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जालोर का यह सुपरफूड बना गेमचेंजर, कूट-कूटकर भरा है फाइबर और आयरन, दिल की सेहत के लिए है वरदान

जालोर का यह सुपरफूड बना गेमचेंजर, कूट-कूटकर भरा है फाइबर और आयरन, दिल की सेहत के लिए है वरदान

Last Updated:May 07, 2026, 16:21 IST Quinoa Health Benefits: जालोर में किनोवा अब एक सुपरफूड के रूप में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, जो ग्लूटेन-फ्री, हाई प्रोटीन और फाइबर युक्त फसल है. यह वजन घटाने, हार्ट हेल्थ और ब्लड शुगर कंट्रोल में मदद करता है, साथ ही इसमें आयरन, मैग्नीशियम और जरूरी विटामिन्स भी पाए जाते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स इसे डाइट में शामिल करने की सलाह देते हैं. इसी वजह से इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है और यह किसानों के लिए लाभकारी फसल बनती जा रही है. जालोर का किनोवा अब अमेरिका, यूके, रूस समेत कई देशों में एक्सपोर्ट हो रहा है, साथ ही मुंबई, गुजरात और राजस्थान के बड़े शहरों में भी इसकी सप्लाई हो रही है. कम पानी और कम लागत में तैयार होने वाली यह हाई वैल्यू फसल किसानों को मजबूत मुनाफा दे रही है और कृषि क्षेत्र में नई पहचान बना रही है. जालोर में उगाया जा रहा किनोवा अब सिर्फ लोकल बाजार तक सीमित नहीं है, बल्कि इंटरनेशनल मार्केट तक पहुंच चुका है। यहां से तैयार किनोवा अमेरिका, यूके, रूस समेत कई देशों में एक्सपोर्ट किया जा रहा है। साथ ही मुंबई, गुजरात और राजस्थान के बड़े शहरों में भी इसकी सप्लाई हो रही है। धीरे-धीरे यह फसल किसानों के लिए मुनाफे का मजबूत जरिया बनती है। जालोर जिले में अब खेती का ट्रेंड तेजी से बदल रहा है. पारंपरिक फसलों के साथ-साथ किसान अब किनोवा जैसी हाई वैल्यू फसल की ओर रुख कर रहे हैं. कम पानी और कम लागत में तैयार होने वाली यह फसल रेगिस्तानी इलाकों के लिए काफी उपयुक्त मानी जा रही है, जिससे यहां के किसानों को नया और लाभकारी विकल्प मिला है. इस फसल से किसानों की आय बढ़ने की संभावना भी मजबूत हो रही है. सबसे खास बात यह है कि किनोवा ग्लूटेन-फ्री होता है और पाचन के लिए हल्का माना जाता है. यह इम्यूनिटी बढ़ाने के साथ-साथ शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा देता है. यही वजह है कि आज हेल्थ कॉन्शियस लोग इसे अपनी डाइट में तेजी से शामिल कर रहे हैं. जालोर में उग रहा यह सुपरफूड अब केवल देश तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया भर में अपनी पहचान बना रहा है. बढ़ती अंतरराष्ट्रीय मांग और स्वास्थ्य लाभों के कारण किनोवा किसानों के लिए भी एक लाभकारी फसल बनता जा रहा है और इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है. Add News18 as Preferred Source on Google वजन घटाने वालों के लिए किनोवा काफी फायदेमंद माना जाता है. इसमें मौजूद प्रोटीन और फाइबर लंबे समय तक पेट भरा रखते हैं, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती और ओवरईटिंग कम होती है. साथ ही इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिससे ब्लड शुगर कंट्रोल में रहता है और वजन मैनेज करना आसान हो जाता है. यह मेटाबॉलिज्म को भी बेहतर बनाने में मदद करता है, जिससे शरीर में फैट तेजी से बर्न होता है. इसी कारण हेल्थ एक्सपर्ट्स इसे डाइट में शामिल करने की सलाह देते हैं और यह हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए एक बेहतर विकल्प बनता जा रहा है. दिल की सेहत के लिए भी किनोवा बेहद लाभकारी है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और फाइबर कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में मदद करते हैं, जिससे हार्ट डिजीज का खतरा कम होता है. इसके अलावा यह ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी समस्याओं को भी संतुलित रखने में सहायक माना जाता है. नियमित सेवन से हृदय की कार्यक्षमता बेहतर होती है और शरीर में सूजन कम करने में भी मदद मिलती है. यही कारण है कि डॉक्टर और न्यूट्रिशनिस्ट इसे हार्ट हेल्थ के लिए एक बेहतर सुपरफूड के रूप में शामिल करने की सलाह देते हैं और यह तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. अब बात करते हैं इसके हेल्थ बेनिफिट्स की. किनोवा को ‘सुपरफूड’ इसलिए कहा जाता है, क्योंकि इसमें प्रोटीन, फाइबर, आयरन, मैग्नीशियम और कई जरूरी विटामिन्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. एक कप किनोवा में लगभग 8 ग्राम प्रोटीन और अच्छी मात्रा में फाइबर होता है, जो शरीर को संतुलित पोषण देता है. यह मांसपेशियों की मजबूती, एनर्जी लेवल बढ़ाने और पाचन तंत्र को बेहतर रखने में मदद करता है. इसके नियमित सेवन से शरीर में पोषक तत्वों की कमी पूरी होती है और इम्यून सिस्टम भी मजबूत बनता है, जिससे बीमारियों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है और स्वास्थ्य बेहतर रहता है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

Safety From Heat Wave Tips | गर्मी में बार-बार पेट खराब | 5 सुपरफूड्स | लू का असर नहीं होगा

