शराब और बीयर 20% तक महंगी हो सकती है:ईरान जंग का असर, पैकेजिंग की लागत बढ़ी; कंपनियों ने राज्यों से दाम बढ़ाने की मांग की

शराब बनाने वाली कंपनियों ने राज्य सरकारों से शराब, बीयर और वाइन की कीमतें बढ़ाने की मांग की है। कंपनियों का कहना है कि ईरान-अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के कारण सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। इससे कांच की बोतलों, एल्युमीनियम कैन और पैकेजिंग मटेरियल की लागत काफी बढ़ गई हैं। शराब उद्योग की प्रमुख संस्थाओं कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन अल्कोहलिक बेवरेज कंपनीज (CIABC) और ब्रूअर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (BAI) ने राज्यों को पत्र लिखकर कीमतों में बदलाव की अनुमति मांगी है। BAI ने इनपुट कॉस्ट में बढ़ोतरी की भरपाई के लिए 15%-20% तक दाम बढ़ाने का सुझाव दिया है। BAI में यूनाइटेड ब्रूअर्स, एबी इनबेव और कारल्सबर्ग जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं, जिनकी देश के बीयर मार्केट में करीब 85% हिस्सेदारी है। कंपनियों का कहना है कि मुनाफा लगातार कम हो रहा है और लागत इतनी बढ़ गई है कि अब पुराने दामों पर बिजनेस करना मुश्किल हो रहा है।
स्कॉर्पियों की सेट्रों कार से ओवरटेकिंग, बिना नंबर बाइक की एंट्री और धड़धड़ा हथियार… शुभेंदु पीए प्रधानमंत्री की ऐसी लिखी गई स्क्रिप्ट

उत्तर 24 परगना के मध्यमग्राम की सड़कों पर रोज की तरह 6 मई की रात करीब सवा दस बजे हलचल थी, लेकिन कुछ ही मिनटों में यह शानदार एक क्राइम सीन में बदलाव वाला था। ब्लैक स्कॉर्पियो, खून से सनी दर्शनीय स्थल और रोड पर पादरियों की गाड़ी- पुलिस स्टेशन के माने तो यह कोई अचानक हुई घटना नहीं थी, बल्कि एक सु वैज्ञानिक ‘एग्जीक्यूशन’ का संकेत दे रही थी। मारे गए पूर्व राष्ट्रपति चंद्रनाथ रथ भाजपा नेता और सेंचुरी के नए सिरमौर के प्रबल दावेदार शुभेंदु अधिकारी के अत्यंत करीबी सहयोगी और निजी सहायक थे। पुलिस की प्रारंभिक जांच में साफ कहा गया है कि यह हत्या नहीं, ‘ऑपरेशन’ था। पीछा शुरू हुआ शहर से, अंजाम घर के पास अध्ययन शास्त्र के अनुसार, चंद्रनाथ रथ की गाड़ी कोलकाता से ही ट्रैक की जा रही थी। सीसीटीवी फुटेज में एक सिल्वर कलर की सैंट्रो कार (WB74AX2270) और एक मोटरसाइकिल कॉन्स्टेंट के पीछे उनकी स्कार्पियो दिखाई दे रही है। जैसे ही गाड़ी मध्यमग्राम के दोहाड़िया इलाके में दक्षिणी घर से 100 मीटर दूर का खेल शुरू हो गया था। सैंट्रो कार ने ओवरटेक कार स्कॉर्पियो को मॉडल स्लो किया। अगले ही पल बिना नंबर प्लेट वाली बाइक पास आई और फिर शुरू हुई बारिश की बारिश। 10 से अधिक गोल आग, छाती-सर पर फ़्लोरिडा प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि एलिजाबेथ ने सीधे हथियार के पास से उड़ान भरी थी। पुलिस के मुताबिक कम से कम 10 गोलियां चलाईं। हालाँकि यह संख्या बहुत अधिक भी हो सकती है. चंद्रनाथ रथ को घोड़े, पेट और सिर में स्टॉक स्टॉक। उनके संगीत पर ही गंभीर संकट आ गया। संयुक्त उद्यम में सहयोगी अस्पताल लेकर भागे, लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही वो दम तोड़ चुके थे। अस्पताल के वकीलों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनका ड्राइवर बुद्धदेव बेड़ा भी शूटिंग में घायल हो गया और अभी भी कोलकाता के अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है। रेकी से एस्केप रूट तक पूरी तरह से पुलिस का कहना है कि राठौड़ ने पहले इलाके की रेकी रोज की, चंद्रनाथ रथ केना के रूट और टाइमिंग को समझाया और फिर पूरी तरह से काम किया। वसीयत के बाद बाइक सवार दो दिशाओं में बरात हो गए। एक जेसोर रोड की ओर और दूसरा किंगरहॉट का सबसे बड़ा निर्माण कार्य निकल गया। जिस स्कार्पियो कार को छोड़ा गया था, उसे मशीन पर छोड़ दिया गया था। पुलिस ने गाड़ी को कब्जे में लेकर जांच की, जिसमें सामने आया कि कार का नंबर प्लेट फर्जी था, जबकि असली मालिक सिलीगुड़ी का एक व्यक्ति है, जिसने गाड़ी के लिए अपनी तस्वीरें ऑनलाइन डाली थीं। ग्लॉक नोट का शक ‘प्रोफ़ेशनल हिट’ का संकट फ़ोरेंसिक टीम को मशीन से खोखे, जिंदा कार्ट्रिज और कलाकृतियों के निशान मिले हैं। आरंभिक जांच में शक है कि ग्रैब्स ने ऑस्ट्रियन ग्लॉक जैसे आधुनिक हथियार का इस्तेमाल किया था। एक वयोवृद्ध अधिकारी का कहना है, “ऐसे हथियार आम बाजारों के पास नहीं होते। इससे पेशेवर फिल्मों की हानि और मजबूती होती है।” सीसीटीवी में कैद हर निकल गया, लेकिन डाकू चोर पुलिस अब जेसोर रोड और आसपास के इलाकों में सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। कई अभिलेख बनाए गए हैं और तीन स्थानीय क्लिज़ोरिज़ोन से पूछताछ हो रही है। अतुल सिद्ध नाथ गुप्ता ने बताया, “एक ग़रीब गाड़ी को ज़ब्त कर लिया गया है। नंबर प्लेट से चोरी की गई थी। कई सीसीटीवी फुटेज की जांच हो रही है।” फिर भी, मुख्य व्यापारी अभी भी बच्चा है और यही जांच की सबसे बड़ी चुनौती है। यथार्थ की शुरूआत: आरोप-प्रत्यारोप तेज इस हत्या ने राजनीतिक पारा भी बढ़ाया है। शुभेंदु अधिकारी ने इसे प्री-प्लांड म्युचुअल और व्यक्तिगत क्षति का वर्णन किया और सोशियलिटी से शांति बनाए रखने की अपील की। वहीं बीजेपी नेता अर्जुन सिंह ने सीधा आरोप लगाते हुए कहा, “अभिषेक बनर्जी ने इस हत्या की साजिश रची है… वे संदेश देना चाहते हैं कि सत्य में कोई अस्तित्व नहीं है और वे इसकी साजिश रच रहे हैं।” दूसरी तरफ कैथोलिक कांग्रेस ने इन वामपंथियों को खारिज करते हुए कहा कि लोकतंत्र में हिंसा की कोई जगह नहीं है और मामले की अदालत में जांच की मांग की जा रही है। जांच के सामने बड़ा सवाल मध्यमग्राम के इस विश्वविद्यालय में शिलालेखों के सामने कई अभिलेख वाले प्रश्न दिए गए हैं। सबसे पहला सवाल यही है कि क्या ये सिर्फ व्यक्तिगत प्रतिद्वंद्वियों का मामला है या इसके पीछे कोई बड़ा राजनीतिक संदेश छिपा है? जिस तरह के दस्तावेज़ों को ट्रैक किया गया था, रास्ता निकाला गया और उत्खनन से उत्खनन किया गया, वह सामान्य अपराध की तरह नहीं दिखता है। दूसरा अहम किरदार- क्या इस हमले में प्रोफेशनल स्टूडियो शामिल थे? प्रारंभिक संकेत हथियार और हमलों का साधन किसी भी शिक्षण नेटवर्क की ओर इशारा करते हैं। सबसे बड़ा सवाल- चंद्रनाथ रथ को सबसे पहले क्या कहा जा रहा था? अगर हां तो क्या सुरक्षा में कोई खराबी हुई? यह घटना सिर्फ एक हत्या नहीं है, बल्कि एक सु नियोजित ऑपरेशन जैसा है, जहां टाइमिंग, कॉमेडी और एस्केप सब कुछ हासिल था। अब पुलिस के सामने चुनौती सिर्फ चौथे को गोली मारने की नहीं, बल्कि उस मकसद की झलक सामने आई है, जिसने इस हत्या को अंजाम तक पहुंचाया। क्योंकि समय अभी सत्ता के स्थानांतरण का है, राजनीतिक आरोप सत्ता से बेदख़ल पार्टी पर लग रहे हैं और जो सत्ता में आ रहा है, वो पीड़ित है। ये भी पढ़ें: ‘धार्मिक रीति-रिवाजों पर सवाल उठे तो धर्म और संप्रदायों का विभाजन…’, सबरीमाला मंदिर मामले पर सुनवाई में क्या बोला SC? (टैग्सटूट्रांसलेट)सुवेंदु अधिकारी(टी)टीएमसी(टी)पश्चिम बंगाल(टी)पश्चिम बंगाल का अगला सीएम 2026(टी)सुवेंदु अधिकारी पीए मर्डर(टी)सुवेंदु अधिकारी पीए मर्डर केस(टी)सुवेंदु पीए मर्डर सुवेंदु अधिकारी पीए मर्डर ताजा खबर(टी)शुभेंदु अधिकारी(टी)शुभेंदु अधिकारी पीए मार्जिन(टी)शुभेंदु अधिकारी पी.ए. केस(टी)पश्चिम बंगाल(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम 2026
शादी के 10 साल बाद पिता बने सूर्यकुमार यादव:पत्नी देविशा ने बेटी को जन्म दिया; RCB के खिलाफ मैच में खेलना तय नहीं

भारतीय टी-20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव पिता बन गए हैं। उनकी पत्नी देविशा ने बेटी को जन्म दिया है। यह बेटी दोनों की पहली संतान है। मार्च में देविशा के बेबी शॉवर का वीडियो वायरल हुआ था। 35 साल के सूर्यकुमार यादव ने 2016 में देविशा शेट्टी से लव मैरिज की थी। कॉलेज के दिनों में एक डांस परफॉर्मेंस के दौरान सूर्या ने देविशा को देखा और पसंद करने लगे थे। सूर्या IPL में मुंबई इंडियंस से खेल रहे हैं, जिसका अगला मुकाबला 10 मई को रायपुर में होना है। सूर्या का खेलना तय नहीं है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सूर्या टीम के साथ रायपुर नहीं गए हैं। सूर्या ने कहा था- टीम में सिलेक्शन नहीं हुआ तो पत्नी ने संभाला देविशा से शादी के बाद सूर्यकुमार यादव की किस्मत बदल गई। उन्होंने ESPN क्रिकइंफो को दिए एक इंटरव्यू में कहा था- ‘2018 तक मेरा चयन जब भारतीय टीम में नहीं हुआ तो मैं काफी परेशान रहने लगा। तब देविशा ने मुझे संभाला। उसका कहना था कि तुम इन सब बातों पर ध्यान नहीं दो, बस खुद पर फोकस करो। धीरे-धीरे सब अच्छा होगा। उसने मुझे कभी फ्रस्टेट नहीं होने दिया। सबसे अच्छी बात ये थी कि हम प्रॉब्लम नहीं सोल्यूशन ढूंढते थे कि कैसे मैं और बेहतर कर सकता हूं। वो मुझे केवल अपने भविष्य पर ध्यान देने को कहती थी और उसे बेहतर बनाने पर जोर देती थी। मैं जब भी घर पर रहता था, कभी निराश नहीं हुआ।” सूर्या ने कहा था- मेरी असली कोच मेरी वाइफ सूर्या ने कहा था- ‘मेरी असली कोच मेरी वाइफ है, वो ना होती तो शायद मैं यहां तक नहीं पहुंचता। सूर्या ने आगे कहा कि मुझे शादी से पहले तक पता ही नहीं था कि सही डाइट क्या होती है। मुझे जो पसंद आता था वो खाता था। चाहे वो बिरयानी हो या फिर आइसक्रीम, लेकिन 2018 से मैं इस ओर ध्यान देने लगा और इसका सारा क्रेडिट मेरी पत्नी को जाता है। जब डाइट ना करने से मेरे शरीर पर असर होने लगा तो मेरी बात देविशा से हुई। उसने मुझे समझाया कि प्रॉपर डाइट फॉलो करके देखते हैं। उसके बाद सब सही हो गया। 2020 आते-आते मेरा शरीर पूरी तरह फिट हो चुका था और इसका पॉजिटिव असर मेरे क्रिकेट पर भी दिखने लगा। बेंगलुरु के खिलाफ सूर्यकुमार का खेलना तय नहीं सूर्यकुमार यादव ने 3 दिन पहले 4 मई को मुंबई इंडियंस को अपनी कप्तानी में लखनऊ के खिलाफ जीत दिलाई थी। टीम ने लगातार 3 हार के बाद जीत का स्वाद चखा था। उनका 10 मई को रायपुर में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ होने वाले मैच में खेलना तय नहीं है। बताया जा रहा है कि वे बेटी के जन्म के कारण टीम के साथ रायपुर नहीं गए हैं। उनकी टीम सीजन में खराब फॉर्म से जूझ रही है। टीम ने 10 में से केवल 3 मैच ही जीते हैं। प्लेऑफ की रेस में बने रहने के लिए मुंबई को अपने सभी मैच जीतना बेहद जरूरी है। ऐसे में सूर्या की गैरमौजूदगी टीम के लिए एक बड़ा झटका हो सकती है। ————————————————————————– भारतीय क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… युजवेंद्र चहल फ्लाइट में ई-सिगरेट पीते दिखे, VIDEO वायरल पंजाब किंग्स के अनुभवी लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल एक नए विवाद में घिर गए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में दावा किया जा रहा है कि हैदराबाद की यात्रा के दौरान वे फ्लाइट के अंदर ई-सिगरेट (वेप) पी रहे थे। वीडियो में चहल को इसे छिपाने की कोशिश करते भी देखा गया है। हालांकि, इस वायरल वीडियो की प्रामाणिकता की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पढ़ें पूरी खबर
शादी के 10 साल बाद पिता बने सूर्यकुमार यादव:पत्नी देविशा ने बेटी को जन्म दिया; बेंगलुरु के खिलाफ मैच से रह सकते हैं बाहर

भारतीय टी-20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव पिता बन गए हैं। उनकी पत्नी देविशा ने बेटी को जन्म दिया है। दोनों पहली बार माता-पिता बने हैं। मार्च में देविशा के बेबी शॉवर का वीडियो वायरल होने के बाद से ही फैंस इस खुशखबरी का इंतजार कर रहे थे। अब फैंस इस कपल को नई पारी की शुरुआत के लिए बधाइयां दे रहे हैं। 35 साल के सूर्यकुमार यादव साल 2016 में देविशा शेट्टी से लव मैरिज की थी। दोनों की लव स्टोरी कॉलेज के दिनों से शुरू हो गई थी। सूर्या एक डांस परफॉर्मेंस के दौरान देविशा के हुनर को देखकर उन पर फिदा हो गए थे। देविशा से शादी के बाद बदली सूर्या की किस्मत देविशा से शादी के बाद सूर्यकुमार यादव की किस्मत बदल गई। उन्होंने ESPN क्रिकइंफो को दिए एक इंटरव्यू में कहा था- ‘2018 तक मेरा चयन जब भारतीय टीम में नहीं हुआ तो मैं काफी परेशान रहने लगा। तब देविशा ने मुझे संभाला। उसका कहना था कि तुम इन सब बातों पर ध्यान नहीं दो, बस खुद पर फोकस करो। धीरे-धीरे सब अच्छा होगा। उसने मुझे कभी फ्रस्टेट नहीं होने दिया। सबसे अच्छी बात ये थी कि हम प्रॉब्लम नहीं सोल्यूशन ढूंढते थे कि कैसे मैं और बेहतर कर सकता हूं। वो मुझे केवल अपने भविष्य पर ध्यान देने को कहती थी और उसे बेहतर बनाने पर जोर देती थी। मैं जब भी घर पर रहता था, कभी निराश नहीं हुआ। सूर्या ने कहा था- मेरी असली कोच मेरी वाइफ है सूर्या ने कहा था- ‘मेरी असली कोच मेरी वाइफ है, वो ना होती तो शायद मैं यहां तक नहीं पहुंचता। सूर्या ने आगे कहा कि मुझे शादी से पहले तक पता ही नहीं था कि सही डाइट क्या होती है। मुझे जो पसंद आता था वो खाता था। चाहे वो बिरयानी हो या फिर आइसक्रीम, लेकिन 2018 से मैं इस ओर ध्यान देने लगा और इसका सारा क्रेडिट मेरी पत्नी को जाता है। जब डाइट ना करने से मेरे शरीर पर असर होने लगा तो मेरी बात देविशा से हुई। उसने मुझे समझाया कि प्रॉपर डाइट फॉलो करके देखते हैं। उसके बाद सब सही हो गया। 2020 आते-आते मेरा शरीर पूरी तरह फिट हो चुका था और इसका पॉजिटिव असर मेरे क्रिकेट पर भी दिखने लगा। बेंगलुरु के खिलाफ सूर्यकुमार का खेलना तय नहीं सूर्यकुमार यादव ने 3 दिन पहले 4 मई को मुंबई इंडियंस को अपनी कप्तानी में लखनऊ के खिलाफ जीत दिलाई थी। टीम ने लगातार 3 हार के बाद जीत का स्वाद चखा था। उनका 10 मई को रायपुर में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ होने वाले मैच में खेलना तय नहीं है। बताया जा रहा है कि वे बेटी के जन्म के कारण टीम के साथ रायपुर नहीं गए हैं। उनकी टीम सीजन में खराब फॉर्म से जूझ रही है। टीम ने 10 में से केवल 3 मैच ही जीते हैं। प्लेऑफ की रेस में बने रहने के लिए मुंबई को अपने सभी मैच जीतना बेहद जरूरी है। ऐसे में सूर्या की गैरमौजूदगी टीम के लिए एक बड़ा झटका हो सकती है। ————————————————————————– भारतीय क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… युजवेंद्र चहल फ्लाइट में ई-सिगरेट पीते दिखे, VIDEO वायरल पंजाब किंग्स के अनुभवी लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल एक नए विवाद में घिर गए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में दावा किया जा रहा है कि हैदराबाद की यात्रा के दौरान वे फ्लाइट के अंदर ई-सिगरेट (वेप) पी रहे थे। वीडियो में चहल को इसे छिपाने की कोशिश करते भी देखा गया है। हालांकि, इस वायरल वीडियो की प्रामाणिकता की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पढ़ें पूरी खबर
फ्लोर टेस्ट या राज्यपाल का बुलावा? गोवा से लेकर कर्नाटक तक के पिछले मामले तमिलनाडु में कैसे गतिरोध पैदा करते हैं | भारत समाचार

आखरी अपडेट:07 मई, 2026, 17:54 IST तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर ने ‘पूर्ण बहुमत’ की कमी का हवाला देते हुए विजय के नेतृत्व वाली टीवीके की कांग्रेस समर्थित सरकार बनाने की पेशकश को दो बार अस्वीकार कर दिया है। चेन्नई के लोक भवन में एक बैठक के दौरान तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर तमिलागा वेट्री कड़गम (टीवीके) प्रमुख विजय के साथ। छवि/पीटीआई तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर और तमिलागा वेट्री कज़गम (टीवीके) नेता विजय के बीच गतिरोध ने राज्य को राजभवन की विवेकाधीन शक्तियों पर संवैधानिक बहस में डाल दिया है। विधानसभा चुनावों में टीवीके 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने और कांग्रेस से समर्थन पत्र हासिल करने के बावजूद, राज्यपाल आर्लेकर ने “पूर्ण बहुमत” की कमी का हवाला देते हुए सरकार बनाने के निमंत्रण को दो बार अस्वीकार कर दिया है। पर्यवेक्षकों का कहना है कि यह गतिरोध, राज्यपाल की पसंद के कानूनी पदानुक्रम के बारे में गंभीर सवाल उठाता है: क्या एकल सबसे बड़ी पार्टी (एसएलपी) एक मौके की हकदार है, या क्या चुनाव के बाद गठबंधन को प्राथमिकता दी जाती है? त्रिशंकु विधानसभा में राज्यपाल के लिए स्थापित दिशानिर्देश क्या हैं? सरकारिया आयोग (1988) ने खंडित जनादेश का सामना करने वाले राज्यपालों के लिए वरीयता का स्पष्ट क्रम प्रदान किया। इसमें सुझाव दिया गया है कि राज्यपाल को पहले चुनाव पूर्व गठबंधन को आमंत्रित करना चाहिए। यदि ऐसा कोई गठबंधन मौजूद नहीं है, तो एसएलपी को आमंत्रित किया जाना चाहिए, बशर्ते उसे “दूसरों का समर्थन” प्राप्त हो। इसके बाद, राज्यपाल को चुनाव के बाद एक गठबंधन पर विचार करना चाहिए, जहां सभी साझेदार सरकार में शामिल हों। प्राथमिक उद्देश्य, जैसा कि एसआर बोम्मई बनाम भारत संघ (1994) के फैसले में दोहराया गया है, यह है कि सदन का पटल – राज्यपाल का कक्ष नहीं – बहुमत का परीक्षण करने का एकमात्र स्थान है। जबकि राज्यपाल के पास विवेकाधिकार है, सर्वोच्च न्यायालय ने अक्सर माना है कि इस शक्ति का उपयोग एक विश्वसनीय दावेदार को रोकने के बजाय एक स्थिर सरकार की सुविधा के लिए किया जाना चाहिए। 2017 के गोवा और मणिपुर मामलों ने कैसे एक मिसाल कायम की? 2017 में, कांग्रेस गोवा और मणिपुर दोनों में एसएलपी के रूप में उभरी। हालाँकि, संबंधित राज्यपालों ने भाजपा को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया क्योंकि भाजपा ने चुनाव के बाद गठबंधन किया था जो बहुमत के आंकड़े को पार कर गया था। जब कांग्रेस ने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी तो मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई वाली बेंच ने बीजेपी के नेतृत्व वाले गठबंधन के शपथ ग्रहण पर रोक लगाने से इनकार कर दिया. अदालत का तर्क यह था कि यदि पार्टियों का एक समूह समर्थन पत्रों के माध्यम से बहुमत प्रदर्शित कर सकता है, तो उनका दावा अकेले खड़े एसएलपी से “संवैधानिक रूप से बेहतर” है। इस मिसाल से पता चलता है कि गवर्नर आर्लेकर की सावधानी यह सुनिश्चित करने में निहित हो सकती है कि टीवीके-कांग्रेस गठबंधन के पास वास्तव में फ्लोर टेस्ट में जीवित रहने के लिए पर्याप्त संख्या है। 2018 में कर्नाटक में ‘एकल सबसे बड़ी पार्टी’ शासन को लेकर क्या हुआ? 2018 के कर्नाटक चुनावों ने एक दर्पण-छवि परिदृश्य प्रदान किया। भाजपा 104 सीटों के साथ एसएलपी के रूप में उभरी, जबकि कांग्रेस और जद (एस) ने 116 सीटों (बहुमत के निशान से काफी ऊपर) के साथ चुनाव के बाद गठबंधन किया। राज्यपाल वजुभाई वाला ने शुरू में भाजपा (एसएलपी) को आमंत्रित किया और उसे बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन का समय दिया। सुप्रीम कोर्ट ने आधी रात को सुनवाई में हस्तक्षेप किया और उस समय को घटाकर 24 घंटे कर दिया। अदालत ने कहा कि एसएलपी को आमंत्रित करना एक वैध परंपरा है, लेकिन यदि कोई बड़ा गठबंधन पहले से मौजूद है तो इसका उपयोग “खरीद-फरोख्त” को सुविधाजनक बनाने के लिए नहीं किया जा सकता है। तमिलनाडु के वर्तमान संदर्भ में, राज्यपाल की अस्वीकृति से पता चलता है कि वह “कांग्रेस समर्थन” की जांच कर रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह बिना शर्त और कानूनी रूप से बाध्यकारी है। क्या कोई राज्यपाल अनिश्चितकाल के लिए सरकार बनाने के दावे को खारिज कर सकता है? जबकि एक राज्यपाल को किसी पार्टी के बहुमत से “संतुष्ट” होने का अधिकार है, रामेश्वर प्रसाद बनाम भारत संघ (2006) मामला गवर्नर के अतिरेक के खिलाफ एक चेतावनी के रूप में कार्य करता है। अदालत ने फैसला सुनाया कि राज्यपाल “व्यक्तिपरक मूल्यांकन” या किसी विशिष्ट राजनीतिक संरेखण से बचने की इच्छा के आधार पर किसी दावे को अस्वीकार नहीं कर सकते। यदि विजय और कांग्रेस ने जादुई संख्या को पार करने वाले समर्थन के औपचारिक पत्र प्रस्तुत किए हैं, तो संवैधानिक नैतिकता तय करती है कि उन्हें शक्ति परीक्षण में अपनी ताकत साबित करने की अनुमति दी जाए। संख्याओं पर संदेह करने के स्पष्ट, वस्तुनिष्ठ कारण के बिना दो बार इनकार करने से न्यायिक हस्तक्षेप का खतरा होता है, क्योंकि अदालतें राज्यपाल को एक निरंकुश मध्यस्थ के बजाय “लोकतंत्र के सुविधाप्रदाता” के रूप में देखने लगी हैं। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया फ्लोर टेस्ट या राज्यपाल का बुलावा? गोवा से लेकर कर्नाटक तक के पिछले मामले तमिलनाडु में कैसे गतिरोध पैदा करते हैं? अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)तमिलनाडु चुनाव(टी)एआईएडीएमके(टी)तमिलनाडु चुनाव(टी)बीजेपी(टी)डीएमके(टी)एमके स्टालिन(टी)विजय(टी)टीवीके(टी)विधानसभा चुनाव(टी)कांग्रेस(टी)इंडिया ब्लॉक
एकनाथ शिंदे का हेलिकॉप्टर आंधी में फंसा:शादी समारोह में जा रहे थे, पायलट रास्ते से लौटा; जुहू हेलीपैड पर सेफ लैंडिंग

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे का हेलीकॉप्टर कल्याण के पास खराब मौसम और तेज आंधी-तूफान में फंस गया। जानकारी के अनुसार शिंदे मुंबई के महालक्ष्मी हेलीपैड से कल्याण के आगे मुरबाड में आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। रास्ते में अचानक मौसम बिगड़ गया। पायलट हेलिकॉप्टर को आगे ले जाने के बजाय वापस ले आया। मुंबई के जुहू हेलीपैड पर सेफ लैंडिंग की गई। हेलीकॉप्टर में सवार सभी लोग सुरक्षित हैं। हम खबर लगातार अपडेट कर रहे हैं।
चावल के पानी का उपयोग करके कोरियाई ग्लास त्वचा: चेहरे पर चावल के पानी के साथ ये चीजें, गर्मी में कोरियाई की तरह का ग्लास सा चमकेगा चेहरा

चावल के पानी में विटामिन, चिप्स और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो चावल के पानी में चमक और मुलायम बनाने में मदद करते हैं। अगर किसी चीज में समग्र सामान लगाया जाए, तो त्वचा पर कांच जैसा चमक आ सकता है। छवि: फ्रीपिक यह स्किन को किचन ग्लो देता है। टैनिंग और डाग-धब्बे कम करने में मदद करते हैं। चेहरे को ठंडक मिलती है। साथ ही, ऑयली स्कार्फ को महत्व दिया जाता है। स्कार्फ को तैसा और भव्य निर्माण है। छवि: फ्रीपिक 1 कप चावल को अच्छे से धो लीजिये. अब 2 कप पानी मशीनरी 30 मिनट के लिए छोड़ दें। इसके बाद पानी को अच्छा लें। 1 में एलोवेरा जेल समग्र सतह कक्ष। छवि: फ्रीपिक यह स्किन को सील कर देता है और सनबर्न से राहत दिलाने में मदद करता है। सबसे पहले चेहरे को फेसवॉश से साफ करें। कॉटन की मदद से चावल के पानी का मिश्रण। छवि: फ्रीपिक 15-20 मिनट तक क्वार्टर डेप। इसके बाद ठंडे पानी से चेहरा धो लें। सप्ताह में 2-3 बार इसके इस्तेमाल से त्वचा पर नज़र आ सकती है। बहुत ज्यादा मात्रा में सेंसो कंकाल होने पर पहले पैच टेस्ट जरूर करें। छवि: फ्रीपिक मिक्स को लंबे समय तक स्टोर न करें। इनेशियलाइज़ेशन से तैयार करें यह आसान उपाय, गर्मियों में अपनी त्वचा को ताज़ा करें, ग्लोइंग करें और शेल्फ़ बनाने में मदद करें। छवि: फ्रीपिक अगर चेहरे पर जलन या खुजली हो तो तुरंत इसका इस्तेमाल बंद कर दें। नियमित देखभाल और सही लेआउट के साथ आप भी कोरियन ग्लास को नया रूप दे सकते हैं। छवि: फ्रीपिक अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए तरीके, तरीके और दावे अलग-अलग विद्वानों पर आधारित हैं। रिपब्लिक भारत लेख में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं किया गया है। किसी भी उपचार और सुझाव को पहले डॉक्टर या डॉक्टर की सलाह से अवश्य लें। (टैग्सटूट्रांसलेट)कोरियन ग्लास त्वचा(टी)कोरियाई त्वचा की देखभाल(टी)ग्लास त्वचा(टी)कोरियाई ग्लास त्वचा(टी)चावल का पानी(टी)चेहरे के लिए चावल का पानी(टी)एलोवेरा जेल
तमिलनाडु में विजय की सरकार गठन की बोली अटकी: राज्यपाल की शक्तियां क्या हैं | भारत समाचार

आखरी अपडेट:07 मई, 2026, 17:45 IST त्रिशंकु विधानसभा तब होती है जब किसी एक पार्टी या गठबंधन को बहुमत का आंकड़ा पार करने के लिए पर्याप्त सीटें नहीं मिलतीं। टीवीके प्रमुख विजय ने तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र वी अर्लेकर से मुलाकात की। (छवि: स्रोत) तमिलनाडु सरकार का गठन: तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने गुरुवार को एक बार फिर टीवीके प्रमुख विजय के सरकार बनाने के दावे को खारिज कर दिया और कहा कि पार्टी ने अभी भी विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए पर्याप्त समर्थन नहीं दिखाया है। लोकभवन में बैठक के दौरान राज्यपाल ने अभिनेता से नेता बने अभिनेता से पूछा कि क्या उनका दावा केवल इस उम्मीद पर आधारित है कि बाद में छोटे दल उनका समर्थन कर सकते हैं। उन्होंने ऐसी सरकार की स्थिरता को लेकर भी चिंता जताई. राज्यपाल ने विजय से यह दिखाने के लिए कहा कि वह सदन में बहुमत कैसे साबित करेंगे और उन पार्टियों के समर्थन पत्र कैसे दिखाएंगे जिनके बारे में उन्होंने संकेत दिया है कि वे उनका समर्थन कर रहे हैं। हालाँकि, टीवीके ने राज्यपाल से अपने अनुरोध पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया, यह तर्क देते हुए कि पहले भी ऐसे उदाहरण हैं जब स्पष्ट बहुमत के बिना भी सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया गया था। पार्टी ने राज्यपाल से यह भी कहा कि वह विधानसभा में शक्ति परीक्षण के दौरान अपनी संख्या साबित करने को लेकर आश्वस्त है। तमिलनाडु के आंकड़े क्या कहते हैं? 234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में टीवीके 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन बहुमत के लिए जरूरी 117 सीटों से अभी भी दूर है। चूंकि विजय दो निर्वाचन क्षेत्रों से जीते हैं, इसलिए उन्हें एक सीट खाली करनी होगी, जिससे पार्टी की प्रभावी ताकत घटकर 107 रह जाएगी। नतीजतन, टीवीके को अब बहुमत के आंकड़े तक पहुंचने के लिए अन्य दलों या निर्दलीय उम्मीदवारों के समर्थन की आवश्यकता है, हालांकि अंतिम गठबंधन की तस्वीर अभी भी स्पष्ट नहीं है। हालाँकि, सवाल उठता है कि जब किसी भी पार्टी को चुनाव में स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता है तो राज्यपाल की क्या भूमिका होती है, और राज्यपालों ने अतीत में इसी तरह की राजनीतिक स्थितियों को कैसे संभाला है? त्रिशंकु विधानसभा में राज्यपाल क्या करता है? त्रिशंकु विधानसभा तब होती है जब किसी एक पार्टी या गठबंधन को बहुमत का आंकड़ा पार करने के लिए पर्याप्त सीटें नहीं मिलतीं। ऐसी स्थिति में राज्यपाल तय करते हैं कि सरकार बनाने के लिए पहले किसे आमंत्रित करना है। आमतौर पर, राज्यपाल की भूमिका यह सुनिश्चित करना है कि एक स्थिर सरकार बने। राज्यपाल किसी पार्टी नेता को शपथ लेने के लिए आमंत्रित करने से पहले सहयोगियों से समर्थन पत्र दिखाने के लिए कह सकते हैं। हालाँकि, यह तर्क दिया गया है कि बहुमत का परीक्षण विधानसभा के पटल पर किया जाना चाहिए। राज्यपाल सरकारिया और पुंछी आयोग के नियमों का भी हवाला दे सकते हैं. सरकारिया आयोग के दिशानिर्देश क्या कहते हैं? केंद्र-राज्य संबंधों का अध्ययन करने के लिए 1983 में स्थापित सरकारिया आयोग ने त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति में राज्यपालों के लिए दिशानिर्देश तय किए। इसमें कहा गया कि राज्यपाल को पहले आमंत्रित करना चाहिए: बहुमत के समर्थन वाला चुनाव पूर्व गठबंधन। सबसे बड़ी पार्टी जो दूसरों से समर्थन जुटा सकती है. बहुमत के समर्थन के साथ चुनाव के बाद का गठबंधन। चुनाव के बाद के गठबंधन को बाहर से समर्थन मिल रहा है। आयोग ने यह भी स्पष्ट रूप से कहा कि राज्यपाल को विधानसभा के बाहर बहुमत के समर्थन का निर्णय लेने से बचना चाहिए और आदर्श रूप से 30 दिनों के भीतर सदन में शक्ति परीक्षण की अनुमति देनी चाहिए। पुंछी आयोग ने क्या सिफारिश की? 2007 में गठित पुंछी आयोग ने भी राज्यपाल की विवेकाधीन शक्तियों को सीमित करने के लिए नियमों की सिफारिश की थी। इसने सरकार बनाने के लिए पार्टियों को आमंत्रित करने के लिए निम्नलिखित आदेश का सुझाव दिया: सबसे बड़ा चुनाव पूर्व गठबंधन दूसरों के समर्थन से अकेली सबसे बड़ी पार्टी चुनाव के बाद का गठबंधन जहां सभी साझेदार सरकार में शामिल होते हैं चुनाव के बाद बाहरी समर्थन से गठबंधन राज्यपालों को अक्सर आलोचना का सामना करना पड़ता है राज्यपालों को अक्सर त्रिशंकु विधानसभा स्थितियों में पक्षपात के आरोपों का सामना करना पड़ता है, खासकर जब केंद्र और राज्यों में विभिन्न राजनीतिक दल सत्ता में होते हैं। 2017 में, गोवा और मणिपुर में, कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन छोटे दलों से समर्थन मिलने के बाद राज्यपालों ने भाजपा को आमंत्रित किया। 2018 में कर्नाटक में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और उसे सबसे पहले सरकार बनाने का न्योता मिला. हालाँकि, कांग्रेस और जद (एस) के गठबंधन बनाने और अदालत का दरवाजा खटखटाने के बाद, भाजपा नेता बीएस येदियुरप्पा ने फ्लोर टेस्ट से पहले इस्तीफा दे दिया। तमिलनाडु में आगे क्या होगा? फिलहाल, टीवीके ने बहुमत का आंकड़ा पार करने के लिए छोटी पार्टियों से बातचीत जारी रखी है। यदि विजय कम से कम 117 विधायकों का समर्थन दिखाने में सक्षम हैं, तो राज्यपाल उन्हें सरकार बनाने और मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के लिए आमंत्रित कर सकते हैं। यदि विजय और कांग्रेस ने जादुई संख्या को पार करने वाले समर्थन के औपचारिक पत्र प्रस्तुत किए हैं, तो संवैधानिक नैतिकता तय करती है कि उन्हें शक्ति परीक्षण में अपनी ताकत साबित करने की अनुमति दी जाए। यदि संख्या अनिश्चित रही तो तमिलनाडु में राजनीतिक गतिरोध जारी रह सकता है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया तमिलनाडु में विजय की सरकार बनाने की बोली अटकी: राज्यपाल की शक्तियां क्या हैं? अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)तमिलनाडु में त्रिशंकु विधानसभा(टी)तमिलनाडु में सरकार का गठन(टी)टीवीके विजय बहुमत(टी)राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर(टी)सबसे बड़ी पार्टी का दावा(टी)सरकारिया आयोग के दिशानिर्देश(टी)पुंछी आयोग की सिफारिशें(टी)विधानसभा में फ्लोर टेस्ट
किडनी डिटॉक्स के नाम पर कहीं आप ‘काला जहर’ तो नहीं पी रहे? FSSAI की रेड में हुआ खौफनाक खुलासा

वडोदरा (गुजरात): क्या आप भी अपनी सेहत को सुधारने के लिए साधारण पानी छोड़कर ‘अल्कलाइन वॉटर’ (Alkaline Water) पी रहे हैं? अगर हां तो यह खबर आपके होश उड़ा सकती है. जिस पानी को आप अपनी किडनी और शरीर की गंदगी साफ करने के लिए हज़ारों रुपये खर्च कर मंगवा रहे हैं, वह असल में आपको बीमार कर सकता है. भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के पश्चिमी क्षेत्रीय कार्यालय ने गुजरात के वडोदरा में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लाखों रुपये का अल्कलाइन वॉटर जब्त किया है, जो मानकों पर पूरी तरह फेल पाया गया. यह पूरी कार्रवाई एक जागरूक उपभोक्ता की शिकायत के बाद शुरू हुई. शिकायत मिलने पर FSSAI की टीम ने वडोदरा जिले के सावली स्थित एक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट पर अचानक छापा मारा. जब अधिकारियों ने वहां रखे स्टॉक का निरीक्षण किया, तो जो नजारा दिखा वह हैरान करने वाला था. बोतलों के अंदर काले रंग के संदिग्ध कण दिखाई दे रहे थे और पानी का रंग सामान्य नहीं था. क्या थी खामियां? अधिकारियों ने मौके से लगभग 31.61 लाख रुपये की कीमत का तैयार माल जब्त कर लिया. जांच के दौरान सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ती मिलीं: गायब जानकारी: बोतलों के सामने वाले हिस्से पर उत्पाद का नाम तक नहीं लिखा था. संदिग्ध कण: पानी के अंदर तलछट (Sediment) और काले रंग के कण तैरते पाए गए. भ्रामक लेबलिंग: पैकिंग पर दी गई जानकारी अधूरी थी और आपस में मेल नहीं खा रही थी. इसमें इस्तेमाल की गई सामग्री (Ingredients) का भी कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं था. पानी में मिला ‘फुल्विक एसिड’ का खेल जब जब्त किए गए पानी के सैंपल की लैब जांच कराई गई, तो उसमें ‘फुल्विक एसिड’ (Fulvic Acid) नाम का पदार्थ पाया गया. FSSAI के कड़े नियमों के अनुसार, पीने के पानी में इस पदार्थ को मिलाने की अनुमति बिल्कुल नहीं है. अधिकारियों ने बताया कि पानी को अल्कलाइन दिखाने या उसमें मिनरल्स का दावा करने के लिए बाहर से काले रंग के मिनरल मिलाए गए थे, जिससे यह खतरनाक एसिड पैदा हुआ. किडनी डिटॉक्स के नाम पर खतरा? बाजार में इन दिनों अल्कलाइन वॉटर को ‘मैजिक वॉटर’ की तरह बेचा जा रहा है, दावा किया जाता है कि यह किडनी की कार्यक्षमता बढ़ाता है और शरीर को डिटॉक्स करता है. लेकिन बिना लैब टेस्टिंग और लाइसेंस के बिक रहे ये उत्पाद आपकी किडनी को फायदा पहुँचाने के बजाय उसे नुकसान पहुँचा सकते हैं. FSSAI ने साफ कर दिया है कि लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाली किसी भी कंपनी को बख्शा नहीं जाएगा. नियम तोड़ने वालों पर न केवल भारी जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि उनके लाइसेंस भी रद्द किए जा सकते हैं. जांच के दौरान अल्कलाइन वॉटर की बोतलों में क्या संदिग्ध चीजें पाई गईं? बोतलों में काले रंग के कण, बॉटम और पानी का असामान्य रंग पाया गया. साथ ही पैकिंग पर उत्पाद का नाम और सामग्री की जानकारी भी गायब थी. लैब टेस्ट में पानी में कौन सा हानिकारक पदार्थ मिला है? लैब जांच में पानी में फुल्विक एसिड पाया गया है, जिसे FSSAI के नियमों के तहत पीने के पानी में मिलाने की अनुमति नहीं है. इस रेड के दौरान कुल कितने रुपये का माल जब्त किया गया? अधिकारियों ने करीब 31.61 लाख रुपये की कीमत का अल्कलाइन वॉटर स्टॉक जब्त किया है. अल्कलाइन वॉटर के नाम पर कंपनियां क्या दावा करती हैं? कंपनियां अक्सर इसे किडनी डिटॉक्स, बेहतर हाइड्रेशन और शरीर की शुद्धि के लिए फायदेमंद बताकर महंगे दामों पर बेचती हैं.
समर फैशन टिप्स: स्टाइलिश दिखने के साथ-साथ चाहते हैं कम्फर्ट टेबल? गर्मी में तैरने वाले ये 5 तरह के ट्रेंडी लुक; जेनिंग हीरोइन

7 मई 2026 को 17:15 IST पर अद्यतन किया गया स्टाइलिश दिखने के लिए गर्मियों में क्या पहनें: स्टाइलिश लुक तो हम सभी को पसंद होता है, लेकिन मौसम के हिसाब से लुक में कई बदलाव करना भी जरूरी होता है। हीट में हम ज्यादातर कॉटन या स्किन फ्रेंडली डिस्क और पैटर्न को कैरी करना सबसे ज्यादा पसंद करते हैं। तो आज हम आपके सामने लाए हैं 5 स्टाइलिश लुक्स, जिन्हें शामिल कर आप इस समर सीजन में कैरी कर सकती हैं स्टाइलिश लुक। अनुसरण करना : को-ऑर्ड सेट आज सभी की पसंद बन गए हैं। समर के लिए फ्रेश कलर और डिजायन्स बेस्ट हो सकते हैं। आप इसमें शॉर्ट्स, बेल बॉटम, स्टिकर स्टाइल्स जैसे कई स्टाइल और स्टाइल को कैरी कर सकते हैं। छवि: सोशल मीडिया गर्मी में सफ़ेद रंग को काफी पसंद किया जाता है। इसमें आप सूट से लेकर ड्रेसेज को स्टाइल कर सकते हैं। देखने में इस तरह का लुक सॉफ्ट और फ्रेश लुक देने का काम करता है। छवि: सोशल मीडिया पिछली कक्षा का को सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है। इस तरह के लुक में आप सफेद या काले रंग की शर्ट के साथ एक ही रंग के कोट और जैकेट पहन सकते हैं। व्हाइट स्नीकर शूज़ से लुक को आकर्षक बनाया जा सकता है। छवि: सोशल मीडिया पुष्प पैटर्न सबसे ज्यादा गर्मी में पसंद की जाने वाली कहावतें। अगर आप पार्टिसिपेट हैं, तो छोटे-छोटे डिजाइन के डिजाइन वाले स्टाइल कैरी कर सकते हैं, अन्यथा आप कोई भी पसंद के मुताबिक स्टाइल वाले डिजाइन कैरी कर सकते हैं। छवि: सोशल मीडिया कपास इस सीज़न के लिए सबसे अच्छा होता है। आपको शर्ट से लेकर कुर्ती सेट में काफी तरह का डिजाइन और कलर देखने में आसानी से मिल जाएंगे। इसमें ज्यादातर पेस्टल कलर्स को पसंद किया जाता है। छवि: सोशल मीडिया द्वारा प्रकाशित : समृद्धि ब्रेजा प्रकाशित 7 मई 2026 17:15 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट)समर फैशन टिप्स(टी)ग्रीष्मकालीन फैशन(टी)फैशन टिप्स(टी)आरामदायक लुक(टी)स्टाइलिश दिखने के लिए गर्मियों में क्या पहनें(टी)स्टाइलिश ग्रीष्मकालीन लुक(टी)कॉटन ड्रेस(टी)कॉटन सूट






