टी)सुनेत्रा पवार के राष्ट्रीय अध्यक्ष(टी)एनसीपी का आंतरिक सत्ता संघर्ष(टी)चुनाव आयोग ने एनसीपी को दाखिल किया(टी)पार्थ पवार की भूमिका(टी)एनसीपी संगठनात्मक फेरबदल
बंगाल के पूर्व मंत्री सुजीत को ED ने गिरफ्तार किया:नगर निगम में अवैध भर्ती का आरोप; 150 लोगों को नौकरी दिलाई, पैसे-फ्लैट लिए

पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री और TMC नेता सुजीत बोस को नगर निगम भर्ती घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को अरेस्ट किया। सुजीत अपने बेटे समुद्र बोस के साथ सुबह करीब 10:30 बजे ED ऑफिस पहुंचे थे। उनसे करीब 10 घंटे पूछताछ की गई, फिर रात को गिरफ्तार कर लिया गया। सुजीत बोस पर 2014-2018 के बीच साउथ दमदम नगर निगम में करीब 150 लोगों की अवैध भर्ती कराने का आरोप है। सुजीत ने इसके बदले पैसे और फ्लैट लिए थे। सुजीत उस वक्त दमदम नगर पालिका के उपाध्यक्ष थे। बिधाननगर से तीन बार के विधायक रहे सुजीत बोस हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा के शरदवत मुखर्जी से 37,000 से अधिक वोटों के अंतर से हार गए थे। 11 दिन में दो बार पूछताछ, फिर गिरफ्तारी सुजीत बोस को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान ED के कई नोटिस मिले। जिनमें से एक 6 अप्रैल को मिला था, जिस दिन नामांकन पत्र दाखिल किए गए थे। उन्होंने पहले कलकत्ता हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और चुनाव प्रचार में अपनी व्यस्तता का हवाला देते हुए ED के सामने पेश होने से छूट मांगी थी। चुनावों के बाद बोस 1 मई को CGO कॉम्प्लेक्स में ED अधिकारियों के सामने पेश हुए। 11 दिन बाद दोबारा पेशी में सुजीत को अरेस्ट कर लिया गया। कलकत्ता हाई कोर्ट के निर्देशों पर CBI की तरफ से FIR दर्ज किए जाने के बाद ED ने दो जनवरी 2024 और अक्टूबर 2025 में सुजीत बोस के ठिकानों पर छापेमारी की। क्या है नगर निगम भर्ती घोटाला, कैसे खुलासा हुआ यह मामला 2014 से 2018 के बीच पश्चिम बंगाल की विभिन्न नगर पालिकाओं में भर्ती अनियमितताओं से जुड़ा है। इसका खुलासा तब हुआ जब ED ने प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच शुरू की। 2023 में शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच के दौरान, ED ने TMC के सहयोगी अयान सिल और अन्य लोगों से जुड़े कई ठिकानों पर तलाशी ली। जिसमें आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल सबूत बरामद हुए। एजेंसी को जांच में पता चला कि ये घोटाला केवल शिक्षक भर्ती तक ही सीमित नहीं था, बल्कि साउथ दम दम और अन्य नगर निगम सहित कई नगरपालिका नियुक्तियों में अनियमितताओं तक भी फैला हुआ था। यह भर्ती मजदूर, सफाईकर्मी, क्लर्क, चपरासी, एम्बुलेंस अटेंडेंट, सहायक मिस्त्री, पंप ऑपरेटर, हेल्पर, सैनिटरी सहायक और ड्राइवर जैसे पदों के लिए थी। ED ने आगे आरोप लगाया कि विभिन्न नगर निगम से जुड़े ठेके एक ही कंपनी – M/s ABS Infozon Pvt Ltd – को दिए गए थे, जिसमें अयान सिल एक निदेशक थे। जांचकर्ताओं ने यह भी दावा किया कि सिल ने सरकारी कर्मचारियों, राजनीतिक नेताओं और अन्य निजी व्यक्तियों के साथ मिलकर साजिश रची और पैसे के बदले अयोग्य उम्मीदवारों की अवैध नियुक्ति में मदद की। —————————-
बंगाल के पूर्व मंत्री सुजीत को ED ने गिरफ्तार किया:नगर निगम में अवैध भर्ती का आरोप; 150 लोगों को नौकरी दिलाई, पैसे-फ्लैट लिए

पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री और TMC नेता सुजीत बोस को नगर निगम भर्ती घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को अरेस्ट किया। सुजीत अपने बेटे समुद्र बोस के साथ सुबह करीब 10:30 बजे ED ऑफिस पहुंचे थे। उनसे करीब 10 घंटे पूछताछ की गई, फिर रात को गिरफ्तार कर लिया गया। सुजीत बोस पर 2014-2018 के बीच साउथ दमदम नगर निगम में करीब 150 लोगों की अवैध भर्ती कराने का आरोप है। कहा जाता है कि सुजीत ने इसके बदले पैसे और फ्लैट लिए थे। सुजीत उस वक्त दमदम नगर पालिका के उपाध्यक्ष थे। बिधाननगर से तीन बार के विधायक रहे सुजीत बोस हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा के शरदवत मुखर्जी से 37,000 से अधिक वोटों के अंतर से हार गए थे। 11 दिन में दो बार पूछताछ, फिर गिरफ्तारी सुजीत बोस को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान ED के कई नोटिस मिले। जिनमें से एक 6 अप्रैल को मिला था। इसी दिन नामांकन पत्र दाखिल किए गए थे। उन्होंने पहले कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और चुनाव प्रचार में अपनी व्यस्तता का हवाला देते हुए ED के सामने पेश होने से छूट मांगी थी। चुनावों के बाद बोस 1 मई को CGO कॉम्प्लेक्स में ED अधिकारियों के सामने पेश हुए। 11 दिन बाद दोबारा पेशी में सुजीत को अरेस्ट कर लिया गया। कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देशों पर CBI की तरफ से FIR दर्ज किए जाने के बाद ED ने 2 जनवरी 2024 और अक्टूबर 2025 में सुजीत बोस के ठिकानों पर छापेमारी की। पश्चिम बंगाल में 11 मई को हुए 4 बड़े घटनाक्रम ———————— ये खबर भी पढ़ें… बंगाल में SIR कराने वाले अधिकारी चीफ सेक्रेटरी बने: कांग्रेस बोली- EC और BJP के बीच खुली मिलीभगत पश्चिम बंगाल में SIR कराने वाले चुनाव अधिकारी मनोज अग्रवाल को सुवेंदु सरकार में बंगाल का नया चीफ सेक्रेटरी नियुक्त किया गया है। पश्चिम बंगाल कैडर के अधिकारी मनोज अग्रवाल की देखरेख में विधानसभा चुनावों से पहले बंगाल में वोटर लिस्ट में विशेष गहन संशोधन (SIR) कराया गया था। जिसके तहत मतदाता सूची से लगभग 91 लाख वोटर्स के नाम हटा दिए गए थे। पूरी खबर पढ़ें…
बिना अधिक मेहनत किए थकान कमजोरी हो रही महसूस, एनीमिया के संकेत तो नहीं? इन फू्ड्स से दूर करें इसकी कमी

आज के समय में एनीमिया एक आम स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है, जिसका असर खासतौर पर महिलाओं और बच्चों में ज्यादा देखने को मिलता है. शरीर में आयरन और जरूरी विटामिन्स की कमी होने पर थकान, कमजोरी, चक्कर आना, ध्यान न लगना और चेहरे की रंगत फीकी पड़ने जैसी परेशानियां होने लगती हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि सही खानपान अपनाकर एनीमिया से काफी हद तक बचाव किया जा सकता है. संतुलित आहार है सबसे असरदार उपाय राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के मुताबिक, रोजाना पौष्टिक और संतुलित भोजन लेने से शरीर में आयरन, विटामिन और अन्य जरूरी पोषक तत्वों की कमी नहीं होती. इससे न सिर्फ एनीमिया का खतरा कम होता है, बल्कि संपूर्ण सेहत भी बेहतर बनी रहती है. विशेषज्ञ बताते हैं कि महंगे सप्लीमेंट्स की बजाय प्राकृतिक और घरेलू खाद्य पदार्थों को डाइट में शामिल करना ज्यादा फायदेमंद होता है. खासकर महिलाओं, गर्भवती मांओं और बच्चों को अपने खानपान पर विशेष ध्यान देना चाहिए. एनीमिया से बचने के लिए क्या खाएं? हरी पत्तेदार सब्जियां करें डाइट में शामिल- पालक, मेथी, सरसों का साग और बथुआ जैसी हरी सब्जियां आयरन का बेहतरीन स्रोत मानी जाती हैं. इनका नियमित सेवन शरीर में खून की कमी को दूर करने में मदद करता है. इन्हें हल्का पकाकर या सलाद के रूप में खाना ज्यादा लाभकारी हो सकता है. प्रोटीन युक्त भोजन बढ़ाए हीमोग्लोबिन- दालें, राजमा, छोले और सोयाबीन जैसे प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थ शरीर को ऊर्जा देने के साथ ही हीमोग्लोबिन बढ़ाने में भी मदद करते हैं. शाकाहारी लोगों के लिए ये बेहतरीन विकल्प हैं. फल भी हैं बेहद जरूरी-केला, अनार, पपीता, संतरा और खजूर जैसे फल आयरन और विटामिन सी से भरपूर होते हैं. विटामिन सी शरीर में आयरन को बेहतर तरीके से अवशोषित करने में मदद करता है, इसलिए फलों और आयरन युक्त चीजों का साथ में सेवन करना फायदेमंद माना जाता है. नट्स और बीज से मिलेगी ताकत- अखरोट, अलसी के बीज और कद्दू के बीज शरीर को जरूरी मिनरल्स और हेल्दी फैट्स प्रदान करते हैं. रोजाना थोड़ी मात्रा में इनका सेवन शरीर को अंदर से मजबूत बनाने में मदद कर सकता है. दूध और पनीर भी रखें सेहत का ख्याल- दूध, दही और पनीर कैल्शियम और प्रोटीन के अच्छे स्रोत होते हैं. ये हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत बनाने के साथ शरीर को जरूरी पोषण भी देते हैं. खानपान में विविधता है जरूरी- हेल्थ एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि रोजाना की डाइट में अलग-अलग तरह की मौसमी फल और सब्जियों को शामिल करना चाहिए. संतुलित और पौष्टिक भोजन अपनाकर एनीमिया जैसी समस्या से आसानी से बचाव किया जा सकता है.
गोंद जैसा दिखने वाला ये देसी फल है पोषण का पावरहाउस, अचार से लेकर सेहत तक हर चीज में है सुपरहिट

Last Updated:May 11, 2026, 23:08 IST लसोड़ा एक ऐसा देसी फल है, जिसे गांवों में सालों से अचार और सब्जी के रूप में खाया जाता रहा है. दिखने में साधारण लगने वाला यह छोटा-सा फल पोषक तत्वों से भरपूर माना जाता है और आयुर्वेद में भी इसका खास महत्व बताया गया है. यही वजह है कि अब लोग फिर से इस पारंपरिक फल की तरफ ध्यान देने लगे हैं. ख़बरें फटाफट गांव-कस्बों में पाए जाने वाला लसोड़ा एक ऐसा फल है, जिसे आज की नई पीढ़ी धीरे-धीरे भूलती जा रही है. हालांकि पुराने समय में यह लोगों की रसोई और घरेलू नुस्खों का अहम हिस्सा माना जाता था. लसोड़ा का पेड़ गर्म और सूखे इलाकों में आसानी से उग जाता है और ज्यादा देखभाल की जरूरत भी नहीं पड़ती. इसे कई जगहों पर “इंडियन चेरी” के नाम से भी जाना जाता है. इसका फल आकार में छोटा होता है, लेकिन स्वाद और पोषण के मामले में काफी खास माना जाता है. खासकर ग्रामीण इलाकों में लोग इसका अचार, सब्जी और कई पारंपरिक व्यंजनों में इस्तेमाल करते आए हैं. स्वाद के साथ सेहत का भी खजानालसोड़ा देखने में भले साधारण लगे, लेकिन इसमें कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार इसमें फाइबर, कैल्शियम, आयरन, फॉस्फोरस और जिंक जैसे तत्व मौजूद होते हैं, जो शरीर के लिए फायदेमंद माने जाते हैं. यही वजह है कि पुराने समय में लोग इसे सिर्फ स्वाद के लिए नहीं, बल्कि सेहत को बेहतर रखने के लिए भी अपनी डाइट का हिस्सा बनाते थे. इसका कच्चा फल हल्का कसैला और चिपचिपा होता है, जबकि पकने के बाद इसमें हल्की मिठास आ जाती है. गांवों में आज भी कई घरों में इसका अचार बड़े चाव से खाया जाता है. वहीं कुछ जगहों पर इसकी मसालेदार सब्जी भी बनाई जाती है, जिसका स्वाद काफी अलग माना जाता है. पाचन के लिए क्यों माना जाता है अच्छा?लसोड़ा को पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद माना जाता है. इसमें मौजूद फाइबर पेट को साफ रखने और पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है. यही वजह है कि जिन लोगों को कब्ज या पेट से जुड़ी समस्याएं रहती हैं, उनके लिए इसे उपयोगी माना जाता है. ग्रामीण इलाकों में पुराने समय से लोग इसे खाने के साथ-साथ घरेलू उपायों में भी इस्तेमाल करते रहे हैं. माना जाता है कि यह शरीर को अंदर से ताकत देने और कमजोरी कम करने में मदद कर सकता है. आयुर्वेद में भी बताया गया खासआयुर्वेद में लसोड़ा के फल, पत्तियों और बीजों तक का उपयोग बताया गया है. कई जगहों पर इसकी पत्तियों का इस्तेमाल सूजन और त्वचा संबंधी समस्याओं में भी किया जाता रहा है. वहीं कुछ लोग इसके गूदे को पारंपरिक घरेलू नुस्खों में शामिल करते हैं. हालांकि हेल्थ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि किसी भी चीज का औषधि की तरह इस्तेमाल बिना विशेषज्ञ की सलाह के नहीं करना चाहिए. हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है, इसलिए किसी भी आयुर्वेदिक उपयोग से पहले योग्य विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी माना जाता है. गांवों से शहरों तक फिर बढ़ रही लोकप्रियताएक समय था जब लसोड़ा लगभग हर गांव में आसानी से मिल जाता था, लेकिन अब शहरों में बहुत कम लोग इसके बारे में जानते हैं. हालांकि पिछले कुछ वर्षों में पारंपरिक और देसी फूड्स की बढ़ती लोकप्रियता के कारण लोग फिर से ऐसे फलों की तरफ ध्यान देने लगे हैं. कई लोग अब ऑर्गेनिक और देसी खानपान को अपनाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसमें लसोड़ा जैसे पारंपरिक फल भी शामिल हो रहे हैं. खासतौर पर इसका अचार आज भी कई लोगों की पसंद बना हुआ है. छोटा फल, बड़े फायदेलसोड़ा भले ही दिखने में साधारण लगे, लेकिन इसके अंदर पोषण और पारंपरिक स्वाद दोनों छिपे हैं. गांवों में सालों से इस्तेमाल होने वाला यह फल आज भी लोगों की थाली और घरेलू परंपराओं का हिस्सा बना हुआ है. सही मात्रा और सही तरीके से सेवन करने पर यह शरीर को कई जरूरी पोषक तत्व देने में मदद कर सकता है. About the Author Vividha SinghSub Editor विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi
क्या किडनी स्टोन के मरीजों के लिए टमाटर खाना नुकसानदायक? डॉक्टर से जान लीजिए हकीकत

Last Updated:May 11, 2026, 23:04 IST Kidney Stones and Tomatoes: किडनी स्टोन आजकल बेहद कॉमन समस्या है. कई लोग मानते हैं कि टमाटर खाने से स्टोन की परेशानी हो सकती है और पथरी के मरीजों को इसे अवॉइड करना चाहिए. डॉक्टर्स की मानें तो टमाटर खाने से पथरी का खतरा नहीं होता है. हालांकि किसी भी चीज का सेवन अत्यधिक मात्रा में नहीं करना चाहिए. किडनी स्टोन के मरीज भी कम मात्रा में टमाटर खा सकते हैं. Tomatoes and Kidney Stone Risk: किडनी स्टोन की समस्या से बड़ी संख्या में लोग जूझ रहे हैं. आजकल युवाओं में पथरी की समस्या तेजी से बढ़ रही है. जिन लोगों को यह परेशानी होती है, वे अक्सर अपनी डाइट को लेकर काफी सतर्क हो जाते हैं. लंबे समय से यह धारणा बनी हुई है कि टमाटर खाने से पथरी बढ़ सकती है. कई लोग किडनी स्टोन होने पर टमाटर खाना पूरी तरह बंद कर देते हैं. अब सवाल है कि क्या वास्तव में टमाटर किडनी स्टोन के मरीजों के लिए नुकसानदायक होता है? इस बारे में डॉक्टर से हकीकत जानने की कोशिश करते हैं, ताकि लोगों का भ्रम दूर हो सके. नई दिल्ली के सर गंगाराम सिटी हॉस्पिटल के सीनियर यूरोलॉजिस्ट डॉ. अमरेंद्र पाठक ने News18 को बताया किडनी स्टोन कई प्रकार के होते हैं, लेकिन सबसे कॉमन कैल्शियम ऑक्सलेट स्टोन माना जाता है. टमाटर में ऑक्सलेट नामक तत्व थोड़ी बहुत मात्रा में पाया जाता है, लेकिन इससे किडनी स्टोन बनने का खतरा नहीं होता है. जिन लोगों को किडनी स्टोन है, वे भी टमाटर खा सकते हैं. सीमित मात्रा में टमाटर खाना सुरक्षित माना जाता है. हालांकि जिन लोगों में बार-बार कैल्शियम ऑक्सलेट स्टोन बनने की समस्या होती है, वे इस मामले में सावधानी बरतें और खानपान को लेकर डॉक्टर की सलाह लें. डॉक्टर के मुताबिक किडनी स्टोन बनने के पीछे पानी कम पीना, ज्यादा नमक, हाई ऑक्सलेट डाइट, आनुवंशिक कारण और दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं भी जिम्मेदार हो सकती हैं. किडनी स्टोन से बचाव में सबसे जरूरी भूमिका पर्याप्त पानी की होती है. शरीर में पानी की कमी होने पर यूरिन ज्यादा कंसंट्रेट हो जाता है, जिससे मिनरल्स जमा होकर स्टोन बना सकते हैं. जरूरत से ज्यादा नमक, प्रोसेस्ड फूड और शुगरी ड्रिंक्स का सेवन भी स्टोन का खतरा बढ़ा सकता है. एक्सपर्ट का कहना है कि हर मरीज की स्थिति अलग होती है. इसलिए किडनी स्टोन का प्रकार, मेडिकल हिस्ट्री और टेस्ट रिपोर्ट के आधार पर ही सही डाइट तय की जाती है. कई बार डॉक्टर कुछ समय के लिए हाई ऑक्सलेट फूड सीमित करने को कह सकते हैं, लेकिन यह फैसला पेशेंट की कंडीशन पर डिपेंड करता है. टमाटर में विटामिन C, पोटैशियम, एंटीऑक्सीडेंट और लाइकोपीन जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर के लिए फायदेमंद माने जाते हैं. लाइकोपीन एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है, जो कोशिकाओं को नुकसान से बचाने में मदद कर सकता है. किडनी स्टोन के मरीज भी टमाटर का सीमित मात्रा में सेवन करें और अगर कोई समस्या आए, तो इस बारे में एक्सपर्ट की सलाह लें. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें
रेवंत रेड्डी ने कांग्रेस पर टिप्पणी को लेकर पीएम मोदी पर पलटवार किया, बीजेपी को ‘ब्रिटिश जनता पार्टी’ बताया | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:11 मई, 2026, 22:34 IST पश्चिम एशिया में तनातनी के बीच तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी ने भी सर्वदलीय बैठक की मांग की. तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी (पीटीआई/फ़ाइल) तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा पर तीखा हमला बोला और केंद्र में सत्तारूढ़ पार्टी पर विभाजनकारी राजनीति करने और संवैधानिक संस्थानों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी की कांग्रेस को “मुस्लिम लीग माओवादी कांग्रेस” बताने वाली टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताई। भाजपा को “ब्रिटिश जनता पार्टी” कहते हुए रेवंत रेड्डी ने आरोप लगाया कि भगवा पार्टी समाज को “बांटने” और समुदायों के बीच “डर” पैदा करने का प्रयास कर रही है। सीएम रेड्डी ने कहा, “हम पीएम मोदी द्वारा दिए गए बयान की कड़ी निंदा करते हैं। मुस्लिम और माओवादी भी इस देश का हिस्सा हैं। एक प्रधानमंत्री के लिए इस तरह से बोलना दुर्भाग्यपूर्ण है। वे (बीजेपी) उन्हें खत्म करना चाहते हैं, लेकिन हमारा तरीका उन्हें मुख्यधारा के समाज में वापस लाना है। तेलंगाना में देश के किसी भी अन्य राज्य की तुलना में अधिक माओवादी आत्मसमर्पण हुए हैं।” तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार केवल बल पर केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने के बजाय माओवादियों को मुख्यधारा में वापस लाने में विश्वास करती है। सीएम रेड्डी ने पीएम मोदी द्वारा घोषित प्रतिबंधों पर प्रतिक्रिया दी पश्चिम एशिया संकट और पीएम मोदी के आत्मनिर्भरता के प्रयास के बीच, सीएम रेवंत रेड्डी ने कहा कि “पीएम मोदी लोगों पर प्रतिबंध लगा रहे हैं, ऐसे सुझाव देना विदेश नीति की पूरी विफलता के अलावा कुछ नहीं है। उन्हें सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए और सभी से सुझाव लेने चाहिए। भारत ने भारत-पाकिस्तान युद्ध सहित कई युद्ध देखे हैं, लेकिन देश को कभी भी ऐसे प्रतिबंधों का सामना नहीं करना पड़ा।” उन्होंने आगे तर्क दिया कि संघर्षों में सीधे तौर पर शामिल कई देश स्थिति को अलग-अलग तरीके से संभाल रहे थे। रेवंत रेड्डी ने आरोप लगाया, “अमेरिका और संकट का सामना कर रहे अन्य देश सीधे तौर पर युद्ध में शामिल हैं, लेकिन भारत सीधे तौर पर इस युद्ध में शामिल नहीं है। पीएम मोदी को कार्रवाई करनी चाहिए, लेकिन वह कुछ नहीं कर रहे हैं। वे केवल किसी को संकट में डालना जानते हैं।” चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना समाचार राजनीति रेवंत रेड्डी ने कांग्रेस पर टिप्पणी को लेकर पीएम मोदी पर पलटवार किया, बीजेपी को ‘ब्रिटिश जनता पार्टी’ कहा अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)रेवंत रेड्डी की पीएम मोदी की आलोचना(टी)तेलंगाना के मुख्यमंत्री(टी)नरेंद्र मोदी पर हमला(टी)भाजपा विभाजनकारी राजनीति(टी)मुस्लिम लीग माओवादी कांग्रेस(टी)ब्रिटिश जनता पार्टी की टिप्पणी(टी)संस्थाओं का दुरुपयोग भारत(टी)पश्चिम एशिया संकट भारत
मोरिंगा के पकौड़े रेसिपी: पनीर-प्याज सब खा जाएंगे भूल, जब घर में बचे सहजन के पकौड़े; स्वाद और स्वास्थ्य दोनों का प्रभाव आदर्श है

मोरिंगा में प्रचुर मात्रा में आयरन, कैल्शियम और विटामिन पाए जाते हैं, जो शरीर को शक्ति प्रदान करने में मदद करते हैं। हां ये पकौड़े बहुत कम समय में बनकर तैयार हो जाते हैं. छवि: एआई सामग्री: 1 कप मोरिंगा की पत्तियां, 1 कप बेसन, 1 छोटा प्याज मोनोफोनिक कटा हुआ, 1-2 हरी मिर्च हरी मिर्च कटी हुई, 1/2 छोटा लाल मिर्च पाउडर, 1/2 छोटा प्याज हल्दी छवि: फ्रीपिक 1/2 छोटा चम्मच, नमक स्वाद अनुसार, थोड़ा सा हरा धनियां, पानी चाहिए, तलने के लिए तेल। इनका स्वाद इतना शानदार लगता है कि घर के लोग बार-बार बनते हैं। छवि: एआई बनाने की विधि: सबसे पहले मोरिंगा की निश्चिंतता को अच्छे तरीके से धोकर साफ़ कर लें। अब एक बड़े बाउल में बेसन शामिल है और इसमें प्याज, हरी मिर्च, अजमोद, हल्दी, लाल मिर्च, नमक और हरा धनिया शामिल है। छवि: फ्रीपिक इसके बाद इसमें मोरिंगा के टुकड़े और थोड़ा-थोड़ा पानी के टुकड़े डालकर तैयार कर लें। ध्यान दें कि बैटर ज्यादा पतला न हो, तभी पकौड़े अच्छे कुरकुरे लगेंगे। छवि: एआई अब कढ़ाही में तेल गर्म करें। जब तेल अच्छे से गर्म हो जाए, तब हाथ या घर की मदद से छोटे-छोटे पकौड़े तेल में डाल दीजिए। उदाहरण के तौर पर मध्यम आंच पर सोनार और क्रिस्पी होने तक तलें। छवि: एआई जब पकौड़े दोनों तरफ से अच्छे से पक जाएं, तो इसलिए प्लेट में निकाल लें। गरमा-गरम मोरिंगा के पकौड़े हरी चटनी, टमाटर मसाला या मसाला चाय के साथ सर्व करें। छवि: एआई शरीर की कमजोरी दूर करने में मदद मिलती है। प्रतिरक्षा को मजबूत करने में सहायता करता है। ट्रैक्टरों के लिए खतरनाक होता है। इसके अलावा पाचन को बेहतर बनाए रखने में मदद मिलती है। छवि: फ्रीपिक
नींबू पानी बनाकर कितनी देर में पी लेना चाहिए? अगर रातभर रखेंगे तो क्या होगा, जानें काम की बात

Last Updated:May 11, 2026, 21:22 IST Lemon Water Health Benefits: नींबू पानी ताजा बनाकर पीना सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जाता है. एक्सपर्ट्स के अनुसार, लंबे समय तक रखने पर इसका स्वाद और विटामिन C कम हो सकता है. गर्मियों में बाहर रखने से बैक्टीरिया बढ़ने का खतरा भी रहता है. अगर जरूरत हो, तो इसे फ्रिज में 12 से 24 घंटे तक स्टोर किया जा सकता है. नींबू पानी बनाने के बाद जल्द से जल्द उसे पी लेना चाहिए. Lemon Water Storage Tips: गर्मियों में नींबू पानी पीना सभी को अच्छा लगता है. घर पर आसानी से नींबू पानी बनाया जा सकता है और यह सेहत के लिए भी फायदेमंद होता है. यह शरीर को ताजगी देने के साथ हाइड्रेट रखने में भी मदद करता है. कई लोग सुबह एक साथ ज्यादा मात्रा में नींबू पानी बनाकर रख लेते हैं और दिनभर थोड़ा-थोड़ा पीते रहते हैं. क्या आपने कभी सोचा है कि नींबू पानी बनाकर कितनी देर के अंदर पी लेना चाहिए? और अगर इसे रातभर रखा जाए तो क्या इसका स्वाद और गुण बदल जाते हैं? इस बारे में डाइटिशियन से जरूरी बात जान लेते हैं, ताकि आपको ज्यादा से ज्यादा फायदा मिल सके. नोएडा के डाइट मंत्रा क्लीनिक की डाइटिशियन कामिनी सिन्हा ने News18 को बताया ताजा बना नींबू पानी सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जाता है. नींबू में मौजूद विटामिन C और दूसरे पोषक तत्व हवा, गर्मी और रोशनी के संपर्क में आने पर धीरे-धीरे कम होने लगते हैं. इसलिए कोशिश करनी चाहिए कि नींबू पानी बनाने के तुरंत बाद या 1-2 घंटे के अंदर इसे पी लिया जाए. लंबे समय तक खुला रखने पर इसका स्वाद भी बदल सकता है. अगर नींबू पानी को कमरे में कई घंटों तक रखा जाए, तो उसमें बैक्टीरिया पनपने का खतरा बढ़ सकता है. चीनी, नमक या अन्य चीजें मिलाने के बाद ड्रिंक जल्दी खराब हो सकता है. ऐसे में लंबे समय तक रखा हुआ नींबू पानी पेट खराब होने या फूड कंटामिनेशन का कारण बन सकता है. एक्सपर्ट के मुताबिक अगर नींबू पानी को साफ बोतल या एयरटाइट कंटेनर में फ्रिज में रखा जाए, तो इसे 12 से 24 घंटे के अंदर इस्तेमाल करना सुरक्षित माना जाता है. हालांकि फ्रिज में रखने के बाद भी समय के साथ इसका स्वाद और पोषण धीरे-धीरे कम होने लगता है. रातभर रखा नींबू पानी जरूरी नहीं कि पूरी तरह खराब हो जाए, लेकिन वह ताजे नींबू पानी जितना फायदेमंद नहीं माना जाता. नींबू पानी में अगर पुदीना, फल या काला नमक जैसी चीजें डाली गई हों, तो उसका स्वाद और जल्दी बदल सकता है. कई बार लंबे समय तक रखने से इसमें हल्की कड़वाहट भी आ सकती है. इसलिए इसे बनाकर जल्द से जल्द पीना चाहिए. डाइटिशियन की मानें तो लंबे समय तक नींबू पानी हमेशा कांच या स्टील के साफ कंटेनर में रखना चाहिए. अगर जरूरत हो तो इसे कुछ घंटों के लिए फ्रिज में रखा जा सकता है, लेकिन रातभर या बहुत लंबे समय तक स्टोर करने से इसका स्वाद और पोषण कम हो सकता है. गर्मियों में साफ-सफाई और सही स्टोरेज का ध्यान रखना जरूरी है, ताकि यह हेल्दी ड्रिंक नुकसान की वजह न बने. नींबू पानी बहुत लाभकारी होता है और गर्मियों में इसे पीने से शरीर को कई गजब के फायदे मिल सकते हैं. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें