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Last Updated:May 07, 2026, 16:14 IST 5 Best Superfood For Summer Season: गर्मी का मौसम अपना असर दिखाना शुरू कर चुका है. इस भीषण गर्मी में एसिडिटी, गैस और फूड पॉइजनिंग के मामले बढ़ रहे हैं. लोग अस्पतालों का रुख कर रहे हैं. ऐसे में हमें घर पर ही खुद का खास ख्याल रखना चाहिए. विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे समय में दही, खीरा, नारियल पानी, तरबूज और पुदीना खाने और ज्यादा पानी पीने से व्यक्ति स्वस्थ रहता है. अपच नहीं होता. वहीं विशेषज्ञ तला और मसालेदार खाना कम करने की सलाह देते हैं. गर्मियों में खाने लायक फायदेमंद फूड Health Tips. चिलचिलाती गर्मी में लोगों की सबसे बड़ी परेशानी अब पेट से जुड़ी समस्याएं बनती जा रही हैं. एसिडिटी, गैस, अपच, दस्त और बार-बार पेट खराब होने जैसी शिकायतें इन दिनों तेजी से बढ़ रही हैं. आयुर्वेदिक और आधुनिक चिकित्सकों का कहना है कि बढ़ती गर्मी और गलत खानपान के कारण पित्त दोष बढ़ रहा है, जिससे पाचन तंत्र प्रभावित हो रहा है. गर्मी में ज्यादा पसीना आने से शरीर डिहाइड्रेट हो जाता है. पानी की कमी के साथ शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स भी कम होने लगते हैं, जिससे पाचन कमजोर पड़ जाता है. इसके अलावा तला-भुना खाना, बाहर का स्ट्रीट फूड और अनियमित भोजन बैक्टीरिया को बढ़ावा देते हैं. कई शहरों में फूड पॉइजनिंग के मामले भी बढ़ रहे हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मी में पेट को ठंडा रखना बेहद जरूरी है. कुछ घरेलू सुपरफूड्स को नियमित रूप से खाने से पेट से जुड़ी ज्यादातर समस्याओं से राहत मिल सकती है. ये 5 सुपरफूड्स देते हैं राहत दही-प्रोबायोटिक्स से भरपूर दही आंतों में अच्छे बैक्टीरिया बढ़ाने में मदद करता है और एसिडिटी को कम करता है. गर्मी में रोजाना एक कटोरी सादा दही या छाछ पीने से पाचन बेहतर बना रहता है. खीरा-करीब 95 प्रतिशत पानी से भरपूर खीरा शरीर को हाइड्रेट रखने के साथ पेट की जलन और सूजन भी कम करता है. डॉक्टर गर्मी में रोज एक या दो खीरे खाने की सलाह देते हैं. नारियल पानी-नारियल पानी को प्राकृतिक इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक माना जाता है. इसमें मौजूद पोटैशियम और अन्य मिनरल्स शरीर को डिहाइड्रेशन से बचाते हैं और पेट को ठंडक पहुंचाते हैं. तरबूज-गर्मी के मौसम में तरबूज शरीर को हाइड्रेट रखने के साथ पाचन सुधारने में भी मदद करता है. दोपहर के समय तरबूज खाने से शरीर को ठंडक मिलती है और थकान भी कम होती है. पुदीना-पुदीने में मौजूद मेंथॉल पेट की मांसपेशियों को आराम देता है. इससे गैस और ब्लोटिंग की समस्या कम होती है. पुदीने का इस्तेमाल छाछ, नींबू पानी या चटनी के रूप में करना फायदेमंद माना जाता है. विशेषज्ञों की आम सलाहस्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि दिनभर में 3 से 4 लीटर पानी जरूर पीना चाहिए. मसालेदार, तला-भुना और बाहर का खाना कम से कम खाना चाहिए. भोजन समय पर करें और रात में हल्का भोजन लें. अगर दस्त, उल्टी या पेट में तेज दर्द जैसी परेशानी हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. विशेषज्ञों का मानना है कि इन सुपरफूड्स को रोजमर्रा की डाइट में शामिल करने से पेट की गर्मी नियंत्रित रहती है और शरीर में ऊर्जा भी बनी रहती है. डॉक्टरों की सलाह है कि दवा लेने से पहले खानपान सुधारने पर ध्यान देना चाहिए और प्राकृतिक चीजों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए. डिस्कलेमर- यह रिपोर्ट स्वास्थ्य विशेषज्ञों के सुझावों और सामान्य अनुभवों पर आधारित है. किसी भी व्यक्तिगत समस्या के लिए डॉक्टर की सलाह जरूर लें. About the Author Anand Pandey आनंद पाण्डेय वर्तमान में News18 हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jaipur,Jaipur,Rajasthan Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

शुगरफ्री ड्राई फ्रूट आइसक्रीम रेसिपी: बिना चीनी के घर पर ग्लूकोज़ फ्री आटा आइसक्रीम, चखते ही नाश्ता! बनाना भी है आसान

तस्वीर का विवरण

सामग्री: 2 कप फुल क्रीम दूध, 1 कप ताजा क्रीम, 8-10 बादाम, 8-10 काजू, 6-7 पिस्ता, 4-5 मूंगफली, 8-10 खजूर, 1 छोटा चम्मच इलायची पाउडर, 1 छोटा चम्मच केसर के टुकड़े, 1 छोटा चम्मच वेनिला एसेंस छवि: फ्रीपिक बनाने की आसान विधि: सबसे पहले बादाम, काजू, पिस्ता और चॉकलेट को इकोनॉमी काट लें। खजूर को थोड़ी देर गुनगुने दूध में मांगे ताकि वह नर हो जाए। छवि: फ्रीपिक बड़े हुए खजूर को प्लास्टर में प्लास्टर करके तैयार कर लें। येही पेस्टल में कारीगर का काम। एक पैन में दूध के ढांचे पर मध्यम आँचल। छवि: फ्रीपिक जब दूध लिटिल नवजात लागे, टैब में खजूर का होने वाला पेस्ट और अच्छी तरह से शामिल होता है। मिक्सचर को पूरी तरह से ठंडा किया जा रहा है। इसके बाद इसे एयरटाइट में 7-8 घंटे के लिए रेफ्रिजरेटर में रख दें। छवि: एआई जब जमेगी तो इसे बाहर और ऊपर से सीधे डॉक्युमेंट्स डॉक्युमेंट्री सर्व करें। आप चीनी जगह पर इसका इस्तेमाल भी कर सकते हैं। छवि: एआई लो फ़िट दूध और क्रीम का उपयोग करके इसे और चित्र बनाया जा सकता है। बच्चों के लिए इसमें थोड़ा सा चॉकलेट पाउडर भी मिला सकते हैं। छवि: फ्रीपिक यह शुगर फ्री कोचिंग कोचिंग स्वाद और स्वास्थ्य मित्रता का बेहतरीन संयोजन है। इसमें मौजूद डॉक्युमेंट्स बॉडी को स्ट्रैटेजी फ़ुट, प्रोटीन और एनर्जी देते हैं। छवि: फ्रीपिक साथ ही, खजूर के टुकड़े का टुकड़ा इसे पिरामिड डेजर्ट बनाता है। अगर आप भी यह हीट कुछ स्केल और टेस्टी रॉकेट बनाना चाहते हैं, तो घर पर यह आसान शुगर फ्री डॉक्टरी सुपरमार्केट जरूर खरीदें। छवि: फ्रीपिक (टैग्सटूट्रांसलेट)घर पर आइसक्रीम कैसे बनाएं(टी)ड्राई फ्रूट आइसक्रीम(टी)शुगर फ्री आइसक्रीम रेसिपी(टी)ड्राई फ्रूट आइसक्रीम रेसिपी(टी)ग्रीष्मकालीन रेसिपी(टी)कूलिंग रेसिपी(टी)ड्राई डॉलाइक आइसक्रीम

घमौरी का इलाज I skin care tips in summers

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Last Updated:May 07, 2026, 16:00 IST गर्मी और उमस के बढ़ते असर से त्वचा संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं. जिला एमएमजी अस्पताल में घमौरी के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा देखा जा रहा है, जिसमें छोटे बच्चों से लेकर बड़े लोग तक शामिल हैं. डॉक्टरों के अनुसार, अधिक पसीना आने और पसीने की ग्रंथियां बंद हो जाने से त्वचा पर छोटे-छोटे लाल दाने उभर आते हैं, जो समय पर इलाज न मिलने पर संक्रमण और पस का रूप ले सकते हैं. गाजियाबाद. गर्मियों की बढ़ती तपिश और उमस अब लोगों की त्वचा पर भी असर दिखाने लगी है, जिला एमएमजी अस्पताल में इन दिनों घमौरी के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं. छोटे बच्चों से लेकर बड़े तक इस समस्या से परेशान होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं. डॉक्टरों का कहना है कि तेज गर्मी और ज्यादा पसीना आने के कारण त्वचा की पसीने वाली ग्रंथियां बंद हो जाती हैं, जिससे पसीना बाहर नहीं निकल पाता और त्वचा के अंदर ही फंस जाता है. यही स्थिति आगे चलकर घमौरी का रूप ले लेती है. शुरुआत में छोटे-छोटे दाने दिखाई देते हैं, लेकिन लापरवाही करने पर इनमें लालपन, जलन और पस तक पड़ सकती है.जिला एमएमजी अस्पताल की त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. दिव्या द्विवेदी ने बताया कि मई की शुरुआत के साथ ही तापमान लगातार बढ़ रहा है. गर्मी के कारण शरीर से अधिक पसीना निकलता है.  कई बार पसीने वाली ग्रंथियां बंद हो जाती हैं जिससे पसीना त्वचा के अंदर जमा हो जाता है और छोटे-छोटे लाल दाने बनने लगते हैं. इन दानों में पानी जैसा पदार्थ भी भरा दिखाई देता है, उन्होंने बताया कि घमौरी तीन चरणों में बढ़ती है. शुरुआत में हल्के दाने निकलते हैं फिर उनमें लालपन आता है और समय पर इलाज न मिलने पर उनमें संक्रमण होकर पस भी पड़ सकता है. अधिक पसीना आने पर शरीर को रखें साफ  डॉक्टरों के अनुसार घमौरी से बचने के लिए शरीर को ठंडा और सूखा रखना बेहद जरूरी है. कोशिश करनी चाहिए कि ज्यादा देर तक धूप और गर्मी में न रहें, घर से बाहर निकलने पर ढीले और सूती कपड़े पहनें ताकि हवा शरीर तक पहुंच सके. टाइट कपड़े, लेगिंग और ज्यादा फिटिंग वाले कपड़े गर्मियों में परेशानी बढ़ा सकते हैं. अधिक पसीना आने पर समय-समय पर शरीर को साफ करना चाहिए और दिन में कम से कम दो बार ठंडे पानी से नहाना फायदेमंद रहता है. डॉ. दिव्या द्विवेदी ने बताया कि छोटे बच्चों में भी घमौरी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. ऐसे में माता-पिता को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है, कई लोग बच्चों के शरीर पर ज्यादा मात्रा में पाउडर लगा देते हैं लेकिन यह नुकसानदायक हो सकता है. पाउडर पसीने वाली ग्रंथियों को और बंद कर देता है जिससे समस्या बढ़ जाती है. इसकी जगह ठंडे या गीले सूती कपड़े से शरीर को साफ करना बेहतर होता है. डॉक्टरों ने लोगों को गर्मियों में ज्यादा पानी पीने, तरल पदार्थ लेने और मौसमी फलों का सेवन करने की सलाह दी है. साथ ही यदि घमौरी में ज्यादा लालपन, जलन या पस दिखाई दे तो बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी गई है. About the Author Monali Paul नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ghaziabad,Uttar Pradesh

बड़ी म्यूजिक कंपनियां क्षेत्रीय गानों पर दांव लगा रहीं:5,900 करोड़ का हुआ घरेलू म्यूजिक बाजार, स्ट्रीमिंग की घटती कमाई से बदली रणनीति

बड़ी म्यूजिक कंपनियां क्षेत्रीय गानों पर दांव लगा रहीं:5,900 करोड़ का हुआ घरेलू म्यूजिक बाजार, स्ट्रीमिंग की घटती कमाई से बदली रणनीति

म्यूजिक इंडस्ट्री में अब बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं, जिसका सीधा फायदा क्षेत्रीय कलाकारों और संगीत प्रेमियों को होगा। टाइम्स म्यूजिक, वार्नर म्यूजिक और सारेगामा जैसी बड़ी कंपनियां अब स्थानीय गानों के कैटलॉग खरीदने पर भारी निवेश कर रही हैं। दरअसल, हिंदी फिल्म म्यूजिक की बढ़ती लागत और स्ट्रीमिंग से घटती कमाई ने कंपनियों को छोटे लेकिन मजबूत क्षेत्रीय बाजारों की ओर मोड़ा है। इस कन्सॉलिडेशनं से क्षेत्रीय संगीत कंपनियों की पहुंच ग्लोबल प्लेटफॉर्म और बेहतर तकनीक तक होगी। इससे न केवल गानों की क्वालिटी सुधरेगी, बल्कि डिजिटल वितरण प्रणाली भी पारदर्शी बनेगी। फिक्की-ईवाई की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2025 में भारतीय म्यूजिक सेगमेंट का रेवेन्यू 10% बढ़कर 5,900 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। अब म्यूजिक कंपनियां नए कंटेंट पर पैसा लगाने के बजाय स्थापित क्षेत्रीय कैटलॉग के जरिए अपना रिस्क कम कर रही हैं। बड़ी कंपनियों के आने से क्षेत्रीय स्तर पर रॉयल्टी और अधिकारों का प्रबंधन काफी सरल और व्यवस्थित हो जाएगा। अब तक जिन गानों का सही डिजिटल हिसाब नहीं मिल पाता था, वे भी मुख्यधारा की स्ट्रीमिंग का हिस्सा बनेंगे। इससे छोटे और मध्यम स्तर के म्यूजिक लेबल्स को वैश्विक बुनियादी ढांचे और पूंजी तक पहुंच मिलेगी। साझा मार्केटिंग और डेटा-संचालित रणनीतियों से गानों को सही दर्शकों तक पहुंचाना आसान होगा। म्यूजिक लेबल वर्तमान समय में अपनी कमाई के पुराने तरीकों को बदलने के लिए मजबूर हैं। पिछले एक साल में ऑडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म ने प्रति स्ट्रीम भुगतान की दरों को करीब आधा कर दिया है। इसकी मुख्य वजह यूट्यूब पर दर्शकों का रुझान संगीत से हटकर स्टैंड-अप कॉमेडी और पॉडकास्ट की ओर बढ़ना है। इसके बावजूद फिल्म निर्माता अपने म्यूजिक राइट्स महंगे बेच रहे हैं, जिससे कंपनियों के लिए रिकवरी करना चुनौतीपूर्ण हो गया है। साल 2025 का ट्रेंड बताता है कि कंपनियां अब केवल गानों के ट्रांजेक्शन के बजाय आईपी (बौद्धिक संपदा) पर नियंत्रण चाहती हैं। वे ऐसे निवेश पर ध्यान दे रही हैं जहां कंटेंट का फ्लो तय हो और वैश्विक स्तर पर कमाई की जा सके। छोटी लेकिन प्रासंगिक क्षेत्रीय कंपनियों का अधिग्रहण जोखिम कम करने का सबसे बेहतर तरीका बन गया है। इससे क्षेत्रीय संगीत की दुनिया में प्रोफेशनल वर्क कल्चर का विस्तार होगा। अगले 3 साल में 50% बढ़ेगी क्षेत्रीय गानों की पहुंच, कलाकारों की मांग बढ़ेगी बड़े कंपनियों के उतरने से कलाकारों के भुगतान में अस्थायी रूप से उछाल आ सकता है। अगले दो-तीन वर्षों में क्षेत्रीय भाषाओं के गानों की पहुंच 50% तक बढ़ने की उम्मीद है। जब ग्लोबल मंच पर भोजपुरी, पंजाबी या मराठी गाने बजेंगे, तो इससे न केवल सांस्कृतिक पहचान मजबूत होगी, बल्कि जमीनी स्तर पर छिपे हुए हुनर को भी अपनी पहचान बनाने के लिए बड़े शहरों का मोहताज नहीं होना पड़ेगा।

शुभेंदु अधिकारी के पी.ए. को मारने के पीछे क्या कारण था? बीजेपी नेताओं का बड़ा खुलासा

शुभेंदु अधिकारी के पी.ए. को मारने के पीछे क्या कारण था? बीजेपी नेताओं का बड़ा खुलासा

पश्चिम बंगाल समाचार अपडेट: पश्चिम बंगाल में रविवार को हुई तबाही ने देश की राजनीति में काला अध्याय जोड़ दिया है। भाजपा के नेता और मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार माने जा रहे शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ के अज्ञात लोगों ने गोली मार दी। यह वैश्वीकरण और सत्ता परिवर्तन के दो दिन बाद हुई है। अब इस पर सामने बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी का बयान आया है. शुभेंदु अधिकारी ने कहा है कि शुभेंदु का करीबी होने की वजह से यह हुआ है. क्योंकि शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर में ममता बनर्जी को हराया था। हत्या के पीछे यही कारण हो सकता है. चन्द्रनाथ की बॉडी से चार मूर्तियाँ निकलीं। उनका कई रहस्योद्घाटन किया गया है। हत्या करने वाला खूनी है. अपराधी है. जैसे यूपी में सड़कें बदली हैं, बिहार में भी बदली हैं। इसी तरह यहां भी दरवाजों को बदला जाएगा। पूरी तरह से कैसे हुई है घटना देर रात की है. जब बंगाल सेसेक्सुअल खबर वाली. यहां शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मचा है। घटना नाथ 24 परगना जिले के मध्यमग्राम के डोहरिया मोड़ पर हुई। उस समय चंद्रनाथ रथ अपनी गाड़ी में मौजूद थे। अपने घर के पास ही थे. हमलावर बाइक पर सवार होकर आये थे। उन्होंने पहले अपनी गाड़ी रोकवाई और फिर एक के बाद एक तीन राउंड गोलियाँ चलाईं। गोली सीधे उनके सीने में मारी गयी। इससे उनकी मशीन पर ही मृत्यु हो गई। घटना के वक्त गाड़ी में एक शख्स और थे, जो इस दौरान घायल हो गए। इस मामले में पुलिस जांच में पूछताछ हुई है। जांच का फोकस एक सिल्वर कलर की गाड़ी है। इसी से चन्द्रनाथ रथ की गाड़ी निकली थी। यह रात 10 बजे 20 मिनट पर चंद्रनाथ की गाड़ी उनके घर की गली की तरफ मुड़ी हुई थी। घर से 100 मीटर लंबी इस सिल्वर कलर की गाड़ी (WB 74 AK 2270) पर सवार ने चंद्रनाथ रथ की गाड़ी सामने रखी थी। इससे चंद्रनाथ रथ की गाड़ी रुक गई। माउके का फ़ायदाद ऑर्केस्ट्रा ने आक्रमण कर दिया। ये भी पढ़ें: बंगाल में चुनाव नतीजों के बाद शुभेंदु अधिकारी के पीए की गोली मारकर हत्या, टीएमसी का पहला बयान, जानिए क्या कहा? (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल(टी)सुवेंदु अधिकारी(टी)बीजेपी बनाम टीएमसी(टी)चंद्रनाथ रथ(टी)सुवेंदु अधिकारी मर्डर केस(टी)सुवेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल में पीए मर्डर पर प्रतिक्रिया(टी)कोलकाता समाचार(टी)ट्रेंडिंग न्यू(टी)हिंदी समाचार(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)पश्चिम बंगाल(टी)सुवेंदु अधिकारी(टी)बीजेपी और नरेंद्र मोदी रथ(टी)सुवेंदु अधिकारी की प्रतिक्रिया(टी)कोलकाता समाचार(टी)ट्रेंडिंग न्यू(टी)हिंदी समाचार(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव

ममता से मिलने बंगाल पहुंचे अखिलेश:बोले- दीदी आप लड़ीं हैं, हारी नहीं; BJP का तंज- पंचर साइकिल लिए भटक रहे दर-ब-दर

ममता से मिलने बंगाल पहुंचे अखिलेश:बोले- दीदी आप लड़ीं हैं, हारी नहीं; BJP का तंज- पंचर साइकिल लिए भटक रहे दर-ब-दर

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव गुरुवार को ममता बनर्जी से मिलने उनके कोलकाता स्थित घर पहुंचे। भतीजे अभिषेक बनर्जी ने अखिलेश को गले लगाया। ममता भी अखिलेश को रिसीव करने के लिए गेट पर आईं। तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख के लिए अखिलेश शॉल लेकर गए थे। वे जैसे शॉल ओढ़ाने के लिए आगे बढ़े, ममता ने कहा- इसकी क्या जरूरत थी? इस पर अखिलेश बोले, ‘दीदी, आप लड़ी हैं… आप हारी नहीं हैं।’ उन्होंने यह बात तीन बार दोहराई। इसके बाद ममता ने उन्हें अंदर आने के लिए कहा। अखिलेश ने कमरे के बाहर ही जूते उतारे और फिर अंदर चले गए। TMC ने X पोस्ट में लिखा, कुछ रिश्ते राजनीति और समय से कहीं ऊपर होते हैं। हर दौर के साथ वे और मजबूत होते जाते हैं। यूपी भाजपा ने इस मुलाकात पर तंज कसा है। X पर लिखा, ना-उमीदी बढ़ गई है इस क़दर पंचर साइकिल लिए भटक रहे दर ब दर…। सपा प्रमुख अखिलेश यादव बंगाल चुनाव के नतीजे आने के अगले दिन 5 मई को ही कोलकाता जाने वाले थे, लेकिन ममता बनर्जी ने उन्हें आने से मना कर दिया था। अखिलेश बंगाल चुनाव में प्रचार नहीं करने गए थे, लेकिन सोशल मीडिया से ममता के लिए माहौल बनाते रहे। इससे पहले कोलकाता एयरपोर्ट पर टीएमसी सांसद डेरेके ओ ब्रायन ने अखिलेश का स्वागत किया। मीडिया से बातचीत में अखिलेश ने कहा, भाजपा की आंखों में दीदी खटकती हैं, क्योंकि वह आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करती हैं। भाजपा सामंती सोच की है, इनके संगी साथी लोग पुरुषवादी लोग हैं। यह लोग नारी को बढ़ते हुए नहीं देखना चाहते हैं। 4 तस्वीरें देखिए… अखिलेश बंगाल चुनाव से दूर रहे, 4 महीने में दूसरी मुलाकात इससे पहले ममता-अखिलेश की मुलाकात 27 जनवरी को हुई थी। INDIA गठबंधन के दो बड़े नेताओं की इस मुलाकात को अहम माना जा रहा है। 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले सपा और TMC के बीच राजनीतिक तालमेल को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। ममता-अखिलेश की मुलाकात से जुड़ी पल-पल की अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग पढ़िए…

“मोदी का नाम लेकर सीएम मांगिए!” केरल में कांग्रेस के प्रमुख भूचाल, श्रीशेषन की नियुक्ति से नामांकन

“मोदी का नाम लेकर सीएम मांगिए!” केरल में कांग्रेस के प्रमुख भूचाल, श्रीशेषन की नियुक्ति से नामांकन

केरल में प्रचंड सरकार के गठन के बाद कांग्रेस के बीच नया विवाद खड़ा हो गया है. मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे माने जा रहे हैं वी डी शेशन अब अपने एक बयान को लेकर धरने पर बैठे हैं और यह बयान सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदर्भ से आया है। एक मीडिया हाउस को दिए गए स्पष्टीकरण में कहा गया है कि “प्रशासनिक अनुभव की कोई संभावना नहीं है। वी एस अच्युतानंद के पास क्या अनुभव था? जब नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्री बने, तब उनके पास क्या अनुभव था? वह एक पार्टी ऑर्गनाइजेशन के समर्थक थे, वरिष्ठ सांसद भी नहीं थे।” यानि कि सिद्धार्थन ने अपने पक्ष में तर्क देते हुए मोदी के उदाहरण का सहारा लिया। लेकिन यही दांव अब उनके लिए साइंटिस्ट वैक्टिव दिख रहे हैं। “मोदी का उदाहरण बड़ा रेड टैग”-सोशल मीडिया पर विरोध शृष्णिण की इस टिप्पणी को लेकर पार्टी के अंदर और सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कई दावों का मानना ​​है कि स्टालिनवादी राजनीतिक तानाशाही में मोदी की प्रशंसा करना और उन्हें अपनी दावेदारी के लिए इस्तेमाल करना “बड़ा रेड टैग” करना है। केरल कांग्रेस के नेता वीडी सतीसन मोदी की तारीफ कर रहे हैं और उनके उदाहरण का इस्तेमाल कर केरल के मुख्यमंत्री पद के लिए अपनी दावेदारी मजबूत कर रहे हैं. यह मेरे लिए एक बड़ा ख़तरा है, खासकर उस समय के लिए जब हम जी रहे हैं। https://t.co/DlXqw82p1M – रोशन राय (@RoशनKrRaii) 6 मई 2026 यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है, जब कांग्रेस आलाकमान केरल में मुख्यमंत्री के चयन को लेकर मंथन कर रही है. यानी, एक कथन ने ऑब्जेक्टिव गुणांकों को और जटिल बना दिया है। एक तरफ जहां कांग्रेस के नेताओं को आत्ममंथन करना चाहिए तो कुछ और भी वीडियो वॉयरल हो रही है। कांग्रेस नेता वीडी सतीसन का एक वीडियो भाषण है। यहां पर वो नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की क्षमता की सराहना कर रहे हैं? यह व्यक्तिगत राय क्या है या पार्टी की सोच क्या है? और जब दूसरी तरफ राहुल गांधी… pic.twitter.com/pXVvYtXrpc – प्रो.अंलाहली (نور) (@ProfNoorul) 6 मई 2026 “सीएम नहीं तो मंत्री भी नहीं”- श्रीशन का कड़ा रुख इस पूरी घटना के बीच श्रीशचन के रुख को लेकर भी खबरें सामने आई हैं. ब्रांड की माने तो बताया जा रहा है कि अगर उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया, तो वे आकार का हिस्सा नहीं बनेंगे और सिर्फ अध्यक्ष बने रहेंगे। श्रीशन और उनके समर्थक सख्त रुख अख्तियार किये हुए हैं और सीएलपी की बैठक के बाद नकली समय के अनुरूप बात भी नहीं की। #घड़ी | तिरुवनंतपुरम, केरलम | कांग्रेस के निर्वाचित विधायक वीडी सतीसन केपीसीसी कार्यालय से निकले। केरलम के लिए पार्टी पर्यवेक्षकों के साथ सीएलपी की बैठक चल रही है और प्रत्येक विधायक से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की जा रही है pic.twitter.com/5JCW0CqpVV – एएनआई (@ANI) 7 मई 2026 यह संकेत साफ करता है कि श्रीशेषन अब अपनी उम्मीदवारी को लेकर पूरी तरह से आक्रामक रुख अपना रहे हैं-जो पार्टी नेतृत्व के लिए नई चुनौती खड़ी कर सकते हैं। इस बीच “राहुल गांधी, वीडियो श्रीशेषन को मुख्यमंत्री बनाओ” संदेश सोशल मीडिया पर 1 लाख से अधिक कमेंट्स के साथ, वीडियो श्रीशेषन के समर्थन में समर्थक सोशल मीडिया रैली कर रहे हैं। 102 की जीत, लेकिन श्रेष्ठतम 140 केरला खण्ड में यू.एस. फ़्लिक ने 102 रेज़्यूमे में प्रवेश किया, जबकि एल 35 फ़्रांसीसी खण्डों में प्रवेश किया। यह कांग्रेस की जीत के लिए वापसी का बड़ा मौका लेकर आया है। परावूर सीट से भारी अंतर से मरने वाले अभिषेकन को इस जीत का प्रमुख चेहरा माना जा रहा है। उनके दावे का तर्क है कि 2021 की हार के बाद श्रीशेषन ने ही संगठन को खड़ा किया और पार्टी को सत्ता तक कायम रखा, समाजवादी मुख्यमंत्री पद पर उनका दावा सबसे मजबूत है। सीएलपी बैठक और अलकमान की भूमिका केरल प्रदेश कांग्रेस समिति (KPCC) की नवीनीकृत CLP बैठक में सभी पार्टियों से व्यक्तिगत राय ली गई। इस प्रक्रिया के तहत पार्टी पर्यवेक्षक मुकुल वासनिक और अजय माकन ने नेताओं से मुलाकात की। ओमन चंदी के बेटे और विधायक चंदी ओमन ने सार्वजनिक रूप से किसी के नाम का समर्थन करते हुए बचते हुए कहा, “मैं पार्टी नेतृत्व को अपनी बात बताना चाहता हूं। मैं सार्वजनिक तौर पर कुछ नहीं कहना चाहता। नेतृत्व पर सही समय पर निर्णय लेना चाहता हूं।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि “कांग्रेस का एक तय एसओपी है। हम जनता द्वारा चुने गए नेता हैं। हमने अपनी राय दी है और पार्टी एक ही आधार पर सही निर्णय लेगी।” अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि कांग्रेस के आलाकमान इस पूरे विवाद को कैसे संभालेंगे. एक तरफा अभिषेक का मजबूत दावा और दूसरी तरफ का दबाव, दूसरी तरफ उपजा विवाद- दोनों के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं होगा। यह सिर्फ नेतृत्व चयन का मामला नहीं है, बल्कि पार्टी के पक्षधर संदेश और राजनीतिक लाइन से भी टकराव हुआ है। यदि श्रीशेषन को नियुक्त किया जाता है, तो असंतोष का खतरा है। अगर उन्हें चुना जाता है, तो उनके बयान पर उठाए गए सवालों का जवाब देना होगा। यह भी पढ़ें: ‘विजय तभी ले जाएगी शपथ जब…’, तमिल के गवर्नर ने टीवीके प्रमुख के सामने रखी ये शर्त (टैग्सटूट्रांसलेट)केरल सीएम रेस 2026(टी)वीडी सतीसन विवाद(टी)कांग्रेस नेतृत्व संकट(टी)केरल राजनीति समाचार(टी)केरल सीएम रेस कांग्रेस(टी)वीडी सतीसन बयान मोदी विवाद(टी)केरल चुनाव 2026 यूडीएफ जीत(टी)कांग्रेस नेतृत्व निर्णय केरल(टी)केसी वेणुगोपाल रमेश चेन्निथला सीएम रेस(टी)केपीसीसी सीएलपी बैठक समाचार(टी)केरल राजनीतिक घटनाक्रम(टी)राहुल गांधी सीएम निर्णय केरल(टी)कांग्रेस आंतरिक संघर्ष भारत(टी)केरल सरकार गठन समाचार(टी)केरल सीएम(टी)वीडी शृंखला विवाद(टी)कांग्रेस नेतृत्व संकट(टी)केरल राजनीति समाचार(टी)वीडी शशिसन का बयान मोदी विवाद(टी)केरल चुनाव 2026 यूडीएफ की जीत(टी)केरल में कांग्रेस नेतृत्व का फैसला(टी)केसी वेणुगोपाल चेन्निथला सीएम की दौड़(टी)केपीसीसी सीएलपी बैठक समाचार(टी)केरल के राजनीतिक घटनाक्रम(टी)राहुल गांधी का केरल सीएम पर निर्णय

रिपोर्ट- 90% जापानियों ने चीनी कारों का बहिष्कार किया:फ्रांस, जर्मनी, अमेरिका ईवी से दूर भाग रहे; इंडोनेशिया, भारत जैसे देश अपनाने में आगे

रिपोर्ट- 90% जापानियों ने चीनी कारों का बहिष्कार किया:फ्रांस, जर्मनी, अमेरिका ईवी से दूर भाग रहे; इंडोनेशिया, भारत जैसे देश अपनाने में आगे

दुनिया के 31 देशों में औसतन 43% लोग कहते हैं कि बिना कार के जीना उनके लिए असंभव है। 22 देशों में लोग कार को पसंदीदा ट्रांसपोर्ट मानते हैं। 65% अमेरिकी बिना कार लिए नहीं रह सकते हैं। लेकिन भारत के लोगों की पहली पसंद पब्लिक ट्रांसपोर्ट है। देश के 62% लोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट को चुनना चाहते हैं। इप्सॉस की ग्लोबल मोबिलिटी रिपोर्ट 2026 में यह खुलासा हुआ है। लेकिन ईवी के सबसे बड़े पैरोकार रहे फ्रांस, जर्मनी, अमेरिका और कनाडा जैसे देशों का इससे मोहभंग हो रहा है। जापान में यह आंकड़ा -28% तक गिर चुका है। इसके विपरीत इंडोनेशिया (60%), मेक्सिको (60%) और चिली (57%) सबसे आगे हैं। यह सर्वे 31 देशों में किया गया। 23,722 लोगों ने हिस्सा लिया। सेल्फ-ड्राइविंग कार – भारत डरता नहीं – भारत में ईवी अपील 40% है, जो ग्लोबल औसत 47% से थोड़ा कम है। लेकिन यह यूरोप और नॉर्थ अमेरिका से बेहतर स्थिति में है। – 36% लोग सेल्फ-ड्राइविंग कार को असुरक्षित मानते हैं। सबसे आगे फ्रांस (-37%), नीदरलैंड्स (-35%), अमेरिका (-25%) है। – भारत में करीब 47% लोग इस तकनीक में सुरक्षित महसूस करते हैं, जबकि ग्लोबल औसत 36% है। भारतीय बाजार में हर कंपनी के लिए बड़े मौके भारत में 16% किसी टेक कंपनी से कार खरीदना पसंद करेंगे, 22% की पसंद पारंपरिक ऑटोमेकर हैं। – 62% को कोई प्राथमिकता नहीं है। यानी बाजार किसी के लिए बंद नहीं है। टाटा, महिंद्रा से लेकर गूगल, शाओमी जैसी टेक कंपनियों के लिए दरवाजे खुले हैं। एशिया में चीन विरोध बढ़ रहा, भारत के लिए बड़े मौके – जापान में 90% लोग चीनी कार नहीं लेंगे। दक्षिण कोरिया में भी चीन-विरोधी भावना प्रबल है। – कनाडा में 48% लोग अमेरिकी कार नहीं खरीदेंगे। यानी इस माहौल में भारत के लिए बड़े मौके भी हैं। – चीन के खिलाफ यह अविश्वास भारतीय ब्रांड्स के लिए एशियाई बाजारों में रास्ता खोल सकता है। – 42% लोग किसी न किसी खास देश की कार खरीदने से बच रहे हैं। इस लिस्ट में चीनी सबसे ऊपर है। उसका बॉयकॉट रेट (41%) और अमेरिकी कारों के लिए यह आंकड़ा करीब 24% है।

Health Tips: आम के साथ दूध, दही या पानी, क्या नहीं मिलाना चाहिए? जानें क्या कहता है आयुर्वेद

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Last Updated:May 07, 2026, 14:54 IST आयुर्वेद के अनुसार आम के साथ दूध, दही या तुरंत ठंडा पानी मिलाना पाचन के लिए सही नहीं माना जाता. इससे गैस, एसिडिटी और पाचन कमजोरी की समस्या हो सकती है, इसलिए सावधानी जरूरी है. आइए विस्तार से जानते हैं. गर्मियों का मौसम शुरू होते ही आम का सीजन भी आ जाता है. इस दौरान लोग आम को अलग-अलग रूपों में खाना पसंद करते हैं, खासकर मैंगो शेक, आम की लस्सी और ठंडे ड्रिंक के रूप में इसका खूब सेवन किया जाता है. लेकिन सवाल यह है कि क्या आम के साथ दूध, दही या पानी मिलाना सही होता है या नहीं. आयुर्वेद इस बारे में क्या कहता है, आइए विस्तार से जानते हैं. Jiva Ayurveda के अनुसार, आयुर्वेद में खाने-पीने के संयोजन को लेकर एक महत्वपूर्ण सिद्धांत बताया गया है, जिसे विरुद्ध आहार कहा जाता है. इसके अनुसार कुछ ऐसे फूड कॉम्बिनेशन होते हैं जो अलग-अलग तो फायदेमंद हो सकते हैं, लेकिन साथ में लेने पर शरीर के दोष यानी वात, पित्त और कफ को असंतुलित कर सकते हैं. इससे पाचन कमजोर हो सकता है और शरीर में विषैले तत्व यानी आम बनने की संभावना बढ़ जाती है. यही कारण है कि कुछ कॉम्बिनेशन को आयुर्वेद में हानिकारक माना गया है. आम और दूध का कॉम्बिनेशनमैंगो मिल्कशेक, भारत में काफी लोकप्रिय है. लेकिन आयुर्वेद के अनुसार यह संयोजन हर स्थिति में सही नहीं माना जाता. खासकर जब आम कच्चा या अधपका हो तो इसका स्वाद खट्टा और गर्म प्रकृति का होता है, जबकि दूध ठंडी और मीठी प्रकृति का होता है. दोनों के गुण एक-दूसरे से मेल नहीं खाते, जिससे पाचन अग्नि यानी अग्नि कमजोर हो सकती है. इससे शरीर में गैस, भारीपन, एसिडिटी और लंबे समय में टॉक्सिन्स बनने की समस्या हो सकती है. हालांकि पूरी तरह पके और मीठे आम के साथ यह संयोजन अपेक्षाकृत कम हानिकारक माना जाता है, लेकिन फिर भी सावधानी रखने की सलाह दी जाती है. आम और दहीइसी तरह आम के साथ दही का सेवन भी आयुर्वेद में सही नहीं माना गया है. दही की तासीर अलग होती है और आम की अलग. दोनों मिलकर शरीर में दोषों का असंतुलन पैदा कर सकते हैं. इससे पाचन संबंधी समस्याएं, त्वचा पर रिएक्शन, एलर्जी और कुछ मामलों में सांस से जुड़ी दिक्कतें भी हो सकती हैं. खासकर जिन लोगों को पहले से ही एसिडिटी या पेट फूलने की समस्या रहती है, उन्हें ऐसे कॉम्बिनेशन से बचना चाहिए. आम के बाद तुरंत ठंडा पानी पीनाआम के बाद तुरंत ठंडा पानी पीना भी एक आम आदत है, जिसे आयुर्वेद में सही नहीं माना जाता. ठंडा पानी पाचन रसों को कमजोर कर देता है, जिससे आम जैसे भारी और रसीले फल का पाचन ठीक से नहीं हो पाता. इससे किण्वन जैसी प्रक्रिया शुरू हो सकती है और पेट में भारीपन या गैस की समस्या हो सकती है. इसलिए सलाह दी जाती है कि आम खाने के बाद कम से कम 30 से 45 मिनट का अंतर रखें और ठंडे पानी की बजाय सामान्य या गुनगुने पानी का सेवन करें. सबसे जरूरी बातआयुर्वेद किसी को भी मैंगो शेक छोड़ने के लिए मजबूर नहीं कर रहा है, बल्कि एक सवाल पूछ रहा है कि क्या इसे खाने के बाद आपका पाचन आरामदायक रहता है. अगर आपके किसी फेवरेट समर फूड कॉम्बिनेशन को लेने के बाद पेट फूलना, भारीपन या एसिडिटी महसूस हो रहा है, तो ऐसा संकेत हो सकता है कि यह फूड कॉम्बिनेशन आपके लिए सही नहीं है. About the Author Vividha SinghSub Editor विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi